॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Mahadev - Joyful Bhav
महादेव - आनंदमय भाव

॥ राधे राधे ॥

Bhole rasik
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी कान्हा जी आए
कान्हा जी आए संग राधा भी आए
डमरू को सुनकर जी कान्हा जी आए
कान्हा जी आए संग राधा भी आए
वहाँ सखियों का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी गणपति चले
गणपति चले संग कार्तिक चले
डमरू को सुनकर जी गणपति चले
गणपति चले संग कार्तिक चले
वहाँ अम्बे का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी राम जी आए
राम जी आए संग लक्ष्मण जी आए
मैया सिता का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर के ब्रम्हा चले
यहाँ ब्रम्हा चले वहाँ विष्णु चले
डमरू को सुनकर के ब्रम्हा चले
यहाँ ब्रम्हा चले वहाँ विष्णु चले
मैया लक्ष्मी का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐंसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी गंगा चले
गंगा चले वहाँ यमुना चले
डमरू को सुनकर जी गंगा चले
गंगा चले वहाँ यमुना चले
वहाँ सरयू का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डमरू को सुनकर जी सूरज चले
सूरज चले वहाँ चंदा चले
डमरू को सुनकर जी सूरज चले
सूरज चले वहाँ चंदा चले
सारे तारों का मन भी मगन हो गया
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने
सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
Bhole rasik
डमरू वाले बाबा तुमको आना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा,
माँ गोरा संग गणपति जी को लाना होगा,
डमरू वाले बाबा तुमको आना होगा.....
सावन के महीने में हम कावड़ लेके आएंगे,
पावन गंगा जल से बाबा तुम को नेहलायेगे,
कावड़ियों को पार लगाना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा.....
भांग धतूरा दूध बाबा तुम पे चढ़ायेगे,
केसरियां चन्दन से बाबा तिलक लगाएंगे,
भगतो का कष्ट मिटाना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा.....
तू तो भोले दानी बाबा जग से निराला है,
हाथो में तिरशूल गले सरपो की माला है,
नंदियां पे चढ़ कर आना होगा,
डम डम डमरू बजाना होगा.....
Shrijirasik
भोले तेरी जटा में, बहती है गंग धारा,
शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा,
काली घटा के अंदर, जिम दामिनी उजाला,
शंकर तेरी जटा में, बहती है गंग धारा,
भोले तेरी जटा में, बहती है गंग धारा……..
गल में मुंडमाल साजे भोले, शशि भाल में गंग बिराजे,
डमरू निनाद बाजे, कर में त्रिशूल धारा,
शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा,
भोले तेरी जटा में, बहती है गंग धारा……..
मृग चर्म बसन धारी ,वृषराज पै सवारी
निज भक्त दू:खहारी, कैलाश में बिहारा,
शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा,
भोले तेरी जटा में, बहती है गंग धारा……..
शिव नाम जो उचारे, सब पाप दोष टारे,
ब्रह्मानंद ना बिसारे, भव सिन्धु पार तारा,
शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा,
भोले तेरी जटा में, बहती है गंग धारा……
Shrijirasik
तर्ज :-तू बीन बजा दे न जोगी
ठाले कुंडी ला दे रगड़ा मत कर गोरा खामखा झगड़ा,
पीके भंग हरिद्वार में जाऊं रे सब मने देखते रह जागे मैं ऐसा डमरू बजाउ
रे भंग पिला दे न गोरा मेरा नशा सा ढीला होरा
1. काची काची भांग के घोटा जम के गोरा लाइए तू
सावन मस्त महीना आग्या भर भर लोटा पियाइये तू
तोड़ :- और न कोई काम तेरे पे ,हो तेरा एहशान मेरे पे ना और मैं कुछ भी चाहु
2.हरिद्वार हर की पौड़ी का चल क़े देख नजारा
दिल्ली up हरियाणे ते आवे भगत बड़ा प्यारा
तोड़ :-उनके रंग मैं ही रंग जाऊ कावड़ियों संग नाचू गाउ मैं सुध बुध अपनी भुलाउं
3.नवीन कुमार की किस्मत का गोरा कब खोलेगी ताला
तेरे प्यार मैं पागल से यो संकर डमरू वाला
Shrijirasik
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
सिर पे जटा और गंगा महारानी
गंगा जी की धारा से वो पाप धो गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
माथे पे चंदा और ऑख मसतानी
चांदनी से जीवन मेरा रोशन कर गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
गले में नाग और चाल मसतानी
नागों की लहरों में वो दर्शन दे गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
हाथों में डमरू और गौरा महारानी
अटल सुहाग भोले बाबा दे गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
Shrijirasik
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
बजावे भोले नाथ , बजावे भोले नाथ
ऊँचे पर्वत डमरू बजावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
1 ) जब भोले का डमरू बाजे , शिव गण नाचे सारे
धरती और अंबर गूँजे , सब बोल रहे जयकारे
सुनलो नई-नई ताल , सुनावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
2 ) जल्दी प्रसन्न होने वाले , हैं भोले भंडारी
बजा बजा के डमरु काटे , इस जग की बीमारी
विष पी के संसार को , हर्षावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
3 ) शिव की माया ऐसी जिसको , कोई जान ना पाया
उसको भी अपना लेते ये , जो जग ने ठुकराया
भूलन से बालक को भी , अपना वे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
Shrijirasik
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज/वृंदावन में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती से बोले,
मैं भी चलूँगा तेरे संग में
राधा संग श्याम नाचे,
मैं भी नाचूँगा तेरे संग में
रास रचेगा ब्रज मैं भारी,
हमे दिखादो प्यारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ओ मेरे भोले स्वामी,
कैसे ले जाऊं अपने संग में
श्याम के सिवा वहां,
पुरुष ना जाए उस रास में
हंसी करेगी ब्रज की नारी,
मानो बात हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ऐसा बना दो मोहे,
कोई ना जाने एस राज को
मैं हूँ सहेली तेरी,
ऐसा बताना ब्रज राज को
बना के जुड़ा पहन के साड़ी,
चाल चले मतवाली, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
हंस के सत्ती ने कहा,
बलिहारी जाऊं इस रूप में
इक दिन तुम्हारे लिए,
आये मुरारी इस रूप मैं
मोहिनी रूप बनाया मुरारी,
अब है तुम्हारी बारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
देखा मोहन ने,
समझ गये वो सारी बात रे
ऐसी बजाई बंसी,
सुध बुध भूले भोलेनाथ रे
सिर से खिसक गयी जब साड़ी,
मुस्काये गिरधारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
दीनदयाल तेरा तब से,
गोपेश्वर हुआ नाम रे
ओ भोले बाबा तेरा,
वृन्दावन बना धाम रे
भक्त कहे ओ त्रिपुरारी,
राखो लाज हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
Shrijirasik
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं,
दिल की सुनाऊं तुमको, किस्मत मेरी संवारूं।
आया हूं तेरे दर पर दुखड़े सभी मिटा दे,
एक आस है तुझी से बिगड़ी मेरी बना दे,
तेरे भरोसे बैठा खाली कभी ना जाऊं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
हमने सुना है बाबा लाखों को तुमने तारा,
भूलों को माफ करके कितनों को है उबारा,
मैं भी शरण पड़ा हूं, किरपा तेरी मैं चाहूं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं
दिल की सुनी है मेरी बिगड़ी बनी है मेरी,
दर पे तुम्हारे आकर, झोली भरी है मेरी,
तुम जैसा कोई जग में, दाता नहीं मैं पाऊं ,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
Shrijirasik
पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
जिसदिन से मैं विवहा के आई भाग्ये हमारे फुट गये,
पीसक पीसक भंगियाँ तेरी हाथ हमारे टूट गये,
कान खोल कर सुन ले भोले अव पर्वत पर ना रहना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
पार्वती से बोले भोले तेरे मन में धीर नहीं,
इन ऊचे महलो में रहना ये अपनी तकदीर नहीं,
करू तपस्या मैं पर्वत पर हमे महल का क्या करना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
सोना चांदी हीरे मोठे चमक रहे हो चम् चम्,
दास दासियाँ करे हाज़री मेरी सेवा में हर दम,
बिना इजाजत कोई न आवे पहरेदार बिठा देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
पार्वती की ज़िद के आगे भोले बाबा हार गये,
सूंदर महल बनाने खातिर विष्व कर्म त्यार हुए,
पार्वती लक्ष्मी से बोली ग्रहप्रवेश में आ जाना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
ग्रह प्रवेश करने की खातिर पंडत को भुलवाया था,
विषर वहां था बड़ा ही ज्ञानी गृहप्रवेश करवाया था,
सूंदर महल बना सोने का इसे दान में दे देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
जिसकी जो तकदीर है संजू बस उतना ही मिलता है,
मालिक की मर्जी के बिना तो पता तक न हिलता है,
तू तो भजन किये जा प्यारे इस दुनिया से क्या लेना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
Shrijirasik
तोरी सूरत प्यारी , भोले भंडारी
नाम तिहारो उज्जैन के राजा महाराजा
में तो जाऊ बलिहारी भोंले बाबा पे
1. चन्द्र बदन मुख सुन्दर नैना
माथे तिलक महाकाल , ओ भोले बाबा
सब देवो में महादेव तुम्ही हो
तुम्हरे सर पे ताज ताज ताज रे.......
में तो जाऊ बलिहारी भोले बाबा पे
2. हाथ जोड़ के पैया पड़त हु
सुनलो हमारी बात ,ओ भोले बाबा
अपना बना के राखियो ,, बाबा
छोड न देना हाथ , ओ भोले बाबा
छोड़ न देना हाथ हाथ हाथ रे
में तो जाऊ बलिहारी भोंले बाबा पे
3. किरपा करो महाकाल सभी पे
बिगड़ी बना दो बात
तुम ही हो उज्जैन के राजा
सर पे जो रख दो हाथ , ओ भोले बाबा
सर पे रख दो हाथ हाथ हाथ रे
में तो जाऊ बलिहारी ऐसे राजा पे
5. अविनाश तेरे दर का भिखारी
पूरी करदो आस....ओ भोले बाबा
अंकुर सुनील भी चरणों मे आये
दे दो दर्शन आज ....
में तो जाऊ बलिहारी भोले बाबा पे
Shrijirasik
एक जोगी कैलाश के ऊपर जिनके सिर पे गंगा
देख रहा सारी दुनिया को , बैठा मस्त मलंगा
जिनके मस्तक पे बैठा चंदा है ,और जटा जूट में गंगा है
वो तो अपनी ही मस्ती में आके,वो डमरू बजाके,
गोरा सन्ग पर्वत पर नाचे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
लेके भूतों का सन्ग में टोला, मेरा बाबा शंकर भोला
बाबा सबको बुलाए, उन्हें नाच नाचाए
सारा कैलाश डगमग डोला,
ऊंचे पर्वत पे करके धमाल ,बजाए भोला डम डम डमरू
गोरा मैया भी नाचे दे दे ताल, बांध के पैरों में घुंघरू
जमजम बाजे झांझ नगाड़े ,छम छम घुंघरु बाजे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
शम शम शम शमशानों में ,जो रहने वाला
गम गम गम गंगा को, शीश पे धरने वाला
जोगी है मतवाला , गले मुंडो की माला
कंठ भुजंग बिराजे ,चंदा मस्तक पर है साजे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
महिमा तुम्हारी भोले जग से निराली,
खाली ना लोटा कोई दर से सवाली
गोरे बदन पे है , जटा ये काली
भोले की झांकी तो जग से निराली
दुनिया का कण-कण है ,जिनका पुजारी
कालो के काल ,मेरा भोला भंडारी
लव और कुश का मन मयूर भी झूम झूम के नाचे ,
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे , मेरे भोलेनाथ का
Shrijirasik
तर्ज: ना जाने कहां दिल खो गया ( फिल्म : दिल )
शिव डमरू बजाए अंग भस्म रमाये सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
बैलों की असवारी बाबा थारी है
संग में रहती हरदम गिरिजा प्यारी है
देखो जरा देखो क्या रूप है, रूप बड़ा ही अनूप है
जो दर्शन पाये भव से तर जाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
सर पे सोहे गंगा मस्तक चंदा है
गुण गाने से कटता यम का फंदा है
बाबा मेरे बाबा क्या हाल है, हाल बड़ा विकराल है
दुष्टों को खपाऐ, भक्तों को बचाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
हरिकिशन शर्मा की बाबा अर्जी है
बेड़ा पार करो तो थारी मर्जी है
शिव शिव बोलो सब प्रेम से, प्रेम से नित नेम से
जो ध्यान लगाए वो सब सुख पाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
Shrijirasik
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी,
जय कैलासपति शिव शंकर, जय कैलासपति शिव शंकर,
सब जग के हितकारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी
निस्दिन तेरा ध्यान करें हम,
सुमिरन मंत्र तिहारा, हे शिव शंकर मंत्र जगाओ,
होवै घाट उजियारा, नमामि शंकर,
नमामि शंकर, नमामि शंकर, नमामि शंकर,
कृपया करो त्रिपुरारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी
शंखनाद से शब्द जगाकर, स्वर-संगीत बहाया,
युग-युग से ये सृष्टि नाचे, ऐसा द्रमुक,
तेरी याद तेरे जग में,तेरी याद तेरे जग में,
दुःख पावें संसारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी
त्रिशूल हरण कर लेते हैं, ये त्रिशूल तिहारा,
तेरा नाम जपाई से जग में, मुक्ति द्वारा,
महादेव परब्रह्म विधाता, महादेव परब्रह्म विधाता,
आये शरण तिहारी,
जय भोला भंडारी शिवहर, जय भोला भंडारी
जय भोला भंडारी शिवहर,जय भोला भंडारी,
जय कैलासपति शिव शंकर, जय कैलासपति शिव शंकर,
सब जग के हितकारी,
Shrijirasik
डमरू वजाए भोले नाथ
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डमरू, वजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
हो गौरा मईया, नाच रही,
हो गौरा मईया, नाच रही ।
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा ने पहनी, सोने की मुकुटी ॥
गंगा, बहाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहना, सोने का टीका ॥
चंदा, सजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, कुमकुम की बिंदिया ॥
भस्म, रमाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, मोतियों की माला ॥
सर्पों, की माला, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, रेशम की साड़ी ॥
बाघंबर, पहने, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहने, सोने के झुमके ॥
बिच्छुयों, के कुण्डल, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, चाँदी की पायल ॥
घुंघरू, वजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, तो खाए, लड्डू पेड़े ॥
भाँग, धतूरा, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
भोले, के संग में, गौरा विराजे ॥
गोदी, में बैठे, गणराज,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
Shrijirasik
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
चाहे दिन हो चाहे रात हो
इस मन में बस तेरी बात हो
यही गाऊँ बार बार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
जिस मन में तेरी जोत जगे तुम उसके भाग जगाते हो
नैय्या हो टूटी फूटी फिर भी तुम पार लगाते हो
नहीं फ़िक्र उसे किसी भंवर का
जिसके तुम पतवार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
जटा में तेरे पावन गंगा सृष्टि का उद्धार करे
तेरी शरण में आकर जो इस धरा में इशनान करे
नाश करे उसके पापों का
करदे भव से पार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
धरती तुम हो अम्बर तुम हो तुम ही तो पाताल हो
कालचक्र है तुम्ही से बाबा क्योकि तुम महाकाल हो
ऋषि मुनि सब कहते तुमको
सृष्टि का आधार
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
श्रद्धा और विश्वास जहां वो कंकर में भी शंकर पाते
प्यार से इक आवाज़ दो शिव की दौड़े दौड़े शंकर आते
मन की कली भी खिल जाती है
तार से मिल जाए तार
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
Shrijirasik
छोड़के सारी चिंता छोड़के सारे ग़म
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
सच्चे मन से जपके देखो जादू शिव के नाम का
बम बम भोले कहते जाओ नाम बड़ा है काम का
जीवन में ये खुशियां होने ना देगा कम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
बम बम भोले जपते जपते हर पल मौज मनाओ तुम
शिव के रहते बंधू मेरे चिंता नहीं लगाओ तुम
उसके रहते तेरी आँख ना होगी नम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
शिव की धुन में खोके जो भी धूनी रोज़ लगाता है
उसके सामने जाने से फिर काल भी घबराता है
साथ हो जो भोला तो क्या करेगा यम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
शिव की धुन में खो जाने की सागर अपनी मस्ती है
उसकी महिमा लिख सके जो कहाँ किसी की हस्ती है
शिव की ही कृपा से चलती ये कलम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
Shrijirasik
भोले को में मानने, महाकाल जा रहा हूं ।
बाबा को जल चढ़ाने, उज्जैन जा रहा हूं।
1, बैठे गजानन चिंता हरे ,
हरसिद्धि मां भंडारे भरे
चरणों में तेरे बाबा सर को झुका रहा हूं
2, करदो दया की मुझपे नजर,
दुनिया से भोले मैं बेखबर,
चरणों का मैं दीवाना अरजी लगा रहा हूं
3, दुनिया से में तो घबरा गया ,
बाबा तुम्हारे दर आ गया
अपनी झलक दिखादो तुमको बुला रहा हूं
Shrijirasik
गौरां फेरदी है माला तेरे नाम दी
तेरे नाम दी ओ भोले तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला
सीस भोले दे गंगा विराजे
गंगा विराजे भोले गंगा विराजे
ओ ओथे लगदी ए डुबकी तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला
माथे भोले दे चंदा है साजे
चंदा है साजे भोले चंदा है साजे
ओ चंदा मारे लिशकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
हाथ भोल्हे दे डमरू वजदा
डमरू वजदा भोले डमरू वजदा
ओ संगतां पाउंदियां भंगड़ा तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
संग में भोले दे गौरां सजदी
गौरां सजदी भोले गौरां सजदी
ओ गोदी गणपत लाला तेरे नाम दा
गौरां फेरदी है माला
मंदिरां च भोले सत्संग हुंदा
सत्संग हुंदा भोले सत्संग हुंदा
ओ संगतां लाउण जैकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
गल विच भोले दे नागां दी माला
नागां दी माला भोले नागां दी माला
ओ नाग मारन फुंकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
Shrijirasik
सुबह शाम आठों याम
मैं गाऊँ तेरे भजन
लगी है भोले चरणों की तेरे
मुझको बड़ी लगन
जीवन की ऊँच नीच में
जब कोई दर्द मुझे सताए
मुख पे नाम तेरा ही भोले
तब आके धीर बंधाए
करता रहूँ गुणगान सदा
सदा मैं करता रहूँ सुमिरन
लगी है भोले चरणों की तेरे
मुझको बड़ी लगन
सुबह शाम आठों याम
मैं गाऊँ तेरे भजन ...
