॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Krishna - Devotional Bhav
कृष्ण - भक्तिमय भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है
दोहा – खाक मुझमें कमाल रखा है,
दाता तूने संभाल रखा है,
मेरे ऐबों पे डालकर पर्दा,
मुझे अच्छों में डाल रखा है।
मैं तो कब का मिट गया होता,
तेरी रहमत ने पाल रखा है,
मुझसे नाता जोड़ के तूने,
हर मुसीबत को टाल रखा है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यों फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
नज़र क्या तुमसे टकराई,
जो नाजुक दिल लुटा बैठे,
इशारा क्या किया तूने,
जो हम खुद को भुला बैठे,
जो हम खुद को भुला बैठे,
मुकर जाओगे वादे से,
तो भक्तो की दुहाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
जमाना रूठ जाए पर,
ना रूठो तुम मेरे दाता,
पुराना जन्म जन्मो का,
कन्हैया आपसे नाता,
कन्हैया आपसे नाता,
निगाहें याद से तेरी,
सितमगर बाज आई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सबर की हो गई हद अब,
सहा जाता नहीं प्यारे,
नज़र दिलदार से ज्यादा,
कोई आता नहीं प्यारे,
कोई आता नहीं प्यारे,
तुम्हारे द्वार पे ‘काशी’,
ने भी पलकें बिछाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
Shrijirasik
प्रभु चाह में चाह मिलाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
आँखों से झलकते आँसू हों, अधरों पे सदा मुस्कान रहे।
एक संग में रोने गाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
ना शिकवा हो किस्मत से कोई, ना दुनिया की कोई आस रहे।
जो मिल जाए उसमें मगन रहे, उसे प्रभु का ही परसाद कहे॥
हर हाल में शुक्र मनाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
ना मंदिर की दीवारों में, ना पत्थरों के आकारों में।
उस सांवरिया को हर पल ही, बस अपने दिल में पाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
जहाँ 'मैं' मिटकर 'तू' बन जाए, जहाँ बूंद समंदर हो जाए।
अपने ही अहंकार की आहुति, चरणों में दे जाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
दुख आए तो मुस्काना है, सुख आए तो झुक जाना है।
हर मोड़ पे उस सांवरे की, बस रज़ा में ही रम जाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
Shrijirasik
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है,
हम क्या बताएं तुमको सब कुछ तुझे खबर है,
हर हाल में हमारी तेरी तरफ नजर है,
किस्मत है वो हमारी जो तेरा फैंसला है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
हाथो को दुआ की खातिर मिलाएं केसे ,
सजदे में तेरे आकर सर को झुकाएं केसे,
मजबूरियां हमारी बस तू ही जानता है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
रो करकहे या हंस कर कटती है जिंदगानी,
तू गम दे या ख़ुशी दे सब तेरी मेहेरबानी,
तेरी ख़ुशी समहजकर सब गम भुला दिया है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
दुनिया बना के मालिक जाने कहाँ छिपा है,
आता नहीं नजर तू बस इक यही गिला है,
भेजा इस जहाँ में जो तेरा शुक्रिया है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है
Shrijirasik
यदि नाथ का नाम दयानिधि है,
तो दया भी करेंगे कभी ना कभी
दुःख हारी हर दुखियाँ जन के दुःख कलेश हरेगे कभी न कभी,
यदि नाथ का नाम दया निधि है
जिस अंग की शोभा सुहावनी है,
जिस सवाली रंग में मोहनी है,
उस रूप सुधा के सनेहियो के,
दीर्घ प्याले भरे गे कभी न कभी न,
करुणानिधि नाम सुनाया जिन्हे,
चरणामित पान करवाया जिन्हे,
सरकार अदालत में गवाह सभी गुजरे गे कभी न कभी,
हम द्वार पे आप के आके पड़े,
मुदत से इसी जिद पे है अड़े,
भव सिंधु तरे जो बड़े जो बड़े,
बिंदु तरे गे कभी न कभी,
यदि नाथ का नाम दयानिधि है तो दया भी करेंगे कभी ना कभी
Shrijirasik
हरि का भजन करो हरि है हमारा,
हरि नाम गाने वाला सबका है प्यारा,
हरि नाम से तेरा काम बनेगा,
हरि नाम ही तेरे साथ चलेगा,
हरि नाम लेने वाला,
हरि का है प्यारा,
कोई काहे राधेश्याम, कोई काहे सीताराम,
कोई गिरिधर गोपाल, कोई राधामाधव लाल,
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, नमो बारम्बारा,
सुख़ दुःख भोगे जाओ, लेखा सब मिटाते जाओ,
हरि गुण जाओ, हरि को रिझाते जाओ,
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, सब का है प्यारा,
दीनो पर दया करो, बने तो सेवा भी करो,
मोह सब दूर करो, प्रेम हरि ही से करो,
यही भक्ति यही योग, यही ज्ञान सारा ,
Shrijirasik
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
खाली दिल का हर एक कोना
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
Shrijirasik
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
Shrijirasik
दोहा – बांके बिहारी की,
बांकी अदा पे,
मैं बार बार बलि जाऊं,
जनम जनम वृन्दावन राजा,
तेरे चरणन की रज पाऊं ॥
मेरो बांके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया,
हो रसबसिया हो रंगरसिया,
ओ मेरे मन बसिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
प्यारी-प्यारी सलोनी तेरी सुरतिया,
मेरे मन में बसी है तेरी मुरतिया,
प्यारी-प्यारी सलोनी तेरी सुरतिया,
मेरे मन में बसी है तेरी मूरतिया,
तू है मेरा मैं हूं तेरी,
ओ मेरे सांवरिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
कैसी जादू भरी है तेरी बांसुरिया,
मैंने जबसे सुनी मैं हो गई बावरिया,
कैसी जादू भरी है तेरी बांसुरिया,
मैंने जब से सुनी मैं हो गई बावरिया,
मेरे मन में मेरे तन में,
बसे नट नागरिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मोटी मोटी यह तेरी कजरारी अखियां,
मीठी मीठी मधुर मंद मंद हंसीया,
मोटी मोटी यह तेरी कजरारी अखियां,
मीठी मीठी मधुर मंद मंद हसिया,
मुकुट तिरछा नैन तिरछे,
चरण में पैजनिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मैं हूं पागल तुम्हारी तुम हो मेरे पिया,
तेरे दर्शन को तरसे है मेरा जिया,
मैं हूं पागल तुम्हारी तुम हो मेरे पिया,
तेरे दर्शन को तरसे है मेरा जिया,
‘चित्र विचित्र’ ने जीवन,
तुम्हारे नाम कर दिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मेरो बांके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया,
हो रसबसिया हो रंगरसिया,
ओ मेरे मन बसिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
Shrijirasik
बंसी बजावे नंदलाला,
बंसी बजावे नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
टेड़ी लकुट है टेड़ा मुकुट है,
टेड़ा खड़ा कमली वाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
कदम्ब के नीचे अखियां मीचे,
मुस्काये मेरो लाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
सुन बंसी धुन आई वृंदावन,
नाच उठी बृजबाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
बंसी बजावे नंदलाला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
Shrijirasik
हम तुम्हारे थे प्रभु जी हम तुम्हारे हैं,
हम तुम्हारे ही रहेंगे मेरे प्रियतम....
तुम्हे छोड़ सुन नन्द दुलारे कोई ना मीत हमारो,
किसके द्वारे जाए पुकारूँ और ना कोई सहारो,
अब तो आके बांह पकड़ लो ओ मेरे प्रियतम,
तुम हमारे थे प्रभु जी तुम हमारे हो,
तुम हमारे ही रहोगे ओ मेरे प्रियतम......
तेरे कारण सब जग छोड़ा तुम संग नाता जोड़ा,
एक बार प्रभु बस ये कह दो मैं तेरा तू मेरा,
साँची प्रीत की रीत निभा दो ओ मेरे प्रियतम,
हम तुम्हारे थे प्रभु जी हम तुम्हारे हैं,
हम तुम्हारे ही रहेंगे मेरे प्रियतम.....
तुम हमारे थे प्रभु जी तुम हमारे हो,
तुम हमारे ही रहोगे ओ मेरे प्रियतम.....
Shrijirasik
हरदम याद किया कर हरि को,
दर्द निदान हरेगा
1.मेरा कहा नहीं खाली ऐ दिल,आंनद कंद ढरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
2.ऐसा नाहीं जहाँ बिच कोई,लंगर लौर लरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
3.सहचरी चरण शैर दा बच्चा,क्या गजराज करेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
Shrijirasik
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
ये पलोट रोकड़ नोट सांवरिया का है सपोर्ट, मेरे बिजनेस में तेरा हाथ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मैं तो पुतला हूं सांवरिया सेठ, चाबी तेरे हाथ में रखी,
मेरी शॉप चले टॉप बिजनेस दिया तुझे सौंप, मैं तो चाकर हूं तेरो रे सांवरिया, मैं तो दर का हूं तेरा रे भिखारी, मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मेरा सोना मेरी चांदी दुनिया तो है दीवानी,
खाली हाथ आए सरकार, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरे बच्चे तेरे पर्चे तू उठावें घर खर्चे, मै तो बालक हूं तेरा अंजान, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरी कृपा है सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
मेरा खेत मेरा लसन मेरा अमल मेरा कमल,
सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरा मन मेरा धन मेरा तन अर्पण, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मारुतिनंदन गौशाला तू है गाय का गोपाला, ये भी तो तू जाणे और तेरो काम, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब गायों का रखे ध्यान मैं तो कुछ जाणू नहीं,
मेरा गाने तू चलाते इंस्टा फेसबुक पे छाते, ये भी तेरे है सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं, मेरे डीजे पे तेरा नाम वो भी मेरा नहीं,
ये स्टूडियो तेरा बोस जाए फायदा तो या लॉस गोकुल केवे है सच्ची बात, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब सेठों के तुम सरताज, मंडफिया सा और नहीं।
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
Shrijirasik
तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे
के जैसे युगों से,तुम्हे जानती हूं
अगर तुम हो सागर.....
अगत तुम हो सागर,मैं प्यासी नदी हूं
अगर तुम हो सावन,मैं जलती कली हूं
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
1. मुझे मेरी नींदें,मेरा चैन दे दो
मुझे मेरी सपनों,की इक रैंन दे दो न
यही बात पहले....
यही बात पहले भी,तुमसे कही थी
के जैसे युगों से,तुम्हें जाती हूं
तुम्हें देखती....
2. तुम्हें छूके पल में,बने धूल चन्दन -2
तुम्हारी महक से,महकने लगे तन
मेरे पास आओ.…
मेरे पास आओ,गले से लगाओ
पिया और तुमसे मैं,क्या चाहती हूं
के जैसे युगों से, तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
3. मुरलिया समझकर,मुझे तुम उठा लो
बस इक बार होंठों से,अपने लगा लो न
कोई सुर तो जागे....
कोई सुर तो जागे,मेरी धड़कनों में
के मैं अपनी सरगम से,रूठी हुई हूँ
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
Shrijirasik
चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा,
हरे कृष्ण रामा, हरे कृष्ण रामा,
काँधे पे धोती और लोटा लटकाये
तंदुल की पुतली बगल में दबाये,
चलते चलते पहुंचे, द्वारका धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
महल के बीच में सुदामा जी आए,
सोने सिंहासन से, हरी उठ आए,
सीने से सीना मिलाये घन श्यामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
नहलाया, धुलाया हरी भोजन खिलाया
सोने सिन्हासन पर उनको बिठाया
श्याम दबाए पांव, पंखा करे सत्यभामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
हस हस के पूछे वो कृष्ण कन्हैया,
दीजे जो भेंट भाभी ने भिज वाया,
तंदुल को चाब हरी दिए धन धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा -
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।
तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥
तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।
तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।
तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।
ओ रे...
तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।
तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।
तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।
तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।
तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्गुरुओं के घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।
तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।
तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।
ओ रे...
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले 2
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरेपाप तू मिटा दे
तेरे सिवा न कोई मेरा जग में आसरा है 2
मुझको तलाश तेरी अंखियों में सांवरा है
मिलने की आरजू है 2मुरली बजाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
दुनिया है मेरी मीरा भंवर में फंसती है नैया 2
आ जाओ बन के भांजीं कर दो पार मेरी नैया
हर सवांस मे बसे हो दिल में समाने वाले
मेरेपाप तू मिटा दे
जन्नत में भेज चाहे दो जखमे भेज दें तू 2
हम भी तेरे दीवाने आ कर के देख ले तू
हमको नहीं है प्रवाह 2 गयूऐ चलाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
हर शह में वास तेरा कहता है ये जमाना 2
अब मेरी बारी पे तुम करते हो कंयू बहाना
मानूंगा मैं तो जब भी 2 मुझे चरनो से लगा ले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
श्री कृंशन गोबिंद हरे मूरारी से नाथ नारायण वासुदेवा 5
हे नाथ नारायण वासूदेव आ हे नाथ नारायण वासुदेवा
Shrijirasik
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंदिश,दिन रात लिजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली....
1.औरों के पास जानें से,क्या होगा फायदा
चरणों में प्रेम अश्रु की,बरसात किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु....
2.करने से पहले काम तूं,सौ बार दिल से पुछ
हरगिज़ ना कभी दिल से,ना घात किजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
प्रभु....
3.मीरा ने पीके दुनिया को,हाला दिखा दिया
प्रभु नाम रसका प्याला,दिन रात पिजिए
ताली बजा-बजाकर, शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
Shrijirasik
सुनलो जमाने वाले,
प्रभु का भजन कर भाई ।
काहे को समय गँवाई,
तूने काहे को समय गँवाई ।।
काहे सताया तूने, जीवों को बन्दे,
काहे लगाया तूने पाप के फन्दे ।
काहे को तुमने है पाप कमायी,
काहे को तुमको ये माया सतायी ।।
अब भी समय है भाई,
प्रभु को ले मन में बसाई ।।
काहे को....
धन के गुमानी नर, कुछ ना मिलेगा,
अन्त समय खाली हाथ चलेगा ।
अपने को प्रभु को, करो प्यारे अर्पण,
दीनों की सेवा में, करदो समर्पण ।।
करले सत्संग भाई,
अपने को प्रभु में लगाई।।
काहे को....
कोई न तेरा यहाँ, ना तू किसी का,
प्रभु से तू प्रेम करले, सब है उसी का ।
उसके सिवा जग में, ना कोई दूजा,
दिल में बसा ले उसको, कर ले तू पूजा ।।
कान्त तू ध्यान धरले,
प्रभु को ले दिल में बसाई ।।
काहे को....
Shrijirasik
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं !
बरसो से तरस रहे , जन्मों के प्यासे हैं !!
मीरा को दरश दिया , सबरी को दरश दिया ,
ओ मेरे मोहन , जिसको भी दिया तूने दरश ,
याद करते हैं उसको , सब बरसो बरस ,
याद करते हैं उसको , सब बरसो बरस ,
मीरा को दरश दिया , सबरी को दरश दिया ,
दोनों को दरश दिया, दोनों को तार दिया ,
प्रभु हम को भी दे दो दरश , हम दरश के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
ना धन ही हमें भाया , ना यश ही हमें भाया ,
ओ मेरे मोहन , धन दौलत सब झूठी हैं माया ,
सब कुछ छोड़ के , तेरे दर आया ,
सब कुछ छोड़ के , तेरे दर आया ,
ना धन ही हमें भाया , ना यश ही हमें भाया ,
बस कीर्तन ही तेरा , मन को मेरे भाया ,
भजनों के रसिया हैं , भजनों के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
रिश्तो से प्यार किया , रिश्तो ने धोका दिया,
ओ मेरे मोहन , रिश्ते सभी ये झूठे हैं सारे,
हम हैं मोहन बस तेरे सहारे,
हम हैं मोहन बस तेरे सहारे,
रिश्तो से प्यार किया , रिश्तो ने धोका दिया ,
जब प्रीत करी तुझसे , पल में तूने थाम लिया ,
थोड़ा प्यार हमें कर लो , हम प्यार के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
Shrijirasik
सारे लो नचदे शदाई बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
चन्न जेहे मुखड़े तो की वारा
दिल वारा के जां वारा-2
दर्शन करले सारे रज रज के-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
सारे लोकी नचदे शदाई बनके-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
सोहना जेहा मुखड़ा है चन्न बरगा
खिलेया ऐ फुल गुलाब दे वरगा-2
दिल लुट लैंदा ओ माली बनके-2
आ गया मेरा हारा बाला रब बनके-2
सारे लोकी नचदे शदाई बनके -2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
हर कोई बनेया दिवाना इसदा
बनेया कोई मस्ताना इसदा-2
प्रेमी बन जावा मैं रजरज के
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
सारे लोकी नचदे शदाई बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
कलयुग विचअवतार होया ऐ
घर-घर विच मंगलाचार होया ऐ-2
देवता दी आए सारे सजधज के
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
सारे लेकी नचदे शदाई बनके-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
Shrijirasik
इन प्यासे पपीहे से लोचन को,, निज दर्शन स्वाति पिला जा जरा ।
यह माया मरीच का दूर हटा,, दृग प्रेम का पाठ पढ़ा जा जरा ।।
नव नीरद भेष लिए मुरली,,इन नैनों के बीच समा जा जरा ।
अरे निष्ठुर मोहन आजा जरा,, वह रूप अनूप दिखा जा जरा ।।
अजहू ना आए, हमारे मोहना,,,
आधी रात में खनक गयो बैरी कंगना,
रात बिताऊँ गिन,गिन तारे,
ऐसे निठुर भए श्याम हमारे,
श्याम बिना, मेरो सूनो अंगना,
आधी रात में खनक गयो...
श्याम बिरह में, तड़पी जाऊं
बिजली चमके, डर,डर जाऊं
संग की सहेली, कोई भी संग ना,,,
आधी रात में खनक गयो...
जब से गए मोरी सुध हू ना लीनी
ना जाने सौतन कर लीनी
वर्षों गुजरे, आ जाओ अब ना,,,,
आधी रात में खनक गयो....
Shrijirasik
तर्ज - हे लाड़ली सुध लीजे हमारी
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
तुमसे हमारी पुरानी हैं यारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
तेरे बिना हम कैसे जियेंगे , आंसू विरह के कैसे पियेंगे -२
आ के पकड़ लो बांह हमारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी -२
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
जैसा रखोगें हम रह लेंगे , मुख से कभी भी उफ़ ना कहेंगे - २
चाहे तो ले लो परीक्षा हमारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी - २
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
कोई भी दर से खाली ना जाये , तेरी कृपा उसपे हो जाये ,
इतनी कृपा तो करना मुरारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी ,
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
Shrijirasik
तरज़-: बहुत प्यार करते हैं तुम को सनम
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
बनाया है करके,कृपा हमको जिसनें
उन्हीं के रहेगें,उन्हीं के भरें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
उन्हीं का यशोगांन,करते रहेंगें
के जिनकी कृपा,से फुलें फलें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
उन्हें कैसे भुलें,बता दे कोई तो
के जिनकी दया से,सभी दुख टले हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं के
जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
जुगल से अधमं को,दिया मर्तबा वो
के हेरत में कब यम,गणों ने मनें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
Shrijirasik
मेरे श्याम की मुरली बजी
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली बजी ॥
मुरली बजी... बड़ी, प्यारी लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली बजी ॥
बागों में, बजी है, बगीचों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, मालिन के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
तालों में, बजी है, तलाबों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, धोबिन के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
महलों में, बजी है, चौबारों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, रानी के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
गोकुल में, बजी है, बरसाने में बजी ॥
हो, हो, हो, ये तो, राधा के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे, श्याम की, मुरली...
`बाजारों में, बजी है, चौराहों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, राही के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
कीर्तन में, बजी है, सत्संग में बजी ॥
हो, हो, हो, ये तो, भक्तों के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
जय जय श्री राधे श्याम
Shrijirasik
भगत के वश में है भगवान,
भक्त बिना ये कुछ भी नहीं है,
भक्त है इसकी शान,
भगत मुरली वाले की रोज बृन्दावन डोले,
कृष्णा को लल्ला समझे, कृष्णा को लल्ला बोले,
श्याम के प्यार में पागल, हुई वो श्याम दीवानी ,
अगर भजनो में लागे, छोड़ दे दाना पानी,
प्यार कारन वो लागी उससे अपने पुत्र समान,
भगत के वश में है भगवान...
वो अपने कृष्णा लला को गले से लगा के रखे,
हमेशा सजा कर रखे की लाड लड़ा कर रखे ,
वो दिन में भाग के देखे, की रात में जाग के देखे,
कभी अपने कमरे से, श्याम को झांक के देखे,
अपनी जान से ज्यादा रखती अपने लला का ध्यान,
भगत के वश में है भगवान...
वो लल्ला लल्ला पुकारे हाय क्या जुल्म हुआ रे ,
बुढ़ापा बिगड़ गया जी लाल मेरा कैसे गिरा रे ,
जाओ डॉक्टर को लाओ लाल का हाल दिखाओ ,
अगर इसको कुछ हो गया मुझे भी मार गिराओ ,
रोते रोते पागल होगई घर वाले परेशान ,
भगत के वश में है भगवान...
नब्ज को टटोल के बोले, ये तेरा लाल सही है,
कसम खा के कहता हूँ कोई तकलीफ नहीं है,
वो माथा देख के बोले ये तेरा लाल सही है ,
माई चिंता मत करियो कोई तकलीफ नहीं है ,
जोहि सीने से लगाया पसीना जम कर आया ,
उसने कई बार लगाया और डॉक्टर चकराया ,
धड़क रहा सीना लल्ला का, मूर्ति में थे प्राण ,
भगत के वश में है भगवान...
देख तेरे लाल की माया बड़ा घबरा रहा हूँ,
जहाँ से तू लल्ला लाई वही पे जा रहा हूँ ,
लाल तेरा जुग जुग जिए बड़ा एहसान किया है,
आज से सारा जीवन उसी के नाम किया है,
बनवारी तेरी माँ नहीं पागल पागल सारा जहाँ,
भगत के वश में है भगवान...
Shrijirasik
हम गरीबों से रखता है यारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी ---
प्यारी लगती गरीबों की नैया ---
बैठ जाता है बनके खिवैया ---
भूल जाता है देखो सरकारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी ---हम गरीबों से रखता
लोग कहते है दीनों की लाज है ---
उसके हाथों में गरीबों का हाथ है ---
शायद जानता नहीं वो दुनियादारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी -- हम गरीबों से रखता
उसका झौपड़ी में है आना जाना ---
स्वाद लगदा विदुर जी का खाना ---
खुद को कहता है प्रेम का पुजारी --
नाम उसका है बांके बिहारी -- हम गरीबों से रखता
माल नरसी का पहले लुटाया --
घर बनवारी मीरा का छुड़ाया --
प्यारा लगता है कि सुदामा भिखारी --
नाम उसका है बांके बिहारी --
हम गरीबों से रखता है यारी --!!
Shrijirasik
गोपाल मुरलिया वाले नंद लाल मुरलिया वाले
श्री, राधा मेरी स्वामिनी, और मैं राधे कौ दास,
जनम, जनम मोहे दीजियो, श्री वृन्दावन को वास ॥)
गोपाल, मुरलिया वाले, नंद लाल, मुरलिया वाले ॥
श्री, राधा जीवन ॥।नीलमणि, गोपाल मुरलिया वालें ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, गोपाल, मुरलिया वाले ॥
श्री, राधा जीवन ॥।नीलमणि, गोपाल मुरलिया वाले ॥
मेरा यार, नंद, नंदन हो चूका है ॥
वोह, जान, हो चूका है, ज़िगर हो चूका है ॥
ये सच जानिए, उसकी, हर एक अदा पर ॥
जो, कुछ पास था वोह, नज़र हो चूका है ॥
गोपाल, मुरलिया वाले, नंदलाल...
हो, राधे राधे...राधे राधे ॥
हो, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
मेरा यार, नंद, नंदन हो चूका है ॥
वोह, जान, हो चूका है, ज़िगर हो चूका है ॥
जगत की, सभी, खूबियाँ मैंने छोड़ी ॥
जो, दिल था इधर, अब उधर हो चूका है ॥
गोपाल, मुरलिया वाले, नंदलाल...
गोविंद, मेरो है,गोपाल मेरो है ॥
श्री बाँके, बिहारी, नंदलाल मेरो है ॥
गोविंद, मेरो है,गोपाल मेरो है ॥
श्री बाँके, बिहारी, नंदलाल मेरो है ॥
हो राधा, राधा राधा ॥
श्री राधा, राधा राधा ॥
ओ नीली, साड़ी, राधा ।
ओ नीली, साड़ी... राधा ।
बरसाने, वाली... राधा ॥
ऊंची अटारी... राधा ॥
ओ भोली, भाली... राधा ॥
ओ गोरी, गोरी... राधा ॥
ओ चंचल, प्यारी... राधा ॥
ओ श्यामा, प्यारी... राधा ॥
राधा राधा, राधा राधा, रा...धा,
राधा, राधा श्री राधा ॥
जय जय श्री राधे
Shrijirasik
जिस ने हरी गुण गाए,
हरी दौड़े चले आए ।
भक्त प्रहलाद ने था पुकारा,
हिरण्यकशिपु को आकर के मारा ।
नरसिंह रूप धर आए,
हरी दौड़े चले आए ॥
दौपदी कौरवों से घिरी थी,
मुरली वाले से विनती करी थी ।
हरी आकर के चीर भडाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
ऐसा भक्तों ने डाला थे फंदा,
प्रभु आप बने नाई नंदा ।
प्रेम से चरण दबाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
दर्योधन के मेवा भी त्यागे,
भूख लागी तो उठ करके भागे ।
साग विधुर घर खाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
Shrijirasik
तू किरपा कर बाबा कीर्तन करवाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
तू किरपा कर बाबा जय हो जय हो
मैं भाई भतीजो के कुरते सिलवाऊंगा,
और बहन बेटियों के गहने बनवाऊंगा,
इत्र की खुशबु से ये घर महकाऊँगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
मैं फूलों से बाबा श्रृंगार कराऊंगा,
तेरे खातिर सांवरिया छप्पन भोग बनाऊंगा,
मैं एक एक करके हाथों से खिलाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा।।
मैंने जो पाया है सब तुझसे पाया है,
मैं जहाँ खड़ा हूँ आज प्रभु तेरी माया है,
जग खुद पे लुटाता है मैं तेरे खातिर लुटा दूंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
ऐसी किरपा करना तेरा कीर्तन कराता रहूं,
तेरे भजनो से बाबा तुझको मैं रिझाता रहूं,
कन्हैया मित्तल को कीर्तन में बुलाऊंगा,
सब भजन प्रवाहको को कीर्तन में बुलाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
Shrijirasik
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई,
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
अब पल पलक टरत नही टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारि वारि पलकन मारी,
जादू की पिटारी दृग छुई मुई कर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई.......
Shrijirasik
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
कन्हैया तुम को देख के दिल झूम जाता है.....
बांकी अदाएं चैन चुराए,
बांकी अदाएं चैन चुराए,
तेरी प्यारी बतिया मन को लुभाये,
मेरे हमदम तू हरपाल याद आता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है......
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
अपना समझ के जब भी पुकारा,
चेहरा आँखों के आगे घूम जाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.....
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाकर ही मानते हो,
बनवारी दिल से तेरे गीत गाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.......
Shrijirasik
तर्ज – दिल दीवाने का डोला
मेरे इस टूटे दिल को आधार चाहिए,
मेरे इस पगले दिल को आधार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए.......
समझाना बड़ा मुश्किल है,
आखिर तो दरदे दिल है,
सच्चा दरबार लगा है,
ये कान्हा की महफ़िल है,
नैनो को बंसी वाले का हो ओ,
नैनो को बंसी वाले का,
नैनो को बंसी वाले का आधार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए......
कुछ कमी ना अरमानो की,
तेरे इन दीवानो की,
मुझको मदहोश बनाये,
ये कटार तेरे नैनो की,
दिल नाच उठे वो हो ओ,
दिल नाच उठे वो,
दिल नाच उठे वो सांवरिया सरकार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए......
जितना खिचाव चितवन में,
होता जो मेरे मन में,
फिर तो ये दिल दीवाना,
उड़ जाता निल गगन में,
हाथो में मेरे हो ओ,
हाथो में मेरे,
हाथो में मेरे यार की पतवार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए......
भक्तो के तुम प्यारे हो,
तुम जिगरी दिल वाले हो,
कितनो पर डोरे डाले,
तेरे ये मस्त नज़ारे,
यशोदा नंदन के हो ओ,
यशोदा नंदन के,
यशोदा नंदन के नैनो का दीदार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए.......
Shrijirasik
मैं तो चली रे पिया के देश,
हो मै तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
पिया मिलन को तरस रही थी,
छम छम अंखिया बरस रही थी,
है धर जोगन का भेष,
मै तो चली रे पिया के देश.....
बीते दिवस कई बीती रतिया,
मन की कहूंगी उनसे सारी बतिया,
हो लागि क्या क्या मन को ठेस,
मै तो चली रे पिया के देश.......
आया बुलावा मेरे पिया का,
मन उपवन हरषाये जीया का,
हो छाया आनंद मन में विशेष,
मै तो चली रे पिया के देश.......
चित्र विचित्र आई बेला मिलन की,
दुल्हन बनुगी में तो सांवरे सजन की,
अब क्या रह गया शेष,
मै तो चली रे पिया के देश......
मै तो चली रे पिया के देश,
हो मैं तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
Shrijirasik
मधुबन में झूला झूल रहे, राधेश्याम मदन मुरारी,
राधे श्याम मदन मुरारी राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
मोर मुकुट कानों में कुंडल,
रूप निहारत सब ब्रजमंडल,
दर्शन कर सुद्ध बुद्ध भूल रहे, राधे संग कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
खड़ा मनसुखा लेकर सोटा,
सखियां दे रही लंबे झोटा,
अंबर में बादल झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
कूक रही है कोयल काली,
लता पता छाई हरियाली,
बागों में कलियां महक रही, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
प्रेमी ब्रिज लागे मनभावन,
रिमझिम रिमझिम बरसे सावन,
सब गोपी ग्वाला झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
Shrijirasik
श्याम नित ना बजाया करो बंसरी,
कि करों सानु मार पैंदी ऐ, मनमोहना....
तेरी बंसरी ऐ रंग बींरंगी,
ते उते हिरे मोती जड़े ने, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी तोर है मोरां वरगी,
कि मुख तेरा चन वरगा, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी बंसरी नु लै जान चोर वे,
कि जिने साडा दिल लुटेया, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी बंसरी दा दोष ना कोई,
कि दोष साडी अखियां दा, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो.......
Shrijirasik
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे.....
राधा कृष्ण की छबि निहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे....
