॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Krishna - Vatsalya Bhav
कृष्ण - वात्सल्य भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
नचावे हरि की मईआ , नचावे हरि की मईआ
नाचे नन्दलाल
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
मथुरा मे हरि जन्म लियो है ॥
गोकुल मे पग, धरो री कन्हैया॥
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
रुनुक-झुनुक पग घुँघरू वाज़े ॥
ठुमुक-ठुमुक पग, धरो री कन्हैया॥
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
धोतो न बांधे लाला जामो न पहिरे ॥
पिताम्बर को, बडो रे पहरैईया॥
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
टोपी न ओढ़े लाला साफा न बांधे ॥
मोर-मुकुट को, बडो रे ओढैईया॥
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
शाल न ओढ़े लाला दुशाला नहीं ओढ़े ॥
काली रे कमरिया को, बडो रे ओढैईया॥
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
ढूध न पीवे लाला, दही नहीं खावे ॥
माखन-मिसरी को, बड़ो रे खवैईया॥
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
नाचे नन्दलाल, नचावे हरि की मईआ ॥
Shrijirasik
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
Shrijirasik
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग,
सांवरिया के संग सखी सांवरिया के संग......
कोरे कोरे कलश मँगाए उनमे घोला रंग,
भर पिचकारी ऐसी मारी चोली हो गई तंग,
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग......
नैनन सुरमा दांतन मिश्री रंग हो बदरंग,
मशक गुलाल मले मुख ऊपर हे कृष्ण को संग,
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग…..
तबला बाजे सारंगी बाजे और बाजे मुदंग,
कान्हा जी की बंसी बाजे राधा जी के संग,
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग…..
चुनरी भिगोई लहंगा भिगोयो छुटो किनारी रंग,
सूरदास कहे कहाँ भिगोए कारी कमरी रंग,
मै कैसे होली खेलू री सांवरिया के संग…..
Shrijirasik
फन फन नाच रहे बनवारी ।
पद प्रहार चट चट पट पट ध्वनि,
वारि रक्त अरु नारी ।।
नमित फनन धब धब ध्वनि उपजत,
वेणु नाद प्यारी ।
नाग त्रिया बहु विनय करत हैं,
नैन झरत वारी ।। फन फन....
फुं फुं फुं फुफकार करत अहि,
सलिल वीचि भारी ।
करि करि क्रोध झुकत माधव पर,
रुदति सकल ब्रजनारी ।। फन फन....
क्रोध सहित फन उठत जबहिं जो,
खट खट ध्वनि भारी ।
देवादास शिथिल कालिय अहि,
मानी निज हारी ।। फन फन....
Shrijirasik
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
बीते ना उमर यूंही झूठी जग आस में।
दौड़ चले हम कुंवरी राधिका के पास में।
जन्मों की बिगड़ी पल मे भानुजा संवारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अंश है सभी हम यूं तो नंदजू के लाल के।
विमुख हुए ज्यों सखी पड़े मुख काल के।
जीवन मरण से केवल कुंवरी उबारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अधमों को तारे अलग ही रीति से।
मिलन कराती अपने सांवरे से मीत से।
महल के द्वारे पतितों को सत्कारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
होगे निराश जब तुम जग की नातेदारि से।
प्रीत मिलेगी सांची बरसानेवारी से।
माधुरी रंगीली पे निज प्राणन वारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
Shrijirasik
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
ये पलोट रोकड़ नोट सांवरिया का है सपोर्ट, मेरे बिजनेस में तेरा हाथ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मैं तो पुतला हूं सांवरिया सेठ, चाबी तेरे हाथ में रखी,
मेरी शॉप चले टॉप बिजनेस दिया तुझे सौंप, मैं तो चाकर हूं तेरो रे सांवरिया, मैं तो दर का हूं तेरा रे भिखारी, मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मेरा सोना मेरी चांदी दुनिया तो है दीवानी,
खाली हाथ आए सरकार, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरे बच्चे तेरे पर्चे तू उठावें घर खर्चे, मै तो बालक हूं तेरा अंजान, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरी कृपा है सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
मेरा खेत मेरा लसन मेरा अमल मेरा कमल,
सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरा मन मेरा धन मेरा तन अर्पण, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मारुतिनंदन गौशाला तू है गाय का गोपाला, ये भी तो तू जाणे और तेरो काम, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब गायों का रखे ध्यान मैं तो कुछ जाणू नहीं,
मेरा गाने तू चलाते इंस्टा फेसबुक पे छाते, ये भी तेरे है सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं, मेरे डीजे पे तेरा नाम वो भी मेरा नहीं,
ये स्टूडियो तेरा बोस जाए फायदा तो या लॉस गोकुल केवे है सच्ची बात, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब सेठों के तुम सरताज, मंडफिया सा और नहीं।
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
Shrijirasik
तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे
के जैसे युगों से,तुम्हे जानती हूं
अगर तुम हो सागर.....
अगत तुम हो सागर,मैं प्यासी नदी हूं
अगर तुम हो सावन,मैं जलती कली हूं
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
1. मुझे मेरी नींदें,मेरा चैन दे दो
मुझे मेरी सपनों,की इक रैंन दे दो न
यही बात पहले....
यही बात पहले भी,तुमसे कही थी
के जैसे युगों से,तुम्हें जाती हूं
तुम्हें देखती....
2. तुम्हें छूके पल में,बने धूल चन्दन -2
तुम्हारी महक से,महकने लगे तन
मेरे पास आओ.…
मेरे पास आओ,गले से लगाओ
पिया और तुमसे मैं,क्या चाहती हूं
के जैसे युगों से, तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
3. मुरलिया समझकर,मुझे तुम उठा लो
बस इक बार होंठों से,अपने लगा लो न
कोई सुर तो जागे....
कोई सुर तो जागे,मेरी धड़कनों में
के मैं अपनी सरगम से,रूठी हुई हूँ
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती हूं तो,लगता है ऐसे
के जैसे युगों से,तुम्हें जानती हूं
तुम्हें देखती....
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।
तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥
तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।
तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।
तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।
ओ रे...
तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।
तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।
तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।
तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।
तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्गुरुओं के घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।
तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।
तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।
ओ रे...
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं !
बरसो से तरस रहे , जन्मों के प्यासे हैं !!
मीरा को दरश दिया , सबरी को दरश दिया ,
ओ मेरे मोहन , जिसको भी दिया तूने दरश ,
याद करते हैं उसको , सब बरसो बरस ,
याद करते हैं उसको , सब बरसो बरस ,
मीरा को दरश दिया , सबरी को दरश दिया ,
दोनों को दरश दिया, दोनों को तार दिया ,
प्रभु हम को भी दे दो दरश , हम दरश के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
ना धन ही हमें भाया , ना यश ही हमें भाया ,
ओ मेरे मोहन , धन दौलत सब झूठी हैं माया ,
सब कुछ छोड़ के , तेरे दर आया ,
सब कुछ छोड़ के , तेरे दर आया ,
ना धन ही हमें भाया , ना यश ही हमें भाया ,
बस कीर्तन ही तेरा , मन को मेरे भाया ,
भजनों के रसिया हैं , भजनों के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
रिश्तो से प्यार किया , रिश्तो ने धोका दिया,
ओ मेरे मोहन , रिश्ते सभी ये झूठे हैं सारे,
हम हैं मोहन बस तेरे सहारे,
हम हैं मोहन बस तेरे सहारे,
रिश्तो से प्यार किया , रिश्तो ने धोका दिया ,
जब प्रीत करी तुझसे , पल में तूने थाम लिया ,
थोड़ा प्यार हमें कर लो , हम प्यार के प्यासे हैं ,
एक बार तो आ मोहन , हम दरश के प्यासे हैं ,
Shrijirasik
इन प्यासे पपीहे से लोचन को,, निज दर्शन स्वाति पिला जा जरा ।
यह माया मरीच का दूर हटा,, दृग प्रेम का पाठ पढ़ा जा जरा ।।
नव नीरद भेष लिए मुरली,,इन नैनों के बीच समा जा जरा ।
अरे निष्ठुर मोहन आजा जरा,, वह रूप अनूप दिखा जा जरा ।।
अजहू ना आए, हमारे मोहना,,,
आधी रात में खनक गयो बैरी कंगना,
रात बिताऊँ गिन,गिन तारे,
ऐसे निठुर भए श्याम हमारे,
श्याम बिना, मेरो सूनो अंगना,
आधी रात में खनक गयो...
श्याम बिरह में, तड़पी जाऊं
बिजली चमके, डर,डर जाऊं
संग की सहेली, कोई भी संग ना,,,
आधी रात में खनक गयो...
जब से गए मोरी सुध हू ना लीनी
ना जाने सौतन कर लीनी
वर्षों गुजरे, आ जाओ अब ना,,,,
आधी रात में खनक गयो....
Shrijirasik
कांन्हा आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,कुण्डल बन जाऊं
कानों में रहकर,तेरी शोभा बढ़ाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,माला बन जाऊं
गले की शोभा बन,हृदय से लग जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया,तेरी बासुरीं बन जाऊं
हाथों में रहकर,अधरों पे सज जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
कहो तो कन्हैया,पागल मामा हो जाऊं
चरणों में रहकर,अपना जीवन बिताऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
साडे ईक वारी आजा ओ रगिलें रसिया-2
ओ रगिलें रसिया,ओ छबिलें रसिया-2
Shrijirasik
तरज़-: बहुत प्यार करते हैं तुम को सनम
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
बनाया है करके,कृपा हमको जिसनें
उन्हीं के रहेगें,उन्हीं के भरें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
उन्हीं का यशोगांन,करते रहेंगें
के जिनकी कृपा,से फुलें फलें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
उन्हें कैसे भुलें,बता दे कोई तो
के जिनकी दया से,सभी दुख टले हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं के
जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
जुगल से अधमं को,दिया मर्तबा वो
के हेरत में कब यम,गणों ने मनें हैं
जन्मदिन उन्हीं का,मनानें चले हैं
के जिनकी शरणं में,रहकर पले हैं
जन्मदिन...
Shrijirasik
भगत के वश में है भगवान,
भक्त बिना ये कुछ भी नहीं है,
भक्त है इसकी शान,
भगत मुरली वाले की रोज बृन्दावन डोले,
कृष्णा को लल्ला समझे, कृष्णा को लल्ला बोले,
श्याम के प्यार में पागल, हुई वो श्याम दीवानी ,
अगर भजनो में लागे, छोड़ दे दाना पानी,
प्यार कारन वो लागी उससे अपने पुत्र समान,
भगत के वश में है भगवान...
वो अपने कृष्णा लला को गले से लगा के रखे,
हमेशा सजा कर रखे की लाड लड़ा कर रखे ,
वो दिन में भाग के देखे, की रात में जाग के देखे,
कभी अपने कमरे से, श्याम को झांक के देखे,
अपनी जान से ज्यादा रखती अपने लला का ध्यान,
भगत के वश में है भगवान...
वो लल्ला लल्ला पुकारे हाय क्या जुल्म हुआ रे ,
बुढ़ापा बिगड़ गया जी लाल मेरा कैसे गिरा रे ,
जाओ डॉक्टर को लाओ लाल का हाल दिखाओ ,
अगर इसको कुछ हो गया मुझे भी मार गिराओ ,
रोते रोते पागल होगई घर वाले परेशान ,
भगत के वश में है भगवान...
नब्ज को टटोल के बोले, ये तेरा लाल सही है,
कसम खा के कहता हूँ कोई तकलीफ नहीं है,
वो माथा देख के बोले ये तेरा लाल सही है ,
माई चिंता मत करियो कोई तकलीफ नहीं है ,
जोहि सीने से लगाया पसीना जम कर आया ,
उसने कई बार लगाया और डॉक्टर चकराया ,
धड़क रहा सीना लल्ला का, मूर्ति में थे प्राण ,
भगत के वश में है भगवान...
देख तेरे लाल की माया बड़ा घबरा रहा हूँ,
जहाँ से तू लल्ला लाई वही पे जा रहा हूँ ,
लाल तेरा जुग जुग जिए बड़ा एहसान किया है,
आज से सारा जीवन उसी के नाम किया है,
बनवारी तेरी माँ नहीं पागल पागल सारा जहाँ,
भगत के वश में है भगवान...
Shrijirasik
हम गरीबों से रखता है यारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी ---
प्यारी लगती गरीबों की नैया ---
बैठ जाता है बनके खिवैया ---
भूल जाता है देखो सरकारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी ---हम गरीबों से रखता
लोग कहते है दीनों की लाज है ---
उसके हाथों में गरीबों का हाथ है ---
शायद जानता नहीं वो दुनियादारी ---
नाम उसका है बांके बिहारी -- हम गरीबों से रखता
उसका झौपड़ी में है आना जाना ---
स्वाद लगदा विदुर जी का खाना ---
खुद को कहता है प्रेम का पुजारी --
नाम उसका है बांके बिहारी -- हम गरीबों से रखता
माल नरसी का पहले लुटाया --
घर बनवारी मीरा का छुड़ाया --
प्यारा लगता है कि सुदामा भिखारी --
नाम उसका है बांके बिहारी --
हम गरीबों से रखता है यारी --!!
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गोपाल मुरलिया वाले नंद लाल मुरलिया वाले
श्री, राधा मेरी स्वामिनी, और मैं राधे कौ दास,
जनम, जनम मोहे दीजियो, श्री वृन्दावन को वास ॥)
गोपाल, मुरलिया वाले, नंद लाल, मुरलिया वाले ॥
श्री, राधा जीवन ॥।नीलमणि, गोपाल मुरलिया वालें ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, नंदलाल, मुरलिया वाले ॥
हो, गोपाल, मुरलिया वाले ॥
श्री, राधा जीवन ॥।नीलमणि, गोपाल मुरलिया वाले ॥
मेरा यार, नंद, नंदन हो चूका है ॥
वोह, जान, हो चूका है, ज़िगर हो चूका है ॥
ये सच जानिए, उसकी, हर एक अदा पर ॥
जो, कुछ पास था वोह, नज़र हो चूका है ॥
गोपाल, मुरलिया वाले, नंदलाल...
हो, राधे राधे...राधे राधे ॥
हो, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
श्री, राधे राधे...राधे राधे ॥
मेरा यार, नंद, नंदन हो चूका है ॥
वोह, जान, हो चूका है, ज़िगर हो चूका है ॥
जगत की, सभी, खूबियाँ मैंने छोड़ी ॥
जो, दिल था इधर, अब उधर हो चूका है ॥
गोपाल, मुरलिया वाले, नंदलाल...
गोविंद, मेरो है,गोपाल मेरो है ॥
श्री बाँके, बिहारी, नंदलाल मेरो है ॥
गोविंद, मेरो है,गोपाल मेरो है ॥
श्री बाँके, बिहारी, नंदलाल मेरो है ॥
हो राधा, राधा राधा ॥
श्री राधा, राधा राधा ॥
ओ नीली, साड़ी, राधा ।
ओ नीली, साड़ी... राधा ।
बरसाने, वाली... राधा ॥
ऊंची अटारी... राधा ॥
ओ भोली, भाली... राधा ॥
ओ गोरी, गोरी... राधा ॥
ओ चंचल, प्यारी... राधा ॥
ओ श्यामा, प्यारी... राधा ॥
राधा राधा, राधा राधा, रा...धा,
राधा, राधा श्री राधा ॥
जय जय श्री राधे
Shrijirasik
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.....
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
श्याम राधिका गाऊँ,
मैं श्याम राधिका गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
सौ रज शीश नवाऊ,
सौ रज शीश नवाऊ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
Shrijirasik
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
धरी है शीश पे मटकी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
फिर आखिर को यही होगा,
मोहब्बत छूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
गले में डाल बईया,
बला से टूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
Shrijirasik
तेरी उमरां दी खैर मनावां के दिल विच तूं वसदा,
तेरा पल पल शुक्र मनावां के दिल विच तूं वसदा......
प्यार तेरे ने साडी दुनिया भुलाई,
तेरे वाजो श्याम साडी किते ना सुनाई,
तेरे चरणां दे नाल लग जामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
चंन जेहे मुखड़े तो वारी वारी जादी आं,
खैरां मंगा तेरियां मैं ऐहो कुछ चाहनी आं,
तेरे चरणां च मर मिट जामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
प्यारी-प्यारी अंखियां च तूं ही समाया है,
जेहड़े पासे देखां मैनु तूं ही नज़र आया है,
हर वेले तेरा दर्शन पामां के दिल विच तूं वसदा,
तेरी उमरां दी खैर......
Shrijirasik
श्याम नित ना बजाया करो बंसरी,
कि करों सानु मार पैंदी ऐ, मनमोहना....
तेरी बंसरी ऐ रंग बींरंगी,
ते उते हिरे मोती जड़े ने, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी तोर है मोरां वरगी,
कि मुख तेरा चन वरगा, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी बंसरी नु लै जान चोर वे,
कि जिने साडा दिल लुटेया, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो......
तेरी बंसरी दा दोष ना कोई,
कि दोष साडी अखियां दा, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो.......
Shrijirasik
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे.....
राधा कृष्ण की छबि निहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे....
बड़ा नटखट है रे ब्रज गोपाला,
काली दाह में नाग नाथे,
यशोदा का लाला,
दरश को तेरे अंखिया प्यासी,
जन्मो जनम से राधा श्याम की दासी,
साँस चले तुमरे सहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
राधा कृष्ण की छबि निहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
Shrijirasik
ना मैं चूनरी रंगी है ना मैं चोला रंगया,
ओ रंगण वाले ने रंगीला मेरा मन रंगया....
ना मैं धीया मंगिया ना मैं पुत्र मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी.........
ना मैं हीरा मंगया ना मैं मोती मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी.........
ना मैं महल मंगया ना मैं मोरिया मगियां,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी..........
ना मैं अन मंगया ना मैं धन मंगया,
ओ श्याम रख चरणा दे कोल मैं तां ऐहो मंगया,
ना मै चुनरी..........
Shrijirasik
जय माधव मदन मुरारी,
बनवारी श्याम बनवारी......
तेरी मस्तक मुकुट विराजे,
और मोर पंख भीन साजे,
केशों की छटा है न्यारी,
जय माधव मदन मुरारी......
कानों में कुंडल सोहे,
माथे पर चंदन मोहे,
तेरी आंखें हैं कजरारी,
जय माधव मदन मुरारी.....
होठों पर लाली लाल लगी,
और मुरली तेरे हाथ सजी,
तूने काली कमरिया डारी,
जय माधव मदन मुरारी......
Shrijirasik
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे....
वृंदावन ब्रज की राजधानी,
यहाँ बसे ठाकुर ठकुरानी,
मधुर मिलन की साक्षी देते,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
पूण्य प्रेम रस में आत्मा भिगोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
कृष्ण राधिका एक है,
इनमे अंतर नाही,
राधे को आराध लो,
कृष्णा तभी मिल जाए,
प्रथक प्रथक कभी इनको ना तोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे........
Shrijirasik
तर्ज – ये तो प्रेम की बात है
अपने लाला की सुन लो शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है,
वो जो देता है दर्द ये दिल को,
वो दिखाने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है......
मैया पहली शिकायत हमारी,
पनघट पे मिले थे मुरारी,
या ने तोड़ी गगरिया हमारी,
जल भरने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.........
मैया दूसरी शिकायत हमारी,
गलियों में मिले थे मुरारी,
वा ने फाड़ी चुनरिया हमारी,
ओढ़ने के जो काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.......
मैया तीसरी शिकायत हमारी,
महलों में मिले थे मुरारी,
या ने तोड़ी नथनिया हमारी,
मुंह दिखाने के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है........
मेरे लाला को प्यार सु बुलाती,
माखन मिश्री का भोग लगाती,
ये तो प्राणो से प्यारा कन्हैया,
ये शिकायत के काबिल नहीं है,
अपने लाला की सुन लों शिकायत,
जो बताने के काबिल नहीं है.........
Shrijirasik
जाने क्या जादू भरा हुआ,
भगवान तुम्हारी गीता में,
मन चमन हमारा हरा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ......
गीता ग्रंथो से न्यारी है,
श्रुति जुगति अनुभवकारी है,
गीता ग्रंथो से न्यारी है,
श्रुति जुगति अनुभवकारी है,
युग युग का अनुभव जुड़ा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ......
जब शोक मोह से घिर जाते,
तब गीता वचन हृदय लाते,
जब शोक मोह से घिर जाते,
तब गीता वचन हृदय लाते,
कल्याण खजाना भरा हुआ,
श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ.....
गीता संतो का जीवन है,
गंगा के सम अति पावन है,
शरणागति अमृत भरा हुआ,
भगवान तुम्हारी गीता में,
विज्ञान ज्ञान रस भरा हुआ,
श्री कृष्ण तुम्हारी गीता में,
हरी प्रेम लबालब भरा हुआ,
घनश्याम तुम्हारी गीता में,
जाने क्या जादू भरा हुआ..........
Shrijirasik
घनश्याम तुम्हारे मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ,
वाणी में तनिक मिठास नहीं,
पर विनय सुनाने आई हूँ.....
