॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe - Devotional Bhav
राधे - भक्तिमय भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
खाली दिल का हर एक कोना
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।
तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥
तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।
तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।
तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।
ओ रे...
तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।
तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।
तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।
तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।
तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्गुरुओं के घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।
तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।
तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।
ओ रे...
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
तरज़-बृज़ में है रही जय जयकार नंद घर
लाला आया है
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
राधा रानी को बिरज में,श्यामा प्यारी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
सबसे सुंदर...
जहां विराजे राधा रानी,जाकी श्याम करें अगवानी
महिमा वेदन हूं नहीं जानी,पर्वत ऊपर मंदिर चमके,
सब जग जानी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
सबसे सुंदर है बरसाना...
खौर सांकरी बड़ी रसीली,दधी ले चली कुंवर गर्भीली
सखियां संग में बड़ी हठीली,आगे मोहन गैल रोक दियो,
बड़ी लुभानी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
राधा रानी को बिरज में,श्यामा प्यारी को
सबसे सुंदर है बरसाना...
दे जा दान कुंवर रसिया को,पीठ पिछौर कटी कसिया को
कुंवर लखी मन बसिया को,
घुंघट में से छीन लियो मन,वा मनमानी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
राधा रानी को बिरज में,श्यामा प्यारी को
सबसे सुंदर है बरसाना...
गहवर वन की लतन पतन में,बिहरे राधा मोहन वन में
फूले फूले तन में मन में,बड़े-बड़े सुर नर मुनि तरसे,या रजधानी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
राधा रानी को,बिरज में श्यामा प्यारी को
सबसे सुंदर है बरसाना...
Shrijirasik
तरज़-परदेसीयों से ना अख़िंयां मिलाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना,
करके दया की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना...
जैसी भी हूं श्यामा मैं तो,मैं तो हूं तेरी
फिर क्यों लगाई लाडो,मिलने में देरी
सबपे करी है करुणा,मोपे भी लुटाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना,
करके दया की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना...
टुकड़ों पे तेरे मेरा,जीवन पले हैं
इसी आस पर मेरी,ज़िन्दगी चले है
मिलेगा मुझे भी एक दिन,वास बरसाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना,
करके दया की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना...
दूर क्यों बसाया मुझको,मेरी क्या ख़ता है
कुछ तो बताओ तुमको,सब ही पता है
जैसे भी रखना मुझको,ना नज़रें हटाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना,
करके कृपा की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको भूल न जाना...
सहमीं फिरे हरिदास,आंसु बहाये
बृज़ के बाहर कहीं सांसें,छुट ही ना जाये
रेत का घरौंदा मेरा,तुम ही बचाना
हे लाडली मुझको भुल ना जाना,
करके दया की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको यहीं पे बसाना
हे लाडली मुझको भुल ना जाना...
Shrijirasik
तरज़-कैसे ना इठलाऊं मैं बरसाना मिला है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
सब सुख सदन बदन तुव राधे।
उपमा कमल ससी नहिं पावक,
मीत मान अपराधे
मृदु मुसक्यानि हरत मन नैंनन,
बंक बिलोकन ही दृग आधे।
लेत बलाय दुहुं कर भगवत,रसिक
सिरोमनि गुननि अगाधे॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
किशोरी मोहे कब अपनावोगी।
निज कर कमल फेर मस्तक पर,
कब बृज़वास करावोगी॥
सुंदर रूप स्वरूप अपनो,
कबते मोहि दिखावोग।
अलिकिशोरी नाम सांचो कर,
रसिकन मांय मिलावोगी॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
रे मन श्री वृन्दावन चल।
यमुना सरस सुखद अति सोहे,
नीर बहै कल-कल॥
जहां बिराजत राधारानी,
लिये सहचरी दल।
हितगोपाल को प्राण-प्रिया के,
चरण कमल को बल॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
हमारौ धन श्री वृन्दावन प्यारी।
खरचत खात घटत नहीं कबहू,
बाढ़त छिंन-छिंन अति अधिकारी॥
ताहीं को अभिमान सदाई,
ताहीं बल वश श्री कुंजबिहारी।
श्री हरिदास जू रसिक सिरोमनि,
प्राण-प्राण मिल कीनी यारी॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
ऐसौ स्वपन मोहि अति भावै।
नैंन समीप मोहिनी मुरत,
मंद-मंद मुसिकावै॥
कोटि चंद छविं सुन्दर आनन,
रूप सुधा बरसावै।
भोरी रंग भरी अलबेली,
हिय में आइ समावै॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
कर करूणा की कौर लाड़ली,
नाम रसका अब अमृत देवौ बहा
प्रेम समन्दर तेरे पास में,भरा पड़ा है
अथा धसका की अभिलाष यही है,
हर मन की यही चाहा
मस्त हुआ है,मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
Shrijirasik
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई,
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
अब पल पलक टरत नही टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारि वारि पलकन मारी,
जादू की पिटारी दृग छुई मुई कर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई.......
Shrijirasik
मैं तो चली रे पिया के देश,
हो मै तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
पिया मिलन को तरस रही थी,
छम छम अंखिया बरस रही थी,
है धर जोगन का भेष,
मै तो चली रे पिया के देश.....
बीते दिवस कई बीती रतिया,
मन की कहूंगी उनसे सारी बतिया,
हो लागि क्या क्या मन को ठेस,
मै तो चली रे पिया के देश.......
आया बुलावा मेरे पिया का,
मन उपवन हरषाये जीया का,
हो छाया आनंद मन में विशेष,
मै तो चली रे पिया के देश.......
चित्र विचित्र आई बेला मिलन की,
दुल्हन बनुगी में तो सांवरे सजन की,
अब क्या रह गया शेष,
मै तो चली रे पिया के देश......
मै तो चली रे पिया के देश,
हो मैं तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
Shrijirasik
तर्ज – मिलती है जिन्दगी में
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया......
जिसने कभी भी आज तक,
सजदा नहीं किया,
उसको कृपा ने आपकी,
झुकना सिखा दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.....
रहते हो दिल जिगर में,
आँखों में हर घड़ी,
मस्ती का जाम आपने,
ऐसा पिला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया........
दुनिया की चमक देखकर,
भटका हुआ था मैं,
मुझको दया ने आपके,
चरणों में ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.......
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.........
Shrijirasik
तर्ज – सांवली सूरत पे मोहन
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.......
बांकी छवि बांकी अदा,
बांकी हंसी बांका चलन,
रूबरू बांका नज़ारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं...........
एक सूरत आपकी,
और दीवाना सारा जहां,
हाल जो होगा हमारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
मेरी आँखों में कटीली,
अपनी आँखे डालकर,
जो किया तुमने इशारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
Shrijirasik
तू राधे राधे गाले,
और झूम ले मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में.......
दीवानो आ के देखो,
क्या धूम मच रही है,
राधा के नाम की अब,
ये धारा बह रही है,
आ झूम झूम के अब,
ये कहते है मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में.......
श्यामा के दर पे आके,
कोई ना जाए खाली,
करके कृपा किशोरी,
भर देगी झोली खाली,
तुझको सुकुन मिलेगा,
श्री राधे की मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में......
एक बार हाथ थामो,
ब्रज स्वामीनी हमारा,
कितने गुनाह किए है,
गुनेहगार हूँ तुम्हारा,
करके कृपा उठा लो,
आया तेरी बस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में.......
Shrijirasik
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,
रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,
श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,
मैं वी उड के श्याम दा सोहणा दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
श्याम दिया संगता जदों दर ते आनगीया,
अमृत भरा संगत जद लंगर खावनगीया,
संगता दिया चरणा दी,,
संगता दे चरणा दी धूल मथे उत्ते लावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
रोज सवेरे मैं फूल तोड़ ले आवांगी,
श्याम जी दे चरणा विच आन चढावांगी,
हर वेले श्याम दा,,
हर वेले श्याम दा नित दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
Shrijirasik
तेरे रज रज दर्शन पावा इक वारि खोल अखियाँ,
खोल अखियाँ खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा.....
कोई ता कहंदा प्यारा दिल विच वसदा,
असली ठिकाना तेरा कोई भी न दसदा,
कोई भी न दसदा श्याम,
की करा के दर नु जावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा......
तेरे दर्श दी मैं हां दीवानी, अपना चरना दी दे जा निशानी,
दे जा निशानी श्यामा दे जा निशानी,
अखियाँ प्यासियाँ नु होर तरसा न,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरा दर्श पा के वारि वारि जावा,
श्याम नाम दी गंगा विच गोते पई लावा,
श्याम प्रेम दी ज्योत जगावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरे चरना च मैं रेन गुजारा,
तेरे दर्श बिना मैं चैन ना पावा,
अखा थक गईयाँ तक तक राहवा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा........
Shrijirasik
बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो......
आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
सखी बादल गरजत बिजुरी संग, ओ घन बरसत है घनघोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
कहे वन वन पड़यो हिंडोरना, कैसे पवन चले झकझोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा होले होले देवे सांवरा, झूले कुंवर किशोरी सिर मोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा देय सखिरी सब गाय रही, नाचे मोर पपिहा करे शोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झूलत गल बैयां डाल के, वरुणेश निरख़ तिन्ही और,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
Shrijirasik
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय मथुरा गोकुल गोवर्धन
जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन
जय बरसाना, जय नंदगाव
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय ब्रज रज, जय जय गोधन
जय जय ग्वाल सखा गोपीजन
जय ब्रजवासिन, जय ब्रज बाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय ब्रजमण्डल जय ब्रज रसिकन
जय जय ब्रज के संत भक्त जन
जय जय लत्ता पता अभिराम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
❛मधुप हरि❜ ठाकुर ठकुरानी
जय ब्रजराजा जय ब्रजरानी
जय राधा माधव छवि धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम-२।
Shrijirasik
राधे रानी सावरे की प्यारी है
श्यामा जू सावरे की प्यारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
1) राधा नाम की धुन जब लागे, धुन जब लागे
श्याम घूमते पीछे आगे, पीछे आगे
राधा का दीवाना बिहारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
2) बरसाना बृज की है राजधानी, है राजधानी
जहां बिराजे राधा रानी, राधा रानी
भक्तों की बिगड़ी सवारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
3) मुरली में कान्हा और सुर जब साधे, सुर जब साधे
गाती है बंसी श्री राधे राधे, श्री राधे राधे
श्यामा की महिमा भारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
4) श्यामा श्याम में भेद न कोई, भेद न कोई
चारों दिशाओं में जय जय हुई, जय जय हुई
भूलन की बाधा तारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
लीला है नारी लाडली लीला है न्यारी
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
Shrijirasik
श्री जी हमारी हम श्री जी के -२
जिये जा रहे हैं राधा नाम रस पी के-४
ऊँची अटारी श्रीजी का दरबार है-२
राधा दरस का राधा नाम ही आधार है-२
राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा-२
ऊँची अटारी श्रीजी का दरबार है
राधा दरस का राधा नाम ही आधार है-२
नाम सहारे चढ़ते-२ जाते सीढ़ी हैं।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
कृपामयी किशोरी करुणामयी सरकार है-२
बड़ी ही दयालु राधा सर्वसुख सार है-२
सब सुख पाये जब से-२ हो गए इन्हीं के।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
'मधुप' हरी श्यामा प्राण हमारी हैं-२
सम्पति हमारी यही बरसाने वारी है-२
कर दी ये जिंदगी-२ नाम उन्हीं के।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-४
राधाााााा....
ऐसो स्वप्न मोहिं अति भावे,नैन समीप मोहिनी मूरत मंद मंद मुस्कावे,
कोटि चंद छवि सुंदर आनन,रूप सुधा बरसावे
भोरी रंग भरी अलबेली,मेरे हिये में आय समावे।
ऐसो स्वप्न मोहिं अति भावे ..
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-३
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-५
जय जय श्री राधे ..
जिये जा रहे हैं राधा नाम रस पी के-४
श्री जी हमारी हम श्री जी के -२ ।
Shrijirasik
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै , जप ले जप लै
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा.....2
तू जप लै राधा राधा, तू जप ले राधा राधा-2
राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा राधा....2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा-2
राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा राधा....2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, जप लै जप लै
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा.....2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा.....2
राधा नाम दी महिमा पारी-2
राधा नाम दी महिमा पारी-2
राधा नाम बड़ा गुणकारी-2
राधा नाम बड़ा गुणकारी-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, जप लै जप लै
तू रट लै रट लै रट लै
तू जप लै राधा राधा,लै जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
राधा नाम ने लक्खां तारे-2
राधा नाम ने लक्खां तारे-2
पवसागर तो पार उतारे-2
पवसागर तो पार उतारे-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, जप लै जप लै
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा.....2
हां शहद तो मिट्ठा राधा नाम है-2
राधा राधा रटता श्याम है-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, जप लै जप लै
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
राधा नाम दी जप लै माला-2
राधा नाम दी जप लै माला-2
कुंज द्वार दा खुल जाऊं ताला-2
कुंज द्वार दा खुल जाऊं ताला-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
राधा नाम दा पीले प्याला-2
राधा नाम दा पीले प्याला-2
‘‘मधुप’’ हरी हो जा मतवाला-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा-2
राधा राधा राधा राधा....2
श्री राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
Shrijirasik
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सर पर कलगी पंख रंगीले -2
नैन नसीले होंठ रसीले -2
ताल बजावे नाचे गावें ,खूब मचावे छोर।
आजु सखी-जय हो -2
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
अगर कोई पकड़े हाथ न आवे -2
कुञ्ज निकुंञ्जों में छिप जावे -2
देख मोर की लीला सखियन -2 ह्वै गयी भाव विभोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
देख मोर का नाच किशोरी -2
नाच उठी राधा रसभोरि -2
मिले परस्पर चाँद चकोरी -2 मिल गयी नैनन कोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
मोर लियो बाहों में राधा -2
बंसीधर धरा रूप अगाधा -2
राधा दरस कर मिट गयी तड़पन -2 ‘‘मधुप’’ हरी चितचोर।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर। - 4
बोलो मोर बिहारी लाल की जय।
Shrijirasik
मैं बरसाने जाना ऐ मैनूं चढ़ गया राधा रंग -2
1. मैनूं कुछ न सुझदा ऐ -2
मैं हो गयी मस्त मलंग।
मैं बरसाने जाना....
