॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Krishna - Karun Bhav
कृष्ण - करुण भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
ना जाने क्यों बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन।
दोहा –
जितना दिया सरकार ने मुझको, उतनी मेरी औक़ात नहीं,
ये तो करम है उनका वर्ना, मुझ में तो ऐसी बात नहीं।
प्रीतम ये मत जानियो, तुम बिछड़े मोहे चैन,
जैसे जल बिन माछली, तड़पत हूँ दिन रेन।
ना जाने क्यों बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन,
कभी ना नींद भर सोया, तुम्हारी याद में मोहन।।
- तुम्हारी याद आती है।
ना तुम पूजा से मिल पाते, ना हम कोई पुण्य कर पाते,
मैं गठरी पाप की ढोया, तुम्हारी याद में मोहन,
ना जाने क्यूँ बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन।।
जमाना रूठ जाए पर, ना रूठो तुम मेरे दाता,
पुराना जन्म जन्मों का, कन्हैया आप से नाता,
मैं ठोकर दुनिया की खाया, तुम्हारी याद में मोहन,
ना जाने क्यूँ बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन ।।
दया कर दो मेरे प्यारे, तुम्ही दाता कहाते हो,
नैनो में नीर है मेरे, मुझे तुम क्यूँ रुलाते हो,
तड़प अब सह नहीं पाया, तुम्हारी याद में मोहन,
ना जाने क्यूँ बहुत रोया, तुम्हारी याद में मोहन
Shrijirasik
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है
दोहा – खाक मुझमें कमाल रखा है,
दाता तूने संभाल रखा है,
मेरे ऐबों पे डालकर पर्दा,
मुझे अच्छों में डाल रखा है।
मैं तो कब का मिट गया होता,
तेरी रहमत ने पाल रखा है,
मुझसे नाता जोड़ के तूने,
हर मुसीबत को टाल रखा है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यों फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
नज़र क्या तुमसे टकराई,
जो नाजुक दिल लुटा बैठे,
इशारा क्या किया तूने,
जो हम खुद को भुला बैठे,
जो हम खुद को भुला बैठे,
मुकर जाओगे वादे से,
तो भक्तो की दुहाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
जमाना रूठ जाए पर,
ना रूठो तुम मेरे दाता,
पुराना जन्म जन्मो का,
कन्हैया आपसे नाता,
कन्हैया आपसे नाता,
निगाहें याद से तेरी,
सितमगर बाज आई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सबर की हो गई हद अब,
सहा जाता नहीं प्यारे,
नज़र दिलदार से ज्यादा,
कोई आता नहीं प्यारे,
कोई आता नहीं प्यारे,
तुम्हारे द्वार पे ‘काशी’,
ने भी पलकें बिछाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
Shrijirasik
प्रभु चाह में चाह मिलाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
आँखों से झलकते आँसू हों, अधरों पे सदा मुस्कान रहे।
एक संग में रोने गाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
ना शिकवा हो किस्मत से कोई, ना दुनिया की कोई आस रहे।
जो मिल जाए उसमें मगन रहे, उसे प्रभु का ही परसाद कहे॥
हर हाल में शुक्र मनाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
ना मंदिर की दीवारों में, ना पत्थरों के आकारों में।
उस सांवरिया को हर पल ही, बस अपने दिल में पाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
जहाँ 'मैं' मिटकर 'तू' बन जाए, जहाँ बूंद समंदर हो जाए।
अपने ही अहंकार की आहुति, चरणों में दे जाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
दुख आए तो मुस्काना है, सुख आए तो झुक जाना है।
हर मोड़ पे उस सांवरे की, बस रज़ा में ही रम जाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
Shrijirasik
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है,
हम क्या बताएं तुमको सब कुछ तुझे खबर है,
हर हाल में हमारी तेरी तरफ नजर है,
किस्मत है वो हमारी जो तेरा फैंसला है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
हाथो को दुआ की खातिर मिलाएं केसे ,
सजदे में तेरे आकर सर को झुकाएं केसे,
मजबूरियां हमारी बस तू ही जानता है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
रो करकहे या हंस कर कटती है जिंदगानी,
तू गम दे या ख़ुशी दे सब तेरी मेहेरबानी,
तेरी ख़ुशी समहजकर सब गम भुला दिया है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
दुनिया बना के मालिक जाने कहाँ छिपा है,
आता नहीं नजर तू बस इक यही गिला है,
भेजा इस जहाँ में जो तेरा शुक्रिया है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है
Shrijirasik
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
गणिका अजामिल को पल में उबारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
किए पाप है इस सुयश के सहारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
माना अगम है अपावन कुटिल है,
सबकुछ है लेकिन प्रभु हम तुम्हारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
Shrijirasik
जो प्रेम गली में आए नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं,
वो प्रेम निभाना क्या जानें,
जो प्रेम गली में आए नही ॥
जो वेद पढ़े और भेद करे,
मन में नहीं निर्मलता आए,
कोई कितना भी चाहे ज्ञान कहे,
भगवान को पाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं ॥
ये दुनिया गोरख धंधा है,
सब जग माया में अँधा है,
जिस अंधे ने प्रभु को देखा नहीं,
वो रूप बताना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं ॥
जिस दिल में ना पैदा दर्द हुआ,
वो जाने पीर पराई क्या,
मीरा है दीवानी मोहन की,
संसार दीवाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं ॥
जो प्रेम गली में आए नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं,
वो प्रेम निभाना क्या जानें,
जो प्रेम गली में आए नही ॥
Shrijirasik
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
खाली दिल का हर एक कोना
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
Shrijirasik
किन संग खेलूं होली, पिया तज गए हैं अकेली
माणिक मोती सब हम छोड़े, गल में पहनी सेली
भोजन भवन बलो नहीं लागे, पिया कारण भई रे अकेली,
मुझे दूरी क्यों मेलि, पिया तज गए हैं अकेली
किणु संग खेलूं होली...
अब तुम प्रीत अवरसो जोड़ी, हम से करी क्यों पहेली
बहु दिन बीते अजहू आ आये, लगा रही ताला बेली
कीनू दिलमा ये हेली, पिया तज गए हैं अकेली
किणु संग खेलूं होली...
श्याम बिना जीयड़ो मुरझावे, जैसे जल बिन बेली
मीरा को प्रभु दर्शन दीजो, मैं तो जनम जनम की चेली
दरश बिना खड़ी दोहेली, पिया तज गए हैं अकेली
किणु संग खेलूं होली...
Shrijirasik
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
बीते ना उमर यूंही झूठी जग आस में।
दौड़ चले हम कुंवरी राधिका के पास में।
जन्मों की बिगड़ी पल मे भानुजा संवारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अंश है सभी हम यूं तो नंदजू के लाल के।
विमुख हुए ज्यों सखी पड़े मुख काल के।
जीवन मरण से केवल कुंवरी उबारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अधमों को तारे अलग ही रीति से।
मिलन कराती अपने सांवरे से मीत से।
महल के द्वारे पतितों को सत्कारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
होगे निराश जब तुम जग की नातेदारि से।
प्रीत मिलेगी सांची बरसानेवारी से।
माधुरी रंगीली पे निज प्राणन वारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
Shrijirasik
हरदम याद किया कर हरि को,
दर्द निदान हरेगा
1.मेरा कहा नहीं खाली ऐ दिल,आंनद कंद ढरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
2.ऐसा नाहीं जहाँ बिच कोई,लंगर लौर लरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
3.सहचरी चरण शैर दा बच्चा,क्या गजराज करेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
Shrijirasik
चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा,
हरे कृष्ण रामा, हरे कृष्ण रामा,
काँधे पे धोती और लोटा लटकाये
तंदुल की पुतली बगल में दबाये,
चलते चलते पहुंचे, द्वारका धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
महल के बीच में सुदामा जी आए,
सोने सिंहासन से, हरी उठ आए,
सीने से सीना मिलाये घन श्यामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
नहलाया, धुलाया हरी भोजन खिलाया
सोने सिन्हासन पर उनको बिठाया
श्याम दबाए पांव, पंखा करे सत्यभामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
हस हस के पूछे वो कृष्ण कन्हैया,
दीजे जो भेंट भाभी ने भिज वाया,
तंदुल को चाब हरी दिए धन धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा -
Shrijirasik
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले 2
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरेपाप तू मिटा दे
तेरे सिवा न कोई मेरा जग में आसरा है 2
मुझको तलाश तेरी अंखियों में सांवरा है
मिलने की आरजू है 2मुरली बजाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
दुनिया है मेरी मीरा भंवर में फंसती है नैया 2
आ जाओ बन के भांजीं कर दो पार मेरी नैया
हर सवांस मे बसे हो दिल में समाने वाले
मेरेपाप तू मिटा दे
जन्नत में भेज चाहे दो जखमे भेज दें तू 2
हम भी तेरे दीवाने आ कर के देख ले तू
हमको नहीं है प्रवाह 2 गयूऐ चलाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
हर शह में वास तेरा कहता है ये जमाना 2
अब मेरी बारी पे तुम करते हो कंयू बहाना
मानूंगा मैं तो जब भी 2 मुझे चरनो से लगा ले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
श्री कृंशन गोबिंद हरे मूरारी से नाथ नारायण वासुदेवा 5
हे नाथ नारायण वासूदेव आ हे नाथ नारायण वासुदेवा
Shrijirasik
सुनलो जमाने वाले,
प्रभु का भजन कर भाई ।
काहे को समय गँवाई,
तूने काहे को समय गँवाई ।।
काहे सताया तूने, जीवों को बन्दे,
काहे लगाया तूने पाप के फन्दे ।
काहे को तुमने है पाप कमायी,
काहे को तुमको ये माया सतायी ।।
अब भी समय है भाई,
प्रभु को ले मन में बसाई ।।
काहे को....
धन के गुमानी नर, कुछ ना मिलेगा,
अन्त समय खाली हाथ चलेगा ।
अपने को प्रभु को, करो प्यारे अर्पण,
दीनों की सेवा में, करदो समर्पण ।।
करले सत्संग भाई,
अपने को प्रभु में लगाई।।
काहे को....
कोई न तेरा यहाँ, ना तू किसी का,
प्रभु से तू प्रेम करले, सब है उसी का ।
उसके सिवा जग में, ना कोई दूजा,
दिल में बसा ले उसको, कर ले तू पूजा ।।
कान्त तू ध्यान धरले,
प्रभु को ले दिल में बसाई ।।
काहे को....
Shrijirasik
इन प्यासे पपीहे से लोचन को,, निज दर्शन स्वाति पिला जा जरा ।
यह माया मरीच का दूर हटा,, दृग प्रेम का पाठ पढ़ा जा जरा ।।
नव नीरद भेष लिए मुरली,,इन नैनों के बीच समा जा जरा ।
अरे निष्ठुर मोहन आजा जरा,, वह रूप अनूप दिखा जा जरा ।।
अजहू ना आए, हमारे मोहना,,,
आधी रात में खनक गयो बैरी कंगना,
रात बिताऊँ गिन,गिन तारे,
ऐसे निठुर भए श्याम हमारे,
श्याम बिना, मेरो सूनो अंगना,
आधी रात में खनक गयो...
श्याम बिरह में, तड़पी जाऊं
बिजली चमके, डर,डर जाऊं
संग की सहेली, कोई भी संग ना,,,
आधी रात में खनक गयो...
जब से गए मोरी सुध हू ना लीनी
ना जाने सौतन कर लीनी
वर्षों गुजरे, आ जाओ अब ना,,,,
आधी रात में खनक गयो....