बड़ा नटखट है रे ब्रज गोपाला,
काली दाह में नाग नाथे,
यशोदा का लाला,
दरश को तेरे अंखिया प्यासी,
जन्मो जनम से राधा श्याम की दासी,
साँस चले तुमरे सहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
राधा कृष्ण की छबि निहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
Shrijirasik
तर्ज – बना रे बागा में झूला घाल्या
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या रे,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में, बागा में,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
काना में, काना में,
काना में मिश्री घोले म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
हिवड़ा में, हिवड़ा में,
हिवड़ा में निरत जगावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
मिलवाने, मिलवाने,
मिलवाने मनड़ो तरसे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
चरणा में, चरणा में,
चरणा में शीश नमावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
थोड़ो सो, थोड़ो सो,
थोड़ो सो नाच दिखा दे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
Shrijirasik
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
मै ही तोहे देखुं सांवरियां,
देखे ना कोई दुजी नज़रिया,
मै ही तो हूँ तेरी बावरीया,
मै ही सुनु बस तेरी बांसुरियॉं,बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया कोई मुरली की तन सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे...........
गोकुल ढूँढा तुझे मथुरा मे ढूँढा,
छोड़ी ना कोई ऐसी नगरिया,
बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
Shrijirasik
ना मैं चूनरी रंगी है ना मैं चोला रंगया,
ओ रंगण वाले ने रंगीला मेरा मन रंगया....
ना मैं धीया मंगिया ना मैं पुत्र मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी.........
ना मैं हीरा मंगया ना मैं मोती मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी.........
ना मैं महल मंगया ना मैं मोरिया मगियां,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी..........
ना मैं अन मंगया ना मैं धन मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी..........
Shrijirasik
जय माधव मदन मुरारी,
बनवारी श्याम बनवारी......
तेरी मस्तक मुकुट विराजे,
और मोर पंख भीन साजे,
केशों की छटा है न्यारी,
जय माधव मदन मुरारी......
कानों में कुंडल सोहे,
माथे पर चंदन मोहे,
तेरी आंखें हैं कजरारी,
जय माधव मदन मुरारी.....
होठों पर लाली लाल लगी,
और मुरली तेरे हाथ सजी,
तूने काली कमरिया डारी,
जय माधव मदन मुरारी......
Shrijirasik
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे,
मेरे साथ रहे, मेरे साथ रहे,
वृन्दावन वाले तू हमेशा मेरे साथ रहें.....
मैं तो जन्मो से तेरा दीवाना हु,
तेरी किरपा से मैं अनजाना हु,
मेरी झोली में ये तेरी सौगात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
तेरी किरपा जप मुझपे हो जायेगी,
मेरी करनी को श्याम ये जायेगी,
तेरे छोटे से दीवाने की ये बात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
मेरी मुश्किल का हल हो जायेगा,
मेरा जीवन सफल हो जायेगा,
हर्ष अपनी यु होती मुलाकात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
Shrijirasik
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे....
वृंदावन ब्रज की राजधानी,
यहाँ बसे ठाकुर ठकुरानी,
मधुर मिलन की साक्षी देते,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
पूण्य प्रेम रस में आत्मा भिगोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
कृष्ण राधिका एक है,
इनमे अंतर नाही,
राधे को आराध लो,
कृष्णा तभी मिल जाए,
प्रथक प्रथक कभी इनको ना तोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे........
Shrijirasik
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
तेरी मुरली में वो जादू है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मूरली में वो जादू है........
तेरी बांस की मुरली तो,
रिझाती हम सब भक्तो को,
दीवाना ये कर जाती है,
सबमे प्यार ही प्यार जगाए.......
तू तो एक तरंग डाले,
जी उठे मरने वाले,
तेरे दरश के मतवाले,
दिल में जीने की आस बढाए,
चल पड़ते है तेरे पास कदम,
मैं रोक नहीं पाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
श्याम तेरे भगत दीवाने है,
तेरे सब चाहने वाले है,
तेरे बिन जीवन सूना है,
इस जीवन की प्यास बुझा दे....
तू जो सच्चा जानी है,
तुझसे आस पुरानी है,
मेरे जीवन की नैया को,
पल में भव से पार लगा दे,
मिलना तुमसे मुश्किल ही सही,
मिलने को मचल जाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
जब से तुझको देखा है,
‘संजू घनश्याम’ दिवाना है,
दीवाना दिल ये कहता है,
मेरी खुशियों का तू है खजाना,
जगा के प्यार तू हर दिल में.....
कर दे कमी सभी पूरी,
तुझसे थोड़ी भी दुरी,
‘निरंजन’ करती है ये दीवाना,
पाना तुझको मुश्किल ही सही,
पाने को मचल जाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
Shrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Shrijirasik
मेरे कृष्ण मुरारी आ देर ना कर गिरधारी आ......
भक्त प्रह्लाद ने तुम्हें पुकारा,
हिरणाकुश को पल में मारा,
शबरी क़े प्रभु मान रखे थे,
झूठे झूठे बेर थे चखें थे,
मेरी सूध आजा ले जा,
देर न कर गिरधारी.....
अभिलाषा जो ध्रुव ने किन्ही,
उच्चसन प्रभु तुमने दिनी,
नार अहिल्या तुमने तारी,
जय हो जय हो कृष्ण मुरारी,
आजा रे अब आजा आ,
देर ना कर गिरधारी.....
द्रुपद सुता ने तुम्हें बुलाया,
तुमने आकर जी चीर बढ़ाया,
दूर करो सब कष्ट हमारे,
जय हो मां यशोदा के प्यारे,
आजा रे अब आजा आ.....
Shrijirasik
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा........
हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरी आस्ता के सदके,
तेरी हर गली पे कुरबां,
तेरा दर है दर हकीक़त,
मेरी जीस्त का सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरे प्यार की हदो को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीँ पे,
मैंने जहाँ पुकारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
क्यों ढूंढते फिरे हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.......
Shrijirasik
तर्ज – ये तो प्रेम की बात है
अपने लाला की सुन लो शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है,
वो जो देता है दर्द ये दिल को,
वो दिखाने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है......
मैया पहली शिकायत हमारी,
पनघट पे मिले थे मुरारी,
या ने तोड़ी गगरिया हमारी,
जल भरने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.........
मैया दूसरी शिकायत हमारी,
गलियों में मिले थे मुरारी,
वा ने फाड़ी चुनरिया हमारी,
ओढ़ने के जो काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.......
मैया तीसरी शिकायत हमारी,
महलों में मिले थे मुरारी,
या ने तोड़ी नथनिया हमारी,
मुंह दिखाने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है........
मेरे लाला को प्यार सु बुलाती,
माखन मिश्री का भोग लगाती,
ये तो प्राणो से प्यारा कन्हैया,
ये शिकायत के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.........
Shrijirasik
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
कृष्णा चरण तज जाऊ कहा मे
कृष्णा चरण तज जाऊ कहा मे
वो तो चारो धाम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
ऋषीमुनी संत सनातन पूजन
ऋषीमुनी संत सनातन पूजन
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
Shrijirasik
जाने क्या जादू भरा हुआ,
भगवान तुम्हारी गीता में,
मन चमन हमारा हरा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ......
गीता ग्रंथो से न्यारी है,
श्रुति जुगति अनुभवकारी है,
गीता ग्रंथो से न्यारी है,
श्रुति जुगति अनुभवकारी है,
युग युग का अनुभव जुड़ा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ......
जब शोक मोह से घिर जाते,
तब गीता वचन हृदय लाते,
जब शोक मोह से घिर जाते,
तब गीता वचन हृदय लाते,
कल्याण खजाना भरा हुआ,
श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ.....
गीता संतो का जीवन है,
गंगा के सम अति पावन है,
शरणागति अमृत भरा हुआ,
भगवान तुम्हारी गीता में,
विज्ञान ज्ञान रस भरा हुआ,
श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,
हरी प्रेम लबालब भरा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ..........
Shrijirasik
जय जय राधा रमण हरी बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
मन तेरा बोले राधेकृष्णा,
तन तेरा बोले राधेकृष्णा,
जिव्हा तेरी बोले राधेकृष्णा,
मुख से निकले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
पलकें तेरी बोले राधेकृष्णा,
अलके तेरी बोले राधेकृष्णा,
आँखे तेरी बोले राधेकृष्णा,
साँसे तेरी बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
धड़कन बोले राधेकृष्णा,
तड़पन बोले राधेकृष्णा,
अंतर बोले राधेकृष्णा,
रोम रोम बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
पंछी बोले राधेकृष्णा,
भंवरे बोले राधेकृष्णा,
बंशी बोले राधेकृष्णा,
वीणा बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
वृन्दावन में राधेकृष्णा,
बरसाने में राधेकृष्णा,
गोवर्धन में राधेकृष्णा,
नंदगांव में राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
मुनिजन बोले राधेकृष्णा,
गुरुजन बोले राधेकृष्णा,
हम सब बोले राधेकृष्णा,
सब जग बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
जय जय राधा रमण हरी बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
Shrijirasik
घनश्याम तुम्हारे मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ,
वाणी में तनिक मिठास नहीं,
पर विनय सुनाने आई हूँ.....
मैं देखूं अपने कर्मो को,
फिर दया को तेरी करूणा को,
ठुकराई हुई मैं दुनिया से,
तेरा दर खटकाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ........
प्रभु का चरणामृत लेने को,
है पास मेरे कोई पात्र नहीं,
आँखों के दोनों प्यालों में,
मैं भीख मांगने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ........
तेरी आस है श्याम निवाणीअणु,
तेरी शान है बिगड़ी बना देना,
तुम स्वामी हो मैं दासी हूँ,
संबंध बढ़ाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ.....
समझी थी मैं जिन्हें अपना,
सब हो गए आज बेगाने है,
सारी दुनिया को तज के प्रभु,
तुझे अपना बनाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ.........
Shrijirasik
मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों....
धनि-धनि मात पिता सुत बन्धु,
धनि जननी जिन गोद खिलायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों.....
जे नर बिमुख भये गोविन्द सों,
जनम अनेक महा दुःख पायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों.......
श्री भट्ट के प्रभु दियो अभय पद,
यम डरप्यो जब दास कहायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों........
मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों......
Shrijirasik
तर्ज – सांवली सूरत पे मोहन
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.......
बांकी छवि बांकी अदा,
बांकी हंसी बांका चलन,
रूबरू बांका नज़ारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं...........
एक सूरत आपकी,
और दीवाना सारा जहां,
हाल जो होगा हमारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
मेरी आँखों में कटीली,
अपनी आँखे डालकर,
जो किया तुमने इशारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
Shrijirasik
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा......
इस बांके का सब कुछ बांका,
इस बांके का सब कुछ बांका,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.....
बांके है नन्द बाबा और यशुमति,
बांकी घडी जमने है बिहारी,
बांके कन्हैया के बांके है भ्रात,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
बांकी मिली दुलहन जगवंदन,
और बांके गोपाल के बांके पुजारी,
भक्तन दर्शन देन के कारण,
झांके झरोखा में बांके बिहारी,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा....
बांकी पागचंद्रिका तापर,
और बांका तुर्रा ररक रहा है,
गरसिरपेच माल और बांकी,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके नैन सेन सर बांके,
बेन बिनोद महा है,
बांके की बांकी झांकी कर,
बाकी रहयो कहा है,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
ये टेड़े सो प्रसन्न, टेडी बातन सो अति प्रसन,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे के,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे केm
हम सो टेंडाई भूल मत करियो कोई,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
टेड़े टिपारे कटारे किरीट की,
मांग की पाग की धारि की जय जय,
कुंडल जाये कपोलन पे,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
राजेश्वरी दिन रात रटो,
यही मोहन की बनवारी की जय जय,
प्रेम ते बोलो जी बोलत डोलो,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा............
Shrijirasik
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
प्रभु नाम के मोती,
महिमा राम नाम की होती,
मन हो जाये मतवाला..
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला...
जिसकी कृपा से रत्नाकर भी,
रामायण लिख जावें,
जिसकी कृपा से नयनहीन भी,
सूर श्याम कहलाये,
मीरा जोगन हो जावे,
गिरधर के रंग रंगाये,
पीये दीवानी विष प्याला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला.......
धूप दीप अर्चन साधन न,
जोग कोई बतलाये,
चरण शरण ही जा बैठे,
और भव सागर तर जाए,
काशी काबा न जाए,
चाहे गंगा न नहाये,
बस राम की फेरे माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला......
जनम जनम के इस चक्कर से,
खुद को आज बचा ले,
राम नाम का हो जा प्राणी,
राम नाम अपना ले,
अरे बन जा सवाली,
भर ले झोली तू खाली,
सारे जग का वो रखवाला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला......
Shrijirasik
आये सपने में बांके बिहारी,
ना होश मेरी होश में रही,
जाऊं सपने में उनको निहारी,
इसीलिए खामोश मैं रही,
आये सपने में.........
झूम झूम मैं तो बस नाचती रही,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
नज़रो से बातें मैं करती गई,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
संग खेल मेरे रंगो की होली,
कि सखी मेरी रात हो गई,
आये सपने में........
आँखों में काजल हाथो में बंसी,
मुकुट पे मोरपंख गालों पे लाली,
देख प्यारी मुस्कान मैं तो बोली,
की श्याम की दीवानी हो गई,
आये सपने में........
सारी रात वृन्दावन घूमती रही,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
बंसी जो बजाई ऐसी मुरली वाले ने,
मैं नाच नाच नाच बस नाचती गई,
ऐसी देख के लगन मेरी श्याम से,
किशोरी भी हैरान हो गई,
आये सपने में.......
Shrijirasik
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल,
हारावाले मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
सोहणा सोहणा मुखड़ा ते सोहणी है चाल जी,
बाल घुंघराले ते सिर ते मुकुट कमाल जी,
रूप तेरा सोहणा ते गल विच हार,
दर्शन देके करदे निहाल,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
श्याम प्यारे दी लीला बड़ी प्यारी ए,
गरीबा नू राज बक्शे लीला एहदी न्यारी ए,
अर्शा तो देवता भी करन सत्कार,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
दिल च उमंग श्याम मिले तेरा संग जी,
तेरे बिन प्रभु मेरा लगदा ना मन जी,
सानू वी ले चल वृन्दावन धाम,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
Shrijirasik
जिहना पीते ने प्याले हरि नाम दे,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया धन्ने भगत नू,
उन्हे पथरा चो श्याम नू पाया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया मीरा बाई नू,
उन्हे जहरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया भीलनी माई नू,
उन्हे बेरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया द्रौपता माई नू,
उन्हा साड़िया चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
Shrijirasik
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,
रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,
श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,
मैं वी उड के श्याम दा सोहणा दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
श्याम दिया संगता जदों दर ते आनगीया,
अमृत भरा संगत जद लंगर खावनगीया,
संगता दिया चरणा दी,,
संगता दे चरणा दी धूल मथे उत्ते लावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
रोज सवेरे मैं फूल तोड़ ले आवांगी,
श्याम जी दे चरणा विच आन चढावांगी,
हर वेले श्याम दा,,
हर वेले श्याम दा नित दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
Shrijirasik
तेरे रज रज दर्शन पावा इक वारि खोल अखियाँ,
खोल अखियाँ खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा.....
कोई ता कहंदा प्यारा दिल विच वसदा,
असली ठिकाना तेरा कोई भी न दसदा,
कोई भी न दसदा श्याम,
की करा के दर नु जावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा......
तेरे दर्श दी मैं हां दीवानी, अपना चरना दी दे जा निशानी,
दे जा निशानी श्यामा दे जा निशानी,
अखियाँ प्यासियाँ नु होर तरसा न,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरा दर्श पा के वारि वारि जावा,
श्याम नाम दी गंगा विच गोते पई लावा,
श्याम प्रेम दी ज्योत जगावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरे चरना च मैं रेन गुजारा,
तेरे दर्श बिना मैं चैन ना पावा,
अखा थक गईयाँ तक तक राहवा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा........
Shrijirasik
विनती सुनिए नाथ हमारी,
ह्रदय स्वर हरी ह्रदय बिहारी,
मोर मुकुट पीताम्बरधारी,
विनती सुनिए..........
जनम जनम की लगी लगन है,
साक्षी तारों भरा गगन है,
गिन गिन स्वास आस कहती है,
आएंगे श्री कृष्ण मुरारी,
विनती सुनिए..........
सतत प्रतीक्षा अप लक लोचन,
हे भव बाधा विपत्ति विमोचन,
स्वागत का अधिकार दीजिये,
शरणागत है नयन पुजारी,
विनती सुनिए..........
और कहूं क्या अन्तर्यामी,
तन मन धन प्राणो के स्वामी,
करुणाकर आकर ये कहिये,
स्वीकारी विनती स्वीकारी,
विनती सुनिए..........
Shrijirasik
बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो......
आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
सखी बादल गरजत बिजुरी संग, ओ घन बरसत है घनघोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
कहे वन वन पड़यो हिंडोरना, कैसे पवन चले झकझोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा होले होले देवे सांवरा, झूले कुंवर किशोरी सिर मोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा देय सखिरी सब गाय रही, नाचे मोर पपिहा करे शोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झूलत गल बैयां डाल के, वरुणेश निरख़ तिन्ही और,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
Shrijirasik
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
सर के ऊपर धरो री पालना,
वासुदेव ने राम मनाया,
देवकी से करी दो बात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
कड़क कड़क यह बिजली चमके,
वासुदेव का जियरा धड़के,
होने लगी बरसात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
जमुना जी का जल चढ़ा आया,
कृष्ण जी ने पैर बढ़ाया,
चरण लिए पुचकार, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
नंद बाबा का घर ढूंढा है,
नहीं किसी को पता चला है,
वहां पड़ी यशोदा मात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
मेरे कृष्ण का रूप निराला,
मोर मुकुट वैजयंती माला,
त्रिलोकी का नाथ, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
Shrijirasik
बुला रही राधा गुजरिया तू झूलन आजा सांवरिया.....
श्याम बिन सावन ना भावे,
तू आजा क्यों अब तड़पावे,
बुला रही राधा लिख चिठियां, तू झूलन आजा सांवरिया........
सुहानी सावन रुत आई,
कैसी चल चल रही पुरवाई,
गगन में छा गई बदरिया, तू झूलन आजा सांवरिया..........
बोल रही कोयल दादुर मोर,
रुनझुन नाचत मन का मोर,
बजा दे प्यारी बांसुरिया, तू भूलन आजा सांवरिया...........
करूण तेरे सुन ले ओ बनवारी,
अरज करे तुमसे ब्रज नारी,
शरण में लेलो सांवरिया, तू झूलन आजा सांवरिया..........
कदम पर हमला डलवाई,
झूलन सब बिरज नारी आई,
कै झोटा दे जा सांवरिया, झूलन आजा सांवरिया..........
Shrijirasik
सांवरा सलोना मेरा कृष्ण कन्हाई,
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी.....
आँख मिचौली काहे खेले तू कान्हा,
पलके बिछाए बैठी तेरी राधा,
कास में तेरी बन जाती बंसुरिया,
अधरों से तेरे लग जाती में सांवरिया,
नैना निहारे पन्थ आओ मुरारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी.....
याद जो आये मोहे पल महारास के,
थिरके पायलिया मृदंग ताल पे,
जितनी गोपिया उतने गोविन्दा,
कण कण में हे जेसे भगवंता,
पल ना पड़े अब कान्हा पल पल भारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी......
बंशी बजा के मेरी निंदिया उड़ाई,
लाडला कन्हैया मेरा कृष्ण कन्हाई,
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी......
Shrijirasik
पावन शुभ दिन है आया,आनंद उत्सव घर छाया,
हिवड़े मन मोद समाया, लागे सभी को मनभावना,
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
१. स्वागत करांला इनकी पलक बिछाकर के जी.. पलक बिछाकर..
बाट जोई थी जिनकी,आस लगाकरके जी,आस लगाकर
धन हुए भाग्य हमारे, मिट गए दुखड़े सारे,
चमके जीवन के सितारे, बाकी नहीं कुछ कामना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
२. आंगन में सुंदर सुंदर आसन लगवायाजी हो..आसन लगवाया...
दिल के भावों से इनको खूब सजाया जी हो...खूब सजाया...
बैठे मनमोहन प्यारे,आंखों के बन के तारे,
झूमे नर नारी सारे, मन को करे हैं लुभावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
३. सोहनी सूरत इनकी लागे अति प्यारी जी हो ...लागे अति प्यारी...
प्रिया प्रियतम की छवि पर जाएं बलिहारी जी हो.. जाएं बलिहारी...
देखूं तो मन हरषावे,नैनन में रूप समावे,
दूजो ना कोई भावे,लागे प्यारे से हमको पावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
४. कंचन के दीप जलाकर आरती गाओ जी हो... आरती गाओ...
सेवा में चंवर डुलाकर, भोग लगाओ जी हो...भोग लगाओ..
सर्वेश्वर मंडल गावे, चरणों में बलि बलि जावे,
आनंद का पार न पावे, उत्सव मनावे सुहावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
पावन शुभ दिन है आया, आनंद उत्सव घर छाया, हिवडे मन मोद समाया, लागे सभी को मन भावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
Shrijirasik
भाँति भाँति का भोजन बनाया. मीठा और नमकीन
बहुत सुनी मैं चर्चा थारी. थे इन चीजों के शौकीन
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जीमो जीमो जी सावरिया करदे हमपे करम.
तरहा तरहां का भोजन बनवाया चर्चरी नरम.
खाले रोट हरियाणे का
लेले मजा तू खाने का
मांड सांभर को पीले राबड़ी
ना करियो सरम।।। जीमो जीमो
साग बनाया सरसो दा
रोटी बनाई मक्के दी
लस्सी ल्याया ठेठ पंजाबी
पिजा एक दम।। जीमो जीमो
ल्याया ढोकला गुजराती
इडली डोसा मद्रासी
दिल्ली वाली हरी कचौड़ी
गरमा गरम।।। जीमो जीमो
खाले ढसाल बाटी भी तू
पीले कढ़ी साटी भी तू
बीकानेरी भुजिया चम चम
चर्चरी नरम।।। जीमो जीमो
आम अमरूद अंगूर अन्नानाश
खीरा निम्बू बहुत है खास
कांकरिया है लाल टमाटर
लाया चमाचम।। जीमो जीमो
काजू किसमिस खुरमानी
नारियल छोहाड़ा बादामी
केला सेव पपीता चीकू
गाजर का हलुवा गरम।। जीमो जीमो
सौफ इलायची हाजिर है
साथ मे मिश्री रक्खी है
पान कलकत्ता वाला चबा के
पान बनारस वाला चबा के
करले बिश्राम।। जीमो जीमो
बतला और के खावेगा
झट से वो हाजिर पावेगा
नरसी त्यार खड़ा सेवा में
भग्त त्यार खड़ा सेवा में
करदे हुकुम।।। जीमो जीमो जी साँवरिया।।।।
Shrijirasik
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
1 ) मुरली की धुन हमे सोने ना देती……..2
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती……..2
मुरली की धुन हमे सोने ना देती
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती
बेरन बहुत सतावे है
मुरली ना बजाओ…….2
2 ) ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी……..2
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी………..2
ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी
काहे तू जल जल जावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
3 ) हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली……….2
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली……….2
हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली
जमुना पे हमको बुलावे है
मुरली ना बजाओ…….2
4 ) बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली………2
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी………..2
बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी
मेरे मन को भावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
Shrijirasik
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
आँखों की प्यास सवारे, आ कर बुझाईये
1 ) रातो की नींद उड़ गई, दिन में ना चैन है
तकते तुम्हारी राह बस, व्याकुल ये नैन है
मीठी मुरलियाँ कानुहड़ा, फिर से बजाइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
2 ) देखे बिना तुझे हुआ, ये मन उदास है
फिका तेरे बिना सभी, चाहे कुछ भी पास है
चितचोर श्याम मेरे भी, चित को चुराइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
3 ) पागल कोई कहे मुझे, कोई कमली कह रहा
तेरे बिना बेचारा दिल, क्या क्या सह रहा
दीवानगी की हद सभी, मोहन मिटाइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
4 ) प्यारे हमे बताओ तुम, कब तक रुलाओगे
बिरह की आग हृदय में, कब तक जलाओगे
भूलन कहे ना और अब, हमको सताइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
आँखों की प्यास सवारे, आ कर बुझाईये
Shrijirasik
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय मथुरा गोकुल गोवर्धन
जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन
जय बरसाना, जय नंदगाव
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय ब्रज रज, जय जय गोधन
जय जय ग्वाल सखा गोपीजन
जय ब्रजवासिन, जय ब्रज बाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय ब्रजमण्डल जय ब्रज रसिकन
जय जय ब्रज के संत भक्त जन
जय जय लत्ता पता अभिराम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
❛मधुप हरि❜ ठाकुर ठकुरानी
जय ब्रजराजा जय ब्रजरानी
जय राधा माधव छवि धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम-२।
Shrijirasik
चिंता करें बलाएं हमारी इस माया जंजाल की
बलिहारी बलिहारी बोलो बलिहारी नंदलाल की
1, जी मालिक ने जन्म दिया है अन्य वस्त्र भी दे देगा,,
सिर ढकने को छत देवे गा खबर हमारी ले लेगा ,,,,
भजन करो निस चिन्त हो चिंता छोड़ो रोटी दाल की,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,,,
2 छड़ भर को न हमे छोड़ता सदा हमारे साथ में है,,,,
जीवन की सांसा डोरी उस परम पिता के हाथ में है,,,
हंसना रोना जीना मरना छोड़ो चिंता गात की ,,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,
मथुरा में जाओगे तो घनस्याम मिलेंगे
सीना फाड़ के बैठे श्री हनुमान मिलेंगे
दाऊजी में जाओगे तो बलराम मिलेंगे
माता पिता के चरणों में चारो धाम मिलेंगे,,,,,,,,,,
3 कली, काहे की तू चिंता करता करना है सो राम करें,,,
नाम हरि का भजले मूरख यही तेरा उधार करें,,,,
तोड़, मनीष कुमार तू गुरु मानले जो खोल मुक्ति द्वारा की,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,,,,,,
Shrijirasik
मैनु बहुता न सताओ तुसी,
एैवें चकरां च न पाओ तुसी
दुनिया तो मैं कुछ नहीं लेना
मेरा दिल ही बावरा यही
नी मैं यार दी दीवानी,
मेरा यार सांवरा है
तेरे दर ते आवा मैं
झोली भर ले जावा मैं
ऐथों गया न कोई खली ए
जेहड़ा बन के आया सवाली ए
बेड़िया सब दिया पार तू लावें
की जाना माजरा ए,
नी मैं यार दी दीवानी...
तू मोहन बंसी वाला है
तकदीरां बदलन वाला है
तेरा सोहना मुखड़ा हसदा है
तू सब दे दिला च वसदा है
साड़ी दुनिया तेरी दीवानी
तू राधा डा बावरा है
नी मैं यार दी दीवानी...
तेरे दर ते अलख जगावा मैं
नाले मीरा वांगु गावां मैं
छोड़ दुनिया के जंजाल सारे
तेरे चरनी लग बैह जावा मैं
सावरी सूरत देख देख के
दिल हुआ बावरा यह
नी मैं यार दी दीवानी...
Shrijirasik
राधे रानी सावरे की प्यारी है
श्यामा जू सावरे की प्यारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
1) राधा नाम की धुन जब लागे, धुन जब लागे
श्याम घूमते पीछे आगे, पीछे आगे
राधा का दीवाना बिहारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
2) बरसाना बृज की है राजधानी, है राजधानी
जहां बिराजे राधा रानी, राधा रानी
भक्तों की बिगड़ी सवारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
3) मुरली में कान्हा और सुर जब साधे, सुर जब साधे
गाती है बंसी श्री राधे राधे, श्री राधे राधे
श्यामा की महिमा भारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
4) श्यामा श्याम में भेद न कोई, भेद न कोई
चारों दिशाओं में जय जय हुई, जय जय हुई
भूलन की बाधा तारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
लीला है नारी लाडली लीला है न्यारी
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
Shrijirasik
मुझे प्यार हो गया तुमसे घनश्याम साँवरे
( तर्ज - दिल दिवाने का डोला)
मुझे प्यार हो गया तुमसे, घनश्याम साँवरे
करो दूर नही रख लो तुम अपने पास साँवरे
दिल तुमको दिया है मोहन, संभाल के तुम इसे रखना
कहीं और लगे ना प्यारे, चरणों से दबा के रखना
तेरे नाम की ज्योति
तेरे नाम की ज्योति जली है
इस दिल में साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
मैं तेरा ही हूं तेरा, हर पल तेरा ही रहूँगा
तुम भी कह दो ना मोहन, मैं तेरा ही रहूँगा
ये रिश्ता ...
ये रिश्ता तेरा मेरा टूटे ना साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
कुछ कर दो प्रभु तुम ऐसा, चरणों में बीते जीवन
कर्मो की सज़ा मिले ऐसे तेरे धाम रहूँ आजीवन
'सत्यम' की,,
सत्यम की इस अर्जी पर दो ध्यान साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
Shrijirasik
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सर पर कलगी पंख रंगीले -2
नैन नसीले होंठ रसीले -2
ताल बजावे नाचे गावें ,खूब मचावे छोर।
आजु सखी-जय हो -2
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
अगर कोई पकड़े हाथ न आवे -2
कुञ्ज निकुंञ्जों में छिप जावे -2
देख मोर की लीला सखियन -2 ह्वै गयी भाव विभोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
देख मोर का नाच किशोरी -2
नाच उठी राधा रसभोरि -2
मिले परस्पर चाँद चकोरी -2 मिल गयी नैनन कोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
मोर लियो बाहों में राधा -2
बंसीधर धरा रूप अगाधा -2
राधा दरस कर मिट गयी तड़पन -2 ‘‘मधुप’’ हरी चितचोर।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर। - 4
बोलो मोर बिहारी लाल की जय।
Shrijirasik
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी,
लै दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी
1. मन्ना मैं रोज़ हो तेरी ,इक्को आज मनले मेरी
मनां मैं रोज़ हो तेरी ,इक्को माहिया आज मनले मेरी -2
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी -2
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी -2
2. ठाकुर श्री बांकेबिहारी सपने च आया कई बारी
देखी जो सूरत सौणी सुधबुध मैं पुल गयी सारी -2
ठान लई मैं माहिया ओदे दर्शन पौण दी -2
3. दिनें मैं ओसियां पावां ,रातां नूं जाग लगावां
लग्गे पुख प्यास न मैनूं यादां बिच मुकदी जावां -2
रही परवा ना मैनू जिंदगी गवाण दी -2
ले दे टिकट मेनूं ....
4. माहिया जे सुखी तू रैणा ,मान लै ‘‘मधुप’’ दा कैणा
दीता जे जाण न मैनू ,पैजूं तैनू पछतोंणा -2
बिब्ता पैजूं तैनूं रोटियां पकोण दी -2
ले दे टिकट मेनूं ....
