॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe - Energetic Bhav
राधे - ऊर्जावान भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
चुनरी की छोर बचा कर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों …..
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मारों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
मेरी बिंदिया की चमक बचाकर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
Shrijirasik
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
ये केहता कृष्ण मुरारी है,
राधा संग सखियाँ सारी है होली में उड़े रंग भारी है,
कोई गोई कोई काली है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
बीगी अंगियां बीगी साडी मारेगा न जब पिचकारी,
होरी मदन म्न्वारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
रंग अबीर गुलाल उडावे श्यामा सब को मस्त बनावे,
नागर भी बलहारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
Shrijirasik
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले……
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मैंने हाथ लई पिचकारी है श्री राधे,
मेरी पूरी त्यारी है साँवरिया,
करू रंगों....
करू रंगों की बौछार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मेरे लठ हाथ में भारी है साँवरिया,
तू पतली सी एक नारी है श्री राधे,
तो पे बहुत....
तो पे बहुत पड़ेगी मार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया.....
आगे आजा दीवानी तू श्री राधे,
ना कर इतनी मनमानी तू साँवरिया,
काहे इतनी....
काहे इतनी करे तकरार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे......
कहे भूलन कैसा मेल बना साँवरिया,
होली का अदभुत खेल बना श्री राधे,
है सबसे....
है सबसे ऊँचा प्यार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे.....
Shrijirasik
ओ म्हने फागण महीने बृज में, बुला ले नी म्हारा सांवरिया,
बुला ले नी म्हारा सांवरिया ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी,
ओ म्हने मथुरा में होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
म्हने ग्वाला संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
ओ म्हने थारा संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
ओ म्हने राधा संग होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
ओ म्हने गिरधर संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
Shrijirasik
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
राधा तू न खेलेगी तो खेलेगा कौन,
होली राधा बार बार न आये तेरे बिना कोई रंग भी न भाये,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिगोई मेरी चोली श्याम तू भर पिचकारी,
रंगो में रंग देगा सूरत मेरी करदे काली,
अब की बारी न खेलु मैं काट रही फोन,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिन रंगो के राधा कैसे मनेगी होली,
तेरे बिन मजा ना आये बरसाने की छोरी,
पूरी बात तो सुन ले क्यों काट रही फ़ोन
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
श्याम का पहुंचे बरसाने ले कर ग्वालोको संग,
सरे मिल खेले होली होली हे मिल गई रंग में रंग,
फूलो की वर्षा भी लागि हों
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन लल
Shrijirasik
तरज़-बृज़ में है रही जय जयकार नंद घर
लाला आया है
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
राधा रानी को बिरज में,श्यामा प्यारी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
सबसे सुंदर...
जहां विराजे राधा रानी,जाकी श्याम करें अगवानी
महिमा वेदन हूं नहीं जानी,पर्वत ऊपर मंदिर चमके,
सब जग जानी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
सबसे सुंदर है बरसाना...
खौर सांकरी बड़ी रसीली,दधी ले चली कुंवर गर्भीली
सखियां संग में बड़ी हठीली,आगे मोहन गैल रोक दियो,
बड़ी लुभानी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
राधा रानी को बिरज में,श्यामा प्यारी को
सबसे सुंदर है बरसाना...
दे जा दान कुंवर रसिया को,पीठ पिछौर कटी कसिया को
कुंवर लखी मन बसिया को,
घुंघट में से छीन लियो मन,वा मनमानी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
राधा रानी को बिरज में,श्यामा प्यारी को
सबसे सुंदर है बरसाना...
गहवर वन की लतन पतन में,बिहरे राधा मोहन वन में
फूले फूले तन में मन में,बड़े-बड़े सुर नर मुनि तरसे,या रजधानी को
सबसे सुंदर है बरसाना,बिरज में राधा रानी को
राधा रानी को,बिरज में श्यामा प्यारी को
सबसे सुंदर है बरसाना...
