॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Mahadev - Shrungar Bhav
महादेव - शृंगार भाव
Bhajans (17)
Ek Din Vo Bhole Bhandari Banke Brij Ki Nari
bhajanShrijirasik
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज/वृंदावन में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती से बोले,
मैं भी चलूँगा तेरे संग में
राधा संग श्याम नाचे,
मैं भी नाचूँगा तेरे संग में
रास रचेगा ब्रज मैं भारी,
हमे दिखादो प्यारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ओ मेरे भोले स्वामी,
कैसे ले जाऊं अपने संग में
श्याम के सिवा वहां,
पुरुष ना जाए उस रास में
हंसी करेगी ब्रज की नारी,
मानो बात हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ऐसा बना दो मोहे,
कोई ना जाने एस राज को
मैं हूँ सहेली तेरी,
ऐसा बताना ब्रज राज को
बना के जुड़ा पहन के साड़ी,
चाल चले मतवाली, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
हंस के सत्ती ने कहा,
बलिहारी जाऊं इस रूप में
इक दिन तुम्हारे लिए,
आये मुरारी इस रूप मैं
मोहिनी रूप बनाया मुरारी,
अब है तुम्हारी बारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
देखा मोहन ने,
समझ गये वो सारी बात रे
ऐसी बजाई बंसी,
सुध बुध भूले भोलेनाथ रे
सिर से खिसक गयी जब साड़ी,
मुस्काये गिरधारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
दीनदयाल तेरा तब से,
गोपेश्वर हुआ नाम रे
ओ भोले बाबा तेरा,
वृन्दावन बना धाम रे
भक्त कहे ओ त्रिपुरारी,
राखो लाज हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
Mai To Jau Balihari Bhole Baba Ki
bhajanShrijirasik
तोरी सूरत प्यारी , भोले भंडारी
नाम तिहारो उज्जैन के राजा महाराजा
में तो जाऊ बलिहारी भोंले बाबा पे
1. चन्द्र बदन मुख सुन्दर नैना
माथे तिलक महाकाल , ओ भोले बाबा
सब देवो में महादेव तुम्ही हो
तुम्हरे सर पे ताज ताज ताज रे.......
में तो जाऊ बलिहारी भोले बाबा पे
2. हाथ जोड़ के पैया पड़त हु
सुनलो हमारी बात ,ओ भोले बाबा
अपना बना के राखियो ,, बाबा
छोड न देना हाथ , ओ भोले बाबा
छोड़ न देना हाथ हाथ हाथ रे
में तो जाऊ बलिहारी भोंले बाबा पे
3. किरपा करो महाकाल सभी पे
बिगड़ी बना दो बात
तुम ही हो उज्जैन के राजा
सर पे जो रख दो हाथ , ओ भोले बाबा
सर पे रख दो हाथ हाथ हाथ रे
में तो जाऊ बलिहारी ऐसे राजा पे
5. अविनाश तेरे दर का भिखारी
पूरी करदो आस....ओ भोले बाबा
अंकुर सुनील भी चरणों मे आये
दे दो दर्शन आज ....
में तो जाऊ बलिहारी भोले बाबा पे
Bhole Di Ho Gayi Sagai
bhajanShrijirasik
भोले दी हो गई सगाई
धुनः मथे ते चमकन वाल अज मेरे बनड़े दे (पंजाबी)
भोले दी हो गई सगाई, जी वधाई होवे ।।
शिव शंकर कैलाश दा राजा,
बन गया शैल दा जवाई-जी वधाई होवे.
वज्जे ढोल मरदंग मजीरे,
वज्ज रही है शहिनाई जी वधाई होवे.
नच्च रहे गण, संत भगत जन,
नच्च रही सकल खुदाई जी वधाई होवे.
गरी शवारे, मिशरी मेवे,
बट रहे फल ते मिठाई जी वधाई होवे.
देवी देव 'मधुप' खुश होए,
खुश ने सब भैंण भाई जी वधाई होवे.
Phulon Or Kaliyon Mai Bahar Aa Gayi
bhajanShrijirasik
फूलों और कलियों में बहार आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई,
फूलों और कलियों में बहार……
शीश पे उनके गंगा की मौरी,माथे पे उनके
चंदा की रोरी,नन्दी पे भोले की सवारी आ
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
गले भोले के सरपों की माला,कानों में उनके
बिच्छू का बाला,भाग धतूरे की बौछार हो
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
हाथों में भोले के डमरू का बाजा,तन पे है
उनके भस्मी का जामा,डोल नगाडों की
झंकार हो गई,देख गौरा तेरी……..
