॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe Krishna - Devotional Bhav
राधे कृष्ण - भक्तिमय भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
खाली दिल का हर एक कोना
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
Shrijirasik
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।
तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥
तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।
तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।
तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।
ओ रे...
तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।
तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।
तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।
तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।
तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्गुरुओं के घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।
तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।
तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।
ओ रे...
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सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई,
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
अब पल पलक टरत नही टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारि वारि पलकन मारी,
जादू की पिटारी दृग छुई मुई कर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई.......
Shrijirasik
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
कन्हैया तुम को देख के दिल झूम जाता है.....
बांकी अदाएं चैन चुराए,
बांकी अदाएं चैन चुराए,
तेरी प्यारी बतिया मन को लुभाये,
मेरे हमदम तू हरपाल याद आता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है......
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
अपना समझ के जब भी पुकारा,
चेहरा आँखों के आगे घूम जाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.....
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाकर ही मानते हो,
बनवारी दिल से तेरे गीत गाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.......
Shrijirasik
मैं तो चली रे पिया के देश,
हो मै तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
पिया मिलन को तरस रही थी,
छम छम अंखिया बरस रही थी,
है धर जोगन का भेष,
मै तो चली रे पिया के देश.....
बीते दिवस कई बीती रतिया,
मन की कहूंगी उनसे सारी बतिया,
हो लागि क्या क्या मन को ठेस,
मै तो चली रे पिया के देश.......
आया बुलावा मेरे पिया का,
मन उपवन हरषाये जीया का,
हो छाया आनंद मन में विशेष,
मै तो चली रे पिया के देश.......
चित्र विचित्र आई बेला मिलन की,
दुल्हन बनुगी में तो सांवरे सजन की,
अब क्या रह गया शेष,
मै तो चली रे पिया के देश......
मै तो चली रे पिया के देश,
हो मैं तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
Shrijirasik
मधुबन में झूला झूल रहे, राधेश्याम मदन मुरारी,
राधे श्याम मदन मुरारी राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
मोर मुकुट कानों में कुंडल,
रूप निहारत सब ब्रजमंडल,
दर्शन कर सुद्ध बुद्ध भूल रहे, राधे संग कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
खड़ा मनसुखा लेकर सोटा,
सखियां दे रही लंबे झोटा,
अंबर में बादल झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
कूक रही है कोयल काली,
लता पता छाई हरियाली,
बागों में कलियां महक रही, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
प्रेमी ब्रिज लागे मनभावन,
रिमझिम रिमझिम बरसे सावन,
सब गोपी ग्वाला झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
Shrijirasik
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे....
वृंदावन ब्रज की राजधानी,
यहाँ बसे ठाकुर ठकुरानी,
मधुर मिलन की साक्षी देते,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
पूण्य प्रेम रस में आत्मा भिगोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
कृष्ण राधिका एक है,
इनमे अंतर नाही,
राधे को आराध लो,
कृष्णा तभी मिल जाए,
प्रथक प्रथक कभी इनको ना तोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे........
Shrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Shrijirasik
तर्ज – मिलती है जिन्दगी में
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया......
जिसने कभी भी आज तक,
सजदा नहीं किया,
उसको कृपा ने आपकी,
झुकना सिखा दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.....
रहते हो दिल जिगर में,
आँखों में हर घड़ी,
मस्ती का जाम आपने,
ऐसा पिला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया........
दुनिया की चमक देखकर,
भटका हुआ था मैं,
मुझको दया ने आपके,
चरणों में ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.......
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.........
Shrijirasik
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा......
इस बांके का सब कुछ बांका,
इस बांके का सब कुछ बांका,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.....
बांके है नन्द बाबा और यशुमति,
बांकी घडी जमने है बिहारी,
बांके कन्हैया के बांके है भ्रात,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
बांकी मिली दुलहन जगवंदन,
और बांके गोपाल के बांके पुजारी,
भक्तन दर्शन देन के कारण,
झांके झरोखा में बांके बिहारी,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा....
बांकी पागचंद्रिका तापर,
और बांका तुर्रा ररक रहा है,
गरसिरपेच माल और बांकी,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके नैन सेन सर बांके,
बेन बिनोद महा है,
बांके की बांकी झांकी कर,
बाकी रहयो कहा है,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
ये टेड़े सो प्रसन्न, टेडी बातन सो अति प्रसन,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे के,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे केm
हम सो टेंडाई भूल मत करियो कोई,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
टेड़े टिपारे कटारे किरीट की,
मांग की पाग की धारि की जय जय,
कुंडल जाये कपोलन पे,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
राजेश्वरी दिन रात रटो,
यही मोहन की बनवारी की जय जय,
प्रेम ते बोलो जी बोलत डोलो,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा............
Shrijirasik
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,
रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,
श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,
मैं वी उड के श्याम दा सोहणा दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
श्याम दिया संगता जदों दर ते आनगीया,
अमृत भरा संगत जद लंगर खावनगीया,
संगता दिया चरणा दी,,
संगता दे चरणा दी धूल मथे उत्ते लावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
रोज सवेरे मैं फूल तोड़ ले आवांगी,
श्याम जी दे चरणा विच आन चढावांगी,
हर वेले श्याम दा,,
हर वेले श्याम दा नित दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
Shrijirasik
बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो......
आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
सखी बादल गरजत बिजुरी संग, ओ घन बरसत है घनघोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
कहे वन वन पड़यो हिंडोरना, कैसे पवन चले झकझोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा होले होले देवे सांवरा, झूले कुंवर किशोरी सिर मोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा देय सखिरी सब गाय रही, नाचे मोर पपिहा करे शोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झूलत गल बैयां डाल के, वरुणेश निरख़ तिन्ही और,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
Shrijirasik
बुला रही राधा गुजरिया तू झूलन आजा सांवरिया.....
श्याम बिन सावन ना भावे,
तू आजा क्यों अब तड़पावे,
बुला रही राधा लिख चिठियां, तू झूलन आजा सांवरिया........
सुहानी सावन रुत आई,
कैसी चल चल रही पुरवाई,
गगन में छा गई बदरिया, तू झूलन आजा सांवरिया..........
बोल रही कोयल दादुर मोर,
रुनझुन नाचत मन का मोर,
बजा दे प्यारी बांसुरिया, तू भूलन आजा सांवरिया...........
करूण तेरे सुन ले ओ बनवारी,
अरज करे तुमसे ब्रज नारी,
शरण में लेलो सांवरिया, तू झूलन आजा सांवरिया..........
कदम पर हमला डलवाई,
झूलन सब बिरज नारी आई,
कै झोटा दे जा सांवरिया, झूलन आजा सांवरिया..........