Shrijirasik
तरज़-कैसे ना इठलाऊं मैं बरसाना मिला है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
सब सुख सदन बदन तुव राधे।
उपमा कमल ससी नहिं पावक,
मीत मान अपराधे
मृदु मुसक्यानि हरत मन नैंनन,
बंक बिलोकन ही दृग आधे।
लेत बलाय दुहुं कर भगवत,रसिक
सिरोमनि गुननि अगाधे॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
किशोरी मोहे कब अपनावोगी।
निज कर कमल फेर मस्तक पर,
कब बृज़वास करावोगी॥
सुंदर रूप स्वरूप अपनो,
कबते मोहि दिखावोग।
अलिकिशोरी नाम सांचो कर,
रसिकन मांय मिलावोगी॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
रे मन श्री वृन्दावन चल।
यमुना सरस सुखद अति सोहे,
नीर बहै कल-कल॥
जहां बिराजत राधारानी,
लिये सहचरी दल।
हितगोपाल को प्राण-प्रिया के,
चरण कमल को बल॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
हमारौ धन श्री वृन्दावन प्यारी।
खरचत खात घटत नहीं कबहू,
बाढ़त छिंन-छिंन अति अधिकारी॥
ताहीं को अभिमान सदाई,
ताहीं बल वश श्री कुंजबिहारी।
श्री हरिदास जू रसिक सिरोमनि,
प्राण-प्राण मिल कीनी यारी॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
ऐसौ स्वपन मोहि अति भावै।
नैंन समीप मोहिनी मुरत,
मंद-मंद मुसिकावै॥
कोटि चंद छविं सुन्दर आनन,
रूप सुधा बरसावै।
भोरी रंग भरी अलबेली,
हिय में आइ समावै॥
मस्त हुआ है मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
कर करूणा की कौर लाड़ली,
नाम रसका अब अमृत देवौ बहा
प्रेम समन्दर तेरे पास में,भरा पड़ा है
अथा धसका की अभिलाष यही है,
हर मन की यही चाहा
मस्त हुआ है,मन मस्त हुआ है
श्री राधा नाम में मेरा,मन मस्त हुआ है...
Shrijirasik
मैं तो चली रे पिया के देश,
हो मै तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
पिया मिलन को तरस रही थी,
छम छम अंखिया बरस रही थी,
है धर जोगन का भेष,
मै तो चली रे पिया के देश.....
बीते दिवस कई बीती रतिया,
मन की कहूंगी उनसे सारी बतिया,
हो लागि क्या क्या मन को ठेस,
मै तो चली रे पिया के देश.......
आया बुलावा मेरे पिया का,
मन उपवन हरषाये जीया का,
हो छाया आनंद मन में विशेष,
मै तो चली रे पिया के देश.......
चित्र विचित्र आई बेला मिलन की,
दुल्हन बनुगी में तो सांवरे सजन की,
अब क्या रह गया शेष,
मै तो चली रे पिया के देश......
मै तो चली रे पिया के देश,
हो मैं तो चली रे पिया के देश,
ये देश हुआ प्रदेश,
मै तो चली रे पिया के देश......
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.......
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
आहा माखन मिशरी खाए जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
आहा ठंडा पानी पी जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
आहा काली कंबलिया ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.....
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी
आहा मोर का पंखा ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी
आहा मखमली गद्दे पे सो जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
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नखरालो साँवरियो,
राधा पर जादू कर ग्यो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
गौरी गौरी राधे रानी,
सांवरियो है कारो,
कारे ने गोरी पे देखो,
कैसो जादू डारो,
कारो कारो साँवरियो,
राधा पर कामण कर गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
इत् ठाड़े श्री कृष्ण कन्हैया,
उत वृषभानु दुलारी,
बोल रही कान्हाँ से राधा,
मत मारो पिचकारी,
रंग रसियो साँवरियो,
राधा के रंग रच गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में,
शोर मच्यों है भारी,
संजू राधा के हिवड़े में,
बस गए श्याम बिहारी,
मन बसियो साँवरियो,
राधा के मन बस गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
Shrijirasik
तू राधे राधे गाले,
और झूम ले मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में.......
दीवानो आ के देखो,
क्या धूम मच रही है,
राधा के नाम की अब,
ये धारा बह रही है,
आ झूम झूम के अब,
ये कहते है मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में.......
श्यामा के दर पे आके,
कोई ना जाए खाली,
करके कृपा किशोरी,
भर देगी झोली खाली,
तुझको सुकुन मिलेगा,
श्री राधे की मस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में......
एक बार हाथ थामो,
ब्रज स्वामीनी हमारा,
कितने गुनाह किए है,
गुनेहगार हूँ तुम्हारा,
करके कृपा उठा लो,
आया तेरी बस्ती में,
छोटा सा घर बना ले,
गोविन्द की बस्ती,
तु राधें राधें गाले,
और झूम ले मस्ती में.......
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बरसाने में झूला पड़ गयो, झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो......
आयो सावन सखी मनभावनो, छाई हरियाली चाहूं ओर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
सखी बादल गरजत बिजुरी संग, ओ घन बरसत है घनघोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
कहे वन वन पड़यो हिंडोरना, कैसे पवन चले झकझोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा होले होले देवे सांवरा, झूले कुंवर किशोरी सिर मोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झोटा देय सखिरी सब गाय रही, नाचे मोर पपिहा करे शोर,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
झूलत गल बैयां डाल के, वरुणेश निरख़ तिन्ही और,
सखी री सावन आए गयो, बरसाने में झूला पड़ गयो,
झूला झूले री नवल किशोर सखी री सावन आए गयो....
