॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Bajrangbali - Devotional Bhav
बजरंगबली - भक्तिमय भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
मंदिर में सोए हनुमान जी कोई जाके जगा दो,
जाके जगा दो जाके जगा दो
ब्रह्मा जगाए विष्णु जगाए
लक्ष्मी जगाए बारम्बार जी कोई जाके जगा दो
मंदिर में सोए हनुमान जी कोई जाके जगा दो
भोले जगाए गणपत जगाए
गौरा माँ जगाए बारम्बार जी कोई जाके जगा दो
मंदिर में सोए हनुमान जी कोई जाके जगा दो
जाके जगा दो जाके जगा दो
राम जी जगाए लक्ष्मण जगाए
सीता माँ जगाए बारम्बार जी कोई जाके जगा दो
मंदिर में सोए हनुमान जी कोई जाके जगा दो
गंगा जगाए यमुना जगाए
सरयू जगाए बारम्बार जी कोई जाके जगा दो
मंदिर में सोए हनुमान जी कोई जाके जगा दो
चंदा जगाए सूरज जगाए
तारे जगाए बारम्बार जी कोई जाके जगा दो
मंदिर में सोए हनुमान जी कोई जाके जगा दो
कोई जाके जगा दो कोई जाके जगा दो
Shrijirasik
दोहा
देख के सागर की लहरों को,वानर सब घबराये।
कैसे होगा पार ये सागर, मन ही मन सकुचाये।।
जामवंत ने बजरंगी से जाकर करी गुहार
सिवा तुम्हारे कौन ये सागर कर पायेगा पार
कौन लंका जला पाता,अगर हनुमान न होते।
पता न सीता का लग पाता अगर हनुमान न होते।।
लाँघक़र के समंदर को, पहुँचे लंका के वो अंदर
देख़ हनुमान की ताकत, काँप उठ्ठा था दशकँधर
कौन सूरज निकल पता, अगर हनुमान ना होते
आ के शक्ति लगी ऐसी, मूर्छा खा गए लक्ष्मण
संजीवन बूटी लाने को, गए वो दौड़ के ततक्षण
कौन पर्वत उठा पाता, अगर हनुमान न होते
राम का नाम लेकर के, जो इनके पास जाते हैं
उनके जीवन की तकलीफें, ये पल भर में मिटाते हैं
कौन संकट मिटा पाता, अगर हनुमान न होते.
Shrijirasik
मुझे राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
मुझै दरश करा दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरी जैजैकार बुलाऊंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरी गदा मैं बनवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
उसमे सियराम लिखवा दूंगी , ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरी माला मैं बनवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
उसे फूलो सा सजा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरा मुकुट मैं बनवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
उसमे हीरा मैं जड़वा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरा चोला मैं मंगवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
उसमे गोटा मैं लगवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरा भोग मैं लगवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
लड्डू चूरमा मंगवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरे भगतो को बुला दूंगी, ओ अंजनी के लाला
तेरे कीर्तन करवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
मुझै दरश करा दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरी जैजैकार बुलाऊंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरी गदा मैं बनवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
उसमे सियराम लिखवा दूंगी , ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरी माला मैं बनवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
उसे फूलो सा सजा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरा मुकुट मैं बनवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
उसमे हीरा मैं जड़वा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरा चोला मैं मंगवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
उसमे गोटा मैं लगवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरा भोग मैं लगवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
लड्डू चूरमा मंगवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
तेरे भगतो को बुला दूंगी, ओ अंजनी के लाला
तेरे कीर्तन करवा दूंगी, ओ अंजनी के लाला
मुझै राम से मिला दे रे, ओ अंजनी के लाला
Shrijirasik
जय जय सदा होती हैं
जहाँ राम की और राम नाम की
कृपा सदा बरसती है
वहाँ बजरंग बली हनुमान की
भक्तों जय जय बोलो राम की
जय जय बोलो बालाजी हनुमान की
भक्ति भाव से होता है जहाँ
राम नाम का गुणगान सदा
राम भक्तों का रखते हैं वहाँ
हनुमान जी ध्यान सदा
सच्चा सुख मिलता है
चरणों में सुख धाम की
कृपा सदा बरसती है
वहाँ बजरंग बली हनुमान की
जय जय सदा होती हैं
जहाँ राम की और राम नाम की
भक्तों जय जय बोलो श्री राम की
जय जय बोलो बालाजी हनुमान की
संकट मोचक बनके जैसे
स्वयं प्रभु के काज करे
प्रभु भक्त प्रभु भक्तों के वैसे
स्वयं सभी कष्ट हरे
अमृत धन बरसता है वहाँ
होती है कथा जहाँ राम की
कृपा सदा बरसती है
वहाँ बजरंग बली हनुमान की
जय जय सदा होती हैं
जहाँ राम की और राम नाम की
भक्तों जय जय बोलो श्री राम की
जय जय बोलो बालाजी हनुमान की
Shrijirasik
जय बाला जी हनुमान
