॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe - Karun Bhav
राधे - करुण भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से इक बार
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे बरसाने वाली
गोलोक के ठाकुर प्यारे, तीन लोक के ठाकुर प्यारे,
तेरे लिए ब्रज धाम पधारे ।
के कृष्ण लीला की सार,
मिला दो ठाकुर से इक बार
कृपा करो...
तू ही मोहन तू ही राधा,
तुझ बिन मोहन आधा आधा, राधा राधा ।
नंदनंदन प्राण आधार,
मिला दो ठाकुर से इक बार
कृपा करो...
मेरा सोया भाग्य जगा दे,
हे श्यामा मोहे श्याम मिला दे, राधे राधे श्याम मिला दे ।
तेरे वश में है नंदकुमार,
मिला दो ठाकुर से इक बार
कृपा करो...
Shrijirasik
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
खाली दिल का हर एक कोना
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
Shrijirasik
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
बीते ना उमर यूंही झूठी जग आस में।
दौड़ चले हम कुंवरी राधिका के पास में।
जन्मों की बिगड़ी पल मे भानुजा संवारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अंश है सभी हम यूं तो नंदजू के लाल के।
विमुख हुए ज्यों सखी पड़े मुख काल के।
जीवन मरण से केवल कुंवरी उबारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अधमों को तारे अलग ही रीति से।
मिलन कराती अपने सांवरे से मीत से।
महल के द्वारे पतितों को सत्कारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
होगे निराश जब तुम जग की नातेदारि से।
प्रीत मिलेगी सांची बरसानेवारी से।
माधुरी रंगीली पे निज प्राणन वारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
Shrijirasik
छोड़ो ये बैरी जमाना
हमको बरसाने जाना
लाडली बुलाए निज धाम
चलो जी चलो बरसाना धाम
इस जग ने बहुत रुलाया
हर दिन बस दुख दिखलाया
जब भी बरसाने आया..लाडो ने सुख बरसाया
बृज रज मस्तक पे लगा के..जब राधे राधे गाया
मेरी लाडली जू आई हर बार.. चलो जी चलो बरसाना धाम...छोड़ो ये बैरी जमाना
हमको बरसाने जाना
पच्चीस में जो गलती करी थी..
छब्बीस में नहीं करूंगी...
बिसराकर सुध तन मन की..श्री श्यामा श्याम रटुंगी
डोलूँगी बृज गलियन में.. संतन का संग करूंगी..
मेरी कुटिया बनेगी इसी साल...चलो जी चलो बरसाना धाम ...छोड़ो ये बैरी जमाना
हमको बरसाने जाना
लाडो बड़ी करुणामई है..
गलती हर माफ करेंगी..
हौ तुम मोहित का गौरव.. इक दिन बृजबास भी दोगी
कर दोगी शून्य सब हिसाब..चलो जी चलो बरसाना धाम ...छोड़ो ये बैरी जमाना
हमको बरसाने जाना
Shrijirasik
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.....
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
श्याम राधिका गाऊँ,
मैं श्याम राधिका गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
सौ रज शीश नवाऊ,
सौ रज शीश नवाऊ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
Shrijirasik
तर्ज – मिलती है जिन्दगी में
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया......
जिसने कभी भी आज तक,
सजदा नहीं किया,
उसको कृपा ने आपकी,
झुकना सिखा दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.....
रहते हो दिल जिगर में,
आँखों में हर घड़ी,
मस्ती का जाम आपने,
ऐसा पिला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया........
दुनिया की चमक देखकर,
भटका हुआ था मैं,
मुझको दया ने आपके,
चरणों में ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.......
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.........
Shrijirasik
तेरे रज रज दर्शन पावा इक वारि खोल अखियाँ,
खोल अखियाँ खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा.....
कोई ता कहंदा प्यारा दिल विच वसदा,
असली ठिकाना तेरा कोई भी न दसदा,
कोई भी न दसदा श्याम,
की करा के दर नु जावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा......
