॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Krishna - Vinti Bhav
कृष्ण - विनती भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले - २
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले
श्री गंगा जी का तट हो,
यमुना का वंशीवट हो
मेरा सांवरा निकट हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
पीताम्बरी कसी हो
छवि मन में यह बसी हो
होठों पे कुछ हसी हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
श्री वृन्दावन का स्थल हो
मेरे मुख में तुलसी दल हो
विष्णु चरण का जल हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
जब कंठ प्राण आवे
कोई रोग ना सतावे
यम दर्शना दिखावे
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
उस वक़्त जल्दी आना
नहीं श्याम भूल जाना
राधा को साथ लाना
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
सुधि होवे नाही तन की
तैयारी हो गमन की
लकड़ी हो ब्रज के वन की
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
एक भक्त की है अर्जी
खुदगर्ज की है गरजी
आगे तुम्हारी मर्जी
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
ये नेक सी अरज है
मानो तो क्या हरज है
कुछ आप का फरज है
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
Shrijirasik
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
गणिका अजामिल को पल में उबारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
किए पाप है इस सुयश के सहारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
माना अगम है अपावन कुटिल है,
सबकुछ है लेकिन प्रभु हम तुम्हारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
Shrijirasik
यदि नाथ का नाम दयानिधि है,
तो दया भी करेंगे कभी ना कभी
दुःख हारी हर दुखियाँ जन के दुःख कलेश हरेगे कभी न कभी,
यदि नाथ का नाम दया निधि है
जिस अंग की शोभा सुहावनी है,
जिस सवाली रंग में मोहनी है,
उस रूप सुधा के सनेहियो के,
दीर्घ प्याले भरे गे कभी न कभी न,
करुणानिधि नाम सुनाया जिन्हे,
चरणामित पान करवाया जिन्हे,
सरकार अदालत में गवाह सभी गुजरे गे कभी न कभी,
हम द्वार पे आप के आके पड़े,
मुदत से इसी जिद पे है अड़े,
भव सिंधु तरे जो बड़े जो बड़े,
बिंदु तरे गे कभी न कभी,
यदि नाथ का नाम दयानिधि है तो दया भी करेंगे कभी ना कभी
Shrijirasik
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
श्याम पुकारूँ मैं तो श्याम न आये
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
क्यूँ रूठा मुझसे कोई न बताए
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
मेरे मन की राधा रानी पीड़ मिटा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
श्याम बिना मेरा जीवन सूना
खाली दिल का हर एक कोना
खाली दिल का हर एक कोना
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
सांसें भी छुटन लागी दरश करा दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
श्री कृष्ण शरणम ममः,अपनी शरण ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
साँसों का मोह नही, जीवन चाहे ले लो
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
अपना बना ले मुझे, खुद में समा ले
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
श्याम मिला दे राधा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे
मुझे राधा रानी मेरा श्याम मिला दे ॥
Shrijirasik
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
बाबा मैं तेरी राह देखू गी,
तू मत न बार लगाइए हो, ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
चुपके चुपके चालेया आइये,
तू मत न वार लगाइए ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
दूध मलाई देयु गी खान ने,
तू माखन मिशरी खाइए ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
लाल गुलाबी हरे हरे रंग की,
तू भर पिश्कारी लाइए हो,ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
मैं कान्हा तेरा रंग रस लुंगी,
तू गुलाल लगाइए हो ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
तेरे प्यार की दुनिया प्यासी,
तू मत ना वार लगाइए हो,ओ गिरधर गोपाला,
म्हारे होली खेलन आइये हो ओ गिरधर गोपाला,
Shrijirasik
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
लेके पिचकारी खड़ी रे मेरे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
टोली आई मस्ती छाई सारी गोपिया घर से आयी,
रंग गुलाल लेके आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
ढोल मंजीरा चंग बजावे कान्हा नाचे गोपिया नचावे,
मुरली बजाता आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
राधा जी गुलाल मले श्याम जी के मुख पर,
मारी पिचकारी कान्हा रंग भर भर कर,
लाल गुलाबी हुए आज रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
भक्तो के हाथों रंग का कटोरा,
राधे और कन्हैया के प्रेम का जोड़ा,
पकड़ लियो है आज रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
बांध लियो है आज रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी,
होली खेलन आजा रे मोहन लेके पिचकारी खड़ी....
Shrijirasik
पाये लागु कर जोरी श्याम मोसे खेलो ना होली
पनिया भरन को जब मैं निक सी
जब मैं निक सी, जब मैं निक सी
सास ननंद से चोरी श्याम मौसे खेलो ना होली
पाये......
सगरी चुनर मोरी रंग भिगोई
मोरी रंग भिगोई, मोरी रंग भिगोई
इतनी अरज सुन मोरी श्याम मौसे खेलो ना होली
पाये......
होली खेल कर तुम मनमोहन
तुम मनमोहन, तुम मनमोहन
क्या गत किनी मोरी मौसे खेलो ना होली
पाये........
Shrijirasik
होली खेलण ने साँवरिया, बरसाना तू आजे रे,
राह निहारु आपरी तू बेगो आजे रे,
होली खेलण ने.....
राधा ने लाजे साँवरिया रूकमण ने लाजे रे,
गोकुल रा गोपाल, संग सुदामा लाजे रे,
होली खेलण ने.....
लाल -पिली, हरी - केशरी रंग गुलाल होली रे,
भर पिचकारी छोड़ू साँवरिया, रंग उडालू रे,
होली खेलण ने.....
लठमार होली मारे, बरसाना में खेले रे,
संग सहेलिया बोले माने, मोहन न खेले रे,
होली खेलण ने.....
माता तो वरजे थाने, बरसाना मत जाजे रे,
नन्द बाबा बोले कान्हा, संग लेजाईज्ये रे,
होली खेलण ने.....
बरसाना री गुजरी ने, कृष्ण आज बुलाये रे,
धरम तंवर चरना रे माई ,शीश नमाये रे,
होली खेलण ने.....
Shrijirasik
हम तुम्हारे थे प्रभु जी हम तुम्हारे हैं,
हम तुम्हारे ही रहेंगे मेरे प्रियतम....
तुम्हे छोड़ सुन नन्द दुलारे कोई ना मीत हमारो,
किसके द्वारे जाए पुकारूँ और ना कोई सहारो,
अब तो आके बांह पकड़ लो ओ मेरे प्रियतम,
तुम हमारे थे प्रभु जी तुम हमारे हो,
तुम हमारे ही रहोगे ओ मेरे प्रियतम......
तेरे कारण सब जग छोड़ा तुम संग नाता जोड़ा,
एक बार प्रभु बस ये कह दो मैं तेरा तू मेरा,
साँची प्रीत की रीत निभा दो ओ मेरे प्रियतम,
हम तुम्हारे थे प्रभु जी हम तुम्हारे हैं,
हम तुम्हारे ही रहेंगे मेरे प्रियतम.....
तुम हमारे थे प्रभु जी तुम हमारे हो,
तुम हमारे ही रहोगे ओ मेरे प्रियतम.....
Shrijirasik
हरदम याद किया कर हरि को,
दर्द निदान हरेगा
1.मेरा कहा नहीं खाली ऐ दिल,आंनद कंद ढरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
2.ऐसा नाहीं जहाँ बिच कोई,लंगर लौर लरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
3.सहचरी चरण शैर दा बच्चा,क्या गजराज करेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले 2
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरेपाप तू मिटा दे
तेरे सिवा न कोई मेरा जग में आसरा है 2
मुझको तलाश तेरी अंखियों में सांवरा है
मिलने की आरजू है 2मुरली बजाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
दुनिया है मेरी मीरा भंवर में फंसती है नैया 2
आ जाओ बन के भांजीं कर दो पार मेरी नैया
हर सवांस मे बसे हो दिल में समाने वाले
मेरेपाप तू मिटा दे
जन्नत में भेज चाहे दो जखमे भेज दें तू 2
हम भी तेरे दीवाने आ कर के देख ले तू
हमको नहीं है प्रवाह 2 गयूऐ चलाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
हर शह में वास तेरा कहता है ये जमाना 2
अब मेरी बारी पे तुम करते हो कंयू बहाना
मानूंगा मैं तो जब भी 2 मुझे चरनो से लगा ले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
श्री कृंशन गोबिंद हरे मूरारी से नाथ नारायण वासुदेवा 5
हे नाथ नारायण वासूदेव आ हे नाथ नारायण वासुदेवा
Shrijirasik
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंदिश,दिन रात लिजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली....
1.औरों के पास जानें से,क्या होगा फायदा
चरणों में प्रेम अश्रु की,बरसात किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु....
2.करने से पहले काम तूं,सौ बार दिल से पुछ
हरगिज़ ना कभी दिल से,ना घात किजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
प्रभु....
3.मीरा ने पीके दुनिया को,हाला दिखा दिया
प्रभु नाम रसका प्याला,दिन रात पिजिए
ताली बजा-बजाकर, शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
Shrijirasik
सुनलो जमाने वाले,
प्रभु का भजन कर भाई ।
काहे को समय गँवाई,
तूने काहे को समय गँवाई ।।
काहे सताया तूने, जीवों को बन्दे,
काहे लगाया तूने पाप के फन्दे ।
काहे को तुमने है पाप कमायी,
काहे को तुमको ये माया सतायी ।।
अब भी समय है भाई,
प्रभु को ले मन में बसाई ।।
काहे को....
धन के गुमानी नर, कुछ ना मिलेगा,
अन्त समय खाली हाथ चलेगा ।
अपने को प्रभु को, करो प्यारे अर्पण,
दीनों की सेवा में, करदो समर्पण ।।
करले सत्संग भाई,
अपने को प्रभु में लगाई।।
काहे को....
कोई न तेरा यहाँ, ना तू किसी का,
प्रभु से तू प्रेम करले, सब है उसी का ।
उसके सिवा जग में, ना कोई दूजा,
दिल में बसा ले उसको, कर ले तू पूजा ।।
कान्त तू ध्यान धरले,
प्रभु को ले दिल में बसाई ।।
काहे को....
Shrijirasik
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं !
बरसो से तरस रहे , जन्मों के प्यासे हैं !!
मीरा को दरश दिया , सबरी को दरश दिया ,
ओ मेरे मोहन , जिसको भी दिया तूने दरश ,
याद करते हैं उसको , सब बरसो बरस ,
याद करते हैं उसको , सब बरसो बरस ,
मीरा को दरश दिया , सबरी को दरश दिया ,
दोनों को दरश दिया, दोनों को तार दिया ,
प्रभु हम को भी दे दो दरश , हम दरश के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
ना धन ही हमें भाया , ना यश ही हमें भाया ,
ओ मेरे मोहन , धन दौलत सब झूठी हैं माया ,
सब कुछ छोड़ के , तेरे दर आया ,
सब कुछ छोड़ के , तेरे दर आया ,
ना धन ही हमें भाया , ना यश ही हमें भाया ,
बस कीर्तन ही तेरा , मन को मेरे भाया ,
भजनों के रसिया हैं , भजनों के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
रिश्तो से प्यार किया , रिश्तो ने धोका दिया,
ओ मेरे मोहन , रिश्ते सभी ये झूठे हैं सारे,
हम हैं मोहन बस तेरे सहारे,
हम हैं मोहन बस तेरे सहारे,
रिश्तो से प्यार किया , रिश्तो ने धोका दिया ,
जब प्रीत करी तुझसे , पल में तूने थाम लिया ,
थोड़ा प्यार हमें कर लो , हम प्यार के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
Shrijirasik
कांन्हा आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,कुण्डल बन जाऊं
कानों में रहकर,तेरी शोभा बढ़ाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,माला बन जाऊं
गले की शोभा बन,हृदय से लग जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया,तेरी बासुरीं बन जाऊं
हाथों में रहकर,अधरों पे सज जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
कहो तो कन्हैया,पागल मामा हो जाऊं
चरणों में रहकर,अपना जीवन बिताऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
साडे ईक वारी आजा ओ रगिलें रसिया-2
ओ रगिलें रसिया,ओ छबिलें रसिया-2
Shrijirasik
तर्ज - हे लाड़ली सुध लीजे हमारी
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
तुमसे हमारी पुरानी हैं यारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
तेरे बिना हम कैसे जियेंगे , आंसू विरह के कैसे पियेंगे -२
आ के पकड़ लो बांह हमारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी -२
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
जैसा रखोगें हम रह लेंगे , मुख से कभी भी उफ़ ना कहेंगे - २
चाहे तो ले लो परीक्षा हमारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी - २
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
कोई भी दर से खाली ना जाये , तेरी कृपा उसपे हो जाये ,
इतनी कृपा तो करना मुरारी , ओ मेरे मोहन ओ गिरधारी ,
ओ साँवरे हम तेरे पुजारी , रखना मोहन लाज हमारी - २
Shrijirasik
हे प्राणधन राधा रमण, सब भक्तों के तुम लाडले।
हम आये अब तुम्हारी शरण, हे प्राणधन राधा रमण॥
हम करते हैं विनती प्रभु, हे प्राणधन राधा रमण।
कर लो मेरे मन में रमण, हे प्राणधन राधा रमण।
मिटा दो मन की सब तपन, हे प्राणधन राधा रमण॥
पावन करो प्रभु मेरा मन, हे प्राणधन राधा रमण।
लागी रहे तुम में लगन, हे प्राणधन राधा रमण॥
रखो चरणों में हमको मगन, हे प्राणधन राधा रमण।
भव से तारो मेरा ये जीवन, हे प्राणधन राधा रमण।
सुन लो मेरी अब ये करुण, हे प्राणधन राधा रमण॥
झूठा है दुनिया का बंधन, हे प्राणधन राधा रमण।
सच्चा है बस तेरा चिंतन, हे प्राणधन राधा रमण॥
Shrijirasik
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.....
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
श्याम राधिका गाऊँ,
मैं श्याम राधिका गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
सौ रज शीश नवाऊ,
सौ रज शीश नवाऊ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
Shrijirasik
तर्ज – चार दिनों का प्यार ओ रब्बा (लम्बी जुदाई)
( बिछड़े अभी तो हम बस कल परसों,
जिऊंगी मैं कैसे इस हाल में बरसों,
राधा पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए॥ )
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए,
देर लगाए,
भक्त पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए......
एक तो श्याम मेरे पास नहीं रे,
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे,
दूजे मिलन दी कोई आस नहीं रे,
उसपे ये सावन आया, हाय
उसपे ये सावन आया,
आग लगायी,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए,
देर लगाए,
भक्त पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए......
