॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Krishna - Joyful Bhav
कृष्ण - आनंदमय भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
मेरा जीवन है तेरे हवाले, श्याम सुन्दर मुरलिया वाले।
मेरा जीवन है तेरे हवाले, मन मोहन मुरलिया वाले॥
तेरे पीछे हम आते रहेंगे, धुन तेरी हम गाते रहेंगे,
तू हमें आज अपना बना ले, तू हमें आज अपना बना ले,
श्याम सुन्दर मुरलिया वाले,
मेरा जीवन है तेरे हवाले, श्याम सुन्दर मुरलिया वाले॥
फूल हैं हम तेरे उपवन के, कठपुतली हैं हम तेरे मन के,
तू चाहे जिसे भी नचा ले, तू चाहे जिसे भी नचा ले,
श्याम सुन्दर मुरलिया वाले,
मेरा जीवन है तेरे हवाले, श्याम सुन्दर मुरलिया वाले॥
तेरी महिमा है जग से निराली, सारा जग तेरे दर का भिखारी,
चाहे जिसको बना दे या मिटा दे, चाहे जिसको बना दे या मिटा दे,
श्याम सुन्दर मुरलिया वाले,
मेरा जीवन है तेरे हवाले, श्याम सुन्दर मुरलिया वाले॥
Shrijirasik
दोहा – बांके बिहारी की,
बांकी अदा पे,
मैं बार बार बलि जाऊं,
जनम जनम वृन्दावन राजा,
तेरे चरणन की रज पाऊं ॥
मेरो बांके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया,
हो रसबसिया हो रंगरसिया,
ओ मेरे मन बसिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
प्यारी-प्यारी सलोनी तेरी सुरतिया,
मेरे मन में बसी है तेरी मुरतिया,
प्यारी-प्यारी सलोनी तेरी सुरतिया,
मेरे मन में बसी है तेरी मूरतिया,
तू है मेरा मैं हूं तेरी,
ओ मेरे सांवरिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
कैसी जादू भरी है तेरी बांसुरिया,
मैंने जबसे सुनी मैं हो गई बावरिया,
कैसी जादू भरी है तेरी बांसुरिया,
मैंने जब से सुनी मैं हो गई बावरिया,
मेरे मन में मेरे तन में,
बसे नट नागरिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मोटी मोटी यह तेरी कजरारी अखियां,
मीठी मीठी मधुर मंद मंद हंसीया,
मोटी मोटी यह तेरी कजरारी अखियां,
मीठी मीठी मधुर मंद मंद हसिया,
मुकुट तिरछा नैन तिरछे,
चरण में पैजनिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मैं हूं पागल तुम्हारी तुम हो मेरे पिया,
तेरे दर्शन को तरसे है मेरा जिया,
मैं हूं पागल तुम्हारी तुम हो मेरे पिया,
तेरे दर्शन को तरसे है मेरा जिया,
‘चित्र विचित्र’ ने जीवन,
तुम्हारे नाम कर दिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मेरो बांके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया,
हो रसबसिया हो रंगरसिया,
ओ मेरे मन बसिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
Shrijirasik
मुरली मनोहर गोविंद गिरिधर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
ये कृष्ण प्रेमी कहे निरंतर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
राजीव लोचन अतीव सुंदर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
मुरली मनोहर गोविंद गिरिधर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्........
दीन जनों की आस तुम्हीं हो,
भक्तों का विश्वास तुम्हीं हो,
योगी सार्थक आराधक के,
अंतर का आभास तुम्हीं हो,
है सृष्टि सारी तुम्हीं पे निर्भर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
मुरली मनोहर गोविंद गिरिधर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्......
भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
मोहन मुरारी गोविंद गिरिधारी,
गोविंद गिरिधारी सकल दुःख हारी,
ए भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
गोविंद अनमोल है गोपाल अनमोल,
हरी हरी बोल
हरी भक्ति रस के प्यासे तु भक्ति रस तो घोल,
हरी हरी बोल
मोहन को देखना है तो अंतर के नैन खोल,
हरी हरी बोल
बिकते हैं दीनानाथ प्रेम भावना के मोल,
हरी हरी बोल
हरी हरी बोल
समझ ना आए हमको,
समझ ना आए गूढ़ बातें तुम्हारी,
एक साँवरे सलोने के हम हैं पुजारी,
एक ब्राह्मण के छोरे से हुई है अपनी यारी,
कृष्ण मुरारी हो कृष्ण मुरारी,
कृष्ण मुरारी मेरा कृष्ण मुरारी,
ए भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
सब भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
Shrijirasik
राधा आई, सखिया आयीं, लेकर रंग गुलाल
काले रे काले कहना ने कैसो कर दियो लाल
जुलम कर डारो सितम कर डारो,
कारे ने कर दियो लाल, जुलम कर डारो!
1 अरे नज़र मोहन मतवारो, राधा जी करे इशारो!
रे नैना सुं करो कमाल, जुलम कर डारो!
2 सब घेर लियो ब्रज नारी, नखरारी गामन वारी!
के चली गजब की चाल, जुलम कर डारो!
3 काजल की डिबिया लायी अंगिया साडी पहनाई,
मुखडे पे मलो गुलाल, जुलम कर डारो!
4 लियो पकड़ बिहारी कसके, रंग दियो खुब हँस हँस के!
बोली फ़िर आइयो नंदलाल, जुलम कर डारो!
Shrijirasik
आज मारग में ठाड़ो सांवरिया, बची रहियो गुजरिया, बची रहियो गुजरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया।
मत जईयो जल भरने अकेली, मत जईयो जल भरने अकेली, जल भरने अकेली, जल भरने अकेली, तेरी फोड़ेगो जल की गगरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
फागुन में या ये कछु नहीं सूझे, फागुन में या ये कछु नहीं सूझे, या ये कछु नहीं सूझे, या ये कछु नहीं सूझे, तेरी रंग देगो सुरंग चुनरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
सुन री सखी वाके चितवन में टोना, सुन री सखी वाके चितवन में टोना, वाके चितवन में टोना, वाके चितवन में टोना, करे रखियो तू नीची नजरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
'चित्र विचित्र' सी हो जाएगी, 'चित्र विचित्र' सी हो जाएगी, अरी हो जाएगी, अरी हो जाएगी, बनके पागल बितइयो उमरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
आज मारग में ठाड़ो सांवरिया, बची रहियो गुजरिया,
बची रहियो गुजरिया
Shrijirasik
कहां जाओगे बांके बिहारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ।
आगे आगे हैं बांके बिहारी,
पीछे पीछे है राधा गोरी ।
जाने दूंगी ना तुमको मुरारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
इक तरफ तो है राधा की टोली,
दूजी और तो काहना की टोली ।
यहाँ दो दो चलेंगी पिचकारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
गर भागोगे जाने ना दूंगी,
गलिओं में तुम्हे घेर लुंगी ।
तेरे गुल्चे पे मारू पिचकारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
पीताम्बर तेरा छीन लुंगी,
साड़ी मैं तुझे पह्नाउंगी ।
तुझे नर से बना दूंगी नारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
Shrijirasik
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
रास गोपियाँ के साथ रचा जा
धुन मुरली का फिर से सुना जा
अब चलेगा ना कोई बहाना
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
सात रंगों से थाली सजा है
तेरे बिन होली सुना पड़ा है
सारे देवगण आये हैं लेकिन
तेरे बिन गोकुल सुना पड़ा है
अब कर ना तू कोई बहाना..2
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
श्याम सुनले तू मेरा कहना
बाद में फिर तू मुझसे ना केहना
आज राधा रोई कल तू रोयेगा
बाद में आना मंहगा पड़ेगा
आज देरी ना कर कान्हा आजा...२
आके राधा को रंग लगा जा
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
रास गोपियाँ के साथ रचा जा
धुन मुरली का फिर से सुना जा
अब चलेगा ना कोई बहाना
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
Shrijirasik
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
चुनरी की छोर बचा कर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों …..
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मारों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
मेरी बिंदिया की चमक बचाकर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
Shrijirasik
बंसी बजावे नंदलाला,
बंसी बजावे नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
टेड़ी लकुट है टेड़ा मुकुट है,
टेड़ा खड़ा कमली वाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
कदम्ब के नीचे अखियां मीचे,
मुस्काये मेरो लाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
सुन बंसी धुन आई वृंदावन,
नाच उठी बृजबाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
बंसी बजावे नंदलाला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
Shrijirasik
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
बाबा मैं तेरी राह देखू गी,
तू मत न बार लगाइए हो, ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
चुपके चुपके चालेया आइये,
तू मत न वार लगाइए ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
दूध मलाई देयु गी खान ने,
तू माखन मिशरी खाइए ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
लाल गुलाबी हरे हरे रंग की,
तू भर पिश्कारी लाइए हो,ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
मैं कान्हा तेरा रंग रस लुंगी,
तू गुलाल लगाइए हो ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
तेरे प्यार की दुनिया प्यासी,
तू मत ना वार लगाइए हो,ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
Shrijirasik
होली खेलन मैं आयी रे काले कलुआ से केहदो,
बरसाने से मैं आयी रे काले कलुआ से केहदो,
कलुआ से केहदो जाके कलुआ से केहदो,
होली खेलन.....
गली रंगीली घेर लायी है,
घेर लायी है घेर लायी है,
श्याम बनायो लुगाई रे काले कलुआ से केहदो,
होली खेलन.....
मुरली छीनी पीताम्बर छीना,
पीताम्बर छीना पीताम्बर छीना,
श्याम बनायो लुगाई रे काले कलुआ से केहदो,
होली खेलन.....
Shrijirasik
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
ये केहता कृष्ण मुरारी है,
राधा संग सखियाँ सारी है होली में उड़े रंग भारी है,
कोई गोई कोई काली है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
बीगी अंगियां बीगी साडी मारेगा न जब पिचकारी,
होरी मदन म्न्वारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
रंग अबीर गुलाल उडावे श्यामा सब को मस्त बनावे,
नागर भी बलहारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
Shrijirasik
कर विश्वास चले खाटू हम, ले हाथों में हाथ,
अबकी होली खेलेंगे, हम सांवरिया के साथ,
अबकी फागण ठान लिया मैने, अपने दिल ये बात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ……….
रंग रंगीला होगा फागण,
बरसेगा रंग श्याम के आंगन,
श्याम रंग की बौछारों से,
भीग जाएगा मेरा तन मन,
यादगार होगी बाबा से, अपनी मुलाकात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ.....
रिंगस से जयकार लगाकर,
श्याम नाम की ध्वजा उठाकर,
झूमते गाते चलेंगे पैदल,
कदम रुकेंगे खाटू आकर,
ध्वजा चढ़ाकर करनी है, कुछ,अपने दिल की बात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ......
फागण मेला श्याम का आया,
पागल जिसने सबको बनाया,
किस्मत वाला हूं मै कुंदन,
श्याम ने मुझको खाटू बुलाया,
श्याम कृपा की होती फकीरा, खूब यहां बरसात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ……..
Shrijirasik
आयो होली आयो होली रे
गोपियाँ सब झूम रही है यमुना के तट घूम रही है
नीला पीला जग हुआ है देखि माहरो मन हरश्ये,
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
मारे कनक पिचकारी तो राधा की भीगे रे चुनरिया
गाल पे देखो गुलाल लगाये तो मुस्काये गुजरिया
मुरली की तान छेड़े कान्हा गईया भी निकली घर से
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
गोकुल की हर गली गली में धूम मची है आज जी
मस्ती में सब गोप गोपियाँ झूमे सकल समाज जी
द्रिष्ट अद्भुत प्यारा लागे देख के देवता भी हरशे
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
Shrijirasik
ब्रिज में होली खेल रहे है राधा कृष्ण मुरारी
रुत नाचन की आई रुत नाचन की आई,
ओ जुल्मी कन्हियाँ तेरी नित्यात लागे खोटी,
आती जाती पंहारन ने करदे लाल गुलाबी,
चुपके चुपके गेड़ा देवे नजर टिकावे खारी,
रुत नाचण की आई...
सखी सहेली राधा संग नाहा के खेले होली,
होली गावे चंग भजावे काली पीली होली,
अविर गुलाल खूब उड़ावे धरती पिली होली,
रुत नाचण की आई...
सखी सहेली गबराई देख के तोलो भरी,
मोको मिल जियो कान्हा ने भर पिचकारी मारी,
पानी की अब भोषारा में अँगियां गीली होई,
रुत नाचण की आई
मत ना छेड़े कान्हा देखे दुनिया सारी,
लाज शर्म चली गई तो फीकी हो जाये होली,
छोड़ कन्हैया मोरी कलाइयां मैं तो तोसे हारी,
रुत नाचण की आई
मंद मंद कान्हा मुश्कावे नैना चालकिटारी,
नैनो की अब भाषा समजी राधा जपतु मारी,
आगे आगे राधा बागी पीछे कृष्ण मुरारी,
रुत नाचण की आई
बरसाने की गली गली में धूम मची है भारी,
हारे रामा हारे कृष्णा सजन जय जय कारब होली,
दीपा राधे श्याम मिलादे ब्रिज में खेले होली,
रुत नाचण की आई
Shrijirasik
असां खेलनी ए होली तेरे नाल, वृन्दावन रेहन वालेया
वृन्दावन रेहन वालेया, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
थक गए खेल खेल जग नाल होलियाँ
हरे पीले रंगा दिया घाघरा ने घोलिया
रघ उतर गया नालो नाल, वृन्दावा रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
रंग गए सारे गोप गवाले
रह गए बेचारे तेरे प्यारे
सुक्के रह गए असी मंदे हाल, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
रंग गुलाल भावे खेल फूल होली
खेल लड्ड़ु होली भावे खेल लठ्ठ होली
भावे खेल तू मख्खणं दे थाल, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
Shrijirasik
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
लेके पिचकारी खड़ी रे मेरे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
टोली आई मस्ती छाई सारी गोपिया घर से आयी,
रंग गुलाल लेके आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
ढोल मंजीरा चंग बजावे कान्हा नाचे गोपिया नचावे,
मुरली बजाता आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
राधा जी गुलाल मले श्याम जी के मुख पर,
मारी पिचकारी कान्हा रंग भर भर कर,
लाल गुलाबी हुए आज रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
भक्तो के हाथों रंग का कटोरा,
राधे और कन्हैया के प्रेम का जोड़ा,
पकड़ लियो है आज रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
बांध लियो है आज रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
Shrijirasik
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले……
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मैंने हाथ लई पिचकारी है श्री राधे,
मेरी पूरी त्यारी है साँवरिया,
करू रंगों....
करू रंगों की बौछार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मेरे लठ हाथ में भारी है साँवरिया,
तू पतली सी एक नारी है श्री राधे,
तो पे बहुत....
तो पे बहुत पड़ेगी मार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया.....
आगे आजा दीवानी तू श्री राधे,
ना कर इतनी मनमानी तू साँवरिया,
काहे इतनी....
काहे इतनी करे तकरार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे......
कहे भूलन कैसा मेल बना साँवरिया,
होली का अदभुत खेल बना श्री राधे,
है सबसे....
है सबसे ऊँचा प्यार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे.....
Shrijirasik
मेरे श्याम बड़े अलबेले राधे रानी संग होली खेले,
सखियाँ संग होरी खेले ग्वाल बालो के संग होली खेले,
निधिवन में ये रास रचाये कान्हा मुरली मधुर भजाये,
गोकुल की गलियां में खेले बरसाने में लगते मेले,
वृद्धावन में होली खेले ग्वाल बालो संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
पिचकारी से रंग जो डाले मिट जायेगे दुःख तेरे सारे,
प्रेम के रंग में रंगने आये कान्हा राधा संग आये,
ब्रिज धाम में होली खेले ग्वाल बालो संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
मैया यशोदा के हो दुलारे नन्द के लाला सबके प्यारे ,
करुणा मई मेरे कान्हा तुम्हको तेरा बेटा गोल्डी पुकारे,
राजू प्रिंस को अपनी शरण ले ग्वाल बालो के संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
Shrijirasik
ओ म्हने फागण महीने बृज में, बुला ले नी म्हारा सांवरिया,
बुला ले नी म्हारा सांवरिया ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी,
ओ म्हने मथुरा में होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
म्हने ग्वाला संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
ओ म्हने थारा संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
ओ म्हने राधा संग होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
ओ म्हने गिरधर संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
Shrijirasik
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
राधा तू न खेलेगी तो खेलेगा कौन,
होली राधा बार बार न आये तेरे बिना कोई रंग भी न भाये,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिगोई मेरी चोली श्याम तू भर पिचकारी,
रंगो में रंग देगा सूरत मेरी करदे काली,
अब की बारी न खेलु मैं काट रही फोन,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिन रंगो के राधा कैसे मनेगी होली,
तेरे बिन मजा ना आये बरसाने की छोरी,
पूरी बात तो सुन ले क्यों काट रही फ़ोन
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
श्याम का पहुंचे बरसाने ले कर ग्वालोको संग,
सरे मिल खेले होली होली हे मिल गई रंग में रंग,
फूलो की वर्षा भी लागि हों
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन लल
Shrijirasik
श्याम नाम रंग बरसेगा फागण में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
रंग रसिया होली रंग बरसाए,
अपने ही रंग में ये सबको रंगाये,
ऐसा मौका मिलेगा ना जीवन में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
बांके बिहारी की झांकी सजेगी,
बृज धाम में भारी भीड़ लगेगी,
बड़ा आनन्द है श्याम के आंगण में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में.......
रंग और गुलाल से भर भर के थाली,
इस बार की होली होगी निराली,
सौरभ मधुकर तमन्ना ये है मन में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
Shrijirasik
पाये लागु कर जोरी श्याम मोसे खेलो ना होली
पनिया भरन को जब मैं निक सी
जब मैं निक सी, जब मैं निक सी
सास ननंद से चोरी श्याम मौसे खेलो ना होली
पाये......
सगरी चुनर मोरी रंग भिगोई
मोरी रंग भिगोई, मोरी रंग भिगोई
इतनी अरज सुन मोरी श्याम मौसे खेलो ना होली
पाये......
होली खेल कर तुम मनमोहन
तुम मनमोहन, तुम मनमोहन
क्या गत किनी मोरी मौसे खेलो ना होली
पाये........
Shrijirasik
मेरे कान्हा जो आये पलट के,
आज होली मैं खेलूंगी डट के,
अपने तन पे गुलाल लगा गे,
उनके पीछे मैं छुपके से जाके,
रंग दूंगी उन्हें मैं लिपट के,
आज होली मैं खेलूंगी डट के,
की उन्हों अगर जोरा-जोरी,
जोरा-जोरी,जोरा-जोरी,
छिन्नी पिचकारी बाइयाँ मरोरी,
गरियाँ मैंने रखी है रट के,
आज होली मैं खेलूंगी डट के,
Shrijirasik
फागुन का है मेला आया मेरे लखदातार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
लाल गुलाल लगा कर खेलु होली सँवारे,
जो प्रेमी रंग गये तेरे रंग में हो गये वनवारे,
हम सब मिल कर तुम्हे मनाये मेरे लखदातार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
तेरे दर पे धूम मची है प्रेमी नाचे है,
तेरे दर आवन खातिर दिल यो मचे है,
तेरे दर पे सांवरियां हमे खुशियां मिले अपार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
दूर दूर से प्रेमी तेरे दर पे आये है,
फागुन का त्यौहार तेरे दरबार मनावे है,
गुलाम हो गया मिठू तेरा कहता हर बार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
Shrijirasik
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग,
सांवरिया के संग सखी सांवरिया के संग......
कोरे कोरे कलश मँगाए उनमे घोला रंग,
भर पिचकारी ऐसी मारी चोली हो गई तंग,
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग......
नैनन सुरमा दांतन मिश्री रंग हो बदरंग,
मशक गुलाल मले मुख ऊपर हे कृष्ण को संग,
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग…..
तबला बाजे सारंगी बाजे और बाजे मुदंग,
कान्हा जी की बंसी बाजे राधा जी के संग,
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग…..
चुनरी भिगोई लहंगा भिगोयो छुटो किनारी रंग,
सूरदास कहे कहाँ भिगोए कारी कमरी रंग,
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग…..
Shrijirasik
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
पहली होली कैलाश में खेली,
गौरा शिव की व जोड़ी,
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
दूजी होली अवध में खेली,
राम सिया की व जोड़ी,
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
तीजी होली वृन्दावन खेली,
राधा श्याम की व जोड़ी,
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
चौथी होली अगनबा खेली,
पिया के संग भर भर जोड़ी,
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
Shrijirasik
होली खेलो नन्दलाल मेरी कुंज गली में खेलो,
भर पिचकारी मेरे माथे उत्ते मारी,
मेरी बिंदिया हो गयी लाल मेरी कुंज गली में खेलो
होली खेलो.......
भर पिचकारी मेरे तन उत्ते मारी
मेरी साड़ी हो गयी लाल मेरी कुंज गली में खेलो
होली खेलो.......
भर पिचकारी मेरे हथा उत्ते मेरी
मेरी चूड़ी हो गयी लाल मेरी कुंज गली में खेलो
होली खेलो......
भर पिचकारी मेरे पैरो पर मारी
मेरी पायल हो गयी लाल मेरी कुंज गली में खेलो
होली खेलो.......
Shrijirasik
होली खेलण ने साँवरिया, बरसाना तू आजे रे,
राह निहारु आपरी तू बेगो आजे रे,
होली खेलण ने.....
राधा ने लाजे साँवरिया रूकमण ने लाजे रे,
गोकुल रा गोपाल, संग सुदामा लाजे रे,
होली खेलण ने.....
लाल -पिली, हरी - केशरी रंग गुलाल होली रे,
भर पिचकारी छोड़ू साँवरिया, रंग उडालू रे,
होली खेलण ने.....
लठमार होली मारे, बरसाना में खेले रे,
संग सहेलिया बोले माने, मोहन न खेले रे,
होली खेलण ने.....
माता तो वरजे थाने, बरसाना मत जाजे रे,
नन्द बाबा बोले कान्हा, संग लेजाईज्ये रे,
होली खेलण ने.....
बरसाना री गुजरी ने, कृष्ण आज बुलाये रे,
धरम तंवर चरना रे माई ,शीश नमाये रे,
होली खेलण ने.....
Shrijirasik
नन्द लाला ने बरसाने में खेली ऐसी होली रे मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
तन मन चोला साडी चुनर भीग गई मेरी चोली रे,
मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
गालन पे मेरे रंग लगा के,
तिरशे तिरशे नैन चला के,
कह गयो मीठी बोली रे,
मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
जीवन के सब राज बदल कर सोते सोते भाग बदल गये,
किस्मत मेरी खोली रे,
मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
बरसाने की नार नवेली क्या करती रह गई अकेली,
वो तो संग सखा की टोली रे,
मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
गया नन्द मेरे मन वासियां ने,
होरी के या रंग रसियां ने मेरे दिल की कुण्डी खोली रे,
मैं तो यहाँ रसिया की हो ली रे,
Shrijirasik
फन फन नाच रहे बनवारी ।
पद प्रहार चट चट पट पट ध्वनि,
वारि रक्त अरु नारी ।।
नमित फनन धब धब ध्वनि उपजत,
वेणु नाद प्यारी ।
नाग त्रिया बहु विनय करत हैं,
नैन झरत वारी ।। फन फन....
फुं फुं फुं फुफकार करत अहि,
सलिल वीचि भारी ।
करि करि क्रोध झुकत माधव पर,
रुदति सकल ब्रजनारी ।। फन फन....
क्रोध सहित फन उठत जबहिं जो,
खट खट ध्वनि भारी ।
देवादास शिथिल कालिय अहि,
मानी निज हारी ।। फन फन....
