॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe Krishna - Energetic Bhav
राधे कृष्ण - ऊर्जावान भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
आज मारग में ठाड़ो सांवरिया, बची रहियो गुजरिया, बची रहियो गुजरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया।
मत जईयो जल भरने अकेली, मत जईयो जल भरने अकेली, जल भरने अकेली, जल भरने अकेली, तेरी फोड़ेगो जल की गगरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
फागुन में या ये कछु नहीं सूझे, फागुन में या ये कछु नहीं सूझे, या ये कछु नहीं सूझे, या ये कछु नहीं सूझे, तेरी रंग देगो सुरंग चुनरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
सुन री सखी वाके चितवन में टोना, सुन री सखी वाके चितवन में टोना, वाके चितवन में टोना, वाके चितवन में टोना, करे रखियो तू नीची नजरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
'चित्र विचित्र' सी हो जाएगी, 'चित्र विचित्र' सी हो जाएगी, अरी हो जाएगी, अरी हो जाएगी, बनके पागल बितइयो उमरिया, बची रहियो गुजरिया, आज मारग में ठाडो साँवरिया, बची रहियो गुजरिया ।
आज मारग में ठाड़ो सांवरिया, बची रहियो गुजरिया,
बची रहियो गुजरिया
Shrijirasik
कहां जाओगे बांके बिहारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ।
आगे आगे हैं बांके बिहारी,
पीछे पीछे है राधा गोरी ।
जाने दूंगी ना तुमको मुरारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
इक तरफ तो है राधा की टोली,
दूजी और तो काहना की टोली ।
यहाँ दो दो चलेंगी पिचकारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
गर भागोगे जाने ना दूंगी,
गलिओं में तुम्हे घेर लुंगी ।
तेरे गुल्चे पे मारू पिचकारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
पीताम्बर तेरा छीन लुंगी,
साड़ी मैं तुझे पह्नाउंगी ।
तुझे नर से बना दूंगी नारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥
Shrijirasik
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
चुनरी की छोर बचा कर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों …..
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मारों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
मेरी बिंदिया की चमक बचाकर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
Shrijirasik
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
ये केहता कृष्ण मुरारी है,
राधा संग सखियाँ सारी है होली में उड़े रंग भारी है,
कोई गोई कोई काली है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
बीगी अंगियां बीगी साडी मारेगा न जब पिचकारी,
होरी मदन म्न्वारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
रंग अबीर गुलाल उडावे श्यामा सब को मस्त बनावे,
नागर भी बलहारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
Shrijirasik
आयो होली आयो होली रे
गोपियाँ सब झूम रही है यमुना के तट घूम रही है
नीला पीला जग हुआ है देखि माहरो मन हरश्ये,
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
मारे कनक पिचकारी तो राधा की भीगे रे चुनरिया
गाल पे देखो गुलाल लगाये तो मुस्काये गुजरिया
मुरली की तान छेड़े कान्हा गईया भी निकली घर से
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
गोकुल की हर गली गली में धूम मची है आज जी
मस्ती में सब गोप गोपियाँ झूमे सकल समाज जी
द्रिष्ट अद्भुत प्यारा लागे देख के देवता भी हरशे
राधा श्याम संग खेले होली आज धरती पे रंग बरसे
Shrijirasik
ब्रिज में होली खेल रहे है राधा कृष्ण मुरारी
रुत नाचन की आई रुत नाचन की आई,
ओ जुल्मी कन्हियाँ तेरी नित्यात लागे खोटी,
आती जाती पंहारन ने करदे लाल गुलाबी,
चुपके चुपके गेड़ा देवे नजर टिकावे खारी,
रुत नाचण की आई...
सखी सहेली राधा संग नाहा के खेले होली,
होली गावे चंग भजावे काली पीली होली,
अविर गुलाल खूब उड़ावे धरती पिली होली,
रुत नाचण की आई...
