॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Krishna - Shrungar Bhav
कृष्ण - शृंगार भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
जिस ने हरी गुण गाए,
हरी दौड़े चले आए ।
भक्त प्रहलाद ने था पुकारा,
हिरण्यकशिपु को आकर के मारा ।
नरसिंह रूप धर आए,
हरी दौड़े चले आए ॥
दौपदी कौरवों से घिरी थी,
मुरली वाले से विनती करी थी ।
हरी आकर के चीर भडाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
ऐसा भक्तों ने डाला थे फंदा,
प्रभु आप बने नाई नंदा ।
प्रेम से चरण दबाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
दर्योधन के मेवा भी त्यागे,
भूख लागी तो उठ करके भागे ।
साग विधुर घर खाए,
हरी दौड़े चले आए ॥
Shrijirasik
तू किरपा कर बाबा कीर्तन करवाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
तू किरपा कर बाबा जय हो जय हो
मैं भाई भतीजो के कुरते सिलवाऊंगा,
और बहन बेटियों के गहने बनवाऊंगा,
इत्र की खुशबु से ये घर महकाऊँगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
मैं फूलों से बाबा श्रृंगार कराऊंगा,
तेरे खातिर सांवरिया छप्पन भोग बनाऊंगा,
मैं एक एक करके हाथों से खिलाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा।।
मैंने जो पाया है सब तुझसे पाया है,
मैं जहाँ खड़ा हूँ आज प्रभु तेरी माया है,
जग खुद पे लुटाता है मैं तेरे खातिर लुटा दूंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
ऐसी किरपा करना तेरा कीर्तन कराता रहूं,
तेरे भजनो से बाबा तुझको मैं रिझाता रहूं,
कन्हैया मित्तल को कीर्तन में बुलाऊंगा,
सब भजन प्रवाहको को कीर्तन में बुलाऊंगा,
कीर्तन कराऊँ ऐसा इतिहास बना दूँँगा
Shrijirasik
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई,
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
अब पल पलक टरत नही टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारि वारि पलकन मारी,
जादू की पिटारी दृग छुई मुई कर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई.......
Shrijirasik
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
ो हो जाओ तोरे चरण कमल पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
कितना घना बना पाना अँधियारा
कितना घना बना पाना अँधियारा
गुलता मैं सारा का सारा
गुलता मैं सारा का सारा
तू ही मेरा एक आधार
आ आ आ आ…
तू ही मेरा एक आधार
शरणागत हुँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
सुन नान न्न पवन जकरा
सनं पवन जकरा आता
सनं पवन जकरा आता
हरा मन थकता गबराते
हरा मन थकता गबराते
टूट रहा सांसो का तार
टूट रहा सांसो का तार
शरणागत हुँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
मोर पंख की किरण जगा कर जगा कर
मोर पंख की किरण जगा कर
अधारु पर मुस्कान उगा कर
अधारु पर मुस्कान उगा कर
हर ले मन की पीर ापर
हर ले मन की पीर ापर
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि.
Shrijirasik
मन बस गई मूरत...
सूरत नहीं देखी श्याम की
मन बस गई मूरत श्याम की
कजरारे नयन काजल से भरे
रंग श्यामल है घुंघराले केश
मस्तक पर साजे मोर मुकुट
कानों में कुंडल रतन जड़े
मन बस गई सूरत श्याम की
उन पीत पीतांबर तन सोहे
गल मोतिन माला साज रही
मन बस गई मूरत श्याम की
है साथ लिए राधे रानी
अधरों पे मुरली साज रही
मन बस गई मूरत श्याम की
सूरत नहीं देखी श्याम की
Shrijirasik
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ।
गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण।
राधा कृष्ण का दिव्य विवाह
ब्रज में हुआ मंगल गान
वृषभानु कन्या राधा रानी
नंद के लाल कृष्ण कन्हैया
दोनों का मिलन प्रेम का संगम
दिव्य युगल की शोभा न्यारी
बरसाने में सजी बारात
गोकुल से आए नंदलाल
राधे राधे का जयघोष
पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा-कृष्ण का विवाह एक दिव्य और अलौकिक घटना मानी जाती है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, स्वयं भगवान ब्रह्मा ने भंडीरवन (वृंदावन) में राधा-कृष्ण का विवाह संपन्न कराया था, जहाँ उन्होंने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई थी।
हालाँकि, लौकिक समाज में उनका विवाह नहीं हुआ और राधा जी का विवाह रायाण (अयान) के साथ हुआ, जिसे उनकी परछाई माना जाता है।
विवाह की मुख्य बातें:
भंडीरवन विवाह: एक बार नन्द बाबा के साथ जाते समय भयंकर तूफान में, भगवान कृष्ण ने गोलोक का रूप धारण किया और ब्रह्मा जी ने भंडीरवन में गंधर्व विधि से राधा-कृष्ण का विवाह कराया।
दिव्य विवाह के साक्ष्य: इस विवाह में सखियां, मोर, और वन के प्राणी उपस्थित थे। यह विवाह भौतिक न होकर रूहानी था।
अलौकिक प्रेम: राधा-कृष्ण का प्रेम भौतिक दुनिया के बंधनों से परे था, जो यह दर्शाता है कि सच्चा प्रेम निस्वार्थ होता है।
विवाह न होने के पीछे मान्यताएं: कुछ कथाओं के अनुसार, गोलोक में मिले एक शाप के कारण वे इस लोक में 100 वर्षों तक अलग रहे। वहीं, आध्यात्मिक दृष्टि से कृष्ण का उद्देश्य एक महामानव के रूप में धर्म की स्थापना करना था, न कि सांसारिक जीवन जीना।
राधा-कृष्ण का विवाह और प्रेम अनश्वर है, जो विवाह के पारंपरिक अर्थों से ऊपर है।
विवाह महोत्सव धूमधाम से
Shrijirasik
रंगण वालिया रंगीला
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन रंग दे ॥
ओ मेरा, मन रंग दे, अंग अंग रंग दे ॥
ऐसा, रंग नयारा रंगी, लोकों हो जाण दंग वे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें लाल, मैं हो जावां निहाल ॥
ओ तैनूं, देखां, राधा नाल, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें पीला, मैं देखां तेरी लीला ॥
ओ तैनूं, देखां, छैल छबीला, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें असमानी, मैं हो जावां दीवानी ॥
