॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Krishna - Longing Bhav
कृष्ण - विरह भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
ना जाने क्यों बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन।
दोहा –
जितना दिया सरकार ने मुझको, उतनी मेरी औक़ात नहीं,
ये तो करम है उनका वर्ना, मुझ में तो ऐसी बात नहीं।
प्रीतम ये मत जानियो, तुम बिछड़े मोहे चैन,
जैसे जल बिन माछली, तड़पत हूँ दिन रेन।
ना जाने क्यों बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन,
कभी ना नींद भर सोया, तुम्हारी याद में मोहन।।
- तुम्हारी याद आती है।
ना तुम पूजा से मिल पाते, ना हम कोई पुण्य कर पाते,
मैं गठरी पाप की ढोया, तुम्हारी याद में मोहन,
ना जाने क्यूँ बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन।।
जमाना रूठ जाए पर, ना रूठो तुम मेरे दाता,
पुराना जन्म जन्मों का, कन्हैया आप से नाता,
मैं ठोकर दुनिया की खाया, तुम्हारी याद में मोहन,
ना जाने क्यूँ बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन ।।
दया कर दो मेरे प्यारे, तुम्ही दाता कहाते हो,
नैनो में नीर है मेरे, मुझे तुम क्यूँ रुलाते हो,
तड़प अब सह नहीं पाया, तुम्हारी याद में मोहन,
ना जाने क्यूँ बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन
Shrijirasik
तर्ज - आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
तेरी राधा नीर बहाए , तुझको पास बुलाए,
जब से मोहन छोड़ गया तू , आंसू रोक न पाए,
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
बृज की तुझको रज पुकारे, गोपियों का माखन ,
तेरी सखिया तुझको पुकारे, आजा मेरे मोहन ,
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
गोकुल तेरा सुना पड़ा हैं , याद में तेरी मोहन ,
जैसे कोई छीन गया हो, उससे उसका बचपन ,
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
मैया बुलाये तुझको कन्हैया , लल्ला मेरे आ रे,
माँ की लोरी , माँ का पलना , कान्हा तुझको पुकारे,
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
Shrijirasik
तर्ज – चार दिनों का प्यार ओ रब्बा (लम्बी जुदाई)
( बिछड़े अभी तो हम बस कल परसों,
जिऊंगी मैं कैसे इस हाल में बरसों,
राधा पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए॥ )
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए,
देर लगाए,
भक्त पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए......
एक तो श्याम मेरे पास नहीं रे,
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे,
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे,
उसपे ये सावन आया, हाय
उसपे ये सावन आया,
आग लगायी,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए,
देर लगाए,
भक्त पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए......
चिठ्ठीये नी दर्द फ़िराक़ वालिये,
ले जा ले जा संदेशा सोहणे यार दा
तेनु वासता दिल दी पुकार दा
ले जा ले जा संदेशा सोहणे यार दा....
बाग उजड़ गए खिलने से पहले,
श्याम बिछड़ गए मिलने से पहले,
कोयल की कुक ने हुक लगाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए,
देर लगाए,
भक्त पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए.....
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए,
देर लगाए,
भक्त पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए.....
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना,
एकेले मत आना नन्दलाला,
संग राधा जी को लाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
हँसते हँसते निकले दम,
बिछुड़न का मत देना गम,
छवि दिखला देना प्यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जोड़ी हो जुगल सन्मुख मेरे,
तुम आकर दरश दिखाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
चलने की हो तैयारी,
नैनन में हो छवि तुम्हारी,
इतनी है विनय हमारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
आ जाना तुम प्रानन प्यारे,
मत करना कोई बहाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
जब प्राण कण्ठ में आवे,
दिल तुझको श्याम बुलावे,
तुमसे है मेरी यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जीवन तेरा तेरे अर्पण,
ओ मुरली वाले कान्हा,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
पागल की तुमसे विनती,
हर घडी सांस को गिनती,
बीती ये उमरिया सारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
मर मर के जनम लू दुनिया में,
तेरा भूलू नही तराना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
Shrijirasik
तुमने ठुकराया कान्हा तो कहां पर जाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा,
तुमने ठुकराया कान्हा तो कहां पर जाऊंगा.....
हे दयामय कर दया की भीख दो,
हाथ किसके दर पे जा फैलाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा......
जिंदगी पापो में सारी कट गई,
किस तरह मुंह आपको दिखलाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा......
मुझको ना तारो मुझे दो कुछ सजा,
पापियों में नाम मैं कर जाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा......
हे श्यामा मेरी खता सब माफ कर,
उम्र सारी गीत तेरे गाऊंगा,
नाम ले लेकर तेरा मर जाऊंगा......
