॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Krishna - Meditative Bhav
कृष्ण - ध्यानपूर्ण भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले - २
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले
श्री गंगा जी का तट हो,
यमुना का वंशीवट हो
मेरा सांवरा निकट हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
पीताम्बरी कसी हो
छवि मन में यह बसी हो
होठों पे कुछ हसी हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
श्री वृन्दावन का स्थल हो
मेरे मुख में तुलसी दल हो
विष्णु चरण का जल हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
जब कंठ प्राण आवे
कोई रोग ना सतावे
यम दर्शना दिखावे
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
उस वक़्त जल्दी आना
नहीं श्याम भूल जाना
राधा को साथ लाना
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
सुधि होवे नाही तन की
तैयारी हो गमन की
लकड़ी हो ब्रज के वन की
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
एक भक्त की है अर्जी
खुदगर्ज की है गरजी
आगे तुम्हारी मर्जी
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
ये नेक सी अरज है
मानो तो क्या हरज है
कुछ आप का फरज है
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
Shrijirasik
हरि का भजन करो हरि है हमारा,
हरि नाम गाने वाला सबका है प्यारा,
हरि नाम से तेरा काम बनेगा,
हरि नाम ही तेरे साथ चलेगा,
हरि नाम लेने वाला,
हरि का है प्यारा,
कोई काहे राधेश्याम, कोई काहे सीताराम,
कोई गिरिधर गोपाल, कोई राधामाधव लाल,
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, नमो बारम्बारा,
सुख़ दुःख भोगे जाओ, लेखा सब मिटाते जाओ,
हरि गुण जाओ, हरि को रिझाते जाओ,
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, सब का है प्यारा,
दीनो पर दया करो, बने तो सेवा भी करो,
मोह सब दूर करो, प्रेम हरि ही से करो,
यही भक्ति यही योग, यही ज्ञान सारा ,
Shrijirasik
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
बीते ना उमर यूंही झूठी जग आस में।
दौड़ चले हम कुंवरी राधिका के पास में।
जन्मों की बिगड़ी पल मे भानुजा संवारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अंश है सभी हम यूं तो नंदजू के लाल के।
विमुख हुए ज्यों सखी पड़े मुख काल के।
जीवन मरण से केवल कुंवरी उबारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अधमों को तारे अलग ही रीति से।
मिलन कराती अपने सांवरे से मीत से।
महल के द्वारे पतितों को सत्कारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
होगे निराश जब तुम जग की नातेदारि से।
प्रीत मिलेगी सांची बरसानेवारी से।
माधुरी रंगीली पे निज प्राणन वारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
Shrijirasik
तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे
के जैसे युगों से,तुम्हे जानती हूं
अगर तुम हो सागर.....
अगत तुम हो सागर,मैं प्यासी नदी हूं
अगर तुम हो सावन,मैं जलती कली हूं
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
1. मुझे मेरी नींदें,मेरा चैन दे दो
मुझे मेरी सपनों,की इक रैंन दे दो न
यही बात पहले....
यही बात पहले भी,तुमसे कही थी
के जैसे युगों से,तुम्हें जाती हूं
तुम्हें देखती....
2. तुम्हें छूके पल में,बने धूल चन्दन -2
तुम्हारी महक से,महकने लगे तन
मेरे पास आओ.…
मेरे पास आओ,गले से लगाओ
पिया और तुमसे मैं,क्या चाहती हूं
के जैसे युगों से, तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
3. मुरलिया समझकर,मुझे तुम उठा लो
बस इक बार होंठों से,अपने लगा लो न
कोई सुर तो जागे....
कोई सुर तो जागे,मेरी धड़कनों में
के मैं अपनी सरगम से,रूठी हुई हूँ
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
Shrijirasik
चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा,
हरे कृष्ण रामा, हरे कृष्ण रामा,
काँधे पे धोती और लोटा लटकाये
तंदुल की पुतली बगल में दबाये,
चलते चलते पहुंचे, द्वारका धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
महल के बीच में सुदामा जी आए,
सोने सिंहासन से, हरी उठ आए,
सीने से सीना मिलाये घन श्यामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
नहलाया, धुलाया हरी भोजन खिलाया
सोने सिन्हासन पर उनको बिठाया
श्याम दबाए पांव, पंखा करे सत्यभामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
हस हस के पूछे वो कृष्ण कन्हैया,
दीजे जो भेंट भाभी ने भिज वाया,
तंदुल को चाब हरी दिए धन धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा -
Shrijirasik
ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।
तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥
तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।
तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।
तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।
ओ रे...
तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।
तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।
तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।
तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।
तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्गुरुओं के घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।
तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।
तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।
ओ रे...
Shrijirasik
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंदिश,दिन रात लिजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली....
1.औरों के पास जानें से,क्या होगा फायदा
चरणों में प्रेम अश्रु की,बरसात किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु....
2.करने से पहले काम तूं,सौ बार दिल से पुछ
हरगिज़ ना कभी दिल से,ना घात किजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
प्रभु....