2. नश्वर काया,नश्वर माया ,नश्वर ऐ संसार-2
बेकदरी बेरहमी दुनिया नहीं किसेदी याद-2
इस दुनियादारी तों-2 ,मैं हो गयी हाँ हुण तंग।
मैं बरसाने जाना....
3. बरसाने दे प्रेमनगर विच,रस दे परे खजाने-2
पगति शक्ति मस्ती मिलदी,मिलदे रसिक दीवाने-2
साधू सेवा पजन बंदगी-2,मिलदा ऐ सत्संग।
मैं बरसाने जाना....
4. ब्रजमण्डल ठकुरानी राधा,ब्रजमण्डल आधार-2
करुणामयी सरकार किशोरी ,करदी सब नाल प्यार-2
हर बाधा हर लेती-2,रहे पागतां दे अंग संग।
मैं बरसाने जाना....
5. दुनिया वालयो दीन ‘‘मधुप’’ नूं ,गल करदे ना टोको -2
तुर पई मैं बरसाने मेरा रस्ता ना कोई रोको-2
बरसाने बस जाणा-2,है एईओ मेरी उमंग।
मैं बरसाने जाना....
Shrijirasik
तर्ज :- कन्हैया ले चल परली पार।
राधे तू बढ़भागिन है
1. नित्य किशोरी ,रस की बोरी,सदा सुहागिन है।
राधे तू बड़भागिन ....
2. मन मोहन की मोहिनी राधा।
सब सखियन में सोहनी राधा।।
चन्द्रबदनी ,चंद्रमुखी ,गोरी ब्रजवासिन है।
राधे तू बड़भागिन ....
3. कृष्ण - प्रिया आह्लादिनी राधा।
ब्रजरानी प्रियवादिनी राधा।।
गोलोक की रास विहारिणी ,प्रेमावतारन है।
राधे तू बड़भागिन ....
4. नन्द नंदन गोवर्धनधारी।
श्री राधे तेरो है पुजारी।।
भानुनन्दिनी के गुण गावत ,वेद पुरानन है।
राधे तू बड़भागिन ....
5 . ब्रजमण्डल की शान है राधा।
रसिक जनों की जान है राधा।।
‘‘मधुप’’ हरी की स्वामिनी राधा ,हरमन भावन है।
राधे तू बड़भागिन ....
Shrijirasik
सानु दरश दिखा श्यामा-2
तेरा केड़ा मुल लगदा ,साडा लथ जाए चा श्यामा।-2
ओदे नैनां मेरा दिल ठगेया-2
नी श्याम दियाँ चोर अखियाँ ,दिल लुटया पता न लगेया-2
हर दिल च समाई होई ए-2
साडे नाल बंसरी चंगी,जेड़ी मुख नाल लाई होई ए-2
वे मै गली बाती टाल दियाँ -2
नी श्याम तेरा की लगदा,मेनू पुछ दियाँ नाल दियाँ-2
तेरी याद सतांदी ए,-2
अखियाँ च श्याम बसे,राती नींद न औंदी ए-2
गेड़े जमना ते मारदे ओ-2
इथे तेरा काम कोइ न,श्याम सखियाँ निहार दे ओ-2
लोकां तो बचेया करो-2
मुरली पुआडे पांदी ए,श्याम मुरली न रखेया करो-2
मैनू श्याम प्यारा ऐ-2
लोकां दे सहारे बोत ने,मेरा श्याम सहारा ए-2 ।
Shrijirasik
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
सारे जग को हमने छोड़ा हैं ,
बस तुमसे रिश्ता जोड़ा हैं ,
अब जुड़ा रहे बंधन ये सदा,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
बरसो से हम तो भटक रहे ,
दर्शन को तुम्हारे तरस रहे ,
जब तक ना दरश तुम्हारा हो ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं, हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
हमें धन और दौलत मत देना ,
हमें नाम और शोहरत मत देना ,
बस इतनी कृपा तुम कर देना ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
चाहे सुबह हो या शाम हो ,
होठो पे तुम्हारा नाम हो ,
हम जपते रहे तेरा नाम सदा ,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
Shrijirasik
राधा रानी का पा कर प्यार
धुन : नी मैं नचनां मोहन दे नाल
राधा रानी का पाकर प्यार,
जीवन धन्न धन्न हो गया।
बना स्वर्ग मेरा घर-बार,
जीवन धन्न धन्न हो गया ।।
मैया मोहे आप बुलाया ।
मेरा सोया भाग्य जगाया ।
मेरे अवगुण दियो बिसार -
जीवन धन्न धन्न हो गया ।।
मोहे रसिकन संग बिठाया ।
रंग गुलाल इत्र बरसाया ।।
रोम रोम रस हुआ संचार -
जीवन धन्न धन्न हो गया ।।
गला पसार 'मधुप' जब गायो ।
मैया गोविन्द मिलन करायो ।।
लगी गूंजन जय जयकार -
जीवन धन्न धन्न हो गया ।।
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वे राधा तैनूं वाज़ां मारदी
वे राधा तैनूं, वाज़ां मारदी, वाज़ां मारदी,
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी ॥
मेरा बड़ा, औखा हो गया, औखा हो गया,
मेरा, लगदा ना, दिल बिन तेरे,
मेरा बड़ा, औखा हो गया ॥
दुनियां, तो चोरी तैनूं, दिल च वसाया ए ।
बिना, फेरियां तो तैनूं, अपना बनाया ए ॥
मेरा, लंघदा, मेरा लंघदा,
मेरा लंघदा ना, पल बिन तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरे बिना, दुख मेरा, सुनदा ना कोई वे ।
याद तैनूं, कर कर, अख जांदी रोई वे ॥
किते, पा देवे, किते, पा देवे,
किते पा देवे, बरसाने विच फेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरियां, यादां ने मैनूं, वद्ध वद्ध खा लिया ।
तेरी, तस्वीर नूं मैं, दिल च वसा लिया ॥
हुण, औंदे ने, हुण औंदे ने,
हुण औंदे ने, ख्याल मैनूं तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
गोचर, वाले दी नी तूं, सुन लै पुकार नी ।
बेड़ी, सिंदर दी कर, भव सागर तो पार नी ॥
लखवीर लिखदा, लखवीर लिखदा,
लखवीर लिखदा, ए बोल तेरे मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा
सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
तू बरसाने की राजकुमारी,श्री वृंन्दावन महारानी
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
श्याम पिया तेरो नाम रटत है,तू उनकी प्रेम दीवानी
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
गल बईंयां डाले दोऊ राधे,को कर सके बखानीं
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
एक दूजे को एकटक निरखत,प्रेम के बस हो जानी
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
बरसाने वाली रस बरसाओ,तुम हो रस की खानी
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
Shrijirasik
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
Shrijirasik
कई जन्मों से बुला रही हु कोई तो रिश्ता जरूर होगा॥
नज़रो से नज़ारे मिला ना पायी मेरी नज़र का कसूर होगा॥
तुम्ही तो मेरे मात पिता हो॥
तुम्ही तो मेरे बंदु सखा हो॥
कितने ही नाते तुम संग जोड़े,
कोई नाता तो जरुर होगा,
कई जन्मों से बुला रही हु........
कभी भुलाते हो वृदावन मे॥
कभी भुलाते हो मधुवन मे॥
अपने तो मै रोज भुलाते
मेरे घर भी आना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
तुम्हे तो मेरे आत्मा हो॥
तुम्ही तो मेरे परमात्मा हो॥
तुझी में रह कर तुझी से पर्दा
पर्दा हटना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
अखो में बस गई तस्वीर तेरी॥
दिल मेरा हो गया जागीर तेरी॥
दासी की बिनती तुम्हारे आगे
दर्श दिखना जरूर होगा
Beda par
राधा राधा राधा राधा, राधा राधा हो जाए
जो भी राधा नाम जप पाए, बेड़ा पार हो जाए
राधा राधा राधा राधा, झोली भर दे खाली
राधा राधा राधा राधा, कृपा करें निराली
राधा की ममता बड़ी ही निराली है
राधा की सूरत भोली भाली है
किस्मत वाला है जिसको राधा प्यार हो जाए
जो भी राधा नाम जप पाए, बेड़ा पार हो जाए
राधा राधा राधा राधा, जग की भवानी
राधा राधा राधा राधा, कृपा की कहानी
राधा के चरणों में जो भी जाते हैं
मनचाही मुरादें सब पाते हैं
राधा की नज़र हो जिस पे मालामाल हो जाए
जो भी राधा नाम जप पाए, बेड़ा पार हो जाए
Shrijirasik
[ ललित लड़ैती राधिका
में मांगू गोद पसार
दीजिए निज पद चरण रज
और बरसाने को वास ]
ओह लाडो प्यारी मैं सदके तेरे
मैं वस जावां बरसाने तेरे
1. मंगल बेला ते जावां अटारी
बैठी सज के वृषभानु दुलारी
बन के घुंघरू नचा तेरे बेड़े
मैं बस जावा बरसाने तेरे ...
2. बाह फड़ हरिदासी ने मिलाए बाबा
ना हुन जावा मक्के श्यामा ना हुन जावा काबा
मैं पा लए युगल वर बाबा दे वेहड़े
मैं वस जावा बरसाने तेरे
3. अह दुनिया ते गहरा पानी
बिना तेरे ना कोई मेरा सानी
छड़ दुनिया दे झूठे चमेले
मैं वस जावा बरसाने तेरे
4. लाडो बचा लो थक सी गई हु
रज में मिला लो मरने लगी हु.
गौरव मोहित वी अपने तेरे...
मैं बस जावा बरसाने तेरे
Shrijirasik
जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
मैं मूरख और अज्ञानी करता आया मनमानी
मेरे सारे दोस भुला दो तुमसा न दयालुदानी
एक बारी तेरा मुझ पर यह एहसान हो जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
यह धन दौलत की माया और पंचतंत्र की काया
सब छोड़ पड़ेगा जाना किसने कब साथ निभाया
जब दम निकले मुझे लेने मेरा श्याम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
ऋषियों ने यही कहा है वेदों में यही लिखा है
तेरा सुमिरन कर करते-करते जिसे जग छोड़ दिया है
भक्त वो सीधा ही तेरे धाम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
Shrijirasik
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
भोर होत मेहलन में थारी,
सेवा में निस जाऊं,
मंगला के नित दर्शन पाऊं,
जीवन सफल बनाऊं,
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
पड़ी रहू मैं द्वार तिहारे,
रसिकन दर्शन पाऊं,
भक्तन की रज धूलि मिले तो,
अपने शीश चढाउँ,
किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो,
लाड़ली द्वारे रख लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
भूख लगे तो ब्रजवासिन के,
टूक मांग के खाऊं,
कबहु प्रसादी श्री महलन की,
कृपा होए तो पाऊं,
किशोरी मेरी विनय मान लीजो,
लाडली विनय मान लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे राधे रटूं निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
श्यामा श्यामा रटु निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
तेरे ही गुण गाए गाए मैं,
तेरी ही होय जाऊं,
किशोरी मोहे अपनों कर लीजो,
लाड़ली अपनों कर लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे के सिंगार की छवि न्यारी
कृष्ण मुग्ध हो गए देख के
माथे पर बिंदी लाल सजी है
आंखों में काजल की रेखा
गले में मोतियों की माला
हाथों में चूड़ियां खनकती
पीली साड़ी में सजी राधा रानी
श्याम के संग राधा सोहे
प्रेम का सिंगार सबसे प्यारा
राधे कृष्ण का मिलन सुंदर
Shrijirasik
ले लेकर के राधा नाम मेरा मन झूम रहा
मेरा मन झूम रहा , मेरा मन झूम रहा
1. जब जब लाडो तेरे बरसाना आऊं -2
ऊंची अटा..री के दर्शन पाऊं -2
और जाऊं मैं बलिहार मेरा मन झूम रहा..
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
2 .मंगला दर्शन मैं भी करूंगी -2
सोहनी सेवा मैं भी करुगी -2
इतना करना उपकार मेरा मन झूम रहा...
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
3.परिक्रमा में दौड़ी जाऊं -2
थक के राधा नाम जो गाऊ -2
तब मिले संत हर बार मेरा मन झूम रहा...
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
4. चरण कमल की सेवा दीजो -2
करुणा मई करुणा कर दीजो -2
' दृष्टि' की सुनो पुकार मेरा मन झूम रहा
दासी की सुनो पुकार मेरा मन
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
Shrijirasik
नाम मेरी राधा रानी का जिस जिस ने गाया है,
बांके बिहारी ने उसे अपना बनाया है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
नाम मेरी राधा रानी का, सदा देता सहारा है,
तू भी एक बार जप ले, यह नाम बड़ा प्यारा है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम वाली, फेरी जिसने माला है,
उस पर रीझ गया, मेरा मुरली वाला है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम का तो, हुआ पागल जमाना है,
प्यारा तीनों लोको से, श्री जी का बरसाना है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम वाली चढ़ गई हमें मस्ती है,
‘चित्र विचित्र’ पे कृपा राधा रानी की बरसती है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
Shrijirasik
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में
राधा नाम रटे हर रसना,घर घर बस्ती बस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में..
ऐसे रंग मे रंग जाये जो,फिका कभी पड़ेना
रंग बिरंगे जग का जिस पर,कोई रंग चढ़ेना
ख़ुद की मिटा के हस्ती खो जायें,हम सब उसकी मस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
मन मंदिर में भानुं लली की,सुंदर छवि बसाएं
जीवन की हर स्वांस स्वांस पे राधे राधे गायें
छोड़ के सारी दुनिया खो जायें,हम सब उसकी मस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
विष की बैल है मोह मया,इससे बच के रहना
भव तरणीं भव पार करेंगी,मानों दास का कहना
श्रद्धा और विश्वास से बैठो,नाम की प्यारे कश्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
मन का हंस चुनें दुनिया में,राधा नाम के मोती
अलौकिक कर देगी जग में,राधा नाम की ज्योति
खुद की मिटा के हस्ती मिल जायें,
हम सब उसकी हस्ती में
राधा राधा राधा राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में
राधा नाम रटे हर रसना,घर घर बस्ती बस्ती में
राधा राधा राधा, राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
Shrijirasik
तरज़-कौंन दिशा को लेके चला रे बटोहिया
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
कितने जनम की तपस्या है ये,
मिल गया है बृज़ धाम हो
धाम मिला विश्राम मिला है,
जीवन को आराम हो
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के... 2.