Shrijirasik
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
ये पलोट रोकड़ नोट सांवरिया का है सपोर्ट, मेरे बिजनेस में तेरा हाथ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मैं तो पुतला हूं सांवरिया सेठ, चाबी तेरे हाथ में रखी,
मेरी शॉप चले टॉप बिजनेस दिया तुझे सौंप, मैं तो चाकर हूं तेरो रे सांवरिया, मैं तो दर का हूं तेरा रे भिखारी, मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मेरा सोना मेरी चांदी दुनिया तो है दीवानी,
खाली हाथ आए सरकार, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरे बच्चे तेरे पर्चे तू उठावें घर खर्चे, मै तो बालक हूं तेरा अंजान, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरी कृपा है सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
मेरा खेत मेरा लसन मेरा अमल मेरा कमल,
सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरा मन मेरा धन मेरा तन अर्पण, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मारुतिनंदन गौशाला तू है गाय का गोपाला, ये भी तो तू जाणे और तेरो काम, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब गायों का रखे ध्यान मैं तो कुछ जाणू नहीं,
मेरा गाने तू चलाते इंस्टा फेसबुक पे छाते, ये भी तेरे है सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं, मेरे डीजे पे तेरा नाम वो भी मेरा नहीं,
ये स्टूडियो तेरा बोस जाए फायदा तो या लॉस गोकुल केवे है सच्ची बात, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब सेठों के तुम सरताज, मंडफिया सा और नहीं।
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
Shrijirasik
सारे लो नचदे शदाई बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
चन्न जेहे मुखड़े तो की वारा
दिल वारा के जां वारा-2
दर्शन करले सारे रज रज के-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
सारे लोकी नचदे शदाई बनके-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
सोहना जेहा मुखड़ा है चन्न बरगा
खिलेया ऐ फुल गुलाब दे वरगा-2
दिल लुट लैंदा ओ माली बनके-2
आ गया मेरा हारा बाला रब बनके-2
सारे लोकी नचदे शदाई बनके -2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
हर कोई बनेया दिवाना इसदा
बनेया कोई मस्ताना इसदा-2
प्रेमी बन जावा मैं रजरज के
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
सारे लोकी नचदे शदाई बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
कलयुग विचअवतार होया ऐ
घर-घर विच मंगलाचार होया ऐ-2
देवता दी आए सारे सजधज के
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
सारे लेकी नचदे शदाई बनके-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
Shrijirasik
मेरे श्याम की मुरली बजी
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली बजी ॥
मुरली बजी... बड़ी, प्यारी लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली बजी ॥
बागों में, बजी है, बगीचों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, मालिन के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
तालों में, बजी है, तलाबों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, धोबिन के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
महलों में, बजी है, चौबारों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, रानी के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
गोकुल में, बजी है, बरसाने में बजी ॥
हो, हो, हो, ये तो, राधा के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे, श्याम की, मुरली...
`बाजारों में, बजी है, चौराहों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, राही के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
कीर्तन में, बजी है, सत्संग में बजी ॥
हो, हो, हो, ये तो, भक्तों के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
जय जय श्री राधे श्याम
Shrijirasik
जिस ने हरी गुण गाए,
हरी दौड़े चले आए ।
भक्त प्रहलाद ने था पुकारा,
हिरण्यकशिपु को आकर के मारा ।
नरसिंह रूप धर आए,
हरी दौड़े चले आए ॥
दौपदी कौरवों से घिरी थी,
मुरली वाले से विनती करी थी ।
हरी आकर के चीर भडाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
ऐसा भक्तों ने डाला थे फंदा,
प्रभु आप बने नाई नंदा ।
प्रेम से चरण दबाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
दर्योधन के मेवा भी त्यागे,
भूख लागी तो उठ करके भागे ।
साग विधुर घर खाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
Shrijirasik
तू किरपा कर बाबा कीर्तन करवाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
तू किरपा कर बाबा जय हो जय हो
मैं भाई भतीजो के कुरते सिलवाऊंगा,
और बहन बेटियों के गहने बनवाऊंगा,
इत्र की खुशबु से ये घर महकाऊँगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
मैं फूलों से बाबा श्रृंगार कराऊंगा,
तेरे खातिर सांवरिया छप्पन भोग बनाऊंगा,
मैं एक एक करके हाथों से खिलाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा।।
मैंने जो पाया है सब तुझसे पाया है,
मैं जहाँ खड़ा हूँ आज प्रभु तेरी माया है,
जग खुद पे लुटाता है मैं तेरे खातिर लुटा दूंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
ऐसी किरपा करना तेरा कीर्तन कराता रहूं,
तेरे भजनो से बाबा तुझको मैं रिझाता रहूं,
कन्हैया मित्तल को कीर्तन में बुलाऊंगा,
सब भजन प्रवाहको को कीर्तन में बुलाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
Shrijirasik
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई,
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
अब पल पलक टरत नही टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारि वारि पलकन मारी,
जादू की पिटारी दृग छुई मुई कर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई.......
Shrijirasik
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
ो हो जाओ तोरे चरण कमल पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
कितना घना बना पाना अँधियारा
कितना घना बना पाना अँधियारा
गुलता मैं सारा का सारा
गुलता मैं सारा का सारा
तू ही मेरा एक आधार
आ आ आ आ…
तू ही मेरा एक आधार
शरणागत हुँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
सुन नान न्न पवन जकरा
सनं पवन जकरा आता
सनं पवन जकरा आता
हरा मन थकता गबराते
हरा मन थकता गबराते
टूट रहा सांसो का तार
टूट रहा सांसो का तार
शरणागत हुँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
मोर पंख की किरण जगा कर जगा कर
मोर पंख की किरण जगा कर
अधारु पर मुस्कान उगा कर
अधारु पर मुस्कान उगा कर
हर ले मन की पीर ापर
हर ले मन की पीर ापर
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि.
Shrijirasik
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
कन्हैया तुम को देख के दिल झूम जाता है.....
बांकी अदाएं चैन चुराए,
बांकी अदाएं चैन चुराए,
तेरी प्यारी बतिया मन को लुभाये,
मेरे हमदम तू हरपाल याद आता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है......
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
अपना समझ के जब भी पुकारा,
चेहरा आँखों के आगे घूम जाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.....
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाकर ही मानते हो,
बनवारी दिल से तेरे गीत गाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.......
Shrijirasik
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
धरी है शीश पे मटकी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
फिर आखिर को यही होगा,
मोहब्बत छूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
गले में डाल बईया,
बला से टूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
Shrijirasik
मुरली वाले तेरा शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
तूने भाग्य को मेरे संवारा,
आयी मुश्किल तो दिया सहारा,
हाथ सर पे मेरे रख दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
मान इज्जत है तूने बढ़ाई,
तेरी कृपा से भक्ति है पाई,
मेरा खुशियो से घर भर दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
मेरे पर्दा गुनाहो पे डाला,
तूने गिरते हुए को संभाला,
ओ प्यार जीवन में अब भर दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
दीन दुखियो की विपदा तू टाले,
नैया मझधार से तू निकाले,
डूबतों को किनारा दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
Shrijirasik
मैं तो चली रे पिया के देश,
हो मै तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
पिया मिलन को तरस रही थी,
छम छम अंखिया बरस रही थी,
है धर जोगन का भेष,
मै तो चली रे पिया के देश.....
बीते दिवस कई बीती रतिया,
मन की कहूंगी उनसे सारी बतिया,
हो लागि क्या क्या मन को ठेस,
मै तो चली रे पिया के देश.......
आया बुलावा मेरे पिया का,
मन उपवन हरषाये जीया का,
हो छाया आनंद मन में विशेष,
मै तो चली रे पिया के देश.......
चित्र विचित्र आई बेला मिलन की,
दुल्हन बनुगी में तो सांवरे सजन की,
अब क्या रह गया शेष,
मै तो चली रे पिया के देश......
मै तो चली रे पिया के देश,
हो मैं तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
Shrijirasik
मधुबन में झूला झूल रहे, राधेश्याम मदन मुरारी,
राधे श्याम मदन मुरारी राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
मोर मुकुट कानों में कुंडल,
रूप निहारत सब ब्रजमंडल,
दर्शन कर सुद्ध बुद्ध भूल रहे, राधे संग कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
खड़ा मनसुखा लेकर सोटा,
सखियां दे रही लंबे झोटा,
अंबर में बादल झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
कूक रही है कोयल काली,
लता पता छाई हरियाली,
बागों में कलियां महक रही, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
प्रेमी ब्रिज लागे मनभावन,
रिमझिम रिमझिम बरसे सावन,
सब गोपी ग्वाला झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
Shrijirasik
ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,
तू काला होकर भी जग से निराला क्यों.....
मैंने काली रात को जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
मेरी कमली भी काली है,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का दिल काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
मैंने काली नाग पर नाच किया,
और काली नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.......
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
आहा माखन मिशरी खाए जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
आहा ठंडा पानी पी जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
आहा काली कंबलिया ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.....
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी
आहा मोर का पंखा ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी
आहा मखमली गद्दे पे सो जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
Shrijirasik
तेरी उमरां दी खैर मनावां के दिल विच तूं वसदा,
तेरा पल पल शुक्र मनावां के दिल विच तूं वसदा......
प्यार तेरे ने साडी दुनिया भुलाई,
तेरे वाजो श्याम साडी किते ना सुनाई,
तेरे चरणां दे नाल लग जामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
चंन जेहे मुखड़े तो वारी वारी जादी आं,
खैरां मंगा तेरियां मैं ऐहो कुछ चाहनी आं,
तेरे चरणां च मर मिट जामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
प्यारी-प्यारी अंखियां च तूं ही समाया है,
जेहड़े पासे देखां मैनु तूं ही नज़र आया है,
हर वेले तेरा दर्शन पामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
Shrijirasik
तर्ज – बना रे बागा में झूला घाल्या
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या रे,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में, बागा में,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
काना में, काना में,
काना में मिश्री घोले म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
हिवड़ा में, हिवड़ा में,
हिवड़ा में निरत जगावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
मिलवाने, मिलवाने,
मिलवाने मनड़ो तरसे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
चरणा में, चरणा में,
चरणा में शीश नमावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
थोड़ो सो, थोड़ो सो,
थोड़ो सो नाच दिखा दे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
Shrijirasik
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
मै ही तोहे देखुं सांवरियां,
देखे ना कोई दुजी नज़रिया,
मै ही तो हूँ तेरी बावरीया,
मै ही सुनु बस तेरी बांसुरियॉं,बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया कोई मुरली की तन सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे...........
गोकुल ढूँढा तुझे मथुरा मे ढूँढा,
छोड़ी ना कोई ऐसी नगरिया,
बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
Shrijirasik
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे,
मेरे साथ रहे, मेरे साथ रहे,
वृन्दावन वाले तू हमेशा मेरे साथ रहें.....
मैं तो जन्मो से तेरा दीवाना हु,
तेरी किरपा से मैं अनजाना हु,
मेरी झोली में ये तेरी सौगात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
तेरी किरपा जप मुझपे हो जायेगी,
मेरी करनी को श्याम ये जायेगी,
तेरे छोटे से दीवाने की ये बात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
मेरी मुश्किल का हल हो जायेगा,
मेरा जीवन सफल हो जायेगा,
हर्ष अपनी यु होती मुलाकात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
Shrijirasik
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
तेरी मुरली में वो जादू है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मूरली में वो जादू है........
तेरी बांस की मुरली तो,
रिझाती हम सब भक्तो को,
दीवाना ये कर जाती है,
सबमे प्यार ही प्यार जगाए.......
तू तो एक तरंग डाले,
जी उठे मरने वाले,
तेरे दरश के मतवाले,
दिल में जीने की आस बढाए,
चल पड़ते है तेरे पास कदम,
मैं रोक नहीं पाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
श्याम तेरे भगत दीवाने है,
तेरे सब चाहने वाले है,
तेरे बिन जीवन सूना है,
इस जीवन की प्यास बुझा दे....
तू जो सच्चा जानी है,
तुझसे आस पुरानी है,
मेरे जीवन की नैया को,
पल में भव से पार लगा दे,
मिलना तुमसे मुश्किल ही सही,
मिलने को मचल जाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
जब से तुझको देखा है,
‘संजू घनश्याम’ दिवाना है,
दीवाना दिल ये कहता है,
मेरी खुशियों का तू है खजाना,
जगा के प्यार तू हर दिल में.....
कर दे कमी सभी पूरी,
तुझसे थोड़ी भी दुरी,
‘निरंजन’ करती है ये दीवाना,
पाना तुझको मुश्किल ही सही,
पाने को मचल जाता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है,
बिन डोर खिंचा आता हूँ,
जाना होता है और कही,
तेरी ओर चला आता हूँ,
तेरी मुरली में वो जादु है........
Shrijirasik
नखरालो साँवरियो,
राधा पर जादू कर ग्यो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
गौरी गौरी राधे रानी,
सांवरियो है कारो,
कारे ने गोरी पे देखो,
कैसो जादू डारो,
कारो कारो साँवरियो,
राधा पर कामण कर गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
इत् ठाड़े श्री कृष्ण कन्हैया,
उत वृषभानु दुलारी,
बोल रही कान्हाँ से राधा,
मत मारो पिचकारी,
रंग रसियो साँवरियो,
राधा के रंग रच गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में,
शोर मच्यों है भारी,
संजू राधा के हिवड़े में,
बस गए श्याम बिहारी,
मन बसियो साँवरियो,
राधा के मन बस गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
Shrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Shrijirasik
करूणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
जय मंजुल कुंजीन कुंजन की,
रस कुंज विचित्र समाज की जय जय,
यमुना तट बंसीवट की,
गिरिजेश्वर की गिरिराज की जय जय,
ब्रज गोपियन गोप कुमारन की,
विपिणेश्वर के सुख साज़ की जय जय,
ब्रज के सब संतन की,
ब्रज मंडल की ब्रज राज की जय जय,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
रंग प्रेम भरा बरसा करके,
बरसो की वियोग व्यथा हर ले,
मन मेरा मयूर सा नाच उठे,
कुछ भावना भाव नया भरदे,
कुछ भावना भाव नया भरदे,
जलती इस छाती की ज्वाला मिटे,
अपना पद कंज ज़रा धर दे,
हस दे हस दे दृग फेर अगर,
नट नागर नेक कृपा करदे,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
नही चित्र लखा ना चरित्र सुना,
वह सुंदर श्याम को जाने ही क्या,
मन में है बसा मन मोहन जो,
वे ठान किसी पर ठाने ही क्या,
जिस बंदर ने ईमली ही चखी,
वो स्वाद सुधा पहचाने ही क्या,
जिसने हरी प्रेम किया ही नही,
वह प्रेम की आहो को जाने ही क्या,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
Shrijirasik
वो हटा रहे है परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके
में नजारा कर रहा हूँ,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ये झुकी झुकी निगाहें,
ये हसी हसी इशारे,
मुझे दे रहे है शायद,
मुझे दे रहे है शायद,
वो पयाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ना दिखाओ चलते चलते,
यूँ कदम कदम पे शोखी,
कोई क़त्ल हो रहा है,
कोई क़त्ल हो रहा है,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके..........
कभी शोख़िया दिखाना,
कभी उनका मुस्कुराना,
ये अदाएं कर ना डाले,
ये अदाएं कर ना डाले,
मेरा काम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ये जो हिचकिया मुसलसल,
मुझे आ रही है आलम,
कोई ले रहा है शायद,
कोई ले रहा है शायद,
मेरा नाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.........
Shrijirasik
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा......
इस बांके का सब कुछ बांका,
इस बांके का सब कुछ बांका,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.....
बांके है नन्द बाबा और यशुमति,
बांकी घडी जमने है बिहारी,
बांके कन्हैया के बांके है भ्रात,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
बांकी मिली दुलहन जगवंदन,
और बांके गोपाल के बांके पुजारी,
भक्तन दर्शन देन के कारण,
झांके झरोखा में बांके बिहारी,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा....
बांकी पागचंद्रिका तापर,
और बांका तुर्रा ररक रहा है,
गरसिरपेच माल और बांकी,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके नैन सेन सर बांके,
बेन बिनोद महा है,
बांके की बांकी झांकी कर,
बाकी रहयो कहा है,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
ये टेड़े सो प्रसन्न, टेडी बातन सो अति प्रसन,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे के,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे केm
हम सो टेंडाई भूल मत करियो कोई,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
टेड़े टिपारे कटारे किरीट की,
मांग की पाग की धारि की जय जय,
कुंडल जाये कपोलन पे,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
राजेश्वरी दिन रात रटो,
यही मोहन की बनवारी की जय जय,
प्रेम ते बोलो जी बोलत डोलो,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा............
Shrijirasik
आये सपने में बांके बिहारी,
ना होश मेरी होश में रही,
जाऊं सपने में उनको निहारी,
इसीलिए खामोश मैं रही,
आये सपने में.........
झूम झूम मैं तो बस नाचती रही,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
नज़रो से बातें मैं करती गई,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
संग खेल मेरे रंगो की होली,
कि सखी मेरी रात हो गई,
आये सपने में........
आँखों में काजल हाथो में बंसी,
मुकुट पे मोरपंख गालों पे लाली,
देख प्यारी मुस्कान मैं तो बोली,
की श्याम की दीवानी हो गई,
आये सपने में........
सारी रात वृन्दावन घूमती रही,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
बंसी जो बजाई ऐसी मुरली वाले ने,
मैं नाच नाच नाच बस नाचती गई,
ऐसी देख के लगन मेरी श्याम से,
किशोरी भी हैरान हो गई,
आये सपने में.......
Shrijirasik
जिहना पीते ने प्याले हरि नाम दे,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया धन्ने भगत नू,
उन्हे पथरा चो श्याम नू पाया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया मीरा बाई नू,
उन्हे जहरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया भीलनी माई नू,
उन्हे बेरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया द्रौपता माई नू,
उन्हा साड़िया चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
Shrijirasik
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,
रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,
श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,
मैं वी उड के श्याम दा सोहणा दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
श्याम दिया संगता जदों दर ते आनगीया,
अमृत भरा संगत जद लंगर खावनगीया,
संगता दिया चरणा दी,,
संगता दे चरणा दी धूल मथे उत्ते लावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
रोज सवेरे मैं फूल तोड़ ले आवांगी,
श्याम जी दे चरणा विच आन चढावांगी,
हर वेले श्याम दा,,
हर वेले श्याम दा नित दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
Shrijirasik
बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो......
आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
सखी बादल गरजत बिजुरी संग, ओ घन बरसत है घनघोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
कहे वन वन पड़यो हिंडोरना, कैसे पवन चले झकझोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा होले होले देवे सांवरा, झूले कुंवर किशोरी सिर मोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा देय सखिरी सब गाय रही, नाचे मोर पपिहा करे शोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झूलत गल बैयां डाल के, वरुणेश निरख़ तिन्ही और,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
Shrijirasik
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
सर के ऊपर धरो री पालना,
वासुदेव ने राम मनाया,
देवकी से करी दो बात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
कड़क कड़क यह बिजली चमके,
वासुदेव का जियरा धड़के,
होने लगी बरसात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
जमुना जी का जल चढ़ा आया,
कृष्ण जी ने पैर बढ़ाया,
चरण लिए पुचकार, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
नंद बाबा का घर ढूंढा है,
नहीं किसी को पता चला है,
वहां पड़ी यशोदा मात, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
मेरे कृष्ण का रूप निराला,
मोर मुकुट वैजयंती माला,
त्रिलोकी का नाथ, चाल पड़ा गोकुल में,
भादो की काली काली रात जन्म लियो कान्हा ने.....
Shrijirasik
बुला रही राधा गुजरिया तू झूलन आजा सांवरिया.....
श्याम बिन सावन ना भावे,
तू आजा क्यों अब तड़पावे,
बुला रही राधा लिख चिठियां, तू झूलन आजा सांवरिया........
सुहानी सावन रुत आई,
कैसी चल चल रही पुरवाई,
गगन में छा गई बदरिया, तू झूलन आजा सांवरिया..........
बोल रही कोयल दादुर मोर,
रुनझुन नाचत मन का मोर,
बजा दे प्यारी बांसुरिया, तू भूलन आजा सांवरिया...........
करूण तेरे सुन ले ओ बनवारी,
अरज करे तुमसे ब्रज नारी,
शरण में लेलो सांवरिया, तू झूलन आजा सांवरिया..........
कदम पर हमला डलवाई,
झूलन सब बिरज नारी आई,
कै झोटा दे जा सांवरिया, झूलन आजा सांवरिया..........
Shrijirasik
मेरा श्याम है माखन चोर, नन्द किशोर,
गल्ल किसे किसे नाल करदा है।
मैं ते ला लिया बड़ा ही ज़ोर,
मेरा उसदे बाजो नहीं सरदा है।
शाम दे नाल लड़ गयी आँखें
छेड़ती मुझे साड़ी सखिआं
दिल ले गया मेरा चित्त चोर
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
मीरा जैसी योगं हो गयी
लगा रोग मैं रोगी हो गयी
मुझे लगा इशक का रोग
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
नीतू को नहीं कुछ भी गवारा
आजा शाम तू बन के सितारा
यहाँ पड़ गया गली गली शोर
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
Shrijirasik
पावन शुभ दिन है आया,आनंद उत्सव घर छाया,
हिवड़े मन मोद समाया, लागे सभी को मनभावना,
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
१. स्वागत करांला इनकी पलक बिछाकर के जी.. पलक बिछाकर..
बाट जोई थी जिनकी,आस लगाकरके जी,आस लगाकर
धन हुए भाग्य हमारे, मिट गए दुखड़े सारे,
चमके जीवन के सितारे, बाकी नहीं कुछ कामना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
२. आंगन में सुंदर सुंदर आसन लगवायाजी हो..आसन लगवाया...
दिल के भावों से इनको खूब सजाया जी हो...खूब सजाया...
बैठे मनमोहन प्यारे,आंखों के बन के तारे,
झूमे नर नारी सारे, मन को करे हैं लुभावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
३. सोहनी सूरत इनकी लागे अति प्यारी जी हो ...लागे अति प्यारी...
प्रिया प्रियतम की छवि पर जाएं बलिहारी जी हो.. जाएं बलिहारी...
देखूं तो मन हरषावे,नैनन में रूप समावे,
दूजो ना कोई भावे,लागे प्यारे से हमको पावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
४. कंचन के दीप जलाकर आरती गाओ जी हो... आरती गाओ...
सेवा में चंवर डुलाकर, भोग लगाओ जी हो...भोग लगाओ..
सर्वेश्वर मंडल गावे, चरणों में बलि बलि जावे,
आनंद का पार न पावे, उत्सव मनावे सुहावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
पावन शुभ दिन है आया, आनंद उत्सव घर छाया, हिवडे मन मोद समाया, लागे सभी को मन भावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
Shrijirasik
मैनु बहुता न सताओ तुसी,
एैवें चकरां च न पाओ तुसी
दुनिया तो मैं कुछ नहीं लेना
मेरा दिल ही बावरा यही
नी मैं यार दी दीवानी,
मेरा यार सांवरा है
तेरे दर ते आवा मैं
झोली भर ले जावा मैं
ऐथों गया न कोई खली ए
जेहड़ा बन के आया सवाली ए
बेड़िया सब दिया पार तू लावें
की जाना माजरा ए,
नी मैं यार दी दीवानी...
तू मोहन बंसी वाला है
तकदीरां बदलन वाला है
तेरा सोहना मुखड़ा हसदा है
तू सब दे दिला च वसदा है
साड़ी दुनिया तेरी दीवानी
तू राधा डा बावरा है
नी मैं यार दी दीवानी...
तेरे दर ते अलख जगावा मैं
नाले मीरा वांगु गावां मैं
छोड़ दुनिया के जंजाल सारे
तेरे चरनी लग बैह जावा मैं
सावरी सूरत देख देख के
दिल हुआ बावरा यह
नी मैं यार दी दीवानी...
