॥ राधाभावविहीनो यः स भक्तो न कथञ्चन ॥
Radhe Krishna - Karun Bhav
राधे कृष्ण - करुण भाव
॥ राधे राधे ॥


गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है,
श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है,
गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है॥
तेरी चौखट पर आना मेरा काम है,
मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है,
गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है,
श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है॥
तेरी राहों पे अब तो कदम पड़ गए,
आगे राह दिखाना तेरा काम है,
गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है,
श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है॥
मैंने मन को तो मंदिर बना ही लिया,
उसमें आसन लगाना तेरा काम है,
गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है,
श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है॥
मैंने दीपक में बाती लगाई दी,
आके बाती जगाना तेरा काम है,
गोविंद मेरो है गोपाल मेरो है,
श्री बांके बिहारी नंदलाल मेरो है॥
तुम बिन मोरी कौन खबर ले गोवर्धन गिरधारी,
भरी सबा में द्रोपदी खाड़ी राखो लाज हमारी,
तुम बिन मोरी कौन खबर ले गोवर्धन गिरधारी,
मोर मुकट पीताम्भर सोहे,कुण्डल की छवि न्यारी,
तुम बिन मोरी कौन खबर ले गोवर्धन गिरधारी,
मीरा के प्रभु श्याम सूंदर है चरण कमल बलिहारी,
तुम बिन मोरी कौन खबर ले गोवर्धन गिरधारी,
Shrijirasik
कौन विधि रीझेंगे मुरलीधर श्याम,
छोड़ सारे काम जपो राधा-राधा नाम।
जिनके हृदय में समाए राधा नाम,
छोड़ सारे काम जपो राधा-राधा नाम॥
भाव से पुकारा जिसने भी श्री राधा,
उसके जीवन की कट गई सब बाधा।
कान्हा की बाँसुरिया जो लेती है नाम,
श्री राधा-राधा नाम, वो है राधा-राधा नाम॥
बरसाने में जो भी आए,
उसपे राधा कृपा बनाए।
वृन्दावन की गलियाँ पुकारे जो नाम,
श्री राधा-राधा नाम, वो है राधा-राधा नाम॥
रो-रो के अखियाँ जो राह निहारे,
विरह के अंसुअन में उनको पुकारे |
यमुना की लहरों में गूंजे जो नाम,
श्री राधा राधा नाम, वो है राधा राधा नाम॥
कुंजन की छांव में जो रस बरसाए,
मुरली मनोहर की सुध-बुध चुराए।
मोहन का मन हर ले जो प्यारा नाम,
श्री राधा राधा नाम, वो है राधा राधा नाम॥
अधरों पे बंसी की तान सजाए,
मुरली के सुर में जो जादू जगाए।
सांसों में अमृत घोले जो नाम,
श्री राधा राधा नाम, वो है राधा राधा नाम॥
वृन्दावन की जो स्वामिनी कहाए,
गोविन्द भी जिनके चरण दबाए।
मोहन को रसिया बनाए जो नाम,
श्री राधा राधा नाम, वो है राधा राधा नाम॥
Shrijirasik
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
खाली दिल का हर एक कोना
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
Shrijirasik
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
बीते ना उमर यूंही झूठी जग आस में।
दौड़ चले हम कुंवरी राधिका के पास में।
जन्मों की बिगड़ी पल मे भानुजा संवारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अंश है सभी हम यूं तो नंदजू के लाल के।
विमुख हुए ज्यों सखी पड़े मुख काल के।
जीवन मरण से केवल कुंवरी उबारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अधमों को तारे अलग ही रीति से।
मिलन कराती अपने सांवरे से मीत से।
महल के द्वारे पतितों को सत्कारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
होगे निराश जब तुम जग की नातेदारि से।
प्रीत मिलेगी सांची बरसानेवारी से।
माधुरी रंगीली पे निज प्राणन वारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
Shrijirasik
कांन्हा आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,कुण्डल बन जाऊं
कानों में रहकर,तेरी शोभा बढ़ाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,माला बन जाऊं
गले की शोभा बन,हृदय से लग जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया,तेरी बासुरीं बन जाऊं
हाथों में रहकर,अधरों पे सज जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
कहो तो कन्हैया,पागल मामा हो जाऊं
चरणों में रहकर,अपना जीवन बिताऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
साडे ईक वारी आजा ओ रगिलें रसिया-2
ओ रगिलें रसिया,ओ छबिलें रसिया-2
Shrijirasik
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.....
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
श्याम राधिका गाऊँ,
मैं श्याम राधिका गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
सौ रज शीश नवाऊ,
सौ रज शीश नवाऊ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
Shrijirasik
तर्ज – मिलती है जिन्दगी में
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया......