बरसानों है धाम रगिंलो,
जहां बिराजे सरकार हो
बृज़ मण्डल की है महारानी,
राधा रगिंली है नाम हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
मन में तूं विश्वास जगाले,
पुरण होगी तेरी आस हो
श्री हरिदास शरण में रसका,
धसका मिले बृज़ वास हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
Shrijirasik
तू सुमिरन कर राधे राधे, तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे ।
राधा के पीछे श्याम स्वं तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥
श्री राधे राधे राधे बोलो श्री राधे ।
राधा बिन सूना सांवरिया,
राधा बिन फीकी बाँसुरिया ।
राधा बिन भक्ति रस ही नहीं,
हम राधा के गुण गायेंगे ॥
ब्रजमंडल की गरिमा राधा,
राधा बिन प्रेम शब्द आधा ।
कितना भी कृष्ण का ध्यान धरो,
बिन राधा याद आयंगे ॥
ब्रजवास यदि तुम चाहोगे,
तो राधे राधे गाओ रे ।
श्री राधे कृपा जो कर देंगी,
तो कृष्ण तुम्हे अपनाएंगे ॥
Shrijirasik
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठानी है
यह तो जाने दुनिया सारी है
राजाओ के राजा, महारानी की रानी,
सर मोर मुकुट साजे ।
जोड़ी बड़ी प्यारी, दरबार है प्यारा,
राधा के संग साजे ।
सोने पल में सेठ, सोने पल में सेठानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
सांवरिया राधा जी, भक्ता पे है राजी,
करे घणो लाड है ।
भण्डार लुटावे है, हर बात बनावे है, भक्ता रा ठाट है,
देवे छपर फाड़, नहीं इनसो कोई दानी है ।
यह तो सारी दुनिया जानी है...
सुख दुःख में सावरिया, सुख दुःख में राधा जी,
सदा तेरे साथ है ।
मेरी चिंता दूर करे, मेरी विपदा दूर करे,
रख लेवे बात है ।
भक्ता रोतो काम बस इक हाजरी लगानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
Shrijirasik
सुखी बसे संसार सब दुखिया रहे न कोय,
यह अभिलाषा हम सब की , भगवन पूरी होय,
विद्या बुधि तेज बल सबके भीतर होय,
दूध पूत धन-धान्य से वंचित रहे न कोय,
आपकी भक्ति प्रेम से मन होवे भरपूर,
राग-द्वेष से चित्त मेरा कोसों भागे दूर,
मिले भरोसा आपका, हमें सदा जगदीश
आशा तेरे नाम की, बनी रहे मम ईश,
पाप से हमें बचाईओ , करके दया दयाल,
अपना भक्त बनाय कर, हमको करो निहाल,
दिल में दया उदारता मन में प्रेम अपार,
हृदय में धीरता, हे मेरे करतार,
हाथ जोड़ विनती करूं सुनिए कृपा निधान,
साधु-संगत सुख दीजिए, दया धर्म का दान
मेरा सुखी रहे परिवार लाडली कृपा करो
मेरा चलता रहे संसार लाडली कृपा करो
लाडली कृपा करो लाड़ली कृपा करो 2
कृपा करो मोपे 3
मेरा सुखी रहे संसार........
Shrijirasik
सब कुछ दिया है तुमने इतना और सरकार देदो
यह हटा के प्यार सबका अपना ही प्यार देदो
मैं ढूंढूं जंगलों में बस्ती में तुझको ढूंढूं
गर हो सके तो मुझको अपना दीदार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
ऐसी पिला दे मुझको खुद तक को भूल जाऊं
अपनी मस्ती भरी हुयी चितवन का खुमार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
लुट गयी है दिल की दुनिया यह झूठा प्यार करके
मिलने की है तमन्ना मुझको करार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
गर हो गए मेहरबान पागल पे नंदनंदन
यह छुड़ा के द्वार झूठा अपना वो द्वार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
Shrijirasik
जिसके जप तप से मिलता है, तन मन को आराम,
वो राधा का श्याम, वो मीरा का घनश्याम,
सारे जग का एक खेवैया, सबका पार लगैया,
मीरा का घनश्याम कहे कोई, राधा का वो कन्हैया,
सबके मन को शीतल करता, वो प्यारा सा नाम ll
राधा का वो रास रचैया, मीरा के करुणाकर,
धन्य किया मीरा को प्रभु ने, अपना दरश दिखाकर,
अमर हुए हैं भक्त प्रभु के, करे जो ऐसा काम ll
राधे श्याम की मूरत जग में, लगती बड़ी सुहानी,
मीरा जैसी भक्ति रंग में, डूबे जो भी प्राणी,
तन मन धन से रहे समर्पित, प्रभु में आठों याम ll
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
पावन किशोरी जी, तुम्हरे चरन
श्री चरनन में, दे दो शरण
जिन चरनो में रहे, नंद नंदन ,
मस्तक धरो मेरे, करूँ मैं वन्दन
अति सुखदाई, तारण तरण
श्री चरनन में, दे दो शरण
चरन शरण बिन, मरना भी भारी,
हारा हूँ कर्मो से, तरना भी भारी
भटकन मेरी अब, कर लो हरण
श्री चरनन में, दे दो शरण
ब्रज रज़ माही, दे दो ठिकाना,
ब्रज में रज़ बन, रहूँ बरसाना
करूँ रसिकन पग, धूलि धरण
श्री चरनन में, दे दो शरण
तुम्हरे चरण, त्रिलोकी समाए,
गोपाली को, पागल बनाए
तन मन धन, चरनन अर्पण
श्री चरनन में, दे दो शरण
Shrijirasik
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥
मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥
यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥
तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥
दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥
मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।
अभी सांस चल रही है कहीं तुम चले ना जाना ॥
Shrijirasik
तर्ज तू चीज बड़ी है मस्त मस्त
श्री राधा (राधा) x7
हम आए हैं बरसाने में श्री लाडली जू के बुलाने पे
तेरी कट जाए हर बाधा बाधा
तू रट ले जय श्री राधा
श्री राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा
श्री राधा (राधा) x7
बरसाना है प्यार हमारा वृंदावन है धाम हमारा
बरसाना है प्यार हमारा वृंदावन है प्राण हमारा
मेरा बैंक बिहारी यार यार
दूं उस पर सबकुछ वार वार
भले छूटे ये संसार यार
इस बार न छूटे वादा
श्री राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा
श्री राधा (राधा) x7
बरसाना में धूम मची है, गली रंगीली खूब सजी है
इक बार कन्हैया आए आए, फिर लठ बरसेंगे ढाए ढाए
हरिदासी मंगला गए गए
श्री जी हर लेंगी बाधा बाधा
श्री राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा
श्री राधा (राधा) x7
Shrijirasik
मथुरा में खुली है दुकान
मथुरा में, खुली है दुकान,
राधा रानी, कया लोगी ॥
ओ राधा रानी, कया लोगी,
ओ राधा रानी, कया लोगी ॥
मथुरा में, खुली है दुकान...
टीका, तो मै, पहन के आई ॥
मुझे, बिंदिया, दिला दो घनश्याम,
राधा रानी, कया लोगी ।
मथुरा में, खुली है दुकान...
झुमके, तो मै, पहन के आई ॥
मुझे, नथनी, दिला दो, घनश्याम,
राधा रानी, कया लोगी ।
मथुरा में, खुली है दुकान...
कंगन, तो मै, पहन के आई ॥
मुझे, मेहंदी, लगा दो घनश्याम,
राधा रानी, कया लोगी ।
मथुरा में, खुली है दुकान...
हरवा, तो मै, पहन के आई ॥
मुझे, माला, दिला दो घनश्याम,
राधा रानी, कया लोगी ।
मथुरा में, खुली है दुकान...
लहंगा तो मैं, पहन के आई ॥
मुझे, चुन्नरी, ओढा दो, घनश्याम,
राधा रानी, कया लोगी ।
मथुरा में, खुली है दुकान...
पायल, तो मै, पहन के आई ॥
मुझे, बिछुऐ, दिला दो घनश्याम,
राधा रानी, कया लोगी ।
मथुरा में, खुली है दुकान...
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
रंगीली कुछ ऐसा कर वा दो ,,
वृन्दावन में प्रेम झोपड़ियां मेरी छव वा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
उठ ते ही तेरे दर्शन पाउ,
दिन भर तेरो हुकम भजाउ,
जन्म जन्म की पाप गठरिया मेरी धुलवा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
जब जब होये आरती तेरी
गूंजे प्रेम झोपड़ियां मेरी,
यमुना जी के तीर श्याम की मुरली सुनवा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
तेरी धुन में जीवन बीते जित देखु तित तू ही दिखे,
मेरे रोम रोम में राधे राधे लिखवा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो ,
जीते जी ब्रिज धाम न छूटे ,
मिले कोर तेरे खाने को झूठे,
बरसाने की रज से चंदन टिका लगवा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
Shrijirasik
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में है।
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
बेसहारों को सहारा तेरे बरसाने में है ॥
झांकीया तेरे महल की कर रहे सब देवगण।
आगया बैकुंठ सारा तेरे बरसाने में है॥
हर लता हर पात में है तेरी दया की वो झलक।
हर घडी यशोमती दुलारा तेरे बरसाना में है॥
अब कहाँ जाऊं किशोरी तेरे दर को छोड़ कर।
मेरे जीवन का सहारा तेरे बरसाने में है॥
यूँ तो सारे बृज में ही है तेरी लीला का प्रताप।
पर अनोखा ही नज़ारा, तेरे बरसाने में है ॥
मैं भला हूँ या बुरा हूँ पर तुम्हारा हूँ सदा।
अब तो जीवन का किनारा तेरे बरसाने में है॥
Shrijirasik
मुखड़ा लगे बड़ा प्यारा
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मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो ll
घूँघटा ना, डालो हाँ, घूँघटा ना डालो ll
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, मुखड़े पे, चँदा सी बिंदियाँ ll
चारों, ओर, हुया ओ, उजियारा,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, मुखड़े पे, बड़े बड़े नैना ll
नैनों में, कज़ला, लगा लो,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, गालों पे, काला काला तिल है ll
तिल में है, दिल, ये हमारा,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, हाथों में, हरी पीली चूड़ियाँ ll
कंगना से, कंगना, छणका लो,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, अंगों पे, लाल लाल चुंनरिया ll
चुनरी में गोटा लगा लो,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, पॉँव में, सोने की* पायल ll
पायल से, ठुमका लगा लो,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
Shrijirasik
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
वृन्दावन धाम के, श्री श्यामा शाम के
डोले श्याम नाम के पागल, वृन्दावन पागल खाने में
मस्ती में मस्त हैं रहते, मिले पागलपन नज़राने में
मन तू भी पागल हो जा, मस्ताने तरंग में खो जा
चढ़ जाए ना साफिर नाम के जाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
पूरे मन से जो लग जाता, वो लग कर कुछ पा लेता है
सदा अंग संग हरी रहता पर ध्यान ना कोई देता है
कोई झूठे नाम के पागल, कोई सच्चे श्याम के पागल,
जहा दूर दूर तक पागल जगत तमाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
कितने हुए अब तक पागल इन की न कोई समायी
मीरा करमा विधुरानी शबरी गोपाली बाई
पावन भक्तो के चरित्र हृदय को करे पवित्र
पागल करे ‘चित्र विचत्र’ श्री राधा नाम के
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
Shrijirasik
ऐसे चुप ना रहा कीजिए राधे राधे कहा कीजिए
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ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
आ गए, हो जो, सत्संग में ॥
लाभ कुछ तो, उठा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
दोष, जन्मो के, मिट जाएंगे ॥
भाग्य, सोया, जगा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
होनी, अनहोनी, को भूलकर ॥
जिंदगी का, मज़ा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
गैर, का घर, बड़ा देखकर ॥
बे-बजह ना, जला कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
बड़ा, अनुभव है, इस दास का ॥
आप भी, अज़मा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
शान्त, जीवन, संवर जाएगा ॥
राधा, रानी के, गुण गाईए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
स्वाद अद्भुत है, इस नाम का ॥
नाम, का ज़ाम, चख लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥ ॥
Shrijirasik
नस नस में बसी राधे
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद सताती है ॥
तेरी, याद सताती है... मुझे, बड़ा तड़पाती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
फूलों में बसी राधे... कलियों, में बसी राधे ॥
खुशबू में, बसी राधे, तेरी, याद, सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
गंगा, में बसी राधे... यमुना, में बसी राधे ॥
लहरों, में बसी राधे, तेरी, याद सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
चंदा, में बसी राधे... सूरज, में बसी राधे ॥
तारों, में चमक राधे, तेरी, याद सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
धरती, में बसी राधे... अंबर, में बसी राधे ॥
धड़कन, में बसी राधे, तेरी, याद सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
संतों, में बसी राधे... भक्तों, में बसी राधे ॥
हम, सब में बसी राधे, तेरी, याद सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
Shrijirasik
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
अपना जीना अपना मरना,बस तेरी चौखट पे है
अब कहां सर को झुकाए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
मैं हूं दासी श्यामा जू की,बस यही पहचान है
अब कहां मोहे गम सताए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
मैं यह कैसे मान जाऊं,लाडो के दरबार में
छीन ले कोई मेरी अदाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
सारी दुनिया छोड़ कर,तेरी शरण में आ गई
अब कहां सरकार जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पर जाएं, आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
Shrijirasik
तरज़-:ज़िंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
राधा नाम धारा का तो,कोई भी छौर नहीं
राधा नाम में डुबना है तो,बरसानें जाओ जी
राधा नाम अम्रित अनोखा,डुबते जाओ जी
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
राधा राधा रटते -रटते,संत वैष्णव तर गये
जीवन अपना श्यामा श्याम नाम,वह अपना कर गये
नाम रसका चसका लगा,धसका भी तर जायेगा
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
ओए श्यामा मैं तो तेरी हो गई
ओए श्यामा सुन, मैं तो तेरी हो गई,
कोई तेरा हो न हो, मैं तो तेरी हो गई ।
ओए श्यामा सुन, मैं तो तेरी हो गई,
तेरी प्रेम गलियों में बदनाम मैं हो गई ॥
ओए श्यामा सुन, मैं तो तेरी हो गई...