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी -2
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी -2
ठान लई मैं माहिया ओदे दर्शन पौण दी,
रही परवा ना मैनू जिंदगी गवाण दी ,
बिब्ता पैजूं तैनूं रोटियां पकोण दी,
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी,
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी।
Shrijirasik
यमुना किनारे श्याम आया ना करो ।
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो॥
बंसी की आवाज सुनके ग्वाले दौड़े आएंगे ,
गऊ बछड़े छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगे ,
ग्वालों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुन कर गोपी दौड़ी आएंगी ,
बालक बच्चे छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगी ,
गोपियों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुनके पंछी दौड़े आएंगे ,
चुग्गा पानी छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगे ,
पंछियों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुनके भक्त दौड़े आयेंगे ,
ढोलक बजा छोड़ कर सब दर्शन करना चाहेंगे ,
भक्तों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी कीआवाज सुनके राधा दौड़ी आएँगी ,
काम-धाम छोड़ कर वह दर्शन करने चाहेंगी ,
राधा को इतना सताया ना करो,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम...........।
Shrijirasik
हो मन बस गयो नंदकिशोर ,
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
सौंप दिया अब जीवन तोहे -2
राखो जिस विधि रखना मोहे -2
तेरे दर पे पड़ी हूँ सब छोड़ ,
बसालो वृन्दावन में -2
चाकर बनकर सेवा करुँगी -2
मधुकरी मांग कलेवा करूंगी -2
तेरे दरश करुँगी उठ भोर -2
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
अर्ज मेरी मंजूर ये करना -2
वृन्दावन से दूर न करना -2
कहे "मधुप" हरी जी हाथ जोड़ -2
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
मन बस गयो नंदकिशोर ,
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2 ।
Shrijirasik
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ -2
बाँध ली कान्हा तोसे प्रीत की डोरी।
सुलझे न मोसे अब उलझन मोरी।।-2
हरदम याद सताती है,अखियां जल बरसाती हैं। -2
कान्हा तेरी कबसे बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुजे पल-पल पुकारूँ-2
होक तेरी सुख चैन गंवाया,इसके सिवा मेने कुछ नहीं पाया -2
मोहे बस तू मिल जाए रे ,चाहे सबकुछ छिन जाए रे -2
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ -2
दिल में बिठाना चाहे चरनी लगाना,अपने करीब पर दे दो ठिकाना -2
न तोसे दूर है जाना रे ,समझ ले इतना कान्हा रे -2
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ-4 ।
Shrijirasik
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
झूठी ममता से करके किनारा,
लेके सच्चे प्रभु का सहारा,
जो उसी की राजा में रजामंद है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
निंदा चुगली ना जिसको सुहावे,-2
बुरी सांगत की रंगत ना भावे,
जिस को सत्संग हर दम पसंद है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
संत ऋषिओं की वाणी को मानो,-2
प्रेम भक्ति की महिमा को जानो,-2
जिसके हृदय में बाल मुकुंद है,-3
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है।
ओ जब तक रैणा है-2
हो असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है। -2
मेरे आगे भी कृष्ण मेरे पीछे भी कृष्ण -2
कृष्ण जिंदगी दा गैहणा है-2 हो जब तक रैहणा है। -2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैणा है।
ओ जब तक रैहणा है-2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैणा है
हो मेरे दुःख में भी कृष्ण ,मेरे सुख में भी कृष्ण
असां दुःख सुख सहना है ,जब तक रैहणा है। -2
हो जब तक रैहणा है। -2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है।
ओ जब तक रैहणा है-2
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।
हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे।। -5
श्याम प्यारे से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
Shrijirasik
श्लोक:
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम्।
वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि॥
तन में मन में बसे बिहारी, हे गिर्राजधरण वनवारी
तुम्हरे दरस को व्याकुल नैना, ढूंढें तोहे गली चौबारी
तन में मन में_ _ _ _ _
मेघ वरण मंगल करण, तुम गिर्राजधरण
बिनती सुनो मोरी हे वनवारी, रखियो लाज हमारी
तन में मन में_ _ _ _ _
कमल नयन अति कोमल चरण, हे राधारमणा
हे कृपालु भक्तन भयहारी, आए शरण तिहारी
तन में मन में_ _ _ _ _
Shrijirasik
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
रिश्ता ये तेरा मेरा , सदियों पुराना ,
फिर से रिश्ता कान्हा , हमको निभाना ,
मेरे इस मन को तो , भाए ना कोई ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
पहले भी था मैं , तेरा दीवाना ,
तेरा ये दर था , मेरा ठिकाना ,
छोड़ के इस दर को तो , जाऊ ना कही ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
बाते पुरानी कुछ , बची थी अधूरी ,
बाते वो सारी अब , करनी है पूरी ,
करने वही बाते , आया हूँ तेरी ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
Shrijirasik
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
सारे जग को हमने छोड़ा हैं ,
बस तुमसे रिश्ता जोड़ा हैं ,
अब जुड़ा रहे बंधन ये सदा,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
बरसो से हम तो भटक रहे ,
दर्शन को तुम्हारे तरस रहे ,
जब तक ना दरश तुम्हारा हो ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं, हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
हमें धन और दौलत मत देना ,
हमें नाम और शोहरत मत देना ,
बस इतनी कृपा तुम कर देना ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
चाहे सुबह हो या शाम हो ,
होठो पे तुम्हारा नाम हो ,
हम जपते रहे तेरा नाम सदा ,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
Shrijirasik
जय कृष्ण माधव नन्द-नन्दन,
मैं करूँ तेरी वन्दना ।
जय-जय मुरारी-कृष्ण-केशव,
कर रहा तेरी अर्चना॥
योग जप-तप कछु न जानूँ ,
क्या करूँ तेरी साधना ?
हे कृपानिधि ! दीन रक्षक !
सब हरो मेरी वासना ॥
मम हृदय में भक्ति भरदो,
बस यही है कामना ।
जग के माया मोह हरलो,
और कोई चाह ना ॥
जग के सब दुख दर्द देना,
पर प्रभु दो काम ना ।
हो दयानिधि भक्त वत्सल,
तो तू पार उतारना ॥
तव पद कमल मकरन्द का,
मैं भ्रमर बनना चाहता ।
लो शरण में इस कान्त को,
यह दीन होकर याचता ॥
दोहा :
मुझ दीन हीन अनाथ पे,
कृपा करो हे ईश ।
भक्ति-भाव हिय में भरो,
दया करो जगदीश ॥1 ॥
शरणागत यह कान्त है,
कर जोरे है नाथ ।
सत्यमार्ग पे वह चले,
छूटे ना तव साथ ॥2 ॥
Shrijirasik
मुरली वाले तूँ मुरली बजाना
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तर्ज़- फ़िरकी वाली
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना,
नही, तरसाना, तूँ मुरली की, तान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से, ॥
मुरली, बजाई तूने, यमुना के तट पर,
गोपीयों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, गोकुल किनारे,
ग्वालों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, वृंदावन में,
राधा, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, मधुबन में,
सखियों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
Shrijirasik
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
तुम्हारी बैरूख़ी इक दिन,हमारी जांन ले लेगी
कसम तुमको ज़रा सोचो,के दसतुरे वफ़ा क्या है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
ना जानें किस लिए दुनिया की नज़रें,फ़िर गई हमसे
तुम्हें देखा तुम्हें चाहा,कसूर इसके सिवा क्या है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
ना है फ़रियाद होटों पर,ना आंखों में कोई आसूं
ज़माने से मिला जो ग़म,उसे गीतों में गाया है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
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गोपियों ने घेर लिया तूँ
गोपियों ने, घेर लिया तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
सखियों ने, घेर लिया तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
रळ मिल, सखियाँ, पानी नूँ चल्लियाँ ॥
मट्कियाँ, फोड़े तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, न्हावण चल्लियाँ ॥
चीर, चुरावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, मधुवन चल्लियाँ ॥
रास, रचावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, वृंदावन चल्लियाँ ॥
गउआँ, चरावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, बरसाने चल्लियाँ ॥
राधा संग, रव्हे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, दही बिलोवें ॥
चोरी चोरी, खावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, खेलण होली ॥
रंग, उड़ावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
भर भर गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
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वे राधा तैनूं वाज़ां मारदी
वे राधा तैनूं, वाज़ां मारदी, वाज़ां मारदी,
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी ॥
मेरा बड़ा, औखा हो गया, औखा हो गया,
मेरा, लगदा ना, दिल बिन तेरे,
मेरा बड़ा, औखा हो गया ॥
दुनियां, तो चोरी तैनूं, दिल च वसाया ए ।
बिना, फेरियां तो तैनूं, अपना बनाया ए ॥
मेरा, लंघदा, मेरा लंघदा,
मेरा लंघदा ना, पल बिन तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरे बिना, दुख मेरा, सुनदा ना कोई वे ।
याद तैनूं, कर कर, अख जांदी रोई वे ॥
किते, पा देवे, किते, पा देवे,
किते पा देवे, बरसाने विच फेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरियां, यादां ने मैनूं, वद्ध वद्ध खा लिया ।
तेरी, तस्वीर नूं मैं, दिल च वसा लिया ॥
हुण, औंदे ने, हुण औंदे ने,
हुण औंदे ने, ख्याल मैनूं तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
गोचर, वाले दी नी तूं, सुन लै पुकार नी ।
बेड़ी, सिंदर दी कर, भव सागर तो पार नी ॥
लखवीर लिखदा, लखवीर लिखदा,
लखवीर लिखदा, ए बोल तेरे मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
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तेरे दिल में रहेंगे ओ साँवरे
( हमे, अपना, बना ले, ओ साँवरे,
तेरी, राहों में, खड़े हैं, ओ साँवरे ॥)
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे ॥
तेरे, मन में, रहेंगे... ओ साँवरे ॥
तेरे, मन में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, दीपक बनो, हम ज्योति बनें ॥
मंदिर में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, भँवरा बनो, हम कली बनें ॥
बागों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, माखन बनो, हम मिश्री बनें ॥
भोगों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, चन्दा बनो, हम सूरज बनें ॥
अम्बर, में रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, गंगा बनो, हम यमुना बनें ॥
सरयू में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, ढोलक बनो, हम मंजीरा बनें ॥
भजनों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, चंदन बनो, हम पानी बनें ॥
मस्तक पे, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, फ़ूल बनो, हम धागा बनें ॥
माला में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
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मुरली वालिया कृष्ण मुरार वे
धुन – डाची वालिया मोड़ मुहार वे
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे,
तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे॥
तेरी, मुरली तोँ, सदके मैं जानी आँ,
राधा, रानी नूँ, आप मनाऊँनी आँ॥
आ के, सुन लै तूँ, साडी वी पुकार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली, यमुना ते वज्जदी,
सारी, सखियाँ दी, जिंद एह कड्डदी॥
आ के, सानूँ वी तूँ, करदे निहाल वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली दे, योग निराले सी,
देखे, औंदे ने, जेहड़े करमा वाले सी॥
आ के, सानूँ वी सुना जा, सोहणी तान वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली ने, ऐसा जादू पाया सी,
राधा, रुक्मण दा, दिल ओहते आया सी॥
आ के, दर्शन, दिखा जा इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरे, मुखड़े तोँ, वारे वारे जानी आँ,
तैनूँ, मख्खणां दा, भोग लुआनी आँ॥
आ के, भोग लगा जा, इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
सारी, सखियाँ है, तैनूँ ही पुकारदियाँ,
तेरियाँ, राहवाँ ओह, तक तक निहारदियाँ॥
आ के, मुरली सुना जा, इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
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राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
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अब तो रह न सकूँ मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूँ
अब तो रह न सकूं मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूं
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूँ
रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू
रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू
बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूं
बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
देखूँ जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूँ तो रूह मेरी तड़पे
देखूं जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूं तो रूह मेरी तड़पे
कैसे जीऊं तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूं
कैसे जीऊँ तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना
थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना
रहे जनम जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूं
रहे जनम-जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है
जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है
है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूं
है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
बिन तेरे रह न सकूं श्याम, बिन तेरे रह न सकूं
बिन तेरे रह न सकूं
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दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ,चरणों में
थोड़ी जगह चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूं...
अज्ञानता ने डेरा जमाया,किया मन को
चंचल ऐसा लुभाया
ले लो शरण में शरण चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूं...
उठे चाहे अंधी तूफ़ान आये,मेरे मन को
भगवन डिगा नहीं पाए
विश्वाश ऐसा तेरा चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
नज़रें कर्मं गर हुई ना तुम्हारी,रहेगी
उजड़ती आशा की क्यारी
खिले फूल गुलशन सदा चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
विनती सुनों ना मेरी कन्हैयां,मिले भीख
तेरी दया की कन्हैयां
नंदू दिवाना बनुं चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
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नए साल की सबसे पहले तुम्हे बधाई डिअर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
नया साल जब जब आये है दस्तूर हमारा,
सब से पहले देते बधाई जो हो सबसे प्यारा,
इस दुनिया में तुमसे ज्यादा कौन हमारे नियर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
साल पुराना बीता श्याम रही पुरानी यादे,
तुम्हे निभाना होगा कान्हा सारे पुराने वादे,
नये साल में करदो मेरे सारे संकट क्लियर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
कहती शालू देखा है हर बार ही साल बदलते,
मगर कभी ना देखा कान्हा तेरा प्यार बदलते,
तेरे नाम का अमृत पी कर करते हम सब चीयर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
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दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
मेरा कुछ भी नही है मै तो श्याम के भरोसे पलता हु
भूल के सारी दुनियादारी श्याम का दामन थामा है
देखके इनकी रहमत भारी खुद को सुदामा माना है
श्याम चरण में स्वर्ग सा सुख है ये सच मैंने जाना है
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
ना घबराए दिल मेरा अब श्याम जो मेरे सागे है
संकट आए जब जब मुझ पर चलता आगे आगे है
श्याम के दर पर आके देखो सोई किस्मत जग जावे
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
सांसे तो बस एक वेहम है श्याम के नाम से जीता हु
प्यास लगे जब थोरी थोरी श्याम की मस्ती पीता हु
कृष्ण ये बोले अपना हर पल श्याम भरोसे जीता हु
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
मेरा कुछ भी नही है मै तो श्याम के भरोसे पलता हु
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प्रेम प्रभु का बरस रहा है
पी ले अमृत प्यासे
सातो तीरथ तेरे अंदर
बहार किसे तलाशे
कण कण में हरि क्षण क्षण में हरि
मुस्कुराओ में आणुवन
में हरि मन की आंखे तूने खोली
तो ही दर्शन पाएगा
पता नहीं किस रूप में आकर
नारायण मिल जाएगा
पता नहीं किस रूप में आकर
नारायण मिल जाएगा
नियति भेद नहीं करती
जो लेती है वो देती है
जो बोयेगा वो काटेगा
ये जग करमो की खेती है
यदी कर्म तेरे पावन है सभी
डूबेगी नहीं तेरी नाव कभी
तेरी बाह पकड़ने को
वो भेस बदल के आएगा
पता नहीं किस रूप में आकार
नारायण मिल जाएगा
पता नहीं किस रूप में आकार
नारायण मिल जाएगा
नेकी व्यर्थ नहीं जाती
हारी लेखा जोखा रखते हैं
ओरो को फुल दिए जिसने
उसके भी हाथ महकते हैं
नेकी व्यथ नहीं जाती
हारी लेखा जोखा रखते हैं
ओरो को फुल दिए जिसने
उसके भी हाथ महेकते हैं
कोई गहरी मील तो बाती बन
तू भी तो किसी का साथी बन
मन को मानसरोवर कर ले
तो ही मोती पाएगा
पता नहीं किस रूप में आकार
नारायण मिल जाएगा
पता नहीं किस रूप में आकार
नारायण मिल जाएगा
कान लगाके बातें सुन ले
सूखे हुए दरख्तों की
लेता है भगवान परीक्षा
सबसे प्यारे भक्तों की
एक प्रश्न है गहरा जिसकी
हारी को था लगानी है
तेरी श्रद्धा सोना है
या बस सोने का पानी है
जो फूल धरे हर डाली पर
विश्वास तो रख उस माली पर
तेरे भाग्य माई पत्थर है तो
पत्थर ही खिल जाएगा
पता नहीं किस रूप में आकर
नारायण मिल जाएगा
पता नहीं किस रूप मैं आकार
नारायण मिल जाएगा
पता नहीं किस रूप में आकार
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श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
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कई जन्मों से बुला रही हु कोई तो रिश्ता जरूर होगा॥
नज़रो से नज़ारे मिला ना पायी मेरी नज़र का कसूर होगा॥
तुम्ही तो मेरे मात पिता हो॥
तुम्ही तो मेरे बंदु सखा हो॥
कितने ही नाते तुम संग जोड़े,
कोई नाता तो जरुर होगा,
कई जन्मों से बुला रही हु........
कभी भुलाते हो वृदावन मे॥
कभी भुलाते हो मधुवन मे॥
अपने तो मै रोज भुलाते
मेरे घर भी आना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
तुम्हे तो मेरे आत्मा हो॥
तुम्ही तो मेरे परमात्मा हो॥
तुझी में रह कर तुझी से पर्दा
पर्दा हटना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
अखो में बस गई तस्वीर तेरी॥
दिल मेरा हो गया जागीर तेरी॥
दासी की बिनती तुम्हारे आगे
दर्श दिखना जरूर होगा
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श्री हरिदास नाम का डंका ख़ुब बजायेंगे,
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी ।जय जय श्री हरिदास दुलारी ।।
श्री हरिदास....
1. श्री हरिदास नाम की भक्ति,का तुम रंग लगालो
श्री हरिदास नाम से अपना, जीवन पवित्र बनावो
श्री हरिदास नाम से सारा जग महकायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे...
2. सब मत्रों का सार छुपा है,श्री हरिदास नाम में
श्यामा श्याम का प्यार छुपा है,श्री हरिदास नाम में
श्री हरिदास नाम की महिमा,घर-घर गायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे।
3. जी भर-भर के पीलो अम्रित,श्री हरिदास नाम का
पागल हुआ ज़माना सारा,श्री हरिदास नाम का
चित्र विचित्र स्वामी जू के,ही कहलायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे
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सावरा नचाई जानदा ए
सावरा नचाई जानदा ए
छेड़ मिट्ठी मीठी बंसरी दी तान
कमली बनाई जानदा ए
उसने ऐसा रंग चढ़ाया होई मै दीवानी आ
उस नू छड़ के मै ता सारी दुनिया तोह बेगानी आ
सच्चे प्रेम वाले , सच्चे प्रेम वाले
सच्चे प्रेम वाले भर भर जाम मैनू ओह पियई जानदा ए
उस दी धुन विच ऐसी खोई अपनी कोई होश नई
मै हा उस दे ना दी जोगन मेरा कोई दोष नई
जादू अपना चला के ,जादू अपना चला के
जादू अपना चला के श्याम होश ही भुलाई जानदा ए
सावरे तोह बढ़ के मैनू कोई होर प्यारा नहीं
हुन ता उसदे बाजों सागर मेरा कोई गुजारा नई
जेडी कदे वी न , जेडी कदे वी न
जेडी कदे वी न लथनी ए मस्ती चढ़ाई जानदा ए
मै वी एवी ता नचढ़ी नई सावरा नचाई जानदा ए
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हे योगेश्वर , हे प्राणेश्वर , हे जगदीश्वर नमो - नमो ॥
ज्ञान के दाता ,कर्म के दाता ।
भाग्य विधाता नमो - नमो ॥हे योगेश्वर ...
ज्ञान वैराग्य का दीप जला दो ।
भक्ति में तन - मन को लगा दो ॥हे योगेश्वर ...
आत्म तत्व का बोध करा दो ।
माया का यह भ्रम समझा दो ॥हे योगेश्वर ...
हे योगेश्वर नमो - नमो
हे प्राणेश्वर नमो - नमो
हे जगदीश्वर नमो - नमो
नमो - नमो , नमो - नमो ,
नमो - नमो...॥
Shrijirasik
जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
मैं मूरख और अज्ञानी करता आया मनमानी
मेरे सारे दोस भुला दो तुमसा न दयालुदानी
एक बारी तेरा मुझ पर यह एहसान हो जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
यह धन दौलत की माया और पंचतंत्र की काया
सब छोड़ पड़ेगा जाना किसने कब साथ निभाया
जब दम निकले मुझे लेने मेरा श्याम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
ऋषियों ने यही कहा है वेदों में यही लिखा है
तेरा सुमिरन कर करते-करते जिसे जग छोड़ दिया है
भक्त वो सीधा ही तेरे धाम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
Shrijirasik
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा,
श्याम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन गोविंदा,
तू ही नटवर तू ही नागर, तू ही नटवर तू ही नागर,
तू ही बाल मुकुन्दा, भजो रे मन गोविंदा,
सब देवन में कृष्ण बड़े हैं, सब देवन में कृष्ण बड़े हैं,
जो तारों बिच चंदा, भजो रे मन गोविंदा,
सब सखियों में राधाजी बड़ी हैं, सब सखियन में राधाजी बड़ी हैं,
ज्यूँ नदियन बिच गंगा, भजो रे मन गोविंदा,
ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे, ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे,
नरसिंह रूप धरंदा, भजो रे मन गोविंदा,
काली देह में नाग जो नाथो, काली देह में नाग जो नाथो,
फण फण निरत करंदा, भजो रे मन गोविंदा,
वृन्दावन में रास रचायो, वृन्दावन में रास रचायो,
नाचत बाल मुकुन्दा, भजो रे मन गोविंदा,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
काटो जम का फंदा, भजो रे मन गोविंदा,
Shrijirasik
करो कृपा ना कर देरी...
करो कृपा ना कर देरी
फंसी नैया हमारी है
बढ़ाया चीर द्रौपदी का
सभा में लाज जाती थी
पुकारा एक क्षण उसने
बचाई लाज तुम ने ही
करो कृपा, ना कर देरी...
बंधे प्रहलाद खंभे से
जान उनकी चली जाती
भक्त पर कर दया प्रभु जी
बचाई जान तुमने ही
करो कृपा, ना कर देरी...
लगाया कंठ मीरा ने
पिया विष ध्यान तेरा कर
रहा ना विष, बना अमृत
करी लीला ये तुमने ही
करो कृपा, ना कर देरी....
फंसी बीचधार में नैया
अथाह जल से भरी नदियां
लगाए टेर हम प्रभु को
दिया ये ज्ञान तुमने ही
करो कृपा ना कर देरी
फंसी नैया हमारी है
Shrijirasik
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
भोर होत मेहलन में थारी,
सेवा में निस जाऊं,
मंगला के नित दर्शन पाऊं,
जीवन सफल बनाऊं,
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
पड़ी रहू मैं द्वार तिहारे,
रसिकन दर्शन पाऊं,
भक्तन की रज धूलि मिले तो,
अपने शीश चढाउँ,
किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो,
लाड़ली द्वारे रख लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
भूख लगे तो ब्रजवासिन के,
टूक मांग के खाऊं,
कबहु प्रसादी श्री महलन की,
कृपा होए तो पाऊं,
किशोरी मेरी विनय मान लीजो,
लाडली विनय मान लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे राधे रटूं निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
श्यामा श्यामा रटु निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
तेरे ही गुण गाए गाए मैं,
तेरी ही होय जाऊं,
किशोरी मोहे अपनों कर लीजो,
लाड़ली अपनों कर लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
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श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण।
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----- श्री बांके बिहारी -----
श्याम सलोने बांके बिहारी , महिमा इनकी सबसे न्यारी ।
सर पे इनके मोर मुकुट हैं , हाथो में हैं मुरली प्यारी ।।
मुरली पे जब तान ये छेड़े , भक्त सभी आते हैं दौड़े ।
कुंज गलिन में बैठे बिहारी , दर्शन देते बारी बारी ।।
दर्शन इनके सबसे निराले , बार बार पर्दा ये डाले ।
परदे में छुप छुप के देखो , करते हैं ये खेल निराले ।।
खेल खेल में पूतना मारी , खेल खेल में कुब्जा तारी ।
खेल खेल में कंश को मारा , खेल खेल में सबको तारा ।।
तारण हारे , पालन हारे , हारे हुए के ये हैं सहारे ।
जो भी इनको दिल से पुकारे, उसके बन जाते हैं सहारे ।।
प्रेम भाव से ये हैं रीझते , भक्ति भाव से ये हैं मिलते ।
मीरा जैसा प्रेम करो तो , विष को भी अमृत कर देते ।।
ब्रज की इनको मिट्टी प्यारी , माखन के रसिया ये बिहारी ।
माखन मिश्री भोग लगाओ , प्रेम भाव से इन्हे खिलाओ ।।
हाथ जोड़कर कर लो विनती , मांग लो इनसे सच्ची भक्ति ।
इनकी भक्ति मिल जाये तो , भवसागर से मिलेगी मुक्ति ।।
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सबसे ऊंची प्रेम सगाई...
सबसे ऊंची प्रेम सगाई
सबसे ऊंची प्रेम सगाई
दुर्योधन की मेवा त्यागी, साग विदुर घर खाई
दुर्योधन की मेवा त्यागी, साग विदुर घर खाई
सबसे ऊंची...
जूठे फल शबरी के खाए, प्रेम विवश रघुराई
जूठे फल शबरी के खाए, प्रेम विवश रघुराई
सबसे ऊंची...
प्रेम के वश अर्जुन रथ हांका, भूल गए ठकुराई
प्रेम के वश अर्जुन रथ हांका, भूल गए ठकुराई
सबसे ऊंची...
ऐसी प्रीत बढ़ी वृंदावन, गोपियन नाच नचाई
ऐसी प्रीत बढ़ी वृंदावन, गोपियन नाच नचाई
सबसे ऊंची...
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कृष्ण जिनका नाम है...
कृष्ण जिनका नाम है, गोकुल जिनका गांव है
ऐसे श्री भगवान को, बारंबार प्रणाम है
यशोदा जिनकी मैया है नंद जू बपय्या है
ऐसे श्री गोपाल को, बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
लूट-लूट दही माखन खाने ग्वालन के संग धेनू चरावे
ऐसे लीला धाम को, बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
द्रुपद सुता की लाज बचायो ग्राह से गज का फंद छुड़ायो ऐसे कृपा निधान को बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
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बड़ी देर भई नंदलाला...
बड़ी देर भई नंदलाला, तेरी राह तके ब्रजबाला
ग्वाल बाल एक-एक से पूछें, कहां है मुरली वाला रे ॥
कोई न जाए कुंज गलिन में, तुझ बिन कलियां चुनने को तरस रहे हैंऽऽ जमुना के तट, धुन मुरली की सुनने को अब तो दरश दिखा दे रे नटखट, क्यों दुविधा में डाला रे बड़ी देर भई....
संकट में है आज वो धरती, जिस पर तूने जन्म लिया पूरा कर देऽऽऽ आज वचन वो, गीता में जो तूने दिया कोई नहीं है तुझ बिन मोहन, भारत का रखवाला रे बड़ी देर भई...
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गोपाला तेरा प्यारा नाम है...
श्री राधे गोविंदा, गोपाला तेरा प्यारा नाम है।
गोपाला तेरा प्यारा नाम है, नंदलाला तेरा प्यारा नाम है
मोर मुकुट माथे तिलक विराजे, गल वैजंती माला
कोई कहे वसुदेव के नंदन, कोई कहे नंदलाला
गोपाला तेरा प्यारा नाम...
जमुना किनारे कृष्ण कन्हैया, मुरली मधुर बजावे
ग्वाल बाल के संग में कान्हा, माखन मिश्री खावे
गोपाला तेरा प्यारा नाम...
चुरा-चुरा नित माखन खाकर, माखन चोर कहाए
वृंदावन में रास रचाकर, गोपियन के मन भाए
गोपाला तेरा प्यारा नाम...
अर्जुन का रथ तुमने हांका, भारत भई लड़ाई
नाम को लेकर विष को पी गई, देखो मीरा बाई
गोपाला तेरा प्यारा नाम...
द्रौपदी ने जब तुम्हें पुकारा, साड़ी आन-बढ़ाई
भक्तों की खातिर आप बने,प्रभु आकर नंदा नाई
गोपाला तेरा प्यारा नाम...
इंद्र कोप कियो ब्रज ऊपर, नख पर गिरवर धारयो
माता पिता की बंदी छुड़ाकर मामा कंस को मारयो
गोपाल तेरा प्यारा नाम...
जल में गण को गाह ने घेरा, जल में चक्र चलाए
जब-जब भीर पड़ी भक्तों पर,नंगे पांवों आए
गोपाला तेरा प्यारा नाम...
दुर्योधन के मेवा त्यागे, साग विदुर घर खाए
ऐसे प्रेम पुजारी प्रभुजी, भक्तों के मन भाए
गोपाला तेरा प्यारा नाम...
नरसी के सब कारज सारे, मुझको मत बिसरायो
जन्म-जन्म का तेरा सेवक, तेरा ही नाम पुकारयो
गोपाला तेरा प्यारा नाम .....
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चांदी की दीवार...
चांदी की दीवार को तोड़ा, मीरा ने घर छोड़ दिया
इक धनवान की बेटी ने, गिरधर से नाता जोड़ लिया चांदी की दीवार...
नाचे गाए मीराबाई, लेकर मन का इक तारा
पग में घुंघरू, गल में माला, भेष जोगिया धारा
राणा कुल की आन बान को, मीरा जी ने तोड़ दिया चांदी की दीवार...
भक्ति ज्ञान था इकतारा में, हर घुंघरू में नाद भरा
हर गायन में बसे कन्हैया, भक्ति भाव का स्वाद भरा ज्योति से ज्योति मिला ली उसने, सबसे नाता तोड़ दिया चांदी की दीवार...
सास कहे कुल नासी मीरा, लागे गले में फांसी रे
कैसे जीना होगा मेरा, जग करता है हांसी रे
मन के पिया जोगनियां ने, तन के पिया को छोड़ दिया चांदी की दीवार...
सांप पिटारा राणा भेजा, हार मौत के सूलों का
हंसकर के मीरा ने पहना, हार बन गया फूलों का
प्रेम दीवानी मीरा देखो, मोह का बंधन तोड़ दिया चांदी की दीवार...
पी गई मीराबाई देखो, राणा के विष का प्याला
कौन बिगाड़ सका उसका, जिसका गिरधर रखवाला गिरधर के रंग में मीरा ने, जग से नाता तोड़ दिया
चांदी की दीवार...
श्याम शरण में जो जाते हैं, श्याम के वो बन जाते हैं भक्त दयालु ईश भजन में मीरा के गुण गाते हैं
भवसागर से तर गई मीरा, देह का बंधन तोड़ दिया
चांदी की दीवार...
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रसना हरि हरि तूं बौल,हरि हरि तूं बौल
रसना हरि हरि तूं बौल
रसना....
हरि नाम में बड़ा आंनद है,
आंनद अनोखा पाये कोई
रसना हरि हरि तूं बौल,हरि हरि तूं बौल
रसना हरि हरि तूं बौल
रसना....
हरि नाम मीरा ने गाया,सहज मुक्ति पाई
रसना हरि हरि तूं बौल,हरि हरि तूं बौल
रसना हरि हरि तूं बौल
रसना....
हरि नाम धंनै ने गाया,
सहज हरि को पाया
रसना हरि हरि तूं बौल,हरि हरि तूं बौल
रसना हरि हरि तूं बौल
रसना....