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वजदे डफ ढोल नगारे, जन्मदिन राधा रानी दा।
पए नच्चन झूमन सारे, जन्मदिन लाडो रानी दा।।
बरसाने दी महल अटारी। वजन वधाईयां रौनक भारी
पए गूंजन जय जयकारे-जन्मदिन लाडो रानी दा,
रसभोरी राधा मधु गोरी । पलना झूले मस्त चकोरी।
बड़े सुंदर दरस दीदारे- जन्मदिन लाडो रानी दा...
गहबरवन विच मोर चकोरे। कोयल पपीहे नचन भौरे।
फुल कलियां लैन हुलारे-जन्मदिन लाडो रानी दा...
“मधुपहरि' सब खुशी मनावन। मंगलगीत वधाईयां गावन।
ब्रजबासी जावन वारे- जन्मदिन लाडो रानी दा...
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तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै , जप ले जप लै
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा.....2
तू जप लै राधा राधा, तू जप ले राधा राधा-2
राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा राधा....2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा-2
राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा राधा....2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, जप लै जप लै
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा.....2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा.....2
राधा नाम दी महिमा पारी-2
राधा नाम दी महिमा पारी-2
राधा नाम बड़ा गुणकारी-2
राधा नाम बड़ा गुणकारी-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, जप लै जप लै
तू रट लै रट लै रट लै
तू जप लै राधा राधा,लै जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
राधा नाम ने लक्खां तारे-2
राधा नाम ने लक्खां तारे-2
पवसागर तो पार उतारे-2
पवसागर तो पार उतारे-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, जप लै जप लै
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा.....2
हां शहद तो मिट्ठा राधा नाम है-2
राधा राधा रटता श्याम है-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, जप लै जप लै
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
राधा नाम दी जप लै माला-2
राधा नाम दी जप लै माला-2
कुंज द्वार दा खुल जाऊं ताला-2
कुंज द्वार दा खुल जाऊं ताला-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
राधा नाम दा पीले प्याला-2
राधा नाम दा पीले प्याला-2
‘‘मधुप’’ हरी हो जा मतवाला-2
तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै, तू जप लै
तू जप लै राधा राधा,तू जप लै राधा राधा-2
तू जप लै राधा राधा, तू जप लै राधा राधा-2
राधा राधा राधा राधा....2
श्री राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा राधा....2
राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
श्री राधा राधा राधा श्री राधा राधा राधा-2
Shrijirasik
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सर पर कलगी पंख रंगीले -2
नैन नसीले होंठ रसीले -2
ताल बजावे नाचे गावें ,खूब मचावे छोर।
आजु सखी-जय हो -2
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
अगर कोई पकड़े हाथ न आवे -2
कुञ्ज निकुंञ्जों में छिप जावे -2
देख मोर की लीला सखियन -2 ह्वै गयी भाव विभोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
देख मोर का नाच किशोरी -2
नाच उठी राधा रसभोरि -2
मिले परस्पर चाँद चकोरी -2 मिल गयी नैनन कोर।
आजु सखी मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
मोर लियो बाहों में राधा -2
बंसीधर धरा रूप अगाधा -2
राधा दरस कर मिट गयी तड़पन -2 ‘‘मधुप’’ हरी चितचोर।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर।
सावन की मदमस्त हवाएं - 2,हरियाली चहुँ और।
आजु सखी -2 मधुबन नाच्यो मोर
आजु सखी गहवर वन नाच्यो मोर। - 4
बोलो मोर बिहारी लाल की जय।
Shrijirasik
मैं बरसाने जाना ऐ मैनूं चढ़ गया राधा रंग -2
1. मैनूं कुछ न सुझदा ऐ -2
मैं हो गयी मस्त मलंग।
मैं बरसाने जाना....
2. नश्वर काया,नश्वर माया ,नश्वर ऐ संसार-2
बेकदरी बेरहमी दुनिया नहीं किसेदी याद-2
इस दुनियादारी तों-2 ,मैं हो गयी हाँ हुण तंग।
मैं बरसाने जाना....
3. बरसाने दे प्रेमनगर विच,रस दे परे खजाने-2
पगति शक्ति मस्ती मिलदी,मिलदे रसिक दीवाने-2
साधू सेवा पजन बंदगी-2,मिलदा ऐ सत्संग।
मैं बरसाने जाना....
4. ब्रजमण्डल ठकुरानी राधा,ब्रजमण्डल आधार-2
करुणामयी सरकार किशोरी ,करदी सब नाल प्यार-2
हर बाधा हर लेती-2,रहे पागतां दे अंग संग।
मैं बरसाने जाना....