तर्जः- चाहे राम बनके चाहे शाम बनके चाहे बाला भगवान, चाहे बन हनुमान । चले आना, प्रभु जी चले आना ।।
चाहे रूप रुद्र का धारे ।
चाहे बनकर पवन दुलारे ।।
थाम अंजना का हाथ, पिता केसरी के साथ।
चले आना, प्रभु जी चले आना ।।
किसी रूप में अंतर्यामी ।
चाहे बन मोहन के स्वामी ।।
ध्वजा हाथ लेकर, गदा साथ लेकर ।
चले आना, प्रभु जी चले आना ।।
चाहे बनकर राम के दासा ।
चाहे बनके 'मधुप हरि' नाथा ।।
चाहे किष्किन्धा छौड़, चाहे अवध से दौड़।
चले आना, प्रभु जी चले आना ।।
Shrijirasik
मंगल को जन्मे मंगल ही करते
ऐसे हैं मेरे हनुमान
जय हो उल्टे हनुमान जय उल्टे हनुमान
मंगल को आओ मंगल ही पाओ
जीवन के अपने दुखड़े मिटाओ
आओ आओ हनुमान राह दिखाओ
करते हो सबका भला तुम
जय हो उल्टे हनुमान जय उल्टे हनुमान
सांवेर की बस्ती है जिसमें हां जां
लेते हैं यहां सभी उनका ही नाम
बनते हैं यहां सभी के बिगड़े हुए काम
वो है मेरे उल्टे हनुमान
जय हो उल्टे हनुमान जय उल्टे हनुमान
Shrijirasik
कपि रामदूत कहलाए,
जब लंका जलाने आए,
कभी इस डाल पर कभी उस डाल पर,
सारे फल फूल तोड़ गिराए,
जब लंका जलाने आए,
कपि रामदूत कहलाए,
जब लंका जलाने आए
बोला लंकेश्वर है ये बड़ा निडर,
अपनी भक्ति की शक्ति दिखाए,
जब लंका जलाने आए,
कपि रामदूत कहलाए,
जब लंका जलाने आए।
जब वो पकड़े गए धर के जकड़े गए,
पूँछ अपनी वो इतनी बढ़ाए,
जब लंका जलाने आए,
कपि रामदूत कहलाए,
जब लंका जलाने आए।
आग बढ़ने लगी लंका जलने लगी,
हर तरफ हाहाकार मचाए,
जब लंका जलाने आए,
कपि रामदूत कहलाए,
जब लंका जलाने आए।
जब वो शंकर सुवन किए लंका दहन,
इक विभीषण की कुटिया बचाएं
जब लंका जलाने आए,
कपि रामदूत कहलाए,
जब लंका जलाने आए
Shrijirasik
राम दीवाने राम के प्यारे राम भजन में रहते है
दुनिया से ना लेना देना राम ही राम ये कहते हैं
मेरे बजरंगी की बात निराली राम धुन में रहते हैं
शक्ति याद दिलाए जब तुम को पर्वत कार बन गए
राम का नाम लेकर बाला समुद्र को तुम लाग गए
केसरी नंदन वीर ये भक्तों के साथ मे रहते हैं
राम दीवाने राम के प्यारे ...
संजीवनी लेने गए थे प्रभु जी पर्वत को लेकर आए हैं
सब कहे तुम वीर बजरंगी लक्ष्मण प्राण बचाए हैं
राम कहते हे अंजनी लाल भय को दूर कर देते हैं
राम दीवाने राम के प्यारे ...
माता ने जब माला दिनी माला को तोड़ दिया
राम सिया का दरस करा के प्रभु से रिश्ता जोड़ लिया
पवन पुत्र भक्तों के प्यारे लकी पर कृपा रखते हैं
राम दीवाने राम के प्यारे ...
Shrijirasik
जय बोलो जय बोलो प्रभु बागेश्वर धाम सरकार की ।
करत कृपा प्रभु कलयुग में लिखंति लिखल विधि विधान की ।।
प्रभु जी तुम मेरो दुःख हरो ,मैं अज्ञानी बालक प्रभु जी तुम्हरी सरना ।
कोई कृपा राखो प्रभु ,कष्ट परल तन पर दो आराम पल भरमा ।
क्योंकि सुनी है मैंने ,
प्रभु जी लीला आपकी ।।
जय बोलूं जय बोलो . . .
प्रभु जी तुम्हरी माया सब जानें - जानें सारा संसारा ,
प्रभु जी तुम बागेश्वर धाम सरकार के नाम से पूरे विश्व में बिगड़े काम बनावत हो सारा ।
यही हां लीला जन-जन में व्याप्त है प्रभु जी आपकी ।
जय बोलूं जय बोलो . . .
जब कोई भी सारे संसार से हार जावत है ,
प्रभु जी फिर उसे अपनी सरन बुलावत हैं ।
यही है माया प्रभु श्री राम भक्त ,
महाबली जी हनुमान की ।।
जय बोलूं जय बोलो . . .
जिस किसी को भी खुद पर विश्वास न हो , सिर्फ एक बार प्रभु के चरणों में आकर देखो तो ।
कि कैसी माया है जग दुःख हरता - जग पालनकारी ,
श्री बागेश्वर धाम सरकार की ।।
जय बोलूं जय बोलो . . .
प्रभु कष्ट मिटावत है तन से जे कोई - भी प्रभु की भक्ति करतो है मन से , प्रभु से जे कोई भी कछु भी मांगे प्रभु उकर पूर्ण करते हैं मनोकामनाएं क्षण से - क्षण से ।
यही है वाणी माननीय श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज की । ।
जय बोलूं जय बोलो प्रभु बागेश्वर धाम सरकार की ।
करत कृपा प्रभु कलयुग में लिखंति लिखल विधि विधान की ।।
Shrijirasik
भक्त हम बाला जी के रक्त में राम है
भगवा पहचान हमारी जान श्री राम है
अरे राम के पीछे इस नाम के पीछे
राम के पीछे पीछे चलता सारा हिंदुस्तान है
सारा हिंदुस्तान है
भक्त हम बाला जी के …..
शेर सनातन के अब ऐसे दहाड़ेंगे
चीर दुश्मन की छाती हाँ भगवा गाड़ेंगे
अरे वंश वही है अंश वही है
हम में ही श्री कृष्ण हैं बसते और हम में ही राम हैं
भक्त हम बाला जी के……
स्त्य सनातन का अब हाँ डंका बाजेगा
जाग रहा है हिंदू और भी जागेगा
सुनो हिंदुओं उठो हिंदुओं
हम है परशुराम का परसा
हम में परशुराम हैं
भक्त हम बाला जी के……
प्रकाश के शब्दों से खुशी गुणगान करे
जितना गुणगान करे वो राम का नाम करे
देश हमारा हो सबसे प्यारा
विश्व गुरु अब बनेगा भारत
इसमें हमारी शान है
भक्त हम बाला जी के……
Shrijirasik
संकट मोचन संकट हरते,
यह बलियों के हैं बली ।
उड़े उड़े बजरंगबली, उड़े उड़े बजरंगबली ।
लाँघ के सागर लंका पति के,
लंका नगरी जाएगा कौन ।
है किस हल में सीता मईया,
उनका पता लगाएगा कौन ।
राम की सेना चिंता में डूबी,
मच गई जब खलबली ।
उड़े उड़े बजरंगबली उड़े उड़े...