Shrijirasik
कांन्हा आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,कुण्डल बन जाऊं
कानों में रहकर,तेरी शोभा बढ़ाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,माला बन जाऊं
गले की शोभा बन,हृदय से लग जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया,तेरी बासुरीं बन जाऊं
हाथों में रहकर,अधरों पे सज जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
कहो तो कन्हैया,पागल मामा हो जाऊं
चरणों में रहकर,अपना जीवन बिताऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
साडे ईक वारी आजा ओ रगिलें रसिया-2
ओ रगिलें रसिया,ओ छबिलें रसिया-2
Shrijirasik
तर्ज - आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
तेरी राधा नीर बहाए , तुझको पास बुलाए,
जब से मोहन छोड़ गया तू , आंसू रोक न पाए,
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
बृज की तुझको रज पुकारे, गोपियों का माखन ,
तेरी सखिया तुझको पुकारे, आजा मेरे मोहन ,
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
गोकुल तेरा सुना पड़ा हैं , याद में तेरी मोहन ,
जैसे कोई छीन गया हो, उससे उसका बचपन ,
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
मैया बुलाये तुझको कन्हैया , लल्ला मेरे आ रे,
माँ की लोरी , माँ का पलना , कान्हा तुझको पुकारे,
आजा रे - आजा रे ओ मेरे मोहन आजा ,
लोट के वापस आजा रे,
ओ मोहन - मोहन
Shrijirasik
तर्ज - हे लाड़ली सुध लीजे हमारी
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
तुमसे हमारी पुरानी हैं यारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
तेरे बिना हम कैसे जियेंगे , आंसू विरह के कैसे पियेंगे -२
आ के पकड़ लो बांह हमारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी -२
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
जैसा रखोगें हम रह लेंगे , मुख से कभी भी उफ़ ना कहेंगे - २
चाहे तो ले लो परीक्षा हमारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी - २
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
कोई भी दर से खाली ना जाये , तेरी कृपा उसपे हो जाये ,
इतनी कृपा तो करना मुरारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी ,
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
Shrijirasik
गोपाल मुरलिया वाले नंद लाल मुरलिया वाले
श्री, राधा मेरी स्वामिनी, और मैं राधे कौ दास,
जनम, जनम मोहे दीजियो, श्री वृन्दावन को वास ॥)
गोपाल, मुरलिया वाले, नंद लाल, मुरलिया वाले ॥
श्री, राधा जीवन ॥।नीलमणि, गोपाल मुरलिया वालें ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, गोपाल, मुरलिया वाले ॥
श्री, राधा जीवन ॥।नीलमणि, गोपाल मुरलिया वाले ॥
मेरा यार, नंद, नंदन हो चूका है ॥
वोह, जान, हो चूका है, ज़िगर हो चूका है ॥
ये सच जानिए, उसकी, हर एक अदा पर ॥
जो, कुछ पास था वोह, नज़र हो चूका है ॥
गोपाल, मुरलिया वाले, नंदलाल...
हो, राधे राधे...राधे राधे ॥
हो, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
मेरा यार, नंद, नंदन हो चूका है ॥
वोह, जान, हो चूका है, ज़िगर हो चूका है ॥
जगत की, सभी, खूबियाँ मैंने छोड़ी ॥
जो, दिल था इधर, अब उधर हो चूका है ॥
गोपाल, मुरलिया वाले, नंदलाल...
गोविंद, मेरो है,गोपाल मेरो है ॥
श्री बाँके, बिहारी, नंदलाल मेरो है ॥
गोविंद, मेरो है,गोपाल मेरो है ॥
श्री बाँके, बिहारी, नंदलाल मेरो है ॥
हो राधा, राधा राधा ॥
श्री राधा, राधा राधा ॥
ओ नीली, साड़ी, राधा ।
ओ नीली, साड़ी... राधा ।
बरसाने, वाली... राधा ॥
ऊंची अटारी... राधा ॥
ओ भोली, भाली... राधा ॥
ओ गोरी, गोरी... राधा ॥
ओ चंचल, प्यारी... राधा ॥
ओ श्यामा, प्यारी... राधा ॥
राधा राधा, राधा राधा, रा...धा,
राधा, राधा श्री राधा ॥
जय जय श्री राधे
Shrijirasik
हे प्राणधन राधा रमण, सब भक्तों के तुम लाडले।
हम आये अब तुम्हारी शरण, हे प्राणधन राधा रमण॥
हम करते हैं विनती प्रभु, हे प्राणधन राधा रमण।
कर लो मेरे मन में रमण, हे प्राणधन राधा रमण।
मिटा दो मन की सब तपन, हे प्राणधन राधा रमण॥
पावन करो प्रभु मेरा मन, हे प्राणधन राधा रमण।
लागी रहे तुम में लगन, हे प्राणधन राधा रमण॥
रखो चरणों में हमको मगन, हे प्राणधन राधा रमण।
भव से तारो मेरा ये जीवन, हे प्राणधन राधा रमण।
सुन लो मेरी अब ये करुण, हे प्राणधन राधा रमण॥
झूठा है दुनिया का बंधन, हे प्राणधन राधा रमण।
सच्चा है बस तेरा चिंतन, हे प्राणधन राधा रमण॥
Shrijirasik
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.....
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
श्याम राधिका गाऊँ,
मैं श्याम राधिका गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
सौ रज शीश नवाऊ,
सौ रज शीश नवाऊ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना,
एकेले मत आना नन्दलाला,
संग राधा जी को लाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
हँसते हँसते निकले दम,
बिछुड़न का मत देना गम,
छवि दिखला देना प्यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जोड़ी हो जुगल सन्मुख मेरे,
तुम आकर दरश दिखाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
चलने की हो तैयारी,
नैनन में हो छवि तुम्हारी,
इतनी है विनय हमारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
आ जाना तुम प्रानन प्यारे,
मत करना कोई बहाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
जब प्राण कण्ठ में आवे,
दिल तुझको श्याम बुलावे,
तुमसे है मेरी यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जीवन तेरा तेरे अर्पण,
ओ मुरली वाले कान्हा,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
पागल की तुमसे विनती,
हर घडी सांस को गिनती,
बीती ये उमरिया सारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
मर मर के जनम लू दुनिया में,
तेरा भूलू नही तराना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
Shrijirasik
श्याम नित ना बजाया करो बंसरी,
कि करों सानु मार पैंदी ऐ, मनमोहना....
तेरी बंसरी ऐ रंग बींरंगी,
ते उते हिरे मोती जड़े ने, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी तोर है मोरां वरगी,
कि मुख तेरा चन वरगा, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी बंसरी नु लै जान चोर वे,
कि जिने साडा दिल लुटेया, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी बंसरी दा दोष ना कोई,
कि दोष साडी अखियां दा, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो.......
Shrijirasik
मेरे कृष्ण मुरारी आ देर ना कर गिरधारी आ......
भक्त प्रह्लाद ने तुम्हें पुकारा,
हिरणाकुश को पल में मारा,
शबरी क़े प्रभु मान रखे थे,
झूठे झूठे बेर थे चखें थे,
मेरी सूध आजा ले जा,
देर न कर गिरधारी.....
अभिलाषा जो ध्रुव ने किन्ही,
उच्चसन प्रभु तुमने दिनी,
नार अहिल्या तुमने तारी,
जय हो जय हो कृष्ण मुरारी,
आजा रे अब आजा आ,
देर ना कर गिरधारी.....
द्रुपद सुता ने तुम्हें बुलाया,
तुमने आकर जी चीर बढ़ाया,
दूर करो सब कष्ट हमारे,
जय हो मां यशोदा के प्यारे,
आजा रे अब आजा आ.....
Shrijirasik
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा........
हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरी आस्ता के सदके,
तेरी हर गली पे कुरबां,
तेरा दर है दर हकीक़त,
मेरी जीस्त का सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरे प्यार की हदो को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीँ पे,
मैंने जहाँ पुकारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
क्यों ढूंढते फिरे हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.......
Shrijirasik
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
कृष्णा चरण तज जाऊ कहा मे
कृष्णा चरण तज जाऊ कहा मे
वो तो चारो धाम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
ऋषीमुनी संत सनातन पूजन
ऋषीमुनी संत सनातन पूजन
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
Shrijirasik
मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों....
धनि-धनि मात पिता सुत बन्धु,
धनि जननी जिन गोद खिलायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों.....
जे नर बिमुख भये गोविन्द सों,
जनम अनेक महा दुःख पायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों.......
श्री भट्ट के प्रभु दियो अभय पद,
यम डरप्यो जब दास कहायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों........
मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों......
Shrijirasik
तेरे रज रज दर्शन पावा इक वारि खोल अखियाँ,
खोल अखियाँ खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा.....
कोई ता कहंदा प्यारा दिल विच वसदा,
असली ठिकाना तेरा कोई भी न दसदा,
कोई भी न दसदा श्याम,
की करा के दर नु जावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा......
तेरे दर्श दी मैं हां दीवानी, अपना चरना दी दे जा निशानी,
दे जा निशानी श्यामा दे जा निशानी,
अखियाँ प्यासियाँ नु होर तरसा न,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरा दर्श पा के वारि वारि जावा,
श्याम नाम दी गंगा विच गोते पई लावा,
श्याम प्रेम दी ज्योत जगावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरे चरना च मैं रेन गुजारा,
तेरे दर्श बिना मैं चैन ना पावा,
अखा थक गईयाँ तक तक राहवा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा........
Shrijirasik
विनती सुनिए नाथ हमारी,
ह्रदय स्वर हरी ह्रदय बिहारी,
मोर मुकुट पीताम्बरधारी,
विनती सुनिए..........
जनम जनम की लगी लगन है,
साक्षी तारों भरा गगन है,
गिन गिन स्वास आस कहती है,
आएंगे श्री कृष्ण मुरारी,
विनती सुनिए..........
सतत प्रतीक्षा अप लक लोचन,
हे भव बाधा विपत्ति विमोचन,
स्वागत का अधिकार दीजिये,
शरणागत है नयन पुजारी,
विनती सुनिए..........
और कहूं क्या अन्तर्यामी,
तन मन धन प्राणो के स्वामी,
करुणाकर आकर ये कहिये,
स्वीकारी विनती स्वीकारी,
विनती सुनिए..........
Shrijirasik
तर्ज – थारे वास्ते रे ढोला थारे वास्ते
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कोण लागे,
तू मेरो कोण लागे.......
गिर जाऊं पकड़ उठावे,
भटकूँ तो राह दिखावे,
घबराऊ दौड्यो आवे,
हिवड़े ने धीर बंधावे,
दोड़्यो आवे, भाग्यो आवे,
काम बणावे, पर नजर ना आवे,
पीछे पीछे चलूँ तू तो,
चले आगे आगे रे मेरे,
चले आगे, तू मेरो कोण लागे......
अटक्योड़ा काम बणावे,
खर्चो यो कोण चलावे,
मैं तो गानो नही जाणु,
किरपा है तेरी तू गवावे,
तू ही जाणे तेरी माया,
तन्ने वेद समझ नही पावे,
में क्या जाणु तू ही जाणे,
सुत्या भाग जागे रे म्हारा,
भाग जागे, तू मेरो कोण लागे......
रक्षा करे हरदम तू मेरी,
छोडूंगी ना चोखट तेरी,
सेवा तेरी करती रहु में,
अभिलाषा है ये श्याम मेरी,
उमा लहरी शरण तुम्हारी,
पत राखो हे कृष्ण मुरारी,
साँवरा सलोना मेरा तू,
रहियो सागे सागे मेरे,
रहियो सागे, तू मेरो कोण लागे.........
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कौन लागे,
तू मेरो कोण लागे......