3.मीरा ने पीके दुनिया को,हाला दिखा दिया
प्रभु नाम रसका प्याला,दिन रात पिजिए
ताली बजा-बजाकर, शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
Shrijirasik
हम गरीबों से रखता है यारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी ---
प्यारी लगती गरीबों की नैया ---
बैठ जाता है बनके खिवैया ---
भूल जाता है देखो सरकारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी ---हम गरीबों से रखता
लोग कहते है दीनों की लाज है ---
उसके हाथों में गरीबों का हाथ है ---
शायद जानता नहीं वो दुनियादारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी -- हम गरीबों से रखता
उसका झौपड़ी में है आना जाना ---
स्वाद लगदा विदुर जी का खाना ---
खुद को कहता है प्रेम का पुजारी --
नाम उसका है बांके बिहारी -- हम गरीबों से रखता
माल नरसी का पहले लुटाया --
घर बनवारी मीरा का छुड़ाया --
प्यारा लगता है कि सुदामा भिखारी --
नाम उसका है बांके बिहारी --
हम गरीबों से रखता है यारी --!!
Shrijirasik
जय माधव मदन मुरारी,
बनवारी श्याम बनवारी......
तेरी मस्तक मुकुट विराजे,
और मोर पंख भीन साजे,
केशों की छटा है न्यारी,
जय माधव मदन मुरारी......
कानों में कुंडल सोहे,
माथे पर चंदन मोहे,
तेरी आंखें हैं कजरारी,
जय माधव मदन मुरारी.....
होठों पर लाली लाल लगी,
और मुरली तेरे हाथ सजी,
तूने काली कमरिया डारी,
जय माधव मदन मुरारी......
Shrijirasik
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
तेरी मुरली में वो जादू है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मूरली में वो जादू है........
तेरी बांस की मुरली तो,
रिझाती हम सब भक्तो को,
दीवाना ये कर जाती है,
सबमे प्यार ही प्यार जगाए.......
तू तो एक तरंग डाले,
जी उठे मरने वाले,
तेरे दरश के मतवाले,
दिल में जीने की आस बढाए,
चल पड़ते है तेरे पास कदम,
मैं रोक नहीं पाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
श्याम तेरे भगत दीवाने है,
तेरे सब चाहने वाले है,
तेरे बिन जीवन सूना है,
इस जीवन की प्यास बुझा दे....
तू जो सच्चा जानी है,
तुझसे आस पुरानी है,
मेरे जीवन की नैया को,
पल में भव से पार लगा दे,
मिलना तुमसे मुश्किल ही सही,
मिलने को मचल जाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
जब से तुझको देखा है,
‘संजू घनश्याम’ दिवाना है,
दीवाना दिल ये कहता है,
मेरी खुशियों का तू है खजाना,
जगा के प्यार तू हर दिल में.....
कर दे कमी सभी पूरी,
तुझसे थोड़ी भी दुरी,
‘निरंजन’ करती है ये दीवाना,
पाना तुझको मुश्किल ही सही,
पाने को मचल जाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
Shrijirasik
जय जय राधा रमण हरी बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
मन तेरा बोले राधेकृष्णा,
तन तेरा बोले राधेकृष्णा,
जिव्हा तेरी बोले राधेकृष्णा,
मुख से निकले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
पलकें तेरी बोले राधेकृष्णा,
अलके तेरी बोले राधेकृष्णा,
आँखे तेरी बोले राधेकृष्णा,
साँसे तेरी बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
धड़कन बोले राधेकृष्णा,
तड़पन बोले राधेकृष्णा,
अंतर बोले राधेकृष्णा,
रोम रोम बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
पंछी बोले राधेकृष्णा,
भंवरे बोले राधेकृष्णा,
बंशी बोले राधेकृष्णा,
वीणा बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
वृन्दावन में राधेकृष्णा,
बरसाने में राधेकृष्णा,
गोवर्धन में राधेकृष्णा,
नंदगांव में राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
मुनिजन बोले राधेकृष्णा,
गुरुजन बोले राधेकृष्णा,
हम सब बोले राधेकृष्णा,
सब जग बोले राधेकृष्णा,
जय जय राधा रमण हरि बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
जय जय राधा रमण हरी बोल,
जय जय राधा रमण हरि बोल ||
Shrijirasik
तर्ज – सांवली सूरत पे मोहन
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.......
बांकी छवि बांकी अदा,
बांकी हंसी बांका चलन,
रूबरू बांका नज़ारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं...........
