॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Krishna - Energetic Bhav
कृष्ण - ऊर्जावान भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
दोहा – बांके बिहारी की,
बांकी अदा पे,
मैं बार बार बलि जाऊं,
जनम जनम वृन्दावन राजा,
तेरे चरणन की रज पाऊं ॥
मेरो बांके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया,
हो रसबसिया हो रंगरसिया,
ओ मेरे मन बसिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
प्यारी-प्यारी सलोनी तेरी सुरतिया,
मेरे मन में बसी है तेरी मुरतिया,
प्यारी-प्यारी सलोनी तेरी सुरतिया,
मेरे मन में बसी है तेरी मूरतिया,
तू है मेरा मैं हूं तेरी,
ओ मेरे सांवरिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
कैसी जादू भरी है तेरी बांसुरिया,
मैंने जबसे सुनी मैं हो गई बावरिया,
कैसी जादू भरी है तेरी बांसुरिया,
मैंने जब से सुनी मैं हो गई बावरिया,
मेरे मन में मेरे तन में,
बसे नट नागरिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मोटी मोटी यह तेरी कजरारी अखियां,
मीठी मीठी मधुर मंद मंद हंसीया,
मोटी मोटी यह तेरी कजरारी अखियां,
मीठी मीठी मधुर मंद मंद हसिया,
मुकुट तिरछा नैन तिरछे,
चरण में पैजनिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मैं हूं पागल तुम्हारी तुम हो मेरे पिया,
तेरे दर्शन को तरसे है मेरा जिया,
मैं हूं पागल तुम्हारी तुम हो मेरे पिया,
तेरे दर्शन को तरसे है मेरा जिया,
‘चित्र विचित्र’ ने जीवन,
तुम्हारे नाम कर दिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
मेरो बांके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया,
हो रसबसिया हो रंगरसिया,
ओ मेरे मन बसिया,
मेरो बाँके बिहारी अनमोल रसिया,
मेरो कुंज बिहारी अनमोल रसिया ॥
Shrijirasik
मुरली मनोहर गोविंद गिरिधर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
ये कृष्ण प्रेमी कहे निरंतर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
राजीव लोचन अतीव सुंदर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
मुरली मनोहर गोविंद गिरिधर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्........
दीन जनों की आस तुम्हीं हो,
भक्तों का विश्वास तुम्हीं हो,
योगी सार्थक आराधक के,
अंतर का आभास तुम्हीं हो,
है सृष्टि सारी तुम्हीं पे निर्भर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्,
मुरली मनोहर गोविंद गिरिधर,
नमामि कृष्णम् नमामि कृष्णम्......
भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
मोहन मुरारी गोविंद गिरिधारी,
गोविंद गिरिधारी सकल दुःख हारी,
ए भजो रे मन हरी हरी मोहन मुरारी,
भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
गोविंद अनमोल है गोपाल अनमोल,
हरी हरी बोल
हरी भक्ति रस के प्यासे तु भक्ति रस तो घोल,
हरी हरी बोल
मोहन को देखना है तो अंतर के नैन खोल,
हरी हरी बोल
बिकते हैं दीनानाथ प्रेम भावना के मोल,
हरी हरी बोल
हरी हरी बोल
समझ ना आए हमको,
समझ ना आए गूढ़ बातें तुम्हारी,
एक साँवरे सलोने के हम हैं पुजारी,
एक ब्राह्मण के छोरे से हुई है अपनी यारी,
कृष्ण मुरारी हो कृष्ण मुरारी,
कृष्ण मुरारी मेरा कृष्ण मुरारी,
ए भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
सब भजो रे मन हरी हरी कृष्ण मुरारी,
Shrijirasik
राधा आई, सखिया आयीं, लेकर रंग गुलाल
काले रे काले कहना ने कैसो कर दियो लाल
जुलम कर डारो सितम कर डारो,
कारे ने कर दियो लाल, जुलम कर डारो!
1 अरे नज़र मोहन मतवारो, राधा जी करे इशारो!
रे नैना सुं करो कमाल, जुलम कर डारो!
2 सब घेर लियो ब्रज नारी, नखरारी गामन वारी!
के चली गजब की चाल, जुलम कर डारो!
3 काजल की डिबिया लायी अंगिया साडी पहनाई,
मुखडे पे मलो गुलाल, जुलम कर डारो!
4 लियो पकड़ बिहारी कसके, रंग दियो खुब हँस हँस के!
बोली फ़िर आइयो नंदलाल, जुलम कर डारो!
Shrijirasik
आज मारग में ठाड़ो सांवरिया, बची रहियो गुजरिया, बची रहियो गुजरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया।
मत जईयो जल भरने अकेली, मत जईयो जल भरने अकेली, जल भरने अकेली, जल भरने अकेली, तेरी फोड़ेगो जल की गगरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
फागुन में या ये कछु नहीं सूझे, फागुन में या ये कछु नहीं सूझे, या ये कछु नहीं सूझे, या ये कछु नहीं सूझे, तेरी रंग देगो सुरंग चुनरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
सुन री सखी वाके चितवन में टोना, सुन री सखी वाके चितवन में टोना, वाके चितवन में टोना, वाके चितवन में टोना, करे रखियो तू नीची नजरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
'चित्र विचित्र' सी हो जाएगी, 'चित्र विचित्र' सी हो जाएगी, अरी हो जाएगी, अरी हो जाएगी, बनके पागल बितइयो उमरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
आज मारग में ठाड़ो सांवरिया, बची रहियो गुजरिया,
बची रहियो गुजरिया
Shrijirasik
कहां जाओगे बांके बिहारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ।
आगे आगे हैं बांके बिहारी,
पीछे पीछे है राधा गोरी ।
जाने दूंगी ना तुमको मुरारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
इक तरफ तो है राधा की टोली,
दूजी और तो काहना की टोली ।
यहाँ दो दो चलेंगी पिचकारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
गर भागोगे जाने ना दूंगी,
गलिओं में तुम्हे घेर लुंगी ।
तेरे गुल्चे पे मारू पिचकारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
पीताम्बर तेरा छीन लुंगी,
साड़ी मैं तुझे पह्नाउंगी ।
तुझे नर से बना दूंगी नारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
Shrijirasik
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
रास गोपियाँ के साथ रचा जा
धुन मुरली का फिर से सुना जा
अब चलेगा ना कोई बहाना
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
सात रंगों से थाली सजा है
तेरे बिन होली सुना पड़ा है
सारे देवगण आये हैं लेकिन
तेरे बिन गोकुल सुना पड़ा है
अब कर ना तू कोई बहाना..2
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
श्याम सुनले तू मेरा कहना
बाद में फिर तू मुझसे ना केहना
आज राधा रोई कल तू रोयेगा
बाद में आना मंहगा पड़ेगा
आज देरी ना कर कान्हा आजा...२
आके राधा को रंग लगा जा
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
रास गोपियाँ के साथ रचा जा
धुन मुरली का फिर से सुना जा
अब चलेगा ना कोई बहाना
श्याम गोकुल में फिर से तू आजा
आज होली है रंग वर्षा जा
Shrijirasik
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
चुनरी की छोर बचा कर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों …..
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मारों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
मेरी बिंदिया की चमक बचाकर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
Shrijirasik
बंसी बजावे नंदलाला,
बंसी बजावे नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
टेड़ी लकुट है टेड़ा मुकुट है,
टेड़ा खड़ा कमली वाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
कदम्ब के नीचे अखियां मीचे,
मुस्काये मेरो लाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
सुन बंसी धुन आई वृंदावन,
नाच उठी बृजबाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
बंसी बजावे नंदलाला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला,
बंसी बजावें नंदलाला,
गोपाला मेरो पहने फूलन की माला।।
Shrijirasik
होली खेलन मैं आयी रे काले कलुआ से केहदो,
बरसाने से मैं आयी रे काले कलुआ से केहदो,
कलुआ से केहदो जाके कलुआ से केहदो,
होली खेलन.....
गली रंगीली घेर लायी है,
घेर लायी है घेर लायी है,
श्याम बनायो लुगाई रे काले कलुआ से केहदो,
होली खेलन.....
मुरली छीनी पीताम्बर छीना,
पीताम्बर छीना पीताम्बर छीना,
श्याम बनायो लुगाई रे काले कलुआ से केहदो,
होली खेलन.....
Shrijirasik
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
ये केहता कृष्ण मुरारी है,
राधा संग सखियाँ सारी है होली में उड़े रंग भारी है,
कोई गोई कोई काली है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
बीगी अंगियां बीगी साडी मारेगा न जब पिचकारी,
होरी मदन म्न्वारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
रंग अबीर गुलाल उडावे श्यामा सब को मस्त बनावे,
नागर भी बलहारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
Shrijirasik
कर विश्वास चले खाटू हम, ले हाथों में हाथ,
अबकी होली खेलेंगे, हम सांवरिया के साथ,
अबकी फागण ठान लिया मैने, अपने दिल ये बात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ……….
रंग रंगीला होगा फागण,
बरसेगा रंग श्याम के आंगन,
श्याम रंग की बौछारों से,
भीग जाएगा मेरा तन मन,
यादगार होगी बाबा से, अपनी मुलाकात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ.....
