॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Mahadev - Karun Bhav
महादेव - करुण भाव
Bhajans (28)
Na Jane Aaj Kyo Fir Se Tumhari Yaad Aai Hai
bhajanShrijirasik
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है
दोहा – खाक मुझमें कमाल रखा है,
दाता तूने संभाल रखा है,
मेरे ऐबों पे डालकर पर्दा,
मुझे अच्छों में डाल रखा है।
मैं तो कब का मिट गया होता,
तेरी रहमत ने पाल रखा है,
मुझसे नाता जोड़ के तूने,
हर मुसीबत को टाल रखा है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यों फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
नज़र क्या तुमसे टकराई,
जो नाजुक दिल लुटा बैठे,
इशारा क्या किया तूने,
जो हम खुद को भुला बैठे,
जो हम खुद को भुला बैठे,
मुकर जाओगे वादे से,
तो भक्तो की दुहाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
जमाना रूठ जाए पर,
ना रूठो तुम मेरे दाता,
पुराना जन्म जन्मो का,
कन्हैया आपसे नाता,
कन्हैया आपसे नाता,
निगाहें याद से तेरी,
सितमगर बाज आई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सबर की हो गई हद अब,
सहा जाता नहीं प्यारे,
नज़र दिलदार से ज्यादा,
कोई आता नहीं प्यारे,
कोई आता नहीं प्यारे,
तुम्हारे द्वार पे ‘काशी’,
ने भी पलकें बिछाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
Hardam Yaad Kiya Kar Hari Ko
bhajanShrijirasik
हरदम याद किया कर हरि को,
दर्द निदान हरेगा
1.मेरा कहा नहीं खाली ऐ दिल,आंनद कंद ढरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
2.ऐसा नाहीं जहाँ बिच कोई,लंगर लौर लरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
3.सहचरी चरण शैर दा बच्चा,क्या गजराज करेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
Mere Paap Tu Mitade Jag Ko Chalane Bale
bhajanShrijirasik
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले 2
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरेपाप तू मिटा दे
तेरे सिवा न कोई मेरा जग में आसरा है 2
मुझको तलाश तेरी अंखियों में सांवरा है
मिलने की आरजू है 2मुरली बजाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
दुनिया है मेरी मीरा भंवर में फंसती है नैया 2
आ जाओ बन के भांजीं कर दो पार मेरी नैया
हर सवांस मे बसे हो दिल में समाने वाले
मेरेपाप तू मिटा दे
जन्नत में भेज चाहे दो जखमे भेज दें तू 2
हम भी तेरे दीवाने आ कर के देख ले तू
हमको नहीं है प्रवाह 2 गयूऐ चलाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
हर शह में वास तेरा कहता है ये जमाना 2
अब मेरी बारी पे तुम करते हो कंयू बहाना
मानूंगा मैं तो जब भी 2 मुझे चरनो से लगा ले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
श्री कृंशन गोबिंद हरे मूरारी से नाथ नारायण वासुदेवा 5
हे नाथ नारायण वासूदेव आ हे नाथ नारायण वासुदेवा
Sunlo Jamane Baalo
bhajanShrijirasik
सुनलो जमाने वाले,
प्रभु का भजन कर भाई ।
काहे को समय गँवाई,
तूने काहे को समय गँवाई ।।
काहे सताया तूने, जीवों को बन्दे,
काहे लगाया तूने पाप के फन्दे ।
काहे को तुमने है पाप कमायी,
काहे को तुमको ये माया सतायी ।।
अब भी समय है भाई,
प्रभु को ले मन में बसाई ।।
काहे को....
धन के गुमानी नर, कुछ ना मिलेगा,
अन्त समय खाली हाथ चलेगा ।
अपने को प्रभु को, करो प्यारे अर्पण,
दीनों की सेवा में, करदो समर्पण ।।
करले सत्संग भाई,
अपने को प्रभु में लगाई।।
काहे को....