तेरे दर्श दी मैं हां दीवानी, अपना चरना दी दे जा निशानी,
दे जा निशानी श्यामा दे जा निशानी,
अखियाँ प्यासियाँ नु होर तरसा न,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरा दर्श पा के वारि वारि जावा,
श्याम नाम दी गंगा विच गोते पई लावा,
श्याम प्रेम दी ज्योत जगावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरे चरना च मैं रेन गुजारा,
तेरे दर्श बिना मैं चैन ना पावा,
अखा थक गईयाँ तक तक राहवा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा........
Shrijirasik
1. अपना मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2
मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
2 . तेरी लगन में मगन हूँ करता तेरा भजन हूँ -2
निज धाम में बुलालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
3 . ऊंची अट्टारी वारी वृषभानु की दुलारी -2
चाकर मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
4 . ब्रज स्वामिनी श्री राधा हरलो ये भव की बाधा -2
मुझ दीन को सम्भालो हे करुणामयी किशोरी-2
अपना मुझे बनालो हे.....
5 . दर दर ‘‘मधुप’’ है भटका चरणों में तेरे अटका -2
मुझे चरणों से लगालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2
बोलो बरसाने वारी की जय।
Shrijirasik
तर्ज :- कन्हैया ले चल परली पार।
राधे तू बढ़भागिन है
1. नित्य किशोरी ,रस की बोरी,सदा सुहागिन है।
राधे तू बड़भागिन ....
2. मन मोहन की मोहिनी राधा।
सब सखियन में सोहनी राधा।।
चन्द्रबदनी ,चंद्रमुखी ,गोरी ब्रजवासिन है।
राधे तू बड़भागिन ....
3. कृष्ण - प्रिया आह्लादिनी राधा।
ब्रजरानी प्रियवादिनी राधा।।
गोलोक की रास विहारिणी ,प्रेमावतारन है।
राधे तू बड़भागिन ....
4. नन्द नंदन गोवर्धनधारी।
श्री राधे तेरो है पुजारी।।
भानुनन्दिनी के गुण गावत ,वेद पुरानन है।
राधे तू बड़भागिन ....
5 . ब्रजमण्डल की शान है राधा।
रसिक जनों की जान है राधा।।
‘‘मधुप’’ हरी की स्वामिनी राधा ,हरमन भावन है।
राधे तू बड़भागिन ....
Shrijirasik
सानु दरश दिखा श्यामा-2
तेरा केड़ा मुल लगदा ,साडा लथ जाए चा श्यामा।-2
ओदे नैनां मेरा दिल ठगेया-2
नी श्याम दियाँ चोर अखियाँ ,दिल लुटया पता न लगेया-2
हर दिल च समाई होई ए-2
साडे नाल बंसरी चंगी,जेड़ी मुख नाल लाई होई ए-2
वे मै गली बाती टाल दियाँ -2
नी श्याम तेरा की लगदा,मेनू पुछ दियाँ नाल दियाँ-2
तेरी याद सतांदी ए,-2
अखियाँ च श्याम बसे,राती नींद न औंदी ए-2
गेड़े जमना ते मारदे ओ-2
इथे तेरा काम कोइ न,श्याम सखियाँ निहार दे ओ-2
लोकां तो बचेया करो-2
मुरली पुआडे पांदी ए,श्याम मुरली न रखेया करो-2
मैनू श्याम प्यारा ऐ-2
लोकां दे सहारे बोत ने,मेरा श्याम सहारा ए-2 ।
Shrijirasik
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
Shrijirasik
कई जन्मों से बुला रही हु कोई तो रिश्ता जरूर होगा॥
नज़रो से नज़ारे मिला ना पायी मेरी नज़र का कसूर होगा॥
तुम्ही तो मेरे मात पिता हो॥
तुम्ही तो मेरे बंदु सखा हो॥
कितने ही नाते तुम संग जोड़े,
कोई नाता तो जरुर होगा,
कई जन्मों से बुला रही हु........