सखी सहेली गबराई देख के तोलो भरी,
मोको मिल जियो कान्हा ने भर पिचकारी मारी,
पानी की अब भोषारा में अँगियां गीली होई,
रुत नाचण की आई
मत ना छेड़े कान्हा देखे दुनिया सारी,
लाज शर्म चली गई तो फीकी हो जाये होली,
छोड़ कन्हैया मोरी कलाइयां मैं तो तोसे हारी,
रुत नाचण की आई
मंद मंद कान्हा मुश्कावे नैना चालकिटारी,
नैनो की अब भाषा समजी राधा जपतु मारी,
आगे आगे राधा बागी पीछे कृष्ण मुरारी,
रुत नाचण की आई
बरसाने की गली गली में धूम मची है भारी,
हारे रामा हारे कृष्णा सजन जय जय कारब होली,
दीपा राधे श्याम मिलादे ब्रिज में खेले होली,
रुत नाचण की आई
Shrijirasik
असां खेलनी ए होली तेरे नाल, वृन्दावन रेहन वालेया
वृन्दावन रेहन वालेया, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
थक गए खेल खेल जग नाल होलियाँ
हरे पीले रंगा दिया घाघरा ने घोलिया
रघ उतर गया नालो नाल, वृन्दावा रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
रंग गए सारे गोप गवाले
रह गए बेचारे तेरे प्यारे
सुक्के रह गए असी मंदे हाल, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
रंग गुलाल भावे खेल फूल होली
खेल लड्ड़ु होली भावे खेल लठ्ठ होली
भावे खेल तू मख्खणं दे थाल, वृन्दावन रेहन वालेया
असां खेलनी ए होली तेरे नाल...
Shrijirasik
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले……
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मैंने हाथ लई पिचकारी है श्री राधे,
मेरी पूरी त्यारी है साँवरिया,
करू रंगों....
करू रंगों की बौछार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मेरे लठ हाथ में भारी है साँवरिया,
तू पतली सी एक नारी है श्री राधे,
तो पे बहुत....
तो पे बहुत पड़ेगी मार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया.....
आगे आजा दीवानी तू श्री राधे,
ना कर इतनी मनमानी तू साँवरिया,
काहे इतनी....
काहे इतनी करे तकरार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे......
कहे भूलन कैसा मेल बना साँवरिया,
होली का अदभुत खेल बना श्री राधे,
है सबसे....
है सबसे ऊँचा प्यार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे.....
Shrijirasik
मेरे श्याम बड़े अलबेले राधे रानी संग होली खेले,
सखियाँ संग होरी खेले ग्वाल बालो के संग होली खेले,
निधिवन में ये रास रचाये कान्हा मुरली मधुर भजाये,
गोकुल की गलियां में खेले बरसाने में लगते मेले,
वृद्धावन में होली खेले ग्वाल बालो संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
पिचकारी से रंग जो डाले मिट जायेगे दुःख तेरे सारे,
प्रेम के रंग में रंगने आये कान्हा राधा संग आये,
ब्रिज धाम में होली खेले ग्वाल बालो संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
मैया यशोदा के हो दुलारे नन्द के लाला सबके प्यारे ,
करुणा मई मेरे कान्हा तुम्हको तेरा बेटा गोल्डी पुकारे,
राजू प्रिंस को अपनी शरण ले ग्वाल बालो के संग होली खेले,
मेरे श्याम बड़े अलबेले
Shrijirasik
ओ म्हने फागण महीने बृज में, बुला ले नी म्हारा सांवरिया,
बुला ले नी म्हारा सांवरिया ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी,
ओ म्हने मथुरा में होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
म्हने ग्वाला संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
ओ म्हने थारा संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
ओ म्हने राधा संग होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
ओ म्हने गिरधर संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
Shrijirasik
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
राधा तू न खेलेगी तो खेलेगा कौन,
होली राधा बार बार न आये तेरे बिना कोई रंग भी न भाये,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिगोई मेरी चोली श्याम तू भर पिचकारी,
रंगो में रंग देगा सूरत मेरी करदे काली,
अब की बारी न खेलु मैं काट रही फोन,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिन रंगो के राधा कैसे मनेगी होली,
तेरे बिन मजा ना आये बरसाने की छोरी,
पूरी बात तो सुन ले क्यों काट रही फ़ोन
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
श्याम का पहुंचे बरसाने ले कर ग्वालोको संग,
सरे मिल खेले होली होली हे मिल गई रंग में रंग,