जिसने कभी भी आज तक,
सजदा नहीं किया,
उसको कृपा ने आपकी,
झुकना सिखा दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.....
रहते हो दिल जिगर में,
आँखों में हर घड़ी,
मस्ती का जाम आपने,
ऐसा पिला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया........
दुनिया की चमक देखकर,
भटका हुआ था मैं,
मुझको दया ने आपके,
चरणों में ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.......
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.........
Shrijirasik
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
1 ) मुरली की धुन हमे सोने ना देती……..2
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती……..2
मुरली की धुन हमे सोने ना देती
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती
बेरन बहुत सतावे है
मुरली ना बजाओ…….2
2 ) ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी……..2
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी………..2
ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी
काहे तू जल जल जावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
3 ) हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली……….2
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली……….2
हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली
जमुना पे हमको बुलावे है
मुरली ना बजाओ…….2
4 ) बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली………2
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी………..2
बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी
मेरे मन को भावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
Shrijirasik
1. अपना मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2
मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
2 . तेरी लगन में मगन हूँ करता तेरा भजन हूँ -2
निज धाम में बुलालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
3 . ऊंची अट्टारी वारी वृषभानु की दुलारी -2
चाकर मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
4 . ब्रज स्वामिनी श्री राधा हरलो ये भव की बाधा -2
मुझ दीन को सम्भालो हे करुणामयी किशोरी-2
अपना मुझे बनालो हे.....
5 . दर दर ‘‘मधुप’’ है भटका चरणों में तेरे अटका -2
मुझे चरणों से लगालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2
बोलो बरसाने वारी की जय।
Shrijirasik
जगत प्रीत मत करियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो,
हरी वादा से डरियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
ये जग तो माया की छाया,
झूटी माया झूटी छाया,
या पीछे मत पड़ियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
ये जग तो माटी का खिलौना,
इसके पीछे तू मत खोना,
गुरु चरण चित धरियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
ये जग तो झूठा दीवाना,
पागल मन यहाँ न फस जाना,
नहीं तो जिन्दा मारियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
इस जग में तू आया अकेला,
मत करियो जग ते मन मेला,
भव से पार उतरियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
जगत प्रीत मत करियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो,
हरी वादा से डरियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
Shrijirasik
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
Shrijirasik
कई जन्मों से बुला रही हु कोई तो रिश्ता जरूर होगा॥
नज़रो से नज़ारे मिला ना पायी मेरी नज़र का कसूर होगा॥
तुम्ही तो मेरे मात पिता हो॥
तुम्ही तो मेरे बंदु सखा हो॥
कितने ही नाते तुम संग जोड़े,
कोई नाता तो जरुर होगा,
कई जन्मों से बुला रही हु........
कभी भुलाते हो वृदावन मे॥
कभी भुलाते हो मधुवन मे॥
अपने तो मै रोज भुलाते
मेरे घर भी आना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
तुम्हे तो मेरे आत्मा हो॥
तुम्ही तो मेरे परमात्मा हो॥
तुझी में रह कर तुझी से पर्दा
पर्दा हटना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
अखो में बस गई तस्वीर तेरी॥
दिल मेरा हो गया जागीर तेरी॥
दासी की बिनती तुम्हारे आगे
दर्श दिखना जरूर होगा
Shrijirasik
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावा
कहो तो भगवा भेष
कहो तो मोतियन मांग भरावा
कहो छिटकावा केश
बाला मैं बैरागन हूंगी
प्राण हमारा वह बसत है
यहाँ तो खाली खोड़
मात पिता परिवार सहूँ है
कही ये दिन का तोड़
बाला मैं बैरागन हूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी - २
जिन भेषा मेरो साहब रीझे
सोहि भेष धरूंगी
बाला मैं बैरागन हूंगी
Shrijirasik
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
जादू करके , ओह जादू करके , जादू करके ओ पिया गयो जादू करके
जादू करके , जादू करके, जादू करके ओह जादू करके