एक सूरत आपकी,
और दीवाना सारा जहां,
हाल जो होगा हमारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
मेरी आँखों में कटीली,
अपनी आँखे डालकर,
जो किया तुमने इशारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
Shrijirasik
खींचे खींचे रे दुशासन मेरो चीर अरज सुनो गिरधारी
1. हस्तिनापुर में जाकर देखो, महफिल हो गई भारी
कौरव पांडव सभा बीच में, खड़ी द्रोपती नारी
उनके नैनों से बरस रहो नीर, सुनो गिरधारी
2. पांचो पांडव ऐसे बैठे, जैसे अबला नारी
द्रोपती अपने मन में सोचे, दुर्गति भाई हमारी
नहीं है, नहीं है रे धरैया कोई धीर, अरज सुनो गिरधारी
3. वो दिन याद करो कन्हैया, उंगली कटी तुम्हारी
दोनों हाथों पट्टी बांधी, चीर के अपनी साड़ी
आ गई आ गई रे, कन्हैया तेरी याद, अरज सुनो गिरधारी
4. राधा छोड़ी रुक्मण छोड़ी, छोड़ी गरुण सवारी
नंगे पैर कन्हैया आए, ऐसे प्रेम पुजारी
बच गई बच गई,द्रोपती जी की लाज,अरज सुनो गिरधारी
5. खींचत चीर दुशासन हारो, हार गयो बल धारी
दुर्योधन की सभा बीच में, चकित हुए नर-नारी
बढ़ गयो बढ गयो रे, हजारों गज चीर, अरज सुनो गिरधारी
6.साड़ी हैं कि नारी है,, कि नारी बीच साड़ी है
नारी ही की साड़ी है, कि साड़ी ही की नारी हैं
कैसे बढ़ गया रे, हजारों गज चीर, अरज सुनो गिरधारी
7.चीर बढ़न की कोई न जाने, जाने कृष्ण मुरारी
चीर के भीतर आप विराजे, बनके निर्मल साड़ी
ऐसे बढ़ गए रे, हजारों गज चीर, अरज सुनो गिरधारी
Shrijirasik
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय मथुरा गोकुल गोवर्धन
जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन
जय बरसाना, जय नंदगाव
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय ब्रज रज, जय जय गोधन
जय जय ग्वाल सखा गोपीजन
जय ब्रजवासिन, जय ब्रज बाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय ब्रजमण्डल जय ब्रज रसिकन
जय जय ब्रज के संत भक्त जन
जय जय लत्ता पता अभिराम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
❛मधुप हरि❜ ठाकुर ठकुरानी
जय ब्रजराजा जय ब्रजरानी
जय राधा माधव छवि धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम-२।
Shrijirasik
https://www.bhajanganga.com/bhajan/lyrics/id/33005/title/Gopal-Krishna-mere-kar-door-tu-andhere
गोपाल, कृष्ण मेरे, कर, दूर तूँ अँधेरे ॥
वस जायो, मन में मेरे ॥, दुखड़े, हरो तुम मेरे...
गोपाल, कृष्ण मेरे...
झूम झूम के, महिमा गाए, जो भी तेरे, दर पे आए l
सुँदर सूरत, देख के तेरी, राधा ने भी, तेरे गुण गाए ॥
बँसी वाले, मुरली मनोहर ॥, मेरे दिल में, लगा ले डेरे...
गोपाल, कृष्ण मेरे...
ऑंखे तेरी, मोतियन माला, सुँदर है मेरा, बृज गोपाला l
सूरत तेरी, इतनी प्यारी, सारे जगत से, है यह न्यारी ॥
तेरा ध्यान मैं, निस दिन ध्याऊँ ॥, आजा अब तो, पास तूँ मेरे...
गोपाल, कृष्ण मेरे...
सुने मन में, ज्योत जलाई, सारी दुनियाँ, तूने बनाई l
रोते हुए को, तूने हँसाया, तूने सब की, विगड़ी बनाई ॥
मेरी भी तो, विगड़ी बना दे ॥, आई आज मैं, द्वार पे तेरे...
गोपाल, कृष्ण मेरे...
Shrijirasik
राधे रानी सावरे की प्यारी है
श्यामा जू सावरे की प्यारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
1) राधा नाम की धुन जब लागे, धुन जब लागे
श्याम घूमते पीछे आगे, पीछे आगे
राधा का दीवाना बिहारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
2) बरसाना बृज की है राजधानी, है राजधानी
जहां बिराजे राधा रानी, राधा रानी
भक्तों की बिगड़ी सवारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
3) मुरली में कान्हा और सुर जब साधे, सुर जब साधे
गाती है बंसी श्री राधे राधे, श्री राधे राधे
श्यामा की महिमा भारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
4) श्यामा श्याम में भेद न कोई, भेद न कोई
चारों दिशाओं में जय जय हुई, जय जय हुई
भूलन की बाधा तारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
लीला है नारी लाडली लीला है न्यारी
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
Shrijirasik
यमुना किनारे श्याम आया ना करो ।
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो॥
बंसी की आवाज सुनके ग्वाले दौड़े आएंगे ,
गऊ बछड़े छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगे ,
ग्वालों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुन कर गोपी दौड़ी आएंगी ,
बालक बच्चे छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगी ,
गोपियों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुनके पंछी दौड़े आएंगे ,
चुग्गा पानी छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगे ,
पंछियों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुनके भक्त दौड़े आयेंगे ,