Shrijirasik
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
1 ) मुरली की धुन हमे सोने ना देती……..2
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती……..2
मुरली की धुन हमे सोने ना देती
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती
बेरन बहुत सतावे है
मुरली ना बजाओ…….2
2 ) ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी……..2
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी………..2
ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी
काहे तू जल जल जावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
3 ) हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली……….2
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली……….2
हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली
जमुना पे हमको बुलावे है
मुरली ना बजाओ…….2
4 ) बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली………2
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी………..2
बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी
मेरे मन को भावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
Shrijirasik
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय मथुरा गोकुल गोवर्धन
जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन
जय बरसाना, जय नंदगाव
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय ब्रज रज, जय जय गोधन
जय जय ग्वाल सखा गोपीजन
जय ब्रजवासिन, जय ब्रज बाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय ब्रजमण्डल जय ब्रज रसिकन
जय जय ब्रज के संत भक्त जन
जय जय लत्ता पता अभिराम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
❛मधुप हरि❜ ठाकुर ठकुरानी
जय ब्रजराजा जय ब्रजरानी
जय राधा माधव छवि धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम-२।
Shrijirasik
राधे रानी सावरे की प्यारी है
श्यामा जू सावरे की प्यारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
1) राधा नाम की धुन जब लागे, धुन जब लागे
श्याम घूमते पीछे आगे, पीछे आगे
राधा का दीवाना बिहारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
2) बरसाना बृज की है राजधानी, है राजधानी
जहां बिराजे राधा रानी, राधा रानी
भक्तों की बिगड़ी सवारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
3) मुरली में कान्हा और सुर जब साधे, सुर जब साधे
गाती है बंसी श्री राधे राधे, श्री राधे राधे
श्यामा की महिमा भारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
4) श्यामा श्याम में भेद न कोई, भेद न कोई
चारों दिशाओं में जय जय हुई, जय जय हुई
भूलन की बाधा तारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
लीला है नारी लाडली लीला है न्यारी
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
Shrijirasik
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सर पर कलगी पंख रंगीले -2
नैन नसीले होंठ रसीले -2
ताल बजावे नाचे गावें ,खूब मचावे छोर।
आजु सखी-जय हो -2
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
अगर कोई पकड़े हाथ न आवे -2
कुञ्ज निकुंञ्जों में छिप जावे -2
देख मोर की लीला सखियन -2 ह्वै गयी भाव विभोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
देख मोर का नाच किशोरी -2
नाच उठी राधा रसभोरि -2
मिले परस्पर चाँद चकोरी -2 मिल गयी नैनन कोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
मोर लियो बाहों में राधा -2
बंसीधर धरा रूप अगाधा -2
राधा दरस कर मिट गयी तड़पन -2 ‘‘मधुप’’ हरी चितचोर।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर। - 4
बोलो मोर बिहारी लाल की जय।
Shrijirasik
वे राधा तैनूं वाज़ां मारदी
वे राधा तैनूं, वाज़ां मारदी, वाज़ां मारदी,
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी ॥
मेरा बड़ा, औखा हो गया, औखा हो गया,
मेरा, लगदा ना, दिल बिन तेरे,
मेरा बड़ा, औखा हो गया ॥
दुनियां, तो चोरी तैनूं, दिल च वसाया ए ।
बिना, फेरियां तो तैनूं, अपना बनाया ए ॥
मेरा, लंघदा, मेरा लंघदा,
मेरा लंघदा ना, पल बिन तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरे बिना, दुख मेरा, सुनदा ना कोई वे ।
याद तैनूं, कर कर, अख जांदी रोई वे ॥
किते, पा देवे, किते, पा देवे,
किते पा देवे, बरसाने विच फेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरियां, यादां ने मैनूं, वद्ध वद्ध खा लिया ।
तेरी, तस्वीर नूं मैं, दिल च वसा लिया ॥
हुण, औंदे ने, हुण औंदे ने,
हुण औंदे ने, ख्याल मैनूं तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
गोचर, वाले दी नी तूं, सुन लै पुकार नी ।
बेड़ी, सिंदर दी कर, भव सागर तो पार नी ॥
लखवीर लिखदा, लखवीर लिखदा,
लखवीर लिखदा, ए बोल तेरे मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
Shrijirasik
कई जन्मों से बुला रही हु कोई तो रिश्ता जरूर होगा॥
नज़रो से नज़ारे मिला ना पायी मेरी नज़र का कसूर होगा॥
तुम्ही तो मेरे मात पिता हो॥
तुम्ही तो मेरे बंदु सखा हो॥
कितने ही नाते तुम संग जोड़े,
कोई नाता तो जरुर होगा,
कई जन्मों से बुला रही हु........
कभी भुलाते हो वृदावन मे॥
कभी भुलाते हो मधुवन मे॥
अपने तो मै रोज भुलाते
मेरे घर भी आना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
तुम्हे तो मेरे आत्मा हो॥
तुम्ही तो मेरे परमात्मा हो॥
तुझी में रह कर तुझी से पर्दा
पर्दा हटना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
अखो में बस गई तस्वीर तेरी॥
दिल मेरा हो गया जागीर तेरी॥
दासी की बिनती तुम्हारे आगे
दर्श दिखना जरूर होगा
Shrijirasik
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
भोर होत मेहलन में थारी,
सेवा में निस जाऊं,
मंगला के नित दर्शन पाऊं,
जीवन सफल बनाऊं,
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
पड़ी रहू मैं द्वार तिहारे,
रसिकन दर्शन पाऊं,
भक्तन की रज धूलि मिले तो,
अपने शीश चढाउँ,
किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो,
लाड़ली द्वारे रख लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
भूख लगे तो ब्रजवासिन के,
टूक मांग के खाऊं,
कबहु प्रसादी श्री महलन की,
कृपा होए तो पाऊं,
किशोरी मेरी विनय मान लीजो,
लाडली विनय मान लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे राधे रटूं निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
श्यामा श्यामा रटु निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
तेरे ही गुण गाए गाए मैं,
तेरी ही होय जाऊं,
किशोरी मोहे अपनों कर लीजो,
लाड़ली अपनों कर लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे के सिंगार की छवि न्यारी
कृष्ण मुग्ध हो गए देख के
माथे पर बिंदी लाल सजी है
आंखों में काजल की रेखा
गले में मोतियों की माला
हाथों में चूड़ियां खनकती
पीली साड़ी में सजी राधा रानी
श्याम के संग राधा सोहे
प्रेम का सिंगार सबसे प्यारा
राधे कृष्ण का मिलन सुंदर
Shrijirasik
ले लेकर के राधा नाम मेरा मन झूम रहा
मेरा मन झूम रहा , मेरा मन झूम रहा
1. जब जब लाडो तेरे बरसाना आऊं -2
ऊंची अटा..री के दर्शन पाऊं -2
और जाऊं मैं बलिहार मेरा मन झूम रहा..
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
2 .मंगला दर्शन मैं भी करूंगी -2
सोहनी सेवा मैं भी करुगी -2
इतना करना उपकार मेरा मन झूम रहा...
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
3.परिक्रमा में दौड़ी जाऊं -2
थक के राधा नाम जो गाऊ -2
तब मिले संत हर बार मेरा मन झूम रहा...
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
4. चरण कमल की सेवा दीजो -2
करुणा मई करुणा कर दीजो -2
' दृष्टि' की सुनो पुकार मेरा मन झूम रहा
दासी की सुनो पुकार मेरा मन
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
Shrijirasik
नाम मेरी राधा रानी का जिस जिस ने गाया है,
बांके बिहारी ने उसे अपना बनाया है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
नाम मेरी राधा रानी का, सदा देता सहारा है,
तू भी एक बार जप ले, यह नाम बड़ा प्यारा है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम वाली, फेरी जिसने माला है,
उस पर रीझ गया, मेरा मुरली वाला है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम का तो, हुआ पागल जमाना है,
प्यारा तीनों लोको से, श्री जी का बरसाना है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम वाली चढ़ गई हमें मस्ती है,
‘चित्र विचित्र’ पे कृपा राधा रानी की बरसती है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
Shrijirasik
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में
राधा नाम रटे हर रसना,घर घर बस्ती बस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में..
ऐसे रंग मे रंग जाये जो,फिका कभी पड़ेना
रंग बिरंगे जग का जिस पर,कोई रंग चढ़ेना
ख़ुद की मिटा के हस्ती खो जायें,हम सब उसकी मस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
मन मंदिर में भानुं लली की,सुंदर छवि बसाएं
जीवन की हर स्वांस स्वांस पे राधे राधे गायें
छोड़ के सारी दुनिया खो जायें,हम सब उसकी मस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
विष की बैल है मोह मया,इससे बच के रहना
भव तरणीं भव पार करेंगी,मानों दास का कहना
श्रद्धा और विश्वास से बैठो,नाम की प्यारे कश्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
मन का हंस चुनें दुनिया में,राधा नाम के मोती
अलौकिक कर देगी जग में,राधा नाम की ज्योति
खुद की मिटा के हस्ती मिल जायें,
हम सब उसकी हस्ती में
राधा राधा राधा राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में
राधा नाम रटे हर रसना,घर घर बस्ती बस्ती में
राधा राधा राधा, राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
Shrijirasik
मेरो मन वृंदावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको,
बनके जोगन डोलत ब्रज में, बन के जोगन डोलत ब्रज में,
पीवत यमुना जल को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको
मेरो मुझ में कुछ ना मोहन, तेरी मिट्टी तेरो कण कण,
मेरो मुझ में कुछ ना मोहन, तेरी मिट्टी तेरो कण कण,
वृंदावन की कुंज गलिन में, वृन्दावन की कुंज गलिन में,
मिल जाओ प्रभु मुझको,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ...
इस जोगन के तुम हो साजन, करना है सब आत्म समर्पण,
इस जोगन के तुम हो साजन, करना है सब आत्म समर्पण,
अंत समय आनंद मिले मोहे, अंत समय आनंद मिले मोहे,
बस वेणु के रस को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ....