कित गयो जादू करके…
नन्दनंदन पिया कपट जो कीनो-2
निकल गयो, निकल गयो छल करके
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
ओ पिया कित गयो जादू करक……
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे — 5
कबहु मिले ,कबहु मिले ,कबहु मिले ,
आग भरके जादू करके,
जादू करके -4
ओ पिया कित जादू करके…-2
मीरा दासी शरण जाे आई -5
चरणकमल, चरणकमल ,चरणकमल चित धरके
जादू करके, जादू करके -3
ओ पिया कित गयो जादू करके…
गिरधार नागर कहती मीरा -2
नटवर नागर कहती मीरा -2
गिरधार नागर कहती -2
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
जादू करके , ओह जादू गयो करके , जादू करके ओ पिया गयो जादू करके
जादू करके , जादू करके, जादू करके ओह जादू करके
कित गयो जादू करके…
Shrijirasik
सुन राधिका दुलारी,
हूँ द्वार का भिखारी,
तेरे श्याम का पुजारी,
एक पीड़ा है हमारी,
हमें श्याम न मिला
हमसोचते थे कान्हा कही कुंजन में होगा,
अभी तो मिलन का हमने सुख नहीं भोगा
ओ सुनके प्रेम कि परिभाषा,
मन में बंधी थी जो आशा,
आशा भई रे निराशा,
झूटी दे गया दिलाशा
हमें श्याम न मिला
देता है कन्हाई जिसे प्रेम कि दिशा,
सब विधि उसकी लेता भी है परीक्षा
ओ कभी निकट बुलाये,
कभी दूरियाँ बढ़ाये,
कभी हंसाए रुलाये,
छलिया हाथ नहीं आये
हमें श्याम ना मिला…
ओ अपना जिसे यहाँ कहे सब कोई,
उसके लिए में दिन रात रोई,
ओ नेह दुनिया से तोडा,
नाता संवारे से जोड़ा,
उसने ऐसा मुख मोड़ा,
हमें कही का ना छोड़ा
हमें श्याम ना मिला
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
क्या होती प्रतीक्षा है, की पीड़ा होती है,
कितना जलता है दिल कब आँखे रोटी है,
बहेंगे आँसू, बहेंगे आँसू, तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
जब कोई सुनेगा ना, जब कोई सुनेगा ना,
तेरे मान के दुखड़े जब ताने सुन सुन के होंगे दिल के टुकड़े,
सुनोगे ताने तब यह जानोगे, सुनोगे ताने तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
पनघट मेी मधुबन मेी वो इंतेजर करना,
आए श्याम तेरी खातिर वो घुट घुट के मारना,
करोगे इंतजार जानोगे, करोगे इंतजार जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
याद आने से पहले तुम ना जया करो,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
अब एक तमन्ना है, गर फिर से जानम मिले,
मई श्याम बनू तेरा तू राधा बन के जिए,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
Shrijirasik
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
कैसे तुमने किया वश में , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
कैसे रीझ गया तुमपे , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी,
कैसे मान गया तुमसे , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
फिर मान गया कान्हा , श्याम मुझे ऐसे मिला ,
सखी कैसे बताऊ तुम्हें, श्याम मुझे ऐसे मिला ,
Shrijirasik
गोपी विरह गीत :
व्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों से ना निंदिया चुराना ।
ब्रज गोपियों का है प्रेम पुराना ।।
आज से सूनीं गलियाँ राहें ।
पनघट पे भरना है आहें ।।
छोड़के हमको ना तुम जाना ।।
ब्रज गोपियों से........
मैया बाबा को ना छोड़ो ।
प्रेम के रिश्तों को ना तोड़ो ।।
याद करो वो माखन चुराना ।।
ब्रज गोपियों.......
कुंज-निकुंज का मिलना सपना ।
कैसे कहें कान्हा था अपना ।।
कान्त विरह में है आँसू बहाना ।।
ब्रज गोपियों से.......
Shrijirasik
तर्ज ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब दल के
रिश्ता मैं जोड़ आई राधे और श्याम से,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
इस दुनिया से मैंने यूँ ही झूठी प्रीत लगाई (मिला ना मुझको भाई,)-2
लड्डू लाल को बना लिया है मैंने अपना भाई,
मैं भी चलूँगी उसकी ऊँगली को थाम के,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
बांके बिहारी की भी ऐसी (झांकी अज़ब निराली)-2,
मोटी मोटी आंखे उनकी बिन काजल की काली,
अमृत की बूँदें छलकें अखियों के जाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
सज धज कर जब श्याम सलोना (मुरली मधुर बजाये)-2,
चाँद सितारे तुझे निहारें “पाल” तेरे गुण गाये,
चलती है अपनी नैया इनके ही नाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
1. कितनें जन्मों से भटका,ना मिला कोई सहारा
तेरा सहारा पाके,भव पार हो गया
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
2. पापो से डर रह था, दुःख में तड़प रहा था
आया शरणं में तेरी,चरणों से ना हटाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
3. गुरुवर ने दे दिया है,हरीनाम रस का प्याला
धसका रहे लुटाता,ये नाम का खज़ाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
Shrijirasik
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं....
