॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe - Shrungar Bhav
राधे - शृंगार भाव
Bhajans (15)
Jaadu Bhari Aankhen Teri Jidhar Gyi
bhajanShrijirasik
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई,
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
अब पल पलक टरत नही टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारि वारि पलकन मारी,
जादू की पिटारी दृग छुई मुई कर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई.......
Radha Krishna Ka Divya Vivah
bhajanराधा कृष्ण का दिव्य विवाह
ब्रज में हुआ मंगल गान
वृषभानु कन्या राधा रानी
नंद के लाल कृष्ण कन्हैया
दोनों का मिलन प्रेम का संगम
दिव्य युगल की शोभा न्यारी
बरसाने में सजी बारात
गोकुल से आए नंदलाल
राधे राधे का जयघोष
पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा-कृष्ण का विवाह एक दिव्य और अलौकिक घटना मानी जाती है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, स्वयं भगवान ब्रह्मा ने भंडीरवन (वृंदावन) में राधा-कृष्ण का विवाह संपन्न कराया था, जहाँ उन्होंने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई थी।
हालाँकि, लौकिक समाज में उनका विवाह नहीं हुआ और राधा जी का विवाह रायाण (अयान) के साथ हुआ, जिसे उनकी परछाई माना जाता है।
विवाह की मुख्य बातें:
भंडीरवन विवाह: एक बार नन्द बाबा के साथ जाते समय भयंकर तूफान में, भगवान कृष्ण ने गोलोक का रूप धारण किया और ब्रह्मा जी ने भंडीरवन में गंधर्व विधि से राधा-कृष्ण का विवाह कराया।
दिव्य विवाह के साक्ष्य: इस विवाह में सखियां, मोर, और वन के प्राणी उपस्थित थे। यह विवाह भौतिक न होकर रूहानी था।
अलौकिक प्रेम: राधा-कृष्ण का प्रेम भौतिक दुनिया के बंधनों से परे था, जो यह दर्शाता है कि सच्चा प्रेम निस्वार्थ होता है।
विवाह न होने के पीछे मान्यताएं: कुछ कथाओं के अनुसार, गोलोक में मिले एक शाप के कारण वे इस लोक में 100 वर्षों तक अलग रहे। वहीं, आध्यात्मिक दृष्टि से कृष्ण का उद्देश्य एक महामानव के रूप में धर्म की स्थापना करना था, न कि सांसारिक जीवन जीना।
राधा-कृष्ण का विवाह और प्रेम अनश्वर है, जो विवाह के पारंपरिक अर्थों से ऊपर है।
विवाह महोत्सव धूमधाम से
Radhe Ke Singar Ki Chavi
bhajanराधे के सिंगार की छवि न्यारी
कृष्ण मुग्ध हो गए देख के
माथे पर बिंदी लाल सजी है
आंखों में काजल की रेखा
गले में मोतियों की माला
हाथों में चूड़ियां खनकती
पीली साड़ी में सजी राधा रानी
श्याम के संग राधा सोहे
प्रेम का सिंगार सबसे प्यारा
राधे कृष्ण का मिलन सुंदर
Aao Rang Le Jivan Apna Radha Naam Ki Masti M
bhajanShrijirasik
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में
राधा नाम रटे हर रसना,घर घर बस्ती बस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में..
