॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Mahadev - Devotional Bhav
महादेव - भक्तिमय भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है
दोहा – खाक मुझमें कमाल रखा है,
दाता तूने संभाल रखा है,
मेरे ऐबों पे डालकर पर्दा,
मुझे अच्छों में डाल रखा है।
मैं तो कब का मिट गया होता,
तेरी रहमत ने पाल रखा है,
मुझसे नाता जोड़ के तूने,
हर मुसीबत को टाल रखा है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यों फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
नज़र क्या तुमसे टकराई,
जो नाजुक दिल लुटा बैठे,
इशारा क्या किया तूने,
जो हम खुद को भुला बैठे,
जो हम खुद को भुला बैठे,
मुकर जाओगे वादे से,
तो भक्तो की दुहाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
जमाना रूठ जाए पर,
ना रूठो तुम मेरे दाता,
पुराना जन्म जन्मो का,
कन्हैया आपसे नाता,
कन्हैया आपसे नाता,
निगाहें याद से तेरी,
सितमगर बाज आई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सबर की हो गई हद अब,
सहा जाता नहीं प्यारे,
नज़र दिलदार से ज्यादा,
कोई आता नहीं प्यारे,
कोई आता नहीं प्यारे,
तुम्हारे द्वार पे ‘काशी’,
ने भी पलकें बिछाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
Shrijirasik
हरदम याद किया कर हरि को,
दर्द निदान हरेगा
1.मेरा कहा नहीं खाली ऐ दिल,आंनद कंद ढरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
2.ऐसा नाहीं जहाँ बिच कोई,लंगर लौर लरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
3.सहचरी चरण शैर दा बच्चा,क्या गजराज करेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
Shrijirasik
तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे
के जैसे युगों से,तुम्हे जानती हूं
अगर तुम हो सागर.....
अगत तुम हो सागर,मैं प्यासी नदी हूं
अगर तुम हो सावन,मैं जलती कली हूं
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
1. मुझे मेरी नींदें,मेरा चैन दे दो
मुझे मेरी सपनों,की इक रैंन दे दो न
यही बात पहले....
यही बात पहले भी,तुमसे कही थी
के जैसे युगों से,तुम्हें जाती हूं
तुम्हें देखती....
2. तुम्हें छूके पल में,बने धूल चन्दन -2
तुम्हारी महक से,महकने लगे तन
मेरे पास आओ.…
मेरे पास आओ,गले से लगाओ
पिया और तुमसे मैं,क्या चाहती हूं
के जैसे युगों से, तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
3. मुरलिया समझकर,मुझे तुम उठा लो
बस इक बार होंठों से,अपने लगा लो न
कोई सुर तो जागे....
कोई सुर तो जागे,मेरी धड़कनों में
के मैं अपनी सरगम से,रूठी हुई हूँ
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
Shrijirasik
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले 2
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरेपाप तू मिटा दे
तेरे सिवा न कोई मेरा जग में आसरा है 2
मुझको तलाश तेरी अंखियों में सांवरा है
मिलने की आरजू है 2मुरली बजाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
दुनिया है मेरी मीरा भंवर में फंसती है नैया 2
आ जाओ बन के भांजीं कर दो पार मेरी नैया
हर सवांस मे बसे हो दिल में समाने वाले
मेरेपाप तू मिटा दे
जन्नत में भेज चाहे दो जखमे भेज दें तू 2
हम भी तेरे दीवाने आ कर के देख ले तू
हमको नहीं है प्रवाह 2 गयूऐ चलाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
हर शह में वास तेरा कहता है ये जमाना 2
अब मेरी बारी पे तुम करते हो कंयू बहाना
मानूंगा मैं तो जब भी 2 मुझे चरनो से लगा ले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
श्री कृंशन गोबिंद हरे मूरारी से नाथ नारायण वासुदेवा 5
हे नाथ नारायण वासूदेव आ हे नाथ नारायण वासुदेवा
Shrijirasik
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंदिश,दिन रात लिजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली....
1.औरों के पास जानें से,क्या होगा फायदा
चरणों में प्रेम अश्रु की,बरसात किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु....
2.करने से पहले काम तूं,सौ बार दिल से पुछ
हरगिज़ ना कभी दिल से,ना घात किजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
प्रभु....
3.मीरा ने पीके दुनिया को,हाला दिखा दिया
प्रभु नाम रसका प्याला,दिन रात पिजिए
ताली बजा-बजाकर, शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
Shrijirasik
सुनलो जमाने वाले,
प्रभु का भजन कर भाई ।
काहे को समय गँवाई,
तूने काहे को समय गँवाई ।।
काहे सताया तूने, जीवों को बन्दे,
काहे लगाया तूने पाप के फन्दे ।
काहे को तुमने है पाप कमायी,
काहे को तुमको ये माया सतायी ।।
अब भी समय है भाई,
प्रभु को ले मन में बसाई ।।
काहे को....
धन के गुमानी नर, कुछ ना मिलेगा,
अन्त समय खाली हाथ चलेगा ।
अपने को प्रभु को, करो प्यारे अर्पण,
दीनों की सेवा में, करदो समर्पण ।।
करले सत्संग भाई,
अपने को प्रभु में लगाई।।
काहे को....
कोई न तेरा यहाँ, ना तू किसी का,
प्रभु से तू प्रेम करले, सब है उसी का ।
उसके सिवा जग में, ना कोई दूजा,
दिल में बसा ले उसको, कर ले तू पूजा ।।
कान्त तू ध्यान धरले,
प्रभु को ले दिल में बसाई ।।
काहे को....
Shrijirasik
कभी तो सत्य के राह पे चलना,
कभी तो राह भटकना,
तेरा क्या हाल हुआ है ?
कभी संकटों से घबराना,
कभी उसे अपनाना,
तेरा क्या हाल हुआ है ?
सत्य की खोज करके,
झूठ को तू नर छोड़ दे ।
अज्ञान दूर करके,
अपने को प्रभु से जोड़ दे ।।
अभी समय है ज्ञान को पा ले,
नहीं अन्त पछताना,
तेरा क्या हाल हुआ है ?
कभी....
प्रभु का भजन करले,
दुःख तेरा दूर हो जाएगा ।
गीता का ज्ञान करले,
अंधकार दूर हो जाएगा ।।
अभी समय है प्रभु को सुमिर ले,
नहीं नरक में जाना,
तेरा क्या हाल हुआ है ?
कभी....
धन और दौलत तेरा,
सब तो यहीं रह जाएगा ।
अन्त समय में अपनी,
मूर्खता पे तू पछताएगा ।।
कान्त सदा तुम ज्ञान को समझो,
नहीं करो मनमाना,
तेरा क्या हाल हुआ है ?
कभी....
Bhole rasik
ॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय शम्भु ॐ नमः शिवाय
महादेव तेरा डमरू डम डम, डम डम बजतो जय रे... हो
महादेवा... ॐ नमः शिवाय शम्भु
ॐ नमः शिवाय
सर से तेरी बेहती गंगा
काम मेरा हो जाता चंगा नाम तेरा जब लेता ता ता महादेवा...
शंभू... जय शंकर
मां पिया दे घरे ओ गोरा महला च रहन्दी जी महला च रेहन्दी
विच सम्साना राहंदा भोले नाथ जी
मां पिया दे घरे ओ गोरा महला च रहन्दी जी महला च रेहन्दी
विच सम्साना राहंदा भोले नाथ जी
कालेया कुंडला वाला मेरा भोले बाबा
किधर कैलाश तेरा डेरा ओ जी...
सर पे तेरे वो गंगा मैय विराजे ... मुकुट पे चंदा मामा ओ जी ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय शम्भु
ॐ नमः शिवाय
भंग जे पिंधा हे शिवजी तूने रमांदा तूने रमांदा
बडा ही तपारी ओ मेरा भोले अमली
भंग जे पिंधा हे शिवजी तूने रमांदा तूने रमांदा
बडा ही तपारी ओ मेरा भोले अमली
तेरा भोला है भंडारी करता नंदी की सवारी
भोले नाथ रे शंकर नाथ रे
ओह मेरा भोला है भंडारी
करे नंदी की सवारी शंभू नाथ रे
हो शंकर नाथ रे
हो गोरा भंग रगर के बोली
तेरे साथ है भूतो की टोली
मेरे नाथ रे, हो शंभू नाथ रे
हो भोले बाबा जी, दर तेरे मैं आया जी
झोली खाली लाया जी, खाली झोली भर दो जी
काले आ सरपा वाला मेरा भोले बाबा
शिखर कैलाषा विच रेहन्दा ओह जी
भोले भोले भोले भोले भोले भोले
नर्ना रे नर्ना नारे नर्ना रे ना ना..
ओम नमः शिवाया
Bhole rasik
शिव शंकरा श्री महेश्वरा
शशि शेखरा श्री जटा धरा
दम दम दमके दमके
छम छम छमके चमके
गूंजे गूंजे बादलों में
शिव की पुकार होने दो
जय हो जय हो भोले शंकर
सृष्टि बनकर सब संभाले हो
बाबा केदार धामी समय स्वामी
सृष्टि थामे हो
जय हो जय हो भोले शंकर
सृष्टि बनकर सब संभाले हो
बाबा केदार धामी समय स्वामी
सृष्टि थाम में हो
शंकरा शंकरा शंकरा
कुछ छोड़ने से कुछ मिले
पर कुछ न कुछ रह जाएगा
चाहे समेटे लाख पर
मिट्टी में सब मिल जाएगा
कुछ छोड़ने से कुछ मिले
पर कुछ न कुछ रह जाएगा
चाहे समेटे लाख पर
मिट्टी में सब मिल जाएगा
सब शून्य में मिल जाएगा
शिव नाम बस रह जाएगा
शिव सत्य है संसार है
शिव रूप है श्रृंगार है
शिव गीत है शिव राग है
गृहस्थ शिव वैराग है
अब जो मिले स्वीकार है
शिव शांति सुख सत्कार है
भटके रे मन कहाँ जब शिव यहाँ
सब छू टूट जाने दो
जय हो जय हो भोले शंकर
सृष्टि बनकर सब संभाले हो
बाबा केदार धामी समय स्वामी
सृष्टि थामे हो
जग झूठा वास्ता है
सांचा तेरा रास्ता है
जग झूठा वास्ता है
सांचा तेरा रास्ता है
धीरे धीरे चल दिए तो
इसमें ही डूब जाने दो
जय हो जय हो भोले शंकर
सृष्टि बनकर सब संभाले हो
बाबा केदार धामी समय स्वामी
सृष्टि थामे हो
जय हो जय हो भोले शंकर
सृष्टि बनकर सब संभाले हो
बाबा केदार धामी समय स्वामी
सृष्टि थामे हो
Bhole rasik
शिव कैलाशो के वासी
डोलीधारो के राजा,
शंकर संकट हरना,
तेरे कैलाशो का अंत न पाया,
अंत बेअंत तेरी माया,
शिव कैलाशो के वासी डोलीधारो के राजा,
शंकर संकट हरना,
बेल की पत्तियां भांग धतूरा,
शिव जी के मन को लो भाये,
शिव कैलाशो के वासी डोलीधारो के राजा,
शंकर संकट हरना,
इक था डेरा तेरा चम्बे रह चोगना,
दूजा लाइ दिता भर मोरा,
शिव कैलाशो के वासी डोलीधारो के राजा,
शंकर संकट हरना
Bhole rasik
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी कान्हा जी आए
कान्हा जी आए संग राधा भी आए
डमरू को सुनकर जी कान्हा जी आए
कान्हा जी आए संग राधा भी आए
वहाँ सखियों का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी गणपति चले
गणपति चले संग कार्तिक चले
डमरू को सुनकर जी गणपति चले
गणपति चले संग कार्तिक चले
वहाँ अम्बे का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी राम जी आए
राम जी आए संग लक्ष्मण जी आए
मैया सिता का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर के ब्रम्हा चले
यहाँ ब्रम्हा चले वहाँ विष्णु चले
डमरू को सुनकर के ब्रम्हा चले
यहाँ ब्रम्हा चले वहाँ विष्णु चले
मैया लक्ष्मी का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी गंगा चले
गंगा चले वहाँ यमुना चले
डमरू को सुनकर जी गंगा चले
गंगा चले वहाँ यमुना चले
वहाँ सरयू का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी सूरज चले
सूरज चले वहाँ चंदा चले
डमरू को सुनकर जी सूरज चले
सूरज चले वहाँ चंदा चले
सारे तारों का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
Bhole rasik
डमरू वाले बाबा तुमको आना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा,
माँ गोरा संग गणपति जी को लाना होगा,
डमरू वाले बाबा तुमको आना होगा.....
सावन के महीने में हम कावड़ लेके आएंगे,
पावन गंगा जल से बाबा तुम को नेहलायेगे,
कावड़ियों को पार लगाना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा.....
भांग धतूरा दूध बाबा तुम पे चढ़ायेगे,
केसरियां चन्दन से बाबा तिलक लगाएंगे,
भगतो का कष्ट मिटाना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा.....
तू तो भोले दानी बाबा जग से निराला है,
हाथो में तिरशूल गले सरपो की माला है,
नंदियां पे चढ़ कर आना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा.....
Shrijirasik
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा........
हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरी आस्ता के सदके,
तेरी हर गली पे कुरबां,
तेरा दर है दर हकीक़त,
मेरी जीस्त का सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरे प्यार की हदो को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीँ पे,
मैंने जहाँ पुकारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
क्यों ढूंढते फिरे हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.......
Shrijirasik
तर्ज – सांवली सूरत पे मोहन
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.......
बांकी छवि बांकी अदा,
बांकी हंसी बांका चलन,
रूबरू बांका नज़ारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं...........
एक सूरत आपकी,
और दीवाना सारा जहां,
हाल जो होगा हमारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
मेरी आँखों में कटीली,
अपनी आँखे डालकर,
जो किया तुमने इशारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
Shrijirasik
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
प्रभु नाम के मोती,
महिमा राम नाम की होती,
मन हो जाये मतवाला..
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला...
जिसकी कृपा से रत्नाकर भी,
रामायण लिख जावें,
जिसकी कृपा से नयनहीन भी,
सूर श्याम कहलाये,
मीरा जोगन हो जावे,
गिरधर के रंग रंगाये,
पीये दीवानी विष प्याला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला.......
धूप दीप अर्चन साधन न,
जोग कोई बतलाये,
चरण शरण ही जा बैठे,
और भव सागर तर जाए,
काशी काबा न जाए,
चाहे गंगा न नहाये,
बस राम की फेरे माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला......
जनम जनम के इस चक्कर से,
खुद को आज बचा ले,
राम नाम का हो जा प्राणी,
राम नाम अपना ले,
अरे बन जा सवाली,
भर ले झोली तू खाली,
सारे जग का वो रखवाला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला......
Shrijirasik
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ,चरणों में
थोड़ी जगह चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूं...
अज्ञानता ने डेरा जमाया,किया मन को
चंचल ऐसा लुभाया
ले लो शरण में शरण चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूं...
उठे चाहे अंधी तूफ़ान आये,मेरे मन को
भगवन डिगा नहीं पाए
विश्वाश ऐसा तेरा चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
नज़रें कर्मं गर हुई ना तुम्हारी,रहेगी
उजड़ती आशा की क्यारी
खिले फूल गुलशन सदा चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
विनती सुनों ना मेरी कन्हैयां,मिले भीख
तेरी दया की कन्हैयां
नंदू दिवाना बनुं चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
Shrijirasik
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
सिर पे जटा और गंगा महारानी
गंगा जी की धारा से वो पाप धो गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
माथे पे चंदा और ऑख मसतानी
चांदनी से जीवन मेरा रोशन कर गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
गले में नाग और चाल मसतानी
नागों की लहरों में वो दर्शन दे गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
हाथों में डमरू और गौरा महारानी
अटल सुहाग भोले बाबा दे गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
Shrijirasik
नही पता कौन हु मैं, और कहां मुझे जाना हैं
शिव ही मेरी मंजिल है, और शिव का दर ही ठिकाना हैं
आपके दर का हु नौकर, शंकर
आपके दर का हु नौकर, शंकर
आपके दर का हु नौकर शंकर
आपका हाथ हैं , आपका हाथ हैं
आपका हाथ है सिर पर, शंकर
आपके बच्चों का गुलाम हु मैं
मुझको किस बात का हैं डर, शंकर
सारे दीवाने बांधे बैठे हैं
इक तेरा नाम ही सिर पर, शंकर
शिव शंकर भजमन हरे हरे
भज शंकर भजमन हरे हरे
आपसे मांगू आप ही दोगे
तेरा दीवाना है ज़िद पर, शंकर
सबको मुंह मांगा वर देते हो
आगया जो तेरे दर पर, शंकर
शिव शंकर के दर जो आया मुंह मांगा वो फल पाया हैं
उसको मिला है जी भर कर जो खाली झोली लाया हैं
तू अपनी बिगड़ी किस्मत को बाबा के दर पर लाके देख
जो बिगड़ी बना दे सब भक्तों की महादेव कहलाते हैं
Shrijirasik
शिवजी के डमरू से निकला
शिवजी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम,
शिव जी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम,
नारद की वीणा से निकला पतित पावन सीताराम,
शिव जी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम…..