कोई न तेरा यहाँ, ना तू किसी का,
प्रभु से तू प्रेम करले, सब है उसी का ।
उसके सिवा जग में, ना कोई दूजा,
दिल में बसा ले उसको, कर ले तू पूजा ।।
कान्त तू ध्यान धरले,
प्रभु को ले दिल में बसाई ।।
काहे को....
Jis Ghadi Meri Ye Jaan Nikale
bhajanजिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना,
एकेले मत आना नन्दलाला,
संग राधा जी को लाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
हँसते हँसते निकले दम,
बिछुड़न का मत देना गम,
छवि दिखला देना प्यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जोड़ी हो जुगल सन्मुख मेरे,
तुम आकर दरश दिखाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
चलने की हो तैयारी,
नैनन में हो छवि तुम्हारी,
इतनी है विनय हमारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
आ जाना तुम प्रानन प्यारे,
मत करना कोई बहाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
जब प्राण कण्ठ में आवे,
दिल तुझको श्याम बुलावे,
तुमसे है मेरी यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जीवन तेरा तेरे अर्पण,
ओ मुरली वाले कान्हा,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
पागल की तुमसे विनती,
हर घडी सांस को गिनती,
बीती ये उमरिया सारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
मर मर के जनम लू दुनिया में,
तेरा भूलू नही तराना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
Tere Dar Ki Bhikh Se Hai Mera Aaj Tak Gujara
bhajanShrijirasik
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा........
हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरी आस्ता के सदके,
तेरी हर गली पे कुरबां,
तेरा दर है दर हकीक़त,
मेरी जीस्त का सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरे प्यार की हदो को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीँ पे,
मैंने जहाँ पुकारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
क्यों ढूंढते फिरे हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.......
Kabhi Na Liya Shiv Ka Naam Bas Kaam Kaam Kaam
bhajanShrijirasik
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया हरी नाम,
सवेरे उठी काम काम काम.....
हमरे द्वारे पे मंदिर बना है,
मंदिर बना है मंदिर बना है,
कभी ना किया पूजा पाठ,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम.....
हमरे द्वारे पे गंगा बह रही,
गंगा बह रही जमुना बह रही,
कभी ना किया स्नान,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम…..
हमरे द्वारे पे कन्या बहुत है,
कन्या बहुत है कन्या बहुत है,
कभी ना किया कन्या दान,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम….
हमरे द्वारे पे भिक्षुक खड़ा है,
भिक्षुक खड़ा है भिक्षुक खड़ा है,
कभी ना दिया भिक्षा दान,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम ….
हमरे घर में माता पिता है,
माता पिता है माता पिता है,
कभी ना किया प्रणाम,
सवेरे उठी काम काम काम,
कभी ना लिया शिव का नाम,
सवेरे उठी काम काम काम….
Mujhe Kar Do Riha
bhajanShrijirasik
अब दुख जाए न सहा प्रभु मुझे कर दो रिहा
जिसको मैं अपना कहा वो नही मेरा है,
पीछे जो मुड़ के देखा घोर अंधेरा है,
निर्बल मन है डरा
खड़ा हूँ मैं जिस जग में बहुत बखेड़ा है,
काम क्रोध लोभ आ के चाहु दिस घेरा है,
हार के मैं तुमसे कहा,
किस मुह से दयानिधि तेरे पास आउ मैं
अपनी ही करनी पे रो रो पछताओ मैं।
फनि तो कही का न रहा
Ek Bar Hai Bholenath Milne Ka Erada
bhajanShrijirasik
कुछ और ना चाहूँ मैं इससे ज्यादा
बस एक बार है मिलने का इरादा
सुन ले पुकार करले बुलाने का वादा
बस एक बार है मिलने का इरादा
कुछ और ना चाहूँ मैं इससे ज्यादा
मुरादें दिल की सारी पूरी कर देता है
खाली हो झोली तो तू भर देता है
जितना चाहा दिया उससे भी ज्यादा
सुन ले पुकार करले बुलाने का वादा
बस एक बार है मिलने का इरादा
कुछ और ना चाहूँ मैं इससे ज्यादा
विष को भी वश में तू कर लेता है
दुख दर्द सबके भोले तू हर लेता है
देवों में महादेव है रहता सबसे सादा
सुन ले पुकार करले बुलाने का वादा
बस एक बार है मिलने का इरादा
कुछ और ना चाहूँ मैं इससे ज्यादा
पतवार जिसकी शम्भू तू धर लेता है
भंवर भले हों गहरे वो तर लेता है
नाग ग्रीवा सोहे तेरे शीश शशी आधा
सुन ले पुकार करले बुलाने का वादा
बस एक बार है मिलने का इरादा
कुछ और ना चाहे राजीव इससे ज्यादा
Bhola Ankhiyan Na Khole
bhajanShrijirasik
ऐसी समाधि लगाई रे भोला अखियां ना खोले,
अखियां ना खोले अखियां ना खोले.....