समझाया हनुमत ने बहुत,
रावण के समझ में ना आई ।
अभिमानी ने कुछ न सोचा,
पूंछ में आग थी लगवाई ।
आग लगी जो पूंछ में सारी,
लंका धू धू करके जली ।
उड़े उड़े बजरंगबली उड़े उड़े...
मूर्छित लक्ष्मण जब हुए प्रभु,
राम हुए व्याकुल परेशान ।
संजीवन आएगी कैसे,
कैसे बचेंगे लखन के प्राण ।
जलवा दिखाया बजरंगी ने,
ऐसी देखो हवा चली ।
उड़े उड़े बजरंगबली उड़े उड़े...
संकट मोचन संकट हरते...
Shrijirasik
फेरे राम नाम की माला,अजंनी को लालो
खोल किस्मत वाला ताला,यो अंजनी को लालो!
नाच राम नाम की धुन पर होकर मतवालो
मतवालो नाच मतवालो, नाच राम नाम की धुन पर होकर मतवालो
ओढ राम नाम को जामो यो सालासर वालो
सालासर वालो यो मेहन्दीपुर वालो
संकट काटे यो पलभर में बनकर रखवालो
रखवालो, बनकर रखवालो सकंट काटे यो...
घुमाकर घम्मंड घम्मंड घोटो असुर सहारन वालो
सहारन वालो दानव मारन वालो
बाबा गुण गावे नरेश सबका सकंट टालो
थारा गुण गावे नितेश सबका सकंट टालो
सकंट टालो भगत का दुखडा टालो, थारा गुण गावे
Shrijirasik
उसके तन में हैं राम,
उसके मन में हैं राम,
वो तो कहता हैं हर पल, राम राम राम,
वो तो कहता राम राम,
वो तो जपता राम राम,
उसके दिल में बसे हैं, सिया और राम,
वो तो केसरी का लाल,
उसकी लीला हैं कमाल,
उसके तन पे सजा हैं, चोला लाल लाल,
वो तो कहता राम राम,
वो तो जपता राम राम,
उसके दिल में बसे हैं, सिया और राम,
उसका पावन हैं दरबार,
वो तो शिव का अवतार,
उसको कहते हैं प्यार से , बालाजी सरकार,
वो तो कहता राम राम,
वो तो जपता राम राम,
उसके दिल में बसे हैं, सिया और राम,
वो तो वीरों का हैं वीर,
उसका नाम महावीर,
रण में हारा नहीं वो, बाबा रणजीत,
वो तो कहता राम राम,
वो तो जपता राम राम,
उसके दिल में बसे हैं, सिया और राम,
Shrijirasik
तेरी जय हो बजरंगी
मेरे राम भक्त बजरंगी की हर बात निराली है ,-2
दरबार से इनके कोई जाता नहीं खाली है | -2
तेरी जय हो बजरंगी मेरे प्यारे बजरंगी ,-2
तेरी जय हो बजरंगी राम दुलारे बजरंगी ,
तेरी जय हो बजरंगी मेरे प्यारे बजरंगी ||
आओ सब मिल केसरी नंदन की हम महिमा सुनाएं ,
हम तेरी महिमा सुनाएं, हम तेरी महिमा सुनाएं |
बाल समय रवि भक्ष लियो , तब देव दनुज घबराए ,
देव दनुज घबराए ,तब देव दनुज घबराए ,
वज्र प्रहार सहा हनु पे ,तब हनुमान कहलाए ,
महावीर की अमर कथा हम जन-जन तक पहुंचाएं ,
राम भक्त गाथा दुखों को मिटाने वाली है ,-2
दरबार से इनके कोई जाता नहीं खाली है...
मात सिया का पता लगाने जाते बजरंगी,
मेरे प्यारे बजरंगी, राम जी के प्यारे बजरंगी , (कोरस)
भाई लखन के लिए संजीवनी लाते बजरंगी ,
संजीवनी लाते बजरंगी ,संजीवनी लाते बजरंगी (कोरस)
मान देके ब्रह्मास्त्र में बंध जाते हैं बजरंगी ,
बंध जाते हैं बजरंगी (कोरस)
रावण का अभिमान क्षीण कर आते बजरंगी ,
क्षीण कर आते बजरंगी ( कोरस )
बड़ी-बड़ी विदपदाएँ जिसने पल में टाली है ,-2
दरबार से इनके कोई जाता नहीं खाली है....
तेरी भक्ति तेरी पूजा से मिलती शक्ति ,
मिलती है शक्ति , मिलती है शक्ति |(कोरस)
सोए भाग्य जगाने की मिल जाती हर युक्ति ,
मिल जाती हर युक्ति ,मिल जाती हर युक्ति , (कोरस)
भक्त जनों को शरण में रख लो ऐसी है विनती ,
प्रभु जी ऐसी है विनती ( कोरस)
जन्म - मरण के बंधन से मिल जाए फिर मुक्ति ,
मिल जाए फिर मुक्ति (कोरस)
अंजनी पुत्र की शोभा मन हरषाने वाली है ,-2
दरबार से उनके कोई जाता नहीं खाली है ...
तेरी जय हो बजरंगी , मेरे प्यारे बजरंगी, तेरी जय हो बजरंगी राम दुलारे बजरंगी ........
Shrijirasik
तर्ज - दुनिया ने दिल दुखाया
सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले
बनके रहूंगा तेरा तू चाहे लिखवा ले
दुखों से हार कर में तेरी शरण में आया
सुना है मैं सबसे खाली नहीं लौटाया
गिर रहा हूं मैं तो मुझे आकर उठा ले
सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले
झूठी हो चाहे सच्ची बातें यहीं रही है
मेरे दिल में मेरे बाबा तेरी छवि रही है
कोई नहीं है मेरा मुझे अपना बनाले
सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले
भावों की यह तो लाइन तूने ही लिखवाई
आंखों में मेरे आंसू तेरी याद मुझको आई
लकी कहता सबसे तुम बड़े दिलवाले
सुनो सालासर वाले हम तेरे हैं हवाले
Shrijirasik
चली भक्तों की टोली.