मैं देखूं अपने कर्मो को,
फिर दया को तेरी करूणा को,
ठुकराई हुई मैं दुनिया से,
तेरा दर खटकाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ........
प्रभु का चरणामृत लेने को,
है पास मेरे कोई पात्र नहीं,
आँखों के दोनों प्यालों में,
मैं भीख मांगने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ........
तेरी आस है श्याम निवाणीअणु,
तेरी शान है बिगड़ी बना देना,
तुम स्वामी हो मैं दासी हूँ,
संबंध बढ़ाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ.....
समझी थी मैं जिन्हें अपना,
सब हो गए आज बेगाने है,
सारी दुनिया को तज के प्रभु,
तुझे अपना बनाने आई हूँ,
घनश्याम तुम्हारें मंदिर में,
मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ.........
Shrijirasik
वो हटा रहे है परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके
में नजारा कर रहा हूँ,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ये झुकी झुकी निगाहें,
ये हसी हसी इशारे,
मुझे दे रहे है शायद,
मुझे दे रहे है शायद,
वो पयाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ना दिखाओ चलते चलते,
यूँ कदम कदम पे शोखी,
कोई क़त्ल हो रहा है,
कोई क़त्ल हो रहा है,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके..........
कभी शोख़िया दिखाना,
कभी उनका मुस्कुराना,
ये अदाएं कर ना डाले,
ये अदाएं कर ना डाले,
मेरा काम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ये जो हिचकिया मुसलसल,
मुझे आ रही है आलम,
कोई ले रहा है शायद,
कोई ले रहा है शायद,
मेरा नाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.........
Shrijirasik
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
प्रभु नाम के मोती,
महिमा राम नाम की होती,
मन हो जाये मतवाला..
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला...
जिसकी कृपा से रत्नाकर भी,
रामायण लिख जावें,
जिसकी कृपा से नयनहीन भी,
सूर श्याम कहलाये,
मीरा जोगन हो जावे,
गिरधर के रंग रंगाये,
पीये दीवानी विष प्याला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला.......
धूप दीप अर्चन साधन न,
जोग कोई बतलाये,
चरण शरण ही जा बैठे,
और भव सागर तर जाए,
काशी काबा न जाए,
चाहे गंगा न नहाये,
बस राम की फेरे माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला......
जनम जनम के इस चक्कर से,
खुद को आज बचा ले,
राम नाम का हो जा प्राणी,
राम नाम अपना ले,
अरे बन जा सवाली,
भर ले झोली तू खाली,
सारे जग का वो रखवाला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला,
मोहे ला दो भजन की,
वही माला, वही माला......
Shrijirasik
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल,
हारावाले मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
सोहणा सोहणा मुखड़ा ते सोहणी है चाल जी,
बाल घुंघराले ते सिर ते मुकुट कमाल जी,
रूप तेरा सोहणा ते गल विच हार,
दर्शन देके करदे निहाल,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
श्याम प्यारे दी लीला बड़ी प्यारी ए,
गरीबा नू राज बक्शे लीला एहदी न्यारी ए,
अर्शा तो देवता भी करन सत्कार,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
दिल च उमंग श्याम मिले तेरा संग जी,
तेरे बिन प्रभु मेरा लगदा ना मन जी,
सानू वी ले चल वृन्दावन धाम,
मेरे श्याम मिल गए किस्मत नाल,
असी ते हो गए मालो माल........
Shrijirasik
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,
रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,
श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,
मैं वी उड के श्याम दा सोहणा दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
श्याम दिया संगता जदों दर ते आनगीया,
अमृत भरा संगत जद लंगर खावनगीया,
संगता दिया चरणा दी,,
संगता दे चरणा दी धूल मथे उत्ते लावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
रोज सवेरे मैं फूल तोड़ ले आवांगी,
श्याम जी दे चरणा विच आन चढावांगी,
हर वेले श्याम दा,,
हर वेले श्याम दा नित दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
Shrijirasik
तेरे रज रज दर्शन पावा इक वारि खोल अखियाँ,
खोल अखियाँ खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा.....
कोई ता कहंदा प्यारा दिल विच वसदा,
असली ठिकाना तेरा कोई भी न दसदा,
कोई भी न दसदा श्याम,
की करा के दर नु जावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा......
तेरे दर्श दी मैं हां दीवानी, अपना चरना दी दे जा निशानी,
दे जा निशानी श्यामा दे जा निशानी,
अखियाँ प्यासियाँ नु होर तरसा न,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरा दर्श पा के वारि वारि जावा,
श्याम नाम दी गंगा विच गोते पई लावा,
श्याम प्रेम दी ज्योत जगावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरे चरना च मैं रेन गुजारा,
तेरे दर्श बिना मैं चैन ना पावा,
अखा थक गईयाँ तक तक राहवा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा........
Shrijirasik
तर्ज – थारे वास्ते रे ढोला थारे वास्ते
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कोण लागे,
तू मेरो कोण लागे.......
गिर जाऊं पकड़ उठावे,
भटकूँ तो राह दिखावे,
घबराऊ दौड्यो आवे,
हिवड़े ने धीर बंधावे,
दोड़्यो आवे, भाग्यो आवे,
काम बणावे, पर नजर ना आवे,
पीछे पीछे चलूँ तू तो,
चले आगे आगे रे मेरे,
चले आगे, तू मेरो कोण लागे......
अटक्योड़ा काम बणावे,
खर्चो यो कोण चलावे,
मैं तो गानो नही जाणु,
किरपा है तेरी तू गवावे,
तू ही जाणे तेरी माया,
तन्ने वेद समझ नही पावे,
में क्या जाणु तू ही जाणे,
सुत्या भाग जागे रे म्हारा,
भाग जागे, तू मेरो कोण लागे......
रक्षा करे हरदम तू मेरी,
छोडूंगी ना चोखट तेरी,
सेवा तेरी करती रहु में,
अभिलाषा है ये श्याम मेरी,
उमा लहरी शरण तुम्हारी,
पत राखो हे कृष्ण मुरारी,
साँवरा सलोना मेरा तू,
रहियो सागे सागे मेरे,
रहियो सागे, तू मेरो कोण लागे.........
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कौन लागे,
तू मेरो कोण लागे......
Shrijirasik
सांवरा सलोना मेरा कृष्ण कन्हाई,
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी.....
आँख मिचौली काहे खेले तू कान्हा,
पलके बिछाए बैठी तेरी राधा,
कास में तेरी बन जाती बंसुरिया,
अधरों से तेरे लग जाती में सांवरिया,
नैना निहारे पन्थ आओ मुरारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी.....
याद जो आये मोहे पल महारास के,
थिरके पायलिया मृदंग ताल पे,
जितनी गोपिया उतने गोविन्दा,
कण कण में हे जेसे भगवंता,
पल ना पड़े अब कान्हा पल पल भारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी......
बंशी बजा के मेरी निंदिया उड़ाई,
लाडला कन्हैया मेरा कृष्ण कन्हाई,
कुञ्ज गली में ढूंढें तुम्हे राधा प्यारी,
कहां गिरधारी मेरे कहां गिरधारी......
Shrijirasik
भाँति भाँति का भोजन बनाया. मीठा और नमकीन
बहुत सुनी मैं चर्चा थारी. थे इन चीजों के शौकीन
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जीमो जीमो जी सावरिया करदे हमपे करम.
तरहा तरहां का भोजन बनवाया चर्चरी नरम.
खाले रोट हरियाणे का
लेले मजा तू खाने का
मांड सांभर को पीले राबड़ी
ना करियो सरम।।। जीमो जीमो
साग बनाया सरसो दा
रोटी बनाई मक्के दी
लस्सी ल्याया ठेठ पंजाबी
पिजा एक दम।। जीमो जीमो
ल्याया ढोकला गुजराती
इडली डोसा मद्रासी
दिल्ली वाली हरी कचौड़ी
गरमा गरम।।। जीमो जीमो
खाले ढसाल बाटी भी तू
पीले कढ़ी साटी भी तू
बीकानेरी भुजिया चम चम
चर्चरी नरम।।। जीमो जीमो
आम अमरूद अंगूर अन्नानाश
खीरा निम्बू बहुत है खास
कांकरिया है लाल टमाटर
लाया चमाचम।। जीमो जीमो
काजू किसमिस खुरमानी
नारियल छोहाड़ा बादामी
केला सेव पपीता चीकू
गाजर का हलुवा गरम।। जीमो जीमो
सौफ इलायची हाजिर है
साथ मे मिश्री रक्खी है
पान कलकत्ता वाला चबा के
पान बनारस वाला चबा के
करले बिश्राम।। जीमो जीमो
बतला और के खावेगा
झट से वो हाजिर पावेगा
नरसी त्यार खड़ा सेवा में
भग्त त्यार खड़ा सेवा में
करदे हुकुम।।। जीमो जीमो जी साँवरिया।।।।
Shrijirasik
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
1 ) मुरली की धुन हमे सोने ना देती……..2
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती……..2
मुरली की धुन हमे सोने ना देती
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती
बेरन बहुत सतावे है
मुरली ना बजाओ…….2
2 ) ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी……..2
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी………..2
ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी
काहे तू जल जल जावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
3 ) हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली……….2
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली……….2
हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली
जमुना पे हमको बुलावे है
मुरली ना बजाओ…….2
4 ) बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली………2
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी………..2
बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी
मेरे मन को भावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
Shrijirasik
https://www.bhajanganga.com/bhajan/lyrics/id/32976/title/Maiya-Matki-Fod-Di-Meri
री मैया कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी.............2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
1 ) मैं तो पनिया भरन जब जाऊँ , मेरे पीछे-पीछे आवे.........2
फिर अपनी गुलेल से कान्हा , मटकी पे निशाना लगावे...........2
मटकी पे निशाना लगावे , करता माखन की चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
2 ) श्याम मुरली मधुर बजाए ,जब गईया चरावे जाए.............2
जमुना के किनारे कन्हैया , राधा संग रास रचावे..........2
राधा संग रास रचावे कान्हा , करता बरजोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
3 ) मेरे गिरधर मोहन प्यारे , बेबी लिखे भजन तुम्हारे...........2
जिया भी भजन सुनाए , और तेरी राह निहारे.........2
और तेरी राह निहारे , दिल मेरा करता जो चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
Shrijirasik
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय मथुरा गोकुल गोवर्धन
जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन
जय बरसाना, जय नंदगाव
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय ब्रज रज, जय जय गोधन
जय जय ग्वाल सखा गोपीजन
जय ब्रजवासिन, जय ब्रज बाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय ब्रजमण्डल जय ब्रज रसिकन
जय जय ब्रज के संत भक्त जन
जय जय लत्ता पता अभिराम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
❛मधुप हरि❜ ठाकुर ठकुरानी
जय ब्रजराजा जय ब्रजरानी
जय राधा माधव छवि धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम-२।
Shrijirasik
चिंता करें बलाएं हमारी इस माया जंजाल की
बलिहारी बलिहारी बोलो बलिहारी नंदलाल की
1, जी मालिक ने जन्म दिया है अन्य वस्त्र भी दे देगा,,
सिर ढकने को छत देवे गा खबर हमारी ले लेगा ,,,,
भजन करो निस चिन्त हो चिंता छोड़ो रोटी दाल की,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,,,
2 छड़ भर को न हमे छोड़ता सदा हमारे साथ में है,,,,
जीवन की सांसा डोरी उस परम पिता के हाथ में है,,,
हंसना रोना जीना मरना छोड़ो चिंता गात की ,,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,
मथुरा में जाओगे तो घनस्याम मिलेंगे
सीना फाड़ के बैठे श्री हनुमान मिलेंगे
दाऊजी में जाओगे तो बलराम मिलेंगे
माता पिता के चरणों में चारो धाम मिलेंगे,,,,,,,,,,
3 कली, काहे की तू चिंता करता करना है सो राम करें,,,
नाम हरि का भजले मूरख यही तेरा उधार करें,,,,
तोड़, मनीष कुमार तू गुरु मानले जो खोल मुक्ति द्वारा की,,,,,
बलहारी बलहारी बोलो ,,,,,,,,
Shrijirasik
निकल आयो पर्दे से, ओ मुरली वाले,
हमें तेरा पर्दा, गवारा नहीं है ।
तुम बैठे पर्दे में, हम बैठे सजदे में,
अरे, यह भी तो कोई, नज़ारा नहीं है ॥
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे ।
हम निर्गुण, तुम स्वामी ।
पर्दा, ज़रा हटा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, मुखड़ा ज़रा दिखा दे ।
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
दिल में है तेरी तस्वीर, विगड़ी बना दे तकदीर ।
नैनों में तूँ वसा ले, नैनों से बहते हैं नीर ॥
बन गई हूँ तेरी योगन ॥, चरनों में, अब जगह दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
तरसी है मेरी अख्खियाँ, आई है साथ सख्खियाँ ।
दर्शन तूँ मुझको दे दे, नैनन में वस जा मेरे ॥
ओ मुरली वाले कान्हा ॥, जलवा, ज़रा दिखा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
आयो तो खेलूँ होली, प्यार की बोलूँ बोली ।
प्यार से बाँके मेरी, भरदे यह ख़ाली झोली ॥
ओ मुरली वाले कान्हा ॥, रोते को, तूँ हसा दे,,,
मेरे बाँके बिहारी, पर्दा ज़रा हटा दे...
Shrijirasik
मुझे प्यार हो गया तुमसे घनश्याम साँवरे
( तर्ज - दिल दिवाने का डोला)
मुझे प्यार हो गया तुमसे, घनश्याम साँवरे
करो दूर नही रख लो तुम अपने पास साँवरे
दिल तुमको दिया है मोहन, संभाल के तुम इसे रखना
कहीं और लगे ना प्यारे, चरणों से दबा के रखना
तेरे नाम की ज्योति
तेरे नाम की ज्योति जली है
इस दिल में साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
मैं तेरा ही हूं तेरा, हर पल तेरा ही रहूँगा
तुम भी कह दो ना मोहन, मैं तेरा ही रहूँगा
ये रिश्ता ...
ये रिश्ता तेरा मेरा टूटे ना साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
कुछ कर दो प्रभु तुम ऐसा, चरणों में बीते जीवन
कर्मो की सज़ा मिले ऐसे तेरे धाम रहूँ आजीवन
'सत्यम' की,,
सत्यम की इस अर्जी पर दो ध्यान साँवरे
करो दूर नहीं रखलो तुम अपने पास साँवरे
Sh5
चिर जीवे तेरो कन्हैया 2
यशोदा तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया
मथुरा में हरि जन्म लियो है 3
गोकुल बजत बधाईयां
यशोदा तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया
रत्न जड़ित पलना पे पौडत 3
झूलत कुंवर कन्हैया
ओ मईया तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया
चलो सखी दर्शन कर आवें -3
प्रगटे हैं दाऊ जी के भईया
यशोद तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया
चन्द्रसखी भज बाल कृष्ण छवि
बार बार बलि जैया
हो मैया तेरो चिर जीवे कुंवर कन्हैया।
नंद के आनन्द भयो
जय कन्हैया लाल की।
Shrijirasik
तर्ज़ :- ब्रज का लोक रसिया ( बधाई )
भए प्रकट स्वामी हरीदास ,श्री ललिता सखी अवतार लियो -2
1 . श्री गंगाधर चित्रा दुलारे -2
स्वामी आसुधीर के शिष्य प्यारे -2
करने को निधिवन वास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।
भए प्रकट स्वामी.....
2 . भक्तों के भाग्य जगाने को -2
रास पीने और पिलाने को -2
आये महाभाव रसराज ,श्री ललिता सखी अवतार लियो।
भए प्रकट स्वामी.....
3 . जिस दिन प्रकटी वृषभानु सुता ,
उसी दिन दिखियो हरिदास छटा ,
राधा अष्टमी दिन बड़ो खास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।
भए प्रकट स्वामी.....
4 . राजपुर में बधाइयां साज़ बजे ,
वृन्दावन संत समाज सजे ,
छाया मधुप है हर्षोल्लास , श्री ललिता सखी अवतार लियो।
भए प्रकट स्वामी.....।
Shrijirasik
यमुना किनारे श्याम आया ना करो ।
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो॥
बंसी की आवाज सुनके ग्वाले दौड़े आएंगे ,
गऊ बछड़े छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगे ,
ग्वालों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुन कर गोपी दौड़ी आएंगी ,
बालक बच्चे छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगी ,
गोपियों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुनके पंछी दौड़े आएंगे ,
चुग्गा पानी छोड़ के सब दर्शन करना चाहेंगे ,
पंछियों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी की आवाज सुनके भक्त दौड़े आयेंगे ,
ढोलक बजा छोड़ कर सब दर्शन करना चाहेंगे ,
भक्तों का दिल तड़पाया न करो ,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम.....
बंसी कीआवाज सुनके राधा दौड़ी आएँगी ,
काम-धाम छोड़ कर वह दर्शन करने चाहेंगी ,
राधा को इतना सताया ना करो,
मीठी मीठी बांसुरी बजाया ना करो।
यमुना किनारे श्याम...........।
Shrijirasik
श्लोक:
करारविन्देन पदारविन्दं मुखारविन्दे विनिवेशयन्तम्।
वटस्य पत्रस्य पुटे शयानं बालं मुकुन्दं मनसा स्मरामि॥
तन में मन में बसे बिहारी, हे गिर्राजधरण वनवारी
तुम्हरे दरस को व्याकुल नैना, ढूंढें तोहे गली चौबारी
तन में मन में_ _ _ _ _
मेघ वरण मंगल करण, तुम गिर्राजधरण
बिनती सुनो मोरी हे वनवारी, रखियो लाज हमारी
तन में मन में_ _ _ _ _
कमल नयन अति कोमल चरण, हे राधारमणा
हे कृपालु भक्तन भयहारी, आए शरण तिहारी
तन में मन में_ _ _ _ _
Shrijirasik
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
रिश्ता ये तेरा मेरा , सदियों पुराना ,
फिर से रिश्ता कान्हा , हमको निभाना ,
मेरे इस मन को तो , भाए ना कोई ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
पहले भी था मैं , तेरा दीवाना ,
तेरा ये दर था , मेरा ठिकाना ,
छोड़ के इस दर को तो , जाऊ ना कही ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
बाते पुरानी कुछ , बची थी अधूरी ,
बाते वो सारी अब , करनी है पूरी ,
करने वही बाते , आया हूँ तेरी ओर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
मथुरा के कन्हैया , गोकुल के नंदकिशोर ,
मुझे रख ले अपनी शरण में , मैं आया तेरी ओर ,
Shrijirasik
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
सारे जग को हमने छोड़ा हैं ,
बस तुमसे रिश्ता जोड़ा हैं ,
अब जुड़ा रहे बंधन ये सदा,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
बरसो से हम तो भटक रहे ,
दर्शन को तुम्हारे तरस रहे ,
जब तक ना दरश तुम्हारा हो ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं, हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
हमें धन और दौलत मत देना ,
हमें नाम और शोहरत मत देना ,
बस इतनी कृपा तुम कर देना ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
चाहे सुबह हो या शाम हो ,
होठो पे तुम्हारा नाम हो ,
हम जपते रहे तेरा नाम सदा ,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
Shrijirasik
वक्त की आंधी से,पत्थर भी पिघल जाते हैं
कह-कह फ़िर से,अश्कों में बिख़र जाते हैं
कौंन याद करता है,दुनिया में किसी को
वक्त के साथ साथ,हालात बदल जाते हैं
वक्त इन्सांन का,सम्मान करा देता है
वक्त इन्सांन का,अपम्मान करा देता है
वक्त पड़ने पर आया है समझ में मेरी
वक्त इन्सांन की पहचान करा देता है
कोई श्याम सा नहीं देखा,जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
ध्यान में योगियों के आता नहीं,
संग भगतों के नाचता देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
किस तरह द्रोपदी नगंन होती,
श्याम साड़ी में ही छिपा देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
कदंम-कदंम पे बचाता है अपनें भगतों को,
ऐसा परमात्मा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
मैं आया हूं अब तेरे दर पे,
जब कोई आसरा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
Shrijirasik
गोपियों ने घेर लिया तूँ
गोपियों ने, घेर लिया तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
सखियों ने, घेर लिया तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
रळ मिल, सखियाँ, पानी नूँ चल्लियाँ ॥
मट्कियाँ, फोड़े तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, न्हावण चल्लियाँ ॥
चीर, चुरावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, मधुवन चल्लियाँ ॥
रास, रचावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, वृंदावन चल्लियाँ ॥
गउआँ, चरावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, बरसाने चल्लियाँ ॥
राधा संग, रव्हे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, दही बिलोवें ॥
चोरी चोरी, खावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
रळ मिल, सखियाँ, खेलण होली ॥
रंग, उड़ावे तूँ, वे तूँ, नंदलाला ॥
भर भर गोपियों ने, घेर लिया तूँ…
Shrijirasik
वे राधा तैनूं वाज़ां मारदी
वे राधा तैनूं, वाज़ां मारदी, वाज़ां मारदी,
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी ॥
मेरा बड़ा, औखा हो गया, औखा हो गया,
मेरा, लगदा ना, दिल बिन तेरे,
मेरा बड़ा, औखा हो गया ॥
दुनियां, तो चोरी तैनूं, दिल च वसाया ए ।
बिना, फेरियां तो तैनूं, अपना बनाया ए ॥
मेरा, लंघदा, मेरा लंघदा,
मेरा लंघदा ना, पल बिन तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरे बिना, दुख मेरा, सुनदा ना कोई वे ।
याद तैनूं, कर कर, अख जांदी रोई वे ॥
किते, पा देवे, किते, पा देवे,
किते पा देवे, बरसाने विच फेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरियां, यादां ने मैनूं, वद्ध वद्ध खा लिया ।
तेरी, तस्वीर नूं मैं, दिल च वसा लिया ॥
हुण, औंदे ने, हुण औंदे ने,
हुण औंदे ने, ख्याल मैनूं तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
गोचर, वाले दी नी तूं, सुन लै पुकार नी ।
बेड़ी, सिंदर दी कर, भव सागर तो पार नी ॥
लखवीर लिखदा, लखवीर लिखदा,
लखवीर लिखदा, ए बोल तेरे मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
Shrijirasik
तेरे दिल में रहेंगे ओ साँवरे
( हमे, अपना, बना ले, ओ साँवरे,
तेरी, राहों में, खड़े हैं, ओ साँवरे ॥)
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे ॥
तेरे, मन में, रहेंगे... ओ साँवरे ॥
तेरे, मन में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, दीपक बनो, हम ज्योति बनें ॥
मंदिर में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, भँवरा बनो, हम कली बनें ॥
बागों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, माखन बनो, हम मिश्री बनें ॥
भोगों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, चन्दा बनो, हम सूरज बनें ॥
अम्बर, में रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, गंगा बनो, हम यमुना बनें ॥
सरयू में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, ढोलक बनो, हम मंजीरा बनें ॥
भजनों में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, चंदन बनो, हम पानी बनें ॥
मस्तक पे, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
तुम, फ़ूल बनो, हम धागा बनें ॥
माला में, रहेंगे... ओ साँवरे ।
तेरे, दिल में, रहेंगे... ओ साँवरे...