ऐसे रंग मे रंग जाये जो,फिका कभी पड़ेना
रंग बिरंगे जग का जिस पर,कोई रंग चढ़ेना
ख़ुद की मिटा के हस्ती खो जायें,हम सब उसकी मस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
मन मंदिर में भानुं लली की,सुंदर छवि बसाएं
जीवन की हर स्वांस स्वांस पे राधे राधे गायें
छोड़ के सारी दुनिया खो जायें,हम सब उसकी मस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
विष की बैल है मोह मया,इससे बच के रहना
भव तरणीं भव पार करेंगी,मानों दास का कहना
श्रद्धा और विश्वास से बैठो,नाम की प्यारे कश्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
मन का हंस चुनें दुनिया में,राधा नाम के मोती
अलौकिक कर देगी जग में,राधा नाम की ज्योति
खुद की मिटा के हस्ती मिल जायें,
हम सब उसकी हस्ती में
राधा राधा राधा राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में
राधा नाम रटे हर रसना,घर घर बस्ती बस्ती में
राधा राधा राधा, राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
Mukhda Lage Bada Pyara O Radharani Ghunghat Na Dalo
bhajanShrijirasik
मुखड़ा लगे बड़ा प्यारा
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मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो ll
घूँघटा ना, डालो हाँ, घूँघटा ना डालो ll
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, मुखड़े पे, चँदा सी बिंदियाँ ll
चारों, ओर, हुया ओ, उजियारा,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, मुखड़े पे, बड़े बड़े नैना ll
नैनों में, कज़ला, लगा लो,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, गालों पे, काला काला तिल है ll
तिल में है, दिल, ये हमारा,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, हाथों में, हरी पीली चूड़ियाँ ll
कंगना से, कंगना, छणका लो,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, अंगों पे, लाल लाल चुंनरिया ll
चुनरी में गोटा लगा लो,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
गोरे गोरे, पॉँव में, सोने की* पायल ll
पायल से, ठुमका लगा लो,
ओ राधा रानी, घूँघटा ना डालो l
मुखड़ा, लगे, बड़ा प्यारा,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
Saavan Ki Sabko Badhai Shri Radha Rani Jhulan Ko Aai
bhajanShrijirasik
सावन की सबको बधाई, श्री राधा रानी झूलन को आई
झूलन को आई श्यामा झूलन को आई
सखियाँ को संग ले आई श्री राधा रानी....
कान्हा जी झूले संग में राधा जी झूले..
देख युगल छवि सावन भी झूमे..
अम्बर घटा घिर आयी.. श्री राधा रानी....
अमुआ की डाली की है शोभा निराली..
मस्ती में गीत गाए ब्रज की सब नारी,
राधा ने चुनरी लहरायी.. श्री राधा रानी......
अम्बर भी झूम रहा धरती भी झूम रही..
हरी भरी बगिया की कलियां भी खिल रही,
पवन चले पुरवाई.. श्री राधा रानी....
सावन की सबको बधाई
Radharani Ki Nath Pe Mor Nache
bhajanShrijirasik
राधा रानी के नथ पे मोर नाचे
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर नाचे ॥
मोर, नाचे, चित चोर नाचे ॥
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
मोर कुटी में, राधा रानी, नाच देखने जाए ।
भात भाँत के, अन्न हाथ में, लेकर खूब खिलाए ॥
ओ मोर, हो के, अति भाव, विभोर नाचे ।
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
जब आवे, सावन मन भावन, पवन चले पुरवाई ।
तान के छत्तरी, पीहु पीहु की, मोर ने अरज़ लगाई ॥
हो छाई, घटा, घन घोर नाचे ।
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
राधा हुई, उदास एक दिन, मोर ना दियो दिखाई ।
सांवरे को, राधा जी ने, अपनी बिर्था बताई ॥
सुनकर, साँवरे के, मन में, हिलोर नाचे ।
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
बरसाने में, शोर मचो है, भीड़ लगी अति भारी ।
नाच देखकर, राज़ी हो गई, गोरी राधा प्यारी ॥
यह तो, मोर बनके, नंद का, किशोर नाचे ।
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
बन गयो मोर, बिहारी राधे, नथ पर दियो सजाए ।
पड़ा रहे, नैनो के आगे, कहीं ना आए जाए ॥
ओ गोरे, मुखड़े पे, कालज़ो, किशोर नाचे ।
राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