यमुना किनारे मिले थे साँवरिया,
काँटों में उलझी मेरी चुनरिया ।
फूलों को छोड़ मैं तो कांटो की हो गई...
ओए श्यामा सुन मैं तो तेरी हो गई...
राधा के श्याम हो मीरां के भी श्याम हो,
चरणों में तेरे प्रभु मेरा प्रणाम हो ।
बाँके बिहारी तेरे चरणों में मैं खो गई...
ओए श्यामा सुन मैं तो तेरी हो गई...
जब तक आसमान में तारे रहेंगे,
तब तक श्याम हम तुम्हारे रहेंगे ।
तूँ मेरा चाँद मैं चकोर तेरी हो गई...
ओए श्यामा सुन मैं तो तेरी हो गई...
हाथों में मुरली और, पैरों में पायलिया,
सबको सुना दो आ के मीठी मुरलिया ।
तूँ मेरी मुरली मैं तान तेरी हो गई...
ओए श्यामा सुन मैं तो तेरी हो गई...
हरे कृष्णा, हरे कृष्णा...धुन
Shrijirasik
मेरी श्यामा जो वृंदावन बसा लोगी तो क्या होगा,
मेरे बांके बिहारी से मिला दोगी तो क्या होगा,
तड़पती हूं मैं आहे भर,
सहारा कुछ ना दिखता है,
भरोसा श्याम चरणों में लगा दोगी तो क्या होगा,
मेरी श्यामा जो.....
श्री यमुना किनारे पर,
बनी कुंजों की कुटिया में,
मेरे राधा रमण बैठे,
दिखा दोगी तो क्या होगा,
मेरी श्यामा जो.......
जो देखा रसिकों ने वो वन,
सदा गुलजार रहता है,
वहीं रस दिव्य वृंदावन,
दिखा दोगी तो क्या होगा,
मेरी श्यामा जो.....
सदा झाडु लगाकर के,
मैं नाचूंगी ओ गाऊंगी,
रंगीली अपनी दासी को,
बुला लोगी तो क्या होगा,
मेरी श्यामा जो.......
Shrijirasik
तरज़-सांवरे को दिल में,बसाकर तो देखो
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी, ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
रो रो के तुमको पुकारा करेंगें,
हर कष्ट सहकर गुज़ारा करेंगे
कोशिशें दुबारा दुबारा करेंगे,
अबकी बारी रूबरू नज़ारा करेंगे
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना...
भुलकर करेंगे ना,कोई भी नादानीं
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
चिख़ूं चिल्लाऊंगी,पर्वत के निचे से
छुप छुप निहारूंगी,आंखों से निचे से
भीतर छुपालुंगी,अंखियों को मिचे से
भाव फिर सुनाऊंगी,विरह के सिचें से
सिड़ीयों पे बिच्छ जाऊंगी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
सिड़ीयों पे बिच्छ जाऊंगी,बनके दिवानीं
हमको शरणं में,लेना महारानी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,नित
बरसानें जायेंगे हम
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
उबरूं ना ऐसे डुबूं,किशोरी तेरे नाम में
जीवन की शैष घड़ीय,बिते तेरे नाम में
बंध जाऊं घुंघरू बनके,किशोरी तेरे पांव के
छंन छंन से छंनकाती,ले जाना धाम में
बड़ा ही रूलाती वो,यादें पुरानीं
सख़ियों के झुरमुट,वो यमुना का पानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
प्रेम है इक आग का दरिया,डुबकर है जाना
पता है मुझे बस ये,हंसेगा ज़माना
बिच बिच आती रहना,धिरज बढ़ाना
जब तक रूंकेना मेरा,आंसू बहाना
श्री हरिदासी है,दासी पुरानी
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
Shrijirasik
तर्ज़:- अखिंयों के झरोखों से
कल श्री जी के महलों में, मैं बैठी थी भाव में
थोड़ा सा परदा हटा, मेरे आंसू निकल आए
कल श्री के महलों में...
1. मुझसे बोली किशोरी जू,क्यों रोनें लगी है तूं
मैं साथ हुं धीरज काहे,फिर खौनें लगी तूं
उनकी ममता निरख़ करके,मेरी जिहवा अटक गई
मैं कुछ बोल नहीं पाई,मेरे आंसू निकल आए
कल श्री जी के महलों में...
2. मैं बोली मैं हार गई, जग निर्मोही जीत गया
तुम आई नहीं हे किशोरी जू, मेरा जीवन बित गया
श्री जी उठके सिंघासन से,मेरी गोदी में आ गई
थोड़ा सा शरमाई,मेरे आंसू निकल आए
कल श्री जी के महलों में...
3. मेरी ठोडी पकड़ कर के,मेरी अंखियों में देखकर
जानें कैसा इश़ारा किया सखी,मेरी मस्तक की रेख पर
अह्लाद प्रगट हो गया,मुझे कम्पन सा होने लगा
मैं कुछ समझ नहीं पाई,मेरे आंसू निकल आए
कल श्री जी के महलों में...
4. फिर ऐसा लगा मुझको,मैं उड़ पहुंचीं सघनवन में
यहां अष्टसखी संग राज रही,श्यामा जू निकुंजों में
ललिता जू क़रीब आई,मेरी पकड़ी कलाई थी
हरिदासी तूं कब आई,मेरे आंसू निकल आए
कल श्री जी के महलों में...
Shrijirasik
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
अब तक बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
बरसाना बुला रही है
कोई माने या ना माने मैं खास हूं तुम्हारा
लगता है जैसे मुझे को मै दास हूं तुम्हारा
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
कहते हैं मुझ को सारे दीदार तेरा पाऊं
टूटी हुई वाणी से गुणगान कैसे गाऊं
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
जीवन मैं जो दिया है मैंने कुछ भी नहीं किया है
मिली मामा को शौहरत वो तेरा शुक्रिया है
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
Shrijirasik
महल राधिका का,बुहारा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
चरण सेवा जीवन का,उदेश होगा समय
गहवर वन में,गुज़रा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
ढुंढेंगे उनको हम,कुंजों में जाकर
सदा श्याम श्यामा,पुकारा करेंगे
उन्हें आते जाते, निहारा करेंगे
महल राधिका....
कभी तो बजायेंगे,मुरली मनोहर
कभी तो सुनेगे हम,चरणों के नुपुर
हुआ भाग्ये झाकीं,निहारा करेंगे
महल राधिका....
रिझायेंगे प्रितम को,जैसे भी होगा
तन मन धंन अपना,न्यौछारा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
लगायेंगे बृज़ रज़ को,सभी तन बंदन पर
जहाँ तक हुआ मन को मारा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
कभी कभी रूठेगीं,भानु दुलारी
मनायेंगे उनको,श्री मान बिहारी
हम मन्दिंर की सिड़ी,बुहारा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
इक दिन किशोरी जी,करूणा करेंगी
चरणों की रज़ में,गुज़ारा करेंगे
राधा श्री राधा, पुकारा करेंगे
महल राधिका....
इक दिन वो आयेंगी,प्रियतम के संग में
वहीं उसकी झाकीं,निहारा करेंगे
राधा श्री राधा, पुकारा करेंगे
महल राधिका....
उन्हें प्रेम डोरी में,हम बांध लेंगे
फिर वो कहां भाग,जाया करेंगे
राधा श्री राधा,पुकारा करेंगे
महल राधिका...
मुनीन्द्र वृन्द वन्दिते त्रिलोक शोक हारिणि
प्रसन्न-वक्त्र-पण्कजे निकुञ्ज-भू-विलासिनि
व्रजेन्द्र–भानु–नन्दिनि व्रजेन्द्र–सूनु–संगते
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥१॥
अशोक–वृक्ष–वल्लरी वितान–मण्डप–स्थिते
प्रवालबाल–पल्लव प्रभारुणांघ्रि–कोमले ।
वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥२॥
अनङ्ग-रण्ग मङ्गल-प्रसङ्ग-भङ्गुर-भ्रुवां
सविभ्रमं ससम्भ्रमं दृगन्त–बाणपातनैः ।
निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥३॥
तडित्–सुवर्ण–चम्पक –प्रदीप्त–गौर–विग्रहे
मुख–प्रभा–परास्त–कोटि–शारदेन्दुमण्डले ।
विचित्र-चित्र सञ्चरच्चकोर-शाव-लोचने
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥४॥
मदोन्मदाति–यौवने प्रमोद–मान–मण्डिते
प्रियानुराग–रञ्जिते कला–विलास – पण्डिते ।
अनन्यधन्य–कुञ्जराज्य–कामकेलि–कोविदे
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥५॥
अशेष–हावभाव–धीरहीरहार–भूषिते
प्रभूतशातकुम्भ–कुम्भकुम्भि–कुम्भसुस्तनि ।
प्रशस्तमन्द–हास्यचूर्ण पूर्णसौख्य –सागरे
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥६॥
मृणाल-वाल-वल्लरी तरङ्ग-रङ्ग-दोर्लते
लताग्र–लास्य–लोल–नील–लोचनावलोकने ।
ललल्लुलन्मिलन्मनोज्ञ–मुग्ध–मोहिनाश्रिते
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥७॥
सुवर्णमलिकाञ्चित –त्रिरेख–कम्बु–कण्ठगे
त्रिसूत्र–मङ्गली-गुण–त्रिरत्न-दीप्ति–दीधिते ।
सलोल–नीलकुन्तल–प्रसून–गुच्छ–गुम्फिते
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥८॥
नितम्ब–बिम्ब–लम्बमान–पुष्पमेखलागुणे
प्रशस्तरत्न-किङ्किणी-कलाप-मध्य मञ्जुले ।
करीन्द्र–शुण्डदण्डिका–वरोहसौभगोरुके
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥९॥
अनेक–मन्त्रनाद–मञ्जु नूपुरारव–स्खलत्
समाज–राजहंस–वंश–निक्वणाति–गौरवे ।
विलोलहेम–वल्लरी–विडम्बिचारु–चङ्क्रमे
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥१०॥
अनन्त–कोटि–विष्णुलोक–नम्र–पद्मजार्चिते
हिमाद्रिजा–पुलोमजा–विरिञ्चजा-वरप्रदे ।
अपार–सिद्धि–ऋद्धि–दिग्ध–सत्पदाङ्गुली-नखे
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥११॥
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि
त्रिवेद–भारतीश्वरि प्रमाण–शासनेश्वरि ।
रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोद–काननेश्वरि
व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोस्तुते ॥१२॥
इती ममद्भुतं-स्तवं निशम्य भानुनन्दिनी
करोतु सन्ततं जनं कृपाकटाक्ष-भाजनम् ।
भवेत्तदैव सञ्चित त्रिरूप–कर्म नाशनं
लभेत्तदा व्रजेन्द्र–सूनु–मण्डल–प्रवेशनम् ॥१३॥
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः ।
एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः ॥१४॥
यं यं कामयते कामं तं तमाप्नोति साधकः ।
राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिःस्यात् प्रेमलक्षणा ॥१५॥
ऊरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके ।
राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत् साधकः शतम् ॥१६॥
तस्य सर्वार्थ सिद्धिः स्याद् वाक्सामर्थ्यं तथा लभेत् ।
ऐश्वर्यं च लभेत् साक्षाद्दृशा पश्यति राधिकाम् ॥१७॥
तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम् ।
येन पश्यति नेत्राभ्यां तत् प्रियं श्यामसुन्दरम् ॥१८॥
नित्यलीला–प्रवेशं च ददाति श्री-व्रजाधिपः ।
अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवस्य न विद्यते ॥१९॥
॥ इति श्रीराधिकायाः कृपाकटाक्षस्तोत्रं सम्पूर्णम ॥
Shrijirasik
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
1. कितनें जन्मों से भटका,ना मिला कोई सहारा
तेरा सहारा पाके,भव पार हो गया
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
2. पापो से डर रह था, दुःख में तड़प रहा था
आया शरणं में तेरी,चरणों से ना हटाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
3. गुरुवर ने दे दिया है,हरीनाम रस का प्याला
धसका रहे लुटाता,ये नाम का खज़ाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
Shrijirasik
तर्ज..तुम आए तो आया मुझे याद..गली में आज चांद निकला...
दोहा..राधा नाम की अलख लगी...
मैं बन गई जोगन आज...
बृज गलियन में डोल रही..
मैं सिमरू राधा नाम..
मेरे मन में बस्यो ब्रज धाम..
मैं राधा राधा नाम सिमरू...
श्याम भक्ति का मिला परिणाम..
मैं राधा राधा नाम सिमरू...
दिन मेरा बीते श्याम शरण में..
शाम को हूं मैं श्यामा चरण में...
निधिवन में गुजारूं रात..2
मैं राधा राधा नाम सिमरु...
अंत समय की हो तैयारी..
सामने हो मेरे श्यामा प्यारी..
श्री चरणों में छूटे मेरे प्राण..
श्री जी चरणों में छूटे मेरे प्राण..
मैं राधा राधा नाम सिमरू...
दिल मेरा बोले कान्हा कान्हा..
धड़कन बोले श्यामा श्यामा...
रितु सांसों में राधा नाम..2
किशोरी तेरा नाम सिमरू..
मैं राधा राधा नाम सिमरू...
मेरे मन में बस्यो ब्रज धाम..
मैं राधा राधा नाम सिमरू...
श्याम भक्ति का मिला परिणाम..2
मैं राधा राधा नाम सिमरू...