Shrijirasik
मुरली वालिया कृष्ण मुरार वे
धुन – डाची वालिया मोड़ मुहार वे
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे,
तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे॥
तेरी, मुरली तोँ, सदके मैं जानी आँ,
राधा, रानी नूँ, आप मनाऊँनी आँ॥
आ के, सुन लै तूँ, साडी वी पुकार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली, यमुना ते वज्जदी,
सारी, सखियाँ दी, जिंद एह कड्डदी॥
आ के, सानूँ वी तूँ, करदे निहाल वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली दे, योग निराले सी,
देखे, औंदे ने, जेहड़े करमा वाले सी॥
आ के, सानूँ वी सुना जा, सोहणी तान वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरी, मुरली ने, ऐसा जादू पाया सी,
राधा, रुक्मण दा, दिल ओहते आया सी॥
आ के, दर्शन, दिखा जा इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
तेरे, मुखड़े तोँ, वारे वारे जानी आँ,
तैनूँ, मख्खणां दा, भोग लुआनी आँ॥
आ के, भोग लगा जा, इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
सारी, सखियाँ है, तैनूँ ही पुकारदियाँ,
तेरियाँ, राहवाँ ओह, तक तक निहारदियाँ॥
आ के, मुरली सुना जा, इक वार वे, हो…
हाय… तेरी, मुरली दे नाल, साडा प्यार वे।
ओ मुरली, वालिया, कृष्ण मुरार वे…
Shrijirasik
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
अब वो ही गले लग कर अपना पन दिखाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
उस मंजिल को पाने में शाले पड़ जाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
Shrijirasik
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
मेरा कुछ भी नही है मै तो श्याम के भरोसे पलता हु
भूल के सारी दुनियादारी श्याम का दामन थामा है
देखके इनकी रहमत भारी खुद को सुदामा माना है
श्याम चरण में स्वर्ग सा सुख है ये सच मैंने जाना है
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
ना घबराए दिल मेरा अब श्याम जो मेरे सागे है
संकट आए जब जब मुझ पर चलता आगे आगे है
श्याम के दर पर आके देखो सोई किस्मत जग जावे
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
सांसे तो बस एक वेहम है श्याम के नाम से जीता हु
प्यास लगे जब थोरी थोरी श्याम की मस्ती पीता हु
कृष्ण ये बोले अपना हर पल श्याम भरोसे जीता हु
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
मेरा कुछ भी नही है मै तो श्याम के भरोसे पलता हु
Shrijirasik
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
Shrijirasik
श्याम, सखियां तो, डरदा मारा ॥
कि मुरली, लकोई रखदा...जय हो,
कि मुरली, लकोई रखदा, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
जद, कालिया, नाग ने नथेया ॥
कि यमुना ते, गेंद रुढ़ गई...जय हो,
कि यमुना ते, गेंद रुढ़ गई, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
तैनू श्याम किसे ने ना कैहना ॥
कि गोरा रंग, श्याम हो गया...जय हो,
कि गोरा रंग, श्याम हो गया, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरा, श्याम, बड़ा टुट भैड़ा ॥
कि नचदी दे, दंद गिणदा...जय हो,
कि नचदी दे, दंद गिणदा, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरी, श्याम ने, पकड़ी कलाई ॥
कि दरद, मेरी, नस नस में...जय हो,
कि दरद, मेरी, नस नस में, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
पन, घट पे, भरन गई नीर ॥
कि तोड़, दीनी, मेरी मटकी...जय हो,
कि तोड़, दीनी, मेरी मटकी, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरा, किथे गया, बंसरी वाला ॥
कि सखियां तो, राधा पुछ्दी...जय हो,
कि सखियां तो, राधा पुछ्दी, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
बोल बांके बिहारी लाल की...
Shrijirasik
जा जा रे छलिया कान्हा तू बड़ा चोर है ।
तू बड़ा चोर है और बरजोर है ॥
प्रेम जो करेगा तुझसे, वो धोखा खायेगा ।
घर परिवार सब कुछ लुट जायेगा ॥
तू है लुटेरा कान्हा और चितचोर है ।
जा जा रे छलिया कान्हा तू बड़ा चोर है ॥
रूप को दिखाया जिसको, वो तेरा हो गया ।
तेरे नाम का दिवाना, बावरा वो हो गया ॥
होश ही नहीं है उसकों, कहाँ ? किस ओर है ?
जा जा रे छलिया कान्हा तू बड़ा चोर है ॥
नजरों से लूटता और, बंशी की तान से ।
टेढ़ी-मेढ़ी चाल और, लूटे मुस्कान से ॥
लीला कथा से लूटा, कान्त विभोर है ।
जा जा रे छलिया कान्हा तू बड़ा चोर है ॥
Shrijirasik
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा,
श्याम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन गोविंदा,
तू ही नटवर तू ही नागर, तू ही नटवर तू ही नागर,
तू ही बाल मुकुन्दा, भजो रे मन गोविंदा,
सब देवन में कृष्ण बड़े हैं, सब देवन में कृष्ण बड़े हैं,
जो तारों बिच चंदा, भजो रे मन गोविंदा,
सब सखियों में राधाजी बड़ी हैं, सब सखियन में राधाजी बड़ी हैं,
ज्यूँ नदियन बिच गंगा, भजो रे मन गोविंदा,
ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे, ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे,
नरसिंह रूप धरंदा, भजो रे मन गोविंदा,
काली देह में नाग जो नाथो, काली देह में नाग जो नाथो,
फण फण निरत करंदा, भजो रे मन गोविंदा,
वृन्दावन में रास रचायो, वृन्दावन में रास रचायो,
नाचत बाल मुकुन्दा, भजो रे मन गोविंदा,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
काटो जम का फंदा, भजो रे मन गोविंदा,
Shrijirasik
भज गोविंद गोविंद...
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला ॥ टेर ॥
जो राधे जी के प्राण बसे
उस नाग नथैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिन बाट ताकतीं बृजबाला
उन रास रचैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज...
जिन द्रौपदी लाज बचाई
उन लाज रखैया गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिनकी महिमा अद्भुत जग में
उन लीलाधारी गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
जिन चरनन मुक्ति पाई है
उन मात यशोदा गोपाला
भज गोविंद गोविंद गोपाला
मन भज ले प्यारा नंदलाला
Shrijirasik
मन बस गई मूरत...
सूरत नहीं देखी श्याम की
मन बस गई मूरत श्याम की
कजरारे नयन काजल से भरे
रंग श्यामल है घुंघराले केश
मस्तक पर साजे मोर मुकुट
कानों में कुंडल रतन जड़े
मन बस गई सूरत श्याम की
उन पीत पीतांबर तन सोहे
गल मोतिन माला साज रही
मन बस गई मूरत श्याम की
है साथ लिए राधे रानी
अधरों पे मुरली साज रही
मन बस गई मूरत श्याम की
सूरत नहीं देखी श्याम की
Shrijirasik
करो कृपा ना कर देरी...
करो कृपा ना कर देरी
फंसी नैया हमारी है
बढ़ाया चीर द्रौपदी का
सभा में लाज जाती थी
पुकारा एक क्षण उसने
बचाई लाज तुम ने ही
करो कृपा, ना कर देरी...
बंधे प्रहलाद खंभे से
जान उनकी चली जाती
भक्त पर कर दया प्रभु जी
बचाई जान तुमने ही
करो कृपा, ना कर देरी...
लगाया कंठ मीरा ने
पिया विष ध्यान तेरा कर
रहा ना विष, बना अमृत
करी लीला ये तुमने ही
करो कृपा, ना कर देरी....
फंसी बीचधार में नैया
अथाह जल से भरी नदियां
लगाए टेर हम प्रभु को
दिया ये ज्ञान तुमने ही
करो कृपा ना कर देरी
फंसी नैया हमारी है
Shrijirasik
तुम्हीं हो नैया...
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया
तुम्हीं कहाए...
हरण हुआ था जब द्रौपदी का
लाज बचाई तुम्हीं कन्हैया
भरी सभा को किया अचंभित
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम ही खिवैया..
प्रहलाद को दण्ड मृत्यु मिला जब
जीवन बचाया तुम्हीं कन्हैया
वरदान झूठा किया होलिका
तुम्हीं कहाए जग के रचैया तुम्हीं हो नैया,
तुम ही खिवैया...
कंस के अत्याचार, दुखी जन
शक्ति से अपने मारा कन्हैया
अहं तोड़ डाला, तुम्हीं कंस का
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम्हीं खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
तुम्हीं हो नैया, तुम्हीं खिवैया
तुम्हीं कहाए जग के रचैया
Shrijirasik
मोहे पनघट पे...
मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे
मोरी नाजुक कलइयां मरोड़ गयो रे
कंकरी मोहे मारी गगरिया फोर डाली
मेरी साड़ी, अनारी भिगोय गयो रे
मोहे पनघट पे...
नयनों से जादू किया जियरा
मोह लिया मेरा घूंघटा नजरियों से तोड़ गयो रे
मोह पनघट पे...
Shrijirasik
मैया मोरी मैं नहीं माखन...
मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो
माखन है ही कहां गोकुल में जो लेहूं खाय
पूछ न उनसे जाके मैया नित ढोकर ले जाय
ओ पावन गोरस से अंग धुलते सुनके मैं दुख पायो
सुनके दुख पायो मैं नहीं माखन खायो...
नीर लिए पंछी के मैया नदिया सूख न पाए
पर व्याकुल हो प्यास के पंछी तट पर शोर मचाए
ओ आग लगी है जल के माहीं देख के मैं नहीं भरमायो
देख के मैं नहीं भरमायो माखन...
Shrijirasik
बंसी वाले ने घेर लई...
बंसी वाले ने घेर लई, अकेली पनियां गई
सिर पर घड़ा घड़े पर गगरी
गगरी मेरी तोड़ दई अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
हरी-हरी चूड़ियां गोरी-गोरी बइयां
मोतिन मांग भरी, अकेली पनियां गई बंसी
वाले ने...
हार मेरा टूटा सिंगार मेरा भीगा
मेरी चूंदर फाड़ दई, अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
सास ननद मोय बुरी बतावें
मेरो बाई से लगन लगी, अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
कन्हा की नटखटिया देखो री
माखन चोर बड़ा शैतान है
यशोदा मैया की डांट से डरे नहीं
फिर से जाके माखन चुरा लाये
गोपियों के घर में घुस जाते
दही मटकी फोड़ के भाग जाते
बंसी बजा के गाय चराने जाते
शरारतें करते रहते सारा दिन
मैया कहे अरे नटखट कन्हैया
तुम्हारी लीलाएं समझ न आएं
Shrijirasik
बोल-
प्रिया लाल राजै जहां,तहां वृंदावन जांन
वृंदावन तज एक पग जायें ना रसिक सुजांन
साचें मीत बिहारी पाये
1.जब ही ते वे तब ही ते हम,
करत सुं मन के भाये
सांचे मीत बिहारी पाये
सांचे....
2.लिए सुभाव रहत निसवासर,
अति आनंद बढ़ाये
सांचे मीत बिहारी पाये
सांचे....
3.श्री हरिदास जू रसिक शिरोमणि,
हसिं हसिं कण्ठं लगाये
सांचे मीत बिहारी पाये
सांचे....
Shrijirasik
एहसान तेरा भी प्यारे सब मोड़ा जाएगा
विश्वास करके देख ले वो दौड़ा आएगा,
विश्वास शबरी का भी एक दिन रंग लाया था
महलों को छोड़कर जंगल में प्रभु राम आया था
तू एक बुला के देख ले वो जोड़ा आयेगा
विश्वास करके देख ले वो दौड़ा आयेगा
विश्वास नरसी का भी एक दिन रंग लाया था
नानी का मायरा भरने मेरा श्याम आया था
तू दर से खाली श्याम के ना मोड़ा जायेगा
विश्वास करके देख ले वो दौड़ा आएगा
विश्वास द्रोपती ने किया मेरे श्याम के उपर
वो लाज बचाने आ गया दरबार के भीतर
तु हाथ उठाकर मांग ले झोली भर जायेगा
विश्वास करके देख ले वो दौड़ा आएगा
एहसान तेरा भी प्यारे सब मोड़ा जाएगा
विश्वास करके देख ले वो दौड़ा आएगा
Shrijirasik
भजन : जिसके दिल को प्रभु प्रेम भाता नहीं
जिसके दिल को प्रभु प्रेम भाता नहीं,
ऐसे लोगों से मुझको तो मिलना नहीं ।
जिस जगह कृष्ण का ध्यान होता नहीं,
उस जगह में हमें तो ठहरना नहीं ।।
हर कली हर घड़ी में बसे कृष्ण हैं,
प्यारे दिल में सभी के वही कृष्ण हैं ।
जिसने माना जहाँ प्रभु वहीं बस गये,
ऐसे भक्तों से हमको मुकरना नहीं ।।
जिसके दिल को....
प्रेम करते सभी हैं सभी से मगर,
कृष्ण से प्रेम करने से जाते मुकर ।
जिसके मन में कभी प्रेम आता नहीं,
ऐसे जन के मुझे पास रहना नहीं ।।
जिसके दिल को....
कामनाओं में जो भी फँसे लोग हैं,
याद कर लो उन्हें सारे ही रोग हैं ।
जिसके मन से कभी काम जाता नहीं,
ऐसे लोगों में तू कान्त रहना नहीं ।।
जिसके दिल को....
Shrijirasik
मैया मैं तो पायो भल गुरु -ज्ञान ।
कालि गयों कालिंदी तट हौं,
खेलन संग सखान ।
मुनि दुर्वासा ज्ञान दियो तहँ,
दै वेदादि प्रमान ।
कह्यो मनुज तनु को माटी को,
एक खिलौना जान ।
उपजत माटी ते माटी महँ,
मिलत अंत सच मान ।
मैया कह, 'यह हौंहूँ जानति,
कहा कहन चह कान्ह ।
जो यह जान माय तो काहे,
देति न माटी खान ।
मैया कह लाला ! माटिहिं ते,
उपजत तरुन लतान।
जो खैहौ माटी तो निकसहि,
तरु नासा मुख कान ।
लाला कह अब कबहुँ न खइहौं,
मनहुँ मनहिं डरपान ।
कह 'कृपालु' हरि अब जनि सुनियो,
बाबन के व्याख्यान ॥
**भावार्थ-** छोटे से भोरे-भारे श्यामसुन्दर ने एक दिन मैया से कहा-मुझे तो बड़ा अच्छा गुरु ज्ञान मिला है । कल मैं सखाओं के साथ यमुना के किनारे खेलने गया था, वहाँ दुर्वासा मुनि ने वेदादि का प्रमाण देते हुए यह ज्ञान दिया कि मनुष्य शरीर मिट्टी का एक खिलौना है क्योंकि यह मिट्टी से उत्पन्न होता है एवं अन्त में मिट्टी में ही मिल जाता है । मैया ने कहा -'कन्हैया, यह तो मैं भी जानती हूँ, किन्तु तेरे कहने का अभिप्राय क्या है ? कन्हैया ने कहा-'यदि मैया तू जानती है तो मुझे मिट्टी क्यों नहीं खाने देती ?' मैया ने कहा- 'लाला सामने देख मिट्टी से ही सब लता, वृक्ष पैदा होते हैं, यदि तू मिट्टी खायेगा तो अनेकानेक वृक्ष कोई नाक से, कोई मुख से, कोई कान से निकल पड़ेंगे ।' लाला ने कहा-'यदि ऐसा है तो मैया ! अब मैं कभी मिट्टी नहीं खाऊँगा।' बाल लीलानुसार श्याम सुन्दर मानो डर गये । 'श्री कृपालु जी महाराज' कहते हैं कि हे बालकृष्ण ! अबकी बार तो तुमको मैया ने बचा दिया, किन्तु अब कभी भी बाबा लोगों के व्याख्यान न सुनना
Shrijirasik
माँ देवकी की वेदना
इसी ओर से, मेरी गोद से
इसी ओर से, मेरी गोद से,
कहीं ले गये थे हाल क्या ?
मेरे लाल का-मेरे लाल का ।।
अब रैन है वह सो रहा,
हाँ सो रहा-हाँ सो रहा ।
करो शोर ना, नहीं बोलना,
कहीं कुछ पता नहीं हाल क्या ?
मेरे लाल का-मेरे लाल का ।।
अब है सुबह वह जग रहा,
कहीं हँस रहा, कहीं रो रहा ।
कुछ देखता, कुछ बोलता,
नहीं जानती हूँ है हाल क्या ?
मेरे लाल का-मेरे लाल का ।।
कहीं झूलता, कहीं खेलता,
कहीं बैठता, कहीं दौड़ता ।
किस है डगर, किस है नगर,
कुछ तो बता दो है हाल क्या ?
मेरे लाल का-मेरे लाल का ।।
क्या तुम नहीं जानते,
नहीं जानते-नहीं जानते ।
माँ देवकी, हुई बावरी,
फिर भी पता नहीं हाल क्या ?
मेरे लाल का-मेरे लाल का ।।
Shrijirasik
वृन्दावन धाम बुलाये रे,मैं दोड़ी दोड़ी जाऊं
1. वृन्दावन में बांके बिहारी,ओड़ के बैठे कांवरिया कारी
बांके के दर्शन पाऊं रे,दोड़ी दोड़ी जाऊं
वृन्दावन धाम....
वृन्दावन में यमुना किनारा,यमुना किनारा शीतल है धारा
श्याम के दर्शन पाऊं रे,मैं दोड़ी दोड़ी जाऊं
वृन्दावन धाम....
वृन्दावन की कुंज गलिंन में,कुंज गलिंन कुंज गलिंन में
पागलपन को पाऊं रे,मैं दोड़ी दोड़ी जाऊं
वृन्दावन धाम....
वृन्दावन हरिदास स्वामी जु,हरिदास स्वामी जू,हरिदास स्वामी जू,
अब बस जाऊं रे,मैं दोड़ी दोड़ी जाऊं
वृन्दावन धाम....
Shrijirasik
हद कर दी ओ तेरे काले न घेर लई गलियारा में
ऐसी मैया लूट मचाई मटकी मेरी फोड़ बगायी
लूट लयी दिन धोले में घेर लई गलियारा में
हद कर दी ओ तेरे काले न घेर लई गलियारा में
फेर न्यू बोला जान न दूंगा, सारा खोस यो माखन लूंगा
खा गया माखन सारे न में घेर लई गलियारा में
हद कर दी ओ तेरे काले न घेर लई गलियारा में
ऊँगली पकड़ मेरा पोछा पकड़ा सर ते खींच मेरा चुनार गेरा
शर्म न आयी तेरे काले न घेर लई गलियारा में
हद कर दी ओ तेरे काले न घेर लई गलियारा में
घर जाऊ तो मेरी सास लड़ेगी अछि भुंडी मने गाल बाकगी
मैं पीट दयी ए घरवाले न घेर लई गलियारा में
हद कर दी ओ तेरे काले न घेर लई गलियारा में
Shrijirasik
मुझे अपना ले नंदलाल तुम संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुम संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुम संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल.....