करके अगवानी नारद जी आये,देवों को लेके
ब्रम्हा भी आये,भूतों के संग बारात आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई……..
Bhole Bam Bam Bhole
bhajanShrijirasik
भोले बम बम भोले,
सारे जग के है रखवाले,
भक्तो के भंडार भरे,
खुद भस्म रमाने वाले,
भोले बम बम......
अम्रत सबको देता है,
आप ज़हर पी लेता है,
महल दिए हैं भक्तो को,
खुद श्मशान में रहता हैं,
नीलकंठ कहलाता है,
भाग धतुरा खाता है,
बैल सवारी करते हैं डमरू को बजाने वाले,
भोले बम बम......
गंगा की सर पर है धारा,
मस्तक चंदा है प्यारा,
गले में मुंडो की माला,
जिसने सर्पों की धारा,
नाम जो तेरा गाता है,
फल उसको मिल जाता है,
बिन मांगे ही भक्तो को है, सब कुछ देने वाले,
भोले बम बम........
शरण मै तेरी आया हूं,
जग का बड़ा सताया हूं,
मुश्किल मेरी दूर करो,
मैं तो बड़ा घबराया हूं,
खाता देख ना तू मेरा,
भला बुरा हूं मैं तेरा,
अवगुण मेरे दूर करो,
मुक्ती को देने वाले,
भोले बम बम.....
Shiv Ji Banke Nar Se Nari
bhajanShrijirasik
तर्ज़- हो ले के पहला पहला प्यार
शिव जी बन कर नर से नार,
हो कर सज धज कर त्यार,
चल दिए गौरां के संग में, लम्बा सा घूँघट डार...
देखने को रास लीला, मदन मुरार की,
बना कर छवि वोह चले, देखो नर से नर की ।
अपना छोड़ के सब श्रृंगार, पहने जेवर बड़े अपार,
चलते ऐसे जैसे हो कोई नई नवेली नार ।
शिव जी बनकर नर से नार...
महाँ रास में सब सखियाँ, देख बतलाई हैं,
कहाँ की सख़ी है यह जो, घूँघट में आई है ।
मुस्काए तब कृष्ण मुरार, समझ गए हैं यह त्रिपुरार,
ऐसी बंसी बजाई, कान्हा ने उन्हें निहार ।
शिव जी बनकर नर से नार...
बँसी की धुन पे मगन हुए जटाधारी हैं,
झूमकर वो नाचे उत्तरी सर से वो सारी है ।
देख के शरमाई बृज नार, ऐसा हुआ है पहली बार,
मोहन भी मोहित है करके उन पे जाते बलिहार ।
शिव जी बनकर नर से नार...
हर हर महाँदेव
Bhole Baba Ban Gaye Gujjariya
bhajanShrijirasik
पहन लियो लंहगा चुनरीया
पहन, लियो, लंहगा चुनरीया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ॥
माथे पे, बिंदिया और, कानों में बाली ।
नाक में, नथनिया और, होंठो पे लाली ॥
अरे, करधनिया, सोहे कमरिया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
शंकर जी, भोले से, बन गए भोली ।
भोला को, देख देख, पार्वती बोली ॥
अरी, घुँघटा की, रखियो खबरीया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
चले रास, देखन को, बन के जनानी ।
जहाँ रास, मोहन संग, करे राधा रानी ॥
भोले, आए, झुका के, नज़रिया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
देख देख, भोले को, सोचे कन्हाई ।
आज नई, सखी कौन, घुँघटा में आई ॥
अरे, पकड़ी, मोहन ने कलईया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
खुल गई, पोल जब, घुँघटा उठायो ।
गोपेश्वर, नाम जब, भोले ने पायो ॥
भोले, जा रहे, झुका के नज़रिया,
भोले बाबा, बन गए गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
Saj Gayo Bhola Sanwar Gayo Re
bhajanShrijirasik
सज गयो भोला संवर गयो रे
कैलाश, पर्बत पर, बस गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
शीश, भोले के, गंगा विराज़े ॥
गंगा से, सारा जग, तर गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
कान, भोले के, कुंडल सोहे ॥
कुंडल, में बिच्छू, लटक गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
गले, भोले के, माला सोहे ॥
माला, में सर्प, लटक गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
हाथ, भोले के, त्रिशूल विराज़े ॥
त्रिशूल, में डमरू, लटक गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
संग, भोले के, गौरां विराज़े ॥
गौरां की, गोदी में, गणपति रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
Goura Ki Aai Hai Barat
bhajanShrijirasik
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
भोले बाबा नाच रहे कि भोले बाबा नाच रहे,
भूतों को लेके अपने साथ, भोले बाबा नाच रहे
सर्पों का ही पहना चोला, ब्याहवण आया शंकर भोला
भष्मी से चमकै है गात, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
मस्तक ऊपर चन्दा साजै, डम डम डम डम डमरु बाजै
मेंहदी रचा के अपने हाथ, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
जसपाल जनाल भी महिमा गावै, भोले जी के भजन बनावै
ले हाथ में कलम दवात भोले बाबा नाच रहे
.गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
Man Mera Hardam Ye Bole
bhajanShrijirasik
जय जय भोले, जय जय भोले,
मन मेरा हरदम ये बोले.