Adhar Se Banshi Sarak Gayi Jo Radha Ki Payal Chhanak Gayi
bhajanShrijirasik
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……
क्यों रोज रोज जमुना किनारे कान्हां मुझे बुलाए,
मुख से ना बोले कन्हैया नैनों से बाण चलाए,
तेरे प्यार में लागे ये राधा बहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई………
जब जब आऊँ, जमुना किनारे,
तू छुपके छुपके देखे,
तेरी बिंदिया ले गई निंदिया,
चैन गजरा गया लेके,
तेरी खुशबु में राधा भी महक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
तेरी मीठी मीठी बातों से मोहन,
दिल में प्यार जगे,
तेरे मुखड़े के आगे राधिका,
वो चाँद भी फ़ीका लगे,
तेरे दिल के बागों में मैं चहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
रोम रोम तेरा नाम पुकारे ओ कान्हा कान्हा,
तेरी कसम बिना तेरे राधिके श्याम तेरा आधा,
आग की प्यार गोपाला में लहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
Sun Barsane Bari Gulam Tero Banbari
bhajanShrijirasik
( ओ राधा मेरी, स्वामिनी,
मैं राधा को रास l
जन्म जन्म मोहे, दीजियो,
श्री वृन्दावन को वास ll )
सुन बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
गिरधारी मेरो, गिरधारी ll
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
पौना कली को, लहंगों पेहरियो ll
चाल चले मतवारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
चाँद से मुखड़े पे, बड़ी बड़ी अख्खियाँ ll
घायल भयो गिरधारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
बड़ी बड़ी अख्खियों में, झीनो झीनो कज़रो ll
घायल कुँज बिहारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
तेरी पायलिया पे, बाजे मुरलिया ll
छम छम नाचे गिरधारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
वृन्दावन के, राजा होकर ll
काली पे नाचे मुरारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
कदम्ब की डारी पे, झूलो पड़ो है ll
झूह्टा देवे बिहारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
वृन्दावन की, कुँज गलियन में ll
रास रचियो गिरधारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
तीनों लोक को, स्वामी तेरो ll
छाछ पे नाचे मुरारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
Manihari Ka Bhesh Banaya Shyam Choodi Bechne Aaya
bhajanShrijirasik
मनिहारी का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया।
छलिया का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
झोली कंधे धरी, उस में चूड़ी भरी।
गलिओं में चोर मचाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा ने सुनी, ललिता से कही।
मोहन को तरुंत बुलाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
चूड़ी लाल नहीं पहनू, चूड़ी हरी नहीं पहनू।
मुझे श्याम रंग है भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा पहनन लगी श्याम पहनाने लगे।
राधा ने हाथ बढाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधे कहने लगी, तुम हो छलिया बढे।
धीरे से हाथ दबाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Mishri Se Meethe Bol Hamari Radha Rani Ke
bhajanShrijirasik
मिश्री से मीठे बोल हमारी राधा रानी के,
राधा रानी के हमारी ब्रज पटरानी के,
मिश्री से मीठे बोल हमारी राधा रानी के.....
लंबे लंबे बाल हमारी राधा रानी के,
यामें गजरा करे कमाल हमारी राधा रानी के,
मिश्री से मीठे बोल हमारी राधा रानी के.....
मोटे मोटे नैन हमारी राधा रानी के,
यामें कजरा करे कमाल हमारी राधा रानी के,
मिश्री से मीठे बोल हमारी राधा रानी के.....
पतले पतले होठ हमारी राधा रानी के,
लाली करे कमाल हमारी राधा रानी के,
मिश्री से मीठे बोल हमारी राधा रानी के.....
गोरे गोरे हाथ हमारी राधा रानी के,
यामें मेहंदी करे कमाल हमारी राधा रानी के,
मिश्री से मीठे बोल हमारी राधा रानी के.....
छोटे छोटे पैर हमारी राधा रानी के,
यामें पायल करे कमाल हमारी राधा रानी के,
मिश्री से मीठे बोल हमारी राधा रानी के.....
गोरा गोरा रूप हमारी राधा रानी का,
यामें लहंगा करें कमाल हमारी राधा रानी के,
मिश्री से मीठे बोल हमारी राधा रानी के.....