कभी भुलाते हो वृदावन मे॥
कभी भुलाते हो मधुवन मे॥
अपने तो मै रोज भुलाते
मेरे घर भी आना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
तुम्हे तो मेरे आत्मा हो॥
तुम्ही तो मेरे परमात्मा हो॥
तुझी में रह कर तुझी से पर्दा
पर्दा हटना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
अखो में बस गई तस्वीर तेरी॥
दिल मेरा हो गया जागीर तेरी॥
दासी की बिनती तुम्हारे आगे
दर्श दिखना जरूर होगा
Shrijirasik
[ ललित लड़ैती राधिका
में मांगू गोद पसार
दीजिए निज पद चरण रज
और बरसाने को वास ]
ओह लाडो प्यारी मैं सदके तेरे
मैं वस जावां बरसाने तेरे
1. मंगल बेला ते जावां अटारी
बैठी सज के वृषभानु दुलारी
बन के घुंघरू नचा तेरे बेड़े
मैं बस जावा बरसाने तेरे ...
2. बाह फड़ हरिदासी ने मिलाए बाबा
ना हुन जावा मक्के श्यामा ना हुन जावा काबा
मैं पा लए युगल वर बाबा दे वेहड़े
मैं वस जावा बरसाने तेरे
3. अह दुनिया ते गहरा पानी
बिना तेरे ना कोई मेरा सानी
छड़ दुनिया दे झूठे चमेले
मैं वस जावा बरसाने तेरे
4. लाडो बचा लो थक सी गई हु
रज में मिला लो मरने लगी हु.
गौरव मोहित वी अपने तेरे...
मैं बस जावा बरसाने तेरे
Shrijirasik
जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
मैं मूरख और अज्ञानी करता आया मनमानी
मेरे सारे दोस भुला दो तुमसा न दयालुदानी
एक बारी तेरा मुझ पर यह एहसान हो जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
यह धन दौलत की माया और पंचतंत्र की काया
सब छोड़ पड़ेगा जाना किसने कब साथ निभाया
जब दम निकले मुझे लेने मेरा श्याम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
ऋषियों ने यही कहा है वेदों में यही लिखा है
तेरा सुमिरन कर करते-करते जिसे जग छोड़ दिया है
भक्त वो सीधा ही तेरे धाम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
Shrijirasik
मेरे गिनियो ना अपराध
लाडली श्री राधे
मेरे गिनियो ना अपराध
लाडली श्री राधे
माना की मैं पतित बहुत हू
तो पतित पवन टेयरो नाम
लाडली श्री राधे
राधे पतित पवन टेयरो नाम
लाडली श्री राधे
मेरे गिनियो ना अपराध
लाडली श्री राधे
जो तुम मेरे अवगुण देखो
राधे नही कोई उनका हिसाब
लाडली श्री राधे
मेरे गिनियो ना अपराध
लाडली श्री राधे
अष्ट सखीं में कोटि में
उन्हो की दासी डासीन में
कही लिख लीजो मेरो नाम
लाडली श्री राधे
मेरे गिनियो ना अपराध
लाडली श्री राधे
Shrijirasik
सुखी बसे संसार सब दुखिया रहे न कोय,
यह अभिलाषा हम सब की , भगवन पूरी होय,
विद्या बुधि तेज बल सबके भीतर होय,
दूध पूत धन-धान्य से वंचित रहे न कोय,
आपकी भक्ति प्रेम से मन होवे भरपूर,
राग-द्वेष से चित्त मेरा कोसों भागे दूर,
मिले भरोसा आपका, हमें सदा जगदीश
आशा तेरे नाम की, बनी रहे मम ईश,
पाप से हमें बचाईओ , करके दया दयाल,
अपना भक्त बनाय कर, हमको करो निहाल,
दिल में दया उदारता मन में प्रेम अपार,
हृदय में धीरता, हे मेरे करतार,
हाथ जोड़ विनती करूं सुनिए कृपा निधान,
साधु-संगत सुख दीजिए, दया धर्म का दान
मेरा सुखी रहे परिवार लाडली कृपा करो
मेरा चलता रहे संसार लाडली कृपा करो
लाडली कृपा करो लाड़ली कृपा करो 2
कृपा करो मोपे 3
मेरा सुखी रहे संसार........