रिंगस से जयकार लगाकर,
श्याम नाम की ध्वजा उठाकर,
झूमते गाते चलेंगे पैदल,
कदम रुकेंगे खाटू आकर,
ध्वजा चढ़ाकर करनी है, कुछ,अपने दिल की बात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ......
फागण मेला श्याम का आया,
पागल जिसने सबको बनाया,
किस्मत वाला हूं मै कुंदन,
श्याम ने मुझको खाटू बुलाया,
श्याम कृपा की होती फकीरा, खूब यहां बरसात,
हो..अबकी खेलेंगे होली, अपने सांवरिया के साथ……..
Shrijirasik
आयो होली आयो होली रे
गोपियाँ सब झूम रही है यमुना के तट घूम रही है
नीला पीला जग हुआ है देखि माहरो मन हरश्ये,
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
मारे कनक पिचकारी तो राधा की भीगे रे चुनरिया
गाल पे देखो गुलाल लगाये तो मुस्काये गुजरिया
मुरली की तान छेड़े कान्हा गईया भी निकली घर से
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
गोकुल की हर गली गली में धूम मची है आज जी
मस्ती में सब गोप गोपियाँ झूमे सकल समाज जी
द्रिष्ट अद्भुत प्यारा लागे देख के देवता भी हरशे
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
Shrijirasik
ब्रिज में होली खेल रहे है राधा कृष्ण मुरारी
रुत नाचन की आई रुत नाचन की आई,
ओ जुल्मी कन्हियाँ तेरी नित्यात लागे खोटी,
आती जाती पंहारन ने करदे लाल गुलाबी,
चुपके चुपके गेड़ा देवे नजर टिकावे खारी,
रुत नाचण की आई...
सखी सहेली राधा संग नाहा के खेले होली,
होली गावे चंग भजावे काली पीली होली,
अविर गुलाल खूब उड़ावे धरती पिली होली,
रुत नाचण की आई...
सखी सहेली गबराई देख के तोलो भरी,
मोको मिल जियो कान्हा ने भर पिचकारी मारी,
पानी की अब भोषारा में अँगियां गीली होई,
रुत नाचण की आई
मत ना छेड़े कान्हा देखे दुनिया सारी,
लाज शर्म चली गई तो फीकी हो जाये होली,
छोड़ कन्हैया मोरी कलाइयां मैं तो तोसे हारी,
रुत नाचण की आई
मंद मंद कान्हा मुश्कावे नैना चालकिटारी,
नैनो की अब भाषा समजी राधा जपतु मारी,
आगे आगे राधा बागी पीछे कृष्ण मुरारी,
रुत नाचण की आई
बरसाने की गली गली में धूम मची है भारी,
हारे रामा हारे कृष्णा सजन जय जय कारब होली,
दीपा राधे श्याम मिलादे ब्रिज में खेले होली,
रुत नाचण की आई
Shrijirasik
असां खेलनी ए होली तेरे नाल, वृन्दावन रेहन वालेया
वृन्दावन रेहन वालेया, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
थक गए खेल खेल जग नाल होलियाँ
हरे पीले रंगा दिया घाघरा ने घोलिया
रघ उतर गया नालो नाल, वृन्दावा रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
रंग गए सारे गोप गवाले
रह गए बेचारे तेरे प्यारे
सुक्के रह गए असी मंदे हाल, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
रंग गुलाल भावे खेल फूल होली
खेल लड्ड़ु होली भावे खेल लठ्ठ होली
भावे खेल तू मख्खणं दे थाल, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
Shrijirasik
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले……
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मैंने हाथ लई पिचकारी है श्री राधे,
मेरी पूरी त्यारी है साँवरिया,
करू रंगों....
करू रंगों की बौछार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मेरे लठ हाथ में भारी है साँवरिया,
तू पतली सी एक नारी है श्री राधे,
तो पे बहुत....
तो पे बहुत पड़ेगी मार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया.....
आगे आजा दीवानी तू श्री राधे,
ना कर इतनी मनमानी तू साँवरिया,
काहे इतनी....
काहे इतनी करे तकरार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे......
कहे भूलन कैसा मेल बना साँवरिया,
होली का अदभुत खेल बना श्री राधे,
है सबसे....
है सबसे ऊँचा प्यार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे.....
Shrijirasik
मेरे श्याम बड़े अलबेले राधे रानी संग होली खेले,
सखियाँ संग होरी खेले ग्वाल बालो के संग होली खेले,
निधिवन में ये रास रचाये कान्हा मुरली मधुर भजाये,
गोकुल की गलियां में खेले बरसाने में लगते मेले,
वृद्धावन में होली खेले ग्वाल बालो संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
पिचकारी से रंग जो डाले मिट जायेगे दुःख तेरे सारे,
प्रेम के रंग में रंगने आये कान्हा राधा संग आये,
ब्रिज धाम में होली खेले ग्वाल बालो संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
मैया यशोदा के हो दुलारे नन्द के लाला सबके प्यारे ,
करुणा मई मेरे कान्हा तुम्हको तेरा बेटा गोल्डी पुकारे,
राजू प्रिंस को अपनी शरण ले ग्वाल बालो के संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
Shrijirasik
ओ म्हने फागण महीने बृज में, बुला ले नी म्हारा सांवरिया,
बुला ले नी म्हारा सांवरिया ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी,
ओ म्हने मथुरा में होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
म्हने ग्वाला संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
ओ म्हने थारा संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
ओ म्हने राधा संग होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
ओ म्हने गिरधर संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
Shrijirasik
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
राधा तू न खेलेगी तो खेलेगा कौन,
होली राधा बार बार न आये तेरे बिना कोई रंग भी न भाये,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिगोई मेरी चोली श्याम तू भर पिचकारी,
रंगो में रंग देगा सूरत मेरी करदे काली,
अब की बारी न खेलु मैं काट रही फोन,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिन रंगो के राधा कैसे मनेगी होली,
तेरे बिन मजा ना आये बरसाने की छोरी,
पूरी बात तो सुन ले क्यों काट रही फ़ोन
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
श्याम का पहुंचे बरसाने ले कर ग्वालोको संग,
सरे मिल खेले होली होली हे मिल गई रंग में रंग,
फूलो की वर्षा भी लागि हों
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन लल
Shrijirasik
श्याम नाम रंग बरसेगा फागण में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
रंग रसिया होली रंग बरसाए,
अपने ही रंग में ये सबको रंगाये,
ऐसा मौका मिलेगा ना जीवन में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
बांके बिहारी की झांकी सजेगी,
बृज धाम में भारी भीड़ लगेगी,
बड़ा आनन्द है श्याम के आंगण में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में.......
रंग और गुलाल से भर भर के थाली,
इस बार की होली होगी निराली,
सौरभ मधुकर तमन्ना ये है मन में,
चलो खेलेंगे होली वृन्दावन में......
Shrijirasik
मेरे कान्हा जो आये पलट के,
आज होली मैं खेलूंगी डट के,
अपने तन पे गुलाल लगा गे,
उनके पीछे मैं छुपके से जाके,
रंग दूंगी उन्हें मैं लिपट के,
आज होली मैं खेलूंगी डट के,
की उन्हों अगर जोरा-जोरी,
जोरा-जोरी,जोरा-जोरी,
छिन्नी पिचकारी बाइयाँ मरोरी,
गरियाँ मैंने रखी है रट के,
आज होली मैं खेलूंगी डट के,
Shrijirasik
फागुन का है मेला आया मेरे लखदातार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
लाल गुलाल लगा कर खेलु होली सँवारे,
जो प्रेमी रंग गये तेरे रंग में हो गये वनवारे,
हम सब मिल कर तुम्हे मनाये मेरे लखदातार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
तेरे दर पे धूम मची है प्रेमी नाचे है,
तेरे दर आवन खातिर दिल यो मचे है,
तेरे दर पे सांवरियां हमे खुशियां मिले अपार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
दूर दूर से प्रेमी तेरे दर पे आये है,
फागुन का त्यौहार तेरे दरबार मनावे है,
गुलाम हो गया मिठू तेरा कहता हर बार,
जम कर होली खेले गे तेरे संग में ओ लखदातार,
Shrijirasik
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
पहली होली कैलाश में खेली,
गौरा शिव की व जोड़ी,
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
दूजी होली अवध में खेली,
राम सिया की व जोड़ी,
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
तीजी होली वृन्दावन खेली,
राधा श्याम की व जोड़ी,
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
चौथी होली अगनबा खेली,
पिया के संग भर भर जोड़ी,
सिर बांधे मुकुट खेले होली.....
Shrijirasik
होली खेलो नन्दलाल मेरी कुंज गली में खेलो,
भर पिचकारी मेरे माथे उत्ते मारी,
मेरी बिंदिया हो गयी लाल मेरी कुंज गली में खेलो
होली खेलो.......
भर पिचकारी मेरे तन उत्ते मारी
मेरी साड़ी हो गयी लाल मेरी कुंज गली में खेलो
होली खेलो.......
भर पिचकारी मेरे हथा उत्ते मेरी
मेरी चूड़ी हो गयी लाल मेरी कुंज गली में खेलो
होली खेलो......
भर पिचकारी मेरे पैरो पर मारी
मेरी पायल हो गयी लाल मेरी कुंज गली में खेलो
होली खेलो.......