चिठ्ठीये नी दर्द फ़िराक़ वालिये,
ले जा ले जा संदेशा सोहणे यार दा
तेनु वासता दिल दी पुकार दा
ले जा ले जा संदेशा सोहणे यार दा....
बाग उजड़ गए खिलने से पहले,
श्याम बिछड़ गए मिलने से पहले,
कोयल की कुक ने हुक लगाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए,
देर लगाए,
भक्त पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए.....
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए,
देर लगाए,
भक्त पुकारे मेरे श्याम कन्हाई,
आजा देर लगाए,
ओ बंसीवाले सांवरा बड़ी देर लगाए.....
Shrijirasik
तर्ज – दिल दीवाने का डोला
मेरे इस टूटे दिल को आधार चाहिए,
मेरे इस पगले दिल को आधार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए.......
समझाना बड़ा मुश्किल है,
आखिर तो दरदे दिल है,
सच्चा दरबार लगा है,
ये कान्हा की महफ़िल है,
नैनो को बंसी वाले का हो ओ,
नैनो को बंसी वाले का,
नैनो को बंसी वाले का आधार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए......
कुछ कमी ना अरमानो की,
तेरे इन दीवानो की,
मुझको मदहोश बनाये,
ये कटार तेरे नैनो की,
दिल नाच उठे वो हो ओ,
दिल नाच उठे वो,
दिल नाच उठे वो सांवरिया सरकार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए......
जितना खिचाव चितवन में,
होता जो मेरे मन में,
फिर तो ये दिल दीवाना,
उड़ जाता निल गगन में,
हाथो में मेरे हो ओ,
हाथो में मेरे,
हाथो में मेरे यार की पतवार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए......
भक्तो के तुम प्यारे हो,
तुम जिगरी दिल वाले हो,
कितनो पर डोरे डाले,
तेरे ये मस्त नज़ारे,
यशोदा नंदन के हो ओ,
यशोदा नंदन के,
यशोदा नंदन के नैनो का दीदार चाहिए,
वो काली कमली वाला मेरा यार चाहिए.......
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना,
एकेले मत आना नन्दलाला,
संग राधा जी को लाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
हँसते हँसते निकले दम,
बिछुड़न का मत देना गम,
छवि दिखला देना प्यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जोड़ी हो जुगल सन्मुख मेरे,
तुम आकर दरश दिखाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
चलने की हो तैयारी,
नैनन में हो छवि तुम्हारी,
इतनी है विनय हमारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
आ जाना तुम प्रानन प्यारे,
मत करना कोई बहाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
जब प्राण कण्ठ में आवे,
दिल तुझको श्याम बुलावे,
तुमसे है मेरी यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जीवन तेरा तेरे अर्पण,
ओ मुरली वाले कान्हा,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
पागल की तुमसे विनती,
हर घडी सांस को गिनती,
बीती ये उमरिया सारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
मर मर के जनम लू दुनिया में,
तेरा भूलू नही तराना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
Shrijirasik
मुरली वाले तेरा शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
तूने भाग्य को मेरे संवारा,
आयी मुश्किल तो दिया सहारा,
हाथ सर पे मेरे रख दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
मान इज्जत है तूने बढ़ाई,
तेरी कृपा से भक्ति है पाई,
मेरा खुशियो से घर भर दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
मेरे पर्दा गुनाहो पे डाला,
तूने गिरते हुए को संभाला,
ओ प्यार जीवन में अब भर दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
दीन दुखियो की विपदा तू टाले,
नैया मझधार से तू निकाले,
डूबतों को किनारा दिया,
शुक्रिया शुक्रिया शुक्रिया,
तूने जीवन में सब कुछ दिया......
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने में आय जइयो बुलाई गई राधा प्यारी,
बुलाई गई राधा प्यारी
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.......
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
आहा माखन मिशरी खाए जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
आहा ठंडा पानी पी जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे ठंड लगेगी,
आहा काली कंबलिया ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी.....
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे गर्मी लगेगी
आहा मोर का पंखा ले जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी
आहा मखमली गद्दे पे सो जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी,
कान्हा बरसाने मे आय जइयो,
बुलाई गई राधा प्यारी......
Shrijirasik
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
मै ही तोहे देखुं सांवरियां,
देखे ना कोई दुजी नज़रिया,
मै ही तो हूँ तेरी बावरीया,
मै ही सुनु बस तेरी बांसुरियॉं,बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया कोई मुरली की तन सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे...........
गोकुल ढूँढा तुझे मथुरा मे ढूँढा,
छोड़ी ना कोई ऐसी नगरिया,
बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन मन मे आग लगा दे लगा दे.......
Shrijirasik
ना मैं चूनरी रंगी है ना मैं चोला रंगया,
ओ रंगण वाले ने रंगीला मेरा मन रंगया....
ना मैं धीया मंगिया ना मैं पुत्र मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी.........
ना मैं हीरा मंगया ना मैं मोती मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी.........
ना मैं महल मंगया ना मैं मोरिया मगियां,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी..........
ना मैं अन मंगया ना मैं धन मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी..........
Shrijirasik
मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे,
मेरे साथ रहे, मेरे साथ रहे,
वृन्दावन वाले तू हमेशा मेरे साथ रहें.....
मैं तो जन्मो से तेरा दीवाना हु,
तेरी किरपा से मैं अनजाना हु,
मेरी झोली में ये तेरी सौगात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
तेरी किरपा जप मुझपे हो जायेगी,
मेरी करनी को श्याम ये जायेगी,
तेरे छोटे से दीवाने की ये बात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
मेरी मुश्किल का हल हो जायेगा,
मेरा जीवन सफल हो जायेगा,
हर्ष अपनी यु होती मुलाकात रहे,
मेरा सांवरा हमेशा मेरे साथ रहे.......
Shrijirasik
मेरे कृष्ण मुरारी आ देर ना कर गिरधारी आ......
भक्त प्रह्लाद ने तुम्हें पुकारा,
हिरणाकुश को पल में मारा,
शबरी क़े प्रभु मान रखे थे,
झूठे झूठे बेर थे चखें थे,
मेरी सूध आजा ले जा,
देर न कर गिरधारी.....
अभिलाषा जो ध्रुव ने किन्ही,
उच्चसन प्रभु तुमने दिनी,
नार अहिल्या तुमने तारी,
जय हो जय हो कृष्ण मुरारी,
आजा रे अब आजा आ,
देर ना कर गिरधारी.....
द्रुपद सुता ने तुम्हें बुलाया,
तुमने आकर जी चीर बढ़ाया,
दूर करो सब कष्ट हमारे,
जय हो मां यशोदा के प्यारे,
आजा रे अब आजा आ.....
Shrijirasik
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा........
हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरी आस्ता के सदके,
तेरी हर गली पे कुरबां,
तेरा दर है दर हकीक़त,
मेरी जीस्त का सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरे प्यार की हदो को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीँ पे,
मैंने जहाँ पुकारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
क्यों ढूंढते फिरे हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.......
Shrijirasik
तर्ज – ये तो प्रेम की बात है
अपने लाला की सुन लो शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है,
वो जो देता है दर्द ये दिल को,
वो दिखाने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है......
मैया पहली शिकायत हमारी,
पनघट पे मिले थे मुरारी,
या ने तोड़ी गगरिया हमारी,
जल भरने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.........
मैया दूसरी शिकायत हमारी,
गलियों में मिले थे मुरारी,
वा ने फाड़ी चुनरिया हमारी,
ओढ़ने के जो काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.......
मैया तीसरी शिकायत हमारी,
महलों में मिले थे मुरारी,
या ने तोड़ी नथनिया हमारी,
मुंह दिखाने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है........
मेरे लाला को प्यार सु बुलाती,
माखन मिश्री का भोग लगाती,
ये तो प्राणो से प्यारा कन्हैया,
ये शिकायत के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.........
Shrijirasik
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
कृष्णा चरण तज जाऊ कहा मे
कृष्णा चरण तज जाऊ कहा मे
वो तो चारो धाम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
ऋषीमुनी संत सनातन पूजन
ऋषीमुनी संत सनातन पूजन
श्री कृष्णा शरणं मम
श्री कृष्णा शरणं मम
Shrijirasik
जाने क्या जादू भरा हुआ,
भगवान तुम्हारी गीता में,
मन चमन हमारा हरा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ......
गीता ग्रंथो से न्यारी है,
श्रुति जुगति अनुभवकारी है,
गीता ग्रंथो से न्यारी है,
श्रुति जुगति अनुभवकारी है,
युग युग का अनुभव जुड़ा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ......
जब शोक मोह से घिर जाते,
तब गीता वचन हृदय लाते,
जब शोक मोह से घिर जाते,
तब गीता वचन हृदय लाते,
कल्याण खजाना भरा हुआ,
श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ.....
गीता संतो का जीवन है,
गंगा के सम अति पावन है,
शरणागति अमृत भरा हुआ,
भगवान तुम्हारी गीता में,
विज्ञान ज्ञान रस भरा हुआ,
श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,
हरी प्रेम लबालब भरा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ..........
Shrijirasik
करूणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
जय मंजुल कुंजीन कुंजन की,
रस कुंज विचित्र समाज की जय जय,
यमुना तट बंसीवट की,
गिरिजेश्वर की गिरिराज की जय जय,
ब्रज गोपियन गोप कुमारन की,
विपिणेश्वर के सुख साज़ की जय जय,
ब्रज के सब संतन की,
ब्रज मंडल की ब्रज राज की जय जय,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
रंग प्रेम भरा बरसा करके,
बरसो की वियोग व्यथा हर ले,
मन मेरा मयूर सा नाच उठे,
कुछ भावना भाव नया भरदे,
कुछ भावना भाव नया भरदे,
जलती इस छाती की ज्वाला मिटे,
अपना पद कंज ज़रा धर दे,
हस दे हस दे दृग फेर अगर,
नट नागर नेक कृपा करदे,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
नही चित्र लखा ना चरित्र सुना,
वह सुंदर श्याम को जाने ही क्या,
मन में है बसा मन मोहन जो,
वे ठान किसी पर ठाने ही क्या,
जिस बंदर ने ईमली ही चखी,
वो स्वाद सुधा पहचाने ही क्या,
जिसने हरी प्रेम किया ही नही,
वह प्रेम की आहो को जाने ही क्या,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार,
करूँणा भरे कृपा भरे,
मेरे बांके बिहारी सरकार.......
Shrijirasik
घनश्याम तुम्हारे मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ,
वाणी में तनिक मिठास नहीं,
पर विनय सुनाने आई हूँ.....
मैं देखूं अपने कर्मो को,
फिर दया को तेरी करूणा को,
ठुकराई हुई मैं दुनिया से,
तेरा दर खटकाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ........
प्रभु का चरणामृत लेने को,
है पास मेरे कोई पात्र नहीं,
आँखों के दोनों प्यालों में,
मैं भीख मांगने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ........
तेरी आस है श्याम निवाणीअणु,
तेरी शान है बिगड़ी बना देना,
तुम स्वामी हो मैं दासी हूँ,
संबंध बढ़ाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ.....
समझी थी मैं जिन्हें अपना,
सब हो गए आज बेगाने है,
सारी दुनिया को तज के प्रभु,
तुझे अपना बनाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ.........
Shrijirasik
मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों....
धनि-धनि मात पिता सुत बन्धु,
धनि जननी जिन गोद खिलायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों.....
जे नर बिमुख भये गोविन्द सों,
जनम अनेक महा दुःख पायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों.......
श्री भट्ट के प्रभु दियो अभय पद,
यम डरप्यो जब दास कहायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों........
मदन गोपाल शरण तेरी आयो,
चरण कमल की सेवा दीजै,
चेरो करि राखो घर जायो,
मदन गोपाल शरण तेरी आयों......
Shrijirasik
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
प्रभु नाम के मोती,
महिमा राम नाम की होती,
मन हो जाये मतवाला..
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला...
जिसकी कृपा से रत्नाकर भी,
रामायण लिख जावें,
जिसकी कृपा से नयनहीन भी,
सूर श्याम कहलाये,
मीरा जोगन हो जावे,
गिरधर के रंग रंगाये,
पीये दीवानी विष प्याला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला.......
धूप दीप अर्चन साधन न,
जोग कोई बतलाये,
चरण शरण ही जा बैठे,
और भव सागर तर जाए,
काशी काबा न जाए,
चाहे गंगा न नहाये,
बस राम की फेरे माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला......
जनम जनम के इस चक्कर से,
खुद को आज बचा ले,
राम नाम का हो जा प्राणी,
राम नाम अपना ले,
अरे बन जा सवाली,
भर ले झोली तू खाली,
सारे जग का वो रखवाला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला......
Shrijirasik
विनती सुनिए नाथ हमारी,
ह्रदय स्वर हरी ह्रदय बिहारी,
मोर मुकुट पीताम्बरधारी,
विनती सुनिए..........
जनम जनम की लगी लगन है,
साक्षी तारों भरा गगन है,
गिन गिन स्वास आस कहती है,
आएंगे श्री कृष्ण मुरारी,
विनती सुनिए..........
सतत प्रतीक्षा अप लक लोचन,
हे भव बाधा विपत्ति विमोचन,
स्वागत का अधिकार दीजिये,
शरणागत है नयन पुजारी,
विनती सुनिए..........
और कहूं क्या अन्तर्यामी,
तन मन धन प्राणो के स्वामी,
करुणाकर आकर ये कहिये,
स्वीकारी विनती स्वीकारी,
विनती सुनिए..........
Shrijirasik
बुला रही राधा गुजरिया तू झूलन आजा सांवरिया.....
श्याम बिन सावन ना भावे,
तू आजा क्यों अब तड़पावे,
बुला रही राधा लिख चिठियां, तू झूलन आजा सांवरिया........
सुहानी सावन रुत आई,
कैसी चल चल रही पुरवाई,
गगन में छा गई बदरिया, तू झूलन आजा सांवरिया..........
बोल रही कोयल दादुर मोर,
रुनझुन नाचत मन का मोर,
बजा दे प्यारी बांसुरिया, तू भूलन आजा सांवरिया...........
करूण तेरे सुन ले ओ बनवारी,
अरज करे तुमसे ब्रज नारी,
शरण में लेलो सांवरिया, तू झूलन आजा सांवरिया..........
कदम पर हमला डलवाई,
झूलन सब बिरज नारी आई,
कै झोटा दे जा सांवरिया, झूलन आजा सांवरिया..........
Shrijirasik
भाँति भाँति का भोजन बनाया. मीठा और नमकीन
बहुत सुनी मैं चर्चा थारी. थे इन चीजों के शौकीन
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जीमो जीमो जी सावरिया करदे हमपे करम.