Shrijirasik
है महिमा अपरम्पार, लीन्हों कृष्ण प्रेम अवतार।
लीन्हों कृष्ण प्रेम अवतार, दीन्हों सब भक्तन को प्यार।।
1- भांदव की अष्टमी है, काली आधी रात है।
बादल गरज रहें हैं होती बरसात है।।
यमुना करती चरन पखार, मैं तो धन्य हुई सरकार ।।
2- देवकी वसुदेव के जाए, नंद यशोदा लाल कहाए।
गोपिन संग रास रचाने ,गोकुल में कान्हा आए।।
करता दर्शन यह संसार, किरपा कर दो मदन मुरार।।
Shrijirasik
बोले सभी मुख से यही चारों और
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
बोले सभी मुख से यही चारों और
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
1 ) प्यारी प्यारी सूरत तेरी , मंद मंद मुस्कान है
जो भी देख रहे देखाता , दीवाना जहां है
हाथ में तुम्हारे , सभी की है डोर..........2
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
2 ) भीड़ लगी नंद के अंगना में , बट रही आज बधाई है
मात यशोदा लला जायो , हो रही खूब बढ़ाई है
जय जय का है , तीनों लोकों में शोर..........2
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
3 ) कान्हा तेरा जन्मदिवस ये , आता है एक साल है सबके मुखड़े खिल जाते हैं , बदले सब की चाल है हरीश मगन भी नाचे , लगा के खूब जोर...........2
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
बोले सभी मुख से यही चारों और
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
बोले सभी मुख से यही चारों और
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
Shrijirasik
राधे रानी सावरे की प्यारी है
श्यामा जू सावरे की प्यारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
1) राधा नाम की धुन जब लागे, धुन जब लागे
श्याम घूमते पीछे आगे, पीछे आगे
राधा का दीवाना बिहारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
2) बरसाना बृज की है राजधानी, है राजधानी
जहां बिराजे राधा रानी, राधा रानी
भक्तों की बिगड़ी सवारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
3) मुरली में कान्हा और सुर जब साधे, सुर जब साधे
गाती है बंसी श्री राधे राधे, श्री राधे राधे
श्यामा की महिमा भारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
4) श्यामा श्याम में भेद न कोई, भेद न कोई
चारों दिशाओं में जय जय हुई, जय जय हुई
भूलन की बाधा तारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
लीला है नारी लाडली लीला है न्यारी
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
Shrijirasik
तर्ज :- हमारो धन राधा
नंद घर बाजी रे बाजी बधाई
नन्द घर जन्मे कृष्ण कन्हाई
1. परिपूर्ण ब्रह्म लीला अवतारी
नारायण बने कृष्ण मुरारी
महिमा वेद पुराणन गाई, नंद घर ...
2 . गोकुल वासी ख़ुशी मनावें
मंगल गीत बधाइयां गावें
बाज रहे बाजे ढोल शहनाई, नंद घर ...
3 . नीलमणी घनश्याम सलोना
सुंदर सोहना मन का मोहना
शोभा कान्हा की वर्णी न जाई, नंद घर ...
4 . "मधुप" हरी यशोधा का ललना
पलना झूल रहा नंद नंदना
गूंज रही जय जयकार कन्हाई, नंद घर ...
नंद घर बाजी रे बाजी बधाई
नन्द घर जन्मे कृष्ण कन्हाई।
Shrijirasik
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सर पर कलगी पंख रंगीले -2
नैन नसीले होंठ रसीले -2
ताल बजावे नाचे गावें ,खूब मचावे छोर।
आजु सखी-जय हो -2
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
अगर कोई पकड़े हाथ न आवे -2
कुञ्ज निकुंञ्जों में छिप जावे -2
देख मोर की लीला सखियन -2 ह्वै गयी भाव विभोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
देख मोर का नाच किशोरी -2
नाच उठी राधा रसभोरि -2
मिले परस्पर चाँद चकोरी -2 मिल गयी नैनन कोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
मोर लियो बाहों में राधा -2
बंसीधर धरा रूप अगाधा -2
राधा दरस कर मिट गयी तड़पन -2 ‘‘मधुप’’ हरी चितचोर।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर। - 4
बोलो मोर बिहारी लाल की जय।
Shrijirasik
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी,
लै दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी
1. मन्ना मैं रोज़ हो तेरी ,इक्को आज मनले मेरी
मनां मैं रोज़ हो तेरी ,इक्को माहिया आज मनले मेरी -2
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी -2
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी -2
2. ठाकुर श्री बांकेबिहारी सपने च आया कई बारी
देखी जो सूरत सौणी सुधबुध मैं पुल गयी सारी -2
ठान लई मैं माहिया ओदे दर्शन पौण दी -2
3. दिनें मैं ओसियां पावां ,रातां नूं जाग लगावां
लग्गे पुख प्यास न मैनूं यादां बिच मुकदी जावां -2
रही परवा ना मैनू जिंदगी गवाण दी -2
ले दे टिकट मेनूं ....
4. माहिया जे सुखी तू रैणा ,मान लै ‘‘मधुप’’ दा कैणा
दीता जे जाण न मैनू ,पैजूं तैनू पछतोंणा -2
बिब्ता पैजूं तैनूं रोटियां पकोण दी -2
ले दे टिकट मेनूं ....
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी -2
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी -2
ठान लई मैं माहिया ओदे दर्शन पौण दी,
रही परवा ना मैनू जिंदगी गवाण दी ,
बिब्ता पैजूं तैनूं रोटियां पकोण दी,
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी,
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी।
Sh5
चिर जीवे तेरो कन्हैया 2
यशोदा तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया
मथुरा में हरि जन्म लियो है 3
गोकुल बजत बधाईयां
यशोदा तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया
रत्न जड़ित पलना पे पौडत 3
झूलत कुंवर कन्हैया
ओ मईया तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया
चलो सखी दर्शन कर आवें -3
प्रगटे हैं दाऊ जी के भईया
यशोद तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया
चन्द्रसखी भज बाल कृष्ण छवि
बार बार बलि जैया
हो मैया तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया।
नंद के आनन्द भयो
जय कन्हैया लाल की।
Shrijirasik
तर्ज़ :- ब्रज का लोक रसिया ( बधाई )
भए प्रकट स्वामी हरीदास ,श्री ललिता सखी अवतार लियो -2
1 . श्री गंगाधर चित्रा दुलारे -2
स्वामी आसुधीर के शिष्य प्यारे -2
करने को निधिवन वास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।
भए प्रकट स्वामी.....
2 . भक्तों के भाग्य जगाने को -2
रास पीने और पिलाने को -2
आये महाभाव रसराज ,श्री ललिता सखी अवतार लियो।
भए प्रकट स्वामी.....
3 . जिस दिन प्रकटी वृषभानु सुता ,
उसी दिन दिखियो हरिदास छटा ,
राधा अष्टमी दिन बड़ो खास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।
भए प्रकट स्वामी.....
4 . राजपुर में बधाइयां साज़ बजे ,
वृन्दावन संत समाज सजे ,
छाया मधुप है हर्षोल्लास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।
भए प्रकट स्वामी.....।
Shrijirasik
हो मन बस गयो नंदकिशोर ,
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
सौंप दिया अब जीवन तोहे -2
राखो जिस विधि रखना मोहे -2
तेरे दर पे पड़ी हूँ सब छोड़ ,
बसालो वृन्दावन में -2
चाकर बनकर सेवा करुँगी -2
मधुकरी मांग कलेवा करूंगी -2
तेरे दरश करुँगी उठ भोर -2
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
अर्ज मेरी मंजूर ये करना -2
वृन्दावन से दूर न करना -2
कहे "मधुप" हरी जी हाथ जोड़ -2
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
मन बस गयो नंदकिशोर ,
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2 ।
Shrijirasik
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
झूठी ममता से करके किनारा,
लेके सच्चे प्रभु का सहारा,
जो उसी की राजा में रजामंद है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
निंदा चुगली ना जिसको सुहावे,-2
बुरी सांगत की रंगत ना भावे,
जिस को सत्संग हर दम पसंद है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
संत ऋषिओं की वाणी को मानो,-2
प्रेम भक्ति की महिमा को जानो,-2
जिसके हृदय में बाल मुकुंद है,-3
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है।
ओ जब तक रैणा है-2
हो असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है। -2
मेरे आगे भी कृष्ण मेरे पीछे भी कृष्ण -2
कृष्ण जिंदगी दा गैहणा है-2 हो जब तक रैहणा है। -2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैणा है।
ओ जब तक रैहणा है-2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैणा है
हो मेरे दुःख में भी कृष्ण ,मेरे सुख में भी कृष्ण
असां दुःख सुख सहना है ,जब तक रैहणा है। -2
हो जब तक रैहणा है। -2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है।
ओ जब तक रैहणा है-2
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।
हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे।। -5
श्याम प्यारे से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
Shrijirasik
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी, नंदलाल पीतांबर धारी,
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
कारागार में जन्म लिया जब,
टूटी बेडिया अचरज में जब,
कारागार में जन्म लिया जब,
टूटी बेडिया अचरज में जब,
नारायण, नारायण, नारायण स्वयं पधारे हैं,
नंदलाल पीतांबर धारी।
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
बाल प्रभु की छटा निराली,
नाचे देवगण बजा के ताली,
बाल प्रभु की छटा निराली,
नाचे देवगण बजा के ताली,
हर्षित है, हर्षित है, हर्षित है धरती अम्बर,
हर्षित है दुनिया सारी,
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
नर्कों में भी हर्ष है छाया,
धरती ने बदली फिर काया,
नर्कों में भी हर्ष है छाया,
धरती ने बदली फिर काया,
गोपाला गोपाला गोपाला नंद के लाला ने,
रचा है कैसी माया,
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी, नंदलाल पीतांबर धारी,
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
Shrijirasik
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
सारे जग को हमने छोड़ा हैं ,
बस तुमसे रिश्ता जोड़ा हैं ,
अब जुड़ा रहे बंधन ये सदा,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
बरसो से हम तो भटक रहे ,
दर्शन को तुम्हारे तरस रहे ,
जब तक ना दरश तुम्हारा हो ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं, हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
हमें धन और दौलत मत देना ,
हमें नाम और शोहरत मत देना ,
बस इतनी कृपा तुम कर देना ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
चाहे सुबह हो या शाम हो ,
होठो पे तुम्हारा नाम हो ,
हम जपते रहे तेरा नाम सदा ,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
Shrijirasik
मुरली वाले तूँ मुरली बजाना
===================
तर्ज़- फ़िरकी वाली
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना,
नही, तरसाना, तूँ मुरली की, तान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से, ॥
मुरली, बजाई तूने, यमुना के तट पर,
गोपीयों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, गोकुल किनारे,
ग्वालों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, वृंदावन में,
राधा, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, मधुबन में,
सखियों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
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गोपियों ने घेर लिया तूँ
गोपियों ने, घेर लिया तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
सखियों ने, घेर लिया तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
रळ मिल, सखियाँ, पानी नूँ चल्लियाँ ॥
मट्कियाँ, फोड़े तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, न्हावण चल्लियाँ ॥
चीर, चुरावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, मधुवन चल्लियाँ ॥
रास, रचावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, वृंदावन चल्लियाँ ॥
गउआँ, चरावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, बरसाने चल्लियाँ ॥
राधा संग, रव्हे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, दही बिलोवें ॥
चोरी चोरी, खावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, खेलण होली ॥
रंग, उड़ावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
भर भर गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
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वे राधा तैनूं वाज़ां मारदी
वे राधा तैनूं, वाज़ां मारदी, वाज़ां मारदी,
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी ॥
मेरा बड़ा, औखा हो गया, औखा हो गया,
मेरा, लगदा ना, दिल बिन तेरे,
मेरा बड़ा, औखा हो गया ॥
दुनियां, तो चोरी तैनूं, दिल च वसाया ए ।
बिना, फेरियां तो तैनूं, अपना बनाया ए ॥
मेरा, लंघदा, मेरा लंघदा,
मेरा लंघदा ना, पल बिन तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरे बिना, दुख मेरा, सुनदा ना कोई वे ।
याद तैनूं, कर कर, अख जांदी रोई वे ॥
किते, पा देवे, किते, पा देवे,
किते पा देवे, बरसाने विच फेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरियां, यादां ने मैनूं, वद्ध वद्ध खा लिया ।
तेरी, तस्वीर नूं मैं, दिल च वसा लिया ॥
हुण, औंदे ने, हुण औंदे ने,
हुण औंदे ने, ख्याल मैनूं तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
गोचर, वाले दी नी तूं, सुन लै पुकार नी ।
बेड़ी, सिंदर दी कर, भव सागर तो पार नी ॥
लखवीर लिखदा, लखवीर लिखदा,
लखवीर लिखदा, ए बोल तेरे मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
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मुरली वालिया कृष्ण मुरार वे
धुन – डाची वालिया मोड़ मुहार वे
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे,
तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे॥
तेरी, मुरली तोँ, सदके मैं जानी आँ,
राधा, रानी नूँ, आप मनाऊँनी आँ॥
आ के, सुन लै तूँ, साडी वी पुकार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली, यमुना ते वज्जदी,
सारी, सखियाँ दी, जिंद एह कड्डदी॥
आ के, सानूँ वी तूँ, करदे निहाल वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली दे, योग निराले सी,
देखे, औंदे ने, जेहड़े करमा वाले सी॥
आ के, सानूँ वी सुना जा, सोहणी तान वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली ने, ऐसा जादू पाया सी,
राधा, रुक्मण दा, दिल ओहते आया सी॥
आ के, दर्शन, दिखा जा इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरे, मुखड़े तोँ, वारे वारे जानी आँ,
तैनूँ, मख्खणां दा, भोग लुआनी आँ॥
आ के, भोग लगा जा, इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
सारी, सखियाँ है, तैनूँ ही पुकारदियाँ,
तेरियाँ, राहवाँ ओह, तक तक निहारदियाँ॥
आ के, मुरली सुना जा, इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
ढफ बाजे कुंवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
कैसी ये संग सखी रंग भीनी,
सखी रंग भीनी,
छैल छबीली गोरी के,
छैल छबीली गोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
हो हो कही मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
प्रीतम के चितचोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
वृंदावन हित रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
कर ढफ बाजत होरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
Shrijirasik
नए साल की सबसे पहले तुम्हे बधाई डिअर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
नया साल जब जब आये है दस्तूर हमारा,
सब से पहले देते बधाई जो हो सबसे प्यारा,
इस दुनिया में तुमसे ज्यादा कौन हमारे नियर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
साल पुराना बीता श्याम रही पुरानी यादे,
तुम्हे निभाना होगा कान्हा सारे पुराने वादे,
नये साल में करदो मेरे सारे संकट क्लियर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
कहती शालू देखा है हर बार ही साल बदलते,
मगर कभी ना देखा कान्हा तेरा प्यार बदलते,
तेरे नाम का अमृत पी कर करते हम सब चीयर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
Shrijirasik
श्याम, सखियां तो, डरदा मारा ॥
कि मुरली, लकोई रखदा...जय हो,
कि मुरली, लकोई रखदा, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
जद, कालिया, नाग ने नथेया ॥
कि यमुना ते, गेंद रुढ़ गई...जय हो,
कि यमुना ते, गेंद रुढ़ गई, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
तैनू श्याम किसे ने ना कैहना ॥
कि गोरा रंग, श्याम हो गया...जय हो,
कि गोरा रंग, श्याम हो गया, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरा, श्याम, बड़ा टुट भैड़ा ॥
कि नचदी दे, दंद गिणदा...जय हो,
कि नचदी दे, दंद गिणदा, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरी, श्याम ने, पकड़ी कलाई ॥
कि दरद, मेरी, नस नस में...जय हो,
कि दरद, मेरी, नस नस में, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
पन, घट पे, भरन गई नीर ॥
कि तोड़, दीनी, मेरी मटकी...जय हो,
कि तोड़, दीनी, मेरी मटकी, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरा, किथे गया, बंसरी वाला ॥
कि सखियां तो, राधा पुछ्दी...जय हो,
कि सखियां तो, राधा पुछ्दी, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
बोल बांके बिहारी लाल की...
Shrijirasik
श्री हरिदास नाम का डंका ख़ुब बजायेंगे,
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी ।जय जय श्री हरिदास दुलारी ।।
श्री हरिदास....
1. श्री हरिदास नाम की भक्ति,का तुम रंग लगालो
श्री हरिदास नाम से अपना, जीवन पवित्र बनावो
श्री हरिदास नाम से सारा जग महकायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे...
2. सब मत्रों का सार छुपा है,श्री हरिदास नाम में
श्यामा श्याम का प्यार छुपा है,श्री हरिदास नाम में
श्री हरिदास नाम की महिमा,घर-घर गायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे।
3. जी भर-भर के पीलो अम्रित,श्री हरिदास नाम का
पागल हुआ ज़माना सारा,श्री हरिदास नाम का
चित्र विचित्र स्वामी जू के,ही कहलायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे
Shrijirasik
सावरा नचाई जानदा ए
सावरा नचाई जानदा ए
छेड़ मिट्ठी मीठी बंसरी दी तान
कमली बनाई जानदा ए
उसने ऐसा रंग चढ़ाया होई मै दीवानी आ
उस नू छड़ के मै ता सारी दुनिया तोह बेगानी आ
सच्चे प्रेम वाले , सच्चे प्रेम वाले
सच्चे प्रेम वाले भर भर जाम मैनू ओह पियई जानदा ए
उस दी धुन विच ऐसी खोई अपनी कोई होश नई
मै हा उस दे ना दी जोगन मेरा कोई दोष नई
जादू अपना चला के ,जादू अपना चला के
जादू अपना चला के श्याम होश ही भुलाई जानदा ए
सावरे तोह बढ़ के मैनू कोई होर प्यारा नहीं
हुन ता उसदे बाजों सागर मेरा कोई गुजारा नई
जेडी कदे वी न , जेडी कदे वी न
जेडी कदे वी न लथनी ए मस्ती चढ़ाई जानदा ए
मै वी एवी ता नचढ़ी नई सावरा नचाई जानदा ए
Shrijirasik
भज गोविंद गोविंद...
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला ॥ टेर ॥
जो राधे जी के प्राण बसे
उस नाग नथैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिन बाट ताकतीं बृजबाला
उन रास रचैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज...
जिन द्रौपदी लाज बचाई
उन लाज रखैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिनकी महिमा अद्भुत जग में
उन लीलाधारी गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिन चरनन मुक्ति पाई है
उन मात यशोदा गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
Shrijirasik
मन बस गई मूरत...
सूरत नहीं देखी श्याम की
मन बस गई मूरत श्याम की
कजरारे नयन काजल से भरे
रंग श्यामल है घुंघराले केश
मस्तक पर साजे मोर मुकुट
कानों में कुंडल रतन जड़े
मन बस गई सूरत श्याम की
उन पीत पीतांबर तन सोहे
गल मोतिन माला साज रही
मन बस गई मूरत श्याम की
है साथ लिए राधे रानी
अधरों पे मुरली साज रही
मन बस गई मूरत श्याम की
सूरत नहीं देखी श्याम की
Shrijirasik
मोहे पनघट पे...
मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे
मोरी नाजुक कलइयां मरोड़ गयो रे
कंकरी मोहे मारी गगरिया फोर डाली
मेरी साड़ी, अनारी भिगोय गयो रे
मोहे पनघट पे...
नयनों से जादू किया जियरा
मोह लिया मेरा घूंघटा नजरियों से तोड़ गयो रे
मोह पनघट पे...
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मैया मोरी मैं नहीं माखन...
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
माखन है ही कहां गोकुल में जो लेहूं खाय
पूछ न उनसे जाके मैया नित ढोकर ले जाय
ओ पावन गोरस से अंग धुलते सुनके मैं दुख पायो
सुनके दुख पायो मैं नहीं माखन खायो...
नीर लिए पंछी के मैया नदिया सूख न पाए
पर व्याकुल हो प्यास के पंछी तट पर शोर मचाए
ओ आग लगी है जल के माहीं देख के मैं नहीं भरमायो
देख के मैं नहीं भरमायो माखन...
Shrijirasik
बंसी वाले ने घेर लई...
बंसी वाले ने घेर लई, अकेली पनियां गई
सिर पर घड़ा घड़े पर गगरी
गगरी मेरी तोड़ दई अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
हरी-हरी चूड़ियां गोरी-गोरी बइयां
मोतिन मांग भरी, अकेली पनियां गई बंसी
वाले ने...
हार मेरा टूटा सिंगार मेरा भीगा
मेरी चूंदर फाड़ दई, अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
सास ननद मोय बुरी बतावें
मेरो बाई से लगन लगी, अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
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किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
भोर होत मेहलन में थारी,
सेवा में निस जाऊं,
मंगला के नित दर्शन पाऊं,
जीवन सफल बनाऊं,
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
पड़ी रहू मैं द्वार तिहारे,
रसिकन दर्शन पाऊं,
भक्तन की रज धूलि मिले तो,
अपने शीश चढाउँ,
किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो,
लाड़ली द्वारे रख लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
भूख लगे तो ब्रजवासिन के,
टूक मांग के खाऊं,
कबहु प्रसादी श्री महलन की,
कृपा होए तो पाऊं,
किशोरी मेरी विनय मान लीजो,
लाडली विनय मान लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे राधे रटूं निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
श्यामा श्यामा रटु निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
तेरे ही गुण गाए गाए मैं,
तेरी ही होय जाऊं,
किशोरी मोहे अपनों कर लीजो,
लाड़ली अपनों कर लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
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श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण।
जन्माष्टमी का त्योहार आया
कृष्ण जन्म का उत्सव मनाया
मथुरा की कारागृह में जन्मे नंदलाल
देवकी मां की कोख से आए गोपाल
वसुदेव जी ने गोकुल पहुंचाया
यशोदा मैया ने पाला बड़े प्यार से
दही हांडी फोड़ें सब मिल के
कृष्ण जन्मोत्सव मनाएं खुशी से
जय श्री कृष्ण जय कन्हैया
नंद के लाल गोकुल के राजा
राधा कृष्ण का दिव्य विवाह
ब्रज में हुआ मंगल गान
वृषभानु कन्या राधा रानी
नंद के लाल कृष्ण कन्हैया
दोनों का मिलन प्रेम का संगम
दिव्य युगल की शोभा न्यारी
बरसाने में सजी बारात
गोकुल से आए नंदलाल
राधे राधे का जयघोष
पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा-कृष्ण का विवाह एक दिव्य और अलौकिक घटना मानी जाती है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, स्वयं भगवान ब्रह्मा ने भंडीरवन (वृंदावन) में राधा-कृष्ण का विवाह संपन्न कराया था, जहाँ उन्होंने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई थी।
हालाँकि, लौकिक समाज में उनका विवाह नहीं हुआ और राधा जी का विवाह रायाण (अयान) के साथ हुआ, जिसे उनकी परछाई माना जाता है।
विवाह की मुख्य बातें:
भंडीरवन विवाह: एक बार नन्द बाबा के साथ जाते समय भयंकर तूफान में, भगवान कृष्ण ने गोलोक का रूप धारण किया और ब्रह्मा जी ने भंडीरवन में गंधर्व विधि से राधा-कृष्ण का विवाह कराया।
दिव्य विवाह के साक्ष्य: इस विवाह में सखियां, मोर, और वन के प्राणी उपस्थित थे। यह विवाह भौतिक न होकर रूहानी था।
अलौकिक प्रेम: राधा-कृष्ण का प्रेम भौतिक दुनिया के बंधनों से परे था, जो यह दर्शाता है कि सच्चा प्रेम निस्वार्थ होता है।
विवाह न होने के पीछे मान्यताएं: कुछ कथाओं के अनुसार, गोलोक में मिले एक शाप के कारण वे इस लोक में 100 वर्षों तक अलग रहे। वहीं, आध्यात्मिक दृष्टि से कृष्ण का उद्देश्य एक महामानव के रूप में धर्म की स्थापना करना था, न कि सांसारिक जीवन जीना।
राधा-कृष्ण का विवाह और प्रेम अनश्वर है, जो विवाह के पारंपरिक अर्थों से ऊपर है।
विवाह महोत्सव धूमधाम से
कन्हा की नटखटिया देखो री
माखन चोर बड़ा शैतान है
यशोदा मैया की डांट से डरे नहीं
फिर से जाके माखन चुरा लाये
गोपियों के घर में घुस जाते
दही मटकी फोड़ के भाग जाते
बंसी बजा के गाय चराने जाते
शरारतें करते रहते सारा दिन
मैया कहे अरे नटखट कन्हैया
तुम्हारी लीलाएं समझ न आएं
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ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया
बल्ले बल्ले बल्ले
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया
चारों पासे बजन बधाइयां,
नन्द घर लाला हालिया,
ढोल बजावे ढोल बजावे,
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
किस मईया ने जन्म दिया है ,
किस की गोदी खेल्या...