Shrijirasik
नन्द लाला ने बरसाने में खेली ऐसी होली रे मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
तन मन चोला साडी चुनर भीग गई मेरी चोली रे,
मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
गालन पे मेरे रंग लगा के,
तिरशे तिरशे नैन चला के,
कह गयो मीठी बोली रे,
मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
जीवन के सब राज बदल कर सोते सोते भाग बदल गये,
किस्मत मेरी खोली रे,
मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
बरसाने की नार नवेली क्या करती रह गई अकेली,
वो तो संग सखा की टोली रे,
मैं तो सांवरियां की हो ली रे,
गया नन्द मेरे मन वासियां ने,
होरी के या रंग रसियां ने मेरे दिल की कुण्डी खोली रे,
मैं तो यहाँ रसिया की हो ली रे,
Shrijirasik
फन फन नाच रहे बनवारी ।
पद प्रहार चट चट पट पट ध्वनि,
वारि रक्त अरु नारी ।।
नमित फनन धब धब ध्वनि उपजत,
वेणु नाद प्यारी ।
नाग त्रिया बहु विनय करत हैं,
नैन झरत वारी ।। फन फन....
फुं फुं फुं फुफकार करत अहि,
सलिल वीचि भारी ।
करि करि क्रोध झुकत माधव पर,
रुदति सकल ब्रजनारी ।। फन फन....
क्रोध सहित फन उठत जबहिं जो,
खट खट ध्वनि भारी ।
देवादास शिथिल कालिय अहि,
मानी निज हारी ।। फन फन....
Shrijirasik
सारे लो नचदे शदाई बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
चन्न जेहे मुखड़े तो की वारा
दिल वारा के जां वारा-2
दर्शन करले सारे रज रज के-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
सारे लोकी नचदे शदाई बनके-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
सोहना जेहा मुखड़ा है चन्न बरगा
खिलेया ऐ फुल गुलाब दे वरगा-2
दिल लुट लैंदा ओ माली बनके-2
आ गया मेरा हारा बाला रब बनके-2
सारे लोकी नचदे शदाई बनके -2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
हर कोई बनेया दिवाना इसदा
बनेया कोई मस्ताना इसदा-2
प्रेमी बन जावा मैं रजरज के
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
सारे लोकी नचदे शदाई बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके-2
कलयुग विचअवतार होया ऐ
घर-घर विच मंगलाचार होया ऐ-2
देवता दी आए सारे सजधज के
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
सारे लेकी नचदे शदाई बनके-2
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
आ गया मेरा हारा वाला रब बनके
Shrijirasik
मेरे श्याम की मुरली बजी
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली बजी ॥
मुरली बजी... बड़ी, प्यारी लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली बजी ॥
बागों में, बजी है, बगीचों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, मालिन के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
तालों में, बजी है, तलाबों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, धोबिन के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
महलों में, बजी है, चौबारों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, रानी के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
गोकुल में, बजी है, बरसाने में बजी ॥
हो, हो, हो, ये तो, राधा के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे, श्याम की, मुरली...
`बाजारों में, बजी है, चौराहों में बजी ॥
हो, हो, हो, किसी, राही के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
कीर्तन में, बजी है, सत्संग में बजी ॥
हो, हो, हो, ये तो, भक्तों के, दिल में लगी ॥
हो, हो, हो, मेरे... श्याम की, मुरली...
जय जय श्री राधे श्याम
Shrijirasik
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
कन्हैया तुम को देख के दिल झूम जाता है.....
बांकी अदाएं चैन चुराए,
बांकी अदाएं चैन चुराए,
तेरी प्यारी बतिया मन को लुभाये,
मेरे हमदम तू हरपाल याद आता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है......
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
अपना समझ के जब भी पुकारा,
चेहरा आँखों के आगे घूम जाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.....
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाकर ही मानते हो,
बनवारी दिल से तेरे गीत गाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.......
Shrijirasik
मुरली वाले तेरा शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
तूने भाग्य को मेरे संवारा,
आयी मुश्किल तो दिया सहारा,
हाथ सर पे मेरे रख दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
मान इज्जत है तूने बढ़ाई,
तेरी कृपा से भक्ति है पाई,
मेरा खुशियो से घर भर दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
मेरे पर्दा गुनाहो पे डाला,
तूने गिरते हुए को संभाला,
ओ प्यार जीवन में अब भर दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
दीन दुखियो की विपदा तू टाले,
नैया मझधार से तू निकाले,
डूबतों को किनारा दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
Shrijirasik
मैं तो चली रे पिया के देश,
हो मै तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
पिया मिलन को तरस रही थी,
छम छम अंखिया बरस रही थी,
है धर जोगन का भेष,
मै तो चली रे पिया के देश.....
बीते दिवस कई बीती रतिया,
मन की कहूंगी उनसे सारी बतिया,
हो लागि क्या क्या मन को ठेस,
मै तो चली रे पिया के देश.......
आया बुलावा मेरे पिया का,
मन उपवन हरषाये जीया का,
हो छाया आनंद मन में विशेष,
मै तो चली रे पिया के देश.......
चित्र विचित्र आई बेला मिलन की,
दुल्हन बनुगी में तो सांवरे सजन की,
अब क्या रह गया शेष,
मै तो चली रे पिया के देश......
मै तो चली रे पिया के देश,
हो मैं तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
Shrijirasik
मधुबन में झूला झूल रहे, राधेश्याम मदन मुरारी,
राधे श्याम मदन मुरारी राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
मोर मुकुट कानों में कुंडल,
रूप निहारत सब ब्रजमंडल,
दर्शन कर सुद्ध बुद्ध भूल रहे, राधे संग कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
खड़ा मनसुखा लेकर सोटा,
सखियां दे रही लंबे झोटा,
अंबर में बादल झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
कूक रही है कोयल काली,
लता पता छाई हरियाली,
बागों में कलियां महक रही, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
प्रेमी ब्रिज लागे मनभावन,
रिमझिम रिमझिम बरसे सावन,
सब गोपी ग्वाला झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
Shrijirasik
ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,
तू काला होकर भी जग से निराला क्यों.....
मैंने काली रात को जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
मेरी कमली भी काली है,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का दिल काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
मैंने काली नाग पर नाच किया,
और काली नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.......
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
आहा माखन मिशरी खाए जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
आहा ठंडा पानी पी जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
आहा काली कंबलिया ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.....
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी
आहा मोर का पंखा ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी
आहा मखमली गद्दे पे सो जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
Shrijirasik
तेरी उमरां दी खैर मनावां के दिल विच तूं वसदा,
तेरा पल पल शुक्र मनावां के दिल विच तूं वसदा......
प्यार तेरे ने साडी दुनिया भुलाई,
तेरे वाजो श्याम साडी किते ना सुनाई,
तेरे चरणां दे नाल लग जामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
चंन जेहे मुखड़े तो वारी वारी जादी आं,
खैरां मंगा तेरियां मैं ऐहो कुछ चाहनी आं,
तेरे चरणां च मर मिट जामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
प्यारी-प्यारी अंखियां च तूं ही समाया है,
जेहड़े पासे देखां मैनु तूं ही नज़र आया है,
हर वेले तेरा दर्शन पामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
Shrijirasik
तर्ज – बना रे बागा में झूला घाल्या
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या रे,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में, बागा में,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
कान्हा रे मोर पपैया बोले,
काना में, काना में,
काना में मिश्री घोले म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
कान्हा रे हरियाली मन भावे,
हिवड़ा में, हिवड़ा में,
हिवड़ा में निरत जगावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
कान्हा रे रिमझिम सावन बरसे,
मिलवाने, मिलवाने,
मिलवाने मनड़ो तरसे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
कान्हा रे भक्त तेरे सब गावे सुनावे,
चरणा में, चरणा में,
चरणा में शीश नमावे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा मे झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
कान्हा रे बंसी मधुर बजावे,
थोड़ो सो, थोड़ो सो,
थोड़ो सो नाच दिखा दे म्हारा श्याम सलोना,
कान्हा रे बागा में झूला घाल्या,
बागा में झूलन आजा म्हारा श्याम सलोना.....
Shrijirasik
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे....
वृंदावन ब्रज की राजधानी,
यहाँ बसे ठाकुर ठकुरानी,
मधुर मिलन की साक्षी देते,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
पूण्य प्रेम रस में आत्मा भिगोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
कृष्ण राधिका एक है,
इनमे अंतर नाही,
राधे को आराध लो,
कृष्णा तभी मिल जाए,
प्रथक प्रथक कभी इनको ना तोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे........