ढोलक बजा छोड़ कर सब दर्शन करना चाहेंगे ,
भक्तों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी कीआवाज सुनके राधा दौड़ी आएँगी ,
काम-धाम छोड़ कर वह दर्शन करने चाहेंगी ,
राधा को इतना सताया ना करो,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम...........।
Shrijirasik
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
रिश्ता ये तेरा मेरा , सदियों पुराना ,
फिर से रिश्ता कान्हा , हमको निभाना ,
मेरे इस मन को तो , भाए ना कोई ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
पहले भी था मैं , तेरा दीवाना ,
तेरा ये दर था , मेरा ठिकाना ,
छोड़ के इस दर को तो , जाऊ ना कही ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
बाते पुरानी कुछ , बची थी अधूरी ,
बाते वो सारी अब , करनी है पूरी ,
करने वही बाते , आया हूँ तेरी ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
Shrijirasik
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
मेरा कुछ भी नही है मै तो श्याम के भरोसे पलता हु
भूल के सारी दुनियादारी श्याम का दामन थामा है
देखके इनकी रहमत भारी खुद को सुदामा माना है
श्याम चरण में स्वर्ग सा सुख है ये सच मैंने जाना है
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
ना घबराए दिल मेरा अब श्याम जो मेरे सागे है
संकट आए जब जब मुझ पर चलता आगे आगे है
श्याम के दर पर आके देखो सोई किस्मत जग जावे
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
सांसे तो बस एक वेहम है श्याम के नाम से जीता हु
प्यास लगे जब थोरी थोरी श्याम की मस्ती पीता हु
कृष्ण ये बोले अपना हर पल श्याम भरोसे जीता हु
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
मेरा कुछ भी नही है मै तो श्याम के भरोसे पलता हु
Shrijirasik
छीन ले, छीन ले, छीन ले, छीन ले
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
राधा रमण मेरो राधा रमण जी
राधा रमण मेरो राधा रमण
राधा रमण मेरो राधा रमण जी
राधा रमण मेरो राधा रमण
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
मुखड़े को देख कोटि चंदा लजाये
घुंघराली लट पे घटायें वारी जाये
मुखड़े को देख कोटि चंदा लजाये
घुंघराली लट पे घटायें वारी जाये
घटायें वारी जाये, घटायें वारी जाये
घटायें वारी जाये, घटायें वारी जाये
याके जादू, याके जादू
याके जादू भरे दो नयन
सखी रे मेरो राधा रमण
पतली कमर किन्तु अंग है रखीले
अधरों पे अमृत है नैना नशीले
पतली कमर किन्तु अंग है रखीले
अधरों पे अमृत है नैना नशीले
नैना नशीले, नैना नशीले
नैना नशीले, नैना नशीले
थोडा बचपन, थोडा बचपन
थोडा बचपन थोडा यौवन
सखी रे मेरो राधा रमण
फूलन की सोहे गले माला वैजन्ती
कमरिया काली और पटका बसंती
फूलन की सोहे गले माला वैजन्ती
कमरिया काली और पटका बसंती
पटका बसंती, पटका बसंती
पटका बसंती, पटका बसंती
याके पैंजनिया, याके पैंजनिया
याके पैंजनिया बाजे झरम
सखी रे मेरो राधा रमण
राधा हृदय में करे रमण बिहारी
दोवन की एक छवि लागे अतिप्यारी
राधा हृदय में करे रमण बिहारी
दोवन की एक छवि लागे अतिप्यारी
लागे अतिप्यारी, लागे अतिप्यारी
लागे अतिप्यारी, लागे अतिप्यारी
राधा बिजली के, राधा बिजली के
राधा बिजली के साथ श्याम घन
सखी रे मेरो राधा रमण
Shrijirasik
दिल मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
देखते ही देखते सवेरा हो गया,
ब्रिज मंडल की भूमि प्यारी वस्ते यहाँ कुञ्ज बिहारी ,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
कृष्ण कन्हियाँ राधा प्यारी युगल छवि पर जाऊ बलिहारी,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
जब से मेरे दिल को भाया रोम रोम में श्याम को पाया ,
नंदू सांवरिया ने दर पे कर लिया
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
Shrijirasik
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जां के नैना कारे टेढ़ी चाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
निंदिया ना आवे रोज़ सतावे
सौत मुरलिया मोहे जगावे
निंदिया ना आवे रोज़ सतावे
सौत मुरलिया मोहे जगावे
नैना जां के हैं कमाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
कुञ्ज बिहारी श्री हरिदासी
करुणा की है आस ज़रा सी
कुञ्ज बिहारी श्री हरिदासी
करुणा की है आस ज़रा सी
मन बस गयो मेरो बांको लाल
जादू...जादू कर गयो रे जादू कर गयो
जादू कर गयो कर गयो
यशोमत को ये लाल
Shrijirasik
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
तेरी मुक्ति का साधन यही है,
गुणी संतो का कहना सही है,
तेरे कष्टों को निवारे,
तुझको तारे हाँ उबारे,
तेरे ही शुभ करम।
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