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
देवकी मां ने जन्म दिया है,
यशोदा की गोदी खेल्या ......
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
सारी सखियां दें बधाइयां,
नन्द घर लाला हालिया.....
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
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होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
राधा तू न खेलेगी तो खेलेगा कौन,
होली राधा बार बार न आये तेरे बिना कोई रंग भी न भाये,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिगोई मेरी चोली श्याम तू भर पिचकारी,
रंगो में रंग देगा सूरत मेरी करदे काली,
अब की बारी न खेलु मैं काट रही फोन,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिन रंगो के राधा कैसे मनेगी होली,
तेरे बिन मजा ना आये ो बरसाने की छोरी,
पूरी बात तो सुन ले क्यों काट रही फ़ोन
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
श्याम का पहुंचे बरसाने ले कर ग्वालोको संग,
सरे मिल खेले होली होली हे मिल गई रंग में रंग,
फूलो की वर्षा भी लागि हों
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
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तेरी मुरली ने सानूं पागल बना दिया
खिच्च के, लियावे तेरी, मुरली दी तान वे ।
मुरली दी, तान ते मैं, जावां कुर्बान वे ॥
कान्हा तेरी, मुरली ने, रोग एह लगा दिया ॥
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ।
तेरी, मुरली ने सानूं, पागल बना दिया ॥
पहली, वारी गई सी मैं, मस्तां दे वेहड़े विच ।
दूजी, वारी आई सी मैं, मस्तां दे घेड़े विच ॥
तीजी, वारी मस्तां ने, जाल ऐसा पा लिया ॥
माएं, नी माएं मैनूं, मस्त बना लिया ॥।
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा,
सानूं, ते नच्चणा, नहीं आउंदा ॥
तेरे, इश्क दी, ऐसी मस्ती ने ॥
सानूं, ते दस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
जो वी, आवे तेरे सवाली, तैनूं देना पैंदा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
तेरे, वरगा, यार नी मिलणा,
तेरे, वरगा, प्यार नी मिलणा ॥
तेरे, वरगा, यार नी मिलणा,
तेरे, वरगा, प्यार नी मिलणा ॥
तेरे, करके, हस्स रहियां ॥
सानूं, ते हस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
मैं, कोझी आं तूँ, सोहणा एं ॥
तेरे, वरगा, होर ना, होणा एं ॥
असीं, तेरे करके, वस्स रहे आं ॥
सानूं, ते वस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा...
तेरे बाझों, ओ दिल दियां, महरमां वे,
साडा जीणा, केहड़े चज्ज दा ॥
मेरे लूं लूं विच, मेरी नस नस विच ॥
तेरी, याद दा तूंबा, वज्जदा वे, आजा,
अखियां उडीकदियां, दिल वाज़ां मारदा ॥
आजा, तैनूं वास्ता ए, दिल एह पुकारदा,
आजा तैनूं अखियां उडीकदियां ॥
नित्त, खैर मंगां ॥। सोहणियां मैं तेरी,
दुआ ना कोई होर मंगदी ॥
तेरे, पैरां च, आखिर होवे मेरी ॥
दुआ ना, कोई होर मंगदी,
नित्त, खैर मंगां ॥। सोहणियां मैं तेरी...
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ॥
कान्हा तेरी, मुरली ने, रोग एह लगा दिया ॥
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ॥
तेरी, मुरली ने सानूं, पागल बना दिया
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तेरे नाम की चढ़ गई ख़ुमारी
तेरे, नाम की, चढ़ गई ख़ुमारी,
वृंदावन, रहने वालिया ॥
ओ वृंदावन, रहने वालिया,
वृंदावन, रहने वालिया ॥
तेरे, रूप ने, मत मेरी मारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
स्वामी, हरि दास दे, बांके दुलारिया ।
ओ रसिया, रस रूप, उजियारिया ॥
ओ तेरी, आशिक, दुनिया सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
जदों दा, वेखिया मैं, तेरा वृंदावन ऐ ।
लगन, तेरी च मन, रहिंदा मगन ऐ ॥
ओ मैनूं, भूल गई, दुनिया सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
जा तूँ, एथे आजा या, मैनूं ओथे सद्ध लै ।
मधुप, सखी नूं बस, चरणां च रख लै ॥
ओ मेरी, कट जाए, विपता सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
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तरज़-कौंन दिशा को लेके चला रे बटोहिया
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
कितने जनम की तपस्या है ये,
मिल गया है बृज़ धाम हो
धाम मिला विश्राम मिला है,
जीवन को आराम हो
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के... 2.
बरसानों है धाम रगिंलो,
जहां बिराजे सरकार हो
बृज़ मण्डल की है महारानी,
राधा रगिंली है नाम हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
मन में तूं विश्वास जगाले,
पुरण होगी तेरी आस हो
श्री हरिदास शरण में रसका,
धसका मिले बृज़ वास हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
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रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
बस एक झलक पाके जाग ये तर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
तेरे एक इशारे पे सब कुछ कर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
तू मेरा है बस मैं सबको बतलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
Shrijirasik
तू सुमिरन कर राधे राधे, तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे ।
राधा के पीछे श्याम स्वं तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥
श्री राधे राधे राधे बोलो श्री राधे ।
राधा बिन सूना सांवरिया,
राधा बिन फीकी बाँसुरिया ।
राधा बिन भक्ति रस ही नहीं,
हम राधा के गुण गायेंगे ॥
ब्रजमंडल की गरिमा राधा,
राधा बिन प्रेम शब्द आधा ।
कितना भी कृष्ण का ध्यान धरो,
बिन राधा याद आयंगे ॥
ब्रजवास यदि तुम चाहोगे,
तो राधे राधे गाओ रे ।
श्री राधे कृपा जो कर देंगी,
तो कृष्ण तुम्हे अपनाएंगे ॥
Shrijirasik
बंसी बरसाने से लाय दूंगी ,सीखलै बजायवौ।
सीखलै बजायवौ,कान्हा सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी ,सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू गीत ना जाने, जो कान्हा तू गीत ना जाने।
अर-र-र अरे गीत हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू नाच ना जाने, जो कान्हा तू नाच ना जाने।
अर-र-र अरे नाच हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू खेल ना जाने, जो कान्हा तू खेल ना जाने।
अर-र-र अरे खेला हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू प्रीत ना जाने, जो कान्हा तू प्रीत ना जाने।
अर-र-र अरे प्रीता हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ........
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मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
आई वो नगर में गली में डगर में भगति से वो मालामाल कर दियां,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
भक्ति का मीरा को वयोग लगा भारी,
छोड़ दिया घर बार छोड़ दी दुनिया सारी,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
कान्हा से प्रेम का रोग है भारी,
मीरा दीवानी को जाने दुनिया सारी,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
सँवारे ने कैसे ज्ञान बताया भक्तों ने सब को गा के सुनिया,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
Shrijirasik
मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
गीत बन जाऊं तेरी,
बांसुरी के स्वर का,
इठलाती बलखाती,
पतली कमर का,
पीला पटका बन जाऊं,
पीला पटका बन जाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
घुँघरू बनूँ जो तेरी,
पायल का प्यारे,
पल पल चूमा करूँ,
चरण तुम्हारे,
तेरे संग संग नाचूँ गाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
राधिका किशोरी संग,
रमण तुम्हारा,
मुझ को दिखा दो कभी,
ऐसा नज़ारा,
फिर चाहे मैं मर जाऊं,
फिर चाहे मैं मर जाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
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रथयात्रा
(रथयात्रा की कोटिन-कोटि बधाई)
जगन्नाथ जी की निकली सवारी
धुन- मुझे रास आ गया है तेरे दर पे सर झुकाना
देखो जी जगन्नाथ की, रथ यात्रा है आई।
सज-धज के बैठे रथ में, इक बहन अरू दो भाई।।
देखो जी.........
सोने का रथ बना है, जड़े हीरे रत्न मोती।
दिव्य झांकी दिव्य शिंगार की, शोभा कही न जाई॥
देखो जी.........
स्वागत को सज गई है, सारी पुरी नगरिया,
रंग रस बरस रहे है, महकी है पुरवाई॥
देखो जी.........
रथ साथ संत भगत है, पीछे पीछे खुदाई।
रथ खींचे नाचे गावें, प्रभु को सब रिझावें,
हरिनाम की ‘‘मधुप हरि’’ गुंजार दे सुनाई॥
देखो जी.........
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हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
गम पहले से ही कम तो न थे
इक और मुसीबत ले बैठे
मुरलीधर
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखें कहती हैं दिखलाओ
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखें कहती हैं दिखलाओ
तुम मिलते नहीं हो आकार के
हम कैसे कहें “देखो” ये बैठे
मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
महिमा सुनके हैरान हैं हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
महिमा सुनके हैरान हैं हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
मन खोज के भी तुम्हें पाता नहीं
तुम हो कि उसी मन में बैठे
मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
राजेश्वर राजा राम तुम्हे
प्रभु योगेश्वर घनश्याम तही
राजेश्वर राजा राम तुम्हे
प्रभु योगेश्वर घनश्याम तुम्हे
धनु उधारी बने कभी मुरली बजा
यमुना तट निज जन में बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
Shrijirasik
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठानी है
यह तो जाने दुनिया सारी है
राजाओ के राजा, महारानी की रानी,
सर मोर मुकुट साजे ।
जोड़ी बड़ी प्यारी, दरबार है प्यारा,
राधा के संग साजे ।
सोने पल में सेठ, सोने पल में सेठानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
सांवरिया राधा जी, भक्ता पे है राजी,
करे घणो लाड है ।
भण्डार लुटावे है, हर बात बनावे है, भक्ता रा ठाट है,
देवे छपर फाड़, नहीं इनसो कोई दानी है ।
यह तो सारी दुनिया जानी है...
सुख दुःख में सावरिया, सुख दुःख में राधा जी,
सदा तेरे साथ है ।
मेरी चिंता दूर करे, मेरी विपदा दूर करे,
रख लेवे बात है ।
भक्ता रोतो काम बस इक हाजरी लगानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
Shrijirasik
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना,
मेरे ओ मोहना मेरे ओ सोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम चंदन बनो मैं पानी बनू,
सत्संग में मिलूंगी ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना....
तुम दीपक बनो मे बाती बनो,
ज्योति में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम चंदा बनो हम तारे बने,
रातों में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम मुरली बनो उसकी सुर मैं बनू,
अधरों पर मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम मोती बनो हम धागा बने,
माला में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम वक्ता बनो मैं श्रोता बनूं,
भागवत में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
Shrijirasik
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी,
आज हमको हमारा सनम मिल गया,
दर्द पैदा हुआ आज उनको मेरा,
मेरा उजड़ा हुआ फिर चमन खिल गया,
नाचते-नाचते मेरा गाने लगे....
हाथ रख कर के सर पर प्रभु पूछते,
क्यों दीवानी हो तूने बुलाया मुझे,
तेरी आवाज ने चैन सबको दिया,
शेष शैया पर आसन मेरा हिल गया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
मेरी ख्वाहिश है अपने सनम से मिलूं,
इस तमन्ना में मैंने जहर पी लिया,
सर्प से जब श्रीमाला बनी फुलकी,
तेरा परिचय दो हमने तभी पा लिया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
एक दिन मन में यूं सोचने में लगी,
अपने भक्तों से जाकर में कैसे मिलूं,
गम की दरिया में जाकर में बहने लगी,
बहते बहते किनारा मुझे मिल गया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
Shrijirasik
ऐसो चटक मटक सो ठाकुर, तीनो लोकोनहु में नाहे
तीन ठौर ते टेढ़ो दिखे
नट किसी चलगत यह सीखे
टेढ़े नैन चलावे तीखे
सब देवन को देव
तोउ ये ब्रज में घेरे गाये
ब्रह्मा मोह कियो पछतायो
दर्शन को शिव ब्रज में आयो
मान इन्द्र को दूर भगाओ
ऐसो वैभव वारो, तोउ ये ब्रज में गारी खाए
बड़े बड़े असुरन को मारयो
नाग कालिया पकड़ पछड़ेओ
सात दिना तक गिरिवर धारयो
ऐसो बलि तौऊ खेलत में ग्वालन पे पिट जाए
रूप छबीलो है ब्रज सुन्दर
बिना बुलाए डोले घर घर
प्रेमी ब्रज गोपिन को चाकर
ऐसो प्रेम बडेओ माखन की चोरी करवे जाए
Shrijirasik
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,
जिंदगी, बिहारी जी के नाम
हे लिख दी मैंने
हो कर दी मैंने
जिंदगी, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,,,,
ऐ मेरे, बांके बिहारी,
आप ही, मेरी जिंदगी ll
ऐसी कर दो, अब कृपा,
करता रहूं, तेरी बंदगी ll
ये दीवानगी, मेरी आशिक़ी ll,
सब कुछ, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,
तड़पे पल पल, अब मिलन को,
प्यासी मेरी जिंदगी l
तेरे हाथों, सौंप दी,
प्यारे, मैंने ये जिंदगी ll
धड़कन, तड़पते दिल की ये ll,
अर्पण, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,
जिंदगी को, जिंदगी का,
आखिरी, अरमान है l
‘चित्र विचित्र’ की, जिंदगी,
जिंदगी पे भी, कुर्बान है ll
पागल, का पागल प्यार है
*बांके, बिहारी जी के नाम,..
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,
Shrijirasik
तर्ज मैं निकला गडी लेके
सुन यशोदा तेरो लाला पनघट पे मारे कंकर,
झट दौड़ आयो वो मटकी फोड़ आयो ।
समझाई ले कान्हा कूँ तेरो लाला बड़ो नटखट,
झट दौड़ आयो वो मटकी फोड़ आयो ॥
पहले तो यह बंसी बजाता है फिर सुध-बुध को बिसराता है,
जमुना पे बुलाकर हम सबको तेरा कान्हा खूब सताता है ।
वो करके बरजोरी राधा की तो कलाई वो मरोड़ आयो,
वो मटकी फोड़ आयो...
सुन यशोदा......
सूने घर में यह जाता है फिर माखन मिश्री चुराता है,
अपना खाए सो खाए ये ग्वालों को खूब खिलाता है ।
छींके पे धरी मटकी झपटके जो पटकी झट तोड़ आयो,
वो मटकी फोड़ आयो,
सुन यशोदा.......
Shrijirasik
गोवर्धन गिरधारी
सुध लेना हमारी,
लेना हमारी सुध,
लेना हमारी,
आए शरण तिहारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
कुण्डल की छवि न्यारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन.........
तुम बिन हमरी कौन खबर ले,
तुम बिन हमरी कौन खबर ले,
मेरे बांके बिहारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
भरी सभा में द्रोपदी पुकारे,
भरी सभा में द्रोपदी पुकारे,
आ रखना लाज हमारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
संतन के हितकारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
Shrijirasik
मुझको राधा रमन, करदो ऐसा मगन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ।
करुणानिधान मोपे कृपा कर रिझिए,
बृज में बसाके मोहे सेवा सुख दीजिए ।
प्रेम से भरदो मन, गाउँ तेरे भजन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
भाव भरे भूषणो से आपको सजाऊँ मैं,
नितनव् भोज निज हाथों से पवाऊं मैं ।
करो जब तुम शयन, दाबू तुमरे चरण,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
जब भी विहार करो, प्यारी संग सांवरे,
फूल बन जाऊं जहां, धरो तुम पाँव रे ।
बनके शीतल पवन छू लूँ तेरा बदन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
तुम्हे देख जीऊं तुम्हे देख मर जाऊं मैं,
जनम जनम तेरा दास ही कहाऊं मैं ।
रख लो अपनी शरण, करदो मन में रमन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
Shrijirasik
अकेली गई थी ब्रिज में कोई नही था मेरे मन में,
मोर पंख वाला मिल गया....
नींद चुराई बंसी बजा के चैन चुराया सैन चुरा के,
लग आस मेरे मन में गई थी,
वृंदावन में बांसुरी वाला मिल गया,
मोर पंख वाला मिल गया....
उसी ने बुलाया उसी ने रुलाया,
ऐसा सलोना श्याम मेरे मन भाया,
तेरी बांकी चाल देखी तेरा मुकट भी देखा,
टेढ़ी टांग वाला मिल गया,
मोर पंख वाला मिल गया....
बांके बिहारी मेरे हिर्दय में वस जाओ,
तेरे बिन श्याम सुंदर कहा चैन पाऊ,
लगन लगी तन मन में ढूंड रही मैं निधि वन में,
गउएँ वाला मिल गया मोर पंख वाला मिल गया.....
Shrijirasik
जिसके जप तप से मिलता है, तन मन को आराम,
वो राधा का श्याम, वो मीरा का घनश्याम,
सारे जग का एक खेवैया, सबका पार लगैया,
मीरा का घनश्याम कहे कोई, राधा का वो कन्हैया,
सबके मन को शीतल करता, वो प्यारा सा नाम ll
राधा का वो रास रचैया, मीरा के करुणाकर,
धन्य किया मीरा को प्रभु ने, अपना दरश दिखाकर,
अमर हुए हैं भक्त प्रभु के, करे जो ऐसा काम ll
राधे श्याम की मूरत जग में, लगती बड़ी सुहानी,
मीरा जैसी भक्ति रंग में, डूबे जो भी प्राणी,
तन मन धन से रहे समर्पित, प्रभु में आठों याम ll
Shrijirasik
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥
मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥
यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥
तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥
दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥
मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।
अभी सांस चल रही है कहीं तुम चले ना जाना ॥
Shrijirasik
नर से नारी बने हैं राधा के पिया
नर से, नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
सिर पे डलिया, डलिया में चूड़ी ॥
शोर मचाया, गलियों में, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
माथे पे बिंदिया, मांग में टीका ॥
छम-छम, पायल बाजे, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
अंगों में साड़ी, गोटा किनारी ॥
लम्बा, घूंघट डाले, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा ने जब, टेर सुनी है ॥
मोहन, को बुलवाया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा को देख, श्याम मुस्कराये ॥
मन की पूरी हुई अभिलाषा, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा की जब, पकड़ी कलाई ॥
जान गई आया है छलिया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
Shrijirasik
मेरे मोहन तूँ मुरली बजा दे
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मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा दे,
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ॥
तेरी, मुरली है, छैल छबीली,
इसकी, तान है, बड़ी ही सुरीली ॥
ज़रा, होठो से, लगा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली, बड़ी है निराली,
बाहर, सुन्दर है, अन्दर से काली ॥
ज़रा, मुख पे, लगा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली की, मीठी तान ने,
मेरे, मोहन, किया है दीवाना ॥
ज़रा, मीठी मीठी, तान सुना दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली मे, लग रही डोरियां,
जो, करती, दिलो की है चोरियां ॥
अपनी, मुरली को, कहीं पे छिपा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
क्या, करता है, मेरी मेरी,
मुरली, लगती, नहीं है ये तेरी ॥
तेरी, है तो, बजा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
जब, मोहन तूँ, मुरली वजाए,
राधा, सुन के, दौड़ी चलीआए ॥
मोहन, नटखट, रास रचाए ॥
राधा, मस्त, मगन हो जाए ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
Shrijirasik
एक हार बना माली मुझे कान्हा को पहनाना है,
मुझे कान्हा को पहनाना है, मुझे कान्हा को सजाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे जल का लोटा,
पट खोल पुजारी रे मुझे कान्हा को निलाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे चंदन रोली,
पट खोल पुजारी रे मुझे तिलक लगाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे दीया और बाती,
पट खोल पुजारी रे मुझे ज्योत जलानी हैं,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे माखन मिश्री,
पट खोल पुजारी रे मुझे भोग लगाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे ढोलक चिमटा,
पट खोल पुजारी रे मुझे भजन सुनाना है,
एक हार बना माली...
एक हार बना माली मुझे कान्हा को पहनाना है,
मुझे कान्हा को पहनाना है, मुझे कान्हा को सजाना है,
एक हार बना माली...
Shrijirasik
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा...
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा मै तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
नहीं लुभाती दुनियादारी, व्यर्थ है घर संसार
तू ही है इक सच्चा मोहन, बाकी सब बेकार
नहीं लुभाती दुनियादारी, व्यर्थ है घर संसार
तू ही है इक सच्चा मोहन, बाकी सब बेकार
पाना है तुझको बता दे, किस विध तूझको पाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
झूठे है ये रिश्ते नाते, मोह माया के धागे
तेरा मेरा करते करते, जीवन सरपट भागे
झूठे है ये रिश्ते नाते, मोह माया के धागे
तेरा मेरा करते करते, जीवन सरपट भागे
तुझ संग प्रीत निभानी बोलो कैसे प्रभु निभाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
देखूं तो बस तुझको देखूं, सोचूं तो बस तुझको
तेरी ही होकर रह जाऊं, ऐसी गति दे मुझको
देखूं तो बस तुझको देखूं, सोचूं तो बस तुझको
तेरी ही होकर रह जाऊं, ऐसी गति दे मुझको
अंत समय बाहों में तेरी, गहरी नींद समाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा, मैं तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
Shrijirasik
तेरा पीछा न छोड़ेंगे ओ साँवरे
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे, ओ साँवरे ॥
ओ साँवरे मेरे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, दूध बनो, तो मैं मलाई बनूँ ॥
माखन, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, मुकुट बनो, तो मैं, तगड़ी बनूँ ॥
मस्तक, पे मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, मुरली बनो, तो मैं, तान बनूँ ॥
होंठों, पे सजेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, पीतांबर बनो, तो मैं, वैजयंती बनूँ ॥
माला, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, कृष्णा बनो, तो मैं, राधा बनूँ ॥
मंदिर, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, खडावां बनो, तो मैं, पायल बनूँ ॥
चरणों, में सजेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
Shrijirasik
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
दुनिया तो मैं नचैया बथेरा, फिर भी ना कोई बनया मेरा
नी मैं की करना संसार आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
हुन मैं किसी कोलो नहीं डरना, जो मन आये सो योनि मैं करना
मेरा मुरली वाला यार, आज मैनु नच लेन दे॥
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
पैरा दे विच घुँघरू बनके, अपने श्याम दी जोगन बन के,,
अखां ला लईया उसदे नाल, आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
वृंदावन विच जावांगी मैं भी,वृंदावन विच जावांगी मैं भी,
प्यार मोहन दा पावगी मैं भी, प्यार मोहन दा पावगी मैं भी,
जग रुसजाये लख बार, आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
Shrijirasik
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री....-2
भूली ना जाए सखी बाँकी सुरतिया....
वो तो हौले से वो तो चुप चुप के,
वो तो हौले से दिल को चुराए गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
जादू भरी उसकी नटखट अदाएं....
वो तो तीर पे, वो तो तीर पे,
वो तो तीर पे तीर चलाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
प्यारी लगे उसकी यमुना की बंसी....
वो तो हंस हंस के, वो तो हंस हंस के,
वो तो हँस हँस के जियरा चुराए गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
बुला रही राधे लेके कान्हाँ का नाम,
वो तो प्रेम का रिश्ता निभाए गयो री,
झट आये गयो री, झट आये गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
Shrijirasik
किसने सजाया तुमको मोहन
किसने सजाया तुमको मोहन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे......
यह हार गुलाबी सांवरिया, किसने पहनाया सांवरिया,
यह माथे कस्तूरी सांवरिया, यह तिलक लगाया सांवरिया,
सुन्दर छवि पे आ गया मन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
अधरो पे मुरली सांवरिया, मीठी मुस्काने सांवरिया,
तेरा रूप देख के सांवरिया, मैं हुई दीवानी सांवरिया,
दूल्हा सा लागे मेरा मोहन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
मेरे श्याम सलोने सांवरिया, तुझे दिल में बसा लू सांवरिया,
इस प्यारी छवि को सांवरिया, पलकों में छूपा सांवरिया,
देखु ना जग में झूठा चलन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
Shrijirasik
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे ॥
तुम सूरज बनो तो बनु रौशनी,
तेरी ज्योति में आकर मिलु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम चंदा बनो तो चकोरी बनु,
याद में तेरी तडपु मेरे सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम मोर बनो तो बनु पंख मैं,
बीच तेरे मुकुट के सजहु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम कृष्ण बनो तो मैं मुरली बनु,
जब रास रचाओ तो बजु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
Shrijirasik
तेरी पार करेगा नैया भज मन कृष्ण कन्हियाँ,
निश दिन भज गोपाल प्यारे मोर मुकट पीताम्बर वाले,
तेरी पार करेगा नैया....