Shrijirasik
बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा-2
दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥
सुना है जो तेरे दर पे आए,उसके सब दुखड़े मिट जाए-2
आया शरण तिहारी रे-2 अब दूर करो दुख मेरा।
श्री बांके बिहारी.....2
जनम जनम का मैं हूँ भटका ,बेड़ा आज भवर में अटका-2
पार करो बनवारी रे-2 अब दूर करो दुख मेरा।
श्री बांके बिहारी....2
शबरी अहिल्या गणिका नारी,सब ही तुमने पार उतारी-2
आयी मेरी बारी रे-2,अब दूर करो दुख मेरा।
श्री बांके बिहारी....2
मोर मुकुट पीताम्बर धारी,संग में हो श्री राधा प्यारी-2
मेरे गिरवर धारी रे-2,अब दूर करो दुख मेरा।
श्री बांके बिहारी....2
बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा,
दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥
Shrijirasik
श्याम मथुरा ना जा तेरी राधा रो रो पुकारे
हम जिएंगे किसके सहारे
गोपी ये रो रो के आहें भरे
तेरे बिना है कौन नटखट मेरे
श्याम मथुरा ना जा
तेरी गैईया रो रो पुकारे
हम जिएंगे किसके सहारे
किधर गई ओ तसली तेरी
रुल जायेगी जींद कली मेरी
श्याम मथुरा ना जा
यशोदा मैया ये रो रो पुकारे
हम जिएंगे किसके सहारे
तेरे बिना जिन्दा रहना नही
दर्द जुदाई का सेहना नही
तेरी गोपी ये रो रो पुकारे
हम जिएंगे किसके सहारे
Shrijirasik
मथुरा को ना जाओ कन्हईया
मथुरा, को ना, जाओ कन्हईया,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ॥
ओ तेरी रोवे, यशोदा मईया,
ओ तेरी रोवे, यशोदा मईया,
मथुरा, को ना, जाओ...
ओ तेरे, बिन राधा, कैसे रहेगी ।
ओ तेरी, यादों में, रो रो मरेगी ॥
कैसे, रहेंगे, ग्वाले भईया,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ।
मथुरा, को ना, जाओ...
कौन खाएगा, चोरी चोरी माख्खन ।
कौन नाचेगा, नंद जी के आंगन ॥
कौन लाएगा, घेर घेर गईयां,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ।
मथुरा, को ना, जाओ...
तेरे बिन, ब्रज में ना, कोई मेरा ।
एक, तूँ ही तो है, सहारा मेरा ॥
मेरा कोई ना, हाल पूछेईया,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ।
मथुरा, को ना, जाओ...
तेरे बिन ब्रज में, कैसे रहेंगे ।
तेरी यादों में, रो रो मरेंगे ॥
अब तो, कोई ना, धीर धरेईया,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ।
मथुरा, को ना, जाओ...
जय श्री कृष्णा
Shrijirasik
श्याम मुरली तो बजाने आओ ,
रूठी राधा को मनाने आओ ....
ढूँढती है तुझे ब्रज की बाला,
रास मधुबन में रचाने आओ ,
श्याम मुरली....
राह तकते हैं यह ग्वाले कब से,
फिर से माखन को चुराने आओ जी,
श्याम मुरली....
इंद्र फिर कोप कर रहा बृज पर,
नख पर गिरिवर को उठाने आओ जी,
श्याम मुरली....
Shrijirasik
मेरो मन वृंदावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको,
बनके जोगन डोलत ब्रज में, बन के जोगन डोलत ब्रज में,
पीवत यमुना जल को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको
मेरो मुझ में कुछ ना मोहन, तेरी मिट्टी तेरो कण कण,
मेरो मुझ में कुछ ना मोहन, तेरी मिट्टी तेरो कण कण,
वृंदावन की कुंज गलिन में, वृन्दावन की कुंज गलिन में,
मिल जाओ प्रभु मुझको,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ...
इस जोगन के तुम हो साजन, करना है सब आत्म समर्पण,
इस जोगन के तुम हो साजन, करना है सब आत्म समर्पण,
अंत समय आनंद मिले मोहे, अंत समय आनंद मिले मोहे,
बस वेणु के रस को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ....
याद में तोरी भई बावरी, सुध लो मोरी कुंज बिहारी,
याद में तोरी भई बावरी, सुध लो मोरी कुंज बिहारी,
अब आओ मेरे प्राण पियारे, अब आओ मेरे प्राण पियारे,
अपनाओ या जन को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको.
मेरो मन वृंदावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको,
बनके जोगन डोलत ब्रज में, बन के जोगन डोलत ब्रज में,
पीवत यमुना जल को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ...