बाबा नीम करौली.
भरे सबकी ही झोली बाबा.
जिनका मंदिर निराला.
वही कैंची धाम वाला .
करे दिल में उजाला बाबा.... बाबा बाबा
भक्ति में हनुमान की बाबा?,हो के मगन यूं खो गए.
भेद रहा न कोई उनमें ,रूप उन्हीं का हो गए.
वो बाबा कम्बल वाले .
गिरे भक्तों को संभालें.
हर संकट में रखवाले बाबा. बाबा बाबा
प्रेम से सबको देखें बाबा,
भेद नहीं कोई करते.
राम नाम बुलवाते सबसे,
सबके दुखड़े हरते.
जहाँ दृष्टि है डाली .
मिट जाए रात काली
कभी भेजे न खाली बाबा।
जिनका मंदिर निराला.
वही कैंची धाम वाला करे।
दिल में उजाला बाबा...
चली भक्तों की टोली.
बाबा नीम करौली.
भरे सब की ही झोली बाबा
जिनका मंदिर निराला. वही कैंची धाम वाला.
करें दिल में उजाला बाबा...
Shrijirasik
जब बाला जी के मंदिर जाते हो,
उन्हें राम राम भी कहा करो
जब लड्डुओं का भोग लगाते हो,
उन्हें राम राम भी कहा करो
1. बाला जी के मंदिर में, राम नाम जो गाते हैं
ऐसे भक्त बाला जी के, मन को बड़ा ही भाते हैं
जब बाला जी को चोला चढ़ाते हो,
उन्हें राम राम भी कहा करो
जब लड्डुओं का भोग लगाते हो,
उन्हें राम राम भी कहा करो
2. संकट मोचन को जो तुम,राम राम जी बुलाओगे
जीवन में हर छोटे बड़े, संकट से बच जाओगे
जब बाला जी को पान खिलाते हो,
उन्हें राम राम भी कहा करो
जब लड्डुओं का भोग लगाते हो,
उन्हें राम राम भी कहा करो
3. बाला जी को राम नाम,सागर बड़ा ही प्यारा है
राम भक्तों का वो आप,बनते सदा सहारा है
जब बाला जी को शीश झुकाते हो,
उन्हें राम राम भी कहा करो
जब लड्डुओं का भोग लगाते हो,
उन्हें राम राम भी कहा करो
Shrijirasik
श्री दंदरौआ सरकार , तुम्हारी जय होवे
तुम्हारी जय होवे, तुम्हारी जय होवे
मंगल शनिवार मैला भरत है
लाखों की यहां भीड़ जुरत है
बनते बिगड़े काम तुम्हारी जय होवे
मोहिनी रूप में आप विराजे
भक्तों के सब संकट काटे
करते पूर्ण काम तुम्हारी जय होवे
भिंड जिला मेहगांव नगर के
दंदरौआ में आप विराजे
श्री डॉक्टर हनुमान तुम्हारी जय होवे
हनुमत की यहां महिमा निराली
दंदरौआ से कोई जाए ना खाली
जय हो पवन कुमार तुम्हारी जय होवे
Shrijirasik
मईया री मईया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे,
चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,
बोले राम राम राम बोले राम राम राम
सुन मइयां सुन मइयां मुझे एक खिलौना दिलवादे,
बोले राम राम राम
ना मैं चाहू हाथी घोड़ा ना कोई बाजे वाला,.
मुझको तो बस आज दिलादे दादा सोनटे वाला
बटन दबाते ही वो झट से अपनी पूछ घुमावे,
चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,
बोले राम राम राम ... बोले राम राम राम
श्री उत्तरमुखी बालाजी मेरा मेरे मन वस जाए,
संकट पकड़े उन्हें नचावे मस्ती में खो जाए
संकट उनके दर पर झूमे चीखें और चिल्लाए
दादा मेरा सोंटे मारे एक ही रटन लगावे,
बोले राम राम राम।बोले राम रामराम
श्री उत्तरमुखी बालाजी को अपना आज बना लूं
प्रकाश महंत से मिलकर मैया अपना भाग जगा लूं
देर करो मत अब मेरी मइयां जल्दी से मिलवा दे,
चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,
बोले राम राम राम बोले राम राम राम
Shrijirasik
जय सिया राम बोलो जय सिया राम
जय सिया, राम बोलो, जय सियाराम,
जय सिया, राम बोलो, जय सियाराम ॥
कोई पूछे तो, हनुमत कैसा है,
कानन कुण्डल, कुंचित केशा है ।
राम की धुन में, ऐसे नाचे हैं,
हाथ बज्र और, ध्वजा विराजे हैं ॥
श्री राम के, इस नाम से ।
तूँ अपनी प्रीत लगाए जा ।
हनुमान को, यूँ ही रिझाए जा,
जय सिया, राम बोलो, जय...
हर मुश्किल में, जिसने थामा है,
राम दूत, अतुलित बल धामा है ।
ओ हर मुश्किल में, मेरा संगी है,
महाँ वीर, विक्रम बजरंगी है ॥
हर दुष्ट को, हर कष्ट को ।
जीवन से, दूर भगाएगा ।
जो राम का, नाम गाएगा,
जय सिया, राम बोलो, जय...
चिंता फिकर अब, किसको करना जी,
तुम रक्षक, काहू को डरना जी ।
इतना सा, अरमान है मेरा जी,
कीजे नाथ, ह्रदय में डेरा जी ।
इस बात पर, विश्वास कर ।
मेरी भी, बात तूँ, मान ले ।
ये मूल मंत्र, पहचान ले,
जय सिया, राम बोलो, जय...