स्वास स्वास भज नन्द दुलारे वो ही बिगड़े काज सवारे,
नटवर चतुर रिजाइयाँ भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
ग्वाल बाल सब धेनु चरावे लूट लूट तड़ी माखन खावे,
काली नाग नथियां भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
भक्त सुदामा चावल लाये गले लगा कर भोग लगाए,
कर कर भईया भईया भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
दीना नाथ सब हिट कारी संकट मोचन कृष्ण मुरारी,
जन का पत रखवाइयाँ भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
Shrijirasik
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
वृन्दावन धाम के, श्री श्यामा शाम के
डोले श्याम नाम के पागल, वृन्दावन पागल खाने में
मस्ती में मस्त हैं रहते, मिले पागलपन नज़राने में
मन तू भी पागल हो जा, मस्ताने तरंग में खो जा
चढ़ जाए ना साफिर नाम के जाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
पूरे मन से जो लग जाता, वो लग कर कुछ पा लेता है
सदा अंग संग हरी रहता पर ध्यान ना कोई देता है
कोई झूठे नाम के पागल, कोई सच्चे श्याम के पागल,
जहा दूर दूर तक पागल जगत तमाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
कितने हुए अब तक पागल इन की न कोई समायी
मीरा करमा विधुरानी शबरी गोपाली बाई
पावन भक्तो के चरित्र हृदय को करे पवित्र
पागल करे ‘चित्र विचत्र’ श्री राधा नाम के
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
Shrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Shrijirasik
कैसे जाऊँ सखी मैं पनियां भरन,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर...-2
यमुना तट पर बंसी बजाये,
मनमोहन सबके मन भाये,
ललिता चंदा गोपीयन के संग,
होली खेले रास रचाये.....-2
लीला नीसदिन दिखाये वो सांझ से भोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
नित नित मोरी राह तकत है,
नटखट मौसे जब भी मिलत है,
कंकड़ मारे फोड़े गगरिया
ढीट ना माने झगड़ा करत है...-2
मोरी झटके सिर से चूनर चितचोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
छोड़ दे बैंया कृष्ण कन्हैया
ताना देंगी सारी सखियां,
चोरी चोरी में आई हूं
घर जाने दो ओ सांवरिया....-2
कहीं देखे ना सास ननदिया मोर
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
कैसे जाऊं मैं पनिया भरण को सखी
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर........
Shrijirasik
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
राधा ने श्याम कहा, मीरा ने नटवर ।
गवालों ने पुकारा तुम्हे कह कर गावाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
गोविन्द बोलो हरो गोपला बोलो ।
राधा रमण हरी गोविन्द बोलो ॥
यशोदी जी कहती थी तुमको कन्हैया ।
दाऊ जी कहते थे तुमको नंदलाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
घड़ियाल कह हर बुलाता दर्योधन ।
जल जलके तहत था तुमको है कला ॥
कोई कहे गोविंदा...
अर्जुन के बनवारी मीरा के मोहन ।
भक्तो ने पुकारा तुम्हे कह कर मुरली वाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
Shrijirasik
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
तोहे रोज सताऊगा रात को सपने में
रात में आके खिड़की खोले खिड़की खोले मेरी बहिया मरोड़े,
मुझे खूब रुलावे श्याम रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
चुप के चुप के घर मैं आऊ घर मैं आऊ मैं माखन चुराऊ
तेरी दहिया पी जाउगा रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
मैं हु गोरी तू है काला मैं हु रानी तू है ग्वाला
काला केह के मत न चिडावे राधा अब न बात बनावे
तू करती मोहे पसंद रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
Shrijirasik
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
बागों में फिरू मारी मारी,
माली बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
जमुना पर फिरू मारी मारी,
धोबी बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत के मारी,
कुओं पर फिरू मारी मारी,
धीमर बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
महलों में फिरू मारी मारी,
कान्हा बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत के मारी,
मंदिरों में फिरू मारी मारी,
मोहे दरस दिखा जा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले,
छलिया बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले..
राम नाम अति मीठा है, कोई गा के देख ले
आ जाते है राम, कोई बुला के देख ले
आ जाते है राम...
जिस घर में अहंकार वहाँ, मेहमान कहाँ से आए,
जिस मन में अभिमान वहॉँ, भगवान कहाँ से आए ।
अपने मन मंदिर में ज्योत जगा के देख ले,
आ जाते है राम...
आधे नाम पे आ जाते, हो कोई बुलाने वाला
बिक जाते हैं राम कोई हो, मोल चुकाने वाला ।
कोई शवरी जूठे बेर खिला के देख ले,
आ जाते है राम...
मन भगवान का मंदिर है, यहाँ मैल न आने देना
हीरा जन्म अनमोल मिला है ,इसे व्यर्थ गवा न देना ।
शीश झुके और प्रभु मिले झुका के देख ले,
आ जाते है राम...
राम कहानी सुनो रे राम कहानी ।
कहत सुनत आवे आँखों में पानी ।
श्री राम, जय राम, जय-जय राम ॥
दशरथ के राज दुलारे,
कौशल्या की आँख के तारे ।
वे सूर्य वंश के सूरज,
वे रघुकुल के उज्जयारे ।
राजीव नयन बोलें मधुभरी वाणी।
॥ राम कहानी सुनो रे राम कहानी...॥
शिव धनुष भंग प्रभु करके,
ले आए सीता वर के ।
घर त्याग भये वनवासी,
पित की आज्ञा सर धर के ।
लखन सिया ले संग, छोड़ी रजधानी ।
॥ राम कहानी सुनो रे राम कहानी...॥
खल भेष भिक्षु धर के,
भिक्षा का आग्रह करके ।
उस जनक सुता सीता को,
छल बल से ले गया हर के ।
बड़ा दुःख पावे राजा राम जी की रानी ।
॥ राम कहानी सुनो रे राम कहानी...॥
श्री राम ने मोहे पठायो,
मैं राम दूत बन आयो ।
सीता माँ की सेवा में,
रघुवर को संदेसा लायो ।
और संग लायो,
प्रभु मुद्रिका निसानी ।
॥ राम कहानी सुनो रे राम कहानी...॥
राम कहानी सुनो रे राम कहानी ।
कहत सुनत आवे आँखों में पानी ।
श्री राम, जय राम, जय-जय राम
Shrijirasik
मेरे मोहन , मेरे मोहन, मेरे मोहन , मैं तेरी जोगन,
जोगन मैं बन गई, तेरी भक्ति में खो गई,
छोड़ के सारी दुनिया को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
मोहन तेरी याद सताए, कैसे मैं रोकू खुद को,
रातो में उठ उठकर मैं, समझाऊ अपने दिल को,
दिल मेरा खो गया, बस तेरा हो गया,
बात न माने ये तो मेरी, ये तेरा हो गया रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
निकली थी सोच के घर से, मोहन से मिल आऊंगी,
पल दो पल बात करूंगी, फिर वापस आ जाऊंगी,
पर तूने पकड़ी कलईया , ओ मेंरे साँवरिया,
छुड़ा सकी न मैं तो खुद को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
रंग लाया चोरी - चोरी , तुझसे ये मिलना मोहन,
ओरो की बात करू क्या, मैं बन गई तेरी जोगन,
जोगन मैं बन गई, बस तुझमे खो गई,
छोड़ के सारी दुनिया को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
Shrijirasik
समझाई ले यशोद्धा री
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
रोज़, सवेरे, यमुना तट पे, पानी भरने जाऊँ ॥
ओ मेरी मटकी ॥फोड़ गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
कितना, ऊँचा, छीका बाँधूँ, फिर भी, दहीं चुरावे री ॥
और माखन ॥खाए गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
कुँज, गलियन में, वो चुपके से, ग्वालन, जाए डरावे री ॥
राधा को ॥छेड़ गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
मंजू, शर्मा, समझावे पर, माने ना, तेरो लाला ॥
लोकेश ॥बताए गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
Shrijirasik
धुन- मेरी प्यारी बहनियाँ
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे पैईयां ॥
मेरा, छोटा सा, काम करवा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ॥
माथे पे, मईया मेरे, सेहरा सजा दे ।
कानों में, मईया मेरे, कुण्डल पहना दे ॥
ओ मेरा, पीला पीला, पटका सजा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
गले, मईया मेरे, माला पहना दे ।
हाथों, में मईया मेरे, कँगना सजा दे ॥
ओ मेरे, हरी हरी, मेंहदी लगा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
अंग, मईया मेरे, शेरवानी पहना दे ।
पैरों में, मईया मेरे, जूते पहना दे ॥
ओ मेरा, प्यारा सा, रूप सजा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
संग, मईया चाचा, ताऊ भिजवा दे ।
प्यारी, प्यारी मईया, महफ़िल सजा दे ॥
ओ बरसाने से, दुल्हन मँगा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
सुन के, यह बोली, यशोद्धा मईया ।
भए, हो बेशर्म तुम, बड़े ही कन्हईया ॥
ओ पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले,
पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले ॥।
Shrijirasik
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
वृन्दावन में बांकें बिहारी,
मेरी उनकी पक्की यारी
मेरा याराना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
कुंज गलिंन में कुंज बिहारी,
छोड़ दी मैंने दुनिया सारी
सब कुछ भुल गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
रमणरेती में रमण बिहारी,
या रज़ की है महिमा भारी
धसका पागल हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
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तरज़-लाला जनम सुन आई रे
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई
गायो बधाई मिल गायो बधाई
जन्मअष्टमी....
1.लेवें बलईयां मईया,पलना झुलावै
लेवें बलईयां,बलि बलि जायें
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई जन्मअष्टमी....
2.घर घर में आज मंगल गायो,झुमों गाओ
ख़ुशीयां मनाओ
झुमों गाओ,ख़ुशीयां मनाओ
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई जन्मअष्टमी....
3.पागल का तूं मान ले कहना,धसका
आंनद में रहना
आंनद में रहना,आंनद में रहना
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ बधाई
जन्मअष्टमी....
Shrijirasik
राधारमण हमारो प्यारो प्यारो, सखी री में तो देखता रहूं याकी सूरत पे जाऊं बलिहारी,सखी री में तो देखता रहूं
कान कुण्डल की छवि अति प्यारी
कांधे साजे रे कमरिया कारी
शीश मुकुट पे मोर पंख धारी
नाक नथुनी की कोर अति प्यारी
हाथ लकुट अधर पे बंशी बाजे, छवि को मैं निहारता रहूँ
प्यारे वैजयंती माला उर धारी
हाथ बाजुबंद लरा मुतियारी
जिनके चरणों में पदम विराजे
उनके नूपुर की धुन अति प्यारी
चाल चटपटी टेढ़ी मेढ़ी जाकी, कि सूरत निहारता रहूँ
राधारमण सलोने मतवारे
नैना मिलते ही ऐसा जादू डारे
वृन्दाविपिन किशोरी संग साजे
दास गावे प्रशांत गुन तिहारे
वृन्दावन की श्री कुंज गलिन में मन अटका रहूं
Shrijirasik
चोरी चोरी आए कान्हा , माखन चुराए ,
यशोदा तेरा लाल तो , बड़ा ही सताए ,
रोज फोड़े मटकी , माखन चुराए ,
यशोदा तेरा लाल तो , बड़ा ही सताए ,
बोल रे कन्हैया काहे , माखन चुराए ,
सीधी सादी ग्वालनो को, काहे तू सताए ,
काहे फोड़े मटकी , माखन चुराए ,
सीधी सादी ग्वालनो को, काहे तू सताए ,
झूठी हैं ये सखिया , मेरी भोली मय्या ,
खुद ही खिला के माखन, मुझको नचाए,
थोड़ा सा खिलाए माखन , बहुत नचाए ,
खुद ही खिला के माखन, मुझको नचाए,
Shrijirasik
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोना है
इसके जैसा न और कोई होना ए
बड़ा कोमल बाड़ा ही रसीला ए
नित नवी नवी करदा ए लीला ऐ
बड़ा चंचल-2 चतुर नंद छोना ए
ऐदे वरगा ना होर कोई होना है
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
मां यशोदा दही रिड़की जावे
पेड़े माखन दे गोपाल खावे
बड़ा हंसमुख बड़ा मनमोहना ऐ
ऐदे वरगा ना होर कोई होना है
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
लड्डू वरगा ए गोल मटोल ऐ
मुहों बोलदा बड़े मीठे मीठे बोल ऐ
नंद भवन रूप खिलौने ऐ
ऐदे वरगा न होर कोई होना ऐ
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना ऐ
रूप इसदा मधुप बड़ा आला ऐ
नील मणी एह जग तो निराला ऐ
बड़ा सुन्दर शाम सलोना ऐ
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
ऐदे वरगा ना होर कोई होना ऐ
Shrijirasik
नैन तेरे कज़रारे हैं, घूँघर वाले वाल ।
रूप तुम्हारा देख के मोहन, हाल हुआ बेहाल ॥
अधर पर तेरी मुरली सोहे, राधा रानी साथ है...
वाह वाह क्या बात है, वाह वाह क्या बात है ॥
कितनी सोहनी कितनी प्यारी तेरी सूरत लगती है ।
धरती की सारी उपमाएँ तेरे आगे फ़ीकी हैं ॥
आओ कन्हैया अब तो आओ, फूलों की बरसात है...
वाह वाह क्या बात है, वाह वाह क्या बात है ॥
मोर मुकुट पितांबर सोहे गल वैजन्ती माला हैं ।
राधा रानी साथ विराजे मुख मोहन का निराला हैं ॥
ढोलक वाजे मँजीरा वाजे, नाचे सब मिल ताल हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
आज अनोख़ा अवसर आया खुशियों का त्योहार हैं ।
खुशबु उड़ उड़ करके देखो महक रहा दरबार हैं ॥
जितना चाहो उतना लूटो, बाबा का दरबार हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
रूप तुम्हारा देख के मोहन चाँद सितारे शरमाए ।
साँवरिया से मिलने देखो सभी देवता हैं आए ॥
भोले बाबा डमरू वजाएँ, ब्रह्मा विष्णु साथ हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
बोल बांके बिहारी लाल की... जय...
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ताल दादरा
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर से।
तिरछी नजर सखी तिरछी नजर से ॥
देखा जो उसको मैं बावरी हो गयी ।
जमुना में बहके भटकी मेरी खो गयी ॥
इतना नहीं सखी भूली डगर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
नजरें मिलाकर में क्या कर गयी रे ।
माखन की मटकी मैं खुद दे गयी रे ॥
है तीर सी उसकी तिरछी नजर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
दौड़ी पकड़ने को देखा एक बारी ।
पत्थर की मूरत बनी वो बेचारी ॥
कान्त कन्हैया की अद्भुत नजर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
Shrijirasik
नन्दोत्सव : बधैया बाजे गोकुल में
देखो जनम लियो नन्दलाल - गोपाल,
बधैया बाजे गोकुल में ।
सब हुए मस्त खुशहाल-खुशहाल,
बधैया बाजे गोकुल में ॥
नन्द के घर में खुशियाँ छायी ।
सज-धज के गापियाँ भी आयीं ॥
अब बरसे रंग गुलाल-गुलाल,
बधैया बाजे गोकुल में ।
देखो जनम लियो...
गीत खुशी के चहुँ दिशि छायो ।
नन्द के घर में लाला आयो ॥
अब छायो खुशी बहार-बहार,
बधैया बाजे गोकुल में ।
देखो जनम लियो...
माखन की अब कीच मची है ।
खुशियों की अब धूम मची है ॥
विप्रों को कान्त मिले दान-गोदान,
बधैया बाजे गोकुल में ।
देखो जनम लियो...
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आ पिया इन नैनन में, पलक ढांप तोहे लूं,,
ना मैं देखूँ और को, ना तोहे देखन दूँ
कजरारी तेरी आँखों में, क्या भरा हुआ इक टोना है !
तेरा तो हसन औरों का मरन ,बस जान हाथ से धोना है !!
नित बांकी ये झांकी निहारा करूँ, छवि छाक से मोहे छकाय रहो,!
श्री बाँके बिहारी से यही विनती ,मेरे नैनों से नैना मिलाय रहो,!!
जादू कर गयो यशोमति को ये लाल 2
जाके नैना कारे हैं कमाल, ,,2
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,2
नींद ना आवे ,रोज सताबे 2
सौत मुरलिया मोहे जगावे,2
आधी रात जब छेड़े तान,2,,,,कान्हा,,
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,,,
कृष्ण ही कृष्ण है प्रेम अनूठा ,2
प्रेम दिखाकर सबको लूटा ,2
प्रेम में होवें ना सवाल ,,,कान्हा,,
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,,,
कुंज बिहारी श्री हरिदासी,2
करुणा की है आस जरा सी,2
मन बस गयो मेरे बा़ंको लाल,,,2
जादू कर गयो यशोमती को ये लाल,,
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जय राधे राधे बोलो श्री राधे राधे
शेर -कजरारी तेरी आंखों में,क्या भरा हुआ एक टोना है
प्यारे तेरा तो हसंन मेरा है मरन,बस जांन हाथ खोंना है
क्या ख़ुब हुंस्न ब्यान करूँ,ये बृज़ का एक खिलौंना है
श्री ललित किशोरी जू के प्राण जीवन धंन,ये तो सुंदर श्याम सलोंना है
तरज़-जय राधे राधे श्री राधे राधे
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
1. जब से देखी मैंने वाकी सुरतिया, मन मेरो मोहे लियो बांकें सांवरिया
बौंल-इक तेरी प्यारी सुरत पे,बस हो ही गया है प्यार मुझे
खाई है ज़माने की ठोकर,इक तूं ही मिला दिलदार मुझे
राधा रसिक बिहारी अब देर ना कर,झट
से दिखला दिदार मुझे
जब से देखी मैंने वाकी सुरतिया,मन
मेरो मोहे लियो बांकें सांवरिया मस्तानीं हो गई श्याम,
तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
2. बांकेंबिहारी मेरे रसिकबिहारी,
चतुरबिहारी मेरे मोहनीबिहारी
बांकें बिहारी तेरे मोटे-मोटे नैंना,
कजरारे मतवारे नैंना
बिन देखे मोहे,चैंन पड़ेना
मतवारी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
3. छोड़ दई रे मैंने दुनिया सारी,बांकें
बिहारी तोसे कर ली यारी
बैरागंन हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
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ब्रज चौरासी कोस की परिकम्मा एक देख
सो लख चोरासी जोनि की संकट हरि हर लेत
जय जय ब्रिज भूमि जय जय बृज भूमि,,,2
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लेयो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लेयो जी
हो दर्शन करल्यो सिमरण करल्यो
वन्दन करल्यो जी
लैके राधा जी बिहारी जी को नाम
के दर्शन कर लेयो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लेयो जी
ये है मथुरा नगरिया जय बोलो
हो यहाँ जन्मे सांवरिया जय बोलो
हो, आधी आधी रात जनम प्रभु लीन्यो
सुर, नर मुनि जन चित सुख दीन्यो
झोली डंडा पालकी, जय कन्हैया लाल की
झोली डंडा पालकी, जय कन्हैया लाल की
हो वचन दिया सो प्रभु पूरण कीन्यो
श्री विष्णु बने जी घनश्याम,
के दर्शन कर लेयो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लेयो जी
कान्हा मथुरा से आयो,, गोकुल में
हो, माखन चोर कहायो,, गोकुल में
हो,,, माखन खायो याने माटी हू खायी
पकड्यो यशोदा ने तो दीन्ही सफाई
मैया मोरी,,, कसम तोरी,,, मैं नहीं माखन खायो ,2
हो,,, माखन खायो याने माटी हू खायी
पकड्यो यशोदा ने तो दीन्ही सफाई
मुख में दियो ब्रह्मांड दिखाई
ऐसे मोहन को सहास्त्र प्रणाम
के दर्शन कर लेयो जी
चारों धामों से निराला ब्रजधाम,
के दर्शन कर लेयो जी
बरसाने की राधा ,,,राधा राधा बोल
हे, जिसने मोहन को बांधा,,,राधा राधा बोल
हो, होली खेले तो आजा कृष्ण मुरारी
बरसाने में , बुलाबे राधा प्यारी
हो,, कान्हा बरसाने में आए जइयो, बुलाय रही राधा प्यारी
बुलाए रही राधा प्यारी,,,,,बुलाए रही राधा प्यारी
हो कान्हा बरसाने में आए जइयो बुलाए रही राधा प्यारी
हो,, दोनों एक दूजे के प्रेम पुजारी
दोनों मिलके भयो जी इक नाम
के दर्शन करल्यो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लो जी
ब्रज बरखा ने घेरा,,,, श्याम श्याम श्याम
हो सबने श्यामा को टेरा,,,श्याम श्याम श्याम
प्रभु तुम बिन हमरी कौन खबर ले
गोवर्धन गिरधारी,,2
हो गोवर्धन उंगली पे उठायो
प्राणन से प्यारो ब्रिज डूबत बचायो
कंस मार ये भेद बतायो
जैसी करनी वैसो ही परिणाम
के दर्शन करल्यो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लो जी
वृन्दावन सुहावन, क्या कहिये
भयो प्रेम अति पावन, क्या कहिये
हो बांके बिहारी कहु कुञ्ज बिहारी,,,2
स्वामी हरि दास हरि पे बलिहारी
आज हू रचावे यहाँ रास मोरारी
कुंजन की छटा अभिराम
के दर्शन करल्यो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लो जी
हो दर्शन करल्यो सिमरण करल्यो
वन्दन करल्यो जी
चारो धामों से निराला बृज धाम
के दर्शन कर लो जी
जय जय ब्रिज भूमि जय जय बृज भूमि
जय जय ब्रिज भूमि जय जय बृज भूमि
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राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन बिहारी,
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
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राधारमण हमारो प्यारो प्यारो, सखी री में तो देखता रहूं याकी सूरत पे जाऊं बलिहारी, सखी री में तो देखता रहूं
काण कुण्डल की छवि अति प्यारी
कांधे साजे रे कमरिया कारी
शीश मुकुट पे मोर पंख धारी
नाक नथुनी की कोर अति प्यारी
हाथ लकुट अधर पे बंशी बाजे,
छवि को मैं निहारता रहूँ
प्यारे वैजयंती माला उर धारी
हाथ बाजुबंद लरा मुतियारी
जिनके चरणों में पदम विराजे
उनके नूपुर की धुन अति प्यारी
चाल चटपटी टेढ़ी मेढ़ी जाकी, कि सूरत निहारता रहूँ
राधारमण सलोने मतवारे
नैना मिलते ही ऐसा जादू डारे
वृन्दाविपिन किशोरी संग साजे
दास गावे प्रशांत गुन तिहारे
वृन्दावन की श्री कुंज गलिन में मन अटका रहूं
Shrijirasik
झूमो रे नाचो, गाओ रे मां यशोदा ने जायो नंदलाला 2
सुंदर सलोना गोपाला मां यशोदा ने जायो नंदलाला
सारे बिरज में खुशियां है छाई झूम ,झूम गाऐं ब्रिज नारी रे
झूला पड़ो है नंद जी के अंगना झांकी की शोभा है न्यारी रे
अंगना सजा है 2बाजा बजा है 2आया है सस्ती का प्रतिपाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,
मथुरा सजी है गोकुल सजा है, झूमे है चारों दिशाएं रे
उत्सव मनाओ आओ सखी आओ, लाला को झूला झुलाएं रे
दर्शन करेंगे झोली भरेंगे, झूमे है ब्रज का हर ग्वाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,,
लाला की मैया , लेबै बलैया , नंद बाबा बांटैं मिठाई रे
देवों ने आके फूल बरसाए, कैसी यह लीला रचाई रे
बंसी बजाने, गउयें चराने, आया है मोर मुकुट वाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,
Shrijirasik
जो वृंदावन में आए नहीं, मोहन का ठिकाना क्या जाने?
जो इन गलियों में आए नहीं, मेरे श्याम को पाना क्या जाने
प्रेम गली अति सांकरी है,
कैसे मिलना हो मोहन से.. ॥2 ॥
जो मोहन को दिल में बसाया नहीं,
वो दिल का लगाना क्या जाने ..