ओ तेरी, लिखां प्रेम कहानी, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें हरे, मैं आवां तेरे द्वारे ॥
ओ तेरे, देखां अजब नज़ारे, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें काला, मैं हो जावां मतवाला ॥
ओ तेरे, नाम दी जपां माला, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें कृष्णा, मेरी मिट जावे तृष्णा ॥
ओ मैं, देखां राधे कृष्णा, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें रंग गुलज़ार, तैनूं जपां मैं कृष्ण मुरार ॥
ओ जग विच, आवां ना बारंबार, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
Shrijirasik
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
गम पहले से ही कम तो न थे
इक और मुसीबत ले बैठे
मुरलीधर
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखें कहती हैं दिखलाओ
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखें कहती हैं दिखलाओ
तुम मिलते नहीं हो आकार के
हम कैसे कहें “देखो” ये बैठे
मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
महिमा सुनके हैरान हैं हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
महिमा सुनके हैरान हैं हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
मन खोज के भी तुम्हें पाता नहीं
तुम हो कि उसी मन में बैठे
मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
राजेश्वर राजा राम तुम्हे
प्रभु योगेश्वर घनश्याम तही
राजेश्वर राजा राम तुम्हे
प्रभु योगेश्वर घनश्याम तुम्हे
धनु उधारी बने कभी मुरली बजा
यमुना तट निज जन में बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
Shrijirasik
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना,
मेरे ओ मोहना मेरे ओ सोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम चंदन बनो मैं पानी बनू,
सत्संग में मिलूंगी ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना....
तुम दीपक बनो मे बाती बनो,
ज्योति में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम चंदा बनो हम तारे बने,
रातों में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम मुरली बनो उसकी सुर मैं बनू,
अधरों पर मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम मोती बनो हम धागा बने,
माला में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
तुम वक्ता बनो मैं श्रोता बनूं,
भागवत में मिलेंगे ओ मोहना,
तेरे संग संग रहूंगी ओ मोहना.....
Shrijirasik
ऐसो चटक मटक सो ठाकुर, तीनो लोकोनहु में नाहे
तीन ठौर ते टेढ़ो दिखे
नट किसी चलगत यह सीखे
टेढ़े नैन चलावे तीखे
सब देवन को देव
तोउ ये ब्रज में घेरे गाये
ब्रह्मा मोह कियो पछतायो
दर्शन को शिव ब्रज में आयो
मान इन्द्र को दूर भगाओ
ऐसो वैभव वारो, तोउ ये ब्रज में गारी खाए
बड़े बड़े असुरन को मारयो
नाग कालिया पकड़ पछड़ेओ
सात दिना तक गिरिवर धारयो
ऐसो बलि तौऊ खेलत में ग्वालन पे पिट जाए
रूप छबीलो है ब्रज सुन्दर
बिना बुलाए डोले घर घर
प्रेमी ब्रज गोपिन को चाकर
ऐसो प्रेम बडेओ माखन की चोरी करवे जाए
Shrijirasik
खूबसूरत हैं आंखे तेरी सांवरे इक नज़र देख ले,
खुद वखुद नींद आ जाएगी प्यार से तू जरा देख ले,
दिल की गहराइयों ने छुआ है,
सांवरे इश्क तुमसे हुआ है,
मेरे इस दिल में चाहत तेरी कर गई क्या असर देख ले,
द्वार पे तेरे आना हुआ है,
मेरा दिल भी दीवाना हुआ है,
मर गए हम मोहब्बत में तेरी तुझको कुछ ना खबर देख ले,
दुनिया तेरी अदा पे मरी है,
कैसी नज़रों में जादूगरी है,
तेरे बिन है अधूरा मेरा ज़िन्दगी का सफर देख ले,
खूबसूरत हैं आंखे तेरी सांवरे इक नज़र देख ले,
Shrijirasik
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी,
जानकि अंग अंग बॉस समानी,
प्रभु जी, तुम घन, बान हम मोरा,
जैसे चेतवंत चांद चाकोरा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी तुम मोती हम धागा,
जैसे सोहने मिलत सुहागा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती,
जाकी ज्योति जले दीनी राती,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम स्वामी, हम दसा,
एसी भक्ति करै रैदासा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
Shrijirasik
नर से नारी बने हैं राधा के पिया
नर से, नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
सिर पे डलिया, डलिया में चूड़ी ॥
शोर मचाया, गलियों में, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
माथे पे बिंदिया, मांग में टीका ॥
छम-छम, पायल बाजे, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
अंगों में साड़ी, गोटा किनारी ॥
लम्बा, घूंघट डाले, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा ने जब, टेर सुनी है ॥
मोहन, को बुलवाया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा को देख, श्याम मुस्कराये ॥
मन की पूरी हुई अभिलाषा, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा की जब, पकड़ी कलाई ॥
जान गई आया है छलिया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
Shrijirasik
एक हार बना माली मुझे कान्हा को पहनाना है,
मुझे कान्हा को पहनाना है, मुझे कान्हा को सजाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे जल का लोटा,
पट खोल पुजारी रे मुझे कान्हा को निलाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे चंदन रोली,
पट खोल पुजारी रे मुझे तिलक लगाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे दीया और बाती,
पट खोल पुजारी रे मुझे ज्योत जलानी हैं,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे माखन मिश्री,
पट खोल पुजारी रे मुझे भोग लगाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे ढोलक चिमटा,
पट खोल पुजारी रे मुझे भजन सुनाना है,
एक हार बना माली...
