॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe Krishna - Peaceful Bhav
राधे कृष्ण - शांत भाव
Bhajans (17)
Achyutam Keshavam Krishna Damodaram
bhajanShrijirasik
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
Jau Tere Charan Kamal Pe Vari
bhajanShrijirasik
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
ो हो जाओ तोरे चरण कमल पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
कितना घना बना पाना अँधियारा
कितना घना बना पाना अँधियारा
गुलता मैं सारा का सारा
गुलता मैं सारा का सारा
तू ही मेरा एक आधार
आ आ आ आ…
तू ही मेरा एक आधार
शरणागत हुँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
सुन नान न्न पवन जकरा
सनं पवन जकरा आता
सनं पवन जकरा आता
हरा मन थकता गबराते
हरा मन थकता गबराते
टूट रहा सांसो का तार
टूट रहा सांसो का तार
शरणागत हुँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
मोर पंख की किरण जगा कर जगा कर
मोर पंख की किरण जगा कर
अधारु पर मुस्कान उगा कर
अधारु पर मुस्कान उगा कर
हर ले मन की पीर ापर
हर ले मन की पीर ापर
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण पर वारि
हे गोपाल गोविन्द मुरारि
शरणागत हूँ बल तिहार
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि
जाऊ तेरे चरण कमल पर वारि.
Jagat Preet Mat Kariyo Re Manva
bhajanShrijirasik
जगत प्रीत मत करियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो,
हरी वादा से डरियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
ये जग तो माया की छाया,
झूटी माया झूटी छाया,
या पीछे मत पड़ियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
ये जग तो माटी का खिलौना,
इसके पीछे तू मत खोना,
गुरु चरण चित धरियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
ये जग तो झूठा दीवाना,
पागल मन यहाँ न फस जाना,
नहीं तो जिन्दा मारियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
इस जग में तू आया अकेला,
मत करियो जग ते मन मेला,
भव से पार उतरियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
जगत प्रीत मत करियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो,
हरी वादा से डरियो रे मनवा,
जगत प्रीत मत करियो II
Kai Janmo Se Bula Rhe Ho Koi To Nata Jrur Hoga
bhajanShrijirasik
कई जन्मों से बुला रही हु कोई तो रिश्ता जरूर होगा॥
नज़रो से नज़ारे मिला ना पायी मेरी नज़र का कसूर होगा॥
तुम्ही तो मेरे मात पिता हो॥
तुम्ही तो मेरे बंदु सखा हो॥
कितने ही नाते तुम संग जोड़े,
कोई नाता तो जरुर होगा,
कई जन्मों से बुला रही हु........
कभी भुलाते हो वृदावन मे॥
कभी भुलाते हो मधुवन मे॥
अपने तो मै रोज भुलाते
मेरे घर भी आना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
तुम्हे तो मेरे आत्मा हो॥
तुम्ही तो मेरे परमात्मा हो॥
तुझी में रह कर तुझी से पर्दा
पर्दा हटना जरुर होगा
कई जन्मों से बुला रही हु......
अखो में बस गई तस्वीर तेरी॥
दिल मेरा हो गया जागीर तेरी॥
दासी की बिनती तुम्हारे आगे
दर्श दिखना जरूर होगा
Mero Man Vridavan M Atko
bhajanShrijirasik
मेरो मन वृंदावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको,
बनके जोगन डोलत ब्रज में, बन के जोगन डोलत ब्रज में,
पीवत यमुना जल को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको
मेरो मुझ में कुछ ना मोहन, तेरी मिट्टी तेरो कण कण,
मेरो मुझ में कुछ ना मोहन, तेरी मिट्टी तेरो कण कण,
वृंदावन की कुंज गलिन में, वृन्दावन की कुंज गलिन में,
मिल जाओ प्रभु मुझको,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ...
इस जोगन के तुम हो साजन, करना है सब आत्म समर्पण,
इस जोगन के तुम हो साजन, करना है सब आत्म समर्पण,
अंत समय आनंद मिले मोहे, अंत समय आनंद मिले मोहे,
बस वेणु के रस को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ....
