॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Radhe Krishna - Braj Bhav
राधे कृष्ण - ब्रज भाव

॥ राधे राधे ॥

ब्रज की चौरासी कोस में
राधा कृष्ण की लीला है
Shrijirasik
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
वृन्दावन धाम अपार, जपे जा राधे राधे,
राधे सब वेदन को सार, जपे जा राधे राधे।
जपे जा राधे राधे, भजे जा राधे राधे.
राधा अलबेली सरकार, जपे जा राधे राधे॥
जो राधा राधा गावे, वो प्रेम पदार्थ पावे।
वाको है जावे बेडा पार, जपे जा राधे राधे॥
वृन्दावन में राधे राधे, यमुना तट पे, राधे राधे...
जय राधे राधे, राधे राधे...
जो राधा राधा नाम ना तो, रसराज बिचारो रोते।
नहीं होतो कृष्ण अवतार, जपे जा राधे राधे॥
बंसिवत पे राधे राधे, श्री निधिबन में राधे राधे...
जय राधे राधे, राधे राधे...
यह वृन्दावन की लीला, मत जानो गुड को चीला।
यामे ऋषि मुनि गए हार, जपे जा राधे राधे॥
दान गली में राधे, मान गली में राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे...
तू वृन्दाव में आयो, तैने राधा नाम ना गायो।
तेरा जीवन है धिक्कार, जपे जा राधे राधे॥
यह वृज की अजब कहानी, यहाँ घट घट राधा रानी।
राधे ही कृष्ण मुरार, जपे जा राधे राधे॥
Shrijirasik
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जां के नैना कारे टेढ़ी चाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
निंदिया ना आवे रोज़ सतावे
सौत मुरलिया मोहे जगावे
निंदिया ना आवे रोज़ सतावे
सौत मुरलिया मोहे जगावे
नैना जां के हैं कमाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
जादू कर गयो यशोमत को ये लाल
कुञ्ज बिहारी श्री हरिदासी
करुणा की है आस ज़रा सी
कुञ्ज बिहारी श्री हरिदासी
करुणा की है आस ज़रा सी
मन बस गयो मेरो बांको लाल
जादू...जादू कर गयो रे जादू कर गयो
जादू कर गयो कर गयो
यशोमत को ये लाल
Shrijirasik
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे,
तुम बिन रह्यो न जाय, गोवर्धन वासी सांवरे….
बंक चिते मुसकाय के, सुंदर बदन दिखाय,
लोचन तड़पे मीन ज्यों, जुग भर धरी बिहाय,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
सप्तक स्वर बंधान सौं, मोहन वेणु बजाय,
सुरति सुहाई बांधिके, मधुर – मधुर गाय,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
रसिक रसीली बोली, गिरि चढ़ि गाय बुलाय,
गाय बुलाई दूधरी, ऊंची टेर सुनाय,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
दृष्टि पड़ी जा दोष ते, तब ते रुचे न आए,
रजनी नींद न आवरी, एहि बिसरे भोजन पान,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
दर्शन को नैना तपे, वचन सुनन को कान,
मिलिबे को हियरा तपे, हिय की जीवन प्राण,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
मन अभिलाषा यह रहे, लगे न नैन निमेष,
इक टक देखूं, नटवर नागर भेष,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
पूरन शशि मुख देख के, चित्त चोटयो वही ओर,
रूप सुधा रसपान को, जैसे चन्द्र चकोर,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
लोक लाज विधि वेद के, छाँड़े सबई विवेक,
कमल कली रवि ज्यों बढ़े, छिन – छिन प्रीति विशेष,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
मन मथ कोटिक वारिने, देखी डगमग चाल,
युवती जनमन फन्दना, अम्बुज नयन विशाल,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
कुंज भवन क्रीड़ा करो, सुख निधि मदन गोपाल,
हम वृंदावन मालती, तुम भोगी भ्रमर भूपाल,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
यह रट लागी लाडिले, जैसे चातक मोर,
प्रेम नीर वर्षा करो, नव घन नन्द किशोर,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
युग – युग अविचल राखिए, यह सुख शैल निवास,
श्री गोवर्धन रूप पे, बल जाय चतुर्भुज दास,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
तुम बिन रह्यो न जाय, तुम बिन रह्यो न जाय,
गोवर्धन वासी सांवरे, गोवर्धन वासी सांवरे….