Shrijirasik
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा
कहो तो भगवा भेष
कहो तो मोतियन मांग भरावा
कहो छिटकावा केश
बाला मैं बैरागन हूंगी
प्राण हमारा वह बसत है
यहाँ तो खाली खोड़
मात पिता परिवार सहूँ है
कही ये दिन का तोड़
बाला मैं बैरागन हूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
Shrijirasik
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
जादू करके , ओह जादू करके , जादू करके ओ पिया गयो जादू करके
जादू करके , जादू करके, जादू करके ओह जादू करके
कित गयो जादू करके…
नन्दनंदन पिया कपट जो कीनो-2
निकल गयो, निकल गयो छल करके
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
ओ पिया कित गयो जादू करक……
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे — 5
कबहु मिले ,कबहु मिले ,कबहु मिले ,
आग भरके जादू करके,
जादू करके -4
ओ पिया कित जादू करके…-2
मीरा दासी शरण जाे आई -5
चरणकमल, चरणकमल ,चरणकमल चित धरके
जादू करके, जादू करके -3
ओ पिया कित गयो जादू करके…
गिरधार नागर कहती मीरा -2
नटवर नागर कहती मीरा -2
गिरधार नागर कहती -2
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
जादू करके , ओह जादू गयो करके , जादू करके ओ पिया गयो जादू करके
जादू करके , जादू करके, जादू करके ओह जादू करके
कित गयो जादू करके…
Shrijirasik
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जां के नैना कारे टेढ़ी चाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
निंदिया ना आवे रोज़ सतावे
सौत मुरलिया मोहे जगावे
निंदिया ना आवे रोज़ सतावे
सौत मुरलिया मोहे जगावे
नैना जां के हैं कमाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
कुञ्ज बिहारी श्री हरिदासी
करुणा की है आस ज़रा सी
कुञ्ज बिहारी श्री हरिदासी
करुणा की है आस ज़रा सी
मन बस गयो मेरो बांको लाल
जादू...जादू कर गयो रे जादू कर गयो
जादू कर गयो कर गयो
यशोमत को ये लाल
Shrijirasik
सुन राधिका दुलारी,
हूँ द्वार का भिखारी,
तेरे श्याम का पुजारी,
एक पीड़ा है हमारी,
हमें श्याम न मिला
हमसोचते थे कान्हा कही कुंजन में होगा,
अभी तो मिलन का हमने सुख नहीं भोगा
ओ सुनके प्रेम कि परिभाषा,
मन में बंधी थी जो आशा,
आशा भई रे निराशा,
झूटी दे गया दिलाशा
हमें श्याम न मिला
देता है कन्हाई जिसे प्रेम कि दिशा,
सब विधि उसकी लेता भी है परीक्षा
ओ कभी निकट बुलाये,
कभी दूरियाँ बढ़ाये,
कभी हंसाए रुलाये,
छलिया हाथ नहीं आये
हमें श्याम ना मिला…
ओ अपना जिसे यहाँ कहे सब कोई,
उसके लिए में दिन रात रोई,
ओ नेह दुनिया से तोडा,
नाता संवारे से जोड़ा,
उसने ऐसा मुख मोड़ा,
हमें कही का ना छोड़ा
हमें श्याम ना मिला
Shrijirasik
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे,
तुम बिन रह्यो न जाय, गोवर्धन वासी सांवरे….
बंक चिते मुसकाय के, सुंदर बदन दिखाय,
लोचन तड़पे मीन ज्यों, जुग भर धरी बिहाय,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
सप्तक स्वर बंधान सौं, मोहन वेणु बजाय,
सुरति सुहाई बांधिके, मधुर – मधुर गाय,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
रसिक रसीली बोली, गिरि चढ़ि गाय बुलाय,
गाय बुलाई दूधरी, ऊंची टेर सुनाय,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
दृष्टि पड़ी जा दोष ते, तब ते रुचे न आए,
रजनी नींद न आवरी, एहि बिसरे भोजन पान,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
दर्शन को नैना तपे, वचन सुनन को कान,
मिलिबे को हियरा तपे, हिय की जीवन प्राण,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
मन अभिलाषा यह रहे, लगे न नैन निमेष,
इक टक देखूं, नटवर नागर भेष,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
पूरन शशि मुख देख के, चित्त चोटयो वही ओर,
रूप सुधा रसपान को, जैसे चन्द्र चकोर,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
लोक लाज विधि वेद के, छाँड़े सबई विवेक,
कमल कली रवि ज्यों बढ़े, छिन – छिन प्रीति विशेष,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
मन मथ कोटिक वारिने, देखी डगमग चाल,
युवती जनमन फन्दना, अम्बुज नयन विशाल,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
कुंज भवन क्रीड़ा करो, सुख निधि मदन गोपाल,
हम वृंदावन मालती, तुम भोगी भ्रमर भूपाल,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
यह रट लागी लाडिले, जैसे चातक मोर,
प्रेम नीर वर्षा करो, नव घन नन्द किशोर,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
युग – युग अविचल राखिए, यह सुख शैल निवास,
श्री गोवर्धन रूप पे, बल जाय चतुर्भुज दास,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
तुम बिन रह्यो न जाय, तुम बिन रह्यो न जाय,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
Shrijirasik
गोपी विरह गीत :
व्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों का है प्रेम पुराना ।।
आज से सूनीं गलियाँ राहें ।
पनघट पे भरना है आहें ।।
छोड़के हमको ना तुम जाना ।।
ब्रज गोपियों से........
मैया बाबा को ना छोड़ो ।
प्रेम के रिश्तों को ना तोड़ो ।।
याद करो वो माखन चुराना ।।
ब्रज गोपियों.......
कुंज-निकुंज का मिलना सपना ।
कैसे कहें कान्हा था अपना ।।
कान्त विरह में है आँसू बहाना ।।
ब्रज गोपियों से.......
Shrijirasik
बोल-एक वादा किया,तेरे प्यार की कसंम
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
1. उसे डुंडने को फिरूं मारा मारा,
जानें कहां छिप गया प्राण प्यारा
ये प्यासी हैं अखियां,दिदार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
2. बांके बिहारी का मैं हूं दिवाना,
पागल कहे मुझे सारा ज़माना
अब ये सांसे बची,इंतजार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
3. भक्तों की,सुध कब लोगे
कुछ तो बताओ,दर्श कब दोगे
गीत मेरे मिलन की पुकार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम, इस अपने दीवाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
नरसी ने बहाये थे, मीरा ने बहाये थे
नरसी ने बहाये थे, मीरा ने बहाये थे
जब-जब भी कोई रोया, तुम दौड़ के आये थे
काफी है दो बुँदे, घनश्याम रिझाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
आँसुं वो खजाना है, किस्मत से मिलता है
आँसुं वो खजाना है, किस्मत से मिलता है
इनके बह जाने से, मेरा श्याम पिघलता है
करुणा का तुं सागर है, अब छोड़ बहाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
दुःख में बह जाते हैं, खुशियों में जरुरी हैं
आंसू के बिना राजू, हर बात अधूरी हैं
पूरा करते आँसुं, हर इक हर्जाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
कुछ दो या ना दो श्याम, इस अपने दीवाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
Shrijirasik
तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाएं
तुम्हीं को अपनी करुण कहानी सुना रही है तुम्हारी गाय
वो गाय तुमने जिसे चराया चरा के गोपाल नाम पाया
क्यूँ आज असहाय हो के आँसू बहा रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय.....