एक हार बना माली मुझे कान्हा को पहनाना है,
मुझे कान्हा को पहनाना है, मुझे कान्हा को सजाना है,
एक हार बना माली...
Shrijirasik
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री....-2
भूली ना जाए सखी बाँकी सुरतिया....
वो तो हौले से वो तो चुप चुप के,
वो तो हौले से दिल को चुराए गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
जादू भरी उसकी नटखट अदाएं....
वो तो तीर पे, वो तो तीर पे,
वो तो तीर पे तीर चलाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
प्यारी लगे उसकी यमुना की बंसी....
वो तो हंस हंस के, वो तो हंस हंस के,
वो तो हँस हँस के जियरा चुराए गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
बुला रही राधे लेके कान्हाँ का नाम,
वो तो प्रेम का रिश्ता निभाए गयो री,
झट आये गयो री, झट आये गयो री,
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री
श्याम मोहे दीवाना बनाये गयो री,
वो तो नैनो से नैना, मिलाय गयो री,
मिलाय गयो री, मिलाय गयो री।
Shrijirasik
किसने सजाया तुमको मोहन
किसने सजाया तुमको मोहन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे......
यह हार गुलाबी सांवरिया, किसने पहनाया सांवरिया,
यह माथे कस्तूरी सांवरिया, यह तिलक लगाया सांवरिया,
सुन्दर छवि पे आ गया मन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
अधरो पे मुरली सांवरिया, मीठी मुस्काने सांवरिया,
तेरा रूप देख के सांवरिया, मैं हुई दीवानी सांवरिया,
दूल्हा सा लागे मेरा मोहन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
मेरे श्याम सलोने सांवरिया, तुझे दिल में बसा लू सांवरिया,
इस प्यारी छवि को सांवरिया, पलकों में छूपा सांवरिया,
देखु ना जग में झूठा चलन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
Shrijirasik
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे ॥
तुम सूरज बनो तो बनु रौशनी,
तेरी ज्योति में आकर मिलु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम चंदा बनो तो चकोरी बनु,
याद में तेरी तडपु मेरे सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम मोर बनो तो बनु पंख मैं,
बीच तेरे मुकुट के सजहु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
तुम कृष्ण बनो तो मैं मुरली बनु,
जब रास रचाओ तो बजु सावरे,
तेरे रंग में रंगूंगी मेरे सावरे,
मैं तेरी थी रहूंगी तेरी सावरे,
Shrijirasik
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
बागों में फिरू मारी मारी,
माली बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
जमुना पर फिरू मारी मारी,
धोबी बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत के मारी,
कुओं पर फिरू मारी मारी,
धीमर बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत की मारी,
महलों में फिरू मारी मारी,
कान्हा बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले....
श्याम तेरी मोहब्बत के मारी,
मंदिरों में फिरू मारी मारी,
मोहे दरस दिखा जा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले,
नैन मोटे बाल घुंघराले बंसी के बजाने वाले,
छलिया बन के आजा मेरे प्यारे मुरली के बजाने वाले..
Shrijirasik
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
निरख छटा घनघोर घटा -2
सावनां सी उमड़ गयी ,
घायल करके जिगर में उतर गयी -2
जादू भरी तेरी.....
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
कि इक कंकड़ी नैन पड़े,तो नैन होत बेचैन,-2
तो उन नैनन में चैन कहां,जिन नैनन में नैन।
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
अब पल पलक टरत नहीं टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
नैन कटारी बारी बारी पलकन मारी -3
जादू की पिटारी जिया छुई मुई कर गयी -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
हमें औरन से कछु काम नहीं ,
अब तो जो कलंक लगो सो लगो-2
और रंग दूसरो और चढेगो नहीं ,
क्योंकि ,सखी साँवरो रंग रंगो सो रंगो -4
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
हो......जिगर में उतर गयी।
Shrijirasik
( तर्ज - झिलमिल सितारों का आंगन होगा )
सबसे प्यारा मेरा श्याम सलोना
आंखों से करता जादू टोना
बांके बिहारी मेरे मन को मोहना
यमुना जी के तट पर रास रचाए
कृष्ण कन्हैया गैया चराए
दिल में बसता रूप सलोना
आंखों से करता जादू टोना...
काली कमली वाले मेरे बांके बिहारी
जाऊं बलिहारी तो पे जाऊं बलिहारी
तुमसे मिलने को भरे मेरे नैना
आंखों से करता जादू टोना....
वृंदावन आने को जी चाहता है
राधे रानी संग श्याम दरस चाहता है
लक्की दीवाने होता प्रीत में सहना
आंखों से करता जादू टोना....