तेरे प्यार में मेरे भोले
मैनें भाग्य ऐसा पाया
अपने मन को मंदिर बनाकर
तुमको उस में बिठाया
हर घड़ी तुम रहो सामने
तुम्हें देखे मेरे नयन
लगी है भोले चरणों की तेरे
मुझको बड़ी लगन
सुबह शाम आठों याम
मैं गाऊँ तेरे भजन ...
कैसी भी आए मुसीबत
तुमको याद करता हूँ
पल में दूर हो जाती हैं
जब भी फरियाद करता हूँ
हो जाए राजीव धन्य
जो पा जाए दर्शन
लगी है भोले चरणों की तेरे
मुझको बड़ी लगन
सुबह शाम आठों याम
मैं गाऊँ तेरे भजन ...
Shrijirasik
यह तो पहने हैं सर्पों की माला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
डमरू डम डम बजाता है भांग धतूरा खाता है।
जब वह क्रोध में आता है तांडव नाच दिखाता है।
सारे जग का है वो रखवाला,मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
पार्वती का प्यारा है उनकी आंखों का तारा है।
बैल सवारी करता है भक्तों के दुख हर्ता है।
उनकी कृपा से छाया उजियारा, मेरा शंकर बड़ा भोला
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
यह तो पहने हैं सर्पों की माला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
भक्त भी सारे आए हैं आकर शीश झुकाए हैं ।
आशा पुरी हो जाए एक नजर जो हो जाए।
छोड़ अमृत पिया विष का प्याला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
बम भोला बम भोला बम भोला, बम भोला बम भोला बम भोला।
यह तो पहने हैं सर्पों की माला, मेरा शंकर बड़ा भोला भाला।
Shrijirasik
इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनिया भरने शिव नार,
सागर में उतारी गागरिय
रूप देख कर सागर बोला,
कौन पिता महतारी,
कौन देश की रहने वाली,
कौन पुरुष की नारी,
बता दे कौन पुरुष की नारी,
हौले हौले गौरा बोले,
छाया है रूप अपार रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती हुई
राजा हिमाचल पिता हमारे,
मैनावती महतारी, शिव शंकर है पति हमारे,
मैं उनकी घर नारी,
समुंदर मैं उनकी घर नारी,
जल ले जाऊं पिय नहलाऊं,
तू सुन ले वचन हमार रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती ॥
कहे समुंदर छोड़ भोले को,
पास हमारे आओ,
चौदह रत्न छुपे है मुझमे,
बैठी मौज उड़ाओ,
गिरजा बैठी मौज उड़ाओ
वो है योगिया पीवत भंगिया,
क्यों सहती कष्ट अपार रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती ॥
क्रोधित होकर चली है गौरा,
पास भोले के आई,
तुम्हरे रहते तके समंदर सारी कथा सुनाई,
भोले को सारी कथा सुनाई जतन,
सागर को मथन,
लियो चौदह रतन निकाल रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनिया भरन शिव नार, सागर में...
Shrijirasik
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार भोले जी
बलिहार भोले जी
शिव रूप तुम्हारा निराला
मुख पे है तेज उजाला
नैनों में तेज तुम्हारे प्यारा
भोले जी बड़ा है प्यारा
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया
सजे शीश पे चंदा प्यारा
और जटा में गंगा धारा
शिव गले में डाला तुमने नाग का हार
भोले जी डाला हार
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया
तन पे है भस्मी रमाये
डम डम डम डमरू बजाए
फूलों हारो से करते श्रृंगार
भोले जी श्रृंगार
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया
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टेक -
मोर गुरु महादेव हर हर,नांदिया वाला भोला ॥
मोर गुरु महादेव हो.. मोर गुरु महादेव हो ॥
माथ दूज के चंदा सोहे जटा में गंगा के धारा
तीन आखि वाला शिवसंकर देखे सकल संसारा
मोर गुरु महादेव हो...मोर गुरु महादेव हो ॥
हाथ में डमरू त्रिशूल धारे कान में कुण्डल बाला
गला में लपटे नाग करिया कनिहा बगम्बर छाला
मोर गुरु महादेव हो... मोर गुरु महादेव हो.. ॥
मरी मसान के राख़ ल चुपरे तै भोला अवघटिया
भुत परेत राजा महादेव झूपय चटिया मटिया
मोर गुरु महादेव हो.मोर गुरु महादेव हो ॥
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तर्ज » ( मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा )
सज रहा है ये भोला सुंदर सा लग रहा है
टीका लगाओ बाबा क्या खूब लग रहा है
चंदा से खूबसूरत चमके है तेरा चेहरा
आंखों के आगे मेरे लगता है तेरा पहरा
ऊपर से तेरा बाबा मुस्कुराना सा लग रहा है
टीका लगाओ बाबा क्या खूब लग रहा है
जंटा से तेरे शंकर बहती है गंग धारा
भक्तों को तूने बाबा पल भर में है उबारा
डमरू बजाना तेरा क्या खूब लग रहा है
टीका लगाओ बाबा क्या खूब लग रहा है
लकी के दिल में भोले तू ही तो बस गया है
वह तो मेरे बाबा तेरे नैनो में फस गया है
कीर्तन में मेरा अब तो मन सा लग रहा है
टीका लगाओ बाबा क्या खूब लग रहा है
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शंकर जी का विवाह
(सहेलियों का पहला टोली)
ओ गौरा का दूल्हा, जिसकी गरज गरज दहाड़ा।
गले पड़ गया फंदा, काम हुआ बड़ा माड़ा।
गौरां, ऐसा वर तुझे, मिला नहीं कोई और, मिला ही ना।
तू भोले के साथ जचती नहीं, न तेरा, न उनका जोर।
ओ गौरा का दूल्हा, जिसकी गरज गरज दहाड़ा।।
(सहेलियों का दूसरा टोली)
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
गले में सांप लिपटाए हैं, (सुन गौरा)।
श्मशान में डेरा लगाए हैं, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
ओ गले में नागों की माला है, (सुन गौरा)।
बैठा बैल पर सवार है, (सुन गौरा)।
बाबुल ने जुल्म कमाया है, (सुन गौरा)।
बूढ़े से तेरा ब्याह रचाया है, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
संग दो बच्चे आए हैं, (सुन गौरा)।
वे दोनों भिक्षा मांगने वाले हैं, (सुन गौरा)।
संग शुक्र और शनि हैं, (सुन गौरा)।
उनको खाने की है फिक्र, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
(सहेलियों का तीसरा टोली)
सुन नी गौरा, गौरा नी अड़ीए।।
बूढ़ा तेरा वर नहीं,
जिसके साथ तेरा ब्याह होना नहीं।।
न वो लंबा, न वो मध्यम,
न वो लगता बौना,
जिसके साथ तेरा ब्याह होना नहीं।।
(शंकर जी के उदास दिल की हूक)
जिस वक्त मैं तुझे स्मरण करूं, उस वक्त मेरे पास।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, (गौरा से मेरा नाता)।।
किधर से आईं काली कोयलें,
किधर से आए मोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, गौरा से मेरा नाता।।
(गौरा की माँ के उदास दिल की हूक)
जिस वक्त मैं तुम्हें स्मरण करूं, उस वक्त मेरे पास।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, भोले से मेरा नाता।।
उत्तर से आईं काली कोयलें,
पश्चिम से आए मोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, प्यार वाली डोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, भोले से मेरा नाता।।
(गौरा के घर सहेलियों के व्यंग्य)
हमारे आंगन में ढोलक बजती है,
हमने सुना, दूल्हा भंगी और पोसती।।
ये बात जचती नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
हमारे आंगन में पीतल के बर्तन,
हमारी गौरा की ऊंची है जात।।
तेरी कोई जात नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
हमारे आंगन में घी भरा पड़ा,
ना तेरी माँ ने लाड़ दिखाया, ना तेरा बाप।।
ये बात जचती नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
(फेरों के बाद भोले जी के छंद)
सुन जीजा, हमें छंद सुना कर जाओ।।
आ बैठ जाओ, सालियों नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे कंध।।
छंद मैं तुम्हें फिर सुनाऊं, पहले रगड़ो मेरी भांग,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे कुल्फा।।
छंद मैं तुम्हें फिर सुनाऊं, पहले भर दो मेरा सुल्फा,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे तर।।
तुमने तो जोर लगाया बहुत,
पर संयोग ज़ोरावर,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
(डोली विदाई के समय)
हमारा, चिड़ियों का झुंड रे, बाबुल, हम उड़ जाएंगे।
हमारी, लंबी उड़ान रे, कौनसे देश जाएंगे।
तेरे, महलों के बीच में, बाबुल डोला नहीं गुजरता।
एक, ईंट हटा दे माँ, बेटी अपने घर जा।
हमारा, चिड़ियों का झुंड रे, बाबुल, हम उड़ जाएंगे।।
(बरातियों की खुशी)
ले जाएंगे, ले जाएंगे, सापों वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
ले जाएंगे, ले जाएंगे, भोलेनाथ, गौरा को ले जाएंगे।।
ले जाएंगे, ले जाएंगे, कैलाश वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
कैलाश वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
Shrijirasik
तेरा डमरू सोहणा बजता
तेरा, डमरू, सोहणा बजता (ओ भोलेया)॥
सारा, जग, पड़ा नाचता (ओ भोलेया)॥
तेरे, डमरू की, मीठी-मीठी, तान भोलेया,
सारा, जग इसकी, तान पे, क़ुर्बान भोलेया॥
यह तो, बादलों, जैसा गरजता...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
पहन के, पैरों में, झांझर मैं, नाचती फिरूं,
तेरे, डमरू की, तान पे, नाचती फिरूं॥
मेरा, पैर, भी ना रुका...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
हमारा, दिल तेरे, डमरू का, दीवाना हो गया,
यह, दीवाना, हो गया, जग मस्ताना हो गया॥
हमें, चरणों में, रखना...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
तेरे, शीश पर, भोले सोहणी, जटा सजती,
तेरी, जटा में, गंगा, मैया बसती॥
माथे, चंदा, सोहणा सजता...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
तेरी, गले में, नागों की माला, अच्छी लगती,
तेरे, हाथ में, प्याली भांग, वाली सजती॥
पैरों में, घुंघरू, सोहणा बजता...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
तेरी, जोड़ी गौरा, संग भोले, सोहणी लगती,
हमारे, दिल वाले, मंदिर में, यही बसती॥
तेरी, गोदी में गणपत, सजता...(ओ भोलेया)॥
तेरा, डमरू सोहणा...
Shrijirasik
लाड़ा गौरा का
सखियों देखो, बड़ा निराला, लाड़ा गौरा का॥
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
घोड़ी भी ना, मिली है इसको, चढ़ के बैल पे आया है,
बंदे भी ना, मिले बाराती, भूत-चुड़ैलें लाया है॥
लगता, बड़ा ही, भोला-भाला॥
लाड़ा गौरा का,
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
तन पे, भस्म रमाई उसने, हाथ त्रिशूल सजाया है,
ना पगड़ी ना, सेहरा उसने, जोड़ा भी ना सजाया है॥
आया, पहन के, मृगचर्म का शाला॥
लाड़ा गौरा का,
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
रोटी छीन-छीन, खाते बाराती, सब्र भी करना सीखा नहीं,
राशन सारा, चट कर डाला, पेट फिर भी भरा नहीं॥
ऊपर से, मांगता, भांग का प्याला॥
लाड़ा गौरा का,
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
अजब-गजब है, शादी का सागर, किसने मिलाई ये राशि है,
राजा की है, बेटी गौरा, और वह पर्वत का वासी है॥
अब तो, रब ही, है रखवाला॥
लाड़ा गौरा का,
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
Shrijirasik
भोले के विवाह में नाचना
नाचना नाचना,
भोले के विवाह में नाचना॥
नाचना नाचना,
महादेव के विवाह में नाचना॥
रज्ज-रज्ज के, हम खुशियाँ मनाएँगे,
नाच-नाच आज नहीं थकना॥
नाचना नाचना, भोले के...
गौरा माँ के आंगन में, लगी हैं रौनकें,
देवी-देवता भी, आज आए हैं॥
ब्रह्मा, विष्णु भी आज, फूल बरसाते,
खुशियों से, फूले ना समाते हैं॥
ग़म ना, ग़म ना॥
चारों ओर आज, खुशियाँ ही खुशियाँ हैं,
किसी बात का भी, कोई ग़म ना॥
नाचना नाचना, भोले के...
बैल पर चढ़कर, विवाह करने आया, गौरा माँ को,
आज सारी, दुनिया का दुलारा है॥
भूत और प्रेत आज, आए हैं बाराती,
यह बारात, जग से निराली है॥
रखना रखना॥
दिल की, सारी इच्छाएँ, आज पूरी होंगी,
कोई भी चाहत, छुपा के ना रखना॥
नाचना नाचना, भोले के...