फूलो की वर्षा भी लागि हों
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन लल
Shrijirasik
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता पत्ता श्याम बोलदा ।
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता पत्ता श्याम बोलता ॥
कली कली मैं महक उसी की,
हर पक्षी मैं चहक उसी की ।
नाचे मोरे कोकें, कोयलिया कारी,
के पत्ता पत्ता श्याम बोलदा ॥
राधा नाम का खिल गया उपवन,
महक उठा सारा वृन्दावन ।
गूंजे गली गली में शोर भारी,
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता ॥
प्रेम के जल से सिंची ये बगिया,
महके ग्वाले महकीं सखिया
सब रसिकन को लागी हैं प्यारी,
के पत्ता पत्ता श्याम बोलदा ॥
‘चित्र विचित्र’ छाई हरियाली,
फिरत राधा संग बनवारी
ऐसी पागल की बगिया है न्यारी
के पत्ता पत्ता श्याम बोलदा ॥
Shrijirasik
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
झूम जाता है मेरा दिल झूम जाता है,
कन्हैया तुम को देख के दिल झूम जाता है.....
बांकी अदाएं चैन चुराए,
बांकी अदाएं चैन चुराए,
तेरी प्यारी बतिया मन को लुभाये,
मेरे हमदम तू हरपाल याद आता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है......
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
कैसा ये रिश्ता हमारा तुम्हारा,
अपना समझ के जब भी पुकारा,
चेहरा आँखों के आगे घूम जाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.....
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाने की कला जानते हो,
दीवाना बनाकर ही मानते हो,
बनवारी दिल से तेरे गीत गाता है,
कन्हैया तुमको देख के दिल झूम जाता है.......
Shrijirasik
मैं तो चली रे पिया के देश,
हो मै तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
पिया मिलन को तरस रही थी,
छम छम अंखिया बरस रही थी,
है धर जोगन का भेष,
मै तो चली रे पिया के देश.....
बीते दिवस कई बीती रतिया,
मन की कहूंगी उनसे सारी बतिया,
हो लागि क्या क्या मन को ठेस,
मै तो चली रे पिया के देश.......
आया बुलावा मेरे पिया का,
मन उपवन हरषाये जीया का,
हो छाया आनंद मन में विशेष,
मै तो चली रे पिया के देश.......
चित्र विचित्र आई बेला मिलन की,
दुल्हन बनुगी में तो सांवरे सजन की,
अब क्या रह गया शेष,
मै तो चली रे पिया के देश......
मै तो चली रे पिया के देश,
हो मैं तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
Shrijirasik
मधुबन में झूला झूल रहे, राधेश्याम मदन मुरारी,
राधे श्याम मदन मुरारी राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
मोर मुकुट कानों में कुंडल,
रूप निहारत सब ब्रजमंडल,
दर्शन कर सुद्ध बुद्ध भूल रहे, राधे संग कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
खड़ा मनसुखा लेकर सोटा,
सखियां दे रही लंबे झोटा,
अंबर में बादल झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
कूक रही है कोयल काली,
लता पता छाई हरियाली,
बागों में कलियां महक रही, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
प्रेमी ब्रिज लागे मनभावन,
रिमझिम रिमझिम बरसे सावन,
सब गोपी ग्वाला झूम रहे, राधे श्याम कुंज बिहारी,
मधुबन में झूला झूल रहे.....
Shrijirasik
ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,
तू काला होकर भी जग से निराला क्यों.....
मैंने काली रात को जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
मेरी कमली भी काली है,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का दिल काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
मैंने काली नाग पर नाच किया,
और काली नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.......
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
आहा माखन मिशरी खाए जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
आहा ठंडा पानी पी जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
आहा काली कंबलिया ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.....
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी
आहा मोर का पंखा ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी
आहा मखमली गद्दे पे सो जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
Shrijirasik
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे....