Shrijirasik
राधारमण हमारो प्यारो प्यारो, सखी री में तो देखता रहूं याकी सूरत पे जाऊं बलिहारी,सखी री में तो देखता रहूं
कान कुण्डल की छवि अति प्यारी
कांधे साजे रे कमरिया कारी
शीश मुकुट पे मोर पंख धारी
नाक नथुनी की कोर अति प्यारी
हाथ लकुट अधर पे बंशी बाजे, छवि को मैं निहारता रहूँ
प्यारे वैजयंती माला उर धारी
हाथ बाजुबंद लरा मुतियारी
जिनके चरणों में पदम विराजे
उनके नूपुर की धुन अति प्यारी
चाल चटपटी टेढ़ी मेढ़ी जाकी, कि सूरत निहारता रहूँ
राधारमण सलोने मतवारे
नैना मिलते ही ऐसा जादू डारे
वृन्दाविपिन किशोरी संग साजे
दास गावे प्रशांत गुन तिहारे
वृन्दावन की श्री कुंज गलिन में मन अटका रहूं
Shrijirasik
नैन तेरे कज़रारे हैं, घूँघर वाले वाल ।
रूप तुम्हारा देख के मोहन, हाल हुआ बेहाल ॥
अधर पर तेरी मुरली सोहे, राधा रानी साथ है...
वाह वाह क्या बात है, वाह वाह क्या बात है ॥
कितनी सोहनी कितनी प्यारी तेरी सूरत लगती है ।
धरती की सारी उपमाएँ तेरे आगे फ़ीकी हैं ॥
आओ कन्हैया अब तो आओ, फूलों की बरसात है...
वाह वाह क्या बात है, वाह वाह क्या बात है ॥
मोर मुकुट पितांबर सोहे गल वैजन्ती माला हैं ।
राधा रानी साथ विराजे मुख मोहन का निराला हैं ॥
ढोलक वाजे मँजीरा वाजे, नाचे सब मिल ताल हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
आज अनोख़ा अवसर आया खुशियों का त्योहार हैं ।
खुशबु उड़ उड़ करके देखो महक रहा दरबार हैं ॥
जितना चाहो उतना लूटो, बाबा का दरबार हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
रूप तुम्हारा देख के मोहन चाँद सितारे शरमाए ।
साँवरिया से मिलने देखो सभी देवता हैं आए ॥
भोले बाबा डमरू वजाएँ, ब्रह्मा विष्णु साथ हैं...
वाह वाह क्या बात है वाह वाह क्या बात है ॥
बोल बांके बिहारी लाल की... जय...
Shrijirasik
राधारमण रंगीले ठाकुर,
तुम हो रसिकों के सिरताज,
रसिकों के सिरताज,
तुम हो राखो सबकी लाज,
राधारमण रंगीले.....
मोर मुकुट की छवि निराली,
हाथ बांसुरिया है मतवाली,
कमर पे करधनी लटक रही तेरे,
सिर पे सोहे ताज,
राधारमण रंगीले...........
पीताम्बर पट पीत बिराजे,
गल बैजन्ती माला साजे,
ठुमक ठुमक के जब चलत हो,
पग नुपुर रही बाज,
राधारमण रंगीले...........
तरह तरह के पहरों पटके,
जो दर्शन करें तुमपर अटके,
दीनो के हो सदा सहाई,
तुम हो गरीब निवाज ,
राधारमण रंगीले...........
राधा संग दिल में बस जाओ,
चरणों की मुझे दासी बनाओ,
हाथ पकड़ लो मेरा प्यारे,
बिगड़े संवारो काज,
राधारमण रंगीले...........
Shrijirasik
जय राधे राधे बोलो श्री राधे राधे
शेर -कजरारी तेरी आंखों में,क्या भरा हुआ एक टोना है
प्यारे तेरा तो हसंन मेरा है मरन,बस जांन हाथ खोंना है
क्या ख़ुब हुंस्न ब्यान करूँ,ये बृज़ का एक खिलौंना है
श्री ललित किशोरी जू के प्राण जीवन धंन,ये तो सुंदर श्याम सलोंना है
तरज़-जय राधे राधे श्री राधे राधे
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
1. जब से देखी मैंने वाकी सुरतिया, मन मेरो मोहे लियो बांकें सांवरिया
बौंल-इक तेरी प्यारी सुरत पे,बस हो ही गया है प्यार मुझे
खाई है ज़माने की ठोकर,इक तूं ही मिला दिलदार मुझे
राधा रसिक बिहारी अब देर ना कर,झट
से दिखला दिदार मुझे
जब से देखी मैंने वाकी सुरतिया,मन
मेरो मोहे लियो बांकें सांवरिया मस्तानीं हो गई श्याम,
तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
2. बांकेंबिहारी मेरे रसिकबिहारी,
चतुरबिहारी मेरे मोहनीबिहारी
बांकें बिहारी तेरे मोटे-मोटे नैंना,
कजरारे मतवारे नैंना
बिन देखे मोहे,चैंन पड़ेना
मतवारी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
3. छोड़ दई रे मैंने दुनिया सारी,बांकें
बिहारी तोसे कर ली यारी
बैरागंन हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी हो गई श्याम,तेरे वृन्दावन में आके
दिवानी....