डम-डम, डम-डम, डमरू है बजता,
मस्ती का, रंग ऐसा चढ़ा॥
होकर मलंग आज, नाचते बाराती,
लोटा, भांग वाला, हाथ में पकड़ा॥
सखना सखना॥
राजू भी, दीवाना होकर, झूमकर नाचे और गाए,
जोश और उल्लास, आज चरम पर है॥
नाचना नाचना, भोले के...
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भोले की बारात चली है
बम भोले, बम भोले, बम भोले बम बम,
बम भोले, बम भोले, बम भोले बम॥
आ जाओ, नाच लो जी,
सारे आ के, नाच लो जी,
भोले की बारात चली है॥
बारात, चली है, बारात, चली है॥*
हो आ जाओ, नाच लो,
आ जाओ, नाच लो जी...
अलग रूप बनाया शिव ने,
गले में सर्प लहराया शिव ने॥
माथे चाँद, हाथ में त्रिशूल,
हर चीज़ पर, कृपा बनी है,
हो आ जाओ, नाच लो,
आ जाओ, नाच लो जी...
बैल पे चढ़ा, बन के दूल्हा,
तन पे भस्म, आँखों में गहरा रंग॥
देवी-देव संग, भूत और प्रेत ने,
बाराती बने, झूम रहे हैं,
हो आ जाओ, नाच लो,
आ जाओ, नाच लो जी...
राजू भी, हरी पुरियाँ लाए,
साहिब शिव की, महिमा गाए॥
चढ़ी सबको, खुमारी ऐसी नाम की जी,
मस्ती में, हुए टल्ली हैं,
हो आ जाओ, नाच लो,
आ जाओ, नाच लो जी...
Shrijirasik
मेरे भोले की बारात में
ढोल नगाड़े बाजे
भांग धतूरा पीकर भोले
चले हैं ब्याह रचाने
मेरे भोले की बारात में
सर्पो की है माला गले में
अंग भभूत लगी है
भाल चन्द्रमा हाथ में डमरू
अजब सी इनकी छवि है
शिव भोले के आगे आगे
भुत प्रेत भी नाचे
मेरे भोले की बारात में
पार्वती की जिद से देखो
कैसा शुभ दिन आया
भूत नाथ भगवान ने गौरां
जी से ब्याह रचाया
धुनि खूब रमाने वाले
चले हैं गौरां लाने
मेरे भोले की बारात में
कोई ढोल बजाता जाए
कोई नाच नचावे
शिव पर फूल चढ़ावे कोई
रंग गुलाल उड़ावे
हाहा कार मचाते जाए
कोई एक ना माने
मेरे भोले की बारात मे
धूमधाम से शिव बारात जब
पार्वती घर आई
देव गणो और भक्तजनो में
कैसी खुशियां छाई
वरमाला ले आई गौरा
शिव जी को पहनाने
मेरे भोले की बारात मे
Shrijirasik
तेरी जटा बड़ी प्यारी
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी, ओ भोले, भंडारी ll
भोले, भंडारी* ओ, भोले भंडारी ll
जटा में, गंगा न्यारी, ओ भोले, भंडारी l
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरी, जटा में, गंगा बह रही l
गंगा, बह रही, गंगा बह रही l
नहावे, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरे, गले में, सर्पों की माला l
सर्पों, की माला, सर्पों की माला l
डर जाए, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरे, हाथों में, डमरू बाजे l
डमरू, बाजे डम डम, डमरू बाजे l
नाचे, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरी, गोदी में, गणपति लाला l
गणपति, लाला, गणपति लाला l
पूजे, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
तेरे, बग़ल में, गौरां विराजे l
गौरां, विराजे, गौरां विराजे l
जोड़ी, लगे बड़ी प्यारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
नील, कण्ठ पर, धाम तुम्हारा l
धाम, तुम्हारा भोले, धाम तुम्हारा l
चढ़ गई, दुनियाँ सारी, ओ भोले, भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी...
नील, कण्ठ पर, मैं भी आया l
मैं, भी आया, मैं भी आया l
संग में, मंडली सारी, ओ भोले भंडारी,
तेरी, जटा, बड़ी प्यारी,
Shrijirasik
डमरू बजे दिन रात भोले तेरे मन्दिर में
( डम डम, डमरू बाज रहा
भोले का, डमरू बाज रहा ll )
डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे, मन्दिर में ll
^ओ भोले, तेरे मन्दिर में, xll
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मंदिर में, कान्हा जी आऐ l
कान्हा, जी आए संग, राधा जी को लाए l
बंसी, बजे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मंदिर में, ब्रह्मा जी आऐ l
ब्रह्मा, जी आए संग, ब्रह्माणी को लाए l
वेद, सुने दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मन्दिर में, विष्णु जी आए l
विष्णु, जी आए संग, लक्ष्मी जी को लाए l
चक्र, घुमाए दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मंदिर में, राम जी आऐ l
राम, जी आऐ संग, सीता जी को लाए l
दर्श, दिखाऐ दिन रात, भोले तेरे मंदिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मन्दिर में ,गणपति जी आए l
गणपति, जी आए संग, रिद्धि सिद्धि लाए l
लड्डू, बंटे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
भोले, तेरे मन्दिर में, भक्त भी आए l
भक्त, भी आए संग, ढोलक मंजीरा लाए l
भजन, करे दिन रात, भोले तेरे मन्दिर में,
हाँ, डमरू, बजे दिन रात, भोले तेरे,
Shrijirasik
खा के धतूरा भांग भोले बाबा नाच रहे
खा के, धतूरा भांग, भोले बाबा नाच रहे ll
कि, भोले बाबा नाच रहे, xll
खा के, धतूरा भांग....
ब्रह्मा, नाचे, विष्णु नाचे l
संग, में उनके, नारद नाचे ll
नाच, रहा ब्रह्मांड, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
चंदा, नाचे, सूरज नाचे l
संग, में उनके, तारे नाचे ll
नाच, रहा आकाश, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
गंगा, नाचे, यमुना नाचे l
संग, में उनके, सरयू नाचे ll
नाच, रहा पाताल, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
शंकर, नाचे, गौरां नाचे l
संग, में उनके, गणपति नाचे ll
नाच, रहा कैलाश, भोले बाबा नाच रहै,,,
खा के, धतूरा भांग....
साधु, नाचे, जोगी नाचे l
संग, में उनके, हम सब नाचे ll
नाच, रहा संसार, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
Shrijirasik
ऐसे, भाग, जगा दो भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे ll
तेरे, गणपति पे, मैं वारी जाऊं,
सबसे, पहले मैं, उसको मनाऊं ll
करो, मंगल, काज भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, डमरू से, मैं वारी जाऊं,
उसकी, धुन में, मैं रम जाऊं ll
धरो, हाथ, शीश पर मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, नंदी से, मैं वारी जाऊं,
उसको, अपनी मैं, दुखड़े सुनाऊं ll
सुनो, नंदी से, दुखड़े भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरी, गौरा से, मैं वारी जाऊं,
उसका, रज-रज, दर्शन पाऊं ll
करो, अमर, सुहाग भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरी, गंगा से, मैं वारी जाऊं,
उसमें, रज-रज, डुबकियां लगाऊं ll
काटो, लाख, चौरासी वाले घेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, चरणों से, मैं वारी जाऊं,
वहीं, नित-नित, शीश झुकाऊं ll
करो, मन के, दूर अंधेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
हर हर महादेव!
Shrijirasik
दूल्हा बने हैं भोलेनाथ
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं ll
जोड़ी का, जवाब नहीं, ll
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, महलों वाली ll
पर्वत पे, वस्ते, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, गोरी गोरी ll
श्याम, वर्ण, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, खावे, लड्डू पेड़ा ll
भांग, पीवे, भांग, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, ओढे, लाल चुनरिया ll
बाघंबर, ओढ़े, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, करती, सोलह श्रृंगार ll
भोले के, गले में, सरप हार,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, पहने, बजनी पयलिया ll
घुंघरू, पहने हैं, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, के दर बाजे, ढोल छैने ll
डमरु, बजावे, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, डोली में बैठीं ll
नंदी, पे बैठे, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
हर हर महादेव
Shrijirasik
भोले बाबा ने डमरू बजाया
भोले, बाबा ने, डमरू वजय,
गौरा को ब्याहने आया ll
तिलक, चढ़ने लगा, लड्डू बटने लगे ll
घर घर में, संदेशा, भिजवाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
सखियाँ, आने लगी, मंगल गाने लगी ll
भोले को, खूब नचाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
मंगल, गाने लगी, ढोलक बजने लगे ll
भोले को, खूब सजाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
मंडप, सजने लगा, फ़ेरे होने लगे ll
ब्रह्मा ने, ब्याह रचवाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
डोली, सजने लगी, गौरां रोने लगी ll
माता ने, गले से लगाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
हर हर महादेव
Shrijirasik
निकले हैं भोला , लेकर बरात ,
भूतों की टोली , हैं उनके साथ,
बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,
बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले
शीश पे हैं चंदा और जटा में गंगा की धारा,
कानों में कुंडल हैं और गले में पुष्पों की माला ,
हाथ में , डमरू को, डम डम बजा रहे हैं शिव डमरू वाले,
बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले
बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,
आगे आगे ब्रह्मा , संग विष्णु जी के चल रहे हैं ,
पीछे-पीछे देखो , ढोल ताशे मृदंग बज रहे हैं ,
खुश होकर, मस्ती में, डमरु बजा रहे हैं, शिव डमरू वाले ,
बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,
बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,
खिल उठा मन सबका, देख के ये अद्भुत नजारा,
शिव और सती का, आज होगा मिलन ये दुबारा ,
मिलने को, गोरा से, ख़ुद चले आए हैं, शिव डमरू वाले,
बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,
बड़े मतवाले हैं शिव डमरू वाले,
Shrijirasik
मेरे भोले बाबा ने ब्याह रचाया
मेरे, भोले बाबा ने, ब्याह रचाया, ब्याह रचाया ll
मेरी, गौरां मईया को, दुलहन बनाया, दुलहन बनाया ll
इस शादी की, शान देखकर, राम ने ङंका बजाया ll
सीता जी को, साथ नचा कर, खूब धमाल मचाया l
मेरे, भोले बाबा ने, ब्याह रचाया...
इस शादी की, शान देखकर, विष्णु ने शंख बजाया ll
लक्ष्मी माँ को, साथ नचाकर, खूब धमाल मचाया l
मेरे, भोले बाबा ने, ब्याह रचाया...
इस शादी की, शान देखकर, शाम ने मुरली बजाई ll
झूम झूम के, नाचे और, राधा साथ नचाई l
इस शादी की, शान देखकर, ब्रह्मा ने वेद सुनाऐ ll
ब्रह्माणी को, साथ लै आऐ, कारज नेक कराऐ l
मेरे, भोले बाबा ने, रचाया...
इस शादी की, शान देखकर, मईया दौङी आई ll
हनुमत ने भी, नाच नाच कर, चुटकी खूब बजाई lमहाँदेव
मेरे, भोले बाबा ने, व्याह रचाया...
ऐसा दूल्हा, कहीं ना देखा, देखी ना ऐसी दुलहन ll
शिव गौरां की , जोड़ी जग में, बनी है सबसे उतम l
मेरे, भोले बाबा ने, व्याह रचाया...
हर हर महादेव
Shrijirasik
तेरी महिमा है जग से निराला
मेरा शिव तो बड़ा भोला भाला
बम भोले बम बम भोले
तू जो पिता है भंग का प्याला
भोले जग है तू तो निराला
तेरे दर पर जो भी आता
वो खाली हाथ ना जाता
जटा से निकली गंग की धारा
गले पहने है मुंडों की माला
डम डम डमरू बाजता जाए
मेरा भोला नाचत आए
भोले बाबा है औधड़ दानी
खाली जाए ना इनकी वाणी
जो भी गंगा जल है चढ़ाये
भव सागर से तर जाए प्राणी
भोले मरघट नित आते
जहाँ भूत प्रेत भी रहते
बम बम भोले का नारा लगते
ये कालो के काल है कहते
Shrijirasik
वो मेरे भोलेबाबा सभी देवो के राजा
महादानी वरदानी कहते हैं समसानी वो मेरे भोलेबाबा
वो मेरे भोलेबाबा...
अंग विभुती गले रूद्र माला तन पे म्रग खाला
अंग विभुती गले रूद्र माला तन पे म्रग खाला
वो मेरा भोला मतवाला पीवे नित नित भंग प्याला
वो मेरे भोलेबाबा वो मेरे भोलेबाबा...
रावण ने जब करी तपस्या इछा वर मांगा
भव्य महल सोने का मांगा हो वो मतवाला
उसको भी दे डाला ऐसे दानी बाबा
वो मेरे भोलेबाबा वो मेरे भोलेबाबा...
सागर मंथन करें देवता दानव प्रतिपाला
विष हलाहल पल में पी गये निलकंठ बाबा
हो अमृत दे दीया देवो को मेरे निलकंठ बाबा
वो मेरे भोलेबाबा वो मेरे भोलेबाबा...
शिव लीला है अनंत व्यापी भोले की माया
देव तेरा ये लिखकर गाया भक्ति वर पाया
हो पल में बिगडी़ बना दे वो कष्टों को मीटा दे वो
वो मेरे भोलेबाबा वो मेरे भोलेबाबा...
Shrijirasik
नचो नचो नचो रुत नचने दी आई है
नचो नचो नचो रुत नचने दी आई है
भोले के विवाह की, आज सबको बधाई है।
नचो नचो नचो रुत नचने ....
भोले के, विवाह में, ब्रह्मा जी आए,
ब्रह्मा जी, आए संग, ब्रह्माणी को लाए।
आप भी, नाचे संग, ब्रह्माणी भी नचाई है।
नचो नचो नचो रुत नचने ....
भोले के, विवाह में, विष्णु जी आए,
विष्णु जी, आए संग, लक्ष्मी जी को लाए।
आप भी, नाचे संग, लक्ष्मी भी नचाई है।
नचो नचो नचो रुत नचने ....
भोले के, विवाह में, राम जी आए,
राम जी, आए संग, सीता जी को लाए।
आप भी, नाचे संग, सीता भी नचाई है।
नचो नचो नचो रुत नचने ....
भोले के, विवाह में, श्याम जी आए,
श्याम जी, आए संग, राधा जी को लाए।
आप भी, नाचे संग, राधा भी नचाई है।
नचो नचो नचो रुत नचने ....
भोले के, विवाह में, शिव गण भी आए,
शिव गण भी, आए संग, नंदी को लाए।
नंदी और भृंगी ने, मिल खुशियाँ मनाई हैं।
नचो नचो नचो रुत नचने ....
भोले के, विवाह में, सतगुरु भी आए,
सतगुरु भी, आए संग, संगत को लाए।
आप भी, नाचे संग, संगत भी नचाई है।
नचो रूत नाचने की...
भोले के, विवाह में, मंडली भी आई,
मंडली भी, आई संग, ढोलक-चिमटा लाई।
सारी, संगत ने आज, दी है बधाई है।
नचो नचो नचो रुत नचने ....
हर हर महादेव
Shrijirasik
शमशान पर जिसका राज चले, और काल है जिसके पांव तले
जो रहती सदा प्यासी है, मृत्यु भी उसकी दासी है,
वह यम लोक का वासी है, ऐसा भोला अविनाशी है,
उसे कहते राजा भूतों का, वो बीच मसान के रहता है,
वो तन पर चिता की भस्म मले, और बम बम बम बम कहता है।
बम बम बम बम...
