॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe Krishna - Shrungar Bhav
राधे कृष्ण - शृंगार भाव
Bhajans (23)
Jaadu Bhari Aankhen Teri Jidhar Gyi
bhajanShrijirasik
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई,
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
अब पल पलक टरत नही टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारि वारि पलकन मारी,
जादू की पिटारी दृग छुई मुई कर गई -2
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई।।
नैनो की कटारी वारी वारि,
छुई छुई छतियन से उतर गई,
जादू भरी तेरी आँखे जिधर गई.......
Jau Tere Charan Kamal Pe Vari
bhajanShrijirasik
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
ो हो जाओ तोरे चरण कमल पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
कितना घना बना पाना अँधियारा
कितना घना बना पाना अँधियारा
गुलता मैं सारा का सारा
गुलता मैं सारा का सारा
तू ही मेरा एक आधार
आ आ आ आ…
तू ही मेरा एक आधार
शरणागत हुँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
सुन नान न्न पवन जकरा
सनं पवन जकरा आता
सनं पवन जकरा आता
हरा मन थकता गबराते
हरा मन थकता गबराते
टूट रहा सांसो का तार
टूट रहा सांसो का तार
शरणागत हुँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
मोर पंख की किरण जगा कर जगा कर
मोर पंख की किरण जगा कर
अधारु पर मुस्कान उगा कर
अधारु पर मुस्कान उगा कर
हर ले मन की पीर ापर
हर ले मन की पीर ापर
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि.
Radha Krishna Ka Divya Vivah
bhajanराधा कृष्ण का दिव्य विवाह
ब्रज में हुआ मंगल गान
वृषभानु कन्या राधा रानी
नंद के लाल कृष्ण कन्हैया
दोनों का मिलन प्रेम का संगम
दिव्य युगल की शोभा न्यारी
बरसाने में सजी बारात
गोकुल से आए नंदलाल
राधे राधे का जयघोष
पौराणिक कथाओं के अनुसार, राधा-कृष्ण का विवाह एक दिव्य और अलौकिक घटना मानी जाती है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, स्वयं भगवान ब्रह्मा ने भंडीरवन (वृंदावन) में राधा-कृष्ण का विवाह संपन्न कराया था, जहाँ उन्होंने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई थी।
हालाँकि, लौकिक समाज में उनका विवाह नहीं हुआ और राधा जी का विवाह रायाण (अयान) के साथ हुआ, जिसे उनकी परछाई माना जाता है।
विवाह की मुख्य बातें:
भंडीरवन विवाह: एक बार नन्द बाबा के साथ जाते समय भयंकर तूफान में, भगवान कृष्ण ने गोलोक का रूप धारण किया और ब्रह्मा जी ने भंडीरवन में गंधर्व विधि से राधा-कृष्ण का विवाह कराया।
दिव्य विवाह के साक्ष्य: इस विवाह में सखियां, मोर, और वन के प्राणी उपस्थित थे। यह विवाह भौतिक न होकर रूहानी था।
अलौकिक प्रेम: राधा-कृष्ण का प्रेम भौतिक दुनिया के बंधनों से परे था, जो यह दर्शाता है कि सच्चा प्रेम निस्वार्थ होता है।
विवाह न होने के पीछे मान्यताएं: कुछ कथाओं के अनुसार, गोलोक में मिले एक शाप के कारण वे इस लोक में 100 वर्षों तक अलग रहे। वहीं, आध्यात्मिक दृष्टि से कृष्ण का उद्देश्य एक महामानव के रूप में धर्म की स्थापना करना था, न कि सांसारिक जीवन जीना।
राधा-कृष्ण का विवाह और प्रेम अनश्वर है, जो विवाह के पारंपरिक अर्थों से ऊपर है।
विवाह महोत्सव धूमधाम से
Radhe Ke Singar Ki Chavi
bhajanराधे के सिंगार की छवि न्यारी
कृष्ण मुग्ध हो गए देख के
माथे पर बिंदी लाल सजी है
आंखों में काजल की रेखा
गले में मोतियों की माला
हाथों में चूड़ियां खनकती
पीली साड़ी में सजी राधा रानी
श्याम के संग राधा सोहे
प्रेम का सिंगार सबसे प्यारा
राधे कृष्ण का मिलन सुंदर
Aao Rang Le Jivan Apna Radha Naam Ki Masti M
bhajanShrijirasik
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में
राधा नाम रटे हर रसना,घर घर बस्ती बस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में..
