॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Ram - Joyful Bhav
राम - आनंदमय भाव
Bhajans (10)
Jihna Peete Ne Pyale Hari Naam De
bhajanShrijirasik
जिहना पीते ने प्याले हरि नाम दे,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया धन्ने भगत नू,
उन्हे पथरा चो श्याम नू पाया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया मीरा बाई नू,
उन्हे जहरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया भीलनी माई नू,
उन्हे बेरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया द्रौपता माई नू,
उन्हा साड़िया चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
Pyare Thakur Padhare Mere Angana
bhajanShrijirasik
पावन शुभ दिन है आया,आनंद उत्सव घर छाया,
हिवड़े मन मोद समाया, लागे सभी को मनभावना,
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
१. स्वागत करांला इनकी पलक बिछाकर के जी.. पलक बिछाकर..
बाट जोई थी जिनकी,आस लगाकरके जी,आस लगाकर
धन हुए भाग्य हमारे, मिट गए दुखड़े सारे,
चमके जीवन के सितारे, बाकी नहीं कुछ कामना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
२. आंगन में सुंदर सुंदर आसन लगवायाजी हो..आसन लगवाया...
दिल के भावों से इनको खूब सजाया जी हो...खूब सजाया...
बैठे मनमोहन प्यारे,आंखों के बन के तारे,
झूमे नर नारी सारे, मन को करे हैं लुभावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
३. सोहनी सूरत इनकी लागे अति प्यारी जी हो ...लागे अति प्यारी...
प्रिया प्रियतम की छवि पर जाएं बलिहारी जी हो.. जाएं बलिहारी...
देखूं तो मन हरषावे,नैनन में रूप समावे,
दूजो ना कोई भावे,लागे प्यारे से हमको पावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
४. कंचन के दीप जलाकर आरती गाओ जी हो... आरती गाओ...
सेवा में चंवर डुलाकर, भोग लगाओ जी हो...भोग लगाओ..
सर्वेश्वर मंडल गावे, चरणों में बलि बलि जावे,
आनंद का पार न पावे, उत्सव मनावे सुहावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
पावन शुभ दिन है आया, आनंद उत्सव घर छाया, हिवडे मन मोद समाया, लागे सभी को मन भावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
Mere Ram Ki Jai Jaikar Hain
bhajanहिन्दुस्तान में राम प्रभु की सब से बड़ी सरकार है,
पूरब पश्चिम उतर दक्षिण गूंजे यही जैकार है,
मेरे राम की जय जय कार है,
गांव गांव और शहर शहर गूंजे इक ही नारा है,
हम बंदे है भारत माँ के हिंदुस्तान हमारा है,
स्वर्ग से बढ़ कर मेरे लिए तो राम का ही दरबार है,
मेरे राम की जय जय कार है,
श्री राम के दीवाने हम हम भगवा लहराए गे,
याहा राम ने जन्म लिया है मंदिर वही बनायेगे,
अलख जगाये राम नाम की सब की यही ललकार है ,
मेरे राम की जय जय कार है,
इस दुनिया में राम से बढ़ कर और न कोई दूजा है,
बड़े बड़े नामी और ग्यानी करते राम की पूजा है,
अभिषेक भगवा ोड के तन पे करता यही पुकार है,
मेरे राम की जय जय कार है,
Ayodhya Ki Shaan Raghupati
bhajanअयोध्या की शान रघुपति राजा राम
सरयू के तट पर विराजे भगवान
दशरथ नंदन कौशल्या के लाला
भरत शत्रुघ्न लक्ष्मण के साथी प्याले
रामराज्य की महिमा गाएं सब
अयोध्या नगरी धन्य हुई
जय श्री राम जय जय राम
अयोध्या के राजा जय जय राम
Jis Par Kripa Shri Ram Ki, Wo Baithyo Mauj Kare
bhajanजिस पर किरपा श्री राम की वो बैठ्यो मौज करे,
जिस पे राजी हनुमान जी वो बैठ्यो मौज करे
राम जी के भक्त को स्म्बाले हनुमान जी
हनुमान भक्त को स्म्बाले श्री राम जी,
उसके ना अटके काम जी वो बैठ्यो मौज करे
भक्ति मिल जाती है बजरंगी जी के नाम से
मुक्ति मिल जाती है राम जी के नाम से,
ये केहते वेद पूरान जी वो बैठ्यो मौज करे
राम राम जपो चाहे हनुमान जपना
दोनों बस एक है इंतना समज न
ये मोहित को विशवास जी
वो बैठ्यो मौज करे
श्रेणी
Chanda Chhup Ja Re Badal Me Ram Sang Holi Khelungi
bhajanShrijirasik
चंदा छुप जा रे बादल में राम संग होली खेलूंगी,
होली खेलूंगी राम संग होली खेलूंगी…..
तातो सा पानी सिलो रे उबटनो राम को नहलाऊंगी,
राम को नहलाऊंगी अरे भगवान को नहलाऊंगी…..
पात पीताम्बर ध्वजा धोवति राम को पहनाऊँगी,
राम को पहनाऊँगी अरे भगवान को नहलाऊंगी…..