Shrijirasik
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
1 ) मुरली की धुन हमे सोने ना देती……..2
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती……..2
मुरली की धुन हमे सोने ना देती
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती
बेरन बहुत सतावे है
मुरली ना बजाओ…….2
2 ) ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी……..2
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी………..2
ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी
काहे तू जल जल जावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
3 ) हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली……….2
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली……….2
हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली
जमुना पे हमको बुलावे है
मुरली ना बजाओ…….2
4 ) बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली………2
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी………..2
बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी
मेरे मन को भावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
Shrijirasik
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
आँखों की प्यास सवारे, आ कर बुझाईये
1 ) रातो की नींद उड़ गई, दिन में ना चैन है
तकते तुम्हारी राह बस, व्याकुल ये नैन है
मीठी मुरलियाँ कानुहड़ा, फिर से बजाइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
2 ) देखे बिना तुझे हुआ, ये मन उदास है
फिका तेरे बिना सभी, चाहे कुछ भी पास है
चितचोर श्याम मेरे भी, चित को चुराइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
3 ) पागल कोई कहे मुझे, कोई कमली कह रहा
तेरे बिना बेचारा दिल, क्या क्या सह रहा
दीवानगी की हद सभी, मोहन मिटाइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
4 ) प्यारे हमे बताओ तुम, कब तक रुलाओगे
बिरह की आग हृदय में, कब तक जलाओगे
भूलन कहे ना और अब, हमको सताइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
आँखों की प्यास सवारे, आ कर बुझाईये
Shrijirasik
चिंता करें बलाएं हमारी इस माया जंजाल की
बलिहारी बलिहारी बोलो बलिहारी नंदलाल की
1, जी मालिक ने जन्म दिया है अन्य वस्त्र भी दे देगा,,
सिर ढकने को छत देवे गा खबर हमारी ले लेगा ,,,,
भजन करो निस चिन्त हो चिंता छोड़ो रोटी दाल की,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,,,
2 छड़ भर को न हमे छोड़ता सदा हमारे साथ में है,,,,
जीवन की सांसा डोरी उस परम पिता के हाथ में है,,,
हंसना रोना जीना मरना छोड़ो चिंता गात की ,,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,
मथुरा में जाओगे तो घनस्याम मिलेंगे
सीना फाड़ के बैठे श्री हनुमान मिलेंगे
दाऊजी में जाओगे तो बलराम मिलेंगे
माता पिता के चरणों में चारो धाम मिलेंगे,,,,,,,,,,
3 कली, काहे की तू चिंता करता करना है सो राम करें,,,
नाम हरि का भजले मूरख यही तेरा उधार करें,,,,
तोड़, मनीष कुमार तू गुरु मानले जो खोल मुक्ति द्वारा की,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,,,,,,
Shrijirasik
निकल आयो पर्दे से, ओ मुरली वाले,
हमें तेरा पर्दा, गवारा नहीं है ।
तुम बैठे पर्दे में, हम बैठे सजदे में,
अरे, यह भी तो कोई, नज़ारा नहीं है ॥
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे ।
हम निर्गुण, तुम स्वामी ।
पर्दा, ज़रा हटा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, मुखड़ा ज़रा दिखा दे ।
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
दिल में है तेरी तस्वीर, विगड़ी बना दे तकदीर ।
नैनों में तूँ वसा ले, नैनों से बहते हैं नीर ॥
बन गई हूँ तेरी योगन ॥, चरनों में, अब जगह दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
तरसी है मेरी अख्खियाँ, आई है साथ सख्खियाँ ।
दर्शन तूँ मुझको दे दे, नैनन में वस जा मेरे ॥
ओ मुरली वाले कान्हा ॥, जलवा, ज़रा दिखा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
आयो तो खेलूँ होली, प्यार की बोलूँ बोली ।
प्यार से बाँके मेरी, भरदे यह ख़ाली झोली ॥
ओ मुरली वाले कान्हा ॥, रोते को, तूँ हसा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
Shrijirasik
मुझे प्यार हो गया तुमसे घनश्याम साँवरे
( तर्ज - दिल दिवाने का डोला)
मुझे प्यार हो गया तुमसे, घनश्याम साँवरे
करो दूर नही रख लो तुम अपने पास साँवरे
दिल तुमको दिया है मोहन, संभाल के तुम इसे रखना
कहीं और लगे ना प्यारे, चरणों से दबा के रखना
तेरे नाम की ज्योति
तेरे नाम की ज्योति जली है
इस दिल में साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
मैं तेरा ही हूं तेरा, हर पल तेरा ही रहूँगा
तुम भी कह दो ना मोहन, मैं तेरा ही रहूँगा
ये रिश्ता ...
ये रिश्ता तेरा मेरा टूटे ना साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
कुछ कर दो प्रभु तुम ऐसा, चरणों में बीते जीवन
कर्मो की सज़ा मिले ऐसे तेरे धाम रहूँ आजीवन
'सत्यम' की,,
सत्यम की इस अर्जी पर दो ध्यान साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
Shrijirasik
बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा-2
दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥
सुना है जो तेरे दर पे आए,उसके सब दुखड़े मिट जाए-2
आया शरण तिहारी रे-2 अब दूर करो दुख मेरा।
श्री बांके बिहारी.....2
जनम जनम का मैं हूँ भटका ,बेड़ा आज भवर में अटका-2
पार करो बनवारी रे-2 अब दूर करो दुख मेरा।
श्री बांके बिहारी....2
शबरी अहिल्या गणिका नारी,सब ही तुमने पार उतारी-2
आयी मेरी बारी रे-2,अब दूर करो दुख मेरा।
श्री बांके बिहारी....2
मोर मुकुट पीताम्बर धारी,संग में हो श्री राधा प्यारी-2
मेरे गिरवर धारी रे-2,अब दूर करो दुख मेरा।
श्री बांके बिहारी....2
बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा,
दूर करो दुख मेरा, बिहारी जी,
श्री बांके बिहारी रे दूर करो दुख मेरा ॥
Shrijirasik
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ -2
बाँध ली कान्हा तोसे प्रीत की डोरी।
सुलझे न मोसे अब उलझन मोरी।।-2
हरदम याद सताती है,अखियां जल बरसाती हैं। -2
कान्हा तेरी कबसे बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुजे पल-पल पुकारूँ-2
होक तेरी सुख चैन गंवाया,इसके सिवा मेने कुछ नहीं पाया -2
मोहे बस तू मिल जाए रे ,चाहे सबकुछ छिन जाए रे -2
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ -2
दिल में बिठाना चाहे चरनी लगाना,अपने करीब पर दे दो ठिकाना -2
न तोसे दूर है जाना रे ,समझ ले इतना कान्हा रे -2
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ-4 ।
Shrijirasik
श्लोक:
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम्।
वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि॥
तन में मन में बसे बिहारी, हे गिर्राजधरण वनवारी
तुम्हरे दरस को व्याकुल नैना, ढूंढें तोहे गली चौबारी
तन में मन में_ _ _ _ _
मेघ वरण मंगल करण, तुम गिर्राजधरण
बिनती सुनो मोरी हे वनवारी, रखियो लाज हमारी
तन में मन में_ _ _ _ _
कमल नयन अति कोमल चरण, हे राधारमणा
हे कृपालु भक्तन भयहारी, आए शरण तिहारी
तन में मन में_ _ _ _ _
Shrijirasik
वक्त की आंधी से,पत्थर भी पिघल जाते हैं
कह-कह फ़िर से,अश्कों में बिख़र जाते हैं
कौंन याद करता है,दुनिया में किसी को
वक्त के साथ साथ,हालात बदल जाते हैं
वक्त इन्सांन का,सम्मान करा देता है
वक्त इन्सांन का,अपम्मान करा देता है
वक्त पड़ने पर आया है समझ में मेरी
वक्त इन्सांन की पहचान करा देता है
कोई श्याम सा नहीं देखा,जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
ध्यान में योगियों के आता नहीं,
संग भगतों के नाचता देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
किस तरह द्रोपदी नगंन होती,
श्याम साड़ी में ही छिपा देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
कदंम-कदंम पे बचाता है अपनें भगतों को,
ऐसा परमात्मा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
मैं आया हूं अब तेरे दर पे,
जब कोई आसरा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
Shrijirasik
जय कृष्ण माधव नन्द-नन्दन,
मैं करूँ तेरी वन्दना ।
जय-जय मुरारी-कृष्ण-केशव,
कर रहा तेरी अर्चना॥
योग जप-तप कछु न जानूँ ,
क्या करूँ तेरी साधना ?
हे कृपानिधि ! दीन रक्षक !
सब हरो मेरी वासना ॥
मम हृदय में भक्ति भरदो,
बस यही है कामना ।
जग के माया मोह हरलो,
और कोई चाह ना ॥
जग के सब दुख दर्द देना,
पर प्रभु दो काम ना ।
हो दयानिधि भक्त वत्सल,
तो तू पार उतारना ॥
तव पद कमल मकरन्द का,
मैं भ्रमर बनना चाहता ।
लो शरण में इस कान्त को,
यह दीन होकर याचता ॥
दोहा :
मुझ दीन हीन अनाथ पे,
कृपा करो हे ईश ।
भक्ति-भाव हिय में भरो,
दया करो जगदीश ॥1 ॥
शरणागत यह कान्त है,
कर जोरे है नाथ ।
सत्यमार्ग पे वह चले,
छूटे ना तव साथ ॥2 ॥
Shrijirasik
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
तुम्हारी बैरूख़ी इक दिन,हमारी जांन ले लेगी
कसम तुमको ज़रा सोचो,के दसतुरे वफ़ा क्या है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
ना जानें किस लिए दुनिया की नज़रें,फ़िर गई हमसे
तुम्हें देखा तुम्हें चाहा,कसूर इसके सिवा क्या है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
ना है फ़रियाद होटों पर,ना आंखों में कोई आसूं
ज़माने से मिला जो ग़म,उसे गीतों में गाया है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
Shrijirasik
अब तो रह न सकूँ मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूँ
अब तो रह न सकूं मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूं
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूँ
रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू
रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू
बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूं
बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
देखूँ जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूँ तो रूह मेरी तड़पे
देखूं जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूं तो रूह मेरी तड़पे
कैसे जीऊं तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूं
कैसे जीऊँ तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना
थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना
रहे जनम जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूं
रहे जनम-जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है
जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है
है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूं
है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
बिन तेरे रह न सकूं श्याम, बिन तेरे रह न सकूं
बिन तेरे रह न सकूं
Shrijirasik
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
अब वो ही गले लग कर अपना पन दिखाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
उस मंजिल को पाने में शाले पड़ जाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
Shrijirasik
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
Shrijirasik
कई जन्मों से बुला रही हु कोई तो रिश्ता जरूर होगा॥
नज़रो से नज़ारे मिला ना पायी मेरी नज़र का कसूर होगा॥
तुम्ही तो मेरे मात पिता हो॥
तुम्ही तो मेरे बंदु सखा हो॥
कितने ही नाते तुम संग जोड़े,
कोई नाता तो जरुर होगा,
कई जन्मों से बुला रही हु........
कभी भुलाते हो वृदावन मे॥
कभी भुलाते हो मधुवन मे॥
अपने तो मै रोज भुलाते
मेरे घर भी आना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
तुम्हे तो मेरे आत्मा हो॥
तुम्ही तो मेरे परमात्मा हो॥
तुझी में रह कर तुझी से पर्दा
पर्दा हटना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
अखो में बस गई तस्वीर तेरी॥
दिल मेरा हो गया जागीर तेरी॥
दासी की बिनती तुम्हारे आगे
दर्श दिखना जरूर होगा
Shrijirasik
जा जा रे छलिया कान्हा तू बड़ा चोर है ।
तू बड़ा चोर है और बरजोर है ॥
प्रेम जो करेगा तुझसे, वो धोखा खायेगा ।
घर परिवार सब कुछ लुट जायेगा ॥
तू है लुटेरा कान्हा और चितचोर है ।
जा जा रे छलिया कान्हा तू बड़ा चोर है ॥
रूप को दिखाया जिसको, वो तेरा हो गया ।
तेरे नाम का दिवाना, बावरा वो हो गया ॥
होश ही नहीं है उसकों, कहाँ ? किस ओर है ?
जा जा रे छलिया कान्हा तू बड़ा चोर है ॥
नजरों से लूटता और, बंशी की तान से ।
टेढ़ी-मेढ़ी चाल और, लूटे मुस्कान से ॥
लीला कथा से लूटा, कान्त विभोर है ।
जा जा रे छलिया कान्हा तू बड़ा चोर है ॥
Shrijirasik
हे योगेश्वर , हे प्राणेश्वर , हे जगदीश्वर नमो - नमो ॥
ज्ञान के दाता ,कर्म के दाता ।
भाग्य विधाता नमो - नमो ॥हे योगेश्वर ...
ज्ञान वैराग्य का दीप जला दो ।
भक्ति में तन - मन को लगा दो ॥हे योगेश्वर ...
आत्म तत्व का बोध करा दो ।
माया का यह भ्रम समझा दो ॥हे योगेश्वर ...
हे योगेश्वर नमो - नमो
हे प्राणेश्वर नमो - नमो
हे जगदीश्वर नमो - नमो
नमो - नमो , नमो - नमो ,
नमो - नमो...॥
Shrijirasik
जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
मैं मूरख और अज्ञानी करता आया मनमानी
मेरे सारे दोस भुला दो तुमसा न दयालुदानी
एक बारी तेरा मुझ पर यह एहसान हो जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
यह धन दौलत की माया और पंचतंत्र की काया
सब छोड़ पड़ेगा जाना किसने कब साथ निभाया
जब दम निकले मुझे लेने मेरा श्याम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
ऋषियों ने यही कहा है वेदों में यही लिखा है
तेरा सुमिरन कर करते-करते जिसे जग छोड़ दिया है
भक्त वो सीधा ही तेरे धाम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
Shrijirasik
मुरली वाले आन कर...
मुरली वाले आन कर मुरली सुना
मन हुआ बेचैन, मुरली ध्वनि बिना ॥ टेर ॥
गोपियां हैं सुस्त और अंसुअन झड़ी
क्यों सताते हो श्याम खावो तरस
मुरली वाले...