अर्जुन के गाँढिव से निकला जय मधुसुधन जय घनश्याम,
द्रोपदी की आह से निकला भक्त के रक्षक हे भगवान,
शिव जी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम….
शबरी के बैरो से निकला भाव के भूखे हे भगवान,
भक्त प्रहलाद के मुख से निकला तुझमें राम मुझमें राम,
शिव जी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम…
बृज की कुंज गली से निकला जय गुरुदाता जय गुरुनाम,
चार वेद छः शास्त्र पुकारे हरि ओम हरि ओम सीताराम,
शिव जी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम…..
शंकर के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम,
शिव जी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम,
नारद की वीणा से निकला पतित पावन सीताराम,
शिव जी के डमरू से निकला रघुपति राघव राजा राम…..
Shrijirasik
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
बजावे भोले नाथ , बजावे भोले नाथ
ऊँचे पर्वत डमरू बजावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
1 ) जब भोले का डमरू बाजे , शिव गण नाचे सारे
धरती और अंबर गूँजे , सब बोल रहे जयकारे
सुनलो नई-नई ताल , सुनावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
2 ) जल्दी प्रसन्न होने वाले , हैं भोले भंडारी
बजा बजा के डमरु काटे , इस जग की बीमारी
विष पी के संसार को , हर्षावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
3 ) शिव की माया ऐसी जिसको , कोई जान ना पाया
उसको भी अपना लेते ये , जो जग ने ठुकराया
भूलन से बालक को भी , अपना वे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
Shrijirasik
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज/वृंदावन में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती से बोले,
मैं भी चलूँगा तेरे संग में
राधा संग श्याम नाचे,
मैं भी नाचूँगा तेरे संग में
रास रचेगा ब्रज मैं भारी,
हमे दिखादो प्यारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ओ मेरे भोले स्वामी,
कैसे ले जाऊं अपने संग में
श्याम के सिवा वहां,
पुरुष ना जाए उस रास में
हंसी करेगी ब्रज की नारी,
मानो बात हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ऐसा बना दो मोहे,
कोई ना जाने एस राज को
मैं हूँ सहेली तेरी,
ऐसा बताना ब्रज राज को
बना के जुड़ा पहन के साड़ी,
चाल चले मतवाली, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
हंस के सत्ती ने कहा,
बलिहारी जाऊं इस रूप में
इक दिन तुम्हारे लिए,
आये मुरारी इस रूप मैं
मोहिनी रूप बनाया मुरारी,
अब है तुम्हारी बारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
देखा मोहन ने,
समझ गये वो सारी बात रे
ऐसी बजाई बंसी,
सुध बुध भूले भोलेनाथ रे
सिर से खिसक गयी जब साड़ी,
मुस्काये गिरधारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
दीनदयाल तेरा तब से,
गोपेश्वर हुआ नाम रे
ओ भोले बाबा तेरा,
वृन्दावन बना धाम रे
भक्त कहे ओ त्रिपुरारी,
राखो लाज हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
Shrijirasik
नंदी पे असवार शंभू शंकर है मतवाले
भूतो के है संग में रहते गले में नाग काले
भस्म रमियाँ भोले के है सारे खेल निराले
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
त्रिलोकी के स्वामी शंकर सबसे बड़े महान
जिनसे चलती सृष्टि सारी अदभुद जिनका ज्ञान
धूनी रमाते भस्म रमाते कर देते कल्याण
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
ब्रह्मा विष्णु पूजे जिनको ऐसे है दरवेश
भाघमभर पहने शिव भोले अलग है जिनका वेश
त्रिनेत्र शिव भोले के है अदबुध जिनका भेष
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
नीलकंठ त्रिपुरारी शंकर तुम हो मणि महेश
विपदा सबकी दूर है करते देवो के महादेव
शिवम भी तेरे गुण है गाए काटो सभी कलेश
ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
Shrijirasik
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं,
दिल की सुनाऊं तुमको, किस्मत मेरी संवारूं।
आया हूं तेरे दर पर दुखड़े सभी मिटा दे,
एक आस है तुझी से बिगड़ी मेरी बना दे,
तेरे भरोसे बैठा खाली कभी ना जाऊं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
हमने सुना है बाबा लाखों को तुमने तारा,
भूलों को माफ करके कितनों को है उबारा,
मैं भी शरण पड़ा हूं, किरपा तेरी मैं चाहूं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं
दिल की सुनी है मेरी बिगड़ी बनी है मेरी,
दर पे तुम्हारे आकर, झोली भरी है मेरी,
तुम जैसा कोई जग में, दाता नहीं मैं पाऊं ,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
Shrijirasik
पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
जिसदिन से मैं विवहा के आई भाग्ये हमारे फुट गये,
पीसक पीसक भंगियाँ तेरी हाथ हमारे टूट गये,
कान खोल कर सुन ले भोले अव पर्वत पर ना रहना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
पार्वती से बोले भोले तेरे मन में धीर नहीं,
इन ऊचे महलो में रहना ये अपनी तकदीर नहीं,
करू तपस्या मैं पर्वत पर हमे महल का क्या करना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
सोना चांदी हीरे मोठे चमक रहे हो चम् चम्,
दास दासियाँ करे हाज़री मेरी सेवा में हर दम,
बिना इजाजत कोई न आवे पहरेदार बिठा देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
पार्वती की ज़िद के आगे भोले बाबा हार गये,
सूंदर महल बनाने खातिर विष्व कर्म त्यार हुए,
पार्वती लक्ष्मी से बोली ग्रहप्रवेश में आ जाना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
ग्रह प्रवेश करने की खातिर पंडत को भुलवाया था,
विषर वहां था बड़ा ही ज्ञानी गृहप्रवेश करवाया था,
सूंदर महल बना सोने का इसे दान में दे देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
जिसकी जो तकदीर है संजू बस उतना ही मिलता है,
मालिक की मर्जी के बिना तो पता तक न हिलता है,
तू तो भजन किये जा प्यारे इस दुनिया से क्या लेना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
Shrijirasik
सब देवों से भोले हैं
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सब, देवों से, भोले हैं, मेरे, शिव भोले भंडारी ll
ख़ुद, कैलाश पे, रहते हैं, महलों, में रहते है पुजारी l
*भस्में, तन पे, रमाई, कर ली, नंदी की सवारी ll,
सब, देवों से, भोले हैं, मेरे, शिव भोले भंडारी l
ख़ुद, कैलाश पे, रहते हैं, महलों, में रहते है पुजारी l
बिख़री, घटाओं से, जटाएं, भोले नाथ की l
बहती, जटाओँ से, धराएँ, गंगे मात की ll
बैठे, मग्न, समाधि में, देवा, नील कण्ठ त्रिपुरारी l
सब, देवों से, भोले हैं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जोगी, फकीरों वाली, रेखा, इनके हाथों में l
कर दी, सोने की लंका, दान, बातों बातों में ll
महिमा, देख के, भोले की, जाए, पार्वती बलिहारी l
सब, देवों से, भोले हैं,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
अमृत, पिला के भोले, पीते, विष के प्याले हैं l
खेलते, गले में देखो, नाग, काले काले हैं ll
डम डम, डंमरू, वाजे रे, नाचे, शिव बाघंबर धारी l
ख़ुद, कैलाश पे, रहते हैं, महलों, में रहते है पुजारी l
*भस्में, तन पे, रमाई, कर ली, नंदी की सवारी ll,
सब, देवों से, भोले हैं, मेरे, शिव शम्भु भंडारी l
सब, देवों से, भोले हैं, बाबा, विश्वनाथ त्रिपुरारी l
सब, देवों से, भोले हैं, मेरे, बाबा डमरू धारी l
सब, देवों से, भोले हैं, बाबा, अमरनाथ भंडारी l
सब, देवों से, भोले हैं, बाबा, मस्तक चंदा धारी l
सब, देवों से, भोले हैं, मेरे, शिव भोले भंडारी l
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एक जोगी कैलाश के ऊपर जिनके सिर पे गंगा
देख रहा सारी दुनिया को , बैठा मस्त मलंगा
जिनके मस्तक पे बैठा चंदा है ,और जटा जूट में गंगा है
वो तो अपनी ही मस्ती में आके,वो डमरू बजाके,
गोरा सन्ग पर्वत पर नाचे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
लेके भूतों का सन्ग में टोला, मेरा बाबा शंकर भोला
बाबा सबको बुलाए, उन्हें नाच नाचाए
सारा कैलाश डगमग डोला,
ऊंचे पर्वत पे करके धमाल ,बजाए भोला डम डम डमरू
गोरा मैया भी नाचे दे दे ताल, बांध के पैरों में घुंघरू
जमजम बाजे झांझ नगाड़े ,छम छम घुंघरु बाजे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
शम शम शम शमशानों में ,जो रहने वाला
गम गम गम गंगा को, शीश पे धरने वाला
जोगी है मतवाला , गले मुंडो की माला
कंठ भुजंग बिराजे ,चंदा मस्तक पर है साजे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
महिमा तुम्हारी भोले जग से निराली,
खाली ना लोटा कोई दर से सवाली
गोरे बदन पे है , जटा ये काली
भोले की झांकी तो जग से निराली
दुनिया का कण-कण है ,जिनका पुजारी
कालो के काल ,मेरा भोला भंडारी
लव और कुश का मन मयूर भी झूम झूम के नाचे ,
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे , मेरे भोलेनाथ का
Shrijirasik
तर्ज: ना जाने कहां दिल खो गया ( फिल्म : दिल )
शिव डमरू बजाए अंग भस्म रमाये सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
बैलों की असवारी बाबा थारी है
संग में रहती हरदम गिरिजा प्यारी है
देखो जरा देखो क्या रूप है, रूप बड़ा ही अनूप है
जो दर्शन पाये भव से तर जाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
सर पे सोहे गंगा मस्तक चंदा है
गुण गाने से कटता यम का फंदा है
बाबा मेरे बाबा क्या हाल है, हाल बड़ा विकराल है
दुष्टों को खपाऐ, भक्तों को बचाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
हरिकिशन शर्मा की बाबा अर्जी है
बेड़ा पार करो तो थारी मर्जी है
शिव शिव बोलो सब प्रेम से, प्रेम से नित नेम से
जो ध्यान लगाए वो सब सुख पाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
Shrijirasik
शिव भोले वरदानी, किसी ने तोरी महिमा ना जानी
शिव भोले वरदानी, किसी ने तोरी महिमा ना जानी ।।
बेल पत्र फल फूल चढ़ाएं, भांग धतूरा का भोग लगाएं
और करें गुण गानी , किसी ने तोरी महिमा ना जानी......
कानों में कुण्डल माथे पे चंदन, जटा से गंगा मां करे आचमन
ध्यान करें मुनि ज्ञानी, किसी ने तोरी महिमा ना जानी.......
अंग भभूती का लेप लगाए, गौरा मां संग ब्याह रचाये
सारा जग तुम्हें मानी, किसी ने तोरी महिमा ना जानी .......
शिव भोले वरदानी, किसी ने तोरी महिमा ना जानी
शिव भोले वरदानी, किसी ने तोरी महिमा ना जानी ।।
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जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी,
जय कैलासपति शिव शंकर, जय कैलासपति शिव शंकर,
सब जग के हितकारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी
निस्दिन तेरा ध्यान करें हम,
सुमिरन मंत्र तिहारा, हे शिव शंकर मंत्र जगाओ,
होवै घाट उजियारा, नमामि शंकर,
नमामि शंकर, नमामि शंकर, नमामि शंकर,
कृपया करो त्रिपुरारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी
शंखनाद से शब्द जगाकर, स्वर-संगीत बहाया,
युग-युग से ये सृष्टि नाचे, ऐसा द्रमुक,
तेरी याद तेरे जग में,तेरी याद तेरे जग में,
दुःख पावें संसारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी
त्रिशूल हरण कर लेते हैं, ये त्रिशूल तिहारा,
तेरा नाम जपाई से जग में, मुक्ति द्वारा,
महादेव परब्रह्म विधाता, महादेव परब्रह्म विधाता,
आये शरण तिहारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी
जय भोला भंडारी शिवहर,जय भोला भंडारी,
जय कैलासपति शिव शंकर, जय कैलासपति शिव शंकर,
सब जग के हितकारी,
Shrijirasik
( मेरे बाबा, बर्फानी...
भूख़े को अन्न... प्यासे को पानी... )
चलो अमरनाथ, चलो अमरनाथ,
चलो, अमरनाथ प्यारे, बम बम के, लगा नाहरे ॥
( हर हर के, लगा नाहरे, बम बम के, लगा नाहरे )
अमरनाथ की, अमर यात्रा, करता किस्मत वाला,
अद्भुत गुफ़ा, विशाल निराली, दरवाज़ा न ताला ॥
( हर हर बम बम, हर हर बम बम,
हर हर बम बम, हर हर )
दुर्गम घाटी, रस्ता है कठिन, बस चलता ही जा रे,
हर हर के, लगा नाहरे, बम बम के, लगा नाहरे...
( चलो अमरनाथ ॥ । प्यारे, हर हर के, लगा नाहरे,
बम बम के, लगा नाहरे, हर हर के, लगा नाहरे )
( मेरे बाबा, बर्फानी...
भूख़े को अन्न... प्यासे को पानी... )
( हर हर बम बम, हर हर बम बम,
हर हर बम बम, हर हर )
हो शिव ने, यहाँ पे, पार्बती को, अमर कथा थी सुनाई,
वेद पुराणों, ने भी महिमा, अमरनाथ की गई ॥
( हर हर बम बम, हर हर बम बम,
हर हर बम बम, हर हर )
कदम कदम, मन को मोहे, कुदरत के नज़ारे,
हर हर के, लगा नाहरे, बम बम के, लगा नाहरे...
( चलो अमरनाथ ॥ । प्यारे, हर हर के, लगा नाहरे,
बम बम के, लगा नाहरे, हर हर के, लगा नाहरे )
( मेरे बाबा, बर्फानी...
भूख़े को अन्न... प्यासे को पानी... )
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम ॥
चलो, चलें भक्तो, गौरी, नाथ जी के धाम,
चलो, चलें भक्तो, उमा, नाथ जी के धाम,
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम x॥
जयकारा... बर्फानी बाबा का...
बोल, भोले अमरनाथ की जय ।
जयकारा... शिव कैलाशी का...
बोल, भोले अमरनाथ की जय ।
बाबा, बर्फानी जी के, धाम, जो भी जाएँगे ॥
शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे ।
मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे वो, मन चाहा, फ़ल पाएँगे ।
हो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे वो, मन चाहा, फ़ल पाएँगे ।
जो भी, सच्ची भावना से, उनकी महिमा गाएँगे,
शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे ।
हो, धन वैभव की, गंगा वहेगी, घर में कमी, न कोई रहेगी ।
( शिव से, नाता जोड़ के, शिव से, नाता जोड़ के )
हो...कष्टों का, अंधकार मिटेगा, दुःख का, काला मेघ छटेगा ।
( उस पे, सब कुछ छोड़ के, उस पे, सब कुछ छोड़ के )
भोले जी के, दर पे जो भी, झोलियाँ फैलाएँगे,
शिव भोले, भंडारी से वो, मन चाहा, फ़ल पाएँगे ।
पाप तुम्हारे, धुल जाएँगे, भाग के द्वारे, खुल जाएँगे
( वहां पे, जा के देखिए, वहां पे, जा के देखिए )
रंक से राजा, बन जायोगे, तुम महां दानी, कहलायोगे ।
( माथा, तो सब टेकीए, माथा, तो सब टेकीए )
बस, सर के साथ, जो भी वहां, मन को झुकाएँगे ॥
शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे ।
हो,, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे वो, मन चाहा, फ़ल पाएँगे ।
अरे,, दुःख उनके, मिट जाएँगे वोह, सुख के, मोती पाएँगे ।
हो,, बाबा, अमरनाथ जी के, धाम, जो भी जाएँगे...
( शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे )
बाबा, अमरनाथ जी के, धाम, जो भी जाएँगे ॥
( मेरे, शिव भोले, भंडारी से वो, मुँह माँगा, फ़ल पाएँगे )
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम ।
चलो...
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम ।
चलो चलो...
चलो, चलें भक्तो, गौरी, नाथ जी के धाम,
चलो, चलें भक्तो, उमा, नाथ जी के धाम,
भोले, जी के धाम, अमरनाथ, जी के धाम x॥
जयकारा... भोले भंडारी का...
बोल, भोले अमरनाथ की जय ।
जयकारा... डमरु धारी का...
बोल, भोले अमरनाथ की जय ।
Shrijirasik
आए आए है भोले के द्वार
शिव शंभू रखियो हमारी लाज
कावड़ कांधे पे है अपने उठाए
हम बड़ी दूर से चलकर के आए
शिव शंभू दर्शन को तेरे हैं आएं
कांधे पे कावरिया लच लच करती
उसपे ये घुंघरू छम छम बजती
हो.... इसमें जल भरा है नर्मदा वाला
इससे दो कलशो में हमने है डाला
कावड़ कांधे पर अपने उठाएं
हम बड़ी दूर से चलकर के आए
भांग धतूरा का भोग लगावे
भोग लगावे बाबा हंस हंस खावे
प्रेम सहित पीवे जहर का प्याला है
भोला भाला बाबा सारे जग से निराला है
ध्यान लगाए शिव योगी कहाय
हम बड़ी दूर से चलकर के आए
शिव शंभू दर्शन को तेरे हैं आए
अंग भभूति साजे नंदी की सवारी
कैलाशी वासी तेरी लीला है न्यारी
यह डमरू धारी है पहने मृग छाला है
जटा बीच गंगा नाग गले में डाला है
मस्तक पर तेरे है चंद्रमा साजे
उमा के संग में कैलाश विराजे
शिव शंभू दर्शन को तेरे हैं आए
आए आए हैं भोले के द्वार
शिव शंभू रखियो हमारी लाज
कावड़ कांधे पर है अपने उठाए
हम बड़ी दूर से चलकर के आए
शिव शंभू दर्शन को तेरे हैं आए
Shrijirasik
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
चाहे दिन हो चाहे रात हो
इस मन में बस तेरी बात हो
यही गाऊँ बार बार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
जिस मन में तेरी जोत जगे तुम उसके भाग जगाते हो
नैय्या हो टूटी फूटी फिर भी तुम पार लगाते हो
नहीं फ़िक्र उसे किसी भंवर का
जिसके तुम पतवार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
जटा में तेरे पावन गंगा सृष्टि का उद्धार करे
तेरी शरण में आकर जो इस धरा में इशनान करे
नाश करे उसके पापों का
करदे भव से पार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
धरती तुम हो अम्बर तुम हो तुम ही तो पाताल हो
कालचक्र है तुम्ही से बाबा क्योकि तुम महाकाल हो
ऋषि मुनि सब कहते तुमको
सृष्टि का आधार
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
श्रद्धा और विश्वास जहां वो कंकर में भी शंकर पाते
प्यार से इक आवाज़ दो शिव की दौड़े दौड़े शंकर आते
मन की कली भी खिल जाती है
तार से मिल जाए तार
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
Shrijirasik
छोड़के सारी चिंता छोड़के सारे ग़म
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
सच्चे मन से जपके देखो जादू शिव के नाम का
बम बम भोले कहते जाओ नाम बड़ा है काम का
जीवन में ये खुशियां होने ना देगा कम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
बम बम भोले जपते जपते हर पल मौज मनाओ तुम
शिव के रहते बंधू मेरे चिंता नहीं लगाओ तुम
उसके रहते तेरी आँख ना होगी नम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
शिव की धुन में खोके जो भी धूनी रोज़ लगाता है
उसके सामने जाने से फिर काल भी घबराता है
साथ हो जो भोला तो क्या करेगा यम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
शिव की धुन में खो जाने की सागर अपनी मस्ती है
उसकी महिमा लिख सके जो कहाँ किसी की हस्ती है
शिव की ही कृपा से चलती ये कलम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
Shrijirasik
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया हरी नाम,
सवेरे उठी काम काम काम.....
हमरे द्वारे पे मंदिर बना है,
मंदिर बना है मंदिर बना है,
कभी ना किया पूजा पाठ,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम.....
हमरे द्वारे पे गंगा बह रही,
गंगा बह रही जमुना बह रही,
कभी ना किया स्नान,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम…..
हमरे द्वारे पे कन्या बहुत है,
कन्या बहुत है कन्या बहुत है,
कभी ना किया कन्या दान,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम….
हमरे द्वारे पे भिक्षुक खड़ा है,
भिक्षुक खड़ा है भिक्षुक खड़ा है,
कभी ना दिया भिक्षा दान,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम ….
हमरे घर में माता पिता है,
माता पिता है माता पिता है,
कभी ना किया प्रणाम,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम….
Shrijirasik
भोले को में मानने, महाकाल जा रहा हूं ।
बाबा को जल चढ़ाने, उज्जैन जा रहा हूं।
1, बैठे गजानन चिंता हरे ,
हरसिद्धि मां भंडारे भरे
चरणों में तेरे बाबा सर को झुका रहा हूं
2, करदो दया की मुझपे नजर,
दुनिया से भोले मैं बेखबर,
चरणों का मैं दीवाना अरजी लगा रहा हूं
3, दुनिया से में तो घबरा गया ,
बाबा तुम्हारे दर आ गया
अपनी झलक दिखादो तुमको बुला रहा हूं
Shrijirasik
गौरां फेरदी है माला तेरे नाम दी
तेरे नाम दी ओ भोले तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला
सीस भोले दे गंगा विराजे
गंगा विराजे भोले गंगा विराजे
ओ ओथे लगदी ए डुबकी तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला
माथे भोले दे चंदा है साजे
चंदा है साजे भोले चंदा है साजे
ओ चंदा मारे लिशकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
हाथ भोल्हे दे डमरू वजदा
डमरू वजदा भोले डमरू वजदा
ओ संगतां पाउंदियां भंगड़ा तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
संग में भोले दे गौरां सजदी
गौरां सजदी भोले गौरां सजदी
ओ गोदी गणपत लाला तेरे नाम दा
गौरां फेरदी है माला
मंदिरां च भोले सत्संग हुंदा
सत्संग हुंदा भोले सत्संग हुंदा
ओ संगतां लाउण जैकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
गल विच भोले दे नागां दी माला
नागां दी माला भोले नागां दी माला
ओ नाग मारन फुंकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
Shrijirasik
सुबह शाम आठों याम
मैं गाऊँ तेरे भजन
लगी है भोले चरणों की तेरे
मुझको बड़ी लगन
जीवन की ऊँच नीच में
जब कोई दर्द मुझे सताए
मुख पे नाम तेरा ही भोले
तब आके धीर बंधाए
करता रहूँ गुणगान सदा
सदा मैं करता रहूँ सुमिरन
लगी है भोले चरणों की तेरे
मुझको बड़ी लगन
सुबह शाम आठों याम
मैं गाऊँ तेरे भजन ...
तेरे प्यार में मेरे भोले
मैनें भाग्य ऐसा पाया
अपने मन को मंदिर बनाकर
तुमको उस में बिठाया
हर घड़ी तुम रहो सामने
तुम्हें देखे मेरे नयन
लगी है भोले चरणों की तेरे
मुझको बड़ी लगन
सुबह शाम आठों याम
मैं गाऊँ तेरे भजन ...
कैसी भी आए मुसीबत
तुमको याद करता हूँ
पल में दूर हो जाती हैं
जब भी फरियाद करता हूँ
हो जाए राजीव धन्य
जो पा जाए दर्शन
लगी है भोले चरणों की तेरे
मुझको बड़ी लगन
सुबह शाम आठों याम
मैं गाऊँ तेरे भजन ...
Shrijirasik
यह तो पहने हैं सर्पों की माला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
डमरू डम डम बजाता है भांग धतूरा खाता है।
जब वह क्रोध में आता है तांडव नाच दिखाता है।
सारे जग का है वो रखवाला,मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
पार्वती का प्यारा है उनकी आंखों का तारा है।
बैल सवारी करता है भक्तों के दुख हर्ता है।
उनकी कृपा से छाया उजियारा, मेरा शंकर बड़ा भोला
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
यह तो पहने हैं सर्पों की माला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
भक्त भी सारे आए हैं आकर शीश झुकाए हैं ।
आशा पुरी हो जाए एक नजर जो हो जाए।
छोड़ अमृत पिया विष का प्याला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
यह तो पहने हैं सर्पों की माला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
Shrijirasik
इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनिया भरने शिव नार,
सागर में उतारी गागरिय
रूप देख कर सागर बोला,
कौन पिता महतारी,
कौन देश की रहने वाली,
कौन पुरुष की नारी,
बता दे कौन पुरुष की नारी,
हौले हौले गौरा बोले,
छाया है रूप अपार रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती हुई
राजा हिमाचल पिता हमारे,
मैनावती महतारी, शिव शंकर है पति हमारे,
मैं उनकी घर नारी,
समुंदर मैं उनकी घर नारी,
जल ले जाऊं पिय नहलाऊं,
तू सुन ले वचन हमार रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती ॥
कहे समुंदर छोड़ भोले को,
पास हमारे आओ,
चौदह रत्न छुपे है मुझमे,
बैठी मौज उड़ाओ,
गिरजा बैठी मौज उड़ाओ
वो है योगिया पीवत भंगिया,
क्यों सहती कष्ट अपार रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती ॥
क्रोधित होकर चली है गौरा,
पास भोले के आई,
तुम्हरे रहते तके समंदर सारी कथा सुनाई,
भोले को सारी कथा सुनाई जतन,
सागर को मथन,
लियो चौदह रतन निकाल रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनिया भरन शिव नार, सागर में...
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तर्ज - नौकर रख ले सांवरे हमको भी एक बार
उज्जैन नगरीया बुला ले बाबा ओ मेरे महाकाल
बस ऐसे दर्शन देना खुशी से बीते सारा साल
तेरी नगरिया में मेरे बाबा मन मेरा तो लगता है
तेरे भरोसे ही मेरे बाबा परिवार मेरा पलता है
बस कृपा ऐसी करना मेरा जीवन हो खुश हाल
बस ऐसे दर्शन देना खुशी से बीते सारा साल
तेरे द्वार पर आकर मैं तो डेरा लगा कर बैठा हूं
सुन लो बाबा मेरी बातें आखिर मैं तेरा तो बेटा हूं
फिर ऐसे तो मुस्कुराना कटे माया के जंजाल
बस ऐसे दर्शन देना खुशी से बीते सारा साल
एक तेरी झलक पाने को दुनिया सारी तरसती है
तेरी याद में मेरी अखियां पल- पल कितनी बरसती है
कुछ ऐसा करिश्मा करना लकी हो मालामाल
बस ऐसे दर्शन देना खुशी से बीते सारा साल
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तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार भोले जी
बलिहार भोले जी
शिव रूप तुम्हारा निराला
मुख पे है तेज उजाला
नैनों में तेज तुम्हारे प्यारा
भोले जी बड़ा है प्यारा
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया
सजे शीश पे चंदा प्यारा
और जटा में गंगा धारा
शिव गले में डाला तुमने नाग का हार
भोले जी डाला हार
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया
तन पे है भस्मी रमाये
डम डम डम डमरू बजाए
फूलों हारो से करते श्रृंगार
भोले जी श्रृंगार
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया
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टेक -
मोर गुरु महादेव हर हर,नांदिया वाला भोला ॥
मोर गुरु महादेव हो.. मोर गुरु महादेव हो ॥
माथ दूज के चंदा सोहे जटा में गंगा के धारा
तीन आखि वाला शिवसंकर देखे सकल संसारा
मोर गुरु महादेव हो...मोर गुरु महादेव हो ॥
हाथ में डमरू त्रिशूल धारे कान में कुण्डल बाला
गला में लपटे नाग करिया कनिहा बगम्बर छाला
मोर गुरु महादेव हो... मोर गुरु महादेव हो.. ॥
मरी मसान के राख़ ल चुपरे तै भोला अवघटिया
भुत परेत राजा महादेव झूपय चटिया मटिया
मोर गुरु महादेव हो.मोर गुरु महादेव हो ॥
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तेरा डमरू सोहणा बजता
तेरा, डमरू, सोहणा बजता (ओ भोलेया)॥
सारा, जग, पड़ा नाचता (ओ भोलेया)॥
तेरे, डमरू की, मीठी-मीठी, तान भोलेया,
सारा, जग इसकी, तान पे, क़ुर्बान भोलेया॥
यह तो, बादलों, जैसा गरजता...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
पहन के, पैरों में, झांझर मैं, नाचती फिरूं,
तेरे, डमरू की, तान पे, नाचती फिरूं॥
मेरा, पैर, भी ना रुका...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
हमारा, दिल तेरे, डमरू का, दीवाना हो गया,
यह, दीवाना, हो गया, जग मस्ताना हो गया॥
हमें, चरणों में, रखना...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
तेरे, शीश पर, भोले सोहणी, जटा सजती,
तेरी, जटा में, गंगा, मैया बसती॥
माथे, चंदा, सोहणा सजता...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
तेरी, गले में, नागों की माला, अच्छी लगती,
तेरे, हाथ में, प्याली भांग, वाली सजती॥
पैरों में, घुंघरू, सोहणा बजता...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
तेरी, जोड़ी गौरा, संग भोले, सोहणी लगती,
हमारे, दिल वाले, मंदिर में, यही बसती॥
तेरी, गोदी में गणपत, सजता...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
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तेरी जटा बड़ी प्यारी
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी, ओ भोले, भंडारी ll
भोले, भंडारी* ओ, भोले भंडारी ll
जटा में, गंगा न्यारी, ओ भोले, भंडारी l
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरी, जटा में, गंगा बह रही l
गंगा, बह रही, गंगा बह रही l
नहावे, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरे, गले में, सर्पों की माला l
सर्पों, की माला, सर्पों की माला l
डर जाए, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरे, हाथों में, डमरू बाजे l
डमरू, बाजे डम डम, डमरू बाजे l
नाचे, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरी, गोदी में, गणपति लाला l
गणपति, लाला, गणपति लाला l
पूजे, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरे, बग़ल में, गौरां विराजे l
गौरां, विराजे, गौरां विराजे l
जोड़ी, लगे बड़ी प्यारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
नील, कण्ठ पर, धाम तुम्हारा l
धाम, तुम्हारा भोले, धाम तुम्हारा l
चढ़ गई, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
नील, कण्ठ पर, मैं भी आया l
मैं, भी आया, मैं भी आया l
संग में, मंडली सारी, ओ भोले भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी,
Shrijirasik
डमरू बजे दिन रात भोले तेरे मन्दिर में
( डम डम, डमरू बाज रहा
भोले का, डमरू बाज रहा ll )
डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे, मन्दिर में ll
^ओ भोले, तेरे मन्दिर में, xll
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मंदिर में, कान्हा जी आऐ l
कान्हा, जी आए संग, राधा जी को लाए l
बंसी, बजे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मंदिर में, ब्रह्मा जी आऐ l
ब्रह्मा, जी आए संग, ब्रह्माणी को लाए l
वेद, सुने दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मन्दिर में, विष्णु जी आए l
विष्णु, जी आए संग, लक्ष्मी जी को लाए l
चक्र, घुमाए दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मंदिर में, राम जी आऐ l
राम, जी आऐ संग, सीता जी को लाए l
दर्श, दिखाऐ दिन रात, भोले तेरे मंदिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मन्दिर में ,गणपति जी आए l
गणपति, जी आए संग, रिद्धि सिद्धि लाए l
लड्डू, बंटे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मन्दिर में, भक्त भी आए l
भक्त, भी आए संग, ढोलक मंजीरा लाए l
भजन, करे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
Shrijirasik
ऐसे, भाग, जगा दो भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे ll
तेरे, गणपति पे, मैं वारी जाऊं,
सबसे, पहले मैं, उसको मनाऊं ll
करो, मंगल, काज भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, डमरू से, मैं वारी जाऊं,
उसकी, धुन में, मैं रम जाऊं ll
धरो, हाथ, शीश पर मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, नंदी से, मैं वारी जाऊं,
उसको, अपनी मैं, दुखड़े सुनाऊं ll
सुनो, नंदी से, दुखड़े भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरी, गौरा से, मैं वारी जाऊं,
उसका, रज-रज, दर्शन पाऊं ll
करो, अमर, सुहाग भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरी, गंगा से, मैं वारी जाऊं,
उसमें, रज-रज, डुबकियां लगाऊं ll
काटो, लाख, चौरासी वाले घेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, चरणों से, मैं वारी जाऊं,
वहीं, नित-नित, शीश झुकाऊं ll
करो, मन के, दूर अंधेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
हर हर महादेव!