हरि नाम शबरी ने ध्याया,
हरि का दर्शन पाया
रसना हरि हरि तूं बौल,हरि हरि तूं बौल
रसना हरि हरि तूं बौल
रसना....
हरि नाम तूं भजले धसका,
सफल बनाले काया
रसना हरि हरि तूं बौल,हरि हरि तूं बौल
रसना हरि हरि तूं बौल
रसना....
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रंगण वालिया रंगीला
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन रंग दे ॥
ओ मेरा, मन रंग दे, अंग अंग रंग दे ॥
ऐसा, रंग नयारा रंगी, लोकों हो जाण दंग वे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें लाल, मैं हो जावां निहाल ॥
ओ तैनूं, देखां, राधा नाल, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें पीला, मैं देखां तेरी लीला ॥
ओ तैनूं, देखां, छैल छबीला, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें असमानी, मैं हो जावां दीवानी ॥
ओ तेरी, लिखां प्रेम कहानी, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें हरे, मैं आवां तेरे द्वारे ॥
ओ तेरे, देखां अजब नज़ारे, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें काला, मैं हो जावां मतवाला ॥
ओ तेरे, नाम दी जपां माला, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें कृष्णा, मेरी मिट जावे तृष्णा ॥
ओ मैं, देखां राधे कृष्णा, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें रंग गुलज़ार, तैनूं जपां मैं कृष्ण मुरार ॥
ओ जग विच, आवां ना बारंबार, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
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तेरी मुरली ने सानूं पागल बना दिया
खिच्च के, लियावे तेरी, मुरली दी तान वे ।
मुरली दी, तान ते मैं, जावां कुर्बान वे ॥
कान्हा तेरी, मुरली ने, रोग एह लगा दिया ॥
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ।
तेरी, मुरली ने सानूं, पागल बना दिया ॥
पहली, वारी गई सी मैं, मस्तां दे वेहड़े विच ।
दूजी, वारी आई सी मैं, मस्तां दे घेड़े विच ॥
तीजी, वारी मस्तां ने, जाल ऐसा पा लिया ॥
माएं, नी माएं मैनूं, मस्त बना लिया ॥।
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा,
सानूं, ते नच्चणा, नहीं आउंदा ॥
तेरे, इश्क दी, ऐसी मस्ती ने ॥
सानूं, ते दस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
जो वी, आवे तेरे सवाली, तैनूं देना पैंदा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
तेरे, वरगा, यार नी मिलणा,
तेरे, वरगा, प्यार नी मिलणा ॥
तेरे, वरगा, यार नी मिलणा,
तेरे, वरगा, प्यार नी मिलणा ॥
तेरे, करके, हस्स रहियां ॥
सानूं, ते हस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
मैं, कोझी आं तूँ, सोहणा एं ॥
तेरे, वरगा, होर ना, होणा एं ॥
असीं, तेरे करके, वस्स रहे आं ॥
सानूं, ते वस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा...
तेरे बाझों, ओ दिल दियां, महरमां वे,
साडा जीणा, केहड़े चज्ज दा ॥
मेरे लूं लूं विच, मेरी नस नस विच ॥
तेरी, याद दा तूंबा, वज्जदा वे, आजा,
अखियां उडीकदियां, दिल वाज़ां मारदा ॥
आजा, तैनूं वास्ता ए, दिल एह पुकारदा,
आजा तैनूं अखियां उडीकदियां ॥
नित्त, खैर मंगां ॥। सोहणियां मैं तेरी,
दुआ ना कोई होर मंगदी ॥
तेरे, पैरां च, आखिर होवे मेरी ॥
दुआ ना, कोई होर मंगदी,
नित्त, खैर मंगां ॥। सोहणियां मैं तेरी...
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ॥
कान्हा तेरी, मुरली ने, रोग एह लगा दिया ॥
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ॥
तेरी, मुरली ने सानूं, पागल बना दिया
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तेरे नाम की चढ़ गई ख़ुमारी
तेरे, नाम की, चढ़ गई ख़ुमारी,
वृंदावन, रहने वालिया ॥
ओ वृंदावन, रहने वालिया,
वृंदावन, रहने वालिया ॥
तेरे, रूप ने, मत मेरी मारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
स्वामी, हरि दास दे, बांके दुलारिया ।
ओ रसिया, रस रूप, उजियारिया ॥
ओ तेरी, आशिक, दुनिया सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
जदों दा, वेखिया मैं, तेरा वृंदावन ऐ ।
लगन, तेरी च मन, रहिंदा मगन ऐ ॥
ओ मैनूं, भूल गई, दुनिया सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
जा तूँ, एथे आजा या, मैनूं ओथे सद्ध लै ।
मधुप, सखी नूं बस, चरणां च रख लै ॥
ओ मेरी, कट जाए, विपता सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
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तरज़-कौंन दिशा को लेके चला रे बटोहिया
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
कितने जनम की तपस्या है ये,
मिल गया है बृज़ धाम हो
धाम मिला विश्राम मिला है,
जीवन को आराम हो
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के... 2.
बरसानों है धाम रगिंलो,
जहां बिराजे सरकार हो
बृज़ मण्डल की है महारानी,
राधा रगिंली है नाम हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
मन में तूं विश्वास जगाले,
पुरण होगी तेरी आस हो
श्री हरिदास शरण में रसका,
धसका मिले बृज़ वास हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
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मेरो मन वृंदावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको,
बनके जोगन डोलत ब्रज में, बन के जोगन डोलत ब्रज में,
पीवत यमुना जल को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको
मेरो मुझ में कुछ ना मोहन, तेरी मिट्टी तेरो कण कण,
मेरो मुझ में कुछ ना मोहन, तेरी मिट्टी तेरो कण कण,
वृंदावन की कुंज गलिन में, वृन्दावन की कुंज गलिन में,
मिल जाओ प्रभु मुझको,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ...
इस जोगन के तुम हो साजन, करना है सब आत्म समर्पण,
इस जोगन के तुम हो साजन, करना है सब आत्म समर्पण,
अंत समय आनंद मिले मोहे, अंत समय आनंद मिले मोहे,
बस वेणु के रस को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ....
याद में तोरी भई बावरी, सुध लो मोरी कुंज बिहारी,
याद में तोरी भई बावरी, सुध लो मोरी कुंज बिहारी,
अब आओ मेरे प्राण पियारे, अब आओ मेरे प्राण पियारे,
अपनाओ या जन को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको.
मेरो मन वृंदावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको,
बनके जोगन डोलत ब्रज में, बन के जोगन डोलत ब्रज में,
पीवत यमुना जल को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ...
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छीन ले, छीन ले, छीन ले, छीन ले
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
राधा रमण मेरो राधा रमण जी
राधा रमण मेरो राधा रमण
राधा रमण मेरो राधा रमण जी
राधा रमण मेरो राधा रमण
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
मुखड़े को देख कोटि चंदा लजाये
घुंघराली लट पे घटायें वारी जाये
मुखड़े को देख कोटि चंदा लजाये
घुंघराली लट पे घटायें वारी जाये
घटायें वारी जाये, घटायें वारी जाये
घटायें वारी जाये, घटायें वारी जाये
याके जादू, याके जादू
याके जादू भरे दो नयन
सखी रे मेरो राधा रमण
पतली कमर किन्तु अंग है रखीले
अधरों पे अमृत है नैना नशीले
पतली कमर किन्तु अंग है रखीले
अधरों पे अमृत है नैना नशीले
नैना नशीले, नैना नशीले
नैना नशीले, नैना नशीले
थोडा बचपन, थोडा बचपन
थोडा बचपन थोडा यौवन
सखी रे मेरो राधा रमण
फूलन की सोहे गले माला वैजन्ती
कमरिया काली और पटका बसंती
फूलन की सोहे गले माला वैजन्ती
कमरिया काली और पटका बसंती
पटका बसंती, पटका बसंती
पटका बसंती, पटका बसंती
याके पैंजनिया, याके पैंजनिया
याके पैंजनिया बाजे झरम
सखी रे मेरो राधा रमण
राधा हृदय में करे रमण बिहारी
दोवन की एक छवि लागे अतिप्यारी
राधा हृदय में करे रमण बिहारी
दोवन की एक छवि लागे अतिप्यारी
लागे अतिप्यारी, लागे अतिप्यारी
लागे अतिप्यारी, लागे अतिप्यारी
राधा बिजली के, राधा बिजली के
राधा बिजली के साथ श्याम घन
सखी रे मेरो राधा रमण
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रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
बस एक झलक पाके जाग ये तर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
तेरे एक इशारे पे सब कुछ कर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
तू मेरा है बस मैं सबको बतलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
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तू सुमिरन कर राधे राधे, तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे ।
राधा के पीछे श्याम स्वं तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥
श्री राधे राधे राधे बोलो श्री राधे ।
राधा बिन सूना सांवरिया,
राधा बिन फीकी बाँसुरिया ।
राधा बिन भक्ति रस ही नहीं,
हम राधा के गुण गायेंगे ॥
ब्रजमंडल की गरिमा राधा,
राधा बिन प्रेम शब्द आधा ।
कितना भी कृष्ण का ध्यान धरो,
बिन राधा याद आयंगे ॥
ब्रजवास यदि तुम चाहोगे,
तो राधे राधे गाओ रे ।
श्री राधे कृपा जो कर देंगी,
तो कृष्ण तुम्हे अपनाएंगे ॥
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बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा
कहो तो भगवा भेष
कहो तो मोतियन मांग भरावा
कहो छिटकावा केश
बाला मैं बैरागन हूंगी
प्राण हमारा वह बसत है
यहाँ तो खाली खोड़
मात पिता परिवार सहूँ है
कही ये दिन का तोड़
बाला मैं बैरागन हूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
Shrijirasik
जय प्राणधन राधारमण...
श्री गोपाल भट्ट जू के लाडले...!!
जय श्याम सुन्दर..अधर मुरली,
बजत तानन आडिले
जय प्राणधन राधारमण....!!
जय मोर मुकुट, झुकोये बाँये..
पीत अम्बर राजहि...
जय मकर कुण्डल, श्रवण झूमें ,
गण्ड मंडल भ्राजहि !!
जय प्राणधन राधारमण....
श्री गोपालभट्ट जू के लाडले..
जय बंकनयन, मधुर बैनन ,
मन्द मुस्कनी मुख सजे...
जय वैजयंती माल उर,
कटि किंकणि कल धुन सजे..
जय प्राणधन राधारमण...!!
जय कर कमल लकुटी सुरंगी ,
नव् त्रिभंगी छवि लसै...
जय चरण कमलंन नुपुरन सुर..
मञ्जरी गुण मन बसै..
जय प्राणधन राधारमण
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मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
आई वो नगर में गली में डगर में भगति से वो मालामाल कर दियां,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
भक्ति का मीरा को वयोग लगा भारी,
छोड़ दिया घर बार छोड़ दी दुनिया सारी,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
कान्हा से प्रेम का रोग है भारी,
मीरा दीवानी को जाने दुनिया सारी,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
सँवारे ने कैसे ज्ञान बताया भक्तों ने सब को गा के सुनिया,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
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रथयात्रा
(रथयात्रा की कोटिन-कोटि बधाई)
जगन्नाथ जी की निकली सवारी
धुन- मुझे रास आ गया है तेरे दर पे सर झुकाना
देखो जी जगन्नाथ की, रथ यात्रा है आई।
सज-धज के बैठे रथ में, इक बहन अरू दो भाई।।
देखो जी.........
सोने का रथ बना है, जड़े हीरे रत्न मोती।
दिव्य झांकी दिव्य शिंगार की, शोभा कही न जाई॥
देखो जी.........
स्वागत को सज गई है, सारी पुरी नगरिया,
रंग रस बरस रहे है, महकी है पुरवाई॥
देखो जी.........
रथ साथ संत भगत है, पीछे पीछे खुदाई।
रथ खींचे नाचे गावें, प्रभु को सब रिझावें,
हरिनाम की ‘‘मधुप हरि’’ गुंजार दे सुनाई॥
देखो जी.........
Shrijirasik
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठानी है
यह तो जाने दुनिया सारी है
राजाओ के राजा, महारानी की रानी,
सर मोर मुकुट साजे ।
जोड़ी बड़ी प्यारी, दरबार है प्यारा,
राधा के संग साजे ।
सोने पल में सेठ, सोने पल में सेठानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
सांवरिया राधा जी, भक्ता पे है राजी,
करे घणो लाड है ।
भण्डार लुटावे है, हर बात बनावे है, भक्ता रा ठाट है,
देवे छपर फाड़, नहीं इनसो कोई दानी है ।
यह तो सारी दुनिया जानी है...
सुख दुःख में सावरिया, सुख दुःख में राधा जी,
सदा तेरे साथ है ।
मेरी चिंता दूर करे, मेरी विपदा दूर करे,
रख लेवे बात है ।
भक्ता रोतो काम बस इक हाजरी लगानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
Shrijirasik
दिल मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
देखते ही देखते सवेरा हो गया,
ब्रिज मंडल की भूमि प्यारी वस्ते यहाँ कुञ्ज बिहारी ,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
कृष्ण कन्हियाँ राधा प्यारी युगल छवि पर जाऊ बलिहारी,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
जब से मेरे दिल को भाया रोम रोम में श्याम को पाया ,
नंदू सांवरिया ने दर पे कर लिया
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
Shrijirasik
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
राह तके मेरे नैन ,
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
स्नेह की डोरी तुम संग जोड़ी,
हम से तो न ही जाए गी तोड़ी,
हे मुरलीधर कृष्ण मुरारी तनिक न आवे चैन,
रहात तके मेरे नैन,
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
जन्म जन्म से कुञ्ज निहारु बोलो किस विध तुमको पुकारी,
हे नटनागर हे गिरधारी आह न पावे बैन,
राह तके मेरे नैन
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
Shrijirasik
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल,
तुम बिन रह्यो न जाय हो ॥
बृजराज लडेतोलाडिले ॥
बंक चिते मुसकाय के लाल,
सुंदर वदन दिखाय ॥
लोचन तल पे मीन ज्यों लाल,
पलछिन कल्प बिहाय हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
सप्त स्वर बंधान सों लाल,
मोहन वेणु बजाय ॥
सुरत सुहाइ बांधिके नेक,
मधुरे मधुर स्वर गाय हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
रसिक रसीली बोलनी लाल,
गिरि चढि गैयां बुलाय ॥
गांग बुलाइ धूमरी नेंक,
ऊँची टेर सुनाय हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
दृष्टि परी जा दिवसतें लाल,
तबते रुचे नहिं आन ॥
रजनी नींद न आवही मोहे,
बिसर्यो भोजन पान हो ॥
दर्शन को यनुमा तपे लाल,
बचन सुनन को कान हो ।
मिलिवे को हीयरो तपे मेरे,
जिय के जीवन प्राण हों ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
मन अभिलाषा ह्वे रही लाल,
लगत नयन निमेष ॥
एकटक देखूं आवतो प्यारो,
नागर नटवर भेष हों ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
पूर्ण शशि मुख देख के लाल,
चित चोट्यो बाही ठोर ॥
रूप सुधारस पान के लाल,
सादर चंद्र चकोर हो ॥
लोक लाज कुल वेद की लाल,
छांड्यो सकल विवेक ॥
कमल कली रवि ज्यों बढे लाल,
क्षणु क्षणु प्रीति विशेष हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
मन्मथ कोटिक वारने लाल,
देखी डगमग चाल ॥
युवती जन मन फंदना लाल,
अंबुज नयन विशाल ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
यह रट लागी लाडिले लाल,
जैसे चातक मोर ॥
प्रेम नीर वर्षाय के लाल,
नवघन नंदकिशोर हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
कुंज भवन क्रीडा करे लाल,
सुखनिधि मदन गोपाल ॥
हम श्री वृंदावन मालती लाल,
तुम भोगी भ्रमर भूपाल हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
युग युग अविचल राखिये लाल,
यह सुख शैल निवास ॥
श्री गोवर्धनधर रूप पें,
बलजाय चतुर्भुज दास ॥
Shrijirasik
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना,
मेरे ओ मोहना मेरे ओ सोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम चंदन बनो मैं पानी बनू,
सत्संग में मिलूंगी ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना....
तुम दीपक बनो मे बाती बनो,
ज्योति में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम चंदा बनो हम तारे बने,
रातों में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम मुरली बनो उसकी सुर मैं बनू,
अधरों पर मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम मोती बनो हम धागा बने,
माला में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम वक्ता बनो मैं श्रोता बनूं,
भागवत में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
बांके बिहारी जी के,
भक्तो को मेरा प्रणाम,
लिखा है जिन्होंने,
जीवन बिहारी जी के नाम,
ब्रज मंडल के संतो को मेरा प्रणाम,
लिखा है जिन्होंने,
जीवन बिहारी जी के नाम ॥
वो नाम देव की मस्ती,
बैठा है भुला के हस्ती,
कण कण में दिख रहा प्यारा,
कुकर में रूप निहारा,
विठ्ठल विठ्ठल गाते गाते,
कर दी जीवन की शाम,
लिखा है जिन्होंने,
जीवन बिहारी जी के नाम॥
वो धन्ना भक्त अनोखा,
पत्थर में हरी को देखा,
हरी दौड़े दौड़े आए,
खेतो में हल को चलाए,
निर्मल हृदय से पुकारा,
उसने हरी का नाम,
लिखा है जिन्होंने,
जीवन बिहारी जी के नाम ॥
इक प्रेम दीवानी मीरा,
कोई समझ ना पाया पीड़ा,
ऐसी भई श्याम दीवानी,
हुई उसकी अमर कहानी,
पि गई विष का प्याला,
लेके गिरवर धारी का नाम,
लिखा है जिन्होंने,
जीवन बिहारी जी के नाम॥
हरी भक्तो के गुण जो गाए,
उन्हें सहज हरी मिल जाए,
भवसागर से तरने का,
नहीं दूजा कोई उपाय,
‘चित्र-विचित्र’ हरी,
भक्तो के रहेंगे गुलाम,
लिखा है जिन्होंने,
जीवन बिहारी जी के नाम॥
बांके बिहारी जी के,
भक्तो को मेरा प्रणाम,
लिखा है जिन्होंने,
जीवन बिहारी जी के नाम,
ब्रज मंडल के संतो को मेरा प्रणाम,
लिखा है जिन्होंने,
जीवन बिहारी जी के नाम।।
Shrijirasik
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी,
आज हमको हमारा सनम मिल गया,
दर्द पैदा हुआ आज उनको मेरा,
मेरा उजड़ा हुआ फिर चमन खिल गया,
नाचते-नाचते मेरा गाने लगे....
हाथ रख कर के सर पर प्रभु पूछते,
क्यों दीवानी हो तूने बुलाया मुझे,
तेरी आवाज ने चैन सबको दिया,
शेष शैया पर आसन मेरा हिल गया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
मेरी ख्वाहिश है अपने सनम से मिलूं,
इस तमन्ना में मैंने जहर पी लिया,
सर्प से जब श्रीमाला बनी फुलकी,
तेरा परिचय दो हमने तभी पा लिया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
एक दिन मन में यूं सोचने में लगी,
अपने भक्तों से जाकर में कैसे मिलूं,
गम की दरिया में जाकर में बहने लगी,
बहते बहते किनारा मुझे मिल गया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
Shrijirasik
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,
जिंदगी, बिहारी जी के नाम
हे लिख दी मैंने
हो कर दी मैंने
जिंदगी, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,,,,
ऐ मेरे, बांके बिहारी,
आप ही, मेरी जिंदगी ll
ऐसी कर दो, अब कृपा,
करता रहूं, तेरी बंदगी ll
ये दीवानगी, मेरी आशिक़ी ll,
सब कुछ, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,
तड़पे पल पल, अब मिलन को,
प्यासी मेरी जिंदगी l
तेरे हाथों, सौंप दी,
प्यारे, मैंने ये जिंदगी ll
धड़कन, तड़पते दिल की ये ll,
अर्पण, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,
जिंदगी को, जिंदगी का,
आखिरी, अरमान है l
‘चित्र विचित्र’ की, जिंदगी,
जिंदगी पे भी, कुर्बान है ll
पागल, का पागल प्यार है
*बांके, बिहारी जी के नाम,..
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,
Shrijirasik
गोवर्धन गिरधारी
सुध लेना हमारी,
लेना हमारी सुध,
लेना हमारी,
आए शरण तिहारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
कुण्डल की छवि न्यारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन.........
तुम बिन हमरी कौन खबर ले,
तुम बिन हमरी कौन खबर ले,
मेरे बांके बिहारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
भरी सभा में द्रोपदी पुकारे,
भरी सभा में द्रोपदी पुकारे,
आ रखना लाज हमारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
संतन के हितकारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
Shrijirasik
सब कुछ दिया है तुमने इतना और सरकार देदो
यह हटा के प्यार सबका अपना ही प्यार देदो
मैं ढूंढूं जंगलों में बस्ती में तुझको ढूंढूं
गर हो सके तो मुझको अपना दीदार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
ऐसी पिला दे मुझको खुद तक को भूल जाऊं
अपनी मस्ती भरी हुयी चितवन का खुमार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
लुट गयी है दिल की दुनिया यह झूठा प्यार करके
मिलने की है तमन्ना मुझको करार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
गर हो गए मेहरबान पागल पे नंदनंदन
यह छुड़ा के द्वार झूठा अपना वो द्वार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
Shrijirasik
मुझको राधा रमन, करदो ऐसा मगन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ।
करुणानिधान मोपे कृपा कर रिझिए,
बृज में बसाके मोहे सेवा सुख दीजिए ।
प्रेम से भरदो मन, गाउँ तेरे भजन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
भाव भरे भूषणो से आपको सजाऊँ मैं,
नितनव् भोज निज हाथों से पवाऊं मैं ।
करो जब तुम शयन, दाबू तुमरे चरण,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
जब भी विहार करो, प्यारी संग सांवरे,
फूल बन जाऊं जहां, धरो तुम पाँव रे ।
बनके शीतल पवन छू लूँ तेरा बदन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
तुम्हे देख जीऊं तुम्हे देख मर जाऊं मैं,
जनम जनम तेरा दास ही कहाऊं मैं ।
रख लो अपनी शरण, करदो मन में रमन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
Shrijirasik
अकेली गई थी ब्रिज में कोई नही था मेरे मन में,
मोर पंख वाला मिल गया....
नींद चुराई बंसी बजा के चैन चुराया सैन चुरा के,
लग आस मेरे मन में गई थी,
वृंदावन में बांसुरी वाला मिल गया,
मोर पंख वाला मिल गया....
उसी ने बुलाया उसी ने रुलाया,
ऐसा सलोना श्याम मेरे मन भाया,
तेरी बांकी चाल देखी तेरा मुकट भी देखा,
टेढ़ी टांग वाला मिल गया,
मोर पंख वाला मिल गया....
बांके बिहारी मेरे हिर्दय में वस जाओ,
तेरे बिन श्याम सुंदर कहा चैन पाऊ,
लगन लगी तन मन में ढूंड रही मैं निधि वन में,
गउएँ वाला मिल गया मोर पंख वाला मिल गया.....
Shrijirasik
जिसके जप तप से मिलता है, तन मन को आराम,
वो राधा का श्याम, वो मीरा का घनश्याम,
सारे जग का एक खेवैया, सबका पार लगैया,
मीरा का घनश्याम कहे कोई, राधा का वो कन्हैया,
सबके मन को शीतल करता, वो प्यारा सा नाम ll
राधा का वो रास रचैया, मीरा के करुणाकर,
धन्य किया मीरा को प्रभु ने, अपना दरश दिखाकर,
अमर हुए हैं भक्त प्रभु के, करे जो ऐसा काम ll
राधे श्याम की मूरत जग में, लगती बड़ी सुहानी,
मीरा जैसी भक्ति रंग में, डूबे जो भी प्राणी,
तन मन धन से रहे समर्पित, प्रभु में आठों याम ll
Shrijirasik
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
तेरी मुक्ति का साधन यही है,
गुणी संतो का कहना सही है,
तेरे कष्टों को निवारे,
तुझको तारे हाँ उबारे,
तेरे ही शुभ करम।
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
काल जब आए तुझको ले जाने,
मुँह फेर लेंगे अपने बेगाने,
सच्चा साथी वो ही माटी,
जिसका दुनिया नाम गाती,
प्रभु की ले लो शरण
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
विषयो में मन को तू ना लगाना,
अंत समय में पड़े पछताना,
कीमती ये स्वास तेरी,
लाभ उठा ले कर ना देरी,
यही है तेरा धरम
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
Shrijirasik
खूबसूरत हैं आंखे तेरी सांवरे इक नज़र देख ले,
खुद वखुद नींद आ जाएगी प्यार से तू जरा देख ले,
दिल की गहराइयों ने छुआ है,
सांवरे इश्क तुमसे हुआ है,
मेरे इस दिल में चाहत तेरी कर गई क्या असर देख ले,
द्वार पे तेरे आना हुआ है,
मेरा दिल भी दीवाना हुआ है,
मर गए हम मोहब्बत में तेरी तुझको कुछ ना खबर देख ले,
दुनिया तेरी अदा पे मरी है,
कैसी नज़रों में जादूगरी है,
तेरे बिन है अधूरा मेरा ज़िन्दगी का सफर देख ले,
खूबसूरत हैं आंखे तेरी सांवरे इक नज़र देख ले,
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी,
ज़िंदगी दिन व दिन संवरती रही,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे के कदर इस ज़माने में बढ़ती रही.
दर बदर से मैं कोई कीमत न थी,
श्याम की होके कीमत मेरी बढ़ गई,
इतने एहसान मुझपे किये श्याम ने की कर्जदार उनकी मैं हो गई,
गम ख़ुशी में मेरे सब बदल ते गये,
खाली झोली मेरी रोज भर्ती गई,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
शुकरियाँ रेहमतो का मैं अगर कर सकू,
श्याम बाबा इतनी न औकात है,
तेरे दरबार की एक मंगती हु मैं,
पूछ जग में तुम्हरी बड़ी बात है,
मेरे दोषो को भी तुम निभाते रहे,
मैं भले ही गुन्हा रोज करती रही,.
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
तेरी महिमा का गुणगान करती रहु,
श्याम बाबा सदा ये करना दया,
सोते जगते तुम्हारा ही ध्यान हो मुख से श्याम कहु जब भी खुलू जुबा,
आज जो कुछ भी हु तेरी किरपा से हु,
नाम तेरा लेकर चलती रही,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी,
जानकि अंग अंग बॉस समानी,
प्रभु जी, तुम घन, बान हम मोरा,
जैसे चेतवंत चांद चाकोरा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी तुम मोती हम धागा,
जैसे सोहने मिलत सुहागा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती,
जाकी ज्योति जले दीनी राती,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम स्वामी, हम दसा,
एसी भक्ति करै रैदासा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
Shrijirasik
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥
मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥
यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥
तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥
दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥
मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।
अभी सांस चल रही है कहीं तुम चले ना जाना ॥
Shrijirasik
तर्ज - ले तो आया हो हमको सपनो के गांव में
रख ले मुझको भी कान्हा, शरण में तेरी ,
रख ले मुझको भी कान्हा, शरण में तेरी ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा, करुँगी श्रृंगार मैं ,
अपने हाथो से तुझे, करुँगी तैयार मैं ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा ,भोजन बनाऊ ,
अपने हाथो से कान्हा, तुझको खिलाऊ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी ,लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा , भजन सुनाऊ,
भजनों से कान्हा मैं, तुझको रिझाऊ ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा, फूल मंगाऊ ,
फूलो से कान्हा मैं, तुझको सजाऊ ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
Shrijirasik
तर्ज - देना हो तो दीजिये जनम जनम का साथ
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
चाहे जितनी मुसीबत आये - २
वो देगा मेरा साथ ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
सुना हैं मेने इसके दर पे सबकी किस्मत बनती हैं - २
इसके पास हैं ऐसी चाबी जिससे किस्मत खुलती हैं - २
मेरी किस्मत का भी ताला - २
खोलेगा वो आज ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
सोप दिया मेने हाथ ये अपना , सांवरे के हाथ में - २
हाथ पकड़कर चल दिया में , सांवरे के साथ में - २
अब चाहे जो हो जाये - २
ना छोड़ू उसका हाथ ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
जब से देखा सांवरे को , दिल में बसी हैं याद - २
उसने लगायी ऐसे मोहर , जिसकी मिटे ना छाप - २
चाहे मिट जाये ये जीवन - २
ना मिटेगी उसकी याद ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
Shrijirasik
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
Shrijirasik
मुरली वाले तूँ मुरली बजाना
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तर्ज़- फ़िरकी वाली
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना,
नही, तरसाना, तूँ मुरली की, तान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से, ॥
मुरली, बजाई तूने, यमुना के तट पर,
गोपीयों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, गोकुल किनारे,
ग्वालों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, वृंदावन में,
राधा, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, मधुबन में,
सखियों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
Shrijirasik
मीरा महलों की रानी दीवानी हो गई
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी हो गई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
वो, किसी, की ना मानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,,
देखी, जो उसने, कन्हैया की सूरत l
दिल में, बसा ली वो, प्यारी सी मूरत ll
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई ll
हो चढ़ा, प्रेम का पानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,
प्रेम, सरोवर में, डुबकी लगाई
लगी, मापने, प्रेम गहराई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
हो कर, बैठी, नादानी, दीवानी हो गई,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,,
ठुकरा के, रिश्तों को, महलों से निकली
दुनियाँ, ने देखी, कन्हैया की पगली
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
ख़ाक, गलियो, की छानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,
मीरा, कन्हैया के, दिल में समाई
भक्तों करो कोई, ऐसी कमाई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
हुई, अमर, कहानी, दीवानी हो गई
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,
Shrijirasik
तेरा पीछा न छोड़ेंगे ओ साँवरे
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे, ओ साँवरे ॥
ओ साँवरे मेरे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, दूध बनो, तो मैं मलाई बनूँ ॥
माखन, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, मुकुट बनो, तो मैं, तगड़ी बनूँ ॥
मस्तक, पे मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, मुरली बनो, तो मैं, तान बनूँ ॥
होंठों, पे सजेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, पीतांबर बनो, तो मैं, वैजयंती बनूँ ॥
माला, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, कृष्णा बनो, तो मैं, राधा बनूँ ॥
मंदिर, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, खडावां बनो, तो मैं, पायल बनूँ ॥
चरणों, में सजेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
Shrijirasik
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
दुनिया तो मैं नचैया बथेरा, फिर भी ना कोई बनया मेरा
नी मैं की करना संसार आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
हुन मैं किसी कोलो नहीं डरना, जो मन आये सो योनि मैं करना
मेरा मुरली वाला यार, आज मैनु नच लेन दे॥
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
पैरा दे विच घुँघरू बनके, अपने श्याम दी जोगन बन के,,
अखां ला लईया उसदे नाल, आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
वृंदावन विच जावांगी मैं भी,वृंदावन विच जावांगी मैं भी,
प्यार मोहन दा पावगी मैं भी, प्यार मोहन दा पावगी मैं भी,
जग रुसजाये लख बार, आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
Shrijirasik
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
मैं तो दिल गई हारी तोपे जाओ बलिहारी,
मैं तो गौ कुञ्ज बिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
तेरी मुस्कानियाँ पे पागल ये दुनिया,
जो तू एक बार हसे दिल मेरा ऐसे फसे,
के मैं भूल जाऊ दुनिया सारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
ये बाल घुंगराले है तेरे कारे कारे,
तेरे बाल घुंगराले जैसे बादल हो कारे,
तेरी छठा पे जाऊ बलिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
ये पीला तेरा पटका है कांधे पे लटका,
प्यारे पीले पट वारे तेरे नैन कजरारे तुझे देख के दिल मेरा अटका,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
स्वामी शयामा प्यारा श्री कुञ्ज बिहारी,
श्री हरिदास दुलारी संग लीला है न्यारी,
तिरलोकी भी जाये बलिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
Shrijirasik
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
रोम रोम में रम जाओ और मैं तुमसे क्या मांगू
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
धन ना मांगू प्रभु मान ना मांगू
झूठी जाग की शान ना मांगू
देना हो तो देदो प्यारे जपने को हरी नाम रे
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
हे मनमोहन हे गिरधारी,
पार करो प्रभु नाव हमारी,
जहा भी तेरा दर्शन पाउ,
वही वसे सुख धाम रे,
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
अब तो सुन लो अर्ज़ हमारी,
दर्शन दे दो बांके बिहारी,
पग पग पर मैं ठोकर खाऊ,
सुनलो हे मेरे श्याम रे,
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
Shrijirasik
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री....-2
भूली ना जाए सखी बाँकी सुरतिया....