राधे बौराई पुकारे सांवरे
प्रीति कर मैं फंस गई झूठे भरम
मुरली वाले...
मात यशुदा हो रही बेहाल हैं
पूत धोखा दे गया, फूटे करम
मुरली वाले...
उजड़ा मधुबन, झर गए सब पुष्प हैं
घास बिन, जाती नहीं गऊएं चरन
मुरली वाले...
Shrijirasik
भज गोविंद गोविंद...
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला ॥ टेर ॥
जो राधे जी के प्राण बसे
उस नाग नथैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिन बाट ताकतीं बृजबाला
उन रास रचैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज...
जिन द्रौपदी लाज बचाई
उन लाज रखैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिनकी महिमा अद्भुत जग में
उन लीलाधारी गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिन चरनन मुक्ति पाई है
उन मात यशोदा गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
Shrijirasik
तुम्हीं हो नैया...
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया
तुम्हीं कहाए...
हरण हुआ था जब द्रौपदी का
लाज बचाई तुम्हीं कन्हैया
भरी सभा को किया अचंभित
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया..
प्रहलाद को दण्ड मृत्यु मिला जब
जीवन बचाया तुम्हीं कन्हैया
वरदान झूठा किया होलिका
तुम्हीं कहाए जग के रचैया तुम्हीं हो नैया,
तुम ही खिवैया...
कंस के अत्याचार, दुखी जन
शक्ति से अपने मारा कन्हैया
अहं तोड़ डाला, तुम्हीं कंस का
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम्हीं खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम्हीं खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
कब मिलोगे मेरे श्याम सांवरे
आंखें राह तकती हैं तुम्हारी
रो रो के बुलाती हूं तुमको
क्यों नहीं आते हो प्यारे
वृंदावन की गलियां सूनी लगती हैं
तुम बिन यमुना का पानी रूखा लगता है
बंसी की धुन सुनाई नहीं देती
मेरा मन तड़प तड़प के रोता है
कृपा करो कन्हैया आ जाओ
दर्शन दे दो एक बार प्रभु
Shrijirasik
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में +2
तेरे महलों के अदभुत नजारों मे +2
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
सारी दुनिया ने सजदा किया है जहां
तेरे कदमों में झुकता है सारा जहां
लगा दी डूबती नैया किनारे पे
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
जिस का कोई नहीं तूने अपना लिया
बे किनारों को तूने अपना लिया
बुलाते जब भी तुम दौड़े आते हो
कान्हा खो गया तेरे वृंदावन में
तेरी चौखट पे रहमत की बरसात है
क्यों मैं घबराऊं जब तू मेरे साथ है
क्या रखा है झूठे जमाने में
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
लालसा है बड़ी तुम्हे पाने की
मान जाओ अब अर्जी प्यारे की
कर रहा हू फरियाद ज़माने की
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन मे
Shrijirasik
कृष्ण जिनका नाम है...
कृष्ण जिनका नाम है, गोकुल जिनका गांव है
ऐसे श्री भगवान को, बारंबार प्रणाम है
यशोदा जिनकी मैया है नंद जू बपय्या है
ऐसे श्री गोपाल को, बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
लूट-लूट दही माखन खाने ग्वालन के संग धेनू चरावे
ऐसे लीला धाम को, बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
द्रुपद सुता की लाज बचायो ग्राह से गज का फंद छुड़ायो ऐसे कृपा निधान को बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
Shrijirasik
सांवरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है।
जबसे तेरी लगन लगी दिल हो गया दिवाना है ॥ टेर ॥
मीरा पुकार रही, आ जाओ मेरे बनवारी
जहर के प्याले को अमृत बनाना है
सांवरे से मिलने का...
द्रौपदी पुकार रही, आ जाओ मेरे बनवारी
सभा में आकर मेरी लाज बचाना है
सांवरे से मिलने का...
शबरी पुकार रही, आ जाओ मेरे बनवारी
खट्टे-मिट्ठे बेरों का भोग लगाना है
सांवरे से मिलने का...
भक्त पुकार रहा, आ जाओ मेरे बनवारी
रास रचाकर, आनंद लुटाना है
सांवरे से मिलने का...
Shrijirasik
दर्शन दो घनश्याम...
दर्शन दो घनश्याम, नाथ मेरी अंखियां प्यासी रे।
मन मंदिर की ज्योति जगा दो, घट-घट वासी रे ॥ टेर ॥
मंदिर-मंदिर मूरत तेरी, फिर भी न दीखे सूरत तेरी
यह शुभ बेला आई मिलन की पूरणमासी रे
दर्शन दो घनश्याम...
द्वार दया का जब तू खोले, पंचम सुर में गूंगा बोले
अंधा देखे, लंगड़ा चलकर, पहुंचे काशी रे
दर्शन दो घनश्याम...
पानी पीकर प्यास बुझाऊं, नैनन को कैसे समझाऊं
आंख मिचौली अब तो छोड़ो, मन के वासी रे
दर्शन दो घनश्याम....
Shrijirasik
श्याम मुरली तो बजाने आओ ,
रूठी राधा को मनाने आओ ....
ढूँढती है तुझे ब्रज की बाला,
रास मधुबन में रचाने आओ ,
श्याम मुरली....
राह तकते हैं यह ग्वाले कब से,
फिर से माखन को चुराने आओ जी,
श्याम मुरली....
इंद्र फिर कोप कर रहा बृज पर,
नख पर गिरिवर को उठाने आओ जी,
श्याम मुरली....
Shrijirasik
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा
कहो तो भगवा भेष
कहो तो मोतियन मांग भरावा
कहो छिटकावा केश
बाला मैं बैरागन हूंगी
प्राण हमारा वह बसत है
यहाँ तो खाली खोड़
मात पिता परिवार सहूँ है
कही ये दिन का तोड़
बाला मैं बैरागन हूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
Shrijirasik
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
जादू करके , ओह जादू करके , जादू करके ओ पिया गयो जादू करके
जादू करके , जादू करके, जादू करके ओह जादू करके
कित गयो जादू करके…
नन्दनंदन पिया कपट जो कीनो-2
निकल गयो, निकल गयो छल करके
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
ओ पिया कित गयो जादू करक……
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे — 5
कबहु मिले ,कबहु मिले ,कबहु मिले ,
आग भरके जादू करके,
जादू करके -4
ओ पिया कित जादू करके…-2
मीरा दासी शरण जाे आई -5
चरणकमल, चरणकमल ,चरणकमल चित धरके
जादू करके, जादू करके -3
ओ पिया कित गयो जादू करके…
गिरधार नागर कहती मीरा -2
नटवर नागर कहती मीरा -2
गिरधार नागर कहती -2
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
जादू करके , ओह जादू गयो करके , जादू करके ओ पिया गयो जादू करके
जादू करके , जादू करके, जादू करके ओह जादू करके
कित गयो जादू करके…
Shrijirasik
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
गम पहले से ही कम तो न थे
इक और मुसीबत ले बैठे
मुरलीधर
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखें कहती हैं दिखलाओ
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखें कहती हैं दिखलाओ
तुम मिलते नहीं हो आकार के
हम कैसे कहें “देखो” ये बैठे
मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
महिमा सुनके हैरान हैं हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
महिमा सुनके हैरान हैं हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
मन खोज के भी तुम्हें पाता नहीं
तुम हो कि उसी मन में बैठे
मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
राजेश्वर राजा राम तुम्हे
प्रभु योगेश्वर घनश्याम तही
राजेश्वर राजा राम तुम्हे
प्रभु योगेश्वर घनश्याम तुम्हे
धनु उधारी बने कभी मुरली बजा
यमुना तट निज जन में बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
Shrijirasik
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
राह तके मेरे नैन ,
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
स्नेह की डोरी तुम संग जोड़ी,
हम से तो न ही जाए गी तोड़ी,
हे मुरलीधर कृष्ण मुरारी तनिक न आवे चैन,
रहात तके मेरे नैन,
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
जन्म जन्म से कुञ्ज निहारु बोलो किस विध तुमको पुकारी,
हे नटनागर हे गिरधारी आह न पावे बैन,
राह तके मेरे नैन
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
Shrijirasik
सुन राधिका दुलारी,
हूँ द्वार का भिखारी,
तेरे श्याम का पुजारी,
एक पीड़ा है हमारी,
हमें श्याम न मिला
हमसोचते थे कान्हा कही कुंजन में होगा,
अभी तो मिलन का हमने सुख नहीं भोगा
ओ सुनके प्रेम कि परिभाषा,
मन में बंधी थी जो आशा,
आशा भई रे निराशा,
झूटी दे गया दिलाशा
हमें श्याम न मिला
देता है कन्हाई जिसे प्रेम कि दिशा,
सब विधि उसकी लेता भी है परीक्षा
ओ कभी निकट बुलाये,
कभी दूरियाँ बढ़ाये,
कभी हंसाए रुलाये,
छलिया हाथ नहीं आये
हमें श्याम ना मिला…
ओ अपना जिसे यहाँ कहे सब कोई,
उसके लिए में दिन रात रोई,
ओ नेह दुनिया से तोडा,
नाता संवारे से जोड़ा,
उसने ऐसा मुख मोड़ा,
हमें कही का ना छोड़ा
हमें श्याम ना मिला
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
नींद ना आये रे चैन ना आये रे,
जीवन सारा बिता जाये,
श्याम न आये रे,
पल पल जाये छिन छिन जाये,
पल पल जाये छिन छिन जाये,
कैसे करूँ मैं हाये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे,
जीवन सारा बिता जाये,
श्याम न आये रे.......
तेरे बिन कई बीती रे सदिया,
आजा प्राण प्यारे,
तडपत ही दिन रेन गुजारूं,
नैनन भये पना रे,
थके नहीं दिन रेन तेरे बिन,
सारी रात जगाये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे......
श्याम सलोनी साँवरी सूरत,
ने क्या जादू किया,
तुझसे मिलने को मन मोहन,
तड़प तड़प के जिया,
मोहन तडफ तडफ के जिया,
एक झलक दिखा जा अब तो,
दिल मेरा घबराये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे......
जीवन में बस एक तमन्ना,
एक बार तो आजा,
लगी विरह की प्यास बुझा जा,
नैनन बिच समा जा,
प्यारे नैन बीच समा जा,
पल पल याद सताये तेरी,
दिल मेरा घबराये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे.......
ढूंढ ढूंढ कर हार थका मैं,
पैरो पड़ गये छाले,
मुझ जैसे पागल को अब तो,
आकर गले लगा ले,
प्यारे आकर गले लगा ले,
दर्द को क्या जाने ये दुनिया,
वाले हँसी उडाये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे......
नींद ना आये रे चैन ना आये रे,
जीवन सारा बिता जाये,
श्याम न आये रे,
पल पल जाये छिन छिन जाये,
पल पल जाये छिन छिन जाये,
कैसे करूँ मैं हाये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे,
जीवन सारा बिता जाये,
श्याम न आये रे.....
Shrijirasik
तर्ज - ले तो आया हो हमको सपनो के गांव में
रख ले मुझको भी कान्हा, शरण में तेरी ,
रख ले मुझको भी कान्हा, शरण में तेरी ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा, करुँगी श्रृंगार मैं ,
अपने हाथो से तुझे, करुँगी तैयार मैं ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा ,भोजन बनाऊ ,
अपने हाथो से कान्हा, तुझको खिलाऊ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी ,लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा , भजन सुनाऊ,
भजनों से कान्हा मैं, तुझको रिझाऊ ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा, फूल मंगाऊ ,
फूलो से कान्हा मैं, तुझको सजाऊ ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
Shrijirasik
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
क्या होती प्रतीक्षा है, की पीड़ा होती है,
कितना जलता है दिल कब आँखे रोटी है,
बहेंगे आँसू, बहेंगे आँसू, तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
जब कोई सुनेगा ना, जब कोई सुनेगा ना,
तेरे मान के दुखड़े जब ताने सुन सुन के होंगे दिल के टुकड़े,
सुनोगे ताने तब यह जानोगे, सुनोगे ताने तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
पनघट मेी मधुबन मेी वो इंतेजर करना,
आए श्याम तेरी खातिर वो घुट घुट के मारना,
करोगे इंतजार जानोगे, करोगे इंतजार जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
याद आने से पहले तुम ना जया करो,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
अब एक तमन्ना है, गर फिर से जानम मिले,
मई श्याम बनू तेरा तू राधा बन के जिए,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
Shrijirasik
लाखों महिफिल जहां में यूँ तो,
तेरी महफ़िल सी मेहिफिल नहीं है।
स्वर्ग सम्राट हो या हो चाकर,
तेरे दर पे है दर्जा बराबर।
तेरी हस्ती को हो जिसने जाना,
कोई आलम में आखिर नहीं है॥
दरबदर खा के ठोकर जो थक कर,
आ गया गर कोई तेरे दर पर।
तूने नज़रों से जो रस पिलाया,
वो बताने के काबिल नहीं है॥
जीते मरते जो तेरी लगन में,
जलते रहते भी रहते अगन में।
है भरोसा तेरा हे मुरारी,
तू दयालु है कातिल नहीं है॥
तेरा रस्ता लगा चस्का जिसको,
लगता बैकुण्ठ फीका सा उसको।
डूब कर कोई बहार ना आया,
इस में भवरे है साहिल नहीं है॥
कर्म है उनकी निष्काम सेवा,
धर्म है उनकी इच्छा में इच्छा।
सुम दो इनके हाथों में डोरी,
यह ‘कृपालु’ हैं तंग दिल नहीं हैं॥
Shrijirasik
न भटको मोह से प्यारे,
ये रिश्ते टूट जाएँगे ।
जिन्हे अपने समझते हो,
कभी वे रूठ जाएँगे ।।
जगत के रिश्ते-नाते सब,
ये छूटेंगे मरोगे जब ।
जिसे दौलत समझते हो,
कभी सब लूट जाएँगे ।।
न भटको.....