याद में तोरी भई बावरी, सुध लो मोरी कुंज बिहारी,
याद में तोरी भई बावरी, सुध लो मोरी कुंज बिहारी,
अब आओ मेरे प्राण पियारे, अब आओ मेरे प्राण पियारे,
अपनाओ या जन को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको.
मेरो मन वृंदावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको,
बनके जोगन डोलत ब्रज में, बन के जोगन डोलत ब्रज में,
पीवत यमुना जल को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ...
Shrijirasik
छीन ले, छीन ले, छीन ले, छीन ले
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
राधा रमण मेरो राधा रमण जी
राधा रमण मेरो राधा रमण
राधा रमण मेरो राधा रमण जी
राधा रमण मेरो राधा रमण
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
मुखड़े को देख कोटि चंदा लजाये
घुंघराली लट पे घटायें वारी जाये
मुखड़े को देख कोटि चंदा लजाये
घुंघराली लट पे घटायें वारी जाये
घटायें वारी जाये, घटायें वारी जाये
घटायें वारी जाये, घटायें वारी जाये
याके जादू, याके जादू
याके जादू भरे दो नयन
सखी रे मेरो राधा रमण
पतली कमर किन्तु अंग है रखीले
अधरों पे अमृत है नैना नशीले
पतली कमर किन्तु अंग है रखीले
अधरों पे अमृत है नैना नशीले
नैना नशीले, नैना नशीले
नैना नशीले, नैना नशीले
थोडा बचपन, थोडा बचपन
थोडा बचपन थोडा यौवन
सखी रे मेरो राधा रमण
फूलन की सोहे गले माला वैजन्ती
कमरिया काली और पटका बसंती
फूलन की सोहे गले माला वैजन्ती
कमरिया काली और पटका बसंती
पटका बसंती, पटका बसंती
पटका बसंती, पटका बसंती
याके पैंजनिया, याके पैंजनिया
याके पैंजनिया बाजे झरम
सखी रे मेरो राधा रमण
राधा हृदय में करे रमण बिहारी
दोवन की एक छवि लागे अतिप्यारी
राधा हृदय में करे रमण बिहारी
दोवन की एक छवि लागे अतिप्यारी
लागे अतिप्यारी, लागे अतिप्यारी
लागे अतिप्यारी, लागे अतिप्यारी
राधा बिजली के, राधा बिजली के
राधा बिजली के साथ श्याम घन
सखी रे मेरो राधा रमण
Shrijirasik
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
बस एक झलक पाके जाग ये तर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
तेरे एक इशारे पे सब कुछ कर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
तू मेरा है बस मैं सबको बतलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
Shrijirasik
तू सुमिरन कर राधे राधे, तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे ।
राधा के पीछे श्याम स्वं तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥
श्री राधे राधे राधे बोलो श्री राधे ।
राधा बिन सूना सांवरिया,
राधा बिन फीकी बाँसुरिया ।
राधा बिन भक्ति रस ही नहीं,
हम राधा के गुण गायेंगे ॥
ब्रजमंडल की गरिमा राधा,
राधा बिन प्रेम शब्द आधा ।
कितना भी कृष्ण का ध्यान धरो,
बिन राधा याद आयंगे ॥
ब्रजवास यदि तुम चाहोगे,
तो राधे राधे गाओ रे ।
श्री राधे कृपा जो कर देंगी,
तो कृष्ण तुम्हे अपनाएंगे ॥
Shrijirasik
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा
कहो तो भगवा भेष
कहो तो मोतियन मांग भरावा
कहो छिटकावा केश
बाला मैं बैरागन हूंगी
प्राण हमारा वह बसत है
यहाँ तो खाली खोड़
मात पिता परिवार सहूँ है
कही ये दिन का तोड़
बाला मैं बैरागन हूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
Shrijirasik
जय प्राणधन राधारमण...
श्री गोपाल भट्ट जू के लाडले...!!
जय श्याम सुन्दर..अधर मुरली,
बजत तानन आडिले
जय प्राणधन राधारमण....!!
जय मोर मुकुट, झुकोये बाँये..
पीत अम्बर राजहि...
जय मकर कुण्डल, श्रवण झूमें ,
गण्ड मंडल भ्राजहि !!
जय प्राणधन राधारमण....
श्री गोपालभट्ट जू के लाडले..
जय बंकनयन, मधुर बैनन ,
मन्द मुस्कनी मुख सजे...
जय वैजयंती माल उर,
कटि किंकणि कल धुन सजे..
जय प्राणधन राधारमण...!!
जय कर कमल लकुटी सुरंगी ,
नव् त्रिभंगी छवि लसै...
जय चरण कमलंन नुपुरन सुर..
मञ्जरी गुण मन बसै..
जय प्राणधन राधारमण
Shrijirasik
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठानी है
यह तो जाने दुनिया सारी है
राजाओ के राजा, महारानी की रानी,
सर मोर मुकुट साजे ।
जोड़ी बड़ी प्यारी, दरबार है प्यारा,
राधा के संग साजे ।
सोने पल में सेठ, सोने पल में सेठानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
सांवरिया राधा जी, भक्ता पे है राजी,
करे घणो लाड है ।
भण्डार लुटावे है, हर बात बनावे है, भक्ता रा ठाट है,
देवे छपर फाड़, नहीं इनसो कोई दानी है ।
यह तो सारी दुनिया जानी है...
सुख दुःख में सावरिया, सुख दुःख में राधा जी,
सदा तेरे साथ है ।
मेरी चिंता दूर करे, मेरी विपदा दूर करे,
रख लेवे बात है ।
भक्ता रोतो काम बस इक हाजरी लगानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
Shrijirasik
गोवर्धन गिरधारी
सुध लेना हमारी,
लेना हमारी सुध,
लेना हमारी,
आए शरण तिहारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
कुण्डल की छवि न्यारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन.........
तुम बिन हमरी कौन खबर ले,
तुम बिन हमरी कौन खबर ले,
मेरे बांके बिहारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
भरी सभा में द्रोपदी पुकारे,
भरी सभा में द्रोपदी पुकारे,
आ रखना लाज हमारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
संतन के हितकारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
Shrijirasik
सब कुछ दिया है तुमने इतना और सरकार देदो
यह हटा के प्यार सबका अपना ही प्यार देदो
मैं ढूंढूं जंगलों में बस्ती में तुझको ढूंढूं
गर हो सके तो मुझको अपना दीदार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
ऐसी पिला दे मुझको खुद तक को भूल जाऊं
अपनी मस्ती भरी हुयी चितवन का खुमार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
लुट गयी है दिल की दुनिया यह झूठा प्यार करके
मिलने की है तमन्ना मुझको करार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
गर हो गए मेहरबान पागल पे नंदनंदन
यह छुड़ा के द्वार झूठा अपना वो द्वार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
Shrijirasik
मुझको राधा रमन, करदो ऐसा मगन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ।
करुणानिधान मोपे कृपा कर रिझिए,
बृज में बसाके मोहे सेवा सुख दीजिए ।
प्रेम से भरदो मन, गाउँ तेरे भजन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
भाव भरे भूषणो से आपको सजाऊँ मैं,
नितनव् भोज निज हाथों से पवाऊं मैं ।
करो जब तुम शयन, दाबू तुमरे चरण,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
जब भी विहार करो, प्यारी संग सांवरे,
फूल बन जाऊं जहां, धरो तुम पाँव रे ।
बनके शीतल पवन छू लूँ तेरा बदन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
तुम्हे देख जीऊं तुम्हे देख मर जाऊं मैं,
जनम जनम तेरा दास ही कहाऊं मैं ।
रख लो अपनी शरण, करदो मन में रमन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
Shrijirasik
जिसके जप तप से मिलता है, तन मन को आराम,
वो राधा का श्याम, वो मीरा का घनश्याम,
सारे जग का एक खेवैया, सबका पार लगैया,
मीरा का घनश्याम कहे कोई, राधा का वो कन्हैया,
सबके मन को शीतल करता, वो प्यारा सा नाम ll
राधा का वो रास रचैया, मीरा के करुणाकर,
धन्य किया मीरा को प्रभु ने, अपना दरश दिखाकर,
अमर हुए हैं भक्त प्रभु के, करे जो ऐसा काम ll
राधे श्याम की मूरत जग में, लगती बड़ी सुहानी,
मीरा जैसी भक्ति रंग में, डूबे जो भी प्राणी,
तन मन धन से रहे समर्पित, प्रभु में आठों याम ll
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Shrijirasik
कैसे जाऊँ सखी मैं पनियां भरन,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर...-2
यमुना तट पर बंसी बजाये,
मनमोहन सबके मन भाये,
ललिता चंदा गोपीयन के संग,
होली खेले रास रचाये.....-2
लीला नीसदिन दिखाये वो सांझ से भोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
नित नित मोरी राह तकत है,
नटखट मौसे जब भी मिलत है,
कंकड़ मारे फोड़े गगरिया
ढीट ना माने झगड़ा करत है...-2
मोरी झटके सिर से चूनर चितचोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
छोड़ दे बैंया कृष्ण कन्हैया
ताना देंगी सारी सखियां,
चोरी चोरी में आई हूं
घर जाने दो ओ सांवरिया....-2
कहीं देखे ना सास ननदिया मोर
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
कैसे जाऊं मैं पनिया भरण को सखी
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर........