रिद्धि भी जगाए सिद्धि भी जगाए,
गणपत ने शंख बजाई रे भोला अखियां ना खोले,
ऐसी समाधि लगाई रे भोला अखियां ना खोले.....
ब्रम्हा भी जगाए विष्णु भी जगाए,
नारद ने वीणा बजाई रे भोला अखियां ना खोले,
ऐसी समाधि लगाई रे भोला अखियां ना खोले.....
राम भी जगाए उन्हें लक्ष्मण भी जगाए,
हनुमत ने चुटकी बजाई भोला अखियां ना खोले,
ऐसी समाधि लगाई रे भोला अखियां ना खोले.....
सीता जी जगाए उन्हें राधा जी जगाए,
गौरा ने पायल छनकाई रे भोला अखियां ना खोले,
ऐसी समाधि लगाई रे भोला अखियां ना खोले.....
संत भी जगाए महंत भी जगाए,
भक्तों ने विनती सुनाई रे भोला अखियां ना खोले,
ऐसी समाधि लगाई रे भोला अखियां ना खोले......
Ham Tumko Bula Lenge
bhajanShrijirasik
तुम रूठे रहो बाबा हम तुमको मना लेंगे,
भावो में असर होगा घर बैठे बुला लेंगे
तुम केहते हो बाबा मुझे कहा बिठाओ गे,
मन मन्दिर में तेरी तस्वीर बसा लेंगे
तुम रूठे रहो बाबा हम तुमको मना लेंगे
तुम केहते हो बाबा मुझे क्या चडाओ गे,
बाबा भगती का तुझको हम हार चड़ा देंगे
तुम रूठे रहो बाबा हम तुमको मना लेंगे
तू केहते हो बाबा मुझे कहा सुलाओ गे,
फूलो से तेरी बाबा हम सेहज सजा देंगे
तुम रूठे रहो बाबा हम तुमको मना लेंगे
Sadashiv Aashray Ek Tumharo
bhajanShrijirasik
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा
भोले शंभु! आश्रय है बस एक तुम्हारा।
जल, स्थल और जड़-चेतन में,
सदा निवास है बस तुम्हारा।
मैं तो हूँ एक तुच्छ प्राणी,
क्या समझूं लीला यह न्यारा?