याद में तोरी भई बावरी, सुध लो मोरी कुंज बिहारी,
याद में तोरी भई बावरी, सुध लो मोरी कुंज बिहारी,
अब आओ मेरे प्राण पियारे, अब आओ मेरे प्राण पियारे,
अपनाओ या जन को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको.
मेरो मन वृंदावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको,
बनके जोगन डोलत ब्रज में, बन के जोगन डोलत ब्रज में,
पीवत यमुना जल को,
मेरो मन वृन्दावन में अटको, मेरो मन हरिचरणन में अटको ...
Sakhi Ri Mero Radharaman
bhajanShrijirasik
छीन ले, छीन ले, छीन ले, छीन ले
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
राधा रमण मेरो राधा रमण जी
राधा रमण मेरो राधा रमण
राधा रमण मेरो राधा रमण जी
राधा रमण मेरो राधा रमण
छीन ले हस के सबका ये मन
सखी रे मेरो राधा रमण
मुखड़े को देख कोटि चंदा लजाये
घुंघराली लट पे घटायें वारी जाये
मुखड़े को देख कोटि चंदा लजाये
घुंघराली लट पे घटायें वारी जाये
घटायें वारी जाये, घटायें वारी जाये
घटायें वारी जाये, घटायें वारी जाये
याके जादू, याके जादू
याके जादू भरे दो नयन
सखी रे मेरो राधा रमण
पतली कमर किन्तु अंग है रखीले
अधरों पे अमृत है नैना नशीले
पतली कमर किन्तु अंग है रखीले
अधरों पे अमृत है नैना नशीले
नैना नशीले, नैना नशीले
नैना नशीले, नैना नशीले
थोडा बचपन, थोडा बचपन
थोडा बचपन थोडा यौवन
सखी रे मेरो राधा रमण
फूलन की सोहे गले माला वैजन्ती
कमरिया काली और पटका बसंती
फूलन की सोहे गले माला वैजन्ती
कमरिया काली और पटका बसंती
पटका बसंती, पटका बसंती
पटका बसंती, पटका बसंती
याके पैंजनिया, याके पैंजनिया
याके पैंजनिया बाजे झरम
सखी रे मेरो राधा रमण
राधा हृदय में करे रमण बिहारी
दोवन की एक छवि लागे अतिप्यारी
राधा हृदय में करे रमण बिहारी
दोवन की एक छवि लागे अतिप्यारी
लागे अतिप्यारी, लागे अतिप्यारी
लागे अतिप्यारी, लागे अतिप्यारी
राधा बिजली के, राधा बिजली के
राधा बिजली के साथ श्याम घन
सखी रे मेरो राधा रमण
Jaadu Karke
bhajanShrijirasik
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
जादू करके , ओह जादू करके , जादू करके ओ पिया गयो जादू करके
जादू करके , जादू करके, जादू करके ओह जादू करके
कित गयो जादू करके…
नन्दनंदन पिया कपट जो कीनो-2
निकल गयो, निकल गयो छल करके
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
ओ पिया कित गयो जादू करक……
मोर मुकुट पिताम्बर सोहे — 5
कबहु मिले ,कबहु मिले ,कबहु मिले ,
आग भरके जादू करके,
जादू करके -4
ओ पिया कित जादू करके…-2
मीरा दासी शरण जाे आई -5
चरणकमल, चरणकमल ,चरणकमल चित धरके
जादू करके, जादू करके -3
ओ पिया कित गयो जादू करके…
गिरधार नागर कहती मीरा -2
नटवर नागर कहती मीरा -2
गिरधार नागर कहती -2
जादू करके, जादू करके, जादू करके -2
जादू करके , ओह जादू गयो करके , जादू करके ओ पिया गयो जादू करके
जादू करके , जादू करके, जादू करके ओह जादू करके
कित गयो जादू करके…
Jai Prandhan Radha Raman
bhajanShrijirasik
जय प्राणधन राधारमण...
श्री गोपाल भट्ट जू के लाडले...!!