Shrijirasik
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जो भी राधा बोले , अपनी किस्मत खोले ,- २
बड़ा जादू भरा ये नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
तूने जाना नहीं , पहचाना नहीं , - २
बड़ा सुन्दर हैं ये नाम,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
भक्तों ने जपा , संतो में जपा , - २
उन्हें मिल गया ये बृज धाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
Shrijirasik
छवि देखी जब प्यारी,
हो गई मैं मतवारी...-2
भावे ना मुझको कोई काम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
श्याम नाम की रंग के चुनरिया,
नाचूँ मैं तो बन के जोगनिया,
बावरी सुध बुध हारी,
प्रेम के रोग की मारी,
आये ना दिल को यूँ आराम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
वृन्दावन सो धाम ना कोई,
राधे जैसो नाम ना कोई,
अर्ज दासी की मानों,
श्याम मुझको अपना लो,
कर दो मेरा भी इंतज़ाम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
निकट तुम्हारे रैन बसेरा,
इससे बड़ा क्या भाग्य हो मेरा,
धुल चरणों की लगा के,
दरश प्रियतम के पाके,
निकले हृदय से मेरे प्राण,
मुझको बसा लो बृजधाम।
Shrijirasik
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
दासी की झोली भरदो,
लाडली श्री राधे
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे
माना की मैं पतित बहुत हु,
माना की मैं पतित बहुत हु,
तेरो पतित पावन है नाम,
लाडली श्री राधे....
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे....
जो तुम मेरे अवगुण देखो,
जो तुम मेरे अवगुण देखो,
मत रखना कोई हिसाब,
लाडली श्री राधे....
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे....
चंद्रा सखी भज बल कृष्णा छवि,
चंद्रा सखी भज बल कृष्णा छवि,
तेरे चरणों में जाऊ बलिहार,
लाडली श्री राधे....
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे....
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे....
Shrijirasik
मिल जाएं सांवरिया, तोहे मिल जाएं सांवरिया......-3
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया...........
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
राधा नाम को जो भी भूला वो पीछे पछताया,
जिसने राधा नाम आराधा उसी ने श्याम को पाया,
तेरा होगा रे भला तोहे मिल जाये सांवरिया....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
गाले तू राधा राधा जीवन सफल बनाले,
तेरी बिगड़ी बात बनेगी राधा जी के सहारे,
मन का पर्दा हटा, तोहे मिल जाये सावरिया.....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
छोड़ दे पीछा दुनिया का यहाँ कोई नहीं है अपना,
राधा नाम आधार है तेरा बाकि सब है सपना,
मत जीवन गावां, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
राधा नाम के पीछे पीछे डोलें कुञ्ज बिहारी,
पागल राधा नाम का होजा जीवन होवे सुखारी,
पीछा जग से छुड़ा, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
Shrijirasik
राधा राधा राधा राधा........
राधा राधा, राधा राधा,
राधा राधा, राधा राधा......
श्री राधा, श्री राधा,
जय राधा, जय राधा,
जय राधा, श्री राधा,
श्री राधा राधा राधा राधा........
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
एक बार राधा कहे,
प्राणी पावन होत,
हरि पधारे सांसुमन और,
जगे प्रेम की ज्योत,
जगे प्रेम की ज्योत,
सांवरो हृदय बिराजे,
मौर मूकट और बांसुरी,
पीताम्बर साजे.......
श्री वृन्दावन वास मिले हो,
प्रेम अगाधा,
तेरो हो जीवन कल्याण,
कहे एक बार जो राधा.....
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
परम स्नेह ही हरि कहे,
राधा को कर धाम,
ओह सोहे प्यारे अधिक,
रटे जो राधा नाम,
रटे जो राधा नाम,
मेरो प्रानन सो प्यारो,
सत्य कहु ये नाम,
मेरो जीवन रखवारो......
बड़ा बाघी वो जीव,
सफल की निति ना देहि,
सत्य कहु ये नाम,
मेरो है परम स्नेही......
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
मग्न प्रेमरा सुनत हीं,
होत रसीले श्याम,
श्रवण हेत हरि दा शब्द,
त्याग देत निजधाम,
त्याग देत निजधाम,
नाम राधा मतवाले,
पाछे पाछे फिरत,
नन्द के लाल ग्वाले.....
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
जा मुख सोहरि सुनत है,
राको शब्द रसाल,
प्रेम भक्ति निजकोष की,
देत ताहि तत्काल,
देत ताहि तत्काल,
अ जो कहे करि ठगोरी,
पुरो मोल न दियो मति,
मति किनियो भोरी....
राधा......राधा.....
राधा राधा सुनत हरि,
पावे यथा सुख,
धन्य धन्य बलिहारि नाम,
श्री राधा जामूख......
राधा राधा राधा राधा........
राधा राधा, राधा राधा,
राधा राधा, राधा राधा......
श्री राधा, श्री राधा,
जय राधा, जय राधा,
जय राधा, श्री राधा,
श्री राधा राधा राधा राधा........
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
Shrijirasik
लाड़ली श्यामा जू,
रख लो मुझे बरसाने में,
मेरा मन ही ना लागे ज़माने में,
मेरा दिल ही ना लागे ज़माने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
मेरी धीमी है चाल, मैं तो चींटी हूँ,
ये पथ है विशाल, मैं तो रीती हूँ,
थक ना जाऊँ कहीं आने जाने में,
थक ना जाऊँ कहीं आने जाने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
आप सुनती रहे, मैं सुनाती रहूं,
आप रूठी रहे, मैं मनाती रहूं,
अच्छी गुजरेगी सुनने सुनाने में,
अच्छी गुजरेगी सुनने सुनाने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
आप तो हमको, बुलाते रहे,
आप भर भर के, हमको पिलाते रहे,
मेरे पाप करम आड़े आते रहे,
माफ़ कर दो हुआ जो अनजाने में,
माफ़ कर दो हुआ जो अनजाने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
ये ना समझो की, टाले से टल जाएगी,
हरिदासी तो विरहा में, जल जाएगी,
लगे कितने जनम फिर रिझाने में,
लगे कितने जनम फिर रिझाने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
लाड़ली श्यामा जू,
रख लो हमें बरसाने में,
मेरा मन ही ना लागे ज़माने में,
मेरा दिल ही ना लागे ज़माने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में..........
Shrijirasik
कुछ मिले ना मिले ग़म नहीं, मेरी तनख्वाह भी कुछ कम नहीं,
मेरी श्यामा तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी......
मैं नहीं था किसी काम का, ले सहारा तेरे नाम का,
आ गया बरसाना गली, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी श्यामा तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी श्यामा तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी......
खुशनसीबी का जब गुल खिला, तब कहीं जाके ये दर मिला,
मिल गई अब तो चौखट तेरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी.....
जब से तेरा गुलाम हो गया, तब से मेरा भी नाम हो गया,
वरना औकात क्या थी मेरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी.....
मेरी तनख्वाह भी कुछ कम नहीं, कुछ मिले ना मिले ग़म नहीं,
ऐसी होगी ना हां दूसरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी.....
एक वियोगी दीवाना हूँ मैं, कोर (टुकड़ा) करुणा की चाहता हूँ मैं,
दूर करना ना मुझको हरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी.......
जय राधे राधे राधे राधे......जय राधे राधे राधे राधे
जय राधे राधे राधे राधे....जय राधे राधे राधे राधे.....
Shrijirasik
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी।
मेरी राधे रानी, प्रेम रूप रसखानि,
मेरी राधे रानी, प्रेम रूप रसखानि,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी।
मेरी तो है एक स्वामिनी राधे रानी,
मेरी तो है एक स्वामिनी राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी।
गाओ राधे रानी, ध्याओ रूप राधे रानी,
गाओ राधे रानी, ध्याओ रूप राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी।
रोके जो बुलावे, भाजी आवे राधे रानी,
रोके जो बुलावे, भाजी आवे राधे रानी,
स्वामिनी राधे रानी, ठकुरानी राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी।
मेरी ऐसी राधे रानी, अवढर दानी,
मेरी ऐसी राधे रानी, अवढर दानी,
मेरी महारानी, मेरी महारानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी।
है कृपालु है कृपालु अति राधे रानी,
है कृपालु है कृपालु अति राधे रानी,
मेरी राधे रानी, मेरी ठकुराणी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी।
Shrijirasik
राधे किशोरी, दया करो,
राधे किशोरी, दया करो,
हम से दीन ना कोई जग में,
बान दया के तनिक धरो,
माधव की लाड़ली दया करो।
सदा धरी दीनन पे श्यामा,
यह विश्वाश जो मन ही खरो,
राधे किशोरी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
विषम विषय विष ज्वाल माल में,
विविध ताप तपित जू जरो,
राधे किशोरी, दया करो,
श्यामा प्यारी, दया करो ।
कबहुँ तो करुणा करोगी श्यामा,
यह आस लिये द्वार परो।
राधे किशोरी, दया करो,
राधे किशोरी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
बाबा की लाड़ली दया करो,
संतों की लाड़ली, दया करो,
भक्तों की प्यारी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
Shrijirasik
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं।।
राधे जब सोलह श्रृंगार करे,
राधे जब सोलह श्रृंगार करे,
हरी दर्पण रोज दिखाते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं........
राधे जब भोजन तैयार करे,
राधे जब भोजन तैयार करे,
हरी माँग माँग कर खाते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं........
राधे जब जमुना जल भरण गई,
राधे जब जमुना जल भरण गई,
हरी गागर रोज उठाते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं..........
Shrijirasik
राधा राधा रटत ही,
सब बाधा मिट जाएं,
कोट जन्म की आपदा,
श्री राधा नाम से जाए।
राधे नाम की है, मस्ती निराली,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
राधे नाम की है, भक्ति निराली,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
प्याला मुझे पी लेण दे।
बृज की गलियों में,
जब से आना हो गया,
मन राधे जूं के चरणों में खो गया,
बृज की रज मैंने,
माथे से लगा दी,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
प्याला मुझे पी लेण दे।
कीरत की लाली बड़ी न्यारी है,
सबकी प्यारी राधा बरसाने वारी है,
जो भी बरसाने... एक बार आ गया,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
प्याला मुझे पी लेण दे।
ये जो पागल कन्हैया का ज़माना है,
वो कन्हैया भी तो राधे का दीवाना है,
सबके होठों पे..... राधे कृष्णा आ गया,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
प्याला मुझे पी लेण दे......
Shrijirasik
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
लाडली रसिको की प्यारी
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
तेरे मन की जो अभिलाषा वही वो जान लेती है,
दुआओं असर देगी लाडली बरसाने वाली
लाडली बरसाने वाली,लाडली रसिको की प्यारी
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
जो राधे नाम ध्याया है वही तो श्याम पाया है,
तुझे रसिया से मिला देगी लाडली बरसाने वाली
लाडली बरसाने वाली,लाडली रसिको की प्यारी
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
तेरी चोकठ पे हो रमना यही पागल की है ईशा
तुझे अपनों में मिला लेगी लाडली बरसाने वाली
लाडली बरसाने वाली,
लाडली रसिको की प्यारी
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
Shrijirasik
मीठे रस से भरीयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गोरी गोरी,
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी,
ब्रजधाम राधा जु की,
रजधानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
ना भावे अब माखन मिसरी,
और ना कोई मिठाई,
जीबड़या ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई,
वृषभानु की लली तो,
गुड़धानी लागे,
गुड़धानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
कान्हा नित मुरली मे टेरे,
सुमरे बारम्बार,
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार,
राधा रूप की अनोखी,
पटरानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
राधा राधा नाम रटत है,
जो नर आठों याम,
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम,
राधा नाम मे सफल,
जिंदगानी लागे,
जिंदगानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
मीठे रस से भरयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
Shrijirasik
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही……
Shrijirasik
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
तेरे रंग में रंगा हर ज़माना मिले,
तेरे रंग में रंगा हर ज़माना मिले,
हाय तेरे रंग में रंगा ज़माना मिले,
तेरे रंग में रंगा ज़माना मिले,
मैं जहाँ भी, मैं जहाँ भी
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
हाँ मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले....
सारे जग में तेरा ही तो एक नूर है
सारे जग में तेरा ही तो एक नूर है
हाँ मेरा कान्हा भी तुझसे ही मशहूर है
मेरा कान्हा भी तुझसे ही मशहूर है
बदकिस्मत है वो जो तुझसे दूर है
बदकिस्मत है वो जो तुझसे दूर है
हाँ तुझसे दूर है, तुझसे दूर है
जो तुझसे दूर है, तुझसे दूर है
बदकिस्मत है वो जो तुझसे दूर है
बदकिस्मत है वो जो तुझसे दूर है
तेरे नाम का हर मस्ताना मिले
तेरे नाम का हर मस्ताना मिले
मैं जहाँ भी, मैं जहाँ भी
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
हाँ मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले....
तेरी रहमत के गीत गाने आया हूँ मैं
कई गुनाहो की सौगात लाया हूँ मैं
कर दो करुणा जगत का सताया हूँ मैं -2
हाँ दर पे आया हूँ मैं, दर पे आया हूँ मैं
हाँ आज आया हूँ मैं, आज आया हूँ मैं
कर दो करुणा जगत का सताया हूँ मैं
कर दो करुणा जगत का सताया हूँ मैं
रहमत का इशारा नजराना मिले
रहमत का इशारा नजराना मिले
मैं जहाँ भी, मैं जहाँ भी
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
हाँ मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले.....
तेरी पायल बंसी उनकी बजती रहे
जोड़ी प्रीतम प्यारे की सजती रहे
तेरे रसिकों पे छायी ये मस्ती रहे -2
हाय तेरी मस्ती रहे, तेरी मस्ती रहे
हां तेरी मस्ती रहे, तेरी मस्ती रहे
तेरे रसिकों पे छायी ये मस्ती रहे
तेरे रसिकों पे छायी ये मस्ती रहे
तेरे चरणों की रज में ठिकाना मिले
तेरे चरणों की रज में ठिकाना मिले
मैं जहाँ भी, मैं जहाँ भी
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
हाँ मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले....
तेरा बरसाना राधे मेरी जान है
मेरे अरमानो की आन है शान है
तेरी गलियों पे चाकर ये कुर्बान है -2
हाँ ये मेरी जान है, ये मेरी जान है
हाँ ये मेरी जान है, ये मेरी जान है
तेरी गलियों पे चाकर ये कुर्बान है
तेरी गलियों पे चाकर ये कुर्बान है
गाऊं जब भी तेरा अफसाना मिले
गाऊं जब भी तेरा अफसाना मिले
मैं जहाँ भी, मैं जहाँ भी
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
हाय मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले.....
खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी
बरसाना फले ये सदा है मेरी
तेरे चरणों में रहना सजा है मेरी -2
ये सजा है मेरी, ये सजा है मेरी
हाँ ये सजा है मेरी, ये सजा है मेरी
तेरे चरणों में रहना सजा है मेरी
तेरे चरणों में रहना सजा है मेरी
रवि रस का सदा ही दीवाना मिले
रवि रस का सदा ही दीवाना मिले
मैं जहाँ भी, मैं जहाँ भी
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहूँ बरसाना मिले
हाँ मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले
मैं जहाँ भी रहू बरसाना मिले....
Shrijirasik
संकट हरैगी, करैगी भली वृषभानु की लली.......
तेरे संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
बरसानेवारी तू मेरी सहाय....दीन दुखिन कूं निज दरस करायै
मोकू भी जानो तुम दीन-दुखी......वृषभानु की लली.......
...संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
कृष्ण पियारी सुन मेरी पुकार......जग सौं छुड़ाए मोहे चरनन में डार
तेरे महलन के कोने रहूँ मैं पड़ी........वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली..........
बरसाने धाम जन्म तुम लियौ.....गहवर वन भीतर बिहार कियौ
तिहारी प्यारी लागै मोहे रंगीली गली.......वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली..........
नीलाम्बर पहने हरिदास दुलारी......गल हार हीरन कौ बैंदी भी प्यारी
तेरी नथली लागै हमें प्यारी बड़ी......वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली..........
त्रिभुवन पति तूने बस में किये...जहाँ पग धरो श्याम तहं नैना धरे
अरी मुक्ति हूँ तेरे चरण में पड़ी.....वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
राधा श्री राधा श्री राधा कहे.....कोटि जग बाधा कूं पल में हरे
दुष्टन के दल में मचे खलबलि...... वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी, करैगी भली वृषभानु की लली.......
तेरे संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
सर्वेश्वरी लाडली श्री प्यारी जू की जय
श्री राधे !!!!!!!!!!!
Shrijirasik
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
Shrijirasik
मुझे मिल गए चारों धाम
धुन- मेरी लगी श्याम संग
मुझे, मिल गए, चारों धाम,
किशोरी तेरे, चरणों में ॥
किशोरी तेरे, चरणों में,
श्री राधे तेरे, चरणों में ।
मुझे, मिल गए, चारों...
लख लख, वारी, शीश निभाऊँ ।
चरणों, में, बलिहारी जाऊं ॥
करूँ, कोटि... ॥।कोटि, प्रणाम,
किशोरी तेरे, चरणों में ।
मुझे, मिल गए, चारों...
चरणों, की है, महिमा न्यारी ।
चरण, दबाए तेरे, बाँके बिहारी ।
तेरा, ध्यान हो... ॥।आठो याम,
किशोरी तेरे, चरणों में ।
मुझे, मिल गए, चारों...
पलकन, से तेरा, भवन बुहारूँ ।
असुवन, से तेरे, चरण पखारूँ ॥
करूँ, सेवा... ॥।मैं निष्काम,
किशोरी तेरे, चरणों में ।
मुझे, मिल गए, चारों...
धाम, छोड़कर, कहीं ना जाऊँ ।
उम्र, तेरे, चरणों में बिताऊँ ॥
जीवन का... ॥।है विश्राम,
किशोरी तेरे चरणों में ।
मुझे, मिल गए, चारों...
बरसाने में, मुझे बसा लो ।
अपने, दास को, चरण लगा लो ॥
मेरे, बन जाएँ... ॥।सारे काम,
किशोरी तेरे, चरणों में ।
मुझे, मिल गए, चारों...
Shrijirasik
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री राधे।
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
मैं तो राधा राधा सदा ही रटूं,
कभी द्वारे से लाडली के ना हटूं,
मेरे शीश कमल पग धर दो, स्वामिनी श्री राधे।
मेरी आस ना टूटने पाए कभी,
इस तन से प्राण जाएँ तभी,
मुझे निज दर्शन का वर दो, स्वामिनी श्री राधे।
मुझे प्रीती की रीति सिखा दीजिए,
निज नाम का मन्त्र बता दीजिए,
मेरे मन की व्यथा सब हर दो, स्वामिनी श्री राधे।
Shrijirasik
बुलवा ले बरसाने में
धुन- धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई, प्राणों में ॥
कोरा, कोरा गढ़वा, गंगा जल पानी ॥
हो चरण, धुलाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
लाल चुनरिया, पीली गगरिया ॥
हो बिंदिया, लगाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
मिश्री, की ढेली, मैं ले आई ॥
हो भोग, लगाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
राधा, रंगीली, सांवरे कन्हैया ॥
हो दर्शन, पाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
राधा, जी को, मन की बताऊँ ।
दिल, की मैं, फरियाद सुनाऊँ ॥
हो जगह, बता दें, अपने चरणन में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
बरसाने वाली की जय
Shrijirasik
एरी मोह लियो नंद कुमार
मोह, लियो, नंद कुमार,
हमारी, प्यारी राधा / श्री जी ने ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ॥
मोह, लियो, नंद कुमार...
घर घर, घुस के, माखन खावे ।
चोरी, करे चित्त, नैन चुरावे ॥
वो तो, छलिया, नंद्र कुमार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
सखान, संग नित्त, बृज में डोले ।
बिन, बोले, इत्त-उत्त ही डोले ॥
वो तो, नट खटिया, सरकार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
भोर, होत, गईयाँ को चरावे ।
कदम, बृक्ष पर, बंसी बजावे ॥
वो तो, बृज मंडल, रखवार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
बड़े, बड़े, असुरन को मारियो ।
नाग, कालिया, पटक पछाड़ियो ॥
नख पे, गिरवर, लीनो धार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
जय जय श्री राधे
Shrijirasik
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
तुम मुरली मधुर बजाओ
मैं झूठ के नचूंगा
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बन जल की मछली
श्री यमुना में छुपा जाऊं
मेरे श्याम नहाने आओ
छू चरण परम पद पाऊं
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम पपीहा
पीहू पीहू की रन लगाओ
तुम साथी बूंद बन बारसो
जनमो की प्यास बुझाऊ
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम चकोरा
नैनों में नीर भरण
तुम श्याम चंद्र बन जाओ
मैं जल का अलग चढ़ाऊ
मैं बनके बस की पारी
हरि अधरों से लग जाऊं
जब श्याम मुझे बजावे
मैं इधर सुधा रस पाऊं
SHRIJIRASIK
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै
आस भरी तुम लता कुंज में,रच
शैय्या पौढ़ावै
जीवन भावै प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम सोवौ मैं ब्यार डुरावौ,
भागै कह्यै नहिं जावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम हूं अकेली मैं हूं अकेली,
आनंदउर ना समावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
बार बार छबि दखि देखि कैं,
उमगि नैन भरि आवै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
भोरी भुक्ति-मुक्ति नहिं चाहत,
जिन इक वह सुख पावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
Shrijirasik
हम तो तेरे दीवाने
धुन- तुम तो ठहरे परदेसी
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे गाएँगे ॥
कि राधे राधे गाएँगे, कि श्यामा श्यामा गाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ सोने, और चांदी की, हमको जरूरत नहीं ॥
तुलसी की, माला से, गले को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ लहंगा, और चोली की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरी उत्तरन से, तन को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ कुटम्ब, और कबीले की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे मोहन को, हम अपना बनाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ महल, और अटारी की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे चरणों में, हम जीवन बिताएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल
Shrijirasik
राधे राधे कहता हूँ
अपनी, धुन में, रहता हूँ,
राधे, राधे, कहता हूँ ॥
हो राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
जब से, तेरा, नाम लिया है,
जीवन, मेरा, बदल गया है ।
मारा, मारा, फिरता था मुझे,
एक, ठिकाना, मिल ही गया ।
मस्ती, में अब, रहता हुँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
ना जाने, इस, दुनियाँ के सब,
कारज़, कैसे होते हैं ।
जो नहीं लेते, नाम प्रभु का,
वो जीवन, कैसे, जीते हैं ।
मैं गुरु, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
तेरी, किरपा, की श्री राधे,
सन्तन, का मुझे, संग मिला ।
ठोकर, खाने, वाला था मैं,
तूने, आ के, थाम लिया ॥
श्याम, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
कहे, दास, गोविंद मैं तेरी,
आस, लगाए, बैठा हूँ ।
ना जाने, कब, कौन ग़ली से,
एक, झलक, मुझे मिल जाए ॥
वस्ती, वस्ती, फिरता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
Shrijirasik
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
राधा तो हुई वनवारी राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
मना मना के हर कोई हारा बात किसी की न मानी
श्याम के रंग में एसी रंग गी हो गई प्रेम दीवानी
रंगीली बई संवारी राधा तो हुई वनवारी
कान्हा की मुरली जब तटपर मीठी तान सुनाये
यमुना की लेहरे भी संग में झूमे नाचे गाये
हे उड़ गी सिर से चुनरी राधा तो हुई वनवारी
रंग केसरिया भागा सोहे मोर मुकत छवि न्यारी
होठो पे मुस्कान कटीली सूरत लागे प्यारे
वो सखियाँ संग नाच रही
राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
दुनिया दीवानी हो गई राधे के नाम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
मीरा महलो की रानी लो जोगन हो गई,
नटखट बंसी वाले की रोगन हो गई,
ओड ली चुनरियाँ मेरे श्याम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
लोक लाज सब छोड़ी मस्तानी हो गई,
वो काली कमली वाले की दीवानी हो गई,
मन में वसा ली सूरत घनश्याम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
राणा ने विष पिलाया तो हस के पी गई,
प्रीत मुरलियाँ वाले से ही फिर से जी गई,
थाम ली थी डोर उस ने कृष्ण नाम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
ऐसी करुणा करो किशोरी जाने या अनजाने में
वृंदावन में उम्र कटे और मौज मिले बरसाने में
ऐसी करुणा करो किशोरी
जीवन के पथ में अंधियारा मैंने अपने आप किया
काम क्रोध लालच में आकर हर पल मैंने पाप किया
उम्र कैद की सजा सूना दो पापो के हर जाने में
ऐसी करुणा करो किशोरी
अपनों ने संग छोड़ दिया है गैरो की अब आस नही
एक तुम्हारे सिवा किशोरी कुछ भी मेरे पास नही,
दर दर मारा भटक रहा हु इस बेदर्द जमाने में
ऐसी करुणा करो किशोरी
श्री हरिदास की प्यारी तुम हो करुना मई कहाती हो
दीन दुखी जो है दुनिया में उनका साथ निभाती हो
कहे अनाडी क्या दिकत है खत्री को अपनाने में
ऐसी करुणा करो किशोरी
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता....-6
मन तो है चंचल
तन तो है पिंजरा
पिंजरे में है तेरा वास -2
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता...
राधा है अगर मिश्री
तो मिठास है बिहारी
राधा है अगर मोहिनी
तो मोहन है बिहारी
राधा है अगर गंगा
तो धार है बिहारी
राधा है अगर भोली
तो चंचल है बिहारी
इक दूजे के रंग में रंगे हैं
इक है चंदा एक चकोरी
इक दूजे के रँग में रहे हैं
इक है चंदा एक चकोरी...
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता.....
बरसाने की लाड़ली राधा
हर लेती है सब दुःख बाधा
राधा के संग झूमें कान्हाँ
कान्हाँ के संग झूमीं सखियाँ
ये अंबर बोले राधा
ब्रज मंडल बोले राधा
कान्हाँ की मुरली बोले राधा
राधा राधा बस राधा
इश्क त्रिष्णा ओ मेरे कृष्णा
मीरा रोवे दिन रात
विष क्या होता शंभू से पूछो
मीरा से पूछो ना ये बात
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता....
गोपाल गोविन्द बोल मनः
हरी हरी बोल मनः
कृष्ण राधे कृष्ण बोल मनः
राधे श्याम बोल मनः
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता
राधे, राधे राधे बोल मनः
तन का क्या पता
छायें कलि घटाएं तो क्या , तेरे आँचल के नीचे हूँ मैं ,
आगे आगे वो चलती मेरे ,अपनी श्यामा के पीछे हूँ मैं
उसने पकड़ा मेरा हाथ है , फिर डरने की क्या बात है,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे बोलो किस की ये औकात है
उनकी करुना का वर्णन करूँ, मेरी वाणी में वो दम नहीं
जबसे तेरा सहारा मिला, फिर सताए कोई ग़म नहीं ,
करती ममता की बरसात है, मेरी लड़ो की क्या बात है
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे बोलो किस की ये औकात है
क्यों तू भटके यहाँ से वहां ,इनके चरणों में आ बैठ न
छोड़ दुनिया के नाते सभी, श्यामा प्यारी से नाता बना ,
ये कराती मुलाक़ात है , मेरी श्यामा की क्या बात है ,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे बोलो किस की ये औकात है
गर हो जाये करुना नज़र , बरसाना बुलाती हैं ये,
दिल क्यों न दीवाना बने, हिरदये से लगाती है ये ,
प्यार करने में विख्यात है,मेरी लाडो की क्या बात है ,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे बोलो किस की ये औकात है
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
मेरे ब्रज की माटी चंदन है,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.....
जिसको कहते है नंदलाला,
सारे जग का श्याम उजाला,
मन का उजला तन का काला,
मन के मंदिर में श्याम समाए,
ऐसा कोई नहीं दिल वाला,
खुला खजाने का है ताला,
सोई किस्मत खोलने वाला,
ऐसे वरदानी श्याम कहाए,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
धारा में जहाँ बहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.......
गोवर्धन परिक्रमा न्यारी,
आते दुनिया के नर नारी,
झुकाती द्वार पे दुनिया सारी,
राधे राधे के गुण गाते,
राधे श्याम के भक्त निराले,
आते दूर से आने वाले,
पाँव में पड़ जाते है छाले,
अपनी मन की मुरादों को पाते,
उतना ही सुख मिलता जितना,
उतना ही सुख मिलता जितना,
दुःख दर्द यहाँ सहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है......
कोई पैदल पैदल जाए,
कोई दूध की धार चढ़ाए,
गिरधर गिरधर नाम को गाए,
कोई श्रद्धा सुमन ले आता,
ये गिरिराज धरण का कहना,
राधे नाम को जपते रहना,
पहना भक्ति भाव का गहना,
सोई किस्मत को चमकाता,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
गा गा के यही कहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है........