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तेरी महिमा है जग से निराला
मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला
बम भोले बम बम भोले
तू जो पिता है भंग का प्याला
भोले जग है तू तो निराला
तेरे दर पर जो भी आता
वो खाली हाथ ना जाता
जटा से निकली गंग की धारा
गले पहने है मुंडों की माला
डम डम डमरू बाजता जाए
मेरा भोला नाचत आए
भोले बाबा है औधड़ दानी
खाली जाए ना इनकी वाणी
जो भी गंगा जल है चढ़ाये
भव सागर से तर जाए प्राणी
भोले मरघट नित आते
जहाँ भूत प्रेत भी रहते
बम बम भोले का नारा लगते
ये कालो के काल है कहते
Shrijirasik
वो मेरे भोलेबाबा सभी देवो के राजा
महादानी वरदानी कहते हैं समसानी वो मेरे भोलेबाबा
वो मेरे भोलेबाबा...
अंग विभुती गले रूद्र माला तन पे म्रग खाला
अंग विभुती गले रूद्र माला तन पे म्रग खाला
वो मेरा भोला मतवाला पीवे नित नित भंग प्याला
वो मेरे भोलेबाबा वो मेरे भोलेबाबा...
रावण ने जब करी तपस्या इछा वर मांगा
भव्य महल सोने का मांगा हो वो मतवाला
उसको भी दे डाला ऐसे दानी बाबा
वो मेरे भोलेबाबा वो मेरे भोलेबाबा...
सागर मंथन करें देवता दानव प्रतिपाला
विष हलाहल पल में पी गये निलकंठ बाबा
हो अमृत दे दीया देवो को मेरे निलकंठ बाबा
वो मेरे भोलेबाबा वो मेरे भोलेबाबा...
शिव लीला है अनंत व्यापी भोले की माया
देव तेरा ये लिखकर गाया भक्ति वर पाया
हो पल में बिगडी़ बना दे वो कष्टों को मीटा दे वो
वो मेरे भोलेबाबा वो मेरे भोलेबाबा...
Shrijirasik
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया.....
अमृत भंगिया पी गए, हरि हरि भंगिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा आ गए विष्णु आ गए, आ गए सांवरिया,
भोलेनाथ गोरा संग आ गए, घोटे भंगिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा पी गए विष्णु पी गए, पी गए सांवरिया,
भोलेनाथ ने इतनी पिलाई मुंद गई अखियां,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा को चढ गई विष्णु चढ़ गई, चढ़ गई सांवरिया,
भोलेनाथ को ऐसी चढ़ गई आ गई निंदिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा नाचे विष्णु नाचे, नाचे सांवरिया,
भोलेनाथ तो ऐसे नाचे खुल गई लटिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा की उतरी विष्णु की उतरी, उतरी सांवरिया,
भोलेनाथ की ऐसी उतरी खुल गई निंदिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
Shrijirasik
बाजन दे ओ भोले नाथ डमरू बाजन दे
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले नाथ,
डमरू, बाजन दे ll
डमरू की, आवाज मैंने, बागों में सुनी थी ll
ओ मालन, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, घाटों में सुनी थी ll
ओ धोबन, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, कुएं में सुनी थी ll
ओ भीलनी, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, वन में सुनी थी ll
ओ ग्वालन, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, कैलाश में सुनी थी ll
ओ गौरां, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, वृन्दावन सुनी थी ll
ओ गोपियाँ, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, सतसंग में सुनी थी ll
ओ संगत, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
हर हर महांदेव
Shrijirasik
शिवरात्री दीयां वधाईयां
अज लख लख होन वधाईयां, शुभ शिवरात्री दीयां ।।
शिव चौदश नूँ तड़के तड़के ।
शिव शंकर दा डमरू खड़के ।।
वजे ढोल वजन शहनाईयां - शुभ शिवरात्री.
शिव बूटी दे ला ला रगड़े ।
शिव भगतां मिल पाए भंगड़े ।।
पी पी बाटे भंग शरदाईयां - शुभ शिवरात्री.
मन्दिर मन्दिर लगा मेला ।
हर कोई मस्त फिरे अलबेला ।।
अज रौनकां दून सवाईयां - शुभ शिवरात्री.
शिव चौदश दी रात अनोखी ।
शिव - गौरां दी बारात अनोखी ।।
सबै रज रज खान मठाईयां - शुभ शिवरात्री.
फगन दी रूत, रूत बसन्ती ।
देख 'मधुप' हर पासे मस्ती ।।
फुल कलियां खिल मुसकाईयां - शुभ शिवरात्री.
Shrijirasik
ओ भोले, ओ मेरे भोले l
हम, सारे, तीर्थ डोले,,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
द्वार तेरा, कहीं न मिला,
द्वार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
ओ भोले, ओ मेरे भोले l
हम, सारे, तीर्थ डोले,
भोला तो मेरा, कहीं न मिला,
भोला तो मेरा, कहीं न मिला,भोले,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
तेरी, जटा में, गंगा विराजे ll
माथे, पे तेरे, चंदा साजे ll
तूने, लाखों, पापी तारे
तूने, लाखों, पापी तारे,,
द्वार तेरा, कहीं न मिला,
द्वार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
ओ भोले, ओ मेरे भोले,
तेरे, गले में, सर्प विराजे l
हाथों में, तेरे, डमरू साजे ll
भोले, सारी, दुनियाँ नाचे l
भोले, सारी, दुनियाँ नाचे,,
द्वार तेरा, कहीं न मिला,
द्वार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
ओ भोले, ओ मेरे भोले,
संग में तेरे, गौरां विराजे l
गोदी में तेरे, गणपति साजे ll
वोह, कितने, प्यारे लागे l
वोह, कितने, प्यारे लागे,,
द्वार तेरा, कहीं न मिला,
द्वार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
ओ भोले, ओ मेरे भोले,
तुझे, मैंने, हरिद्वार में ढूँढा l
तुझे, मैंने, अमरनाथ में ढूँढा l
धरती, पे ढूँढा, कैलाश पे ढूँढा l
हो, सारा, कैलाश मैं ढूँढा l
सारा, कैलाश मैं ढूँढा,,
भोला तो मेरा, कहीं न मिला,
भोला तो मेरा, कहीं न मिला,भोले,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,
प्यार तेरा, कहीं न मिला,भोले,
ओ भोले, ओ मेरे भोले,
हर हर महांदेव
Shrijirasik
जय शंकर कैलाश पति जय गौरा जय पार्वती
जय शंकर, कैलाश पति, जय गौरा जय पार्वती ll
हमारे तो, आंगन में, पीतल के बर्तन l
हमारी तो, गौरा जैसी, ऊँची है जातें l
तुम्हारी तो, जात कोई नहीं,
शिव शंकर जी, तुम्हारी तो, जात कोई नहीं ll
जय शंकर, कैलाश पति, जय गौरा...
हमारे तो, आंगन में, बजती है ढोलकी l
हमने तो, सुना दूल्हा, भंगी और पोसती l
ये बात, बनती नहीं,
ओ नारद जी, ये बात, बनती नहीं ll
जय शंकर, कैलाश पति, जय गौरा...
हमारे तो, आंगन में, लगी है चांदनी l
हमने तो, सुना दूल्हा, सांपों की सेज पर l
ये बात, बनती नहीं,
ओ नारद जी, ये बात, बनती नहीं ll
जय शंकर, कैलाश पति, जय गौरा...
हमारे तो, आंगन में, डब्बा कटोरा l
मारा, कच्चा मूली, आक धतूरा l
पोसती, नगरी आए,
शिव शंकर जी, भांग को, रगड़ लगाए ll
जय शंकर, कैलाश पति, जय गौरा...
हमारे तो, आंगन में, घी से भरा है l
ना तेरी, माँ दूल्हा, ना तेरा पिता है l
ये बात, बनती नहीं,
ओ नारद जी, ये बात, बनती नहीं ll
जय शंकर, कैलाश पति, जय गौरा...
हमने तो, मान रखी, अपने खून की l
गौरा तो, दे दी हमने, नारद के मुँह को l
तुम्हें तो, जानते नहीं,
शिव शंकर जी, तुम्हें तो, जानते नहीं ll
जय शंकर, कैलाश पति, जय गौरा...
हमारी तो, गौरा का, चाँद जैसा मुखड़ा l
तुम्हारे तो, गले में, नाग लटकता l
हमारी तो, गौरा डर गई,
शिव शंकर जी, हमारी तो, गौरा डर गई ll
जय शंकर, कैलाश पति, जय गौरा...
हमारी तो, गौरा हाथ, चूड़ा छनकता l
तुम्हारी तो, गरज गरज, दाढ़ी चमकती l
हमारी तो, गौरा हंस पड़ी,
शिव शंकर जी, हमारी तो, गौरा हंस पड़ी ll
जय शंकर, कैलाश
Shrijirasik
मोपे कृपा करो महाकाल राजा
मोपे कृपा करो महाकाल
सब भक्तों की तुम सुनते हो
मोरी अरज भी तुम सुन लीजो
मेरी इतनी सी है फरियाद
मोपे कृपा करो महाकाल राजा मोपे
कृपा करो महाॅकाल
दर दर भटका हर पाल रोया
अब तो मुझे अपना लोना शंभु
मेरी इतनी सी है अरदास
मोपे कृपा करो महाकाल राजा मोपे
कृपा करो महाॅकाल
उज्जैन नगरी का मैं दीवाना
दिल मेरा चाहे यहाँ हरदम आना।
मुझे अपना बना लोना दास
मोपे कृपा करो महाकाल राजा मोपे
कृपा करो महाकाल
Shrijirasik
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे महाकाल से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
दिल से पुकारा, उसने आवाज़ दी
जीवन को मेरे रोशनी, महादेव जी ने दी
दिल से पुकारा, उसने आवाज़ दी
जीवन को मेरे रोशनी, महादेव जी ने दी
मुझे राह दिखी, हर अंधेरा मिटा
मुझे राह दिखी, हर अंधेरा मिटा
तेरी कृपा से सब कुछ हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
भोले बाबा मेरे मस्त मलंगा
सब करते हैं इनकी तपस्या
भोले बाबा मेरे मस्त मलंगा
सब करते हैं इनकी तपस्या
जीवन के हर मोड़ पे उसने हाथ मेरा थामा
जीवन के हर मोड़ पे उसने हाथ मेरा थामा
तेरी शरण में आके मेरा भला हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे प्यार हो गया
मुझे प्यार हो गया
तेरे नाल हो गया
तेरे नाल हो गया
मुझे प्यार हो गया
तेरे नाल हो गया
मुझे प्यार हो गया
तेरे नाल हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
Shrijirasik
डमरू बजता भोले का
सारी दुनिया, शीश नवावे,
पी के, भंग, लोर में आवे ll
पी के, भंग, लोर में आवे,
नाम भी, गूंजता, भोले का,
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना,
जी, डमरू बजता भोले का ll
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना,
जी, डमरू बजता शंकर का ll
गले में, नाग, टोपीवाले,
रंग हैं, पीले, और काले ll
नाथ मेरा, बैल पे, बैठा आता ll
नंदी, सजता भोले का,
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना ll
रावण, श्रद्धा से ध्यान लगाए,
बाबा, चले, मस्ती में आए ll
उसकी, लंका, नाम करवा के ll
धूना, जलता भोले का,
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना ll
सिद्ध-साधु, प्रेम से भरके,
बन गए, चाकर, उसके द्वार पे ll
उसकी, जटा से, गंगा बहती ll
चंद्रमा, शोभता भोले का,
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना ll
हर हर महादेव
Shrijirasik
पद्मासन में ध्यान लगाए मौन है
वीराने में तपता योगी कौन है
मंद मंद मुस्कान लिए वह मौन है
ध्यान मग्न बैठा, युगों से कौन है
नाद न कोई तारा, डमरू कभी कभारा
अधमुंदी आँखों से, सब देख रहा संसारा
1 जो नाथों के नाथ कहाते, साधक बूटी बेल चढ़ाते
जातक झूम झूम के गाते ओंकारा ~~
अर्ध चंद्र माथे पे साजे, वक्षस्थल कपाल बिराजे
जटा चक्र से बहती निर्मल गंग धारा ~~
हर हर, शिव शम्भू , जय जय केदारा
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा ॥
2 निराकार साकार वही है, सृष्टि का आधार वही है,
गूंजे रोम-रोम में जिसका जयकारा,
रोग दु:ख सब दूर करे जो, साधक को भरपूर करे जो
सब द्वारों का द्वार एक है, हरिद्वारा ॥
हर हर शिव शंभू ,जय जय केदारा,
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा
3 हिमगिरी के सर्वोच्च शिखर पर, सागर , निर्झर से अम्बर तक ,
बैठा सबको देख रहा सिरजनहारा
कालों का महाकाल वही है, भक्तों का रखपाल वही है
तीनो लोक में जिसके नाम का विस्तारा ॥
हर हर, शिव शम्भू , जय जय केदारा
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा
ॐ नमः शिवाय
Shrijirasik
तुम रूठे रहो बाबा हम तुमको मना लेंगे,
भावो में असर होगा घर बैठे बुला लेंगे
तुम केहते हो बाबा मुझे कहा बिठाओ गे,
मन मन्दिर में तेरी तस्वीर बसा लेंगे
तुम रूठे रहो बाबा हम तुमको मना लेंगे
तुम केहते हो बाबा मुझे क्या चडाओ गे,
बाबा भगती का तुझको हम हार चड़ा देंगे
तुम रूठे रहो बाबा हम तुमको मना लेंगे
तू केहते हो बाबा मुझे कहा सुलाओ गे,
फूलो से तेरी बाबा हम सेहज सजा देंगे
तुम रूठे रहो बाबा हम तुमको मना लेंगे
Shrijirasik
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल
तेरी किरपा हो गई जिसपर
तेरी किरपा हो गई जिसपर
बने बिगड़े उसके हाल हाल
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल.....
तेरी जटा में गँगा नाचे है
माथे पर चंदा साजे है....
तेरी जटा में गँगा नाचे है
माथे पर चंदा साजे है ||
एक हाथ बजे है डमरू
तेरे गल नागो की माल माल....
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल
नहीं तुझसा कोई सानी रे
मेरे महादेव महादानी रे....
नहीं तुझसा कोई सानी रे
मेरे महादेव महादानी रे ||
गाए सृष्टि तेरी कहानी रे
दिए संकट सबके टाल टाल....
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल
शमशान में डेरा लगाया है
तेरी समझा न कोई भी माया है...
शमशान में डेरा लगाया है
तेरी समझा न कोई भी माया है ||
गुणगान हंस ने गाया है
गुणगान हंस ने गाया है
काटो जन्म मरण के जाल जाल
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल
बोलो ॐ नमः शिवाय
बोलो जय शंकर रुद्राय बोलो भोले भंडारी की जय बोलो शम्भू त्रिपुरारी की जय देव आदि देव महादेव की जय
जय जय भोले नाथ,जय जय भोले नाथ, जय जय जय भोले नाथ, जय जय जय भोले नाथ
जयकारा भोले भंडारी का बोल साचे दरबार की जय
Shrijirasik
(तर्ज - तू खाटू बुलाता रहे और मैं आता रहूं )
ओ बाबा कृपा मैं तेरी हरदम पाता रहूं
तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं
देखा जबसे तुने कमाल हो गया है
सूखा हुआ बाग गुलजार हो गया है
ओ बाबा गुनगान तेरा यूं ही गाता रहूं
तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं
तस्वीर तेरी पर ये दिल आ गया है
सच कह रहा हूं बाबा मन आ गया है
ओ बाबा तेरी ही नगरी में आता रहूं
तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं
किस्मत पर नहीं मुझे तुम पे भरोसा
लकी को तूने बाबा पाला और पोशा
ओ बाबा चौखट पे सिर मैं झुकाता रहूं
तू लिखवाता रहे और मैं गाता रहूं
Shrijirasik
भोले बम बम भोले,
सारे जग के है रखवाले,
भक्तो के भंडार भरे,
खुद भस्म रमाने वाले,
भोले बम बम......