Shrijirasik
बालाजी न्यारा लागे से,
लाल लंगोटा प्यारा लागे से।
बालाजी न्यारा लागे से,
राम का दीवाना लागे से।
हाथ में गदा, गले में माला,
राम-राम जपता मतवाला।
देख के जिनको डर भागे से,
दुष्टों का मुँह काला लागे से।
संकट में जब याद किया,
पल में आके साथ दिया।
डूबते को जो पार लगे से,
बालाजी सरकार लगे से।
बोलो जय बजरंगबली — वीर हनुमान
जय बजरंगबली — वीर हनुमान
राम दूत बलधारी — बालाजी सरकार
राम दूत बलधारी — बालाजी सरकार
सवेरे-सवेरे ध्यान धरूँ,
बालाजी का नाम जपूँ।
जिसके सिर पे हाथ रखे से,
उसका बेड़ा पार लगे से।
घुँघरू बाजे चरणों में,
शक्ति भरी हर साँस में।
लाल ध्वजा जब लहरावे से,
दिल भक्तों का नाचे से।
राम-राम बोले बालाजी,
राम बसे हैं छाती में।
राम काज को आगे बढ़ावे,
जान लगा दे माटी में।
ना माँगू सोना, ना माँगू मान,
बस दे दे सेवा का दान।
तेरे भरोसे जीवन सारे,
बालाजी मेरे भगवान।
बालाजी न्यारा लागे से,
लाल लंगोटा प्यारा लागे से।
बालाजी न्यारा लागे से,
राम का दीवाना लागे से।
जय बजरंगबली वीर हनुमान,
रखे सबका मान-सम्मान।
Shrijirasik
वीर हनुमाना अति बलवाना
वीर हनुमाना, अति बलवाना,
राम नाम, रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे ॥
जय जय राम, जय जय राम,
जय जय राम, जय जय राम ॥
जो कोई आवे, अरज़ लगावे ॥
सबकी सुनियो रे, प्रभु मन बसियो रे...
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
बजरंग बाला, फेरू तेरी माला ॥
संकट हरियो रे, प्रभु मन बसियो रे...
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
ना कोई संगी, हाथ की तंगी ॥
जल्दी हरियो रे, प्रभु मन बसियो रे...
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
अर्ज़ी हमारी, मर्ज़ी तुम्हारी ॥
कृपा करियो रे, प्रभु मन बसियो रे...
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
रामजी का प्यारा, सिया का दुलारा ॥
संकट हरियो रे, प्रभु मन बसियो रे...
वीर हनुमाना, अति बलवाना...
हम सब, आएंगे, दर्शन पाएंगे ॥
जल्दी, सुनियो रे, प्रभु, मन, बसियो रे...
वीर, हनुमाना, अति बलवाना...
Shrijirasik
हनुमत बाबा आएँगे
धुन-धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले
हनुमत, बाबा, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे ॥
वो तो, लाल, लंगोटे में, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे ।
हनुमत, बाबा, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे ।
वो तो, राम के, दुलारे, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे ।
हनुमत, बाबा, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे...
तुम, सुन्दर, कांड कराना, और प्रेम से, अर्ज़ी लगाना ॥
वो तो, दौड़े दौड़े, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे ।
हनुमत, बाबा, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे...
तुम, रामायण, पाठ कराना, बाबा का आसन लगाना ॥
वो तो, राम राम, गुण गाएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे ।
हनुमत, बाबा, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे...
तुम, बूंदी और, लड्डू बनाना, और प्रेम से, भोग लगाना ॥
वो तो, रुचि रुचि, भोग लगाएंगे, आएँगे, बाबा आएँगे ।
हनुमत, बाबा, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे...
जब, सुंदर कांड, समाप्त होना, तो चरणों में, शीश झुकाना ॥
वो तो, आशीष, देकर जाएंगे, आएँगे, बाबा आएँगे ।
हनुमत, बाबा, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे...
तुम, अगली, बार का कहना, और उनसे, वचन है लेना ॥
वो तो, मंद मंद, मुस्कुराएंगे, आएँगे, बाबा आएँगे ।
हनुमत, बाबा, आएँगे, आएँगे, बाबा आएँगे...
Shrijirasik
( तर्ज - श्याम तू क्या जाने खड़ा है कोने में एक दास )
वीर बजरंगी तुम बलवानों में बलवान
संकट में है देखो बाबा आज दास के प्राण
विनती सुनो राम दुलारे
तुम तो मां अंजनी के प्यारे
हर तरफ से घिरा हु बाबा क्यों बनते अनजान
वीर बजरंगी तुम बलवानों में बलवान ...
पाव पकड़ कर तुमको मनाऊं
कैसे मैं बाबा तुमको रिजाऊं
यूं ना छोड़ो अकेले बाबा दुनिया है बेमान
वीर बजरंगी तुम बलवानों में बलवान ...
हारा हुआ हूं मुझ से ना खेलो
लकी को तुम शरण में लेलो
कर देना तुम इतना बाबा बची रहे मेरी आन
वीर बजरंगी तुम बलवानों में बलवान ...
Shrijirasik
तर्ज : गमछा बिछाई के (भोजपुरी)
उठजा छलांग मार के, सागर को लांघ दे
लंका में राम नाम का, झंडा तू गाड़ दे
डंका तू गाड़ दे..
सूरज को निगलना तेरा, पर्वत ऊंछालना
फिर से.. जगा वो शक्तियां, सागर है लांघना
माता की खबर लाना है..
जा उड़जा दहाड़ के.. लंका में राम नाम का..
व्याकुल है तेरे रामजी, सीता की सुध बिना
हनुमत.. प्रभु श्री राम को, सीता से दे मिला
कहां खो गई वो शक्तियां..
जो बादल को फाड़ दे.. लंका में राम नाम का..
लंका में जा के रावण को, अच्छा सबक सिखा
ज्ञानी है, फिर भी भटक गया, सही रास्ता दिखा
उसकी अशोक वाटिका..
जाकर उखाड़ दे.. लंका में राम नाम का..
अब याद आई शक्तियां, तो गरजे हनुमानजी
हुंकार जोर की भरी, जय जय श्री राम की
अम्बरीष बोले आना तू..
सबको पछाड़ के.. लंका में राम नाम का..
Shrijirasik
हे अंजनी मां के लाला
हे अंजनी, मां के लाला,
तुम्हें, राम नाम, अति प्यारा ॥
हो तुम्हें, राम नाम, अति प्यारा ॥
हे अंजनी, मां के, लाला...
मंगल, भवन, अमंगल हारी ।
द्रवहु, सो दशरथ, अज़र बिहारी ॥
लिए, हाथ, गदा मतवाला,
तुम्हें, राम नाम, अति प्यारा ।
हे अंजनी, मां के लाला...