Saj Ke Chali Radha Pyari Are Radha Pyari
bhajanसज के चली राधा प्यारी अरे राधा प्यारी,
सज के चली राधा प्यारी अरे राधा प्यारी ॥
बेनी फूलन गुच्छा सोहे,
बेनी फूलन गुच्छा सोहे,
मोतिन मांग संवारी,
अरे राधा प्यारी ॥
सज के चली राधा प्यारी अरे राधा प्यारी ।
मोटी मोटी अंखियां बड़ी सलोनी,
मोटी मोटी अंखियां बड़ी सलोनी,
काजल रेख संवारी,
अरे राधा प्यारी ॥
सज के चली राधा प्यारी अरे राधा प्यारी ।
अंगिया सो रंग चुनरी पचरंग,
अंगिया सो रंग चूनरी पचरंग,
सोहे चौमुख सारी,
अरे राधा प्यारी ॥
सज के चली राधा प्यारी अरे राधा प्यारी ।
गोरे गोरे हाथन मेहंदी रच रही,
गोरे गोरे हाथन मेंहदी रच रही,
ऊंगल में मुंदरी भारी,
अरे राधा प्यारी ॥
सज के चली राधा प्यारी अरे राधा प्यारी ।
हस हस बात करत सखियन सो,
हस हस बात करत सखियन सो,
मिल गए कुंज बिहारी,
अरे राधा प्यारी ॥
सज के चली राधा प्यारी अरे राधा प्यारी ।
अरे राधा प्यारी,
अरे राधा प्यारी,
अरे राधा प्यारी ॥
M To Rani Banungi Ghanshyam Ki Mujhako Chudiya Pahnado
bhajanमैं तो रानी बनुँगी घनश्याम की
,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
अपने पिया की दुल्हन बन जाऊं,
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में नाचूं धूम मचाऊं,
मुझे कजरा लगा दो,
मेरे गजरा सजा दो,
मुझे मेहंदी लगा दो श्याम नाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
रग रग मेरे रमाँ है सांवरिया,
प्रीत लगा के सांवरियाँ से,
मैं तो भई बावारियां,
मेरे लाली लगा दो,
मेरे बिंदिया लगा दो,
मुझे चुनरी ओढा दो श्याम नाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
जब प्यारे की दुल्हन मैं बनूँगी,
दुल्हन बनूँगी और अंग अंग सजुंगी,
मेरे महावर लगा दो,
मुझे पायल पहना दो,
मुझे अंगिया मँगा दो,
ज्यादा दाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
रानी बनूँगी बने श्याम राजा,
मैं पिया की प्रीतम मेरे,
नहीं किसी का सांझा,
गीत मंगल गवा दो,
पागल को बुला दो,
श्याम बिन जिंदगानी किस काम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
Sakhi Ri Bankebihari Se Hamari Lad Gyi Ankhiyan
bhajanसखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
Aao Meri Sakhiyo Mujhe Mehndi Lagado Mujhe Shyam Sunder Ki Dulhan Bana Do
bhajanआओ मेरी सखियो मुझे मेहँदी लगा दो,
मेहँदी लगा दो, मुझे सुन्दर सजा दो ,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
सतसंग मे मेरी बात चलायी ,
सतगुरु ने मेरी किनी सगाई ,
उनको बोला के हथलेवा तो करा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
ऐसी ओडु चुनरी जो रंग नाही छूटे ,
ऐसा वरु दूल्हा जो कबहू ना छूटे ,
अटल सुहाग वाली बिंदिया लगा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
ऐसी पहनू चूड़ी जो कभ हु न टूटे,
प्रेम प्रीती धागा कभ हु न छूटे,
आज मेरी मोतियों से मांग तो भरा दो,
सूंदर सजा दो मुझे मेहँदी तो लगा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
भक्ति का सुरमा मैं आख मे लगाउंगी |
दुनिया से नाता तोड़ मैं उनकी हो जाउंगी |
सतगुरु को बुला के फेरे तो पडवा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ||
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