काल जब आए तुझको ले जाने,
मुँह फेर लेंगे अपने बेगाने,
सच्चा साथी वो ही माटी,
जिसका दुनिया नाम गाती,
प्रभु की ले लो शरण
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
विषयो में मन को तू ना लगाना,
अंत समय में पड़े पछताना,
कीमती ये स्वास तेरी,
लाभ उठा ले कर ना देरी,
यही है तेरा धरम
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
Shrijirasik
मीरा महलों की रानी दीवानी हो गई
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी हो गई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
वो, किसी, की ना मानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,,
देखी, जो उसने, कन्हैया की सूरत l
दिल में, बसा ली वो, प्यारी सी मूरत ll
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई ll
हो चढ़ा, प्रेम का पानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,
प्रेम, सरोवर में, डुबकी लगाई
लगी, मापने, प्रेम गहराई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
हो कर, बैठी, नादानी, दीवानी हो गई,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,,
ठुकरा के, रिश्तों को, महलों से निकली
दुनियाँ, ने देखी, कन्हैया की पगली
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
ख़ाक, गलियो, की छानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,
मीरा, कन्हैया के, दिल में समाई
भक्तों करो कोई, ऐसी कमाई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
हुई, अमर, कहानी, दीवानी हो गई
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,
Shrijirasik
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
क्या होती प्रतीक्षा है, की पीड़ा होती है,
कितना जलता है दिल कब आँखे रोटी है,
बहेंगे आँसू, बहेंगे आँसू, तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
जब कोई सुनेगा ना, जब कोई सुनेगा ना,
तेरे मान के दुखड़े जब ताने सुन सुन के होंगे दिल के टुकड़े,
सुनोगे ताने तब यह जानोगे, सुनोगे ताने तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
पनघट मेी मधुबन मेी वो इंतेजर करना,
आए श्याम तेरी खातिर वो घुट घुट के मारना,
करोगे इंतजार जानोगे, करोगे इंतजार जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
याद आने से पहले तुम ना जया करो,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
अब एक तमन्ना है, गर फिर से जानम मिले,
मई श्याम बनू तेरा तू राधा बन के जिए,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
Shrijirasik
इंसाफ का दर है तेरा येही सोच के आता हु,
हर वार तेरे दर से खाली ही जाता हु,
आवाज लगाता हु क्यों जवाब नहीं मिलता,
दानी हो सबसे बड़े मुझको तो नहीं लगता,
शायद किस्मत में नहीं दिल को समजता हु,
इंसाफ का दर है तेरा......
जज्बात दिलो के प्रभु धीरे से सुनाता हु,
देखे न कही कोई हालत छुपाता हु,
सब हस्ते है मुझ पर मैं आंसू बहाता हु,
इंसाफ का दर है तेरा......
देने को सताने का अंदाज़ पुराना है,
देरी से आने का बस एक बहाना है,
खाली जाने से प्रभु दिल में शर्माता हु,
इंसाफ का दर है तेरा.....
हैरान हु प्रभु तुम में दुखियो को लौटाया है,
फिर किस के लिए तुमने दरबार लगाया है,
वनवारी महिमा तेरी कुछ समज न पाता हु
इंसाफ का दर है तेरा......
Shrijirasik
दोहा - भक्तआधीनं, दीनदयालं, राधारमणं हरे हरे ॥
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं, राधारमणं हरे हरे ।।
( तर्ज - तुम जो चले गये तो होगी बड़ी ख़राबी )
तुम राधा रमण हो मेरे मैं दास हूं तेरा
कब घर मेरे तुम आओ जहां लगता है तेरा पेहरा
दुनिया से हार कर में तेरी शरण में आया
तरसती है जिससे दुनिया उनका प्यार पाया
जब तक तुम ना मिले थे होता था निराशा चेहरा
कब घर मेरे तुम आओ जहां लगता है तेरा पेहरा
अब तुम मिल गए हो खुशियां ये मिल गई है
सूखी हुई थी बगिया देखो ये खिल गई है
तेरे दर पर मेरा यु ही लगता रहेगा डेरा
कब घर मेरे तुम आओ जहां लगता है तेरा पेहरा
तुमको ही मान अपना लकी है दर पे आया
तेरी छवि को उसने हरपल दिल में बसाया
तुम जो मुस्कुरा दो कटे सारा क्लेश मेरा
कब घर मेरे तुम आओ जहां लगता है तेरा पेहरा
Shrijirasik
न भटको मोह से प्यारे,
ये रिश्ते टूट जाएँगे ।
जिन्हे अपने समझते हो,
कभी वे रूठ जाएँगे ।।
जगत के रिश्ते-नाते सब,
ये छूटेंगे मरोगे जब ।
जिसे दौलत समझते हो,
कभी सब लूट जाएँगे ।।
न भटको.....
सभी विपदा से रोते हैं,
नहीं कोई सुखी जग में ।
अगर प्रभु को सुमिर ले तो,
तेरे गम छूट जाएँगे।।
न भटको.....
सफल नर जन्म करना हो,
तो प्रभु की भक्ति कर लेना ।
कान्त यदि ध्यान यह धरले,
मोह सब छूट जाएँगे ।।
न भटको.....