Shrijirasik
मन चल वृन्दावन चलिए ।
जित्थे रहंदे सांवल शाह ।
जित्थे रहंदे ने बेपरवाह ॥
जित्थे यमुना पई ठाठा मारदी ।
मन तू वी जाके गोता ला ॥
जित्थे रिश्ते ना नाते ना अपने ।
जित्थे ना कोई धूप है ना छा है ।
जित्थे ना कोई बहन भरा ॥
जित्थे निन्देया ना चुगली ना उस्तत्ति ।
जित्थे प्रेम दा वगे दरेआ ॥
जित्थे गोपी ग्वाल पाए झुमदे ।
मेरे मन नू वी चडिया चा ॥
जित्थे मस्त मलंग पए झुमदे ।
तू वी राधे राधे गा ॥
वृन्दावन सो वन नहीं, नंदगावं सम गावं ।
वन्सिवत सम वट नहीं, कृष्ण नाम सम नाम ॥
गीत रसीले श्याम के मेरे जीवन के आधार ।
छोड़ जगत झंझाल सभी कर मोहन सो प्यार ॥
कर मोहन सो प्यार, सुधार ले मानस सही ।
तेरो लाभ येही है जगत में भज ले परम सनेही ॥
मात पिता बंधू सज्जन सब स्वार्थ के मीत ।
तू हिय में मस्ती भर कर प्यारे, गा मोहन के गीत ॥
वृन्दावन वृन्दावन वृन्दावन रहिये ।
श्री राधा कृष्ण राधा कृष्ण राधा कृष्ण कहिए ॥
Shrijirasik
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन बिहारी,
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
Shrijirasik
राधारमण हमारो प्यारो प्यारो, सखी री में तो देखता रहूं याकी सूरत पे जाऊं बलिहारी, सखी री में तो देखता रहूं
काण कुण्डल की छवि अति प्यारी
कांधे साजे रे कमरिया कारी
शीश मुकुट पे मोर पंख धारी
नाक नथुनी की कोर अति प्यारी
हाथ लकुट अधर पे बंशी बाजे,
छवि को मैं निहारता रहूँ
प्यारे वैजयंती माला उर धारी
हाथ बाजुबंद लरा मुतियारी
जिनके चरणों में पदम विराजे
उनके नूपुर की धुन अति प्यारी
चाल चटपटी टेढ़ी मेढ़ी जाकी, कि सूरत निहारता रहूँ
राधारमण सलोने मतवारे
नैना मिलते ही ऐसा जादू डारे
वृन्दाविपिन किशोरी संग साजे
दास गावे प्रशांत गुन तिहारे
वृन्दावन की श्री कुंज गलिन में मन अटका रहूं
Shrijirasik
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……
क्यों रोज रोज जमुना किनारे कान्हां मुझे बुलाए,
मुख से ना बोले कन्हैया नैनों से बाण चलाए,
तेरे प्यार में लागे ये राधा बहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई………
जब जब आऊँ, जमुना किनारे,
तू छुपके छुपके देखे,
तेरी बिंदिया ले गई निंदिया,
चैन गजरा गया लेके,
तेरी खुशबु में राधा भी महक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
तेरी मीठी मीठी बातों से मोहन,
दिल में प्यार जगे,
तेरे मुखड़े के आगे राधिका,
वो चाँद भी फ़ीका लगे,
तेरे दिल के बागों में मैं चहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
रोम रोम तेरा नाम पुकारे ओ कान्हा कान्हा,
तेरी कसम बिना तेरे राधिके श्याम तेरा आधा,
आग की प्यार गोपाला में लहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
Shrijirasik
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
हरी हरी बोल प्यारे हरी हरी बोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही जीवन राधा ही प्राण, राधा ही धड़कन राधा ही जान,
राधा ही सारी श्रष्टि का तोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही नदिया राधा ही धारा, राधा ही निर्गुण ब्रम्ह नियारा,
द्वार तु अपने मन का खोल, केशव माधव हरी हरी बोल,
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
राधा ही अंतर प्राणों की शक्ति, राधा की अविरल प्रेम की भक्ति,
प्रेम से राधे राधे बोल, केशव माधव हरी हरी बोल
राधे राधे गोविन्द गोविन्द बोल.......
Shrijirasik
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
लेकर संग में सखी सहेली
बन कर के मैं नई नवेली
ओह्ड़े चुनरिया लाल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
जोडू हाथ पडू तोरे पईया ले चल मुझको कदम की छईया
मिला ताल से ताल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
चडी रास की मुझे खुमारी गाये ज्योति लिखे अनाडी
नए नए शब्द कमाल छमा छम नाचू गी
रास रचाओ नन्द लाल छमा छम नाचू गी
मुरली बजाओ नन्द लाल
Shrijirasik
मीठे रस से भरीयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
यमुना मैया कारी कारी,
राधा गोरी गोरी,
वृन्दावन में धूम मचावे,
बरसाने की छोरी,
ब्रजधाम राधा जु की,
रजधानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
ना भावे अब माखन मिसरी,
और ना कोई मिठाई,
जीबड़या ने भावे अब तो,
राधा नाम मलाई,
वृषभानु की लली तो,
गुड़धानी लागे,
गुड़धानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
कान्हा नित मुरली मे टेरे,
सुमरे बारम्बार,
कोटिन रूप धरे मनमोहन,
कोई ना पावे पार,
राधा रूप की अनोखी,
पटरानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे॥
राधा राधा नाम रटत है,
जो नर आठों याम,
उनकी बाधा दूर करत है,
राधा राधा नाम,
राधा नाम मे सफल,
जिंदगानी लागे,
जिंदगानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
मीठे रस से भरयो री,
राधा रानी लागे,
महारानी लागे,
मने खारो खारो,
जमुना जी रो पानी लागे ॥
Shrijirasik
