॥ राधानामस्मरणे नास्ति दुःखलेशस्य सम्भवः ॥
Ram - Energetic Bhav
राम - ऊर्जावान भाव
Bhajans (8)
Das Raghunath Ka Nand Sut Ka Sakha
bhajanदास रघुनाथ का नन्द सुत का सखा,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
सुख मिला श्री अवध और बृजवास का,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
माँ सिया ने कभी मोद मोदक दिया,
राधिका ने कभी गोद में ले लिया,
मात सत्कार में मस्त होके सदा,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
खूब ली है प्रसादी अवध राज की,
खूब जूठन मिली यार बृजराज की,
भोग मोहन चखा दूध माखन चखा,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
उस तरफ द्वार दरबान हु राज का,
इस तरफ दोस्त हु दानी सिरताज का,
घर रखता हुआ जर लुटता हुआ,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा,
कोई नर या इधर या उधर ही रहा,
कोई नर या इधर ना उधर ही रहा,
बिन्दु दोनों तरफ ले रहा है मजा,
कुछ इधर भी रहा कुछ उधर भी रहा.
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे,
Tera Dar Toh Bihari Ji
bhajanतेरा दर तो बिहारी जी,
दुखियों का सहारा है l
तेरे दर के ही टुकडो पर,
हम सबका गुजारा है ll
टूटी हुई कश्ती है,
और दूर किनारा है l
अब पार करो नैया,
हमें तेरा सहारा है ll
तेरा दर तों बिहारी जी,
दुखियों का सहारा है...
बिगड़ी हुई तकदीरे,
तेरे द्वार पे बनती है l
और कोई नही अपना,
अब तू तो हमारा है ll
तेरा दर तों बिहारी जी,
दुखियों का सहारा है...
जब भक्त बुलाते है,
दौड़े चले आते हो l
अब जाओ भगवन,
हम सबने पुकारा है ll
तेरा दर तों बिहारी जी,
दुखियों का सहारा है......
आखिर मैं तेरे दर से,
जाये तो कहाँ जाये l
तेरे द्वार बिहारी जी,
हम सबका ठिकाना है ll
तेरा दर तों बिहारी जी,
दुखियों का सहारा है.....
तेरा दर तो बिहारी जी,
दुखियों का सहारा है l
तेरे दर के ही टुकडो पर,
हम सबका गुजारा है ll
हम तेरी दया से ही,
तेरे द्वार पे आते है ।
फिर तेरी कृपा से ही,
तेरा नाम हम गाते है ।।
Bhagva Pahachan Hamari Jaan Shri Ram Hai
bhajanShrijirasik
भक्त हम बाला जी के रक्त में राम है
भगवा पहचान हमारी जान श्री राम है
अरे राम के पीछे इस नाम के पीछे
राम के पीछे पीछे चलता सारा हिंदुस्तान है
सारा हिंदुस्तान है
भक्त हम बाला जी के …..
शेर सनातन के अब ऐसे दहाड़ेंगे
चीर दुश्मन की छाती हाँ भगवा गाड़ेंगे
अरे वंश वही है अंश वही है
हम में ही श्री कृष्ण हैं बसते और हम में ही राम हैं
भक्त हम बाला जी के……
स्त्य सनातन का अब हाँ डंका बाजेगा
जाग रहा है हिंदू और भी जागेगा
सुनो हिंदुओं उठो हिंदुओं
हम है परशुराम का परसा
हम में परशुराम हैं
भक्त हम बाला जी के……
प्रकाश के शब्दों से खुशी गुणगान करे
जितना गुणगान करे वो राम का नाम करे
देश हमारा हो सबसे प्यारा
विश्व गुरु अब बनेगा भारत
इसमें हमारी शान है
भक्त हम बाला जी के……
Maiya Ri Maiya Ek Khilona Chhota Sa Dilva De
bhajanShrijirasik
मईया री मईया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे,
चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,
बोले राम राम राम बोले राम राम राम
सुन मइयां सुन मइयां मुझे एक खिलौना दिलवादे,
बोले राम राम राम
ना मैं चाहू हाथी घोड़ा ना कोई बाजे वाला,.