तरहा तरहां का भोजन बनवाया चर्चरी नरम.
खाले रोट हरियाणे का
लेले मजा तू खाने का
मांड सांभर को पीले राबड़ी
ना करियो सरम।।। जीमो जीमो
साग बनाया सरसो दा
रोटी बनाई मक्के दी
लस्सी ल्याया ठेठ पंजाबी
पिजा एक दम।। जीमो जीमो
ल्याया ढोकला गुजराती
इडली डोसा मद्रासी
दिल्ली वाली हरी कचौड़ी
गरमा गरम।।। जीमो जीमो
खाले ढसाल बाटी भी तू
पीले कढ़ी साटी भी तू
बीकानेरी भुजिया चम चम
चर्चरी नरम।।। जीमो जीमो
आम अमरूद अंगूर अन्नानाश
खीरा निम्बू बहुत है खास
कांकरिया है लाल टमाटर
लाया चमाचम।। जीमो जीमो
काजू किसमिस खुरमानी
नारियल छोहाड़ा बादामी
केला सेव पपीता चीकू
गाजर का हलुवा गरम।। जीमो जीमो
सौफ इलायची हाजिर है
साथ मे मिश्री रक्खी है
पान कलकत्ता वाला चबा के
पान बनारस वाला चबा के
करले बिश्राम।। जीमो जीमो
बतला और के खावेगा
झट से वो हाजिर पावेगा
नरसी त्यार खड़ा सेवा में
भग्त त्यार खड़ा सेवा में
करदे हुकुम।।। जीमो जीमो जी साँवरिया।।।।
Shrijirasik
खींचे खींचे रे दुशासन मेरो चीर अरज सुनो गिरधारी
1. हस्तिनापुर में जाकर देखो, महफिल हो गई भारी
कौरव पांडव सभा बीच में, खड़ी द्रोपती नारी
उनके नैनों से बरस रहो नीर, सुनो गिरधारी
2. पांचो पांडव ऐसे बैठे, जैसे अबला नारी
द्रोपती अपने मन में सोचे, दुर्गति भाई हमारी
नहीं है, नहीं है रे धरैया कोई धीर, अरज सुनो गिरधारी
3. वो दिन याद करो कन्हैया, उंगली कटी तुम्हारी
दोनों हाथों पट्टी बांधी, चीर के अपनी साड़ी
आ गई आ गई रे, कन्हैया तेरी याद, अरज सुनो गिरधारी
4. राधा छोड़ी रुक्मण छोड़ी, छोड़ी गरुण सवारी
नंगे पैर कन्हैया आए, ऐसे प्रेम पुजारी
बच गई बच गई,द्रोपती जी की लाज,अरज सुनो गिरधारी
5. खींचत चीर दुशासन हारो, हार गयो बल धारी
दुर्योधन की सभा बीच में, चकित हुए नर-नारी
बढ़ गयो बढ गयो रे, हजारों गज चीर, अरज सुनो गिरधारी
6.साड़ी हैं कि नारी है,, कि नारी बीच साड़ी है
नारी ही की साड़ी है, कि साड़ी ही की नारी हैं
कैसे बढ़ गया रे, हजारों गज चीर, अरज सुनो गिरधारी
7.चीर बढ़न की कोई न जाने, जाने कृष्ण मुरारी
चीर के भीतर आप विराजे, बनके निर्मल साड़ी
ऐसे बढ़ गए रे, हजारों गज चीर, अरज सुनो गिरधारी
Shrijirasik
https://www.bhajanganga.com/bhajan/lyrics/id/32976/title/Maiya-Matki-Fod-Di-Meri
री मैया कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी.............2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
1 ) मैं तो पनिया भरन जब जाऊँ , मेरे पीछे-पीछे आवे.........2
फिर अपनी गुलेल से कान्हा , मटकी पे निशाना लगावे...........2
मटकी पे निशाना लगावे , करता माखन की चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
2 ) श्याम मुरली मधुर बजाए ,जब गईया चरावे जाए.............2
जमुना के किनारे कन्हैया , राधा संग रास रचावे..........2
राधा संग रास रचावे कान्हा , करता बरजोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
3 ) मेरे गिरधर मोहन प्यारे , बेबी लिखे भजन तुम्हारे...........2
जिया भी भजन सुनाए , और तेरी राह निहारे.........2
और तेरी राह निहारे , दिल मेरा करता जो चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
Shrijirasik
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
आँखों की प्यास सवारे, आ कर बुझाईये
1 ) रातो की नींद उड़ गई, दिन में ना चैन है
तकते तुम्हारी राह बस, व्याकुल ये नैन है
मीठी मुरलियाँ कानुहड़ा, फिर से बजाइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
2 ) देखे बिना तुझे हुआ, ये मन उदास है
फिका तेरे बिना सभी, चाहे कुछ भी पास है
चितचोर श्याम मेरे भी, चित को चुराइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
3 ) पागल कोई कहे मुझे, कोई कमली कह रहा
तेरे बिना बेचारा दिल, क्या क्या सह रहा
दीवानगी की हद सभी, मोहन मिटाइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
4 ) प्यारे हमे बताओ तुम, कब तक रुलाओगे
बिरह की आग हृदय में, कब तक जलाओगे
भूलन कहे ना और अब, हमको सताइये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
दर्शन की आस है मुझे, गिरधारी आईये
आँखों की प्यास सवारे, आ कर बुझाईये
Shrijirasik
निकल आयो पर्दे से, ओ मुरली वाले,
हमें तेरा पर्दा, गवारा नहीं है ।
तुम बैठे पर्दे में, हम बैठे सजदे में,
अरे, यह भी तो कोई, नज़ारा नहीं है ॥
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे ।
हम निर्गुण, तुम स्वामी ।
पर्दा, ज़रा हटा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, मुखड़ा ज़रा दिखा दे ।
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
दिल में है तेरी तस्वीर, विगड़ी बना दे तकदीर ।
नैनों में तूँ वसा ले, नैनों से बहते हैं नीर ॥
बन गई हूँ तेरी योगन ॥, चरनों में, अब जगह दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
तरसी है मेरी अख्खियाँ, आई है साथ सख्खियाँ ।
दर्शन तूँ मुझको दे दे, नैनन में वस जा मेरे ॥
ओ मुरली वाले कान्हा ॥, जलवा, ज़रा दिखा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
आयो तो खेलूँ होली, प्यार की बोलूँ बोली ।
प्यार से बाँके मेरी, भरदे यह ख़ाली झोली ॥
ओ मुरली वाले कान्हा ॥, रोते को, तूँ हसा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
Shrijirasik
https://www.bhajanganga.com/bhajan/lyrics/id/33005/title/Gopal-Krishna-mere-kar-door-tu-andhere
गोपाल, कृष्ण मेरे, कर, दूर तूँ अँधेरे ॥
वस जायो, मन में मेरे ॥, दुखड़े, हरो तुम मेरे...
गोपाल, कृष्ण मेरे...
झूम झूम के, महिमा गाए, जो भी तेरे, दर पे आए l
सुँदर सूरत, देख के तेरी, राधा ने भी, तेरे गुण गाए ॥
बँसी वाले, मुरली मनोहर ॥, मेरे दिल में, लगा ले डेरे...
गोपाल, कृष्ण मेरे...
ऑंखे तेरी, मोतियन माला, सुँदर है मेरा, बृज गोपाला l
सूरत तेरी, इतनी प्यारी, सारे जगत से, है यह न्यारी ॥
तेरा ध्यान मैं, निस दिन ध्याऊँ ॥, आजा अब तो, पास तूँ मेरे...
गोपाल, कृष्ण मेरे...
सुने मन में, ज्योत जलाई, सारी दुनियाँ, तूने बनाई l
रोते हुए को, तूने हँसाया, तूने सब की, विगड़ी बनाई ॥
मेरी भी तो, विगड़ी बना दे ॥, आई आज मैं, द्वार पे तेरे...
गोपाल, कृष्ण मेरे...
Shrijirasik
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी,
लै दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी
1. मन्ना मैं रोज़ हो तेरी ,इक्को आज मनले मेरी
मनां मैं रोज़ हो तेरी ,इक्को माहिया आज मनले मेरी -2
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी -2
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी -2
2. ठाकुर श्री बांकेबिहारी सपने च आया कई बारी
देखी जो सूरत सौणी सुधबुध मैं पुल गयी सारी -2
ठान लई मैं माहिया ओदे दर्शन पौण दी -2
3. दिनें मैं ओसियां पावां ,रातां नूं जाग लगावां
लग्गे पुख प्यास न मैनूं यादां बिच मुकदी जावां -2
रही परवा ना मैनू जिंदगी गवाण दी -2
ले दे टिकट मेनूं ....
4. माहिया जे सुखी तू रैणा ,मान लै ‘‘मधुप’’ दा कैणा
दीता जे जाण न मैनू ,पैजूं तैनू पछतोंणा -2
बिब्ता पैजूं तैनूं रोटियां पकोण दी -2
ले दे टिकट मेनूं ....
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी -2
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी -2
ठान लई मैं माहिया ओदे दर्शन पौण दी,
रही परवा ना मैनू जिंदगी गवाण दी ,
बिब्ता पैजूं तैनूं रोटियां पकोण दी,
आस बिहारी जी दा दर्शन पौण दी,
ले दे टिकट मेनूं वृन्दावन जाण दी।
Shrijirasik
हो मन बस गयो नंदकिशोर ,
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
सौंप दिया अब जीवन तोहे -2
राखो जिस विधि रखना मोहे -2
तेरे दर पे पड़ी हूँ सब छोड़ ,
बसालो वृन्दावन में -2
चाकर बनकर सेवा करुँगी -2
मधुकरी मांग कलेवा करूंगी -2
तेरे दरश करुँगी उठ भोर -2
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
अर्ज मेरी मंजूर ये करना -2
वृन्दावन से दूर न करना -2
कहे "मधुप" हरी जी हाथ जोड़ -2
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2
मन बस गयो नंदकिशोर ,
अब जाना नहीं कहीं और ,
बसालो वृन्दावन में -2 ।
Shrijirasik
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ -2
बाँध ली कान्हा तोसे प्रीत की डोरी।
सुलझे न मोसे अब उलझन मोरी।।-2
हरदम याद सताती है,अखियां जल बरसाती हैं। -2
कान्हा तेरी कबसे बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुजे पल-पल पुकारूँ-2
होक तेरी सुख चैन गंवाया,इसके सिवा मेने कुछ नहीं पाया -2
मोहे बस तू मिल जाए रे ,चाहे सबकुछ छिन जाए रे -2
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ -2
दिल में बिठाना चाहे चरनी लगाना,अपने करीब पर दे दो ठिकाना -2
न तोसे दूर है जाना रे ,समझ ले इतना कान्हा रे -2
कान्हा तेरी कब से बाट निहारूं -2
बाट निहारूं तुझे पल-पल पुकारूँ-4 ।
Shrijirasik
श्याम मथुरा ना जा तेरी राधा रो रो पुकारे
हम जिएंगे किसके सहारे
गोपी ये रो रो के आहें भरे
तेरे बिना है कौन नटखट मेरे
श्याम मथुरा ना जा
तेरी गैईया रो रो पुकारे
हम जिएंगे किसके सहारे
किधर गई ओ तसली तेरी
रुल जायेगी जींद कली मेरी
श्याम मथुरा ना जा
यशोदा मैया ये रो रो पुकारे
हम जिएंगे किसके सहारे
तेरे बिना जिन्दा रहना नही
दर्द जुदाई का सेहना नही
तेरी गोपी ये रो रो पुकारे
हम जिएंगे किसके सहारे
Shrijirasik
जय कृष्ण माधव नन्द-नन्दन,
मैं करूँ तेरी वन्दना ।
जय-जय मुरारी-कृष्ण-केशव,
कर रहा तेरी अर्चना॥
योग जप-तप कछु न जानूँ ,
क्या करूँ तेरी साधना ?
हे कृपानिधि ! दीन रक्षक !
सब हरो मेरी वासना ॥
मम हृदय में भक्ति भरदो,
बस यही है कामना ।
जग के माया मोह हरलो,
और कोई चाह ना ॥
जग के सब दुख दर्द देना,
पर प्रभु दो काम ना ।
हो दयानिधि भक्त वत्सल,
तो तू पार उतारना ॥
तव पद कमल मकरन्द का,
मैं भ्रमर बनना चाहता ।
लो शरण में इस कान्त को,
यह दीन होकर याचता ॥
दोहा :
मुझ दीन हीन अनाथ पे,
कृपा करो हे ईश ।
भक्ति-भाव हिय में भरो,
दया करो जगदीश ॥1 ॥
शरणागत यह कान्त है,
कर जोरे है नाथ ।
सत्यमार्ग पे वह चले,
छूटे ना तव साथ ॥2 ॥
Shrijirasik
मथुरा को ना जाओ कन्हईया
मथुरा, को ना, जाओ कन्हईया,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ॥
ओ तेरी रोवे, यशोदा मईया,
ओ तेरी रोवे, यशोदा मईया,
मथुरा, को ना, जाओ...
ओ तेरे, बिन राधा, कैसे रहेगी ।
ओ तेरी, यादों में, रो रो मरेगी ॥
कैसे, रहेंगे, ग्वाले भईया,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ।
मथुरा, को ना, जाओ...
कौन खाएगा, चोरी चोरी माख्खन ।
कौन नाचेगा, नंद जी के आंगन ॥
कौन लाएगा, घेर घेर गईयां,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ।
मथुरा, को ना, जाओ...
तेरे बिन, ब्रज में ना, कोई मेरा ।
एक, तूँ ही तो है, सहारा मेरा ॥
मेरा कोई ना, हाल पूछेईया,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ।
मथुरा, को ना, जाओ...
तेरे बिन ब्रज में, कैसे रहेंगे ।
तेरी यादों में, रो रो मरेंगे ॥
अब तो, कोई ना, धीर धरेईया,
तेरी रोवे, यशोदा मईया ।
मथुरा, को ना, जाओ...
जय श्री कृष्णा
Shrijirasik
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
तुम्हारी बैरूख़ी इक दिन,हमारी जांन ले लेगी
कसम तुमको ज़रा सोचो,के दसतुरे वफ़ा क्या है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
ना जानें किस लिए दुनिया की नज़रें,फ़िर गई हमसे
तुम्हें देखा तुम्हें चाहा,कसूर इसके सिवा क्या है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
ना है फ़रियाद होटों पर,ना आंखों में कोई आसूं
ज़माने से मिला जो ग़म,उसे गीतों में गाया है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम चले आओ,मोहब्बत का तकाज़ा है
ग़में दुनिया से घबराकर,तुम्हें दिल ने पुकारा है
कहां हो तुम...