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
तेरे भरोसे हूं गोपाल तुझ संग प्रीत लगी
तेरे भरोसे हूं गोपाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल......
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
रहे तेरा ही बस ख्याल तुझ संग प्रीत लगी
रहे तेरा ही बस ख्याल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल......
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
हो जब ये सांसे मेरी बेहाल तुम संग प्रीत लगी
हो जब ये सांसे मेरी बेहाल तुम संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुम संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल.......
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
मैं हूं दरिया तू है सागर तुम संग प्रीत लगी
मैं हूं दरिया तू है सागर तुम संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुम संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुन संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुम संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुम संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुम संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल....
Shrijirasik
कृष्ण जिनका नाम है...
कृष्ण जिनका नाम है, गोकुल जिनका गांव है
ऐसे श्री भगवान को, बारंबार प्रणाम है
यशोदा जिनकी मैया है नंद जू बपय्या है
ऐसे श्री गोपाल को, बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
लूट-लूट दही माखन खाने ग्वालन के संग धेनू चरावे
ऐसे लीला धाम को, बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
द्रुपद सुता की लाज बचायो ग्राह से गज का फंद छुड़ायो ऐसे कृपा निधान को बारंबार प्रणाम है
कृष्ण जिनका नाम है...
Shrijirasik
श्याम पिया मोरी...
श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया
कृष्ण पिया मोरी रंग दे चुनरिया ॥ टेर ॥
ऐसी रंग दे के रंग नाही छूटे, ओऽऽ
धोबिया धोए चाहे सारी उमरिया
श्याम पिया...
लाल न रंगाऊं मैं, हरी न रंगाऊं, ओऽऽ
अपने ही रंग में, रंग दे चुनरिया
श्याम पिया...
गागर भर दे सर पर रख दे, ओऽऽ
बीत ही जाए चाहे सारी उमरिया
श्याम पिया...
बिना रंगाए मैं तो, घर नहीं जाऊंगी, ओऽऽ
श्याम चरणों में, मोरी लागी नजरिया
श्याम पिया...
Shrijirasik
देखो आज भयो ललना...
है आनंद नंदबाबा के द्वारे चलना
देखो आज भयो ललना-ललना-ललना
शुभ घड़ी देखो है कैसी आई
बज रही आज घर-घर बधाई
जिसने भी यह खबर सुनी है पड़ी उसे कल ना
देखो आज भयो ललना-ललना-ललना
मानो सुर गणेश सब मन में सिहाए
यानी सब करने दर्शन हैं आए
जिसने भी ये खबर सुनी है पड़ी उसे कल ना
देखो आज भयो ललना-ललना
Shrijirasik
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया
बल्ले बल्ले बल्ले
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया
चारों पासे बजन बधाइयां,
नन्द घर लाला हालिया,
ढोल बजावे ढोल बजावे,
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
किस मईया ने जन्म दिया है ,
किस की गोदी खेल्या...
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
देवकी मां ने जन्म दिया है,
यशोदा की गोदी खेल्या ......
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
सारी सखियां दें बधाइयां,
नन्द घर लाला हालिया.....
ढोल बजावे ढोल बजावे ....
ढोल बजावे ढोलिया नटवर लाला होलिया....
Shrijirasik
रंगण वालिया रंगीला
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन रंग दे ॥
ओ मेरा, मन रंग दे, अंग अंग रंग दे ॥
ऐसा, रंग नयारा रंगी, लोकों हो जाण दंग वे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें लाल, मैं हो जावां निहाल ॥
ओ तैनूं, देखां, राधा नाल, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें पीला, मैं देखां तेरी लीला ॥
ओ तैनूं, देखां, छैल छबीला, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें असमानी, मैं हो जावां दीवानी ॥
ओ तेरी, लिखां प्रेम कहानी, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें हरे, मैं आवां तेरे द्वारे ॥
ओ तेरे, देखां अजब नज़ारे, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें काला, मैं हो जावां मतवाला ॥
ओ तेरे, नाम दी जपां माला, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें कृष्णा, मेरी मिट जावे तृष्णा ॥
ओ मैं, देखां राधे कृष्णा, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
जे तूँ, रंग देवें रंग गुलज़ार, तैनूं जपां मैं कृष्ण मुरार ॥
ओ जग विच, आवां ना बारंबार, मेरा मन रंग दे ॥
रंगण, वालिया रंगीला, मेरा मन...
Shrijirasik
तरज़-कौंन दिशा को लेके चला रे बटोहिया
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
कितने जनम की तपस्या है ये,
मिल गया है बृज़ धाम हो
धाम मिला विश्राम मिला है,
जीवन को आराम हो
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के... 2.
बरसानों है धाम रगिंलो,
जहां बिराजे सरकार हो
बृज़ मण्डल की है महारानी,
राधा रगिंली है नाम हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
मन में तूं विश्वास जगाले,
पुरण होगी तेरी आस हो
श्री हरिदास शरण में रसका,
धसका मिले बृज़ वास हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
Shrijirasik
बंसी बरसाने से लाय दूंगी ,सीखलै बजायवौ।
सीखलै बजायवौ,कान्हा सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी ,सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू गीत ना जाने, जो कान्हा तू गीत ना जाने।
अर-र-र अरे गीत हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू नाच ना जाने, जो कान्हा तू नाच ना जाने।
अर-र-र अरे नाच हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू खेल ना जाने, जो कान्हा तू खेल ना जाने।
अर-र-र अरे खेला हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
जो कान्हा तू प्रीत ना जाने, जो कान्हा तू प्रीत ना जाने।
अर-र-र अरे प्रीता हू तोय सिखाय दूंगी, सीखलै बजायवौ।
बंसी बरसाने से लाय दूंगी, सीखलै बजायवौ........
Shrijirasik
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
आई वो नगर में गली में डगर में भगति से वो मालामाल कर दियां,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
भक्ति का मीरा को वयोग लगा भारी,
छोड़ दिया घर बार छोड़ दी दुनिया सारी,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
कान्हा से प्रेम का रोग है भारी,
मीरा दीवानी को जाने दुनिया सारी,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
सँवारे ने कैसे ज्ञान बताया भक्तों ने सब को गा के सुनिया,
मत वाली मीरा ने कमाल कर दियां,
सत्संग से सब को निहाल कर दियां,
Shrijirasik
मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
गीत बन जाऊं तेरी,
बांसुरी के स्वर का,
इठलाती बलखाती,
पतली कमर का,
पीला पटका बन जाऊं,
पीला पटका बन जाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
घुँघरू बनूँ जो तेरी,
पायल का प्यारे,
पल पल चूमा करूँ,
चरण तुम्हारे,
तेरे संग संग नाचूँ गाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
राधिका किशोरी संग,
रमण तुम्हारा,
मुझ को दिखा दो कभी,
ऐसा नज़ारा,
फिर चाहे मैं मर जाऊं,
फिर चाहे मैं मर जाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
Shrijirasik
रथयात्रा
(रथयात्रा की कोटिन-कोटि बधाई)
जगन्नाथ जी की निकली सवारी
धुन- मुझे रास आ गया है तेरे दर पे सर झुकाना
देखो जी जगन्नाथ की, रथ यात्रा है आई।
सज-धज के बैठे रथ में, इक बहन अरू दो भाई।।
देखो जी.........
सोने का रथ बना है, जड़े हीरे रत्न मोती।
दिव्य झांकी दिव्य शिंगार की, शोभा कही न जाई॥
देखो जी.........
स्वागत को सज गई है, सारी पुरी नगरिया,
रंग रस बरस रहे है, महकी है पुरवाई॥
देखो जी.........
रथ साथ संत भगत है, पीछे पीछे खुदाई।
रथ खींचे नाचे गावें, प्रभु को सब रिझावें,
हरिनाम की ‘‘मधुप हरि’’ गुंजार दे सुनाई॥
देखो जी.........
Shrijirasik
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठानी है
यह तो जाने दुनिया सारी है
राजाओ के राजा, महारानी की रानी,
सर मोर मुकुट साजे ।
जोड़ी बड़ी प्यारी, दरबार है प्यारा,
राधा के संग साजे ।
सोने पल में सेठ, सोने पल में सेठानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
सांवरिया राधा जी, भक्ता पे है राजी,
करे घणो लाड है ।
भण्डार लुटावे है, हर बात बनावे है, भक्ता रा ठाट है,
देवे छपर फाड़, नहीं इनसो कोई दानी है ।
यह तो सारी दुनिया जानी है...
सुख दुःख में सावरिया, सुख दुःख में राधा जी,
सदा तेरे साथ है ।
मेरी चिंता दूर करे, मेरी विपदा दूर करे,
रख लेवे बात है ।
भक्ता रोतो काम बस इक हाजरी लगानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
Shrijirasik
दिल मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
देखते ही देखते सवेरा हो गया,
ब्रिज मंडल की भूमि प्यारी वस्ते यहाँ कुञ्ज बिहारी ,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
कृष्ण कन्हियाँ राधा प्यारी युगल छवि पर जाऊ बलिहारी,
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
जब से मेरे दिल को भाया रोम रोम में श्याम को पाया ,
नंदू सांवरिया ने दर पे कर लिया
मुझे बांके सँवारे से प्यारे सांवरिया से प्यार हो गया,
दिल ये मेरा सँवारे अब तेरा हो गया,
Shrijirasik
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल,
तुम बिन रह्यो न जाय हो ॥
बृजराज लडेतोलाडिले ॥
बंक चिते मुसकाय के लाल,
सुंदर वदन दिखाय ॥
लोचन तल पे मीन ज्यों लाल,
पलछिन कल्प बिहाय हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
सप्त स्वर बंधान सों लाल,
मोहन वेणु बजाय ॥
सुरत सुहाइ बांधिके नेक,
मधुरे मधुर स्वर गाय हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
रसिक रसीली बोलनी लाल,
गिरि चढि गैयां बुलाय ॥
गांग बुलाइ धूमरी नेंक,
ऊँची टेर सुनाय हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
दृष्टि परी जा दिवसतें लाल,
तबते रुचे नहिं आन ॥
रजनी नींद न आवही मोहे,
बिसर्यो भोजन पान हो ॥
दर्शन को यनुमा तपे लाल,
बचन सुनन को कान हो ।
मिलिवे को हीयरो तपे मेरे,
जिय के जीवन प्राण हों ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
मन अभिलाषा ह्वे रही लाल,
लगत नयन निमेष ॥
एकटक देखूं आवतो प्यारो,
नागर नटवर भेष हों ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
पूर्ण शशि मुख देख के लाल,
चित चोट्यो बाही ठोर ॥
रूप सुधारस पान के लाल,
सादर चंद्र चकोर हो ॥
लोक लाज कुल वेद की लाल,
छांड्यो सकल विवेक ॥
कमल कली रवि ज्यों बढे लाल,
क्षणु क्षणु प्रीति विशेष हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
मन्मथ कोटिक वारने लाल,
देखी डगमग चाल ॥
युवती जन मन फंदना लाल,
अंबुज नयन विशाल ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
यह रट लागी लाडिले लाल,
जैसे चातक मोर ॥
प्रेम नीर वर्षाय के लाल,
नवघन नंदकिशोर हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
कुंज भवन क्रीडा करे लाल,
सुखनिधि मदन गोपाल ॥
हम श्री वृंदावन मालती लाल,
तुम भोगी भ्रमर भूपाल हो ॥
श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल..
युग युग अविचल राखिये लाल,
यह सुख शैल निवास ॥
श्री गोवर्धनधर रूप पें,
बलजाय चतुर्भुज दास ॥
Shrijirasik
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी,
आज हमको हमारा सनम मिल गया,
दर्द पैदा हुआ आज उनको मेरा,
मेरा उजड़ा हुआ फिर चमन खिल गया,
नाचते-नाचते मेरा गाने लगे....
हाथ रख कर के सर पर प्रभु पूछते,
क्यों दीवानी हो तूने बुलाया मुझे,
तेरी आवाज ने चैन सबको दिया,
शेष शैया पर आसन मेरा हिल गया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
मेरी ख्वाहिश है अपने सनम से मिलूं,
इस तमन्ना में मैंने जहर पी लिया,
सर्प से जब श्रीमाला बनी फुलकी,
तेरा परिचय दो हमने तभी पा लिया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
एक दिन मन में यूं सोचने में लगी,
अपने भक्तों से जाकर में कैसे मिलूं,
गम की दरिया में जाकर में बहने लगी,
बहते बहते किनारा मुझे मिल गया,
नाचते-नाचते मीरा गाने लगी....
Shrijirasik
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,
जिंदगी, बिहारी जी के नाम
हे लिख दी मैंने
हो कर दी मैंने
जिंदगी, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,,,,
ऐ मेरे, बांके बिहारी,
आप ही, मेरी जिंदगी ll
ऐसी कर दो, अब कृपा,
करता रहूं, तेरी बंदगी ll
ये दीवानगी, मेरी आशिक़ी ll,
सब कुछ, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,
तड़पे पल पल, अब मिलन को,
प्यासी मेरी जिंदगी l
तेरे हाथों, सौंप दी,
प्यारे, मैंने ये जिंदगी ll
धड़कन, तड़पते दिल की ये ll,
अर्पण, बिहारी जी के नाम,,,
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,
जिंदगी को, जिंदगी का,
आखिरी, अरमान है l
‘चित्र विचित्र’ की, जिंदगी,
जिंदगी पे भी, कुर्बान है ll
पागल, का पागल प्यार है
*बांके, बिहारी जी के नाम,..
लिख दी मैंने, कर दी मैंने,,,,,,,
Shrijirasik
तर्ज मैं निकला गडी लेके
सुन यशोदा तेरो लाला पनघट पे मारे कंकर,
झट दौड़ आयो वो मटकी फोड़ आयो ।
समझाई ले कान्हा कूँ तेरो लाला बड़ो नटखट,
झट दौड़ आयो वो मटकी फोड़ आयो ॥
पहले तो यह बंसी बजाता है फिर सुध-बुध को बिसराता है,
जमुना पे बुलाकर हम सबको तेरा कान्हा खूब सताता है ।
वो करके बरजोरी राधा की तो कलाई वो मरोड़ आयो,
वो मटकी फोड़ आयो...
सुन यशोदा......
सूने घर में यह जाता है फिर माखन मिश्री चुराता है,
अपना खाए सो खाए ये ग्वालों को खूब खिलाता है ।
छींके पे धरी मटकी झपटके जो पटकी झट तोड़ आयो,
वो मटकी फोड़ आयो,
सुन यशोदा.......
Shrijirasik
सब कुछ दिया है तुमने इतना और सरकार देदो
यह हटा के प्यार सबका अपना ही प्यार देदो
मैं ढूंढूं जंगलों में बस्ती में तुझको ढूंढूं
गर हो सके तो मुझको अपना दीदार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
ऐसी पिला दे मुझको खुद तक को भूल जाऊं
अपनी मस्ती भरी हुयी चितवन का खुमार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
लुट गयी है दिल की दुनिया यह झूठा प्यार करके
मिलने की है तमन्ना मुझको करार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
गर हो गए मेहरबान पागल पे नंदनंदन
यह छुड़ा के द्वार झूठा अपना वो द्वार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
Shrijirasik
अकेली गई थी ब्रिज में कोई नही था मेरे मन में,
मोर पंख वाला मिल गया....
नींद चुराई बंसी बजा के चैन चुराया सैन चुरा के,
लग आस मेरे मन में गई थी,
वृंदावन में बांसुरी वाला मिल गया,
मोर पंख वाला मिल गया....
उसी ने बुलाया उसी ने रुलाया,
ऐसा सलोना श्याम मेरे मन भाया,
तेरी बांकी चाल देखी तेरा मुकट भी देखा,
टेढ़ी टांग वाला मिल गया,
मोर पंख वाला मिल गया....
बांके बिहारी मेरे हिर्दय में वस जाओ,
तेरे बिन श्याम सुंदर कहा चैन पाऊ,
लगन लगी तन मन में ढूंड रही मैं निधि वन में,
गउएँ वाला मिल गया मोर पंख वाला मिल गया.....
Shrijirasik
जिसके जप तप से मिलता है, तन मन को आराम,
वो राधा का श्याम, वो मीरा का घनश्याम,
सारे जग का एक खेवैया, सबका पार लगैया,
मीरा का घनश्याम कहे कोई, राधा का वो कन्हैया,
सबके मन को शीतल करता, वो प्यारा सा नाम ll
राधा का वो रास रचैया, मीरा के करुणाकर,
धन्य किया मीरा को प्रभु ने, अपना दरश दिखाकर,
अमर हुए हैं भक्त प्रभु के, करे जो ऐसा काम ll
राधे श्याम की मूरत जग में, लगती बड़ी सुहानी,
मीरा जैसी भक्ति रंग में, डूबे जो भी प्राणी,
तन मन धन से रहे समर्पित, प्रभु में आठों याम ll
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी,
ज़िंदगी दिन व दिन संवरती रही,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे के कदर इस ज़माने में बढ़ती रही.
दर बदर से मैं कोई कीमत न थी,
श्याम की होके कीमत मेरी बढ़ गई,
इतने एहसान मुझपे किये श्याम ने की कर्जदार उनकी मैं हो गई,
गम ख़ुशी में मेरे सब बदल ते गये,
खाली झोली मेरी रोज भर्ती गई,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
शुकरियाँ रेहमतो का मैं अगर कर सकू,
श्याम बाबा इतनी न औकात है,
तेरे दरबार की एक मंगती हु मैं,
पूछ जग में तुम्हरी बड़ी बात है,
मेरे दोषो को भी तुम निभाते रहे,
मैं भले ही गुन्हा रोज करती रही,.
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
तेरी महिमा का गुणगान करती रहु,
श्याम बाबा सदा ये करना दया,
सोते जगते तुम्हारा ही ध्यान हो मुख से श्याम कहु जब भी खुलू जुबा,
आज जो कुछ भी हु तेरी किरपा से हु,
नाम तेरा लेकर चलती रही,
हुई करुणा की ऐसी नजर सांवरे,
के कदर इस ज़माने में बढ़ती गई,
तेरी गलियों की जोगन मैं जबसे बनी
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
तर्ज - ले तो आया हो हमको सपनो के गांव में
रख ले मुझको भी कान्हा, शरण में तेरी ,
रख ले मुझको भी कान्हा, शरण में तेरी ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा, करुँगी श्रृंगार मैं ,
अपने हाथो से तुझे, करुँगी तैयार मैं ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा ,भोजन बनाऊ ,
अपने हाथो से कान्हा, तुझको खिलाऊ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी, लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी ,लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा , भजन सुनाऊ,
भजनों से कान्हा मैं, तुझको रिझाऊ ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
जैसा तू चाहे वैसा, फूल मंगाऊ ,
फूलो से कान्हा मैं, तुझको सजाऊ ,
क्या हैं पसंद, तुझको मोहन, तू बता दे जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
सेवा में अपनी लगा ले जरा ,
Shrijirasik
तर्ज - देना हो तो दीजिये जनम जनम का साथ
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
चाहे जितनी मुसीबत आये - २
वो देगा मेरा साथ ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
सुना हैं मेने इसके दर पे सबकी किस्मत बनती हैं - २
इसके पास हैं ऐसी चाबी जिससे किस्मत खुलती हैं - २
मेरी किस्मत का भी ताला - २
खोलेगा वो आज ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
सोप दिया मेने हाथ ये अपना , सांवरे के हाथ में - २
हाथ पकड़कर चल दिया में , सांवरे के साथ में - २
अब चाहे जो हो जाये - २
ना छोड़ू उसका हाथ ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
जब से देखा सांवरे को , दिल में बसी हैं याद - २
उसने लगायी ऐसे मोहर , जिसकी मिटे ना छाप - २
चाहे मिट जाये ये जीवन - २
ना मिटेगी उसकी याद ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
Shrijirasik
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही,
माधव रे मंदिर में मीरा बाई एकली खड़ी,
थे कहो तो संवारा मैं मोर मुकट बन जाऊगी,
फेरन लगाओ सांवरो मस्तक पे लग जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
ये कहो तो संवारा मैं काजल यो बन जाऊगी,
नैन लगावे सांवरो में नैना में रम जावुगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
थे कहो तो संवारा मैं जल यमुना बन जाऊगी,
नावन लागे सांवरो मैं तो अंग अंग रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…..
थे कहो तो संवारा मैं पग पायल बन जाऊगी,
नाचन लगे सांवरो मैं तो चरना में रम जाऊगी,
मोहन आवो तो सही गिरधर आवो तो सही…….