भोले बाबा द्वार दया का,सदा ही रखे खोले.
वो तो हिमालय की चोटी पर अपना करे बसेरा.
सांपों के संग रहता लेकिन समझो नहीं सपेरा.
हाथ में डमरू,जटा में गंगा,बाघम्बर लपेटे.
उसकी दृष्टि में सारी सृष्टि जब चाहे वो समेटे.
त्रिनेत्र त्रिलोकी को कोई समझ न पाए.
इसीलिए सब देवों में वो महादेव कहलाए.
वो सुशांत, वही प्रचण्ड हैं रूप अनेक वो धारे .
भक्तों पर है निर्मल शीतल, दुष्टों पर अंगारे.
देव जब आए संकट में उनके बने सहाए.
अमृत बांटा विष पी डाला नीलकंठ कहलाए.
नाम जपे जो श्रद्धा से तो बनते उनके काम .
करुणा निधान शिव शंभू को पूजो आठो याम.
खुद रहते वीरानों में भक्तों के महल बनाते.
तभी तो इनकी महिमा सारे देवी-देवता गाते.
सुरों की सुरभि से शम्भु ने सारा जग महकाया.
भस्म रमा के डमरू बजा के सबको नाच नचाया.
वेद पुराण सभी ग्रंथों ने एक ही बात कही है .
बंद किस्मत के सब तालों की कुंजी एक यही है.
जय जय भोले जय जय भोले, मन मेरा हरदम ये बोले.
Shankar Se Kah Do Kar Le Sringar
bhajanShrijirasik
शंकर से कह दो कर ले श्रंगार
शंकर, से कह दो, कर ले श्रंगार,
गौरां, पहनाएगी, फूलों के हार ॥
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर के, सिर का, क्या है श्रृंगार ।
जूड़ा, जटाएं और, गंगा की धार ॥
गंगा, लहराती है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर के, माथे का, क्या है श्रृंगार ।
चंदन, लगाए और, चंदा उजियार ॥
चंदा, से उजाला है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के गले का, क्या है श्रृंगार ।
बिच्छू, ततैया और, सपों के हार ॥
सर्प, लहराते हैं, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के हाथों का, क्या है श्रंगार ।
त्रिशूल, कमण्डल और डमरू की तान ॥
तान, मस्तानी है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के पैरों का, क्या है श्रंगार ।
धुल, खड़ाऊँ और, मस्तानी चाल ॥
चाल, मस्तानी है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के अंगों का, क्या है श्रंगार ।
बाघंबर, शाला और, भस्मी आपार ॥
रूप, मस्ताना है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, से कह दो, कर ले श्रंगार,
गौरां, पहनाएगी, फूलों के हार ॥
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
Nar Se Nari Bane Bholenath
bhajanShrijirasik
नर से नारी बने भोलेनाथ
नर से नारी, बने, भोले नाथ,
गौरां, कहने लगी ॥
कहने, लगी गौरां, कहने लगी ॥
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले, में नाग, लिपट रहे काले ॥
मारे, अंदर, से फुँकार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
कहाँ, छुपाओगे, गंगा की धारा ॥
बहती, बहती, जटा से धार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले में, पहने, मुंडों की माला ॥
कैसे, पहनोगे, मोतियन के हार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
जटा, जूट सी, कैसे छुपेगी ॥
सब, उलझ, रहे हैं वाल,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
Nagade Bajane Lage
bhajanShrijirasik
शिव शँकर चले कैलाश
शिव, शँकर, चले कैलाश,
नगाड़े, बजने लगे ॥
बजने, लगे हां, बजने लगे ॥
बजने लगे बजने लगे,
भक्तो, गूँज, रहा आकाश,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
नंदी, बैल की, करके सवारी ।
देखो, चले, बाबा त्रिपुरारी ॥
संग, चली है, गौरा मात,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
फ़ूल, बरसाए, देवता सारे ।
मुनि, जन सब, महाँ देव पुकारे ॥
उनकी, लीला का, हुआ प्रकाश,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
डमरू, नाद और, शँख गूँजा रे ।
मृत्यु, लोक में, शम्भू पधारे ॥
सब, भक्त, लगाए आस,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
कहे, “भगत” है शिव, अविनाशी ।
अँखियाँ, है दर्शन, की प्यासी ॥
मैं तो, तेरे चरण, का दास,
एक तुम, अपने लगे...