Shrijirasik
अब तो रह न सकूँ मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूँ
अब तो रह न सकूं मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूं
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूँ
रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू
रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू
बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूं
बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
देखूँ जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूँ तो रूह मेरी तड़पे
देखूं जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूं तो रूह मेरी तड़पे
कैसे जीऊं तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूं
कैसे जीऊँ तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना
थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना
रहे जनम जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूं
रहे जनम-जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है
जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है
है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूं
है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
बिन तेरे रह न सकूं श्याम, बिन तेरे रह न सकूं
बिन तेरे रह न सकूं
Shrijirasik
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ,चरणों में
थोड़ी जगह चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूं...
अज्ञानता ने डेरा जमाया,किया मन को
चंचल ऐसा लुभाया
ले लो शरण में शरण चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूं...
उठे चाहे अंधी तूफ़ान आये,मेरे मन को
भगवन डिगा नहीं पाए
विश्वाश ऐसा तेरा चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
नज़रें कर्मं गर हुई ना तुम्हारी,रहेगी
उजड़ती आशा की क्यारी
खिले फूल गुलशन सदा चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
विनती सुनों ना मेरी कन्हैयां,मिले भीख
तेरी दया की कन्हैयां
नंदू दिवाना बनुं चाहता हूँ
दयालु तुम्हारी दया चाहता हूँ...
Shrijirasik
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
अब वो ही गले लग कर अपना पन दिखाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
उस मंजिल को पाने में शाले पड़ जाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
Shrijirasik
श्याम सपनो में आता क्यूँ नहीं,
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं ।।
मेरा दिल तो दीवाना हो गया,
मुझे सूरत दिखाता क्यूँ नहीं।
श्याम सपनो मे आता क्यूँ नहीं,
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं ।।
मेरे नैयनो में सूरत श्याम की,
मुझे दिल से लगाता क्यूँ नहीं।
श्याम सपनो मे आता क्यूँ नहीं,
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं ।।
सदियो से भटक रहा दर दर पर,
मुझे दर पर बुलाता क्यूँ नहीं।
श्याम सपनो मे आता क्यूँ नहीं,
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं ।।
तेरे प्यार का आधा पागल हूँ,
पूरा पागल बनता क्यूँ नहीं।
श्याम सपनो मे आता क्यूँ नहीं,
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं ।।
श्याम सपनो में आता क्यूँ नहीं,
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं ।।
Shrijirasik
हे योगेश्वर , हे प्राणेश्वर , हे जगदीश्वर नमो - नमो ॥
ज्ञान के दाता ,कर्म के दाता ।
भाग्य विधाता नमो - नमो ॥हे योगेश्वर ...
ज्ञान वैराग्य का दीप जला दो ।
भक्ति में तन - मन को लगा दो ॥हे योगेश्वर ...
आत्म तत्व का बोध करा दो ।
माया का यह भ्रम समझा दो ॥हे योगेश्वर ...
हे योगेश्वर नमो - नमो
हे प्राणेश्वर नमो - नमो
हे जगदीश्वर नमो - नमो
नमो - नमो , नमो - नमो ,
नमो - नमो...॥
Shrijirasik
जैसी भी की तेरी भक्ति वो काम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
मैं मूरख और अज्ञानी करता आया मनमानी
मेरे सारे दोस भुला दो तुमसा न दयालुदानी
एक बारी तेरा मुझ पर यह एहसान हो जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
यह धन दौलत की माया और पंचतंत्र की काया
सब छोड़ पड़ेगा जाना किसने कब साथ निभाया
जब दम निकले मुझे लेने मेरा श्याम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
ऋषियों ने यही कहा है वेदों में यही लिखा है
तेरा सुमिरन कर करते-करते जिसे जग छोड़ दिया है
भक्त वो सीधा ही तेरे धाम आ जाए
मेरे अंत समय में जुबां पे तेरा नाम आ जाए
Shrijirasik
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा,
श्याम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन गोविंदा,
तू ही नटवर तू ही नागर, तू ही नटवर तू ही नागर,
तू ही बाल मुकुन्दा, भजो रे मन गोविंदा,
सब देवन में कृष्ण बड़े हैं, सब देवन में कृष्ण बड़े हैं,
जो तारों बिच चंदा, भजो रे मन गोविंदा,
सब सखियों में राधाजी बड़ी हैं, सब सखियन में राधाजी बड़ी हैं,
ज्यूँ नदियन बिच गंगा, भजो रे मन गोविंदा,
ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे, ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे,
नरसिंह रूप धरंदा, भजो रे मन गोविंदा,
काली देह में नाग जो नाथो, काली देह में नाग जो नाथो,
फण फण निरत करंदा, भजो रे मन गोविंदा,
वृन्दावन में रास रचायो, वृन्दावन में रास रचायो,
नाचत बाल मुकुन्दा, भजो रे मन गोविंदा,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
काटो जम का फंदा, भजो रे मन गोविंदा,
Shrijirasik
मुरली वाले आन कर...
मुरली वाले आन कर मुरली सुना
मन हुआ बेचैन, मुरली ध्वनि बिना ॥ टेर ॥
गोपियां हैं सुस्त और अंसुअन झड़ी
क्यों सताते हो श्याम खावो तरस
मुरली वाले...
राधे बौराई पुकारे सांवरे
प्रीति कर मैं फंस गई झूठे भरम
मुरली वाले...
मात यशुदा हो रही बेहाल हैं
पूत धोखा दे गया, फूटे करम
मुरली वाले...
उजड़ा मधुबन, झर गए सब पुष्प हैं
घास बिन, जाती नहीं गऊएं चरन
मुरली वाले...
Shrijirasik
करो कृपा ना कर देरी...
करो कृपा ना कर देरी
फंसी नैया हमारी है
बढ़ाया चीर द्रौपदी का
सभा में लाज जाती थी
पुकारा एक क्षण उसने
बचाई लाज तुम ने ही
करो कृपा, ना कर देरी...
बंधे प्रहलाद खंभे से
जान उनकी चली जाती
भक्त पर कर दया प्रभु जी
बचाई जान तुमने ही
करो कृपा, ना कर देरी...
लगाया कंठ मीरा ने
पिया विष ध्यान तेरा कर
रहा ना विष, बना अमृत
करी लीला ये तुमने ही
करो कृपा, ना कर देरी....
फंसी बीचधार में नैया
अथाह जल से भरी नदियां
लगाए टेर हम प्रभु को
दिया ये ज्ञान तुमने ही
करो कृपा ना कर देरी
फंसी नैया हमारी है
Shrijirasik
तुम्हीं हो नैया...
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया
तुम्हीं कहाए...
हरण हुआ था जब द्रौपदी का
लाज बचाई तुम्हीं कन्हैया
भरी सभा को किया अचंभित
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया..
प्रहलाद को दण्ड मृत्यु मिला जब
जीवन बचाया तुम्हीं कन्हैया
वरदान झूठा किया होलिका
तुम्हीं कहाए जग के रचैया तुम्हीं हो नैया,
तुम ही खिवैया...
कंस के अत्याचार, दुखी जन
शक्ति से अपने मारा कन्हैया
अहं तोड़ डाला, तुम्हीं कंस का
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम्हीं खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम्हीं खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
Shrijirasik
मैया मोरी मैं नहीं माखन...
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
माखन है ही कहां गोकुल में जो लेहूं खाय
पूछ न उनसे जाके मैया नित ढोकर ले जाय
ओ पावन गोरस से अंग धुलते सुनके मैं दुख पायो
सुनके दुख पायो मैं नहीं माखन खायो...
नीर लिए पंछी के मैया नदिया सूख न पाए
पर व्याकुल हो प्यास के पंछी तट पर शोर मचाए
ओ आग लगी है जल के माहीं देख के मैं नहीं भरमायो
देख के मैं नहीं भरमायो माखन...
कब मिलोगे मेरे श्याम सांवरे
आंखें राह तकती हैं तुम्हारी
रो रो के बुलाती हूं तुमको
क्यों नहीं आते हो प्यारे
वृंदावन की गलियां सूनी लगती हैं
तुम बिन यमुना का पानी रूखा लगता है
बंसी की धुन सुनाई नहीं देती
मेरा मन तड़प तड़प के रोता है
कृपा करो कन्हैया आ जाओ
दर्शन दे दो एक बार प्रभु
Shrijirasik
प्रभु मैं पूछ रहा एक बात ।
बैठा है तू सबके अन्दर, फिर क्यों हो जाता पाप ।। प्रभु मैं....
गजब तमाशा नित्य करे तू , दिन करता फिर रात ।
एक ही साँचे में सब ढलते, फिर क्यों भेद दिखात ।। प्रभु मैं....
जहाँ पाप तहाँ पुण्य बसा है, जहाँ पुण्य तहाँ पाप ।
दीपक ऊपर करे रोशनी, नीचे अन्ध समात ।।
प्रभु मैं....
फूल बनाया शूल बनाया, विस्तृत सागर शान्त ।
संचालक नाटक का नटवर, फिर विचलित क्यों कान्त ।। प्रभु मैं ....
Shrijirasik
श्याम मुरली तो बजाने आओ ,
रूठी राधा को मनाने आओ ....
ढूँढती है तुझे ब्रज की बाला,
रास मधुबन में रचाने आओ ,
श्याम मुरली....
राह तकते हैं यह ग्वाले कब से,
फिर से माखन को चुराने आओ जी,
श्याम मुरली....
इंद्र फिर कोप कर रहा बृज पर,
नख पर गिरिवर को उठाने आओ जी,
श्याम मुरली....
Shrijirasik
बंसी बरसाने से लाय दूंगी ,सीखलै बजायवौ।
सीखलै बजायवौ,कान्हा सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी ,सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू गीत ना जाने, जो कान्हा तू गीत ना जाने।
अर-र-र अरे गीत हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू नाच ना जाने, जो कान्हा तू नाच ना जाने।
अर-र-र अरे नाच हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू खेल ना जाने, जो कान्हा तू खेल ना जाने।
अर-र-र अरे खेला हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू प्रीत ना जाने, जो कान्हा तू प्रीत ना जाने।
अर-र-र अरे प्रीता हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ........
Shrijirasik
जय प्राणधन राधारमण...
श्री गोपाल भट्ट जू के लाडले...!!
जय श्याम सुन्दर..अधर मुरली,
बजत तानन आडिले
जय प्राणधन राधारमण....!!
जय मोर मुकुट, झुकोये बाँये..
पीत अम्बर राजहि...
जय मकर कुण्डल, श्रवण झूमें ,
गण्ड मंडल भ्राजहि !!
जय प्राणधन राधारमण....
श्री गोपालभट्ट जू के लाडले..
जय बंकनयन, मधुर बैनन ,
मन्द मुस्कनी मुख सजे...
जय वैजयंती माल उर,
कटि किंकणि कल धुन सजे..
जय प्राणधन राधारमण...!!
जय कर कमल लकुटी सुरंगी ,
नव् त्रिभंगी छवि लसै...
जय चरण कमलंन नुपुरन सुर..
मञ्जरी गुण मन बसै..
जय प्राणधन राधारमण
Shrijirasik
मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
गीत बन जाऊं तेरी,
बांसुरी के स्वर का,
इठलाती बलखाती,
पतली कमर का,
पीला पटका बन जाऊं,
पीला पटका बन जाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
घुँघरू बनूँ जो तेरी,
पायल का प्यारे,
पल पल चूमा करूँ,
चरण तुम्हारे,
तेरे संग संग नाचूँ गाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
राधिका किशोरी संग,
रमण तुम्हारा,
मुझ को दिखा दो कभी,
ऐसा नज़ारा,
फिर चाहे मैं मर जाऊं,
फिर चाहे मैं मर जाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
Shrijirasik
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
राह तके मेरे नैन ,
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
स्नेह की डोरी तुम संग जोड़ी,
हम से तो न ही जाए गी तोड़ी,
हे मुरलीधर कृष्ण मुरारी तनिक न आवे चैन,
रहात तके मेरे नैन,
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
जन्म जन्म से कुञ्ज निहारु बोलो किस विध तुमको पुकारी,
हे नटनागर हे गिरधारी आह न पावे बैन,
राह तके मेरे नैन
अब तो दर्श बिना कुञ्ज बिहारी कौन दे मोहे चैन,
Shrijirasik
सुन राधिका दुलारी,
हूँ द्वार का भिखारी,
तेरे श्याम का पुजारी,
एक पीड़ा है हमारी,
हमें श्याम न मिला
हमसोचते थे कान्हा कही कुंजन में होगा,
अभी तो मिलन का हमने सुख नहीं भोगा
ओ सुनके प्रेम कि परिभाषा,
मन में बंधी थी जो आशा,
आशा भई रे निराशा,
झूटी दे गया दिलाशा
हमें श्याम न मिला
देता है कन्हाई जिसे प्रेम कि दिशा,
सब विधि उसकी लेता भी है परीक्षा
ओ कभी निकट बुलाये,
कभी दूरियाँ बढ़ाये,
कभी हंसाए रुलाये,
छलिया हाथ नहीं आये
हमें श्याम ना मिला…
ओ अपना जिसे यहाँ कहे सब कोई,
उसके लिए में दिन रात रोई,
ओ नेह दुनिया से तोडा,
नाता संवारे से जोड़ा,
उसने ऐसा मुख मोड़ा,
हमें कही का ना छोड़ा
हमें श्याम ना मिला
Shrijirasik
गोवर्धन गिरधारी
सुध लेना हमारी,
लेना हमारी सुध,
लेना हमारी,
आए शरण तिहारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
मोर मुकुट पीताम्बर सोहे,
कुण्डल की छवि न्यारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन.........
तुम बिन हमरी कौन खबर ले,
तुम बिन हमरी कौन खबर ले,
मेरे बांके बिहारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
भरी सभा में द्रोपदी पुकारे,
भरी सभा में द्रोपदी पुकारे,
आ रखना लाज हमारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
संतन के हितकारी
सुध लेना हमारी,
गोवर्धंन..........