Shrijirasik
नखरालो साँवरियो,
राधा पर जादू कर ग्यो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
गौरी गौरी राधे रानी,
सांवरियो है कारो,
कारे ने गोरी पे देखो,
कैसो जादू डारो,
कारो कारो साँवरियो,
राधा पर कामण कर गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
इत् ठाड़े श्री कृष्ण कन्हैया,
उत वृषभानु दुलारी,
बोल रही कान्हाँ से राधा,
मत मारो पिचकारी,
रंग रसियो साँवरियो,
राधा के रंग रच गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में,
शोर मच्यों है भारी,
संजू राधा के हिवड़े में,
बस गए श्याम बिहारी,
मन बसियो साँवरियो,
राधा के मन बस गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
Shrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Shrijirasik
करूणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
जय मंजुल कुंजीन कुंजन की,
रस कुंज विचित्र समाज की जय जय,
यमुना तट बंसीवट की,
गिरिजेश्वर की गिरिराज की जय जय,
ब्रज गोपियन गोप कुमारन की,
विपिणेश्वर के सुख साज़ की जय जय,
ब्रज के सब संतन की,
ब्रज मंडल की ब्रज राज की जय जय,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
रंग प्रेम भरा बरसा करके,
बरसो की वियोग व्यथा हर ले,
मन मेरा मयूर सा नाच उठे,
कुछ भावना भाव नया भरदे,
कुछ भावना भाव नया भरदे,
जलती इस छाती की ज्वाला मिटे,
अपना पद कंज ज़रा धर दे,
हस दे हस दे दृग फेर अगर,
नट नागर नेक कृपा करदे,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
नही चित्र लखा ना चरित्र सुना,
वह सुंदर श्याम को जाने ही क्या,
मन में है बसा मन मोहन जो,
वे ठान किसी पर ठाने ही क्या,
जिस बंदर ने ईमली ही चखी,
वो स्वाद सुधा पहचाने ही क्या,
जिसने हरी प्रेम किया ही नही,
वह प्रेम की आहो को जाने ही क्या,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
Shrijirasik
वो हटा रहे है परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके
में नजारा कर रहा हूँ,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ये झुकी झुकी निगाहें,
ये हसी हसी इशारे,
मुझे दे रहे है शायद,
मुझे दे रहे है शायद,
वो पयाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ना दिखाओ चलते चलते,
यूँ कदम कदम पे शोखी,
कोई क़त्ल हो रहा है,
कोई क़त्ल हो रहा है,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके..........
कभी शोख़िया दिखाना,
कभी उनका मुस्कुराना,
ये अदाएं कर ना डाले,
ये अदाएं कर ना डाले,
मेरा काम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ये जो हिचकिया मुसलसल,
मुझे आ रही है आलम,
कोई ले रहा है शायद,
कोई ले रहा है शायद,
मेरा नाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.........
Shrijirasik
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा......
इस बांके का सब कुछ बांका,
इस बांके का सब कुछ बांका,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.....
बांके है नन्द बाबा और यशुमति,
बांकी घडी जमने है बिहारी,
बांके कन्हैया के बांके है भ्रात,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
बांकी मिली दुलहन जगवंदन,
और बांके गोपाल के बांके पुजारी,
भक्तन दर्शन देन के कारण,
झांके झरोखा में बांके बिहारी,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा....
बांकी पागचंद्रिका तापर,
और बांका तुर्रा ररक रहा है,
गरसिरपेच माल और बांकी,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके नैन सेन सर बांके,
बेन बिनोद महा है,
बांके की बांकी झांकी कर,
बाकी रहयो कहा है,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
ये टेड़े सो प्रसन्न, टेडी बातन सो अति प्रसन,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे के,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे केm
हम सो टेंडाई भूल मत करियो कोई,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
टेड़े टिपारे कटारे किरीट की,
मांग की पाग की धारि की जय जय,
कुंडल जाये कपोलन पे,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
राजेश्वरी दिन रात रटो,
यही मोहन की बनवारी की जय जय,
प्रेम ते बोलो जी बोलत डोलो,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा............
Shrijirasik
आये सपने में बांके बिहारी,
ना होश मेरी होश में रही,
जाऊं सपने में उनको निहारी,
इसीलिए खामोश मैं रही,
आये सपने में.........
झूम झूम मैं तो बस नाचती रही,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
नज़रो से बातें मैं करती गई,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
संग खेल मेरे रंगो की होली,
कि सखी मेरी रात हो गई,
आये सपने में........
आँखों में काजल हाथो में बंसी,
मुकुट पे मोरपंख गालों पे लाली,
देख प्यारी मुस्कान मैं तो बोली,
की श्याम की दीवानी हो गई,
आये सपने में........
सारी रात वृन्दावन घूमती रही,
कृष्ण कृष्ण कृष्ण बस कहती रही,
बंसी जो बजाई ऐसी मुरली वाले ने,
मैं नाच नाच नाच बस नाचती गई,
ऐसी देख के लगन मेरी श्याम से,
किशोरी भी हैरान हो गई,
आये सपने में.......
Shrijirasik
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल,
हारावाले मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
सोहणा सोहणा मुखड़ा ते सोहणी है चाल जी,
बाल घुंघराले ते सिर ते मुकुट कमाल जी,
रूप तेरा सोहणा ते गल विच हार,
दर्शन देके करदे निहाल,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
श्याम प्यारे दी लीला बड़ी प्यारी ए,
गरीबा नू राज बक्शे लीला एहदी न्यारी ए,
अर्शा तो देवता भी करन सत्कार,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
दिल च उमंग श्याम मिले तेरा संग जी,
तेरे बिन प्रभु मेरा लगदा ना मन जी,
सानू वी ले चल वृन्दावन धाम,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
Shrijirasik
जिहना पीते ने प्याले हरि नाम दे,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया धन्ने भगत नू,
उन्हे पथरा चो श्याम नू पाया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया मीरा बाई नू,
उन्हे जहरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया भीलनी माई नू,
उन्हे बेरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया द्रौपता माई नू,
उन्हा साड़िया चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
Shrijirasik
बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो......
आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
सखी बादल गरजत बिजुरी संग, ओ घन बरसत है घनघोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
कहे वन वन पड़यो हिंडोरना, कैसे पवन चले झकझोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा होले होले देवे सांवरा, झूले कुंवर किशोरी सिर मोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा देय सखिरी सब गाय रही, नाचे मोर पपिहा करे शोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झूलत गल बैयां डाल के, वरुणेश निरख़ तिन्ही और,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
Shrijirasik
सांवरा सलोना मेरा कृष्ण कन्हाई,
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी.....
आँख मिचौली काहे खेले तू कान्हा,
पलके बिछाए बैठी तेरी राधा,
कास में तेरी बन जाती बंसुरिया,
अधरों से तेरे लग जाती में सांवरिया,
नैना निहारे पन्थ आओ मुरारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी.....
याद जो आये मोहे पल महारास के,
थिरके पायलिया मृदंग ताल पे,
जितनी गोपिया उतने गोविन्दा,
कण कण में हे जेसे भगवंता,
पल ना पड़े अब कान्हा पल पल भारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी......
बंशी बजा के मेरी निंदिया उड़ाई,
लाडला कन्हैया मेरा कृष्ण कन्हाई,
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी......
Shrijirasik
मेरा श्याम है माखन चोर, नन्द किशोर,
गल्ल किसे किसे नाल करदा है।
मैं ते ला लिया बड़ा ही ज़ोर,
मेरा उसदे बाजो नहीं सरदा है।
शाम दे नाल लड़ गयी आँखें
छेड़ती मुझे साड़ी सखिआं
दिल ले गया मेरा चित्त चोर
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
मीरा जैसी योगं हो गयी
लगा रोग मैं रोगी हो गयी
मुझे लगा इशक का रोग
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
नीतू को नहीं कुछ भी गवारा
आजा शाम तू बन के सितारा
यहाँ पड़ गया गली गली शोर
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
Shrijirasik
पावन शुभ दिन है आया,आनंद उत्सव घर छाया,
हिवड़े मन मोद समाया, लागे सभी को मनभावना,
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
१. स्वागत करांला इनकी पलक बिछाकर के जी.. पलक बिछाकर..
बाट जोई थी जिनकी,आस लगाकरके जी,आस लगाकर
धन हुए भाग्य हमारे, मिट गए दुखड़े सारे,
चमके जीवन के सितारे, बाकी नहीं कुछ कामना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
२. आंगन में सुंदर सुंदर आसन लगवायाजी हो..आसन लगवाया...
दिल के भावों से इनको खूब सजाया जी हो...खूब सजाया...
बैठे मनमोहन प्यारे,आंखों के बन के तारे,
झूमे नर नारी सारे, मन को करे हैं लुभावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
३. सोहनी सूरत इनकी लागे अति प्यारी जी हो ...लागे अति प्यारी...
प्रिया प्रियतम की छवि पर जाएं बलिहारी जी हो.. जाएं बलिहारी...
देखूं तो मन हरषावे,नैनन में रूप समावे,
दूजो ना कोई भावे,लागे प्यारे से हमको पावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
४. कंचन के दीप जलाकर आरती गाओ जी हो... आरती गाओ...
सेवा में चंवर डुलाकर, भोग लगाओ जी हो...भोग लगाओ..
सर्वेश्वर मंडल गावे, चरणों में बलि बलि जावे,
आनंद का पार न पावे, उत्सव मनावे सुहावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
पावन शुभ दिन है आया, आनंद उत्सव घर छाया, हिवडे मन मोद समाया, लागे सभी को मन भावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
Shrijirasik
मैनु बहुता न सताओ तुसी,
एैवें चकरां च न पाओ तुसी
दुनिया तो मैं कुछ नहीं लेना
मेरा दिल ही बावरा यही
नी मैं यार दी दीवानी,
मेरा यार सांवरा है
तेरे दर ते आवा मैं
झोली भर ले जावा मैं
ऐथों गया न कोई खली ए
जेहड़ा बन के आया सवाली ए
बेड़िया सब दिया पार तू लावें
की जाना माजरा ए,
नी मैं यार दी दीवानी...