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
वृंदावन की इन गलियों में,
श्यामा के चरण पड़े तो होंगे ,
और श्याम भी यहीं चले होंगे,
जिसने कभी प्रेम से पुकारा नहीं,
मेरे श्याम का आना क्या जाने,
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
विष अमृत सा मीरा पी गई ।
श्याम दीवानी मीरा जी गई ॥2॥
मीरा सा कोई अमृत की तरह,
विष का पी जाना क्या जाने..
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
Shrijirasik
धुन- मेरी प्यारी बहनियाँ
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ तेरे पैईयां ॥
मेरा, छोटा सा, काम करवाई दे,
राधा गोरी से, ब्याह रचाई दे,
राधा गोरी से, ब्याह रचाई दे ॥
राधा सी, गोरी मेरे, मन में बसी है ।
ग्वाल, उड़ाए सब, मेरी हंसी है ॥
मो को, तूँ छोटी सी, दुल्हनिया लाई दे,
अपने, हाथों से, दूल्हा बनाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
सेवा वो, मईया तोहरी, रोज़ करेगी ।
जोड़ी भी, मईया मेरी, खूब जमेगी ॥
हो नंद, बाबा को, नेक समझाई दे,
दाऊ, भईया को, संग पठाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
गांव, बरसानो जा को, सब जग जाने ।
गईयाँ, ना चराऊँ तेरी, जो तूँ ना माने ॥
अब, बरसने, काऊ को, पठाई दे,
दाऊ, भईया को, तूँ बुलवाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
सुन के, यह बोली, यशोद्धा मईया ।
भए, हो बेशर्म तुम, बड़े ही कन्हईया ॥
ओ पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले,
पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले ॥
Shrijirasik
ब्रज की गली गली में शोर
ब्रज की, गली, गली में शोर,
आयो, आयो माखन चोर ॥
आयो, माखन चोर, आयो,
आयो माखन चोर ॥
बृज की, गली, गली में शोर...
नन्द, भवन में, आनंद बरसे ॥
हो आनंद, बरसे ॥
नन्द, यशोदा को, मनवा हरषे ॥
हो मनवा, हरषे ॥
आनंद को, ओर ना छोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
बाज, उठी, मंगल शहनाई ।
हो मंगल, शहनाई ॥
जन्म, लियो है, कुंवर कन्हाई ॥
हो कुंवर, कन्हाई ॥
कूके, कोयल, पपीहा मोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
हिलमिल, सखियाँ, मंगल गावें ।
हो मंगल, गावें ॥
ग्वाल, बाल सब, धूम मचावें ॥
हो धूम, मचावें ॥
सबके, मन में, उठे हिलोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
धन्य, यशोदा, तेरो लाला ।
हो, तेरो लाला ॥
सारे, जग का, है रखवाला ॥
हो, है रखवाला ॥
कहे, ‘चित्र, विचित्र’ कर जोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
अपलोडर- अनिलरामूर्तीभोपाल
तर्ज - छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया ,
राधे का दीवाना हैं - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
रोज रोज कान्हा देखो, मुरली बजावे - २
मुरली की धुन पे , राधा को नचावे - २
राधा संग नाचता हैं - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
नाच नाच कर राधा, श्याम को रिझावे - २
राधा जी के मन को तो, श्याम ही भावे - २
राधा जी के मन में हैं - २ , श्याम सांवलिया
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
जहा जहा जाए राधा , श्याम वही जाए - २
राधा के बिना श्याम , रह नहीं पाए - २
राधा के बिना हैं आधा - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
Shrijirasik
चाँद सा मुखड़ा, चम चम चमके,
पाँव पैजनियाँ, छन छन छनके,
सुध बुध मैं तो हारी साँवरिया,
जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
नैन तिहारे जादूगारे,
मोटे मोटे, कारे कारे,
बिलख नयन दिल हारी,
सांवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
कदम के निचे, मुरली बजावै,
बैरी मुरलियाँ, जगत नचावै,
तान मधुर अति प्यारी,
सांवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
Shrijirasik
मैं तो सोये रही सपने में,
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में,
मेरे घर आए गोपाल
मेरे घर आए गोपाल
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल........
धीरे से आके वाने बंसी बजाई,
मधुर मुरलिया मेरे मन भायी
मधुर मुरलिया मेरे मन भायी....
मैं तो सुन सुन हुई निहाल,
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल....
काँधे पड़ी थी बांके काली कमलिया,
तिरछे खड़े थे बांके साँवरिया
तिरछे खड़े थे बांके साँवरिया......
मोरे तन मन छायी बहार
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल....
धीरे से आके वाने मोको जगायो,
किरपा कर मोहे कंठ लगायो
किरपा कर मोहे कंठ लगायो....
मेरे जग गए भाग सुहाग
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल.....
मेरे घर आए गोपाल
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल
Shrijirasik
मेरे बांके बिहारी लाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……
तोरी सुरतिया पे मन मोरा अटका,
प्यारा लागे तोरा पीला पटका....-2
तोरी टेढ़ी मेढ़ी चाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी…….
तोरी मुरलिया पे मन मोरा अटका,
प्यारा लागे तोरा नीला पटका...-2
तोरे घूँघर वाले बाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……..
तोरी कमरिया पे मन मोरा अटका,
प्यार लागे तोरा काला पटका...-2
तोरे गले वैजयंती माल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……..
Shrijirasik
सांवरे को दिल में बसाकर तो देखो
सांवरे को दिल में बसाकर तो देखो
दुनिया से मन को हटाकर देखो
बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी
बड़ा ही दयालु है बांके बिहारी
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो......
बांके बिहारी भक्तों के दिलदार
सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार
हो बांके बिहारी भक्तों के दिलदार
सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार
बांके बिहारी भक्तों के दिलदार
सदा लुटाते हैं कृपा के भण्डार
मीरा ने जैसे गिरिधर को पाया
हो मीरा ने जैसे गिरिधर को पाया
प्याला ज़हर का अमृत बनाया
हो प्याला ज़हर का अमृत बनाया
ओ प्याला ज़हर का अमृत बनाया
प्याला ज़हर का अमृत बनाया
तुम अपनी हस्ती मिटाकर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो....
तेरी पल में झोली वो भर देगा
ओ.. तेरी पल में झोली वो भर देगा
दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा
ओ…
दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा
ओ दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा
दुःख दर्द जिंदगी के वो हर लेगा
चौखट पे दामन फैला कर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो......
शाम बिना तेरा कोई ना अपना
ओ…
शाम बिना तेरा कोई ना अपना
ये दुनिया है सब झूठा सपना
आ…
ये दुनिया है सब झूठा सपना
ये दुनिया है सब झूठा सपना
नजरों से पर्दा हटाकर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर तो देखो....
चित्र विचित्र का तू मान ले कहना
आ…
चित्र विचित्र का तू मान ले कहना
प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना
ओ…
प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना
प्रभु चरणो से कहीं दूर नहीं रहना
जिंदगी ये बंदगी में मिटा कर तो देखो
इक बार वृन्दावन आ कर के देखो......
Shrijirasik
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
हरी हरी बोल प्यारे हरी हरी बोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही जीवन राधा ही प्राण, राधा ही धड़कन राधा ही जान,
राधा ही सारी श्रष्टि का तोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही नदिया राधा ही धारा, राधा ही निर्गुण ब्रम्ह नियारा,
द्वार तु अपने मन का खोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही अंतर प्राणों की शक्ति, राधा की अविरल प्रेम की भक्ति,
प्रेम से राधे राधे बोल, केशव माधव हरी हरी बोल
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
Shrijirasik
हुआ नन्द भवन में शोर, चलो सब मिल गोकुल की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ........
नन्द यशोदा को जन्मे है लाल,
अष्टमी तिथि का है कमाल....-2
देखो छाई घटा घनघोर,
चलो सब नन्द भवन की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ......
ब्रज की गलियन में धूम मची है,
शहनाई की गूंज उठी है.....-2
बोले कोयलियाँ चहु ओर,
चलो भाई नन्द भवन की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ......
गोपी ग्वाल में खुशियां छाई,
पुरे गोकुल में बजत बधाई....-2
गावे देवेंद्र नाचे मौर,
चलो सब नन्द भवन की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ.....
हुआ नन्द भवन में शोर, चलो सब मिल गोकुल की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ.......
Shrijirasik
तर्ज - सजन मेरे झूठ मत बोलो
मैया यशोदा नज़रे उतारे,
लल्ला को जी भर अपने निहारे,
कहती वो लेकर बलइयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां........-2
मोटे मोटे नैन से देख के मोहे,
लल्ला मेरा जब मुस्काएं.....-2
इसकी प्यारी प्यारी अदा पे,
बलिहारी ये मैया जाए,
पालने को इसके मैया झुलाती,
लल्ला को मीठी मीठी लोरी सुनाती,
नैनों में आ जा री निंदिया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया......
कहती सखियाँ बृज की मोसें,
नटखट है बड़ा तेरा लाला.....-2
इसके आते फैला बृज में,
देखो चारों और उजाला,
सारे ब्रिज में धूम मची है,
गोकुल नगरी खूब सजी है,
नन्द बाबा बांटे मिठाईया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां.....
तू तो लल्ला चाँद का टुकड़ा,
प्राणों से मुझको प्यारा है.....-2
तुझसे रोशन मेरा जीवन,
मेरी आँख का तू तारा है,
सूनी थी ये महल अटारी,
गूँजी तेरी जो किलकारी,
धन्य हुई कुंदन ये मैया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां।
मैया यशोदा नजरे उतारें,
लल्ला को जी भर अपने निहारे,
कहती वो लेकर बलइयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां.........
Shrijirasik
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
बड़ी मुश्किल से नर तन मिला,
बेसहारों का कर तू भला.....-2
काम ऐसा जो कर जाएगा,
पार भव से उतर जाएगा....-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
जाने कितने दिनों की जिन्दगानी,
लोग कहते रहेंगे कहानी.....-2
हँसा पिंजरे से उड़ जाएगा,
पार भव से उतर जाएगा......-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
जिसने जैसी करी होगी करनी,
उसको वैसी पड़ेगी रे भरनी.....-2
इक ना दिन तू पछतायेगा,
पार भव से उतर जाएगा......-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
करना तन मन से हरी का भजन,
बस लगा ले प्रभु से लगन......-2
कृष्ण भक्ति में रंग जायेगा,
पार भव से उतर जाएगा.....-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
कृष्ण कहने से तर जायेगा,
पार भव से उतर जाएगा,
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
Shrijirasik
तर्ज Aaj mere yaar ki shadi h
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है।
बजे ढोल मृदंग झाँझ ढप्प,
बाज रही शहनाई,
प्रकटे गोकुल में गोविंदा,
घर घर बजी बधाई,
पार ब्रह्म पूर्ण परमेश्वर,
दरस दिखायो है।
नन्द के लाला आयो है।
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है।
बरस रहा है केसर चन्दन,
बरस रही रस धारा,
जय गोविंदा, जय गोपाला,
गूँज रहा जयकारा,
झूम झूम कर, नाँच नाँच कर,
धूम मचायो है,
नन्द के लाला आयो है।
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है।
नन्द यशोदा नहीं समाते,
आज ख़ुशी के मारे,
नन्द भवन में लूट पड़ी है,
लूट रहे हैं सारे,
तू भी लूट ले आज "मधुप हरी"
लूट मचायो है,
नन्द के लाला आयो है।
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है।
नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की,
जय कन्हैया लाल की, जय हो गोपाल की,
नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की,
जय कन्हैया लाल की, जय हो गोपाल की,
हाथी दीने घोड़ा दीने और दीने पालकी,
बधाई हो, बधाई हो, बधाई हो,
जय राधे राधे।
Shrijirasik
मोहे प्रेम का रोग लगाये गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
वो कान्हा बंसी वालो वो कान्हा कालो कालो
मोहे प्रेम का रोग लगाये गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
रंजो गम सब मेरे भुला के ,मेरी नजर से नजर को मिला के
नैनं को तीर चलाए गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
सुगर सलोनी मोहनी मूरत, बन गई है अब मेरी जरूत,
मेरे दिल के बीच समाये गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
हम सब भक्त हुए बलिहारी ,बात हकीकत कहे है प्यारी
मस्ती को रंग चड़ाये गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
Shrijirasik
मोपे जादू कर गये री
बांके नैना है
दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे
मोपे जादू कर गई री
देखि एक झलक जो उसकी सुध बुध सब बिसराई
नैन कटीले बांकी अदा सखी उसके मन को भाई
दिल घ्याल कर गए री बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
भूख प्यास सब मर गई मेरी मोहे कशु न भावे
करवट बदलू रात रात भर इक पल चैन न आवे
ऐसी दिल में बस गई री
बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
जाने कैसी प्रीत लगी उन नैनं पे दिल हारी
बस गए मेरे रोम रोम वो छलियाँ बांके बिहारी
बांके नैना कर गए री
बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
Shrijirasik
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
लेकर संग में सखी सहेली
बन कर के मैं नई नवेली
ओह्ड़े चुनरिया लाल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
जोडू हाथ पडू तोरे पईया ले चल मुझको कदम की छईया
मिला ताल से ताल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
चडी रास की मुझे खुमारी गाये ज्योति लिखे अनाडी
नए नए शब्द कमाल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
Shrijirasik
श्याम नाम अति मीठा है कोई गा के देख ले
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले
जिस घर में अहंकार वहाँ मेहमान कहाँ से आए,
जिस मन में अभिमान वहॉँ भगवान कहाँ से आए
अपने मन मंदिर में ज्योत जगा के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले
आधे नाम पे आ जाते हो कोई बुलाने वाला
बिक जाते हैं श्याम कोई हो मोल चुकाने वाला
कर्मा बेटी सा कोई भोग लगा के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले।
मन भगवान का मंदिर है यहाँ मैल न आने देना
हीरा जन्म अनमोल मिला है इसे व्यर्थ गवा न देना
शीश झुके और प्रभु मिले झुका के देख ले,
आ जाते है श्याम ,कोई बुला के देख ले
Shrijirasik
मेरा श्याम है रंग रंगीला
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला ॥
कि अमृत, बरसेगा ॥कीर्तन में ॥
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो ।
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो, हो...
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो ॥
कि खुश्बू, हो जाएगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो ।
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो, हो...
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो ॥
कि रौनक, लग जाएगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, नैना, मिला कर देखो ।
कोई, नैना, मिला कर देखो, हो...
कोई, नैना, मिला कर देखो ॥
कि धड़कन, बढ़ जाएगी ॥कीर्तन में ॥
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, प्रीत, लगाकर देखो ।
कोई, प्रीत, लगाकर देखो, हो...
कोई, प्रीत, लगाकर देखो ॥
कि तन मन, रंग जाएगा ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, कीर्तन, करा कर देखो ।
कोई, कीर्तन, करा कर देखो, हो...
कोई, कीर्तन, करा कर देखो ॥
कि रास, रच जाएगा ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, इनको, रिझा कर देखो ।
कोई, इनको, रिझा कर देखो, हो...
कोई, इनको, रिझा कर देखो ॥
कि मुरलिया, गूँजेगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
Shrijirasik
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही……
Shrijirasik
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
प्यारी झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
Shrijirasik
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
तू छिपा है कहा हम तो तरसे याहा,
बरसे कब से ये नैना मेरे सांवरे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
माना राधा के जैसी न हस्ती मेरी,
मीरा बाई सी न प्रीत सच्ची मेरी,
ना तो नरसी के जैसी है मस्ती मेरी,
न सुदामा के जैसी है भगति मेरी,
आधा घ्याल हु मैं आधा पागल हु मैं,
दास की सास हर इक तेरे नाम रे,
कब ये मैंने कहा है कन्हैया मेरे
अपने हाथो की मुरली बना लो मुझे,
कब कहा मैंने ये मोर के पंख के,
जैसे अपने मुकट में सजा लो मुझे,
इक घुंगरू बना अपनी पैजनिया का,
चुम जो हर घडी मैं तेरे पाँव रे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
हमने सोचा था ये इक सहारे तेरे,
चार दिन जिंदगी के गुजर जायेगे,
प्रीत की रीत तुम निभाते सदा,
इक न इक दिन मेरे भाग खुल जायेगे,
इक भरोसे तेरे प्राण प्यारे मेरे,
हम ने दिल का लगाया था ये दाम रे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सँवारे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सँवारे,
Shrijirasik
मनिहारी का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया।
छलिया का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
झोली कंधे धरी, उस में चूड़ी भरी।
गलिओं में चोर मचाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा ने सुनी, ललिता से कही।
मोहन को तरुंत बुलाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
चूड़ी लाल नहीं पहनू, चूड़ी हरी नहीं पहनू।
मुझे श्याम रंग है भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा पहनन लगी श्याम पहनाने लगे।
राधा ने हाथ बढाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधे कहने लगी, तुम हो छलिया बढे।
धीरे से हाथ दबाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Shrijirasik
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
Shrijirasik
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
1.मेरी नाव सिर्फ एक तेरे सहारे,
तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
2.तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे,
तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
3.जग्गनाथ स्वामी मेरे नैंन के तारे,
मेरे सार काज स्वामी आप सवारें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ...
Shrijirasik
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
यमुना जी का निर्मल पानी
शीतल करत शरीर
शीतल करत शरीर
बंसी बजावत गावत कान्हो
संग लियो बलवीर
संग लियो बलवीर
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे गल वैजयन्ती माल
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
वृन्दावन के वृक्ष को प्यारे
वृक्ष न माने कोय
वृक्ष न माने कोय
डाल डाल और पात-पात
श्री राधे राधे होय
राधे राधे होय
बृज की माटी माथे लगाकर
मिल गए मुझको श्याम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा रमण मेरे बांके विहारी
श्री राधा बल्लभ लाल
राधा बल्लभ लाल
जुगल किशोरी जू मदन मोहन जू
प्यारे गोपीनाथ, प्यारे गोपीनाथ
रूप गोस्वामी प्रकट कियो जहां
गोविन्द रूप निधान
वृन्दावन की सप्त निधिन को
करते है हम प्रणाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
वाणी गुणानु कथने श्रवनौ कथायां
हस्तौ च कर्मसु मनस्तव पादयोर्न
स्मृत्यां शिरस्तव निवासजगत्प्रणामे
दृष्टि: सतां दर्शनेऽस्तु भवत्तनूनाम्
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
केसर तिलकं कृष्ण वरणं, केसर तिलकं कृष्ण वरणं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राजत वन मालं रूप रसालं
राधारमणं हरे, हरे
राजत वन मालं रूप रसालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
वेणु कृत नादं आनंद अपारं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
सुंदर मुदु हासं हरत विषादं
राधारमणं हरे, हरे
सुंदर मुदु हासं हरत विषादं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
गोरज मुख लसितं, भक्त चित वसितं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधाउर हारं रास रसालं
राधारमणं हरे, हरे
राधाउर हारं रास रसालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हर हरे
भक्ताधीनं दीनदयालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं
राधारमणं हरे, हरे
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
गो पसु वेशं दास इन्द्रेशं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण
(जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण)
जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण
(जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण)
Shrijirasik
हमारे दो ही रिश्तेदार,
एक हमारी राधा रानी,
दूजे बांके बिहारी सरकार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
सेठ हमारे बांके बिहारी,
सेठानी वृशभानु दुलारी,
जो कोई जपता राधे राधे,
वो हो जाये भव से पार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
ममतामयी है राधिका रानी,
हर बात श्याम ने इनकी मानी,
राधा नाम की जड़ी बूटी से ,
होते यहां उपचार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
न कोई चिंता न कोई टेंशन,
राधा नाम है दिल मे मेंशन,
भरी सभा मे कह सकते है,
आई लव यू सरकार ,
हमारे दो ही रिश्तेदार
चाहे जो आनन्द में रहना
मान लो कनिष्क का कहा
हर पल है आनन्द बरसता
अनोखा है ये दरबार
हमारे दो ही रिश्तेदार
Shrijirasik
तर्ज:- सारे रिश्ते नाते तोड के आ गई
तूने जो बजाई बंशी दौड के आ गई
सुन ले मेरे सांवरे सब छोड के आ गई
तू ही मेरी मंजिल तू ही ठिकाना
मैं जो शम्मा हूँ तो तू है परवाना
दुनिया से मन को मोड के आ गई
माता पिता और संग कि सहेली
कोई नही साथ मेरे बिल्कुल अकेली
सभी से मैं रिश्ते नाते तोड के आ गई
सुनते कन्हैया प्यार भरी मुरली
प्रेम का बादल आँखे मेरी भर ली
श्याम तेरी चुनरी मैं ओड के आ गई
कर दी है तेरे नाम ये जिन्दगानी
रूपगिरी फरमाए अपनी पुरानी
जीवन कि डोरी तुमसे जोड के आ गई
Shrijirasik
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी संवारे,
मिल गई हर ख़ुशी मिट गए सारे गम.
बात बिगड़ी बनाई मेरे सँवारे,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
दो जहां का मालिक तू दया वां है ,
अपने भगतो पे तू तो मेहरबानी है
तू ही साहिल तू कश्ती मेरे सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी सँवारे ,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
तुझसे मिलने की चाहत दिल में लगी
प्यास दर्शन की मेरे मन में जगी,
मान लो अब तो अर्जी मेरे सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी सँवारे ,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
Shrijirasik
मोहे लागी लगन मनमोहन से -2 ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम में आय बैठी ,
मोरे नैनों से -2,निंदिया चुराई जिसने ,
मैं तो नैनां उसी से लगाए बैठी।
मोहे लागी लगन....
कारो कन्हैया सो काजल लगाईके ,
गालों पे गोविन्द गोविन्द लिखाइके।-2
गोकुल की गलियों में गोपाल ढूंढूं ,
मैं भाँवरी अपनी सुधबुध गँवाईके ,
मिल जाए रास बिहारी,मैं जाऊं वारी-2 ,
कहदूँ नटखट से बात हिया की सारी ,
बात समझेगो-2 मेरी बिहारी कभी ,
ये शरत मैं खुदी से लगाई बैठी।
ऐसी लागी लगन मनमोहन से -2 ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम आय बैठी।
जो हो सो हो अब ना जाऊं पलट के,
बैठी हूँ कान्हा की राहों में डट के। -2
जबतक ना मुखड़ा दिखाए सलोना ,
काटूंगी चक्कर यूहीं वंशीवट के ,
उस मोरमुकुट वाले से ,गोविंदा से ग्वाले से ,
मन बाँध के रखना है उस मतवाले से ,
जाने आ जाए-2 कब चाँद वो सामने ,
भोर से ही मैं खुद को सजाए बैठी।
मोहे लागी लगन मनमोहन से ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम आय बैठी।
मोरे नैनों से -2,निंदिया चुराई जिसने ,
मैं तो नयना उसी से लगाए बैठी।
मोहे लागी लगन....।
हरे कृष्णा ,हरे कृष्णा ,कृष्णा कृष्णा हरे हरे।
हरे रामा ,हरे रामा ,रामा रामा हरे हरे।।
Shrijirasik
झूले, पलना में, कृष्ण कन्हईया,
बधाई, बाजे, गोकुल में ॥
बधाई, बाजे, गोकुल में,
बधाई, बाजे, गोकुल में ॥
झूले, पलना में, कृष्ण...
नन्द, भवन की, शोभा न्यारी ।
तीन, लोक, जाएं बलिहारी ॥
बाजे, नोबत, ढोल शहनईया,
बधाई, बाजे गोकुल में ।
झूले, पलना में, कृष्ण...
धन्य, भयो, नन्द, बाबा को अंगना ।
पूरण, ब्रम्ह, झूल, रह्यो पलना ॥
श्याम, तन पे, पीत झगुलिया,
बधाई, बाजे गोकुल में ।
झूले, पलना में, कृष्ण...
मंगल, गावे, मिल ब्रजनारी ।
जायो, यशोदा ने, गिरवर धारी ॥
झूमे, नाचे, ग्वाल, ग्वालिनिया,
बधाई, बाजे गोकुल में ।
झूले, पलना में, कृष्ण...