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
पावन किशोरी जी, तुम्हरे चरन
श्री चरनन में, दे दो शरण
जिन चरनो में रहे, नंद नंदन ,
मस्तक धरो मेरे, करूँ मैं वन्दन
अति सुखदाई, तारण तरण
श्री चरनन में, दे दो शरण
चरन शरण बिन, मरना भी भारी,
हारा हूँ कर्मो से, तरना भी भारी
भटकन मेरी अब, कर लो हरण
श्री चरनन में, दे दो शरण
ब्रज रज़ माही, दे दो ठिकाना,
ब्रज में रज़ बन, रहूँ बरसाना
करूँ रसिकन पग, धूलि धरण
श्री चरनन में, दे दो शरण
तुम्हरे चरण, त्रिलोकी समाए,
गोपाली को, पागल बनाए
तन मन धन, चरनन अर्पण
श्री चरनन में, दे दो शरण
Shrijirasik
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
क्या होती प्रतीक्षा है, की पीड़ा होती है,
कितना जलता है दिल कब आँखे रोटी है,
बहेंगे आँसू, बहेंगे आँसू, तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
जब कोई सुनेगा ना, जब कोई सुनेगा ना,
तेरे मान के दुखड़े जब ताने सुन सुन के होंगे दिल के टुकड़े,
सुनोगे ताने तब यह जानोगे, सुनोगे ताने तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
पनघट मेी मधुबन मेी वो इंतेजर करना,
आए श्याम तेरी खातिर वो घुट घुट के मारना,
करोगे इंतजार जानोगे, करोगे इंतजार जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
याद आने से पहले तुम ना जया करो,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
अब एक तमन्ना है, गर फिर से जानम मिले,
मई श्याम बनू तेरा तू राधा बन के जिए,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
Shrijirasik
तरज़-हुंसन पहाड़ो का ओ साहेबां
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
के तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
अपना नहीं कोई,सब है पराये
जितना बुलाऊं,मुझसे दुर ही जाये
आकर संभालो ना के तेरे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
मैंनें सुना है तूं प्रेम की धारा,तेरे बिना ना कोई हमारा
किरपा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
पागल ने तेरी महिमा बख़ांनी,धसका भी है चरणों को पुजारी
मेरा भाग्य बना दो ना किशोरी मेरी,
के तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा
मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
Shrijirasik
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
अपना जीना अपना मरना,बस तेरी चौखट पे है
अब कहां सर को झुकाए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
मैं हूं दासी श्यामा जू की,बस यही पहचान है
अब कहां मोहे गम सताए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
मैं यह कैसे मान जाऊं,लाडो के दरबार में
छीन ले कोई मेरी अदाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
सारी दुनिया छोड़ कर,तेरी शरण में आ गई
अब कहां सरकार जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पर जाएं, आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
मेरी श्यामा जो वृंदावन बसा लोगी तो क्या होगा,
मेरे बांके बिहारी से मिला दोगी तो क्या होगा,
तड़पती हूं मैं आहे भर,
सहारा कुछ ना दिखता है,
भरोसा श्याम चरणों में लगा दोगी तो क्या होगा,
मेरी श्यामा जो.....
श्री यमुना किनारे पर,
बनी कुंजों की कुटिया में,
मेरे राधा रमण बैठे,
दिखा दोगी तो क्या होगा,
मेरी श्यामा जो.......
जो देखा रसिकों ने वो वन,
सदा गुलजार रहता है,
वहीं रस दिव्य वृंदावन,
दिखा दोगी तो क्या होगा,
मेरी श्यामा जो.....
सदा झाडु लगाकर के,
मैं नाचूंगी ओ गाऊंगी,
रंगीली अपनी दासी को,
बुला लोगी तो क्या होगा,
मेरी श्यामा जो.......