तू मोहन बंसी वाला है
तकदीरां बदलन वाला है
तेरा सोहना मुखड़ा हसदा है
तू सब दे दिला च वसदा है
साड़ी दुनिया तेरी दीवानी
तू राधा डा बावरा है
नी मैं यार दी दीवानी...
तेरे दर ते अलख जगावा मैं
नाले मीरा वांगु गावां मैं
छोड़ दुनिया के जंजाल सारे
तेरे चरनी लग बैह जावा मैं
सावरी सूरत देख देख के
दिल हुआ बावरा यह
नी मैं यार दी दीवानी...
Shrijirasik
है महिमा अपरम्पार, लीन्हों कृष्ण प्रेम अवतार।
लीन्हों कृष्ण प्रेम अवतार, दीन्हों सब भक्तन को प्यार।।
1- भांदव की अष्टमी है, काली आधी रात है।
बादल गरज रहें हैं होती बरसात है।।
यमुना करती चरन पखार, मैं तो धन्य हुई सरकार ।।
2- देवकी वसुदेव के जाए, नंद यशोदा लाल कहाए।
गोपिन संग रास रचाने ,गोकुल में कान्हा आए।।
करता दर्शन यह संसार, किरपा कर दो मदन मुरार।।
Shrijirasik
बोले सभी मुख से यही चारों और
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
बोले सभी मुख से यही चारों और
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
1 ) प्यारी प्यारी सूरत तेरी , मंद मंद मुस्कान है
जो भी देख रहे देखाता , दीवाना जहां है
हाथ में तुम्हारे , सभी की है डोर..........2
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
2 ) भीड़ लगी नंद के अंगना में , बट रही आज बधाई है
मात यशोदा लला जायो , हो रही खूब बढ़ाई है
जय जय का है , तीनों लोकों में शोर..........2
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
3 ) कान्हा तेरा जन्मदिवस ये , आता है एक साल है सबके मुखड़े खिल जाते हैं , बदले सब की चाल है हरीश मगन भी नाचे , लगा के खूब जोर...........2
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
बोले सभी मुख से यही चारों और
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
बोले सभी मुख से यही चारों और
Happy Birthday To You कन्हैया चितचोर..........2
Shrijirasik
तर्ज :- हमारो धन राधा
नंद घर बाजी रे बाजी बधाई
नन्द घर जन्मे कृष्ण कन्हाई
1. परिपूर्ण ब्रह्म लीला अवतारी
नारायण बने कृष्ण मुरारी
महिमा वेद पुराणन गाई, नंद घर ...
2 . गोकुल वासी ख़ुशी मनावें
मंगल गीत बधाइयां गावें
बाज रहे बाजे ढोल शहनाई, नंद घर ...
3 . नीलमणी घनश्याम सलोना
सुंदर सोहना मन का मोहना
शोभा कान्हा की वर्णी न जाई, नंद घर ...
4 . "मधुप" हरी यशोधा का ललना
पलना झूल रहा नंद नंदना
गूंज रही जय जयकार कन्हाई, नंद घर ...
नंद घर बाजी रे बाजी बधाई
नन्द घर जन्मे कृष्ण कन्हाई।
Shrijirasik
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सर पर कलगी पंख रंगीले -2
नैन नसीले होंठ रसीले -2
ताल बजावे नाचे गावें ,खूब मचावे छोर।
आजु सखी-जय हो -2
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
अगर कोई पकड़े हाथ न आवे -2
कुञ्ज निकुंञ्जों में छिप जावे -2
देख मोर की लीला सखियन -2 ह्वै गयी भाव विभोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
देख मोर का नाच किशोरी -2
नाच उठी राधा रसभोरि -2
मिले परस्पर चाँद चकोरी -2 मिल गयी नैनन कोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
मोर लियो बाहों में राधा -2
बंसीधर धरा रूप अगाधा -2
राधा दरस कर मिट गयी तड़पन -2 ‘‘मधुप’’ हरी चितचोर।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर। - 4
बोलो मोर बिहारी लाल की जय।
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श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
झूठी ममता से करके किनारा,
लेके सच्चे प्रभु का सहारा,
जो उसी की राजा में रजामंद है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
निंदा चुगली ना जिसको सुहावे,-2
बुरी सांगत की रंगत ना भावे,
जिस को सत्संग हर दम पसंद है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
संत ऋषिओं की वाणी को मानो,-2
प्रेम भक्ति की महिमा को जानो,-2
जिसके हृदय में बाल मुकुंद है,-3
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है।
ओ जब तक रैणा है-2
हो असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है। -2
मेरे आगे भी कृष्ण मेरे पीछे भी कृष्ण -2
कृष्ण जिंदगी दा गैहणा है-2 हो जब तक रैहणा है। -2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैणा है।
ओ जब तक रैहणा है-2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैणा है
हो मेरे दुःख में भी कृष्ण ,मेरे सुख में भी कृष्ण
असां दुःख सुख सहना है ,जब तक रैहणा है। -2
हो जब तक रैहणा है। -2
असां कृष्ण कृष्ण कैहणा है ,ओ जब तक रैहणा है।
ओ जब तक रैहणा है-2
श्याम सुन्दर से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।-2
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।
हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे।। -5
श्याम प्यारे से जिसका सम्बन्ध है,
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है।
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प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी, नंदलाल पीतांबर धारी,
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
कारागार में जन्म लिया जब,
टूटी बेडिया अचरज में जब,
कारागार में जन्म लिया जब,
टूटी बेडिया अचरज में जब,
नारायण, नारायण, नारायण स्वयं पधारे हैं,
नंदलाल पीतांबर धारी।
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
बाल प्रभु की छटा निराली,
नाचे देवगण बजा के ताली,
बाल प्रभु की छटा निराली,
नाचे देवगण बजा के ताली,
हर्षित है, हर्षित है, हर्षित है धरती अम्बर,
हर्षित है दुनिया सारी,
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
नर्कों में भी हर्ष है छाया,
धरती ने बदली फिर काया,
नर्कों में भी हर्ष है छाया,
धरती ने बदली फिर काया,
गोपाला गोपाला गोपाला नंद के लाला ने,
रचा है कैसी माया,
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी, नंदलाल पीतांबर धारी,
नंदलाल पीतांबर धारी, गोपाल कृष्ण मुरारी।
प्रभु जन्में कृष्ण मुरारी........
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मुरली वाले तूँ मुरली बजाना
===================
तर्ज़- फ़िरकी वाली
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना,
नही, तरसाना, तूँ मुरली की, तान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से, ॥
मुरली, बजाई तूने, यमुना के तट पर,
गोपीयों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, गोकुल किनारे,
ग्वालों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, वृंदावन में,
राधा, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, मधुबन में,
सखियों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
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तेरे दिल में रहेंगे ओ साँवरे
( हमे, अपना, बना ले, ओ साँवरे,
तेरी, राहों में, खड़े हैं, ओ साँवरे ॥)
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे ॥
तेरे, मन में, रहेंगे... ओ साँवरे ॥
तेरे, मन में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, दीपक बनो, हम ज्योति बनें ॥
मंदिर में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, भँवरा बनो, हम कली बनें ॥
बागों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, माखन बनो, हम मिश्री बनें ॥
भोगों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, चन्दा बनो, हम सूरज बनें ॥
अम्बर, में रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, गंगा बनो, हम यमुना बनें ॥
सरयू में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, ढोलक बनो, हम मंजीरा बनें ॥
भजनों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, चंदन बनो, हम पानी बनें ॥
मस्तक पे, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, फ़ूल बनो, हम धागा बनें ॥
माला में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
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राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
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ढफ बाजे कुंवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
कैसी ये संग सखी रंग भीनी,
सखी रंग भीनी,
छैल छबीली गोरी के,
छैल छबीली गोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
हो हो कही मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
प्रीतम के चितचोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
वृंदावन हित रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
कर ढफ बाजत होरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
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नए साल की सबसे पहले तुम्हे बधाई डिअर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
नया साल जब जब आये है दस्तूर हमारा,
सब से पहले देते बधाई जो हो सबसे प्यारा,
इस दुनिया में तुमसे ज्यादा कौन हमारे नियर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
साल पुराना बीता श्याम रही पुरानी यादे,
तुम्हे निभाना होगा कान्हा सारे पुराने वादे,
नये साल में करदो मेरे सारे संकट क्लियर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
कहती शालू देखा है हर बार ही साल बदलते,
मगर कभी ना देखा कान्हा तेरा प्यार बदलते,
तेरे नाम का अमृत पी कर करते हम सब चीयर,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर….
Shrijirasik
श्री हरिदास नाम का डंका ख़ुब बजायेंगे,
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे
श्यामा प्यारी कुंज बिहारी ।जय जय श्री हरिदास दुलारी ।।
श्री हरिदास....