5. दुनिया वालयो दीन ‘‘मधुप’’ नूं ,गल करदे ना टोको -2
तुर पई मैं बरसाने मेरा रस्ता ना कोई रोको-2
बरसाने बस जाणा-2,है एईओ मेरी उमंग।
मैं बरसाने जाना....
Shrijirasik
राधा प्यारी ने जन्म लियो है ,
हरिवंश ह्रदय ने जन्म लियो है।
1. चहुँ ओर छाई हरियाली ,
खिले फूल फल डाली डाली ,
आज बरस मकरंद रहियो है।
राधा प्यारी....
2. अनहद बाजे बाज रहे हैं ,
संत भक्त सब नाच रहे हैं ,
कुञ्ज कुञ्ज आनंद छायो है।
राधा प्यारी....
3. मधुप हरि मिल मंगल गावो,
लाड़ली जू का दर्शन पावो ,
जन्म सखी सफल भयो है।
राधा प्यारी....
Shrijirasik
राधा रानी का पा कर प्यार
धुन : नी मैं नचनां मोहन दे नाल
राधा रानी का पाकर प्यार,
जीवन धन्न धन्न हो गया।
बना स्वर्ग मेरा घर-बार,
जीवन धन्न धन्न हो गया ।।
मैया मोहे आप बुलाया ।
मेरा सोया भाग्य जगाया ।
मेरे अवगुण दियो बिसार -
जीवन धन्न धन्न हो गया ।।
मोहे रसिकन संग बिठाया ।
रंग गुलाल इत्र बरसाया ।।
रोम रोम रस हुआ संचार -
जीवन धन्न धन्न हो गया ।।
गला पसार 'मधुप' जब गायो ।
मैया गोविन्द मिलन करायो ।।
लगी गूंजन जय जयकार -
जीवन धन्न धन्न हो गया ।।
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा
सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
तू बरसाने की राजकुमारी,श्री वृंन्दावन महारानी
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
श्याम पिया तेरो नाम रटत है,तू उनकी प्रेम दीवानी
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
गल बईंयां डाले दोऊ राधे,को कर सके बखानीं
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
एक दूजे को एकटक निरखत,प्रेम के बस हो जानी
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
बरसाने वाली रस बरसाओ,तुम हो रस की खानी
जय जय राधा रानी,जय जय महारानी
तीन लोक चौंदह भुवनों में,कोई ना तेरा सानी
जय जय राधा रानी जय जय महारानी
जय जय...
Shrijirasik
ढफ बाजे कुंवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
कैसी ये संग सखी रंग भीनी,
सखी रंग भीनी,
छैल छबीली गोरी के,
छैल छबीली गोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
हो हो कही मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
प्रीतम के चितचोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
वृंदावन हित रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
कर ढफ बाजत होरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
Beda par
राधा राधा राधा राधा, राधा राधा हो जाए
जो भी राधा नाम जप पाए, बेड़ा पार हो जाए
राधा राधा राधा राधा, झोली भर दे खाली
राधा राधा राधा राधा, कृपा करें निराली
राधा की ममता बड़ी ही निराली है
राधा की सूरत भोली भाली है
किस्मत वाला है जिसको राधा प्यार हो जाए
जो भी राधा नाम जप पाए, बेड़ा पार हो जाए
राधा राधा राधा राधा, जग की भवानी
राधा राधा राधा राधा, कृपा की कहानी
राधा के चरणों में जो भी जाते हैं
मनचाही मुरादें सब पाते हैं
राधा की नज़र हो जिस पे मालामाल हो जाए
जो भी राधा नाम जप पाए, बेड़ा पार हो जाए
Shrijirasik
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
भोर होत मेहलन में थारी,
सेवा में निस जाऊं,
मंगला के नित दर्शन पाऊं,
जीवन सफल बनाऊं,
किशोरी मोहे सेवा में लिजों,
लाड़ली सेवा में लिजों,
जग जंजाल छुड़ाए वास,
बरसाने को दीजो ।।
पड़ी रहू मैं द्वार तिहारे,
रसिकन दर्शन पाऊं,
भक्तन की रज धूलि मिले तो,
अपने शीश चढाउँ,
किशोरी मोहे द्वारे रख लीजो,
लाड़ली द्वारे रख लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
भूख लगे तो ब्रजवासिन के,
टूक मांग के खाऊं,
कबहु प्रसादी श्री महलन की,
कृपा होए तो पाऊं,
किशोरी मेरी विनय मान लीजो,
लाडली विनय मान लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
राधे राधे रटूं निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
श्यामा श्यामा रटु निरंतर,
तेरे ही गुण गाऊं,
तेरे ही गुण गाए गाए मैं,
तेरी ही होय जाऊं,
किशोरी मोहे अपनों कर लीजो,
लाड़ली अपनों कर लीजो,
जग जंजाल छुड़ाए,
वास बरसाने को दीजो ।।
Shrijirasik
ले लेकर के राधा नाम मेरा मन झूम रहा
मेरा मन झूम रहा , मेरा मन झूम रहा
1. जब जब लाडो तेरे बरसाना आऊं -2
ऊंची अटा..री के दर्शन पाऊं -2
और जाऊं मैं बलिहार मेरा मन झूम रहा..