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा।
अलौकिक रूप है रूप तुम्हारा,
भाल पे शोभे चंद्र सितारा।
हाथ में त्रिशूल, डमरू, कमंडल,
योगी वेश तुम्हारा प्यारा।
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा।
जग के हित में खोली जटाएं,
गंगा को धरती पर लाए।
मृत्यु-दूत को कर दिया वापस,
मार्कंडेय को जीवन पाए।
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा।
देव-दानव मिलकर के मंथन,
सागर मथने का किया संकल्प।
रत्न निकले, सब हुए प्रसन्न,
हर कोई कहे, "यह भाग्य है अपना"।
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा।
जब निकला विष हलाहल भारी,
विष्णु बोले – "काम कठिन ये न्यारा"।
"अब शंभु का ही लो सहारा",
तब सबने शरण तुम्हारी स्वीकारा।
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा।
अमृत की आशा नहीं की,
विष का प्याला सहज स्वीकारा।
सरल ह्रदय, करुणा से भरपूर,
भक्तों का तुम हरते हो सारा।
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा।
देव, दानव, मानव सबको,
तुम देते हो प्रेम सहारा।
तुम्हारा हूँ दास, हे प्रभु शंभु,
पाप मिटा दो, पार लगाओ भवसागर से हमारा।
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा।
सर्व जगत में वास तुम्हारा,
भक्तों को देते हो तुम सहारा।
दीन-दुखियों के पाप निवारे,
नाम तुम्हारा – जीवन हमारा।
सदाशिव आश्रय एक तुम्हारा।
Bhole Tum Jaldi Se Aana
bhajanShrijirasik
( तर्ज - जनम - जनम का साथ है तुम्हारा हमारा )
डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना
कब से तेरी टेर लगाए अब ना देर लगाना
केसरिया चंदन से तिलक तुम्हें लगाउ
पूजा करके तेरी तुमको भोग लगाउ
करके आंखें बंद बाबा तेरा ध्यान लगाना
डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना...
सावन के महीने कावड़ लेने आए
रस्ते भर बाबा तेरा गुण ही गाए
दिल से पुकारा तुमको बाबा मुझको ना भुलाना
डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना...
छोटी सी बगिया है तू उसका है माली
पिता मेरे भोले है माता शेरोवाली
मन में बसता तू ही शंभू तुमसे प्रीत लगाना
डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना...
भांग धतूरा तुमको सबसे प्यारी लगती
जटा से निकली गंगा सबको पावन करती
ख्वाहिश लक्की की है बाबा मंदिर तेरा सजाना
डमरू वाले भोले तुम जल्दी से आना...
Tum Hi Ho Bholenath
bhajanShrijirasik
( **तर्ज** - काशी विश्व नाथ महिमा पर आधारित )
**दोहा** - पापोहं पाप कर्माहं पापात्मा पाप संभवः।
त्राहि मां पार्वतीनाथ सर्व पापहरो हर।
मंत्रहीनं क्रियाहीनं, भक्तिहीनं सदाशिव,
यत्पूजितं मया देव, परिपूर्ण तदस्तु मे"
तुम ही हो भोलेनाथ तुम ही हो प्राणनाथ
तुम ही तों बाबा भोले भंडारी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे
तुम ही अभयदानी तुम ही महा वरदानी हो
चरणों में तेरे बाबा जग मुझे दीजिए
गलती हुई है भोले क्षमा कर दीजिए
तुम में ही हो शांत रूप तुम ही शिव रूप,
हाथों में शंभू त्रिशूल धारी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे....
कुछ नहीं मेरा बाबा सब कुछ तेरा है
चरणों में तेरे बाबा दास का बसेरा है
डमरु बजा रहे हैं भोले बाबा मेरे तुम साथ मेरे,
तुम ही शंभू शमशान वासी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे....
कोई कहे भोलेनाथ कोई कहे महाकाल
कोई कहे विश्वनाथ बने मेरे ढाल है
नंदी की सवारी करें नाग माला धारण करें,
तुम ही भोले बाबा कैलाश वाशी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे....
अपराध हमसे हुए हैं भारी भोलेनाथ
लकी को भोले तेरा साथ अब चाहिए
कण - कण में समाए हुए बाबा तुम
पल - पल तुम गमों को काटते,
ख्वाहिश मेरी बाबा मैं बनू काशी का वासी हो
जटा में गंगा तेरे भाल पे चंदा तेरे....