कवन, सो काज़, कठिन जग माहीं ।
जो, नहिं होई, तात तुम पाहीं ॥
सिया, खोज़, समुद्र को लांघा,
तुम्हें, राम नाम, अति प्यारा ।
हे अंजनी, मां के लाला...
नासे, रोग, हरे सब पीरा ।
जपत, निरन्तर, हनुमत वीरा ॥
जपते, प्रभु, राम की माला,
तुम्हें, राम नाम, अति प्यारा ।
हे अंजनी, मां के लाला...
संकट, से, हनुमान छुडा़वे ।
मन, क्रम बचन, ध्यान जो लावे ।
हर, संकट, तुमने निवारा,
तुम्हें, राम नाम, अति प्यारा ।
हे अंजनी, मां के लाला...
Shrijirasik
क्या लागे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे,
क्या लागे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे…….
थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा,
डाल रे पानी,
थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा,
डाल रे पानी,
ओ मसल मसल नहलावे,
राम तेरा क्या लागे,
क्या लागे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे…….
पीला पीताम्बर पीली धोती,
पीला पीताम्बर पीली धोती,
ओ आप पहनावे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे,
क्या लागे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे…….
घिस घिस चंदन भरी रे कटोरी,
घिस घिस चंदन भरी रे कटोरी,
ओ तिलक लगावे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे,
क्या लागे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे…….
राम लखन और सिया जानकी,
राम लखन और सिया जानकी,
चरणों में बसे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे,
क्या लागे हनुमान,
राम तेरा क्या लागे……
Shrijirasik
मेरे मन को बड़ा लुभाता है दरबार तेरा झांकीवाले
दरबार तेरा झांकीवाले, मेरे बालाजी झांकीवाले
मेरे मन को बड़ा लुभाता है
दरबार तेरा झांकीवाले...–2
मुझे अपनाया तुमने जबसे
आनन्द में जीवन है तबसे
प्रभु राम की लगन लगाता है
दरबार तेरा झांकीवाले ...
मेरे घर परिवार पे किरपा है
थोड़ी बहुत नहीं इक तरफा है
मेरे घर का मान बढ़ाता है
दरबार तेरा झांकीवाले...
श्रीगंगानगर में धाम तेरा
चांदी में सजा दरबार तेरा
सपनों में रवि के आता है
दरबार तेरा झांकीवाले...
Shrijirasik
पवन तनय संकट हरण, मंगल मूर्ती रूप।
राम लखन सीता सहित,हृदय बसहुँ सुर भूप॥
प्रभु राम भी ऋणी है हनुमान जी तुम्हारे।
सब काम राम जी के, तुमने सदा संवारे॥
प्रभु राम भी ऋणी है...
तुमने ही राम जी से सुग्रीव थे मिलाए।
सुध मां सिया की लेकर लंका से तुम ही आए॥
महावीर सारे संकट राघव के तुमने टारे॥
श्री राम नाम लिखकर पत्थर ना तुम तैराते।
सागर पे वीर हनुमत सेतु ना तुम बनाते॥
करते चढ़ाई कैसे लंका पर वीर सारे॥
प्रभु राम भी ऋणी है...
श्री राम और लखन को पाताल से छुड़ाया।
अभिमान अहिरावण का कपि आपने मिटाया॥
की राम जी की रक्षा चुन चुनके दुष्ट मारे।
प्रभु राम भी ऋणी है हनुमान जी तुम्हारे।
सब काम राम जी के तुमने सदा संवारे॥
Shrijirasik
चोला मैंने पहना है तेरे नाम का
धुन- अच्छा सिला दिया तूने
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम का ॥
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
तुम्हें, मेरे भगवन, भूल नहीं पाऊँगा,
बिना, भजन तेरे, रह नहीं पाऊँगा ॥
हृदय में, दिखा दूँ फोटो, सियाराम का ।
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...
सीता, माता का, पता ले आऊँगा,
लक्ष्मण, भईया के, प्राण बचाऊँगा ॥
मिल जाए, मुझे बस, आदेश आपका ।
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...
रावण, को मार, सिया राम से मिलाएंगे,
लंका का, राज्य, विभीषण को दे आएंगे ॥
बजा देंगे, डंका जब, सिया राम का ।
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...
राम से, मुक्ति शक्ति, लक्ष्मण से मिलेगी.
हनुमान, से भक्ति, भक्तों को मिलेगी ॥
मिल जाए, खज़ाना प्रभु, तेरे नाम का ।
बन गया, दीवाना मैं तो, राम नाम का ॥
चोला मैंने, पहना है, तेरे नाम...
Shrijirasik
( तर्ज - धर्मवीर की जोड़ी )
इक है श्याम प्यारे मेरे इक सालासर वाले
मुझको मेरे दोनों बाबा बेटे जैसे पाले
श्याम प्यारे - श्याम प्यारे...
ज़ब से बने बाबा मेरे यार है
इनके भरोसे मेरा परिवार है
मैं तो बनकर रहूं पुजारी
बाबा ने विपदा टारी
बंद पड़ी किस्मत के खोले ताले
मुझको मेरे दोनों बाबा बेटे जैसे पाले ...
तीन लोक मे ऐसा ना दातार कोई
तुम जैसा ना देता है प्यार कोई
मेरे श्याम ने मुझको तारा
हारे को दिया सहारा
देख भगत की टोली बाबा तू ही आप संभाले
मुझको मेरे दोनों बाबा बेटे जैसे पाले ...
मनीष को विश्वास ये पूरा होता है
लकी क्यों आंखों को तू भिगोता है
मेरे बाबा है दाता री
लीले की करते सवारी
पड़े हुई को बाबा अपने पलकों पर बैठा ले
मुझको मेरे दोनों बाबा बेटे जैसे पाले ...