वृंदावन ब्रज की राजधानी,
यहाँ बसे ठाकुर ठकुरानी,
मधुर मिलन की साक्षी देते,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
पूण्य प्रेम रस में आत्मा भिगोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
कृष्ण राधिका एक है,
इनमे अंतर नाही,
राधे को आराध लो,
कृष्णा तभी मिल जाए,
प्रथक प्रथक कभी इनको ना तोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे........
Shrijirasik
नखरालो साँवरियो,
राधा पर जादू कर ग्यो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
गौरी गौरी राधे रानी,
सांवरियो है कारो,
कारे ने गोरी पे देखो,
कैसो जादू डारो,
कारो कारो साँवरियो,
राधा पर कामण कर गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
इत् ठाड़े श्री कृष्ण कन्हैया,
उत वृषभानु दुलारी,
बोल रही कान्हाँ से राधा,
मत मारो पिचकारी,
रंग रसियो साँवरियो,
राधा के रंग रच गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में,
शोर मच्यों है भारी,
संजू राधा के हिवड़े में,
बस गए श्याम बिहारी,
मन बसियो साँवरियो,
राधा के मन बस गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
Shrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Shrijirasik
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा......
इस बांके का सब कुछ बांका,
इस बांके का सब कुछ बांका,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.....
बांके है नन्द बाबा और यशुमति,
बांकी घडी जमने है बिहारी,
बांके कन्हैया के बांके है भ्रात,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
लड़ाके बड़े हल मूसल धारी,
बांकी मिली दुलहन जगवंदन,
और बांके गोपाल के बांके पुजारी,
भक्तन दर्शन देन के कारण,
झांके झरोखा में बांके बिहारी,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा....
बांकी पागचंद्रिका तापर,
और बांका तुर्रा ररक रहा है,
गरसिरपेच माल और बांकी,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके की पटकी चटक अहा है,
बांके नैन सेन सर बांके,
बेन बिनोद महा है,
बांके की बांकी झांकी कर,
बाकी रहयो कहा है,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
ये टेड़े सो प्रसन्न, टेडी बातन सो अति प्रसन,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे के,
टेड़े टेड़े लक्षण अनेक कान कारे केm
हम सो टेंडाई भूल मत करियो कोई,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
हम है उपासी एक टेडी टांग वाले के,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
रसिया की छलिया की,
सजना की सईया की,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा.......
टेड़े टिपारे कटारे किरीट की,
मांग की पाग की धारि की जय जय,
कुंडल जाये कपोलन पे,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
मुस्कानहु धीर प्रहारी की जय जय,
राजेश्वरी दिन रात रटो,
यही मोहन की बनवारी की जय जय,
प्रेम ते बोलो जी बोलत डोलो,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
बोलो श्री बांके बिहारी की जय जय,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मै तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा,
मैं तो बांके की बांकी बन गई,
और बांका बन गया मेरा............
Shrijirasik
बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो......
आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
सखी बादल गरजत बिजुरी संग, ओ घन बरसत है घनघोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
कहे वन वन पड़यो हिंडोरना, कैसे पवन चले झकझोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा होले होले देवे सांवरा, झूले कुंवर किशोरी सिर मोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा देय सखिरी सब गाय रही, नाचे मोर पपिहा करे शोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झूलत गल बैयां डाल के, वरुणेश निरख़ तिन्ही और,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
Shrijirasik
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सर पर कलगी पंख रंगीले -2
नैन नसीले होंठ रसीले -2
ताल बजावे नाचे गावें ,खूब मचावे छोर।
आजु सखी-जय हो -2
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
अगर कोई पकड़े हाथ न आवे -2
कुञ्ज निकुंञ्जों में छिप जावे -2
देख मोर की लीला सखियन -2 ह्वै गयी भाव विभोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
देख मोर का नाच किशोरी -2
नाच उठी राधा रसभोरि -2
मिले परस्पर चाँद चकोरी -2 मिल गयी नैनन कोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
मोर लियो बाहों में राधा -2
बंसीधर धरा रूप अगाधा -2
राधा दरस कर मिट गयी तड़पन -2 ‘‘मधुप’’ हरी चितचोर।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर। - 4
बोलो मोर बिहारी लाल की जय।
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
ढफ बाजे कुंवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
कैसी ये संग सखी रंग भीनी,
सखी रंग भीनी,
छैल छबीली गोरी के,
छैल छबीली गोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
हो हो कही मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
प्रीतम के चितचोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
वृंदावन हित रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
कर ढफ बाजत होरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
Shrijirasik
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
भोर होत मेहलन में थारी,
सेवा में निस जाऊं,
मंगला के नित दर्शन पाऊं,
जीवन सफल बनाऊं,
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
पड़ी रहू मैं द्वार तिहारे,
रसिकन दर्शन पाऊं,
भक्तन की रज धूलि मिले तो,
अपने शीश चढाउँ,
किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो,
लाड़ली द्वारे रख लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
भूख लगे तो ब्रजवासिन के,
टूक मांग के खाऊं,
कबहु प्रसादी श्री महलन की,
कृपा होए तो पाऊं,
किशोरी मेरी विनय मान लीजो,
लाडली विनय मान लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे राधे रटूं निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
श्यामा श्यामा रटु निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
तेरे ही गुण गाए गाए मैं,
तेरी ही होय जाऊं,
किशोरी मोहे अपनों कर लीजो,
लाड़ली अपनों कर लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
Shrijirasik
ले लेकर के राधा नाम मेरा मन झूम रहा
मेरा मन झूम रहा , मेरा मन झूम रहा
1. जब जब लाडो तेरे बरसाना आऊं -2
ऊंची अटा..री के दर्शन पाऊं -2
और जाऊं मैं बलिहार मेरा मन झूम रहा..
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
2 .मंगला दर्शन मैं भी करूंगी -2
सोहनी सेवा मैं भी करुगी -2
इतना करना उपकार मेरा मन झूम रहा...
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
3.परिक्रमा में दौड़ी जाऊं -2
थक के राधा नाम जो गाऊ -2
तब मिले संत हर बार मेरा मन झूम रहा...
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
4. चरण कमल की सेवा दीजो -2
करुणा मई करुणा कर दीजो -2
' दृष्टि' की सुनो पुकार मेरा मन झूम रहा
दासी की सुनो पुकार मेरा मन
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
Shrijirasik
नाम मेरी राधा रानी का जिस जिस ने गाया है,
बांके बिहारी ने उसे अपना बनाया है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
नाम मेरी राधा रानी का, सदा देता सहारा है,
तू भी एक बार जप ले, यह नाम बड़ा प्यारा है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम वाली, फेरी जिसने माला है,
उस पर रीझ गया, मेरा मुरली वाला है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम का तो, हुआ पागल जमाना है,
प्यारा तीनों लोको से, श्री जी का बरसाना है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम वाली चढ़ गई हमें मस्ती है,