Shrijirasik
राधारमण हमारो प्यारो प्यारो, सखी री में तो देखता रहूं याकी सूरत पे जाऊं बलिहारी, सखी री में तो देखता रहूं
काण कुण्डल की छवि अति प्यारी
कांधे साजे रे कमरिया कारी
शीश मुकुट पे मोर पंख धारी
नाक नथुनी की कोर अति प्यारी
हाथ लकुट अधर पे बंशी बाजे,
छवि को मैं निहारता रहूँ
प्यारे वैजयंती माला उर धारी
हाथ बाजुबंद लरा मुतियारी
जिनके चरणों में पदम विराजे
उनके नूपुर की धुन अति प्यारी
चाल चटपटी टेढ़ी मेढ़ी जाकी, कि सूरत निहारता रहूँ
राधारमण सलोने मतवारे
नैना मिलते ही ऐसा जादू डारे
वृन्दाविपिन किशोरी संग साजे
दास गावे प्रशांत गुन तिहारे
वृन्दावन की श्री कुंज गलिन में मन अटका रहूं
तर्ज - छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया ,
राधे का दीवाना हैं - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
रोज रोज कान्हा देखो, मुरली बजावे - २
मुरली की धुन पे , राधा को नचावे - २
राधा संग नाचता हैं - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
नाच नाच कर राधा, श्याम को रिझावे - २
राधा जी के मन को तो, श्याम ही भावे - २
राधा जी के मन में हैं - २ , श्याम सांवलिया
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
जहा जहा जाए राधा , श्याम वही जाए - २
राधा के बिना श्याम , रह नहीं पाए - २
राधा के बिना हैं आधा - २ , श्याम सांवलिया ,
छम छम बाजे देखो , राधे की पायलिया - २
श्याम श्याम राधेश्याम , श्याम श्याम राधेश्याम , - २
Shrijirasik
चाँद सा मुखड़ा, चम चम चमके,
पाँव पैजनियाँ, छन छन छनके,
सुध बुध मैं तो हारी साँवरिया,
जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
नैन तिहारे जादूगारे,
मोटे मोटे, कारे कारे,
बिलख नयन दिल हारी,
सांवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
कदम के निचे, मुरली बजावै,
बैरी मुरलियाँ, जगत नचावै,
तान मधुर अति प्यारी,
सांवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी,
साँवरिया, जाऊँ मैं बलिहारी।
Shrijirasik
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……
क्यों रोज रोज जमुना किनारे कान्हां मुझे बुलाए,
मुख से ना बोले कन्हैया नैनों से बाण चलाए,
तेरे प्यार में लागे ये राधा बहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई………
जब जब आऊँ, जमुना किनारे,
तू छुपके छुपके देखे,
तेरी बिंदिया ले गई निंदिया,
चैन गजरा गया लेके,
तेरी खुशबु में राधा भी महक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
तेरी मीठी मीठी बातों से मोहन,
दिल में प्यार जगे,
तेरे मुखड़े के आगे राधिका,
वो चाँद भी फ़ीका लगे,
तेरे दिल के बागों में मैं चहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
रोम रोम तेरा नाम पुकारे ओ कान्हा कान्हा,
तेरी कसम बिना तेरे राधिके श्याम तेरा आधा,
आग की प्यार गोपाला में लहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
Shrijirasik
मेरे बांके बिहारी लाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……
तोरी सुरतिया पे मन मोरा अटका,
प्यारा लागे तोरा पीला पटका....-2
तोरी टेढ़ी मेढ़ी चाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी…….
तोरी मुरलिया पे मन मोरा अटका,
प्यारा लागे तोरा नीला पटका...-2
तोरे घूँघर वाले बाल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……..
तोरी कमरिया पे मन मोरा अटका,
प्यार लागे तोरा काला पटका...-2
तोरे गले वैजयंती माल,
तुम इतना ना करिओ श्रृंगार,
नज़र लग जाएगी……..
Shrijirasik
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
परमात्मा का स्पर्श हो...राधे,
पुलकित हिर्ध्ये का हर्ष हो,
तुम हो समपर्ण का शिखर,
तुम ही मेरा उत्कर्श हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी भावना की तुम जीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
हु मैं यहाँ तुम हो वहा...राधे,
तुम बिन नही है कुछ यहा,
मुझमे धडकती हो तुम्ही,
तुम दूर मुझसे हो कहा,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो.....
नटनागर मोहन गिरधारी,
नटनागर मोहन गिरधारी....
राधा कृष्णा..कृष्णा
कृष्णा राधा..कृष्णा.......
Shrijirasik
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
साँवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवना हो गया, मेरा दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
एक तो तेरे नैन प्यारे दूसरा कजरा लगा,
तीसरा तिरछी नज़र पे दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
एक तो तेरे होंठ नाज़ुक दूसरा लाली लगी,
तीसरा तेरा मुस्कुराना दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
एक तो तेरे हाथ कोमल दूसरा मेहँदी लगी,
तीसरा बंसी बजाना दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
साँवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवना हो गया, मेरा दिल दीवना हो गया,
सांवरी सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया।
Shrijirasik
तर्ज - सजन मेरे झूठ मत बोलो
मैया यशोदा नज़रे उतारे,
लल्ला को जी भर अपने निहारे,
कहती वो लेकर बलइयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां........-2
मोटे मोटे नैन से देख के मोहे,
लल्ला मेरा जब मुस्काएं.....-2
इसकी प्यारी प्यारी अदा पे,
बलिहारी ये मैया जाए,
पालने को इसके मैया झुलाती,
लल्ला को मीठी मीठी लोरी सुनाती,
नैनों में आ जा री निंदिया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया......
कहती सखियाँ बृज की मोसें,
नटखट है बड़ा तेरा लाला.....-2
इसके आते फैला बृज में,
देखो चारों और उजाला,
सारे ब्रिज में धूम मची है,
गोकुल नगरी खूब सजी है,
नन्द बाबा बांटे मिठाईया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां.....