ऐसे रंग मे रंग जाये जो,फिका कभी पड़ेना
रंग बिरंगे जग का जिस पर,कोई रंग चढ़ेना
ख़ुद की मिटा के हस्ती खो जायें,हम सब उसकी मस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
मन मंदिर में भानुं लली की,सुंदर छवि बसाएं
जीवन की हर स्वांस स्वांस पे राधे राधे गायें
छोड़ के सारी दुनिया खो जायें,हम सब उसकी मस्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
विष की बैल है मोह मया,इससे बच के रहना
भव तरणीं भव पार करेंगी,मानों दास का कहना
श्रद्धा और विश्वास से बैठो,नाम की प्यारे कश्ती में
राधा राधा राधा,राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
मन का हंस चुनें दुनिया में,राधा नाम के मोती
अलौकिक कर देगी जग में,राधा नाम की ज्योति
खुद की मिटा के हस्ती मिल जायें,
हम सब उसकी हस्ती में
राधा राधा राधा राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में
राधा नाम रटे हर रसना,घर घर बस्ती बस्ती में
राधा राधा राधा, राधा राधा राधा
आओ रंग ले जीवन अपना,राधा नाम की मस्ती में...
Murlidhar Chaliya Mohan Hum Bhi Tumko Dil De Baithe
bhajanShrijirasik
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
गम पहले से ही कम तो न थे
इक और मुसीबत ले बैठे
मुरलीधर
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखें कहती हैं दिखलाओ
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखें कहती हैं दिखलाओ
तुम मिलते नहीं हो आकार के
हम कैसे कहें “देखो” ये बैठे
मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
महिमा सुनके हैरान हैं हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
महिमा सुनके हैरान हैं हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
मन खोज के भी तुम्हें पाता नहीं
तुम हो कि उसी मन में बैठे
मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
राजेश्वर राजा राम तुम्हे
प्रभु योगेश्वर घनश्याम तही
राजेश्वर राजा राम तुम्हे
प्रभु योगेश्वर घनश्याम तुम्हे
धनु उधारी बने कभी मुरली बजा
यमुना तट निज जन में बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
मुरलीधर
Aiso Chatak Matak So Thakur
bhajanShrijirasik
ऐसो चटक मटक सो ठाकुर, तीनो लोकोनहु में नाहे
तीन ठौर ते टेढ़ो दिखे
नट किसी चलगत यह सीखे
टेढ़े नैन चलावे तीखे
सब देवन को देव
तोउ ये ब्रज में घेरे गाये
ब्रह्मा मोह कियो पछतायो
दर्शन को शिव ब्रज में आयो
मान इन्द्र को दूर भगाओ
ऐसो वैभव वारो, तोउ ये ब्रज में गारी खाए
बड़े बड़े असुरन को मारयो
नाग कालिया पकड़ पछड़ेओ
सात दिना तक गिरिवर धारयो
ऐसो बलि तौऊ खेलत में ग्वालन पे पिट जाए
रूप छबीलो है ब्रज सुन्दर
बिना बुलाए डोले घर घर
प्रेमी ब्रज गोपिन को चाकर
ऐसो प्रेम बडेओ माखन की चोरी करवे जाए
Nar Se Nari Bane Hai Radha Ke Piya
bhajanShrijirasik
नर से नारी बने हैं राधा के पिया
नर से, नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
सिर पे डलिया, डलिया में चूड़ी ॥
शोर मचाया, गलियों में, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
माथे पे बिंदिया, मांग में टीका ॥
छम-छम, पायल बाजे, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
अंगों में साड़ी, गोटा किनारी ॥
लम्बा, घूंघट डाले, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा ने जब, टेर सुनी है ॥
मोहन, को बुलवाया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा को देख, श्याम मुस्कराये ॥
मन की पूरी हुई अभिलाषा, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा की जब, पकड़ी कलाई ॥
जान गई आया है छलिया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
Saavan Ki Sabko Badhai Shri Radha Rani Jhulan Ko Aai
bhajanShrijirasik
सावन की सबको बधाई, श्री राधा रानी झूलन को आई
झूलन को आई श्यामा झूलन को आई
सखियाँ को संग ले आई श्री राधा रानी....