गोपाल लाल झूमे वृंदावन में आज
चलो चलो सखी चलो चलो सखी
देख आवे रास बिहार
छुम छुम छनन छनन घूंघुर बाजे
घूम घूम घनन घनन मेघा गाजे
तुम तुम तनन तनन मोहन नाचे
झूम झूम झनन झनन मोह लिये सारे
गोपाल लाल झूमे वृंदावन में आज,
चलो चलो सखी चलो चलो सखी,
देख आवे रास बिहार,
जब आई प्यारी भानु दुलारी
ओ मोहन भूले रे गतिविधि
सारी भूले रे गतिविधि
हमारे माई श्यामा जू को राज
जाके अधीन सदा ही सांवरो
या ब्रज को सिरताज
हमारे माई श्यामा जू को राज
गोपाल लाल झूमे वृंदावन में आज
चलो चलो सखी चलो चलो सखी
देख आवे रास बिहार
Shrijirasik
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
ऐसो मान ना कीजे हठ तजिए अली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
तू तो परम सयानी हो वृषभान की लली,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
तेरो रसिक प्रीतम मग जोवत खड़ो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे दोऊ कर जोड़े तेरे चरण पड्यो,
राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा ॥
राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
प्यारी झूलन पधारो झुकी आये बदरा,
झुक आये बदरा झुकी आये बदरा,
साजो सकल श्रृंगार नैना सारो कजरा ॥
Shrijirasik
मनिहारी का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया।
छलिया का भेस बनाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
झोली कंधे धरी, उस में चूड़ी भरी।
गलिओं में चोर मचाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा ने सुनी, ललिता से कही।
मोहन को तरुंत बुलाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
चूड़ी लाल नहीं पहनू, चूड़ी हरी नहीं पहनू।
मुझे श्याम रंग है भाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधा पहनन लगी श्याम पहनाने लगे।
राधा ने हाथ बढाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
राधे कहने लगी, तुम हो छलिया बढे।
धीरे से हाथ दबाया, श्याम चूड़ी बेचने आया॥
Shrijirasik
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैनन में
मोकों तो भावती ठौर प्यारे के नैनन में
प्यारे भये चाहैं मेरे नैनन के तारे
प्यारे भये चाहैं मेरे नैनन के तारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
मेरे तन-मन-प्रानहूँ तें प्रीतम प्रिय आपने
मेरे तन-मन-प्रानहूँ तें प्रीतम प्रिय
कोटिक प्रान प्रीतम मोसों हारे
आपने कोटिक प्रान प्रीतम मोसों हारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं (जोई-जोई प्यारो करैं)
जैश्री 'हितहरिबंस' हंस-हंसिनी स्यामल गौर
कहौ, कौन करै जल-तरंगिनि न्यारे
कहौ, कौन करै जल-तरंगिनि न्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं सोई मोहि भावै
भावै मोहि जोई, सोई-सोई करें प्यारे
जोई-जोई प्यारो करैं (जोई-जोई प्यारो करैं)
वाणी गुणानु कथने श्रवनौ कथायां
हस्तौ च कर्मसु मनस्तव पादयोर्न
स्मृत्यां शिरस्तव निवासजगत्प्रणामे
दृष्टि: सतां दर्शनेऽस्तु भवत्तनूनाम्
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
केसर तिलकं कृष्ण वरणं, केसर तिलकं कृष्ण वरणं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राजत वन मालं रूप रसालं
राधारमणं हरे, हरे
राजत वन मालं रूप रसालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
वेणु कृत नादं आनंद अपारं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
सुंदर मुदु हासं हरत विषादं
राधारमणं हरे, हरे
सुंदर मुदु हासं हरत विषादं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
गोरज मुख लसितं, भक्त चित वसितं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधाउर हारं रास रसालं
राधारमणं हरे, हरे
राधाउर हारं रास रसालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हर हरे
भक्ताधीनं दीनदयालं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं
राधारमणं हरे, हरे
भक्तवत्सलं रसिकनरेशं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
राधारमणं हरे, हरे
गो पसु वेशं दास इन्द्रेशं
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
बृज जन प्रियतम बालमुकुन्दम
राधारमणं हरे, हरे, राधारमणं हरे, हरे
जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण
(जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण)
जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण
(जय-जय राधारमण, प्यारो, राधारमण)
Shrijirasik
तर्ज:- सारे रिश्ते नाते तोड के आ गई
तूने जो बजाई बंशी दौड के आ गई
सुन ले मेरे सांवरे सब छोड के आ गई
तू ही मेरी मंजिल तू ही ठिकाना
मैं जो शम्मा हूँ तो तू है परवाना
दुनिया से मन को मोड के आ गई
माता पिता और संग कि सहेली
कोई नही साथ मेरे बिल्कुल अकेली
सभी से मैं रिश्ते नाते तोड के आ गई
सुनते कन्हैया प्यार भरी मुरली
प्रेम का बादल आँखे मेरी भर ली
श्याम तेरी चुनरी मैं ओड के आ गई
कर दी है तेरे नाम ये जिन्दगानी