1. श्री हरिदास नाम की भक्ति,का तुम रंग लगालो
श्री हरिदास नाम से अपना, जीवन पवित्र बनावो
श्री हरिदास नाम से सारा जग महकायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे...
2. सब मत्रों का सार छुपा है,श्री हरिदास नाम में
श्यामा श्याम का प्यार छुपा है,श्री हरिदास नाम में
श्री हरिदास नाम की महिमा,घर-घर गायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे।
3. जी भर-भर के पीलो अम्रित,श्री हरिदास नाम का
पागल हुआ ज़माना सारा,श्री हरिदास नाम का
चित्र विचित्र स्वामी जू के,ही कहलायेंगे
कुंज बिहारी श्री हरिदास नाम की धुंम मचायेंगे
Shrijirasik
सावरा नचाई जानदा ए
सावरा नचाई जानदा ए
छेड़ मिट्ठी मीठी बंसरी दी तान
कमली बनाई जानदा ए
उसने ऐसा रंग चढ़ाया होई मै दीवानी आ
उस नू छड़ के मै ता सारी दुनिया तोह बेगानी आ
सच्चे प्रेम वाले , सच्चे प्रेम वाले
सच्चे प्रेम वाले भर भर जाम मैनू ओह पियई जानदा ए
उस दी धुन विच ऐसी खोई अपनी कोई होश नई
मै हा उस दे ना दी जोगन मेरा कोई दोष नई
जादू अपना चला के ,जादू अपना चला के
जादू अपना चला के श्याम होश ही भुलाई जानदा ए
सावरे तोह बढ़ के मैनू कोई होर प्यारा नहीं
हुन ता उसदे बाजों सागर मेरा कोई गुजारा नई
जेडी कदे वी न , जेडी कदे वी न
जेडी कदे वी न लथनी ए मस्ती चढ़ाई जानदा ए
मै वी एवी ता नचढ़ी नई सावरा नचाई जानदा ए
Shrijirasik
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
भोर होत मेहलन में थारी,
सेवा में निस जाऊं,
मंगला के नित दर्शन पाऊं,
जीवन सफल बनाऊं,
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
पड़ी रहू मैं द्वार तिहारे,
रसिकन दर्शन पाऊं,
भक्तन की रज धूलि मिले तो,
अपने शीश चढाउँ,
किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो,
लाड़ली द्वारे रख लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
भूख लगे तो ब्रजवासिन के,
टूक मांग के खाऊं,
कबहु प्रसादी श्री महलन की,
कृपा होए तो पाऊं,
किशोरी मेरी विनय मान लीजो,
लाडली विनय मान लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे राधे रटूं निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
श्यामा श्यामा रटु निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
तेरे ही गुण गाए गाए मैं,
तेरी ही होय जाऊं,
किशोरी मोहे अपनों कर लीजो,
लाड़ली अपनों कर लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
जन्माष्टमी का त्योहार आया
कृष्ण जन्म का उत्सव मनाया
मथुरा की कारागृह में जन्मे नंदलाल
देवकी मां की कोख से आए गोपाल
वसुदेव जी ने गोकुल पहुंचाया
यशोदा मैया ने पाला बड़े प्यार से
दही हांडी फोड़ें सब मिल के
कृष्ण जन्मोत्सव मनाएं खुशी से
जय श्री कृष्ण जय कन्हैया
नंद के लाल गोकुल के राजा
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ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया
बल्ले बल्ले बल्ले
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया
चारों पासे बजन बधाइयां,
नन्द घर लाला हालिया,
ढोल बजावे ढोल बजावे,
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
किस मईया ने जन्म दिया है ,
किस की गोदी खेल्या...
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
देवकी मां ने जन्म दिया है,
यशोदा की गोदी खेल्या ......
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
सारी सखियां दें बधाइयां,
नन्द घर लाला हालिया.....
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
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तेरी मुरली ने सानूं पागल बना दिया
खिच्च के, लियावे तेरी, मुरली दी तान वे ।
मुरली दी, तान ते मैं, जावां कुर्बान वे ॥
कान्हा तेरी, मुरली ने, रोग एह लगा दिया ॥
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ।
तेरी, मुरली ने सानूं, पागल बना दिया ॥
पहली, वारी गई सी मैं, मस्तां दे वेहड़े विच ।
दूजी, वारी आई सी मैं, मस्तां दे घेड़े विच ॥
तीजी, वारी मस्तां ने, जाल ऐसा पा लिया ॥
माएं, नी माएं मैनूं, मस्त बना लिया ॥।
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा,
सानूं, ते नच्चणा, नहीं आउंदा ॥
तेरे, इश्क दी, ऐसी मस्ती ने ॥
सानूं, ते दस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
जो वी, आवे तेरे सवाली, तैनूं देना पैंदा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
तेरे, वरगा, यार नी मिलणा,
तेरे, वरगा, प्यार नी मिलणा ॥
तेरे, वरगा, यार नी मिलणा,
तेरे, वरगा, प्यार नी मिलणा ॥
तेरे, करके, हस्स रहियां ॥
सानूं, ते हस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा नी,
तेरे, इश्क दा, गिद्धा पैंदा ॥
मैं, कोझी आं तूँ, सोहणा एं ॥
तेरे, वरगा, होर ना, होणा एं ॥
असीं, तेरे करके, वस्स रहे आं ॥
सानूं, ते वस्सणा, नहीं आउंदा...
तेरा, इश्क नचाऊंदा, वे सज्जणा...
तेरे बाझों, ओ दिल दियां, महरमां वे,
साडा जीणा, केहड़े चज्ज दा ॥
मेरे लूं लूं विच, मेरी नस नस विच ॥
तेरी, याद दा तूंबा, वज्जदा वे, आजा,
अखियां उडीकदियां, दिल वाज़ां मारदा ॥
आजा, तैनूं वास्ता ए, दिल एह पुकारदा,
आजा तैनूं अखियां उडीकदियां ॥
नित्त, खैर मंगां ॥। सोहणियां मैं तेरी,
दुआ ना कोई होर मंगदी ॥
तेरे, पैरां च, आखिर होवे मेरी ॥
दुआ ना, कोई होर मंगदी,
नित्त, खैर मंगां ॥। सोहणियां मैं तेरी...
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ॥
कान्हा तेरी, मुरली ने, रोग एह लगा दिया ॥
वाह रे, कन्हैया तूने, पागल बना दिया ॥
तेरी, मुरली ने सानूं, पागल बना दिया
Shrijirasik
तेरे नाम की चढ़ गई ख़ुमारी
तेरे, नाम की, चढ़ गई ख़ुमारी,
वृंदावन, रहने वालिया ॥
ओ वृंदावन, रहने वालिया,
वृंदावन, रहने वालिया ॥
तेरे, रूप ने, मत मेरी मारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
स्वामी, हरि दास दे, बांके दुलारिया ।
ओ रसिया, रस रूप, उजियारिया ॥
ओ तेरी, आशिक, दुनिया सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
जदों दा, वेखिया मैं, तेरा वृंदावन ऐ ।
लगन, तेरी च मन, रहिंदा मगन ऐ ॥
ओ मैनूं, भूल गई, दुनिया सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
जा तूँ, एथे आजा या, मैनूं ओथे सद्ध लै ।
मधुप, सखी नूं बस, चरणां च रख लै ॥
ओ मेरी, कट जाए, विपता सारी,
वृंदावन, रहने वालिया...
तेरे, नाम की, चढ़...
Shrijirasik
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
बस एक झलक पाके जाग ये तर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
तेरे एक इशारे पे सब कुछ कर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
तू मेरा है बस मैं सबको बतलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
Shrijirasik
तू सुमिरन कर राधे राधे, तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे ।
राधा के पीछे श्याम स्वं तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥
श्री राधे राधे राधे बोलो श्री राधे ।
राधा बिन सूना सांवरिया,
राधा बिन फीकी बाँसुरिया ।
राधा बिन भक्ति रस ही नहीं,
हम राधा के गुण गायेंगे ॥
ब्रजमंडल की गरिमा राधा,
राधा बिन प्रेम शब्द आधा ।
कितना भी कृष्ण का ध्यान धरो,
बिन राधा याद आयंगे ॥
ब्रजवास यदि तुम चाहोगे,
तो राधे राधे गाओ रे ।
श्री राधे कृपा जो कर देंगी,
तो कृष्ण तुम्हे अपनाएंगे ॥
Shrijirasik
ऐसो चटक मटक सो ठाकुर, तीनो लोकोनहु में नाहे
तीन ठौर ते टेढ़ो दिखे
नट किसी चलगत यह सीखे
टेढ़े नैन चलावे तीखे
सब देवन को देव
तोउ ये ब्रज में घेरे गाये
ब्रह्मा मोह कियो पछतायो
दर्शन को शिव ब्रज में आयो
मान इन्द्र को दूर भगाओ
ऐसो वैभव वारो, तोउ ये ब्रज में गारी खाए
बड़े बड़े असुरन को मारयो
नाग कालिया पकड़ पछड़ेओ
सात दिना तक गिरिवर धारयो
ऐसो बलि तौऊ खेलत में ग्वालन पे पिट जाए
रूप छबीलो है ब्रज सुन्दर
बिना बुलाए डोले घर घर
प्रेमी ब्रज गोपिन को चाकर
ऐसो प्रेम बडेओ माखन की चोरी करवे जाए
Shrijirasik
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥
मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥
यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥
तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥
दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥
मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।
अभी सांस चल रही है कहीं तुम चले ना जाना ॥
Shrijirasik
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
दुनिया तो मैं नचैया बथेरा, फिर भी ना कोई बनया मेरा
नी मैं की करना संसार आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
हुन मैं किसी कोलो नहीं डरना, जो मन आये सो योनि मैं करना
मेरा मुरली वाला यार, आज मैनु नच लेन दे॥
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
पैरा दे विच घुँघरू बनके, अपने श्याम दी जोगन बन के,,
अखां ला लईया उसदे नाल, आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
वृंदावन विच जावांगी मैं भी,वृंदावन विच जावांगी मैं भी,
प्यार मोहन दा पावगी मैं भी, प्यार मोहन दा पावगी मैं भी,
जग रुसजाये लख बार, आज मैनु नच लेन दे,
नी मैं नचना मोहन दे नाल आज मैनु नच लेन दे॥
Shrijirasik
तरज़-लाला जनम सुन आई रे
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई
गायो बधाई मिल गायो बधाई
जन्मअष्टमी....