कहाँ वो मुरली की मीठी तानें कहाँ वो बृजवन सघन सुहाने गए जमाने की याद तुम को दिला रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय......
उठालो अब हाथ में दुधारा दिखा दो वो कल्कि रूप प्यारा तुम्हारे दर्शन की आस तुम से लगा रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय......
Shrijirasik
तर्ज-अगर श्यामा जू ना होती
तड़पती हूँ विरह में श्याम, ना जानें कब मिलन होगा
इसी उम्मीद पे जीवन, मैंने सारा बिताया है
तड़पती हूँ...
पल पल नाम जिवाह पे, मन तेरे ध्यान में खोया
लगी है आग तन मन में, ना जाने कब मिलन होगा
तड़पती हूँ विरह में श्याम, ना जानें कब मिलन होगा
इसी उम्मीद पे जीवन, मैंने सारा बिताया है
कहाँ जाऊं करूँ मैं क्या, समझ मुझे कुछ ना आता है
दर्द इतना बड़ा दिल में, ना जानें कब मिलन होगा
तड़पती हूँ विरह में श्याम, ना जानें कब मिलन होगा
इसी उम्मीद पे जीवन, मैंने सारा बिताया है
ये मन रूप रसका पागल है, धसका है धस्सा जाता
आख़री सांस है मेरी, ना जानें कब मिलन होगा
तड़पती हूँ विरह में श्याम, ना जानें कब मिलन होगा
इसी उम्मीद पे जीवन, मैंने सारा बिताया है
Shrijirasik
काजल लागे किरकरो,
ओर सुरमो सयो नही जाय,
जिन नैना मोहन बसे,
तो दूजो किया रे समाय।
दर्द ना जाने कोई,
दर्द ना जाने कोई,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई।।
दर्द की मारी वन वन डोलु,
दर्द की मारी वन वन डोलु,
वैद्य मिल्यो ना कोई,
वैद्य मिल्यो ना कोई,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई।।
हिरा री गत जोहारी जाने,
हिरा री गत जोहारी जाने,
जो कोई जोहारी होय,
जो कोई जोहारी होय,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई।।
सूली ऊपर सेज पिया की,
सूली ऊपर सेज पिया की,
ओ सोवनो किन विद होय,
सोवनो किन विद होय,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई।।
घायल की गत घायल जाने,
घायल की गत घायल जाने,
जो कोई घायल होय,
जो कोई घायल होय,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई.....
Shrijirasik
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी…..
बिरह में रोते रोते जीवन बिताया,
रास्ता निहारूं मेरा साँवरा ना आया,
अब तो खबर ले लो, दुखिया मैं भारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी.......
कैसे भुलाउं तुझे भूल नहीं पाऊँ,
स्वांसों के माला पे मैं नाम तेरा गाउँ,
कान्हां, नाम तेरा गाउँ,
मैं तो उदास डोलूँ बिरह की मारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी........
(अगर दिल कन्हैया, तुझ से लगाया ना होता,
तुझे श्याम अपना बनाया ना होता,
ना फिरती मैं तेरे लिए मारी मारी,
अगर मेरे दिल को तू भाया ना होता,
ज़माना रूठ भी जाए,
कोई परवाह नहीं करते,
हमारी चाहतों को बस तेरा
एक प्यार मिल जाए......)
धड़कन में तू है मेरी,
स्वांसो में तू है,
तू ही मेरा देवता है,
तू ही मेरी रूह है,
मधुर श्याम मेरा जीवन,
पतझड़ की डाली,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी,
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी.....
Shrijirasik
गले से लगा लो ना साँवरिया,
गले से लगा लो ना,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना।।
अपना नही कोई सगले पराये,
अपना नही कोई सगले पराये,
जितना उठु मुझे उतना गिराये,
जितना उठु मुझे उतना गिराये,
आकर सँभालो ना साँवरिया,
आकर सँभालो ना,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना।।
तेरे बिना ना कोई हमारा,
तेरे बिना ना कोई हमारा,
हमने सुना तू है हारे का सहारा,
हमने सुना तू है हारे का सहारा,
मुझे भी जीता दो ना साँवरिया,
मुझे भी जीता दो ना,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना।।
‘गंगा गौरी’ तुझको पुकारे,
‘गंगा गौरी’ तुझको पुकारे,
आजा रे आजा पागल के प्यारे,
आजा रे आजा पागल के प्यारे,
प्रेम बढ़ा लो ना साँवरिया,
प्रेम बढ़ा लो ना,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना।।
गले से लगा लो ना साँवरिया,
गले से लगा लो ना,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना.....