Shrijirasik
सब कुछ दिया है तुमने इतना और सरकार देदो
यह हटा के प्यार सबका अपना ही प्यार देदो
मैं ढूंढूं जंगलों में बस्ती में तुझको ढूंढूं
गर हो सके तो मुझको अपना दीदार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
ऐसी पिला दे मुझको खुद तक को भूल जाऊं
अपनी मस्ती भरी हुयी चितवन का खुमार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
लुट गयी है दिल की दुनिया यह झूठा प्यार करके
मिलने की है तमन्ना मुझको करार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
गर हो गए मेहरबान पागल पे नंदनंदन
यह छुड़ा के द्वार झूठा अपना वो द्वार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
Shrijirasik
खूबसूरत हैं आंखे तेरी सांवरे इक नज़र देख ले,
खुद वखुद नींद आ जाएगी प्यार से तू जरा देख ले,
दिल की गहराइयों ने छुआ है,
सांवरे इश्क तुमसे हुआ है,
मेरे इस दिल में चाहत तेरी कर गई क्या असर देख ले,
द्वार पे तेरे आना हुआ है,
मेरा दिल भी दीवाना हुआ है,
मर गए हम मोहब्बत में तेरी तुझको कुछ ना खबर देख ले,
दुनिया तेरी अदा पे मरी है,
कैसी नज़रों में जादूगरी है,
तेरे बिन है अधूरा मेरा ज़िन्दगी का सफर देख ले,
खूबसूरत हैं आंखे तेरी सांवरे इक नज़र देख ले,
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी,
ज़िंदगी दिन व दिन संवरती रही,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे के कदर इस ज़माने में बढ़ती रही.
दर बदर से मैं कोई कीमत न थी,
श्याम की होके कीमत मेरी बढ़ गई,
इतने एहसान मुझपे किये श्याम ने की कर्जदार उनकी मैं हो गई,
गम ख़ुशी में मेरे सब बदल ते गये,
खाली झोली मेरी रोज भर्ती गई,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
शुकरियाँ रेहमतो का मैं अगर कर सकू,
श्याम बाबा इतनी न औकात है,
तेरे दरबार की एक मंगती हु मैं,
पूछ जग में तुम्हरी बड़ी बात है,
मेरे दोषो को भी तुम निभाते रहे,
मैं भले ही गुन्हा रोज करती रही,.
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
तेरी महिमा का गुणगान करती रहु,
श्याम बाबा सदा ये करना दया,
सोते जगते तुम्हारा ही ध्यान हो मुख से श्याम कहु जब भी खुलू जुबा,
आज जो कुछ भी हु तेरी किरपा से हु,
नाम तेरा लेकर चलती रही,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
Shrijirasik
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी,
जानकि अंग अंग बॉस समानी,
प्रभु जी, तुम घन, बान हम मोरा,
जैसे चेतवंत चांद चाकोरा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी तुम मोती हम धागा,
जैसे सोहने मिलत सुहागा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती,
जाकी ज्योति जले दीनी राती,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
प्रभु जी, तुम स्वामी, हम दसा,
एसी भक्ति करै रैदासा,
प्रभु जी तुम चंदन हम पानी..........
Shrijirasik
नींद ना आये रे चैन ना आये रे,
जीवन सारा बिता जाये,
श्याम न आये रे,
पल पल जाये छिन छिन जाये,
पल पल जाये छिन छिन जाये,
कैसे करूँ मैं हाये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे,
जीवन सारा बिता जाये,
श्याम न आये रे.......
तेरे बिन कई बीती रे सदिया,
आजा प्राण प्यारे,
तडपत ही दिन रेन गुजारूं,
नैनन भये पना रे,
थके नहीं दिन रेन तेरे बिन,
सारी रात जगाये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे......
श्याम सलोनी साँवरी सूरत,
ने क्या जादू किया,
तुझसे मिलने को मन मोहन,
तड़प तड़प के जिया,
मोहन तडफ तडफ के जिया,
एक झलक दिखा जा अब तो,
दिल मेरा घबराये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे......
जीवन में बस एक तमन्ना,
एक बार तो आजा,
लगी विरह की प्यास बुझा जा,
नैनन बिच समा जा,
प्यारे नैन बीच समा जा,
पल पल याद सताये तेरी,
दिल मेरा घबराये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे.......
ढूंढ ढूंढ कर हार थका मैं,
पैरो पड़ गये छाले,
मुझ जैसे पागल को अब तो,
आकर गले लगा ले,
प्यारे आकर गले लगा ले,
दर्द को क्या जाने ये दुनिया,
वाले हँसी उडाये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे......
नींद ना आये रे चैन ना आये रे,
जीवन सारा बिता जाये,
श्याम न आये रे,
पल पल जाये छिन छिन जाये,
पल पल जाये छिन छिन जाये,
कैसे करूँ मैं हाये,
नींद न आये रे,
चैन न आये रे,
जीवन सारा बिता जाये,
श्याम न आये रे.....
Shrijirasik
तर्ज - देना हो तो दीजिये जनम जनम का साथ
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
चाहे जितनी मुसीबत आये - २
वो देगा मेरा साथ ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
सुना हैं मेने इसके दर पे सबकी किस्मत बनती हैं - २
इसके पास हैं ऐसी चाबी जिससे किस्मत खुलती हैं - २
मेरी किस्मत का भी ताला - २
खोलेगा वो आज ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
सोप दिया मेने हाथ ये अपना , सांवरे के हाथ में - २
हाथ पकड़कर चल दिया में , सांवरे के साथ में - २
अब चाहे जो हो जाये - २
ना छोड़ू उसका हाथ ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
जब से देखा सांवरे को , दिल में बसी हैं याद - २
उसने लगायी ऐसे मोहर , जिसकी मिटे ना छाप - २
चाहे मिट जाये ये जीवन - २
ना मिटेगी उसकी याद ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
Shrijirasik
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
Shrijirasik
मुरली वाले तूँ मुरली बजाना
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तर्ज़- फ़िरकी वाली
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना,
नही, तरसाना, तूँ मुरली की, तान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से, ॥
मुरली, बजाई तूने, यमुना के तट पर,
गोपीयों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, गोकुल किनारे,
ग्वालों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, वृंदावन में,
राधा, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, मधुबन में,
सखियों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
Shrijirasik
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा...
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा मै तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
नहीं लुभाती दुनियादारी, व्यर्थ है घर संसार
तू ही है इक सच्चा मोहन, बाकी सब बेकार
नहीं लुभाती दुनियादारी, व्यर्थ है घर संसार
तू ही है इक सच्चा मोहन, बाकी सब बेकार
पाना है तुझको बता दे, किस विध तूझको पाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
झूठे है ये रिश्ते नाते, मोह माया के धागे
तेरा मेरा करते करते, जीवन सरपट भागे
झूठे है ये रिश्ते नाते, मोह माया के धागे
तेरा मेरा करते करते, जीवन सरपट भागे
तुझ संग प्रीत निभानी बोलो कैसे प्रभु निभाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
देखूं तो बस तुझको देखूं, सोचूं तो बस तुझको
तेरी ही होकर रह जाऊं, ऐसी गति दे मुझको
देखूं तो बस तुझको देखूं, सोचूं तो बस तुझको
तेरी ही होकर रह जाऊं, ऐसी गति दे मुझको
अंत समय बाहों में तेरी, गहरी नींद समाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा, मैं तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
Shrijirasik
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
मैं तो दिल गई हारी तोपे जाओ बलिहारी,
मैं तो गौ कुञ्ज बिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
तेरी मुस्कानियाँ पे पागल ये दुनिया,
जो तू एक बार हसे दिल मेरा ऐसे फसे,
के मैं भूल जाऊ दुनिया सारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
ये बाल घुंगराले है तेरे कारे कारे,
तेरे बाल घुंगराले जैसे बादल हो कारे,
तेरी छठा पे जाऊ बलिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
ये पीला तेरा पटका है कांधे पे लटका,
प्यारे पीले पट वारे तेरे नैन कजरारे तुझे देख के दिल मेरा अटका,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
स्वामी शयामा प्यारा श्री कुञ्ज बिहारी,
श्री हरिदास दुलारी संग लीला है न्यारी,
तिरलोकी भी जाये बलिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
Shrijirasik
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
रोम रोम में रम जाओ और मैं तुमसे क्या मांगू
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
धन ना मांगू प्रभु मान ना मांगू
झूठी जाग की शान ना मांगू
देना हो तो देदो प्यारे जपने को हरी नाम रे
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
हे मनमोहन हे गिरधारी,
पार करो प्रभु नाव हमारी,
जहा भी तेरा दर्शन पाउ,
वही वसे सुख धाम रे,
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
अब तो सुन लो अर्ज़ हमारी,
दर्शन दे दो बांके बिहारी,
पग पग पर मैं ठोकर खाऊ,
सुनलो हे मेरे श्याम रे,
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
Shrijirasik
आओ श्याम जी कन्हैया नंदलाल जी,
मेरे प्राणो से प्यारे गोपाल जी ।
मैं राह ना जानू प्रेम की, सांवरिया चित्त चोर
दो ऐसा संगीत कछु, मेरा होव हृदय विभोर
मेरा होव हृदय विभोर, बहे आख्यान रास धरा,
केशव कलिमल हरण नाम का मिले सहारा
आओ श्याम जी कन्हैया नंदलाल जी,
मेरे प्राणो से प्यारे गोपाल जी ।
Shrijirasik
इंसाफ का दर है तेरा येही सोच के आता हु,
हर वार तेरे दर से खाली ही जाता हु,
आवाज लगाता हु क्यों जवाब नहीं मिलता,
दानी हो सबसे बड़े मुझको तो नहीं लगता,
शायद किस्मत में नहीं दिल को समजता हु,
इंसाफ का दर है तेरा......
जज्बात दिलो के प्रभु धीरे से सुनाता हु,
देखे न कही कोई हालत छुपाता हु,
सब हस्ते है मुझ पर मैं आंसू बहाता हु,
इंसाफ का दर है तेरा......
देने को सताने का अंदाज़ पुराना है,
देरी से आने का बस एक बहाना है,
खाली जाने से प्रभु दिल में शर्माता हु,
इंसाफ का दर है तेरा.....
हैरान हु प्रभु तुम में दुखियो को लौटाया है,
फिर किस के लिए तुमने दरबार लगाया है,
वनवारी महिमा तेरी कुछ समज न पाता हु
इंसाफ का दर है तेरा......
Shrijirasik
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ।
अब तो कृपा कर दीजिए,
जनम जनम का साथ ।
मेरे सर पर रख बनवारी,
अपने दोनों यह हाथ ॥
देने वाले श्याम प्रभु से,
धन और दौलत क्या मांगे ।
श्याम प्रभु से मांगे तो फिर,
नाम और इज्ज़त क्या मांगे ।
मेरे जीवन में अब कर दे,
तू कृपा की बरसात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
श्याम तेरे चरणों की धूलि,
धन दौलत से महंगी है ।
एक नज़र कृपा की बाबा,
नाम इज्ज़त से महंगी है ।
मेरे दिल की तम्मना यही है,
करूँ सेवा तेरी दिन रात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
झुलस रहें है गम की धुप में,
प्यार की छईया कर दे तू ।
बिन माझी के नाव चले ना,
अब पतवार पकड़ ले तू ।
मेरा रास्ता रौशन कर दे,
छायी अन्धिआरी रात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
सुना है हमने शरणागत को,
अपने गले लगाते हो ।
ऐसा हमने क्या माँगा जो,
देने से घबराते हो ।
चाहे जैसे रख बनवारी,
बस होती रहे मुलाक़ात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
Shrijirasik
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
कैसे तुमने किया वश में , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
कैसे रीझ गया तुमपे , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी,
कैसे मान गया तुमसे , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
फिर मान गया कान्हा , श्याम मुझे ऐसे मिला ,
सखी कैसे बताऊ तुम्हें, श्याम मुझे ऐसे मिला ,
Shrijirasik
तर्ज - तुम्ही मेरी नैया किनारा तुम्ही हो
सुदामा ने पल - पल कृष्ण पुकारा
आ ओ मेरे यारा - आ ओ मेरे यारा २
सुदामा ने तो बङी आस लगाई
अब अएगा मेरा कृष्ण कन्हाई
करता तुम्हें वो याद बिचारा
आ ओ मेरे यारा - आ ओ मेरे यारा २
तुम्ही माता हो तुम्ही पिता हो
तुम्ही मेरे बन्धु तुम्ही सखा हो
पल - पल वो तेरा ध्यान लगाता
आ ओ मेरे यारा - आ ओ मेरे यारा २
क्या भोग तुमको लगाउ मै कान्हा
मेरे पास है दुखो का फसाना
तुम्हें पता है मै दुख का मारा
आ ओ मेरे यारा - आ ओ मेरे यारा २
Shrijirasik
हमको बैकुंठ बुला लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहते हैं चंदा और सूरज, सालों में लगते हैं ग्रहणा के मूरत
आकर के कष्ट मिटा दो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहते हैं गंगा और जमुना, ऊपर से चलती है रेलों की पहिया
आकर के भार संभालो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहती हैं गौएं बेचारी है गर्दन
पे चलती हैं छुरी कटारी
आकर के प्राण बचा लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहती हैं द्रोपदी बेचारी, सभा बीच खींची है साड़ी हमारी
आकर के लाज बचा लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
हमको बैकुंठ बुला लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
Shrijirasik
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल.....
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
तेरे भरोसे हूं गोपाल तुझ संग प्रीत लगी
तेरे भरोसे हूं गोपाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल......
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
रहे तेरा ही बस ख्याल तुझ संग प्रीत लगी
रहे तेरा ही बस ख्याल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल......
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
हो जब ये सांसे मेरी बेहाल तुझ संग प्रीत लगी
हो जब ये सांसे मेरी बेहाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल.......
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
मैं हूं दरिया तू है सागर तुझ संग प्रीत लगी
मैं हूं दरिया तू है सागर तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
Shrijirasik
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
रिश्ते सारे छोड़ के हूँ आई , बंधन सारे तोड़ के हूँ आई ,
रिश्ते सारे छोड़ के हूँ आई , बंधन सारे तोड़ के हूँ आई ,
अब भेजो ना वापस श्याम, तोरी पय्या पडू ,
अब भेजो ना वापस श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
ताने मारेगी, दुनिया सारी , जो तूने मुझको, छोड़ा मुरारी ,
ताने मारेगी , दुनिया सारी, जो तूने मुझको, छोड़ा मुरारी,
मुझे छोडो ना ऐसे श्याम, तोरी पय्या पडू,
मुझे छोडो ना ऐसे श्याम, तोरी पय्या पडू,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम ,पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
किसके भरोसे जीवन बिताऊ , किसको अपनी व्यथा सुनाऊ,
किसके भरोसे जीवन बिताऊ , किसको अपनी व्यथा सुनाऊ,
मेरी विनती सुन लो श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मेरी विनती सुन लो श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
Shrijirasik
समझाई ले यशोद्धा री
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
रोज़, सवेरे, यमुना तट पे, पानी भरने जाऊँ ॥
ओ मेरी मटकी ॥फोड़ गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
कितना, ऊँचा, छीका बाँधूँ, फिर भी, दहीं चुरावे री ॥
और माखन ॥खाए गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
कुँज, गलियन में, वो चुपके से, ग्वालन, जाए डरावे री ॥
राधा को ॥छेड़ गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
मंजू, शर्मा, समझावे पर, माने ना, तेरो लाला ॥
लोकेश ॥बताए गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
Shrijirasik
तरज़-थोड़ा सा प्यार हुआ है
तुझे हम ढूंढ रहे हैं,कहाँ हो मुरली वाले
या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे है....