वो तो हौले से वो तो चुप चुप के,
वो तो हौले से दिल को चुराए गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
जादू भरी उसकी नटखट अदाएं....
वो तो तीर पे, वो तो तीर पे,
वो तो तीर पे तीर चलाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
प्यारी लगे उसकी यमुना की बंसी....
वो तो हंस हंस के, वो तो हंस हंस के,
वो तो हँस हँस के जियरा चुराए गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
बुला रही राधे लेके कान्हाँ का नाम,
वो तो प्रेम का रिश्ता निभाए गयो री,
झट आये गयो री, झट आये गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
Shrijirasik
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे ॥
तुम सूरज बनो तो बनु रौशनी,
तेरी ज्योति में आकर मिलु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम चंदा बनो तो चकोरी बनु,
याद में तेरी तडपु मेरे सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम मोर बनो तो बनु पंख मैं,
बीच तेरे मुकुट के सजहु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम कृष्ण बनो तो मैं मुरली बनु,
जब रास रचाओ तो बजु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
Shrijirasik
तेरी पार करेगा नैया भज मन कृष्ण कन्हियाँ,
निश दिन भज गोपाल प्यारे मोर मुकट पीताम्बर वाले,
तेरी पार करेगा नैया....
स्वास स्वास भज नन्द दुलारे वो ही बिगड़े काज सवारे,
नटवर चतुर रिजाइयाँ भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
ग्वाल बाल सब धेनु चरावे लूट लूट तड़ी माखन खावे,
काली नाग नथियां भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
भक्त सुदामा चावल लाये गले लगा कर भोग लगाए,
कर कर भईया भईया भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
दीना नाथ सब हिट कारी संकट मोचन कृष्ण मुरारी,
जन का पत रखवाइयाँ भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
Shrijirasik
लाखों महिफिल जहां में यूँ तो,
तेरी महफ़िल सी मेहिफिल नहीं है।
स्वर्ग सम्राट हो या हो चाकर,
तेरे दर पे है दर्जा बराबर।
तेरी हस्ती को हो जिसने जाना,
कोई आलम में आखिर नहीं है॥
दरबदर खा के ठोकर जो थक कर,
आ गया गर कोई तेरे दर पर।
तूने नज़रों से जो रस पिलाया,
वो बताने के काबिल नहीं है॥
जीते मरते जो तेरी लगन में,
जलते रहते भी रहते अगन में।
है भरोसा तेरा हे मुरारी,
तू दयालु है कातिल नहीं है॥
तेरा रस्ता लगा चस्का जिसको,
लगता बैकुण्ठ फीका सा उसको।
डूब कर कोई बहार ना आया,
इस में भवरे है साहिल नहीं है॥
कर्म है उनकी निष्काम सेवा,
धर्म है उनकी इच्छा में इच्छा।
सुम दो इनके हाथों में डोरी,
यह ‘कृपालु’ हैं तंग दिल नहीं हैं॥
Shrijirasik
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
वृन्दावन धाम के, श्री श्यामा शाम के
डोले श्याम नाम के पागल, वृन्दावन पागल खाने में
मस्ती में मस्त हैं रहते, मिले पागलपन नज़राने में
मन तू भी पागल हो जा, मस्ताने तरंग में खो जा
चढ़ जाए ना साफिर नाम के जाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
पूरे मन से जो लग जाता, वो लग कर कुछ पा लेता है
सदा अंग संग हरी रहता पर ध्यान ना कोई देता है
कोई झूठे नाम के पागल, कोई सच्चे श्याम के पागल,
जहा दूर दूर तक पागल जगत तमाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
कितने हुए अब तक पागल इन की न कोई समायी
मीरा करमा विधुरानी शबरी गोपाली बाई
पावन भक्तो के चरित्र हृदय को करे पवित्र
पागल करे ‘चित्र विचत्र’ श्री राधा नाम के
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
Shrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Shrijirasik
दोहा - भक्तआधीनं, दीनदयालं, राधारमणं हरे हरे ॥
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं, राधारमणं हरे हरे ।।
( तर्ज - तुम जो चले गये तो होगी बड़ी ख़राबी )
तुम राधा रमण हो मेरे मैं दास हूं तेरा
कब घर मेरे तुम आओ जहां लगता है तेरा पेहरा
दुनिया से हार कर में तेरी शरण में आया
तरसती है जिससे दुनिया उनका प्यार पाया
जब तक तुम ना मिले थे होता था निराशा चेहरा
कब घर मेरे तुम आओ जहां लगता है तेरा पेहरा
अब तुम मिल गए हो खुशियां ये मिल गई है
सूखी हुई थी बगिया देखो ये खिल गई है
तेरे दर पर मेरा यु ही लगता रहेगा डेरा
कब घर मेरे तुम आओ जहां लगता है तेरा पेहरा
तुमको ही मान अपना लकी है दर पे आया
तेरी छवि को उसने हरपल दिल में बसाया
तुम जो मुस्कुरा दो कटे सारा क्लेश मेरा
कब घर मेरे तुम आओ जहां लगता है तेरा पेहरा
Shrijirasik
कैसे जाऊँ सखी मैं पनियां भरन,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर...-2
यमुना तट पर बंसी बजाये,
मनमोहन सबके मन भाये,
ललिता चंदा गोपीयन के संग,
होली खेले रास रचाये.....-2
लीला नीसदिन दिखाये वो सांझ से भोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
नित नित मोरी राह तकत है,
नटखट मौसे जब भी मिलत है,
कंकड़ मारे फोड़े गगरिया
ढीट ना माने झगड़ा करत है...-2
मोरी झटके सिर से चूनर चितचोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
छोड़ दे बैंया कृष्ण कन्हैया
ताना देंगी सारी सखियां,
चोरी चोरी में आई हूं
घर जाने दो ओ सांवरिया....-2
कहीं देखे ना सास ननदिया मोर
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
कैसे जाऊं मैं पनिया भरण को सखी
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर........
Shrijirasik
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
राधा ने श्याम कहा, मीरा ने नटवर ।
गवालों ने पुकारा तुम्हे कह कर गावाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
गोविन्द बोलो हरो गोपला बोलो ।
राधा रमण हरी गोविन्द बोलो ॥
यशोदी जी कहती थी तुमको कन्हैया ।
दाऊ जी कहते थे तुमको नंदलाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
घड़ियाल कह हर बुलाता दर्योधन ।
जल जलके तहत था तुमको है कला ॥
कोई कहे गोविंदा...
अर्जुन के बनवारी मीरा के मोहन ।
भक्तो ने पुकारा तुम्हे कह कर मुरली वाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
Shrijirasik
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
तोहे रोज सताऊगा रात को सपने में
रात में आके खिड़की खोले खिड़की खोले मेरी बहिया मरोड़े,
मुझे खूब रुलावे श्याम रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
चुप के चुप के घर मैं आऊ घर मैं आऊ मैं माखन चुराऊ
तेरी दहिया पी जाउगा रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
मैं हु गोरी तू है काला मैं हु रानी तू है ग्वाला
काला केह के मत न चिडावे राधा अब न बात बनावे
तू करती मोहे पसंद रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
Shrijirasik
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
बागों में फिरू मारी मारी,
माली बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
जमुना पर फिरू मारी मारी,
धोबी बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत के मारी,
कुओं पर फिरू मारी मारी,
धीमर बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
महलों में फिरू मारी मारी,
कान्हा बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत के मारी,
मंदिरों में फिरू मारी मारी,
मोहे दरस दिखा जा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले,
छलिया बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले..
Shrijirasik
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
निरख छटा घनघोर घटा -2
सावनां सी उमड़ गयी ,
घायल करके जिगर में उतर गयी -2
जादू भरी तेरी.....
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
कि इक कंकड़ी नैन पड़े,तो नैन होत बेचैन,-2
तो उन नैनन में चैन कहां,जिन नैनन में नैन।
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
अब पल पलक टरत नहीं टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
नैन कटारी बारी बारी पलकन मारी -3
जादू की पिटारी जिया छुई मुई कर गयी -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
हमें औरन से कछु काम नहीं ,
अब तो जो कलंक लगो सो लगो-2
और रंग दूसरो और चढेगो नहीं ,
क्योंकि ,सखी साँवरो रंग रंगो सो रंगो -4
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
हो......जिगर में उतर गयी।
Shrijirasik
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ।
अब तो कृपा कर दीजिए,
जनम जनम का साथ ।
मेरे सर पर रख बनवारी,
अपने दोनों यह हाथ ॥
देने वाले श्याम प्रभु से,
धन और दौलत क्या मांगे ।
श्याम प्रभु से मांगे तो फिर,
नाम और इज्ज़त क्या मांगे ।
मेरे जीवन में अब कर दे,
तू कृपा की बरसात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
श्याम तेरे चरणों की धूलि,
धन दौलत से महंगी है ।
एक नज़र कृपा की बाबा,
नाम इज्ज़त से महंगी है ।
मेरे दिल की तम्मना यही है,
करूँ सेवा तेरी दिन रात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
झुलस रहें है गम की धुप में,
प्यार की छईया कर दे तू ।
बिन माझी के नाव चले ना,
अब पतवार पकड़ ले तू ।
मेरा रास्ता रौशन कर दे,
छायी अन्धिआरी रात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
सुना है हमने शरणागत को,
अपने गले लगाते हो ।
ऐसा हमने क्या माँगा जो,
देने से घबराते हो ।
चाहे जैसे रख बनवारी,
बस होती रहे मुलाक़ात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
Shrijirasik
भजन : भक्ति का जब वो सावन होगा
भक्ती का जब वो सावन होगा ।
तब तेरा तन-मन पावन होगा ।।
भक्ती करने में ही तेरा जीवन होगा ।।
तब तेरा....
जग के माया-मोह सब,
तुझको खूब फँसायेंगे ।
इनसे नहीं बचोगे तो ये,
अन्त में खूब रुलायेंगे ।।
माया से हटकर जीवन होगा।।
तब तेरा....
धन के फेरे में न पड़कर,
धर्म को खूब कमाओगे ।
जग के अच्छे कर्मों को कर,
भव से तुम तर जाओगे ।।
प्रभु का भजन मनभावन होगा।।
तब तेरा....
सदाचार को अपनाकरके,
जीवन धन्य बनाओगे ।
तभी कान्त निश्चित ईश्वर को,
एक दिन तुम पा जाओगे ।।
जब तेरे बस में, ये मन होगा ।।
तब तेरा....
Shrijirasik
गोपी विरह गीत :
व्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों का है प्रेम पुराना ।।
आज से सूनीं गलियाँ राहें ।
पनघट पे भरना है आहें ।।
छोड़के हमको ना तुम जाना ।।
ब्रज गोपियों से........
मैया बाबा को ना छोड़ो ।
प्रेम के रिश्तों को ना तोड़ो ।।
याद करो वो माखन चुराना ।।
ब्रज गोपियों.......
कुंज-निकुंज का मिलना सपना ।
कैसे कहें कान्हा था अपना ।।
कान्त विरह में है आँसू बहाना ।।
ब्रज गोपियों से.......
Shrijirasik
अगर मोह से मन सदा मोड़ दे,
बुरे कर्म अपने अगर छोड़ दे ।
तब ईश विपदा हरेगा तेरे,
मगर ईश का ध्यान करना पड़ेगा,
सखे सुन मेरे ।।
द्रोपदी को दुशासन बेपरदा करे,
पुकारी जभी लाज उसकी हरे ।
कोई ऐसा गम ना प्रभु ना हरे,
अजामिल प्रभु नाम से ही तरे ।।
गज मोक्ष देखो प्रभु ने किया,
प्रहलाद का दुःख सदा हर लिया ।
तब ईश विपदा....
कर याद प्रभु की कृपावृष्टि का,
हो जा प्रभु की दया दृष्टि का ।
प्रभु है रचयिता पूरी सृष्टि का,
बना ले तू अपना उसे दृष्टि का ।।
अगर भाव से उसको कोई भजे,
गया जो शरन में प्रभु ना तजे ।
तब ईश विपदा....
चलो राह सत की असत से डरो,
मन की न मानो न मन की सुनो ।
अगर प्रभु को पाना तुम्हें है सुनो,
प्रभु नाम को प्यारे जल्दी चुनो ।।
तुम भी चुनो कान्त प्रभु नाम को,
समय न गँवाओ तजो काम को ।
तब ईश विपदा....
Shrijirasik
हरि नाम बड़ो सब साधंन ते,हरि नाम बिना बेदार सी है कलीकोट कुचाल कटावंन को,हरि नाम करोत की धार सी है
हरि नाम सों पाहन सिंधू तरे,तोहे लागत बात गवारं सी है
सुख देख पुराण नाम प्रताप,कवंन कु कहां आवसी है
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई,प्रभु जू तेरो नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
1. और कछु जो ना बनें,एक नाम एक टेर
बिहारी बिहारिन दास रट,साधंन सधेअनेक
श्री हरिदास नाम सुखदाई,हमारो श्रीहरिदास नाम सुखदाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
2. नाम नाम बिन ना रहे,सुनों सयानें लोग
मीरा सुत जनयों नहीं,शिष्य ना मुड़ो कोई
नाम बाई वो मीरा भई,गिरधर नाम
भाई वो मीरा बाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू
तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
3. लाख़ बार हरि हर कहो,एक बार हरिदास
अति प्रसंन श्री लाडली,दे हैं विपिन को वास
हमारो श्री हरिदास नाम सुखदाई,प्रभु
जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,मैंने
नाम की रटंन लगाई प्रभु जू तेरो नाम
परम सुखदाई,
हरि....
Shrijirasik
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल.....
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
तेरे भरोसे हूं गोपाल तुझ संग प्रीत लगी
तेरे भरोसे हूं गोपाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल......
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
रहे तेरा ही बस ख्याल तुझ संग प्रीत लगी
रहे तेरा ही बस ख्याल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल......
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
हो जब ये सांसे मेरी बेहाल तुझ संग प्रीत लगी
हो जब ये सांसे मेरी बेहाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल.......
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
मैं हूं दरिया तू है सागर तुझ संग प्रीत लगी
मैं हूं दरिया तू है सागर तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
Shrijirasik
बोल-एक वादा किया,तेरे प्यार की कसंम
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
1. उसे डुंडने को फिरूं मारा मारा,
जानें कहां छिप गया प्राण प्यारा
ये प्यासी हैं अखियां,दिदार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
2. बांके बिहारी का मैं हूं दिवाना,
पागल कहे मुझे सारा ज़माना
अब ये सांसे बची,इंतजार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
3. भक्तों की,सुध कब लोगे
कुछ तो बताओ,दर्श कब दोगे
गीत मेरे मिलन की पुकार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
Shrijirasik
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
रिश्ते सारे छोड़ के हूँ आई , बंधन सारे तोड़ के हूँ आई ,
रिश्ते सारे छोड़ के हूँ आई , बंधन सारे तोड़ के हूँ आई ,
अब भेजो ना वापस श्याम, तोरी पय्या पडू ,
अब भेजो ना वापस श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
ताने मारेगी, दुनिया सारी , जो तूने मुझको, छोड़ा मुरारी ,
ताने मारेगी , दुनिया सारी, जो तूने मुझको, छोड़ा मुरारी,
मुझे छोडो ना ऐसे श्याम, तोरी पय्या पडू,
मुझे छोडो ना ऐसे श्याम, तोरी पय्या पडू,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम ,पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
किसके भरोसे जीवन बिताऊ , किसको अपनी व्यथा सुनाऊ,
किसके भरोसे जीवन बिताऊ , किसको अपनी व्यथा सुनाऊ,
मेरी विनती सुन लो श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मेरी विनती सुन लो श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
Shrijirasik
मेरे मोहन , मेरे मोहन, मेरे मोहन , मैं तेरी जोगन,
जोगन मैं बन गई, तेरी भक्ति में खो गई,
छोड़ के सारी दुनिया को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
मोहन तेरी याद सताए, कैसे मैं रोकू खुद को,
रातो में उठ उठकर मैं, समझाऊ अपने दिल को,
दिल मेरा खो गया, बस तेरा हो गया,
बात न माने ये तो मेरी, ये तेरा हो गया रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
निकली थी सोच के घर से, मोहन से मिल आऊंगी,
पल दो पल बात करूंगी, फिर वापस आ जाऊंगी,
पर तूने पकड़ी कलईया , ओ मेंरे साँवरिया,
छुड़ा सकी न मैं तो खुद को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
रंग लाया चोरी - चोरी , तुझसे ये मिलना मोहन,
ओरो की बात करू क्या, मैं बन गई तेरी जोगन,
जोगन मैं बन गई, बस तुझमे खो गई,
छोड़ के सारी दुनिया को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
Shrijirasik
कान्हा रे कान्हा रे भक्ति तेरी साची,
कैसे जाऊ दर छोड़ के,
तेरे हाथो में हैं मेरे मन की ड़ोरी,
ना तुने छोड़ी ना मेंने छोड़ी,
वापस जो जाऊंगा खिंचा चला आऊंगा,
ना जाऊं तेरी गली छोड़ के...
झूठा हैं ये जग सारा सच्चा नहीं,
तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं,
मुश्किल है पाना तुझको मेंरे कान्हा,
फिर भी मनाऊं हाथ जोड़ के...
भक्ति में तेरी तन रंग लिया,
तन क्या है मेने मन रंग लिया,
अब चुप न रहना बस इतना कहना,
दूर मत जाना तू छोड़ के...
Shrijirasik
भजन की तर्ज - जनम जनम का साथ हैं
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
वृन्दावन की इस नगरी में, मिल गया साथ तुम्हारा ,
बिहारी जी के मंदिर, फिर से हम जाए,
कान्हा जी के दर्शन, फिर से कर आए,
उनके दर्शन हो जाए तो हो उद्धार हमारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
जब भी ये तन त्यागु , त्यागु वृन्दावन में,
फिर जो जनम पाऊ, पाऊ वृन्दावन में,
अब तेरा वृन्दावन ही, मेंरा हे सहारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
जय हो कृष्ण कन्हैया, जय हो बाँके बिहारी,
सारे जग से प्यारी, भक्ति ये तुम्हारी,
तेरी भक्ति से ही मेंने, जीवन ये सुधारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
Shrijirasik
तुझपे दिल मैं हारी
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके बिहारी ॥
बाँके, बिहारी मेरे, बाँके बिहारी ॥
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
आई, हूँ जबसे, मथुरा नगरिया ॥
भूली, दुनियाँ सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
एक, झलक तेरी, देखी है जब से ॥
भूली, सुध बुध सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
मोर, मुकुट तेरे, सिर पे सोहे ॥
सूरत, लागे प्यारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
बिन, देखे तुम्हें, चैन ना आवे ॥
लागी, लगन तुम्हारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
गली, गली में, बदनाम हो गई ॥
करके, तुम संग, यारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
ये दिल, तुझपे, कुर्बान कन्हईया ॥
मैं तो, हो गई, तुम्हारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
जब, से तेरी, लगन लगी है ॥
हंस रही, दुनियाँ, सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
Shrijirasik
तरज़-मेरे बांकें बिहारी मेरे बांकें सनंम
छंद-बृज़ भुमि परिक्रमा के पत्थ पे,
तुम्हें ढुंढनें के लिए डेरा किया।
पर पाया पता कहीं भी नहीं,
दुख शोक ने आकर घेरा किया॥
बड़ी वैदना व्याकुलता इतनी,
तुमनें कभी ध्यान ना मेरा किया।
दिन रोत ही रोते अंधेरा किया,
फिर रोते ही रोते सवेरा किया॥
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तुं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
वृन्दावन में डुंडु,तुझे कुंजन में डुंडु
तूं इतना ना यार,अब मुझको सता
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
तुझे गोकुल में डुंडु,तुझे गलियों में में डुंडु
धरती पे हो श,या हो आसमां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
पागल बना डोले प्रेमी तेरे लिए
कोई ना बताये,फिर भी तेरा पता
ये बात दे मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
Shrijirasik
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
अपना जीना अपना मरना,बस तेरी चौखट पे है
अब कहां सर को झुकाए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
मैं हूं दासी श्यामा जू की,बस यही पहचान है
अब कहां मोहे गम सताए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
मैं यह कैसे मान जाऊं,लाडो के दरबार में
छीन ले कोई मेरी अदाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
सारी दुनिया छोड़ कर,तेरी शरण में आ गई
अब कहां सरकार जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पर जाएं, आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
Shrijirasik
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
वृन्दावन में बांकें बिहारी,
मेरी उनकी पक्की यारी
मेरा याराना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
कुंज गलिंन में कुंज बिहारी,
छोड़ दी मैंने दुनिया सारी
सब कुछ भुल गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
रमणरेती में रमण बिहारी,
या रज़ की है महिमा भारी
धसका पागल हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
Shrijirasik
मेरा हाथ पकड़ कर ले जा मेरे श्याम सांवरे ,
श्याम सांवरे , घनश्याम सांवरे ,
तुझको मैंने अपना बनाया हैं ,
इस मन को तुझी में लगाया हैं,
मेरी भक्ति करो स्वीकार, मेरे श्याम सांवरे
श्याम सांवरे, घनश्याम सांवरे,
एक बार तो लेने आ जाओ,
मुझे अपना दास बना जाओ,
मेरी विनती करो स्वीकार, मेरे श्याम सांवरे,
श्याम सांवरे, घनश्याम सांवरे,
मैंने सबसे रिश्ता तोड़ दिया,
सारे जग को मैंने छोड़ दिया,
तू ना छोड़ना मेरा हाथ, मेरे श्याम सांवरे,
श्याम सांवरे, घनश्याम सांवरे
मेरी जीवन नैया डोल रही,
बस श्याम ही श्याम बोल रही,
मेरी नैया करा दो पार, मेरे श्याम सांवरे,
श्याम सांवरे घनश्याम सांवरे
तुझ बिन जीवन में अंधेरा हैं,
श्याम तू ही मेरा सवेरा हैं,
मेरा सब कुछ तेरे नाम, मेरे श्याम सांवरे,
श्याम सांवरे, घनश्याम सांवरे
Shrijirasik
तर्ज ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब दल के
रिश्ता मैं जोड़ आई राधे और श्याम से,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
इस दुनिया से मैंने यूँ ही झूठी प्रीत लगाई (मिला ना मुझको भाई,)-2
लड्डू लाल को बना लिया है मैंने अपना भाई,
मैं भी चलूँगी उसकी ऊँगली को थाम के,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
बांके बिहारी की भी ऐसी (झांकी अज़ब निराली)-2,
मोटी मोटी आंखे उनकी बिन काजल की काली,
अमृत की बूँदें छलकें अखियों के जाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
सज धज कर जब श्याम सलोना (मुरली मधुर बजाये)-2,
चाँद सितारे तुझे निहारें “पाल” तेरे गुण गाये,
चलती है अपनी नैया इनके ही नाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
( तर्ज - झिलमिल सितारों का आंगन होगा )
सबसे प्यारा मेरा श्याम सलोना
आंखों से करता जादू टोना
बांके बिहारी मेरे मन को मोहना
यमुना जी के तट पर रास रचाए
कृष्ण कन्हैया गैया चराए
दिल में बसता रूप सलोना
आंखों से करता जादू टोना...
काली कमली वाले मेरे बांके बिहारी
जाऊं बलिहारी तो पे जाऊं बलिहारी
तुमसे मिलने को भरे मेरे नैना
आंखों से करता जादू टोना....
वृंदावन आने को जी चाहता है
राधे रानी संग श्याम दरस चाहता है
लक्की दीवाने होता प्रीत में सहना
आंखों से करता जादू टोना....
Shrijirasik
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
मोहे तो भरोसा एक, तेरो ही ओ राधारमण
तेरो द्वार छोड़ अब मैं, और कहाँ जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
माया के झूठे जालों में, फँसता ही जाऊँ रमणा
इतनी कृपा बस करदो, तुम्हें भजता जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
सुनो मेरे राधारमण, करदो ना इतना करम
बसा लो ना वृंदावन जो, रोज दर पे आऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
माँगू तो से तो ही को मैं, और क्या मैं माँगूँ रमणा
तेरे कंटीले नैनों, में बस जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
Shrijirasik
( तर्ज - मेरे प्यार की उमर हो )
राधा वल्लभ मेरे जीवन की तुम्ही धड़कन
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तेरा सुंदर सिंगार तुझे देखता रहूँ
तेरे चरणों में ठाकुर मैं बैठाता रहूँ
तू हर रहा जीवन के सारे ये गम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तूने दिया मुझको बेशुमार सांवरे
वृंदावन में होता उपचार सांवरे
तू तो लड़ रहा सबसे मेरी ये जंग
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तुझे देखा तो दिल ये दीवाना हो गया
तेरे प्यार में मैं पागल मस्ताना हो गया
लकी गाए गुन जितने भी लगते हैं कम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
Shrijirasik
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी साँवरिया -२
मेरी बिगड़ी बाबा बनादे
मनमोहन दरश दिखा दे
मेरी नैया पार लगा दे
मैने किया कौन अपराध, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
सब भक्तों का रखवाला
करो जीवन मे उजियाला
मुझे चरनों साथ लगाला
करो कष्टों से आजाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
दर आई है दुखिया नारी
करो कृपा मोहन मुरारी
विपताऐ मुझ पे भारी
हुई सब तरियां बरबाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
मेरी बाबा लाज बचाना
जसपाल जनाल से आना
सारे संकट दुर भगाना
सुनो सेवक की फरियाद, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी साँवरिया
Shrijirasik
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोना है
इसके जैसा न और कोई होना ए
बड़ा कोमल बाड़ा ही रसीला ए
नित नवी नवी करदा ए लीला ऐ
बड़ा चंचल-2 चतुर नंद छोना ए
ऐदे वरगा ना होर कोई होना है
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
मां यशोदा दही रिड़की जावे
पेड़े माखन दे गोपाल खावे
बड़ा हंसमुख बड़ा मनमोहना ऐ
ऐदे वरगा ना होर कोई होना है
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
लड्डू वरगा ए गोल मटोल ऐ
मुहों बोलदा बड़े मीठे मीठे बोल ऐ
नंद भवन रूप खिलौने ऐ
ऐदे वरगा न होर कोई होना ऐ
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना ऐ
रूप इसदा मधुप बड़ा आला ऐ
नील मणी एह जग तो निराला ऐ
बड़ा सुन्दर शाम सलोना ऐ
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
ऐदे वरगा ना होर कोई होना ऐ
Shrijirasik
नैन तेरे कज़रारे हैं, घूँघर वाले वाल ।
रूप तुम्हारा देख के मोहन, हाल हुआ बेहाल ॥
अधर पर तेरी मुरली सोहे, राधा रानी साथ है...
वाह वाह क्या बात है, वाह वाह क्या बात है ॥
कितनी सोहनी कितनी प्यारी तेरी सूरत लगती है ।
धरती की सारी उपमाएँ तेरे आगे फ़ीकी हैं ॥
आओ कन्हैया अब तो आओ, फूलों की बरसात है...
वाह वाह क्या बात है, वाह वाह क्या बात है ॥
मोर मुकुट पितांबर सोहे गल वैजन्ती माला हैं ।
राधा रानी साथ विराजे मुख मोहन का निराला हैं ॥
ढोलक वाजे मँजीरा वाजे, नाचे सब मिल ताल हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
आज अनोख़ा अवसर आया खुशियों का त्योहार हैं ।
खुशबु उड़ उड़ करके देखो महक रहा दरबार हैं ॥
जितना चाहो उतना लूटो, बाबा का दरबार हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
रूप तुम्हारा देख के मोहन चाँद सितारे शरमाए ।
साँवरिया से मिलने देखो सभी देवता हैं आए ॥
भोले बाबा डमरू वजाएँ, ब्रह्मा विष्णु साथ हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
बोल बांके बिहारी लाल की... जय...
Shrijirasik
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
जब से तुझको देखा है मेरे नैन हुए ये बावरे
मेरे सांवरे ओ मेरे सांवरे
मेरे सांवरे ओ मेरे सांवरे
आंखों से अश्रु है छलके, इक पल चैन न आए जी
आंखों से अश्रु है छलके, इक पल चैन न आए जी
याद में तेरी बीते हर पल, मोहे कछु ना भाए जी
मोहे कछु ना भाए जी
मोहे कछु ना भाए जी
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
राधे नाम है तुझको प्यारा, राधे राधे गाउं मै
राधे नाम है तुझको प्यारा, राधे राधे गाउं मैं
प्रिया प्रियतम की जोड़ी पे वारी वारी जाऊं मैं
वारी वारी जाऊं मैं
वारी वारी जाऊं मैं
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
कस के पकड़ ले हाथ मेरा, छोड़े से भी छुटे ना
कस के पकड़ ले हाथ मेरा, छोड़े से भी छुटे ना
तेरी मेरी प्रीत का बंधन, जनम जनम ये टूटे ना
जनम जनम ये टूटे ना
जनम जनम ये टूटे ना
Shrijirasik
कृष्णा ओ कृष्णा बीच भंवर मत छोड़
बीच भंवर मत छोड़
सौंप दी है मैने तुझे ये जिंदगानी
मुक्ति है हाथों तेरे बात मैंने मानी
रखना शरण तू हे कानूड़ा
रखना शरण चितचोर
बीच भंवर मत छोड़...
सुनी पुकार तूने सब भक्तन की
अंखियां भी मेरी प्यासी तेरे दरशन की
सुनी पुकार तूने सब भक्तन की
अंखियां भी मेरी प्यासी तेरे दरशन की
ढूंढू कहां तुझे हे कानूड़ा
छुप गया मखनचोर
बीच भंवर मत छोड़...