राधे किशोरी, दया करो,
राधे किशोरी, दया करो,
हम से दीन ना कोई जग में,
बान दया के तनिक धरो,
माधव की लाड़ली दया करो।
सदा धरी दीनन पे श्यामा,
यह विश्वाश जो मन ही खरो,
राधे किशोरी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
विषम विषय विष ज्वाल माल में,
विविध ताप तपित जू जरो,
राधे किशोरी, दया करो,
श्यामा प्यारी, दया करो ।
कबहुँ तो करुणा करोगी श्यामा,
यह आस लिये द्वार परो।
राधे किशोरी, दया करो,
राधे किशोरी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
बाबा की लाड़ली दया करो,
संतों की लाड़ली, दया करो,
भक्तों की प्यारी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
मीरा पुकारी जब गिरिधर गोपाला,
ढल गया अमृत में विष का भरा प्याला।
कौन मिटाए उसे, जिसे तू राखे पिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
जब तेरी गोकुल पे आया दुख भारी,
एक इशारे से सब विपदा टारी।
मुड़ गया गोवर्धन तुने जहाँ मोड़ दिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
नैनो में श्याम बसे, मन में बनवारी,
सुध बिसराएगी मुरली की धुन प्यारी।
मन के मधुबन में रास रचाए रसिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आए जईओ,
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
माखन मिश्री खाए जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
ठंडा पानी पी जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे ठण्ड लगेगी,
काली कमलिया ले जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे गर्नी लगेगी,
मोर का पंखा ले जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
मखमली गद्दे पे सोए जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे,
तेरी याद मे व्याकुल हो जाऊँ इतना,
आंसुओं की यमुना बह जाए।
हे लाडली राधे.....
पल पल छीन छीन प्यारी राधे,
तेरी बाट निहारु में,
इस जीवन की हर श्वास श्वास में,
तुम्हें पुकारूँ मैं,
रहा अब जाए ना,
कहा कुछ जाए ना,
तेरे चरणों की सेवा में,
जीवन मेरा ये कट जाए,
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।..
इतना वियोगी बन जाऊं,
सुध बुध खो जाए सारी,
मूर्छित पड़ा रहूँ बृज रज में,
बनकर तेरा दरश भिखारी,
दशा मुझ दिन की,
मंद मतिहीन की,
तभी सुधरेगी की श्री श्यामा,
हाथ सिर पर जो सहरावे,
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।
दे देना जगह नीच चरनन में,
यही कामना जीवन की,
प्रीतम संग प्यारी आओगी,
सुध लेना निर्धन की,
कृपा बरसाओ की
मुझे अपनाओगी
तेरी करुणा भरी दृष्टि को
ये हम सब भक्त भी ललचावे,
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।
श्री राधे, श्री राधे,
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे,
तेरी याद मे व्याकुल हो जाऊँ इतना,
आंसुओं की यमुना बह जाए।
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
मेरी झोली में डालो सब भिक्षा राधा राधा नाम की
मेरी झोली में डालो सब भिक्षा राधा राधा नाम की
राधा नाम की लगन लगा दी,
सोई किस्मत मेरी जगा दी,
मेरे सतगुरु ने दी मुझे दीक्षा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
राधा नाम सर्वस्व हमारा,
राधा नाम बिन ना ही गुजारा,
जीवन भर करेंगे प्रतिक्षा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
राधा नाम जो हमको सुनाएं,
उन चरणों में हम बिक जाएं,
वृंदावन में पाई यही शिक्षा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
‘हम भक्तों’ की झोली भर दी,
ऐसी कृपा पागल ने कर दी,
ऐसी कृपा गुरुवर ने कर दी,
पूरी हो गई मेरे मन की इच्छा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
मेरी झोली में डालो सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की,
राधा राधा नाम की,
बिहारी जी के नाम की,
बिहारी जी के नाम की,
किशोरी जी के नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
तेरी बिगड़ी बना देगी चरण रज राधा प्यारी की ।
तू बस एक बार श्रद्धा से लगा कर देख मस्तक पर,
सोयी किस्मत जगा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
दुखो के घोर बादल हों या लाखों आंधियां आयें,
तुझे सबसे बचा लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
तेरे जीवन के अन्धिआरो में बन के रोशन तुझको,
नया रास्ता दिखा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
भरोसा है अगर सच्चा, उठा कर फर्श से तुझको,
तुझे यह अर्शों पर बिठा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
लिखे महिमा चरण रज की नहीं है ʻदासʼ की हस्ती,
तुझे दासी बना लेगी चरण रज राधा प्यारी की ।
मैंने रटना लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
मेरी अलकों में राधा,
मेरी पलकों में राधा,
मैंने बिंदिया लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
मेरी चुनरी में राधा,
मेरी दुलरी में राधा,
मैंने चूड़ी खनकाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
मेरे नैनो राधा,
मेरे बैनो में राधा,
मैंने पायल छनकाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
मेरे अंग अंग राधा,
मेरे संग संग राधा,
गोपाल बंसी बजाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
BhaktiBharat Lyrics
मैंने रटना लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
Shrijirasik
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे चरणन में |
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे चरणन में ||
तेरी ऊँची अटारी प्यारी, मैं वारी तेरी गलियन पे |
मेरी जीवन की हो जाये भोर, किशोरी तेरे चरणन में ||
तू एक इशारा कर दे, मई दौड़ी आऊं बरसाने |
मैं तो नाचूं बन कर मोर, किशोरी तेरे चरणन में ||
मेरा पल में भाग्य में बदलदे इशारा तेरी करुणा का |
मेरे जन्मों की कट जाए डोर, किशोरी तेरे चरणन में ||
थक सा गया हूँ जगत झंझट में स्वामिनी बाल में तुम्हारा |
भाव सागर में डूब रहा है सूजत नाही किनारा ||
ऐसे दीन अनाथ को तुम को कौन सहारा |
आओ और पकड़ लो उंगली अपना जान दुलारा |
मेरी आहों से झोली भर दे तू बस जा तन मन में |
मुझे ढूंढें नन्द किशोर, किशोरी तेरे चरणन में ||
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधा रानी का,
कोई नन्दलाल कहता है कोई गोपाल कहता है,
कोई कहता कन्हिया है कोई बंसी बजैया है,
नाम बदल के रख डाला उस कृष्ण मुरारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
सभी को कहते देखा है बड़ी सरकार है राधे,
लगे गा पार भव से कहे जो एक बार राधे,।
बड़ा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
तमाशा एक देखा ज़रा बनवारी सुन ले,
राधा से मिलने खातिर कन्हैया बेश बदले,
कभी तो चूड़ी वाले का कभी पुजारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
अब क्या बताऊँ, मोहन, मोहन
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
तेरी बदौलतों से
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
कन्हैया, हाँ-हाँ, ओ, मेरे प्यारे
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा, आ आ
अरे, थामा है तेरा दामन, दामन
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
तेरे रंग में रंगा हर जमाना मिले,
मैं जहा भी रहू बरसना मिले,
सारे जग में तेरा तो ही एक नूर है,
मेरा कान्हा भी तुझसे ही मशहूर है,
बद किस्मत है वो कुझसे दूर है,
तेरा नाम का हर मस्ताना मिले,
मैं जहा भी रहू बरसना मिले.........
तेरी रहमत के गीत गाने आया हु मैं,
कई गुनाहों की सोगात लाया हु मैं,
मैं तो करुना जगत का सताया हु मैं,
रहमत का इशारा नजरना मिले,
मैं यहाँ भी रहू बरसना मिले..........
तेरी पायल बंसी उनकी बजती रहे,
जोड़ी प्रीतम प्यारे की सजती रही,
तेरे रसिको पे छाई ये मस्ती रहे,
तेरे चरणों की रज में ठिकाना मिले,
मैं यहाँ भी रहू बरसना मिले..........
तेरा बरसाना राधे मेरी जान है,
मेरे अरमानो की आन है शान है,
तेरी गलियों में जाकर ये कुर्बान है,
गाऊ जब भी तेरा अफसाना मिले,
मैं यहाँ भी रहू बरसना मिले.........
खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी,
बरसना फले ये सदा है मेरी,
तेरे चरणों में रहना साझा है मेरी,
जभी रास्ता दीवाना मिले,
मैं यहाँ भी रहू बरसना मिले..........
एक राधा एक मीरा, दोनों ने श्याम को चाहा
अंतर क्या दोनों की चाह में बोलो
एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी
राधा ने मधुबन में ढूँढा, मीरा ने मन में पाया
राधा जिसे खो बैठी वो गोविन्द मीरा हाथ बिक आया
एक मुरली एक पायल, एक पगली एक घायल
अंतर क्या दोनों की प्रीत में बोलो
एक सूरत लुभानी एक मूरत लुभानी
एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, राधा के मनमोहन
राधा नित श्रृंगार करे, और मीरा बन गयी जोगन
एक रानी एक दासी, दोनों हरी प्रेम की प्यासी
अंतर क्या दोनों की तृप्ति में बोलो
एक जीत न मानी एक हार ने मानी
एक प्रेम दीवानी एक दरस दीवानी
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए ।
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए ।
जुबा पे राधा राधा, राधा नाम हो जाए ॥
जब गिरते हुए मैंने तेरे नाम लिया है ।
तो गिरने ना दिया तूने, मुझे थाम लिया है ॥
तुम अपने भक्तों पे कृपा करती हो, श्री राधे ।
उनको अपने चरणों में जगह देती हो श्री राधे ।
तुम्हारे चरणों में मेरा मुकाम हो जाए ॥
श्री राधे श्री राधे, राधे राधे श्री राधे ।
श्री राधे श्री राधे, राधे राधे श्री राधे ।
मांगने वाले खाली ना लौटे,
कितनी मिली खैरात ना पूछो ।
उनकी कृपा तो उनकी कृपा है,
उनकी कृपा की बात ना पूछो ॥
ब्रज की रज में लोट कर,
यमुना जल कर पान ।
श्री राधा राधा रटते,
या तन सों निकले प्राण ॥
अगर तुम ना करोगी तो कृपा कौन करेगा ।
अगर तुम ना सुनोगी तो मेरी कौन सुनेगा ॥
॥ किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए..॥
डोलत फिरत मुख बोलत मैं राधे राधे,
और जग जालन के ख्यालन से हट रे ।
जागत, सोवत, पग जोवत में राधे राधे,
रट राधे राधे त्याग उरते कपट रे ॥
लाल बलबीर धर धीर रट राधे राधे,
हरे कोटि बाधे रट राधे झटपट रे ।
ऐ रे मन मेरे तू छोड़ के झमेले सब,
रट राधे रट राधे राधे रट रे ॥
श्री राधे इतनी कृपा तुम्हारी हम पे हो जाए ।
किसी का नाम लूँ जुबा पे तुम्हारा नाम आये ॥
॥ किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए..॥
वो दिन भी आये तेरे वृन्दावन आयें हम,
तुम्हारे चरणों में अपने सर को झुकाएं हम ।
ब्रज गलिओं में झूमे नाचे गायें हम,
मेरी सारी उम्र वृन्दावन में तमाम हो जाए ॥
वृन्दावन के वृक्ष को,
मर्म ना जाने कोई ।
डार डार और पात पात में,
श्री श्री राधे राधे होए ॥
अरमान मेरे दिल का मिटा क्यूँ नहीं देती,
सरकार वृन्दावन में बुला क्यूँ नहीं लेती ।
दीदार भी होता रहे हर वक्त बार बार,
चरणों में अपने हमको बिठा क्यूँ नहीं लेती ॥
॥ किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए..॥
श्री वृन्दावन वास मिले,
अब यही हमारी आशा है ।
यमुना तट छाव कुंजन की,
जहाँ रसिकों का वासा है ॥
सेवा कुञ्ज मनोहर निधि वन,
जहाँ इक रस बारो मासा है ।
ललित किशोर अब यह दिल बस,
उस युगल रूप का प्यासा है ॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए ।
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए ।
जुबा पे राधा राधा, राधा नाम हो जाए ॥
किशोरी इस से बड कर आरजू-ए-दिल नहीं कोई ।
तुम्हारा नाम है बस दूसरा साहिल नहीं कोई ।
तुम्हारी याद में मेरी सुबहो श्याम हो जाए ॥
यह तो बता दो बरसाने वाली,
मैं कैसे तुम्हारी लगन छोड़ दूंगा ।
तेरी दया पर यह जीवन है मेरा,
मैं कैसे तुम्हारी शरण छोड़ दूंगा ॥
ना पूछो किये मैंने अपराध क्या क्या,
कही यह जमीन आसमा हिल ना जाये ।
जब तक श्री राधा रानी शमा ना करोगी,
मैं कैसे तुम्हारे चरण छोड़ दूंगा ॥
बहुत ठोकरे खा चूका ज़िन्दगी में,
तमन्ना तुम्हारे दीदार की है ।
जब तक श्री राधा रानी दर्शा ना दोगी,
मैं कैसे तुम्हारा भजन छोड़ दूंगा ॥
तारो ना तारो मर्जी तुम्हारी,
लेकिन मेरी आखरी बात सुन लो ।
मुझ को श्री राधा रानी जो दर से हटाया,
तुम्हारे ही दर पे मैं दम तोड़ दूंगा ॥
मरना हो तो मैं मरू,
श्री राधे के द्वार,
कभी तो लाडली पूछेगी,
यह कौन पदीओ दरबार ॥
आते बोलो, राधे राधे,
जाते बोलो, राधे राधे ।
उठते बोलो, राधे राधे,
सोते बोलो, राधे राधे ।
हस्ते बोलो, राधे राधे,
रोते बोलो, राधे राधे ॥
सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की
कौन है! जिस पर नहीं है,
मेहरबानी आप की ।
सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की ।
सारा जहां है एक चमन और,
इस चमन के फूल हम,
इन सभी फूलो में श्यामा,
हम निशानी आप की ।
॥ कौन है! जिस पर नहीं है..॥
जैसे गंगा और यमुना की,
धारा बहती भूमि पर,
वैसे ही बहती है ममता,
राधा रानी आप की ।
॥ कौन है! जिस पर नहीं है..॥
तन भी तेरा मन भी तेरा,
मेरा क्या है लाड़ली,
तेरा तुझको सौंपती हूँ,
यह निशानी आप की।
॥ कौन है! जिस पर नहीं है..॥
उम्र भर गाती रहूँ मैं,
महिमा श्यामा आप की,
अपने चरणों में ही रखना,
मेहरबानी आप की ।
सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की,
कौन है! जिस पर नहीं है,
मेहरबानी आप की ।
सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की ।
सुन राधिका दुलारी ,
तेरे द्वार का भिखारी,
तेरे श्याम का पुजारी,
एक पीड़ा है हमारी ,
हमें श्याम न मिला
हम समझे थे कान्हा कही कुंजन में होगा,
अभी तो मिलन का हमने सुख नहीं भोगा
ओ सुनके प्रेम कि परिभाषा,
मन में बंधी थी जो आशा,
आशा भई रे निराशा,
झूटी दे गया दिलाशा
हमें श्याम न मिला
देता है कन्हाई जिसे प्रेम कि दिशा,
सब विधि उसकी लेता भी है परीक्षा
ओ कभी निकट बुलाये, कभी दूरियाँ बढ़ाये,
कभी हषायें रुलाये छलिया हाथ नहीं आये
हमें श्याम ना मिला…
ओ अपना जिसे यहाँ कहे सब कोई, उसके लिए में दिन रात रोई,
ओ नेह दुनिया से तोडा, नाता संवारे से जोड़ा,
उसने ऐसा मुख मोड़ा हमें कही का ना छोड़ा
हमें श्याम ना मिला
मेरी विनती यही है, राधा रानी
कृपा बरसाए रखना,3
हे, राधा रानी
ओ, मुझे तेरा ही सहारा, महारानी...