‘चित्र विचित्र’ पे कृपा राधा रानी की बरसती है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
Shrijirasik
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
तुझसे बनकर तुझमें एक दिन मिट जाऊँगी
तेरी प्रीत में अपनी हर धड़कन बिसराऊँगी
बस एक झलक पाके जाग ये तर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
जग त्याग भी जाये मुझको
बस तुम मुझको अपनाना
तुझको मैं कैसे रिझाऊँ
खुद आपने भेद बताना
तेरे एक इशारे पे सब कुछ कर जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
रोम रोम खिले नाम से जिसके
प्रेम करे जो कान्हा हो उसके
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
मैं प्रेम दीवानी तेरी
मेरे सखा भी तुम बन जाना
जब कस्ट सताये मुझको
मुझे अपने संग बिठाना
तू मेरा है बस मैं सबको बतलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
मैं तो नाम तेरे ही हो जाऊँगी
कान्हा तेरी दीवानी कहलाऊँगी
Shrijirasik
तू सुमिरन कर राधे राधे, तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे ।
राधा के पीछे श्याम स्वं तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥
श्री राधे राधे राधे बोलो श्री राधे ।
राधा बिन सूना सांवरिया,
राधा बिन फीकी बाँसुरिया ।
राधा बिन भक्ति रस ही नहीं,
हम राधा के गुण गायेंगे ॥
ब्रजमंडल की गरिमा राधा,
राधा बिन प्रेम शब्द आधा ।
कितना भी कृष्ण का ध्यान धरो,
बिन राधा याद आयंगे ॥
ब्रजवास यदि तुम चाहोगे,
तो राधे राधे गाओ रे ।
श्री राधे कृपा जो कर देंगी,
तो कृष्ण तुम्हे अपनाएंगे ॥
Shrijirasik
ऐसो चटक मटक सो ठाकुर, तीनो लोकोनहु में नाहे
तीन ठौर ते टेढ़ो दिखे
नट किसी चलगत यह सीखे
टेढ़े नैन चलावे तीखे
सब देवन को देव
तोउ ये ब्रज में घेरे गाये
ब्रह्मा मोह कियो पछतायो
दर्शन को शिव ब्रज में आयो
मान इन्द्र को दूर भगाओ
ऐसो वैभव वारो, तोउ ये ब्रज में गारी खाए
बड़े बड़े असुरन को मारयो
नाग कालिया पकड़ पछड़ेओ
सात दिना तक गिरिवर धारयो
ऐसो बलि तौऊ खेलत में ग्वालन पे पिट जाए
रूप छबीलो है ब्रज सुन्दर
बिना बुलाए डोले घर घर
प्रेमी ब्रज गोपिन को चाकर
ऐसो प्रेम बडेओ माखन की चोरी करवे जाए
Shrijirasik
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
लेकर संग में सखी सहेली
बन कर के मैं नई नवेली
ओह्ड़े चुनरिया लाल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
जोडू हाथ पडू तोरे पईया ले चल मुझको कदम की छईया
मिला ताल से ताल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
चडी रास की मुझे खुमारी गाये ज्योति लिखे अनाडी
नए नए शब्द कमाल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
Shrijirasik
मीठे रस से भरीयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गोरी गोरी,
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी,
ब्रजधाम राधा जु की,
रजधानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
ना भावे अब माखन मिसरी,
और ना कोई मिठाई,
जीबड़या ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई,
वृषभानु की लली तो,
गुड़धानी लागे,
गुड़धानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
कान्हा नित मुरली मे टेरे,
सुमरे बारम्बार,
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार,
राधा रूप की अनोखी,
पटरानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
राधा राधा नाम रटत है,
जो नर आठों याम,
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम,
राधा नाम मे सफल,
जिंदगानी लागे,
जिंदगानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
मीठे रस से भरयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
Shrijirasik
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही……
Shrijirasik
गोपाल लाल झूमे वृंदावन में आज
चलो चलो सखी चलो चलो सखी
देख आवे रास बिहार
छुम छुम छनन छनन घूंघुर बाजे
घूम घूम घनन घनन मेघा गाजे
तुम तुम तनन तनन मोहन नाचे
झूम झूम झनन झनन मोह लिये सारे
गोपाल लाल झूमे वृंदावन में आज,
चलो चलो सखी चलो चलो सखी,
देख आवे रास बिहार,
जब आई प्यारी भानु दुलारी
ओ मोहन भूले रे गतिविधि
सारी भूले रे गतिविधि
हमारे माई श्यामा जू को राज
जाके अधीन सदा ही सांवरो
या ब्रज को सिरताज
हमारे माई श्यामा जू को राज
गोपाल लाल झूमे वृंदावन में आज
चलो चलो सखी चलो चलो सखी
देख आवे रास बिहार
Shrijirasik
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
प्यारी झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
Shrijirasik
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
Shrijirasik