जय श्याम सुन्दर..अधर मुरली,
बजत तानन आडिले
जय प्राणधन राधारमण....!!
जय मोर मुकुट, झुकोये बाँये..
पीत अम्बर राजहि...
जय मकर कुण्डल, श्रवण झूमें ,
गण्ड मंडल भ्राजहि !!
जय प्राणधन राधारमण....
श्री गोपालभट्ट जू के लाडले..
जय बंकनयन, मधुर बैनन ,
मन्द मुस्कनी मुख सजे...
जय वैजयंती माल उर,
कटि किंकणि कल धुन सजे..
जय प्राणधन राधारमण...!!
जय कर कमल लकुटी सुरंगी ,
नव् त्रिभंगी छवि लसै...
जय चरण कमलंन नुपुरन सुर..
मञ्जरी गुण मन बसै..
जय प्राणधन राधारमण
Mujhko Radharaman Kardo Aisa Magan
bhajanShrijirasik
मुझको राधा रमन, करदो ऐसा मगन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ।
करुणानिधान मोपे कृपा कर रिझिए,
बृज में बसाके मोहे सेवा सुख दीजिए ।
प्रेम से भरदो मन, गाउँ तेरे भजन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
भाव भरे भूषणो से आपको सजाऊँ मैं,
नितनव् भोज निज हाथों से पवाऊं मैं ।
करो जब तुम शयन, दाबू तुमरे चरण,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
जब भी विहार करो, प्यारी संग सांवरे,
फूल बन जाऊं जहां, धरो तुम पाँव रे ।
बनके शीतल पवन छू लूँ तेरा बदन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
तुम्हे देख जीऊं तुम्हे देख मर जाऊं मैं,
जनम जनम तेरा दास ही कहाऊं मैं ।
रख लो अपनी शरण, करदो मन में रमन,
रटूं तेरा नाम, मैं आठों याम ॥
Radhe Radhe Japte Jao Shyam Salone Ko Rijhao
bhajanShrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Charno M Tere Aake M Nihal Ho Gya (teri Sharan M Aake M Dhanya Ho Gya)
bhajanShrijirasik
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
1. कितनें जन्मों से भटका,ना मिला कोई सहारा
तेरा सहारा पाके,भव पार हो गया
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
2. पापो से डर रह था, दुःख में तड़प रहा था
आया शरणं में तेरी,चरणों से ना हटाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
3. गुरुवर ने दे दिया है,हरीनाम रस का प्याला
धसका रहे लुटाता,ये नाम का खज़ाना
चरणों में तेरे आके,मैं निहाल हो गया
चरणों की रज़ को पाके,मैं निहाल हो गया
चरणों में....
Mero Pyaro Nandlal Kishori Radhe
bhajanShrijirasik
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे,
किशोरी राधे अति भोरी राधे........
प्यारी जू प्यारे की जीवन,
प्यारो प्यारी प्राण आधार
प्यारी प्यारे के उर हार,
प्यारो प्यारी के उर हार
प्यारे प्यारे रंगमहल में,
रँग भरे दो करत विहार....
रंग भरी निरखत हरकत हिय,
श्री हरि प्रिया सकल सुख सार
प्यारी जू प्यारे की जीवन
प्यारो प्यारी प्राण आधार
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे
किशोरी राधे अति भोरी राधे................
प्रीतम की प्यारी प्रिया
प्रिया प्राण प्यारे प्रियो,
दउअन की दो छवि सिंधु में तरावे है
दऊ नव करे खेल, दऊ भुज अंश मेल,
दऊ सुख झेल झेल मंद मुस्कावे है,
लाल बलवीर वनराज के विलासी दऊ
सखिन चकोरन के लोचन सिरावे है,
गावे राग रागिनी रसीले चटकीले मुख
मधुर मधुर वैण बांसुरी सुनावे है..........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.................
किशोरी राधे रस भोरी...........
मेरो प्यारो नन्दलाल किशोरी राधे.........