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
2 .मंगला दर्शन मैं भी करूंगी -2
सोहनी सेवा मैं भी करुगी -2
इतना करना उपकार मेरा मन झूम रहा...
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
3.परिक्रमा में दौड़ी जाऊं -2
थक के राधा नाम जो गाऊ -2
तब मिले संत हर बार मेरा मन झूम रहा...
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
4. चरण कमल की सेवा दीजो -2
करुणा मई करुणा कर दीजो -2
' दृष्टि' की सुनो पुकार मेरा मन झूम रहा
दासी की सुनो पुकार मेरा मन
ले ले के राधा नाम, मेरा मन झूम रहा...
Shrijirasik
नाम मेरी राधा रानी का जिस जिस ने गाया है,
बांके बिहारी ने उसे अपना बनाया है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
नाम मेरी राधा रानी का, सदा देता सहारा है,
तू भी एक बार जप ले, यह नाम बड़ा प्यारा है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम वाली, फेरी जिसने माला है,
उस पर रीझ गया, मेरा मुरली वाला है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम का तो, हुआ पागल जमाना है,
प्यारा तीनों लोको से, श्री जी का बरसाना है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
राधा राधा नाम वाली चढ़ गई हमें मस्ती है,
‘चित्र विचित्र’ पे कृपा राधा रानी की बरसती है,
जय राधे, जय राधे, जय श्री कृष्ण बोलो जय राधे….
Shrijirasik
जन्म दिन लाड़ो का आया भागों से
जन्म दिन, लाड़ो का… जय हो ॥
आया, भागों से,
कि आज मैनूं, नाच लैण दे… जय हो ॥
राधा, रानी दे नाल…
जन्म दिन, लाड़ो का,
जन्म दिन, लाड़ो का…
जगह जगह, वज्ज रहे, गीत संगीत आज,
बरसाने, महफ़िलां सज्जियां… ओए होए ।
सारी सारी, रात आज, कीरतन हुंदे,
देखो, थां थां, ढोलकियां वज्जियां ॥
दूरों दूरों, आए आज, राधा जी दे लाड़ले,
दूरों दूरों आए आज… ओए होए,
दूरों दूरों, आए आज, राधा जी दे लाड़ले,
लाड़ली दा, करन दीदार,
जन्म दिन, लाड़ो का… जय हो ॥
देख देख, जीवा मैं तां, राधा जी दे चाकरां नूं,
हाल की, सुनावां सच्चे दिल दा… ओए होए ।
बिरह दी, मारी हारी, दासी ऐ बेचारी,
बस, इक दिन, नच्चणे दा मिलदा ॥
इक इक, दिन किद्दां, लंघदा उडीकां नाल,
इक इक दिन किद्दां… ओए होए,
इक इक, दिन किद्दां, लंघदा उडीकां नाल,
पुछिओ ना, कोई सवाल,
जन्म दिन, लाड़ो का… जय हो ॥
दुनियां दी छड्ड, परवाह सारे, इकट्ठे होए,
चेहरे ते, कोई ना फ़िकर वे… ओए होए ।
कहिंदे ने, धरमराय, कर लै हिसाब साडा,
आज नहियों, मरने दा डर वे ॥
लाड़ली, किशोरी जी दा, हाथ साडे सिर उत्ते,
लाड़ली, किशोरी जी दा… ओए होए,
लाड़ली, किशोरी जी दा, हाथ साडे सिर उत्ते,
चल्दी ना, करमां दी चाल,
जन्म दिन, लाड़ो का… जय हो ॥
Shrijirasik
तू सुमिरन कर राधे राधे, तेरे कष्ट सभी मिट जायेंगे ।
राधा के पीछे श्याम स्वं तेरे द्वार पे दौड़े आयेंगे ॥
श्री राधे राधे राधे बोलो श्री राधे ।
राधा बिन सूना सांवरिया,
राधा बिन फीकी बाँसुरिया ।
राधा बिन भक्ति रस ही नहीं,
हम राधा के गुण गायेंगे ॥
ब्रजमंडल की गरिमा राधा,
राधा बिन प्रेम शब्द आधा ।
कितना भी कृष्ण का ध्यान धरो,
बिन राधा याद आयंगे ॥
ब्रजवास यदि तुम चाहोगे,
तो राधे राधे गाओ रे ।
श्री राधे कृपा जो कर देंगी,
तो कृष्ण तुम्हे अपनाएंगे ॥
Shrijirasik
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥
मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥
यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥
तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥
दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥
मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।
अभी सांस चल रही है कहीं तुम चले ना जाना ॥
Shrijirasik
तर्ज तू चीज बड़ी है मस्त मस्त
श्री राधा (राधा) x7
हम आए हैं बरसाने में श्री लाडली जू के बुलाने पे
तेरी कट जाए हर बाधा बाधा
तू रट ले जय श्री राधा
श्री राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा
श्री राधा (राधा) x7
बरसाना है प्यार हमारा वृंदावन है धाम हमारा
बरसाना है प्यार हमारा वृंदावन है प्राण हमारा
मेरा बैंक बिहारी यार यार