मंदिर मंदिर होती पूजा तेरी
फिर भी ना देखी कान्हा सूरत तेरी
मंदिर मंदिर होती पूजा तेरी
फिर भी ना देखी कान्हा सूरत तेरी
अंखियां मन की खोली जो मोहन
बैठा था बांहे खोल
बीच भंवर मत छोड़...
Shrijirasik
मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा
सुलादे कृष्णा, सुलादे कृष्णा
मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा
तेरी बांसुरी की धुन प्यारी सुनादे कृष्णा
करूं जतन मै पूरी कान्हा, नींद निगोडी आए ना
ऐसी क्या बेरुखी मुझसे, कहो इसे तड़पाए ना
मुझे नींद नहीं आ रही...
नाम भी जप लिया माला भी फेरी, कुछ भी काम आए ना
करवट पे करवट मैं बदलूं, चैन तनिक भी आए ना
मुझे नींद नहीं आ रही...
तू हो पास में, मैं झुलूँ, तेरी गोदी का पलना
हाथ फिराए सिर पे मेरे, देखूं तेरा ही सपना
मैं मीठी नींद में सो जाऊं सुलादे कृष्णा
मुझे नींद नहीं आ रही...
Shrijirasik
तरज़-किसी नज़र को तेरा इंतज़ार आज भी है
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
जब भी चाहा जिसे चाहा,तेरे प्रेम का तलबगार हुआ
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
तेरे सिवा...
ज़माने भर की ठोकरें,ख़ात्ते रहते हैं
तेरे ही नाम की रटना,लगाये रहते हैं
जब भी चाहा जिसे चाहा तेरे प्रेम का तलबगार हुआ
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
तेरे सिवा...
हां प्रेम है मुझे तुझसें,ये मैंनें माना है
ना रह सकुंगा तेरे बिन,ऐसा लगता है
जब भी चाहा जिसे चाहा,तेरे प्रेम का तलबगार हुआ
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
तेरे सिवा...
नाम रसका पागल हुं मैं,कहे ज़माना मुझे
धसका माया में है फंसा,आके छुड़ाओ मुझे
जब भी चाहा जिसे चाहा,तेरे प्रेम का तलबगार हुआ
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
तेरे सिवा
Shrijirasik
राधारमण रंगीले ठाकुर,
तुम हो रसिकों के सिरताज,
रसिकों के सिरताज,
तुम हो राखो सबकी लाज,
राधारमण रंगीले.....
मोर मुकुट की छवि निराली,
हाथ बांसुरिया है मतवाली,
कमर पे करधनी लटक रही तेरे,
सिर पे सोहे ताज,
राधारमण रंगीले...........
पीताम्बर पट पीत बिराजे,
गल बैजन्ती माला साजे,
ठुमक ठुमक के जब चलत हो,
पग नुपुर रही बाज,
राधारमण रंगीले...........
तरह तरह के पहरों पटके,
जो दर्शन करें तुमपर अटके,
दीनो के हो सदा सहाई,
तुम हो गरीब निवाज ,
राधारमण रंगीले...........
राधा संग दिल में बस जाओ,
चरणों की मुझे दासी बनाओ,
हाथ पकड़ लो मेरा प्यारे,
बिगड़े संवारो काज,
राधारमण रंगीले...........
Shrijirasik
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में +2
तेरे महलों के अदभुत नजारो मे +2
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
सारी दुनिया ने सजदा किया है जहां
तेरे कदमों में झुकता है सारा जहां
लगा दी डूबती नैया किनारे पे
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
जिस का कोई नहीं तूने अपना लिया
बे किनारों को तूने अपना लिया
बुलाते जब भी तुम दौड़े आते हो
कान्हा खो गया तेरे वृंदावन में
तेरी चौखट पे रहमत की बरसात है
क्यों मैं घबराऊं जब तू मेरे साथ है
क्या रखा है झूठे जमाने में
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
लालसा है बड़ी तुम्हे पाने की
मान जाओ अब अरजी मामा की
कर रहा हू फरियाद ज़मानेकी
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन मे
Shrijirasik
आ पिया इन नैनन में, पलक ढांप तोहे लूं,,
ना मैं देखूँ और को, ना तोहे देखन दूँ
कजरारी तेरी आँखों में, क्या भरा हुआ इक टोना है !
तेरा तो हसन औरों का मरन ,बस जान हाथ से धोना है !!
नित बांकी ये झांकी निहारा करूँ, छवि छाक से मोहे छकाय रहो,!
श्री बाँके बिहारी से यही विनती ,मेरे नैनों से नैना मिलाय रहो,!!
जादू कर गयो यशोमति को ये लाल 2
जाके नैना कारे हैं कमाल, ,,2
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,2
नींद ना आवे ,रोज सताबे 2
सौत मुरलिया मोहे जगावे,2
आधी रात जब छेड़े तान,2,,,,कान्हा,,
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,,,
कृष्ण ही कृष्ण है प्रेम अनूठा ,2
प्रेम दिखाकर सबको लूटा ,2
प्रेम में होवें ना सवाल ,,,कान्हा,,
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,,
कुंज बिहारी श्री हरिदासी,2
करुणा की है आस जरा सी,2
मन बस गयो मेरे बा़ंको लाल,,,2
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,
Shrijirasik
जय राधे राधे बोलो श्री राधे राधे
शेर -कजरारी तेरी आंखों में,क्या भरा हुआ एक टोना है
प्यारे तेरा तो हसंन मेरा है मरन,बस जांन हाथ खोंना है
क्या ख़ुब हुंस्न ब्यान करूँ,ये बृज़ का एक खिलौंना है
श्री ललित किशोरी जू के प्राण जीवन धंन,ये तो सुंदर श्याम सलोंना है
तरज़-जय राधे राधे श्री राधे राधे
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
1. जब से देखी मैंने वाकी सुरतिया, मन मेरो मोहे लियो बांकें सांवरिया
बौंल-इक तेरी प्यारी सुरत पे,बस हो ही गया है प्यार मुझे
खाई है ज़माने की ठोकर,इक तूं ही मिला दिलदार मुझे
राधा रसिक बिहारी अब देर ना कर,झट
से दिखला दिदार मुझे
जब से देखी मैंने वाकी सुरतिया,मन
मेरो मोहे लियो बांकें सांवरिया मस्तानीं हो गई श्याम,
तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
2. बांकेंबिहारी मेरे रसिकबिहारी,
चतुरबिहारी मेरे मोहनीबिहारी
बांकें बिहारी तेरे मोटे-मोटे नैंना,
कजरारे मतवारे नैंना
बिन देखे मोहे,चैंन पड़ेना
मतवारी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
3. छोड़ दई रे मैंने दुनिया सारी,बांकें
बिहारी तोसे कर ली यारी
बैरागंन हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
Shrijirasik
ब्रज चौरासी कोस की परिकम्मा एक देख
सो लख चोरासी जोनि की संकट हरि हर लेत
जय जय ब्रिज भूमि जय जय बृज भूमि,,,2
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लेयो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लेयो जी
हो दर्शन करल्यो सिमरण करल्यो
वन्दन करल्यो जी
लैके राधा जी बिहारी जी को नाम
के दर्शन कर लेयो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लेयो जी
ये है मथुरा नगरिया जय बोलो
हो यहाँ जन्मे सांवरिया जय बोलो
हो, आधी आधी रात जनम प्रभु लीन्यो
सुर, नर मुनि जन चित सुख दीन्यो
झोली डंडा पालकी, जय कन्हैया लाल की
झोली डंडा पालकी, जय कन्हैया लाल की
हो वचन दिया सो प्रभु पूरण कीन्यो
श्री विष्णु बने जी घनश्याम,
के दर्शन कर लेयो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लेयो जी
कान्हा मथुरा से आयो,, गोकुल में
हो, माखन चोर कहायो,, गोकुल में
हो,,, माखन खायो याने माटी हू खायी
पकड्यो यशोदा ने तो दीन्ही सफाई
मैया मोरी,,, कसम तोरी,,, मैं नहीं माखन खायो ,2
हो,,, माखन खायो याने माटी हू खायी
पकड्यो यशोदा ने तो दीन्ही सफाई
मुख में दियो ब्रह्मांड दिखाई
ऐसे मोहन को सहास्त्र प्रणाम
के दर्शन कर लेयो जी
चारों धामों से निराला ब्रजधाम,
के दर्शन कर लेयो जी
बरसाने की राधा ,,,राधा राधा बोल
हे, जिसने मोहन को बांधा,,,राधा राधा बोल
हो, होली खेले तो आजा कृष्ण मुरारी
बरसाने में , बुलाबे राधा प्यारी
हो,, कान्हा बरसाने में आए जइयो, बुलाय रही राधा प्यारी
बुलाए रही राधा प्यारी,,,,,बुलाए रही राधा प्यारी
हो कान्हा बरसाने में आए जइयो बुलाए रही राधा प्यारी
हो,, दोनों एक दूजे के प्रेम पुजारी
दोनों मिलके भयो जी इक नाम
के दर्शन करल्यो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लो जी
ब्रज बरखा ने घेरा,,,, श्याम श्याम श्याम
हो सबने श्यामा को टेरा,,,श्याम श्याम श्याम
प्रभु तुम बिन हमरी कौन खबर ले
गोवर्धन गिरधारी,,2
हो गोवर्धन उंगली पे उठायो
प्राणन से प्यारो ब्रिज डूबत बचायो
कंस मार ये भेद बतायो
जैसी करनी वैसो ही परिणाम
के दर्शन करल्यो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लो जी
वृन्दावन सुहावन, क्या कहिये
भयो प्रेम अति पावन, क्या कहिये
हो बांके बिहारी कहु कुञ्ज बिहारी,,,2
स्वामी हरि दास हरि पे बलिहारी
आज हू रचावे यहाँ रास मोरारी
कुंजन की छटा अभिराम
के दर्शन करल्यो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लो जी
हो दर्शन करल्यो सिमरण करल्यो
वन्दन करल्यो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लो जी
जय जय ब्रिज भूमि जय जय बृज भूमि
जय जय ब्रिज भूमि जय जय बृज भूमि
Shrijirasik
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
1. कितनें जन्मों से भटका,ना मिला कोई सहारा
तेरा सहारा पाके,भव पार हो गया
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
2. पापो से डर रह था, दुःख में तड़प रहा था
आया शरणं में तेरी,चरणों से ना हटाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
3. गुरुवर ने दे दिया है,हरीनाम रस का प्याला
धसका रहे लुटाता,ये नाम का खज़ाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंदिश,दिन रात लिजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली....
1.औरों के पास जानें से,क्या होगा फायदा
चरणों में प्रेम अश्रु की,बरसात किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु....
2.करने से पहले काम तूं,सौ बार दिल से पुछ
हरगिज़ ना कभी दिल से,ना घात किजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
प्रभु....
3.मीरा ने पीके दुनिया को,हाला दिखा दिया
प्रभु नाम रसका प्याला,दिन रात पिजिए
ताली बजा-बजाकर, शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
ना भटकेगा तू राह कभी ,
इस राह पे चलकर देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
रिश्तो ने दिया धोखा ,
अपनों ने दुखाया दिल ,
चल भूल जा सब बातें,
तू श्याम से आकर मिल,
मेरा श्याम तुझे अपनाएगा ,
तू राधा कहकर देख जरा,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
जिसने भी जपा राधा ,
उसकी तो हटी बाधा ,
उसको मिल गया श्याम ,
उसको मिली राधा ,
मेरा श्याम तुझे मिल जाएगा,
तू उसका बनकर देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
मीरा को मिले मोहन ,
सबरी को मिले हैं राम ,
इन दोनों भक्तों का ,
जग में अमर हैं नाम ,
तेरा नाम अमर हो जाएगा ,
तू भक्ति कर के देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
Shrijirasik
एक बार हमसे साँवरे नज़रें मिलाईए ।
नज़रें मिला के श्याम ज़रा मुस्कुराईए...
एक बार हमसे साँवरे नज़रें...
नज़रें हमारी आपकी चौख़ठ पे है अड़ीं,
कब से निहारे राह बेचारी खड़ी-खड़ी ।
नज़रों पे कर रहम इन्हें, अब ना सताईए...
एक बार हमसे साँवरे...
दिल को तो हमने आपके चरणों में रख दिया,
दुनियाँ हमारी आप हैं इतना समझ लिया ।
अब आप अपने हाथ से इसको सजाईए...
एक बार हमसे साँवरे...
यह जानकर कि आप यहीं आस पास हैं,
फिर भी समझ ना आए ये दिल क्यों उदास है ।
ज़ज़्बात दिल के जान ज़रा पास आईए...
एक बार हमसे साँवरे...
प्रहलाद सा बनूं प्रभु हनुमत सी भक्ति दो,
गाऊँ भजन मैं झूम के मीरा सी मस्ती दो ।
भक्त को गले से अपने गले तो लगाईए...
एक बार हमसे साँवरे...
बोल बांके बिहारी लाल की... जय...
Shrijirasik
मेरे गिरधर तू ही सहारा है,
मेरी नैय्या का तू किनारा है ।
मेरी आँखों में तू मेरे ख्वाबो में तू,
मेरे दिल की धड़कन में है तू ही तू,
दीवाने तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है,
ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
दीदार तेरा करा दे मुझे
मेरे सांवरे बता दे मुझे
कहीं ना अब करार है, कहीं ना अब सकून है
मिलेगा मुझे सांवरा, मुझे तो ऐतबार है
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
मेरे ख्वाबो में तू, मेरी साँसों में तू
मेरे दिल की धड़कन में बस तू ही तू
दीवाना तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है
खड़ा हूँ तेरे द्वार पे ना होश है ना ख्याल है
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
मेरी आखो मे जले तेरे ख्वाबो के दिये,
कितनी बेचेन हु मै श्याम से मिलने के लिये,
मेरे प्यारे कान्हा तु जो एकबार मिले,
चेन आ जाये मुझे जो तेरा दीदार मीले,
मसीहा मेरे दुआ दे मुझे,
करु मे क्या बता दे मुझे,
दिवाने तेरी चाह मे बड़ा हि बुरा हाल है,
खड़ी हूँ तेरी राह मे ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
आई अरदास लेकर,
मन मे विश्वास लेकर,
झोली भर दे तु मेरी,
आई हु आस लेकर,
दिवाने तेरी चाह मे बड़ा हि बुरा हाल है,
खड़ी हूँ तेरी राह मे ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
Shrijirasik
( तर्ज - मेरे प्यार की उमर हो )
राधा वल्लभ मेरे जीवन की तुम्ही धड़कन
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तेरा सुंदर सिंगार तुझे देखता रहूँ
तेरे चरणों में ठाकुर मैं बैठाता रहूँ
तू हर रहा जीवन के सारे ये गम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तूने दिया मुझको बेशुमार सांवरे
वृंदावन में होता उपचार सांवरे
तू तो लड़ रहा सबसे मेरी ये जंग
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तुझे देखा तो दिल ये दीवाना हो गया
तेरे प्यार में मैं पागल मस्ताना हो गया
लकी गाए गुन जितने भी लगते हैं कम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
Shrijirasik
जो वृंदावन में आए नहीं, मोहन का ठिकाना क्या जाने?
जो इन गलियों में आए नहीं, मेरे श्याम को पाना क्या जाने
प्रेम गली अति सांकरी है,
कैसे मिलना हो मोहन से.. ॥2 ॥
जो मोहन को दिल में बसाया नहीं,
वो दिल का लगाना क्या जाने ..
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
वृंदावन की इन गलियों में,
श्यामा के चरण पड़े तो होंगे ,
और श्याम भी यहीं चले होंगे,
जिसने कभी प्रेम से पुकारा नहीं,
मेरे श्याम का आना क्या जाने,
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
विष अमृत सा मीरा पी गई ।
श्याम दीवानी मीरा जी गई ॥2॥
मीरा सा कोई अमृत की तरह,
विष का पी जाना क्या जाने..
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
Shrijirasik
मै हू शरण मे तेरी संसार के रचैया कश्ती मेरी
लगादो उस पार ओ कन्हैया
मेरी अरदास सून लीजे प्रभू सूध आन कर लीजै
दरस एकबार तो दीजै मौ समझूंगा श्याम रीझे
पतवार थाम लो तूम मजधार मे है नैया, मै हू शरण...
भक्त बेचैन हूं तूम बीन तरसते नैन है तूम बीन
अंधेरी रैन है तूम बीन कही ना चैन है तूम बीन
है उदास देखो तूम बीन गोपी ग्वाल, मै हू शरण...
दयानीधी नाम है तेरा कहाते हो अन्तर्यामी
समाये हो चराचर मे सकल संसार के स्वामी
नमामी नमामी हरदम बृजधाम के बसैया, मै हू शरण...
तेरी यादो का मनमोहन ये दिल मे उमड़ा है सावन
बूझेगी प्यास इस दिल की सूनूंगा जब तेरा आवन
पावन पतीत हूं करना जगदीश ओ कन्हैया, मै हू शरण...
Shrijirasik
चाँद सा मुखड़ा, चम चम चमके,
पाँव पैजनियाँ, छन छन छनके,
सुध बुध मैं तो हारी साँवरिया,
जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
नैन तिहारे जादूगारे,
मोटे मोटे, कारे कारे,
बिलख नयन दिल हारी,
सांवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
कदम के निचे, मुरली बजावै,
बैरी मुरलियाँ, जगत नचावै,
तान मधुर अति प्यारी,
सांवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
Shrijirasik
छवि देखी जब प्यारी,
हो गई मैं मतवारी...-2
भावे ना मुझको कोई काम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
श्याम नाम की रंग के चुनरिया,
नाचूँ मैं तो बन के जोगनिया,
बावरी सुध बुध हारी,
प्रेम के रोग की मारी,
आये ना दिल को यूँ आराम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
वृन्दावन सो धाम ना कोई,
राधे जैसो नाम ना कोई,
अर्ज दासी की मानों,
श्याम मुझको अपना लो,
कर दो मेरा भी इंतज़ाम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
निकट तुम्हारे रैन बसेरा,
इससे बड़ा क्या भाग्य हो मेरा,
धुल चरणों की लगा के,
दरश प्रियतम के पाके,
निकले हृदय से मेरे प्राण,
मुझको बसा लो बृजधाम।
Shrijirasik
नैना तरसे बाँवरे, छवि दिखलाओ श्याम,
मेरे अपने प्राण जी, हे नैनन अभिराम.....
हे नैनन अभिराम, नंद के लाल बिहारी,
छोड़ जगत का सार, गहि अब शरण तिहारी...
करो कृपा की कोर, सुना दो मीठी वैना,
हरि सुना दो तान , बाँवरे तरसे नैना....
माना मैं इस योग्य नहीं, कि तेरी कुछ कहलाऊँ,
माना मैं इस योग्य नहीं, धर भेंट तुम्हें अपनाऊं....
माना मैं इस योग्य नहीं, निज भाव तुम्हें समझाऊँ,
मधुर तान नहीं, रूप मान नहीं, फिर कैसे तुम्हें रिझाऊँ....
पर लोग कहें, मैं तेरी चाकर, मैं दर दर ठोकर खाऊँ,
ना तरसा मेरे बांके प्रियतम, मैं तेरी हो इतराऊं....
हरि कब होगा मिलन हमारा, हरि कब होगा मिलन हमारा
Shrijirasik
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं....
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
इस भरी दुनिया में मेरा,
हमनवां कोई नहीं
जिसको अपना कह सकूँ,
वो बंदा परवर आप हैं....
मेरी ज़िंदगी की आरज़ू,
प्यारे मेरी तमन्ना आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
श्याम सुंदर सांवरे,
मेरे तो सब कुछ आप हैं
अब कहाँ जाऊँ मुरारी,
मैं तेरा दर छोड़कर...
आप ही हैं दिलबर मेरे,
मेरे रहबर आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी
मेरी दुनिया आप हैं
नन्दलाल सहारा तेरा है
मेरा और सहारा कोई नहीं
Shrijirasik
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे,
किशोरी राधे अति भोरी राधे........
प्यारी जू प्यारे की जीवन,
प्यारो प्यारी प्राण आधार
प्यारी प्यारे के उर हार,
प्यारो प्यारी के उर हार
प्यारे प्यारे रंगमहल में,
रँग भरे दो करत विहार....
रंग भरी निरखत हरकत हिय,
श्री हरि प्रिया सकल सुख सार
प्यारी जू प्यारे की जीवन
प्यारो प्यारी प्राण आधार
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे
किशोरी राधे अति भोरी राधे................
प्रीतम की प्यारी प्रिया
प्रिया प्राण प्यारे प्रियो,
दउअन की दो छवि सिंधु में तरावे है
दऊ नव करे खेल, दऊ भुज अंश मेल,
दऊ सुख झेल झेल मंद मुस्कावे है,
लाल बलवीर वनराज के विलासी दऊ
सखिन चकोरन के लोचन सिरावे है,
गावे राग रागिनी रसीले चटकीले मुख
मधुर मधुर वैण बांसुरी सुनावे है..........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.................
किशोरी राधे रस भोरी...........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.........
Shrijirasik
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी,
हमसे परदा करो ना मुरारी….-2
हम तुम्हारे पराये नहीं हैं,
गैर के दर पे आये नहीं है...-2
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी……
हरिदास के राज दुलारे,
नन्द यशोदा की आँखों के तारे...-2
राधा जू के साँवरे गिरधारी,
राधा जू के साँवरे गिरधारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी…..
बंद कमरों में रुक ना सकोगे,
लाख पर्दो में छुप ना सकोगे....-2
तुमको हर और हम है व्यापारी,
तुमको हर और हम है व्यापारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी……
Shrijirasik
मेरे बांके बिहारी लाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……
तोरी सुरतिया पे मन मोरा अटका,
प्यारा लागे तोरा पीला पटका....-2
तोरी टेढ़ी मेढ़ी चाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी…….
तोरी मुरलिया पे मन मोरा अटका,
प्यारा लागे तोरा नीला पटका...-2
तोरे घूँघर वाले बाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……..
तोरी कमरिया पे मन मोरा अटका,
प्यार लागे तोरा काला पटका...-2
तोरे गले वैजयंती माल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……..
Shrijirasik
एक अर्ज मेरी सुन लो दिलदार हे कन्हैया,
कर दो अधम की नैया भवपार हे कन्हैया
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
अच्छा हूँ या बुरा हूँ पर दास हूँ तुम्हारा,
जीवन का मेरे तुम पर अब भार है कन्हैया,
तुम हो अधम जनों के उद्धार करने वाले,
मैं हूँ अधमजनों का सरदार हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
करुणा निधान करुणा करनी पड़ेगी तुमको,
वरना ये नाम होगा बेकार हे कन्हैया,
ख्वाहिश ये है मुझको बिन्दु रत्न लेकर,
बदले में दे दो अपना कुछ प्यार हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
कुछ खास भी नहीं मैं, बस प्यार का हूँ भूखा,
हे मेरे प्राण प्यारे मुझको गले लगा ले,
अरमान मेरे दिल का बस पूरा आप करना,
बुला लो अपने दर पे मुझको भी हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
Shrijirasik
तर्ज - इश्क में हम तुम्हे क्या बताए
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है,
श्याम इस दिल में, श्याम इस दिल में,
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है………
दीन दुखियों के तुम हो सहारे,
माँ यशोदा की आँखों के तारे,
हर तरफ तुमने, हर तरफ तुमने,
हर तरफ तुमने जलवे बिखेरे,
कोई तुम जैसा दूजा नहीं है,
श्याम इस दिल में, जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है………
साँवरे तेरी सूरत सुहानी,
हर अदा पे है दुनियाँ दीवानी,
तेरी मुरली में, तेरी मुरली में,
तेरी मुरली में है कैसा जादू,
एक तुमको जहाँ वहीँ है,
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है……
तुमको मोहन कहूँ या नंदलाला,
या कहूं गोप गोपिन का ग्वाला,
लीलाधारी हो, लीलाधारी हो,
लीलाधारी हो नटखट कन्हैया,
गउओं वाले ना तुमसा नहीं है,
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है………
कट गई बिंदु कठिनाई बाधा,
जो रटे कृष्ण संग राधा राधा,
कृष्ण राधा भजे, कृष्ण राधा भजे,
कृष्ण राधा भजे जग ये सारा,
कमली वाले की जय हो रही है,
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है………
Shrijirasik
कान्हा मधुवन में तुम आया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो,
एक राधिका है प्रेम दीवानी,
उसको और सताया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
सूरत तुम्हारी सलोनी संवारी,
सुन बांसुरी को हो गई बाँवरी,
माखन और चुराया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
माथे मुकट गल माला सोहे,
कानो में कुंडल मन मेरा मोहे,
मोहनी रूप बनाया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
पाव् चले ना चली राहो में,
नींद न आई सोई आँखों में,
मुरली की तान सुनाया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
मीठी मीठी बांसुरी मोहे निहारे,
चंदर सखी की विनती सुनो वनवारी,
दर्श दिखाओ देर ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो,
एक राधिका है प्रेम दीवानी,
उसको और सताया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
Shrijirasik
मुरली वाले श्याम तुमको आना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा,
राधे रानी को भी, संग में लाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा………
फूलों के आसन पे, तुमको बिठायेंगे,
माखन मिश्री का, भोग लगायेंगे,
आकर के भोग, लगाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा………
दर्शन को तेरे कान्हाँ तरसे है अखियां,
याद में तेरे मोहन, बरसे है अखियां,
भक्तों का मान, बढ़ाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा.......
मीठी तेरी बंसी आके, हमको सुना दे,
मोहनी सूरत तेरी, हमको दिखा दे,
अमृत रस, बरसाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा……….
राधे रानी को भी, संग में लाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भक्तों को दरश, दिखाना होगा……….
Shrijirasik
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
परमात्मा का स्पर्श हो...राधे,
पुलकित हिर्ध्ये का हर्ष हो,
तुम हो समपर्ण का शिखर,
तुम ही मेरा उत्कर्श हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी भावना की तुम जीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
हु मैं यहाँ तुम हो वहा...राधे,
तुम बिन नही है कुछ यहा,
मुझमे धडकती हो तुम्ही,
तुम दूर मुझसे हो कहा,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो.....
नटनागर मोहन गिरधारी,
नटनागर मोहन गिरधारी....
राधा कृष्णा..कृष्णा
कृष्णा राधा..कृष्णा.......
Shrijirasik
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
साँवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवना हो गया, मेरा दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
एक तो तेरे नैन प्यारे दूसरा कजरा लगा,
तीसरा तिरछी नज़र पे दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
एक तो तेरे होंठ नाज़ुक दूसरा लाली लगी,
तीसरा तेरा मुस्कुराना दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
एक तो तेरे हाथ कोमल दूसरा मेहँदी लगी,
तीसरा बंसी बजाना दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
साँवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवना हो गया, मेरा दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
Shrijirasik
सांवरे को दिल में बसाकर तो देखो
सांवरे को दिल में बसाकर तो देखो
दुनिया से मन को हटाकर देखो
बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी
बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो......
बांके बिहारी भक्तों के दिलदार
सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार
हो बांके बिहारी भक्तों के दिलदार
सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार
बांके बिहारी भक्तों के दिलदार
सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार
मीरा ने जैसे गिरिधर को पाया
हो मीरा ने जैसे गिरिधर को पाया
प्याला ज़हर का अमृत बनाया
हो प्याला ज़हर का अमृत बनाया
ओ प्याला ज़हर का अमृत बनाया
प्याला ज़हर का अमृत बनाया
तुम अपनी हस्ती मिटाकर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो....
तेरी पल में झोली वो भर देगा
ओ.. तेरी पल में झोली वो भर देगा
दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा
ओ…
दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा
ओ दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा
दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा
चौखट पे दामन फैला कर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो......
शाम बिना तेरा कोई ना अपना
ओ…
शाम बिना तेरा कोई ना अपना
ये दुनिया है सब झूठा सपना
आ…
ये दुनिया है सब झूठा सपना
ये दुनिया है सब झूठा सपना
नजरों से पर्दा हटाकर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो....
चित्र विचित्र का तू मान ले कहना
आ…
चित्र विचित्र का तू मान ले कहना
प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना
ओ…
प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना
प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना
जिंदगी ये बंदगी में मिटा कर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर के देखो......
Shrijirasik
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
हरी हरी बोल प्यारे हरी हरी बोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही जीवन राधा ही प्राण, राधा ही धड़कन राधा ही जान,
राधा ही सारी श्रष्टि का तोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही नदिया राधा ही धारा, राधा ही निर्गुण ब्रम्ह नियारा,
द्वार तु अपने मन का खोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही अंतर प्राणों की शक्ति, राधा की अविरल प्रेम की भक्ति,
प्रेम से राधे राधे बोल, केशव माधव हरी हरी बोल
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
Shrijirasik
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ ना,
सौदा करना है दिल का,
दिलदार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
और किसे देदूँ दिल,
सब यहाँ फ़रेबी हैं....-2
गर तुम हो मेरे दिलबर,
तो यार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
तुमको मैंने मोहन अपना,
मालिक बनाया है....-2
चाकर समझो गर तो,
सरकार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
बेधड़क तुम्हारे बिना,
मेरा ना वज़ूद है....-2
तुम्ही हो जीवन का,
आधार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ ना,
सौदा करना है दिल का,
दिलदार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ........
Shrijirasik
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
बड़ी मुश्किल से नर तन मिला,
बेसहारों का कर तू भला.....-2
काम ऐसा जो कर जाएगा,
पार भव से उतर जाएगा....-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
जाने कितने दिनों की जिन्दगानी,
लोग कहते रहेंगे कहानी.....-2
हँसा पिंजरे से उड़ जाएगा,
पार भव से उतर जाएगा......-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
जिसने जैसी करी होगी करनी,
उसको वैसी पड़ेगी रे भरनी.....-2
इक ना दिन तू पछतायेगा,
पार भव से उतर जाएगा......-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
करना तन मन से हरी का भजन,
बस लगा ले प्रभु से लगन......-2
कृष्ण भक्ति में रंग जायेगा,
पार भव से उतर जाएगा.....-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
कृष्ण कहने से तर जायेगा,
पार भव से उतर जाएगा,
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
Shrijirasik
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना सुन्दर श्याम,
हमारें घर कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
ग्वालों को लाना,
आप भी आना संग,
ग्वालों को लाना,
मिलकर माखन खाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोंपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
राधा जी को लाना,
आप भी आना संग,
राधा जी को लाना,
मिलकर रास रचाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
गोपियों को लाना,
आप भी आना संग,
गोपियों को लाना,
मिलकर धूम मचाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना सुन्दर श्याम,
हमारे घर कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
Shrijirasik
मोपे जादू कर गये री
बांके नैना है
दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे
मोपे जादू कर गई री
देखि एक झलक जो उसकी सुध बुध सब बिसराई
नैन कटीले बांकी अदा सखी उसके मन को भाई
दिल घ्याल कर गए री बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
भूख प्यास सब मर गई मेरी मोहे कशु न भावे
करवट बदलू रात रात भर इक पल चैन न आवे
ऐसी दिल में बस गई री
बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
जाने कैसी प्रीत लगी उन नैनं पे दिल हारी
बस गए मेरे रोम रोम वो छलियाँ बांके बिहारी
बांके नैना कर गए री
बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
Shrijirasik
यूँ रूठो न कन्हैया ,समझाये यशुदा मैया,
समझाये यशुदा मैया ,हाय ,यूँ रूठो न कन्हैया,
मिश्री मलाई माखन दही दूध तुमको दूँगी,
तुमको लगी नज़र न सारी बलाए लूँगी,
आंखों में दूँगी काज़ल, माथे तिलक करूँगी,
केशों को में सजा के ,सिर में मुकुट धरूंगी,
हाय.. यूँ............….