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
यमुना जी का निर्मल पानी
शीतल करत शरीर
शीतल करत शरीर
बंसी बजावत गावत कान्हो
संग लियो बलवीर
संग लियो बलवीर
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे गल वैजयन्ती माल
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
वृन्दावन के वृक्ष को प्यारे
वृक्ष न माने कोय
वृक्ष न माने कोय
डाल डाल और पात-पात
श्री राधे राधे होय
राधे राधे होय
बृज की माटी माथे लगाकर
मिल गए मुझको श्याम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा रमण मेरे बांके विहारी
श्री राधा बल्लभ लाल
राधा बल्लभ लाल
जुगल किशोरी जू मदन मोहन जू
प्यारे गोपीनाथ, प्यारे गोपीनाथ
रूप गोस्वामी प्रकट कियो जहां
गोविन्द रूप निधान
वृन्दावन की सप्त निधिन को
करते है हम प्रणाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
राधा राधा रटते रटते तन से निकले प्राण
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
मेरो मन लाग्यो श्री वृन्दावन धाम
Shrijirasik
हमारे दो ही रिश्तेदार,
एक हमारी राधा रानी,
दूजे बांके बिहारी सरकार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
सेठ हमारे बांके बिहारी,
सेठानी वृशभानु दुलारी,
जो कोई जपता राधे राधे,
वो हो जाये भव से पार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
ममतामयी है राधिका रानी,
हर बात श्याम ने इनकी मानी,
राधा नाम की जड़ी बूटी से ,
होते यहां उपचार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
न कोई चिंता न कोई टेंशन,
राधा नाम है दिल मे मेंशन,
भरी सभा मे कह सकते है,
आई लव यू सरकार ,
हमारे दो ही रिश्तेदार
चाहे जो आनन्द में रहना
मान लो कनिष्क का कहा
हर पल है आनन्द बरसता
अनोखा है ये दरबार
हमारे दो ही रिश्तेदार
Shrijirasik
एरी मोह लियो नंद कुमार
मोह, लियो, नंद कुमार,
हमारी, प्यारी राधा / श्री जी ने ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ॥
मोह, लियो, नंद कुमार...
घर घर, घुस के, माखन खावे ।
चोरी, करे चित्त, नैन चुरावे ॥
वो तो, छलिया, नंद्र कुमार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
सखान, संग नित्त, बृज में डोले ।
बिन, बोले, इत्त-उत्त ही डोले ॥
वो तो, नट खटिया, सरकार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
भोर, होत, गईयाँ को चरावे ।
कदम, बृक्ष पर, बंसी बजावे ॥
वो तो, बृज मंडल, रखवार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
बड़े, बड़े, असुरन को मारियो ।
नाग, कालिया, पटक पछाड़ियो ॥
नख पे, गिरवर, लीनो धार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
जय जय श्री राधे
कान्हा की मैं तो दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना,
कान्हा दीवाना मेरा बड़ा मस्ताना,
मैया यशोदा का राज दुलारा,
मोर मुकट लागे सिर पर प्यारा,
दुनिया है इसकी दीवानी रे,
मेरा कान्हा दीवाना
कान्हा पे मरती है सारी सखाये,
पर कान्हा को भाहति है मेरी अदाएं,
चाहे कोई ये न माने रे,
मेरा कान्हा दीवाना
यमुना के तट पे ये रास रचाये,
मुरली की धुनि पे ये सब को नचाये,
प्रेम का छेड़े ये तरना रे,
मेरा कान्हा दीवाना
दीपक है कान्हा का दीवाना,
झूम झूम गाये बस तेरा ही तराना,
सारे जगत ने ये मन रे,
मेरा कान्हा दीवाना
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरी नाम की मस्ती अनोखी है,
पी करके हमने देखी हैं,
सब चिंताओं को छोड़ के अब,
मस्ती में रहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
पीकर के आनंद आता है,
यह झूठा जग नहीं भाता है,
तुम भी थोड़ी सी पिया करो,
यह सब से कहना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम में चूर जो रहते हैं,
माया से दूर वो रहते हैं,
हरी याद रहे हर पल हमको,
प्रभु नाम को जपना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
कहना यह चित्र-विचित्र का है,
मुश्किल से मिलता मौका है,
हरि नाम के पागल बन जाओ,
सब को समझाना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
हरि नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
आनंद में जीना सीख लिया,
प्रभु प्रेम प्याला सत्संग में,
जाकर के पीना सीख लिया,
हरी नाम के रस को पी पीकर,
आनंद में जीना सीख लिया ॥
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
जब मेरा कान्हा माखन खावे मैं मिश्री बन जाऊ,
मिश्री बनके मैं कान्हा के माखन में मिल जाऊ,
माखन बन जाउंगी मैं माखन बन जाउंगी,
कान्हा की....,
जब मेरा कान्हा गैया चराये मैं ग्वालियन बन जाऊ,
ग्वालियन बनके मैं कान्हा से संग में गैया चराऊ,
ग्वालियन बन जाउंगी मैं ग्वालियन बन जाउंगी,
कान्हा की....