‘चित्र विचित्र’, जब, सुनी खबरिया ।
आये, पकड़, ‘पागल’ की, अंगुरिया ॥
जीवे, युग युग, नन्द जु को, छैईया,
बधाई, बाजे गोकुल में ।
झूले, पलना में, कृष्ण...
Shrijirasik
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
तेरी करुणा का ऐसा जादू चला,
ये दिल तो हुआ बेगाना है।
देख छवि मेरे राधारमण जू की,
हमने बस यही ठाना है।
ऐसे कंटीले नयन तिहारे
इनमें डूब ही जाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
अलबेलों की इस बस्ती में,
मिला ऐसा एक खज़ाना है।
कितने भी तूफ़ान हैं आये,
तुमने मुझको थामा है।
दुखों को मेरे हर के प्रभु ने,
खुशी का दिया ख़ज़ाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
तेरी करुणा का ऐसा जादू चला,
ये दिल तो हुआ बेगाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
मन राधारमण का दीवाना है…
मन राधारमण का दीवाना है
Shrijirasik
पत्ता पत्ता डाली डाली मेरी श्याम वसदा ।
सारी सृष्टि दा यह मालिक मेरा श्याम सांवरा ॥
साँसों की माला श्याम पुकारे,
राधे राधे श्याम उचारे ।
मेरी साँसों की माला विच्च मेरा श्याम वसदा ॥
पत्ता पत्ता...
दीवानी हो गयी दर तेरे आके,
जग को मैं भूल बैठी तुझे अपना के ।
जग को याद अब नहीं करना, रूह विच्च श्याम वसदा ॥
पत्ता पत्ता...
राधे राधे जिसने गाया,
श्याम ने उसको अपना बनाया ।
राधे रानी के सहारे सारा जग चलदा ॥
पत्ता पत्ता...
नैना श्याम के प्रेम प्याले,
पीवन वाले पीवे भर भर प्याले ।
ओहनू मस्ती विच मिलदा मेरा श्याम सावरा ॥
पत्ता पत्ता...
Shrijirasik
कान्हा मुरली सुना दो प्यारी प्यारी रे,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
धुन मुरली की मन को भाये
मुरली सुन बिन रहा न जाये ,
तेरी मुरली बड़ी ही जादूगारी रे,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
मुरली की धुन मस्त बनाये सारे जग को नाच नचाये,
तेरी मुरली पे जाऊ वारी वारी रे
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
कान्हा मुरली मधुर भ्जाये मेरे दिल का चैन चुराए,
ले लेगी ये जान हमारी रे ,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
श्याम छेड़ो कोई ऐसा तराना भीम सेन हो जाए दीवाना
सुन के झूमे ये दुनिया सारी रे
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
Shrijirasik
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
राधा तो हुई वनवारी राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
मना मना के हर कोई हारा बात किसी की न मानी
श्याम के रंग में एसी रंग गी हो गई प्रेम दीवानी
रंगीली बई संवारी राधा तो हुई वनवारी
कान्हा की मुरली जब तटपर मीठी तान सुनाये
यमुना की लेहरे भी संग में झूमे नाचे गाये
हे उड़ गी सिर से चुनरी राधा तो हुई वनवारी
रंग केसरिया भागा सोहे मोर मुकत छवि न्यारी
होठो पे मुस्कान कटीली सूरत लागे प्यारे
वो सखियाँ संग नाच रही
राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
Shrijirasik
कैसी शोभी बनी आज मेरे यार की,
भानु की दुलारी, नन्द के कुमार की ।
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
अति मतवारे नयन मेरे युगल के,
करुणा की धारा या सों छल छल छलके ।
मैं वारि वरि जाऊं कजरे के धार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
लाड़ली की साडी लाल, काछनी है लाल की,
नज़र लगे न जोड़ी बनी है कमाल की ।
आपसे है शोभा, आप के श्रृंगार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
ऐसे सदा शोभा पाओ मेरे नयन तारे,
आपसे विनय है मेरी इतनी सी प्यारे ।
तोडना न डोर कभी मेरे प्यार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
जैसे चाँद शोभा पाए नील गगन में,
वैसे ही रमन करे राधिका रमन में ।
बात कहूं मैं बस यही सार की,
कोई तुलना नहीं है मेरी सरकार की ॥
मेरा घुंघरू बोले हरे हरे
मेरा घुंघरू बोले हरे हरे ,गोविन्द हरे गोपाल हरे ,
मेरा घुंघरू बोले हरे हरे-हरे हरे ,हरे हरे ।
इह घुंघरू मैनुं सतगुरु दित्ते,
मैं तरले कीते बड़े-बड़े।
मेरा घुंघरू बोले ........
मैं नच्चां मेरा गिरिधर नच्चे ,
मैनूं होर वी मस्ती चढ़े चढ़े।
मेरा घुंघरू बोले ........
सुन घुंघरू मेरा देवर लड़दा,
मेरी सास रैहंदी मैथों परे परे।
मेरा घुंघरू बोले ........
उल्टा-पुल्टा कई कुछ कैंहदे,
मैनु बोल सुनावन सढ़े-सढ़े।
मेरा घुंघरू बोले .....
छुट जाने इह महल चुबारे ,
रह जाने सुख धरे-धरे।
मेरा घुंघरू बोले ........
गा लै गीत ‘‘मधुप’’ गिरिधर दे ,
हरी सिमरन विच सुख बड़े-बड़े।
मेरा घुंघरू बोले ........ ।
जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए, जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए,
गम जमाने के सारे, गम जमाने के सारे,किनारे हुए,
वो एक नज़र सा डाल के जादू सा कर गये, नज़ारे मिला के मुझसे ना जाने किधर गये,
दुनिया से तो मिली थी मुझे हर कदम पे चोट,
पर उनकी एक नज़र से मेरे जख्म भर गये, पर उनकी एक नज़र से मेरे जख्म भर गये,
अब कही देखने की ना ख्वाइश रही, अब कही देखने की ना ख्वाइश रही,
जबसे वो मेरी, जबसे वो मेरी, नॅज़ारो के तारे हुए,
गुम जमाने के सारे, गुम जमाने के सारे,
किनारे हुए,
जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए, जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए,
दर्द ही अब हुमारी दवा बन गया,
यह दर्द भी दौलत है, यह दाग भी दौलत है,
जो कुच्छ भी यह दौलत है,
वो तेरी ही बडोलात है, प्यारे
गुम जमाने के सारे, गुम जमाने के सारे,किनारे हुए,
जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए
छंद:- मात्थे मुकुट देखो, चन्द्रिंका चटक देखो
भ्रकुटि मटक देखो, मुनिं मन भाई है
टेड़ी सी अलक देखो, कुंडल झलक देखो
चंचल पलक देखो, महा सुखदाई है
सुंदर कपोल देखो, अधर अमोल देखो
लोचन सलोल देखो, खंज़न लजाई है
बंशी रंमधोर देखो, सांवरों किशोर देखो
वृन्दावन और देखो, कैसी छविं छाई है
तर्ज़:- पहले वैखे नैंन मैं तेरे,फिर वैखेया तैंनूं नी
वृन्दावन धाम हमें तो, प्राणों से भी प्यारा है
तीनों लोकों को रसिकों ने, वृन्दावन पे वारा है
के मैं भी बस जाऊं वहां, के मैं भी बस जाऊं वहां
जहां यमुना किनारा है, बहे प्रेम की धारा है
वृन्दावन...
1.वृन्दावन धाम हृदय है, प्यारे कुंज बिहारी का
वृन्दावन में राज है चलता, मेरी श्यामा प्यारी का
के इन कुंज गलियों का, के इन कुंज गलियों का
बड़ा सुंदर नज़ारा है, यही भगती का द्वारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
2.वृन्दावन की लता-पता भी, राधे-राधे गाती हैं
वृन्दावन की लीला प्यारी, मेरे मन को भाती है
ये दिल मेरा कहता है, ये दिल मेरा कहता है
नहीं कोई हमारा है, वृन्दावन में गुज़ारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
3.धन वृन्दावन धाम रगिंलो, धन वृन्दावन वासी हैं
वृन्दावन के रसिक धन्य, जो श्यामा-श्याम उपासी हैं
ये चित्र विचित्र कहें, ये चित्र विचित्र कहें
पागल ने विचारा, यही भगती का द्वारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
गोवर्धन महाराज, हमारे प्रभु गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
मानसी मानसी गंगा को असनान,
धरो फिर चकलेश्वर को ध्यान,
दान घाटी में दही को दान,
करो परिक्रमा की तैयारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
इंद्र को मन मर्दन कीन्हो डूबत बृज को बचाय लीन्हो,
प्रकट भये है दर्शन दीन्हो श्री नटवर की महिमा न्यारी है,
गोवर्धन महाराज
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
भक्त जन पड़े रहे चहुँ और,
संतजन पड़े रहे चहुँ और,
देख के ध्यान धरे नित घोर,
शिखर के ऊपर नाचत मोर,
कर रहे हैं बृज की रखवारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
धन्य जो बात करें गिरिराज,
सिद्ध हो उनके बिगरे काज,
लाज भक्तन की रखे गिरिराज,
श्याम तेरे चरणन की बलिहारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
मानसी गंगा श्री हरिदेव गिरीवर की परिक्रमा देव,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
नन्द रानी जबर बेयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
मुस्कान इसकी लगे प्यारी प्यारी,
दीवानी हुई इसकी सारी ब्रिज रा री,
एह की मुरली पे जियो अटक गयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
पनघट पे आके करे जोरा जोरि,
चुपके से आके करे चीर चोरी,
मइयां हल्लो मचो तो सटक गयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
घर घर में जाके जो माखन चुरावे,
खावे सो खावे सभी पर गिरावे,
एहने रोकने हमरो खटक गयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
मैं तो दुखारी गरीबी की मारी,
नहीं जोर चाला तो दी मैं गाली,
नंदू भइया कन्हियो छटक गयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
Pujya Bhai Ji
कजरारी अंखियों से तकियो ,ओ रसिया मेरी ओर।
मेरा चित चुरा के ले गए ,यह रसिया माखन चोर।
है शोभा सबसे न्यारी रमन बिहारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी मेरे रमण बिहारी की,
मुस्काए मुरली बजाये गुलाबी अधरों से,
कस कस तीर चलाये नशीली नजरो से,
घुंघराली अल्के नागिन सी लटकाये कारी कारी,
जाऊ बार बार बलिहारी........
नख से सिख तक सिंगार जडाऊ गहने है,
कशनी बूटी दार पीताम्बर पहने है,
सिर साजे टेडी पाग नैन सुखकारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी.......
तुम्हे साधन कर अपनाऊ ये मेरे हाथ नही,
तुम ही प्राणों के प्राण यह झूठी बात नही,
तुम स्वामी और मैं दासी भानु दुलारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी.........
बड़ा नटखट है...
बड़ा नटखट है मां तेरा नंदकिशोर गलियन-गलियन घूमे दधि खाए माखन चोर
तेरा ये लाल मय्या रार मचावे रोज-रोज कुंजन में आन सतावै नंद नंदन के आगे चले ना कोई जोर
वृंदावन में रास रचाए मुरली बजा के श्याम दिल को लुभाए धुन सुन करके सखियों के मन में उठे हिलोर बड़ा नटखट है...
नृत्य करत है नंद को लाला मन का उजला तन का काला मन कुंजन में मेरे मोर मचावै शोर बड़ा नटखट है...
कोई नहीं बम बम का सहारा जंगू ने रो रो करके सबको पुकारा प्रेम के चरणों में है मेरी डोर बड़ा नटखट है...
रात श्याम सपने में...
रात श्याम सपने में आए मेरे दही पी गए सर्रर्रर्र
जब ही श्याम मेरी खिड़की खोली खिड़की कर गई चर्र र र्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरी बहियां पकड़ी बहियां कर गई तर्र र्रर्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरो माखन खायो मटकी फोड़ी कर्र र्र र्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरी चुनर झटकी चुनर उड़ गई फर्रर्र र्र रात श्याम...
चंद्र सखी भज बाल कृष्ण छवि भव से तर जाए तर्र र्र र्र रात श्याम...
रात श्याम सपने में आए मेरे दही पी गए सर्रर्रर्र
छोटी-छोटी गइयां...
छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल आगे-आगे गइयां पीछे-पीछे ग्वाल बीच में मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां...
काली-काली गइयां गोरे-गोरे ग्वाल श्याम वदन मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल छोटो-सो मेरो
मदन गोपाल घास खाएं गइयां दूध पीवे ग्वाल माखन खावे मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां...
छोटी-छोटी लकुटी छोटे-छोटे हाथ बंसी बजावे मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल
छोटी-छोटी सखियां मधुबन बाग रास रचावे मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल
श्याम हमारे घर आ जाना...
आ जाना, आ जाना, आ जाना जब भूख लगे तुम्हें श्याम, हमारे घर आ जाना खा जाना, खा जाना, खा जाना माखन आ के सुबह-शाम, हमारे घर खा जाना आ जाना...
पनघट पर भरने जाऊं जब पानी गगरी मेरी तुम्हें होगी उचवानी हंस के-हंस के बातें बना के, मुरली पड़ेगी सुनानी करने भी होंगे मेरे काम, हमारे घर आ जाना खा जाना...
करनी ना होगी तुम्हें माखन की चोरी कोई शिकायत करे न ब्रज की गोरी ग्वालन के संग में, रोको न पग में मटकी न जाएगी फोरी तंग करना न कोई ब्रजवाम, हमारे घर आ जाना आ जाना...
सोने की थाली में भोजन कराऊं गंगा जल झाड़ी रखूं बीड़ा खिलाऊं सेज बिछा के, तकिया लगाऊं प्रेम से तुम कूं सुलाके, 'प्रभु' दाबुंगी धीरे-धीरे पाम हमारे घर आ जाना खा जाना...
कान्हा की मैं तो दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना,
कान्हा दीवाना मेरा बड़ा मस्ताना,
मैया यशोदा का राज दुलारा,
मोर मुकट लागे सिर पर प्यारा,
दुनिया है इसकी दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना
कान्हा पे मरती है सारी सखाये,
पर कान्हा को भाहति है मेरी अदाएं,
चाहे कोई ये न माने रे,
मेरा कान्हा दीवाना
यमुना के तट पे ये रास रचाये,
मुरली की धुनि पे ये सब को नचाये,
प्रेम का छेड़े ये तरना रे,
मेरा कान्हा दीवाना
दीपक है कान्हा का दीवाना,
झूम झूम गाये बस तेरा ही तराना,
सारे जगत ने ये मन रे,
मेरा कान्हा दीवाना
मुझे मिला रंगीला यार ब्रिज की गलिओं में,
गलिओं में भी कुंजन में,
मोसे कहे इत आओ सजनी ,
आकर मेरी बाह पकड ली,
मैं तो हो गी शरमो सार ब्रिज की गलियों में,
मुझे मिला रंगीला .........
कैसे कहू मोपे क्या क्या गुजारी,
श्याम सुन्दर की हो गई भवरी,
जब नैना हो गये चार ब्रिज की गलियों में,
मुझे मिला रंगीला .......
हर दम अब तो रहू मस्तानी,
लोक लाज की नी बिसरानी,
मैं तो गाऊ ख़ुशी के गीत, ब्रिज की गलियों में,
मुझे मिला रंगीला ......
मोहन एसी बंसी बजाई,
सब ने अपनी सूद बिसराई,
फिर नाच उठा संसार, ब्रिज की गलियों में,
मुझे मिला रंगीला ......
श्री बांके बिहारी लाल गोपाल मन रखियो अपने चरनन में
मन रखियो अपने चरनन में मन रखियो श्री वृन्दावन में
तेरे शीश पे मुकुट विराज रहा
कानो में कुण्डल साज रहा
तेरे गल वैजन्ती माल, गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
तेरे नैनो में सुरमा साज रहा
तेरे मुख में वीणा राज रहा
तेरी थोडी में हिरा लाल, गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
तेरे हाथ लटुकिया साज रही,
पैरो में पजनियाँ बाज रही
तेरी मुरली करे निहाल,गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
श्री बांके बिहारी लाल गोपाल मन रखियो अपने चरनन में
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
मेरे ब्रज की माटी चंदन है,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.....
जिसको कहते है नंदलाला,
सारे जग का श्याम उजाला,
मन का उजला तन का काला,
मन के मंदिर में श्याम समाए,
ऐसा कोई नहीं दिल वाला,
खुला खजाने का है ताला,
सोई किस्मत खोलने वाला,
ऐसे वरदानी श्याम कहाए,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
धारा में जहाँ बहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.......
गोवर्धन परिक्रमा न्यारी,
आते दुनिया के नर नारी,
झुकाती द्वार पे दुनिया सारी,
राधे राधे के गुण गाते,
राधे श्याम के भक्त निराले,
आते दूर से आने वाले,
पाँव में पड़ जाते है छाले,
अपनी मन की मुरादों को पाते,
उतना ही सुख मिलता जितना,
उतना ही सुख मिलता जितना,
दुःख दर्द यहाँ सहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है......
कोई पैदल पैदल जाए,
कोई दूध की धार चढ़ाए,
गिरधर गिरधर नाम को गाए,
कोई श्रद्धा सुमन ले आता,
ये गिरिराज धरण का कहना,
राधे नाम को जपते रहना,
पहना भक्ति भाव का गहना,
सोई किस्मत को चमकाता,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
गा गा के यही कहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है........
ओ मोटे मोटे नैनन के तू ,
ओ मीठे मीठे बैनन के तू
साँवरी सलोनी सूरत के तू ,
ओ प्यारी प्यारी मूरत के तू ।
ओ कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये,
बाँके-बिहारी कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
काजल की कोरे - ओय होय होय,
मेरा जिगर मरोड़े - ओय होय होय,
रंग रस में भोरे - ओय होय होय,
मै तो हारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
आँखों का काजल - ओय होय होय,
मेरा जिगर है घायल - ओय होय होय,
तेरे प्यार में पागल - ओय होय होय,
कर डारि रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
तेरे मुकुट की लटकन - ओय होय होय,
तेरे अधर की मुस्कन - ओय होय होय,
गिरवह की मटकन - ओय होय होय,
बलिहारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
तेरी प्रीत है टेडी - ओय होय होय,
तेरी रीत है टेडी - ओय होय होय,
तेरी जीत है टेडी - ओय होय होय,
मै तो हारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन
हाय नजर ना लग जाये ॥
बाँके-बिहारी कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन
हाय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
ओय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
हाय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
तेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया।
ओड़ के आई मैं तो लाल चुनारिया,
मटकी उठा के मैं तो बन गयी गुजरिया।
मैं तो कर आई सोला श्रृंगार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
तेरे पीछे मैं तो आई अकेली,
बड़े गोप की नयी नवेली।
आई हूँ करने मनोहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
जब से लगी है तेरी लगनवा,
बिसर गयो मोहे घर आंगनवा।
मैं तो छोड़ आई सारा संसार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
नाचू ता ता थई थई ,
नाचू थई थई मैं नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
मोर जो बनावे तो एसो बणायो,
अपनी ही रास रसीला में नचियो
सब देखे में और नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
दही तू बनइयो चाहे दूध बनइयो
दान घाटी पे तू मोहे चडीयो,
हो राजी चित चोर,नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
टर्की बण्यो चाहे पतंग बनियो,
वृन्दावन चाहे गोकुल में उड़ाइयो.
रख अपने हाथ में डोर नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
शहनाई बनियो चाहे मुरली बनियो,
अपने ही अधरों पे मुझे सजियो,
जब हो मुरली का शोर नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
साँवरिया ऐसी तान सुना…
रस की धार बहे इस मन में,
अनुपम प्यार बहे इस मन में
तेरी याद ना विसरे इक पल,
ऐसा मस्त बना, साँवरिया ऐसी तान सुना…
भूली फिरू मैं सदन कुंजन में,
बृज की चिन में दिव्य लतन में ।
रसिकन की पग रज मस्तक की,
देवे लेख जगा, साँवरिया ऐसी तान सुना…
नयनन हो में लै अंसुअन का,
पग पग थिरक उठे जीवन का ।
हर इक प्राण पुकारे पी पी,
ऐसी तार हिला, साँवरिया ऐसी तान सुना…
हर पल तेरा रूप निहारूं,
मैं सोवत जागत तुम्हे पुकारूँ
हरी हरो मन की कुटलाई,
प्रेम की ज्योत जगा, साँवरिया ऐसी तान सुना…
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे,
तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे ।
मस्तक पर मलियागिरी चन्दन,
केसर तिलक लगाया ।
मोर मुकुट कानो में कुण्डल,
इत्र खूब बरसाया ।
महकता रहे यह दरबार सांवरे,
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
बागो से कलियाँ चुन चुन कर,
सुन्दर हार बनाया ।
रहे सलामत हाथ सदा वो,
जिसने तुझे सजाया ।
सजाता रहे वो हर बार सांवरे
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
बोल सांवरे बोल तुम्हे मैं,
कौन सा भजन सुनाऊँ ।
ऐसा कोई राग बतादे,
तू नाचे मैं गाऊं ।
नचाता रहूँ मैं हर बार सांवरे,
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी रहो नज़र उतार कितना प्यारा
तेरी रहू नजर उतार,
सांवरिया तुझको किसने सजाया है,
तुझे सुन्दर से से सुंदर गजरा पहनाया है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी...........
केसर चदन तिलक लगा कर सज धज के बेठो है,
लग गये तेरे चार चाँद जो पहने तूने हार,
कितना प्यारा है सिंगर ....
सांवरिया तेरा चेहरा चमकता है,
तेरा कीर्तन बहुत बड़ा दरबार महक ता है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
किसी भगत से कह कर कान्हा काली टिकी लगवा ले,
याद फिर तू बोले तू लेयोई राइ बाण,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया तेरे भगतो को तेरी फिकर,
कभी लगना जाये तुझे दुनिया की बुरी नजर,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
पता नही तू किस रंग का है
आज तक न जानत सखी,
बनवारी हम ने देखे है तेरे रंग हज़ार,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया थोरा बच बच के रहना जी,
कभी मान भी लो कन्हा भगतो का कहना जी,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो गाँव ना जानों,
ऊँचो बरसानों बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो घर नहीं जानों,
ऊँची हवेली बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
मेरे अँगना में तुलसी को बिरवा,
तुलसी को बिरवा बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो नाम ना जानों,
राधा रंगीली बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
Shrijirasik
मुझे वृन्दावन धाम बसाले रसिया,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
यमुना तट कभी बंसी वट पे तुझे ढूंढ़ने जाऊ,
तेरे मिलन को तरसे अखियां कैसे दर्शन पाउ,
अपनी सँवारी सी सूरत दिखादे रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
नैन से नैन मिला के तूने लूट लिया दिल मेरा,
तेरी चौकठ पे मनमोहन डाला मैंने डेरा,
अपने गोपियों के बीच छिपाले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
तेरे दर्श को व्याकुल मनवा इक पल चैन न पाउ,
बिन तेरे हुआ जीना मुश्किल तड़प तड़प मर जाऊ,
मुझे तेरे बिन कौन समबाले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
तेरे पीछे ओ रंग रसिया छोड़ दियां जग सारा,
हम भक्तों का तेरे बिना न दूजा कोई सहारा,
अपने पागल को दिल से लगा ले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरी नाम की मस्ती अनोखी है,
पी करके हमने देखी हैं,
सब चिंताओं को छोड़ के अब,
मस्ती में रहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
पीकर के आनंद आता है,
यह झूठा जग नहीं भाता है,
तुम भी थोड़ी सी पिया करो,
यह सब से कहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम में चूर जो रहते हैं,
माया से दूर वो रहते हैं,
हरी याद रहे हर पल हमको,
प्रभु नाम को जपना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
कहना यह चित्र-विचित्र का है,
मुश्किल से मिलता मौका है,
हरि नाम के पागल बन जाओ,
सब को समझाना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
जब मेरा कान्हा माखन खावे मैं मिश्री बन जाऊ,
मिश्री बनके मैं कान्हा के माखन में मिल जाऊ,
माखन बन जाउंगी मैं माखन बन जाउंगी,
कान्हा की....,
जब मेरा कान्हा गैया चराये मैं ग्वालियन बन जाऊ,
ग्वालियन बनके मैं कान्हा से संग में गैया चराऊ,
ग्वालियन बन जाउंगी मैं ग्वालियन बन जाउंगी,
कान्हा की....