रूपगिरी फरमाए अपनी पुरानी
जीवन कि डोरी तुमसे जोड के आ गई
Shrijirasik
ओ कान्हा रे, तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
फूलों में कलियों में , वृंदावन की गलियों में ,
तेरे बिना कुछ कहीं ना , तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
जाने कैसे अनजाने ही, आन बसे मेरे मन में,
अपना सब कुछ खो बैठा मैं ,जब से बसे मेरे दिल में,
भक्ति के अफसाने, मैं जानू तू जाने , और ये जाने कोई ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
मेरी धड़कन में बसे हो, सांसों में तेरी खुशबू है,
इस धरती से उस अंबर तक, मेरी नजर में तू ही तू है,
भक्ति ये छूटे ना , तू मुझसे रूठे ना, साथ ये छूटे कभी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तुम बिन सुना मेरा जीवन , तुम बिन सुने दिन ये सारे,
मेरा जीवन तुझको अर्पण, तुम ही हो जीने के सहारे,
तेरे बिना मेरी ,मेरे बिना तेरी , ये जिंदगी जिंदगी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
Shrijirasik
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
तुम मुरली मधुर बजाओ
मैं झूठ के नचूंगा
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बन जल की मछली
श्री यमुना में छुपा जाऊं
मेरे श्याम नहाने आओ
छू चरण परम पद पाऊं
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम पपीहा
पीहू पीहू की रन लगाओ
तुम साथी बूंद बन बारसो
जनमो की प्यास बुझाऊ
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम चकोरा
नैनों में नीर भरण
तुम श्याम चंद्र बन जाओ
मैं जल का अलग चढ़ाऊ
मैं बनके बस की पारी
हरि अधरों से लग जाऊं
जब श्याम मुझे बजावे
मैं इधर सुधा रस पाऊं
SHRIJIRASIK
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै
आस भरी तुम लता कुंज में,रच
शैय्या पौढ़ावै
जीवन भावै प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम सोवौ मैं ब्यार डुरावौ,
भागै कह्यै नहिं जावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम हूं अकेली मैं हूं अकेली,
आनंदउर ना समावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
बार बार छबि दखि देखि कैं,
उमगि नैन भरि आवै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
भोरी भुक्ति-मुक्ति नहिं चाहत,
जिन इक वह सुख पावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
Shrijirasik
हम तो तेरे दीवाने
धुन- तुम तो ठहरे परदेसी
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे गाएँगे ॥
कि राधे राधे गाएँगे, कि श्यामा श्यामा गाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ सोने, और चांदी की, हमको जरूरत नहीं ॥
तुलसी की, माला से, गले को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ लहंगा, और चोली की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरी उत्तरन से, तन को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ कुटम्ब, और कबीले की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे मोहन को, हम अपना बनाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ महल, और अटारी की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे चरणों में, हम जीवन बिताएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल
Shrijirasik
राधे राधे कहता हूँ
अपनी, धुन में, रहता हूँ,
राधे, राधे, कहता हूँ ॥
हो राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
जब से, तेरा, नाम लिया है,
जीवन, मेरा, बदल गया है ।
मारा, मारा, फिरता था मुझे,
एक, ठिकाना, मिल ही गया ।
मस्ती, में अब, रहता हुँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
ना जाने, इस, दुनियाँ के सब,
कारज़, कैसे होते हैं ।
जो नहीं लेते, नाम प्रभु का,
वो जीवन, कैसे, जीते हैं ।
मैं गुरु, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
तेरी, किरपा, की श्री राधे,
सन्तन, का मुझे, संग मिला ।
ठोकर, खाने, वाला था मैं,
तूने, आ के, थाम लिया ॥
श्याम, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
कहे, दास, गोविंद मैं तेरी,
आस, लगाए, बैठा हूँ ।
ना जाने, कब, कौन ग़ली से,
एक, झलक, मुझे मिल जाए ॥
वस्ती, वस्ती, फिरता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
Shrijirasik
पत्ता पत्ता डाली डाली मेरी श्याम वसदा ।
सारी सृष्टि दा यह मालिक मेरा श्याम सांवरा ॥
साँसों की माला श्याम पुकारे,
राधे राधे श्याम उचारे ।
मेरी साँसों की माला विच्च मेरा श्याम वसदा ॥
पत्ता पत्ता...
दीवानी हो गयी दर तेरे आके,
जग को मैं भूल बैठी तुझे अपना के ।
जग को याद अब नहीं करना, रूह विच्च श्याम वसदा ॥
पत्ता पत्ता...
राधे राधे जिसने गाया,
श्याम ने उसको अपना बनाया ।
राधे रानी के सहारे सारा जग चलदा ॥
पत्ता पत्ता...
नैना श्याम के प्रेम प्याले,
पीवन वाले पीवे भर भर प्याले ।
ओहनू मस्ती विच मिलदा मेरा श्याम सावरा ॥
पत्ता पत्ता...