1.लेवें बलईयां मईया,पलना झुलावै
लेवें बलईयां,बलि बलि जायें
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई जन्मअष्टमी....
2.घर घर में आज मंगल गायो,झुमों गाओ
ख़ुशीयां मनाओ
झुमों गाओ,ख़ुशीयां मनाओ
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई जन्मअष्टमी....
3.पागल का तूं मान ले कहना,धसका
आंनद में रहना
आंनद में रहना,आंनद में रहना
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ बधाई
जन्मअष्टमी....
Shrijirasik
झूमो रे नाचो, गाओ रे मां यशोदा ने जायो नंदलाला 2
सुंदर सलोना गोपाला मां यशोदा ने जायो नंदलाला
सारे बिरज में खुशियां है छाई झूम ,झूम गाऐं ब्रिज नारी रे
झूला पड़ो है नंद जी के अंगना झांकी की शोभा है न्यारी रे
अंगना सजा है 2बाजा बजा है 2आया है सस्ती का प्रतिपाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,
मथुरा सजी है गोकुल सजा है, झूमे है चारों दिशाएं रे
उत्सव मनाओ आओ सखी आओ, लाला को झूला झुलाएं रे
दर्शन करेंगे झोली भरेंगे, झूमे है ब्रज का हर ग्वाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,,
लाला की मैया , लेबै बलैया , नंद बाबा बांटैं मिठाई रे
देवों ने आके फूल बरसाए, कैसी यह लीला रचाई रे
बंसी बजाने, गउयें चराने, आया है मोर मुकुट वाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,
तर्ज - छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया ,
राधे का दीवाना हैं - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
रोज रोज कान्हा देखो, मुरली बजावे - २
मुरली की धुन पे , राधा को नचावे - २
राधा संग नाचता हैं - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
नाच नाच कर राधा, श्याम को रिझावे - २
राधा जी के मन को तो, श्याम ही भावे - २
राधा जी के मन में हैं - २ , श्याम सांवलिया
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
जहा जहा जाए राधा , श्याम वही जाए - २
राधा के बिना श्याम , रह नहीं पाए - २
राधा के बिना हैं आधा - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
Shrijirasik
तर्ज Aaj mere yaar ki shadi h
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है।
बजे ढोल मृदंग झाँझ ढप्प,
बाज रही शहनाई,
प्रकटे गोकुल में गोविंदा,
घर घर बजी बधाई,
पार ब्रह्म पूर्ण परमेश्वर,
दरस दिखायो है।
नन्द के लाला आयो है।
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है।
बरस रहा है केसर चन्दन,
बरस रही रस धारा,
जय गोविंदा, जय गोपाला,
गूँज रहा जयकारा,
झूम झूम कर, नाँच नाँच कर,
धूम मचायो है,
नन्द के लाला आयो है।
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है।
नन्द यशोदा नहीं समाते,
आज ख़ुशी के मारे,
नन्द भवन में लूट पड़ी है,
लूट रहे हैं सारे,
तू भी लूट ले आज "मधुप हरी"
लूट मचायो है,
नन्द के लाला आयो है।
नन्द बाबा के, नन्द भवन में,
आनंद छायो है,
नन्द के लाला आयो है,
नन्द के लाला आयो है।
नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की,
जय कन्हैया लाल की, जय हो गोपाल की,
नन्द के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की,
जय कन्हैया लाल की, जय हो गोपाल की,
हाथी दीने घोड़ा दीने और दीने पालकी,
बधाई हो, बधाई हो, बधाई हो,
जय राधे राधे।
Shrijirasik
मोहे प्रेम का रोग लगाये गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
वो कान्हा बंसी वालो वो कान्हा कालो कालो
मोहे प्रेम का रोग लगाये गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
रंजो गम सब मेरे भुला के ,मेरी नजर से नजर को मिला के
नैनं को तीर चलाए गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
सुगर सलोनी मोहनी मूरत, बन गई है अब मेरी जरूत,
मेरे दिल के बीच समाये गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
हम सब भक्त हुए बलिहारी ,बात हकीकत कहे है प्यारी
मस्ती को रंग चड़ाये गयो री वो कान्हा बंसी वालो,
Shrijirasik
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
लेकर संग में सखी सहेली
बन कर के मैं नई नवेली
ओह्ड़े चुनरिया लाल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
जोडू हाथ पडू तोरे पईया ले चल मुझको कदम की छईया
मिला ताल से ताल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
चडी रास की मुझे खुमारी गाये ज्योति लिखे अनाडी
नए नए शब्द कमाल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
Shrijirasik
मीठे रस से भरीयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गोरी गोरी,
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी,
ब्रजधाम राधा जु की,
रजधानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
ना भावे अब माखन मिसरी,
और ना कोई मिठाई,
जीबड़या ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई,
वृषभानु की लली तो,
गुड़धानी लागे,
गुड़धानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
कान्हा नित मुरली मे टेरे,
सुमरे बारम्बार,
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार,
राधा रूप की अनोखी,
पटरानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
राधा राधा नाम रटत है,
जो नर आठों याम,
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम,
राधा नाम मे सफल,
जिंदगानी लागे,
जिंदगानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
मीठे रस से भरयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
Shrijirasik
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही……
Shrijirasik
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
प्यारी झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
Shrijirasik
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
Shrijirasik
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
1.मेरी नाव सिर्फ एक तेरे सहारे,
तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
2.तुझे छोड़ जाऊं मैं अब किस किसके द्वारे,
तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ....
3.जग्गनाथ स्वामी मेरे नैंन के तारे,
मेरे सार काज स्वामी आप सवारें
जग्गनाथ जग्गनाथ चक्का नैंन चक्का नैंन,
नीलाचल वारे तूं ना सम्भालें तो हमें कौंन सम्भालें
जग्गनाथ...
Shrijirasik
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
यमुना जी का निर्मल पानी
शीतल करत शरीर
शीतल करत शरीर
बंसी बजावत गावत कान्हो
संग लियो बलवीर
संग लियो बलवीर
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे गल वैजयन्ती माल
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
वृन्दावन के वृक्ष को प्यारे
वृक्ष न माने कोय
वृक्ष न माने कोय
डाल डाल और पात-पात
श्री राधे राधे होय
राधे राधे होय
बृज की माटी माथे लगाकर
मिल गए मुझको श्याम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा रमण मेरे बांके विहारी
श्री राधा बल्लभ लाल
राधा बल्लभ लाल
जुगल किशोरी जू मदन मोहन जू
प्यारे गोपीनाथ, प्यारे गोपीनाथ
रूप गोस्वामी प्रकट कियो जहां
गोविन्द रूप निधान
वृन्दावन की सप्त निधिन को
करते है हम प्रणाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
Shrijirasik
हमारे दो ही रिश्तेदार,
एक हमारी राधा रानी,
दूजे बांके बिहारी सरकार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
सेठ हमारे बांके बिहारी,
सेठानी वृशभानु दुलारी,
जो कोई जपता राधे राधे,
वो हो जाये भव से पार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
ममतामयी है राधिका रानी,
हर बात श्याम ने इनकी मानी,
राधा नाम की जड़ी बूटी से ,
होते यहां उपचार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
न कोई चिंता न कोई टेंशन,
राधा नाम है दिल मे मेंशन,
भरी सभा मे कह सकते है,
आई लव यू सरकार ,
हमारे दो ही रिश्तेदार
चाहे जो आनन्द में रहना
मान लो कनिष्क का कहा
हर पल है आनन्द बरसता
अनोखा है ये दरबार
हमारे दो ही रिश्तेदार
कान्हा की मैं तो दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना,
कान्हा दीवाना मेरा बड़ा मस्ताना,
मैया यशोदा का राज दुलारा,
मोर मुकट लागे सिर पर प्यारा,
दुनिया है इसकी दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना
कान्हा पे मरती है सारी सखाये,
पर कान्हा को भाहति है मेरी अदाएं,
चाहे कोई ये न माने रे,
मेरा कान्हा दीवाना
यमुना के तट पे ये रास रचाये,
मुरली की धुनि पे ये सब को नचाये,
प्रेम का छेड़े ये तरना रे,
मेरा कान्हा दीवाना
दीपक है कान्हा का दीवाना,
झूम झूम गाये बस तेरा ही तराना,
सारे जगत ने ये मन रे,
मेरा कान्हा दीवाना
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
नाचू ता ता थई थई ,
नाचू थई थई मैं नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
मोर जो बनावे तो एसो बणायो,
अपनी ही रास रसीला में नचियो
सब देखे में और नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
दही तू बनइयो चाहे दूध बनइयो
दान घाटी पे तू मोहे चडीयो,
हो राजी चित चोर,नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
टर्की बण्यो चाहे पतंग बनियो,
वृन्दावन चाहे गोकुल में उड़ाइयो.