Shrijirasik
गोपी विरह गीत :
व्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों का है प्रेम पुराना ।।
आज से सूनीं गलियाँ राहें ।
पनघट पे भरना है आहें ।।
छोड़के हमको ना तुम जाना ।।
ब्रज गोपियों से........
मैया बाबा को ना छोड़ो ।
प्रेम के रिश्तों को ना तोड़ो ।।
याद करो वो माखन चुराना ।।
ब्रज गोपियों.......
कुंज-निकुंज का मिलना सपना ।
कैसे कहें कान्हा था अपना ।।
कान्त विरह में है आँसू बहाना ।।
ब्रज गोपियों से.......
Shrijirasik
तरज़-:ज़िंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
राधा नाम धारा का तो,कोई भी छौर नहीं
राधा नाम में डुबना है तो,बरसानें जाओ जी
राधा नाम अम्रित अनोखा,डुबते जाओ जी
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
राधा राधा रटते -रटते,संत वैष्णव तर गये
जीवन अपना श्यामा श्याम नाम,वह अपना कर गये
नाम रसका चसका लगा,धसका भी तर जायेगा
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
Shrijirasik
तर्ज ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब दल के
रिश्ता मैं जोड़ आई राधे और श्याम से,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
इस दुनिया से मैंने यूँ ही झूठी प्रीत लगाई (मिला ना मुझको भाई,)-2
लड्डू लाल को बना लिया है मैंने अपना भाई,
मैं भी चलूँगी उसकी ऊँगली को थाम के,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
बांके बिहारी की भी ऐसी (झांकी अज़ब निराली)-2,
मोटी मोटी आंखे उनकी बिन काजल की काली,
अमृत की बूँदें छलकें अखियों के जाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
सज धज कर जब श्याम सलोना (मुरली मधुर बजाये)-2,
चाँद सितारे तुझे निहारें “पाल” तेरे गुण गाये,
चलती है अपनी नैया इनके ही नाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
राधारमण रंगीले ठाकुर,
तुम हो रसिकों के सिरताज,
रसिकों के सिरताज,
तुम हो राखो सबकी लाज,
राधारमण रंगीले.....
मोर मुकुट की छवि निराली,
हाथ बांसुरिया है मतवाली,
कमर पे करधनी लटक रही तेरे,
सिर पे सोहे ताज,
राधारमण रंगीले...........
पीताम्बर पट पीत बिराजे,
गल बैजन्ती माला साजे,
ठुमक ठुमक के जब चलत हो,
पग नुपुर रही बाज,
राधारमण रंगीले...........
तरह तरह के पहरों पटके,
जो दर्शन करें तुमपर अटके,
दीनो के हो सदा सहाई,
तुम हो गरीब निवाज ,
राधारमण रंगीले...........
राधा संग दिल में बस जाओ,
चरणों की मुझे दासी बनाओ,
हाथ पकड़ लो मेरा प्यारे,
बिगड़े संवारो काज,
राधारमण रंगीले...........
Shrijirasik
जो कहानी राम की है वो कहानी श्याम की
राम के संग जानकी है राधा रानी श्याम की
राम और लक्ष्मण की जोड़ी कृष्ण और बलराम की
यह अयोध्या राम की है मथुरा नगरी श्याम की
राम की कौशल्या माता देवकी गोपाल की
राम है मेरे धनुषधारी मुरली है मेरे श्याम की
शबरी के बेर को राम खाये गुजरी का माखन श्याम जी
अवध बिहारी राम जी हैं कुंज बिहारी श्याम जी
राम ने रावण को मारा कंस को श्री कृष्ण ने
राम की सारी नगरिया आसमा मेरे श्याम की
राम है दशरथ के लाल कृष्णा है नंदलाल के
राम की होती दिवाली होली होती श्याम की
Shrijirasik
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
1. कितनें जन्मों से भटका,ना मिला कोई सहारा
तेरा सहारा पाके,भव पार हो गया
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
2. पापो से डर रह था, दुःख में तड़प रहा था
आया शरणं में तेरी,चरणों से ना हटाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
3. गुरुवर ने दे दिया है,हरीनाम रस का प्याला
धसका रहे लुटाता,ये नाम का खज़ाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
Shrijirasik
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं....
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
इस भरी दुनिया में मेरा,
हमनवां कोई नहीं
जिसको अपना कह सकूँ,
वो बंदा परवर आप हैं....
मेरी ज़िंदगी की आरज़ू,
प्यारे मेरी तमन्ना आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
श्याम सुंदर सांवरे,
मेरे तो सब कुछ आप हैं
अब कहाँ जाऊँ मुरारी,
मैं तेरा दर छोड़कर...
आप ही हैं दिलबर मेरे,
मेरे रहबर आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी
मेरी दुनिया आप हैं
नन्दलाल सहारा तेरा है
मेरा और सहारा कोई नहीं
Shrijirasik
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे,
किशोरी राधे अति भोरी राधे........
प्यारी जू प्यारे की जीवन,
प्यारो प्यारी प्राण आधार
प्यारी प्यारे के उर हार,
प्यारो प्यारी के उर हार
प्यारे प्यारे रंगमहल में,
रँग भरे दो करत विहार....
रंग भरी निरखत हरकत हिय,
श्री हरि प्रिया सकल सुख सार
प्यारी जू प्यारे की जीवन
प्यारो प्यारी प्राण आधार
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे
किशोरी राधे अति भोरी राधे................
प्रीतम की प्यारी प्रिया
प्रिया प्राण प्यारे प्रियो,
दउअन की दो छवि सिंधु में तरावे है
दऊ नव करे खेल, दऊ भुज अंश मेल,
दऊ सुख झेल झेल मंद मुस्कावे है,
लाल बलवीर वनराज के विलासी दऊ
सखिन चकोरन के लोचन सिरावे है,
गावे राग रागिनी रसीले चटकीले मुख
मधुर मधुर वैण बांसुरी सुनावे है..........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.................
किशोरी राधे रस भोरी...........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.........
Shrijirasik
मिल जाएं सांवरिया, तोहे मिल जाएं सांवरिया......-3
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया...........
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
राधा नाम को जो भी भूला वो पीछे पछताया,
जिसने राधा नाम आराधा उसी ने श्याम को पाया,
तेरा होगा रे भला तोहे मिल जाये सांवरिया....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
गाले तू राधा राधा जीवन सफल बनाले,
तेरी बिगड़ी बात बनेगी राधा जी के सहारे,
मन का पर्दा हटा, तोहे मिल जाये सावरिया.....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
छोड़ दे पीछा दुनिया का यहाँ कोई नहीं है अपना,
राधा नाम आधार है तेरा बाकि सब है सपना,
मत जीवन गावां, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
राधा नाम के पीछे पीछे डोलें कुञ्ज बिहारी,
पागल राधा नाम का होजा जीवन होवे सुखारी,
पीछा जग से छुड़ा, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
Shrijirasik
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
परमात्मा का स्पर्श हो...राधे,
पुलकित हिर्ध्ये का हर्ष हो,
तुम हो समपर्ण का शिखर,
तुम ही मेरा उत्कर्श हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी भावना की तुम जीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
हु मैं यहाँ तुम हो वहा...राधे,
तुम बिन नही है कुछ यहा,
मुझमे धडकती हो तुम्ही,
तुम दूर मुझसे हो कहा,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो.....
नटनागर मोहन गिरधारी,
नटनागर मोहन गिरधारी....