Bhole Karke Bail Savari Mere Ghar Aaja
bhajanShrijirasik
आ भोले करके बैल सवारी
आ भोले, आ भोले करके बैल सवारी, मेरे घर आ भोले।
दे दर्शन, दे दर्शन इक वारी, मेरे घर आ भोले।
नाम तेरे दा धूणा लाया।
पंडितां नूं सद्द के हवन कराया।
सोहणा मंदिर सजाया, मेरे घर आ भोले।
आ भोले… करके बैल सवारी, मेरे घर…
छड्ड के कैलाशां आउणा पैणा,
भक्तां नूं दर्शन देना पैणा।
सुन ले अर्ज़ इक वारी, मेरे घर आ भोले।
आ भोले… करके बैल सवारी, मेरे घर…
विच खुशियां दे भेटां गाइऐ,
ढोल बजा के भंगड़े पाईऐ।
चढ़ गई नाम खुमारी, मेरे घर आ भोले।
आ भोले… करके बैल सवारी, मेरे घर…
दर्शन दे लाई तरसण आखियां,
बड़े दिनां तों आसां रखियां।
हाथ जोड़ खड़े पुजारी, मेरे घर आ भोले।
आ भोले… करके बैल सवारी, मेरे घर…
Tumse Milne Bhole Tere Dar Par Aate Hai
bhajanShrijirasik
तुमसे मिलने भोले तेरे दर पर आते है
ऊंचे पहाड़ों पर हम तेरा दर्शन पाते है
केदार घाटी भोले सब को ही भाए
बेहती हवाएं देखो भोले भोले गाए
बच्चे हो या बड़े सब पैदल आते है
ऊंचे पहाड़ों पर हम तेरा दर्शन पाते है
हम आस लेकर बाबा धाम तेरे आए
बिगड़ी बनेगी यही अरमान लाए
पार करो अब नैया हम जग के सताए है
ऊंचे पहाड़ों पर हम तेरा दर्शन पाते हैं
डमरू की धुन डम – डम बजती ही जाएं
ओंकार की गूंज मन को सुहाए
लक्ष्य भी ये गाता भोले सब से प्यारे है
ऊंचे पहाड़ों पर हम तेरा दर्शन पाते हैं
तुमसे मिलने भोले तेरे दर पर आते है
ऊंचे पहाड़ों पर हम तेरा दर्शन पाते है
हम सब मिलकर भोले जयकार लगाते है
Shiv Hai Sunder Shiv Hai Pyara
bhajanShrijirasik
शिव हैं सुन्दर , शिव हैं प्यारा ,
शिव शंकर का , रूप निराला ,
शिव के मस्तक पर हैं चंदा ,
शिव की जटा से बहती गंगा ,
सौराष्ट्र में सोमनाथ हैं शिव जी ,
श्रीशैलम में मल्लिकार्जुन शिव जी ,
उज्जैन में महाकाल हैं शिव जी ,
ओम्कारेश्वर में ओमकार हैं शिव जी ,
परली में वैधनाथ हैं शिव जी ,
डाकिनी में भीमशंकर हैं शिव जी ,
सेतुबंध में रामेश्वर हैं शिव जी ,
दारूकावन में नागेश्वर हैं शिव जी ,
वाराणसी में विश्वनाथ हैं शिव जी ,
गौतमी तट पर त्रिंबकेश्वर हैं शिव जी ,
हिमालय में केदार हैं शिव जी ,
शिवालय में घृष्णेश्वर हैं शिव जी
देवो में महादेव हैं शिव जी ,
कालो के महाकाल हैं शिव जी ,
तीनो लोक के स्वामी हैं शिव जी ,
बड़े ही अंतर्यामी हैं शिव जी,
शिव शंकर हैं, भोले भाले ,
भक्तों के जीवन रखवाले ,
बड़े बड़े संकट भक्तों के ,
शिव शंकर ने पल में टाले,
शिव की शरण में जो भी आवे ,
खाली हाथ ना वापस जावे ,
सबकी झोली शिव हैं भरते ,
सबकी इच्छा पूरी करते,
Bolo Bholenath Tharo Kon So Dhan Laage
bhajanShrijirasik
( तर्ज - बाँस की बाँसुरिया पे घणो इतरावे )
बोलो भोलेनाथ थारो कुण सो धन लागे
मान्ने उज्जैन बुला ले तेरी नगरिया घूमा ले
मेरे प्यारे बाबा भोले बाबा...