Shrijirasik
तरज़-सांवरे को दिल में,बसाकर तो देखो
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी, ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
रो रो के तुमको पुकारा करेंगें,
हर कष्ट सहकर गुज़ारा करेंगे
कोशिशें दुबारा दुबारा करेंगे,
अबकी बारी रूबरू नज़ारा करेंगे
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना...
भुलकर करेंगे ना,कोई भी नादानीं
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
चिख़ूं चिल्लाऊंगी,पर्वत के निचे से
छुप छुप निहारूंगी,आंखों से निचे से
भीतर छुपालुंगी,अंखियों को मिचे से
भाव फिर सुनाऊंगी,विरह के सिचें से
सिड़ीयों पे बिच्छ जाऊंगी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
सिड़ीयों पे बिच्छ जाऊंगी,बनके दिवानीं
हमको शरणं में,लेना महारानी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,नित
बरसानें जायेंगे हम
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
उबरूं ना ऐसे डुबूं,किशोरी तेरे नाम में
जीवन की शैष घड़ीय,बिते तेरे नाम में
बंध जाऊं घुंघरू बनके,किशोरी तेरे पांव के
छंन छंन से छंनकाती,ले जाना धाम में
बड़ा ही रूलाती वो,यादें पुरानीं
सख़ियों के झुरमुट,वो यमुना का पानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
प्रेम है इक आग का दरिया,डुबकर है जाना
पता है मुझे बस ये,हंसेगा ज़माना
बिच बिच आती रहना,धिरज बढ़ाना
जब तक रूंकेना मेरा,आंसू बहाना
श्री हरिदासी है,दासी पुरानी
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
कभी ना कभी तो,हे राधा रानी
बदलेगी अपनी भी,ये जिंदगानी
छोड़ छाड़ आयेंगे,जग के झमेले
हमको भी शरणं में,लेना महारानी
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
राधा राधा राधा राधा गायेंगे हम,
नित बरसानें जायेंगे हम
हे लाडली हे लाडली,हे स्वामिनी हे स्वामिनी
कभी ना....
Shrijirasik
तर्ज़:- अखिंयों के झरोखों से
कल श्री जी के महलों में, मैं बैठी थी भाव में
थोड़ा सा परदा हटा, मेरे आंसू निकल आए
कल श्री के महलों में...
1. मुझसे बोली किशोरी जू,क्यों रोनें लगी है तूं
मैं साथ हुं धीरज काहे,फिर खौनें लगी तूं
उनकी ममता निरख़ करके,मेरी जिहवा अटक गई
मैं कुछ बोल नहीं पाई,मेरे आंसू निकल आए
कल श्री जी के महलों में...
2. मैं बोली मैं हार गई, जग निर्मोही जीत गया
तुम आई नहीं हे किशोरी जू, मेरा जीवन बित गया
श्री जी उठके सिंघासन से,मेरी गोदी में आ गई
थोड़ा सा शरमाई,मेरे आंसू निकल आए
कल श्री जी के महलों में...
3. मेरी ठोडी पकड़ कर के,मेरी अंखियों में देखकर
जानें कैसा इश़ारा किया सखी,मेरी मस्तक की रेख पर
अह्लाद प्रगट हो गया,मुझे कम्पन सा होने लगा
मैं कुछ समझ नहीं पाई,मेरे आंसू निकल आए
कल श्री जी के महलों में...
4. फिर ऐसा लगा मुझको,मैं उड़ पहुंचीं सघनवन में
यहां अष्टसखी संग राज रही,श्यामा जू निकुंजों में
ललिता जू क़रीब आई,मेरी पकड़ी कलाई थी
हरिदासी तूं कब आई,मेरे आंसू निकल आए
कल श्री जी के महलों में...