Shrijirasik
कान्हा मुरली सुना दो प्यारी प्यारी रे,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
धुन मुरली की मन को भाये
मुरली सुन बिन रहा न जाये ,
तेरी मुरली बड़ी ही जादूगारी रे,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
मुरली की धुन मस्त बनाये सारे जग को नाच नचाये,
तेरी मुरली पे जाऊ वारी वारी रे
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
कान्हा मुरली मधुर भ्जाये मेरे दिल का चैन चुराए,
ले लेगी ये जान हमारी रे ,
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
श्याम छेड़ो कोई ऐसा तराना भीम सेन हो जाए दीवाना
सुन के झूमे ये दुनिया सारी रे
तुझसे कहती ब्रिज की नारी रे,
Shrijirasik
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
राधा तो हुई वनवारी राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
मना मना के हर कोई हारा बात किसी की न मानी
श्याम के रंग में एसी रंग गी हो गई प्रेम दीवानी
रंगीली बई संवारी राधा तो हुई वनवारी
कान्हा की मुरली जब तटपर मीठी तान सुनाये
यमुना की लेहरे भी संग में झूमे नाचे गाये
हे उड़ गी सिर से चुनरी राधा तो हुई वनवारी
रंग केसरिया भागा सोहे मोर मुकत छवि न्यारी
होठो पे मुस्कान कटीली सूरत लागे प्यारे
वो सखियाँ संग नाच रही
राधा तो हुई वनवारी
सुन कान्हा जी की बांसुरी राधा तो हुई वनवारी
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
दुनिया दीवानी हो गई राधे के नाम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
मीरा महलो की रानी लो जोगन हो गई,
नटखट बंसी वाले की रोगन हो गई,
ओड ली चुनरियाँ मेरे श्याम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
लोक लाज सब छोड़ी मस्तानी हो गई,
वो काली कमली वाले की दीवानी हो गई,
मन में वसा ली सूरत घनश्याम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
राणा ने विष पिलाया तो हस के पी गई,
प्रीत मुरलियाँ वाले से ही फिर से जी गई,
थाम ली थी डोर उस ने कृष्ण नाम की,
मीरा दीवानी होगी राधा के श्याम की,
इस जीवन के तुम जीवन हो
बृजचन्द्र तुम्हे कैसे समझाएं
दुखी होता बहुत तुम्हारे बिना
कैसे दिल अपना चीर दिखाएँ.....
तेरे फूलों से भी प्यार तेरे कांटो से भी प्यार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरी मर्ज़ी में विधाता कोई छुपा बड़ा राज़
दुनिया चाहे हमसे रूठे तू ना होना नाराज़
तुझे वंदन है बार बार हमको करले तू स्वीकार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
हमको दोनों है पसंद तेरे धुप और छाँव
डाटा किसी भी दिशा में ले चल ज़िन्दगी की नाव
चाहे हमें लगादे पार या डुबादे बीच मंझधार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
चाहे सुख दे या दुःख चाहे ख़ुशी दे या ग़म
मालिक जैसे भी रखेगा वैसे रह लेंगे हम
चाहे हंसी भरा संसार चाहे आंसुओं की धार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरे फूलों से भी प्यार............
छंद:- मात्थे मुकुट देखो, चन्द्रिंका चटक देखो
भ्रकुटि मटक देखो, मुनिं मन भाई है
टेड़ी सी अलक देखो, कुंडल झलक देखो
चंचल पलक देखो, महा सुखदाई है
सुंदर कपोल देखो, अधर अमोल देखो
लोचन सलोल देखो, खंज़न लजाई है
बंशी रंमधोर देखो, सांवरों किशोर देखो
वृन्दावन और देखो, कैसी छविं छाई है
तर्ज़:- पहले वैखे नैंन मैं तेरे,फिर वैखेया तैंनूं नी
वृन्दावन धाम हमें तो, प्राणों से भी प्यारा है
तीनों लोकों को रसिकों ने, वृन्दावन पे वारा है
के मैं भी बस जाऊं वहां, के मैं भी बस जाऊं वहां
जहां यमुना किनारा है, बहे प्रेम की धारा है
वृन्दावन...
1.वृन्दावन धाम हृदय है, प्यारे कुंज बिहारी का
वृन्दावन में राज है चलता, मेरी श्यामा प्यारी का
के इन कुंज गलियों का, के इन कुंज गलियों का
बड़ा सुंदर नज़ारा है, यही भगती का द्वारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
2.वृन्दावन की लता-पता भी, राधे-राधे गाती हैं
वृन्दावन की लीला प्यारी, मेरे मन को भाती है
ये दिल मेरा कहता है, ये दिल मेरा कहता है
नहीं कोई हमारा है, वृन्दावन में गुज़ारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
3.धन वृन्दावन धाम रगिंलो, धन वृन्दावन वासी हैं
वृन्दावन के रसिक धन्य, जो श्यामा-श्याम उपासी हैं
ये चित्र विचित्र कहें, ये चित्र विचित्र कहें
पागल ने विचारा, यही भगती का द्वारा है
वृन्दावन धाम हमें तो...