दर्द से अपना रिश्ता,पुराना हो गया है
तेरी चाहत में ये दिल ये,दीवाना हो गया है
सुन जरा धड़कनों को,हम है तेरे हवाले
या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे हैं....
सफर में जिंदगी के,कुछ ऐसे मोड़आये
जिन्हें समझा था अपना,वही निकले पराये
इक तेरा है सहारा,गले से मुझे लगाले
या तो अब सामने आ, या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे हैं....
डोर साँसों की टूटे,जमाना चाहे रूठे
यही बस आरजू है,तेरा दामन ना छुटे
तड़पते है तेरे बिन,पास अपने बुलाले
या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे हैं,कहाँ हो मुरली वाले
या तो अब सामने आ,या हमें भी छुपाले
तुझे हम ढूंढ रहे है....
Shrijirasik
तरज़-मेरे बांकें बिहारी मेरे बांकें सनंम
छंद-बृज़ भुमि परिक्रमा के पत्थ पे,
तुम्हें ढुंढनें के लिए डेरा किया।
पर पाया पता कहीं भी नहीं,
दुख शोक ने आकर घेरा किया॥
बड़ी वैदना व्याकुलता इतनी,
तुमनें कभी ध्यान ना मेरा किया।
दिन रोत ही रोते अंधेरा किया,
फिर रोते ही रोते सवेरा किया॥
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तुं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
वृन्दावन में डुंडु,तुझे कुंजन में डुंडु
तूं इतना ना यार,अब मुझको सता
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
तुझे गोकुल में डुंडु,तुझे गलियों में में डुंडु
धरती पे हो श,या हो आसमां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां,ये बता दे
मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
पागल बना डोले प्रेमी तेरे लिए
कोई ना बताये,फिर भी तेरा पता
ये बात दे मुझे तूं छुपा हैं जहां
मेरे बांकें बिहारी तुझे डुंडु कहां...
Shrijirasik
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
अपना जीना अपना मरना,बस तेरी चौखट पे है
अब कहां सर को झुकाए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
मैं हूं दासी श्यामा जू की,बस यही पहचान है
अब कहां मोहे गम सताए,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके
होते हुए...
मैं यह कैसे मान जाऊं,लाडो के दरबार में
छीन ले कोई मेरी अदाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पे जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
सारी दुनिया छोड़ कर,तेरी शरण में आ गई
अब कहां सरकार जाएं,आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए
क्यों किसी के दर पर जाएं, आपके होते हुए
हाले दिल किसको सुनाए,आपके होते हुए...
Shrijirasik
मेरा हाथ पकड़ कर ले जा मेरे श्याम सांवरे ,
श्याम सांवरे , घनश्याम सांवरे ,
तुझको मैंने अपना बनाया हैं ,
इस मन को तुझी में लगाया हैं,
मेरी भक्ति करो स्वीकार, मेरे श्याम सांवरे
श्याम सांवरे, घनश्याम सांवरे,
एक बार तो लेने आ जाओ,
मुझे अपना दास बना जाओ,
मेरी विनती करो स्वीकार, मेरे श्याम सांवरे,
श्याम सांवरे, घनश्याम सांवरे,
मैंने सबसे रिश्ता तोड़ दिया,
सारे जग को मैंने छोड़ दिया,
तू ना छोड़ना मेरा हाथ, मेरे श्याम सांवरे,
श्याम सांवरे, घनश्याम सांवरे
मेरी जीवन नैया डोल रही,
बस श्याम ही श्याम बोल रही,
मेरी नैया करा दो पार, मेरे श्याम सांवरे,
श्याम सांवरे घनश्याम सांवरे
तुझ बिन जीवन में अंधेरा हैं,
श्याम तू ही मेरा सवेरा हैं,
मेरा सब कुछ तेरे नाम, मेरे श्याम सांवरे,
श्याम सांवरे, घनश्याम सांवरे
Shrijirasik
हे बनवारी, हे गिरधारी, लाज रखो हे कृष्ण मुरारी
लाज रखो हे कृष्ण मुरारी,हे गिरधारी हे बनवारी
कहता है खुद को तू बलशाली,
खींच रहा अबला की साड़ी,
लाज रखों हे कृष्ण मुरारी,
हे गिरधारी हे बनवारी ॥
अब मैं समझी एक है अंधा,
यहाँ तो सारी सभा है अंधी
हे गिरधारी हे बनवारी,
लाज रखों हे कृष्ण मुरारी ॥
Shrijirasik
तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाएं
तुम्हीं को अपनी करुण कहानी सुना रही है तुम्हारी गाय
वो गाय तुमने जिसे चराया चरा के गोपाल नाम पाया
क्यूँ आज असहाय हो के आँसू बहा रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय.....
कहाँ वो मुरली की मीठी तानें कहाँ वो बृजवन सघन सुहाने गए जमाने की याद तुम को दिला रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय......
उठालो अब हाथ में दुधारा दिखा दो वो कल्कि रूप प्यारा तुम्हारे दर्शन की आस तुम से लगा रही है तुम्हारी गाय तुम्हें कन्हैया हलधर के भैया बुला रही है तुम्हारी गाय......
Shrijirasik
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
जब से तुझको देखा है मेरे नैन हुए ये बावरे
मेरे सांवरे ओ मेरे सांवरे
मेरे सांवरे ओ मेरे सांवरे
आंखों से अश्रु है छलके, इक पल चैन न आए जी
आंखों से अश्रु है छलके, इक पल चैन न आए जी
याद में तेरी बीते हर पल, मोहे कछु ना भाए जी
मोहे कछु ना भाए जी
मोहे कछु ना भाए जी
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
राधे नाम है तुझको प्यारा, राधे राधे गाउं मै
राधे नाम है तुझको प्यारा, राधे राधे गाउं मैं
प्रिया प्रियतम की जोड़ी पे वारी वारी जाऊं मैं
वारी वारी जाऊं मैं
वारी वारी जाऊं मैं
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
कस के पकड़ ले हाथ मेरा, छोड़े से भी छुटे ना
कस के पकड़ ले हाथ मेरा, छोड़े से भी छुटे ना
तेरी मेरी प्रीत का बंधन, जनम जनम ये टूटे ना
जनम जनम ये टूटे ना
जनम जनम ये टूटे ना
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
एक बार हमसे साँवरे नज़रें मिलाईए ।
नज़रें मिला के श्याम ज़रा मुस्कुराईए...
एक बार हमसे साँवरे नज़रें...
नज़रें हमारी आपकी चौख़ठ पे है अड़ीं,
कब से निहारे राह बेचारी खड़ी-खड़ी ।
नज़रों पे कर रहम इन्हें, अब ना सताईए...
एक बार हमसे साँवरे...
दिल को तो हमने आपके चरणों में रख दिया,
दुनियाँ हमारी आप हैं इतना समझ लिया ।
अब आप अपने हाथ से इसको सजाईए...
एक बार हमसे साँवरे...
यह जानकर कि आप यहीं आस पास हैं,
फिर भी समझ ना आए ये दिल क्यों उदास है ।
ज़ज़्बात दिल के जान ज़रा पास आईए...
एक बार हमसे साँवरे...
प्रहलाद सा बनूं प्रभु हनुमत सी भक्ति दो,
गाऊँ भजन मैं झूम के मीरा सी मस्ती दो ।
भक्त को गले से अपने गले तो लगाईए...
एक बार हमसे साँवरे...
बोल बांके बिहारी लाल की... जय...
Shrijirasik
मै हू शरण मे तेरी संसार के रचैया कश्ती मेरी
लगादो उस पार ओ कन्हैया
मेरी अरदास सून लीजे प्रभू सूध आन कर लीजै
दरस एकबार तो दीजै मौ समझूंगा श्याम रीझे
पतवार थाम लो तूम मजधार मे है नैया, मै हू शरण...
भक्त बेचैन हूं तूम बीन तरसते नैन है तूम बीन
अंधेरी रैन है तूम बीन कही ना चैन है तूम बीन
है उदास देखो तूम बीन गोपी ग्वाल, मै हू शरण...
दयानीधी नाम है तेरा कहाते हो अन्तर्यामी
समाये हो चराचर मे सकल संसार के स्वामी
नमामी नमामी हरदम बृजधाम के बसैया, मै हू शरण...
तेरी यादो का मनमोहन ये दिल मे उमड़ा है सावन
बूझेगी प्यास इस दिल की सूनूंगा जब तेरा आवन
पावन पतीत हूं करना जगदीश ओ कन्हैया, मै हू शरण...
Shrijirasik
छवि देखी जब प्यारी,
हो गई मैं मतवारी...-2
भावे ना मुझको कोई काम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
श्याम नाम की रंग के चुनरिया,
नाचूँ मैं तो बन के जोगनिया,
बावरी सुध बुध हारी,
प्रेम के रोग की मारी,
आये ना दिल को यूँ आराम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
वृन्दावन सो धाम ना कोई,
राधे जैसो नाम ना कोई,
अर्ज दासी की मानों,
श्याम मुझको अपना लो,
कर दो मेरा भी इंतज़ाम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
निकट तुम्हारे रैन बसेरा,
इससे बड़ा क्या भाग्य हो मेरा,
धुल चरणों की लगा के,
दरश प्रियतम के पाके,
निकले हृदय से मेरे प्राण,
मुझको बसा लो बृजधाम।
Shrijirasik
सैर - पापी कंस को कृष्ण ने मारा,
दुःख से सब भक्तो को उबारा,
मात पिता को अपने छुड़ाए,
उग्रसेन का कष्ट मिटाये,
बन गये मथुरा के महाराजा,
बजने लगा खुशियों का बाजा,
कान्हा बन गए मथुरा वासी,
पर छा गई फिर ब्रज में उदासी,
गोकुल में छाई थी उदासी,
रोता था हर गोकुल वासी,
राधा विरह में बन गई पगली,
तड़पे जैसे जल बिन मछली,
बेबस अधिक वो जब होती थी,
ये कह कह के वो रोती थी।
याद मुझको कन्हैया तेरी आई,
याद मुझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे.....-2
तूने राधा की सुध क्यों भुलाई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मुझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको कन्हैया तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
ब्रज से नाता तोड़ गए तुम,
मुझको तड़पता छोड़ गए तुम,
जान ले लेगी तेरी जुदाई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
तोड़ दिया है पाँव का पायल,
अब क्या नाचू हो गई घायल,
तेरी बंसी तो हो गई पराई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
छोड़ चुकी हूँ जाना पनघट,
हो गया सुना बन गया मरघट,
रुत है पतझड़ की मधुबन में आई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
प्रीत किये हो किशन कन्हैया,
दिल में बसे हो किशन कन्हैया,
दिप अँखियो में सूरत समाई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
याद मुझको कन्हैया तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मुझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे,
तूने राधा की सुध क्यों भुलाई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मुझको ऐ श्याम तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे,
याद मूझको कन्हैया तेरी आई,
अखियों से नीर बरसे।।
Shrijirasik
नैना तरसे बाँवरे, छवि दिखलाओ श्याम,
मेरे अपने प्राण जी, हे नैनन अभिराम.....
हे नैनन अभिराम, नंद के लाल बिहारी,
छोड़ जगत का सार, गहि अब शरण तिहारी...
करो कृपा की कोर, सुना दो मीठी वैना,
हरि सुना दो तान , बाँवरे तरसे नैना....
माना मैं इस योग्य नहीं, कि तेरी कुछ कहलाऊँ,
माना मैं इस योग्य नहीं, धर भेंट तुम्हें अपनाऊं....
माना मैं इस योग्य नहीं, निज भाव तुम्हें समझाऊँ,
मधुर तान नहीं, रूप मान नहीं, फिर कैसे तुम्हें रिझाऊँ....
पर लोग कहें, मैं तेरी चाकर, मैं दर दर ठोकर खाऊँ,
ना तरसा मेरे बांके प्रियतम, मैं तेरी हो इतराऊं....
हरि कब होगा मिलन हमारा, हरि कब होगा मिलन हमारा
Shrijirasik
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं....
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
इस भरी दुनिया में मेरा,
हमनवां कोई नहीं
जिसको अपना कह सकूँ,
वो बंदा परवर आप हैं....
मेरी ज़िंदगी की आरज़ू,
प्यारे मेरी तमन्ना आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी,
मेरी दुनिया आप हैं
श्याम सुंदर सांवरे,
मेरे तो सब कुछ आप हैं
अब कहाँ जाऊँ मुरारी,
मैं तेरा दर छोड़कर...
आप ही हैं दिलबर मेरे,
मेरे रहबर आप हैं
आपसे है दुनिया मेरी
मेरी दुनिया आप हैं
नन्दलाल सहारा तेरा है
मेरा और सहारा कोई नहीं
Shrijirasik
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी,
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी…..
बिरह में रोते रोते जीवन बिताया,
रास्ता निहारूं मेरा साँवरा ना आया,
अब तो खबर ले लो, दुखिया मैं भारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुंज बिहारी.......
कैसे भुलाउं तुझे भूल नहीं पाऊँ,
स्वांसों के माला पे मैं नाम तेरा गाउँ,
कान्हां, नाम तेरा गाउँ,
मैं तो उदास डोलूँ बिरह की मारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी........
(अगर दिल कन्हैया, तुझ से लगाया ना होता,
तुझे श्याम अपना बनाया ना होता,
ना फिरती मैं तेरे लिए मारी मारी,
अगर मेरे दिल को तू भाया ना होता,
ज़माना रूठ भी जाए,
कोई परवाह नहीं करते,
हमारी चाहतों को बस तेरा
एक प्यार मिल जाए......)
धड़कन में तू है मेरी,
स्वांसो में तू है,
तू ही मेरा देवता है,
तू ही मेरी रूह है,
मधुर श्याम मेरा जीवन,
पतझड़ की डाली,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी,
कहाँ जा छुपे हो बांके बिहारी,
आस है तुम्हारी,
मैं तो जीवन से हारी,
मेरे बांके बिहारी, मेरे कुञ्ज बिहारी.....