दूं उस पर सबकुछ वार वार
भले छूटे ये संसार यार
इस बार न छूटे वादा
श्री राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा
श्री राधा (राधा) x7
बरसाना में धूम मची है, गली रंगीली खूब सजी है
इक बार कन्हैया आए आए, फिर लठ बरसेंगे ढाए ढाए
हरिदासी मंगला गए गए
श्री जी हर लेंगी बाधा बाधा
श्री राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा
श्री राधा (राधा) x7
Shrijirasik
राधा रानी के नथ पे मोर नाचे
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर नाचे ॥
मोर, नाचे, चित चोर नाचे ॥
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
मोर कुटी में, राधा रानी, नाच देखने जाए ।
भात भाँत के, अन्न हाथ में, लेकर खूब खिलाए ॥
ओ मोर, हो के, अति भाव, विभोर नाचे ।
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
जब आवे, सावन मन भावन, पवन चले पुरवाई ।
तान के छत्तरी, पीहु पीहु की, मोर ने अरज़ लगाई ॥
हो छाई, घटा, घन घोर नाचे ।
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
राधा हुई, उदास एक दिन, मोर ना दियो दिखाई ।
सांवरे को, राधा जी ने, अपनी बिर्था बताई ॥
सुनकर, साँवरे के, मन में, हिलोर नाचे ।
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
बरसाने में, शोर मचो है, भीड़ लगी अति भारी ।
नाच देखकर, राज़ी हो गई, गोरी राधा प्यारी ॥
यह तो, मोर बनके, नंद का, किशोर नाचे ।
ओ राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
बन गयो मोर, बिहारी राधे, नथ पर दियो सजाए ।
पड़ा रहे, नैनो के आगे, कहीं ना आए जाए ॥
ओ गोरे, मुखड़े पे, कालज़ो, किशोर नाचे ।
राधा, रानी, की नथ पे, मोर...
Shrijirasik
मीठे रस से भरीयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गोरी गोरी,
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी,
ब्रजधाम राधा जु की,
रजधानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
ना भावे अब माखन मिसरी,
और ना कोई मिठाई,
जीबड़या ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई,
वृषभानु की लली तो,
गुड़धानी लागे,
गुड़धानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
कान्हा नित मुरली मे टेरे,
सुमरे बारम्बार,
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार,
राधा रूप की अनोखी,
पटरानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
राधा राधा नाम रटत है,
जो नर आठों याम,
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम,
राधा नाम मे सफल,
जिंदगानी लागे,
जिंदगानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
मीठे रस से भरयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
Shrijirasik
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही……
Shrijirasik
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
प्यारी झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
Shrijirasik
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है
बरसाना मिला है,रह जाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
जप तप साधन के बस की नहीं है,
केवल किशोरी जी करुणामई है
रोम रोम ये खिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
तेरी कृपा से बरसाने आना बना,
तेरी रहमत जो देखी दीवाना बना
एक झलक जिसने भी देख ली आपका,
वही पागल हुआ दिवाना बना
जबसे मेरा बरसाने में,आना जाना हो गया
राधे राधे सुनते सुनते,यह दिल दिवाना हो गया
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
सोचने से पहले होता प्रबंन्ध है,
कैसे बताऊं आनंद ही आनंद है
शिकवा न कोई गिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
किसी को जमाने की,शौहरत मिली है
मैं तो अपने मुकद्दर पे,कुर्बान जाऊं
मुझे मेरी श्यामा की,चौखट मिली है
क्यों ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं, बरसाना मिला है...
वृज वासी के टुकड़ों,पे पले हरी दासी
संतों के पीछे पीछे,चले हरी दासी
जीवन का यही सिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं बरसाना मिला है...