राधा कृष्णा..कृष्णा
कृष्णा राधा..कृष्णा.......
Shrijirasik
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
हरी हरी बोल प्यारे हरी हरी बोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही जीवन राधा ही प्राण, राधा ही धड़कन राधा ही जान,
राधा ही सारी श्रष्टि का तोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही नदिया राधा ही धारा, राधा ही निर्गुण ब्रम्ह नियारा,
द्वार तु अपने मन का खोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही अंतर प्राणों की शक्ति, राधा की अविरल प्रेम की भक्ति,
प्रेम से राधे राधे बोल, केशव माधव हरी हरी बोल
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
Shrijirasik
मीठे रस से भरीयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गोरी गोरी,
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी,
ब्रजधाम राधा जु की,
रजधानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
ना भावे अब माखन मिसरी,
और ना कोई मिठाई,
जीबड़या ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई,
वृषभानु की लली तो,
गुड़धानी लागे,
गुड़धानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
कान्हा नित मुरली मे टेरे,
सुमरे बारम्बार,
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार,
राधा रूप की अनोखी,
पटरानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
राधा राधा नाम रटत है,
जो नर आठों याम,
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम,
राधा नाम मे सफल,
जिंदगानी लागे,
जिंदगानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
मीठे रस से भरयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
Shrijirasik
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही……
Shrijirasik
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तेरे बिना मैं कैसे , बसंत मनाऊगी ,
तू ना आया जो मोहन , मैं तो रूठ जाऊगी,
मुझको तुझसे प्यार हैं , तू मेरा दिलदार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
पहले कभी ना तेरा , मेने इंतज़ार किया ,
जब से हुई ही तेरी , तुझसे ही प्यार किया ,
अब ना होता इंतज़ार हैं , दिल ये बेक़रार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तुझसे ये रिश्ता मेरा , सदियों पुराना ,
दिल ये मेरा कान्हा , बस तेरा ही दीवाना,
सुन ले दिल की पुकार ये, तू ही मेरा यार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
Shrijirasik
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने॥
ना जाने कौन सी बांकी अदा तुम्हारी॥
ना जाने कौन सी बांकी अदा तुम्हारी कोरस॥
हजारो लाखो मिटे है ये ऐसी प्यारी है
कभी हमें भी मिटाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
जहां श्री राधा जो संग में ॥
जहां श्री राधा जो संग मे कोरस ॥
वो जमना जी का किनारा वो पुंज है प्यारे
वही पे हमको बिठा लो तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
मैं लाऊ फुल तुम्हारी पसंद के प्यारे॥
मैं लाऊ फुल तुम्हारी पसंद के प्यारे कोरस ॥
बनाऊ फुल के बंगले बिराजो तुम प्यारे
मुझे ये सेवा दिलाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
ये आठो याम की सेवा करु तिहारी ॥
ये आठो याम की सेवा करु तिहारी कोरस॥
कहे गोविन्द मैं गांऊ तुम्हे रिझाने को
तुम भी साथ में गाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने॥
तेरे बगैर सांवरिया...............
Shrijirasik
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
Shrijirasik
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैनन में
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैनन में
प्यारे भये चाहैं मेरे नैनन के तारे
प्यारे भये चाहैं मेरे नैनन के तारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
मेरे तन-मन-प्रानहूँ तें प्रीतम प्रिय आपने
मेरे तन-मन-प्रानहूँ तें प्रीतम प्रिय
कोटिक प्रान प्रीतम मोसों हारे
आपने कोटिक प्रान प्रीतम मोसों हारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं (जोई-जोई प्यारो करैं)
जैश्री 'हितहरिबंस' हंस-हंसिनी स्यामल गौर
कहौ, कौन करै जल-तरंगिनि न्यारे
कहौ, कौन करै जल-तरंगिनि न्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं (जोई-जोई प्यारो करैं)
Shrijirasik
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
यमुना जी का निर्मल पानी
शीतल करत शरीर
शीतल करत शरीर
बंसी बजावत गावत कान्हो
संग लियो बलवीर
संग लियो बलवीर
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे गल वैजयन्ती माल
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
वृन्दावन के वृक्ष को प्यारे
वृक्ष न माने कोय
वृक्ष न माने कोय
डाल डाल और पात-पात
श्री राधे राधे होय
राधे राधे होय
बृज की माटी माथे लगाकर
मिल गए मुझको श्याम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा रमण मेरे बांके विहारी
श्री राधा बल्लभ लाल
राधा बल्लभ लाल
जुगल किशोरी जू मदन मोहन जू
प्यारे गोपीनाथ, प्यारे गोपीनाथ
रूप गोस्वामी प्रकट कियो जहां
गोविन्द रूप निधान
वृन्दावन की सप्त निधिन को
करते है हम प्रणाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
वाणी गुणानु कथने श्रवनौ कथायां
हस्तौ च कर्मसु मनस्तव पादयोर्न
स्मृत्यां शिरस्तव निवासजगत्प्रणामे
दृष्टि: सतां दर्शनेऽस्तु भवत्तनूनाम्
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
केसर तिलकं कृष्ण वरणं, केसर तिलकं कृष्ण वरणं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राजत वन मालं रूप रसालं
राधारमणं हरे, हरे
राजत वन मालं रूप रसालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
वेणु कृत नादं आनंद अपारं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
सुंदर मुदु हासं हरत विषादं
राधारमणं हरे, हरे
सुंदर मुदु हासं हरत विषादं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
गोरज मुख लसितं, भक्त चित वसितं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधाउर हारं रास रसालं
राधारमणं हरे, हरे
राधाउर हारं रास रसालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हर हरे
भक्ताधीनं दीनदयालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं
राधारमणं हरे, हरे
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
गो पसु वेशं दास इन्द्रेशं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण
(जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण)
जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण
(जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण)
Shrijirasik
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री राधे।
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
मैं तो राधा राधा सदा ही रटूं,
कभी द्वारे से लाडली के ना हटूं,
मेरे शीश कमल पग धर दो, स्वामिनी श्री राधे।
मेरी आस ना टूटने पाए कभी,
इस तन से प्राण जाएँ तभी,
मुझे निज दर्शन का वर दो, स्वामिनी श्री राधे।
मुझे प्रीती की रीति सिखा दीजिए,
निज नाम का मन्त्र बता दीजिए,
मेरे मन की व्यथा सब हर दो, स्वामिनी श्री राधे।
Shrijirasik
तर्ज:- सारे रिश्ते नाते तोड के आ गई
तूने जो बजाई बंशी दौड के आ गई
सुन ले मेरे सांवरे सब छोड के आ गई
तू ही मेरी मंजिल तू ही ठिकाना
मैं जो शम्मा हूँ तो तू है परवाना
दुनिया से मन को मोड के आ गई
माता पिता और संग कि सहेली
कोई नही साथ मेरे बिल्कुल अकेली
सभी से मैं रिश्ते नाते तोड के आ गई
सुनते कन्हैया प्यार भरी मुरली
प्रेम का बादल आँखे मेरी भर ली
श्याम तेरी चुनरी मैं ओड के आ गई
कर दी है तेरे नाम ये जिन्दगानी
रूपगिरी फरमाए अपनी पुरानी
जीवन कि डोरी तुमसे जोड के आ गई
Shrijirasik
ओ कान्हा रे, तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
फूलों में कलियों में , वृंदावन की गलियों में ,
तेरे बिना कुछ कहीं ना , तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
जाने कैसे अनजाने ही, आन बसे मेरे मन में,
अपना सब कुछ खो बैठा मैं ,जब से बसे मेरे दिल में,
भक्ति के अफसाने, मैं जानू तू जाने , और ये जाने कोई ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
मेरी धड़कन में बसे हो, सांसों में तेरी खुशबू है,
इस धरती से उस अंबर तक, मेरी नजर में तू ही तू है,
भक्ति ये छूटे ना , तू मुझसे रूठे ना, साथ ये छूटे कभी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तुम बिन सुना मेरा जीवन , तुम बिन सुने दिन ये सारे,
मेरा जीवन तुझको अर्पण, तुम ही हो जीने के सहारे,
तेरे बिना मेरी ,मेरे बिना तेरी , ये जिंदगी जिंदगी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
Shrijirasik
एरी मोह लियो नंद कुमार
मोह, लियो, नंद कुमार,
हमारी, प्यारी राधा / श्री जी ने ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ॥
मोह, लियो, नंद कुमार...