Tum Prem Ho Tum Preet Ho Man Meet Ho Kanha Mere Manmeet Ho
bhajanShrijirasik
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
परमात्मा का स्पर्श हो...राधे,
पुलकित हिर्ध्ये का हर्ष हो,
तुम हो समपर्ण का शिखर,
तुम ही मेरा उत्कर्श हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी भावना की तुम जीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो......
हु मैं यहाँ तुम हो वहा...राधे,
तुम बिन नही है कुछ यहा,
मुझमे धडकती हो तुम्ही,
तुम दूर मुझसे हो कहा,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मन मीत हो राधे मेरी मन मीत हो,
तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो.....
नटनागर मोहन गिरधारी,
नटनागर मोहन गिरधारी....
राधा कृष्णा..कृष्णा
कृष्णा राधा..कृष्णा.......
Tere Bagair Sawariya
bhajanShrijirasik
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने॥
ना जाने कौन सी बांकी अदा तुम्हारी॥
ना जाने कौन सी बांकी अदा तुम्हारी कोरस॥
हजारो लाखो मिटे है ये ऐसी प्यारी है
कभी हमें भी मिटाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
जहां श्री राधा जो संग में ॥
जहां श्री राधा जो संग मे कोरस ॥
वो जमना जी का किनारा वो पुंज है प्यारे
वही पे हमको बिठा लो तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
मैं लाऊ फुल तुम्हारी पसंद के प्यारे॥
मैं लाऊ फुल तुम्हारी पसंद के प्यारे कोरस ॥
बनाऊ फुल के बंगले बिराजो तुम प्यारे
मुझे ये सेवा दिलाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया...............
ये आठो याम की सेवा करु तिहारी ॥
ये आठो याम की सेवा करु तिहारी कोरस॥
कहे गोविन्द मैं गांऊ तुम्हे रिझाने को
तुम भी साथ में गाओ तो कोई बात बने
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने॥
तेरे बगैर सांवरिया...............
Joi Joi Pyaro Kare
bhajanShrijirasik
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैनन में
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैनन में
प्यारे भये चाहैं मेरे नैनन के तारे
प्यारे भये चाहैं मेरे नैनन के तारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
मेरे तन-मन-प्रानहूँ तें प्रीतम प्रिय आपने
मेरे तन-मन-प्रानहूँ तें प्रीतम प्रिय
कोटिक प्रान प्रीतम मोसों हारे
आपने कोटिक प्रान प्रीतम मोसों हारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं (जोई-जोई प्यारो करैं)
जैश्री 'हितहरिबंस' हंस-हंसिनी स्यामल गौर
कहौ, कौन करै जल-तरंगिनि न्यारे
कहौ, कौन करै जल-तरंगिनि न्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं (जोई-जोई प्यारो करैं)
Ek Kor Kripa Ki Kardo Ladli Shree Radhe
bhajanShrijirasik
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री राधे।
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
मैं तो राधा राधा सदा ही रटूं,
कभी द्वारे से लाडली के ना हटूं,
मेरे शीश कमल पग धर दो, स्वामिनी श्री राधे।
मेरी आस ना टूटने पाए कभी,
इस तन से प्राण जाएँ तभी,
मुझे निज दर्शन का वर दो, स्वामिनी श्री राधे।
मुझे प्रीती की रीति सिखा दीजिए,
निज नाम का मन्त्र बता दीजिए,
मेरे मन की व्यथा सब हर दो, स्वामिनी श्री राधे।
Braj K Nandlala Radha Ju Ke Sanvariya Sab Dukh Dur Huye Jab Se Tera Naam Liya
bhajanबृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
मीरा पुकारी जब गिरिधर गोपाला,
ढल गया अमृत में विष का भरा प्याला।
कौन मिटाए उसे, जिसे तू राखे पिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
जब तेरी गोकुल पे आया दुख भारी,
एक इशारे से सब विपदा टारी।
मुड़ गया गोवर्धन तुने जहाँ मोड़ दिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
नैनो में श्याम बसे, मन में बनवारी,
सुध बिसराएगी मुरली की धुन प्यारी।
मन के मधुबन में रास रचाए रसिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
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