Shrijirasik
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे,
लताओं में बृज की गुजारा करेंगे।
कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी,
कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी,
उन्ही के चरण चित लगाया करेंगे
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे,
लताओं में बृज की गुजारा करेंगे।
बना करके हृदय में हम प्रेम मंदिर
वहीँ उनको झूला झुलाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥
उन्हें हम बिठाएंगे आँखों में दिल में
उन्ही से सदा लौ लगाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥
जो रूठेंगे हमसे वो बांके बिहारी
चरण को पकड़ हम मनाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥
उन्हें प्रेम डोर से हम बाँध लेंगे
तो फिर वो कहा भाग जाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥
उन्होंने छुडाये थे गज के वो बंधन
वही मेरे संकट मिटाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥
उन्होंने नचाया था ब्रह्माण्ड सारा
मगर अब उन्हें हम नचाया करेंगे
॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥
भजेंगे जहा प्रेम से नन्द नंदन
कन्हैया छवि को दिखाया करेंगे
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे,
लताओं में बृज की गुजारा करेंगे।
कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी,
कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी,
उन्ही के चरण चित लगाया करेंगे
कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे,
लताओं में बृज की गुजारा करेंगे।
Shrijirasik
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने॥
ना जाने कौन सी बांकी अदा तुम्हारी॥
ना जाने कौन सी बांकी अदा तुम्हारी कोरस॥
हजारो लाखो मिटे है ये ऐसी प्यारी है
कभी हमें भी मिटाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
जहां श्री राधा जो संग में ॥
जहां श्री राधा जो संग मे कोरस ॥
वो जमना जी का किनारा वो पुंज है प्यारे
वही पे हमको बिठा लो तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
मैं लाऊ फुल तुम्हारी पसंद के प्यारे॥
मैं लाऊ फुल तुम्हारी पसंद के प्यारे कोरस ॥
बनाऊ फुल के बंगले बिराजो तुम प्यारे
मुझे ये सेवा दिलाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
ये आठो याम की सेवा करु तिहारी ॥
ये आठो याम की सेवा करु तिहारी कोरस॥
कहे गोविन्द मैं गांऊ तुम्हे रिझाने को
तुम भी साथ में गाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने॥
तेरे बगैर सांवरिया...............
Shrijirasik
ज़रा पास बैठो हे बांके बिहारी
पलक में पिरो लूं छबि मैं तिहारी
मुलाक़ात जाने हो फ़िर कब हमारी
पलक में पिरो लूं छवि मैं तिहारी
चरण देखे जाऊं या मुखड़ा निहारूं
ये दिल देदूं पहले के जाँ पहले वारूं
ये कजरारी अखियां, ये लट कारी कारी
पलक में पिरो लूं छबि मैं तिहारी
ये सूरत जो राधा के मन में समाई
जिसे देखकर मीरा महल छोड़ आई
मै बलिहारी जाऊं इसपे मुरारी
पलक में पिरो लूं छबि ये तिहारी
कई जन्म बांधे तपस्या के धागे
किसी और संग कान्हा नेहा ना लागे
मेरी ओर देखो हे गिरधारी
पलक में पिरो लूं छबि मैं तिहारी
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन ।
सुबह और शाम आती है, रात भर वो रुलाती है ।
चैन हमको नही आता, बताओ क्या करें मोहन ॥
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करेन मोहन ॥
चलूँ जब वो न चलने दे, रुकूँ जब वो न रुकने दे ।
मिलूँ औरों से न मिलने दे , बताओ क्या करें मोहन ॥
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन ॥
तुम्हारी ये और तुम इसके, हमारी कौन चलने दे ।
ये जब जाएगी तुम आओ , बताओ क्या करें मोहन ॥
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन ॥
बाँके बिहारी लाल की जय हो।
श्री सच्चे महाप्रभु की जय हो ।
गुरुदेव भगवान की जय हो ।
बड़ा नटखट है रे...
बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया का करे यशोदा मैया होऽऽ, बड़ा नटखट है...
ढूंढें री अखियां उसे चहुं ओर जाने कहां छिप गया नंद किशोर उड़ गयो ऐसे जैसे पुरवैया का करे यशोदा...
आ तोहे मैं गले से लगा लूं लागे न किसी की नजर मन में छुपा लूं धूप जगत है रे ममता है छैयां का करे यशोदा...
मेरे जीवन का तू एक ही सपना जो कोई देखे तोहे समझे वो अपना सबका है प्यारा, हां सबका है प्यारा बंसी बजैया का करे यशोदा...
Pujya Bhai Ji
मुझको यकीन है आएगा दिलदार संवारा,
मुझको यकीन है आएगा मेरा यारसंवारा,
मेरा यार संवारा दिलदार संवारा,
बिगड़ी मेरी बनाएगा मेरा यार संवारा,
मुझको यकीन हैं आएगा मेरा यार संवारा...
जख्मों पे मेरे आकर मरहम लगाएगा,
हर दर्द होगा फिर कम आराम आएगा,
करने करम वो आएगा मेरा यार संवारा,
मुझको यकीन हैं आएगा मेरा यार संवारा....
छट जाए गम के बादल हिम्मत से काम ले,
मुश्किल के वक्त में बस कान्हा का नाम ले,
गम कार बनके आएगा मेरा यार संवारा,
अपना मुझे बनाएगा मेरा यार संवारा,
मुझको यकीन हैं आएगा मेरा यार संवारा.....
मायूस ना हो उसको तेरा ख्याल है,
सब कुछ पता है उसको तेरा जो हाल है,
तुझको गले लगाएगा मेरा यार संवारा,
मुझको यकीन है आएगा मेरा यार संवारा.....
डरता है क्यों प्यारे मन से निकाल डर,
कान्हा के दर पे आकर चरणों में रख दे सर,
आकर तुझे बचाएगा मेरा यार सांवरा,
मुझको यकीन हैं आएगा मेरा यार सावरा...
ये तो प्रेम की बात है...