दरबार लगा के बाबा घनो मुसकावे
जो कोई ना आए की पर हुकुम चलाएं
मन्ने दास रख ले - 2
बोलो भोलेनाथ थारो कुण सो धन लागे....
नंदी पर बैठ बाबा घनो मुसकावे
यों तो चाले छम छम यों तो नाचे छम छम
जरा इसे रोक ले - 2
बोलो भोलेनाथ थारो कुण सो धन लागे....
भक्तों ने देखा बाबा घनो मुसकावे
लकी रोज दर आव तन भजन सुनाव
थोड़ी दया कर दे - 2
बोलो भोलेनाथ थारो कुण सो धन लागे....
Beta Mahakal Ka
bhajanShrijirasik
जय शम्भू -4
झूठी दुनिया दारी का ना झूठे रिश्तेदार का -2
बेटा महाकाल का मे बेटा महाकाल का -2
उज्जैन नगरी क्षिप्रा तट पर शिव शंभू का वास है
हर सिद्धि और भैरव बाबा पल पल मेरे साथ है पल-पल मेरे साथ है
नहीं दयालू महादेव सा , नहीं दयाल महादेव सा कहना वेद पुराण का
बेटा महाकाल का मे बेटा महाकाल का - 2
जो भी तेरा ध्यान धरे उसका तु कल्याण करे
भर देता हे झोली तु खुशीयो के भंडार भरे ,
कोरस - खुशीयो के भण्डार भरे खुशीमयो के भण्डार भरे
दानी कोई नही हे जग में , दानी कोई नहीं है जग में नंदी के असवार सा
बेटा महाकाल मैं बेरा महाकाल का -2
बढती मेरी शान है कुछ लोग परेशान है
काहै कि फिकर मेरा बाबा मेहरबान है
कोरस - बाबा मेहरबान है -2
हो गई गुझ पर किरपा इनकी -2 नाम हुआ परिवार का
बेटा महाकाल मैं बेरा महाकाल का -2
हो बेटा महाकाल मैं बेरा महाकाल का मै बेटा महाकाल का
Mahakal Ke Charno Mai Lipat Jaane Do
bhajanShrijirasik
न बंगला मांगू न कार फरारी घाटे का सौदा हे ये दुनिया दारी
न रोको मुझको बाबा के दर जाने दो
मेरी ये अंतिम इच्छा पूरी अब हो जाने दो
मुझे महाकाल के चरणों में लिपट जाने दो
मुझे उज्जैन में मर जाने दो ......
जब बाबा बम बम नाथ मुझे ले जाए अपने साथ
बनकर के राख मसान की पहुंचूं महाकाल के पास
मेरा जलन्म मरण सब आज संवर जाने दो
मुझे उज्जैन में ........
मेरी अर्जी सुनो महाकाल बाबा में हूं तेरा लाल
बाबा भूत नाथ अविनाशी कैलाशी तुम महाकाल
झूठी माया में लिपटी काया संवर जाने दो
मुझे उज्जैन में मर जाने दो ........
न दुनिया साथ निभाएगी न मरघट से आगे जाएगी
ये धन दौलत शोहरत इज्जत सब यहीं धरि रह जाएगी
अब प्राण पखेरू अलबेला तर जाने दो
मुझे उज्जैन में मर जाने दो .........
He Yogeshwer He Praneshwer
bhajanShrijirasik
हे योगेश्वर , हे प्राणेश्वर , हे जगदीश्वर नमो - नमो ॥
ज्ञान के दाता ,कर्म के दाता ।
भाग्य विधाता नमो - नमो ॥हे योगेश्वर ...
ज्ञान वैराग्य का दीप जला दो ।
भक्ति में तन - मन को लगा दो ॥हे योगेश्वर ...