सभी विपदा से रोते हैं,
नहीं कोई सुखी जग में ।
अगर प्रभु को सुमिर ले तो,
तेरे गम छूट जाएँगे।।
न भटको.....
सफल नर जन्म करना हो,
तो प्रभु की भक्ति कर लेना ।
कान्त यदि ध्यान यह धरले,
मोह सब छूट जाएँगे ।।
न भटको.....
Shrijirasik
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
कैसे तुमने किया वश में , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
कैसे रीझ गया तुमपे , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी,
कैसे मान गया तुमसे , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
फिर मान गया कान्हा , श्याम मुझे ऐसे मिला ,
सखी कैसे बताऊ तुम्हें, श्याम मुझे ऐसे मिला ,
Shrijirasik
तर्ज - तुम्ही मेरी नैया किनारा तुम्ही हो
सुदामा ने पल - पल कृष्ण पुकारा
आ ओ मेरे यारा - आ ओ मेरे यारा २
सुदामा ने तो बङी आस लगाई
अब अएगा मेरा कृष्ण कन्हाई
करता तुम्हें वो याद बिचारा
आ ओ मेरे यारा - आ ओ मेरे यारा २
तुम्ही माता हो तुम्ही पिता हो
तुम्ही मेरे बन्धु तुम्ही सखा हो
पल - पल वो तेरा ध्यान लगाता
आ ओ मेरे यारा - आ ओ मेरे यारा २
क्या भोग तुमको लगाउ मै कान्हा
मेरे पास है दुखो का फसाना
तुम्हें पता है मै दुख का मारा
आ ओ मेरे यारा - आ ओ मेरे यारा २
Shrijirasik
गोपी विरह गीत :
व्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों का है प्रेम पुराना ।।
आज से सूनीं गलियाँ राहें ।
पनघट पे भरना है आहें ।।
छोड़के हमको ना तुम जाना ।।
ब्रज गोपियों से........
मैया बाबा को ना छोड़ो ।
प्रेम के रिश्तों को ना तोड़ो ।।
याद करो वो माखन चुराना ।।
ब्रज गोपियों.......
कुंज-निकुंज का मिलना सपना ।
कैसे कहें कान्हा था अपना ।।
कान्त विरह में है आँसू बहाना ।।
ब्रज गोपियों से.......
Shrijirasik
अगर मोह से मन सदा मोड़ दे,
बुरे कर्म अपने अगर छोड़ दे ।
तब ईश विपदा हरेगा तेरे,
मगर ईश का ध्यान करना पड़ेगा,
सखे सुन मेरे ।।
द्रोपदी को दुशासन बेपरदा करे,
पुकारी जभी लाज उसकी हरे ।
कोई ऐसा गम ना प्रभु ना हरे,
अजामिल प्रभु नाम से ही तरे ।।
गज मोक्ष देखो प्रभु ने किया,
प्रहलाद का दुःख सदा हर लिया ।
तब ईश विपदा....
कर याद प्रभु की कृपावृष्टि का,
हो जा प्रभु की दया दृष्टि का ।
प्रभु है रचयिता पूरी सृष्टि का,
बना ले तू अपना उसे दृष्टि का ।।
अगर भाव से उसको कोई भजे,
गया जो शरन में प्रभु ना तजे ।
तब ईश विपदा....
चलो राह सत की असत से डरो,
मन की न मानो न मन की सुनो ।
अगर प्रभु को पाना तुम्हें है सुनो,
प्रभु नाम को प्यारे जल्दी चुनो ।।
तुम भी चुनो कान्त प्रभु नाम को,
समय न गँवाओ तजो काम को ।
तब ईश विपदा....
जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है
अभी हमने जी भर के देखा नहीं है ॥
कैसी घड़ी आज जीवन की आई ।
अपने ही प्राणो की करते विदाई ।
अब ये अयोध्या हमारी नहीं है ॥
माता कौशल्या की आंखों के तारे।
दशरथ जी के राज दुलारे ।
कभी ये अयोध्या को भुलाना नहीं है ॥
जाओ प्रभु अब समय हो रहा है।
घरों का उजाला भी कम हो रहा है ।
अंधेरी निशा का ठिकाना नहीं है ॥
Shrijirasik
हमको बैकुंठ बुला लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहते हैं चंदा और सूरज, सालों में लगते हैं ग्रहणा के मूरत
आकर के कष्ट मिटा दो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहते हैं गंगा और जमुना, ऊपर से चलती है रेलों की पहिया
आकर के भार संभालो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहती हैं गौएं बेचारी है गर्दन
पे चलती हैं छुरी कटारी
आकर के प्राण बचा लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहती हैं द्रोपदी बेचारी, सभा बीच खींची है साड़ी हमारी
आकर के लाज बचा लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
हमको बैकुंठ बुला लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
Shrijirasik
बोल-एक वादा किया,तेरे प्यार की कसंम
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
1. उसे डुंडने को फिरूं मारा मारा,
जानें कहां छिप गया प्राण प्यारा
ये प्यासी हैं अखियां,दिदार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
2. बांके बिहारी का मैं हूं दिवाना,
पागल कहे मुझे सारा ज़माना
अब ये सांसे बची,इंतजार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
3. भक्तों की,सुध कब लोगे
कुछ तो बताओ,दर्श कब दोगे
गीत मेरे मिलन की पुकार के लिए
ये मेरी जिंदगी,मेरे यार के लिए
दिल तड़पता मेरा,उसके प्यार के लिए
ये मेरी....
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम, इस अपने दीवाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
नरसी ने बहाये थे, मीरा ने बहाये थे
नरसी ने बहाये थे, मीरा ने बहाये थे
जब-जब भी कोई रोया, तुम दौड़ के आये थे
काफी है दो बुँदे, घनश्याम रिझाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
आँसुं वो खजाना है, किस्मत से मिलता है
आँसुं वो खजाना है, किस्मत से मिलता है
इनके बह जाने से, मेरा श्याम पिघलता है
करुणा का तुं सागर है, अब छोड़ बहाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
दुःख में बह जाते हैं, खुशियों में जरुरी हैं
आंसू के बिना राजू, हर बात अधूरी हैं
पूरा करते आँसुं, हर इक हर्जाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
कुछ दो या ना दो श्याम, इस अपने दीवाने को
दो आँसुं तो दे-दे, चरणों में बहाने को
Shrijirasik
तरज़-थोड़ा सा प्यार हुआ है
तुझे हम ढूंढ रहे हैं,कहाँ हो मुरली वाले
या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे है....
दर्द से अपना रिश्ता,पुराना हो गया है
तेरी चाहत में ये दिल ये,दीवाना हो गया है
सुन जरा धड़कनों को,हम है तेरे हवाले
या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे हैं....
सफर में जिंदगी के,कुछ ऐसे मोड़आये
जिन्हें समझा था अपना,वही निकले पराये
इक तेरा है सहारा,गले से मुझे लगाले
या तो अब सामने आ, या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे हैं....
डोर साँसों की टूटे,जमाना चाहे रूठे
यही बस आरजू है,तेरा दामन ना छुटे
तड़पते है तेरे बिन,पास अपने बुलाले
या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे हैं,कहाँ हो मुरली वाले
या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे है....
Shrijirasik
तुझपे दिल मैं हारी
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके बिहारी ॥
बाँके, बिहारी मेरे, बाँके बिहारी ॥
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
आई, हूँ जबसे, मथुरा नगरिया ॥
भूली, दुनियाँ सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
एक, झलक तेरी, देखी है जब से ॥
भूली, सुध बुध सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
मोर, मुकुट तेरे, सिर पे सोहे ॥
सूरत, लागे प्यारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
बिन, देखे तुम्हें, चैन ना आवे ॥
लागी, लगन तुम्हारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
गली, गली में, बदनाम हो गई ॥
करके, तुम संग, यारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
ये दिल, तुझपे, कुर्बान कन्हईया ॥
मैं तो, हो गई, तुम्हारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
जब, से तेरी, लगन लगी है ॥
हंस रही, दुनियाँ, सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
Shrijirasik
तरज़-मेरे बांकें बिहारी मेरे बांकें सनंम
छंद-बृज़ भुमि परिक्रमा के पत्थ पे,
तुम्हें ढुंढनें के लिए डेरा किया।
पर पाया पता कहीं भी नहीं,
दुख शोक ने आकर घेरा किया॥
बड़ी वैदना व्याकुलता इतनी,
तुमनें कभी ध्यान ना मेरा किया।
दिन रोत ही रोते अंधेरा किया,
फिर रोते ही रोते सवेरा किया॥
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तुं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
वृन्दावन में डुंडु,तुझे कुंजन में डुंडु
तूं इतना ना यार,अब मुझको सता
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
तुझे गोकुल में डुंडु,तुझे गलियों में में डुंडु
धरती पे हो श,या हो आसमां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
पागल बना डोले प्रेमी तेरे लिए
कोई ना बताये,फिर भी तेरा पता
ये बात दे मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
Shrijirasik
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
अपना जीना अपना मरना,बस तेरी चौखट पे है
अब कहां सर को झुकाए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
मैं हूं दासी श्यामा जू की,बस यही पहचान है
अब कहां मोहे गम सताए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
मैं यह कैसे मान जाऊं,लाडो के दरबार में
छीन ले कोई मेरी अदाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
सारी दुनिया छोड़ कर,तेरी शरण में आ गई
अब कहां सरकार जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पर जाएं, आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
Shrijirasik
तर्ज ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब दल के
रिश्ता मैं जोड़ आई राधे और श्याम से,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
इस दुनिया से मैंने यूँ ही झूठी प्रीत लगाई (मिला ना मुझको भाई,)-2
लड्डू लाल को बना लिया है मैंने अपना भाई,
मैं भी चलूँगी उसकी ऊँगली को थाम के,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
बांके बिहारी की भी ऐसी (झांकी अज़ब निराली)-2,
मोटी मोटी आंखे उनकी बिन काजल की काली,
अमृत की बूँदें छलकें अखियों के जाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
सज धज कर जब श्याम सलोना (मुरली मधुर बजाये)-2,
चाँद सितारे तुझे निहारें “पाल” तेरे गुण गाये,
चलती है अपनी नैया इनके ही नाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
हे बनवारी, हे गिरधारी, लाज रखो हे कृष्ण मुरारी
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी,हे गिरधारी हे बनवारी
कहता है खुद को तू बलशाली,
खींच रहा अबला की साड़ी,
लाज रखों हे कृष्ण मुरारी,
हे गिरधारी हे बनवारी ॥
अब मैं समझी एक है अंधा,
यहाँ तो सारी सभा है अंधी
हे गिरधारी हे बनवारी,
लाज रखों हे कृष्ण मुरारी ॥
Shrijirasik
तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाएं
तुम्हीं को अपनी करुण कहानी सुना रही है तुम्हारी गाय
वो गाय तुमने जिसे चराया चरा के गोपाल नाम पाया
क्यूँ आज असहाय हो के आँसू बहा रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय.....
कहाँ वो मुरली की मीठी तानें कहाँ वो बृजवन सघन सुहाने गए जमाने की याद तुम को दिला रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय......