जो अक्सर मिलें वीरानों में, वो सब उसके ही चेले हैं,
ना मतलब दुनियादारी से, वह रहते सदा अकेले हैं,
वह भर के चिलम लगा सूटा,अपनी मस्ती में रहते हैं,
वह महाकाल का ध्यान धरें,और बस एक बात ही कहते हैं,
बम बम बम बम...
जीवन वही मृत्यु वही , मरता वही वही मारता,
रक्षक वही भक्षक वही, वही सृजता संघारता,
वही देव है दानव वही, डुबोता वही वही तारता,
नायक है वो, खलनायक भी, बनाता और बिगाड़ता,
वरदान है वही शाप है, आकाश है पाताल है,
जिस से ना कोई बच सका वह ऐसा मायाजाल है,
वह तेरा मेरा इसका उसका, सारी सृष्टि का काल है,
वो महाकाल है...
काल शंभू विकराल शंभू, इस सृष्टि का आधार शंभू,
अभिशाप शंभू वरदान शंभू, हर समस्या का समाधान शंभू,
आकाश शंभू पाताल शंभू, कण-कण में साक्षात शंभू,
आधार शंभू विस्तार शंभू, अनंत का है द्वार शंभू,
हर काल का प्रवाह शंभू, हर युग का है गवाह शंभू,
हर कथा का स्वरूप शंभू, हर लीला का प्रारूप शंभू,
हर सत्य का विचार शंभू, हर-हर का है आधार शंभू,
आस शंभू विश्वास शंभु, तूं जपले हर इक श्वास शंभू ,
शंभू - शंभु , शंभू - शंभू
सीमित भी है बेअंत है, वही शून्य है असंख्य है,
पापी वही वही संत है , आरंभ है और अंत है
वही पाप है वही पुण्य है , वही धर्म है अधर्म है,
वही जीत है वही हार है, वही कर्म और निष्कर्म है,
वो शांत है अशांत भी, वो ही मौन है प्रचंड है,
कोमल भी है कठोर भी, क्षमा वही - वही दंड है,
वही दया है, वही क्रूरता, वही शोक है वही हर्ष है,
दृष्टा भी वो कर्ता भी वो, वही सुगुम और संघर्ष है
शस्त्र है वही शास्त्र है, वही ध्वनि है, वही नाद है,
कल भी वही, वही आज है, पहले वही - वही बाद है,
वही सादगी श्रृंगार है, प्रकाश है अंधकार है,
दृश्य है अदृश्य है, आकार है निराकार है,
Shrijirasik
पर्वत पे डमरू बजावे भोले बाबा
पर्वत, पे डमरू, बजावे भोले बाबा ll
बजावे, भोले बाबा, बजावे भोले बाबा ll
पर्वत, पे डमरू, बजावे भोले..
डमरू, की धुन सुन, ब्रह्मा जी आए l
ब्रह्मा, जी आए संग, ब्रह्माणी को लाए l
नारद, मुनि को, नचावे भोले बाबा l
पर्वत, पे डमरू, बजावे भोले..
डमरू, की धुन सुन, विष्णु जी आए l
विष्णु, जी आए संग, लक्ष्मी जी को लाए l
सारे, देवों को, नचावे भोले बाबा l
पर्वत, पे डमरू, बजावे भोले..
डमरू, की धुन सुन, दाऊ जी आए l
दाऊ, जी आए संग, कान्हा जी को लाए l
राधा, को संग में, नचावे भोले बाबा l
पर्वत, पे डमरू, बजावे भोले..
डमरू, की धुन सुन, रामा जी आए l
रामा, जी आए संग, सीता जी को लाए l
हनुमत को, संग में, नचावे भोले बाबा l
पर्वत, पे डमरू, बजावे भोले..
डमरू, की धुन सुन, गणपति जी आए l
गणपति, जी आए संग, रिद्धि सिद्धि लाए l
शुभ, लाभ को, संग में, नचावे भोले बाबा l
पर्वत, पे डमरू, बजावे भोले...
डमरू, की धुन सुन, मईया जी आई l
मईया, जी आई संग, लांगुर को लाई l
भक्तों को, संग में, नचावे भोले बाबा l
पर्वत, पे डमरू, बजावे भोले..
हर हर महांदेव
Shrijirasik
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया.....
अमृत भंगिया पी गए, हरि हरि भंगिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा आ गए विष्णु आ गए, आ गए सांवरिया,
भोलेनाथ गोरा संग आ गए, घोटे भंगिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा पी गए विष्णु पी गए, पी गए सांवरिया,
भोलेनाथ ने इतनी पिलाई मुंद गई अखियां,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा को चढ गई विष्णु चढ़ गई, चढ़ गई सांवरिया,
भोलेनाथ को ऐसी चढ़ गई आ गई निंदिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा नाचे विष्णु नाचे, नाचे सांवरिया,
भोलेनाथ तो ऐसे नाचे खुल गई लटिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
ब्रह्मा की उतरी विष्णु की उतरी, उतरी सांवरिया,
भोलेनाथ की ऐसी उतरी खुल गई निंदिया,
भोले नीलकंठ पर बैठे पी गए अमृत भंगिया....
Shrijirasik
सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में
निराले दूल्हे में, मतवाले दूल्हे में
सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में
अरे देखो भोले बाबा की अजब है बात
चले हैं संग ले कर के भूतों की बरात
सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में
भेस निराला, जय हो
पीए भंग का पायला, जय हो
सर जटा चढ़ाये, जय हो
तन भसम लगाए, जय हो
ओढ़ी मृगशाला, जय हो
गले नाग की माला, जय हो
है शीश पे गंगा, जय हो
मस्तक पे चंदा, जय हो
तेरे डमरू साजे, जय हो
त्रिशूल विराजे, जय हो
भूतों की ले कर टोली चले हैं ससुराल
शिव भोले जी दिगंबर हो बैल पे सवार
सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में
नित रहें अकेले शंकर अलबेले
हैं गुरु जगत के नहीं किसी के चेले
है भांग का जंगल जंगल में मंगल
भूतों की पल्टन आ गयी है बन थन
ले बांग का कठ्ठा ले कर सिल वट्टा
सब घिस रहें है हो हक्का बक्का
पी कर के प्याले हो गए मतवाले
कोई नाचे गावे कोई ढोल बजावे
कोई भौं बतावेकोई मुंह पिचकावे
भोले भंडारी पहुंचे ससुरारी
सब देख के भागे सब नर और नारी
कोई भागे अगाडी कोई भागे पिछाड़ी
खुल गयी किसी की धोती और साडी
कोई कूदे खम्बम कोई बोले बम बम
कोई कद का छोटा कोई एकदम मोटा
कोई तन का लम्बा कोई ताड़ का खम्बा
कोई है इक टंगा कोई बिलकुल नंगा
कोई एकदम काला कोई दो सर वाला
‘शर्मा’ गुण गए मन में हर्षाए
त्रिलोक के स्वामी क्या रूप बनाए
भोले के साथी हैं अजब बाराती
भूतों की ले कर टोली चले हैं ससुराल
शिव भोले जी दिगंबर हो बैल पे सवार
सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में
Shrijirasik
फूलों और कलियों में बहार आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई,
फूलों और कलियों में बहार……
शीश पे उनके गंगा की मौरी,माथे पे उनके
चंदा की रोरी,नन्दी पे भोले की सवारी आ
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
गले भोले के सरपों की माला,कानों में उनके
बिच्छू का बाला,भाग धतूरे की बौछार हो
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
हाथों में भोले के डमरू का बाजा,तन पे है
उनके भस्मी का जामा,डोल नगाडों की
झंकार हो गई,देख गौरा तेरी……..
करके अगवानी नारद जी आये,देवों को लेके
ब्रम्हा भी आये,भूतों के संग बारात आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई……..
Shrijirasik
बाजन दे ओ भोले नाथ डमरू बाजन दे
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले नाथ,
डमरू, बाजन दे ll
डमरू की, आवाज मैंने, बागों में सुनी थी ll
ओ मालन, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, घाटों में सुनी थी ll
ओ धोबन, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, कुएं में सुनी थी ll
ओ भीलनी, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, वन में सुनी थी ll
ओ ग्वालन, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, कैलाश में सुनी थी ll
ओ गौरां, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, वृन्दावन सुनी थी ll
ओ गोपियाँ, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
डमरू की, आवाज मैंने, सतसंग में सुनी थी ll
ओ संगत, जोड़े हाथ, डमरू बाजन दे ll
बाजन दे,बाजन, दे ओ भोले,
हर हर महांदेव
Shrijirasik
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ,
आज मेरी गौरा को॥
ओ सारे नाच-नाच, दें बधाइयाँ,
आज मेरी गौरा को॥
गौरा ब्याहने, भोले जी आए,
भूत-प्रेतों को साथ लाए॥
ओ हो के बैल सवार, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
बधाई देने, राम जी आए,
सीता, हनुमत को साथ लाए॥
हो नाच-नाच, दें बधाइयाँ, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
बैठ बैकुंठ धाम से, विष्णु जी आए,
लक्ष्मी, नारद को साथ लाए॥
ओ हो के गरुड़ सवार, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
बधाई देने, ब्रह्मा जी आए,
सरस्वती माँ को साथ लाए॥
ऋषि-मुनि संग सभी, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
रथ में बैठ के, कान्हा जी आए,
राधा, रुक्मिणी को साथ लाए॥
ओ रास रचाएँ आप, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
दूर से चल कर, मंडली आई,
सब सखियों को संग लाई॥
ओ फूलों के हार लिए, आज मेरी गौरा के॥
ओ फूल बरसाते आप, आज मेरी गौरा के॥
ओ करते जय-जयकार, आज मेरी गौरा के॥
ओ नाचते-गाते साथ, आज मेरी गौरा के॥
Shrijirasik
शिवरात्री दीयां वधाईयां
अज लख लख होन वधाईयां, शुभ शिवरात्री दीयां ।।
शिव चौदश नूँ तड़के तड़के ।
शिव शंकर दा डमरू खड़के ।।
वजे ढोल वजन शहनाईयां - शुभ शिवरात्री.
शिव बूटी दे ला ला रगड़े ।
शिव भगतां मिल पाए भंगड़े ।।
पी पी बाटे भंग शरदाईयां - शुभ शिवरात्री.
मन्दिर मन्दिर लगा मेला ।
हर कोई मस्त फिरे अलबेला ।।
अज रौनकां दून सवाईयां - शुभ शिवरात्री.
शिव चौदश दी रात अनोखी ।
शिव - गौरां दी बारात अनोखी ।।
सबै रज रज खान मठाईयां - शुभ शिवरात्री.
फगन दी रूत, रूत बसन्ती ।
देख 'मधुप' हर पासे मस्ती ।।
फुल कलियां खिल मुसकाईयां - शुभ शिवरात्री.
Shrijirasik
हर हर महाँदेव शंभू
हर हर, महाँदेव शंभू, काशी, विश्वनाथ गंगे l
हर हर, भूत नाथ शंभू, काशी, विश्वनाथ गंगे l
हर हर, वैद्यनाथ शंभू, काशी, विश्वनाथ गंगे l
काशी, विश्वनाथ गंगे*, सदाशिव, पार्वती संगे* ll
हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,
( हाँ हाँ )
नमो, निरंजन, निराकार, "साकार बने अर्धंगा ll
पलित, कपोल, भाल उर राजत, पीए, हलाहल भंगा,
हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,
( हाँ हाँ )
डिमिक, डिमिक डम, डमरू बाजे, ,गावत ताल तरंगा ll
ढिमिक, ढिमिक ढिम, बाजे पखावज़, मुरली, और मोरचंगा,
हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,
( हाँ हाँ )
जटन, बीच में, गंगा नाचे, नाचत, भुजग भुजंगा ll
अपनी, धुन में, गणपति नाचे, नाचे, ऋद्धि सिद्धि संगा,
हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,
( हाँ हाँ )
कैलाशी, काशी के वासी, "अमरनाथ, दुःख भंजन ll
उज्जैनी के, महाँकाल हैं, भक्तों, के चितरंजन,
हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,
( हाँ हाँ )
ब्रह्मा, नाचे, विष्णु नाचे, "नाचे, देवलोक सारा ll
झूम, झूम के, नारद नाचे, गूंजे सदा जयकारा,
हर हर, महाँदेव शंभू, काशी,
हर हर महांदेव
Shrijirasik
नी मुझे भोले की बारात में
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में ll
भोले की, बारात में, भोले की बारात में ll
नी मुझे ll, नाच-नाच दर्शन
पा, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में,,,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में l
भोले की, बारात में, इंद्र भी नाचता l
इंद्र भी, नाचता, बड़ा सोहणा नाचता ll
नी मुझे ll, इंद्र के साथ-साथ,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में,,,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की,,,
भोले की, बारात में, डमरू भी नाचता l
डमरू भी, नाचता, बड़ा सोहणा नाचता ll
नी मुझे ll, डमरू के साथ-साथ,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में,,,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की,,,
भोले की, बारात में, देवता भी आए हैं l
देवता भी, आए हैं, फूल बरसाए हैं ll
नी मुझे ll, रज्ज-रज्ज दर्शन,
पा, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में,,,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की,,,
भोले की, बारात में, भूत-प्रेत आए हैं l
छोटे-छोटे, मोटे-मोटे, वंगे-टेढ़े आए हैं l
नी मुझे ll, भूतों की टोली से,
बच, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में,,,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की,,,
भोले की, बारात में, नंदी-भृंगी आया है l
नंदी और, भृंगी ने आ के, सबको नचाया है l
नी मुझे ll, नंदी और भृंगी के साथ,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में,,,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की,,,
भोले की, बारात में, संगतें भी आईं l
संगतें भी, आईं, ढोलक-चिमटा लाईं ll
नी मुझे ll, संगतों की मंडली संग,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की बारात में,,,
नाच, लेने दे नी मुझे, भोले की,,,
हर हर महादेव
Shrijirasik
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे महाकाल से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
दिल से पुकारा, उसने आवाज़ दी
जीवन को मेरे रोशनी, महादेव जी ने दी
दिल से पुकारा, उसने आवाज़ दी
जीवन को मेरे रोशनी, महादेव जी ने दी
मुझे राह दिखी, हर अंधेरा मिटा
मुझे राह दिखी, हर अंधेरा मिटा
तेरी कृपा से सब कुछ हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
भोले बाबा मेरे मस्त मलंगा
सब करते हैं इनकी तपस्या
भोले बाबा मेरे मस्त मलंगा
सब करते हैं इनकी तपस्या
जीवन के हर मोड़ पे उसने हाथ मेरा थामा
जीवन के हर मोड़ पे उसने हाथ मेरा थामा
तेरी शरण में आके मेरा भला हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे प्यार हो गया
मुझे प्यार हो गया
तेरे नाल हो गया
तेरे नाल हो गया
मुझे प्यार हो गया
तेरे नाल हो गया
मुझे प्यार हो गया
तेरे नाल हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
मुझे भोलेनाथ से प्यार हो गया
Shrijirasik
डमरू बजता भोले का
सारी दुनिया, शीश नवावे,
पी के, भंग, लोर में आवे ll
पी के, भंग, लोर में आवे,
नाम भी, गूंजता, भोले का,
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना,
जी, डमरू बजता भोले का ll
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना,
जी, डमरू बजता शंकर का ll
गले में, नाग, टोपीवाले,
रंग हैं, पीले, और काले ll
नाथ मेरा, बैल पे, बैठा आता ll
नंदी, सजता भोले का,
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना ll
रावण, श्रद्धा से ध्यान लगाए,
बाबा, चले, मस्ती में आए ll
उसकी, लंका, नाम करवा के ll
धूना, जलता भोले का,
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना ll
सिद्ध-साधु, प्रेम से भरके,
बन गए, चाकर, उसके द्वार पे ll
उसकी, जटा से, गंगा बहती ll
चंद्रमा, शोभता भोले का,
आ जाओ, नाच लो, जिसने नाचना ll
हर हर महादेव
Shrijirasik
बम बम भोले शिव शंकर जी
बम बम भोले केलाशपति जी
गोरा बनके दुल्हन सज गई
शिव शंकर बन लाड़ा जी
भोलेनाथ दी अज है शादी
नचदा आलम सारा जी.... 2
तीन लोक अज इकठे होए
शाईयां अज बहारा जी
गोरा बनके दुल्हन सज....