Shrijirasik
मुरली वाले तूँ मुरली बजाना
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तर्ज़- फ़िरकी वाली
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना,
नही, तरसाना, तूँ मुरली की, तान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से,
तेरी, मुरली, बजी है, बड़ी शान से, ॥
मुरली, बजाई तूने, यमुना के तट पर,
गोपीयों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, गोकुल किनारे,
ग्वालों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, वृंदावन में,
राधा, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
मुरली, बजाई तूने, मधुबन में,
सखियों, के मन को, भा गई ॥
ओ नंदलाला... ॥मदन गोपाला,
कैसा, जादू डाला,
मुरली वाले, तूँ मुरली बजाना...
Shrijirasik
मीरा महलों की रानी दीवानी हो गई
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी हो गई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
वो, किसी, की ना मानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,,
देखी, जो उसने, कन्हैया की सूरत l
दिल में, बसा ली वो, प्यारी सी मूरत ll
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई ll
हो चढ़ा, प्रेम का पानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,
प्रेम, सरोवर में, डुबकी लगाई
लगी, मापने, प्रेम गहराई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
हो कर, बैठी, नादानी, दीवानी हो गई,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,,
ठुकरा के, रिश्तों को, महलों से निकली
दुनियाँ, ने देखी, कन्हैया की पगली
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
ख़ाक, गलियो, की छानी, दीवानी हो गई,,,
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,
मीरा, कन्हैया के, दिल में समाई
भक्तों करो कोई, ऐसी कमाई
दीवानी, हो गई*, मस्तानी हो गई
हुई, अमर, कहानी, दीवानी हो गई
मीरा, महलों, की रानी, दीवानी,,,
Shrijirasik
मेरे मोहन तूँ मुरली बजा दे
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मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा दे,
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ॥
तेरी, मुरली है, छैल छबीली,
इसकी, तान है, बड़ी ही सुरीली ॥
ज़रा, होठो से, लगा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली, बड़ी है निराली,
बाहर, सुन्दर है, अन्दर से काली ॥
ज़रा, मुख पे, लगा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली की, मीठी तान ने,
मेरे, मोहन, किया है दीवाना ॥
ज़रा, मीठी मीठी, तान सुना दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली मे, लग रही डोरियां,
जो, करती, दिलो की है चोरियां ॥
अपनी, मुरली को, कहीं पे छिपा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
क्या, करता है, मेरी मेरी,
मुरली, लगती, नहीं है ये तेरी ॥
तेरी, है तो, बजा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
जब, मोहन तूँ, मुरली वजाए,
राधा, सुन के, दौड़ी चलीआए ॥
मोहन, नटखट, रास रचाए ॥
राधा, मस्त, मगन हो जाए ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
Shrijirasik
एक हार बना माली मुझे कान्हा को पहनाना है,
मुझे कान्हा को पहनाना है, मुझे कान्हा को सजाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे जल का लोटा,
पट खोल पुजारी रे मुझे कान्हा को निलाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे चंदन रोली,
पट खोल पुजारी रे मुझे तिलक लगाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे दीया और बाती,
पट खोल पुजारी रे मुझे ज्योत जलानी हैं,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे माखन मिश्री,
पट खोल पुजारी रे मुझे भोग लगाना है,
एक हार बना माली...
हाथ में मेरे ढोलक चिमटा,
पट खोल पुजारी रे मुझे भजन सुनाना है,
एक हार बना माली...
एक हार बना माली मुझे कान्हा को पहनाना है,
मुझे कान्हा को पहनाना है, मुझे कान्हा को सजाना है,
एक हार बना माली...
Shrijirasik
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा...
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा मै तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
नहीं लुभाती दुनियादारी, व्यर्थ है घर संसार
तू ही है इक सच्चा मोहन, बाकी सब बेकार
नहीं लुभाती दुनियादारी, व्यर्थ है घर संसार
तू ही है इक सच्चा मोहन, बाकी सब बेकार
पाना है तुझको बता दे, किस विध तूझको पाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
झूठे है ये रिश्ते नाते, मोह माया के धागे
तेरा मेरा करते करते, जीवन सरपट भागे
झूठे है ये रिश्ते नाते, मोह माया के धागे
तेरा मेरा करते करते, जीवन सरपट भागे
तुझ संग प्रीत निभानी बोलो कैसे प्रभु निभाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
देखूं तो बस तुझको देखूं, सोचूं तो बस तुझको
तेरी ही होकर रह जाऊं, ऐसी गति दे मुझको
देखूं तो बस तुझको देखूं, सोचूं तो बस तुझको
तेरी ही होकर रह जाऊं, ऐसी गति दे मुझको
अंत समय बाहों में तेरी, गहरी नींद समाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
कुछ ऐसा जतन कर कान्हा, मैं तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
छोड़ जगत जंजाल मैं बस तेरी हो जाऊं
Shrijirasik
तेरा पीछा न छोड़ेंगे ओ साँवरे
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे, ओ साँवरे ॥
ओ साँवरे मेरे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, दूध बनो, तो मैं मलाई बनूँ ॥
माखन, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, मुकुट बनो, तो मैं, तगड़ी बनूँ ॥
मस्तक, पे मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, मुरली बनो, तो मैं, तान बनूँ ॥
होंठों, पे सजेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, पीतांबर बनो, तो मैं, वैजयंती बनूँ ॥
माला, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, कृष्णा बनो, तो मैं, राधा बनूँ ॥
मंदिर, में मिलेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
तुम, खडावां बनो, तो मैं, पायल बनूँ ॥
चरणों, में सजेंगे, ओ साँवरे ॥
तेरा, पीछा न, छोड़ेंगे...
Shrijirasik
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
मैं तो दिल गई हारी तोपे जाओ बलिहारी,
मैं तो गौ कुञ्ज बिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
तेरी मुस्कानियाँ पे पागल ये दुनिया,
जो तू एक बार हसे दिल मेरा ऐसे फसे,
के मैं भूल जाऊ दुनिया सारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
ये बाल घुंगराले है तेरे कारे कारे,
तेरे बाल घुंगराले जैसे बादल हो कारे,
तेरी छठा पे जाऊ बलिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
ये पीला तेरा पटका है कांधे पे लटका,
प्यारे पीले पट वारे तेरे नैन कजरारे तुझे देख के दिल मेरा अटका,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
स्वामी शयामा प्यारा श्री कुञ्ज बिहारी,
श्री हरिदास दुलारी संग लीला है न्यारी,
तिरलोकी भी जाये बलिहारी,
ओ बांके बिहारी मैं दिल गई हारी,
Shrijirasik
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
रोम रोम में रम जाओ और मैं तुमसे क्या मांगू
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
धन ना मांगू प्रभु मान ना मांगू
झूठी जाग की शान ना मांगू
देना हो तो देदो प्यारे जपने को हरी नाम रे
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
हे मनमोहन हे गिरधारी,
पार करो प्रभु नाव हमारी,
जहा भी तेरा दर्शन पाउ,
वही वसे सुख धाम रे,
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
अब तो सुन लो अर्ज़ हमारी,
दर्शन दे दो बांके बिहारी,
पग पग पर मैं ठोकर खाऊ,
सुनलो हे मेरे श्याम रे,
क्या मांगू घनश्याम मैं तुमसे क्या मांगू
Shrijirasik
किसने सजाया तुमको मोहन
किसने सजाया तुमको मोहन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे......
यह हार गुलाबी सांवरिया, किसने पहनाया सांवरिया,
यह माथे कस्तूरी सांवरिया, यह तिलक लगाया सांवरिया,
सुन्दर छवि पे आ गया मन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
अधरो पे मुरली सांवरिया, मीठी मुस्काने सांवरिया,
तेरा रूप देख के सांवरिया, मैं हुई दीवानी सांवरिया,
दूल्हा सा लागे मेरा मोहन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
मेरे श्याम सलोने सांवरिया, तुझे दिल में बसा लू सांवरिया,
इस प्यारी छवि को सांवरिया, पलकों में छूपा सांवरिया,
देखु ना जग में झूठा चलन,
बड़ा प्यारा लागे, बड़ा सोहना लागे,
किसने सजाया तुमको मोहन.......
Shrijirasik
तेरी पार करेगा नैया भज मन कृष्ण कन्हियाँ,
निश दिन भज गोपाल प्यारे मोर मुकट पीताम्बर वाले,
तेरी पार करेगा नैया....
स्वास स्वास भज नन्द दुलारे वो ही बिगड़े काज सवारे,
नटवर चतुर रिजाइयाँ भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
ग्वाल बाल सब धेनु चरावे लूट लूट तड़ी माखन खावे,
काली नाग नथियां भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
भक्त सुदामा चावल लाये गले लगा कर भोग लगाए,
कर कर भईया भईया भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
दीना नाथ सब हिट कारी संकट मोचन कृष्ण मुरारी,
जन का पत रखवाइयाँ भजमन कृष्ण कन्हियाँ,
तेरी पार करेगा नैया...
Shrijirasik
नख पर गिरिवर लीनो धार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ।
नख पर गिरिवर लीनो धार, कन्हैया मेरो बारो,
यूँ कहे यशोदा मैया, सब ज़ोर लगाओ भैया,
अरी यह कैसे झेले भार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ।
नख पर गिरिवर लीनो धार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ।
मेरे लाल की नरम कलाईआं, देखो मुड़ ना जावे भैया,
अरी गिरिवर भार अपार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ।
नख पर गिरिवर लीनो धार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ।
जब कोप इंद्र ने कीनो, गोवेर्धन नख पे लीनो,
बादल बरस बरस गए हार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ।
नख पर गिरिवर लीनो धार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ।
यूँ कहे पूछरी वारो, लाठी को दियो सहारो,
अरे मन भज ले कृष्णा मुरार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ।
नख पर गिरिवर लीनो धार, कन्हैया मेरो बारो,
कन्हैया मेरो बारो,कन्हैया मेरो बारो ॥
Shrijirasik
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
वृन्दावन धाम के, श्री श्यामा शाम के
डोले श्याम नाम के पागल, वृन्दावन पागल खाने में
मस्ती में मस्त हैं रहते, मिले पागलपन नज़राने में
मन तू भी पागल हो जा, मस्ताने तरंग में खो जा
चढ़ जाए ना साफिर नाम के जाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
पूरे मन से जो लग जाता, वो लग कर कुछ पा लेता है
सदा अंग संग हरी रहता पर ध्यान ना कोई देता है
कोई झूठे नाम के पागल, कोई सच्चे श्याम के पागल,
जहा दूर दूर तक पागल जगत तमाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
कितने हुए अब तक पागल इन की न कोई समायी
मीरा करमा विधुरानी शबरी गोपाली बाई
पावन भक्तो के चरित्र हृदय को करे पवित्र
पागल करे ‘चित्र विचत्र’ श्री राधा नाम के
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
Shrijirasik
कैसे जाऊँ सखी मैं पनियां भरन,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर...-2
यमुना तट पर बंसी बजाये,
मनमोहन सबके मन भाये,
ललिता चंदा गोपीयन के संग,
होली खेले रास रचाये.....-2
लीला नीसदिन दिखाये वो सांझ से भोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
नित नित मोरी राह तकत है,
नटखट मौसे जब भी मिलत है,
कंकड़ मारे फोड़े गगरिया
ढीट ना माने झगड़ा करत है...-2
मोरी झटके सिर से चूनर चितचोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
छोड़ दे बैंया कृष्ण कन्हैया
ताना देंगी सारी सखियां,
चोरी चोरी में आई हूं
घर जाने दो ओ सांवरिया....-2
कहीं देखे ना सास ननदिया मोर
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
कैसे जाऊं मैं पनिया भरण को सखी
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर........
Shrijirasik
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
राधा ने श्याम कहा, मीरा ने नटवर ।
गवालों ने पुकारा तुम्हे कह कर गावाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
गोविन्द बोलो हरो गोपला बोलो ।
राधा रमण हरी गोविन्द बोलो ॥
यशोदी जी कहती थी तुमको कन्हैया ।
दाऊ जी कहते थे तुमको नंदलाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
घड़ियाल कह हर बुलाता दर्योधन ।
जल जलके तहत था तुमको है कला ॥
कोई कहे गोविंदा...
अर्जुन के बनवारी मीरा के मोहन ।
भक्तो ने पुकारा तुम्हे कह कर मुरली वाला ॥
कोई कहे गोविंदा...
Shrijirasik
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
तोहे रोज सताऊगा रात को सपने में
रात में आके खिड़की खोले खिड़की खोले मेरी बहिया मरोड़े,
मुझे खूब रुलावे श्याम रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
चुप के चुप के घर मैं आऊ घर मैं आऊ मैं माखन चुराऊ
तेरी दहिया पी जाउगा रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
मैं हु गोरी तू है काला मैं हु रानी तू है ग्वाला
काला केह के मत न चिडावे राधा अब न बात बनावे
तू करती मोहे पसंद रात को सपने में
मुझे रोज सतावे श्याम रात को सपने में
Shrijirasik
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ।
अब तो कृपा कर दीजिए,
जनम जनम का साथ ।
मेरे सर पर रख बनवारी,
अपने दोनों यह हाथ ॥
देने वाले श्याम प्रभु से,
धन और दौलत क्या मांगे ।
श्याम प्रभु से मांगे तो फिर,
नाम और इज्ज़त क्या मांगे ।
मेरे जीवन में अब कर दे,
तू कृपा की बरसात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
श्याम तेरे चरणों की धूलि,
धन दौलत से महंगी है ।
एक नज़र कृपा की बाबा,
नाम इज्ज़त से महंगी है ।
मेरे दिल की तम्मना यही है,
करूँ सेवा तेरी दिन रात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
झुलस रहें है गम की धुप में,
प्यार की छईया कर दे तू ।
बिन माझी के नाव चले ना,
अब पतवार पकड़ ले तू ।
मेरा रास्ता रौशन कर दे,
छायी अन्धिआरी रात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
सुना है हमने शरणागत को,
अपने गले लगाते हो ।
ऐसा हमने क्या माँगा जो,
देने से घबराते हो ।
चाहे जैसे रख बनवारी,
बस होती रहे मुलाक़ात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
Shrijirasik
भजन : भक्ति का जब वो सावन होगा
भक्ती का जब वो सावन होगा ।
तब तेरा तन-मन पावन होगा ।।
भक्ती करने में ही तेरा जीवन होगा ।।
तब तेरा....
जग के माया-मोह सब,
तुझको खूब फँसायेंगे ।
इनसे नहीं बचोगे तो ये,
अन्त में खूब रुलायेंगे ।।
माया से हटकर जीवन होगा।।
तब तेरा....
धन के फेरे में न पड़कर,
धर्म को खूब कमाओगे ।
जग के अच्छे कर्मों को कर,
भव से तुम तर जाओगे ।।
प्रभु का भजन मनभावन होगा।।
तब तेरा....
सदाचार को अपनाकरके,
जीवन धन्य बनाओगे ।
तभी कान्त निश्चित ईश्वर को,
एक दिन तुम पा जाओगे ।।
जब तेरे बस में, ये मन होगा ।।
तब तेरा....
Shrijirasik
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
कैसे तुमने किया वश में , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
कैसे रीझ गया तुमपे , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी,
कैसे मान गया तुमसे , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
फिर मान गया कान्हा , श्याम मुझे ऐसे मिला ,
सखी कैसे बताऊ तुम्हें, श्याम मुझे ऐसे मिला ,
Shrijirasik
मासूम बनता है, बड़ा सीधा लगता है ।
चुपके से आकरके, चोरी करता है;
चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।
आखिर ये चोरी कब-तक,
यशुदा माँ को पता नहीं है जब-तक ।
अब होगी शिकायत घर में,
मैया लेगी खबर तेरी पल भर में ।।
पकड़ रहो, जकड़े रहे रहो, चोरी करता है ।
चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।। मासूम....
निज बाल सखा संग आता,
मेरी मटकी के सब माखन खा जाता ।
दधि- दूध की मटकी तोड़े,
पनघट पे मुझको बहुत सखी ये छेड़े ।।
बाँधे रहो, माँ से कहो, चोरी करता है ।
चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।
क्या ढोंग रचता है, बड़ा नाटक करता है ।
चुपके से....
अब हाथ दुख रहा है रे,
ले पकड़ ले गोपी हाथ दूसरे मेरे ।
एक ग्वाल सखा को बुलाये,
श्रीकान्त सखा के हाथ कृष्ण पकड़ाये ।।
फटकार रही, डाँट रही, चोरी करता है ।
चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।
वह खूब हँसता है, बड़ा भोला बनता है ।
चुपके से....
Shrijirasik
हरि नाम बड़ो सब साधंन ते,हरि नाम बिना बेदार सी है कलीकोट कुचाल कटावंन को,हरि नाम करोत की धार सी है
हरि नाम सों पाहन सिंधू तरे,तोहे लागत बात गवारं सी है
सुख देख पुराण नाम प्रताप,कवंन कु कहां आवसी है
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई,प्रभु जू तेरो नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
1. और कछु जो ना बनें,एक नाम एक टेर
बिहारी बिहारिन दास रट,साधंन सधेअनेक
श्री हरिदास नाम सुखदाई,हमारो श्रीहरिदास नाम सुखदाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
2. नाम नाम बिन ना रहे,सुनों सयानें लोग
मीरा सुत जनयों नहीं,शिष्य ना मुड़ो कोई
नाम बाई वो मीरा भई,गिरधर नाम
भाई वो मीरा बाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू
तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
3. लाख़ बार हरि हर कहो,एक बार हरिदास
अति प्रसंन श्री लाडली,दे हैं विपिन को वास
हमारो श्री हरिदास नाम सुखदाई,प्रभु
जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,मैंने
नाम की रटंन लगाई प्रभु जू तेरो नाम
परम सुखदाई,
हरि....
Shrijirasik
हमको बैकुंठ बुला लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहते हैं चंदा और सूरज, सालों में लगते हैं ग्रहणा के मूरत
आकर के कष्ट मिटा दो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहते हैं गंगा और जमुना, ऊपर से चलती है रेलों की पहिया
आकर के भार संभालो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहती हैं गौएं बेचारी है गर्दन
पे चलती हैं छुरी कटारी
आकर के प्राण बचा लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
रो रो के कहती हैं द्रोपदी बेचारी, सभा बीच खींची है साड़ी हमारी
आकर के लाज बचा लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
हमको बैकुंठ बुला लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले
Shrijirasik
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल.....
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
बीच मँझधार मेरी नाव है पतवार भी गुम
तेरे भरोसे हूं गोपाल तुझ संग प्रीत लगी
तेरे भरोसे हूं गोपाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल......
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
नाम तेरा जपूं निसदिन ऐसी रटन लगे
रहे तेरा ही बस ख्याल तुझ संग प्रीत लगी
रहे तेरा ही बस ख्याल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल......
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
अधर पे बंसी हो मोहन संग राधा दिखे
हो जब ये सांसे मेरी बेहाल तुझ संग प्रीत लगी
हो जब ये सांसे मेरी बेहाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल.......
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
इश्क में तेरे हूं पागल न कोई खैर खबर
मैं हूं दरिया तू है सागर तुझ संग प्रीत लगी
मैं हूं दरिया तू है सागर तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
हुई मैं पाके तुझे निहाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
मुझे अपना ले नंदलाल तुझ संग प्रीत लगी
Shrijirasik
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
रिश्ते सारे छोड़ के हूँ आई , बंधन सारे तोड़ के हूँ आई ,
रिश्ते सारे छोड़ के हूँ आई , बंधन सारे तोड़ के हूँ आई ,
अब भेजो ना वापस श्याम, तोरी पय्या पडू ,
अब भेजो ना वापस श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
ताने मारेगी, दुनिया सारी , जो तूने मुझको, छोड़ा मुरारी ,
ताने मारेगी , दुनिया सारी, जो तूने मुझको, छोड़ा मुरारी,
मुझे छोडो ना ऐसे श्याम, तोरी पय्या पडू,
मुझे छोडो ना ऐसे श्याम, तोरी पय्या पडू,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम ,पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
किसके भरोसे जीवन बिताऊ , किसको अपनी व्यथा सुनाऊ,
किसके भरोसे जीवन बिताऊ , किसको अपनी व्यथा सुनाऊ,
मेरी विनती सुन लो श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मेरी विनती सुन लो श्याम, तोरी पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
मुझे छोड़ के न जाओ श्याम, पय्या पडू ,
Shrijirasik
मेरे मोहन , मेरे मोहन, मेरे मोहन , मैं तेरी जोगन,
जोगन मैं बन गई, तेरी भक्ति में खो गई,
छोड़ के सारी दुनिया को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
मोहन तेरी याद सताए, कैसे मैं रोकू खुद को,
रातो में उठ उठकर मैं, समझाऊ अपने दिल को,
दिल मेरा खो गया, बस तेरा हो गया,
बात न माने ये तो मेरी, ये तेरा हो गया रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
निकली थी सोच के घर से, मोहन से मिल आऊंगी,
पल दो पल बात करूंगी, फिर वापस आ जाऊंगी,
पर तूने पकड़ी कलईया , ओ मेंरे साँवरिया,
छुड़ा सकी न मैं तो खुद को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
रंग लाया चोरी - चोरी , तुझसे ये मिलना मोहन,
ओरो की बात करू क्या, मैं बन गई तेरी जोगन,
जोगन मैं बन गई, बस तुझमे खो गई,
छोड़ के सारी दुनिया को, मैं तेरी हो गई रे कन्हैया,
मेरे मोहन मेरे मोहन, मेरे मोहन मैं तेरी जोगन,
Shrijirasik
समझाई ले यशोद्धा री
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
रोज़, सवेरे, यमुना तट पे, पानी भरने जाऊँ ॥
ओ मेरी मटकी ॥फोड़ गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
कितना, ऊँचा, छीका बाँधूँ, फिर भी, दहीं चुरावे री ॥
और माखन ॥खाए गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
कुँज, गलियन में, वो चुपके से, ग्वालन, जाए डरावे री ॥
राधा को ॥छेड़ गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
मंजू, शर्मा, समझावे पर, माने ना, तेरो लाला ॥
लोकेश ॥बताए गयो, बिगड़ गयो, लाल तेरो ॥
समझाई ले, यशोद्धा री, बिगड़ गयो, लाल...