Shrijirasik
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे, राधा वल्लभ मेरे
तुम सदा सदा से मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे राधा वल्लभ मेरे
हम भटक चुके बहुतेरे राधा वल्लभ मेरे
हम दुख पाए बहुतेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
अब रखिए अपने नेरे, राधा वल्लभ मेरे
हम सदा सदा से तेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
जय जय राधावल्लभ श्री हरिवंश जय जय श्री वृन्दावन श्री वनचंद
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
मैं राधा वल्लभ की, राधा वल्लभ मेरे
Shrijirasik
हमारे दो ही रिश्तेदार,
एक हमारी राधा रानी,
दूजे बांके बिहारी सरकार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
सेठ हमारे बांके बिहारी,
सेठानी वृशभानु दुलारी,
जो कोई जपता राधे राधे,
वो हो जाये भव से पार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
ममतामयी है राधिका रानी,
हर बात श्याम ने इनकी मानी,
राधा नाम की जड़ी बूटी से ,
होते यहां उपचार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
न कोई चिंता न कोई टेंशन,
राधा नाम है दिल मे मेंशन,
भरी सभा मे कह सकते है,
आई लव यू सरकार ,
हमारे दो ही रिश्तेदार
चाहे जो आनन्द में रहना
मान लो कनिष्क का कहा
हर पल है आनन्द बरसता
अनोखा है ये दरबार
हमारे दो ही रिश्तेदार
Shrijirasik
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है
बरसाना मिला है,रह जाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
जप तप साधन के बस की नहीं है,
केवल किशोरी जी करुणामई है
रोम रोम ये खिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
तेरी कृपा से बरसाने आना बना,
तेरी रहमत जो देखी दीवाना बना
एक झलक जिसने भी देख ली आपका,
वही पागल हुआ दिवाना बना
जबसे मेरा बरसाने में,आना जाना हो गया
राधे राधे सुनते सुनते,यह दिल दिवाना हो गया
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
सोचने से पहले होता प्रबंन्ध है,
कैसे बताऊं आनंद ही आनंद है
शिकवा न कोई गिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
किसी को जमाने की,शौहरत मिली है
मैं तो अपने मुकद्दर पे,कुर्बान जाऊं
मुझे मेरी श्यामा की,चौखट मिली है
क्यों ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं, बरसाना मिला है...
वृज वासी के टुकड़ों,पे पले हरी दासी
संतों के पीछे पीछे,चले हरी दासी
जीवन का यही सिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं बरसाना मिला है...
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एरी मोह लियो नंद कुमार
मोह, लियो, नंद कुमार,
हमारी, प्यारी राधा / श्री जी ने ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ॥
मोह, लियो, नंद कुमार...
घर घर, घुस के, माखन खावे ।
चोरी, करे चित्त, नैन चुरावे ॥
वो तो, छलिया, नंद्र कुमार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
सखान, संग नित्त, बृज में डोले ।
बिन, बोले, इत्त-उत्त ही डोले ॥
वो तो, नट खटिया, सरकार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
भोर, होत, गईयाँ को चरावे ।
कदम, बृक्ष पर, बंसी बजावे ॥
वो तो, बृज मंडल, रखवार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
बड़े, बड़े, असुरन को मारियो ।
नाग, कालिया, पटक पछाड़ियो ॥
नख पे, गिरवर, लीनो धार...राधे x8 ॥
हमारी, प्यारी, राधा ने ।
हमारी, प्यारी, राधा ने,
हमारी, प्यारी, श्री जी ने ।
मोह, लियो, नंद कुमार...
जय जय श्री राधे
तू ले राधे का नाम अमृत बरसेगा
ले राधे का नाम अमृत बरसेगा,
बरसेगा रे, बरसेगा रे,
तू तो ले राधे का नाम अमृत बरसेगा।।
चिंता सारी मिट जाएगी,
जीवन में खुशिया आएगी,
चिंता सारी मिट जाएगी,
जीवन में खुशिया आएगी,
तेरे हो जाये पुरण काम, अमृत बरसेगा,
तू तो ले राधा का नाम अमृत बरसेगा।।
राधे रानी की महिमा है भारी,
संकट मोचन अति सुख कारी,
श्यामा प्यारी की महिमा है भारी,
संकट मोचन अति सुख कारी,
तेरे भर देंगी भंडार, अमृत बरसेगा,
तू तो ले राधा का नाम अमृत बरसेगा।।
जो चाहोगे मिल जाएगा,
कभी ना तू फिर दुःख पायेगा,
जो चाहोगे मिल जाएगा,
कभी ना तू फिर दुःख पायेगा,
तू भी जप ले राधे का नाम, अमृत बरसेगा,
प्यारे ले राधा का नाम अमृत बरसेगा।।
दुनिया तेरे साथ चलेगी,
सारी रुकावट हट जाएगी,