अम्रत सबको देता है,
आप ज़हर पी लेता है,
महल दिए हैं भक्तो को,
खुद श्मशान में रहता हैं,
नीलकंठ कहलाता है,
भाग धतुरा खाता है,
बैल सवारी करते हैं डमरू को बजाने वाले,
भोले बम बम......
गंगा की सर पर है धारा,
मस्तक चंदा है प्यारा,
गले में मुंडो की माला,
जिसने सर्पों की धारा,
नाम जो तेरा गाता है,
फल उसको मिल जाता है,
बिन मांगे ही भक्तो को है, सब कुछ देने वाले,
भोले बम बम........
शरण मै तेरी आया हूं,
जग का बड़ा सताया हूं,
मुश्किल मेरी दूर करो,
मैं तो बड़ा घबराया हूं,
खाता देख ना तू मेरा,
भला बुरा हूं मैं तेरा,
अवगुण मेरे दूर करो,
मुक्ती को देने वाले,
भोले बम बम.....
Shrijirasik
( **तर्ज** - काशी विश्व नाथ महिमा पर आधारित )
**दोहा** - पापोहं पाप कर्माहं पापात्मा पाप संभवः।
त्राहि मां पार्वतीनाथ सर्व पापहरो हर।
मंत्रहीनं क्रियाहीनं, भक्तिहीनं सदाशिव,
यत्पूजितं मया देव, परिपूर्ण तदस्तु मे"
तुम ही हो भोलेनाथ तुम ही हो प्राणनाथ
तुम ही तों बाबा भोले भंडारी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे
तुम ही अभयदानी तुम ही महा वरदानी हो
चरणों में तेरे बाबा जग मुझे दीजिए
गलती हुई है भोले क्षमा कर दीजिए
तुम में ही हो शांत रूप तुम ही शिव रूप,
हाथों में शंभू त्रिशूल धारी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे....
कुछ नहीं मेरा बाबा सब कुछ तेरा है
चरणों में तेरे बाबा दास का बसेरा है
डमरु बजा रहे हैं भोले बाबा मेरे तुम साथ मेरे,
तुम ही शंभू शमशान वासी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे....
कोई कहे भोलेनाथ कोई कहे महाकाल
कोई कहे विश्वनाथ बने मेरे ढाल है
नंदी की सवारी करें नाग माला धारण करें,
तुम ही भोले बाबा कैलाश वाशी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे....
अपराध हमसे हुए हैं भारी भोलेनाथ
लकी को भोले तेरा साथ अब चाहिए
कण - कण में समाए हुए बाबा तुम
पल - पल तुम गमों को काटते,
ख्वाहिश मेरी बाबा मैं बनू काशी का वासी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे....
Shrijirasik
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम ओघड रूप में आना
भूत साथ लेके
मुंड हाथ लेके चले आना.
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम भंगिया रूप में आना
जोला हाथ लेके
भंग साथ लेके चले आना
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम जोगिया रूप में आना
डमरू हाथ लेके नंदी साथ लेके चले आना
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम मोहिनी रूप में आना
गंगा साथ लेके चंदा माथे लेके चले आना
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
तुम भोले रूप में आना
गोरा साथ लेके त्रिशूल हाथ लेके चले आना
जटाधारी बनके त्रिपुरारी बन के चले आना भोले जी चले आना
Shrijirasik
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
देवो में देव बड़ा, शिव हैं निराला ,
देवो की खातिर पी गया, विष का प्याला ,
देवो में देव बड़ा, शिव हैं निराला ,
देवो की खातिर पी गया, विष का प्याला ,
पीकर विष का प्याला , शिव ने बचा लिया संसार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
तीस दिनों का हैं ये , सावन का महीना ,
तीस दिनों तक हमें , शिव की भक्ति करना ,
तीस दिनों का हैं ये , सावन का महीना ,
तीस दिनों तक हमें , शिव की भक्ति करना ,
शिव की भक्ति से ही , होगा बेड़ा पार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
जल का लोटा भर के , शिव को चढ़ाओ,
शिव की भक्ति में , मन को लगाओ ,
जल का लोटा भर के , शिव को चढ़ाओ ,
शिव की भक्ति में , मन को लगाओ ,
बेलपत्र और चन्दन से, करो शिव का श्रृंगार,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
जो भी करेगा बाबा, शिव की भक्ति ,
उसको मिलेगी ,भवसागर से मुक्ति ,
जो भी करेगा बाबा, शिव की भक्ति ,
उसको मिलेगी ,भवसागर से मुक्ति ,
कर लो अपनी नय्या , भव से तुम पार,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
Shrijirasik
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल
करते भक्तों को है भक्ति से निहाल
भक्ति में तेरी हुआ मालामाल
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल।।
1) भोले इस जीवन का, तू ही है आधार
दुनियां देती धोखा, तू ही लेता संभाल 2
मेरा अभिमान तू, तूही स्वाभिमान
करते भक्तों को है भक्ति से निहाल
भक्ति में तेरी हुआ मालामाल
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल।।
2) अच्छा हूं बुरा हूं पर हूं मैं तेरा लाल
भोले की चौखट का मैं हूं सेवादार 2
तेरी सेवा में ही बीते सुबहो शाम
करते भक्तों को है भक्ति से निहाल
भक्ति में तेरी हुआ मालामाल
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल।।
3) उज्जैनी है विक्रम की प्यारी वो नगरी
शिप्रा तट महाकाल संग राजे हरसिद्धि 2
भोले भक्तो पर तो, रहते हैं दयाल
करते भक्तों को है भक्ति से निहाल
भक्ति में तेरी हुआ मालामाल
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल।।
Shrijirasik
बम बम बम बम भोले, कांवड़ियों के संग मैं है भोले
बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले
सावन का महीना आया है, शिव शंकर ने बुलाया है
कांवड़ियों लेके चले कांवड़ है, गंगा जल के संग मैं है भोले
बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले
कोई काशी कोई खाटू जाए, हरिद्वार से कांवड़ लाए
हरिद्वार के गंगा जल को अपने कांधे धर कर ले
बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले
सावन का मेला आया है, कावड़ियों ने शोर मचाया है
ढोलक मृदंग डीजे चले, शिव शंभू भी संग चले
बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोल
Shrijirasik
हाथों में त्रिशूल धारी, मेरे भोले भंडारी,
भोले भंडारी मेरे, भोले भंडारी ।
नाम पड़ा त्रिपुरारी, मेरे भोले भंडारी ।
भोले जी मेरे साठ बरस के,
गौरां है कन्या कुँवारी, मेरे भोले भंडारी...
भोले जी खाए भांग धतूरा,
भांग पीस गौरां हारी, मेरे भोले भंडारी...
भोले जी करते हैं नंदी की सवारी,
गौरां करे सिंह सवारी, मेरे भोले भंडारी...
भोले है स्वामी सारे जगत के,
गौरां के स्वामी त्रिपुरारी, मेरे भोले भंडारी...
रावण को दे दी सोने की लंका,
देखकर भक्ति न्यारी, मेरे भोले भंडारी...
ऐसे दयालु मेरे औघड़ दानी,
कहती है दुनियाँ सारी, मेरे भोले भंडारी...
Shrijirasik
शिव हैं सुन्दर , शिव हैं प्यारा ,
शिव शंकर का , रूप निराला ,
शिव के मस्तक पर हैं चंदा ,
शिव की जटा से बहती गंगा ,
सौराष्ट्र में सोमनाथ हैं शिव जी ,
श्रीशैलम में मल्लिकार्जुन शिव जी ,
उज्जैन में महाकाल हैं शिव जी ,
ओम्कारेश्वर में ओमकार हैं शिव जी ,
परली में वैधनाथ हैं शिव जी ,
डाकिनी में भीमशंकर हैं शिव जी ,
सेतुबंध में रामेश्वर हैं शिव जी ,
दारूकावन में नागेश्वर हैं शिव जी ,
वाराणसी में विश्वनाथ हैं शिव जी ,
गौतमी तट पर त्रिंबकेश्वर हैं शिव जी ,
हिमालय में केदार हैं शिव जी ,
शिवालय में घृष्णेश्वर हैं शिव जी
देवो में महादेव हैं शिव जी ,
कालो के महाकाल हैं शिव जी ,
तीनो लोक के स्वामी हैं शिव जी ,
बड़े ही अंतर्यामी हैं शिव जी,
शिव शंकर हैं, भोले भाले ,
भक्तों के जीवन रखवाले ,
बड़े बड़े संकट भक्तों के ,
शिव शंकर ने पल में टाले,
शिव की शरण में जो भी आवे ,
खाली हाथ ना वापस जावे ,
सबकी झोली शिव हैं भरते ,
सबकी इच्छा पूरी करते,
Shrijirasik
( तर्ज - बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे )
बोलो भोलेनाथ थारो कुण सो धन लागे
मान्ने उज्जैन बुला ले तेरी नगरिया घूमा ले
मेरे प्यारे बाबा भोले बाबा...
दरबार लगा के बाबा घनो मुसकावे
जो कोई ना आए की पर हुकुम चलाएं
मन्ने दास रख ले - 2
बोलो भोलेनाथ थारो कुण सो धन लागे....
नंदी पर बैठ बाबा घनो मुसकावे
यों तो चाले छम छम यों तो नाचे छम छम
जरा इसे रोक ले - 2
बोलो भोलेनाथ थारो कुण सो धन लागे....
भक्तों ने देखा बाबा घनो मुसकावे
लकी रोज दर आव तन भजन सुनाव
थोड़ी दया कर दे - 2
बोलो भोलेनाथ थारो कुण सो धन लागे....
Shrijirasik
जय जय भोला भंडारी जय जय भोला भंडारी।
तेरा रूप निराला दुनियाँ जाये है वारी।
शीशजटा में गंग बिराजे भाले चंद्र सुशोभित है।
त्रिनेत्र कानों में कुण्डल देखके दुनियाँ मोहित है।
जिनकी गौरी है नारी करते बैल सवारी।।
त्रिपुण्ड लगा है ललाट सजा है गले में नाग काला है।
मंद मंद मुस्काये भोला ऐसा रूप निराला है।
पीछे भूतों की लारी दर्शन पाये नर नारी।।
तन पे विभूति रमाये भोला और ओढ़े मृगछाला है।
सिंगी नाद कर डमरू बजाये और गले में हाला है।
अनुरोध त्रिपुरारी दर्शन देओ अविकारी।।
Shrijirasik
जय शम्भू -4
झूठी दुनिया दारी का ना झूठे रिश्तेदार का -2
बेटा महाकाल का मे बेटा महाकाल का -2
उज्जैन नगरी क्षिप्रा तट पर शिव शंभू का वास है
हर सिद्धि और भैरव बाबा पल पल मेरे साथ है पल-पल मेरे साथ है
नहीं दयालू महादेव सा , नहीं दयाल महादेव सा कहना वेद पुराण का
बेटा महाकाल का मे बेटा महाकाल का - 2
जो भी तेरा ध्यान धरे उसका तु कल्याण करे
भर देता हे झोली तु खुशीयो के भंडार भरे ,
कोरस - खुशीयो के भण्डार भरे खुशीमयो के भण्डार भरे
दानी कोई नही हे जग में , दानी कोई नहीं है जग में नंदी के असवार सा
बेटा महाकाल मैं बेरा महाकाल का -2
बढती मेरी शान है कुछ लोग परेशान है
काहै कि फिकर मेरा बाबा मेहरबान है
कोरस - बाबा मेहरबान है -2
हो गई गुझ पर किरपा इनकी -2 नाम हुआ परिवार का
बेटा महाकाल मैं बेरा महाकाल का -2
हो बेटा महाकाल मैं बेरा महाकाल का मै बेटा महाकाल का
Shrijirasik
भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ मेरे
भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ
हरिद्वार में जाएंगे,
हम हरिद्वार में जाएंगे
भोले की कांवड़ ठाएंगे
हम हरिद्वार में जाएंगे
यहां शिव के भक्तों का मेला लगता
जय भोले का नारा बजता
गंगा जल हम लाएंगे
हरिद्वार में जाएंगे...
बम बम बम ब-बम
बम लहरी
शिव भक्तों का प्यारा साथ है
महाकाल का मुझपे हाथ
ॐ नमः शिवाय, नमः शिवाय
नमः शिवाय गाएंगे
हरिद्वार में जाएंगे...
हरिद्वार में, बम बम
ऋषिकेश में, बम बम
हर की पौड़ी, बम बम
लक्ष्मण झूला, बम बम
चंडी मइया, बम बम
मनसा मइया, बम बम
Shrijirasik
तेरे बिना अब जिया नहीं जाए, बिन तेरे मुझे कौन संभाले,
बिन तेरे मुझे कौन संभाले,
मुझको अब तू ही संभाल, मेरे शंभू मेरे महाकाल,
तेरे हवाले की है मैने जिंदगानी, जाके ये बाते सारे जग को बतानी,
तू ही पिता है मेरा तू ही दीनदयाल है, करुणा बरसाने वाले महिमा अपार है,
दर पे तुम्हारे आके आशीष पाएं, चरणों में बाबा तेरे शीश नवाएं,
मुझको अब तू ही संभाल, मेरे शंभू मेरे महाकाल।
हर कही प्यार मिलता, खुशियों की बहार है,
तेरी कृपा बरसी है ये तेरा ही कमाल है,
तू जो न हो तो ये बहारें भी न होती, राहों में काटे होते, कलिया न होती,
तेरा भगत बाबा तेरा ही गुण गाए, सारी उमर तुझको ही रिझाए,
मुझको अब तू ही संभाल, मेरे शंभू मेरे महाकाल।
तेरे बिना अब जिया नहीं जाए, बिन तेरे मुझे कौन संभाले,
बिन तेरे मुझे कौन संभाले,
मुझको अब तू ही संभाल, मेरे शंभु मेरे महाकाल ।
Shrijirasik
भगवान शिव के 108 नाम
तर्ज : याल्ला याल्ला दिल लेगई.. नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय
हे शिव, शंकर, हे कैलाशी.. हे प्रलयंकर, हे अविनाशी.. हे गंगाधर, घटघट वासी.. नमः शिवाय ॐ
काल के काल, कपाली, महेशा.. करुणावतार, सर्वज्ञ, हमेशा.. अज, अनादी, हे अशुतोषा.. नमः शिवाय ॐ
पाशविमोचन, अर्धनारीश्वर.. भग्तवत्सल, श्मशानेश्वर.. भुजंगभूषण, अवधूतेश्वर.. नमः शिवाय ॐ
उग्र, कपर्दी, हर, नागेश्वर.. शम्भु, रुद्र, हरिहर, ईश्वर.. जगदव्यापी, शाश्वत, रामेश्वर..नमः शिवाय ॐ
अन्धकारसुरसुदन, त्रिलोचन.. कृपानिधि, हे भग्तभयमोचन.. हे महामंगल, हे विरोचन.. नमः शिवाय ॐ
हे त्रिपुरान्तक, भस्मधराय.. हे स्वारमयी, देव, डमरूधराय.. हे अनन्त, विद्यावरदाय.. नमः शिवाय ॐ
वीरभद्र, त्रिदेव, त्रिमूर्ति.. नीलकंठ, सशस्त्राक्ष, भूतपति.. ललाटाक्ष, मृगपानी, प्रजापति.. नमः शिवाय ॐ
हे शुद्धविग्रह, हे शिधेश्वर.. परशुहस्थ, भगवान, नटेश्वर.. अनेकात्मा, सात्विक, परमेश्वर.. नमः शिवाय ॐ
तेजपुंज, तारक, नंदीश्वर.. कामदहनाय, महाकालेश्वर.. अम्बिकानाथ, हे भीमाशंकर.. नमः शिवाय ॐ
तांडवप्रिय, उमानाथ, तन्त्रेश्वर.. कर्मयोगी, सोमनाथ, मंत्रेश्वर.. आदिनाथ, शितिकंठ, सुरेश्वर.. नमः शिवाय ॐ
हे योगेश्वर, दक्षिणमुखाय.. चंद्रशेखर, सदाशिवाय.. हे महादेव, त्र्यम्बकेश्वराय.. नमः शिवाय ॐ
हे गिरिजापति, हे घृष्णेश्वर.. व्योमकेश, प्रभु, हे विश्वेश्वर.. विश्वनाथ, मृत्युंजय, महेश्वर.. नमः शिवाय ॐ
निराकार, त्रिनेत्र, जटाधर.. हे गिरीश, बैद्यनाथ, सर्वेश्वर.. पिनाकहस्त, अघोरी, दिगंबर.. नमः शिवाय ॐ
अमृतमय, शिवाप्रिय, अनीश्वर.. हे केदार, त्रिशूलधर, शशिशेखर.. पशुपतिनाथ, हे ॐकारेश्वर.. नमः शिवाय ॐ
हे परमात्मा, हे वरदायक.. भगतों के तुम सदासहायक.. अम्बरीष पूजे, हे जगनायक.. नमः शिवाय ॐ
Shrijirasik
सावन आयो रे भोले बाबा सावन आयो रे ,
पूजन था लेकर में थारा मंदिर आयो रे ,
सावन आयो रे.........