घिस घिस चन्दन भरी रे कटोरी तिलक लगाउंगी,
तिलक लगाउंगी अरे में माला पहनाऊँगी……
छप्पन भोग छतीसो तैयारी भोग लगाउंगी,
भोग लगाउंगी अरे में राम को जिमाउंगी….
सोने की थाली गंगा जल पानी राम को पिलाऊंगी,
राम को पिलाऊंगी अरे श्री राम को पिलाऊंगी……
Shri Ram Janki Baithe Hai
bhajanShrijirasik
नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषण
ताना ना सेह पाऊं, क्यों तोड़ी है यह माला,
तुझे ए लंकापति बतलाऊं
मुझ में भी है तुझ में भी है, सब में है समझाऊं
ऐ लंका पति विभीषण ले देख मैं तुझ को आज दिखाऊं
- जय श्री राम -
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में,
देख लो मेरे मन के नागिनें में ।
मुझ को कीर्ति न वैभव न यश चाहिए,
राम के नाम का मुझ को रस चाहिए ।
सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
अनमोल कोई भी चीज मेरे काम की नहीं
दिखती अगर उसमे छवि सिया राम की नहीं
राम रसिया हूँ मैं, राम सुमिरन करू,
सिया राम का सदा ही मै चिंतन करू ।
सच्चा आंनंद है ऐसे जीने में श्री राम,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
फाड़ सीना हैं सब को यह दिखला दिया,
भक्ति में हैं मस्ती बेधड़क दिखला दिया ।
कोई मस्ती ना सागर मीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
Aaju Mithila Nagariya Nihal Sakhiyan
bhajanआजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया,
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!
शिश मणी मौरिया, कुण्डल सोहे कनमा,
कारी कारी कजरारी जुलमी नयनमा,
लाल चंदन सोहे इनके भाल सखिया,
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!
श्यामल-श्यामल, गोरे- गोरे, जोड़ीया जहान रे,
अँखिया ना देखनी सुनलीं ने कान हे
जुगे जुगे, जीबे जोड़ी बेमिसाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!
गगन मगन आजु, मगन धरतिया,
देखि देखि दुलहा जी के, साँवर सुरतिया,
बाल वृद्ध, नर-नारी, सब बेहाल सखिया
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!
जेकरा लागी जोगी मुनि, जप तप कईले,
से मोरा मिथिला में पाहुन बन के अईले
आजु लोढ़ा से सेदाई इनके गाल सखिया..
चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया!
Ram Ras Barso Ri Aaj Mere Angna M
bhajanराम रस बरस्यो री
राम रस बरस्यो री,
आज म्हारे आंगन में ।
जाग गये सब सोये सपने,
सभी पराये हो गये अपने,
लगे प्रेम की माला जपने,
लगे राम की माला जपने,
कि अंग-अंग हरस्यो री
राम रस बरस्यो री,
आज म्हारे आंगन मे
युग युग के थे नैन सताये
आज पियत सखी बिना पिलाये,
कहां बिठाऊँ मेरे बाबा आये,
कहां बिठाऊँ मेरे सतगुरु आये,
ठौर कोई करस्यो री,
आज म्हारे आंगन में ॥
ठुमक ठुमक मोरी पायल बाजे,
अगल बगल मेरा राम बिराजे,
प्रेमी को तो प्रीत ही साजै,
प्रेमी को तो प्रीत ही साजै,
बहुत दिन तरस्यो री,
आज म्हारे आंगन में ॥
धरती नाची अम्बर नाचा,
आज देवता खुलकर नाचा,
मैं नाची मेरा प्रियतम नाचा,
मैं नाची मेरा सतगुरु नाचा,
प्रेम रस बरस्यो री,
आज म्हारे आंगन में ।।
रुक गई रात, रुका है चन्दा,
साधो! मंगल मौज अनन्दा,
तू निर्दोष अरे क्यूं मन्दा,
तू निर्दोष अरे क्यूं मन्दा,
घड़ी दस बरस्यो री,
आज म्हारे आंगन में ॥
Rama Rama Ratate Ratate
bhajanरामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया,
रघुकुल नंदन कब आओगे, भिलनी की डगरिया ।।
मैं शबरी भिलनी की जाई, भजन भाव ना जानु रे,
राम तेरे दर्शन के हित, वन में जीवन पालूं रे,
चरणकमल से निर्मल करदो, दासी की झोपड़िया,
रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया ।।
रोज सवेरे वन में जाकर, रस्ता साफ़ कराती हूँ,
अपने प्रभु के खातिर वन से, चुन चुन के फल लाती हूँ,
मीठे मीठे बैरन से भर, लाई में छबरिया,
रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया ।।
श्याम सलोनी मोहिनी मूरत, नैयनो बीच बसाऊंगी,
सुबह शाम नित उठकर मै तो, तेरा ध्यान लगाऊँगी,
पद पंकज की रज धर मस्तक, जीवन सफल बनाउंगी,
अब क्या प्रभु जी भूल गए हो, दासी की डगरिया,
रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया ।।
नाथ तेरे दर्शन की प्यासी, मैं अबला इक नारी हूँ,
दर्शन बिन दोऊ नैना तरसें, सुनलो बहुत दुखारी हूँ,
हरी रूप में दर्शन देदो, डालो एक नजरिया,
रामा रामा रटते रटते, बीती रे उमरिया ।।
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