Shrijirasik
धुन- मेरी प्यारी बहनियाँ
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे पैईयां ॥
मेरा, छोटा सा, काम करवा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ॥
माथे पे, मईया मेरे, सेहरा सजा दे ।
कानों में, मईया मेरे, कुण्डल पहना दे ॥
ओ मेरा, पीला पीला, पटका सजा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
गले, मईया मेरे, माला पहना दे ।
हाथों, में मईया मेरे, कँगना सजा दे ॥
ओ मेरे, हरी हरी, मेंहदी लगा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
अंग, मईया मेरे, शेरवानी पहना दे ।
पैरों में, मईया मेरे, जूते पहना दे ॥
ओ मेरा, प्यारा सा, रूप सजा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
संग, मईया चाचा, ताऊ भिजवा दे ।
प्यारी, प्यारी मईया, महफ़िल सजा दे ॥
ओ बरसाने से, दुल्हन मँगा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
सुन के, यह बोली, यशोद्धा मईया ।
भए, हो बेशर्म तुम, बड़े ही कन्हईया ॥
ओ पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले,
पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले ॥।
Shrijirasik
कान्हा रे कान्हा रे भक्ति तेरी साची,
कैसे जाऊ दर छोड़ के,
तेरे हाथो में हैं मेरे मन की ड़ोरी,
ना तुने छोड़ी ना मेंने छोड़ी,
वापस जो जाऊंगा खिंचा चला आऊंगा,
ना जाऊं तेरी गली छोड़ के...
झूठा हैं ये जग सारा सच्चा नहीं,
तेरे बिना कुछ भी अच्छा नहीं,
मुश्किल है पाना तुझको मेंरे कान्हा,
फिर भी मनाऊं हाथ जोड़ के...
भक्ति में तेरी तन रंग लिया,
तन क्या है मेने मन रंग लिया,
अब चुप न रहना बस इतना कहना,
दूर मत जाना तू छोड़ के...
Shrijirasik
भजन की तर्ज - जनम जनम का साथ हैं
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
वृन्दावन की इस नगरी में, मिल गया साथ तुम्हारा ,
बिहारी जी के मंदिर, फिर से हम जाए,
कान्हा जी के दर्शन, फिर से कर आए,
उनके दर्शन हो जाए तो हो उद्धार हमारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
जब भी ये तन त्यागु , त्यागु वृन्दावन में,
फिर जो जनम पाऊ, पाऊ वृन्दावन में,
अब तेरा वृन्दावन ही, मेंरा हे सहारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
जय हो कृष्ण कन्हैया, जय हो बाँके बिहारी,
सारे जग से प्यारी, भक्ति ये तुम्हारी,
तेरी भक्ति से ही मेंने, जीवन ये सुधारा,
मुरलीवाला साथ हैं , तो ड़र काहे का,
सर पर उसका हाथ हैं , तो ड़र काहे का,
Shrijirasik
तुझपे दिल मैं हारी
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके बिहारी ॥
बाँके, बिहारी मेरे, बाँके बिहारी ॥
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
आई, हूँ जबसे, मथुरा नगरिया ॥
भूली, दुनियाँ सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
एक, झलक तेरी, देखी है जब से ॥
भूली, सुध बुध सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
मोर, मुकुट तेरे, सिर पे सोहे ॥
सूरत, लागे प्यारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
बिन, देखे तुम्हें, चैन ना आवे ॥
लागी, लगन तुम्हारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
गली, गली में, बदनाम हो गई ॥
करके, तुम संग, यारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
ये दिल, तुझपे, कुर्बान कन्हईया ॥
मैं तो, हो गई, तुम्हारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
जब, से तेरी, लगन लगी है ॥
हंस रही, दुनियाँ, सारी, मेरे बाँके बिहारी ।
तुझपे, दिल मैं, हारी, मेरे बाँके...
Shrijirasik
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
वृन्दावन में बांकें बिहारी,
मेरी उनकी पक्की यारी
मेरा याराना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
कुंज गलिंन में कुंज बिहारी,
छोड़ दी मैंने दुनिया सारी
सब कुछ भुल गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
रमणरेती में रमण बिहारी,
या रज़ की है महिमा भारी
धसका पागल हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे
मैं दिवाना हो गया,वृन्दावन में रे
मेरा दिल खो गया,वृन्दावन में रे...
Shrijirasik
तर्ज ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब दल के
रिश्ता मैं जोड़ आई राधे और श्याम से,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
इस दुनिया से मैंने यूँ ही झूठी प्रीत लगाई (मिला ना मुझको भाई,)-2
लड्डू लाल को बना लिया है मैंने अपना भाई,
मैं भी चलूँगी उसकी ऊँगली को थाम के,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
बांके बिहारी की भी ऐसी (झांकी अज़ब निराली)-2,
मोटी मोटी आंखे उनकी बिन काजल की काली,
अमृत की बूँदें छलकें अखियों के जाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
सज धज कर जब श्याम सलोना (मुरली मधुर बजाये)-2,
चाँद सितारे तुझे निहारें “पाल” तेरे गुण गाये,
चलती है अपनी नैया इनके ही नाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
( तर्ज - झिलमिल सितारों का आंगन होगा )
सबसे प्यारा मेरा श्याम सलोना
आंखों से करता जादू टोना
बांके बिहारी मेरे मन को मोहना
यमुना जी के तट पर रास रचाए
कृष्ण कन्हैया गैया चराए
दिल में बसता रूप सलोना
आंखों से करता जादू टोना...
काली कमली वाले मेरे बांके बिहारी
जाऊं बलिहारी तो पे जाऊं बलिहारी
तुमसे मिलने को भरे मेरे नैना
आंखों से करता जादू टोना....
वृंदावन आने को जी चाहता है
राधे रानी संग श्याम दरस चाहता है
लक्की दीवाने होता प्रीत में सहना
आंखों से करता जादू टोना....
Shrijirasik
तरज़-लाला जनम सुन आई रे
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई
गायो बधाई मिल गायो बधाई
जन्मअष्टमी....
1.लेवें बलईयां मईया,पलना झुलावै
लेवें बलईयां,बलि बलि जायें
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई जन्मअष्टमी....
2.घर घर में आज मंगल गायो,झुमों गाओ
ख़ुशीयां मनाओ
झुमों गाओ,ख़ुशीयां मनाओ
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ
बधाई जन्मअष्टमी....
3.पागल का तूं मान ले कहना,धसका
आंनद में रहना
आंनद में रहना,आंनद में रहना
जन्मअष्टमी आई,सखी री मिल गाओ बधाई
जन्मअष्टमी....
Shrijirasik
राधारमण हमारो प्यारो प्यारो, सखी री में तो देखता रहूं याकी सूरत पे जाऊं बलिहारी,सखी री में तो देखता रहूं
कान कुण्डल की छवि अति प्यारी
कांधे साजे रे कमरिया कारी
शीश मुकुट पे मोर पंख धारी
नाक नथुनी की कोर अति प्यारी
हाथ लकुट अधर पे बंशी बाजे, छवि को मैं निहारता रहूँ
प्यारे वैजयंती माला उर धारी
हाथ बाजुबंद लरा मुतियारी
जिनके चरणों में पदम विराजे
उनके नूपुर की धुन अति प्यारी
चाल चटपटी टेढ़ी मेढ़ी जाकी, कि सूरत निहारता रहूँ
राधारमण सलोने मतवारे
नैना मिलते ही ऐसा जादू डारे
वृन्दाविपिन किशोरी संग साजे
दास गावे प्रशांत गुन तिहारे
वृन्दावन की श्री कुंज गलिन में मन अटका रहूं
Shrijirasik
चोरी चोरी आए कान्हा , माखन चुराए ,
यशोदा तेरा लाल तो , बड़ा ही सताए ,
रोज फोड़े मटकी , माखन चुराए ,
यशोदा तेरा लाल तो , बड़ा ही सताए ,
बोल रे कन्हैया काहे , माखन चुराए ,
सीधी सादी ग्वालनो को, काहे तू सताए ,
काहे फोड़े मटकी , माखन चुराए ,
सीधी सादी ग्वालनो को, काहे तू सताए ,
झूठी हैं ये सखिया , मेरी भोली मय्या ,
खुद ही खिला के माखन, मुझको नचाए,
थोड़ा सा खिलाए माखन , बहुत नचाए ,
खुद ही खिला के माखन, मुझको नचाए,
Shrijirasik
( तर्ज - मेरे प्यार की उमर हो )
राधा वल्लभ मेरे जीवन की तुम्ही धड़कन
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तेरा सुंदर सिंगार तुझे देखता रहूँ
तेरे चरणों में ठाकुर मैं बैठाता रहूँ
तू हर रहा जीवन के सारे ये गम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तूने दिया मुझको बेशुमार सांवरे
वृंदावन में होता उपचार सांवरे
तू तो लड़ रहा सबसे मेरी ये जंग
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तुझे देखा तो दिल ये दीवाना हो गया
तेरे प्यार में मैं पागल मस्ताना हो गया
लकी गाए गुन जितने भी लगते हैं कम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
Shrijirasik
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी साँवरिया -२
मेरी बिगड़ी बाबा बनादे
मनमोहन दरश दिखा दे
मेरी नैया पार लगा दे
मैने किया कौन अपराध, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
सब भक्तों का रखवाला
करो जीवन मे उजियाला
मुझे चरनों साथ लगाला
करो कष्टों से आजाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
दर आई है दुखिया नारी
करो कृपा मोहन मुरारी
विपताऐ मुझ पे भारी
हुई सब तरियां बरबाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
मेरी बाबा लाज बचाना
जसपाल जनाल से आना
सारे संकट दुर भगाना
सुनो सेवक की फरियाद, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी साँवरिया
Shrijirasik
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोना है
इसके जैसा न और कोई होना ए
बड़ा कोमल बाड़ा ही रसीला ए
नित नवी नवी करदा ए लीला ऐ
बड़ा चंचल-2 चतुर नंद छोना ए
ऐदे वरगा ना होर कोई होना है
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
मां यशोदा दही रिड़की जावे
पेड़े माखन दे गोपाल खावे
बड़ा हंसमुख बड़ा मनमोहना ऐ
ऐदे वरगा ना होर कोई होना है
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
लड्डू वरगा ए गोल मटोल ऐ
मुहों बोलदा बड़े मीठे मीठे बोल ऐ
नंद भवन रूप खिलौने ऐ
ऐदे वरगा न होर कोई होना ऐ
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना ऐ
रूप इसदा मधुप बड़ा आला ऐ
नील मणी एह जग तो निराला ऐ
बड़ा सुन्दर शाम सलोना ऐ
मेरा लड्डू गोपाल बड़ा सोहना है
ऐदे वरगा ना होर कोई होना ऐ
Shrijirasik
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
जब से तुझको देखा है मेरे नैन हुए ये बावरे
मेरे सांवरे ओ मेरे सांवरे
मेरे सांवरे ओ मेरे सांवरे
आंखों से अश्रु है छलके, इक पल चैन न आए जी
आंखों से अश्रु है छलके, इक पल चैन न आए जी
याद में तेरी बीते हर पल, मोहे कछु ना भाए जी
मोहे कछु ना भाए जी
मोहे कछु ना भाए जी
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
राधे नाम है तुझको प्यारा, राधे राधे गाउं मै
राधे नाम है तुझको प्यारा, राधे राधे गाउं मैं
प्रिया प्रियतम की जोड़ी पे वारी वारी जाऊं मैं
वारी वारी जाऊं मैं
वारी वारी जाऊं मैं
झूठी सच्ची ना जानूं मेरी प्रीत तुझी से सांवरे
कस के पकड़ ले हाथ मेरा, छोड़े से भी छुटे ना
कस के पकड़ ले हाथ मेरा, छोड़े से भी छुटे ना
तेरी मेरी प्रीत का बंधन, जनम जनम ये टूटे ना
जनम जनम ये टूटे ना
जनम जनम ये टूटे ना
Shrijirasik
कृष्णा ओ कृष्णा बीच भंवर मत छोड़
बीच भंवर मत छोड़
सौंप दी है मैने तुझे ये जिंदगानी
मुक्ति है हाथों तेरे बात मैंने मानी
रखना शरण तू हे कानूड़ा
रखना शरण चितचोर
बीच भंवर मत छोड़...
सुनी पुकार तूने सब भक्तन की
अंखियां भी मेरी प्यासी तेरे दरशन की
सुनी पुकार तूने सब भक्तन की
अंखियां भी मेरी प्यासी तेरे दरशन की
ढूंढू कहां तुझे हे कानूड़ा
छुप गया मखनचोर
बीच भंवर मत छोड़...
मंदिर मंदिर होती पूजा तेरी
फिर भी ना देखी कान्हा सूरत तेरी
मंदिर मंदिर होती पूजा तेरी
फिर भी ना देखी कान्हा सूरत तेरी
अंखियां मन की खोली जो मोहन
बैठा था बांहे खोल
बीच भंवर मत छोड़...
Shrijirasik
मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा
सुलादे कृष्णा, सुलादे कृष्णा
मुझे नींद नहीं आ रही सुलादे कृष्णा
तेरी बांसुरी की धुन प्यारी सुनादे कृष्णा
करूं जतन मै पूरी कान्हा, नींद निगोडी आए ना
ऐसी क्या बेरुखी मुझसे, कहो इसे तड़पाए ना
मुझे नींद नहीं आ रही...
नाम भी जप लिया माला भी फेरी, कुछ भी काम आए ना
करवट पे करवट मैं बदलूं, चैन तनिक भी आए ना
मुझे नींद नहीं आ रही...
तू हो पास में, मैं झुलूँ, तेरी गोदी का पलना
हाथ फिराए सिर पे मेरे, देखूं तेरा ही सपना
मैं मीठी नींद में सो जाऊं सुलादे कृष्णा
मुझे नींद नहीं आ रही...
Shrijirasik
तरज़-किसी नज़र को तेरा इंतज़ार आज भी है
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
जब भी चाहा जिसे चाहा,तेरे प्रेम का तलबगार हुआ
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
तेरे सिवा...
ज़माने भर की ठोकरें,ख़ात्ते रहते हैं
तेरे ही नाम की रटना,लगाये रहते हैं
जब भी चाहा जिसे चाहा तेरे प्रेम का तलबगार हुआ
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
तेरे सिवा...
हां प्रेम है मुझे तुझसें,ये मैंनें माना है
ना रह सकुंगा तेरे बिन,ऐसा लगता है
जब भी चाहा जिसे चाहा,तेरे प्रेम का तलबगार हुआ
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
तेरे सिवा...
नाम रसका पागल हुं मैं,कहे ज़माना मुझे
धसका माया में है फंसा,आके छुड़ाओ मुझे
जब भी चाहा जिसे चाहा,तेरे प्रेम का तलबगार हुआ
तेरे सिवा जहां में,कौंन मददगार हुआ
तेरे सिवा
Shrijirasik
ताल दादरा
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर से।
तिरछी नजर सखी तिरछी नजर से ॥
देखा जो उसको मैं बावरी हो गयी ।
जमुना में बहके भटकी मेरी खो गयी ॥
इतना नहीं सखी भूली डगर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
नजरें मिलाकर में क्या कर गयी रे ।
माखन की मटकी मैं खुद दे गयी रे ॥
है तीर सी उसकी तिरछी नजर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
दौड़ी पकड़ने को देखा एक बारी ।
पत्थर की मूरत बनी वो बेचारी ॥
कान्त कन्हैया की अद्भुत नजर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
Shrijirasik
नन्दोत्सव : बधैया बाजे गोकुल में
देखो जनम लियो नन्दलाल - गोपाल,
बधैया बाजे गोकुल में ।
सब हुए मस्त खुशहाल-खुशहाल,
बधैया बाजे गोकुल में ॥
नन्द के घर में खुशियाँ छायी ।
सज-धज के गापियाँ भी आयीं ॥
अब बरसे रंग गुलाल-गुलाल,
बधैया बाजे गोकुल में ।
देखो जनम लियो...
गीत खुशी के चहुँ दिशि छायो ।
नन्द के घर में लाला आयो ॥
अब छायो खुशी बहार-बहार,
बधैया बाजे गोकुल में ।
देखो जनम लियो...
माखन की अब कीच मची है ।
खुशियों की अब धूम मची है ॥
विप्रों को कान्त मिले दान-गोदान,
बधैया बाजे गोकुल में ।
देखो जनम लियो...
Shrijirasik
राधारमण रंगीले ठाकुर,
तुम हो रसिकों के सिरताज,
रसिकों के सिरताज,
तुम हो राखो सबकी लाज,
राधारमण रंगीले.....
मोर मुकुट की छवि निराली,
हाथ बांसुरिया है मतवाली,
कमर पे करधनी लटक रही तेरे,
सिर पे सोहे ताज,
राधारमण रंगीले...........
पीताम्बर पट पीत बिराजे,
गल बैजन्ती माला साजे,
ठुमक ठुमक के जब चलत हो,
पग नुपुर रही बाज,
राधारमण रंगीले...........
तरह तरह के पहरों पटके,
जो दर्शन करें तुमपर अटके,
दीनो के हो सदा सहाई,
तुम हो गरीब निवाज ,
राधारमण रंगीले...........
राधा संग दिल में बस जाओ,
चरणों की मुझे दासी बनाओ,
हाथ पकड़ लो मेरा प्यारे,
बिगड़े संवारो काज,
राधारमण रंगीले...........
Shrijirasik
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में +2
तेरे महलों के अदभुत नजारो मे +2
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
सारी दुनिया ने सजदा किया है जहां
तेरे कदमों में झुकता है सारा जहां
लगा दी डूबती नैया किनारे पे
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
जिस का कोई नहीं तूने अपना लिया
बे किनारों को तूने अपना लिया
बुलाते जब भी तुम दौड़े आते हो
कान्हा खो गया तेरे वृंदावन में
तेरी चौखट पे रहमत की बरसात है
क्यों मैं घबराऊं जब तू मेरे साथ है
क्या रखा है झूठे जमाने में
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन में
लालसा है बड़ी तुम्हे पाने की
मान जाओ अब अरजी मामा की
कर रहा हू फरियाद ज़मानेकी
कान्हा खो गया मेरा दिल तेरे वृंदावन मे
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन बिहारी,
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
Shrijirasik
मेरे गिरधर तू ही सहारा है,
मेरी नैय्या का तू किनारा है ।
मेरी आँखों में तू मेरे ख्वाबो में तू,
मेरे दिल की धड़कन में है तू ही तू,
दीवाने तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है,
ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
दीदार तेरा करा दे मुझे
मेरे सांवरे बता दे मुझे
कहीं ना अब करार है, कहीं ना अब सकून है
मिलेगा मुझे सांवरा, मुझे तो ऐतबार है
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
मेरे ख्वाबो में तू, मेरी साँसों में तू
मेरे दिल की धड़कन में बस तू ही तू
दीवाना तेरे प्यार में बड़ा ही बुरा हाल है
खड़ा हूँ तेरे द्वार पे ना होश है ना ख्याल है
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
मेरी आखो मे जले तेरे ख्वाबो के दिये,
कितनी बेचेन हु मै श्याम से मिलने के लिये,
मेरे प्यारे कान्हा तु जो एकबार मिले,
चेन आ जाये मुझे जो तेरा दीदार मीले,
मसीहा मेरे दुआ दे मुझे,
करु मे क्या बता दे मुझे,
दिवाने तेरी चाह मे बड़ा हि बुरा हाल है,
खड़ी हूँ तेरी राह मे ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
आई अरदास लेकर,
मन मे विश्वास लेकर,
झोली भर दे तु मेरी,
आई हु आस लेकर,
दिवाने तेरी चाह मे बड़ा हि बुरा हाल है,
खड़ी हूँ तेरी राह मे ना होश ना ख्याल है,
मेरी नैय्या का तु किनारा है...