1. झूम झूम के मेघा बरसे, पूजन को मेरा मन तरसे
सच्ची लग्न में हिवड़ा हरषे, ले कावड़ निकला मैं घर से
महाकाल कृपा से काल भी ,-2 रोक न पायो रे......
सावन आयो रे........
2. बम-बम गांऊँ बाबा तुमको मनाऊं भांग धतूरा और दूध चढ़ाऊँ ,
केसर चंदन तिलक लगाऊँ , रूप नीरखूँ बाबा सब सुख पाऊँ ,
थारी भक्ति सेवा से म्हारो ,-2 मन भरमायो रे......
सावन आयो रे......
3. करूणाकर करुणा बरसाओ दास को अब तो दर्शन दिखाओ ,
विनती मेरी ना ठुकराओ , मुझको बाबा गले से लगाओ ,
थारी शोभा देखके सबरो ,-2 मन हरषायो रे......
सावन आयो रे...........
Shrijirasik
न कोई डर न कोई फिकर, ओर न कोई जंजाल है
संग मेरे महाकाल है, संग मेरे महाकाल है
महाकाल के नाम से ही मेरा जीवन आज कमाल है
संगमेरे महाकाल है, संग मेरे महाकाल है
1. महाकाल है मेरे स्वामी, और में इनका दास
महाकाल के दास कभी भी, रहते नहीं उदास
ना कोई चिंता ना कोई भय, और न दुखो का जाल है
संग मेरे महाकाल है...
2. वो अविनाशी घट घट वासी, शम्भु मेरे महाकाल
साथ में है जब महाकाल तो क्या ही बिगाड़े काल
मृत्युंजय महाकाल को मन को जपता अब हर हाल है...
संग मेरे महाकाल है संग मेरे महाकाल है।
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शिव भोला मेरा हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
मैं शिव भोले दा हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
भोले दे सिर ते गंगा विराजे,
गंगा विराजे, गंगा विराजे ।
सारे जग ने अमृत पी लिया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे मथे उत्ते चंदा विराजे,
चंदा विराजे, चंदा विराजे ।
सारे जग विच चानण हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे गल विच नाग विराजे,
नाग विराजे, नाग विराजे ।
सारे जग नूं दर्शन हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे हथ विच डंमरू विराजे,
डंमरू विराजे, डंम डंम वाजे ।
सारा जग मस्ताना हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे हथ विच भंग दा पियाला,
भंग दा पियाला, भंग दा पियाला ।
सारा जग मतवाला हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे संग गौरां विराजे ।
गौरां विराजे, बड़ी प्यारी लागे ।
शिव शक्ति दा दर्शन हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
हर हर शंभू
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डमरू वज्जदा नच्चदे सारे... बम बम भोले।
देवी देवते जच्चदे सारे... बम बम भोले।
डमरू वज्जदा नच्चदे सारे, देवी देवते जच्चदे सारे
ब्रह्मा विष्णु बने बराती, नारद वीणा वजाई गौरां,
साडे जंज महलां विच,
शिव भोले दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच।
शिव शंकर दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच।
पूरी देख सृष्टी आ गई।
चारे पासे रौनक छा गई।
ऋषि मुनी पृथ्वी दे सारे
महफिल देख सजाई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भूत प्रेत ते साक संबंधी।
बैठा भोला बैल जो नंदी।
पहली तेरी जंज है गौरां
ना गिनती जाए गिनाई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
मथे चन्न सजाया सोहन,
महां देव जेहा होर ना होना।
देवां दा महांदेव है शंकर,
संग त्रिलोकि आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
इंद्र पुरी तों परियां आईयां।
शिव शंकर नूं देण वधाईयां।
सरस्वती लक्ष्मी संग सब ने,
फुल्लां दी वर्खा लाई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
गौरां तू बन गई शिव शक्ति।
पूरी हो गई तेरी भक्ति।
मनीश टप्परियां पिंड विच बहि के,
कहिंदे कलम चलाई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
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टोला मस्तां वाला आया, ऊंची ऊंची रौला पाया।
जंज तक्कण बहाने गौरां गई, महल उत्ते चढ़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते चढ़ के।
आ गया जी भोला बैल ते चढ़ के।
आ गया जी शंकर बैल ते चढ़ के।
ओहने हथ विच डमरू फड़्हिया, ना कोई बाजा बैंड लियाया।
पिंडे भस्म भभूति लाई, गौरां कैसा रूप बनाया।
मैं तां हक्की बक्की रहि गई, ओहनूं देखां खड़ खड़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
जेहड़े नाल लियाया जंजी, सारे लग्गदे साध मलंगी।
चिलमां भर भर लाऊंदे सूहटे, गौरां गल कोई ना चंगी।
करता बागां विच उजाड़ा, जी अंदर ओहना वड़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
कन्नीं कुंडलां बिछुए पा के, सेहरा सप्पां दा लमका के।
गिट्ठ गिट्ठ लम्के ओहदे दाढ़ा, बैठा टेढ़ लंगोटा ला के।
मैनूं समझ रत्ता ना आवे, काली घटा आ गई चढ़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
भैणे तू किस्मत तों हारी, ओह तां लग्गदा साध मसाणी।
तेरी किस्मत वाली गौरां, लग्गदा उलझी पई कहानी।
रल्या लाड़े नाल विचोला, नी स्कीमां कोई घड़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
तू तां आखे ओहनूं देव, सारे देवान दा महांदेव।
सानूं लीला समझ ना आवे, तेरा कैसा है पति देव।
मनीश दे है ओह दिल दा जानी, ओह लिख्खे कलमां नूं फड़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
Shrijirasik
डम डम शिवा का डमरू वाजे , भोला विच कैलाश के नाचे,
भोले बम बम बम ॥
भोले बम बम बम, भोले बम बम बम ॥
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
तेरी लीला जग से न्यारी, तूँ है तीन लोक का बाली
भर दे सब की झोली ख़ाली, भोले बम बम बम...
( भोले बम बम बम भोले बम बम बम )
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
तेरे गले में नाग़ विराजे, डंका तीन लोक में वाजे
तेरे माथे चन्द्रमा साजे, भोले बम बम बम...
( भोले बम बम बम भोले बम बम बम )
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
अज़ब निराली तेरी माया, पल में बदले सब की काया
कण कण में है तेरा साया, भोले बम बम बम...
( भोले बम बम बम भोले बम बम बम )
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
बहती जटा में गंगा माई, कावड़ हरि द्वार से आई
लिख मौजी ने महिमा गाई, भोले बम बम बम...
( भोले बम बम बम भोले बम बम बम )
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
Shrijirasik
करता करे ना कर सके, शिव करे सो होय
सात खंड नवद्वीप में ,महाकाल से बड़ा ना कोई
हे महाकाल मैं तेरा पुजारी
तेरे रूप पर मैं बलिहारी
मस्तक पे तेरा चाँद सजाना
भस्म चीता की तन पे रमाना
रूप ये तेरा है सुहाना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
है महाकाल तेरा दीवाना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
तेरे रूप का मैं दीवाना
ओ महाकाल मेरे,रूप के आगे तेरे
हारना मेरे मन को पड़ा है
तेरे श्रृंगार से, क्यों हठे ना नज़र
ये नशा कैसा तेरा छड़ा है
भंग में सज कर मस्ती चढ़ाना
फुल में सज के जग महकाना
सज कर यू सब का दिल चूराना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
है महाकाल तेरा दीवाना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
तेरे रूप का मैं दीवाना
शिव समान दाता नहीं, विपत निवारण हार
लज्जा मोरी रखियो, शिव नंदी के असवार
मेरे स्वामी सुनो, अंतर्यामी सुनो
मन में रख ली है तस्वीर तेरी
बाबा तेरी झलक, जग में सब से अलग
जोड़ दी तुझ से तक़दीर मेरी
नाग गले विषधर लिपटाना
आसान मृगछाला का बनाना
भक्तों को देख मुस्कुराना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
है महाकाल तेरा दीवाना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
तेरे रूप का मैं दीवाना
है महाकाल मैं तेरा पुजारी…
Shrijirasik
न बंगला मांगू न कार फरारी घाटे का सौदा हे ये दुनिया दारी
न रोको मुझको बाबा के दर जाने दो
मेरी ये अंतिम इच्छा पूरी अब हो जाने दो
मुझे महाकाल के चरणों में लिपट जाने दो
मुझे उज्जैन में मर जाने दो ......
जब बाबा बम बम नाथ मुझे ले जाए अपने साथ
बनकर के राख मसान की पहुंचूं महाकाल के पास
मेरा जलन्म मरण सब आज संवर जाने दो
मुझे उज्जैन में ........
मेरी अर्जी सुनो महाकाल बाबा में हूं तेरा लाल
बाबा भूत नाथ अविनाशी कैलाशी तुम महाकाल
झूठी माया में लिपटी काया संवर जाने दो
मुझे उज्जैन में मर जाने दो ........
न दुनिया साथ निभाएगी न मरघट से आगे जाएगी
ये धन दौलत शोहरत इज्जत सब यहीं धरि रह जाएगी
अब प्राण पखेरू अलबेला तर जाने दो
मुझे उज्जैन में मर जाने दो .........
Shrijirasik
कोई आशिक कहते है कोई मुझे परवाना कहते है
महाकाल की मस्ती में डूबा हुआ मस्ताना कहते है
कोई पागल कोई प्रेमी मुझे नादान कहते है
में तो महाकाल का बेटा हु मुझे महाकाल का दीवाना कहते है
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना........
महाकाल का दीवाना हूं , महाकाल का दीवाना हूं
कोई रोके नहीं कोई टोके ,नहीं में तो आशिक पुराना हूं
महाकाल का दीवाना हूं........
1.) जो भी करता है भक्ति महाकाल की
कभी चिंता न रहती है धन माल की
कभी मौत से हो जाए गर सामना
मौत टलती है चलती नहीं काल की
शिव का वंदन करूं शिव का दर्शन करु शिव से प्रीत लगाना है
महाकाल का दीवाना हूँ.........
2.) सारी दुनिया ने ठुकराया हर हाल में
मुझको अपना बनाया महाकाल ने
गर गिराना जो चाहा था संसार ने
गोदी में बिठाया महाकाल ने
अपना तन मन करूं शिव को अर्पण करूं में बालक तुम्हारा हूँ
महाकाल का दीवाना हूं........
3.) दीवाना दीवाना दीवाना तेरा दीवाना
में तो हूं बाबा महाकाल तेरा दीवाना
तेरे दर्शन को आया बाबा तेरा दीवाना
तेरे ही नाम का आशिक है तेरा दीवाना
दीवाना दीवाना दीवाना तेरा दीवाना
तेरा सुमिरन करूं तेरा वंदन करूं
में तो तेरा दीवाना हूं
महाकाल का दीवाना हूं........
Shrijirasik
हर हर महादेव
बोल बम
भोले की भक्ति में होके मगन होके मगन
चले रे कावड़िया बोल बम बम
भोले की भक्ति में होके मगन, होके मगन
चले रे कवड़िया बोल बम बम
चले रे क बोल बम बम
चले रे कवरिया बोल बम बम
बोल बम बम बोल बम बम बोल बम बोल बम
छाई है खुशियां नहीं है कोई गम, नहीं है कोई गम
चले रे गवडिया बोल बम बम
भोले की भक्ति में होके मगन
चले रे गवडिया बोल बम बम
होत भुनसारे से कावर उढ़ाये , माई नर्मदा को जल भर लाए
माई नर्मदा को जल भर लाए, माई नर्मदा को जल भर लाए
अरे कांधे पे कावड़ चले हैं सब जन ,चले हैं सब जन
चले रे कावड़िया बोल बम बम
भोले की भक्ति में होके मगन
चले रे कवरिया बोल बम बम
सावन महीने की रुत है सुहानी
भोले के दर्शन की मन में है ठानी
भोले के दर्शन की मन में है ठानी
भोले के दर्शन की मन में है ठानी
अरे नाचे कवडिया ,देखो छमम छमम
देखो छमम छमम,
चले रे कवडिया बोल बम बम
भोले की भक्ति में होके मगन
चले रे कवडिया बोल बम बम
चल के ऊंची नीची रे डगरिया ,पहुंचे भोले बाबा की दुरिया
पहुंचे भोले बाबा की दुरिया, पहुंचे भोले बाबा की दुआ
हर बेल पतिया चढ़ाएंगे जल चढ़ाएंगे ,
चढ़ाएंगे जल
चले रे कवडिया बोल बम बोले की
भक्ति में होके मगन, चले रे कवरिया बोल बम बम
चले रे कवरिया बोल बम बम
चले रे कवरिया बोल बम बम
बोल बम बम बोल बम बम बोल बम बोल बम
भोले की भक्ति में होके मगन, होके मगन चले रे कवडिया बोल बम बम,
भोले की भक्ति में होके मगन, चले रे गवड़िया बोल बम बम
चले रे गावड़िया बोल बम बम,
चले रे गावड़िया बोल बम बम
चले रे गावड़िया बोल बम बम
चले रे गावड़िया बोल बम बम
चले रे गावड़िया बोल बम
हर हर महादेव है।
Shrijirasik
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
काहे के गणपति बनाएं,
काहे की बनाए भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
गोबर की गणपति बनाएं,
चिकनी मिट्टी के बनाए भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
कोंन दिना गणपति मनाए,
कोन दिनां भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
बुधवार गणपति मनाए,
सोमवार भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
दूध घास गणपति पे चढ़ावे,
बेलपत्र भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
लड्डू का भोग गणपति को लगाएं,
भांग धतूरा भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
Shrijirasik
मेरे अंगना में आए भोलेनाथ,
सखी री मैं क्या मांगू,
क्या मांगू मैं क्या मांगू,
क्या मांगू मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू।
जब मैंने भोले जी के शीश को देखा,
शीश को देखा सखी शीश को देखा,
मैंने कर लिया गंगा स्नान,
सखी री मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू
जब मैंने भोले जी के हाथों को देखा,
हाथों को देखा सखी हाथों को देखा,
मुझे मिल गया आशीर्वाद,
सखी री मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू।
जब मैंने भोले जी के पैरों को देखा,
पैरों को देखा सखी पैरों को देखा,
मेरे हो गए चारों धाम,
सखी री मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू
जब मैंने भोले जी के मुखड़े को देखा,
मुखड़े को देखा सखी मुखड़े को देखा,
मैं तो हो गई भव से पार,
सखी री मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू।
Shrijirasik
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया घोटा ॥
घोट, घोट के, रगड़ रगड़ के
लै के, कुंडा सोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया घोटा ॥
शिव जी मेरे, पैंट नी पाउँदे
लाउँदे, तेर लंगोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
शिव जी मेरे, हार नी पाउँदे
पाउँदे, फनियर मोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
शिव जी मेरे, कोक नी पींदे
पींदे, भंग दा लोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
शिव जी मेरे, जिम नी जानते
ओहदा, वैसे ही, डोला मोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
पारबती मां, गोरी गोरी
शिव जी, काल कलूटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
Shrijirasik
( तर्ज - बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम )
ध्यान मेरा रखते हैं शिव हर - पल
आज दिन दुख के हैं अच्छा आएगा ये कल
खाली हाथ तेरी चौखट पे आया था
ना कोई फूल ना जल में चढ़ाया था
फिर भी मिल रहा मुसीबत का हल
ध्यान मेरा रखते हैं शिव हर - पल ....