Shrijirasik
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
अब तक बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
बरसाना बुला रही है
कोई माने या ना माने मैं खास हूं तुम्हारा
लगता है जैसे मुझे को मै दास हूं तुम्हारा
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
कहते हैं मुझ को सारे दीदार तेरा पाऊं
टूटी हुई वाणी से गुणगान कैसे गाऊं
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
जीवन मैं जो दिया है मैंने कुछ भी नहीं किया है
मिली मामा को शौहरत वो तेरा शुक्रिया है
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
Shrijirasik
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
1. कितनें जन्मों से भटका,ना मिला कोई सहारा
तेरा सहारा पाके,भव पार हो गया
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
2. पापो से डर रह था, दुःख में तड़प रहा था
आया शरणं में तेरी,चरणों से ना हटाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
3. गुरुवर ने दे दिया है,हरीनाम रस का प्याला
धसका रहे लुटाता,ये नाम का खज़ाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
Shrijirasik
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
दासी की झोली भरदो,
लाडली श्री राधे
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे
माना की मैं पतित बहुत हु,
माना की मैं पतित बहुत हु,
तेरो पतित पावन है नाम,
लाडली श्री राधे....
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे....
जो तुम मेरे अवगुण देखो,
जो तुम मेरे अवगुण देखो,
मत रखना कोई हिसाब,
लाडली श्री राधे....
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे....
चंद्रा सखी भज बल कृष्णा छवि,
चंद्रा सखी भज बल कृष्णा छवि,
तेरे चरणों में जाऊ बलिहार,
लाडली श्री राधे....
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे....
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
श्री राधे श्री राधे
एक नज़र कृपा की कर दो,
लाडली श्री राधे....
Shrijirasik
राधा राधा राधा राधा........
राधा राधा, राधा राधा,
राधा राधा, राधा राधा......
श्री राधा, श्री राधा,
जय राधा, जय राधा,
जय राधा, श्री राधा,
श्री राधा राधा राधा राधा........
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
एक बार राधा कहे,
प्राणी पावन होत,
हरि पधारे सांसुमन और,
जगे प्रेम की ज्योत,
जगे प्रेम की ज्योत,
सांवरो हृदय बिराजे,
मौर मूकट और बांसुरी,
पीताम्बर साजे.......
श्री वृन्दावन वास मिले हो,
प्रेम अगाधा,
तेरो हो जीवन कल्याण,
कहे एक बार जो राधा.....
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
परम स्नेह ही हरि कहे,
राधा को कर धाम,
ओह सोहे प्यारे अधिक,
रटे जो राधा नाम,
रटे जो राधा नाम,
मेरो प्रानन सो प्यारो,
सत्य कहु ये नाम,
मेरो जीवन रखवारो......
बड़ा बाघी वो जीव,
सफल की निति ना देहि,
सत्य कहु ये नाम,
मेरो है परम स्नेही......
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
मग्न प्रेमरा सुनत हीं,
होत रसीले श्याम,
श्रवण हेत हरि दा शब्द,
त्याग देत निजधाम,
त्याग देत निजधाम,
नाम राधा मतवाले,
पाछे पाछे फिरत,
नन्द के लाल ग्वाले.....
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
जा मुख सोहरि सुनत है,
राको शब्द रसाल,
प्रेम भक्ति निजकोष की,
देत ताहि तत्काल,
देत ताहि तत्काल,
अ जो कहे करि ठगोरी,
पुरो मोल न दियो मति,
मति किनियो भोरी....
राधा......राधा.....
राधा राधा सुनत हरि,
पावे यथा सुख,
धन्य धन्य बलिहारि नाम,
श्री राधा जामूख......
राधा राधा राधा राधा........
राधा राधा, राधा राधा,
राधा राधा, राधा राधा......
श्री राधा, श्री राधा,
जय राधा, जय राधा,
जय राधा, श्री राधा,
श्री राधा राधा राधा राधा........
राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा........