कान्हा जी झूले संग में राधा जी झूले..
देख युगल छवि सावन भी झूमे..
अम्बर घटा घिर आयी.. श्री राधा रानी....
अमुआ की डाली की है शोभा निराली..
मस्ती में गीत गाए ब्रज की सब नारी,
राधा ने चुनरी लहरायी.. श्री राधा रानी......
अम्बर भी झूम रहा धरती भी झूम रही..
हरी भरी बगिया की कलियां भी खिल रही,
पवन चले पुरवाई.. श्री राधा रानी....
सावन की सबको बधाई
Radharaman Rangile Thakur Bhakto Ke Sirtaj
bhajanShrijirasik
राधारमण रंगीले ठाकुर,
तुम हो रसिकों के सिरताज,
रसिकों के सिरताज,
तुम हो राखो सबकी लाज,
राधारमण रंगीले.....
मोर मुकुट की छवि निराली,
हाथ बांसुरिया है मतवाली,
कमर पे करधनी लटक रही तेरे,
सिर पे सोहे ताज,
राधारमण रंगीले...........
पीताम्बर पट पीत बिराजे,
गल बैजन्ती माला साजे,
ठुमक ठुमक के जब चलत हो,
पग नुपुर रही बाज,
राधारमण रंगीले...........
तरह तरह के पहरों पटके,
जो दर्शन करें तुमपर अटके,
दीनो के हो सदा सहाई,
तुम हो गरीब निवाज ,
राधारमण रंगीले...........
राधा संग दिल में बस जाओ,
चरणों की मुझे दासी बनाओ,
हाथ पकड़ लो मेरा प्यारे,
बिगड़े संवारो काज,
राधारमण रंगीले...........
Radharaman Hamaro Pyaro Pyaro
bhajanShrijirasik
राधारमण हमारो प्यारो प्यारो, सखी री में तो देखता रहूं याकी सूरत पे जाऊं बलिहारी, सखी री में तो देखता रहूं
काण कुण्डल की छवि अति प्यारी
कांधे साजे रे कमरिया कारी
शीश मुकुट पे मोर पंख धारी
नाक नथुनी की कोर अति प्यारी
हाथ लकुट अधर पे बंशी बाजे,
छवि को मैं निहारता रहूँ
प्यारे वैजयंती माला उर धारी
हाथ बाजुबंद लरा मुतियारी
जिनके चरणों में पदम विराजे
उनके नूपुर की धुन अति प्यारी
चाल चटपटी टेढ़ी मेढ़ी जाकी, कि सूरत निहारता रहूँ
राधारमण सलोने मतवारे
नैना मिलते ही ऐसा जादू डारे
वृन्दाविपिन किशोरी संग साजे
दास गावे प्रशांत गुन तिहारे
वृन्दावन की श्री कुंज गलिन में मन अटका रहूं
Adhar Se Banshi Sarak Gayi Jo Radha Ki Payal Chhanak Gayi
bhajanShrijirasik
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……
क्यों रोज रोज जमुना किनारे कान्हां मुझे बुलाए,
मुख से ना बोले कन्हैया नैनों से बाण चलाए,
तेरे प्यार में लागे ये राधा बहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई………
जब जब आऊँ, जमुना किनारे,
तू छुपके छुपके देखे,
तेरी बिंदिया ले गई निंदिया,
चैन गजरा गया लेके,
तेरी खुशबु में राधा भी महक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
तेरी मीठी मीठी बातों से मोहन,
दिल में प्यार जगे,
तेरे मुखड़े के आगे राधिका,
वो चाँद भी फ़ीका लगे,
तेरे दिल के बागों में मैं चहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
रोम रोम तेरा नाम पुकारे ओ कान्हा कान्हा,
तेरी कसम बिना तेरे राधिके श्याम तेरा आधा,
आग की प्यार गोपाला में लहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
Tum Prem Ho Tum Preet Ho Man Meet Ho Kanha Mere Manmeet Ho
bhajanShrijirasik
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
परमात्मा का स्पर्श हो...राधे,
पुलकित हिर्ध्ये का हर्ष हो,
तुम हो समपर्ण का शिखर,
तुम ही मेरा उत्कर्श हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी भावना की तुम जीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
हु मैं यहाँ तुम हो वहा...राधे,
तुम बिन नही है कुछ यहा,
मुझमे धडकती हो तुम्ही,
तुम दूर मुझसे हो कहा,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो.....