उठालो अब हाथ में दुधारा दिखा दो वो कल्कि रूप प्यारा तुम्हारे दर्शन की आस तुम से लगा रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय......
Shrijirasik
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
मोहे तो भरोसा एक, तेरो ही ओ राधारमण
तेरो द्वार छोड़ अब मैं, और कहाँ जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
माया के झूठे जालों में, फँसता ही जाऊँ रमणा
इतनी कृपा बस करदो, तुम्हें भजता जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
सुनो मेरे राधारमण, करदो ना इतना करम
बसा लो ना वृंदावन जो, रोज दर पे आऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
माँगू तो से तो ही को मैं, और क्या मैं माँगूँ रमणा
तेरे कंटीले नैनों, में बस जाऊँ
भूलियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
रूठियो ना राधारमण जो, दर पे ना आऊँ
Shrijirasik
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी साँवरिया -२
मेरी बिगड़ी बाबा बनादे
मनमोहन दरश दिखा दे
मेरी नैया पार लगा दे
मैने किया कौन अपराध, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
सब भक्तों का रखवाला
करो जीवन मे उजियाला
मुझे चरनों साथ लगाला
करो कष्टों से आजाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
दर आई है दुखिया नारी
करो कृपा मोहन मुरारी
विपताऐ मुझ पे भारी
हुई सब तरियां बरबाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
मेरी बाबा लाज बचाना
जसपाल जनाल से आना
सारे संकट दुर भगाना
सुनो सेवक की फरियाद, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी साँवरिया
Shrijirasik
तर्ज-अगर श्यामा जू ना होती
तड़पती हूँ विरह में श्याम, ना जानें कब मिलन होगा
इसी उम्मीद पे जीवन, मैंने सारा बिताया है
तड़पती हूँ...
पल पल नाम जिवाह पे, मन तेरे ध्यान में खोया
लगी है आग तन मन में, ना जाने कब मिलन होगा
तड़पती हूँ विरह में श्याम, ना जानें कब मिलन होगा
इसी उम्मीद पे जीवन, मैंने सारा बिताया है
कहाँ जाऊं करूँ मैं क्या, समझ मुझे कुछ ना आता है
दर्द इतना बड़ा दिल में, ना जानें कब मिलन होगा
तड़पती हूँ विरह में श्याम, ना जानें कब मिलन होगा
इसी उम्मीद पे जीवन, मैंने सारा बिताया है
ये मन रूप रसका पागल है, धसका है धस्सा जाता
आख़री सांस है मेरी, ना जानें कब मिलन होगा
तड़पती हूँ विरह में श्याम, ना जानें कब मिलन होगा
इसी उम्मीद पे जीवन, मैंने सारा बिताया है
Shrijirasik
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में +2
तेरे महलों के अदभुत नजारो मे +2
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
सारी दुनिया ने सजदा किया है जहां
तेरे कदमों में झुकता है सारा जहां
लगा दी डूबती नैया किनारे पे
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
जिस का कोई नहीं तूने अपना लिया
बे किनारों को तूने अपना लिया
बुलाते जब भी तुम दौड़े आते हो
कान्हा खो गया तेरे वृंदावन में
तेरी चौखट पे रहमत की बरसात है
क्यों मैं घबराऊं जब तू मेरे साथ है
क्या रखा है झूठे जमाने में
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
लालसा है बड़ी तुम्हे पाने की
मान जाओ अब अरजी मामा की
कर रहा हू फरियाद ज़मानेकी
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन मे
Shrijirasik
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
1. कितनें जन्मों से भटका,ना मिला कोई सहारा
तेरा सहारा पाके,भव पार हो गया
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
2. पापो से डर रह था, दुःख में तड़प रहा था
आया शरणं में तेरी,चरणों से ना हटाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
3. गुरुवर ने दे दिया है,हरीनाम रस का प्याला
धसका रहे लुटाता,ये नाम का खज़ाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
Shrijirasik
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
ना भटकेगा तू राह कभी ,
इस राह पे चलकर देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
रिश्तो ने दिया धोखा ,
अपनों ने दुखाया दिल ,
चल भूल जा सब बातें,
तू श्याम से आकर मिल,
मेरा श्याम तुझे अपनाएगा ,
तू राधा कहकर देख जरा,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
जिसने भी जपा राधा ,
उसकी तो हटी बाधा ,
उसको मिल गया श्याम ,
उसको मिली राधा ,
मेरा श्याम तुझे मिल जाएगा,
तू उसका बनकर देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
मीरा को मिले मोहन ,
सबरी को मिले हैं राम ,
इन दोनों भक्तों का ,
जग में अमर हैं नाम ,
तेरा नाम अमर हो जाएगा ,
तू भक्ति कर के देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
Shrijirasik
( तर्ज - मेरे प्यार की उमर हो )
राधा वल्लभ मेरे जीवन की तुम्ही धड़कन
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तेरा सुंदर सिंगार तुझे देखता रहूँ
तेरे चरणों में ठाकुर मैं बैठाता रहूँ
तू हर रहा जीवन के सारे ये गम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तूने दिया मुझको बेशुमार सांवरे
वृंदावन में होता उपचार सांवरे
तू तो लड़ रहा सबसे मेरी ये जंग
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तुझे देखा तो दिल ये दीवाना हो गया
तेरे प्यार में मैं पागल मस्ताना हो गया
लकी गाए गुन जितने भी लगते हैं कम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
Shrijirasik
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना, भूल जाने के काबिल नहीं है
चोट खायी है जो मैंने दिल में, वो दिखने के काबिल नहीं है
जबसे देखा है जलवा तुम्हारा, कोई आँखों को जचता नहीं है
यूं तो देखे है बहुत नूर वाले, सारे आलम में तुमसा नहीं है
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना, भूल जाने के काबिल नहीं है
तेरी सूरत पे क़ुर्बान जाऊ, तेरी आँखे है या मय के प्याले
जिनको नज़रो से तुमने पिलाई, होश आने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना, भूल जाने के काबिल नहीं है
मैंने पूछा की अब कब मिलोगे, पहले मुस्काये फिर हंस के बोले
सबके दिल में समाये हुए है, आने जाने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना, भूल जाने के काबिल नहीं है
Shrijirasik
मै हू शरण मे तेरी संसार के रचैया कश्ती मेरी
लगादो उस पार ओ कन्हैया
मेरी अरदास सून लीजे प्रभू सूध आन कर लीजै
दरस एकबार तो दीजै मौ समझूंगा श्याम रीझे
पतवार थाम लो तूम मजधार मे है नैया, मै हू शरण...
भक्त बेचैन हूं तूम बीन तरसते नैन है तूम बीन
अंधेरी रैन है तूम बीन कही ना चैन है तूम बीन
है उदास देखो तूम बीन गोपी ग्वाल, मै हू शरण...
दयानीधी नाम है तेरा कहाते हो अन्तर्यामी
समाये हो चराचर मे सकल संसार के स्वामी
नमामी नमामी हरदम बृजधाम के बसैया, मै हू शरण...
तेरी यादो का मनमोहन ये दिल मे उमड़ा है सावन
बूझेगी प्यास इस दिल की सूनूंगा जब तेरा आवन
पावन पतीत हूं करना जगदीश ओ कन्हैया, मै हू शरण...
Shrijirasik
सैर - पापी कंस को कृष्ण ने मारा,
दुःख से सब भक्तो को उबारा,
मात पिता को अपने छुड़ाए,
उग्रसेन का कष्ट मिटाये,
बन गये मथुरा के महाराजा,
बजने लगा खुशियों का बाजा,
कान्हा बन गए मथुरा वासी,
पर छा गई फिर ब्रज में उदासी,
गोकुल में छाई थी उदासी,
रोता था हर गोकुल वासी,
राधा विरह में बन गई पगली,
तड़पे जैसे जल बिन मछली,
बेबस अधिक वो जब होती थी,
ये कह कह के वो रोती थी।
याद मुझको कन्हैया तेरी आई,
याद मुझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे.....-2
तूने राधा की सुध क्यों भुलाई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मुझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको कन्हैया तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
ब्रज से नाता तोड़ गए तुम,
मुझको तड़पता छोड़ गए तुम,
जान ले लेगी तेरी जुदाई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
तोड़ दिया है पाँव का पायल,
अब क्या नाचू हो गई घायल,
तेरी बंसी तो हो गई पराई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
छोड़ चुकी हूँ जाना पनघट,
हो गया सुना बन गया मरघट,
रुत है पतझड़ की मधुबन में आई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
प्रीत किये हो किशन कन्हैया,
दिल में बसे हो किशन कन्हैया,
दिप अँखियो में सूरत समाई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
याद मुझको कन्हैया तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मुझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे,
तूने राधा की सुध क्यों भुलाई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मुझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको कन्हैया तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
Shrijirasik
काजल लागे किरकरो,
ओर सुरमो सयो नही जाय,
जिन नैना मोहन बसे,
तो दूजो किया रे समाय।
दर्द ना जाने कोई,
दर्द ना जाने कोई,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई।।
दर्द की मारी वन वन डोलु,
दर्द की मारी वन वन डोलु,
वैद्य मिल्यो ना कोई,
वैद्य मिल्यो ना कोई,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई।।
हिरा री गत जोहारी जाने,
हिरा री गत जोहारी जाने,
जो कोई जोहारी होय,
जो कोई जोहारी होय,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई।।
सूली ऊपर सेज पिया की,
सूली ऊपर सेज पिया की,
ओ सोवनो किन विद होय,
सोवनो किन विद होय,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई।।
घायल की गत घायल जाने,
घायल की गत घायल जाने,
जो कोई घायल होय,
जो कोई घायल होय,
मायरी मेरो दर्द ना जाने कोई.....
Shrijirasik
नैना तरसे बाँवरे, छवि दिखलाओ श्याम,
मेरे अपने प्राण जी, हे नैनन अभिराम.....
हे नैनन अभिराम, नंद के लाल बिहारी,
छोड़ जगत का सार, गहि अब शरण तिहारी...
करो कृपा की कोर, सुना दो मीठी वैना,
हरि सुना दो तान , बाँवरे तरसे नैना....
माना मैं इस योग्य नहीं, कि तेरी कुछ कहलाऊँ,
माना मैं इस योग्य नहीं, धर भेंट तुम्हें अपनाऊं....
माना मैं इस योग्य नहीं, निज भाव तुम्हें समझाऊँ,
मधुर तान नहीं, रूप मान नहीं, फिर कैसे तुम्हें रिझाऊँ....
पर लोग कहें, मैं तेरी चाकर, मैं दर दर ठोकर खाऊँ,
ना तरसा मेरे बांके प्रियतम, मैं तेरी हो इतराऊं....
हरि कब होगा मिलन हमारा, हरि कब होगा मिलन हमारा
Shrijirasik
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं....
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
इस भरी दुनिया में मेरा,
हमनवां कोई नहीं
जिसको अपना कह सकूँ,
वो बंदा परवर आप हैं....
मेरी ज़िंदगी की आरज़ू,
प्यारे मेरी तमन्ना आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
श्याम सुंदर सांवरे,
मेरे तो सब कुछ आप हैं
अब कहाँ जाऊँ मुरारी,
मैं तेरा दर छोड़कर...
आप ही हैं दिलबर मेरे,
मेरे रहबर आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी
मेरी दुनिया आप हैं
नन्दलाल सहारा तेरा है
मेरा और सहारा कोई नहीं
Shrijirasik
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे,
किशोरी राधे अति भोरी राधे........
प्यारी जू प्यारे की जीवन,
प्यारो प्यारी प्राण आधार
प्यारी प्यारे के उर हार,
प्यारो प्यारी के उर हार
प्यारे प्यारे रंगमहल में,
रँग भरे दो करत विहार....
रंग भरी निरखत हरकत हिय,
श्री हरि प्रिया सकल सुख सार
प्यारी जू प्यारे की जीवन
प्यारो प्यारी प्राण आधार
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे
किशोरी राधे अति भोरी राधे................
प्रीतम की प्यारी प्रिया
प्रिया प्राण प्यारे प्रियो,
दउअन की दो छवि सिंधु में तरावे है
दऊ नव करे खेल, दऊ भुज अंश मेल,
दऊ सुख झेल झेल मंद मुस्कावे है,
लाल बलवीर वनराज के विलासी दऊ
सखिन चकोरन के लोचन सिरावे है,
गावे राग रागिनी रसीले चटकीले मुख
मधुर मधुर वैण बांसुरी सुनावे है..........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.................