घर घर, घुस के, माखन खावे ।
चोरी, करे चित्त, नैन चुरावे ॥
वो तो, छलिया, नंद्र कुमार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
सखान, संग नित्त, बृज में डोले ।
बिन, बोले, इत्त-उत्त ही डोले ॥
वो तो, नट खटिया, सरकार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
भोर, होत, गईयाँ को चरावे ।
कदम, बृक्ष पर, बंसी बजावे ॥
वो तो, बृज मंडल, रखवार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
बड़े, बड़े, असुरन को मारियो ।
नाग, कालिया, पटक पछाड़ियो ॥
नख पे, गिरवर, लीनो धार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
जय जय श्री राधे
Shrijirasik
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
तुम मुरली मधुर बजाओ
मैं झूठ के नचूंगा
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बन जल की मछली
श्री यमुना में छुपा जाऊं
मेरे श्याम नहाने आओ
छू चरण परम पद पाऊं
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम पपीहा
पीहू पीहू की रन लगाओ
तुम साथी बूंद बन बारसो
जनमो की प्यास बुझाऊ
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम चकोरा
नैनों में नीर भरण
तुम श्याम चंद्र बन जाओ
मैं जल का अलग चढ़ाऊ
मैं बनके बस की पारी
हरि अधरों से लग जाऊं
जब श्याम मुझे बजावे
मैं इधर सुधा रस पाऊं
SHRIJIRASIK
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै
आस भरी तुम लता कुंज में,रच
शैय्या पौढ़ावै
जीवन भावै प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम सोवौ मैं ब्यार डुरावौ,
भागै कह्यै नहिं जावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम हूं अकेली मैं हूं अकेली,
आनंदउर ना समावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
बार बार छबि दखि देखि कैं,
उमगि नैन भरि आवै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
भोरी भुक्ति-मुक्ति नहिं चाहत,
जिन इक वह सुख पावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
Shrijirasik
हम तो तेरे दीवाने
धुन- तुम तो ठहरे परदेसी
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे गाएँगे ॥
कि राधे राधे गाएँगे, कि श्यामा श्यामा गाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ सोने, और चांदी की, हमको जरूरत नहीं ॥
तुलसी की, माला से, गले को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ लहंगा, और चोली की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरी उत्तरन से, तन को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ कुटम्ब, और कबीले की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे मोहन को, हम अपना बनाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ महल, और अटारी की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे चरणों में, हम जीवन बिताएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल
Shrijirasik
राधे राधे कहता हूँ
अपनी, धुन में, रहता हूँ,
राधे, राधे, कहता हूँ ॥
हो राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
जब से, तेरा, नाम लिया है,
जीवन, मेरा, बदल गया है ।
मारा, मारा, फिरता था मुझे,
एक, ठिकाना, मिल ही गया ।
मस्ती, में अब, रहता हुँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
ना जाने, इस, दुनियाँ के सब,
कारज़, कैसे होते हैं ।
जो नहीं लेते, नाम प्रभु का,
वो जीवन, कैसे, जीते हैं ।
मैं गुरु, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
तेरी, किरपा, की श्री राधे,
सन्तन, का मुझे, संग मिला ।
ठोकर, खाने, वाला था मैं,
तूने, आ के, थाम लिया ॥
श्याम, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
कहे, दास, गोविंद मैं तेरी,
आस, लगाए, बैठा हूँ ।
ना जाने, कब, कौन ग़ली से,
एक, झलक, मुझे मिल जाए ॥
वस्ती, वस्ती, फिरता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
Shrijirasik
पत्ता पत्ता डाली डाली मेरी श्याम वसदा ।
सारी सृष्टि दा यह मालिक मेरा श्याम सांवरा ॥
साँसों की माला श्याम पुकारे,
राधे राधे श्याम उचारे ।
मेरी साँसों की माला विच्च मेरा श्याम वसदा ॥
पत्ता पत्ता...
दीवानी हो गयी दर तेरे आके,
जग को मैं भूल बैठी तुझे अपना के ।
जग को याद अब नहीं करना, रूह विच्च श्याम वसदा ॥
पत्ता पत्ता...
राधे राधे जिसने गाया,
श्याम ने उसको अपना बनाया ।
राधे रानी के सहारे सारा जग चलदा ॥
पत्ता पत्ता...
नैना श्याम के प्रेम प्याले,
पीवन वाले पीवे भर भर प्याले ।
ओहनू मस्ती विच मिलदा मेरा श्याम सावरा ॥
पत्ता पत्ता...
Shrijirasik
कान्हा मुरली सुना दो प्यारी प्यारी रे,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
धुन मुरली की मन को भाये
मुरली सुन बिन रहा न जाये ,
तेरी मुरली बड़ी ही जादूगारी रे,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
मुरली की धुन मस्त बनाये सारे जग को नाच नचाये,
तेरी मुरली पे जाऊ वारी वारी रे
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
कान्हा मुरली मधुर भ्जाये मेरे दिल का चैन चुराए,
ले लेगी ये जान हमारी रे ,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
श्याम छेड़ो कोई ऐसा तराना भीम सेन हो जाए दीवाना
सुन के झूमे ये दुनिया सारी रे
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
Shrijirasik
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
राधा तो हुई वनवारी राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
मना मना के हर कोई हारा बात किसी की न मानी
श्याम के रंग में एसी रंग गी हो गई प्रेम दीवानी
रंगीली बई संवारी राधा तो हुई वनवारी
कान्हा की मुरली जब तटपर मीठी तान सुनाये
यमुना की लेहरे भी संग में झूमे नाचे गाये
हे उड़ गी सिर से चुनरी राधा तो हुई वनवारी
रंग केसरिया भागा सोहे मोर मुकत छवि न्यारी
होठो पे मुस्कान कटीली सूरत लागे प्यारे
वो सखियाँ संग नाच रही
राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
दुनिया दीवानी हो गई राधे के नाम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
मीरा महलो की रानी लो जोगन हो गई,
नटखट बंसी वाले की रोगन हो गई,
ओड ली चुनरियाँ मेरे श्याम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
लोक लाज सब छोड़ी मस्तानी हो गई,
वो काली कमली वाले की दीवानी हो गई,
मन में वसा ली सूरत घनश्याम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
राणा ने विष पिलाया तो हस के पी गई,
प्रीत मुरलियाँ वाले से ही फिर से जी गई,
थाम ली थी डोर उस ने कृष्ण नाम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
इस जीवन के तुम जीवन हो
बृजचन्द्र तुम्हे कैसे समझाएं
दुखी होता बहुत तुम्हारे बिना
कैसे दिल अपना चीर दिखाएँ.....
तेरे फूलों से भी प्यार तेरे कांटो से भी प्यार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरी मर्ज़ी में विधाता कोई छुपा बड़ा राज़
दुनिया चाहे हमसे रूठे तू ना होना नाराज़
तुझे वंदन है बार बार हमको करले तू स्वीकार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
हमको दोनों है पसंद तेरे धुप और छाँव
डाटा किसी भी दिशा में ले चल ज़िन्दगी की नाव
चाहे हमें लगादे पार या डुबादे बीच मंझधार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
चाहे सुख दे या दुःख चाहे ख़ुशी दे या ग़म
मालिक जैसे भी रखेगा वैसे रह लेंगे हम
चाहे हंसी भरा संसार चाहे आंसुओं की धार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरे फूलों से भी प्यार............
छंद:- मात्थे मुकुट देखो, चन्द्रिंका चटक देखो
भ्रकुटि मटक देखो, मुनिं मन भाई है
टेड़ी सी अलक देखो, कुंडल झलक देखो
चंचल पलक देखो, महा सुखदाई है
सुंदर कपोल देखो, अधर अमोल देखो
लोचन सलोल देखो, खंज़न लजाई है
बंशी रंमधोर देखो, सांवरों किशोर देखो
वृन्दावन और देखो, कैसी छविं छाई है
तर्ज़:- पहले वैखे नैंन मैं तेरे,फिर वैखेया तैंनूं नी
वृन्दावन धाम हमें तो, प्राणों से भी प्यारा है
तीनों लोकों को रसिकों ने, वृन्दावन पे वारा है
के मैं भी बस जाऊं वहां, के मैं भी बस जाऊं वहां
जहां यमुना किनारा है, बहे प्रेम की धारा है
वृन्दावन...