Shrijirasik
( तर्ज - मेरे प्यार की उमर हो )
राधा वल्लभ मेरे जीवन की तुम्ही धड़कन
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तेरा सुंदर सिंगार तुझे देखता रहूँ
तेरे चरणों में ठाकुर मैं बैठाता रहूँ
तू हर रहा जीवन के सारे ये गम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तूने दिया मुझको बेशुमार सांवरे
वृंदावन में होता उपचार सांवरे
तू तो लड़ रहा सबसे मेरी ये जंग
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
तुझे देखा तो दिल ये दीवाना हो गया
तेरे प्यार में मैं पागल मस्ताना हो गया
लकी गाए गुन जितने भी लगते हैं कम
मैं हूँ दासी तेरी तुम मेरे प्रियतम ....
Shrijirasik
झूमो रे नाचो, गाओ रे मां यशोदा ने जायो नंदलाला 2
सुंदर सलोना गोपाला मां यशोदा ने जायो नंदलाला
सारे बिरज में खुशियां है छाई झूम ,झूम गाऐं ब्रिज नारी रे
झूला पड़ो है नंद जी के अंगना झांकी की शोभा है न्यारी रे
अंगना सजा है 2बाजा बजा है 2आया है सस्ती का प्रतिपाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,
मथुरा सजी है गोकुल सजा है, झूमे है चारों दिशाएं रे
उत्सव मनाओ आओ सखी आओ, लाला को झूला झुलाएं रे
दर्शन करेंगे झोली भरेंगे, झूमे है ब्रज का हर ग्वाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,,
लाला की मैया , लेबै बलैया , नंद बाबा बांटैं मिठाई रे
देवों ने आके फूल बरसाए, कैसी यह लीला रचाई रे
बंसी बजाने, गउयें चराने, आया है मोर मुकुट वाला
मां यशोदा ने जायो नंदलाला,,,,,
Shrijirasik
जो वृंदावन में आए नहीं, मोहन का ठिकाना क्या जाने?
जो इन गलियों में आए नहीं, मेरे श्याम को पाना क्या जाने
प्रेम गली अति सांकरी है,
कैसे मिलना हो मोहन से.. ॥2 ॥
जो मोहन को दिल में बसाया नहीं,
वो दिल का लगाना क्या जाने ..
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
वृंदावन की इन गलियों में,
श्यामा के चरण पड़े तो होंगे ,
और श्याम भी यहीं चले होंगे,
जिसने कभी प्रेम से पुकारा नहीं,
मेरे श्याम का आना क्या जाने,
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
विष अमृत सा मीरा पी गई ।
श्याम दीवानी मीरा जी गई ॥2॥
मीरा सा कोई अमृत की तरह,
विष का पी जाना क्या जाने..
जो इन गलियों में आए नहीं,
मेरे श्याम को पाना क्या जाने
Shrijirasik
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना, भूल जाने के काबिल नहीं है
चोट खायी है जो मैंने दिल में, वो दिखने के काबिल नहीं है
जबसे देखा है जलवा तुम्हारा, कोई आँखों को जचता नहीं है
यूं तो देखे है बहुत नूर वाले, सारे आलम में तुमसा नहीं है
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना, भूल जाने के काबिल नहीं है
तेरी सूरत पे क़ुर्बान जाऊ, तेरी आँखे है या मय के प्याले
जिनको नज़रो से तुमने पिलाई, होश आने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना, भूल जाने के काबिल नहीं है
मैंने पूछा की अब कब मिलोगे, पहले मुस्काये फिर हंस के बोले
सबके दिल में समाये हुए है, आने जाने के काबिल नहीं है
मेरे मोहन तेरा मुस्कुराना, भूल जाने के काबिल नहीं है
Shrijirasik
धुन- मेरी प्यारी बहनियाँ
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ तेरे पैईयां ॥
मेरा, छोटा सा, काम करवाई दे,
राधा गोरी से, ब्याह रचाई दे,
राधा गोरी से, ब्याह रचाई दे ॥
राधा सी, गोरी मेरे, मन में बसी है ।
ग्वाल, उड़ाए सब, मेरी हंसी है ॥
मो को, तूँ छोटी सी, दुल्हनिया लाई दे,
अपने, हाथों से, दूल्हा बनाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
सेवा वो, मईया तोहरी, रोज़ करेगी ।
जोड़ी भी, मईया मेरी, खूब जमेगी ॥
हो नंद, बाबा को, नेक समझाई दे,
दाऊ, भईया को, संग पठाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
गांव, बरसानो जा को, सब जग जाने ।
गईयाँ, ना चराऊँ तेरी, जो तूँ ना माने ॥
अब, बरसने, काऊ को, पठाई दे,
दाऊ, भईया को, तूँ बुलवाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
सुन के, यह बोली, यशोद्धा मईया ।
भए, हो बेशर्म तुम, बड़े ही कन्हईया ॥
ओ पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले,
पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले ॥
Shrijirasik
ब्रज की गली गली में शोर
ब्रज की, गली, गली में शोर,
आयो, आयो माखन चोर ॥
आयो, माखन चोर, आयो,
आयो माखन चोर ॥
बृज की, गली, गली में शोर...
नन्द, भवन में, आनंद बरसे ॥
हो आनंद, बरसे ॥
नन्द, यशोदा को, मनवा हरषे ॥
हो मनवा, हरषे ॥
आनंद को, ओर ना छोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
बाज, उठी, मंगल शहनाई ।
हो मंगल, शहनाई ॥
जन्म, लियो है, कुंवर कन्हाई ॥
हो कुंवर, कन्हाई ॥
कूके, कोयल, पपीहा मोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
हिलमिल, सखियाँ, मंगल गावें ।
हो मंगल, गावें ॥
ग्वाल, बाल सब, धूम मचावें ॥
हो धूम, मचावें ॥
सबके, मन में, उठे हिलोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
धन्य, यशोदा, तेरो लाला ।
हो, तेरो लाला ॥
सारे, जग का, है रखवाला ॥
हो, है रखवाला ॥
कहे, ‘चित्र, विचित्र’ कर जोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
अपलोडर- अनिलरामूर्तीभोपाल
Shrijirasik
छवि देखी जब प्यारी,
हो गई मैं मतवारी...-2
भावे ना मुझको कोई काम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
श्याम नाम की रंग के चुनरिया,
नाचूँ मैं तो बन के जोगनिया,
बावरी सुध बुध हारी,
प्रेम के रोग की मारी,
आये ना दिल को यूँ आराम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
वृन्दावन सो धाम ना कोई,
राधे जैसो नाम ना कोई,
अर्ज दासी की मानों,
श्याम मुझको अपना लो,
कर दो मेरा भी इंतज़ाम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
निकट तुम्हारे रैन बसेरा,
इससे बड़ा क्या भाग्य हो मेरा,
धुल चरणों की लगा के,
दरश प्रियतम के पाके,
निकले हृदय से मेरे प्राण,
मुझको बसा लो बृजधाम।
Shrijirasik
मैं तो सोये रही सपने में,
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में,
मेरे घर आए गोपाल
मेरे घर आए गोपाल
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल........
धीरे से आके वाने बंसी बजाई,
मधुर मुरलिया मेरे मन भायी
मधुर मुरलिया मेरे मन भायी....
मैं तो सुन सुन हुई निहाल,
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल....
काँधे पड़ी थी बांके काली कमलिया,
तिरछे खड़े थे बांके साँवरिया
तिरछे खड़े थे बांके साँवरिया......
मोरे तन मन छायी बहार
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल....
धीरे से आके वाने मोको जगायो,
किरपा कर मोहे कंठ लगायो
किरपा कर मोहे कंठ लगायो....
मेरे जग गए भाग सुहाग
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल.....
मेरे घर आए गोपाल
मेरे घर आए गोपाल
मैं तो सोये रही सपने में
मेरे घर आए गोपाल
Shrijirasik
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……
क्यों रोज रोज जमुना किनारे कान्हां मुझे बुलाए,
मुख से ना बोले कन्हैया नैनों से बाण चलाए,
तेरे प्यार में लागे ये राधा बहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई………
जब जब आऊँ, जमुना किनारे,
तू छुपके छुपके देखे,
तेरी बिंदिया ले गई निंदिया,
चैन गजरा गया लेके,
तेरी खुशबु में राधा भी महक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
तेरी मीठी मीठी बातों से मोहन,
दिल में प्यार जगे,
तेरे मुखड़े के आगे राधिका,
वो चाँद भी फ़ीका लगे,
तेरे दिल के बागों में मैं चहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
रोम रोम तेरा नाम पुकारे ओ कान्हा कान्हा,
तेरी कसम बिना तेरे राधिके श्याम तेरा आधा,
आग की प्यार गोपाला में लहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
Shrijirasik
तर्ज - इश्क में हम तुम्हे क्या बताए
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है,
श्याम इस दिल में, श्याम इस दिल में,
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है………
दीन दुखियों के तुम हो सहारे,
माँ यशोदा की आँखों के तारे,
हर तरफ तुमने, हर तरफ तुमने,
हर तरफ तुमने जलवे बिखेरे,
कोई तुम जैसा दूजा नहीं है,
श्याम इस दिल में, जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है………
साँवरे तेरी सूरत सुहानी,
हर अदा पे है दुनियाँ दीवानी,
तेरी मुरली में, तेरी मुरली में,
तेरी मुरली में है कैसा जादू,
एक तुमको जहाँ वहीँ है,
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है……
तुमको मोहन कहूँ या नंदलाला,
या कहूं गोप गोपिन का ग्वाला,
लीलाधारी हो, लीलाधारी हो,
लीलाधारी हो नटखट कन्हैया,
गउओं वाले ना तुमसा नहीं है,
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है………
कट गई बिंदु कठिनाई बाधा,
जो रटे कृष्ण संग राधा राधा,
कृष्ण राधा भजे, कृष्ण राधा भजे,
कृष्ण राधा भजे जग ये सारा,
कमली वाले की जय हो रही है,
श्याम इस दिल में जब से तुम आए,
दिल कहीं और लगता नहीं है………
Shrijirasik
कान्हा मधुवन में तुम आया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो,
एक राधिका है प्रेम दीवानी,
उसको और सताया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
सूरत तुम्हारी सलोनी संवारी,
सुन बांसुरी को हो गई बाँवरी,
माखन और चुराया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
माथे मुकट गल माला सोहे,
कानो में कुंडल मन मेरा मोहे,
मोहनी रूप बनाया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
पाव् चले ना चली राहो में,
नींद न आई सोई आँखों में,
मुरली की तान सुनाया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
मीठी मीठी बांसुरी मोहे निहारे,
चंदर सखी की विनती सुनो वनवारी,
दर्श दिखाओ देर ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो,
एक राधिका है प्रेम दीवानी,
उसको और सताया ना करो,
जादू भरी बांसुरी बजाया ना करो……
Shrijirasik
मुरली वाले श्याम तुमको आना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा,
राधे रानी को भी, संग में लाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा………
फूलों के आसन पे, तुमको बिठायेंगे,
माखन मिश्री का, भोग लगायेंगे,
आकर के भोग, लगाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा………
दर्शन को तेरे कान्हाँ तरसे है अखियां,
याद में तेरे मोहन, बरसे है अखियां,
भक्तों का मान, बढ़ाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा.......
मीठी तेरी बंसी आके, हमको सुना दे,
मोहनी सूरत तेरी, हमको दिखा दे,
अमृत रस, बरसाना होगा,
भक्तों को दर्श, दिखाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भगतों को दर्श, दिखाना होगा……….
राधे रानी को भी, संग में लाना होगा,
मुरली वाले श्याम, तुमको आना होगा,
भक्तों को दरश, दिखाना होगा……….
Shrijirasik
हुआ नन्द भवन में शोर, चलो सब मिल गोकुल की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ........
नन्द यशोदा को जन्मे है लाल,
अष्टमी तिथि का है कमाल....-2
देखो छाई घटा घनघोर,
चलो सब नन्द भवन की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ......
ब्रज की गलियन में धूम मची है,
शहनाई की गूंज उठी है.....-2
बोले कोयलियाँ चहु ओर,
चलो भाई नन्द भवन की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ......
गोपी ग्वाल में खुशियां छाई,
पुरे गोकुल में बजत बधाई....-2
गावे देवेंद्र नाचे मौर,
चलो सब नन्द भवन की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ.....
हुआ नन्द भवन में शोर, चलो सब मिल गोकुल की ओर,
नन्द घर लाला हुआ, यशोदा को लल्ला हुआ.......
Shrijirasik
तर्ज - सजन मेरे झूठ मत बोलो
मैया यशोदा नज़रे उतारे,
लल्ला को जी भर अपने निहारे,
कहती वो लेकर बलइयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां........-2
मोटे मोटे नैन से देख के मोहे,
लल्ला मेरा जब मुस्काएं.....-2
इसकी प्यारी प्यारी अदा पे,
बलिहारी ये मैया जाए,
पालने को इसके मैया झुलाती,
लल्ला को मीठी मीठी लोरी सुनाती,
नैनों में आ जा री निंदिया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया......
कहती सखियाँ बृज की मोसें,
नटखट है बड़ा तेरा लाला.....-2
इसके आते फैला बृज में,
देखो चारों और उजाला,
सारे ब्रिज में धूम मची है,
गोकुल नगरी खूब सजी है,
नन्द बाबा बांटे मिठाईया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां.....
तू तो लल्ला चाँद का टुकड़ा,
प्राणों से मुझको प्यारा है.....-2
तुझसे रोशन मेरा जीवन,
मेरी आँख का तू तारा है,
सूनी थी ये महल अटारी,
गूँजी तेरी जो किलकारी,
धन्य हुई कुंदन ये मैया,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां।
मैया यशोदा नजरे उतारें,
लल्ला को जी भर अपने निहारे,
कहती वो लेकर बलइयां,
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैयां.........
Shrijirasik
कन्हैया सबको मन भरमावे,
नन्द भवन में प्रकटो लाला,
आनंद घन बरसावे,
यशोदा ललना को पलना झुलावे,
कन्हैया सबको मन भरमावे,
हलरावै, दुलरावै मैया,
मधुर मधुर कछु गावे,
कन्हैया सबको मन भरमावे,
नन्द जू के हरष हिये ना समावे।
नन्द के आनद भयो,
जय कन्हैया लाल की,
गऊन के दान दिए,
जय हो गोपाल की।
नामकरण भयो हरी को,
अब हर कोई कृष्ण बुलावे,
एक बरस को हो गया ललना,
अब पलना ना सुहावे,
घोटन चलत दूर तन सोहे,
जो देखे बलजावे,
यशोदा ललना को चलना सिखावे,
मईया ललना को चलना सिखावे।
ठुमक चलत बाजत पैजनियां,
रुनझुन शब्द सुनावै,
कन्हैया सबको मन भरमावे,
नन्द जू के हरष हिये ना समावे।
नंदरानी तेरो उत्पाती लला,
कल रात मेरे घर आये गयो,
ग्वाल को दल बल संग लिए,
भीषण उत्पात मचाय गयो,
छींके से उतार नहीं मटकी,
मटकी ते माखन खाये गयो,
न्योते बिन आ गयो घर में,
ग्वालन को संग जिमाय गयो।
मैं नहीं माखन खायो कहकर,
मैं नहीं माखन खायो कहकर,
झूठी शपथ उठावे,
राधिका बर्बस मुख लपटावे,
शृद्धाम माखन से मूंछ बनावे,
लाल की झूठ मान के सांची,
माँ उर कंठ लगावे,
कन्हैया सबको मन भरमावे,
नन्द जू के हरष हिये ना समावे।
गोपालन को चारण करके,
कृष्ण परम सुख पावे,
रे मोहन मुरली मधुर बजावै,
नन्द जू के हरष हिये ना समावे,
गोविंदा, गोपाला,
गोधन प्रिय हरे हरे,
मनमोहन, माखनप्रिय हरे हरे।
Shrijirasik
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ ना,
सौदा करना है दिल का,
दिलदार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
और किसे देदूँ दिल,
सब यहाँ फ़रेबी हैं....-2
गर तुम हो मेरे दिलबर,
तो यार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
तुमको मैंने मोहन अपना,
मालिक बनाया है....-2
चाकर समझो गर तो,
सरकार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ।
बेधड़क तुम्हारे बिना,
मेरा ना वज़ूद है....-2
तुम्ही हो जीवन का,
आधार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ मोहन,
इक बार चले आओ ना,
सौदा करना है दिल का,
दिलदार चले आओ,
मेरे मन के आँगन में,
एक बार चले आओ........
Shrijirasik
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
बड़ी मुश्किल से नर तन मिला,
बेसहारों का कर तू भला.....-2
काम ऐसा जो कर जाएगा,
पार भव से उतर जाएगा....-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
जाने कितने दिनों की जिन्दगानी,
लोग कहते रहेंगे कहानी.....-2
हँसा पिंजरे से उड़ जाएगा,
पार भव से उतर जाएगा......-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
जिसने जैसी करी होगी करनी,
उसको वैसी पड़ेगी रे भरनी.....-2
इक ना दिन तू पछतायेगा,
पार भव से उतर जाएगा......-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
करना तन मन से हरी का भजन,
बस लगा ले प्रभु से लगन......-2
कृष्ण भक्ति में रंग जायेगा,
पार भव से उतर जाएगा.....-2
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
कृष्ण कहने से तर जायेगा,
पार भव से उतर जाएगा,
कृष्ण कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा,
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण,
कृष्ण कृष्ण हरे हरे,
हरे राम हरे राम,
राम राम हरे हरे।
Shrijirasik
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना सुन्दर श्याम,
हमारें घर कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
ग्वालों को लाना,
आप भी आना संग,
ग्वालों को लाना,
मिलकर माखन खाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोंपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
राधा जी को लाना,
आप भी आना संग,
राधा जी को लाना,
मिलकर रास रचाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
आप भी आना संग,
गोपियों को लाना,
आप भी आना संग,
गोपियों को लाना,
मिलकर धूम मचाना,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में,
आना सुन्दर श्याम,
हमारे घर कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
कीर्तन में, श्याम कीर्तन में,
आना मदन गोपाल,
हमारे घर कीर्तन में.....
Shrijirasik
मोर मुकुट तेरे हाथों में बांसुरीया,
देवी देवता सब नर और नारी,
जाएं बलिहारी बलिहारी ।
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया,
मन में है बसी तेरी बांकी छवि,
मेरे गिरधारी गिरधारी ।
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया,
ऐसी अलबेली ऐसी प्यारी,
छवि अलबेली श्याम की,
श्याम के रंग में रंग दी है काया,
लगन लगी तेरे नाम की,
राह पकड़ ली हमने कन्हैया ,
अब तो तेरे धाम की,
अबे नहीं छूटे तेरे दर की डगरिया,
अबे नहीं छूटे तेरे दर की डगरिया,
मन में है बसी तेरी बांकी छवि,
मेरे गिरधारी गिरधारी ।
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया.....
सूरदास के छोटे ललना,
मीरा के भरतार हो,
राधा के हो प्रेमी प्रीतम,
संतो के तारणहार हो,
अर्जुन के तुम बने सारथी,
अर्जुन की तुम बने सारथी,
भक्तों के दातार हो,
जैसे भाव वैसे देखे रे सांवरिया,
देवी देवता सब नर और नारी,
जाएं बलिहारी बलिहारी,
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया.....
गोपी गवाल संग धेनु चरावे,
माखन चोर गोपाल रे,
कुंज गली में रास रचाये,
नटखट श्री नंदलाल रे,
चीर चुराये रे मटकी गिराये,
बैठे कदम की डाल रे,
लीला तेरी देख के,
मन रे बांवरिया ,
मन में है बसी तेरी बांकी छवि,
मेरे गिरधारी गिरधारी ।
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया.....
नाता हमारा जन्मो पुराना,
तू रहना मेरे साथ मे,
चाहे दुनिया हाथ छोड़ दे,
तू न छोड़ना मेरा हाथ रे ,
पार भवर से नाव लगा दे,
जगदीश्वर भगवान रे,
चरणों मे तेरे मेरी,
बीती रे उमरिया,
देवी देवता सब नर और नारी,
जाएं बलिहारी बलिहारी,
सांवली सूरत तेरी तिरछी रे नजरिया.....
Shrijirasik
मोपे जादू कर गये री
बांके नैना है
दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे
मोपे जादू कर गई री
देखि एक झलक जो उसकी सुध बुध सब बिसराई
नैन कटीले बांकी अदा सखी उसके मन को भाई
दिल घ्याल कर गए री बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
भूख प्यास सब मर गई मेरी मोहे कशु न भावे
करवट बदलू रात रात भर इक पल चैन न आवे
ऐसी दिल में बस गई री
बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
जाने कैसी प्रीत लगी उन नैनं पे दिल हारी
बस गए मेरे रोम रोम वो छलियाँ बांके बिहारी
बांके नैना कर गए री
बांके नैना है दो नैना कारे कारे,
बांके नैना जादू वारे मोपे जादू कर गई री
Shrijirasik
यूँ रूठो न कन्हैया ,समझाये यशुदा मैया,
समझाये यशुदा मैया ,हाय ,यूँ रूठो न कन्हैया,
मिश्री मलाई माखन दही दूध तुमको दूँगी,
तुमको लगी नज़र न सारी बलाए लूँगी,
आंखों में दूँगी काज़ल, माथे तिलक करूँगी,
केशों को में सजा के ,सिर में मुकुट धरूंगी,
हाय.. यूँ............….