तेरा ही सहारा, महारानी, चरणों से लिपटाए रखना
(कृपा बरसाए रखना) हे, महारानी 2
छोड़ दुनिया के झूठे नाते सारे
किशोरी, तेरे दर पे आ गया, हाए
(किशोरी, तेरे दर पे आ गया) हे, महारानी
(किशोरी तेरे दर पे आ गया) 2
मैंने तुमको पुकारा, बृज-रानी...
तुमको पुकारा, बृज-रानी, के जग से बचाए रखना, हाए 2
श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, ओ
श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, ओ
इन श्वासों की माला पे मैं
सदा ही तेरा नाम सिमरूँ, हाए
(सदा ही तेरा नाम सिमरूँ) हे, राधा रानी
(सदा ही तेरा नाम सिमरूँ) हे, महारानी 2
लागी राधा, श्री राधा नाम वाली...
राधा, श्री राधा नाम वाली, लगन ये लगाए रखना
(कृपा बरसाए रखना) हे, महारानी 2
तेरे नाम के रंग में रंग के
मैं डोलूँ ब्रज-गलियन में, हाए
(मैं डोलूँ ब्रज-गलियन में) श्री राधा रानी
(मैं डोलूँ ब्रज-गलियन में) हे, महारानी 2
कहें श्रीजी रसिक, श्यामा प्यारी...
श्रीजी रसिक, श्यामा प्यारी, वृंदावन बसाए रखना
ओ
(कृपा बरसाए रखना) हे, महारानी
(कृपा बरसाए रखना) हे, राधा रानी
(कृपा बरसाए रखना)
श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा
श्री राधा, हाए, श्री राधा, श्री
Shrijirasik
हमे रास्तो की जरूरत नहीं है,
हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,
तुम ही हो शिव और ब्रह्मा का संगम,
सब कुछ तुम्हारा सब तुझको अर्पण,
अब तेरा मैं तो मुझमे ही तू है,
हमे रास्तो की जरुरत नहीं है,
हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,
छाये दिल में जो गम का अँधेरा,
तन्हाई में जो मन मेरा गेरा,
खिलता सवेरा लेकर तू रुब रूह है,
हमे रास्तो की जरुरत नहीं है,
हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,
कलियों में तू है फूलो में तू है,
सागर की इक इक लहर में भी तू है,
कही मैं जाऊ बस तू ही तू है,
हमे रास्तो की जरुरत नहीं है,
हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,
जन जन की सेवा यही मेरी पूजा,
तुम ही हो तुम हो कोई न दूजा,
तुम से है रोशन कण कण में तू है,
हमे रास्तो की जरुरत नहीं है,
हमे तेरे पेरो के निशान मिल गये है,
ऐसे चुप ना रहा कीजिए राधे राधे कहा कीजिए
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ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
आ गए, हो जो, सत्संग में ॥
लाभ कुछ तो, उठा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
दोष, जन्मो के, मिट जाएंगे ॥
भाग्य, सोया, जगा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
होनी, अनहोनी, को भूलकर ॥
जिंदगी का, मज़ा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
गैर, का घर, बड़ा देखकर ॥
बे-बजह ना, जला कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
बड़ा, अनुभव है, इस दास का ॥
आप भी, अज़मा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
शान्त, जीवन, संवर जाएगा ॥
राधा, रानी के, गुण गाईए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
स्वाद अद्भुत है, इस नाम का ॥
नाम, का ज़ाम, चख लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥ ॥
Shrijirasik
अति मधुर नाम राधा का - 2
अति मधुर नाम राधा का अति मधुर नाम राधा का
हो अति मधुर नाम राधा ka-----
1 दाख छुआरे दुग्ध इक्षुरस सब मीठे फल भए विगत रस
जहां फीका स्वाद सुधा का, -२
अति मधुर नाम राधा ka-----
2 योग तपस्या ध्यान धरम रत, वेद पाठ तप ज्ञान धरम रथ
ओ श्री राधा बिन सब बाधा सा २
अति मधुर नाम राधा ka-----
3 राधा बिन चैन न क्षण सुख हो
राधा बिन यह जग घर दुख को
राधा बिन हरि आधा सा
अति मधुर नाम राधा ka-----
मन भूल मत जइयो, राधा रानी के चरण,
राधा रानी के चरण, श्यामा प्यारी के चरण….
मन भूल मत जइयो, राधा रानी के चरण,
बाँके ठाकुर की बाँकी, ठकुरानी के चरण….
वृषभानु की किशोरी, सुनी गैया हूँ ते भोरी,
प्रीति जान के हूँ थोरी, तोहे राखेगी शरण….
जाकुँ श्याम उर हेर, राधे-राधे-राधे टेर,
करे बांसुरी में बेर-बेर, नाम में रमण….
भक्त ‘प्रेमीन’ बखानी, जाकी महिमा रसखानी,
मिले भीख मनमानी, कर प्यार से वरण….
एरे मन मतवारे, छोड़ दुनिया के द्वारे,
राधा नाम के सहारे, सौंप जीवन मरण….
Shrijirasik
करुणामई किशोरी तुम तो बड़ी हो भोरी
बिन पाप पुण्य देखे आती हो दौड़ी दौड़ी
राधे....राधे राधे
हम जैसो को शरण दी एहसान है तुम्हारा
तुम सा दयालु श्यामा देखा नहीं दोबारा
ऐसी कृपा करो अब बन जाऊं तेरी चेरी
बिन पाप पुण्य देखे आती हो दौड़ी दौड़ी
राधे....राधे राधे
विनती है इतनी तुमसे चारो से ना हटाना
चरणों से हट गए तो नहीं और है ठिकाना
दे दो दुलार अपना है विषभान की दुलारी
बिन पाप पुण्य देखे आती हो दौड़ी दौड़ी
राधे....राधे राधे
साधनहीन मैं लाड़ली गुण ना मो में कोई
जी निज मेहलन की छाकृ दे श्री राधे मोय
दासी बना के अपनी सेवा में रखना हमको
हे श्याम लालड़ी यूँ भूलूँ नहीं मैं तुमको
महारानी अब तो आके बैयाँ पकड़ लो मोरी
बिन पाप पुण्य देखे आती हो दौड़ी दौड़ी
राधे....राधे राधे
Pujya Bhai Ji
अपनी, पायल का, घुँघरू, बना लो मुझे ॥
ओ चरनों, से अब, लिपटा लो मुझे ॥
अपनी, पायल, का घुँघरू...
पैरों में, बँध कर श्री राधे, छम-छम, छम कर डोलूँ ।
जनम, जनम के पापों को, चरनों से, लिपट कर धो लूँ ॥
ओ घुँघरू में, मिला के, सजा लो मुझे ॥
अपनी, पायल का, घुँघरू...
जब, जब चरन, धरूँ धरती पर, तब-तब, बजा करूँ मैं ।
झनकारों में, मिलकर राधे, उनमें, जड़ा रहूँ मैं ॥
ओ ताल, सुर से हटूँ तो, सम्भालो मुझे ॥
अपनी, पायल का, घुँघरू...
इन चरनों में, बँध कर मेरी, क़िस्मत, जाग उठेगी ।
लिपटा रहूँ, पागल बन कर के, मन की, कली खिलेगी ॥
ओ झूठी, दुनियाँ से, अब तो, बचा लो मुझे ॥
अपनी, पायल का, घुँघरू...
राधा... राधा... राधा... राधा राघा ॥
राधा... राधा... राधा... राधा... ॥
जय जय राधा, श्री राधा, श्री रा...धा ॥
जय जय राधा, श्री राधा, श्री रा...धा ॥
राधा... राधा... राधा... राधा राघा ॥
अपलोडर- अनिलरामूर्तीभोपाल
मेरी विनय मान लीजे
सभी अंग गुणहीन हूँ, या में यत्न ना कोई,
एक लाडली कृपा से, जो कछु होए सो होए॥
मेरी विनय मान लीजे,
श्यामा विनय मान लीजे,
मेरी विनय मान लीजे,
श्यामा विनय मान लीजे,
मोहे अपनी कर लीजे, श्यामा विनय मान लीजे ॥
श्री राधे मैं अति दुखियारी ,
कहाँ जाऊ किस्मत कि मारी,
मोहे चरणों में रख लीजे,
मेरी विनय मान लीजे ।।
कर्म हीन कछु आवत नाहि ,
कित् जाऊ मेरा कोई नाही,
मोहे अपनो कर लीजे
मेरी विनय मान लीजे ।।
मैं अति दीन हीन श्री राधे
दीनन कि सुन लीजे राधे
मोह पे कृपा दृष्टि कीजे
मेरी विनय मान लीजे ।।
राधे राधे की जपले तू माला, मिलेंगे तोहे गोपाला……..
राधा जी गोरस तो, माखन कन्हाई,
कान्हा है मिश्री तो, राधा मलाई,
कान्हा है अमृत तो, राधा जी प्याला…..
राधा जी गंगा तो, धारा साँवरिया,
कान्हा है रिमझिम तो, राधा बदरिया,
कान्हा और राधा का, नाता निराला……
राधा जी धागा तो, कान्हा है मोती,
कान्हा वहाँ है, जहाँ राधा होती,
राधा है ज्योति तो, कान्हा उजाला,
राधे राधे की जपलें तू माला, मिलेंगे तोहे गोपाला
करुणा भरी नजर से निहारो लाडली,
अपना तो कह के मुझको पुकारो लाडली।।
बृज की निकुंज जैसा मेरा हृदय सजा दो ना,
उस कुंज में निरंतर विहारो लाडली,
करुणा भरी नजर से निहारो लाडली।।
कोई नहीं हमारा तेरा नाम धाम प्यारा,
श्यामा को तेरे नाम का सहारा लाडली,
करुणा भरी नजर से निहारो लाडली।।
ऐसी कृपा करो अब तेरा नाम नित्य गाउं
जीवन की डोर सोपू तोपे बलिहार जाऊं
कर दो कृपा की ऐसी एक कोर लाडली
करुणा भरी
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले 2
सुबह शाम निकले आठों याम निकले 2
राधा राधा राधा राधा 2
हम है शरण तिहारी सुध लीजिए हमारी
हे करुणामई श्री राधे वृषभानु की दुलारी 2
ओ रख लीजिए शरण में सदा राधे राधे गाउं 2
करूं चाकरी तुम्हारी कभी और कुछ न चाहूं 2
तेरे महलों की में निषदिन 2 करता रहु बुहारी
करुणामई श्री राधे वृषभान की दुलारी 2
संसार में हमारा नहीं कोई आपके बिन
अपना समझ कहोगी कब आएगा वो शुभ दिन
निज दासियों की दासी 2 मुझको बना लो प्यारी
करुणामई ----+------+
हे किशोरी लाड़ली जू हमें आपका सहारा
मन में सदा विराजो संग लेके प्राण प्यारा
श्री राधारमन बिहारी 2 तोपे में वारी बारी
करुणा। ---------++++
मेरी विनती यही है राधा रानी,
कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना,
हे श्यामा प्यारी कृपा बरसाये रखना,
मुझे तेरा ही सहारा महारानी,
चरणों से लिपटाए रखना,
कृपा बरसाये रखना....
हे भक्त वत्सला श्यामा,
विनय स्वीकार कर लो,
निज भक्तो की सेवा में,
निज संतो की सेवा में,
सदा ही लगाए रखना,
कृपा बरसाये रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना......
( मैं भी तुम्हारे दर पर,
आया हूँ बनके सवाली,
करो कृपा की एक नज़र,
राधे बरसाने वाली। )
राधा राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा राधा।
नित होती रहे श्यामा जु,
कृपा की बरसात मुझ पर,
अपनी करुणा का सागर,
अपनी करुणा का सागर,
ह्रदय में समाए रखना,
कृपा बरसाये रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना.....
लिए पाप की गठरी सर पे,
द्वार आकर के पड़ा,
मुझ अधम निठुर को श्यामा,
मुझ अधम निठुर को श्यामा,
सदा ही निभाए रखना,
कृपा बरसाये रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना......
(दुखियों को अपनाने वाली है,
रोतो को हंसाने वाली है,
कन्हैया से मिलाने वाली है,
ऐसी मेरी श्यामा बरसाने वाली है। )
ये ‘चित्र-विचित्र’ श्यामा प्यारी,
तुम्हारे गुण गाते रहे,
पागल के सिर पर हाथ,
पागल के सिर पर हाथ,
सदा ही रखाए रखना,
कृपा बरसाये रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना......
मेरी विनती यही है राधा रानी,
कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना,
हे श्यामा प्यारी कृपा बरसाये रखना,
मुझे तेरा ही सहारा महारानी,
चरणों से लिपटाए रखना,
कृपा बरसाये रखना...
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