आत्म तत्व का बोध करा दो ।
माया का यह भ्रम समझा दो ॥हे योगेश्वर ...
हे योगेश्वर नमो - नमो
हे प्राणेश्वर नमो - नमो
हे जगदीश्वर नमो - नमो
नमो - नमो , नमो - नमो ,
नमो - नमो...॥
Jaisi Bhi Ki Teri Bhakti Vo Kam Aaye
bhajanShrijirasik
जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
मैं मूरख और अज्ञानी करता आया मनमानी
मेरे सारे दोस भुला दो तुमसा न दयालुदानी
एक बारी तेरा मुझ पर यह एहसान हो जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
यह धन दौलत की माया और पंचतंत्र की काया
सब छोड़ पड़ेगा जाना किसने कब साथ निभाया
जब दम निकले मुझे लेने मेरा श्याम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
ऋषियों ने यही कहा है वेदों में यही लिखा है
तेरा सुमिरन कर करते-करते जिसे जग छोड़ दिया है
भक्त वो सीधा ही तेरे धाम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
Meri Sunlo Araj Pyare
bhajanShrijirasik
मेरी सुन लो अर्ज़ प्यारे
मेरी, सुन लो, अर्ज़ प्यारे,
ओ भोले, डमरू वाले ॥
मैं, रहने वाली, महलों की रानी ॥
मैं तो, पड़ गई, पर्वत के हवाले,
ओ भोले, डमरू वाले ॥
मेरी, सुन लो, अर्ज़ प्यारे...
मैं, पहनने वाली, रेशम की साड़ी ॥
मैं तो, पड़ गई, मृगछाल हवाले,
ओ भोले, डमरू वाले ॥
मेरी, सुन लो, अर्ज़ प्यारे...
मै, पहनने वाली, मोतियन की माला ॥
मैं तो, पड़ गई, नागों के हवाले,
ओ भोले, डमरू वाले ॥
मेरी, सुन लो, अर्ज़ प्यारे...
मैं, खाने वाली, मेवा मिश्री ॥
मैं तो, पड़ गई, भंगिया के हवाले,
ओ भोले, डमरू वाले ॥
मेरी, सुन लो, अर्ज़ प्यारे...
मैं, रहने वाली, सखियों, के संग में ॥
मैं तो, पड़ गई, भूतों के हवाले,
ओ भोले, डमरू वाले ॥
मेरी, सुन लो, अर्ज़ प्यारे...
मैं, करने वाली, शेर की सवारी ॥
मैं तो, पड़ गई, नंदी के हवाले,
ओ भोले, डमरू वाले ॥
मेरी, सुन लो, अर्ज़ प्यारे...
Mere Mahadev Sara Brahmand Lapete Hain
bhajanShrijirasik
माथे चन्द्रमा और गले में नाग लपेटे हैं
मेरे महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
तन की जानें मन की जानें जानें चित्त की चोरी
उनसे कुछ भी छुपा नहीं उनके हाथ है सबकी डोरी
हाथ है सबकी डोरी उनके हाथ है सबकी डोरी
गजानन और षडानन जी जिनके बेटे हैं
वो महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
मेरे महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्
सदा बसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि
तन पे भस्म रमाये भोला जटा में गंगा विराजे
हाथों में डमरू त्रिशूल है कानों में कुण्डल साजे
कानों में कुण्डल साजे उनके कानों में कुण्डल साजे
अपने तन पर सिंह की वो खाल लपेटे हैं
मेरे महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
माथे चन्द्रमा और गले में नाग लपेटे हैं
मेरे महादेव सारा ब्रह्माण्ड समेटे हैं
ॐ नमः शिवाय शम्भू ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय शम्भू ॐ नमः शिवाय
Bhole Ye Duniya Matlab Ki
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भोले ये दुनिया मतलब की
भोले... ये दुनियाँ, मतलब की,
बिन मतलब, अपना कोई नहीं।
उड़, जा रे, पंछी स्वर्ग लोक,
दुनियाँ में, अपना, कोई नहीं ।
भोले... ये दुनियाँ, मतलब...