1) देवी देव की भूत परेती
बनके बराती आये आ
भोलेनाथ मेरे शिव शंकर दे
रलके जयकारे लाये आ. .. 2
सज धज के सब होगये इकठे.... 2
हरकोई शिव नु प्यारा जी
गोरा बनके दुल्हन......... 2
2) केहन गोरा दिया सखीया
गोरा केसा वर तु चुनेया ए
गल विच फनियर सिर ते जटावा
हाथ विच डमरू फडेआ ए.... 2
तन ते भस्मा मलिया ओहने... 2
केसा रूप न्यारा जी
गोरा बनके दुल्हन सज.....
3) भक्त सभी आजो रलके
शिव नु दाईये वदाई जी
भक्तों ने नच नच के
अज शिव महिमा है गाई जी...2
किनी सोहनी लगदी जोड़ी
सोहनी लगदी जोड़ी
मै दिल करदा वेखी जावा जी
गोरा बनके दुल्हन सज....
Shrijirasik
खड़ी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
सोने का लोटा गंगाजल पानी
बूंद बूंद गौरा चढ़ाए रही शिव को
ऊँ ऊँ कह के मनाए रही शिव को
खडी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
बागों से जाके गौरा फूल तोड लायी
गुंध गुंध माला चढ़ाय रही शिव को
ऊँ ऊँ कह के रिझाए रही शिव को
खडी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
बागों से जाके गौरा बेलपत्र लाई
राम नाम लिख के चढ़ाए रही शिव को
ऊँ ऊँ कह के रिझाए रही शिव को
खडी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
जंगल में जाके गौरा भांग तोड़ लाई
पीस पीस भंगिया पिलाए रहीं शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
खडी खड़ी गौरा मनाए रही शिव को
उँ उँ कंह के रिझाए रही शिव को
Shrijirasik
पद्मासन में ध्यान लगाए मौन है
वीराने में तपता योगी कौन है
मंद मंद मुस्कान लिए वह मौन है
ध्यान मग्न बैठा, युगों से कौन है
नाद न कोई तारा, डमरू कभी कभारा
अधमुंदी आँखों से, सब देख रहा संसारा
1 जो नाथों के नाथ कहाते, साधक बूटी बेल चढ़ाते
जातक झूम झूम के गाते ओंकारा ~~
अर्ध चंद्र माथे पे साजे, वक्षस्थल कपाल बिराजे
जटा चक्र से बहती निर्मल गंग धारा ~~
हर हर, शिव शम्भू , जय जय केदारा
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा ॥
2 निराकार साकार वही है, सृष्टि का आधार वही है,
गूंजे रोम-रोम में जिसका जयकारा,
रोग दु:ख सब दूर करे जो, साधक को भरपूर करे जो
सब द्वारों का द्वार एक है, हरिद्वारा ॥
हर हर शिव शंभू ,जय जय केदारा,
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा
3 हिमगिरी के सर्वोच्च शिखर पर, सागर , निर्झर से अम्बर तक ,
बैठा सबको देख रहा सिरजनहारा
कालों का महाकाल वही है, भक्तों का रखपाल वही है
तीनो लोक में जिसके नाम का विस्तारा ॥
हर हर, शिव शम्भू , जय जय केदारा
हर हर शिव शंभू जय जय कैलाशा
ॐ नमः शिवाय
Shrijirasik
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल
तेरी किरपा हो गई जिसपर
तेरी किरपा हो गई जिसपर
बने बिगड़े उसके हाल हाल
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल.....
तेरी जटा में गँगा नाचे है
माथे पर चंदा साजे है....
तेरी जटा में गँगा नाचे है
माथे पर चंदा साजे है ||
एक हाथ बजे है डमरू
तेरे गल नागो की माल माल....
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल
नहीं तुझसा कोई सानी रे
मेरे महादेव महादानी रे....
नहीं तुझसा कोई सानी रे
मेरे महादेव महादानी रे ||
गाए सृष्टि तेरी कहानी रे
दिए संकट सबके टाल टाल....
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल
शमशान में डेरा लगाया है
तेरी समझा न कोई भी माया है...
शमशान में डेरा लगाया है
तेरी समझा न कोई भी माया है ||
गुणगान हंस ने गाया है
गुणगान हंस ने गाया है
काटो जन्म मरण के जाल जाल
बबम बम काल काल महाकाल
जय काल काल महाकाल काल
बोलो ॐ नमः शिवाय
बोलो जय शंकर रुद्राय बोलो भोले भंडारी की जय बोलो शम्भू त्रिपुरारी की जय देव आदि देव महादेव की जय
जय जय भोले नाथ,जय जय भोले नाथ, जय जय जय भोले नाथ, जय जय जय भोले नाथ
जयकारा भोले भंडारी का बोल साचे दरबार की जय
Shrijirasik
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
देवो में देव बड़ा, शिव हैं निराला ,
देवो की खातिर पी गया, विष का प्याला ,
देवो में देव बड़ा, शिव हैं निराला ,
देवो की खातिर पी गया, विष का प्याला ,
पीकर विष का प्याला , शिव ने बचा लिया संसार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
तीस दिनों का हैं ये , सावन का महीना ,
तीस दिनों तक हमें , शिव की भक्ति करना ,
तीस दिनों का हैं ये , सावन का महीना ,
तीस दिनों तक हमें , शिव की भक्ति करना ,
शिव की भक्ति से ही , होगा बेड़ा पार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
जल का लोटा भर के , शिव को चढ़ाओ,
शिव की भक्ति में , मन को लगाओ ,
जल का लोटा भर के , शिव को चढ़ाओ ,
शिव की भक्ति में , मन को लगाओ ,
बेलपत्र और चन्दन से, करो शिव का श्रृंगार,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
जो भी करेगा बाबा, शिव की भक्ति ,
उसको मिलेगी ,भवसागर से मुक्ति ,
जो भी करेगा बाबा, शिव की भक्ति ,
उसको मिलेगी ,भवसागर से मुक्ति ,
कर लो अपनी नय्या , भव से तुम पार,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
सावन का महीना और भोले का दरबार ,
कर लो शिव की भक्ति ,
कर लो शिव की जय जयकार,
Shrijirasik
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल
करते भक्तों को है भक्ति से निहाल
भक्ति में तेरी हुआ मालामाल
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल।।
1) भोले इस जीवन का, तू ही है आधार
दुनियां देती धोखा, तू ही लेता संभाल 2
मेरा अभिमान तू, तूही स्वाभिमान
करते भक्तों को है भक्ति से निहाल
भक्ति में तेरी हुआ मालामाल
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल।।
2) अच्छा हूं बुरा हूं पर हूं मैं तेरा लाल
भोले की चौखट का मैं हूं सेवादार 2
तेरी सेवा में ही बीते सुबहो शाम
करते भक्तों को है भक्ति से निहाल
भक्ति में तेरी हुआ मालामाल
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल।।
3) उज्जैनी है विक्रम की प्यारी वो नगरी
शिप्रा तट महाकाल संग राजे हरसिद्धि 2
भोले भक्तो पर तो, रहते हैं दयाल
करते भक्तों को है भक्ति से निहाल
भक्ति में तेरी हुआ मालामाल
रहते उज्जैन में बाबा महाकाल।।
Shrijirasik
बम बम बम बम भोले, कांवड़ियों के संग मैं है भोले
बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले
सावन का महीना आया है, शिव शंकर ने बुलाया है
कांवड़ियों लेके चले कांवड़ है, गंगा जल के संग मैं है भोले
बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले
कोई काशी कोई खाटू जाए, हरिद्वार से कांवड़ लाए
हरिद्वार के गंगा जल को अपने कांधे धर कर ले
बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोले
सावन का मेला आया है, कावड़ियों ने शोर मचाया है
ढोलक मृदंग डीजे चले, शिव शंभू भी संग चले
बम बम बम बम भोले, बम बम बम बम भोल
Shrijirasik
हाथों में त्रिशूल धारी, मेरे भोले भंडारी,
भोले भंडारी मेरे, भोले भंडारी ।
नाम पड़ा त्रिपुरारी, मेरे भोले भंडारी ।
भोले जी मेरे साठ बरस के,
गौरां है कन्या कुँवारी, मेरे भोले भंडारी...
भोले जी खाए भांग धतूरा,
भांग पीस गौरां हारी, मेरे भोले भंडारी...
भोले जी करते हैं नंदी की सवारी,
गौरां करे सिंह सवारी, मेरे भोले भंडारी...
भोले है स्वामी सारे जगत के,
गौरां के स्वामी त्रिपुरारी, मेरे भोले भंडारी...
रावण को दे दी सोने की लंका,
देखकर भक्ति न्यारी, मेरे भोले भंडारी...
ऐसे दयालु मेरे औघड़ दानी,
कहती है दुनियाँ सारी, मेरे भोले भंडारी...
Shrijirasik
जय जय भोला भंडारी जय जय भोला भंडारी।
तेरा रूप निराला दुनियाँ जाये है वारी।
शीशजटा में गंग बिराजे भाले चंद्र सुशोभित है।
त्रिनेत्र कानों में कुण्डल देखके दुनियाँ मोहित है।
जिनकी गौरी है नारी करते बैल सवारी।।
त्रिपुण्ड लगा है ललाट सजा है गले में नाग काला है।
मंद मंद मुस्काये भोला ऐसा रूप निराला है।
पीछे भूतों की लारी दर्शन पाये नर नारी।।
तन पे विभूति रमाये भोला और ओढ़े मृगछाला है।
सिंगी नाद कर डमरू बजाये और गले में हाला है।
अनुरोध त्रिपुरारी दर्शन देओ अविकारी।।
Shrijirasik
भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ मेरे
भोलेनाथ मेरे भोलेनाथ
हरिद्वार में जाएंगे,
हम हरिद्वार में जाएंगे
भोले की कांवड़ ठाएंगे
हम हरिद्वार में जाएंगे
यहां शिव के भक्तों का मेला लगता
जय भोले का नारा बजता
गंगा जल हम लाएंगे
हरिद्वार में जाएंगे...
बम बम बम ब-बम
बम लहरी
शिव भक्तों का प्यारा साथ है
महाकाल का मुझपे हाथ
ॐ नमः शिवाय, नमः शिवाय
नमः शिवाय गाएंगे
हरिद्वार में जाएंगे...
हरिद्वार में, बम बम
ऋषिकेश में, बम बम
हर की पौड़ी, बम बम
लक्ष्मण झूला, बम बम
चंडी मइया, बम बम
मनसा मइया, बम बम
Shrijirasik
न कोई डर न कोई फिकर, ओर न कोई जंजाल है
संग मेरे महाकाल है, संग मेरे महाकाल है
महाकाल के नाम से ही मेरा जीवन आज कमाल है
संगमेरे महाकाल है, संग मेरे महाकाल है
1. महाकाल है मेरे स्वामी, और में इनका दास
महाकाल के दास कभी भी, रहते नहीं उदास
ना कोई चिंता ना कोई भय, और न दुखो का जाल है
संग मेरे महाकाल है...
2. वो अविनाशी घट घट वासी, शम्भु मेरे महाकाल
साथ में है जब महाकाल तो क्या ही बिगाड़े काल
मृत्युंजय महाकाल को मन को जपता अब हर हाल है...
संग मेरे महाकाल है संग मेरे महाकाल है।
Shrijirasik
तर्ज़- हो ले के पहला पहला प्यार
शिव जी बन कर नर से नार,
हो कर सज धज कर त्यार,
चल दिए गौरां के संग में, लम्बा सा घूँघट डार...
देखने को रास लीला, मदन मुरार की,
बना कर छवि वोह चले, देखो नर से नर की ।
अपना छोड़ के सब श्रृंगार, पहने जेवर बड़े अपार,
चलते ऐसे जैसे हो कोई नई नवेली नार ।
शिव जी बनकर नर से नार...
महाँ रास में सब सखियाँ, देख बतलाई हैं,
कहाँ की सख़ी है यह जो, घूँघट में आई है ।
मुस्काए तब कृष्ण मुरार, समझ गए हैं यह त्रिपुरार,
ऐसी बंसी बजाई, कान्हा ने उन्हें निहार ।
शिव जी बनकर नर से नार...
बँसी की धुन पे मगन हुए जटाधारी हैं,
झूमकर वो नाचे उत्तरी सर से वो सारी है ।
देख के शरमाई बृज नार, ऐसा हुआ है पहली बार,
मोहन भी मोहित है करके उन पे जाते बलिहार ।
शिव जी बनकर नर से नार...
हर हर महाँदेव
Shrijirasik
शिव भोला मेरा हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
मैं शिव भोले दा हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
भोले दे सिर ते गंगा विराजे,
गंगा विराजे, गंगा विराजे ।
सारे जग ने अमृत पी लिया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे मथे उत्ते चंदा विराजे,
चंदा विराजे, चंदा विराजे ।
सारे जग विच चानण हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे गल विच नाग विराजे,
नाग विराजे, नाग विराजे ।
सारे जग नूं दर्शन हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे हथ विच डंमरू विराजे,
डंमरू विराजे, डंम डंम वाजे ।
सारा जग मस्ताना हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे हथ विच भंग दा पियाला,
भंग दा पियाला, भंग दा पियाला ।
सारा जग मतवाला हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
भोले दे संग गौरां विराजे ।
गौरां विराजे, बड़ी प्यारी लागे ।
शिव शक्ति दा दर्शन हो गया,
बंम लहरी जी, बंम लहरी ।
शिव भोला मेरा हो गया...
हर हर शंभू
Shrijirasik
डमरू वज्जदा नच्चदे सारे... बम बम भोले।
देवी देवते जच्चदे सारे... बम बम भोले।
डमरू वज्जदा नच्चदे सारे, देवी देवते जच्चदे सारे
ब्रह्मा विष्णु बने बराती, नारद वीणा वजाई गौरां,
साडे जंज महलां विच,
शिव भोले दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच।
शिव शंकर दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच।
पूरी देख सृष्टी आ गई।
चारे पासे रौनक छा गई।
ऋषि मुनी पृथ्वी दे सारे
महफिल देख सजाई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भूत प्रेत ते साक संबंधी।
बैठा भोला बैल जो नंदी।
पहली तेरी जंज है गौरां
ना गिनती जाए गिनाई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
मथे चन्न सजाया सोहन,
महां देव जेहा होर ना होना।
देवां दा महांदेव है शंकर,
संग त्रिलोकि आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
इंद्र पुरी तों परियां आईयां।
शिव शंकर नूं देण वधाईयां।
सरस्वती लक्ष्मी संग सब ने,
फुल्लां दी वर्खा लाई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
गौरां तू बन गई शिव शक्ति।
पूरी हो गई तेरी भक्ति।
मनीश टप्परियां पिंड विच बहि के,
कहिंदे कलम चलाई गौरां, साडे जंज महलां विच...
भोले नाथ दी आई गौरां, साडे जंज महलां विच...