कानों में डालूँ कुंडल, गालों में तिल लगाऊँ,
पहना के पग में पायल तुमको सुघर बनाऊँ,
आकाश का ये चंदा, धरती पे में उतारूँ,
चंदा को तुम निहारो,और में तुम्हे निहारूँ,
हाय... यूँ............
बंधन जनम मरण के,है नाथ खत्म करदो,
भक्तों को देखे दर्शन ,हमको सनाथ करदो,
राजेन्द्र गाये गुण जब,आना पड़ेगा तुमको,
मझधार से कन्हैया ,उस पार करना हमको,
हाय... यूँ........
Shrijirasik
उस पर रंग फिर कोई दूजा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे,
जिसको सर पे है तूने चढ़ाया,
किस की ओकात उसको गिरा दे,
उस पर रंग फिर दूसरा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे।
कर ले तूफान कितनी भी कोशिश,
रास्ता रोक सकता नहीं है,
धोखा देकर दुश्मन ने ख़ंजर,
पीठ पर भौंक सकता नहीं है,
मौत की भी नहीं इतनी हिम्मत,
वक़्त से पहले उसको मिटा दे।
रंग खुशियों के सारे वहाँ पर,
साँवरा है हमारा जहाँ पर,
प्रेम की बगिया महकेगी हरपल,
मेरा प्रीतम है बैठा जहाँ पर,
इसके आँचल में जो तू रौशन,
नहीं जरूरत हवा में बुझा दे।
छल कपट से वो रखता है दूरी,
प्रेम की भाषा ये जानता है,
प्रेम करता ये जिन प्रेमियों से,
उन सभी को ये पहचानता है,
उसको कर दे दीवाना साँवरिया,
एक झलक सांवरी जो दिखा दे।
प्यारे मैं जानता हूँ ये बेहतर,
जब छलकती तेरी प्रेम पायल,
प्रीत में तेरी होकर के घायल,
झूमता नाचता है ये पागल,
डर निकल जाता है दिल से सारा,
बेधड़क श्याम जिनको बना दे।
Shrijirasik
श्याम नाम अति मीठा है कोई गा के देख ले
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले
जिस घर में अहंकार वहाँ मेहमान कहाँ से आए,
जिस मन में अभिमान वहॉँ भगवान कहाँ से आए
अपने मन मंदिर में ज्योत जगा के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले
आधे नाम पे आ जाते हो कोई बुलाने वाला
बिक जाते हैं श्याम कोई हो मोल चुकाने वाला
कर्मा बेटी सा कोई भोग लगा के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले।
मन भगवान का मंदिर है यहाँ मैल न आने देना
हीरा जन्म अनमोल मिला है इसे व्यर्थ गवा न देना
शीश झुके और प्रभु मिले झुका के देख ले,
आ जाते है श्याम ,कोई बुला के देख ले
Shrijirasik
मेरा श्याम है रंग रंगीला
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला ॥
कि अमृत, बरसेगा ॥कीर्तन में ॥
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो ।
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो, हो...
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो ॥
कि खुश्बू, हो जाएगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो ।
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो, हो...
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो ॥
कि रौनक, लग जाएगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, नैना, मिला कर देखो ।
कोई, नैना, मिला कर देखो, हो...
कोई, नैना, मिला कर देखो ॥
कि धड़कन, बढ़ जाएगी ॥कीर्तन में ॥
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, प्रीत, लगाकर देखो ।
कोई, प्रीत, लगाकर देखो, हो...
कोई, प्रीत, लगाकर देखो ॥
कि तन मन, रंग जाएगा ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, कीर्तन, करा कर देखो ।
कोई, कीर्तन, करा कर देखो, हो...
कोई, कीर्तन, करा कर देखो ॥
कि रास, रच जाएगा ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, इनको, रिझा कर देखो ।
कोई, इनको, रिझा कर देखो, हो...
कोई, इनको, रिझा कर देखो ॥
कि मुरलिया, गूँजेगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
Shrijirasik
मीठे रस से भरीयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गोरी गोरी,
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी,
ब्रजधाम राधा जु की,
रजधानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
ना भावे अब माखन मिसरी,
और ना कोई मिठाई,
जीबड़या ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई,
वृषभानु की लली तो,
गुड़धानी लागे,
गुड़धानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
कान्हा नित मुरली मे टेरे,
सुमरे बारम्बार,
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार,
राधा रूप की अनोखी,
पटरानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
राधा राधा नाम रटत है,
जो नर आठों याम,
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम,
राधा नाम मे सफल,
जिंदगानी लागे,
जिंदगानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
मीठे रस से भरयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
Shrijirasik
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही……
Shrijirasik
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
तू छिपा है कहा हम तो तरसे याहा,
बरसे कब से ये नैना मेरे सांवरे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
माना राधा के जैसी न हस्ती मेरी,
मीरा बाई सी न प्रीत सच्ची मेरी,
ना तो नरसी के जैसी है मस्ती मेरी,
न सुदामा के जैसी है भगति मेरी,
आधा घ्याल हु मैं आधा पागल हु मैं,
दास की सास हर इक तेरे नाम रे,
कब ये मैंने कहा है कन्हैया मेरे
अपने हाथो की मुरली बना लो मुझे,
कब कहा मैंने ये मोर के पंख के,
जैसे अपने मुकट में सजा लो मुझे,
इक घुंगरू बना अपनी पैजनिया का,
चुम जो हर घडी मैं तेरे पाँव रे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
हमने सोचा था ये इक सहारे तेरे,
चार दिन जिंदगी के गुजर जायेगे,
प्रीत की रीत तुम निभाते सदा,
इक न इक दिन मेरे भाग खुल जायेगे,
इक भरोसे तेरे प्राण प्यारे मेरे,
हम ने दिल का लगाया था ये दाम रे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सँवारे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सँवारे,
Shrijirasik
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तेरे बिना मैं कैसे , बसंत मनाऊगी ,
तू ना आया जो मोहन , मैं तो रूठ जाऊगी,
मुझको तुझसे प्यार हैं , तू मेरा दिलदार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
पहले कभी ना तेरा , मेने इंतज़ार किया ,
जब से हुई ही तेरी , तुझसे ही प्यार किया ,
अब ना होता इंतज़ार हैं , दिल ये बेक़रार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तुझसे ये रिश्ता मेरा , सदियों पुराना ,
दिल ये मेरा कान्हा , बस तेरा ही दीवाना,
सुन ले दिल की पुकार ये, तू ही मेरा यार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
Shrijirasik
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने॥
ना जाने कौन सी बांकी अदा तुम्हारी॥
ना जाने कौन सी बांकी अदा तुम्हारी कोरस॥
हजारो लाखो मिटे है ये ऐसी प्यारी है
कभी हमें भी मिटाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
जहां श्री राधा जो संग में ॥
जहां श्री राधा जो संग मे कोरस ॥
वो जमना जी का किनारा वो पुंज है प्यारे
वही पे हमको बिठा लो तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
मैं लाऊ फुल तुम्हारी पसंद के प्यारे॥
मैं लाऊ फुल तुम्हारी पसंद के प्यारे कोरस ॥
बनाऊ फुल के बंगले बिराजो तुम प्यारे
मुझे ये सेवा दिलाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
ये आठो याम की सेवा करु तिहारी ॥
ये आठो याम की सेवा करु तिहारी कोरस॥
कहे गोविन्द मैं गांऊ तुम्हे रिझाने को
तुम भी साथ में गाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने॥
तेरे बगैर सांवरिया...............
Shrijirasik
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
Shrijirasik
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैनन में
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैनन में
प्यारे भये चाहैं मेरे नैनन के तारे
प्यारे भये चाहैं मेरे नैनन के तारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
मेरे तन-मन-प्रानहूँ तें प्रीतम प्रिय आपने
मेरे तन-मन-प्रानहूँ तें प्रीतम प्रिय
कोटिक प्रान प्रीतम मोसों हारे
आपने कोटिक प्रान प्रीतम मोसों हारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं (जोई-जोई प्यारो करैं)
जैश्री 'हितहरिबंस' हंस-हंसिनी स्यामल गौर
कहौ, कौन करै जल-तरंगिनि न्यारे
कहौ, कौन करै जल-तरंगिनि न्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं (जोई-जोई प्यारो करैं)
Shrijirasik
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
1.मेरी नाव सिर्फ एक तेरे सहारे,
तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
2.तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे,
तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
3.जग्गनाथ स्वामी मेरे नैंन के तारे,
मेरे सार काज स्वामी आप सवारें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ...
Shrijirasik
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
यमुना जी का निर्मल पानी
शीतल करत शरीर
शीतल करत शरीर
बंसी बजावत गावत कान्हो
संग लियो बलवीर
संग लियो बलवीर
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे गल वैजयन्ती माल
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
वृन्दावन के वृक्ष को प्यारे
वृक्ष न माने कोय
वृक्ष न माने कोय
डाल डाल और पात-पात
श्री राधे राधे होय
राधे राधे होय
बृज की माटी माथे लगाकर
मिल गए मुझको श्याम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा रमण मेरे बांके विहारी
श्री राधा बल्लभ लाल
राधा बल्लभ लाल
जुगल किशोरी जू मदन मोहन जू
प्यारे गोपीनाथ, प्यारे गोपीनाथ
रूप गोस्वामी प्रकट कियो जहां
गोविन्द रूप निधान
वृन्दावन की सप्त निधिन को
करते है हम प्रणाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
वाणी गुणानु कथने श्रवनौ कथायां
हस्तौ च कर्मसु मनस्तव पादयोर्न
स्मृत्यां शिरस्तव निवासजगत्प्रणामे
दृष्टि: सतां दर्शनेऽस्तु भवत्तनूनाम्
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
केसर तिलकं कृष्ण वरणं, केसर तिलकं कृष्ण वरणं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राजत वन मालं रूप रसालं
राधारमणं हरे, हरे
राजत वन मालं रूप रसालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
वेणु कृत नादं आनंद अपारं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
सुंदर मुदु हासं हरत विषादं
राधारमणं हरे, हरे
सुंदर मुदु हासं हरत विषादं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
गोरज मुख लसितं, भक्त चित वसितं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधाउर हारं रास रसालं
राधारमणं हरे, हरे
राधाउर हारं रास रसालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हर हरे
भक्ताधीनं दीनदयालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं
राधारमणं हरे, हरे
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
गो पसु वेशं दास इन्द्रेशं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण
(जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण)
जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण
(जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण)
Shrijirasik
तर्ज:- सारे रिश्ते नाते तोड के आ गई
तूने जो बजाई बंशी दौड के आ गई
सुन ले मेरे सांवरे सब छोड के आ गई
तू ही मेरी मंजिल तू ही ठिकाना
मैं जो शम्मा हूँ तो तू है परवाना
दुनिया से मन को मोड के आ गई
माता पिता और संग कि सहेली
कोई नही साथ मेरे बिल्कुल अकेली
सभी से मैं रिश्ते नाते तोड के आ गई
सुनते कन्हैया प्यार भरी मुरली
प्रेम का बादल आँखे मेरी भर ली
श्याम तेरी चुनरी मैं ओड के आ गई
कर दी है तेरे नाम ये जिन्दगानी
रूपगिरी फरमाए अपनी पुरानी
जीवन कि डोरी तुमसे जोड के आ गई
Shrijirasik
ओ कान्हा रे, तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
फूलों में कलियों में , वृंदावन की गलियों में ,
तेरे बिना कुछ कहीं ना , तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
जाने कैसे अनजाने ही, आन बसे मेरे मन में,
अपना सब कुछ खो बैठा मैं ,जब से बसे मेरे दिल में,
भक्ति के अफसाने, मैं जानू तू जाने , और ये जाने कोई ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
मेरी धड़कन में बसे हो, सांसों में तेरी खुशबू है,
इस धरती से उस अंबर तक, मेरी नजर में तू ही तू है,
भक्ति ये छूटे ना , तू मुझसे रूठे ना, साथ ये छूटे कभी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तुम बिन सुना मेरा जीवन , तुम बिन सुने दिन ये सारे,
मेरा जीवन तुझको अर्पण, तुम ही हो जीने के सहारे,
तेरे बिना मेरी ,मेरे बिना तेरी , ये जिंदगी जिंदगी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
Shrijirasik
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
तुम मुरली मधुर बजाओ
मैं झूठ के नचूंगा
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बन जल की मछली
श्री यमुना में छुपा जाऊं
मेरे श्याम नहाने आओ
छू चरण परम पद पाऊं
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम पपीहा
पीहू पीहू की रन लगाओ
तुम साथी बूंद बन बारसो
जनमो की प्यास बुझाऊ
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम चकोरा
नैनों में नीर भरण
तुम श्याम चंद्र बन जाओ
मैं जल का अलग चढ़ाऊ
मैं बनके बस की पारी
हरि अधरों से लग जाऊं
जब श्याम मुझे बजावे
मैं इधर सुधा रस पाऊं
Shrijirasik
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी संवारे,
मिल गई हर ख़ुशी मिट गए सारे गम.
बात बिगड़ी बनाई मेरे सँवारे,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
दो जहां का मालिक तू दया वां है ,
अपने भगतो पे तू तो मेहरबानी है
तू ही साहिल तू कश्ती मेरे सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी सँवारे ,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
तुझसे मिलने की चाहत दिल में लगी
प्यास दर्शन की मेरे मन में जगी,
मान लो अब तो अर्जी मेरे सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी सँवारे ,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
Shrijirasik
मोहे लागी लगन मनमोहन से -2 ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम में आय बैठी ,
मोरे नैनों से -2,निंदिया चुराई जिसने ,
मैं तो नैनां उसी से लगाए बैठी।
मोहे लागी लगन....
कारो कन्हैया सो काजल लगाईके ,
गालों पे गोविन्द गोविन्द लिखाइके।-2
गोकुल की गलियों में गोपाल ढूंढूं ,
मैं भाँवरी अपनी सुधबुध गँवाईके ,
मिल जाए रास बिहारी,मैं जाऊं वारी-2 ,
कहदूँ नटखट से बात हिया की सारी ,
बात समझेगो-2 मेरी बिहारी कभी ,
ये शरत मैं खुदी से लगाई बैठी।
ऐसी लागी लगन मनमोहन से -2 ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम आय बैठी।
जो हो सो हो अब ना जाऊं पलट के,
बैठी हूँ कान्हा की राहों में डट के। -2
जबतक ना मुखड़ा दिखाए सलोना ,
काटूंगी चक्कर यूहीं वंशीवट के ,
उस मोरमुकुट वाले से ,गोविंदा से ग्वाले से ,
मन बाँध के रखना है उस मतवाले से ,
जाने आ जाए-2 कब चाँद वो सामने ,
भोर से ही मैं खुद को सजाए बैठी।
मोहे लागी लगन मनमोहन से ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम आय बैठी।
मोरे नैनों से -2,निंदिया चुराई जिसने ,
मैं तो नयना उसी से लगाए बैठी।
मोहे लागी लगन....।
हरे कृष्णा ,हरे कृष्णा ,कृष्णा कृष्णा हरे हरे।
हरे रामा ,हरे रामा ,रामा रामा हरे हरे।।
Shrijirasik
झूले, पलना में, कृष्ण कन्हईया,
बधाई, बाजे, गोकुल में ॥
बधाई, बाजे, गोकुल में,
बधाई, बाजे, गोकुल में ॥
झूले, पलना में, कृष्ण...
नन्द, भवन की, शोभा न्यारी ।
तीन, लोक, जाएं बलिहारी ॥
बाजे, नोबत, ढोल शहनईया,
बधाई, बाजे गोकुल में ।
झूले, पलना में, कृष्ण...
धन्य, भयो, नन्द, बाबा को अंगना ।
पूरण, ब्रम्ह, झूल, रह्यो पलना ॥
श्याम, तन पे, पीत झगुलिया,
बधाई, बाजे गोकुल में ।
झूले, पलना में, कृष्ण...
मंगल, गावे, मिल ब्रजनारी ।
जायो, यशोदा ने, गिरवर धारी ॥
झूमे, नाचे, ग्वाल, ग्वालिनिया,
बधाई, बाजे गोकुल में ।
झूले, पलना में, कृष्ण...
‘चित्र विचित्र’, जब, सुनी खबरिया ।
आये, पकड़, ‘पागल’ की, अंगुरिया ॥
जीवे, युग युग, नन्द जु को, छैईया,
बधाई, बाजे गोकुल में ।
झूले, पलना में, कृष्ण...
Shrijirasik
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
तेरी करुणा का ऐसा जादू चला,
ये दिल तो हुआ बेगाना है।
देख छवि मेरे राधारमण जू की,
हमने बस यही ठाना है।
ऐसे कंटीले नयन तिहारे
इनमें डूब ही जाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
अलबेलों की इस बस्ती में,
मिला ऐसा एक खज़ाना है।
कितने भी तूफ़ान हैं आये,
तुमने मुझको थामा है।
दुखों को मेरे हर के प्रभु ने,
खुशी का दिया ख़ज़ाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
तेरी करुणा का ऐसा जादू चला,
ये दिल तो हुआ बेगाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
मन राधारमण का दीवाना है…
मन राधारमण का दीवाना है
Shrijirasik
पत्ता पत्ता डाली डाली मेरी श्याम वसदा ।
सारी सृष्टि दा यह मालिक मेरा श्याम सांवरा ॥
साँसों की माला श्याम पुकारे,
राधे राधे श्याम उचारे ।
मेरी साँसों की माला विच्च मेरा श्याम वसदा ॥
पत्ता पत्ता...
दीवानी हो गयी दर तेरे आके,
जग को मैं भूल बैठी तुझे अपना के ।
जग को याद अब नहीं करना, रूह विच्च श्याम वसदा ॥
पत्ता पत्ता...
राधे राधे जिसने गाया,
श्याम ने उसको अपना बनाया ।
राधे रानी के सहारे सारा जग चलदा ॥
पत्ता पत्ता...
नैना श्याम के प्रेम प्याले,
पीवन वाले पीवे भर भर प्याले ।
ओहनू मस्ती विच मिलदा मेरा श्याम सावरा ॥
पत्ता पत्ता...
Shrijirasik
कान्हा मुरली सुना दो प्यारी प्यारी रे,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
धुन मुरली की मन को भाये
मुरली सुन बिन रहा न जाये ,
तेरी मुरली बड़ी ही जादूगारी रे,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
मुरली की धुन मस्त बनाये सारे जग को नाच नचाये,
तेरी मुरली पे जाऊ वारी वारी रे
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
कान्हा मुरली मधुर भ्जाये मेरे दिल का चैन चुराए,
ले लेगी ये जान हमारी रे ,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
श्याम छेड़ो कोई ऐसा तराना भीम सेन हो जाए दीवाना
सुन के झूमे ये दुनिया सारी रे
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
Shrijirasik
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
राधा तो हुई वनवारी राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
मना मना के हर कोई हारा बात किसी की न मानी
श्याम के रंग में एसी रंग गी हो गई प्रेम दीवानी
रंगीली बई संवारी राधा तो हुई वनवारी
कान्हा की मुरली जब तटपर मीठी तान सुनाये
यमुना की लेहरे भी संग में झूमे नाचे गाये
हे उड़ गी सिर से चुनरी राधा तो हुई वनवारी
रंग केसरिया भागा सोहे मोर मुकत छवि न्यारी
होठो पे मुस्कान कटीली सूरत लागे प्यारे
वो सखियाँ संग नाच रही
राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
Shrijirasik
कैसी शोभी बनी आज मेरे यार की,
भानु की दुलारी, नन्द के कुमार की ।
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
अति मतवारे नयन मेरे युगल के,
करुणा की धारा या सों छल छल छलके ।
मैं वारि वरि जाऊं कजरे के धार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
लाड़ली की साडी लाल, काछनी है लाल की,
नज़र लगे न जोड़ी बनी है कमाल की ।
आपसे है शोभा, आप के श्रृंगार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
ऐसे सदा शोभा पाओ मेरे नयन तारे,
आपसे विनय है मेरी इतनी सी प्यारे ।
तोडना न डोर कभी मेरे प्यार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
जैसे चाँद शोभा पाए नील गगन में,
वैसे ही रमन करे राधिका रमन में ।
बात कहूं मैं बस यही सार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
इस जीवन के तुम जीवन हो
बृजचन्द्र तुम्हे कैसे समझाएं
दुखी होता बहुत तुम्हारे बिना
कैसे दिल अपना चीर दिखाएँ.....
तेरे फूलों से भी प्यार तेरे कांटो से भी प्यार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरी मर्ज़ी में विधाता कोई छुपा बड़ा राज़
दुनिया चाहे हमसे रूठे तू ना होना नाराज़
तुझे वंदन है बार बार हमको करले तू स्वीकार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
हमको दोनों है पसंद तेरे धुप और छाँव
डाटा किसी भी दिशा में ले चल ज़िन्दगी की नाव
चाहे हमें लगादे पार या डुबादे बीच मंझधार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
चाहे सुख दे या दुःख चाहे ख़ुशी दे या ग़म
मालिक जैसे भी रखेगा वैसे रह लेंगे हम
चाहे हंसी भरा संसार चाहे आंसुओं की धार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरे फूलों से भी प्यार............
छंद:- मात्थे मुकुट देखो, चन्द्रिंका चटक देखो
भ्रकुटि मटक देखो, मुनिं मन भाई है
टेड़ी सी अलक देखो, कुंडल झलक देखो
चंचल पलक देखो, महा सुखदाई है
सुंदर कपोल देखो, अधर अमोल देखो
लोचन सलोल देखो, खंज़न लजाई है
बंशी रंमधोर देखो, सांवरों किशोर देखो
वृन्दावन और देखो, कैसी छविं छाई है
तर्ज़:- पहले वैखे नैंन मैं तेरे,फिर वैखेया तैंनूं नी
वृन्दावन धाम हमें तो, प्राणों से भी प्यारा है
तीनों लोकों को रसिकों ने, वृन्दावन पे वारा है
के मैं भी बस जाऊं वहां, के मैं भी बस जाऊं वहां
जहां यमुना किनारा है, बहे प्रेम की धारा है
वृन्दावन...
1.वृन्दावन धाम हृदय है, प्यारे कुंज बिहारी का
वृन्दावन में राज है चलता, मेरी श्यामा प्यारी का
के इन कुंज गलियों का, के इन कुंज गलियों का
बड़ा सुंदर नज़ारा है, यही भगती का द्वारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
2.वृन्दावन की लता-पता भी, राधे-राधे गाती हैं
वृन्दावन की लीला प्यारी, मेरे मन को भाती है
ये दिल मेरा कहता है, ये दिल मेरा कहता है
नहीं कोई हमारा है, वृन्दावन में गुज़ारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
3.धन वृन्दावन धाम रगिंलो, धन वृन्दावन वासी हैं
वृन्दावन के रसिक धन्य, जो श्यामा-श्याम उपासी हैं
ये चित्र विचित्र कहें, ये चित्र विचित्र कहें
पागल ने विचारा, यही भगती का द्वारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं ।
यही सद् ग्रंथ कहते हैं, यही हरि भक्त गाते हैं ॥
नहीं स्वीकार करते हैं, निमंत्रण नृप सुयोधन का ।
विदुर के घर पहुँचकर भोग छिलकों का लगाते हैं ॥
न आये मधुपुरी से गोपियों की दु:ख व्यथा सुनकर।
द्रुपदजा की दशा पर, द्वारका से दौड़े आते हैं ॥
न रोये बन गमन में श्री पिता की वेदनाओं पर ।
उठा कर गीध को निज गोद में आँसु बहाते हैं ॥
कि जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं ।
यही सद् ग्रंथ कहते हैं, यही हरि भक्त गाते हैं ॥
नहीं स्वीकार करते हैं, निमंत्रण नृप दुर्योधन का ।
विदुर के घर पहुँचकर, भोग छिलकों का लगाते हैं ॥
न आये मधुपुरी से गोपियों की, दु: ख कथा सुनकर ।
द्रुपदजा की दशा पर, द्वारका से दौड़े आते हैं ॥
न रोये बन गमन में , श्री पिता की वेदनाओं पर ।
उठा कर गीध को निज गोद में , आँसु बहाते हैं ॥
कठिनता से चरण धोकर मिले कुछ'बिन्दु'विधि हर को ।
वो चरणोदक स्वयं केवट के घर जाकर लुटाते हैं ॥
बड़ा नटखट है रे...
बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया का करे यशोदा मैया होऽऽ, बड़ा नटखट है...
ढूंढें री अखियां उसे चहुं ओर जाने कहां छिप गया नंद किशोर उड़ गयो ऐसे जैसे पुरवैया का करे यशोदा...
आ तोहे मैं गले से लगा लूं लागे न किसी की नजर मन में छुपा लूं धूप जगत है रे ममता है छैयां का करे यशोदा...
मेरे जीवन का तू एक ही सपना जो कोई देखे तोहे समझे वो अपना सबका है प्यारा, हां सबका है प्यारा बंसी बजैया का करे यशोदा...
कान्हा की मैं तो दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना,
कान्हा दीवाना मेरा बड़ा मस्ताना,
मैया यशोदा का राज दुलारा,
मोर मुकट लागे सिर पर प्यारा,
दुनिया है इसकी दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना
कान्हा पे मरती है सारी सखाये,
पर कान्हा को भाहति है मेरी अदाएं,
चाहे कोई ये न माने रे,
मेरा कान्हा दीवाना
यमुना के तट पे ये रास रचाये,
मुरली की धुनि पे ये सब को नचाये,
प्रेम का छेड़े ये तरना रे,
मेरा कान्हा दीवाना
दीपक है कान्हा का दीवाना,
झूम झूम गाये बस तेरा ही तराना,
सारे जगत ने ये मन रे,
मेरा कान्हा दीवाना
मुझे मिला रंगीला यार ब्रिज की गलिओं में,
गलिओं में भी कुंजन में,
मोसे कहे इत आओ सजनी ,
आकर मेरी बाह पकड ली,
मैं तो हो गी शरमो सार ब्रिज की गलियों में,
मुझे मिला रंगीला .........
कैसे कहू मोपे क्या क्या गुजारी,
श्याम सुन्दर की हो गई भवरी,
जब नैना हो गये चार ब्रिज की गलियों में,
मुझे मिला रंगीला .......
हर दम अब तो रहू मस्तानी,
लोक लाज की नी बिसरानी,
मैं तो गाऊ ख़ुशी के गीत, ब्रिज की गलियों में,
मुझे मिला रंगीला ......
मोहन एसी बंसी बजाई,
सब ने अपनी सूद बिसराई,
फिर नाच उठा संसार, ब्रिज की गलियों में,
मुझे मिला रंगीला ......
श्री बांके बिहारी लाल गोपाल मन रखियो अपने चरनन में
मन रखियो अपने चरनन में मन रखियो श्री वृन्दावन में
तेरे शीश पे मुकुट विराज रहा
कानो में कुण्डल साज रहा
तेरे गल वैजन्ती माल, गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
तेरे नैनो में सुरमा साज रहा
तेरे मुख में वीणा राज रहा
तेरी थोडी में हिरा लाल, गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
तेरे हाथ लटुकिया साज रही,
पैरो में पजनियाँ बाज रही
तेरी मुरली करे निहाल,गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
श्री बांके बिहारी लाल गोपाल मन रखियो अपने चरनन में
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
मेरे ब्रज की माटी चंदन है,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.....
जिसको कहते है नंदलाला,
सारे जग का श्याम उजाला,
मन का उजला तन का काला,
मन के मंदिर में श्याम समाए,
ऐसा कोई नहीं दिल वाला,
खुला खजाने का है ताला,
सोई किस्मत खोलने वाला,
ऐसे वरदानी श्याम कहाए,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
धारा में जहाँ बहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.......
गोवर्धन परिक्रमा न्यारी,
आते दुनिया के नर नारी,
झुकाती द्वार पे दुनिया सारी,
राधे राधे के गुण गाते,
राधे श्याम के भक्त निराले,
आते दूर से आने वाले,
पाँव में पड़ जाते है छाले,
अपनी मन की मुरादों को पाते,
उतना ही सुख मिलता जितना,
उतना ही सुख मिलता जितना,
दुःख दर्द यहाँ सहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है......
कोई पैदल पैदल जाए,
कोई दूध की धार चढ़ाए,
गिरधर गिरधर नाम को गाए,
कोई श्रद्धा सुमन ले आता,
ये गिरिराज धरण का कहना,
राधे नाम को जपते रहना,
पहना भक्ति भाव का गहना,
सोई किस्मत को चमकाता,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
गा गा के यही कहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है........