Shrijirasik
लाड़ली श्यामा जू,
रख लो मुझे बरसाने में,
मेरा मन ही ना लागे ज़माने में,
मेरा दिल ही ना लागे ज़माने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
मेरी धीमी है चाल, मैं तो चींटी हूँ,
ये पथ है विशाल, मैं तो रीती हूँ,
थक ना जाऊँ कहीं आने जाने में,
थक ना जाऊँ कहीं आने जाने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
आप सुनती रहे, मैं सुनाती रहूं,
आप रूठी रहे, मैं मनाती रहूं,
अच्छी गुजरेगी सुनने सुनाने में,
अच्छी गुजरेगी सुनने सुनाने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
आप तो हमको, बुलाते रहे,
आप भर भर के, हमको पिलाते रहे,
मेरे पाप करम आड़े आते रहे,
माफ़ कर दो हुआ जो अनजाने में,
माफ़ कर दो हुआ जो अनजाने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
ये ना समझो की, टाले से टल जाएगी,
हरिदासी तो विरहा में, जल जाएगी,
लगे कितने जनम फिर रिझाने में,
लगे कितने जनम फिर रिझाने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में।।
लाड़ली श्यामा जू,
रख लो हमें बरसाने में,
मेरा मन ही ना लागे ज़माने में,
मेरा दिल ही ना लागे ज़माने में,
लाड़ली श्यामा जु,
रख लो मुझे बरसाने में..........
ऐसी करुणा करो किशोरी जाने या अनजाने में
वृंदावन में उम्र कटे और मौज मिले बरसाने में
ऐसी करुणा करो किशोरी
जीवन के पथ में अंधियारा मैंने अपने आप किया
काम क्रोध लालच में आकर हर पल मैंने पाप किया
उम्र कैद की सजा सूना दो पापो के हर जाने में
ऐसी करुणा करो किशोरी
अपनों ने संग छोड़ दिया है गैरो की अब आस नही
एक तुम्हारे सिवा किशोरी कुछ भी मेरे पास नही,
दर दर मारा भटक रहा हु इस बेदर्द जमाने में
ऐसी करुणा करो किशोरी
श्री हरिदास की प्यारी तुम हो करुना मई कहाती हो
दीन दुखी जो है दुनिया में उनका साथ निभाती हो
कहे अनाडी क्या दिकत है खत्री को अपनाने में
ऐसी करुणा करो किशोरी
राधे किशोरी, दया करो,
राधे किशोरी, दया करो,
हम से दीन ना कोई जग में,
बान दया के तनिक धरो,
माधव की लाड़ली दया करो।
सदा धरी दीनन पे श्यामा,
यह विश्वाश जो मन ही खरो,
राधे किशोरी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
विषम विषय विष ज्वाल माल में,
विविध ताप तपित जू जरो,
राधे किशोरी, दया करो,
श्यामा प्यारी, दया करो ।
कबहुँ तो करुणा करोगी श्यामा,
यह आस लिये द्वार परो।
राधे किशोरी, दया करो,
राधे किशोरी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
बाबा की लाड़ली दया करो,
संतों की लाड़ली, दया करो,
भक्तों की प्यारी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
Shrijirasik
आदत आदत आदत है,
जिसको पड़ी जिसकी आदत है।
हम पर तो श्री जी ने की है कृपा,
राधे कहने की आदत है।।
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है।
श्री जी के चरनो मे रहने की आदत सी हो गयी है।।
श्यामा द्वारे आ पडी हुं तेरे नाम के सहारे।।
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है ॥
कोई पागल या दिवाना ओर मस्ताना हि कहे ।
ऐसी बातो को अब सहने कि आदत सी हो गयी है ॥
अब चाहे डूबा दो या बना दो कोई गम भी तो नही ।
हमको तेरे नाम में बहने कि आदत सी हो गई है ॥
मेरी फ़रियाद पे न तुमने कोई गौर ही किया ।
बीती बातों को दोहराने की आदत सी हो गई है ॥
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है ।
श्री जी के चरनो मे रहने की आदत सी हो गयी है ॥