जब, भीड़, पड़ी थी मीरा मे।
मीरा का, साथी कोई नहीं।
हो प्याले पे, आ गए बनवारी,
बिना मतलब, अपना कोई नहीं।
भोले... ये दुनियाँ, मतलब...
जब, भीड़, पड़ी थी द्रोपद पे ।
द्रोपद, का साथी, कोई नहीं ॥
हो साड़ी... पे आ गए, बनवारी,
बिना मतलब, अपना कोई नहीं।
भोले... ये दुनियाँ, मतलब...
जब, भीड़, पड़ी थी, नरसी पे ।
नरसी, का साथी, कोई नहीं ॥
हो पटड़े... पे आ गए, बनवारी,
बिना मतलब, अपना कोई नहीं।
भोले... ये दुनियाँ, मतलब...
जब, भीड़, पड़ी थी, पह्रलाद पे ।
पह्रलाद, का साथी, कोई नहीं।
हो खम्भे... मे आ गए, बनवारी,
बिना मतलब, अपना कोई नहीं।
भोले... ये दुनियाँ, मतलब...
जब, भीड़, पड़ी थी भगतों पे ।
भगतों, का साथी, कोई नहीं ॥
हो कीर्तन... मे आ गए, बनवारी
बिना मतलब, अपना कोई नहीं।
भोले... ये दुनियाँ, मतलब...
हर हर महाँदेव
Bhole Baba Ruth Mat Jana Mujhe Aata Nahi Hai Manana
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भोले बाबा रूठ मत जाना, मुझे आता नहीं है मनाना ॥
कोई राज पाठ ना मांगू, कोई बड़े ठाठ ना मांगू, अपने चरणों में दे दो ठिकाना, मुझे आता नहीं..
मैं बना ना सका तेरा मंदिर, बाबा बस जाओ मन के अंदर, मेरे हृदय में कर लो ठिकाना, मुझे आता नहीं...
बाबा सुन लो अरज एक मेरी, मैं तो करूंगी सेवा तेरी, चाहे दुनिया मारे ताना, मुझे आता नहीं...
बस एक सहारा तेरा, इस दुनिया में कोई ना मेरा, अब तुम ही बना लो अपना, मुझे आता नहीं...
Lakhi Mehfil Jaha M Yu To Teri Mehfil Si Mehfil Nhi H
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लाखों महिफिल जहां में यूँ तो,
तेरी महफ़िल सी मेहिफिल नहीं है।
स्वर्ग सम्राट हो या हो चाकर,
तेरे दर पे है दर्जा बराबर।
तेरी हस्ती को हो जिसने जाना,
कोई आलम में आखिर नहीं है॥
दरबदर खा के ठोकर जो थक कर,
आ गया गर कोई तेरे दर पर।
तूने नज़रों से जो रस पिलाया,
वो बताने के काबिल नहीं है॥
जीते मरते जो तेरी लगन में,
जलते रहते भी रहते अगन में।
है भरोसा तेरा हे मुरारी,
तू दयालु है कातिल नहीं है॥
तेरा रस्ता लगा चस्का जिसको,
लगता बैकुण्ठ फीका सा उसको।
डूब कर कोई बहार ना आया,
इस में भवरे है साहिल नहीं है॥
कर्म है उनकी निष्काम सेवा,
धर्म है उनकी इच्छा में इच्छा।
सुम दो इनके हाथों में डोरी,
यह ‘कृपालु’ हैं तंग दिल नहीं हैं॥
Teri Sharan M Aake M Dhanya Ho Gya
bhajanतेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
तुझको अपना बनाके मैं धन्य हो गया ।
कितने मिले अमीर यहां, कितने मिले गरीब -2
पर आप मिल गये तो, धनवान हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं,-2
इक आपका सहारा,-2 साकार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप,-3
चरणो के ही सहारे, मैं भव पार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया हूं॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
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