Shrijirasik
टोला मस्तां वाला आया, ऊंची ऊंची रौला पाया।
जंज तक्कण बहाने गौरां गई, महल उत्ते चढ़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते चढ़ के।
आ गया जी भोला बैल ते चढ़ के।
आ गया जी शंकर बैल ते चढ़ के।
ओहने हथ विच डमरू फड़्हिया, ना कोई बाजा बैंड लियाया।
पिंडे भस्म भभूति लाई, गौरां कैसा रूप बनाया।
मैं तां हक्की बक्की रहि गई, ओहनूं देखां खड़ खड़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
जेहड़े नाल लियाया जंजी, सारे लग्गदे साध मलंगी।
चिलमां भर भर लाऊंदे सूहटे, गौरां गल कोई ना चंगी।
करता बागां विच उजाड़ा, जी अंदर ओहना वड़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
कन्नीं कुंडलां बिछुए पा के, सेहरा सप्पां दा लमका के।
गिट्ठ गिट्ठ लम्के ओहदे दाढ़ा, बैठा टेढ़ लंगोटा ला के।
मैनूं समझ रत्ता ना आवे, काली घटा आ गई चढ़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
भैणे तू किस्मत तों हारी, ओह तां लग्गदा साध मसाणी।
तेरी किस्मत वाली गौरां, लग्गदा उलझी पई कहानी।
रल्या लाड़े नाल विचोला, नी स्कीमां कोई घड़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
तू तां आखे ओहनूं देव, सारे देवान दा महांदेव।
सानूं लीला समझ ना आवे, तेरा कैसा है पति देव।
मनीश दे है ओह दिल दा जानी, ओह लिख्खे कलमां नूं फड़ के...
आ गया जी लाड़ा बैल ते...
Shrijirasik
डम डम शिवा का डमरू वाजे , भोला विच कैलाश के नाचे,
भोले बम बम बम ॥
भोले बम बम बम, भोले बम बम बम ॥
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
तेरी लीला जग से न्यारी, तूँ है तीन लोक का बाली
भर दे सब की झोली ख़ाली, भोले बम बम बम...
( भोले बम बम बम भोले बम बम बम )
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
तेरे गले में नाग़ विराजे, डंका तीन लोक में वाजे
तेरे माथे चन्द्रमा साजे, भोले बम बम बम...
( भोले बम बम बम भोले बम बम बम )
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
अज़ब निराली तेरी माया, पल में बदले सब की काया
कण कण में है तेरा साया, भोले बम बम बम...
( भोले बम बम बम भोले बम बम बम )
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
बहती जटा में गंगा माई, कावड़ हरि द्वार से आई
लिख मौजी ने महिमा गाई, भोले बम बम बम...
( भोले बम बम बम भोले बम बम बम )
डम डम शिवा का डमरू वाजे...
Shrijirasik
देखो बरात कैसी भोले दी आई ऐ।
देखो बरात कैसी शंकर दी आई ऐ।
घोड़ी नू छोड़ के कीती बैल चढ़ाई ऐ...
देखो बरात कैसी भोले दी...
बाजा ना नाल लियाइयो, डमरू वांगा बजदा।
गौरें दा मुंडा अड़ियो, बुड्ढा वांगा लगदा।
सापां दी माला उसने गल्ल दे अंदर पाई ऐ...
देखो बरात कैसी भोले दी...
दुनिया तों वखरी लगदी, उसदी बरात जी।
खड़े खड़े के देखी जान्दी पूरी कायनात जी।
मस्तां दा टोला नाचदा बन के शुद्धाई ऐ...
देखो बरात कैसी भोले दी...
पिंड ते भभूती भेस, वखरा बनाया ऐ।
हसदियां सखियां गौरां, किवें वर पाया ऐ।
महिमा सारी जिंदगी ‘शामे’ भोले दी गाई ऐ...
देखो बरात कैसी भोले दी...
Shrijirasik
करता करे ना कर सके, शिव करे सो होय
सात खंड नवद्वीप में ,महाकाल से बड़ा ना कोई
हे महाकाल मैं तेरा पुजारी
तेरे रूप पर मैं बलिहारी
मस्तक पे तेरा चाँद सजाना
भस्म चीता की तन पे रमाना
रूप ये तेरा है सुहाना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
है महाकाल तेरा दीवाना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
तेरे रूप का मैं दीवाना
ओ महाकाल मेरे,रूप के आगे तेरे
हारना मेरे मन को पड़ा है
तेरे श्रृंगार से, क्यों हठे ना नज़र
ये नशा कैसा तेरा छड़ा है
भंग में सज कर मस्ती चढ़ाना
फुल में सज के जग महकाना
सज कर यू सब का दिल चूराना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
है महाकाल तेरा दीवाना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
तेरे रूप का मैं दीवाना
शिव समान दाता नहीं, विपत निवारण हार
लज्जा मोरी रखियो, शिव नंदी के असवार
मेरे स्वामी सुनो, अंतर्यामी सुनो
मन में रख ली है तस्वीर तेरी
बाबा तेरी झलक, जग में सब से अलग
जोड़ दी तुझ से तक़दीर मेरी
नाग गले विषधर लिपटाना
आसान मृगछाला का बनाना
भक्तों को देख मुस्कुराना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
है महाकाल तेरा दीवाना
मैं दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
तेरे रूप का मैं दीवाना
है महाकाल मैं तेरा पुजारी…
Shrijirasik
भोला नाचे मेरा श्मशानों में
भोला, नाचे मेरा, श्मशानों में,
शिव, नाचे मेरा, श्मशानों में ॥
वो रहता, अकेला, वीरानों में... ॥
भोला, नाचे मेरा, श्मशानों में,
शिव, नाचे मेरा, श्मशानों में ॥
हाथ में डमरु, जटा में गंगा,
नाम है भोला, मस्त मलंगा ।
नील कंठ, कहलाता है वो,
पीता है, दुनियाँ की भंगा ॥
उस पे, रहमत, हो जाती जब ॥
है ये, नाम, दीवानो में...
भोला, नाचे मेरा, श्मशानों...
वो चाहे तो, मिलता खाना,
न चाहे, भूखे सो जाना ।
वो ही सब को, देता साँसे,
वो ही जाने, कब मर जाना ॥
वो ही, जल में, वो ही थल में ॥
वो ही, है, तूफानों में...
भोला, नाचे मेरा, श्मशानों...
शिव के हाथ में, दुनियाँ सारी,
वो ही, नर है, वो ही नारी ।
गुस्से में, शंका मिले शकंर,
वैसे है, भोला भंडारी ॥
वो संदीप के, दिल में बस्ता ॥
मिलता, नहीं, दुकानों में...
भोला, नाचे मेरा, श्मशानों...
Shrijirasik
कोई आशिक कहते है कोई मुझे परवाना कहते है
महाकाल की मस्ती में डूबा हुआ मस्ताना कहते है
कोई पागल कोई प्रेमी मुझे नादान कहते है
में तो महाकाल का बेटा हु मुझे महाकाल का दीवाना कहते है
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना
दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना दीवाना........
महाकाल का दीवाना हूं , महाकाल का दीवाना हूं
कोई रोके नहीं कोई टोके ,नहीं में तो आशिक पुराना हूं
महाकाल का दीवाना हूं........
1.) जो भी करता है भक्ति महाकाल की
कभी चिंता न रहती है धन माल की
कभी मौत से हो जाए गर सामना
मौत टलती है चलती नहीं काल की
शिव का वंदन करूं शिव का दर्शन करु शिव से प्रीत लगाना है
महाकाल का दीवाना हूँ.........
2.) सारी दुनिया ने ठुकराया हर हाल में
मुझको अपना बनाया महाकाल ने
गर गिराना जो चाहा था संसार ने
गोदी में बिठाया महाकाल ने
अपना तन मन करूं शिव को अर्पण करूं में बालक तुम्हारा हूँ
महाकाल का दीवाना हूं........
3.) दीवाना दीवाना दीवाना तेरा दीवाना
में तो हूं बाबा महाकाल तेरा दीवाना
तेरे दर्शन को आया बाबा तेरा दीवाना
तेरे ही नाम का आशिक है तेरा दीवाना
दीवाना दीवाना दीवाना तेरा दीवाना
तेरा सुमिरन करूं तेरा वंदन करूं
में तो तेरा दीवाना हूं
महाकाल का दीवाना हूं........
Shrijirasik
हर हर महादेव
बोल बम
भोले की भक्ति में होके मगन होके मगन
चले रे कावड़िया बोल बम बम
भोले की भक्ति में होके मगन, होके मगन
चले रे कवड़िया बोल बम बम
चले रे क बोल बम बम
चले रे कवरिया बोल बम बम
बोल बम बम बोल बम बम बोल बम बोल बम
छाई है खुशियां नहीं है कोई गम, नहीं है कोई गम
चले रे गवडिया बोल बम बम
भोले की भक्ति में होके मगन
चले रे गवडिया बोल बम बम
होत भुनसारे से कावर उढ़ाये , माई नर्मदा को जल भर लाए
माई नर्मदा को जल भर लाए, माई नर्मदा को जल भर लाए
अरे कांधे पे कावड़ चले हैं सब जन ,चले हैं सब जन
चले रे कावड़िया बोल बम बम
भोले की भक्ति में होके मगन
चले रे कवरिया बोल बम बम
सावन महीने की रुत है सुहानी
भोले के दर्शन की मन में है ठानी
भोले के दर्शन की मन में है ठानी
भोले के दर्शन की मन में है ठानी
अरे नाचे कवडिया ,देखो छमम छमम
देखो छमम छमम,
चले रे कवडिया बोल बम बम
भोले की भक्ति में होके मगन
चले रे कवडिया बोल बम बम
चल के ऊंची नीची रे डगरिया ,पहुंचे भोले बाबा की दुरिया
पहुंचे भोले बाबा की दुरिया, पहुंचे भोले बाबा की दुआ
हर बेल पतिया चढ़ाएंगे जल चढ़ाएंगे ,
चढ़ाएंगे जल
चले रे कवडिया बोल बम बोले की
भक्ति में होके मगन, चले रे कवरिया बोल बम बम
चले रे कवरिया बोल बम बम
चले रे कवरिया बोल बम बम
बोल बम बम बोल बम बम बोल बम बोल बम
भोले की भक्ति में होके मगन, होके मगन चले रे कवडिया बोल बम बम,
भोले की भक्ति में होके मगन, चले रे गवड़िया बोल बम बम
चले रे गावड़िया बोल बम बम,
चले रे गावड़िया बोल बम बम
चले रे गावड़िया बोल बम बम
चले रे गावड़िया बोल बम बम
चले रे गावड़िया बोल बम
हर हर महादेव है।
Shrijirasik
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
काहे के गणपति बनाएं,
काहे की बनाए भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
गोबर की गणपति बनाएं,
चिकनी मिट्टी के बनाए भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
कोंन दिना गणपति मनाए,
कोन दिनां भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
बुधवार गणपति मनाए,
सोमवार भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
दूध घास गणपति पे चढ़ावे,
बेलपत्र भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
लड्डू का भोग गणपति को लगाएं,
भांग धतूरा भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
Shrijirasik
मेरे अंगना में आए भोलेनाथ,
सखी री मैं क्या मांगू,
क्या मांगू मैं क्या मांगू,
क्या मांगू मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू।
जब मैंने भोले जी के शीश को देखा,
शीश को देखा सखी शीश को देखा,
मैंने कर लिया गंगा स्नान,
सखी री मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू
जब मैंने भोले जी के हाथों को देखा,
हाथों को देखा सखी हाथों को देखा,
मुझे मिल गया आशीर्वाद,
सखी री मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू।
जब मैंने भोले जी के पैरों को देखा,
पैरों को देखा सखी पैरों को देखा,
मेरे हो गए चारों धाम,
सखी री मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू
जब मैंने भोले जी के मुखड़े को देखा,
मुखड़े को देखा सखी मुखड़े को देखा,
मैं तो हो गई भव से पार,
सखी री मैं क्या मांगू,
मेरे अँगना में आए भोले नाथ,
सखी री मैं क्या मांगू।
Shrijirasik
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया घोटा ॥
घोट, घोट के, रगड़ रगड़ के
लै के, कुंडा सोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया घोटा ॥
शिव जी मेरे, पैंट नी पाउँदे
लाउँदे, तेर लंगोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
शिव जी मेरे, हार नी पाउँदे
पाउँदे, फनियर मोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
शिव जी मेरे, कोक नी पींदे
पींदे, भंग दा लोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
शिव जी मेरे, जिम नी जानते
ओहदा, वैसे ही, डोला मोटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
पारबती मां, गोरी गोरी
शिव जी, काल कलूटा,
मेरे शिवा ने ला लिया घोटा...
घोटा ॥ मेरे शिवा ने ला लिया...
Shrijirasik
दे दर्शन, दे दर्शन इक वार, भोलिया दे दर्शन।
भगत बुलाउंदे छेती आजा, हो के बैल सवार
भोलिया दे दर्शन...
जग कहिंदा तू भोला भाला,
गल पावे सप्पां दी माला।
जट जटावां सर ते तेरे,
एह की तेरा रूप निराला।
रूप तेरे नूं चेते करके,
करां मैं सोच विचार, भोलिया दे दर्शन...
सुणियां भंग दे रगड़े लावें,
अक्क धतूरा खाई जावें।
समझ ना आवे शिव शंकर जी,
ऐना केह नूं खिलाईं जावें।
फेर वी सुणियां सभ्नां दे तूं,
लाउंदा बेड़े पार भोलिया दे दर्शन...
मेरा काहनूं मन तरसावें,
करां उडीकां कद घर आवें॥
चांद वी तेरा दास कहावें,
जिसनूं मस्तक उत्ते सजावें।
लखविंदर वी अर्जा करदा,
पढ़िया प्यारां नाल भोलिया दे दर्शन...
Shrijirasik
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
किते, डम्मरू वज्जदा... सुण भगता॥
राम, नच्चदे, सीता नच्चदी॥
किते, हनूमान नच्चदा... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
शाम, नच्चदे, राधा नच्चदी॥
किते, दाऊ नच्चदा... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
विष्णूं, नच्चदे, लक्ष्मी नच्चदी॥
किते, नारद नच्चदा... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
शिव, नच्चदे, गौरा नच्चदी॥
किते, नंदी नच्चदा... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
मइयां, नच्चदी, शेर नच्चदा॥
किते, संगत नच्चदी... सुण भगता॥
घड़ा, वज्जदा, घड़ोली वज्जदी॥
Shrijirasik
बोलो बम बम भोले,
हर-हर महादेव!
शिव शंकर भोलेनाथ,
जय जय त्रिपुरारी देव।
सिर पर गंगा, गले में सर्प,
राख लगाए त्रिकाल स्वरूप।
डमरू की धुन गूंज उठे,
हर दिल बोले शिव-शिव।
महादेव तेरे नाम की धुन,
गूंजे गगन, गूंजे धरा।
महादेव तेरे नाम की धुन,
हर हर महादेव पुकारा।
कैलाशपति त्रिलोचन आए,
भक्तों के संकट हर ले जाए।
भस्म रमाए, आनंद लुटाए,
जपते सब तेरी महिमा गाए।
महादेव तेरे नाम की धुन,
गूंजे गगन, गूंजे धरा।
महादेव तेरे नाम की धुन,
हर हर महादेव पुकारा।
शिव बिना जग सूना है,
तेरे नाम में ही जुनून है।
भोलेनाथ बस तू ही सहारा,
तेरे चरणों में ही सारा प्यारा।
महादेव तेरे नाम की धुन,
हर दिल बोले हर हर शंभू।
महादेव तेरे नाम की धुन,
जय जय भोले, जय जय भोले।
Shrijirasik
ॐ नमः शिवाय...