किशोरी राधे रस भोरी...........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.........
Shrijirasik
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी…..
बिरह में रोते रोते जीवन बिताया,
रास्ता निहारूं मेरा साँवरा ना आया,
अब तो खबर ले लो, दुखिया मैं भारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी.......
कैसे भुलाउं तुझे भूल नहीं पाऊँ,
स्वांसों के माला पे मैं नाम तेरा गाउँ,
कान्हां, नाम तेरा गाउँ,
मैं तो उदास डोलूँ बिरह की मारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी........
(अगर दिल कन्हैया, तुझ से लगाया ना होता,
तुझे श्याम अपना बनाया ना होता,
ना फिरती मैं तेरे लिए मारी मारी,
अगर मेरे दिल को तू भाया ना होता,
ज़माना रूठ भी जाए,
कोई परवाह नहीं करते,
हमारी चाहतों को बस तेरा
एक प्यार मिल जाए......)
धड़कन में तू है मेरी,
स्वांसो में तू है,
तू ही मेरा देवता है,
तू ही मेरी रूह है,
मधुर श्याम मेरा जीवन,
पतझड़ की डाली,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी,
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी.....
Shrijirasik
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी,
हमसे परदा करो ना मुरारी….-2
हम तुम्हारे पराये नहीं हैं,
गैर के दर पे आये नहीं है...-2
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी……
हरिदास के राज दुलारे,
नन्द यशोदा की आँखों के तारे...-2
राधा जू के साँवरे गिरधारी,
राधा जू के साँवरे गिरधारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी…..
बंद कमरों में रुक ना सकोगे,
लाख पर्दो में छुप ना सकोगे....-2
तुमको हर और हम है व्यापारी,
तुमको हर और हम है व्यापारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी……
Shrijirasik
एक अर्ज मेरी सुन लो दिलदार हे कन्हैया,
कर दो अधम की नैया भवपार हे कन्हैया
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
अच्छा हूँ या बुरा हूँ पर दास हूँ तुम्हारा,
जीवन का मेरे तुम पर अब भार है कन्हैया,
तुम हो अधम जनों के उद्धार करने वाले,
मैं हूँ अधमजनों का सरदार हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
करुणा निधान करुणा करनी पड़ेगी तुमको,
वरना ये नाम होगा बेकार हे कन्हैया,
ख्वाहिश ये है मुझको बिन्दु रत्न लेकर,
बदले में दे दो अपना कुछ प्यार हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
कुछ खास भी नहीं मैं, बस प्यार का हूँ भूखा,
हे मेरे प्राण प्यारे मुझको गले लगा ले,
अरमान मेरे दिल का बस पूरा आप करना,
बुला लो अपने दर पे मुझको भी हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
Shrijirasik
धुन - Perdeshiyo से न अंखियां मिलना
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी ,
छुटे कभी ना हमसे भक्ति तुम्हारी ,
भक्ति में तेरी ऐसा नशा हैं,
जब से चढ़ा है मजा ही मजा हैं,
उतरे कभी ना अब ये नशे की खुमारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
तेरे दरस के प्यासे नैना ,
दरस बिना कहीं पाए ना चेना,
दर्शन दे दो अब तो मुरारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
नैया हमारी तुम्हारे सहारे,
तुम ही लगा दो मोहन इसको किनारे,
डूबे कभी ना अब ये नैया हमारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
भक्ति की हमको लगन लगा दो,
भजनों की हमको लत ये लगा दो ,
छुटे कभी ना हमसे लत ये तुम्हारी ,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी.
Shrijirasik
मुरली वाले कान्हा, तुमको आना होगा,
मुरली की धुन, सुनाना होगा,
राधा और रुक्मण को संग लाना होगा,
मुरली वाले कान्हा, तुमको आना होगा,
यू तो रहता हैं तू कान्हा, भक्तों के दिल में,
भक्तों के दिल में कान्हा , संतों के दिल में,
मेरे भी दिल में घर बनाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
माखन और मिश्री का भोग, तुमको प्यारा हैं,
में वो लाया हूं जो कर्मा ने खिलाया हैं,
खिचड़े का भोग कान्हा खाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
रोज गाते हैं हम कान्हा , भजन तुम्हारे,
भजन तुम्हारे कान्हा, भजन तुम्हारे,
भजनों में रस तुमको लाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
राधा जी के संग में कान्हा, तुम तो रास रचाते हो,
अपने भक्तों को कान्हा , क्यों तरसाते हो,
हमको भी रास दिखाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
ले लो चाहे जितनी कान्हा, परीक्षा हमारी,
छोड़ेंगे हम ना कान्हा , भक्ति तुम्हारी,
हमको भी अपना बनाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं ।
यही सद् ग्रंथ कहते हैं, यही हरि भक्त गाते हैं ॥
नहीं स्वीकार करते हैं, निमंत्रण नृप सुयोधन का ।
विदुर के घर पहुँचकर भोग छिलकों का लगाते हैं ॥
न आये मधुपुरी से गोपियों की दु:ख व्यथा सुनकर।
द्रुपदजा की दशा पर, द्वारका से दौड़े आते हैं ॥
न रोये बन गमन में श्री पिता की वेदनाओं पर ।
उठा कर गीध को निज गोद में आँसु बहाते हैं ॥
कि जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं ।
यही सद् ग्रंथ कहते हैं, यही हरि भक्त गाते हैं ॥
नहीं स्वीकार करते हैं, निमंत्रण नृप दुर्योधन का ।
विदुर के घर पहुँचकर, भोग छिलकों का लगाते हैं ॥
न आये मधुपुरी से गोपियों की, दु: ख कथा सुनकर ।
द्रुपदजा की दशा पर, द्वारका से दौड़े आते हैं ॥
न रोये बन गमन में , श्री पिता की वेदनाओं पर ।
उठा कर गीध को निज गोद में , आँसु बहाते हैं ॥
कठिनता से चरण धोकर मिले कुछ'बिन्दु'विधि हर को ।
वो चरणोदक स्वयं केवट के घर जाकर लुटाते हैं ॥
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन ।
सुबह और शाम आती है, रात भर वो रुलाती है ।
चैन हमको नही आता, बताओ क्या करें मोहन ॥
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करेन मोहन ॥
चलूँ जब वो न चलने दे, रुकूँ जब वो न रुकने दे ।
मिलूँ औरों से न मिलने दे , बताओ क्या करें मोहन ॥
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन ॥
तुम्हारी ये और तुम इसके, हमारी कौन चलने दे ।
ये जब जाएगी तुम आओ , बताओ क्या करें मोहन ॥
तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन ॥
बाँके बिहारी लाल की जय हो।
श्री सच्चे महाप्रभु की जय हो ।
गुरुदेव भगवान की जय हो ।
श्याम तेरी बंसी...
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम
सांवरे की बंसी को बजने से काम राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम
यमुना की लहरें बंसी बट की छड्यां किसका नहीं है कहो कृष्ण कन्हैया है श्याम का दीवाना तो सारा ब्रजधाम लोग करें...
कौन जाने बासुरियां किसको बुलाए जिसके मन भाए वो उसी के गुण गाए कौन नहीं वंशी की धुन का गुलाम लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम...
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया...
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया सबकी आंखों का तारा मन ही मन क्यों जले राधिका मोहन तो है सब का प्यारा वृंदावन...
जमुना तट पर नंद का लाला जब जब रास रचाए रे तन-मन डोले कान्हा ऐसी वंशी मधुर बजाए रे सुध-बुध खोए खड़ी गोपियां जाने कैसा जादू डारा वृंदावन का...
रंग सलोना ऐसा जैसे छाई बदरिया सावन की ऐरी मैं तो हुई दीवानी सावन के मन भावन की तेरे कारण देख बावरे, छोड़ दिया मैंने जग सारा वृंदावन का...
ये तो प्रेम की बात है...
ये तो प्रेम की बात है ऊधौ बंदगी तेरे बस की नहीं है यहां सर दे के होते हैं सौदे आशिकी इतनी सस्ती नहीं है ये तो प्रेम की बात है...
प्रेम वालों ने कब वक्त पूछा उनकी पूजा में सुन ले ओ ऊधौ यहां दम-दम में होती है पूजा सर झुकाने की फुरसत नहीं है ये तो प्रेम की बात है...
जो असल में है मस्ती में डूबे उन्हें क्या परवाह जिंदगी की जो उतरती है चढ़ती है मस्ती वो हकीकत में मस्ती नहीं है ये तो प्रेम की बात है...
जिसकी नजरों में हैं श्याम प्यारे वो तो रहते हैं जग से न्यारे जिसकी नजरों में मोहन समाए वो नजर फिर तरसती नहीं है ये तो प्रेम की बात है...
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
छवि लगी मन श्याम की जब से २-
भई बावरी मैं तो तब से २-
बाँधी प्रेम की डोर मोहन से २-
नाता तोड़ा मैंने जग से २-
ये कैसी पागल प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
ये कैसी निगोड़ी प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मोहन की सुन्दर सूरतिया २-
मन में बस गयी मोहनी मूरतिया २-
जब से ओढ़ी शाम चुनरिया २-
लोग कहे मैं भई बावरिया २-
मैंने छोड़ी जग की रीत ये दुनिया क्या जाने २-
हर दम अब तो रहूँ मस्तानी २-
लोक लाज दीनी बिसरानी २-
रूप राशि अंग अंग समानी २-
हे रत हे रत रहूँ दीवानी २-
मई तो गाऊँ ख़ुशी के गीत ये दुनिया क्या जाने २-
मोहन ने ऐसी बंसी बजायी २-
सब ने अपनी सुध बिसरायी २-
गोप गोपिया भागी आई २-
लोक लाज कुछ काम न आई २-
फिर बाज उठा संगीत ये दुनिया क्या जाने २-
भूल गयी कही आना जाना २-
जग सारा लागे बेगाना २-
अब तो केवल शाम सुहाना २-
रूठ जाये तो उन्हें मनाना २-
अब होगी प्यार की जीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
हम प्रेम नगर की बंजारन २-
जप तप और साधन क्या जाने २-
हम शाम के नाम की दीवानी २-
नित नेम के बंधन क्या जाने २-
हम बृज की भोली गंवारनिया २-
ब्रह्म ज्ञान की उलझन क्या जाने २-
ये प्रेम की बाते है उद्धव २-
कोई क्या समझे कोई क्या जाने २-
मेरे और मोहन की बातें २-
या मै जानू या वो जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
शाम तन शाम मन शाम हैं हमारो धन २-
आठो याम पूछो हमें शाम ही सो काम हैं २-
शाम हिये शाम पिए शाम बिन नाही जिए २-
आंधें की सी लाकडी आधार शाम नाम है २-
शाम गति शाम मति शाम ही हैं प्राणपति २-
शाम सुख दायी सो भलाई आठो याम हैं २-
उद्धव तुम भये बवरे पाथी ले के आये दोड़े २-
हम योग कहा राखे यहाँ रोम रोम शाम है २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुरली बजा के मोहना क्यों कर लिया किनारा।
अपनों से हाय कैसा व्यवहार है तुम्हारा॥
ढूंढा गली गली में, खोजा डगर डगर में।
मन में यही लगन है, दर्शन मिले दुबारा॥
मुरली बजा के मोहना...
मधुबन तुम्ही बताओ, मोहन कहाँ गया है।
कैसे झुलस गया है, कोमल बदन तुम्हारा॥
मुरली बजा के मोहना...
यमुना तुम्हीं बताओ, छलिया कहाँ गया है।
तूँ भी छलि गयी है, कहती है नील धारा॥
मुरली बजा के मोहना...
दुनियां कहे दीवानी, मुझे पागल कहे जमाना।
पर तुमको भूल जाना, हमको नहीं गवांरा॥
मुरली बजा के मोहना...