जब मेरा कान्हा होली खेले मैं राधा बन जाऊ,
राधा बनके मैं कान्हा से संग में होली खेलउ,
राधा बन जाउंगी मैं राधा बन जाउंगी,
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधा रानी का,
कोई नन्दलाल कहता है कोई गोपाल कहता है,
कोई कहता कन्हिया है कोई बंसी बजैया है,
नाम बदल के रख डाला उस कृष्ण मुरारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
सभी को कहते देखा है बड़ी सरकार है राधे,
लगे गा पार भव से कहे जो एक बार राधे,।
बड़ा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
तमाशा एक देखा ज़रा बनवारी सुन ले,
राधा से मिलने खातिर कन्हैया बेश बदले,
कभी तो चूड़ी वाले का कभी पुजारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,
नैनन में श्याम समाए गौ मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ
नैनन में श्याम समाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ।
लुट जाउंगी श्याम तेरी लटकन पे,
बिक जाउंगी लाल तेरी मटकन पे ।
मोहे गैल गिरारे पाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
मर जाउंगी कान्हा तेरे अधरन पे,
मिट जाउंगी श्याम तेरे नैनन पे ।
वो तो तिरछी नज़र चलाए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
बलिहारी कुंवर तेरी अलकन पे,
तेरे बेसर की मोती झलकन पे ।
सपने में कहा बतराए गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
पागल को है प्यारो वो नंदलाला,
दीवाना भए है जाके सब ग्वाला ।
वो तो मधुर मधुर मुस्काये गौ,
मोहे प्रेम का रोग लगाए गौ ॥
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
ब्रजभूमि में पांव धरत ही 2
तन मन बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
गोवर्धन की रज रज यमुना
कण कण बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
पशु पक्षी और तरु लताएं
हर डाल डाल बोले राधा राधा राधा
तन मन धन सब तुमको अर्पण
हर श्वास श्वास बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती है दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
किसी को चाड रहा नशा जगत का
किसी को नाम की मस्ती
खूब पियो जिसे जो पीना हो
हम पिएँगे वृंदावन की लस्सी
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई कहे नया साल है आया
कोई कहे हॅपी न्यू एअर
हम पहुंचे सदगुरु की कृपा से
अपने मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम सब आगाय श्री वृंदावन
हम पहुचे मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई तो जावे देश विदेशन
कोई हिल स्टेशन
बड़े भागी अपने को मानो
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में
मारी तान के ऐसी मोपे पिचकारी
मेरो भीजो तन को चीर,
मैं क्या करूँ होरी में
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
मेरो पीछा ना छोरे होली मेी,
ओह एक नंद गाओ को अहीर,
में का करू सजनी होली में,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
ए रंग डारी चुनर कोरी रे,
मेरे भर गयो नैनन अबीर,
में का करू सजनी होली में,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
राधाजी की सब सखियां संग
लीला भाई यमुना के तीर,
मैं करूँ सजनी होरी में
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में
श्याम चंदा है श्यामा चकोरी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
श्याम रसिया है राधा रसीली,
श्याम चंचल है राधा शरमीली,
श्याम नटखट है राधा है भोली,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
कृष्ण राधा है रास की वो धारा,
जिसमे दूभा संसार सारा,
चिर जीवी ये दोनों की जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
दोनों में प्रेम इतना है जयदा,
राधा मोहन और मोहन है राधा,
मधु दोनों एक प्रेम जोड़ी,
बड़ी सूंदर है दोनों की जोड़ी
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