ये तो प्रेम की बात है ऊधौ बंदगी तेरे बस की नहीं है यहां सर दे के होते हैं सौदे आशिकी इतनी सस्ती नहीं है ये तो प्रेम की बात है...
प्रेम वालों ने कब वक्त पूछा उनकी पूजा में सुन ले ओ ऊधौ यहां दम-दम में होती है पूजा सर झुकाने की फुरसत नहीं है ये तो प्रेम की बात है...
जो असल में है मस्ती में डूबे उन्हें क्या परवाह जिंदगी की जो उतरती है चढ़ती है मस्ती वो हकीकत में मस्ती नहीं है ये तो प्रेम की बात है...
जिसकी नजरों में हैं श्याम प्यारे वो तो रहते हैं जग से न्यारे जिसकी नजरों में मोहन समाए वो नजर फिर तरसती नहीं है ये तो प्रेम की बात है...
मुरली बजा के मोहना क्यों कर लिया किनारा।
अपनों से हाय कैसा व्यवहार है तुम्हारा॥
ढूंढा गली गली में, खोजा डगर डगर में।
मन में यही लगन है, दर्शन मिले दुबारा॥
मुरली बजा के मोहना...
मधुबन तुम्ही बताओ, मोहन कहाँ गया है।
कैसे झुलस गया है, कोमल बदन तुम्हारा॥
मुरली बजा के मोहना...
यमुना तुम्हीं बताओ, छलिया कहाँ गया है।
तूँ भी छलि गयी है, कहती है नील धारा॥
मुरली बजा के मोहना...
दुनियां कहे दीवानी, मुझे पागल कहे जमाना।
पर तुमको भूल जाना, हमको नहीं गवांरा॥
मुरली बजा के मोहना...
Shrijirasik
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
क्या भरोसा था, ये वक़्त भी आएगा
वादा करके वो, हमसे मुकर जायेंगे
कल जो राहो में वो इत्तिफाकन मिले
सुन के अरजो तमन्ना, वो शर्मा गए
मुस्कुरा के कहा रास्ता छोड़ दो
हमको जल्दी है अपने घर जायेगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
ये मिली है खबर, घर से निकले है श्याम
अब जाने ना जाने कहा जायेंगे
बा वफा है तो वो मेरे घर आयेगे
बेवफा है तो खूब जाके घर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
ऐ मेरे दिल तू मान जा, मान जा
श्याम है बेवफा उनसे दिल ना लगा
वो आयेंगे आकर चले जायेंगे
तेरी प्रीत को बदनाम कर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
चार दिन जिंदगी के गुजर जायेंगे
क्या भरोसा था ये वक़्त भी आएगा
वादा करके वो हमसे मुकर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
कन्हैया हर घडी मुझको,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
तुम्हारी याद में मोहन,
ना हमको नींद आती है,
ये दुनिया की चमक प्यारे,
हमें भी ना सुहाती है,
मेरे दिल से मेरे मोहन,
सदा इतनी सी आती है,
कन्हैया की हूँ मैं जोगन,
मुझे इतना बताती है,
तुझे हरदम बुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
जो कुछ भी था दिया तुमने,
वही तुमको चढ़ाते है,
है मेरी आँख में आंसू,
यही तुमको दिखाते है,
भगत की आँख में आंसू,
ना मोहन देख पाते है,
तेरी उल्फत के बिंदु है,
यही तुमको बताते है,
मुझे हरदम जलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
दया कर दो मेरे मोहन,
तुम्ही दाता कहाते हो,
नैनो में नीर है मेरे,
मुझे तुम क्यूँ रुलाते हो,
चले आओ मेरे मोहन,
तड़प अब सह ना पाई है,
मेरे जीवन की सांसो ने,
तुम्हारी महिमा गाई है,
‘यश’ को दर खिंच लाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
कन्हैया हर घडी मुझको,
तुम्हारी याद आती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
तन मन जीवन श्याम का, श्याम हम्मर काम।
रोम रोम में राम रहा, वो मतवाला श्याम।
इस तन में अब योग नहीं कोई ठिकाना॥
उधो इन असुवन को हरी सनमुख ले जाओ।
पूछे हरी कुशल तो चरणों में दीओ चढाओ ।
कहिओ जी इस प्रेम का यह तुच्छ नजराना॥
प्रेम डोर से बंध रहा जीवन का संयोग।
सुमिरन में डूबी रहें, यही हमारा योग।
कानो में रहे गूंजता वंशी का तराना॥
इक दिन नयन के निकट रहते थे आठों याम।
अब बैठे हमे विसार के, वो निर्मोही श्याम।
दीपक वो ज़माना था, और यह भी यमाना॥
सब तंत्र और मन्त्र क्रिया विधि से, मुरली ध्वनी प्रयोग बड़ा हैं
हरी कृष्ण सभी सत वयंजन में, अधरामृत मोहन भोग बड़ा है
जग में वही औषधि है ही नहीं, सब रोगों में प्रेम का रोग बड़ा है
जिसे योगी पतंजलि ने भी रचा, उस योग से कृष्ण वियोग बड़ा है
सामने आओगे या आज भी पर्दा होगा,
रोज़ अगर ऐसा ही होगा तो कैसा होगा ।
मौत आती है तो आ जाए कोई गम ही नहीं,
वो भी तो आएगा तो मेरा मसीहा होगा ।
मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा,
तुम भी आना मेरे घर आज तमाशा होगा ।
हम गुहगारो ने सोचा ही नहीं था प्यारे,
जिक्र मोहन की गली में भी हमारा होगा ।
Shrijirasik
आप आए नहीं और खबर ही ना ली,
खत लिख लिख के भेजे तमाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम....