Shrijirasik
मंगल मूर्ति राम दुलारे ,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे।
हे बजरंगबली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण-2 तीनो लोक तेरा उजियारा,
दुखियों का तूने काज संवारा-2
हे जगवंदन केसरी नंदन,
2 कष्ट हरो हे कृपा निधान -2
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे।
हे बजरंग बली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण
हे महावीर करो कल्याण-2
तेरे द्वारे जो भी आया,
खाली नहीं कोई लौटाया-2
दुर्गम काज बनावन हारे-2
मंगलमय दीजो वरदान-2
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे।
हे बजरंग बली हनुमान,
हे महावीर करो कल्याण
हे महावीर करो कल्याण-2
तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,
नासे रोग हरे सब पीरा-2
राम लखन सीता मन बसिया-2
शरण पड़े का कीजै ध्यान-2
मंगल मूर्ति राम दुलारे,
आन पड़ा अब तेरे द्वारे।
हे बजरंग बली हनुमान, हे महावीर करो कल्याण-4
महावीर हनुमान बजरंग बली
संकट मोचन राम के सखा
लंका में आग लगाई तूने
रावण का घमंड मिटाया
संजीवनी बूटी लाए पर्वत उठा के
लक्ष्मण की जान बचाई
राम के काज में तुम लगे रहो
वीर बल से दुश्मन हारे
जय हनुमान ज्ञान गुण सागर
जय कपीश तिहुं लोक उजागर
Shrijirasik
नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषण
ताना ना सेह पाऊं, क्यों तोड़ी है यह माला,
तुझे ए लंकापति बतलाऊं
मुझ में भी है तुझ में भी है, सब में है समझाऊं
ऐ लंका पति विभीषण ले देख मैं तुझ को आज दिखाऊं
- जय श्री राम -
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में,
देख लो मेरे मन के नागिनें में ।
मुझ को कीर्ति न वैभव न यश चाहिए,
राम के नाम का मुझ को रस चाहिए ।
सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
अनमोल कोई भी चीज मेरे काम की नहीं
दिखती अगर उसमे छवि सिया राम की नहीं
राम रसिया हूँ मैं, राम सुमिरन करू,
सिया राम का सदा ही मै चिंतन करू ।
सच्चा आंनंद है ऐसे जीने में श्री राम,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
फाड़ सीना हैं सब को यह दिखला दिया,
भक्ति में हैं मस्ती बेधड़क दिखला दिया ।
कोई मस्ती ना सागर मीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
Shrijirasik
जय बजरंग बलवान हनुमाना,
तेरे बिना ना हो कल्याणा।
राम नाम का ध्वज उठाया,
लंका में तूने दीप जलाया।
भक्ति तेरी सबसे न्यारी,
संकट हारे मूरख भारी।
जय जय हनुमान, जय जय हनुमान,
संकट मोचन हनुमान महान।
तेरा नाम जपे जो दिन रैन,
हर लेता है सबका पाप-वैभव चैन।
जय जय हनुमान, जय जय हनुमान।
सीता माई का दिया संदेशा,
राम भक्ति में खोया देशा।
उड़ चला तू पवन कुमार,
तेरे बल से जगत उद्धार।
तेरी गदा से शत्रु भागे,
भक्त तेरे नाम से जागे।
जय जय हनुमान, जय जय हनुमान,
संकट मोचन हनुमान महान।
तेरा नाम जपे जो दिन रैन,
हर लेता है सबका पाप-वैभव चैन।
जय जय हनुमान, जय जय हनुमान।
राम लला के प्यारे दुलारे,
तेरे बिना कौन सहारे।
शक्ति दे दे भक्तों को प्यारे,
तू ही रक्षक संकट हारे।
जय जय हनुमान, जय जय हनुमान,
पवनसुत हनुमान महान।
तेरे चरणों में है ठिकाना,
जय बजरंग बलवान हनुमाना।
पार ना लगोगे श्री राम के बिना,
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना।
राम ना मिलेगे हनुमान के बिना,
श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना।
वेदो ने पुराणो ने कह डाला,
राम जी का साथी बजरंग बाला।
जीये हनुमान नही राम के बिना,
राम भी रहे ना हनुमान के बिना।
जग के जो पालन हारे है,
उन्हे हनुमान बड़े प्यारे है।
कर लो सिफ़ारिश दाम के बिना,
रास्ता ना मिलेगा हनुमान के बिना|
जिनका भरोसा वीर हनुमान,
उनका बिगड़ता नही कोई काम।
लक्खा कहे सुनो हनुमान के बिना,
कुछ ना मिलेगा गुणगान के बिना।
॥श्री बजरंग बाण पाठ॥
॥ दोहा ॥
निश्चय प्रेम प्रतीति ते,
बिनय करैं सनमान ।
तेहि के कारज सकल शुभ,
सिद्ध करैं हनुमान॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमंत संत हितकारी ।
सुन लीजै प्रभु अरज हमारी ॥
जन के काज बिलंब न कीजै ।
आतुर दौरि महा सुख दीजै ॥
जैसे कूदि सिंधु महिपारा ।
सुरसा बदन पैठि बिस्तारा ॥
आगे जाय लंकिनी रोका ।
मारेहु लात गई सुरलोका ॥
जाय बिभीषन को सुख दीन्हा ।
सीता निरखि परमपद लीन्हा ॥
बाग उजारि सिंधु महँ बोरा ।
अति आतुर जमकातर तोरा ॥
अक्षय कुमार मारि संहारा ।
लूम लपेटि लंक को जारा ॥
लाह समान लंक जरि गई ।
जय जय धुनि सुरपुर नभ भई ॥
अब बिलंब केहि कारन स्वामी ।
कृपा करहु उर अन्तर्यामी ॥
जय जय लखन प्राण के दाता ।
आतुर ह्वै दुःख करहु निपाता ॥
जै गिरिधर जै जै सुख सागर ।
सुर-समूह-समरथ भटनागर ॥
ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले ।
बैरिहि मारु बज्र की कीले ॥
गदा बज्र लै बैरिहिं मारो।
महाराज प्रभु दास उबारो॥
ॐ कार हुंकार महाप्रभु धावो ।
बज्र गदा हनु विलम्ब न लावो ।
ॐ ह्नीं ह्नीं ह्नीं हनुमंत कपीशा ।
ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर शीशा ॥