दुनिया तेरे साथ चलेगी,
सारी रुकावट हट जाएगी,
तेरा खूब बढ़ेगा मान, अमृत बरसेगा,
तू भी ले राधा का नाम अमृत बरसेगा।।
ले राधा का नाम अमृत बरसेगा,
बरसेगा रे, बरसेगा रे,
तू तो ले राधा का नाम अमृत बरसेगा।।
मैंने रटना लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
मेरी अलकों में राधा,
मेरी पलकों में राधा,
मैंने बिंदिया लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
मेरी चुनरी में राधा,
मेरी दुलरी में राधा,
मैंने चूड़ी खनकाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
मेरे नैनो राधा,
मेरे बैनो में राधा,
मैंने पायल छनकाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
मेरे अंग अंग राधा,
मेरे संग संग राधा,
गोपाल बंसी बजाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
BhaktiBharat Lyrics
मैंने रटना लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की,
श्री राधा तेरे नाम की,
किशोरी तेरे नाम की,
मैंने मेहंदी लगाई रे,
राधा तेरे नाम की ॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधा रानी का,
कोई नन्दलाल कहता है कोई गोपाल कहता है,
कोई कहता कन्हिया है कोई बंसी बजैया है,
नाम बदल के रख डाला उस कृष्ण मुरारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
सभी को कहते देखा है बड़ी सरकार है राधे,
लगे गा पार भव से कहे जो एक बार राधे,।
बड़ा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,
तमाशा एक देखा ज़रा बनवारी सुन ले,
राधा से मिलने खातिर कन्हैया बेश बदले,
कभी तो चूड़ी वाले का कभी पुजारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,
ब्रजभूमि में पांव धरत ही 2
तन मन बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
गोवर्धन की रज रज यमुना
कण कण बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
पशु पक्षी और तरु लताएं
हर डाल डाल बोले राधा राधा राधा
तन मन धन सब तुमको अर्पण
हर श्वास श्वास बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती है दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
किसी को चाड रहा नशा जगत का
किसी को नाम की मस्ती
खूब पियो जिसे जो पीना हो
हम पिएँगे वृंदावन की लस्सी
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई कहे नया साल है आया
कोई कहे हॅपी न्यू एअर
हम पहुंचे सदगुरु की कृपा से
अपने मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम सब आगाय श्री वृंदावन
हम पहुचे मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई तो जावे देश विदेशन
कोई हिल स्टेशन
बड़े भागी अपने को मानो
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
Pujya Bhai Ji
अपनी, पायल का, घुँघरू, बना लो मुझे ॥
ओ चरनों, से अब, लिपटा लो मुझे ॥
अपनी, पायल, का घुँघरू...
पैरों में, बँध कर श्री राधे, छम-छम, छम कर डोलूँ ।
जनम, जनम के पापों को, चरनों से, लिपट कर धो लूँ ॥
ओ घुँघरू में, मिला के, सजा लो मुझे ॥
अपनी, पायल का, घुँघरू...
जब, जब चरन, धरूँ धरती पर, तब-तब, बजा करूँ मैं ।
झनकारों में, मिलकर राधे, उनमें, जड़ा रहूँ मैं ॥
ओ ताल, सुर से हटूँ तो, सम्भालो मुझे ॥
अपनी, पायल का, घुँघरू...
इन चरनों में, बँध कर मेरी, क़िस्मत, जाग उठेगी ।
लिपटा रहूँ, पागल बन कर के, मन की, कली खिलेगी ॥
ओ झूठी, दुनियाँ से, अब तो, बचा लो मुझे ॥
अपनी, पायल का, घुँघरू...
राधा... राधा... राधा... राधा राघा ॥
राधा... राधा... राधा... राधा... ॥
जय जय राधा, श्री राधा, श्री रा...धा ॥
जय जय राधा, श्री राधा, श्री रा...धा ॥
राधा... राधा... राधा... राधा राघा ॥
अपलोडर- अनिलरामूर्तीभोपाल
Shrijirasik
ओ मन गाले श्री राधा नाम
तोहे मिल जाएं श्यामां श्याम 2
श्री राधे बरसाने वाली 2
लाडली लाल पै जाऊं बलिहारी
जहां बैठी है सब सुख धाम मन गाले श्री राधा नाम
राधा राधा राधा राधा राधा राधा गाले 2
मन गाले श्री राधा नाम तोहे मिल जाएं श्यामां श्याम
जाको पार वेद नहीं पायो
श्री शुकदेव ध्यान में गायों 2
रसिकन ने कियो है गुणगान मन गाले श्री राधा नाम
मन गाले श्री राधा नाम तोहे मिल जाए श्यामा श्याम
श्री राधा राधा जो गावे
तेरे सब संकट मिट जावे
तेरे पूरण हों सब काम मन गाले श्री राधा नाम
मन गाले श्री राधा नाम तोहे मिल जाए श्यामा श्याम
श्यामा आअआआअ
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