हम तो हुए हैं कान्हा तेरे ही दीवाने,
चाहे तू माने या चाहे ना माने,
आंखों में छाए मेरे दिल में समाए,
बस होठों पर है तेरा नाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम....
संग की सखियां हुई तेरी ही दीवानी,
दिन रात रोती वहे आंखों से पानी,
देती सुनाई हमें मुरली सुहानी,
गीत छेड़े बिरह के तमाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम..
वृंदावन में रास रचाया,
गोवर्धन में गिर को उठाया,
बृज गोपी का चिर चुराया,
श्याम कैसा दिया है इनाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम.....
कोई श्याम सुन्दर से कहदो यह जाके,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के |
अभी मैंने तुमको निहारा नहीं है,
तुम्हारे सिवा कोई हमारा नहीं है |
चले क्यों गए श्याम दीवाना बना के,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के ||
अभी मेरी आखों मे आसूँ भारे है,
जखम मेरे दिल के अभी भी हरे हैं |
चले क्यों गए श्याम बंसी बजा के,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के ||
अगर तुम ना आये तो दिल क्या करेगा ,
तुम्हारे लिए ही तड़पता रहेगा |
निभाना नहीं था तो पहले तो ही कहते,
भुझाते हो क्यों आग दिल मे लगा के ||
वृन्दावन जाउंगी सखी
वृन्दावन जाऊंगी
,
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी....
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,
श्याम की याद में,
छोड़ दिया मैंने भोजन पानी,
श्याम की याद में,
मेरे नैनन बरसे नीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
श्याम सलोनी सूरत पे,
दीवानी हो गई,
अब कैसे धारू धीर सखी,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
इस दुनिया के रिश्ते नाते,
सब ही तोड़ दिए,
तुझे कैसे दिखाऊं दिल चिर,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
नैन लड़े मेरे गिरधारी से,
बावरी हो गई,
दुनिया से हो गई अंजानी,
सखी वृन्दावन जाउंगी.....
मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी,
मुरली बाजे यमुना तीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी......
तेरे बिना दिलदार,
हाय मेरा दिल नहि लगता.....
वो सपनो में आने वाले निंदिया उड़ाने वाले,
मुझको तडपाने वाले रातों जगाने वाले,
वो सपनो में आने वाले निंदिया उड़ाने वाले,
सांवरिया सरकार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता.......
वो दर्शन को अखियाँ प्यासी दर्शन की झलक जरा सी,
दर्शन का हूँ अभिलाषी सुनलो ओ घट घट वासी,
देर्शन को आँखें प्यासी दिखला दो छटा जरा सी,
सुन ली मेरी पुकार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता......
ओ मोहन मुरलीया वाले जीविन है तेरे हवाले,
सुन ले मेरे दिल हाल मुझ को भी गले लगा ले,
ओ मोहन मुरली वाले जीवन है तेरे हवाले,
तड़पे मेरा प्यार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता......
छुप गये कहाँ प्राण पियारे भक्तों कि नैनन तारे,
तेरे बिन नैन बिचारे तड़पे दिन रात हमारे,
छुप गये कहाँ प्राण पियारे भक्तों कि नैनन तारे,
औ पागल के यार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता.......
(सैर)तेरी सूरत को जब से देखा, बेहोश हुए मदहोश हुए,
अब प्रीत की रीत निभा ले जरा,चरणों में झुका कर सर बैठे,
पलकों में छुपा लूं श्याम तुम्हें, यह तन मन तुझ पर वार दिया,
जब से पकड़ा तेरे दामन को, दुनिया से किनारा कर बैठे,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
होता है रोज ख्वाब में, दीदार आपका,
दिल में बसा हुआ है
ओ कान्हा बंसी वाले, हकीकत यह बात है,
यह जाँ भी आपकी है, संसार आपका,
दिल में बसा हुआ है,
उठती है जब भी दिल में, दीदार की तमन्ना,
मन में बना है मंदिर, दरबार आपका,
दिल में बसा हुआ है
जानू ना पूजा वंदन, कैसे करूं तुम्हारा,
किस विधि करूं तुम्हारा, सत्कार आपका,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
दुनिया में बिन तुम्हारे ,नहीं और पर भरोसा
दर पर खड़ा हुआ है ये प्यार आपका
Pujya Bhai Ji
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
जन्मों पे जनम लेकर मैं हार गया मोहन
दर्शन बिन व्यर्थ हुआ हर बार मेरा जीवन
अब धैर्य नहीं मुझमे इतना तू परखता है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
क्या खेल सजाया है मोहरो की तरह हमको
क्या खूब नचाया है कठपुतली सा हमको
ये खेल तेरे न्यारे बस तू ही समझता है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
ये दिल पुकारता है एक बार चले आओ
दर्शन देकर प्यारे मेरी बिगड़ी बना जाओ
प्रियतम मेरे दिल में अरमान मचलता है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
कर भी दो दया मोहन हम भी तो तुम्हारे हैं
एक बार तो अपना लो जन्मों से तुम्हारे हैं
तेरे नित्य मिलन को अब जीवन तरसता है
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
Shrijirasik
गोकुल की हर गली में, मथुरा की हर गली में
कान्हा को ढूंढता हूँ, दुनियाँ की हर गली में
गोकुल गया तो सोचा, माखन चुराता होगा
या फिर कदम के निचे, बंशी बजाता होगा
गुजरी की हर गली में, ग्वालन की हर गली में
कान्हा को ढूंढता हूँ दुनियाँ की हर गली में
शायद फिरकिसी नारि का, चीर बढा।ता होगा
या विष के प्याले को, अमृत बनाता होगा
मीरां की हर गली में, भक्तों की हर गली में
कान्हा को ढूंढता हूँ दुनियाँ की हर गली में
गोकुल की हर गली में, मथुरा की हर गली में
कान्हा को ढूंढता हूँ दुनियाँ की हर गली में
हो रसिया मैं तो शरण तिहारी,
नहीं सादन बल वचन चाकुरी,
इक भरोसो गिरधारी,
हो रसिया मैं तो शरण तिहारी,
मैं अति दीन तुम री शरण में,
नाथ न दीजियो बिसारी,
हो रसिया मैं तो शरण तिहारी,
अपनों जान संभालो प्रीतम,
प्रेम सखी बलिहारी,
हो रसिया मैं तो शरण तिहारी,
मेरे जर जर है पांव संभालो हरि
अपने चरणों की छाँव बिठा लो हरि,
मेरे जर जर है पांव
माया ममता की गलियों में भटका हुआ,
मैं हु तृष्णा के पिंजरे में अटका हुआ,
डाला विषयों ने घाव निकालो हरि,
मेरे जर जर है पांव...