नटनागर मोहन गिरधारी,
नटनागर मोहन गिरधारी....
राधा कृष्णा..कृष्णा
कृष्णा राधा..कृष्णा.......
Manihari Ka Bhesh Banaya Shyam Choodi Bechne Aaya
bhajanShrijirasik
मनिहारी का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया।
छलिया का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
झोली कंधे धरी, उस में चूड़ी भरी।
गलिओं में चोर मचाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा ने सुनी, ललिता से कही।
मोहन को तरुंत बुलाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
चूड़ी लाल नहीं पहनू, चूड़ी हरी नहीं पहनू।
मुझे श्याम रंग है भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा पहनन लगी श्याम पहनाने लगे।
राधा ने हाथ बढाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधे कहने लगी, तुम हो छलिया बढे।
धीरे से हाथ दबाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Vasant Ki Bahar H Phoolon Ka Tyohar Hai Aaja Mere Sanvariya Tera Intejar H
bhajanShrijirasik
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तेरे बिना मैं कैसे , बसंत मनाऊगी ,
तू ना आया जो मोहन , मैं तो रूठ जाऊगी,
मुझको तुझसे प्यार हैं , तू मेरा दिलदार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
पहले कभी ना तेरा , मेने इंतज़ार किया ,
जब से हुई ही तेरी , तुझसे ही प्यार किया ,
अब ना होता इंतज़ार हैं , दिल ये बेक़रार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तुझसे ये रिश्ता मेरा , सदियों पुराना ,
दिल ये मेरा कान्हा , बस तेरा ही दीवाना,
सुन ले दिल की पुकार ये, तू ही मेरा यार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
Foolo M Saj Rahe H Shri Vrindavan Bihari
bhajanShrijirasik
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन बिहारी।
और संग में सज रही है वृषभानु की दुलारी॥
टेडा सा मुकुट सर पर रखा है किस अदा से,
करुना बरस रही है, करुना भरी निगाह से।
बिन मोल बिक गयी हूँ, जब से छबि निहारी॥
बहिया गले में डाले जब दोनों मुस्कुराते,
सब को ही प्यारे लगते, सब के ही मन को भाते।
इन दोनों पे मैं सदके, इन दोनों पे मैं वारी॥
श्रृंगार तेरा प्यारे, शोभा कहूँ क्या उसकी,
इत पे गुलाबी पटका, उत पे गुलाबी साडी॥
नीलम से सोहे मोहन, स्वर्णिम सी सोहे राधा।
इत नन्द का है छोरा, उत भानु की दुलारी॥
चुन चुन के कालिया जिसने बंगला तेरा बनाया,
दिव्या आभूषणों से जिसने तुझे सजाया,
उन हाथों पे मैं सदके, उन हाथों पे मैं वारी॥
Teri Banshi Pe Jau Balihari Rasiya M To Nachungi Tere Darbar Rasiya
bhajanतेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया।
ओड़ के आई मैं तो लाल चुनारिया,
मटकी उठा के मैं तो बन गयी गुजरिया।
मैं तो कर आई सोला श्रृंगार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
तेरे पीछे मैं तो आई अकेली,
बड़े गोप की नयी नवेली।
आई हूँ करने मनोहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
जब से लगी है तेरी लगनवा,
बिसर गयो मोहे घर आंगनवा।
मैं तो छोड़ आई सारा संसार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
Sanwari Surat Pe Mohan Dil Deewana Ho Gaya
bhajanसांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
तीसरा नज़रे मिलाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
तीसरा घुंघरू बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
तीसरा सपनो में आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ||
Kitna Pyara H Singar Teri Leun Najar Utar
bhajanकितना प्यारा है सिंगर की तेरी रहो नज़र उतार कितना प्यारा
तेरी रहू नजर उतार,
सांवरिया तुझको किसने सजाया है,
तुझे सुन्दर से से सुंदर गजरा पहनाया है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी...........
केसर चदन तिलक लगा कर सज धज के बेठो है,
लग गये तेरे चार चाँद जो पहने तूने हार,
कितना प्यारा है सिंगर ....