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
इस भरी दुनिया में मेरा,
हमनवां कोई नहीं
जिसको अपना कह सकूँ,
वो बंदा परवर आप हैं....
मेरी ज़िंदगी की आरज़ू,
प्यारे मेरी तमन्ना आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
श्याम सुंदर सांवरे,
मेरे तो सब कुछ आप हैं
अब कहाँ जाऊँ मुरारी,
मैं तेरा दर छोड़कर...
आप ही हैं दिलबर मेरे,
मेरे रहबर आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी
मेरी दुनिया आप हैं
नन्दलाल सहारा तेरा है
मेरा और सहारा कोई नहीं
Shrijirasik
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे,
किशोरी राधे अति भोरी राधे........
प्यारी जू प्यारे की जीवन,
प्यारो प्यारी प्राण आधार
प्यारी प्यारे के उर हार,
प्यारो प्यारी के उर हार
प्यारे प्यारे रंगमहल में,
रँग भरे दो करत विहार....
रंग भरी निरखत हरकत हिय,
श्री हरि प्रिया सकल सुख सार
प्यारी जू प्यारे की जीवन
प्यारो प्यारी प्राण आधार
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे
किशोरी राधे अति भोरी राधे................
प्रीतम की प्यारी प्रिया
प्रिया प्राण प्यारे प्रियो,
दउअन की दो छवि सिंधु में तरावे है
दऊ नव करे खेल, दऊ भुज अंश मेल,
दऊ सुख झेल झेल मंद मुस्कावे है,
लाल बलवीर वनराज के विलासी दऊ
सखिन चकोरन के लोचन सिरावे है,
गावे राग रागिनी रसीले चटकीले मुख
मधुर मधुर वैण बांसुरी सुनावे है..........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.................
किशोरी राधे रस भोरी...........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.........
Shrijirasik
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया...
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया सबकी आंखों का तारा मन ही मन क्यों जले राधिका मोहन तो है सब का प्यारा वृंदावन...
जमुना तट पर नंद का लाला जब जब रास रचाए रे तन-मन डोले कान्हा ऐसी वंशी मधुर बजाए रे सुध-बुध खोए खड़ी गोपियां जाने कैसा जादू डारा वृंदावन का...
रंग सलोना ऐसा जैसे छाई बदरिया सावन की ऐरी मैं तो हुई दीवानी सावन के मन भावन की तेरे कारण देख बावरे, छोड़ दिया मैंने जग सारा वृंदावन का...
Shrijirasik
काहे तेरी अँखियों मैं पानी
जो मैं ऐसा जानती प्रीत किये दुख होय
नगर ढिढोरा पीटती प्रीत न करियो कोय
काहे तेरी अंखियो में पानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी
मीरा प्रेम दीवानी, मीरा कृष्ण दीवानी
दीवानी प्रेम दीवानी, मीरा प्रेम दीवानी
हस के तू पी ले विष का प्याला,
काहे का डर तोरे संग गोपाला ।
तेरे तन की ना होगी हानि,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
सब के लिए मैं मुरली बजाऊं,
नाच नाच सरे जग को नचाऊ ।
सिर्फ राधा नहीं है मेरी रानी,
कृष्ण दीवानी मीरा, कृष्ण दीवानी...
प्रीत में भक्ति जब मिल जाए,
जग तो क्या सृष्टि हिल जाए ।
झुक जावे अभिमानी,
Shrijirasik
(सैर)तेरी सूरत को जब से देखा, बेहोश हुए मदहोश हुए,
अब प्रीत की रीत निभा ले जरा,चरणों में झुका कर सर बैठे,
पलकों में छुपा लूं श्याम तुम्हें, यह तन मन तुझ पर वार दिया,
जब से पकड़ा तेरे दामन को, दुनिया से किनारा कर बैठे,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
होता है रोज ख्वाब में, दीदार आपका,
दिल में बसा हुआ है
ओ कान्हा बंसी वाले, हकीकत यह बात है,
यह जाँ भी आपकी है, संसार आपका,
दिल में बसा हुआ है,
उठती है जब भी दिल में, दीदार की तमन्ना,
मन में बना है मंदिर, दरबार आपका,
दिल में बसा हुआ है
जानू ना पूजा वंदन, कैसे करूं तुम्हारा,
किस विधि करूं तुम्हारा, सत्कार आपका,
दिल में बसा हुआ है, मेरे प्यार आपका,
दुनिया में बिन तुम्हारे ,नहीं और पर भरोसा
दर पर खड़ा हुआ है ये प्यार आपका
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