Shrijirasik
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बाँके बिहारी,
हमसे परदा करो ना मुरारी….-2
हम तुम्हारे पराये नहीं हैं,
गैर के दर पे आये नहीं है...-2
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हम तुम्हारे पुराने पुजारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी……
हरिदास के राज दुलारे,
नन्द यशोदा की आँखों के तारे...-2
राधा जू के साँवरे गिरधारी,
राधा जू के साँवरे गिरधारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी…..
बंद कमरों में रुक ना सकोगे,
लाख पर्दो में छुप ना सकोगे....-2
तुमको हर और हम है व्यापारी,
तुमको हर और हम है व्यापारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी,
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी……
Shrijirasik
एक अर्ज मेरी सुन लो दिलदार हे कन्हैया,
कर दो अधम की नैया भवपार हे कन्हैया
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
अच्छा हूँ या बुरा हूँ पर दास हूँ तुम्हारा,
जीवन का मेरे तुम पर अब भार है कन्हैया,
तुम हो अधम जनों के उद्धार करने वाले,
मैं हूँ अधमजनों का सरदार हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
करुणा निधान करुणा करनी पड़ेगी तुमको,
वरना ये नाम होगा बेकार हे कन्हैया,
ख्वाहिश ये है मुझको बिन्दु रत्न लेकर,
बदले में दे दो अपना कुछ प्यार हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
कुछ खास भी नहीं मैं, बस प्यार का हूँ भूखा,
हे मेरे प्राण प्यारे मुझको गले लगा ले,
अरमान मेरे दिल का बस पूरा आप करना,
बुला लो अपने दर पे मुझको भी हे कन्हैया,
एक अर्ज मेरी सुन लो.....
Shrijirasik
मुरली वाले श्याम तुमको आना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा,
राधे रानी को भी, संग में लाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा………
फूलों के आसन पे, तुमको बिठायेंगे,
माखन मिश्री का, भोग लगायेंगे,
आकर के भोग, लगाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा………
दर्शन को तेरे कान्हाँ तरसे है अखियां,
याद में तेरे मोहन, बरसे है अखियां,
भक्तों का मान, बढ़ाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा.......
मीठी तेरी बंसी आके, हमको सुना दे,
मोहनी सूरत तेरी, हमको दिखा दे,
अमृत रस, बरसाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा……….
राधे रानी को भी, संग में लाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भक्तों को दरश, दिखाना होगा……….
Shrijirasik
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ ना,
सौदा करना है दिल का,
दिलदार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
और किसे देदूँ दिल,
सब यहाँ फ़रेबी हैं....-2
गर तुम हो मेरे दिलबर,
तो यार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
तुमको मैंने मोहन अपना,
मालिक बनाया है....-2
चाकर समझो गर तो,
सरकार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
बेधड़क तुम्हारे बिना,
मेरा ना वज़ूद है....-2
तुम्ही हो जीवन का,
आधार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ ना,
सौदा करना है दिल का,
दिलदार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ........
Shrijirasik
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना सुन्दर श्याम,
हमारें घर कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
ग्वालों को लाना,
आप भी आना संग,
ग्वालों को लाना,
मिलकर माखन खाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोंपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
राधा जी को लाना,
आप भी आना संग,
राधा जी को लाना,
मिलकर रास रचाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
गोपियों को लाना,
आप भी आना संग,
गोपियों को लाना,
मिलकर धूम मचाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना सुन्दर श्याम,
हमारे घर कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
Shrijirasik
यूँ रूठो न कन्हैया ,समझाये यशुदा मैया,
समझाये यशुदा मैया ,हाय ,यूँ रूठो न कन्हैया,
मिश्री मलाई माखन दही दूध तुमको दूँगी,
तुमको लगी नज़र न सारी बलाए लूँगी,
आंखों में दूँगी काज़ल, माथे तिलक करूँगी,
केशों को में सजा के ,सिर में मुकुट धरूंगी,
हाय.. यूँ............….
कानों में डालूँ कुंडल, गालों में तिल लगाऊँ,
पहना के पग में पायल तुमको सुघर बनाऊँ,
आकाश का ये चंदा, धरती पे में उतारूँ,
चंदा को तुम निहारो,और में तुम्हे निहारूँ,
हाय... यूँ............
बंधन जनम मरण के,है नाथ खत्म करदो,
भक्तों को देखे दर्शन ,हमको सनाथ करदो,
राजेन्द्र गाये गुण जब,आना पड़ेगा तुमको,
मझधार से कन्हैया ,उस पार करना हमको,
हाय... यूँ........
Shrijirasik
श्याम नाम अति मीठा है कोई गा के देख ले
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले
जिस घर में अहंकार वहाँ मेहमान कहाँ से आए,
जिस मन में अभिमान वहॉँ भगवान कहाँ से आए
अपने मन मंदिर में ज्योत जगा के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले
आधे नाम पे आ जाते हो कोई बुलाने वाला
बिक जाते हैं श्याम कोई हो मोल चुकाने वाला
कर्मा बेटी सा कोई भोग लगा के देख ले,
आ जाते है श्याम कोई बुला के देख ले।
मन भगवान का मंदिर है यहाँ मैल न आने देना
हीरा जन्म अनमोल मिला है इसे व्यर्थ गवा न देना
शीश झुके और प्रभु मिले झुका के देख ले,
आ जाते है श्याम ,कोई बुला के देख ले
Shrijirasik
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तेरे बिना मैं कैसे , बसंत मनाऊगी ,
तू ना आया जो मोहन , मैं तो रूठ जाऊगी,
मुझको तुझसे प्यार हैं , तू मेरा दिलदार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
पहले कभी ना तेरा , मेने इंतज़ार किया ,
जब से हुई ही तेरी , तुझसे ही प्यार किया ,
अब ना होता इंतज़ार हैं , दिल ये बेक़रार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
तुझसे ये रिश्ता मेरा , सदियों पुराना ,
दिल ये मेरा कान्हा , बस तेरा ही दीवाना,
सुन ले दिल की पुकार ये, तू ही मेरा यार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
बसंत की बहार हैं , फूलो का त्यौहार हैं ,
आजा मेरे मोहन आजा , तेरा इंतज़ार हैं ,
Shrijirasik
मुरली वाले कान्हा, तुमको आना होगा,
मुरली की धुन, सुनाना होगा,
राधा और रुक्मण को संग लाना होगा,
मुरली वाले कान्हा, तुमको आना होगा,
यू तो रहता हैं तू कान्हा, भक्तों के दिल में,
भक्तों के दिल में कान्हा , संतों के दिल में,
मेरे भी दिल में घर बनाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
माखन और मिश्री का भोग, तुमको प्यारा हैं,
में वो लाया हूं जो कर्मा ने खिलाया हैं,
खिचड़े का भोग कान्हा खाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
रोज गाते हैं हम कान्हा , भजन तुम्हारे,
भजन तुम्हारे कान्हा, भजन तुम्हारे,
भजनों में रस तुमको लाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
राधा जी के संग में कान्हा, तुम तो रास रचाते हो,
अपने भक्तों को कान्हा , क्यों तरसाते हो,
हमको भी रास दिखाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
ले लो चाहे जितनी कान्हा, परीक्षा हमारी,
छोड़ेंगे हम ना कान्हा , भक्ति तुम्हारी,
हमको भी अपना बनाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं ।
यही सद् ग्रंथ कहते हैं, यही हरि भक्त गाते हैं ॥
नहीं स्वीकार करते हैं, निमंत्रण नृप सुयोधन का ।
विदुर के घर पहुँचकर भोग छिलकों का लगाते हैं ॥
न आये मधुपुरी से गोपियों की दु:ख व्यथा सुनकर।
द्रुपदजा की दशा पर, द्वारका से दौड़े आते हैं ॥
न रोये बन गमन में श्री पिता की वेदनाओं पर ।
उठा कर गीध को निज गोद में आँसु बहाते हैं ॥
कि जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं ।
यही सद् ग्रंथ कहते हैं, यही हरि भक्त गाते हैं ॥
नहीं स्वीकार करते हैं, निमंत्रण नृप दुर्योधन का ।
विदुर के घर पहुँचकर, भोग छिलकों का लगाते हैं ॥
न आये मधुपुरी से गोपियों की, दु: ख कथा सुनकर ।
द्रुपदजा की दशा पर, द्वारका से दौड़े आते हैं ॥
न रोये बन गमन में , श्री पिता की वेदनाओं पर ।
उठा कर गीध को निज गोद में , आँसु बहाते हैं ॥
कठिनता से चरण धोकर मिले कुछ'बिन्दु'विधि हर को ।
वो चरणोदक स्वयं केवट के घर जाकर लुटाते हैं ॥
श्याम हमारे घर आ जाना...
आ जाना, आ जाना, आ जाना जब भूख लगे तुम्हें श्याम, हमारे घर आ जाना खा जाना, खा जाना, खा जाना माखन आ के सुबह-शाम, हमारे घर खा जाना आ जाना...
पनघट पर भरने जाऊं जब पानी गगरी मेरी तुम्हें होगी उचवानी हंस के-हंस के बातें बना के, मुरली पड़ेगी सुनानी करने भी होंगे मेरे काम, हमारे घर आ जाना खा जाना...
करनी ना होगी तुम्हें माखन की चोरी कोई शिकायत करे न ब्रज की गोरी ग्वालन के संग में, रोको न पग में मटकी न जाएगी फोरी तंग करना न कोई ब्रजवाम, हमारे घर आ जाना आ जाना...
सोने की थाली में भोजन कराऊं गंगा जल झाड़ी रखूं बीड़ा खिलाऊं सेज बिछा के, तकिया लगाऊं प्रेम से तुम कूं सुलाके, 'प्रभु' दाबुंगी धीरे-धीरे पाम हमारे घर आ जाना खा जाना...
श्री बांके बिहारी लाल गोपाल मन रखियो अपने चरनन में
मन रखियो अपने चरनन में मन रखियो श्री वृन्दावन में
तेरे शीश पे मुकुट विराज रहा
कानो में कुण्डल साज रहा
तेरे गल वैजन्ती माल, गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
तेरे नैनो में सुरमा साज रहा
तेरे मुख में वीणा राज रहा
तेरी थोडी में हिरा लाल, गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
तेरे हाथ लटुकिया साज रही,
पैरो में पजनियाँ बाज रही
तेरी मुरली करे निहाल,गोपाल
मन रखियो अपने चरनन में
श्री बांके बिहारी लाल गोपाल मन रखियो अपने चरनन में
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
तेरी सवारी सूरत पर वारि रे ,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
यमुना तट हरी धेनु चरावे,
मधुर मधुर सुर वेणु भजावे,
काँधे कमरिया कारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
मोर मुकट पीताम्भर सोहे,
देख रूप मुनि घन मोहे,
कुण्डल की छवि न्यारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
वृन्दावन में रास रचावे,
गोप गोपिका संग मिल गावे,
नो पुर की धुन गा री रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
भक्त हित हरी रूप बनाया ब्रह्मा नंद मेरे मन भाया ,
चरण कमल बलिहारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
नाचू ता ता थई थई ,
नाचू थई थई मैं नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
मोर जो बनावे तो एसो बणायो,
अपनी ही रास रसीला में नचियो
सब देखे में और नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
दही तू बनइयो चाहे दूध बनइयो
दान घाटी पे तू मोहे चडीयो,
हो राजी चित चोर,नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
टर्की बण्यो चाहे पतंग बनियो,
वृन्दावन चाहे गोकुल में उड़ाइयो.
रख अपने हाथ में डोर नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
शहनाई बनियो चाहे मुरली बनियो,
अपने ही अधरों पे मुझे सजियो,
जब हो मुरली का शोर नाचू ता ता थई थई
कान्हा मोहे ऐसो बनाइये मोर
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो गाँव ना जानों,
ऊँचो बरसानों बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो घर नहीं जानों,
ऊँची हवेली बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
मेरे अँगना में तुलसी को बिरवा,
तुलसी को बिरवा बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
जो कान्हा मेरो नाम ना जानों,
राधा रंगीली बताय गई रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी,
करके इशारो बुलाय गई रे,
बुलाय गयी रे,
बरसाने की छोरी,
राधा गोरी गोरी, राधा गोरी गोरी.....