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
Mera Bhola Bada Bhangiya
bhajanShrijirasik
मेरा भोला बड़ा भंगिया
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया... ओ राम जी ॥
ओ जटा, धारी बड़ा, अमली... ओ राम जी ॥
ओ, राम जी, ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाया, माथे का टीका ॥
ओ भोला, चंदा, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, कानों के कुंडल ॥
ओ भोला, बिच्छू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाया, गले का हार ॥
ओ भोला, सर्प, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाई, अंगे की साड़ी ॥
ओ भोला, बाघंबर, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, हाथों के कँगना ॥
ओ भोला, डमरू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाई, पैरों की पायल ॥
ओ भोला, घुँघरू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, लड्डू और पेड़े ॥
ओ भोला, भाँग, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
Rimjhim Barsata Savan Hoga
bhajanShrijirasik
रिमझिम बरसता सावन होगा
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को दूध से नहलाएंगे
दूध न मिलेगा तो दही से मिलेंगे
दही से सुंदर गंगाजल होगा
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को तिलक लगाएंगे
केसर ना मिलेगा तो चंदन लगाएंगे
चंदन सेसुंदर भस्मी होगी
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को माला पहनाएंगे
फूलों की नहीं मंडों की पहनाएंगे
मुंडो से सुंदर सांपों की होगी
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को वस्त्र पहनाएंगे
रेशम के नहीं मृग चला पहनाएंगे
मृगशाला से सुंदर बागमबर होगा
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
मेरे भोले बाबा को भोग लगाएंगे
आक ना मिलेगा तो धतूरा लगाएंगे
धतूरा से सुंदर भंगिया होगी
मेरे भोले बाबा का पूजन होगा
Nando Pe Chali Hai Barat Bhole Ki
bhajanShrijirasik
नंदी पे चली है बारात भोले की
सबसे अलग है यो बात भोले की
अरे शूकर नाचे शनिचर नाचे
संग में भूत पुशाचर नाचे
देख ले तू गोरां यो ठाठ भोले की
चले हैं शिव जैसे मस्ट मलंगा
गले में सर्प जटा में गंगा
हाथ में डम डम डमरू बाजे
माथे चंदा कितना साजे
आज दिन है भोले का
और रात भोले की
नंदी पे चली……
गोरां नगरी थर थर काँपे
भूत पिशाचर देख झाँके
गले में है नर मुंडों की माला
शोर मचावे अजब निराला
तू जीत है गोरा
तू मात भोले की
नंदी पे चली है……
फेरों पर जब आयी गोरा
शरमाए देखो कैसे भोला
सात फेरे संग लगाके
वर माला ली सर को झुका के
हो गई है गोरां
देखो आज भोले की
नंदी पे चली है……
फूल देखो गगन से बरसे
देवता सब उतरे स्वर्ग से
शिव मिलन की बेला आयी
देने आये सब शिव को बधाई
कलम प्रकाश की और बात भोले की
ख़ुशी गाती है महिमा दिन रात भोले की
नंदी पे चली है……
Prabh Ji Tum Chandan Ham Pani
bhajanShrijirasik
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी,
जानकि अंग अंग बॉस समानी,
प्रभु जी, तुम घन, बान हम मोरा,
जैसे चेतवंत चांद चाकोरा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी तुम मोती हम धागा,
जैसे सोहने मिलत सुहागा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती,
जाकी ज्योति जले दीनी राती,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम स्वामी, हम दसा,
एसी भक्ति करै रैदासा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
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