तू तो लल्ला चाँद का टुकड़ा,
प्राणों से मुझको प्यारा है.....-2
तुझसे रोशन मेरा जीवन,
मेरी आँख का तू तारा है,
सूनी थी ये महल अटारी,
गूँजी तेरी जो किलकारी,
धन्य हुई कुंदन ये मैया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां।
मैया यशोदा नजरे उतारें,
लल्ला को जी भर अपने निहारे,
कहती वो लेकर बलइयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां.........
Shrijirasik
मोर मुकुट तेरे हाथों में बांसुरीया,
देवी देवता सब नर और नारी,
जाएं बलिहारी बलिहारी ।
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया,
मन में है बसी तेरी बांकी छवि,
मेरे गिरधारी गिरधारी ।
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया,
ऐसी अलबेली ऐसी प्यारी,
छवि अलबेली श्याम की,
श्याम के रंग में रंग दी है काया,
लगन लगी तेरे नाम की,
राह पकड़ ली हमने कन्हैया ,
अब तो तेरे धाम की,
अबे नहीं छूटे तेरे दर की डगरिया,
अबे नहीं छूटे तेरे दर की डगरिया,
मन में है बसी तेरी बांकी छवि,
मेरे गिरधारी गिरधारी ।
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया.....
सूरदास के छोटे ललना,
मीरा के भरतार हो,
राधा के हो प्रेमी प्रीतम,
संतो के तारणहार हो,
अर्जुन के तुम बने सारथी,
अर्जुन की तुम बने सारथी,
भक्तों के दातार हो,
जैसे भाव वैसे देखे रे सांवरिया,
देवी देवता सब नर और नारी,
जाएं बलिहारी बलिहारी,
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया.....
गोपी गवाल संग धेनु चरावे,
माखन चोर गोपाल रे,
कुंज गली में रास रचाये,
नटखट श्री नंदलाल रे,
चीर चुराये रे मटकी गिराये,
बैठे कदम की डाल रे,
लीला तेरी देख के,
मन रे बांवरिया ,
मन में है बसी तेरी बांकी छवि,
मेरे गिरधारी गिरधारी ।
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया.....
नाता हमारा जन्मो पुराना,
तू रहना मेरे साथ मे,
चाहे दुनिया हाथ छोड़ दे,
तू न छोड़ना मेरा हाथ रे ,
पार भवर से नाव लगा दे,
जगदीश्वर भगवान रे,
चरणों मे तेरे मेरी,
बीती रे उमरिया,
देवी देवता सब नर और नारी,
जाएं बलिहारी बलिहारी,
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया.....
Shrijirasik
उस पर रंग फिर कोई दूजा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे,
जिसको सर पे है तूने चढ़ाया,
किस की ओकात उसको गिरा दे,
उस पर रंग फिर दूसरा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे।
कर ले तूफान कितनी भी कोशिश,
रास्ता रोक सकता नहीं है,
धोखा देकर दुश्मन ने ख़ंजर,
पीठ पर भौंक सकता नहीं है,
मौत की भी नहीं इतनी हिम्मत,
वक़्त से पहले उसको मिटा दे।
रंग खुशियों के सारे वहाँ पर,
साँवरा है हमारा जहाँ पर,
प्रेम की बगिया महकेगी हरपल,
मेरा प्रीतम है बैठा जहाँ पर,
इसके आँचल में जो तू रौशन,
नहीं जरूरत हवा में बुझा दे।
छल कपट से वो रखता है दूरी,
प्रेम की भाषा ये जानता है,
प्रेम करता ये जिन प्रेमियों से,
उन सभी को ये पहचानता है,
उसको कर दे दीवाना साँवरिया,
एक झलक सांवरी जो दिखा दे।
प्यारे मैं जानता हूँ ये बेहतर,
जब छलकती तेरी प्रेम पायल,
प्रीत में तेरी होकर के घायल,
झूमता नाचता है ये पागल,
डर निकल जाता है दिल से सारा,
बेधड़क श्याम जिनको बना दे।
Shrijirasik
मेरा श्याम है रंग रंगीला
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला ॥
कि अमृत, बरसेगा ॥कीर्तन में ॥
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो ।
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो, हो...
कोई, फ़ूलों से, सज़ा कर देखो ॥
कि खुश्बू, हो जाएगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो ।
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो, हो...
कोई, तालियाँ, बजा कर देखो ॥
कि रौनक, लग जाएगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, नैना, मिला कर देखो ।
कोई, नैना, मिला कर देखो, हो...
कोई, नैना, मिला कर देखो ॥
कि धड़कन, बढ़ जाएगी ॥कीर्तन में ॥
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, प्रीत, लगाकर देखो ।
कोई, प्रीत, लगाकर देखो, हो...
कोई, प्रीत, लगाकर देखो ॥
कि तन मन, रंग जाएगा ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, कीर्तन, करा कर देखो ।
कोई, कीर्तन, करा कर देखो, हो...
कोई, कीर्तन, करा कर देखो ॥
कि रास, रच जाएगा ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
कोई, इनको, रिझा कर देखो ।
कोई, इनको, रिझा कर देखो, हो...
कोई, इनको, रिझा कर देखो ॥
कि मुरलिया, गूँजेगी ॥कीर्तन में ।
मेरा, श्याम है, रंग रंगीला...