कोई जाये जो वृन्दावन, मेरा पैगाम ले जाना,
मैं खुद तो जा नहीं पाऊँ, मेरा प्रणाम ले जाना ।
ये कहना मुरली वाले से मुझे तुम कब बुलाओगे,
पड़े जो जाल माया के उन्हे तुम कब छुडाओगे ।
मुझे इस घोर दल-दल से, मेरे भगवान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
जब उनके सामने जाओ तो उनको देखते रहना,
मेरा जो हाल पूछें तो ज़ुबाँ से कुछ नहीं कहना ।
बहा देना कुछ एक आँसू मेरी पहचान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
जो रातें जाग कर देखें, मेरे सब ख्वाब ले जाना,
मेरे आँसू तड़प मेरी..मेरे सब भाव ले जाना ।
न ले जाओ अगर मुझको, मेरा सामान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
मैं भटकूँ दर ब दर प्यारे, जो तेरे मन में आये कर,
मेरी जो साँसे अंतिम हो..वो निकलें तेरी चौखट पर ।
‘हरिदासी’ हूँ मैं तेरी.. मुझे बिन दाम ले जाना॥
कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना
मैं खुद तो जा नहीं पाऊँ मेरा प्रणाम ले जाना ॥
Shrijirasik
मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
ओ साँवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मेरी कुछ भी ना औकात थी,
बिगड़ी मेरी हर एक बात थी,
ऐसा मुझपे करम कर दिया,
खुशियों की मुझको सौगात दी,
हर एक विपदा मेरी,
को तुमने हर लिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मेरी हर एक जरुरत प्रभु,
आपने पूरी कर दी प्रभु,
मांगने भी ना मुझको दिया,
पहले ही झोली भर दी प्रभु,
तेरा ही दिया मैंने,
प्रभु खाया और पिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
तेरे काबिल कहाँ मैं हरि,
फिर भी तुमने है करुणा करी,
हर जनम बस करते रहे,
‘हम सभी’ तेरी नौकरी,
हमें वृन्दावन बसा के,
उपकार ये किया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
ओ साँवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
Shrijirasik
मुझे वृन्दावन धाम बसाले रसिया,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
यमुना तट कभी बंसी वट पे तुझे ढूंढ़ने जाऊ,
तेरे मिलन को तरसे अखियां कैसे दर्शन पाउ,
अपनी सँवारी सी सूरत दिखादे रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
नैन से नैन मिला के तूने लूट लिया दिल मेरा,
तेरी चौकठ पे मनमोहन डाला मैंने डेरा,
अपने गोपियों के बीच छिपाले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
तेरे दर्श को व्याकुल मनवा इक पल चैन न पाउ,
बिन तेरे हुआ जीना मुश्किल तड़प तड़प मर जाऊ,
मुझे तेरे बिन कौन समबाले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
तेरे पीछे ओ रंग रसिया छोड़ दियां जग सारा,
हम भक्तों का तेरे बिना न दूजा कोई सहारा,
अपने पागल को दिल से लगा ले रसियां,
मीठी बंसी की तान सूना दे रसियां,
कन्हैया हर घडी मुझको,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
तुम्हारी याद में मोहन,
ना हमको नींद आती है,
ये दुनिया की चमक प्यारे,
हमें भी ना सुहाती है,
मेरे दिल से मेरे मोहन,
सदा इतनी सी आती है,
कन्हैया की हूँ मैं जोगन,
मुझे इतना बताती है,
तुझे हरदम बुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
जो कुछ भी था दिया तुमने,
वही तुमको चढ़ाते है,
है मेरी आँख में आंसू,
यही तुमको दिखाते है,
भगत की आँख में आंसू,
ना मोहन देख पाते है,
तेरी उल्फत के बिंदु है,
यही तुमको बताते है,
मुझे हरदम जलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
दया कर दो मेरे मोहन,
तुम्ही दाता कहाते हो,
नैनो में नीर है मेरे,
मुझे तुम क्यूँ रुलाते हो,
चले आओ मेरे मोहन,
तड़प अब सह ना पाई है,
मेरे जीवन की सांसो ने,
तुम्हारी महिमा गाई है,
‘यश’ को दर खिंच लाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
कन्हैया हर घडी मुझको,
तुम्हारी याद आती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है,
मुझे मोहन रुलाती है,
तुम्हारी याद आती है ॥
Shrijirasik
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा,
जहां नाथ रख लोगे, वहीं मैं रहूँगा।
यह जीवन समर्पित चरण में तुम्हारे,
तुम्ही मेरे सर्वस तुम्ही प्राण प्यारे।
तुम्हे छोड़ कर नाथ किससे कहूँगा,
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥
ना कोई उलाहना, ना कोई अर्जी,
करलो करालो जो है तेरी मर्जी।
कहना भी होगा तो तुम्ही से कहूँगा,
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥
दयानाथ दयनीय मेरी अवस्था,
तेरे हाथ अब मेरी सारी व्यवस्था।
जो भी कहोगे तुम, वही मैं करूँगा,
जहाँ ले चलोगे वहीं मैं चलूँगा॥
Shrijirasik
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
सात कोस की है परिकम्मा,
मैं तो मानसी गंगा नहाऊं मेरे वीर
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
सात सेर की करी रे करियां
मैं तो संतन न्यौंत जिमाऊं मेरे वीर
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
चन्द्रसखी भज बालकृष्ण छवि,
मैं तो हरि दर्शन को पाऊँ मेरे वीर,
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तोपे पान चढ़े तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।
गिरिराज धरण प्रभु तेरी शरण ।
मेरे गोवर्धन गिरधारी,
सुन लो ना अरज हमारी,
मेरे गोवर्धन गिरधारी,
सुन लो ना अरज हमारी,
तुम रूसा रुसी छोड़ भी दो,
मुख मेरी तरफ अब मोड़ भी लो,
आई मैं शरण तुम्हारी,
सुन लो ना अर्ज हमारी...
मेरे दिन बीते, बीतीं रातें,
क्यों करते नहीं मुझसे बातें,
कुछ बोलो ना बनवारी,
सुन लो ना अर्ज हमारी,
मेरे गोवर्धन गिरधारी,
सुन लो ना अरज हमारी....
तुम सागर हो करुणा रस के,
मुझमे अवगुण दुनियाँ भर के,
फिर भी मैं दासी तुम्हारी,
सुन लो ना अर्ज हमारी...
Shrijirasik
दिल दार यार प्यारे, गलियों में मेरी आजा॥
नैना तरस रहे है मुखड़ा जरा दिखा या
सितम गरज तो मुझ को सताये चला जा,
पर मुखड़ा जरा सा दिखाये चला जा॥
नहीं पास आने को कहती हो तुझको,
पर अपना जरा सा बनाये चला जा,
दिल दार यार पियारे, गलियों में मेरी आजा,
की दम दा भरोसा है, गलियों में मेरी आजा,
मेरा यार बनके आजा,गलियों में मेरी आजा,
नैना तरस रहे है मुखड़ा जरा दिखा या
सब लोक लाज खोए, चुप चाप बैठ रोये
अपना नहीं है कोई,अपना मुझे बनाजा।
दिल दार................
कब तक बताओ पियारे, मन को रहो में मारे॥,
किस के रहो में सहारे, इतना मुझे बताजा।
दिल दार यार पियारे, गलियों में मेरी आजा,
इक वार देदो दर्शन दिल की है यह तमना॥,
कही दम निकल ना जाइए तेरा इंतजार करके॥
हरी जी मोरी अखियन आगे रहियो,
नाथ मोरी अँखियन आगे रहियो
Shrijirasik
मुझे अपने ही रंग में रंगले मेरे यार सांवरे
मेरे यार सांवरे, दिलदार सांवरे
ऐसा रंग तू रंग दे सांवरिया जो उतरे ना जनम जनम तक
नाम तू अपना लिख दे कन्हैया मेरे सारे बदन पर
मुझे अपना बना के देखो इक बार सांवरे
श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया, बिना रंगाये मैं घर नहीं जाउंगी
बिना रंगाये मैं तो घर नहीं जाउंगी,बीत जाए चाहे सारी उमरिया।
लाल ना रंगाऊं मैं तो हरी ना रंगाऊ, अपने ही रंग में रंग दे सांवरिया
ऐसी रंग दे जो रंग ना छूटे धोबिया धोये चाहे सारी उमरिया।
जो नाही रंगों तो मोल ही मंगाएदो ब्रज में खुली है प्रेम बजरिया
या चुनरी को ओड मैं तो यमुना पे जाउंगी श्याम की मोपे पड़ेगी नजरिया
मेरे जीवन की नैया लगा जा उस पास सांवरे
भव सागर में ऐ मनमोहन माझी बन कर आना,
ना भटकूँ इधर उधर हे प्यारे मुरली मधुर बजाना
मेरी जीवन लेजा उस पार सांवरे
रैन चडी रसूल की, रंग मौला के हाथ
तूने जिसकी चुनरी रंगदीनी रे धन धन उसके भाग
जो तू मांगे रंग की रंगाई तो मेरा जोबन गिरवी रख ले
पर अपनी पगड़िया मोरी चुनरिया एक ही रंग में रंग ले
तेरे रंग तेरी आशकी जर्रोर रंग लाएगी
मुझे मार डालेगी या जीना सिखाएगी
दुनिया के रंग मिटा देगी मुझमे से,
रंग तेरे प्यार का यह मुझ पे चढाएगी
मुझे अपना बना के देखो एक बार सांवरे
मुझे अपने ही रंग में रंगले मेरे यार सांवरे
प्रीत लगाना प्रीतम ऐसी निभ जाए मरते दम तक
इस के सिवा ना तुझ से चाह ना कुछ माँगा अबतक
मेरे काहना तुझ बिन जीना बेकार सांवरे
मेरे यार सांवरे, दिलदार सांवरे
मेरे मन मधुबन में आ ओ वृंदावन रहन वालया
मीठी मुरली की तान सुना ओ वृंदावन रहन वालेया
तुम्हे देखने को मेरे नैन भए बावरे ओ नैन भए बावरे।
बोलो रे बोलो कब आओगे सांवरे ओ आओगे सांवरे।
इन नैनों की प्यास बुझा वृंदावन रहने वालेया
मेरे मन मधुबन में.......
फागुन बसंत और सावन बिताए ने हां सावन बिताए ने
तेरे देखने को कई सपने सजाए ने हां सपने सजाए ने
बैठी कब से मैं आस लगा ओ वृंदावन रहने वालेया
मेरे मन मधुबन में......
प्रेम का तू पुजारी है अनोखी रसधार है हां अनोखी रसधार है।
रस पान करने को जिया बेकरार है हां जिया बेकरार है।
मुझे रस की वो बूंद पिला ओ वृंदावन रहन वालया
मेरे मन मधुबन में
Shrijirasik
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से,
मैया करादे मेरो ब्याह,
उम्र तेरी छोटी है नजर तेरी खोटी है,
कैसे करा दु तेरो ब्याह…
जो नही ब्याह कराए, तेरी गैया नही चराऊ,
आज के बाद मेरी मैया, तेरी देहली पर ना आऊ,
आऐगा, रे मजा, रे मजा, अब जीत हार का,
राधिका गोरी…
चंदन की चौकी पर, मैया तुझको बिठाऊँ,
अपनी राधा से मै, चरण तेरे दबवाऊ,
भोजन मै बनवाऊँगा, बनवाऊँगा, छप्पन प्रकार के,
राधिका गोरी…
छोटी सी दुल्हनिया, जब अंगना में डोल्ले गी,
तेरे सामने मैया, वो घूँघट ना खोलेगी,
दाऊ से जा कहो, जा कहो, बैठेंगे द्वार पे,
राधिका गोरी ……
सुन बातें कान्हा की, मैया बैठी मुस्काए,
लेके बलइया मैया, हिवडे से अपने लगाए,
नजर कहि लग जाए, ना लग जाए, ना मेरे लाल को,
राधिका गोरी ……
Shrijirasik
आप आए नहीं और खबर ही ना ली,
खत लिख लिख के भेजे तमाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम....
हम तो हुए हैं कान्हा तेरे ही दीवाने,
चाहे तू माने या चाहे ना माने,
आंखों में छाए मेरे दिल में समाए,
बस होठों पर है तेरा नाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम....
संग की सखियां हुई तेरी ही दीवानी,
दिन रात रोती वहे आंखों से पानी,
देती सुनाई हमें मुरली सुहानी,
गीत छेड़े बिरह के तमाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम..
वृंदावन में रास रचाया,
गोवर्धन में गिर को उठाया,
बृज गोपी का चिर चुराया,
श्याम कैसा दिया है इनाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम.....
मेरा छोटा सा संसार,
हरि आ जाओ एक बार ll
हरि आ जाओ, प्रभु आ जाओ l
मेरी नईया, पार लगा जाओ l
*मेरी बिगड़ी, आ के बना जाओ l
भक्तों की, सुनो पुकार,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
जब याद, तुम्हारी आती है l
रह रह के मुझे, तड़पाती है l
तन मन की, सुध बिसराती है l
दूँ तन मन धन, तुझ पे वार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
लाखों को दर्श, दिखाया है l
प्रभु मुझको क्यों, तरसाया है l
ये कैसी तुम्हारी, माया है l
नित बहती है, असुवन धार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
मुझको बिछुड़े, युग बीत गए l
क्यों रूठ मेरे, मन मीत गए l
मै हार गया, तुम जीत गए l
अब दर्शन, दो साकार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,,
इस जग में, कौन हमारा है l
प्रभु तेरा ही, तो सहारा है l
तेरे भक्त ने, तुझे पुकारा है l
मेरी नईया, लगा दो पार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,,
कोई श्याम सुन्दर से कहदो यह जाके,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के |
अभी मैंने तुमको निहारा नहीं है,
तुम्हारे सिवा कोई हमारा नहीं है |
चले क्यों गए श्याम दीवाना बना के,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के ||
अभी मेरी आखों मे आसूँ भारे है,
जखम मेरे दिल के अभी भी हरे हैं |
चले क्यों गए श्याम बंसी बजा के,
भुला क्यों दिया हमें, अपना बना के ||
अगर तुम ना आये तो दिल क्या करेगा ,
तुम्हारे लिए ही तड़पता रहेगा |
निभाना नहीं था तो पहले तो ही कहते,
भुझाते हो क्यों आग दिल मे लगा के ||
तेरे बिना दिलदार,
हाय मेरा दिल नहि लगता.....
वो सपनो में आने वाले निंदिया उड़ाने वाले,
मुझको तडपाने वाले रातों जगाने वाले,
वो सपनो में आने वाले निंदिया उड़ाने वाले,
सांवरिया सरकार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता.......
वो दर्शन को अखियाँ प्यासी दर्शन की झलक जरा सी,
दर्शन का हूँ अभिलाषी सुनलो ओ घट घट वासी,
देर्शन को आँखें प्यासी दिखला दो छटा जरा सी,
सुन ली मेरी पुकार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता......
ओ मोहन मुरलीया वाले जीविन है तेरे हवाले,
सुन ले मेरे दिल हाल मुझ को भी गले लगा ले,
ओ मोहन मुरली वाले जीवन है तेरे हवाले,
तड़पे मेरा प्यार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता......
छुप गये कहाँ प्राण पियारे भक्तों कि नैनन तारे,
तेरे बिन नैन बिचारे तड़पे दिन रात हमारे,
छुप गये कहाँ प्राण पियारे भक्तों कि नैनन तारे,
औ पागल के यार,
तेरे बिना दिल नहि लगता,
हाय मेरा दिल नहि लगता.......
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
बिन माँगे हे कन्हैया, हर चीज मिल रही है
अब क्या बताऊँ, मोहन, मोहन
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
अब क्या बताऊँ, मोहन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मेरी ज़िंदगी में तुम हो, किस बात की कमी है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
मुझे और अब किसी की परवाह भी नहीं है
तेरी बदौलतों से
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
तेरी बदौलतों से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
कन्हैया, हाँ-हाँ, ओ, मेरे प्यारे
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
दुनिया में होंगे लाखों, तेरे जैसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा
तुझ जैसा बंदा परवर, भला ऐसा कौन होगा, आ आ
अरे, थामा है तेरा दामन, दामन
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
थामा है तेरा दामन, आराम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
करते हो तुम, कन्हैया
करते हो तुम कन्हैया, मेरा नाम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से आयी हूँ ।
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की जाई हूँ ॥
अरे रसिया, ओ मन वासिय, मैं इतनी दूर से आयी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के माखन खूब चुराते हो ।
उन्हें माखन खिलने को मैं मटकी साथ लायी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के गौएँ खूब चरते हो ।
तेरे गौएँ चराने को मैं ग्वाले साथ लायी हूँ ॥
सुना है श्याम मनमोहन, के कृपा खूब करते हो ।
तेरी कृपा मैं पाने को तेरे दरबार आयी हूँ ॥
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