Shrijirasik
हरि नाम बड़ो सब साधंन ते,हरि नाम बिना बेदार सी है कलीकोट कुचाल कटावंन को,हरि नाम करोत की धार सी है
हरि नाम सों पाहन सिंधू तरे,तोहे लागत बात गवारं सी है
सुख देख पुराण नाम प्रताप,कवंन कु कहां आवसी है
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई,प्रभु जू तेरो नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
1. और कछु जो ना बनें,एक नाम एक टेर
बिहारी बिहारिन दास रट,साधंन सधेअनेक
श्री हरिदास नाम सुखदाई,हमारो श्रीहरिदास नाम सुखदाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
2. नाम नाम बिन ना रहे,सुनों सयानें लोग
मीरा सुत जनयों नहीं,शिष्य ना मुड़ो कोई
नाम बाई वो मीरा भई,गिरधर नाम
भाई वो मीरा बाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू
तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
3. लाख़ बार हरि हर कहो,एक बार हरिदास
अति प्रसंन श्री लाडली,दे हैं विपिन को वास
हमारो श्री हरिदास नाम सुखदाई,प्रभु
जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,मैंने
नाम की रटंन लगाई प्रभु जू तेरो नाम
परम सुखदाई,
हरि....
Shrijirasik
कान्हा रे कान्हा रे भक्ति तेरी साची,
कैसे जाऊ दर छोड़ के,
तेरे हाथो में हैं मेरे मन की ड़ोरी,
ना तुने छोड़ी ना मेंने छोड़ी,
वापस जो जाऊंगा खिंचा चला आऊंगा,
ना जाऊं तेरी गली छोड़ के...
झूठा हैं ये जग सारा सच्चा नहीं,
तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं,
मुश्किल है पाना तुझको मेंरे कान्हा,
फिर भी मनाऊं हाथ जोड़ के...
भक्ति में तेरी तन रंग लिया,
तन क्या है मेने मन रंग लिया,
अब चुप न रहना बस इतना कहना,
दूर मत जाना तू छोड़ के...
Shrijirasik
भजन की तर्ज - जनम जनम का साथ हैं
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
वृन्दावन की इस नगरी में, मिल गया साथ तुम्हारा ,
बिहारी जी के मंदिर, फिर से हम जाए,
कान्हा जी के दर्शन, फिर से कर आए,
उनके दर्शन हो जाए तो हो उद्धार हमारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
जब भी ये तन त्यागु , त्यागु वृन्दावन में,
फिर जो जनम पाऊ, पाऊ वृन्दावन में,
अब तेरा वृन्दावन ही, मेंरा हे सहारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
जय हो कृष्ण कन्हैया, जय हो बाँके बिहारी,
सारे जग से प्यारी, भक्ति ये तुम्हारी,
तेरी भक्ति से ही मेंने, जीवन ये सुधारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
Shrijirasik
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
मोहे तो भरोसा एक, तेरो ही ओ राधारमण
तेरो द्वार छोड़ अब मैं, और कहाँ जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
माया के झूठे जालों में, फँसता ही जाऊँ रमणा
इतनी कृपा बस करदो, तुम्हें भजता जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
सुनो मेरे राधारमण, करदो ना इतना करम
बसा लो ना वृंदावन जो, रोज दर पे आऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
माँगू तो से तो ही को मैं, और क्या मैं माँगूँ रमणा
तेरे कंटीले नैनों, में बस जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
Shrijirasik
( तर्ज - मेरे प्यार की उमर हो )
राधा वल्लभ मेरे जीवन की तुम्ही धड़कन
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तेरा सुंदर सिंगार तुझे देखता रहूँ
तेरे चरणों में ठाकुर मैं बैठाता रहूँ
तू हर रहा जीवन के सारे ये गम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तूने दिया मुझको बेशुमार सांवरे
वृंदावन में होता उपचार सांवरे
तू तो लड़ रहा सबसे मेरी ये जंग
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तुझे देखा तो दिल ये दीवाना हो गया
तेरे प्यार में मैं पागल मस्ताना हो गया
लकी गाए गुन जितने भी लगते हैं कम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
Shrijirasik
मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा
सुलादे कृष्णा, सुलादे कृष्णा
मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा
तेरी बांसुरी की धुन प्यारी सुनादे कृष्णा
करूं जतन मै पूरी कान्हा, नींद निगोडी आए ना
ऐसी क्या बेरुखी मुझसे, कहो इसे तड़पाए ना
मुझे नींद नहीं आ रही...
नाम भी जप लिया माला भी फेरी, कुछ भी काम आए ना
करवट पे करवट मैं बदलूं, चैन तनिक भी आए ना
मुझे नींद नहीं आ रही...
तू हो पास में, मैं झुलूँ, तेरी गोदी का पलना
हाथ फिराए सिर पे मेरे, देखूं तेरा ही सपना
मैं मीठी नींद में सो जाऊं सुलादे कृष्णा
मुझे नींद नहीं आ रही...
Shrijirasik
आ पिया इन नैनन में, पलक ढांप तोहे लूं,,
ना मैं देखूँ और को, ना तोहे देखन दूँ
कजरारी तेरी आँखों में, क्या भरा हुआ इक टोना है !
तेरा तो हसन औरों का मरन ,बस जान हाथ से धोना है !!