जब मेरा कान्हा होली खेले मैं राधा बन जाऊ,
राधा बनके मैं कान्हा से संग में होली खेलउ,
राधा बन जाउंगी मैं राधा बन जाउंगी,
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।
गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण ।
मेरे मन मधुबन में आ ओ वृंदावन रहन वालया
मीठी मुरली की तान सुना ओ वृंदावन रहन वालेया
तुम्हे देखने को मेरे नैन भए बावरे ओ नैन भए बावरे।
बोलो रे बोलो कब आओगे सांवरे ओ आओगे सांवरे।
इन नैनों की प्यास बुझा वृंदावन रहने वालेया
मेरे मन मधुबन में.......
फागुन बसंत और सावन बिताए ने हां सावन बिताए ने
तेरे देखने को कई सपने सजाए ने हां सपने सजाए ने
बैठी कब से मैं आस लगा ओ वृंदावन रहने वालेया
मेरे मन मधुबन में......
प्रेम का तू पुजारी है अनोखी रसधार है हां अनोखी रसधार है।
रस पान करने को जिया बेकरार है हां जिया बेकरार है।
मुझे रस की वो बूंद पिला ओ वृंदावन रहन वालया
मेरे मन मधुबन में
कमली श्याम दी कमली नी में कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का, सुध बुध मेरी खोयी,
नी में कमली होई॥
१, सखी पनघट पर यमुना के तट पर लेकर पहुंची मटकी,
भूल गयी सब एक बार ही जब छवि देखि नटखट की,
देखत ही में हुईं बाँवरी उसी रूप में खोयी,
देखत ही में हुईं बाँवरी उसी रूप में खोयी,
नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
२, कदम के नीचे अखियाँ मीचे,
खड़ा था नन्द का लाला,
मुख पर हंसी हाथ में बंसी मोर मुकुट माला,
तान सुरीली मधुर नशीली तान सुरीली मधुर नशीली तनमन दियो भिगोई,
नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
३, सास नन्द मुझे पल पल कोसे हर कोई देवे ताने,
बीत रही मुझ बिरहन पर ये कोई ना जाने
पूछे सब निर्दोष बाँवरी तट पे तू कहे गयी॥
नी मैं कमली होई नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
Shrijirasik
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से,
मैया करादे मेरो ब्याह,
उम्र तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है,
कैसे करा दु तेरो ब्याह…
जो नही ब्याह कराए, तेरी गैया नही चराऊ,
आज के बाद मेरी मैया, तेरी देहली पर ना आऊ,
आऐगा, रे मजा, रे मजा, अब जीत हार का,
राधिका गोरी…
चंदन की चौकी पर, मैया तुझको बिठाऊँ,
अपनी राधा से मै, चरण तेरे दबवाऊ,
भोजन मै बनवाऊँगा, बनवाऊँगा, छप्पन प्रकार के,
राधिका गोरी…
छोटी सी दुल्हनिया, जब अंगना में डोल्ले गी,
तेरे सामने मैया, वो घूँघट ना खोलेगी,
दाऊ से जा कहो, जा कहो, बैठेंगे द्वार पे,
राधिका गोरी ……
सुन बातें कान्हा की, मैया बैठी मुस्काए,
लेके बलइया मैया, हिवडे से अपने लगाए,
नजर कहि लग जाए, ना लग जाए, ना मेरे लाल को,
राधिका गोरी ……
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन,सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन, सुखकारी राधे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मोर मुकुट, मकरा कृत कुण्डल, गल वैजयंती माला ll
चरणन नुपर, रसाल राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
सुन्दर वदन, कमल-दल लोचन,बांकी चितवन हारी ll
मोहन वंशी, विहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
वृन्दावन में, धेनु चरावे, गोपी जन मन हारी ll
श्री गोवेर्धन, धारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधा कृष्ण, मिले अब दोऊ, गौर रूप अवतारी ll
कीर्तन धर्म, प्रचारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
तुम बिन मेरा, और ना कोई, नाम रूप अवतारी ll
चरणन में, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
नारायण, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे राधे, श्याम, राधे राधे, श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे llll
वृन्दावन जाउंगी सखी
वृन्दावन जाऊंगी
,
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी....
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,
श्याम की याद में,
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,
श्याम की याद में,
मेरे नैनन बरसे नीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
श्याम सलोनी सूरत पे,
दीवानी हो गई,
अब कैसे धारू धीर सखी,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
इस दुनिया के रिश्ते नाते,
सब ही तोड़ दिए,
तुझे कैसे दिखाऊं दिल चिर,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
नैन लड़े मेरे गिरधारी से,
बावरी हो गई,
दुनिया से हो गई अंजानी,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी......
Shrijirasik
श्यामा हृदय कमल सो प्रगट्यौ, और श्याम हृदय कू भाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन,
श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
सब सुख सागर रूप उजागर, रहे वृंदावन धाम
रूप गोस्वामी प्रगट कियो जहा, राधा गोविंद रूप निधान
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
बिहरत निसदिन कुंज गलिन में, ब्रज जन मन सुख धाम
मदन मोहन को रुप निरख के, सनातन बलि बलि जाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
गोपी ग्वाल सब हिय उर धारे, प्यारो गोपीनाथ
मधुपण्डित जिन कंठ लगायो, जहा है रही जय जय कार
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
श्री गोपाल भट्ट कि हृदय वेदना, प्रगट्यौ शालिग्राम
रुप सुधा को खान हमारो, प्यारो राधारमण जु लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
आतुर है हरिवंश पुकारो, श्री राधा राधा नाम
सघन कुंज यमुना तट आयो, प्यारो राधावल्लभ लाल
मदन टेर यमुना तट आयो, प्यारो राधावल्लभ लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
युगल किशोर कु लाड लडायो, नवल कुंज हिय माए
कुंज निकुंजन की रज धारे, हरि व्यास युगल यश गाए
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
भुवन चतुर्दश की सुंदरता, निधिवन करत बिहार
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी, श्यामा प्यारी बाके बिहारी
और जय जय श्री हरिदास, वृन्दावन प्यारो वृन्दावन
जिनकी कृपा से यह रस प्रगट्यौ, वृंदावन अभिराम
सप्तनिधीन को हिय उजियारो, इन्द्र-ईश इंद्रीश दुलारो,
हमारो गिरधर लाल
यह आनंद बरसाने वारो, हम सब को है प्राण पियारो
हमारो गिरधर लाल
वृन्दावन प्यारो वृन्दावन, श्री वृंदावन मेरो वृन्दावन
जय राधे राधे, जय राधे राधे
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधा रानी का,
कोई नन्दलाल कहता है कोई गोपाल कहता है,
कोई कहता कन्हिया है कोई बंसी बजैया है,
नाम बदल के रख डाला उस कृष्ण मुरारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
सभी को कहते देखा है बड़ी सरकार है राधे,
लगे गा पार भव से कहे जो एक बार राधे,।
बड़ा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
तमाशा एक देखा ज़रा बनवारी सुन ले,
राधा से मिलने खातिर कन्हैया बेश बदले,
कभी तो चूड़ी वाले का कभी पुजारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
कमल लज्जाये तेरे नैनो को देख के ।
भूली घटाए तेरी कजरे की रेख पे ।
यह मुखड़ा निहार के, सो चाँद गए हार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
कुर्बान जाऊं तेरी बांकी अदाओं पे ।
पास मेरे आजा तोहे भर मैं भर लूँ मैं बाहों में ।
जमाने को विसार के, दिलो जान टोपे वार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
रमण बिहारी नहीं तुलना नहीं तुम्हारी ।
तुझ सा ना पहले कोई ना देखा अगाडी ।
दीवानों ने विचार के, कहा यह पुकार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
Shrijirasik
बाजे रे मुरलिया बाजे।
अधर धरे मोहन मुरली पर,
होंठ में माया बिराजे॥
बाजे रे मुरलिया बाजे॥
हरे हरे बांस की बनी मुरलिया,
मर्म मर्म को अंगुरिया।
चंचल चतुर अंगुरिया जिस पर,
कनक मुन्दरिया साजे॥
पीली मुन्दरी अंगुरी श्याम,
मुंदरी पर राधा का नाम।
आखर देखे सुने मधुर स्वर,
राधा गोरी लाजे॥
भूल गयी राधा भरी गागरिया,
भूल गए गो धन को सांवरिया।
जाने ना जाने एह दो जाने,
जाने लग जग राजे॥
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
अब क्या बताऊँ, मोहन, मोहन
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
तेरी बदौलतों से
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
कन्हैया, हाँ-हाँ, ओ, मेरे प्यारे
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा, आ आ
अरे, थामा है तेरा दामन, दामन
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
नैनन में श्याम समाए गौ मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ
नैनन में श्याम समाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ।
लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।
मोहे गैल गिरारे पाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
मर जाउंगी कान्हा तेरे अधरन पे,
मिट जाउंगी श्याम तेरे नैनन पे ।
वो तो तिरछी नज़र चलाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,
तेरे बेसर की मोती झलकन पे ।
सपने में कहा बतराए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
पागल को है प्यारो वो नंदलाला,
दीवाना भए है जाके सब ग्वाला ।
वो तो मधुर मधुर मुस्काये गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,
तू काला होकर भी जग से निराला क्यों॥
मैंने काली रात को जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
मेरी कमली भी काली है,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का भी दिल काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
मैंने काली नाग पर नाच किया,
और काली नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग काला,
इसलिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग काला,
इसलिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे कान्हा....
ब्रजभूमि में पांव धरत ही 2
तन मन बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
गोवर्धन की रज रज यमुना
कण कण बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
पशु पक्षी और तरु लताएं
हर डाल डाल बोले राधा राधा राधा
तन मन धन सब तुमको अर्पण
हर श्वास श्वास बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती है दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
किसी को चाड रहा नशा जगत का
किसी को नाम की मस्ती
खूब पियो जिसे जो पीना हो
हम पिएँगे वृंदावन की लस्सी
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई कहे नया साल है आया
कोई कहे हॅपी न्यू एअर
हम पहुंचे सदगुरु की कृपा से
अपने मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम सब आगाय श्री वृंदावन
हम पहुचे मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई तो जावे देश विदेशन
कोई हिल स्टेशन
बड़े भागी अपने को मानो
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
श्याम के नैना कजरारे सखी री मोपे जादू सो डारे,
श्याम के नैना कजरारे सखी री मोपे जादू सो डारे,
जादू सो डारे सखी री मोपे टौना सो डारे-2,
श्याम के नैना कजरारे सखी री मोपे जादू सो डारे ।।
बलिहारी जाऊं मैं तेरी अदा पे, मोर मुकुट की बांकी छटा पे,
बलिहारी जाऊं मैं तेरी अदा पे, मोर मुकुट की बांकी छटा पे,
श्याम के-3, नैना मतवारे, सखी री मोपे जादू सो डारे।। श्याम के-
मै उनकी वो प्रियतम मेरे, श्याम बसो नैनन मे मेरे,
मै उनकी वो प्रियतम मेरे, श्याम बसो नैनन मे मेरे,
श्याम के-3, नैना रतनारे, सखी री मोपे जादू सो डारे ।। श्याम के-
नैनन चोट लगी है नैनन की, सुध बुध भूल गई तन मन की,
नैनन चोट लगी है नैनन की, सुध बुध भूल गई तन मन की,
श्या मेरे-3, नैनन के तारे, सखी री मोपे जादू सो डारे ।। श्याम के-
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मेरा दिल तो दीवाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मुरली बाले तेरा,बंशी बाले तेरा॥
नजरो का निशाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
दीवानगी ने क्या क्या दिखाया ।॥
दुनिया छुड़ाकर तुमसे मिलाया।
दुश्मन जमाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल .............
जब से नजर से नजर मिल गयी है॥
उजड़े चमन की कली खिल गयी है।
क्या नजरे मिलाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल ............
यह दुनिया पागल खाना है,
जहा पागल आते जाते है,
मेरा मेरा कहने वाले सब पागल बन कर जाते है,
कोई पागल है धन दोलत का कोई पागल नर नारी का,
पर सचा तो पागल बही है जो पागल है बनके बिहारी का,
तू मेरे प्यारा प्यारा मैं तेरा पागल ओ तिरछी नजर से है दिल मेरा घायल,
मेरा दिल ............
प्राणों के प्यारे कहा तुम गए हो ।
मेरी आँखों के तारे कहा छुप गए हो।
मैं तो प्यार में पागल हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल..........
Shrijirasik
सावरे रसिया से अपनी पुरानी यारी ।
अपनी पुरानी यारी सखियों अपनी पुरानी यारी।
ये रसिया मोहे लागे प्यारो
तीन लोक से लागे न्यारा
ओ वृंदावन में रास रचाए , बांका छैल बिहारी
सांवरे रसिया se-------
ये रसिया मेरो माखन चुरावे
कछु खावे कछु ग्वालों को खिलावे
अरी मेरो तो याने हियरा churayo माखन चोर मुरारी
सांवरे रसिया se-------
ये रसिया मेरो रंग रंगीलो।
रंग रंगीलो रसिया छैल छबीलो ॥
अरी प्रेम रंग में याने बोरो
या को नाम है छैल बिहारी॥ सावरे रसिया से......
ये रसिया मेरे सपने में आवे।
मीठी मीठी मीठी बातें सुनावे ॥
जब या रसियाए पकड़न लागी
खुल गई आंख हमारी॥ सावरे रसिया से......
मोहनी मूरति मेरे मन को भायी।
लोक लाज दीन्ही बिसराई ॥
या प्यारे के चरणों में मैने सबकुछ दियो लुटाई
मेरो प्यारो बांके बिहारी॥ सांवरे रसिया से....
मेरा दिल तो दीवाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मुरली बाले तेरा,बंशी बाले तेरा॥
नजरो का निशाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
दीवानगी ने क्या क्या दिखाया ।॥
दुनिया छुड़ाकर तुमसे मिलाया।
दुश्मन जमाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल .............
जब से नजर से नजर मिल गयी है॥
उजड़े चमन की कली खिल गयी है।
क्या नजरे मिलाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल ............
यह दुनिया पागल खाना है,
जहा पागलआतेजाते है,
मेरा मेरा कहने वाले सब पागल बन कर जाते है,
कोई पागल है धन दोलत का कोई पागल नर नारी का,
पर सचा तो पागल बही है जो पागल है बनके बिहारी का,
तू मेरे प्यारा प्यारा मैं तेरा पागल ओ तिर्चि नजर से है दिल मेरा घायल,
मेरा दिल ............
प्राणों के प्यारे कहा तुम गए हो ।
मेरी आँखों के तारे कहा छुप गए हो।
मैं तो प्यार में पागल हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल..........
काली कमली वाला मेरा यार है
ओ गिरिधर, ओ काहना, ओ ग्वाला, नंदलाला,
मेरे मोहन, मेरे काहना, तू आ ना, तरसा ना ।
काली कमली वाला मेरा यार है,
मेरे मन का मोहन तू दिलदार है ।
तू मेरा यार है, मेरा दिलदार है ॥
मन मोहन मैं तेरा दीवाना, गाउँ बस अब यही तराना ।
श्याम सलोने तू मेरा रिजवार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है ॥
तू मेरा मैं तेरा प्यारे, यह जीवन अब तेरे सहारे ।
तेरे हाथ इस जीवन की पतवार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है ॥
पागल प्रीत की एक ही आशा, दर्दे दिल दर्शन का प्यासा ।
तेरे हर वादे पे मुझे ऐतबार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है ॥
तुझको अपना मान लिया है, यह जीवन तेरे नाम किया है ।
चित्र विचित्र को बस तुमसे ही प्यार है, मेरे मन का मोहन तू दिलदार है ॥
एक तू जो मिला सारी दुनिया मिली,
खिला जो मेरा मन सारी बगिया खिली,
तू सूरज मैं सूरजमुखी हूँ पिया,
ना देखूँ तुझे तो खिले ना लागे जिया,
तेरे रंग मैं रंगी मेरे मन की कली,
खिला जो ...
अनोखा हैं बंधन ये कँगन साजन,
बिना डोर के बंध गया मेरा मन,
तू जिधर ले चला मैं उधर ही चली,
खिला जो ...
कभी जो ना बिछड़े वो साथी हूँ मैं,
तू मेरा दीया तेरा बाती हूँ मैं,
जो तो चाहा बुझी जलाया जली,
खिला जो ... ..
Shrijirasik
बांके बिहारी की अंखिया जादू कर गई
बिसर गई सुध रही न तन की ......हाय रे.....
मै तो मर गई मर गई मर गई मर गई
मेरे नन्द लाला की अंखिया जादू कर गई
इन अंखियो ने मुझ को लुटा
दुनिया का हर बंधन टुटा
इन्हें देख के मै तो लोगो
अब तो नाचने लग गई लग गई लग गई लग गई
बांके बिहारी.........
बांकी चितवन बांकी झांकी
दीवानी मै बांकी अदा की
ऐसा रूप मुझे दिखलाया
दीवानी मै बन गई बन गई बन गई बन गई
बांके बिहारी.........
बांके बिहारी की अंखिया जादू कर गई
बिसर गई सुध रही न तन की ......हाय रे.....
मै तो मर गई मर गई मर गई मर गई
बांके बिहारी...........
मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री कछु जादू सो कर गए री,
मेरे कुञ्ज बिहारी के नैना सखी री कछु जादू सो कर गए री,
जादू सो कर गए टोना सो कर गए,
मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
राधा रसिक बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.....
जाने केसों कर गयो जादू ,
कर गयो जादू हाँ कर गयो जादू,
मेरा दिल मेरे रहो ना काबू रहो ना काबू,
हाँ रहो न काबू
दिन बीते कटे नहीं रैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री.....
लूट गई देख छवि तेरी प्यारी,
छवि तेरी प्यारी छवि तेरी प्यारी,
जादूगर ऐसो बांके बिहारी,
बांके बिहारी प्यारो बांके बिहारी,
वो चलाये रहो तिरछे सैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री......
मोटी मोटी अँखियाँ बड़ी कजरारी,
बड़ी कजरारी बड़ी कजरारी,
गोल कपोलन के लट घुंघराली,
लट घुंघराली रे लट घुंघराली,
ऐसो सुन्दर श्याम सलोना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.....
नैना बिहारी जी के रस के प्याले,
रस के प्याले,रस के प्याले,
चित्र विचित्र पागल कर डारे,
पागल कर डारे पागल कर डारे,
देखे बिन चैन पड़े ना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.......
Shriradharasik
दीवाना बना दिया हमे, मस्ताना बना दिया ll
हो बनवारी lll तेरी यारी ने, दीवाना बना दिया ll
भूल गई सुध बुध अपनी, बे-सुध सी हो गई,
अपने ही घर में रह कर, बेघर सी हो गई ll
तुम्हे शमा ll, बना के दिल अपना, परवाना बना दिया
बनवारी तेरी यारी ने...........
तेरी पायल का बन घुंघरूं, नाचूंगी संग मैं,
छोड़ रंग दुनियाँ के रंग गई, तेरे ही रंग में ll
तुम्हे बना के ll, मथुरा और खुद को, बरसाना बना दिया
बनवारी तेरी यारी ने............
कुछ भी कहे ज़माना, अब कोई परवाह नहीं,
धन दौलत और शोहरत की, अब मुझ को चाह नहीं ll
क्या करूँ ll, कांच के टुकड़ों का, मैंने हीरा पा लिया,
बनवारी तेरी यारी ने........
तुम जो प्रेम पतंग बनो, बन जाऊँगी डोर मैं,
उड़ती फिरूं गगन में संग संग, चारों ओर मैं ll
कहे किशन ll,तेरी पद रैनू ने, जग बंधन छुड़ा लिया,
बनवारी तेरी यारी ने.............
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने ।
छलिया से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने ॥
हर बात निराली है उसकी, कर बात में है इक टेडापन ।
टेड़े पर दिल क्यूँ आया है, यह मैं जानू या वो जाने ॥
जितना दिल ने तुझे याद किया, उतना जग ने बदनाम किया ।
बदनामी का फल क्या पाया हैं, यह मैं जानू या वो जाने ॥
तेरे दिल ने दिल दीवाना किया, मुझे इस जग से बेगाना किया ।
मैंने क्या खोया क्या पाया हैं, यह मैं जानू या वो जाने ॥
मिलता भी है वो मिलता भी नहीं, नजरो से मेरी हटता भी नहीं ।
यह कैसा जादू चलाया है, यह मैं जानू या वो जाने ॥
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने ।
छलिया से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने ॥
जब से सांवरे ने पकड़ा मेरा हाथ हो गई मेरी बल्ले बल्ले ॥
वो तो रहता मेरे हर पल साथ ॥
होगी मेरी बल्ले बल्ले,
हए मेरी बल्ले बल्ले,ओये मेरी बल्ले बल्ले,
जब से सांवरे ने पकड़ा मेरा हाथ हो गई मेरी बल्ले बल्ले ॥
बिगाड़ा मुकदर मेरा पल में सवारा है॥
डूबी हुई कश्तियो को दे दिया किनारा है ॥
मेरे होगे निराले ठाठ॥
होगी मेरी बल्ले बल्ले,
जब से सांवरे ने पकड़ा मेरा हाथ हो गई मेरी बल्ले बल्ले ॥
सवाँरे के बिन मुझे कोई नी बहता है ॥
मेरा मेरे सांवरे से प्रेम का ही नाता है ॥
वाहंदी सांवरे ने प्रेम की गाँठ ॥
होगी मेरी बल्ले बल्ले,
जब से सांवरे ने पकड़ा मेरा हाथ हो गई मेरी बल्ले बल्ले ॥
सँवारे के जैसा कोई और नही देखा है ॥
बिगरी हुई किस्मतो की बदले यह रेखा है ॥
अब तो मौज मैं कटे मेरी रात ॥
होगी मेरी बल्ले बल्ले,
जब से सांवरे ने पकड़ा मेरा हाथ हो गई मेरी बल्ले बल्ले ॥
हम सब भक्तों का यह पुराना है ॥
मेरे सरकार का तो पागल जमाना है ॥
हम गरीबो की बड़ा दी औकात ॥
होगी मेरी बल्ले बल्ले,
जब से सांवरे ने पकड़ा मेरा हाथ हो गई मेरी बल्ले बल्ले ॥
तेरी गलियों का मैं हु आशिक तू एक नगीना है,
तेरी नजरो से सँवारे जाम पीना है,
तेरी गलियों का मैं हु आशिक तू एक नगीना है,
मेरे हरदम मेरे साथी मेरे साथी हमदम,
तेरी ख़ुशी मेरी ख़ुशी तेरा गम मेरा गम,
तू लाहु है तू जान है तू ही पसीना है,
तेरी गलियों का मैं हु आशिक तू एक नगीना है,
तेरे सिवा कोई दूसरा नहीं मेरा,
छोड़ो नहीं कस के पकड़ा ये दामन तेरा,
तू ही मका तू ही काबा तू ही मदीना,
तेरी गलियों का मैं हु आशिक तू एक नगीना है,
चाहे दो जखम चाहे जन्नत में पोहचंदे मुझको,
या डुबो दे या पार लगा दे मुझको,
तू ही दरिया तू ही साहिल तू ही सफीना है,
तेरी गलियों का मैं हु आशिक तू एक नगीना है,
तेरे बिना एक पल मैं जी नहीं सकता,
ये जुदाई के दर्द को मैं पी नहीं सकता,
तेरी गलियों में सँवारे मरना जीना है,
तेरी गलियों का मैं हु आशिक तू एक नगीना है,
श्याम चंदा है श्यामा चकोरी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
श्याम रसिया है राधा रसीली,
श्याम चंचल है राधा शरमीली,
श्याम नटखट है राधा है भोली,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
कृष्ण राधा है रास की वो धारा,
जिसमे दूभा संसार सारा,
चिर जीवी ये दोनों की जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
दोनों में प्रेम इतना है जयदा,
राधा मोहन और मोहन है राधा,
मधु दोनों एक प्रेम जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
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