मुझको तो बस आज दिलादे दादा सोनटे वाला
बटन दबाते ही वो झट से अपनी पूछ घुमावे,
चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,
बोले राम राम राम ... बोले राम राम राम
श्री उत्तरमुखी बालाजी मेरा मेरे मन वस जाए,
संकट पकड़े उन्हें नचावे मस्ती में खो जाए
संकट उनके दर पर झूमे चीखें और चिल्लाए
दादा मेरा सोंटे मारे एक ही रटन लगावे,
बोले राम राम राम।बोले राम रामराम
श्री उत्तरमुखी बालाजी को अपना आज बना लूं
प्रकाश महंत से मिलकर मैया अपना भाग जगा लूं
देर करो मत अब मेरी मइयां जल्दी से मिलवा दे,
चाभी भर कर जब मैं छोड़ू तो एक ही रटन लगावे,
बोले राम राम राम बोले राम राम राम
Jihna Peete Ne Pyale Hari Naam De
bhajanShrijirasik
जिहना पीते ने प्याले हरि नाम दे,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया धन्ने भगत नू,
उन्हे पथरा चो श्याम नू पाया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया मीरा बाई नू,
उन्हे जहरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया भीलनी माई नू,
उन्हे बेरा चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
ए रंग चढ़ेया द्रौपता माई नू,
उन्हा साड़िया चो श्याम नू पा लेया,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे,
किती जिंदगी तेरे हवाले,
उन्हा नू रंग चढ़े रेहनगे........
Pyare Thakur Padhare Mere Angana
bhajanShrijirasik
पावन शुभ दिन है आया,आनंद उत्सव घर छाया,
हिवड़े मन मोद समाया, लागे सभी को मनभावना,
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
१. स्वागत करांला इनकी पलक बिछाकर के जी.. पलक बिछाकर..
बाट जोई थी जिनकी,आस लगाकरके जी,आस लगाकर
धन हुए भाग्य हमारे, मिट गए दुखड़े सारे,
चमके जीवन के सितारे, बाकी नहीं कुछ कामना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
२. आंगन में सुंदर सुंदर आसन लगवायाजी हो..आसन लगवाया...
दिल के भावों से इनको खूब सजाया जी हो...खूब सजाया...
बैठे मनमोहन प्यारे,आंखों के बन के तारे,
झूमे नर नारी सारे, मन को करे हैं लुभावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
३. सोहनी सूरत इनकी लागे अति प्यारी जी हो ...लागे अति प्यारी...
प्रिया प्रियतम की छवि पर जाएं बलिहारी जी हो.. जाएं बलिहारी...
देखूं तो मन हरषावे,नैनन में रूप समावे,
दूजो ना कोई भावे,लागे प्यारे से हमको पावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना...
४. कंचन के दीप जलाकर आरती गाओ जी हो... आरती गाओ...
सेवा में चंवर डुलाकर, भोग लगाओ जी हो...भोग लगाओ..
सर्वेश्वर मंडल गावे, चरणों में बलि बलि जावे,
आनंद का पार न पावे, उत्सव मनावे सुहावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
पावन शुभ दिन है आया, आनंद उत्सव घर छाया, हिवडे मन मोद समाया, लागे सभी को मन भावना...
प्यारे ठाकुर पधारे मेरे आंगना..
Chanda Chhup Ja Re Badal Me Ram Sang Holi Khelungi
bhajanShrijirasik
चंदा छुप जा रे बादल में राम संग होली खेलूंगी,
होली खेलूंगी राम संग होली खेलूंगी…..
तातो सा पानी सिलो रे उबटनो राम को नहलाऊंगी,
राम को नहलाऊंगी अरे भगवान को नहलाऊंगी…..
पात पीताम्बर ध्वजा धोवति राम को पहनाऊँगी,
राम को पहनाऊँगी अरे भगवान को नहलाऊंगी…..
घिस घिस चन्दन भरी रे कटोरी तिलक लगाउंगी,
तिलक लगाउंगी अरे में माला पहनाऊँगी……
छप्पन भोग छतीसो तैयारी भोग लगाउंगी,
भोग लगाउंगी अरे में राम को जिमाउंगी….
सोने की थाली गंगा जल पानी राम को पिलाऊंगी,
राम को पिलाऊंगी अरे श्री राम को पिलाऊंगी……
Shri Ram Janki Baithe Hai
bhajanShrijirasik
नहीं चलाओ बाण व्यंग के ऐह विभीषण
ताना ना सेह पाऊं, क्यों तोड़ी है यह माला,
तुझे ए लंकापति बतलाऊं
मुझ में भी है तुझ में भी है, सब में है समझाऊं
ऐ लंका पति विभीषण ले देख मैं तुझ को आज दिखाऊं
- जय श्री राम -
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में,
देख लो मेरे मन के नागिनें में ।
मुझ को कीर्ति न वैभव न यश चाहिए,
राम के नाम का मुझ को रस चाहिए ।
सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
अनमोल कोई भी चीज मेरे काम की नहीं
दिखती अगर उसमे छवि सिया राम की नहीं
राम रसिया हूँ मैं, राम सुमिरन करू,
सिया राम का सदा ही मै चिंतन करू ।
सच्चा आंनंद है ऐसे जीने में श्री राम,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
फाड़ सीना हैं सब को यह दिखला दिया,
भक्ति में हैं मस्ती बेधड़क दिखला दिया ।
कोई मस्ती ना सागर मीने में,
श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥
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