एहसान तेरे बाबा भुलाऊं मैं कैसे
बगिया को माली मिला मिला मुझको ऐसे
कांटों को कर रहा सुंदर कमल
ध्यान मेरा रखते हैं शिव हर - पल ....
ना ही कोई नाम जब किया मैंने बाबा
तेरी याद का मुझको नशा मेरे बाबा
लकी की आंखें हुई है सजल
ध्यान मेरा रखते हैं शिव हर - पल ....
Shrijirasik
दे दर्शन, दे दर्शन इक वार, भोलिया दे दर्शन।
भगत बुलाउंदे छेती आजा, हो के बैल सवार
भोलिया दे दर्शन...
जग कहिंदा तू भोला भाला,
गल पावे सप्पां दी माला।
जट जटावां सर ते तेरे,
एह की तेरा रूप निराला।
रूप तेरे नूं चेते करके,
करां मैं सोच विचार, भोलिया दे दर्शन...
सुणियां भंग दे रगड़े लावें,
अक्क धतूरा खाई जावें।
समझ ना आवे शिव शंकर जी,
ऐना केह नूं खिलाईं जावें।
फेर वी सुणियां सभ्नां दे तूं,
लाउंदा बेड़े पार भोलिया दे दर्शन...
मेरा काहनूं मन तरसावें,
करां उडीकां कद घर आवें॥
चांद वी तेरा दास कहावें,
जिसनूं मस्तक उत्ते सजावें।
लखविंदर वी अर्जा करदा,
पढ़िया प्यारां नाल भोलिया दे दर्शन...
Shrijirasik
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
किते, डम्मरू वज्जदा... सुण भगता॥
राम, नच्चदे, सीता नच्चदी॥
किते, हनूमान नच्चदा... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
शाम, नच्चदे, राधा नच्चदी॥
किते, दाऊ नच्चदा... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
विष्णूं, नच्चदे, लक्ष्मी नच्चदी॥
किते, नारद नच्चदा... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
शिव, नच्चदे, गौरा नच्चदी॥
किते, नंदी नच्चदा... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
मइयां, नच्चदी, शेर नच्चदा॥
किते, संगत नच्चदी... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
Shrijirasik
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः शिवाय ॥
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
डमरू, वाले आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः...
ॐ, नाम है, गंगासागर ॥
जप ले, प्राणी, भर ले गागर ॥
पाप से, मुक्त, कराए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ।
शिव, नागां, वाले आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः...
ब्रह्मा, विष्णु, शंकर बैठे ॥
ॐ, नाम में, हम सब रहते ॥
तूँ फिर भी, जप ना, पाए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ।
भोले, बाबा, आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः...
ॐ, नाम में, इतनी शक्ति ॥
सच्चे, मन से, कर ले भक्ति ॥
भव, सागर से, तर जाए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ।
शिव, गौरां वाले, आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः...
ॐ, नाम का, जाप तूँ कर ले ॥
तन मन, अपना, साफ़ तूँ कर ले ॥
हिर्दय में, नाम, बसाए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ।
शिव, गंगा वाले, आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
शिव, गणपत वाले, आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
शिव, गौरां वाले, आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
पापों से, मुक्त, कराए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
भोले, बाबा, आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
शिव, नागां, वाले आए बोलो, ॐ नमः शिवाय ।
ॐ नमः, शिवाय बोलो, ॐ नमः...
Shrijirasik
बोलो बम बम भोले,
हर-हर महादेव!
शिव शंकर भोलेनाथ,
जय जय त्रिपुरारी देव।
सिर पर गंगा, गले में सर्प,
राख लगाए त्रिकाल स्वरूप।
डमरू की धुन गूंज उठे,
हर दिल बोले शिव-शिव।
महादेव तेरे नाम की धुन,
गूंजे गगन, गूंजे धरा।
महादेव तेरे नाम की धुन,
हर हर महादेव पुकारा।
कैलाशपति त्रिलोचन आए,
भक्तों के संकट हर ले जाए।
भस्म रमाए, आनंद लुटाए,
जपते सब तेरी महिमा गाए।
महादेव तेरे नाम की धुन,
गूंजे गगन, गूंजे धरा।
महादेव तेरे नाम की धुन,
हर हर महादेव पुकारा।
शिव बिना जग सूना है,
तेरे नाम में ही जुनून है।
भोलेनाथ बस तू ही सहारा,
तेरे चरणों में ही सारा प्यारा।
महादेव तेरे नाम की धुन,
हर दिल बोले हर हर शंभू।
महादेव तेरे नाम की धुन,
जय जय भोले, जय जय भोले।
Shrijirasik
हे योगेश्वर , हे प्राणेश्वर , हे जगदीश्वर नमो - नमो ॥
ज्ञान के दाता ,कर्म के दाता ।
भाग्य विधाता नमो - नमो ॥हे योगेश्वर ...
ज्ञान वैराग्य का दीप जला दो ।
भक्ति में तन - मन को लगा दो ॥हे योगेश्वर ...
आत्म तत्व का बोध करा दो ।
माया का यह भ्रम समझा दो ॥हे योगेश्वर ...
हे योगेश्वर नमो - नमो
हे प्राणेश्वर नमो - नमो
हे जगदीश्वर नमो - नमो
नमो - नमो , नमो - नमो ,
नमो - नमो...॥
Shrijirasik
जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
मैं मूरख और अज्ञानी करता आया मनमानी
मेरे सारे दोस भुला दो तुमसा न दयालुदानी
एक बारी तेरा मुझ पर यह एहसान हो जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
यह धन दौलत की माया और पंचतंत्र की काया
सब छोड़ पड़ेगा जाना किसने कब साथ निभाया
जब दम निकले मुझे लेने मेरा श्याम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
ऋषियों ने यही कहा है वेदों में यही लिखा है
तेरा सुमिरन कर करते-करते जिसे जग छोड़ दिया है
भक्त वो सीधा ही तेरे धाम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
Shrijirasik
माथे चन्द्रमा और गले में नाग लपेटे हैं
मेरे महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
तन की जानें मन की जानें जानें चित्त की चोरी
उनसे कुछ भी छुपा नहीं उनके हाथ है सबकी डोरी
हाथ है सबकी डोरी उनके हाथ है सबकी डोरी
गजानन और षडानन जी जिनके बेटे हैं
वो महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
मेरे महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्
सदा बसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि
तन पे भस्म रमाये भोला जटा में गंगा विराजे
हाथों में डमरू त्रिशूल है कानों में कुण्डल साजे
कानों में कुण्डल साजे उनके कानों में कुण्डल साजे
अपने तन पर सिंह की वो खाल लपेटे हैं
मेरे महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
माथे चन्द्रमा और गले में नाग लपेटे हैं
मेरे महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
ॐ नमः शिवाय शम्भू ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय शम्भू ॐ नमः शिवाय
Shrijirasik
जय जय भोले, जय जय भोले,
मन मेरा हरदम ये बोले.
भोले बाबा द्वार दया का,सदा ही रखे खोले.
वो तो हिमालय की चोटी पर अपना करे बसेरा.
सांपों के संग रहता लेकिन समझो नहीं सपेरा.
हाथ में डमरू,जटा में गंगा,बाघम्बर लपेटे.
उसकी दृष्टि में सारी सृष्टि जब चाहे वो समेटे.
त्रिनेत्र त्रिलोकी को कोई समझ न पाए.
इसीलिए सब देवों में वो महादेव कहलाए.
वो सुशांत, वही प्रचण्ड हैं रूप अनेक वो धारे .
भक्तों पर है निर्मल शीतल, दुष्टों पर अंगारे.
देव जब आए संकट में उनके बने सहाए.
अमृत बांटा विष पी डाला नीलकंठ कहलाए.
नाम जपे जो श्रद्धा से तो बनते उनके काम .
करुणा निधान शिव शंभू को पूजो आठो याम.
खुद रहते वीरानों में भक्तों के महल बनाते.
तभी तो इनकी महिमा सारे देवी-देवता गाते.
सुरों की सुरभि से शम्भु ने सारा जग महकाया.
भस्म रमा के डमरू बजा के सबको नाच नचाया.
वेद पुराण सभी ग्रंथों ने एक ही बात कही है .
बंद किस्मत के सब तालों की कुंजी एक यही है.
जय जय भोले जय जय भोले, मन मेरा हरदम ये बोले.
Shrijirasik
काशी वाले से मिलना बड़ा जरूरी
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा जरूरी ।
ओ डमरू, वाले से, मिलना, बड़ा जरूरी ॥
मिलना, बड़ा जरूरी ओ भोले,
मिलना, बड़ा जरूरी ॥
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, होती, पवन बंसती, झोंका बन कर आती ।
जो मैं, होती, गंगा यमुना, नित तुमको नहलाती ॥
बन ना, सकी मैं, गंगा यमुना ॥ये मेरी मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, होती, तेरी पुजारिन, तेरे मंदिर आती ।
जो मैं, होती, उज्जैन नगरिया, तेरा दर्शन पाती ।
बन ना, सकी मैं, उज्जैन नगरिया ॥ये मेरी मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, तेरा, पता जानती, ख़त लिख के भिजवाती ।
सब, भक्तों को, संग में ले के, तुमसे मिलने आती ॥
पता, तेरा मेरे, पास नहीं ॥ये मेरी मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, होती, काली बदरिया, छम छम नीर बहाती ।
गरज़ गरज़ के, बरस बरस के, नित तुम को नहलाती ॥
बन ना, सकी मैं, कारी बदरिया ॥ये मेरी मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, होती, पास तुम्हारे, झूम झूम कर गाती ।
हाथ, पकड़ कर, तुमको भोले, मन के भाव सुनाती ॥
मेरी तो, मज़बूरी ये भोले ॥तेरी क्या मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
Shrijirasik
मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी,
शिवजी से हमें जोड़े रखना,
जपूँ ओमकारा गौरा रानी,
जपूँ ओमकारा गौरा रानी,
शिवजी से हमें जोड़े रखना,
शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥
तोड़े दुनिया के बंधन सारे,
मैं शिव की शरण आ गया,
मैं शिव की शरण आ गया,
जपूँ ओमकारा गौरा रानी,
जपूँ ओमकारा गौरा रानी,
शिवजी से हमें जोड़े रखना,
शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥
शिव नाम की माला फेरूं,
गौरा जी तेरा नाम सिमरु,
गौरा जी तेरा नाम सिमरु,
मैया गौरा तू भोलेजी की प्यारी,
मैया गौरा तू भोलेजी की प्यारी,
ये प्रीत सदा जोड़े रखना,
शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥
भोले नाम का मैं जोगी बनके,
मगन रहूं भक्ति में,
मगन रहूं भक्ति में,
कहे वैरागी शिव वरदानी,
कहे वैरागी शिव वरदानी,
चरणों में तू बिठाए रखना,
शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥
मेरी विनती है तुमसे गौरा रानी,
शिवजी से हमें जोड़े रखना,
जपूँ ओमकारा गौरा रानी,
जपूँ ओमकारा गौरा रानी,
शिवजी से हमें जोड़े रखना,
शिवजी से हमें जोड़े रखना ॥
Shrijirasik
भोला मेरा है
सारी दुनिया, बोले बोल, भोला मेरा है ॥
यह भी कहे मेरा, वो भी कहे मेरा।
मैं तो कहूँ, बजा के ढोल, भोला मेरा है।
सारी दुनिया, बोले बोल, भोला मेरा है ॥
कोई कहे गोरा, कोई कहे काला।
मेरा भोला, चंद चकोर, भोला मेरा है।
सारी दुनिया, बोले बोल, भोला मेरा है ॥
कोई कहे मोटा, कोई कहे पतला।
मेरा भोला, गोल मटोल, भोला मेरा है।
सारी दुनिया, बोले बोल, भोला मेरा है ॥
कोई कहे हल्का, कोई कहे भारी।
मैं लिया तराज़ू तौल, भोला मेरा है।
सारी दुनिया, बोले बोल, भोला मेरा है ॥
कोई कहे महँगा, कोई कहे सस्ता।
मेरा भोला, है अनमोल, भोला मेरा है।
सारी दुनिया, बोले बोल, भोला मेरा है ॥
कोई कहे लंबा, कोई कहे छोटा।
मैं लिया फीते से नाप, भोला मेरा है।
सारी दुनिया, बोले बोल, भोला मेरा है ॥
मैं भोले की हूँ, भोला मेरा।
मैं तो गई भोले की हो, भोला मेरा है।
सारी दुनिया, बोले बोल, भोला मेरा है ॥
Shrijirasik
( तर्ज - जिसकी ऊँगली पे चलता ये.. )
लगाया शिव जी का आज मैंने ध्यान है
वो कैलाशपति मेरा शंभू सुजान है
गोरा के साथ विराजे वो महान है
वो कैलाशपति मेरा शंभू सुजान है
तुम जल चढ़ा कर देखो तेरा ये काम करेगा
तुम मन लगा कर देखो तेरा ये नाम करेगा
तेरे मंदिर में बस्ती मेरी जान है
लगाया शिव जी का आज मैंने ध्यान है ...
ज़ब अपनों ने मुझे छोड़ा तब शिव ने था अपनाया
आंखों से आंसू आए तब शिव ने गले लगाया
बाबा बचाता भक्तों का सम्मान है
लगाया शिव जी का आज मैंने ध्यान है ...
क्या बताऊं भोले तूने कितना मुझे दिया है
जिस - जिस ने मारा ताना तूने उनको ठीक किया है
तेरे भजनों से लकी को मिली पहचान है
लगाया शिव जी का आज मैंने ध्यान है ...
Shrijirasik
( तर्ज - मन में बसा कर तेरी मूर्ति )
शिव नाम की मैं माला जपू
तेरा ही नाम भोले मैं ये रखूं
संतो का साथ मिले हे भोलेनाथ
मन के सब पाप हटे हे भोलेनाथ
तू है मेरा मैं भी तेरा तेरी छवि को मैं दिल में रखूं
शिव नाम की मैं माला जपू....
गंगा किनारे तेरा डेरा लगे
आंखें जब खोले सवेरा लगे
तू है गुरु मैं चेरा तेरा तेरी ही बातों को ध्यान में रखूं
शिव नाम की मैं माला जपूं ....
लाज मेरी बाबा तेरे हाथ में धरी
नाव मेरी बीच मझधार में खड़ी
लकी भोले सेवक तेरा तेरी याद को मैं पास में रखूं
शिव नाम की मैं माला जपूं....
Shrijirasik
( तर्ज - तू किरपा कर बाबा कीर्तन करवाऊंगा )
तू चरणों में आजा शिव पार लगाएगा
बनाकर तेरा काम तेरा नाम कराएगा
भोले भंडारी ने सब काम बनाए है
आंसु छोड के वो दिवाली मनाए है
बिन मांगे ही तुझे सब कुछ मिल जाएगा
बनाकर तेरा काम तेरा नाम कराएगा ...
मै बैठा मौज करू मेरी चिंता बाबा करें
मैं इसका नाम जपु जो करना वो भोले करें
दुनिया से हटा करके मन शिव में लगाए जा
बनाकर तेरा काम तेरा नाम कराएगा ...
तेरे ही भरोसे पर मेरी गाड़ी चलती है
मेरी फुटी हुई तकदीर दरबार में बनती है
लकी को भरोसा है तू घर बनवाएगा
बनाकर तेरा काम तेरा नाम कराएगा ...
Shrijirasik
शिव शँकर चले कैलाश
शिव, शँकर, चले कैलाश,
नगाड़े, बजने लगे ॥
बजने, लगे हां, बजने लगे ॥
बजने लगे बजने लगे,
भक्तो, गूँज, रहा आकाश,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
नंदी, बैल की, करके सवारी ।
देखो, चले, बाबा त्रिपुरारी ॥
संग, चली है, गौरा मात,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
फ़ूल, बरसाए, देवता सारे ।
मुनि, जन सब, महाँ देव पुकारे ॥
उनकी, लीला का, हुआ प्रकाश,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
डमरू, नाद और, शँख गूँजा रे ।
मृत्यु, लोक में, शम्भू पधारे ॥
सब, भक्त, लगाए आस,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
कहे, “भगत” है शिव, अविनाशी ।
अँखियाँ, है दर्शन, की प्यासी ॥
मैं तो, तेरे चरण, का दास,
एक तुम, अपने लगे...