सरस किशोरी वयस की थोरी
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
साधन हीन, दीन मैं राधे,
तुम करुणामयी प्रेम अगाधे,
काके द्वारे, जाय पुकारे,
कौन निहारे, दीन दुःखी की ओर,
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
करत अघन नहिं नेकु उघाऊँ,
भजन करन में मन को लगाऊँ,
करी बरजोरी, लखि निज ओरी,
तुम बिनु मोरी, कौन सुधारे दोर।
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
भलो बुरो जैसो हूँ तिहारो,
तुम बिनु कोउ न हितु हमारो,
भानुदुलारी, सुधि लो हमारी,
शरण तिहारी, हौं पतितन सिरमोर।
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
गोपी-प्रेम की भिक्षा दीजै,
कैसेहुँ मोहिं अपनी करी लीजै,
तव गुण गावत, दिवस बितावत,
दृग झरि लावत, ह्वैहैं प्रेम-विभोर।
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
Shrijirasik
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे चरणन में |
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे चरणन में ||
तेरी ऊँची अटारी प्यारी, मैं वारी तेरी गलियन पे |
मेरी जीवन की हो जाये भोर, किशोरी तेरे चरणन में ||
तू एक इशारा कर दे, मई दौड़ी आऊं बरसाने |
मैं तो नाचूं बन कर मोर, किशोरी तेरे चरणन में ||
मेरा पल में भाग्य में बदलदे इशारा तेरी करुणा का |
मेरे जन्मों की कट जाए डोर, किशोरी तेरे चरणन में ||
थक सा गया हूँ जगत झंझट में स्वामिनी बाल में तुम्हारा |
भाव सागर में डूब रहा है सूजत नाही किनारा ||
ऐसे दीन अनाथ को तुम को कौन सहारा |
आओ और पकड़ लो उंगली अपना जान दुलारा |
मेरी आहों से झोली भर दे तू बस जा तन मन में |
मुझे ढूंढें नन्द किशोर, किशोरी तेरे चरणन में ||
तेरे रंग में रंगा हर जमाना मिले,
मैं जहा भी रहू बरसना मिले,
सारे जग में तेरा तो ही एक नूर है,
मेरा कान्हा भी तुझसे ही मशहूर है,
बद किस्मत है वो कुझसे दूर है,
तेरा नाम का हर मस्ताना मिले,
मैं जहा भी रहू बरसना मिले.........
तेरी रहमत के गीत गाने आया हु मैं,
कई गुनाहों की सोगात लाया हु मैं,
मैं तो करुना जगत का सताया हु मैं,
रहमत का इशारा नजरना मिले,
मैं यहाँ भी रहू बरसना मिले..........
तेरी पायल बंसी उनकी बजती रहे,
जोड़ी प्रीतम प्यारे की सजती रही,
तेरे रसिको पे छाई ये मस्ती रहे,
तेरे चरणों की रज में ठिकाना मिले,
मैं यहाँ भी रहू बरसना मिले..........
तेरा बरसाना राधे मेरी जान है,
मेरे अरमानो की आन है शान है,
तेरी गलियों में जाकर ये कुर्बान है,
गाऊ जब भी तेरा अफसाना मिले,
मैं यहाँ भी रहू बरसना मिले.........
खुश रहे तू सदा ये दुआ है मेरी,
बरसना फले ये सदा है मेरी,
तेरे चरणों में रहना साझा है मेरी,
जभी रास्ता दीवाना मिले,
मैं यहाँ भी रहू बरसना मिले..........
प्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को,
ऐसे किशोरी तुम्हे ढूंढ रहा,
ऐसे किशोरी तुम्हे खोज रहा,
प्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को,
सोना चांदी मैं तो ना मांगू,
मन तेरे प्रेम रचता रहु मैं,
ऐसे किशोरी तुम्हें ढूंढ रहा,
ऐसे प्रभु मैं तुझको खोज रहा,
तुम ही मेरे मन की अभिलाषा,
पूजा तेरी नित नित करता रहु मैं,
ऐसे प्रभु मैं तुझे ढूंढ रहा,
ऐसे प्रभु मैं तुझको खोज रहा,
तू जो मेरे मन में वास करे,
पाप से निश दिन बचता रहु मैं,
ऐसे प्रभु मैं तुझे ढूंढ रहा,
ऐसे प्रभु मैं तुझको खोज रहा,
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