नित बांकी ये झांकी निहारा करूँ, छवि छाक से मोहे छकाय रहो,!
श्री बाँके बिहारी से यही विनती ,मेरे नैनों से नैना मिलाय रहो,!!
जादू कर गयो यशोमति को ये लाल 2
जाके नैना कारे हैं कमाल, ,,2
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,2
नींद ना आवे ,रोज सताबे 2
सौत मुरलिया मोहे जगावे,2
आधी रात जब छेड़े तान,2,,,,कान्हा,,
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,,,
कृष्ण ही कृष्ण है प्रेम अनूठा ,2
प्रेम दिखाकर सबको लूटा ,2
प्रेम में होवें ना सवाल ,,,कान्हा,,
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,,
कुंज बिहारी श्री हरिदासी,2
करुणा की है आस जरा सी,2
मन बस गयो मेरे बा़ंको लाल,,,2
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,
Shrijirasik
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंदिश,दिन रात लिजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली....
1.औरों के पास जानें से,क्या होगा फायदा
चरणों में प्रेम अश्रु की,बरसात किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु....
2.करने से पहले काम तूं,सौ बार दिल से पुछ
हरगिज़ ना कभी दिल से,ना घात किजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
प्रभु....
3.मीरा ने पीके दुनिया को,हाला दिखा दिया
प्रभु नाम रसका प्याला,दिन रात पिजिए
ताली बजा-बजाकर, शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
Shrijirasik
मेरे गिरधर तू ही सहारा है,
मेरी नैय्या का तू किनारा है ।
मेरी आँखों में तू मेरे ख्वाबो में तू,
मेरे दिल की धड़कन में है तू ही तू,
दीवाने तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है,
ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
दीदार तेरा करा दे मुझे
मेरे सांवरे बता दे मुझे
कहीं ना अब करार है, कहीं ना अब सकून है
मिलेगा मुझे सांवरा, मुझे तो ऐतबार है
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
मेरे ख्वाबो में तू, मेरी साँसों में तू
मेरे दिल की धड़कन में बस तू ही तू
दीवाना तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है
खड़ा हूँ तेरे द्वार पे ना होश है ना ख्याल है
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
मेरी आखो मे जले तेरे ख्वाबो के दिये,
कितनी बेचेन हु मै श्याम से मिलने के लिये,
मेरे प्यारे कान्हा तु जो एकबार मिले,
चेन आ जाये मुझे जो तेरा दीदार मीले,
मसीहा मेरे दुआ दे मुझे,
करु मे क्या बता दे मुझे,
दिवाने तेरी चाह मे बड़ा हि बुरा हाल है,
खड़ी हूँ तेरी राह मे ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
आई अरदास लेकर,
मन मे विश्वास लेकर,
झोली भर दे तु मेरी,
आई हु आस लेकर,
दिवाने तेरी चाह मे बड़ा हि बुरा हाल है,
खड़ी हूँ तेरी राह मे ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
Shrijirasik
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
क्या भरोसा था, ये वक़्त भी आएगा
वादा करके वो, हमसे मुकर जायेंगे
कल जो राहो में वो इत्तिफाकन मिले
सुन के अरजो तमन्ना, वो शर्मा गए
मुस्कुरा के कहा रास्ता छोड़ दो
हमको जल्दी है अपने घर जायेगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
ये मिली है खबर, घर से निकले है श्याम
अब जाने ना जाने कहा जायेंगे
बा वफा है तो वो मेरे घर आयेगे
बेवफा है तो खूब जाके घर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
ऐ मेरे दिल तू मान जा, मान जा
श्याम है बेवफा उनसे दिल ना लगा
वो आयेंगे आकर चले जायेंगे
तेरी प्रीत को बदनाम कर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
चार दिन जिंदगी के गुजर जायेंगे
क्या भरोसा था ये वक़्त भी आएगा
वादा करके वो हमसे मुकर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
Shrijirasik
मुझे वृन्दावन धाम बसाले रसिया,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
यमुना तट कभी बंसी वट पे तुझे ढूंढ़ने जाऊ,
तेरे मिलन को तरसे अखियां कैसे दर्शन पाउ,
अपनी सँवारी सी सूरत दिखादे रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
नैन से नैन मिला के तूने लूट लिया दिल मेरा,
तेरी चौकठ पे मनमोहन डाला मैंने डेरा,
अपने गोपियों के बीच छिपाले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
तेरे दर्श को व्याकुल मनवा इक पल चैन न पाउ,
बिन तेरे हुआ जीना मुश्किल तड़प तड़प मर जाऊ,
मुझे तेरे बिन कौन समबाले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
तेरे पीछे ओ रंग रसिया छोड़ दियां जग सारा,
हम भक्तों का तेरे बिना न दूजा कोई सहारा,
अपने पागल को दिल से लगा ले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
राधे राधे बोल श्याम आएंगे
राधे राधे बोल श्याम आयेंगे
आयेंगे श्याम आयेंगे
वृंदावन कहा दूर है
बरसाना कहा दूर है
सब तेरी नज़र का कसूर है
राधे राधे.......