Shrijirasik
मनिहारी का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया।
छलिया का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
झोली कंधे धरी, उस में चूड़ी भरी।
गलिओं में चोर मचाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा ने सुनी, ललिता से कही।
मोहन को तरुंत बुलाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
चूड़ी लाल नहीं पहनू, चूड़ी हरी नहीं पहनू।
मुझे श्याम रंग है भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा पहनन लगी श्याम पहनाने लगे।
राधा ने हाथ बढाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधे कहने लगी, तुम हो छलिया बढे।
धीरे से हाथ दबाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Shrijirasik
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तेरे बिना मैं कैसे , बसंत मनाऊगी ,
तू ना आया जो मोहन , मैं तो रूठ जाऊगी,
मुझको तुझसे प्यार हैं , तू मेरा दिलदार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
पहले कभी ना तेरा , मेने इंतज़ार किया ,
जब से हुई ही तेरी , तुझसे ही प्यार किया ,
अब ना होता इंतज़ार हैं , दिल ये बेक़रार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तुझसे ये रिश्ता मेरा , सदियों पुराना ,
दिल ये मेरा कान्हा , बस तेरा ही दीवाना,
सुन ले दिल की पुकार ये, तू ही मेरा यार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
मेरा घुंघरू बोले हरे हरे
मेरा घुंघरू बोले हरे हरे ,गोविन्द हरे गोपाल हरे ,
मेरा घुंघरू बोले हरे हरे-हरे हरे ,हरे हरे ।
इह घुंघरू मैनुं सतगुरु दित्ते,
मैं तरले कीते बड़े-बड़े।
मेरा घुंघरू बोले ........
मैं नच्चां मेरा गिरिधर नच्चे ,
मैनूं होर वी मस्ती चढ़े चढ़े।
मेरा घुंघरू बोले ........
सुन घुंघरू मेरा देवर लड़दा,
मेरी सास रैहंदी मैथों परे परे।
मेरा घुंघरू बोले ........
उल्टा-पुल्टा कई कुछ कैंहदे,
मैनु बोल सुनावन सढ़े-सढ़े।
मेरा घुंघरू बोले .....
छुट जाने इह महल चुबारे ,
रह जाने सुख धरे-धरे।
मेरा घुंघरू बोले ........
गा लै गीत ‘‘मधुप’’ गिरिधर दे ,
हरी सिमरन विच सुख बड़े-बड़े।
मेरा घुंघरू बोले ........ ।
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
गोवर्धन महाराज, हमारे प्रभु गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
मानसी मानसी गंगा को असनान,
धरो फिर चकलेश्वर को ध्यान,
दान घाटी में दही को दान,
करो परिक्रमा की तैयारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
इंद्र को मन मर्दन कीन्हो डूबत बृज को बचाय लीन्हो,
प्रकट भये है दर्शन दीन्हो श्री नटवर की महिमा न्यारी है,
गोवर्धन महाराज
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
भक्त जन पड़े रहे चहुँ और,
संतजन पड़े रहे चहुँ और,
देख के ध्यान धरे नित घोर,
शिखर के ऊपर नाचत मोर,
कर रहे हैं बृज की रखवारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
धन्य जो बात करें गिरिराज,
सिद्ध हो उनके बिगरे काज,
लाज भक्तन की रखे गिरिराज,
श्याम तेरे चरणन की बलिहारी है गोवर्धन महाराज,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
मानसी गंगा श्री हरिदेव गिरीवर की परिक्रमा देव,
छँटा तेरी तीन लोक से न्यारी है गोवर्धन महाराज
Pujya Bhai Ji
कजरारी अंखियों से तकियो ,ओ रसिया मेरी ओर।
मेरा चित चुरा के ले गए ,यह रसिया माखन चोर।
है शोभा सबसे न्यारी रमन बिहारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी मेरे रमण बिहारी की,
मुस्काए मुरली बजाये गुलाबी अधरों से,
कस कस तीर चलाये नशीली नजरो से,
घुंघराली अल्के नागिन सी लटकाये कारी कारी,
जाऊ बार बार बलिहारी........
नख से सिख तक सिंगार जडाऊ गहने है,
कशनी बूटी दार पीताम्बर पहने है,
सिर साजे टेडी पाग नैन सुखकारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी.......
तुम्हे साधन कर अपनाऊ ये मेरे हाथ नही,
तुम ही प्राणों के प्राण यह झूठी बात नही,
तुम स्वामी और मैं दासी भानु दुलारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी.........
ओ मोटे मोटे नैनन के तू ,
ओ मीठे मीठे बैनन के तू
साँवरी सलोनी सूरत के तू ,
ओ प्यारी प्यारी मूरत के तू ।
ओ कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये,
बाँके-बिहारी कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
काजल की कोरे - ओय होय होय,
मेरा जिगर मरोड़े - ओय होय होय,
रंग रस में भोरे - ओय होय होय,
मै तो हारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
आँखों का काजल - ओय होय होय,
मेरा जिगर है घायल - ओय होय होय,
तेरे प्यार में पागल - ओय होय होय,
कर डारि रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
तेरे मुकुट की लटकन - ओय होय होय,
तेरे अधर की मुस्कन - ओय होय होय,
गिरवह की मटकन - ओय होय होय,
बलिहारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन,
हाय नजर ना लग जाये ॥
तेरी प्रीत है टेडी - ओय होय होय,
तेरी रीत है टेडी - ओय होय होय,
तेरी जीत है टेडी - ओय होय होय,
मै तो हारी रे कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन
हाय नजर ना लग जाये ॥
बाँके-बिहारी कजरारे मोटे मोटे तेरे नैन
हाय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
ओय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
हाय नजर ना लग जाये - ओय होए होय
तेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया।
ओड़ के आई मैं तो लाल चुनारिया,
मटकी उठा के मैं तो बन गयी गुजरिया।
मैं तो कर आई सोला श्रृंगार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
तेरे पीछे मैं तो आई अकेली,
बड़े गोप की नयी नवेली।
आई हूँ करने मनोहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
जब से लगी है तेरी लगनवा,
बिसर गयो मोहे घर आंगनवा।
मैं तो छोड़ आई सारा संसार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
तीसरा नज़रे मिलाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
तीसरा घुंघरू बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
तीसरा सपनो में आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ||
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे,
तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे ।
मस्तक पर मलियागिरी चन्दन,
केसर तिलक लगाया ।
मोर मुकुट कानो में कुण्डल,
इत्र खूब बरसाया ।
महकता रहे यह दरबार सांवरे,
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
बागो से कलियाँ चुन चुन कर,
सुन्दर हार बनाया ।
रहे सलामत हाथ सदा वो,
जिसने तुझे सजाया ।
सजाता रहे वो हर बार सांवरे
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
बोल सांवरे बोल तुम्हे मैं,
कौन सा भजन सुनाऊँ ।
ऐसा कोई राग बतादे,
तू नाचे मैं गाऊं ।
नचाता रहूँ मैं हर बार सांवरे,
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी रहो नज़र उतार कितना प्यारा
तेरी रहू नजर उतार,
सांवरिया तुझको किसने सजाया है,
तुझे सुन्दर से से सुंदर गजरा पहनाया है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी...........