Shrijirasik
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
क्या भरोसा था, ये वक़्त भी आएगा
वादा करके वो, हमसे मुकर जायेंगे
कल जो राहो में वो इत्तिफाकन मिले
सुन के अरजो तमन्ना, वो शर्मा गए
मुस्कुरा के कहा रास्ता छोड़ दो
हमको जल्दी है अपने घर जायेगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
ये मिली है खबर, घर से निकले है श्याम
अब जाने ना जाने कहा जायेंगे
बा वफा है तो वो मेरे घर आयेगे
बेवफा है तो खूब जाके घर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
ऐ मेरे दिल तू मान जा, मान जा
श्याम है बेवफा उनसे दिल ना लगा
वो आयेंगे आकर चले जायेंगे
तेरी प्रीत को बदनाम कर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
चार दिन जिंदगी के गुजर जायेंगे
क्या भरोसा था ये वक़्त भी आएगा
वादा करके वो हमसे मुकर जायेंगे
प्रीत मोहन से की, इस भरोसे पे की
चार दिन जिंदगी के, गुजर जायेंगे
जगत के रंग क्या देखूं
जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है।
क्यों भटकूँ गैरों के दर पे तेरा दरबार काफी है॥
नहीं चाहिए ये दुनियां के निराले रंग ढंग मुझको,
निराले रंग ढंग मुझको
चली जाऊँ मैं वृंदावन
चली जाऊँ मैं वृंदावन तेरा श्रृंगार काफी है
जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है
जगत के साज बाजों से हुए हैं कान अब बहरे
हुए हैं कान अब बहरे
कहाँ जाके सुनूँ बंशी
कहाँ जाके सुनूँ बंशी मधुर वो तान काफी है
जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है
जगत के रिश्तेदारों ने बिछाया जाल माया का
बिछाया जाल माया का
तेरे भक्तों से हो प्रीति
तेरे भक्तों से हो प्रीति श्याम परिवार काफी है
जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है
जगत की झूटी रौनक से हैं आँखें भर गयी मेरी
हैं आँखें भर गयी मेरी
चले आओ मेरे मोहन
चले आओ मेरे मोहन दरश की प्यास काफी है
जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है
क्यों भटकूँ गैरों के दर पे तेरा दरबार काफी है
Shrijirasik
काहे तेरी अँखियों मैं पानी
जो मैं ऐसा जानती प्रीत किये दुख होय
नगर ढिढोरा पीटती प्रीत न करियो कोय
काहे तेरी अंखियो में पानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी
मीरा प्रेम दीवानी, मीरा कृष्ण दीवानी
दीवानी प्रेम दीवानी, मीरा प्रेम दीवानी
हस के तू पी ले विष का प्याला,
काहे का डर तोरे संग गोपाला ।
तेरे तन की ना होगी हानि,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
सब के लिए मैं मुरली बजाऊं,
नाच नाच सरे जग को नचाऊ ।
सिर्फ राधा नहीं है मेरी रानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
प्रीत में भक्ति जब मिल जाए,
जग तो क्या सृष्टि हिल जाए ।
झुक जावे अभिमानी,
कन्हैया हर घडी मुझको,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
तुम्हारी याद में मोहन,
ना हमको नींद आती है,
ये दुनिया की चमक प्यारे,
हमें भी ना सुहाती है,
मेरे दिल से मेरे मोहन,
सदा इतनी सी आती है,
कन्हैया की हूँ मैं जोगन,
मुझे इतना बताती है,
तुझे हरदम बुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
जो कुछ भी था दिया तुमने,
वही तुमको चढ़ाते है,
है मेरी आँख में आंसू,
यही तुमको दिखाते है,
भगत की आँख में आंसू,
ना मोहन देख पाते है,
तेरी उल्फत के बिंदु है,
यही तुमको बताते है,
मुझे हरदम जलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
दया कर दो मेरे मोहन,
तुम्ही दाता कहाते हो,
नैनो में नीर है मेरे,
मुझे तुम क्यूँ रुलाते हो,
चले आओ मेरे मोहन,
तड़प अब सह ना पाई है,
मेरे जीवन की सांसो ने,
तुम्हारी महिमा गाई है,
‘यश’ को दर खिंच लाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
कन्हैया हर घडी मुझको,
तुम्हारी याद आती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
तन मन जीवन श्याम का, श्याम हम्मर काम।
रोम रोम में राम रहा, वो मतवाला श्याम।
इस तन में अब योग नहीं कोई ठिकाना॥
उधो इन असुवन को हरी सनमुख ले जाओ।
पूछे हरी कुशल तो चरणों में दीओ चढाओ ।
कहिओ जी इस प्रेम का यह तुच्छ नजराना॥
प्रेम डोर से बंध रहा जीवन का संयोग।
सुमिरन में डूबी रहें, यही हमारा योग।
कानो में रहे गूंजता वंशी का तराना॥
इक दिन नयन के निकट रहते थे आठों याम।
अब बैठे हमे विसार के, वो निर्मोही श्याम।
दीपक वो ज़माना था, और यह भी यमाना॥
सब तंत्र और मन्त्र क्रिया विधि से, मुरली ध्वनी प्रयोग बड़ा हैं
हरी कृष्ण सभी सत वयंजन में, अधरामृत मोहन भोग बड़ा है
जग में वही औषधि है ही नहीं, सब रोगों में प्रेम का रोग बड़ा है
जिसे योगी पतंजलि ने भी रचा, उस योग से कृष्ण वियोग बड़ा है
Shrijirasik
मुझे अपने ही रंग में रंगले मेरे यार सांवरे
मेरे यार सांवरे, दिलदार सांवरे
ऐसा रंग तू रंग दे सांवरिया जो उतरे ना जनम जनम तक
नाम तू अपना लिख दे कन्हैया मेरे सारे बदन पर
मुझे अपना बना के देखो इक बार सांवरे
श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया, बिना रंगाये मैं घर नहीं जाउंगी
बिना रंगाये मैं तो घर नहीं जाउंगी,बीत जाए चाहे सारी उमरिया।
लाल ना रंगाऊं मैं तो हरी ना रंगाऊ, अपने ही रंग में रंग दे सांवरिया
ऐसी रंग दे जो रंग ना छूटे धोबिया धोये चाहे सारी उमरिया।
जो नाही रंगों तो मोल ही मंगाएदो ब्रज में खुली है प्रेम बजरिया
या चुनरी को ओड मैं तो यमुना पे जाउंगी श्याम की मोपे पड़ेगी नजरिया
मेरे जीवन की नैया लगा जा उस पास सांवरे
भव सागर में ऐ मनमोहन माझी बन कर आना,
ना भटकूँ इधर उधर हे प्यारे मुरली मधुर बजाना
मेरी जीवन लेजा उस पार सांवरे
रैन चडी रसूल की, रंग मौला के हाथ
तूने जिसकी चुनरी रंगदीनी रे धन धन उसके भाग
जो तू मांगे रंग की रंगाई तो मेरा जोबन गिरवी रख ले
पर अपनी पगड़िया मोरी चुनरिया एक ही रंग में रंग ले
तेरे रंग तेरी आशकी जर्रोर रंग लाएगी
मुझे मार डालेगी या जीना सिखाएगी
दुनिया के रंग मिटा देगी मुझमे से,
रंग तेरे प्यार का यह मुझ पे चढाएगी
मुझे अपना बना के देखो एक बार सांवरे
मुझे अपने ही रंग में रंगले मेरे यार सांवरे
प्रीत लगाना प्रीतम ऐसी निभ जाए मरते दम तक
इस के सिवा ना तुझ से चाह ना कुछ माँगा अबतक
मेरे काहना तुझ बिन जीना बेकार सांवरे
मेरे यार सांवरे, दिलदार सांवरे
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
तुझको अपना बनाके मैं धन्य हो गया ।
कितने मिले अमीर यहां, कितने मिले गरीब -2
पर आप मिल गये तो, धनवान हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं,-2
इक आपका सहारा,-2 साकार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप,-3
चरणो के ही सहारे, मैं भव पार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया हूं॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
कोई श्याम सुन्दर से कहदो यह जाके,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के |
अभी मैंने तुमको निहारा नहीं है,
तुम्हारे सिवा कोई हमारा नहीं है |
चले क्यों गए श्याम दीवाना बना के,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के ||
अभी मेरी आखों मे आसूँ भारे है,
जखम मेरे दिल के अभी भी हरे हैं |
चले क्यों गए श्याम बंसी बजा के,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के ||
अगर तुम ना आये तो दिल क्या करेगा ,
तुम्हारे लिए ही तड़पता रहेगा |
निभाना नहीं था तो पहले तो ही कहते,
भुझाते हो क्यों आग दिल मे लगा के ||
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो भी अपने पास है, वह धन किसी का है दिया।
देने वाले ने दिया, वह भी दिया किस शान से।
"मेरा है" यह लेने वाला, कह उठा अभिमान से
"मैं", ‘मेरा’ यह कहने वाला, मन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो मिला है वह हमेशा, पास रह सकता नहीं।
कब बिछुड़ जाये यह कोई, राज कह सकता नहीं।
जिन्दगानी का खिला, मधुवन किसी का है दिया।..
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जग की सेवा खोज अपनी, प्रीति उनसे कीजिये।
जिन्दगी का राज है, यह जानकर जी लीजिये।
साधना की राह पर, साधन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है द
जो भी अपने पास है, वह सब किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो भी अपने पास है, वह धन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
(सैर)तेरी सूरत को जब से देखा, बेहोश हुए मदहोश हुए,
अब प्रीत की रीत निभा ले जरा,चरणों में झुका कर सर बैठे,
पलकों में छुपा लूं श्याम तुम्हें, यह तन मन तुझ पर वार दिया,
जब से पकड़ा तेरे दामन को, दुनिया से किनारा कर बैठे,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
होता है रोज ख्वाब में, दीदार आपका,
दिल में बसा हुआ है
ओ कान्हा बंसी वाले, हकीकत यह बात है,
यह जाँ भी आपकी है, संसार आपका,
दिल में बसा हुआ है,
उठती है जब भी दिल में, दीदार की तमन्ना,
मन में बना है मंदिर, दरबार आपका,
दिल में बसा हुआ है
जानू ना पूजा वंदन, कैसे करूं तुम्हारा,
किस विधि करूं तुम्हारा, सत्कार आपका,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
दुनिया में बिन तुम्हारे ,नहीं और पर भरोसा
दर पर खड़ा हुआ है ये प्यार आपका
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ,
मेरे मुरलीधर माधव, नंदलाल चले आओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ ।
आँखों में बसे हो तुम, धड़कन में धड़कते हो,
कुछ ऐसा करो मोहन, साँसों में समां जाओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ ॥
तेरे दर्शन को मोहन, मेरे नैन तरसते है,
है अर्ज़ मेरी मोहन, अब और ना तरसाओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ ॥
इक शर्त ज़माने से, प्रभु हमने लगा ली है,
या हमको बुला लो तुम, या खुद ही चले आओ,
गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ......
गोविन्द चले आओ, गोपाल चले आओ
हे मुरलीधर मोहन मेरे श्याम चले आओ
मेरी नाव भंवर में है, और दूर किनारा है
तुम बिन ना कोई दूजा प्रभु और सहारा है
बन कर के माझी तुम मेरी और चले आओ
गोविन्द चले आओ...
मेरे दिल की धड़कन में बस तू ही समाया है
ऐ दिलबर मेरे दिल को, तेरा नूर ही भाया है
मेरे आशिआने में इक बार चले आओ
गोविन्द चले आओ...
तुम सुख के सागर हो कण कण में समाए हो
हे प्राण प्रिय तुम तो मेरे दिल में समाए हो
पल पल है पुकारा तुम्हे, श्री कृष्ण चले आओ
गोविन्द चले आओ...
कोई संगी नहीं साथी जीवन में अकेला हूँ
बस तुझसे लगन है लगी, मैं इक अलबेला हूँ
‘हरी राम’ पुकारे तुझे वासुदेव चले आओ
गोविन्द चले आओ...
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे घनश्याम सांवरिया मेरे -2
तेरे बिन मेरा है कौन यहां,प्रभु तुम्हे छोड़ अब जाऊं कहाँ ,
मैं तो आन पड़ा दर तेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा.....
मैने जन्म लिया जग में आया ,तेरी किरपा से नर तन पाया -2
तूने किये उपकार घनेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
मेरे नैना कब से तरस रहे ,सावन भादों हैं बरस रहे ,
छाए घनघोर अँधेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
हरी आ जाओ-2 ,अब और न हमको तरसाओ ,
काटो जन्म मरण के फेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
जिस दिन से दुनिया में आया ,मैने पल भर चैन नहीं पाया ,
सहे कष्ट पे कष्ट घनेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
मेरे सारे सहारे छूट गए ,तुम भी जो मुझसे रूठ गए ,
आओ करने दूर अँधेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे -2
मेरा कोई न सहारा। .....
तेरे बिन मेरा है कौन यहां,प्रभु तुम्हें छोड़ अब जाऊं कहाँ ,
मैं तो आन पड़ा दर तेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा.....
घनश्याम सांवरिया मेरे-2
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे घनश्याम सांवरिया मेरे -2
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