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
Shrijirasik
जाना हमें कैलाश जय भोलेनाथ जय भोलेनाथ
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
काहे की, धरती बनी, काहे का अम्बर ॥
काहे का, बना संसार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
पाप, की धरती बनी, पुण्य का अम्बर ॥
मतलब का, बना संसार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
काहे, की माला बनी, काहे का जपना ॥
काहे में, लगा तेरा ध्यान, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
तुलसी, की माला बनी, राम नाम जपना ॥
भक्ति में, लगा तेरा ध्यान, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
काहे, की नईया बनी, कौन खवईया ॥
कौन, करेगा बेड़ा पार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
काठ, की नईया बनी, केवट खिवईया ॥
राम जी, करेंगे बेड़ा पार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
हर रह महाँदेव
Shrijirasik
रिमझिम बरसता सावन होगा
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को दूध से नहलाएंगे
दूध न मिलेगा तो दही से मिलेंगे
दही से सुंदर गंगाजल होगा
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को तिलक लगाएंगे
केसर ना मिलेगा तो चंदन लगाएंगे
चंदन सेसुंदर भस्मी होगी
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को माला पहनाएंगे
फूलों की नहीं मंडों की पहनाएंगे
मुंडो से सुंदर सांपों की होगी
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को वस्त्र पहनाएंगे
रेशम के नहीं मृग चला पहनाएंगे
मृगशाला से सुंदर बागमबर होगा
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को भोग लगाएंगे
आक ना मिलेगा तो धतूरा लगाएंगे
धतूरा से सुंदर भंगिया होगी
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
Shrijirasik
भगवन सब कमाल हैं प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
भगवन सब कमाल हैं प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
ये बात पर याद रखियो
महाकाल महाकाल है प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
शम्भू...
भगवन सब कमाल हैं प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
भगवन सब कमाल हैं प्यारे
तेरी मेरी ढाल है प्यारे
ये बात पर याद रखियो
महाकाल महाकाल है प्यारे
शंकरा करुणाकरा
शंकरा करुणाकरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शम्भू...
शिव ही अग्नि शिव ही पानी सखिये री
बिना शिव के ये न धरती बचती है
जब नहीं था कोई तब शिव ही थे
शिव ही मृत्यु, शिव ही आदिशक्ति है
धरती की लय ताल है प्यारे
पैरों में कंकाल है प्यारे
धरती की लय ताल है प्यारे
पैरों में कंकाल है प्यारे
ये बात पर याद रखियो
महाकाल महाकाल है प्यारे
शंकरा करुणाकरा
शंकरा करुणाकरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव शिव शिव शिव शिव
शिव की पूजा करियो रे
मृत्यु से ना डरियो रे
शिव का जो वरदान मिले
ब्रह्मा विष्णु श्याम मिले
कितना संसार बनाया है
ये धरती शिव की माया है
जिसने शिव को पाया है
पवन पुत्र हनुमान मिले
अंबर और पाताल है प्यारे
भस्म लगायी खाल है प्यारे
ये बात पर याद रखियो
महाकाल महाकाल है प्यारे
शंकरा करुणाकरा
शंकरा करुणाकरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
जगदीश्वरा परमेश्वरा
शम्भू...
शिव शिव शिव शिव शिव
Shrijirasik
चलो भोले बाबा की नगरिया में,
नगरिया में, ओम नाम बांध लो गठरियां में।
चलो भोले बाबा की नगरिया में,
नगरिया में, ओम नाम बांध लो गठरियां में।
हरिद्वार जाके हम भोले को मनाएंगे,
भोले को मनाएंगे जी दिल से मनाएंगे,
भोले को बसा लो नजरिया में नजरिया में,
ओम नाम बांध लोग गठरियां में।चलो भोले बाबा की नगरिया में,
नगरिया में, ओम नाम बांध लो गठरियां में।
भोले की जटा से गंगा है बहती,
गंगा है बहती जी गंगा है बहती,
नहा लो हरि की नगरिया में नगरिया में,
ओम नाम बांध लोग गठरियां में।
चलो भोले बाबा की नगरिया में, नगरिया में,
ओम नाम बांध लो गठरियां में।
जो कोई भोले को मन से मनाए,
मन से मनाए मनचाहा फल पाए,
भर देते सबकी गगरिया ये गगरिया ये,
ओम नाम बांध लोग गठरियां में।
चलो भोले बाबा की नगरिया में,
नगरिया में, ओम नाम बांध लो गठरियां में।
Shrijirasik
भोले बाबा रूठ मत जाना, मुझे आता नहीं है मनाना ॥
कोई राज पाठ ना मांगू, कोई बड़े ठाठ ना मांगू, अपने चरणों में दे दो ठिकाना, मुझे आता नहीं..
मैं बना ना सका तेरा मंदिर, बाबा बस जाओ मन के अंदर, मेरे हृदय में कर लो ठिकाना, मुझे आता नहीं...
बाबा सुन लो अरज एक मेरी, मैं तो करूंगी सेवा तेरी, चाहे दुनिया मारे ताना, मुझे आता नहीं...
बस एक सहारा तेरा, इस दुनिया में कोई ना मेरा, अब तुम ही बना लो अपना, मुझे आता नहीं...
आओ महिमा गाए भोले नाथ की,
भक्ति में खो जाए भोले नाथ की………
आओ महिमा गाए भोले नाथ की,
भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……….
भोले नाथ की जय, शम्भू नाथ की जय,
गौरी नाथ की जय, दीना नाथ की जय,
आओ महिमा गाए भोले नाथ की,
भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……….
मुख पर तेज है, अंग भभूती,
गले सर्प की माला,
माथे चन्द्रमा, जटा में गंगा,
शिव का रूप निराला……..
अन्तर्यामी, सबका स्वामी,
भक्तो का रखवाला,
तीन लोको में बाट रहा है,
ये दिन रात उजाला……….
जय बोलो, जय बोलो भोले नाथ की,
भक्ति में खो जाए भोले नाथ की………
भोले नाथ की जय, शम्भू नाथ की जय,
गौरी नाथ की जय, दीना नाथ की जय,
आओ महिमा गाए भोले नाथ की,
भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……..
हरी ओम नमः शिवाय नमो
हरी ओम नमः शिवाय नमो
हरी ओम नमः शिवाय नमो
हरी ओम नमः शिवाय नमो
पी के भंग तरंग में जब जब,
भोला शंकर आए,
हाथ में अपने डमरू ले कर,
नाचे और नचाये………
जो भी श्रध्दा और भक्ति की,
मन में ज्योत जगाये,
मेरा भोला शंकर उस पर,
अपना प्यार लुटाये………..
जय बोलो, जय बोलो भोले नाथ की,
भक्ति में खो जाए भोले नाथ की………
भोले नाथ की जय, शम्भू नाथ की जय,
गौरी नाथ की जय, दीना नाथ की जय,
आओ महिमा गाए भोले नाथ की,
भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……….
भव पार लगते शिव भोले,
बिगड़ी बनाते ये शिव भोले,
कष्ट निवारे ये शिव भोले,
दुःख दूर करे ये शिव भोले…………
जय बोलो दीनानाथ की,
जय बोलो गौरीनाथ की,
जय बोलो बद्रीनाथ की,
जय बोलो शम्भूनाथ की………..
है सबसे न्यारे शिव भोले,
है डमरू धरी शिव भोले,
भोले भंडारी शिव भोले………
जय बोलो दीनानाथ की,
जय बोलो गौरीनाथ की,
जय बोलो बद्रीनाथ की,
जय बोलो शम्भूनाथ की……….
भव पार लगते शिव भोले,
बिगड़ी बनाते शिव भोले,
कष्ट निवारे शिव भोले,
दुःख दूर करे ये शिव भोले………
आओ महिमा गाए भोले नाथ की,
भक्ति में खो जाए भोले नाथ की……..
Shrijirasik
महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है
करता है मेरा बाबा मेरा नाम हो रहा है
महाकाल की किरपा से सब काम हो रहा है ||
तेरी दया से बाबा दुनिया ये चल रही है
हैरान है जमाना मंजिल भी मिल रही है
तेरे नाम का दीवाना संसार हो रहा है
महाकाल की किरपा से सब काम हो रहा है ||
मेरी जिंदगी में तुम हो किस चीज की कमी है
किसी और चीज की अब दरकार भी नहीं है
तेरे साथ से गुलाम अब गुलफाम हो रहा है
करता है मेरा बाबा मेरा नाम हो रहा है
महाकाल की किरपा से सब काम हो रहा है ||
मुझे हर कदम कदम पर तूने दिया सहारा
मेरी जिंदगी बदल दी तूने कर के इक इशारा
एहसान पे तेरा ये एहसान हो रहा है
करता है मेरा बाबा मेरा नाम हो रहा है
महाकाल की किरपा से सब काम हो रहा है ||
Shrijirasik
शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ।
अंत काल को भवसागर में उसका बेडा पार हुआ॥
भोले शंकर की पूजा करो,
ध्यान चरणों में इसके धरो।
हर हर महादेव शिव शम्भू।
हर हर महादेव शिव शम्भू॥
नाम ऊँचा है सबसे महादेव का,
वंदना इसकी करते है सब देवता।
इसकी पूजा से वरदान पातें हैं सब,
शक्ति का दान पातें हैं सब।
नाथ असुर प्राणी सब पर ही भोले का उपकार हुआ।
अंत काल को भवसागर में उसका बेडा पार हुआ॥
शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ।
अंत काल को भवसागर में उसका बेडा पार हुआ॥
Shrijirasik
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी,
जानकि अंग अंग बॉस समानी,
प्रभु जी, तुम घन, बान हम मोरा,
जैसे चेतवंत चांद चाकोरा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी तुम मोती हम धागा,
जैसे सोहने मिलत सुहागा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती,
जाकी ज्योति जले दीनी राती,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम स्वामी, हम दसा,
एसी भक्ति करै रैदासा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
Shrijirasik
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥
मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥
यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥
तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥
दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥
मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।
अभी सांस चल रही है कहीं तुम चले ना जाना ॥
Shrijirasik
लाखों महिफिल जहां में यूँ तो,
तेरी महफ़िल सी मेहिफिल नहीं है।
स्वर्ग सम्राट हो या हो चाकर,
तेरे दर पे है दर्जा बराबर।
तेरी हस्ती को हो जिसने जाना,
कोई आलम में आखिर नहीं है॥
दरबदर खा के ठोकर जो थक कर,
आ गया गर कोई तेरे दर पर।
तूने नज़रों से जो रस पिलाया,
वो बताने के काबिल नहीं है॥
जीते मरते जो तेरी लगन में,
जलते रहते भी रहते अगन में।
है भरोसा तेरा हे मुरारी,
तू दयालु है कातिल नहीं है॥
तेरा रस्ता लगा चस्का जिसको,
लगता बैकुण्ठ फीका सा उसको।
डूब कर कोई बहार ना आया,
इस में भवरे है साहिल नहीं है॥
कर्म है उनकी निष्काम सेवा,
धर्म है उनकी इच्छा में इच्छा।
सुम दो इनके हाथों में डोरी,
यह ‘कृपालु’ हैं तंग दिल नहीं हैं॥
हे शिव शंकर हे करुणाकर हे परमेश्वर परम पिता,
हर हर भोले नमः शिवाय, नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
हे शिव शंकर हे करुणाकर....
हे शिव शम्भू संकट हरता,
विघ्न विनाशी मंगल करता,
जिस पर होवे कृपा तुम्हारी,
पल में विपदा दूर हो सारी,
तुम सुख सागर जगदीश्वर,
हे शिव शंकर हे करुणाकर......
देवादी देव जय महा देवा,
सुर नर मुनि सब करते सेवा,
नमः शिवाय मंत्र पंच अक्षर,
जिसने जपा खुश हो गए उस पर,
तुम हो दयालु हे भोलेश्वर,
हे शिव शंकर हे करुणाकर......
बम बम भोले डमरू बोले,
तुमने द्वार दया के खोले,
जो भी आया शरण तुम्हारी,
रक्षक बन गए तुम त्रिपुरारी,
त्रिशूल धर हे महाकालेश्वर,
हे शिव शंकर हे करुणाकर......
ब्रम्हा विष्णु ध्यान लगावे,
वेद पुराण शास्त्र यश गावे,
गिरिजा पति अनंत अविनाशी,
आनंद दाता विश्व प्रकाशी,
तुम सर्वेश्वर हे सोमेश्वर,
हे शिव शंकर हे करुणाकर......
पूजन किए श्री राम तुम्हारा,
लंका जीती रावण मारा,
दीनानाथ प्रभु सुख दाता,
औढर दानी भाग्य विधाता,
तुम रामेश्वर हे भक्तेश्वर,
हे शिव शंकर हे करुणाकर......
Shrijirasik
भोलेनाथ तेरी महिमा निराली,
तेरी जटा में गंगा की धारा।
नीलकंठ तेरी छवि है प्यारी,
तू ही है जगत का सहारा।
जय शिव शंकर, जय महाकाल,
तेरा डमरू बजाए, हर ताल।
हर हर महादेव, शंभू दयालु,
तू ही है काल का भी काल।
कैलाश पे तेरा आसन है प्यारा,
संग तेरे विराजे माँ गौरा।
भभूत रमाए, मृगछाला पहने,
तू है सबसे भोला, ओ न्यारा।
विष का प्याला तूने पी लिया,
देवताओं का संकट हर लिया।
जय शिव शंकर, जय महाकाल,
तेरा डमरू बजाए, हर ताल।
हर हर महादेव, शंभू दयालु,
तू ही है काल का भी काल।
सोमवार को जो करे तेरी पूजा,
उसकी हर मुराद हो पूरी।
तेरी भक्ति से जीवन संवरता,
मिट जाती हर मजबूरी।
तेरा नाम जपे जो प्राणी,
उसकी होती नैया पार।
भोलेनाथ तेरी महिमा निराली,
तेरी जटा में गंगा की धारा।
नीलकंठ तेरी छवि है प्यारी,
तू ही है जगत का सहारा।
Shrijirasik
भोले बाबा मेरा एक काम कर दो
धुन- इक्क परदेसी मेरा दिल ले गया
भोले बाबा, मेरा एक, काम कर दो,
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ॥
डमरू, वाले बाबा मेरा, काम कर दो,
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ॥
भोले भाले... हो डमरू वाले,
भोले भाले... हो डमरू वाले ॥
कोठी आगे, हौंडा सिटी, कार खड़ी हो,
जेब मेरी, नोटों से, खचा खच भरी हो ॥
नौकरों की, लंबी सी, कतार कर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
हीरे की, अंगूठी पहनु, दोनों हाथ में,
बॉडी गार्ड, चले मेरे, साथ साथ में ॥
हीरे और, मोतियों से, झोली भर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
घर से, मैं निकलूं, बन ठन के,
मंत्री, सेल्यूट मारे, तन-तन के ॥
देश की, कमान मेरे, हाथ कर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
पोते, और पोती खेले, मेरे साथ में,
घर की, कमान हो, मेरे हाथ में ॥
ओ सारे, अरमान मेरे, पूरे करो दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
सारे, अरमान पूरे, करो ना करो,
दया वाला, हाथ मेरे, सिर पे धरो ॥
अपने, चरणों का मुझे, दास कर लो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है,
शिव ही सुंदर है।
जागो उठकर देखो,
जीवन ज्योत उजागर है।
सत्यम शिवम सुंदरम,
सत्यम शिवम सुंदरम।
ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है,
शिव ही सुंदर है।
राम अवध में, काशी में शिव,
कान्हा वृंदावन में।
दया करो प्रभु, देखूं इनको,
हर घर के आंगन में।
राधा मोहन शरणम,
सत्यम शिवम सुंदरम।
एक सूर्य है, एक गगन है,
एक ही धरती माता।
दया करो प्रभु, एक बने सब,
सबका एक से नाता।
राधा मोहन शरणम,
सत्यम शिवम सुंदरम।
ईश्वर सत्य है, सत्य ही शिव है,
शिव ही सुंदर है।
सत्यम शिवम सुंदरम।
सत्यम शिवम सुंदरम।
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