महादेव… महादेव…
आई लव महादेव, दिल से पुकारूँ
डमरू की गूंज पे झूम-झूम नाचूँ
आई लव महादेव, सच्चा सहारा
भोले की भक्ति में पाया किनारा
काँप उठे कैलाश जब गूँजे तेरा नाम
गंगा तेरे जटाओं से बहती सुबह-शाम
भस्म रमाए, त्रिपुरारी तेरा रूप निराला
तेरी महिमा गाए, जग सारा मतवाला
आई लव महादेव, दिल से पुकारूँ...
चाँद सजा है शंकर तेरे मस्तक पे
नाग लिपटे हैं भोले तेरे गले पे
तेरी तांडव धुन पे ब्रह्मांड झूमे
तेरे दर पे आए सब पाप धुलें
हर हर शंभू…
जय जय भोलेनाथ…
तेरे नाम की शक्ति से मिटे अंधकार
तेरा नाम ही जीवन का आधार
आई लव महादेव, दिल से पुकारूँ...
ॐ नमः शिवाय… हर हर महादेव…
Shrijirasik
पहन लियो लंहगा चुनरीया
पहन, लियो, लंहगा चुनरीया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ॥
माथे पे, बिंदिया और, कानों में बाली ।
नाक में, नथनिया और, होंठो पे लाली ॥
अरे, करधनिया, सोहे कमरिया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
शंकर जी, भोले से, बन गए भोली ।
भोला को, देख देख, पार्वती बोली ॥
अरी, घुँघटा की, रखियो खबरीया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
चले रास, देखन को, बन के जनानी ।
जहाँ रास, मोहन संग, करे राधा रानी ॥
भोले, आए, झुका के, नज़रिया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
देख देख, भोले को, सोचे कन्हाई ।
आज नई, सखी कौन, घुँघटा में आई ॥
अरे, पकड़ी, मोहन ने कलईया,
भोले बाबा, बन गए, गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
खुल गई, पोल जब, घुँघटा उठायो ।
गोपेश्वर, नाम जब, भोले ने पायो ॥
भोले, जा रहे, झुका के नज़रिया,
भोले बाबा, बन गए गुज़रिया ।
पहन, लीयो, लंहगा चुनरीया...
Shrijirasik
सज गयो भोला संवर गयो रे
कैलाश, पर्बत पर, बस गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
शीश, भोले के, गंगा विराज़े ॥
गंगा से, सारा जग, तर गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
कान, भोले के, कुंडल सोहे ॥
कुंडल, में बिच्छू, लटक गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
गले, भोले के, माला सोहे ॥
माला, में सर्प, लटक गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
हाथ, भोले के, त्रिशूल विराज़े ॥
त्रिशूल, में डमरू, लटक गयो रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
संग, भोले के, गौरां विराज़े ॥
गौरां की, गोदी में, गणपति रे ॥
सज, गयो भोला, सँवर गयो रे ॥
कैलाश, पर्बत पर, बस...
Shrijirasik
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम,
संग संग बाराती चले,
ढोलवा बजाई के,
घोड़वा दौड़ाई के हो राम,
शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिरि ने गौरा के ब्याह की,
लगन पत्रिका लिखवाई,
नारद जी के हाँथ वो चिट्ठी,
ब्रह्मा जी तक पहुचाई,
ब्रह्मा जी ने लगन पत्रिका,
सबको बाँच सुनाई थी,
शंकर की बारात चलेंगे,
सबने खुशी मनाई थी,
देवता करें तैयारी,
अपनी अपनी असवारी,
लेके कैलाश चले,
शंख बजाए के,
खुशियां मनाए के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
विष्णु और लक्ष्मी जी दोंनो,
गरुड़ के ऊपर चढ़ आए,
दाढ़ी वाले बूढ़े ब्रह्मा,
हंस सवारी ले आए,
बड़ी शान से इंदर आए,
ऐरावत लेके हाँथी,
भैंसे पर यमराज विराजे,
और यमदूत सभी साथी,
मस्ती में हरि गुण गाते,
नारद जी खुशी मनाते,
शंकर के बने बराती,
वीणा बजाई के,
तारों को सजाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
शंकर के गण हुए इक्कट्ठे,
बाबा को परणाम किया,
हार श्रृंगार बनाने वाला,
तब सारा सामान लिया,
राख मँगाकर शमशानों से,
उसकी लेप बनाई थी,
जय बम भोले कहके उनके,
तन पे भभूत चढाई थी,
बूढ़े में कुंडल वाला,
बैठा था फणीयर काला,
मस्ती में झूम रहा,
फणवा घुमाई के,
जिह्वा हिलाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मस्तक पे थे त्रैलोचन और,
दूध का चंद्र विराज रहा,
डम डम डमरू बाजे और,
त्रिशूल हाँथ में साज रहा,
भोले बाबा को पहनाई,
नर मुंडो की इक माला,
बाग़म्बर की खाल ओढाई,
और कंधे पर मृगछाला,
गंगा की धारा बहती,
कलकल कल करके कहती,
बुरी नजर से इन्हें,
रखना बचाई के,
मुखड़ा छुपाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
नंदी गण से कह बाबा ने,
अपने सब गण बुलवाए,
शंकर की बारात चढ़ेंगे,
खुशी मनाके सब आए,
यक्षों और पिशाचों के संग,
भूत परेतों के टोले,
नाचे कूदे शोर मचावे,
जय भोले बम बम भोले,
कोई पतला कोई मोटा,
कोई लंबा कोई छोटा,
काले और नीले पीले,
टोलियां बनाई के,
सजके सजाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
किसी की आँखे तीन तीन और,
किसी के माथे एक लगी,
एक टांग पे चले कोई और,
किसी के टांग अनेक लगी,
मुँह किसी का लगा पेट में,
और किसी का छाती में,
कोई ऊँचा आसमान सा,
कोई रेंगता धरती में,
लंबा चौड़ा मुँह खोले,
बोली भयंकर बोले,
धरती गगन भर डाला,
बभूति उड़ाई के,
धूम मचाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गरुड़ के ऊपर विष्णु निकले,
ब्रह्मा हंस को साथ चले,
ऐरावत पर इंदर बैठे,
भैंसे पर यमराज चले,
बाकी देवता भी ले चल रहें,
अपनी अपनी असवारी,
भोले शंकर ने देखा,
हो गई बारात की तैयारी,
नंदी पर आप विराजे,
डमरू त्रिशूल को साजे,
खुशियों में नंदी नाचे,
सिंगवा हिलाइके,
पूँछवा घुमाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
आगे आगे शंकर बाबा,
पीछे भूत परेत चले,
ब्रह्मा विष्णु धर्मराज और,
इंदर गरुड़ समेत चले,
ढोल नगाड़े शंख बजे और,
बाज रही थी शहनाई,
चलते चलते शंकर की बारात,
नगर के पास आई,
सुंदर स्थान निहारा,
शिवजी ने किया इशारा,
देवता नाचन लागे,
झंडे उठाइके,
बाजे बजाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिर ने जब शोर सुना,
पंचायत आपनी बुलवाई,
मिलजुल कर सब करे स्वागत,
गौरा की बारात आई,
चले उधर पंचायत वाले,
स्वागत गीत सुनाते थे,
उनसे भी आगे कुछ बच्चे,
भागे दौड़े जाते थे,
दूल्हे के देखे नैना,
भूतों प्रेतों की सेना,
बालक तो घर को भागे,
होश भुलाइके,
सांस फुलाईके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मात पिता सों बालक बोले,
ये कैसी बारात आई,
लगता है के नर्क छोड़,
यमदूतों की जामात आई,
जो इस ब्याह को देखेगा वो,
बड़ा भाग्यशाली होगा,
पर हम कहते हैं कि सारा,
नगर आज खाली होगा,
माता पिता समझावे,
बच्चों को पास बुलावें,
डर को छोड़ो तुम खेलो,
खुशियाँ मनाई के,
राघवेंद्र गाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिर ने सबके स्वागत में,
अपने नैन बिछाए थे,
कर विनती सम्मान सभी को,
जनवासे में लाए थे,
इंद्रपुरी से जनवासा था,
जहाँ उन्हें ठहराया था,
दास दासियों ने आकर,
सबको जलपान कराया था,
ब्रह्मा और इंदर आए,
देखके सब हरषाए,
विष्णु को माथा टेके,
शीश झुकाई के,
हरि गुण गाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
इतने में गौरा की सखियाँ,
सोने की थाली लाई,
महादेव शंकर दूल्हे की,
आरती करने को आई,
उन सबने नारद से पूछा,
दूल्हा कौन है बतलाओ,
बैठा है जिस जगह वही पे,
हम सबको भी पहुँचाओ,
नारद की निकले हाँसी,
बोले तब खाँस के खाँसी,
संग गणों को भेजा,
रास्ता दिखाइके,
जरा मुस्कुराइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
सखियों ने देखा बारात ये,
नही परेतों की टोली,
भांत भाँत के रूप बनावे,
तरह तरह बोले बोली,
कोई तो पीवे सूखा गाँजा,
कई घोटते भाँग रहे,
छीना झपटी करते हैं,
कई इक दूजे से माँग रहे,
मस्ती में झूम रहे हैं,
नशे में घूम रहे हैं,
भाँग को लागे रगड़ा,
सोटवा घुमाइके,
घोटवा लगाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
सखियों ने दूल्हे को देखा,
लंबी दाढ़ी वाला है,
हाँथ में जिसके खप्पर डमरू,
गले सांप की माला है,
जटाजूट बांधे और तन पे,
जिसने राख चढ़ाई है,
बाग़म्बर की खाल ओढ़ने,
ते मृगछाल बिछाई है,
सखियाँ जब करे इशारे,
नंदी जी खड़े निहारे,
सखियों के पीछे पड़ गए,
पूछनी घुमाइके,
सिंगवा हिलाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
जनवासे से बाहर निकली,
सब सखियाँ घबराई थी,
गौरा तेरी किस्मत फूटी,
उसे बताने आई थी,
पार्वती से आकर बोली,
तेरा दूल्हा देख लिया,
तेरे पिता ने बस यूं समझो,
तुझे नर्क में भेज दिया,
है वो शमशान का वासी,
है कोई जोगी सन्यासी,
मस्ती में डूबा रहे,
भाँग चढ़ाई के,
धतूरा चबाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
पार्वती ने उत्तर ऐसे,
दिया सभी की बोली का,
मेरा और शंकर का रिश्ता,
है दामन और चोली का,
जनम जनम की लगन यही है,
माँ अपनी से कह दूंगी,
व्याह होगा तो शंकर से,
अन्यथा कंवारी रह लुंगी,
गौरा की सुनकर वाणी,
खुश हो गई सखी सयानी,
चलने लगी दोनो की,
जय जय बुलाई के,
गीत गुनगुनाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
उधर गणों ने मिलकर के,
शिव बाबा को तैयार किया,
इधर गौरी की सखियों ने था,
गौरा का श्रृंगार किया,
महलों के प्रांगण में वेदी,
सुंदर एक बनाई थी,
मंडप जब तैयार हुआ तो,
फिर बारात बुलवाई थी,
देवता बाजे बजावे,
शंकर डमरू खड़कावे,
भूतों की सेना चली,
नाच दिखाई के,
धूम मचाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गलियों और बारातों में थी,
सचमुच भीड़ लगी भारी,
अपने अपने घर के आगे,
खड़ी हो हो देखे नारी,
ब्रह्मा विष्णु इंद्र आदि को,
देख सभी हरषाई थी,
पर शंकर को देख नारियाँ,
घर की भीतर भागी थी,
धक धक दिल धड़कन लागे,
अंग सब फड़कन लागे,
नन्हे नन्हे बच्चों को,
गोद मे उठाइके,
गले से लगाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गौरा की माँ ने हिमगिर को,
अपने पास बुलाया था,
साखियों ने जो हाल कहा था,
सब उनको समझाया था,
बोली मैं अपनी बेटी को,
तबाह नही होने दूंगी,
कुँए में गिरके मर जाउंगी,
ब्याह नही होने दूंगी,
इतने में हरि गुण गाते,
नारद जी वीण बजाते,
पिछले जनम की कथा,
बोले समझाई के,
सबको सुनाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मण्डप में जब पहुँचे शंकर,
आसन देके बिठलाया,
पहले उनकी पूजा करी फिर,
पार्वती को बुलवाया,
बड़े प्रेम से हिमगिर ने,
गिरजा का कन्यादान किया,
शंकर सहित बराती जितने,
सबका ही सम्मान किया,
शंकर और पार्वती की,
सुंदर सी जोड़ी देखी,
देवता खुश हुए,
फूल बरसाइके,
जय जय बुलाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गले लगाकर बेटी को,
हिमगिर मैना ने विदा किया,
पार्वती को शंकर ने,
नंदी की पीठ पर बिठा लिया,
सोमनाथ की इस गाथा को,
सुने वा इसका गान करें,
संकट सारे मिट जाए,
शिव जी उनका कल्याण करें,
लेकर के पार्वती को,
शंकर कैलाशपति को,
नंदी मस्ती में भागे,
सिंगवा हिलाइके,
पूँछवा घुमाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम,
संग संग बाराती चले,
ढोलवा बजाई के,
घोड़वा दौड़ाई के हो राम,
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
Shrijirasik
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा।
घोटा घोटा घोटा, मेरे शिवां ने पीता घोटा॥
भोला देवे भंग लिया के,
गौरा बैठी घोटी जावे।
घोटी जावे घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा॥
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
अक्क धतूरा भंग मिला के,
गौरा कोलों तैयार करा के।
घोटी जावे घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा॥
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
एह घोटा भोले दा प्याला,
एह घोटे दा नशा निराला।
भर भर पींदा लोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
शंकर मेरा भोला भाला,
शमशेर वी फेरे माला।
गल विच फनीअर मोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
Shrijirasik
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
भोले बाबा नाच रहे कि भोले बाबा नाच रहे,
भूतों को लेके अपने साथ, भोले बाबा नाच रहे
सर्पों का ही पहना चोला, ब्याहवण आया शंकर भोला
भष्मी से चमकै है गात, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
मस्तक ऊपर चन्दा साजै, डम डम डम डम डमरु बाजै
मेंहदी रचा के अपने हाथ, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
जसपाल जनाल भी महिमा गावै, भोले जी के भजन बनावै
ले हाथ में कलम दवात भोले बाबा नाच रहे
.गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
Shrijirasik
शंकर से कह दो कर ले श्रंगार
शंकर, से कह दो, कर ले श्रंगार,
गौरां, पहनाएगी, फूलों के हार ॥
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर के, सिर का, क्या है श्रृंगार ।
जूड़ा, जटाएं और, गंगा की धार ॥
गंगा, लहराती है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर के, माथे का, क्या है श्रृंगार ।
चंदन, लगाए और, चंदा उजियार ॥
चंदा, से उजाला है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के गले का, क्या है श्रृंगार ।
बिच्छू, ततैया और, सपों के हार ॥
सर्प, लहराते हैं, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के हाथों का, क्या है श्रंगार ।
त्रिशूल, कमण्डल और डमरू की तान ॥
तान, मस्तानी है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के पैरों का, क्या है श्रंगार ।
धुल, खड़ाऊँ और, मस्तानी चाल ॥
चाल, मस्तानी है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के अंगों का, क्या है श्रंगार ।
बाघंबर, शाला और, भस्मी आपार ॥
रूप, मस्ताना है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, से कह दो, कर ले श्रंगार,
गौरां, पहनाएगी, फूलों के हार ॥
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
Shrijirasik
नर से नारी बने भोलेनाथ
नर से नारी, बने, भोले नाथ,
गौरां, कहने लगी ॥
कहने, लगी गौरां, कहने लगी ॥
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले, में नाग, लिपट रहे काले ॥
मारे, अंदर, से फुँकार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
कहाँ, छुपाओगे, गंगा की धारा ॥
बहती, बहती, जटा से धार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले में, पहने, मुंडों की माला ॥
कैसे, पहनोगे, मोतियन के हार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
जटा, जूट सी, कैसे छुपेगी ॥
सब, उलझ, रहे हैं वाल,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
Shrijirasik
अपनी तो जैसे तैसे
अपनी, तो जैसे तैसे ।
भांग, धतूरा खाके ॥
कट जाएगी...