1.वृन्दावन धाम हृदय है, प्यारे कुंज बिहारी का
वृन्दावन में राज है चलता, मेरी श्यामा प्यारी का
के इन कुंज गलियों का, के इन कुंज गलियों का
बड़ा सुंदर नज़ारा है, यही भगती का द्वारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
2.वृन्दावन की लता-पता भी, राधे-राधे गाती हैं
वृन्दावन की लीला प्यारी, मेरे मन को भाती है
ये दिल मेरा कहता है, ये दिल मेरा कहता है
नहीं कोई हमारा है, वृन्दावन में गुज़ारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
3.धन वृन्दावन धाम रगिंलो, धन वृन्दावन वासी हैं
वृन्दावन के रसिक धन्य, जो श्यामा-श्याम उपासी हैं
ये चित्र विचित्र कहें, ये चित्र विचित्र कहें
पागल ने विचारा, यही भगती का द्वारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे नाम
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल काली ।
प्रात होत हम श्री यमूनाजी जाएँगे,
करके पान हम जीवन सफल बनाएँगे ।
होवे सब तो पूरण काम, रटेंगे राधे राधे नाम ॥१॥
श्री गोवर्धन रूप के दर्शन पाएँगे,
परिक्रमा के जीवन सफल बनाएँगे ।
करे मानसी गंगा स्नान, रटेंगे राधे राधे नाम ॥२॥
श्री बरसाने धाम की महिमा न्यारी है,
महलोकी की सरकार श्री राधा रानी है ।
डफ़ ढोल की दे दे ताल, रटेंगे राधे राधे नाम ॥३॥
दूर दूर से नर और नारी यहा आते है,
दर्शन करके जीवन सफल बनाते है ।
मिले जीवन मे विश्राम, रटेंगे राधे राधे नाम ॥४॥
कान्हा की मैं तो दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना,
कान्हा दीवाना मेरा बड़ा मस्ताना,
मैया यशोदा का राज दुलारा,
मोर मुकट लागे सिर पर प्यारा,
दुनिया है इसकी दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना
कान्हा पे मरती है सारी सखाये,
पर कान्हा को भाहति है मेरी अदाएं,
चाहे कोई ये न माने रे,
मेरा कान्हा दीवाना
यमुना के तट पे ये रास रचाये,
मुरली की धुनि पे ये सब को नचाये,
प्रेम का छेड़े ये तरना रे,
मेरा कान्हा दीवाना
दीपक है कान्हा का दीवाना,
झूम झूम गाये बस तेरा ही तराना,
सारे जगत ने ये मन रे,
मेरा कान्हा दीवाना
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
मेरे ब्रज की माटी चंदन है,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.....
जिसको कहते है नंदलाला,
सारे जग का श्याम उजाला,
मन का उजला तन का काला,
मन के मंदिर में श्याम समाए,
ऐसा कोई नहीं दिल वाला,
खुला खजाने का है ताला,
सोई किस्मत खोलने वाला,
ऐसे वरदानी श्याम कहाए,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
धारा में जहाँ बहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.......
गोवर्धन परिक्रमा न्यारी,
आते दुनिया के नर नारी,
झुकाती द्वार पे दुनिया सारी,
राधे राधे के गुण गाते,
राधे श्याम के भक्त निराले,
आते दूर से आने वाले,
पाँव में पड़ जाते है छाले,
अपनी मन की मुरादों को पाते,
उतना ही सुख मिलता जितना,
उतना ही सुख मिलता जितना,
दुःख दर्द यहाँ सहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है......
कोई पैदल पैदल जाए,
कोई दूध की धार चढ़ाए,
गिरधर गिरधर नाम को गाए,
कोई श्रद्धा सुमन ले आता,
ये गिरिराज धरण का कहना,
राधे नाम को जपते रहना,
पहना भक्ति भाव का गहना,
सोई किस्मत को चमकाता,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
गा गा के यही कहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है........
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
तीसरा नज़रे मिलाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
तीसरा घुंघरू बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
तीसरा सपनो में आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ||
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
मीरा पुकारी जब गिरिधर गोपाला,
ढल गया अमृत में विष का भरा प्याला।
कौन मिटाए उसे, जिसे तू राखे पिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
जब तेरी गोकुल पे आया दुख भारी,
एक इशारे से सब विपदा टारी।
मुड़ गया गोवर्धन तुने जहाँ मोड़ दिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
नैनो में श्याम बसे, मन में बनवारी,
सुध बिसराएगी मुरली की धुन प्यारी।
मन के मधुबन में रास रचाए रसिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आए जईओ,
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
माखन मिश्री खाए जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
ठंडा पानी पी जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे ठण्ड लगेगी,
काली कमलिया ले जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे गर्नी लगेगी,
मोर का पंखा ले जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
मखमली गद्दे पे सोए जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरी नाम की मस्ती अनोखी है,
पी करके हमने देखी हैं,
सब चिंताओं को छोड़ के अब,
मस्ती में रहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
पीकर के आनंद आता है,
यह झूठा जग नहीं भाता है,
तुम भी थोड़ी सी पिया करो,
यह सब से कहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम में चूर जो रहते हैं,
माया से दूर वो रहते हैं,
हरी याद रहे हर पल हमको,
प्रभु नाम को जपना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
कहना यह चित्र-विचित्र का है,
मुश्किल से मिलता मौका है,
हरि नाम के पागल बन जाओ,
सब को समझाना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
Shrijirasik
काहे तेरी अँखियों मैं पानी
जो मैं ऐसा जानती प्रीत किये दुख होय
नगर ढिढोरा पीटती प्रीत न करियो कोय
काहे तेरी अंखियो में पानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी
मीरा प्रेम दीवानी, मीरा कृष्ण दीवानी
दीवानी प्रेम दीवानी, मीरा प्रेम दीवानी
हस के तू पी ले विष का प्याला,
काहे का डर तोरे संग गोपाला ।
तेरे तन की ना होगी हानि,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
सब के लिए मैं मुरली बजाऊं,
नाच नाच सरे जग को नचाऊ ।
सिर्फ राधा नहीं है मेरी रानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
प्रीत में भक्ति जब मिल जाए,
जग तो क्या सृष्टि हिल जाए ।
झुक जावे अभिमानी,
तेरी बिगड़ी बना देगी चरण रज राधा प्यारी की ।
तू बस एक बार श्रद्धा से लगा कर देख मस्तक पर,
सोयी किस्मत जगा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
दुखो के घोर बादल हों या लाखों आंधियां आयें,
तुझे सबसे बचा लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
तेरे जीवन के अन्धिआरो में बन के रोशन तुझको,
नया रास्ता दिखा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
भरोसा है अगर सच्चा, उठा कर फर्श से तुझको,
तुझे यह अर्शों पर बिठा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
लिखे महिमा चरण रज की नहीं है ʻदासʼ की हस्ती,
तुझे दासी बना लेगी चरण रज राधा प्यारी की ।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधा रानी का,
कोई नन्दलाल कहता है कोई गोपाल कहता है,
कोई कहता कन्हिया है कोई बंसी बजैया है,
नाम बदल के रख डाला उस कृष्ण मुरारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
सभी को कहते देखा है बड़ी सरकार है राधे,
लगे गा पार भव से कहे जो एक बार राधे,।
बड़ा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
तमाशा एक देखा ज़रा बनवारी सुन ले,
राधा से मिलने खातिर कन्हैया बेश बदले,
कभी तो चूड़ी वाले का कभी पुजारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
अब क्या बताऊँ, मोहन, मोहन
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
तेरी बदौलतों से
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
कन्हैया, हाँ-हाँ, ओ, मेरे प्यारे
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा, आ आ
अरे, थामा है तेरा दामन, दामन
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
नैनन में श्याम समाए गौ मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ
नैनन में श्याम समाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ।
लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।
मोहे गैल गिरारे पाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
मर जाउंगी कान्हा तेरे अधरन पे,
मिट जाउंगी श्याम तेरे नैनन पे ।
वो तो तिरछी नज़र चलाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,
तेरे बेसर की मोती झलकन पे ।
सपने में कहा बतराए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
पागल को है प्यारो वो नंदलाला,
दीवाना भए है जाके सब ग्वाला ।
वो तो मधुर मधुर मुस्काये गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ ।
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की जाई हूँ ॥
अरे रसिया, ओ मन वासिय, मैं इतनी दूर से आयी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के माखन खूब चुराते हो ।
उन्हें माखन खिलने को मैं मटकी साथ लायी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के गौएँ खूब चरते हो ।
तेरे गौएँ चराने को मैं ग्वाले साथ लायी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के कृपा खूब करते हो ।
तेरी कृपा मैं पाने को तेरे दरबार आयी हूँ ॥
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मेरा गोपाल गिरधारी ज़माने से निराला है।
ना गोरा है ना कला है, वो मोहन मुरली वाला है॥
कभी सपनो में आ जाना, कभी रूपोश हो जाना।
यह तरसाने का मोहन ने निराला ढंग निकाला है॥
कभी वो रूठ जाता है, कभी वो मुस्कुराता है।
इसी दर्शन की खातिर तो बड़ी नाजो से पाला है॥
मज़े से दिल में आ बैठो, मेरे नैनो में बस जाओ।
अरे गोपाल मंदिर यह तुम्हारा देखा भाला है॥
(सैर)तेरी सूरत को जब से देखा, बेहोश हुए मदहोश हुए,
अब प्रीत की रीत निभा ले जरा,चरणों में झुका कर सर बैठे,
पलकों में छुपा लूं श्याम तुम्हें, यह तन मन तुझ पर वार दिया,
जब से पकड़ा तेरे दामन को, दुनिया से किनारा कर बैठे,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
होता है रोज ख्वाब में, दीदार आपका,
दिल में बसा हुआ है
ओ कान्हा बंसी वाले, हकीकत यह बात है,
यह जाँ भी आपकी है, संसार आपका,
दिल में बसा हुआ है,
उठती है जब भी दिल में, दीदार की तमन्ना,
मन में बना है मंदिर, दरबार आपका,
दिल में बसा हुआ है
जानू ना पूजा वंदन, कैसे करूं तुम्हारा,
किस विधि करूं तुम्हारा, सत्कार आपका,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
दुनिया में बिन तुम्हारे ,नहीं और पर भरोसा
दर पर खड़ा हुआ है ये प्यार आपका
मुझे देदो भजन वाली वो माला।
हरी देदो भजन वाली वो माला॥
वो माला माँ यशोदा ने फेरी,
देखो लीला दिखा गए नंदलाला।
वो माला माँ कौशल्या ने फेरी,
अयोध्या में आ यहे राम लाला।
वो माला मैया गौरा ने फेरी,
गौरा शंकर को पहनादी वरमाला।
वो माला हम भक्तों ने फेरी,
अयोध्या में आ गए राम लाला।
जो माला द्रोपदी ने फेरी।
देखो चीर बड़ा गए नंदलाला॥
जो माला माता शबरी ने फेरी।
झूठे बेरो को खा गए राम लाला॥
जो माला हनुमान जो न फेरी।
देखो लंका को पल में जला डाला॥
Shrijirasik
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी
शीशे को हीरा बनाया मेहरबानी आपकी
मैं तो तुम से हर तरह,
होकर अलग भागा रहा,
इस जहाँ के दौर मैं,
अटका रहा भटका रहा,
लगा लिया मुझको गले से,
ये रवानी आपकी,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी॥
कहाँ है तू और कहाँ हूँ मैं,
ये मिलना भी क्या हो सकता था,
कर कर गुनाह इस तमाश गाहे आलम मैं,
मैं भटका रहा,
बे-सबब हो गई ये रेहमतानी आपकी,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी॥
अब तो प्यारे आपके चरणों में
सिर को मैंने रख दिया,
आपने अपनाया मुझको
इस करम का शुक्रिया,
तुम हमारे हम तुम्हारे,
ये जिंदगानी आपकी,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी॥
बरसो से उजड़ा पड़ा था,
मेरे दिल का ये चमन,
उजड़ी बगिया खिल उठी,
जब हो गया तेरा आगमन,
आप ने जो गुल खिलाया,
मेहरबानी आपकी,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी॥
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी,
हम तो इस काबिल ही ना थे,
ये कदर दानी आपकी,
आपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी॥
Shrijirasik
मुझको राधा रमण, करदो ऐसा मगन,
रटूं मैं तेरा नाम, मैं आठों याम….
करुणानिधान मोपे, कृपा कर रिझिए,
बृज में बसाके मोहे, सेवा सुख दीजिए,
प्रेम से भरदो मन, गाउँ तेरे भजन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम….
भाव भरे भूषणो से, आपको सजाऊँ मैं,
निस नव भोज निज, हाथों से पवाऊं मैं,
दाबू तुमरे चरण, करो जब तुम शयन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम….
जब भी विहार करो, प्यारी संग सांवरे,
फूल बन जाऊं जहां, धरो तुम पाँव रे,
बनके शीतल पवन, छू लूँ तेरा बदन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम….
तुम्हे देख जीऊं तुम्हे, देख मर जाऊं मैं,
जनम जनम तेरा, दास ही कहाऊं मैं,
रख लो अपनी शरण, करदो मन में रमण,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम….
Shrijirasik
मुझे ऐसी लगन तू लगा दे, मैं तेरे बिना पल ना रहूं,
मन में प्रेम वाला दीप जला दे, मैं तेरे बिना पल ना रहूं॥
जैसे जल बिन मछली पल ना जिए,
वैसे तड़पुं मैं घडी घडी तेरे लिए,
नशा प्रेम वाला ऐसा चढ़ा दे, मैं तेरे बिना पल ना रहूं,
मुझे ऐसी लगन तू लगा दे, मैं तेरे बिना पल ना रहूं.....
तेरे चरणों की धूलि मैं मैं मिल जाऊं,
अब आस यही कहीं दूर ना जाऊं,
ऐसी भक्ति का रंग चढ़ा दे, मैं तेरे बिना पल ना रहूं,
मुझे ऐसी लगन तू लगा दे, मैं तेरे बिना पल ना रहूं.....
तूने दिल को चुराया मैंने कुछ ना कहा,
तूने बड़ा तड़पाया मैंने कुछ ना कहा,
अब ऐसी झलक तू दिखा दे, मैं तेरे बिना पल ना रहूं,
मुझे ऐसी लगन तू लगा दे, मैं तेरे बिना पल ना रहूं.....
Pujya Bhai Ji
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तेरी पूजा करते बीते साँझ सवेरा
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
नैनो की खिड़की से तुमको पल पल मै निहारूँ
मन में बिठालू, तेरी आरती उतारूँ
डाले रहू तेरे चरणों में डेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
जो भी तेरा प्यारा हो, वो मेरे दिल का प्यारा हो
मेरे सर का ताज मेरी आँखों का तारा हो
सबमे निहारूँ रूप सुनहरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
प्यार हो, सत्कार हो, एतबार हो तुम्हारा
सुख भी हो सारे और याद हो इशारा
हो आत्मा पर तेरा ही डेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
तेरी पूजा करते बीते साँझ सवेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाए जीवन मेरा
प्यारे यूँ बीत जाए जीवन मेरा
राधे राधे गोविन्द, गोविन्द राधे
राधे राधे गोविन्द, गोविन्द राधे
श्याम चंदा है श्यामा चकोरी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
श्याम रसिया है राधा रसीली,
श्याम चंचल है राधा शरमीली,
श्याम नटखट है राधा है भोली,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
कृष्ण राधा है रास की वो धारा,
जिसमे दूभा संसार सारा,
चिर जीवी ये दोनों की जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
दोनों में प्रेम इतना है जयदा,
राधा मोहन और मोहन है राधा,
मधु दोनों एक प्रेम जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
कभी भूलू ना याद तुम्हारी रटू,
तेरा नाम मैं साँझ सवेरे
राधा रमण मेरे, राधा रमण मेरे
सिर मोर मुकुट कानंन कुण्डंल,
दो चंचल नैंन कटारे
मुख कमल पे भवरें सजे, कैश लहराये काले काले
हो जाओ प्रकट मम हृदय में,
करो दिल के दूर अन्धेरें
गल सोहे रही मोतिंन माला,
अधरों पर मुरली सजाए
करे घायल तिरछी चितवन से,
मुस्कान से चैंन चुराये
हो भक्तो के सिरताज किंन्तु,
राधा रानी के चेरे
अपने आँचल की छाया में,
करूणामयी मुझे छिपा लो
मैं जन्म जन्म से भटका हूँ,
हैं नाथ मुझे अपना लो
प्राणेश रमण तुम संग मेरे,
हैं जन्म जन्म के फेरे
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