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे नाम
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल काली ।
प्रात होत हम श्री यमूनाजी जाएँगे,
करके पान हम जीवन सफल बनाएँगे ।
होवे सब तो पूरण काम, रटेंगे राधे राधे नाम ॥१॥
श्री गोवर्धन रूप के दर्शन पाएँगे,
परिक्रमा के जीवन सफल बनाएँगे ।
करे मानसी गंगा स्नान, रटेंगे राधे राधे नाम ॥२॥
श्री बरसाने धाम की महिमा न्यारी है,
महलोकी की सरकार श्री राधा रानी है ।
डफ़ ढोल की दे दे ताल, रटेंगे राधे राधे नाम ॥३॥
दूर दूर से नर और नारी यहा आते है,
दर्शन करके जीवन सफल बनाते है ।
मिले जीवन मे विश्राम, रटेंगे राधे राधे नाम ॥४॥
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया...
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया सबकी आंखों का तारा मन ही मन क्यों जले राधिका मोहन तो है सब का प्यारा वृंदावन...
जमुना तट पर नंद का लाला जब जब रास रचाए रे तन-मन डोले कान्हा ऐसी वंशी मधुर बजाए रे सुध-बुध खोए खड़ी गोपियां जाने कैसा जादू डारा वृंदावन का...
रंग सलोना ऐसा जैसे छाई बदरिया सावन की ऐरी मैं तो हुई दीवानी सावन के मन भावन की तेरे कारण देख बावरे, छोड़ दिया मैंने जग सारा वृंदावन का...
बड़ा नटखट है...
बड़ा नटखट है मां तेरा नंदकिशोर गलियन-गलियन घूमे दधि खाए माखन चोर
तेरा ये लाल मय्या रार मचावे रोज-रोज कुंजन में आन सतावै नंद नंदन के आगे चले ना कोई जोर
वृंदावन में रास रचाए मुरली बजा के श्याम दिल को लुभाए धुन सुन करके सखियों के मन में उठे हिलोर बड़ा नटखट है...
नृत्य करत है नंद को लाला मन का उजला तन का काला मन कुंजन में मेरे मोर मचावै शोर बड़ा नटखट है...
कोई नहीं बम बम का सहारा जंगू ने रो रो करके सबको पुकारा प्रेम के चरणों में है मेरी डोर बड़ा नटखट है...
रात श्याम सपने में...
रात श्याम सपने में आए मेरे दही पी गए सर्रर्रर्र
जब ही श्याम मेरी खिड़की खोली खिड़की कर गई चर्र र र्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरी बहियां पकड़ी बहियां कर गई तर्र र्रर्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरो माखन खायो मटकी फोड़ी कर्र र्र र्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरी चुनर झटकी चुनर उड़ गई फर्रर्र र्र रात श्याम...
चंद्र सखी भज बाल कृष्ण छवि भव से तर जाए तर्र र्र र्र रात श्याम...
रात श्याम सपने में आए मेरे दही पी गए सर्रर्रर्र
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है
मेरे ब्रज की माटी चंदन है,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.....
जिसको कहते है नंदलाला,
सारे जग का श्याम उजाला,
मन का उजला तन का काला,
मन के मंदिर में श्याम समाए,
ऐसा कोई नहीं दिल वाला,
खुला खजाने का है ताला,
सोई किस्मत खोलने वाला,
ऐसे वरदानी श्याम कहाए,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
सब भक्त श्री राधा भक्ति की,
धारा में जहाँ बहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है.......
गोवर्धन परिक्रमा न्यारी,
आते दुनिया के नर नारी,
झुकाती द्वार पे दुनिया सारी,
राधे राधे के गुण गाते,
राधे श्याम के भक्त निराले,
आते दूर से आने वाले,
पाँव में पड़ जाते है छाले,
अपनी मन की मुरादों को पाते,
उतना ही सुख मिलता जितना,
उतना ही सुख मिलता जितना,
दुःख दर्द यहाँ सहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है......
कोई पैदल पैदल जाए,
कोई दूध की धार चढ़ाए,
गिरधर गिरधर नाम को गाए,
कोई श्रद्धा सुमन ले आता,
ये गिरिराज धरण का कहना,
राधे नाम को जपते रहना,
पहना भक्ति भाव का गहना,
सोई किस्मत को चमकाता,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
‘हेमंत’ बना ब्रज का वासी,
गा गा के यही कहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन हैं,
गुणवान सभी कहते है,
ब्रज के राजा यशोदानन्दन,
गिरधारी जहाँ रहते है,
मेरे ब्रज की माटी चंदन है........
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
मीरा पुकारी जब गिरिधर गोपाला,
ढल गया अमृत में विष का भरा प्याला।
कौन मिटाए उसे, जिसे तू राखे पिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
जब तेरी गोकुल पे आया दुख भारी,
एक इशारे से सब विपदा टारी।
मुड़ गया गोवर्धन तुने जहाँ मोड़ दिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
नैनो में श्याम बसे, मन में बनवारी,
सुध बिसराएगी मुरली की धुन प्यारी।
मन के मधुबन में रास रचाए रसिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया॥
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो गाँव ना जानों,
ऊँचो बरसानों बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो घर नहीं जानों,
ऊँची हवेली बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
मेरे अँगना में तुलसी को बिरवा,
तुलसी को बिरवा बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो नाम ना जानों,
राधा रंगीली बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
जब मेरा कान्हा माखन खावे मैं मिश्री बन जाऊ,
मिश्री बनके मैं कान्हा के माखन में मिल जाऊ,
माखन बन जाउंगी मैं माखन बन जाउंगी,
कान्हा की....,
जब मेरा कान्हा गैया चराये मैं ग्वालियन बन जाऊ,
ग्वालियन बनके मैं कान्हा से संग में गैया चराऊ,
ग्वालियन बन जाउंगी मैं ग्वालियन बन जाउंगी,
कान्हा की....