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
तेरी सवारी सूरत पर वारि रे ,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
यमुना तट हरी धेनु चरावे,
मधुर मधुर सुर वेणु भजावे,
काँधे कमरिया कारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
मोर मुकट पीताम्भर सोहे,
देख रूप मुनि घन मोहे,
कुण्डल की छवि न्यारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
वृन्दावन में रास रचावे,
गोप गोपिका संग मिल गावे,
नो पुर की धुन गा री रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
भक्त हित हरी रूप बनाया ब्रह्मा नंद मेरे मन भाया ,
चरण कमल बलिहारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
ओ मोटे मोटे नैनन के तू ,
ओ मीठे मीठे बैनन के तू
साँवरी सलोनी सूरत के तू ,
ओ प्यारी प्यारी मूरत के तू ।
ओ कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये,
बाँके-बिहारी कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
काजल की कोरे - ओय होय होय,
मेरा जिगर मरोड़े - ओय होय होय,
रंग रस में भोरे - ओय होय होय,
मै तो हारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
आँखों का काजल - ओय होय होय,
मेरा जिगर है घायल - ओय होय होय,
तेरे प्यार में पागल - ओय होय होय,
कर डारि रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
तेरे मुकुट की लटकन - ओय होय होय,
तेरे अधर की मुस्कन - ओय होय होय,
गिरवह की मटकन - ओय होय होय,
बलिहारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
तेरी प्रीत है टेडी - ओय होय होय,
तेरी रीत है टेडी - ओय होय होय,
तेरी जीत है टेडी - ओय होय होय,
मै तो हारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन
हाय नजर ना लग जाये ॥
बाँके-बिहारी कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन
हाय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
ओय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
हाय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
छवि लगी मन श्याम की जब से २-
भई बावरी मैं तो तब से २-
बाँधी प्रेम की डोर मोहन से २-
नाता तोड़ा मैंने जग से २-
ये कैसी पागल प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
ये कैसी निगोड़ी प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मोहन की सुन्दर सूरतिया २-
मन में बस गयी मोहनी मूरतिया २-
जब से ओढ़ी शाम चुनरिया २-
लोग कहे मैं भई बावरिया २-
मैंने छोड़ी जग की रीत ये दुनिया क्या जाने २-
हर दम अब तो रहूँ मस्तानी २-
लोक लाज दीनी बिसरानी २-
रूप राशि अंग अंग समानी २-
हे रत हे रत रहूँ दीवानी २-
मई तो गाऊँ ख़ुशी के गीत ये दुनिया क्या जाने २-
मोहन ने ऐसी बंसी बजायी २-
सब ने अपनी सुध बिसरायी २-
गोप गोपिया भागी आई २-
लोक लाज कुछ काम न आई २-
फिर बाज उठा संगीत ये दुनिया क्या जाने २-
भूल गयी कही आना जाना २-
जग सारा लागे बेगाना २-
अब तो केवल शाम सुहाना २-
रूठ जाये तो उन्हें मनाना २-
अब होगी प्यार की जीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
हम प्रेम नगर की बंजारन २-
जप तप और साधन क्या जाने २-
हम शाम के नाम की दीवानी २-
नित नेम के बंधन क्या जाने २-
हम बृज की भोली गंवारनिया २-
ब्रह्म ज्ञान की उलझन क्या जाने २-
ये प्रेम की बाते है उद्धव २-
कोई क्या समझे कोई क्या जाने २-
मेरे और मोहन की बातें २-
या मै जानू या वो जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
शाम तन शाम मन शाम हैं हमारो धन २-
आठो याम पूछो हमें शाम ही सो काम हैं २-
शाम हिये शाम पिए शाम बिन नाही जिए २-
आंधें की सी लाकडी आधार शाम नाम है २-
शाम गति शाम मति शाम ही हैं प्राणपति २-
शाम सुख दायी सो भलाई आठो याम हैं २-
उद्धव तुम भये बवरे पाथी ले के आये दोड़े २-
हम योग कहा राखे यहाँ रोम रोम शाम है २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
तीसरा नज़रे मिलाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
तीसरा घुंघरू बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
तीसरा सपनो में आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ||
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
मीरा पुकारी जब गिरिधर गोपाला,
ढल गया अमृत में विष का भरा प्याला।
कौन मिटाए उसे, जिसे तू राखे पिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
जब तेरी गोकुल पे आया दुख भारी,
एक इशारे से सब विपदा टारी।
मुड़ गया गोवर्धन तुने जहाँ मोड़ दिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
नैनो में श्याम बसे, मन में बनवारी,
सुध बिसराएगी मुरली की धुन प्यारी।
मन के मधुबन में रास रचाए रसिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
कोई जाये जो वृन्दावन, मेरा पैगाम ले जाना,
मैं खुद तो जा नहीं पाऊँ, मेरा प्रणाम ले जाना ।
ये कहना मुरली वाले से मुझे तुम कब बुलाओगे,
पड़े जो जाल माया के उन्हे तुम कब छुडाओगे ।
मुझे इस घोर दल-दल से, मेरे भगवान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
जब उनके सामने जाओ तो उनको देखते रहना,
मेरा जो हाल पूछें तो ज़ुबाँ से कुछ नहीं कहना ।
बहा देना कुछ एक आँसू मेरी पहचान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
जो रातें जाग कर देखें, मेरे सब ख्वाब ले जाना,
मेरे आँसू तड़प मेरी..मेरे सब भाव ले जाना ।
न ले जाओ अगर मुझको, मेरा सामान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
मैं भटकूँ दर ब दर प्यारे, जो तेरे मन में आये कर,
मेरी जो साँसे अंतिम हो..वो निकलें तेरी चौखट पर ।
‘हरिदासी’ हूँ मैं तेरी.. मुझे बिन दाम ले जाना॥
कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना
मैं खुद तो जा नहीं पाऊँ मेरा प्रणाम ले जाना ॥
Shrijirasik
मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
ओ साँवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मेरी कुछ भी ना औकात थी,
बिगड़ी मेरी हर एक बात थी,
ऐसा मुझपे करम कर दिया,
खुशियों की मुझको सौगात दी,
हर एक विपदा मेरी,
को तुमने हर लिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मेरी हर एक जरुरत प्रभु,
आपने पूरी कर दी प्रभु,
मांगने भी ना मुझको दिया,
पहले ही झोली भर दी प्रभु,
तेरा ही दिया मैंने,
प्रभु खाया और पिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
तेरे काबिल कहाँ मैं हरि,
फिर भी तुमने है करुणा करी,
हर जनम बस करते रहे,
‘हम सभी’ तेरी नौकरी,
हमें वृन्दावन बसा के,
उपकार ये किया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
ओ साँवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरी नाम की मस्ती अनोखी है,
पी करके हमने देखी हैं,
सब चिंताओं को छोड़ के अब,
मस्ती में रहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
पीकर के आनंद आता है,
यह झूठा जग नहीं भाता है,
तुम भी थोड़ी सी पिया करो,
यह सब से कहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम में चूर जो रहते हैं,
माया से दूर वो रहते हैं,
हरी याद रहे हर पल हमको,
प्रभु नाम को जपना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
कहना यह चित्र-विचित्र का है,
मुश्किल से मिलता मौका है,
हरि नाम के पागल बन जाओ,
सब को समझाना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
राधे राधे बोल श्याम आएंगे
राधे राधे बोल श्याम आयेंगे
आयेंगे श्याम आयेंगे
वृंदावन कहा दूर है
बरसाना कहा दूर है
सब तेरी नज़र का कसूर है
राधे राधे.......
निकले का तेरी भगती का परिणाम
तेरे घर भी आयेंगे घनश्याम
बस याद कर बस फर्याद कर
ना यू जीवन बर्बाद कर
बीते दिन लौट ना आयेंगे
राधे राधे.......
ना देखे कोई धर्म करम ना जात
जाने बस भग्तो के दिल की बात
वो बस जान ले पहचान ले
इक बार वो अपना मान ले
फिर आकर गाले लगाएँगे
राधे राधे.........
लाखो में किसी एक को चुनते है
अनदर की आवाज को सुनते है
बस जान ले पहचान ले
इक बार वो अपना मान ले
फिर आकर गाले लगाएँगे
राधे राधे.........
प्रेम के आंसू जिनके बहते है
उनके तो हरि अंग संग रह्ते है
मैं भी प्यासी हु हरिदासी हु
राधा जू की खासम खास हु
सुन कर प्रभू देर ना लगायेंगे
राधे राधे........
Shrijirasik
काहे तेरी अँखियों मैं पानी
जो मैं ऐसा जानती प्रीत किये दुख होय
नगर ढिढोरा पीटती प्रीत न करियो कोय
काहे तेरी अंखियो में पानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी
मीरा प्रेम दीवानी, मीरा कृष्ण दीवानी
दीवानी प्रेम दीवानी, मीरा प्रेम दीवानी
हस के तू पी ले विष का प्याला,
काहे का डर तोरे संग गोपाला ।
तेरे तन की ना होगी हानि,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
सब के लिए मैं मुरली बजाऊं,
नाच नाच सरे जग को नचाऊ ।
सिर्फ राधा नहीं है मेरी रानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
प्रीत में भक्ति जब मिल जाए,
जग तो क्या सृष्टि हिल जाए ।
झुक जावे अभिमानी,
Shrijirasik
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा,
जहां नाथ रख लोगे, वहीं मैं रहूँगा।
यह जीवन समर्पित चरण में तुम्हारे,
तुम्ही मेरे सर्वस तुम्ही प्राण प्यारे।
तुम्हे छोड़ कर नाथ किससे कहूँगा,
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥
ना कोई उलाहना, ना कोई अर्जी,
करलो करालो जो है तेरी मर्जी।
कहना भी होगा तो तुम्ही से कहूँगा,
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥
दयानाथ दयनीय मेरी अवस्था,
तेरे हाथ अब मेरी सारी व्यवस्था।
जो भी कहोगे तुम, वही मैं करूँगा,
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥
Shrijirasik
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
सात कोस की है परिकम्मा,
मैं तो मानसी गंगा नहाऊं मेरे वीर
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
सात सेर की करी रे करियां
मैं तो संतन न्यौंत जिमाऊं मेरे वीर
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
चन्द्रसखी भज बालकृष्ण छवि,
मैं तो हरि दर्शन को पाऊँ मेरे वीर,
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर
मेरे गोवर्धन गिरधारी,
सुन लो ना अरज हमारी,
मेरे गोवर्धन गिरधारी,
सुन लो ना अरज हमारी,
तुम रूसा रुसी छोड़ भी दो,
मुख मेरी तरफ अब मोड़ भी लो,
आई मैं शरण तुम्हारी,
सुन लो ना अर्ज हमारी...
मेरे दिन बीते, बीतीं रातें,
क्यों करते नहीं मुझसे बातें,
कुछ बोलो ना बनवारी,
सुन लो ना अर्ज हमारी,
मेरे गोवर्धन गिरधारी,
सुन लो ना अरज हमारी....
तुम सागर हो करुणा रस के,
मुझमे अवगुण दुनियाँ भर के,
फिर भी मैं दासी तुम्हारी,
सुन लो ना अर्ज हमारी...
सामने आओगे या आज भी पर्दा होगा,
रोज़ अगर ऐसा ही होगा तो कैसा होगा ।
मौत आती है तो आ जाए कोई गम ही नहीं,
वो भी तो आएगा तो मेरा मसीहा होगा ।
मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा,
तुम भी आना मेरे घर आज तमाशा होगा ।
हम गुहगारो ने सोचा ही नहीं था प्यारे,
जिक्र मोहन की गली में भी हमारा होगा ।
मेरे मन मधुबन में आ ओ वृंदावन रहन वालया
मीठी मुरली की तान सुना ओ वृंदावन रहन वालेया
तुम्हे देखने को मेरे नैन भए बावरे ओ नैन भए बावरे।
बोलो रे बोलो कब आओगे सांवरे ओ आओगे सांवरे।
इन नैनों की प्यास बुझा वृंदावन रहने वालेया
मेरे मन मधुबन में.......
फागुन बसंत और सावन बिताए ने हां सावन बिताए ने
तेरे देखने को कई सपने सजाए ने हां सपने सजाए ने
बैठी कब से मैं आस लगा ओ वृंदावन रहने वालेया
मेरे मन मधुबन में......
प्रेम का तू पुजारी है अनोखी रसधार है हां अनोखी रसधार है।
रस पान करने को जिया बेकरार है हां जिया बेकरार है।
मुझे रस की वो बूंद पिला ओ वृंदावन रहन वालया
मेरे मन मधुबन में
मेरा छोटा सा संसार,
हरि आ जाओ एक बार ll
हरि आ जाओ, प्रभु आ जाओ l
मेरी नईया, पार लगा जाओ l
*मेरी बिगड़ी, आ के बना जाओ l
भक्तों की, सुनो पुकार,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
जब याद, तुम्हारी आती है l
रह रह के मुझे, तड़पाती है l
तन मन की, सुध बिसराती है l
दूँ तन मन धन, तुझ पे वार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
लाखों को दर्श, दिखाया है l
प्रभु मुझको क्यों, तरसाया है l
ये कैसी तुम्हारी, माया है l
नित बहती है, असुवन धार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
मुझको बिछुड़े, युग बीत गए l
क्यों रूठ मेरे, मन मीत गए l
मै हार गया, तुम जीत गए l
अब दर्शन, दो साकार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,,
इस जग में, कौन हमारा है l
प्रभु तेरा ही, तो सहारा है l
तेरे भक्त ने, तुझे पुकारा है l
मेरी नईया, लगा दो पार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,,
तुमने मैख़ाना निगाहों में छुपा रखा है।
होश वालो को भी दीवाना बना रखा है॥
तेरी बांकी अदा ने ओ सांवरे,
हमें तेरा दीवाना बना दिया।
तेरा टेढ़ा मुकुट तेरी टेढ़ी छटा,
तेरा बांका मुकुट तेरी बाँकी छटा,
हमें तेरा दीवाना बना दिया॥
तूने हमें भी आशिक़ बना दिया ॥
तेरा प्यार है मेरी ज़िन्दगी,
मेरा काम है तेरी बन्दगी,
जो तेरी ख़ुशी वो मेरी ख़ुशी।
तेरी इक नज़र का सवाल है,
हमें होश है न ख्याल है,
तूने हमें दीवाना बना दिया॥
तेरी बांकी अदा ने...
मेरे दिल में तूं ही तूं बसा,
मुझे छाया तेरा ही नशा,
मैं जिस्म हूँ मेरी जान तूँ।
तेरा जादू जब से सवार है,
मुझे चैन है ना करार है,
तूने हमे भी कायल बना दिया॥
तेरी बांकी अदा ने...
मेरी जिंदगी का नाज़ तूँ ,
मेरी हर ख़ुशी का राज तूँ,
तेरी हर अदा सबसे जुदा।
ये जो हल्का हल्का सुरूर है ,
ये तेरी नज़र का कसूर है ,
तूने हमें भी आशिक़ बना दिया ॥
तेरी बांकी अदा ने..
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो भी अपने पास है, वह धन किसी का है दिया।
देने वाले ने दिया, वह भी दिया किस शान से।
"मेरा है" यह लेने वाला, कह उठा अभिमान से
"मैं", ‘मेरा’ यह कहने वाला, मन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो मिला है वह हमेशा, पास रह सकता नहीं।
कब बिछुड़ जाये यह कोई, राज कह सकता नहीं।
जिन्दगानी का खिला, मधुवन किसी का है दिया।..
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जग की सेवा खोज अपनी, प्रीति उनसे कीजिये।
जिन्दगी का राज है, यह जानकर जी लीजिये।
साधना की राह पर, साधन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है द
जो भी अपने पास है, वह सब किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो भी अपने पास है, वह धन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
वृन्दावन जाउंगी सखी
वृन्दावन जाऊंगी
,
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी....
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,
श्याम की याद में,
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,
श्याम की याद में,
मेरे नैनन बरसे नीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
श्याम सलोनी सूरत पे,
दीवानी हो गई,
अब कैसे धारू धीर सखी,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
इस दुनिया के रिश्ते नाते,
सब ही तोड़ दिए,
तुझे कैसे दिखाऊं दिल चिर,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
नैन लड़े मेरे गिरधारी से,
बावरी हो गई,
दुनिया से हो गई अंजानी,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी......
Shrijirasik
श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ, और श्याम हृदय कू भाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
सब सुख सागर रूप उजागर, रहे वृंदावन धाम
रूप गोस्वामी प्रगट कियो जहा, राधा गोविंद रूप निधान
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
बिहरत निसदिन कुंज गलिन में, ब्रज जन मन सुख धाम
मदन मोहन को रुप निरख के, सनातन बलि बलि जाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
गोपी ग्वाल सब हिय उर धारे, प्यारो गोपीनाथ
मधुपण्डित जिन कंठ लगायो, जहा है रही जय जय कार
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
श्री गोपाल भट्ट कि हृदय वेदना, प्रगट्यौ शालिग्राम
रुप सुधा को खान हमारो, प्यारो राधारमण जु लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
आतुर है हरिवंश पुकारो, श्री राधा राधा नाम
सघन कुंज यमुना तट आयो, प्यारो राधावल्लभ लाल
मदन टेर यमुना तट आयो, प्यारो राधावल्लभ लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
युगल किशोर कु लाड लडायो, नवल कुंज हिय माए
कुंज निकुंजन की रज धारे, हरि व्यास युगल यश गाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
भुवन चतुर्दश की सुंदरता, निधिवन करत बिहार
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी, श्यामा प्यारी बाके बिहारी
और जय जय श्री हरिदास, वृन्दावन प्यारो वृन्दावन
जिनकी कृपा से यह रस प्रगट्यौ, वृंदावन अभिराम
सप्तनिधीन को हिय उजियारो, इन्द्र-ईश इंद्रीश दुलारो,
हमारो गिरधर लाल
यह आनंद बरसाने वारो, हम सब को है प्राण पियारो
हमारो गिरधर लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
जय राधे राधे, जय राधे राधे
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधा रानी का,
कोई नन्दलाल कहता है कोई गोपाल कहता है,
कोई कहता कन्हिया है कोई बंसी बजैया है,
नाम बदल के रख डाला उस कृष्ण मुरारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
सभी को कहते देखा है बड़ी सरकार है राधे,
लगे गा पार भव से कहे जो एक बार राधे,।
बड़ा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
तमाशा एक देखा ज़रा बनवारी सुन ले,
राधा से मिलने खातिर कन्हैया बेश बदले,
कभी तो चूड़ी वाले का कभी पुजारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,
तेरे बिना दिलदार,
हाय मेरा दिल नहि लगता.....
वो सपनो में आने वाले निंदिया उड़ाने वाले,
मुझको तडपाने वाले रातों जगाने वाले,
वो सपनो में आने वाले निंदिया उड़ाने वाले,
सांवरिया सरकार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता.......
वो दर्शन को अखियाँ प्यासी दर्शन की झलक जरा सी,
दर्शन का हूँ अभिलाषी सुनलो ओ घट घट वासी,
देर्शन को आँखें प्यासी दिखला दो छटा जरा सी,
सुन ली मेरी पुकार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता......
ओ मोहन मुरलीया वाले जीविन है तेरे हवाले,
सुन ले मेरे दिल हाल मुझ को भी गले लगा ले,
ओ मोहन मुरली वाले जीवन है तेरे हवाले,
तड़पे मेरा प्यार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता......
छुप गये कहाँ प्राण पियारे भक्तों कि नैनन तारे,
तेरे बिन नैन बिचारे तड़पे दिन रात हमारे,
छुप गये कहाँ प्राण पियारे भक्तों कि नैनन तारे,
औ पागल के यार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता.......
Shrijirasik
बाजे रे मुरलिया बाजे।
अधर धरे मोहन मुरली पर,
होंठ में माया बिराजे॥
बाजे रे मुरलिया बाजे॥
हरे हरे बांस की बनी मुरलिया,
मर्म मर्म को अंगुरिया।
चंचल चतुर अंगुरिया जिस पर,
कनक मुन्दरिया साजे॥
पीली मुन्दरी अंगुरी श्याम,
मुंदरी पर राधा का नाम।
आखर देखे सुने मधुर स्वर,
राधा गोरी लाजे॥
भूल गयी राधा भरी गागरिया,
भूल गए गो धन को सांवरिया।
जाने ना जाने एह दो जाने,
जाने लग जग राजे॥
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
अब क्या बताऊँ, मोहन, मोहन
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
तेरी बदौलतों से
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
कन्हैया, हाँ-हाँ, ओ, मेरे प्यारे
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा, आ आ
अरे, थामा है तेरा दामन, दामन
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
नैनन में श्याम समाए गौ मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ
नैनन में श्याम समाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ।
लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।
मोहे गैल गिरारे पाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
मर जाउंगी कान्हा तेरे अधरन पे,
मिट जाउंगी श्याम तेरे नैनन पे ।
वो तो तिरछी नज़र चलाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,
तेरे बेसर की मोती झलकन पे ।
सपने में कहा बतराए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
पागल को है प्यारो वो नंदलाला,
दीवाना भए है जाके सब ग्वाला ।
वो तो मधुर मधुर मुस्काये गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ ।
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की जाई हूँ ॥
अरे रसिया, ओ मन वासिय, मैं इतनी दूर से आयी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के माखन खूब चुराते हो ।
उन्हें माखन खिलने को मैं मटकी साथ लायी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के गौएँ खूब चरते हो ।
तेरे गौएँ चराने को मैं ग्वाले साथ लायी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के कृपा खूब करते हो ।
तेरी कृपा मैं पाने को तेरे दरबार आयी हूँ ॥
मेरा गोपाल गिरधारी ज़माने से निराला है।
ना गोरा है ना कला है, वो मोहन मुरली वाला है॥
कभी सपनो में आ जाना, कभी रूपोश हो जाना।
यह तरसाने का मोहन ने निराला ढंग निकाला है॥
कभी वो रूठ जाता है, कभी वो मुस्कुराता है।
इसी दर्शन की खातिर तो बड़ी नाजो से पाला है॥
मज़े से दिल में आ बैठो, मेरे नैनो में बस जाओ।
अरे गोपाल मंदिर यह तुम्हारा देखा भाला है॥
(सैर)तेरी सूरत को जब से देखा, बेहोश हुए मदहोश हुए,
अब प्रीत की रीत निभा ले जरा,चरणों में झुका कर सर बैठे,
पलकों में छुपा लूं श्याम तुम्हें, यह तन मन तुझ पर वार दिया,
जब से पकड़ा तेरे दामन को, दुनिया से किनारा कर बैठे,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
होता है रोज ख्वाब में, दीदार आपका,
दिल में बसा हुआ है
ओ कान्हा बंसी वाले, हकीकत यह बात है,
यह जाँ भी आपकी है, संसार आपका,
दिल में बसा हुआ है,
उठती है जब भी दिल में, दीदार की तमन्ना,
मन में बना है मंदिर, दरबार आपका,
दिल में बसा हुआ है
जानू ना पूजा वंदन, कैसे करूं तुम्हारा,
किस विधि करूं तुम्हारा, सत्कार आपका,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
दुनिया में बिन तुम्हारे ,नहीं और पर भरोसा
दर पर खड़ा हुआ है ये प्यार आपका
जब से देखा तुम्हे जाने क्या हो गया
मेरे बांके बिहारी मैं तेरा हो गया।।
जब से देखा तुम्हे मुझे क्या हो गया
ओ मेरे बांके बिहारी मैं तेरा हो गया।।
तू है दाता मेरा मैं हू पुजारी तेरा
मेरे बांके बिहारी मैं तेरा हो गया।।
तेरी नज़रे पड़ी तो कमाल हो गया
तेरी बाते करी तो ग़ज़ब हो गया
मेरी हस्ती तो थी मानो टूटा मकान
तेरी रहमत हुए तो महल हो गया
मेरे बांके बिहारी मैं तेरा हो गया।।
तू है दाता मेरा तेरा पुजारी हू मैं
दस चरनो का तेरे बिहारी हू मैं।।
तेरी चौखट पे दिल ये मेरा खो गया
ओ मेरे बांके बिहारी मैं तेरा हो गया।।
दिल में भक्तो के तेरा ठिकाना जो है
दिया तूने वही हमने माँगा जो है।।
तेरे दर का हमे आसरा हो गया
मेरे बांके बिहारी मैं तेरा हो गया।।
जब से देखा तुम्हे जाने क्या हो गया
मेरे बांके बिहारी मैं तेरा हो गया।।
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ,
मेरे मुरलीधर माधव, नंदलाल चले आओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ ।
आँखों में बसे हो तुम, धड़कन में धड़कते हो,
कुछ ऐसा करो मोहन, साँसों में समां जाओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ ॥
तेरे दर्शन को मोहन, मेरे नैन तरसते है,
है अर्ज़ मेरी मोहन, अब और ना तरसाओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ ॥
इक शर्त ज़माने से, प्रभु हमने लगा ली है,
या हमको बुला लो तुम, या खुद ही चले आओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ......
गोविन्द चले आओ, गोपाल चले आओ
हे मुरलीधर मोहन मेरे श्याम चले आओ
मेरी नाव भंवर में है, और दूर किनारा है
तुम बिन ना कोई दूजा प्रभु और सहारा है
बन कर के माझी तुम मेरी और चले आओ
गोविन्द चले आओ...
मेरे दिल की धड़कन में बस तू ही समाया है
ऐ दिलबर मेरे दिल को, तेरा नूर ही भाया है
मेरे आशिआने में इक बार चले आओ
गोविन्द चले आओ...
तुम सुख के सागर हो कण कण में समाए हो
हे प्राण प्रिय तुम तो मेरे दिल में समाए हो
पल पल है पुकारा तुम्हे, श्री कृष्ण चले आओ
गोविन्द चले आओ...
कोई संगी नहीं साथी जीवन में अकेला हूँ
बस तुझसे लगन है लगी, मैं इक अलबेला हूँ
‘हरी राम’ पुकारे तुझे वासुदेव चले आओ
गोविन्द चले आओ...
Pujya Bhai Ji
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम,
राम नारायणम जानकी वल्लभम...
कौन कहते हैं भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं,
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम,
राम नारायणम जानकी वल्लभम....
कौन कहते हैं भगवान् आते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं,
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम,
राम नारायणम जानकी वल्लभम....
हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे....
Shrijirasik
मुझे दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में,
मुझे दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में,
भगवान तू अपने चरणों में, भगवान तू अपने चरणों में,
मुझें दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में.....
मैं भला बुरा हूँ तेरा हूँ, मैं भला बुरा हूँ तेरा हूँ,
तेरे द्वार पे डाला डेरा हूँ, तेरे द्वार पे डाला डेरा हूँ,
मुझे चाकर जान के रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में,
मुझें दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में....
जब अधम से, अधम को तारा है,
जब अधम से, अधम को तारा है,
उसमे ही नाम हमारा है, उसमे ही नाम हमारा है,
मुझे भार समझ कर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में,
मुझें दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में....
लिख दी ये जिंदगानी तेरे नाम बांके बिहारी
लिख दी ये जिंदगानी मेरे नाम बांके बिहारी
ओ तेरे दर पे बीत जाए मेरी उमर ये सारी
तेरे दर पे बीते जाए मेरी उमर ये सारी
लिख दी ये जिंदगानी तेरे नाम बांकेबिहारी
तेरे नाम का रस पीता रहूं
दर्शन की आशा पे जीता रहूं
तेरे नाम का रस पीता रहूं
दर्शन की आशा पे जीता रहूं
यही बात मन में ठानी
हो जाए कृपा तिहारी
यही बात मन में ठानी
हो जाए कृपा तिहारी , लिख दी ये..
लीलाओं का आस्वादन करू
वाणी से नित नाम गायन करू
लीलाओं का आस्वादन करू
वाणी से नित नाम गायन करू
दर दर की खाक छानी
दर दर की खाक छानी
मिले मुझको शरण तुम्हारी , लिख दी ये..
चित्र विचित्र के प्यारे हो तुम
पागल के नैनों के तारे हो तुम
चित्र विचित्र के प्यारे हो तुम
पागल के नैनों के तारे हो तुम
इस जग को क्या बतानी
इस जग को क्या बतानी
मेरी तुम्हारी यारी , लिख दी ये..
लिख दी ये जिंदगानी तेरे नाम बांके बिहारी
तेरे दर पे बीत जाए मेरी उमर ये सारी
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे घनश्याम सांवरिया मेरे -2
तेरे बिन मेरा है कौन यहां,प्रभु तुम्हे छोड़ अब जाऊं कहाँ ,
मैं तो आन पड़ा दर तेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा.....
मैने जन्म लिया जग में आया ,तेरी किरपा से नर तन पाया -2
तूने किये उपकार घनेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
मेरे नैना कब से तरस रहे ,सावन भादों हैं बरस रहे ,
छाए घनघोर अँधेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
हरी आ जाओ-2 ,अब और न हमको तरसाओ ,
काटो जन्म मरण के फेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
जिस दिन से दुनिया में आया ,मैने पल भर चैन नहीं पाया ,
सहे कष्ट पे कष्ट घनेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
मेरे सारे सहारे छूट गए ,तुम भी जो मुझसे रूठ गए ,
आओ करने दूर अँधेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे -2
मेरा कोई न सहारा। .....
तेरे बिन मेरा है कौन यहां,प्रभु तुम्हें छोड़ अब जाऊं कहाँ ,
मैं तो आन पड़ा दर तेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा.....
घनश्याम सांवरिया मेरे-2
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे घनश्याम सांवरिया मेरे -2
मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री कछु जादू सो कर गए री,
मेरे कुञ्ज बिहारी के नैना सखी री कछु जादू सो कर गए री,
जादू सो कर गए टोना सो कर गए,
मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
राधा रसिक बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.....
जाने केसों कर गयो जादू ,
कर गयो जादू हाँ कर गयो जादू,
मेरा दिल मेरे रहो ना काबू रहो ना काबू,
हाँ रहो न काबू
दिन बीते कटे नहीं रैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री.....
लूट गई देख छवि तेरी प्यारी,
छवि तेरी प्यारी छवि तेरी प्यारी,
जादूगर ऐसो बांके बिहारी,
बांके बिहारी प्यारो बांके बिहारी,
वो चलाये रहो तिरछे सैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री......
मोटी मोटी अँखियाँ बड़ी कजरारी,
बड़ी कजरारी बड़ी कजरारी,
गोल कपोलन के लट घुंघराली,
लट घुंघराली रे लट घुंघराली,
ऐसो सुन्दर श्याम सलोना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.....
नैना बिहारी जी के रस के प्याले,
रस के प्याले,रस के प्याले,
चित्र विचित्र पागल कर डारे,
पागल कर डारे पागल कर डारे,
देखे बिन चैन पड़े ना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.......
Shrijirasik
मुझे चरणों से लगाले मेरे श्याम मुरली वाले।
मेरी स्वास स्वास में तेरा है नाम मुरली वाले॥
भक्तो की तुमने काहना विपदा है टारी,
मेरी भी बाह थामो आ के बिहारी।
बिगड़े बनाए तुमने हर काम मुरली वाले॥
पतझड़ है मेरा जीवन, बन के बहार आजा,
सुन ले पुकार काहना बस एक बार आजा।
बैचैन मन के तुम्ही आराम मुरली वाले॥
तुम हो दया के सागर, जनमों की मैं हूँ प्यासी,
दे दो जगह मुझे भी चरणों में बस ज़रा सी।
सुबह तुम्ही हो, तुम्ही ही मेरी श्याम मुरली वाले॥
ऐसा क्या काम किया हमने तेरा,
जो मेरा हाथ तूने थाम लिया
मेरी जिंदगी ही बदल दी तुमने,
क्या ज़रा सा मैंने तेरा नाम लिया
इस ज़माने में मैं अकेला था
तेरी माया के रंग में खेला था
तेरी ना सताये उसको,
जिसे अपना तूने अपना मान लिया ,
दीन दुखियों का तू सहारा है
डूबती नाव का किनारा है
तेरी एक नज़र जो जिसपे पड़ जाए,
फिर कभी उसे तूने रोने न दिया ,
इतना कौन करता है किसी के लिए
जितना तूने कर दिया है मेरे लिए
मेरी हर खुशी का इंतज़ाम किया
क्या ज़रा सा मैंने तेरा नाम लिया ,
ऐसा क्या काम किया हमने तेरा
जो मेरा हाथ तूने थाम लिया
मेरी जिंदगी ही बदल दी तुमने,
क्या ज़रा सा मैंने तेरा नाम लिया
श्याम चंदा है श्यामा चकोरी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
श्याम रसिया है राधा रसीली,
श्याम चंचल है राधा शरमीली,
श्याम नटखट है राधा है भोली,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
कृष्ण राधा है रास की वो धारा,
जिसमे दूभा संसार सारा,
चिर जीवी ये दोनों की जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
दोनों में प्रेम इतना है जयदा,
राधा मोहन और मोहन है राधा,
मधु दोनों एक प्रेम जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
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