सत्य होहु हरि शपथ पायके ।
राम दूत धरु मारु जाय के ॥
जय जय जय हनुमंत अगाधा ।
दुःख पावत जन केहि अपराधा ॥
पूजा जप तप नेम अचारा ।
नहिं जानत हौं दास तुम्हारा ॥
वन उपवन मग गिरि गृह माहीं ।
तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ॥
पांय परौं कर जोरि मनावौं ।
येहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥
जय अंजनि कुमार बलवंता ।
शंकर सुवन वीर हनुमंता ॥
बदन कराल काल कुल घालक ।
राम सहाय सदा प्रतिपालक ॥
भूत, प्रेत, पिशाच निशाचर ।
अग्नि बेताल काल मारी मर ॥
इन्हें मारु, तोहि शपथ राम की ।
राखउ नाथ मरजाद नाम की ॥
जनकसुता हरि दास कहावो ।
ताकी शपथ बिलंब न लावो ॥
जै जै जै धुनि होत अकासा ।
सुमिरत होय दुसह दुःख नाशा ॥
चरण शरण कर जोरि मनावौं ।
यहि अवसर अब केहि गोहरावौं ॥
उठु, उठु, चलु, तोहि राम दुहाई ।
पाँय परौं, कर जोरि मनाई ॥
ॐ चं चं चं चं चपल चलंता ।
ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ॥
ॐ हं हं हाँक देत कपि चंचल ।
ॐ सं सं सहमि पराने खल दल ॥
अपने जन को तुरत उबारो ।
सुमिरत होय आनंद हमरो ॥
यह बजरंग बाण जेहि मारै ।
ताहि कहो फिरि कौन उबारै ॥
पाठ करै बजरंग बाण की ।
हनुमत रक्षा करै प्रान की ॥
यह बजरंग बाण जो जापै ।
ताते भूत-प्रेत सब कापैं ॥
धूप देय जो जपै हमेशा ।
ताके तन नहिं रहै कलेशा ॥
॥ दोहा ॥
प्रेम प्रतीतिहि कपि भजै,
सदा धरै उर ध्यान।
तेहि के कारज सकल शुभ,
सिद्ध करैं हनुमान ॥
॥ हनुमानाष्टक ॥
बाल समय रवि भक्षी लियो तब,
तीनहुं लोक भयो अंधियारों ।
ताहि सों त्रास भयो जग को,
यह संकट काहु सों जात न टारो ।
देवन आनि करी बिनती तब,
छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो ।
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥
बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,
जात महाप्रभु पंथ निहारो ।
चौंकि महामुनि साप दियो तब,
चाहिए कौन बिचार बिचारो ।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
सो तुम दास के सोक निवारो ॥ २ ॥
अंगद के संग लेन गए सिय,
खोज कपीस यह बैन उचारो ।
जीवत ना बचिहौ हम सो जु,
बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो ।
हेरी थके तट सिन्धु सबै तब,
लाए सिया-सुधि प्राण उबारो ॥ ३ ॥
रावण त्रास दई सिय को सब,
राक्षसी सों कही सोक निवारो ।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु,
जाए महा रजनीचर मारो ।
चाहत सीय असोक सों आगि सु,
दै प्रभुमुद्रिका सोक निवारो ॥ ४ ॥
बान लग्यो उर लछिमन के तब,
प्राण तजे सुत रावन मारो ।
लै गृह बैद्य सुषेन समेत,
तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो ।
आनि सजीवन हाथ दई तब,
लछिमन के तुम प्रान उबारो ॥ ५ ॥
रावन युद्ध अजान कियो तब,
नाग कि फाँस सबै सिर डारो ।
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,
मोह भयो यह संकट भारो I
आनि खगेस तबै हनुमान जु,
बंधन काटि सुत्रास निवारो ॥ ६ ॥
बंधु समेत जबै अहिरावन,
लै रघुनाथ पताल सिधारो ।
देबिहिं पूजि भलि विधि सों बलि,
देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो ।
जाय सहाय भयो तब ही,
अहिरावन सैन्य समेत संहारो ॥ ७ ॥
काज किये बड़ देवन के तुम,
बीर महाप्रभु देखि बिचारो ।
कौन सो संकट मोर गरीब को,
जो तुमसे नहिं जात है टारो ।
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,
जो कछु संकट होय हमारो ॥ ८ ॥
॥ दोहा ॥
लाल देह लाली लसे,
अरु धरि लाल लंगूर ।
वज्र देह दानव दलन,
जय जय जय कपि सूर ॥
सिंदूर चढ़ाने से हर काम होता है
हनुमान को खुश करना आसान होता है
करले भजन दिल से हनुमान प्यारे का,
जिस को भरोसा है अंजनी दुलारे का,
वहा आनंद है यहाँ इनका गुणगान होता है,
सिंदूर चढ़ाने से हर काम होता है
हनुमान के जैसा कोई देव न दूजा,
सबसे बड़ी जग में हनुमान की पूजा,
वो घर मंदिर जहा इनका सामान होता है,
सिंदूर चढ़ाने से हर काम होता है ,
श्री राम के आगे पूरा जोर है इनका ,
बनवारी दुनिया में अब शोर है इनका,
जो मुख मोड़े हनुमंत से परेशान होता है,
सिंदूर चढ़ाने से हर काम होता है दै
दोहा :
भकत बड़े बलवान तुम्ही हो, सालासर हनुमान तुम्ही हो ।
आया हूँ मैं दर पे, तुझको आज पुकारा ।
पावो में घुंघरू बाँध के नाचे, मेरा बजरंग प्यारा ॥
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ।
कहते है लोग इसे राम का दीवाना ।।
पाँवो मे घुंगूरू बाँध के नाचे ,
रामजी का नाम इन्हे बड़ा प्यारा लागे ।
राम ने भी देखो इसे खूब पहचाना,
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ॥
जहाँ जहाँ कीर्तन होता श्री राम का,
लगता है पैहरा वहाँ वीर हनुमान का ।
राम के चरण मे है इनका ठिकाना,
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ॥
नाच नाच प्रभु श्री राम को रिझावे,
‘बनवारी’ रात दिन नाचता ही जाए ।
भक्तो मे भक्त बड़ा, दुनिया ने माना,
छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना ॥
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