जब मेरा कान्हा होली खेले मैं राधा बन जाऊ,
राधा बनके मैं कान्हा से संग में होली खेलउ,
राधा बन जाउंगी मैं राधा बन जाउंगी,
तेरी बिगड़ी बना देगी चरण रज राधा प्यारी की ।
तू बस एक बार श्रद्धा से लगा कर देख मस्तक पर,
सोयी किस्मत जगा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
दुखो के घोर बादल हों या लाखों आंधियां आयें,
तुझे सबसे बचा लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
तेरे जीवन के अन्धिआरो में बन के रोशन तुझको,
नया रास्ता दिखा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
भरोसा है अगर सच्चा, उठा कर फर्श से तुझको,
तुझे यह अर्शों पर बिठा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
लिखे महिमा चरण रज की नहीं है ʻदासʼ की हस्ती,
तुझे दासी बना लेगी चरण रज राधा प्यारी की ।
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राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से,
मैया करादे मेरो ब्याह,
उम्र तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है,
कैसे करा दु तेरो ब्याह…
जो नही ब्याह कराए, तेरी गैया नही चराऊ,
आज के बाद मेरी मैया, तेरी देहली पर ना आऊ,
आऐगा, रे मजा, रे मजा, अब जीत हार का,
राधिका गोरी…
चंदन की चौकी पर, मैया तुझको बिठाऊँ,
अपनी राधा से मै, चरण तेरे दबवाऊ,
भोजन मै बनवाऊँगा, बनवाऊँगा, छप्पन प्रकार के,
राधिका गोरी…
छोटी सी दुल्हनिया, जब अंगना में डोल्ले गी,
तेरे सामने मैया, वो घूँघट ना खोलेगी,
दाऊ से जा कहो, जा कहो, बैठेंगे द्वार पे,
राधिका गोरी ……
सुन बातें कान्हा की, मैया बैठी मुस्काए,
लेके बलइया मैया, हिवडे से अपने लगाए,
नजर कहि लग जाए, ना लग जाए, ना मेरे लाल को,
राधिका गोरी ……
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन,सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन, सुखकारी राधे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मोर मुकुट, मकरा कृत कुण्डल, गल वैजयंती माला ll
चरणन नुपर, रसाल राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
सुन्दर वदन, कमल-दल लोचन,बांकी चितवन हारी ll
मोहन वंशी, विहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
वृन्दावन में, धेनु चरावे, गोपी जन मन हारी ll
श्री गोवेर्धन, धारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधा कृष्ण, मिले अब दोऊ, गौर रूप अवतारी ll
कीर्तन धर्म, प्रचारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
तुम बिन मेरा, और ना कोई, नाम रूप अवतारी ll
चरणन में, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
नारायण, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे राधे, श्याम, राधे राधे, श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे llll
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ ।
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की जाई हूँ ॥
अरे रसिया, ओ मन वासिय, मैं इतनी दूर से आयी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के माखन खूब चुराते हो ।
उन्हें माखन खिलने को मैं मटकी साथ लायी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के गौएँ खूब चरते हो ।
तेरे गौएँ चराने को मैं ग्वाले साथ लायी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के कृपा खूब करते हो ।
तेरी कृपा मैं पाने को तेरे दरबार आयी हूँ ॥
ब्रजभूमि में पांव धरत ही 2
तन मन बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
गोवर्धन की रज रज यमुना
कण कण बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
पशु पक्षी और तरु लताएं
हर डाल डाल बोले राधा राधा राधा
तन मन धन सब तुमको अर्पण
हर श्वास श्वास बोले राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती है दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
किसी को चाड रहा नशा जगत का
किसी को नाम की मस्ती
खूब पियो जिसे जो पीना हो
हम पिएँगे वृंदावन की लस्सी
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम तो आगाय श्री वृंदावन
यहा मिलती दिल को रहट
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई कहे नया साल है आया
कोई कहे हॅपी न्यू एअर
हम पहुंचे सदगुरु की कृपा से
अपने मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
हम सब आगाय श्री वृंदावन
हम पहुचे मोहन के नियर
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
कोई तो जावे देश विदेशन
कोई हिल स्टेशन
बड़े भागी अपने को मानो
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
ह्यूम मिल गये बिहरिजी के दर्शन
जाओ जिसे जाना हो डिस्को
जाओ जिसे करनी हो दावत
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राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से
मैया करादे मेरो ब्याह