गहरी नदियां की लहरें दीवानी हुई,
टूटे चप्पू पतवार पुरानी हुई,
अब ये डूबेगी की नाव बचा लो प्रभु ,
अपने चरणों की छाँव बिठा लो प्रभु,
मेरे जर जर है पांव
कोई पथ न किसे ने सुझाया मुझे,
फिर भी देखो कहा की दिखलाया मुझे,
तुमसे मिलने का चाव मिला लो प्रभु,
अपने चरणों की छाँव बिठा लो प्रभु,
मेरे जर जर है पांव
मन को मुरली की धुन का सहारा मिले,
तन को यमुना का शीतल किनारा मिले,
हमको वृन्दावन धाम वसा लो प्रभु,
अपने चरणों की छाँव बिठा लो प्रभु,
मेरे जर जर है पांव
मुझको यकीन है आएगा दिलदार संवारा,
मुझको यकीन है आएगा मेरा यारसंवारा,
मेरा यार संवारा दिलदार संवारा,
बिगड़ी मेरी बनाएगा मेरा यार संवारा,
मुझको यकीन हैं आएगा मेरा यार संवारा...
जख्मों पे मेरे आकर मरहम लगाएगा,
हर दर्द होगा फिर कम आराम आएगा,
करने करम वो आएगा मेरा यार संवारा,
मुझको यकीन हैं आएगा मेरा यार संवारा....
छट जाए गम के बादल हिम्मत से काम ले,
मुश्किल के वक्त में बस कान्हा का नाम ले,
गम कार बनके आएगा मेरा यार संवारा,
अपना मुझे बनाएगा मेरा यार संवारा,
मुझको यकीन हैं आएगा मेरा यार संवारा.....
मायूस ना हो उसको तेरा ख्याल है,
सब कुछ पता है उसको तेरा जो हाल है,
तुझको गले लगाएगा मेरा यार संवारा,
मुझको यकीन है आएगा मेरा यार संवारा.....
डरता है क्यों रविंदर मन से निकाल डर,oió
कान्हा के दर पे आकर चरणों में रख दे सर,
आकर तुझे बचाएगा मेरा यार सांवरा,
मुझको यकीन हैं आएगा मेरा यार सावरा...
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने ।
छलिया से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने ॥
हर बात निराली है उसकी, कर बात में है इक टेडापन ।
टेड़े पर दिल क्यूँ आया है, यह मैं जानू या वो जाने ॥
जितना दिल ने तुझे याद किया, उतना जग ने बदनाम किया ।
बदनामी का फल क्या पाया हैं, यह मैं जानू या वो जाने ॥
तेरे दिल ने दिल दीवाना किया, मुझे इस जग से बेगाना किया ।
मैंने क्या खोया क्या पाया हैं, यह मैं जानू या वो जाने ॥
मिलता भी है वो मिलता भी नहीं, नजरो से मेरी हटता भी नहीं ।
यह कैसा जादू चलाया है, यह मैं जानू या वो जाने ॥
मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने ।
छलिया से दिल क्यूँ लगाया है, यह मैं जानू या वो जाने ॥
Shrijirasik
ओ कान्हा तेरी बांसुरी नीद चुराए
नींद चुराके मुझे अपना बनाए,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए,
चुप चुप रोऊँ कान्हा दुनिया से चोरी,
टूट ना जाए मेरी प्रीत की डोरी,
नैना भर भर आए,
ओ तेरी याद सताए रे,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए,
प्रीत लगाके कान्हा बड़ा दुख पाया,
एक पल भी मोहे चैन ना आया,
जिया मोरा घबराए,
एक पल चैन ना आवे रे,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए,
भक्त तुम्हारा कान्हा तुमको पुकारे,
दर्श दिखा दो मेरी आँखो के तारे,
तेरा दर्श ना पाया रे,
जीवन बीता जाए रे,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए,
कान्हा तेरी बाँसुरी नींद चुराए,
नींद चुराके मुझे अपना बनाए,
Discover the same devotional mood
Experience different devotional moods