निकले का तेरी भगती का परिणाम
तेरे घर भी आयेंगे घनश्याम
बस याद कर बस फर्याद कर
ना यू जीवन बर्बाद कर
बीते दिन लौट ना आयेंगे
राधे राधे.......
ना देखे कोई धर्म करम ना जात
जाने बस भग्तो के दिल की बात
वो बस जान ले पहचान ले
इक बार वो अपना मान ले
फिर आकर गाले लगाएँगे
राधे राधे.........
लाखो में किसी एक को चुनते है
अनदर की आवाज को सुनते है
बस जान ले पहचान ले
इक बार वो अपना मान ले
फिर आकर गाले लगाएँगे
राधे राधे.........
प्रेम के आंसू जिनके बहते है
उनके तो हरि अंग संग रह्ते है
मैं भी प्यासी हु हरिदासी हु
राधा जू की खासम खास हु
सुन कर प्रभू देर ना लगायेंगे
राधे राधे........
Shrijirasik
काहे तेरी अँखियों मैं पानी
जो मैं ऐसा जानती प्रीत किये दुख होय
नगर ढिढोरा पीटती प्रीत न करियो कोय
काहे तेरी अंखियो में पानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी
मीरा प्रेम दीवानी, मीरा कृष्ण दीवानी
दीवानी प्रेम दीवानी, मीरा प्रेम दीवानी
हस के तू पी ले विष का प्याला,
काहे का डर तोरे संग गोपाला ।
तेरे तन की ना होगी हानि,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
सब के लिए मैं मुरली बजाऊं,
नाच नाच सरे जग को नचाऊ ।
सिर्फ राधा नहीं है मेरी रानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
प्रीत में भक्ति जब मिल जाए,
जग तो क्या सृष्टि हिल जाए ।
झुक जावे अभिमानी,
Shrijirasik
मुझे अपने ही रंग में रंगले मेरे यार सांवरे
मेरे यार सांवरे, दिलदार सांवरे
ऐसा रंग तू रंग दे सांवरिया जो उतरे ना जनम जनम तक
नाम तू अपना लिख दे कन्हैया मेरे सारे बदन पर
मुझे अपना बना के देखो इक बार सांवरे
श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया, बिना रंगाये मैं घर नहीं जाउंगी
बिना रंगाये मैं तो घर नहीं जाउंगी,बीत जाए चाहे सारी उमरिया।
लाल ना रंगाऊं मैं तो हरी ना रंगाऊ, अपने ही रंग में रंग दे सांवरिया
ऐसी रंग दे जो रंग ना छूटे धोबिया धोये चाहे सारी उमरिया।
जो नाही रंगों तो मोल ही मंगाएदो ब्रज में खुली है प्रेम बजरिया
या चुनरी को ओड मैं तो यमुना पे जाउंगी श्याम की मोपे पड़ेगी नजरिया
मेरे जीवन की नैया लगा जा उस पास सांवरे
भव सागर में ऐ मनमोहन माझी बन कर आना,
ना भटकूँ इधर उधर हे प्यारे मुरली मधुर बजाना
मेरी जीवन लेजा उस पार सांवरे
रैन चडी रसूल की, रंग मौला के हाथ
तूने जिसकी चुनरी रंगदीनी रे धन धन उसके भाग
जो तू मांगे रंग की रंगाई तो मेरा जोबन गिरवी रख ले
पर अपनी पगड़िया मोरी चुनरिया एक ही रंग में रंग ले
तेरे रंग तेरी आशकी जर्रोर रंग लाएगी
मुझे मार डालेगी या जीना सिखाएगी
दुनिया के रंग मिटा देगी मुझमे से,
रंग तेरे प्यार का यह मुझ पे चढाएगी
मुझे अपना बना के देखो एक बार सांवरे
मुझे अपने ही रंग में रंगले मेरे यार सांवरे
प्रीत लगाना प्रीतम ऐसी निभ जाए मरते दम तक
इस के सिवा ना तुझ से चाह ना कुछ माँगा अबतक
मेरे काहना तुझ बिन जीना बेकार सांवरे
मेरे यार सांवरे, दिलदार सांवरे
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
तुझको अपना बनाके मैं धन्य हो गया ।
कितने मिले अमीर यहां, कितने मिले गरीब -2
पर आप मिल गये तो, धनवान हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं,-2
इक आपका सहारा,-2 साकार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप,-3
चरणो के ही सहारे, मैं भव पार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया हूं॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
मेरा गोपाल गिरधारी ज़माने से निराला है।
ना गोरा है ना कला है, वो मोहन मुरली वाला है॥
कभी सपनो में आ जाना, कभी रूपोश हो जाना।
यह तरसाने का मोहन ने निराला ढंग निकाला है॥
कभी वो रूठ जाता है, कभी वो मुस्कुराता है।
इसी दर्शन की खातिर तो बड़ी नाजो से पाला है॥
मज़े से दिल में आ बैठो, मेरे नैनो में बस जाओ।
अरे गोपाल मंदिर यह तुम्हारा देखा भाला है॥
Discover the same devotional mood
Experience different devotional moods