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से
मैया करादे मेरो ब्याह
अरे ये भंधन है प्यार का
उमर तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है
कैसे करा दु तेरो ब्याह
उमर तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है
कैसे करा दु तेरो ब्याह
अरे ये भंधन है प्यार का
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से
मैया करादे मेरो ब्याह
जो नही ब्याह करावे तेरी गैया नाही चराऊ
जो नही ब्याह करावे तेरी गैया नाही चराऊ
आज के बाद ओ मैया तेरी देहली पर नही आऊ
आऐगा रे मजा रे मजा अब जीत हार का
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से
मैया करादे मेरो ब्याह
उमर तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है
कैसे करा दु तेरो ब्याह
चंदन की चौकी पर मैया तुज को बिठाऊँ
चंदन की चौकी पर मैया तुज को बिठाऊँ
अपनी राधा से मै चरण तोरे दबवाऊ
भोजन मै बनवाऊँगा बनवाऊँगा छत्तीस प्रकार का
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से
मैया करादे मेरो ब्याह
उमर तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है
कैसे करा दु तेरो ब्याह
छोटी सी दुल्हनिया जब अंगना में डोल्ले गी
छोटी सी दुल्हनिया जब अंगना में डोल्ले गी
तेरे सामने मैया वो घुंगट ना खोलेगी
दाऊ से जा कहो जा कहो बैठेंगे द्वार पे
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से
मैया करादे मेरो ब्याह
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से
मैया करादे मेरो ब्याह
आओ मेरी सखियो मुझे मेहँदी लगा दो,
मेहँदी लगा दो, मुझे सुन्दर सजा दो ,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
सतसंग मे मेरी बात चलायी ,
सतगुरु ने मेरी किनी सगाई ,
उनको बोला के हथलेवा तो करा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
ऐसी ओडु चुनरी जो रंग नाही छूटे ,
ऐसा वरु दूल्हा जो कबहू ना छूटे ,
अटल सुहाग वाली बिंदिया लगा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
ऐसी पहनू चूड़ी जो कभ हु न टूटे,
प्रेम प्रीती धागा कभ हु न छूटे,
आज मेरी मोतियों से मांग तो भरा दो,
सूंदर सजा दो मुझे मेहँदी तो लगा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो।।
भक्ति का सुरमा मैं आख मे लगाउंगी |
दुनिया से नाता तोड़ मैं उनकी हो जाउंगी |
सतगुरु को बुला के फेरे तो पडवा दो,
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो ||
तूने कीनो ज़ुलम रंग डाल रसिया होली में,मेरो
बिगड गयो शृंगार रसिया होली में,तूने कीनो.......
भर-२ डारी गुलाल की झोरी,झूम झटक मोरी
बईया मरोरी,मेरो टूट गयो,नौलख हार रसिया
होली में तूने कीनो.........
सास,ननद मोहे देवेगें गारी,बलम के ताने पडेगें
भारी,रखे देवर,पहरा डाल रसिया होली में तूने कीनो
ज़ुलम रंग.........
देखो श्याम मेरा घुंघटा खोलो ना,चुप थारो तुम कछु
बोलो ना,हाय तडपे, है जिरहा हमार रसिया होली में
तूने कीनो ज़ुलम रंग........
कैसी मारी कनक कमौरी,भीगी चुनरी चोली मोरी,
भीगे लंहगा,गोटेदार रसिया होली में तूने कीनो
ज़ुलम रंग........
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में
मारी तान के ऐसी मोपे पिचकारी
मेरो भीजो तन को चीर,
मैं क्या करूँ होरी में
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
मेरो पीछा ना छोरे होली मेी,
ओह एक नंद गाओ को अहीर,
में का करू सजनी होली में,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
ए रंग डारी चुनर कोरी रे,
मेरे भर गयो नैनन अबीर,
में का करू सजनी होली में,
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
राधाजी की सब सखियां संग
लीला भाई यमुना के तीर,
मैं करूँ सजनी होरी में
रंग डार गयो री मोपे सांवरा....
रंग डार गयो री मोपे सांवरा
मर गयी लाजन में हे री मेरी बीर,
मैं क्या करूँ होरी में
Shrijirasik
सुन लै बृषभान किशोरी,जो मोते न खेली होरी,
तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,
तू सुन लै नन्द किशोरी,जो मोते न खेली होरी,
तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,
मौसम आया मतवाला है, तू बरसाने की वाला है,
मैं गोरी हूँ तू काला है क्यों करता गड़बड़ झाला है,
मैं लायो रंग कमोरी, तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,,,,,,
मैंने ओड़ी नई चुनरिया है, मत रंग डारे साँवरिया है,
सुन के है जाये वाबरिया है,मेरी बाजे जब बाँसुरिया है,
मेरे संग नाये सखियाँ मोरी, जो तूने करो बरजोरी, तो तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,,,
मैंने केसर रंग घुलवाया है, होली में दिल तोपे आया है,
मोये मत न समझ अनाड़ी रे, तेरी जानूं सब हुशियारी रे,
तोते बंदी प्रेम की डोरी, जो मोते न खेली होरी,
तेरी मेरी कट्टी है जायगी,,,,,,
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