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
आपके, पैरों की पायल, है बड़ी ही, कीमती ॥
मेरे तो, पैरों में घुँघरू ।
बोले हैं, छम छम छम छम ।
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
आपके, अंगो का लंहगा, है बड़ा ही, कीमती ॥
मेरे तो, अंग मृग छाला ।
तन पर है, रमी भबूति ।
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
आपके, माथे का टीका, है बड़ा ही कीमती ॥
मेरे तो, सर पर जूड़ा ।
जूड़े से, बहती गंगा ।
माथे पर, है चंदा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
आपके, गले का हरवा, है बड़ा ही कीमती ॥
मेरे तो, गले नाग हैं ।
बिच्छू है, और ततैईया ।
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
आपके, हाथों का चूड़ा, है बड़ा ही कीमती ॥
मेरे तो, हाथ कमण्डल ।
दूजे में, डम डम डमरू ।
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
Shrijirasik
नर से नारी बने हैं गौरां के पिया
नर से, नारी बने हैं, गौरां के पिया ॥
माथे, पे बिंदिया, माथे, पे टीका ॥
लम्बा, घूँघट डाले, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
आँखों, में कज़रा, वालों में गज़रा ॥
जटा से, गंगा बहाए, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
कानों, में कुण्डल, नाक में नथुनियाँ ॥
गले में, पहने हरवा, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
हाथों, में चूड़ियाँ, हाथों में कँगना ॥
लाल, मेंहदी लगाए, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
पैरों, में पायल, घुँघरू जड़े हैं ॥
महावर, लाल लगाए, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
अंगों, में साडी, अंगों में लंहगा ॥
चुनरी, लाल हैं ओढ़े, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
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काशी वाले से मिलना बड़ा जरूरी
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा जरूरी ।
ओ डमरू, वाले से, मिलना, बड़ा जरूरी ॥
मिलना, बड़ा जरूरी ओ भोले,
मिलना, बड़ा जरूरी ॥
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, होती, पवन बंसती, झोंका बन कर आती ।
जो मैं, होती, गंगा यमुना, नित तुमको नहलाती ॥
बन ना, सकी मैं, गंगा यमुना ॥ये मेरी मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, होती, तेरी पुजारिन, तेरे मंदिर आती ।
जो मैं, होती, उज्जैन नगरिया, तेरा दर्शन पाती ।
बन ना, सकी मैं, उज्जैन नगरिया ॥ये मेरी मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, तेरा, पता जानती, ख़त लिख के भिजवाती ।
सब, भक्तों को, संग में ले के, तुमसे मिलने आती ॥
पता, तेरा मेरे, पास नहीं ॥ये मेरी मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, होती, काली बदरिया, छम छम नीर बहाती ।
गरज़ गरज़ के, बरस बरस के, नित तुम को नहलाती ॥
बन ना, सकी मैं, कारी बदरिया ॥ये मेरी मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
जो मैं, होती, पास तुम्हारे, झूम झूम कर गाती ।
हाथ, पकड़ कर, तुमको भोले, मन के भाव सुनाती ॥
मेरी तो, मज़बूरी ये भोले ॥तेरी क्या मज़बूरी,
ओ काशी, वाले से, मिलना, बड़ा...
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गौरां ने भोले से झगड़ा किया
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया,
हाँ झगड़ा किया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ॥
एप्पल, का फोन भोले, हमको दिला दो` ।
ज़ियो की, सिम भोले, इस में डलवा दो ॥
गाना, भरा दो उसमे, टिंकू ज़िया,
हाँ टिंकू ज़िया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
सूरत, की, साड़ी भोले, हमको मंगा दो ।
लाल, चुन्नरिया भोले, हमको ओढ़ा दो ॥
ऊंची, एड़ी सेंडिल, मंगवा दो पिया,
हाँ मंगवा दो पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
डव का, साबुन भोले, हमको दिला दो ।
लैकमी की, क्रीम भोले, हमको मंगा दो ॥
ब्यूटी पार्लर, फेशियल, करा दो पिया,
हाँ करा दो पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
लाल, फ़रारी गाड़ी, हमको दिला दो ।
तीनो, लोक की भोले, सैर करा दो ॥
नए, नए गिफ़्ट, दिला दो पिया,
हाँ दिला दो पिया
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
संग की, सखियाँ भोले, मेरी बुला दो ।
वंडर, लैंड की भोले, सैर करवा दो ॥
हम को, सिनेमा, दिखा दो पिया,
हाँ दिखा दो पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
व्हाट्सएप, चलाऊँ भोले, तुमसे बतियाऊँ ।
फेसबुक पे, फोटो भोले, रोज़ मैं लगाऊँ ॥
इंस्टा, पे रील, बनाऊँ पिया,
हाँ बनाऊँ पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
सोने, की चूड़ी भोले, हमको पहना दो ।
हीरे, का हार भोले, गले में जड़ा दो ॥
सेल्फी, भी लूँगी, उसमें भोले पिया,
हाँ भोले पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
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शिव शँकर चले कैलाश
शिव, शँकर, चले कैलाश,
नगाड़े, बजने लगे ॥
बजने, लगे हां, बजने लगे ॥
बजने लगे बजने लगे,
भक्तो, गूँज, रहा आकाश,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
नंदी, बैल की, करके सवारी ।
देखो, चले, बाबा त्रिपुरारी ॥
संग, चली है, गौरा मात,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
फ़ूल, बरसाए, देवता सारे ।
मुनि, जन सब, महाँ देव पुकारे ॥
उनकी, लीला का, हुआ प्रकाश,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
डमरू, नाद और, शँख गूँजा रे ।
मृत्यु, लोक में, शम्भू पधारे ॥
सब, भक्त, लगाए आस,
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
कहे, “भगत” है शिव, अविनाशी ।
अँखियाँ, है दर्शन, की प्यासी ॥
मैं तो, तेरे चरण, का दास,
एक तुम, अपने लगे...
नगाड़े, बजने लगे...
शिव, शँकर, चले...
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मेरा भोला बड़ा भंगिया
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया... ओ राम जी ॥
ओ जटा, धारी बड़ा, अमली... ओ राम जी ॥
ओ, राम जी, ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाया, माथे का टीका ॥
ओ भोला, चंदा, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, कानों के कुंडल ॥
ओ भोला, बिच्छू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाया, गले का हार ॥
ओ भोला, सर्प, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाई, अंगे की साड़ी ॥
ओ भोला, बाघंबर, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, हाथों के कँगना ॥
ओ भोला, डमरू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाई, पैरों की पायल ॥
ओ भोला, घुँघरू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, लड्डू और पेड़े ॥
ओ भोला, भाँग, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
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नमः शिवाय बम बम भोला जपता है जो रोज
मेरे शिव शंकर की फौज करेगी बड़ी मौज
जिसने शिव को पूजा उसकी होगी बल्ले बल्ले
नदी पर असवार होके भोला मेरा चले
शिव शंकर कैलाशपति को मन मंदिर में खोज...
मेरा भोला भंडारी भंडारेसबके भरता है
एक लोटा जो जल चढ़ा दे उसकी रक्षा करता है
कण कण में शिव बस्ता मेरा ध्यान लगाकर सोच
देवों में महादेव हमारा सबसे बड़ा है दानी
जो भी इसका नाम है जपता दूर करें परेशानी
महाकाल को सौंप दे प्यार जीवन का बोझ
विश्व धारी मेरा विश्वनाथ है भोला भंडारी
काहे को तू डरता आर के साथ तेरे त्रिपुरारी
शिवम कहे शिव नाम के वाले भगता मोक्ष
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जाना हमें कैलाश जय भोलेनाथ जय भोलेनाथ
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
काहे की, धरती बनी, काहे का अम्बर ॥
काहे का, बना संसार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
पाप, की धरती बनी, पुण्य का अम्बर ॥
मतलब का, बना संसार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
काहे, की माला बनी, काहे का जपना ॥
काहे में, लगा तेरा ध्यान, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
तुलसी, की माला बनी, राम नाम जपना ॥
भक्ति में, लगा तेरा ध्यान, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
काहे, की नईया बनी, कौन खवईया ॥
कौन, करेगा बेड़ा पार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
काठ, की नईया बनी, केवट खिवईया ॥
राम जी, करेंगे बेड़ा पार, जय भोलेनाथ, जय भोलेनाथ ॥
जाना, हमें कैलाश, जय भोलेनाथ...
हर रह महाँदेव
Shrijirasik
धीरे धीरे डमरू वजाए मेरा भोला
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला ॥
ओ नाचने, आ गई गौरां, मेरा बम बम भोला ॥
न पिए पेप्सी, न कोका कोला ॥
ओ पी गया, भांग का कटोरा, मेरा बम बम भोला ॥
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला...
न खाए लड्डू, न खाए पेड़ा ॥
ओ खा गया, भांग का गोला, मेरा बम बम भोला ॥
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला...
न पहने कुडता, न वोह पज़ामा ॥
ओ अंग, भभूति रमाए, मेरा बम बम भोला ॥
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला...
न बैठे मोटर, न बैठे गाड़ी ॥
ओ नंदी पे, बैठा जाए रे, मेरा बम बम भोला ॥
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला...
हर हर महाँदेव
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नंदी पे चली है बारात भोले की
सबसे अलग है यो बात भोले की
अरे शूकर नाचे शनिचर नाचे
संग में भूत पुशाचर नाचे
देख ले तू गोरां यो ठाठ भोले की
चले हैं शिव जैसे मस्ट मलंगा
गले में सर्प जटा में गंगा
हाथ में डम डम डमरू बाजे
माथे चंदा कितना साजे
आज दिन है भोले का
और रात भोले की
नंदी पे चली……
गोरां नगरी थर थर काँपे
भूत पिशाचर देख झाँके
गले में है नर मुंडों की माला
शोर मचावे अजब निराला
तू जीत है गोरा
तू मात भोले की
नंदी पे चली है……
फेरों पर जब आयी गोरा
शरमाए देखो कैसे भोला
सात फेरे संग लगाके
वर माला ली सर को झुका के
हो गई है गोरां
देखो आज भोले की
नंदी पे चली है……
फूल देखो गगन से बरसे
देवता सब उतरे स्वर्ग से
शिव मिलन की बेला आयी
देने आये सब शिव को बधाई
कलम प्रकाश की और बात भोले की
ख़ुशी गाती है महिमा दिन रात भोले की
नंदी पे चली है……
Shrijirasik
होली खेले भोलेनाथ आयो फागन महीना रे,
हाँ रे होली खेले भोलेनाथ आयो फागन महीना रे,
हाँ हाँ रे होली खेले रे सांचाई रे होली खेले,
भोलेनाथ आयो फागन महीना रे....
भर भर रंग गुलाल होली शंकर जी भी खेले रे,
तो डमरू की ताल पे हाँ डमरू की ताल पे,
गौरा जी नाचे रे, होली खेले रे,
होली खेले भोलेनाथ आयो फागन महीना रे.....
गौरा जी को देख देख गणपति जी को मन हर्षावे रे,
भोले जी को देख देख गणपति को मन हर्षावे रे,
तो झांझ मंजीरा लेकर रिद्धि सिद्धि नाचे रे होली खेले रे,
होली खेले भोलेनाथ आयो फागन महीना रे.....
बैठ मोर पे कार्तिक रंग गुलाल उड़ावे रे,
तो नंदी और मूषक के संग में गण भी नाचे रे होली खेले रे,
होली खेले भोलेनाथ आयो फागन महीना रे.....
भर भर केसर की पिचकारी भोले जी ने मारी रे,
तो फागुन की मस्ती भीगे दुनिया सारी रे होली खेले रे,
होली खेले भोलेनाथ आयो फागन महीना रे.....
Shrijirasik
चाली जब भोले की कावड़ ढोल नगाड़े भाज रहे
भोले की दीवानी नाच रही मस्ती में दीवाने नाच रहे ||
दी जे का फुल बेस बड़ा के कावड़िये जब नाचे
चढ़ गई शिव के नाम की मस्ती बम बम करते बाजे
कही पे डमरू की डम डम कही पे घुंगरू भाज रहे
भोले की दीवानी नाच रही मस्ती में दीवाने नाच रहे ||
पी के टली झूम रे कोई बिन पिए ढोंग रचावे
हरी हरी घोट के पीवे कोई भर के चिलम उड़ावे
कही पे शिव गोरा झांकी जाम कही पे लाग रहे
भोले की दीवानी नाच रही मस्ती में दीवाने नाच रहे ||
सारी दुनिया में भाजे से शिव के नाम का डंका
सभी की झोली भर देते ना इनमे कोई शंका
शीतल भी धोकर में पड़ी मेरे सिर पर तेरा हाथ रहे
भोले की दीवानी नाच रही मस्ती में दीवाने नाच रहे ||
Shrijirasik
आया सावन झूम के मियां नाचे नो नो तार
तेरे दर पे जो भी आवे हॉवे मालामाल
मुझको भी इक वर तेरा प्यार चाहिए
भोले तेरी ही मूरत का दीदार चाहिए ||
तुम्हे कब से पुकारे अब आओ डमरू वाले
जल्दी से आके मेरी बिगड़ी जल्दी बना दे बना दे
मुझको भी इक बार तेरी किरपा चाहिए
भोले तेरी ही मूरत का दीदार चाहिए ||
तेरे तन पे भभूति माथे पर देखो चंदा चंदा
भोले की जटा से बहती है देखो गंगा
मुझको भी इक वार तेरा दर्शन चाहिए
भोले तेरी ही मूरत का दीदार चाहिए ||
भागमवार धारी कारे नंदी की सवारी
भोले त्रिपुरारी है महिमा इनकी न्यारी
भक्त को इक वर तेरा साथ चाहिए
भोले तेरी ही मूरत का दीदार चाहिए ||
Shrijirasik
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥
मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥
यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥
तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥
दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥
मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।
अभी सांस चल रही है कहीं तुम चले ना जाना ॥
Shrijirasik
भोले बाबा मेरा एक काम कर दो
धुन- इक्क परदेसी मेरा दिल ले गया
भोले बाबा, मेरा एक, काम कर दो,
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ॥
डमरू, वाले बाबा मेरा, काम कर दो,
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ॥
भोले भाले... हो डमरू वाले,
भोले भाले... हो डमरू वाले ॥
कोठी आगे, हौंडा सिटी, कार खड़ी हो,
जेब मेरी, नोटों से, खचा खच भरी हो ॥
नौकरों की, लंबी सी, कतार कर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
हीरे की, अंगूठी पहनु, दोनों हाथ में,
बॉडी गार्ड, चले मेरे, साथ साथ में ॥
हीरे और, मोतियों से, झोली भर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
घर से, मैं निकलूं, बन ठन के,
मंत्री, सेल्यूट मारे, तन-तन के ॥
देश की, कमान मेरे, हाथ कर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
पोते, और पोती खेले, मेरे साथ में,
घर की, कमान हो, मेरे हाथ में ॥
ओ सारे, अरमान मेरे, पूरे करो दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
सारे, अरमान पूरे, करो ना करो,
दया वाला, हाथ मेरे, सिर पे धरो ॥
अपने, चरणों का मुझे, दास कर लो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
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