सांवरिया तेरा चेहरा चमकता है,
तेरा कीर्तन बहुत बड़ा दरबार महक ता है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
किसी भगत से कह कर कान्हा काली टिकी लगवा ले,
याद फिर तू बोले तू लेयोई राइ बाण,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया तेरे भगतो को तेरी फिकर,
कभी लगना जाये तुझे दुनिया की बुरी नजर,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
पता नही तू किस रंग का है
आज तक न जानत सखी,
बनवारी हम ने देखे है तेरे रंग हज़ार,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया थोरा बच बच के रहना जी,
कभी मान भी लो कन्हा भगतो का कहना जी,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
M To Rani Banungi Ghanshyam Ki Mujhako Chudiya Pahnado
bhajanमैं तो रानी बनुँगी घनश्याम की
,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
अपने पिया की दुल्हन बन जाऊं,
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में नाचूं धूम मचाऊं,
मुझे कजरा लगा दो,
मेरे गजरा सजा दो,
मुझे मेहंदी लगा दो श्याम नाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
रग रग मेरे रमाँ है सांवरिया,
प्रीत लगा के सांवरियाँ से,
मैं तो भई बावारियां,
मेरे लाली लगा दो,
मेरे बिंदिया लगा दो,
मुझे चुनरी ओढा दो श्याम नाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
जब प्यारे की दुल्हन मैं बनूँगी,
दुल्हन बनूँगी और अंग अंग सजुंगी,
मेरे महावर लगा दो,
मुझे पायल पहना दो,
मुझे अंगिया मँगा दो,
ज्यादा दाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
रानी बनूँगी बने श्याम राजा,
मैं पिया की प्रीतम मेरे,
नहीं किसी का सांझा,
गीत मंगल गवा दो,
पागल को बुला दो,
श्याम बिन जिंदगानी किस काम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
मुझे चूड़ियाँ पहना दो,
मुझे घुंघुरू पहना दो,
मुझे दुल्हन बना दो मेरे श्याम की,
मैं तो रानी बनूँगी बृज धाम की,
Sakhi Ri Bankebihari Se Hamari Lad Gyi Ankhiyan
bhajanसखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
Shyama Shyam Saloni Surat Ka Sringar Vasanti H
bhajanPujya Bhai Ji
श्यामा श्याम सलौनी सूरत को शिंगार बसंती है,
किशोरी श्याम सलोनी सूरत को शिंगार बसंती है
मोर मुकुट की लटक बसंती
चंद्रकला की चटक बसंती,
मुख मुरली की मटक बसंती,
सिर पै पैंच श्रवण-कुंडल छविदार बसंती है,
श्यामा श्याम...
माथे चन्दन लसियो बसंती,
पट पीताम्बर कसियो बसंती,
पहना बाजूबंद बसंती,
गुंजमाल गल सोहै फूलनहार बसंती है,
श्यामा श्याम...
कनक कडूला हस्त बसंती,
चले चाल अलमस्त बसंती,
रुनक-झुनक पग नूपुर की झनकार बसंती है,
श्यामा श्याम.....
संग ग्वाल को गोलन बसंती,
बोल रहे हैं बोल बसंती,
सब सखियन में राधे जी सरदार बसंती हैं,
श्यामा श्याम....
Aao Meri Sakhiyo Mujhe Mehndi Lagado Mujhe Shyam Sunder Ki Dulhan Bana Do
bhajanआओ मेरी सखियो मुझे मेहँदी लगा दो,
मेहँदी लगा दो, मुझे सुन्दर सजा दो ,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
सतसंग मे मेरी बात चलायी ,
सतगुरु ने मेरी किनी सगाई ,
उनको बोला के हथलेवा तो करा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
ऐसी ओडु चुनरी जो रंग नाही छूटे ,
ऐसा वरु दूल्हा जो कबहू ना छूटे ,
अटल सुहाग वाली बिंदिया लगा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
ऐसी पहनू चूड़ी जो कभ हु न टूटे,
प्रेम प्रीती धागा कभ हु न छूटे,
आज मेरी मोतियों से मांग तो भरा दो,
सूंदर सजा दो मुझे मेहँदी तो लगा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
भक्ति का सुरमा मैं आख मे लगाउंगी |
दुनिया से नाता तोड़ मैं उनकी हो जाउंगी |
सतगुरु को बुला के फेरे तो पडवा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ||
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