रख अपने हाथ में डोर नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
शहनाई बनियो चाहे मुरली बनियो,
अपने ही अधरों पे मुझे सजियो,
जब हो मुरली का शोर नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
साँवरिया ऐसी तान सुना…
रस की धार बहे इस मन में,
अनुपम प्यार बहे इस मन में
तेरी याद ना विसरे इक पल,
ऐसा मस्त बना, साँवरिया ऐसी तान सुना…
भूली फिरू मैं सदन कुंजन में,
बृज की चिन में दिव्य लतन में ।
रसिकन की पग रज मस्तक की,
देवे लेख जगा, साँवरिया ऐसी तान सुना…
नयनन हो में लै अंसुअन का,
पग पग थिरक उठे जीवन का ।
हर इक प्राण पुकारे पी पी,
ऐसी तार हिला, साँवरिया ऐसी तान सुना…
हर पल तेरा रूप निहारूं,
मैं सोवत जागत तुम्हे पुकारूँ
हरी हरो मन की कुटलाई,
प्रेम की ज्योत जगा, साँवरिया ऐसी तान सुना…
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरी नाम की मस्ती अनोखी है,
पी करके हमने देखी हैं,
सब चिंताओं को छोड़ के अब,
मस्ती में रहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
पीकर के आनंद आता है,
यह झूठा जग नहीं भाता है,
तुम भी थोड़ी सी पिया करो,
यह सब से कहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम में चूर जो रहते हैं,
माया से दूर वो रहते हैं,
हरी याद रहे हर पल हमको,
प्रभु नाम को जपना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
कहना यह चित्र-विचित्र का है,
मुश्किल से मिलता मौका है,
हरि नाम के पागल बन जाओ,
सब को समझाना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
जब मेरा कान्हा माखन खावे मैं मिश्री बन जाऊ,
मिश्री बनके मैं कान्हा के माखन में मिल जाऊ,
माखन बन जाउंगी मैं माखन बन जाउंगी,
कान्हा की....,
जब मेरा कान्हा गैया चराये मैं ग्वालियन बन जाऊ,
ग्वालियन बनके मैं कान्हा से संग में गैया चराऊ,
ग्वालियन बन जाउंगी मैं ग्वालियन बन जाउंगी,
कान्हा की....
जब मेरा कान्हा होली खेले मैं राधा बन जाऊ,
राधा बनके मैं कान्हा से संग में होली खेलउ,
राधा बन जाउंगी मैं राधा बन जाउंगी,
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधा रानी का,
कोई नन्दलाल कहता है कोई गोपाल कहता है,
कोई कहता कन्हिया है कोई बंसी बजैया है,
नाम बदल के रख डाला उस कृष्ण मुरारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
सभी को कहते देखा है बड़ी सरकार है राधे,
लगे गा पार भव से कहे जो एक बार राधे,।
बड़ा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
तमाशा एक देखा ज़रा बनवारी सुन ले,
राधा से मिलने खातिर कन्हैया बेश बदले,
कभी तो चूड़ी वाले का कभी पुजारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
कमल लज्जाये तेरे नैनो को देख के ।
भूली घटाए तेरी कजरे की रेख पे ।
यह मुखड़ा निहार के, सो चाँद गए हार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
कुर्बान जाऊं तेरी बांकी अदाओं पे ।
पास मेरे आजा तोहे भर मैं भर लूँ मैं बाहों में ।
जमाने को विसार के, दिलो जान टोपे वार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
रमण बिहारी नहीं तुलना नहीं तुम्हारी ।
तुझ सा ना पहले कोई ना देखा अगाडी ।
दीवानों ने विचार के, कहा यह पुकार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
नैनन में श्याम समाए गौ मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ
नैनन में श्याम समाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ।
लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।
मोहे गैल गिरारे पाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
मर जाउंगी कान्हा तेरे अधरन पे,
मिट जाउंगी श्याम तेरे नैनन पे ।
वो तो तिरछी नज़र चलाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,
तेरे बेसर की मोती झलकन पे ।
सपने में कहा बतराए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
पागल को है प्यारो वो नंदलाला,
दीवाना भए है जाके सब ग्वाला ।
वो तो मधुर मधुर मुस्काये गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
ब्रजभूमि में पांव धरत ही 2
तन मन बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
गोवर्धन की रज रज यमुना
कण कण बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
पशु पक्षी और तरु लताएं
हर डाल डाल बोले राधा राधा राधा
तन मन धन सब तुमको अर्पण
हर श्वास श्वास बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती है दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
किसी को चाड रहा नशा जगत का
किसी को नाम की मस्ती
खूब पियो जिसे जो पीना हो
हम पिएँगे वृंदावन की लस्सी
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई कहे नया साल है आया
कोई कहे हॅपी न्यू एअर
हम पहुंचे सदगुरु की कृपा से
अपने मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम सब आगाय श्री वृंदावन
हम पहुचे मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई तो जावे देश विदेशन
कोई हिल स्टेशन
बड़े भागी अपने को मानो
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
Pujya Bhai Ji
मेरा दिल तो दीवाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मुरली बाले तेरा,बंशी बाले तेरा॥
नजरो का निशाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
दीवानगी ने क्या क्या दिखाया ।॥
दुनिया छुड़ाकर तुमसे मिलाया।
दुश्मन जमाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल .............
जब से नजर से नजर मिल गयी है॥
उजड़े चमन की कली खिल गयी है।
क्या नजरे मिलाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल ............
यह दुनिया पागल खाना है,
जहा पागल आते जाते है,
मेरा मेरा कहने वाले सब पागल बन कर जाते है,
कोई पागल है धन दोलत का कोई पागल नर नारी का,
पर सचा तो पागल बही है जो पागल है बनके बिहारी का,
तू मेरे प्यारा प्यारा मैं तेरा पागल ओ तिरछी नजर से है दिल मेरा घायल,
मेरा दिल ............
प्राणों के प्यारे कहा तुम गए हो ।
मेरी आँखों के तारे कहा छुप गए हो।
मैं तो प्यार में पागल हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल..........
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में
मारी तान के ऐसी मोपे पिचकारी
मेरो भीजो तन को चीर,
मैं क्या करूँ होरी में
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
मेरो पीछा ना छोरे होली मेी,
ओह एक नंद गाओ को अहीर,
में का करू सजनी होली में,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
ए रंग डारी चुनर कोरी रे,
मेरे भर गयो नैनन अबीर,
में का करू सजनी होली में,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
राधाजी की सब सखियां संग
लीला भाई यमुना के तीर,
मैं करूँ सजनी होरी में
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में
मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री कछु जादू सो कर गए री,
मेरे कुञ्ज बिहारी के नैना सखी री कछु जादू सो कर गए री,
जादू सो कर गए टोना सो कर गए,
मेरे बांके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
राधा रसिक बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.....
जाने केसों कर गयो जादू ,
कर गयो जादू हाँ कर गयो जादू,
मेरा दिल मेरे रहो ना काबू रहो ना काबू,
हाँ रहो न काबू
दिन बीते कटे नहीं रैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री.....
लूट गई देख छवि तेरी प्यारी,
छवि तेरी प्यारी छवि तेरी प्यारी,
जादूगर ऐसो बांके बिहारी,
बांके बिहारी प्यारो बांके बिहारी,
वो चलाये रहो तिरछे सैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री......
मोटी मोटी अँखियाँ बड़ी कजरारी,
बड़ी कजरारी बड़ी कजरारी,
गोल कपोलन के लट घुंघराली,
लट घुंघराली रे लट घुंघराली,
ऐसो सुन्दर श्याम सलोना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.....
नैना बिहारी जी के रस के प्याले,
रस के प्याले,रस के प्याले,
चित्र विचित्र पागल कर डारे,
पागल कर डारे पागल कर डारे,
देखे बिन चैन पड़े ना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री,
मेरे बाँके बिहारी के नैना सखी री,
कछु जादू सो कर गए री.......
श्याम चंदा है श्यामा चकोरी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
श्याम रसिया है राधा रसीली,
श्याम चंचल है राधा शरमीली,
श्याम नटखट है राधा है भोली,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
कृष्ण राधा है रास की वो धारा,
जिसमे दूभा संसार सारा,
चिर जीवी ये दोनों की जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
दोनों में प्रेम इतना है जयदा,
राधा मोहन और मोहन है राधा,
मधु दोनों एक प्रेम जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
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