केसर चदन तिलक लगा कर सज धज के बेठो है,
लग गये तेरे चार चाँद जो पहने तूने हार,
कितना प्यारा है सिंगर ....
सांवरिया तेरा चेहरा चमकता है,
तेरा कीर्तन बहुत बड़ा दरबार महक ता है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
किसी भगत से कह कर कान्हा काली टिकी लगवा ले,
याद फिर तू बोले तू लेयोई राइ बाण,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया तेरे भगतो को तेरी फिकर,
कभी लगना जाये तुझे दुनिया की बुरी नजर,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
पता नही तू किस रंग का है
आज तक न जानत सखी,
बनवारी हम ने देखे है तेरे रंग हज़ार,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया थोरा बच बच के रहना जी,
कभी मान भी लो कन्हा भगतो का कहना जी,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
कमली श्याम दी कमली नी में कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का, सुध बुध मेरी खोयी,
नी में कमली होई॥
१, सखी पनघट पर यमुना के तट पर लेकर पहुंची मटकी,
भूल गयी सब एक बार ही जब छवि देखि नटखट की,
देखत ही में हुईं बाँवरी उसी रूप में खोयी,
देखत ही में हुईं बाँवरी उसी रूप में खोयी,
नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
२, कदम के नीचे अखियाँ मीचे,
खड़ा था नन्द का लाला,
मुख पर हंसी हाथ में बंसी मोर मुकुट माला,
तान सुरीली मधुर नशीली तान सुरीली मधुर नशीली तनमन दियो भिगोई,
नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
३, सास नन्द मुझे पल पल कोसे हर कोई देवे ताने,
बीत रही मुझ बिरहन पर ये कोई ना जाने
पूछे सब निर्दोष बाँवरी तट पे तू कहे गयी॥
नी मैं कमली होई नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
कमल लज्जाये तेरे नैनो को देख के ।
भूली घटाए तेरी कजरे की रेख पे ।
यह मुखड़ा निहार के, सो चाँद गए हार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
कुर्बान जाऊं तेरी बांकी अदाओं पे ।
पास मेरे आजा तोहे भर मैं भर लूँ मैं बाहों में ।
जमाने को विसार के, दिलो जान टोपे वार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
रमण बिहारी नहीं तुलना नहीं तुम्हारी ।
तुझ सा ना पहले कोई ना देखा अगाडी ।
दीवानों ने विचार के, कहा यह पुकार के,
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का ।
दो नैना सरकार के, कटीले हैं कटार से ॥
Shrijirasik
बाजे रे मुरलिया बाजे।
अधर धरे मोहन मुरली पर,
होंठ में माया बिराजे॥
बाजे रे मुरलिया बाजे॥
हरे हरे बांस की बनी मुरलिया,
मर्म मर्म को अंगुरिया।
चंचल चतुर अंगुरिया जिस पर,
कनक मुन्दरिया साजे॥
पीली मुन्दरी अंगुरी श्याम,
मुंदरी पर राधा का नाम।
आखर देखे सुने मधुर स्वर,
राधा गोरी लाजे॥
भूल गयी राधा भरी गागरिया,
भूल गए गो धन को सांवरिया।
जाने ना जाने एह दो जाने,
जाने लग जग राजे॥
Pujya Bhai Ji
मेरा दिल तो दीवाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मुरली बाले तेरा,बंशी बाले तेरा॥
नजरो का निशाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
दीवानगी ने क्या क्या दिखाया ।॥
दुनिया छुड़ाकर तुमसे मिलाया।
दुश्मन जमाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल .............
जब से नजर से नजर मिल गयी है॥
उजड़े चमन की कली खिल गयी है।
क्या नजरे मिलाना हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल ............
यह दुनिया पागल खाना है,
जहा पागल आते जाते है,
मेरा मेरा कहने वाले सब पागल बन कर जाते है,
कोई पागल है धन दोलत का कोई पागल नर नारी का,
पर सचा तो पागल बही है जो पागल है बनके बिहारी का,
तू मेरे प्यारा प्यारा मैं तेरा पागल ओ तिरछी नजर से है दिल मेरा घायल,
मेरा दिल ............
प्राणों के प्यारे कहा तुम गए हो ।
मेरी आँखों के तारे कहा छुप गए हो।
मैं तो प्यार में पागल हो गया मुरली बाले तेरा॥
मेरा दिल..........
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