कानों में डालूँ कुंडल, गालों में तिल लगाऊँ,
पहना के पग में पायल तुमको सुघर बनाऊँ,
आकाश का ये चंदा, धरती पे में उतारूँ,
चंदा को तुम निहारो,और में तुम्हे निहारूँ,
हाय... यूँ............
बंधन जनम मरण के,है नाथ खत्म करदो,
भक्तों को देखे दर्शन ,हमको सनाथ करदो,
राजेन्द्र गाये गुण जब,आना पड़ेगा तुमको,
मझधार से कन्हैया ,उस पार करना हमको,
हाय... यूँ........
Shrijirasik
उस पर रंग फिर कोई दूजा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे,
जिसको सर पे है तूने चढ़ाया,
किस की ओकात उसको गिरा दे,
उस पर रंग फिर दूसरा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे।
कर ले तूफान कितनी भी कोशिश,
रास्ता रोक सकता नहीं है,
धोखा देकर दुश्मन ने ख़ंजर,
पीठ पर भौंक सकता नहीं है,
मौत की भी नहीं इतनी हिम्मत,
वक़्त से पहले उसको मिटा दे।
रंग खुशियों के सारे वहाँ पर,
साँवरा है हमारा जहाँ पर,
प्रेम की बगिया महकेगी हरपल,
मेरा प्रीतम है बैठा जहाँ पर,
इसके आँचल में जो तू रौशन,
नहीं जरूरत हवा में बुझा दे।
छल कपट से वो रखता है दूरी,
प्रेम की भाषा ये जानता है,
प्रेम करता ये जिन प्रेमियों से,
उन सभी को ये पहचानता है,
उसको कर दे दीवाना साँवरिया,
एक झलक सांवरी जो दिखा दे।
प्यारे मैं जानता हूँ ये बेहतर,
जब छलकती तेरी प्रेम पायल,
प्रीत में तेरी होकर के घायल,
झूमता नाचता है ये पागल,
डर निकल जाता है दिल से सारा,
बेधड़क श्याम जिनको बना दे।
Shrijirasik
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
तू छिपा है कहा हम तो तरसे याहा,
बरसे कब से ये नैना मेरे सांवरे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
माना राधा के जैसी न हस्ती मेरी,
मीरा बाई सी न प्रीत सच्ची मेरी,
ना तो नरसी के जैसी है मस्ती मेरी,
न सुदामा के जैसी है भगति मेरी,
आधा घ्याल हु मैं आधा पागल हु मैं,
दास की सास हर इक तेरे नाम रे,
कब ये मैंने कहा है कन्हैया मेरे
अपने हाथो की मुरली बना लो मुझे,
कब कहा मैंने ये मोर के पंख के,
जैसे अपने मुकट में सजा लो मुझे,
इक घुंगरू बना अपनी पैजनिया का,
चुम जो हर घडी मैं तेरे पाँव रे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सांवरे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सांवरे,
हमने सोचा था ये इक सहारे तेरे,
चार दिन जिंदगी के गुजर जायेगे,
प्रीत की रीत तुम निभाते सदा,
इक न इक दिन मेरे भाग खुल जायेगे,
इक भरोसे तेरे प्राण प्यारे मेरे,
हम ने दिल का लगाया था ये दाम रे,
हम तेरे प्यार में लूट गए सँवारे,
हम तेरे प्यार में मिट गए सँवारे,
Shrijirasik
धुन - Perdeshiyo से न अंखियां मिलना
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी ,
छुटे कभी ना हमसे भक्ति तुम्हारी ,
भक्ति में तेरी ऐसा नशा हैं,
जब से चढ़ा है मजा ही मजा हैं,
उतरे कभी ना अब ये नशे की खुमारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
तेरे दरस के प्यासे नैना ,
दरस बिना कहीं पाए ना चेना,
दर्शन दे दो अब तो मुरारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
नैया हमारी तुम्हारे सहारे,
तुम ही लगा दो मोहन इसको किनारे,
डूबे कभी ना अब ये नैया हमारी,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी,
भक्ति की हमको लगन लगा दो,
भजनों की हमको लत ये लगा दो ,
छुटे कभी ना हमसे लत ये तुम्हारी ,
बांके बिहारी सुन लो विनती हमारी.
Shrijirasik
हमारे दो ही रिश्तेदार,
एक हमारी राधा रानी,
दूजे बांके बिहारी सरकार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
सेठ हमारे बांके बिहारी,
सेठानी वृशभानु दुलारी,
जो कोई जपता राधे राधे,
वो हो जाये भव से पार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
ममतामयी है राधिका रानी,
हर बात श्याम ने इनकी मानी,
राधा नाम की जड़ी बूटी से ,
होते यहां उपचार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
न कोई चिंता न कोई टेंशन,
राधा नाम है दिल मे मेंशन,
भरी सभा मे कह सकते है,
आई लव यू सरकार ,
हमारे दो ही रिश्तेदार
चाहे जो आनन्द में रहना
मान लो कनिष्क का कहा
हर पल है आनन्द बरसता
अनोखा है ये दरबार
हमारे दो ही रिश्तेदार
Shrijirasik
मुरली वाले कान्हा, तुमको आना होगा,
मुरली की धुन, सुनाना होगा,
राधा और रुक्मण को संग लाना होगा,
मुरली वाले कान्हा, तुमको आना होगा,
यू तो रहता हैं तू कान्हा, भक्तों के दिल में,
भक्तों के दिल में कान्हा , संतों के दिल में,
मेरे भी दिल में घर बनाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
माखन और मिश्री का भोग, तुमको प्यारा हैं,
में वो लाया हूं जो कर्मा ने खिलाया हैं,
खिचड़े का भोग कान्हा खाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
रोज गाते हैं हम कान्हा , भजन तुम्हारे,
भजन तुम्हारे कान्हा, भजन तुम्हारे,
भजनों में रस तुमको लाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
राधा जी के संग में कान्हा, तुम तो रास रचाते हो,
अपने भक्तों को कान्हा , क्यों तरसाते हो,
हमको भी रास दिखाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
ले लो चाहे जितनी कान्हा, परीक्षा हमारी,
छोड़ेंगे हम ना कान्हा , भक्ति तुम्हारी,
हमको भी अपना बनाना होगा ,
मुरली की धुन सुनाना होगा,
Shrijirasik
ओ कान्हा रे, तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
फूलों में कलियों में , वृंदावन की गलियों में ,
तेरे बिना कुछ कहीं ना , तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
जाने कैसे अनजाने ही, आन बसे मेरे मन में,
अपना सब कुछ खो बैठा मैं ,जब से बसे मेरे दिल में,
भक्ति के अफसाने, मैं जानू तू जाने , और ये जाने कोई ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
मेरी धड़कन में बसे हो, सांसों में तेरी खुशबू है,
इस धरती से उस अंबर तक, मेरी नजर में तू ही तू है,
भक्ति ये छूटे ना , तू मुझसे रूठे ना, साथ ये छूटे कभी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तुम बिन सुना मेरा जीवन , तुम बिन सुने दिन ये सारे,
मेरा जीवन तुझको अर्पण, तुम ही हो जीने के सहारे,
तेरे बिना मेरी ,मेरे बिना तेरी , ये जिंदगी जिंदगी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
Shrijirasik
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
तुम मुरली मधुर बजाओ
मैं झूठ के नचूंगा
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बन जल की मछली
श्री यमुना में छुपा जाऊं
मेरे श्याम नहाने आओ
छू चरण परम पद पाऊं
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम पपीहा
पीहू पीहू की रन लगाओ
तुम साथी बूंद बन बारसो
जनमो की प्यास बुझाऊ
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम चकोरा
नैनों में नीर भरण
तुम श्याम चंद्र बन जाओ
मैं जल का अलग चढ़ाऊ
मैं बनके बस की पारी
हरि अधरों से लग जाऊं
जब श्याम मुझे बजावे
मैं इधर सुधा रस पाऊं
Shrijirasik
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी संवारे,
मिल गई हर ख़ुशी मिट गए सारे गम.
बात बिगड़ी बनाई मेरे सँवारे,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
दो जहां का मालिक तू दया वां है ,
अपने भगतो पे तू तो मेहरबानी है
तू ही साहिल तू कश्ती मेरे सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी सँवारे ,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
तुझसे मिलने की चाहत दिल में लगी
प्यास दर्शन की मेरे मन में जगी,
मान लो अब तो अर्जी मेरे सँवारे,
जी रहा हु किरपा पे तेरी सँवारे ,
तू है मेरा मैं तेरा ही हु सँवारे,
Shrijirasik
मोहे लागी लगन मनमोहन से -2 ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम में आय बैठी ,
मोरे नैनों से -2,निंदिया चुराई जिसने ,
मैं तो नैनां उसी से लगाए बैठी।
मोहे लागी लगन....
कारो कन्हैया सो काजल लगाईके ,
गालों पे गोविन्द गोविन्द लिखाइके।-2
गोकुल की गलियों में गोपाल ढूंढूं ,
मैं भाँवरी अपनी सुधबुध गँवाईके ,
मिल जाए रास बिहारी,मैं जाऊं वारी-2 ,
कहदूँ नटखट से बात हिया की सारी ,
बात समझेगो-2 मेरी बिहारी कभी ,
ये शरत मैं खुदी से लगाई बैठी।
ऐसी लागी लगन मनमोहन से -2 ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम आय बैठी।
जो हो सो हो अब ना जाऊं पलट के,
बैठी हूँ कान्हा की राहों में डट के। -2
जबतक ना मुखड़ा दिखाए सलोना ,
काटूंगी चक्कर यूहीं वंशीवट के ,
उस मोरमुकुट वाले से ,गोविंदा से ग्वाले से ,
मन बाँध के रखना है उस मतवाले से ,
जाने आ जाए-2 कब चाँद वो सामने ,
भोर से ही मैं खुद को सजाए बैठी।
मोहे लागी लगन मनमोहन से ,
छोड़ घरबार ब्रजधाम आय बैठी।
मोरे नैनों से -2,निंदिया चुराई जिसने ,
मैं तो नयना उसी से लगाए बैठी।
मोहे लागी लगन....।
हरे कृष्णा ,हरे कृष्णा ,कृष्णा कृष्णा हरे हरे।
हरे रामा ,हरे रामा ,रामा रामा हरे हरे।।
Shrijirasik
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
तेरी करुणा का ऐसा जादू चला,
ये दिल तो हुआ बेगाना है।
देख छवि मेरे राधारमण जू की,
हमने बस यही ठाना है।
ऐसे कंटीले नयन तिहारे
इनमें डूब ही जाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
अलबेलों की इस बस्ती में,
मिला ऐसा एक खज़ाना है।
कितने भी तूफ़ान हैं आये,
तुमने मुझको थामा है।
दुखों को मेरे हर के प्रभु ने,
खुशी का दिया ख़ज़ाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
तेरी करुणा का ऐसा जादू चला,
ये दिल तो हुआ बेगाना है।
अलबेला है, मस्ताना है,
मन राधारमण का दीवाना है।
मन राधारमण का दीवाना है…
मन राधारमण का दीवाना है
इस जीवन के तुम जीवन हो
बृजचन्द्र तुम्हे कैसे समझाएं
दुखी होता बहुत तुम्हारे बिना
कैसे दिल अपना चीर दिखाएँ.....
तेरे फूलों से भी प्यार तेरे कांटो से भी प्यार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरी मर्ज़ी में विधाता कोई छुपा बड़ा राज़
दुनिया चाहे हमसे रूठे तू ना होना नाराज़
तुझे वंदन है बार बार हमको करले तू स्वीकार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
हमको दोनों है पसंद तेरे धुप और छाँव
डाटा किसी भी दिशा में ले चल ज़िन्दगी की नाव
चाहे हमें लगादे पार या डुबादे बीच मंझधार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
चाहे सुख दे या दुःख चाहे ख़ुशी दे या ग़म
मालिक जैसे भी रखेगा वैसे रह लेंगे हम
चाहे हंसी भरा संसार चाहे आंसुओं की धार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरे फूलों से भी प्यार............
जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए, जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए,
गम जमाने के सारे, गम जमाने के सारे,किनारे हुए,
वो एक नज़र सा डाल के जादू सा कर गये, नज़ारे मिला के मुझसे ना जाने किधर गये,
दुनिया से तो मिली थी मुझे हर कदम पे चोट,
पर उनकी एक नज़र से मेरे जख्म भर गये, पर उनकी एक नज़र से मेरे जख्म भर गये,
अब कही देखने की ना ख्वाइश रही, अब कही देखने की ना ख्वाइश रही,
जबसे वो मेरी, जबसे वो मेरी, नॅज़ारो के तारे हुए,
गुम जमाने के सारे, गुम जमाने के सारे,
किनारे हुए,
जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए, जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए,
दर्द ही अब हुमारी दवा बन गया,
यह दर्द भी दौलत है, यह दाग भी दौलत है,
जो कुच्छ भी यह दौलत है,
वो तेरी ही बडोलात है, प्यारे
गुम जमाने के सारे, गुम जमाने के सारे,किनारे हुए,
जबसे बांके बिहारी हुमारे हुए
नन्द रानी जबर बेयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
मुस्कान इसकी लगे प्यारी प्यारी,
दीवानी हुई इसकी सारी ब्रिज रा री,
एह की मुरली पे जियो अटक गयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
पनघट पे आके करे जोरा जोरि,
चुपके से आके करे चीर चोरी,
मइयां हल्लो मचो तो सटक गयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
घर घर में जाके जो माखन चुरावे,
खावे सो खावे सभी पर गिरावे,
एहने रोकने हमरो खटक गयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
मैं तो दुखारी गरीबी की मारी,
नहीं जोर चाला तो दी मैं गाली,
नंदू भइया कन्हियो छटक गयो रे,
मोरी मटकी उलट के पलट गयो रे,
Pujya Bhai Ji
कजरारी अंखियों से तकियो ,ओ रसिया मेरी ओर।
मेरा चित चुरा के ले गए ,यह रसिया माखन चोर।
है शोभा सबसे न्यारी रमन बिहारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी मेरे रमण बिहारी की,
मुस्काए मुरली बजाये गुलाबी अधरों से,
कस कस तीर चलाये नशीली नजरो से,
घुंघराली अल्के नागिन सी लटकाये कारी कारी,
जाऊ बार बार बलिहारी........
नख से सिख तक सिंगार जडाऊ गहने है,
कशनी बूटी दार पीताम्बर पहने है,
सिर साजे टेडी पाग नैन सुखकारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी.......
तुम्हे साधन कर अपनाऊ ये मेरे हाथ नही,
तुम ही प्राणों के प्राण यह झूठी बात नही,
तुम स्वामी और मैं दासी भानु दुलारी की,
जाऊ बार बार बलिहारी.........
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया...
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया सबकी आंखों का तारा मन ही मन क्यों जले राधिका मोहन तो है सब का प्यारा वृंदावन...
जमुना तट पर नंद का लाला जब जब रास रचाए रे तन-मन डोले कान्हा ऐसी वंशी मधुर बजाए रे सुध-बुध खोए खड़ी गोपियां जाने कैसा जादू डारा वृंदावन का...
रंग सलोना ऐसा जैसे छाई बदरिया सावन की ऐरी मैं तो हुई दीवानी सावन के मन भावन की तेरे कारण देख बावरे, छोड़ दिया मैंने जग सारा वृंदावन का...
बड़ा नटखट है...
बड़ा नटखट है मां तेरा नंदकिशोर गलियन-गलियन घूमे दधि खाए माखन चोर
तेरा ये लाल मय्या रार मचावे रोज-रोज कुंजन में आन सतावै नंद नंदन के आगे चले ना कोई जोर
वृंदावन में रास रचाए मुरली बजा के श्याम दिल को लुभाए धुन सुन करके सखियों के मन में उठे हिलोर बड़ा नटखट है...
नृत्य करत है नंद को लाला मन का उजला तन का काला मन कुंजन में मेरे मोर मचावै शोर बड़ा नटखट है...
कोई नहीं बम बम का सहारा जंगू ने रो रो करके सबको पुकारा प्रेम के चरणों में है मेरी डोर बड़ा नटखट है...
रात श्याम सपने में...
रात श्याम सपने में आए मेरे दही पी गए सर्रर्रर्र
जब ही श्याम मेरी खिड़की खोली खिड़की कर गई चर्र र र्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरी बहियां पकड़ी बहियां कर गई तर्र र्रर्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरो माखन खायो मटकी फोड़ी कर्र र्र र्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरी चुनर झटकी चुनर उड़ गई फर्रर्र र्र रात श्याम...
चंद्र सखी भज बाल कृष्ण छवि भव से तर जाए तर्र र्र र्र रात श्याम...
रात श्याम सपने में आए मेरे दही पी गए सर्रर्रर्र
छोटी-छोटी गइयां...
छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल आगे-आगे गइयां पीछे-पीछे ग्वाल बीच में मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां...
काली-काली गइयां गोरे-गोरे ग्वाल श्याम वदन मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल छोटो-सो मेरो
मदन गोपाल घास खाएं गइयां दूध पीवे ग्वाल माखन खावे मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां...
छोटी-छोटी लकुटी छोटे-छोटे हाथ बंसी बजावे मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल
छोटी-छोटी सखियां मधुबन बाग रास रचावे मेरो मदन गोपाल छोटी-छोटी गइयां छोटे-छोटे ग्वाल छोटो सो मेरो मदन गोपाल
श्याम हमारे घर आ जाना...
आ जाना, आ जाना, आ जाना जब भूख लगे तुम्हें श्याम, हमारे घर आ जाना खा जाना, खा जाना, खा जाना माखन आ के सुबह-शाम, हमारे घर खा जाना आ जाना...
पनघट पर भरने जाऊं जब पानी गगरी मेरी तुम्हें होगी उचवानी हंस के-हंस के बातें बना के, मुरली पड़ेगी सुनानी करने भी होंगे मेरे काम, हमारे घर आ जाना खा जाना...
करनी ना होगी तुम्हें माखन की चोरी कोई शिकायत करे न ब्रज की गोरी ग्वालन के संग में, रोको न पग में मटकी न जाएगी फोरी तंग करना न कोई ब्रजवाम, हमारे घर आ जाना आ जाना...
सोने की थाली में भोजन कराऊं गंगा जल झाड़ी रखूं बीड़ा खिलाऊं सेज बिछा के, तकिया लगाऊं प्रेम से तुम कूं सुलाके, 'प्रभु' दाबुंगी धीरे-धीरे पाम हमारे घर आ जाना खा जाना...
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
तेरी सवारी सूरत पर वारि रे ,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
यमुना तट हरी धेनु चरावे,
मधुर मधुर सुर वेणु भजावे,
काँधे कमरिया कारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
मोर मुकट पीताम्भर सोहे,
देख रूप मुनि घन मोहे,
कुण्डल की छवि न्यारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
वृन्दावन में रास रचावे,
गोप गोपिका संग मिल गावे,
नो पुर की धुन गा री रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
भक्त हित हरी रूप बनाया ब्रह्मा नंद मेरे मन भाया ,
चरण कमल बलिहारी रे,
मुझे दे दर्शन गिरधारी रे
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
छवि लगी मन श्याम की जब से २-
भई बावरी मैं तो तब से २-
बाँधी प्रेम की डोर मोहन से २-
नाता तोड़ा मैंने जग से २-
ये कैसी पागल प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
ये कैसी निगोड़ी प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मोहन की सुन्दर सूरतिया २-
मन में बस गयी मोहनी मूरतिया २-
जब से ओढ़ी शाम चुनरिया २-
लोग कहे मैं भई बावरिया २-
मैंने छोड़ी जग की रीत ये दुनिया क्या जाने २-
हर दम अब तो रहूँ मस्तानी २-
लोक लाज दीनी बिसरानी २-
रूप राशि अंग अंग समानी २-
हे रत हे रत रहूँ दीवानी २-
मई तो गाऊँ ख़ुशी के गीत ये दुनिया क्या जाने २-
मोहन ने ऐसी बंसी बजायी २-
सब ने अपनी सुध बिसरायी २-
गोप गोपिया भागी आई २-
लोक लाज कुछ काम न आई २-
फिर बाज उठा संगीत ये दुनिया क्या जाने २-
भूल गयी कही आना जाना २-
जग सारा लागे बेगाना २-
अब तो केवल शाम सुहाना २-
रूठ जाये तो उन्हें मनाना २-
अब होगी प्यार की जीत ये दुनिया क्या जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
हम प्रेम नगर की बंजारन २-
जप तप और साधन क्या जाने २-
हम शाम के नाम की दीवानी २-
नित नेम के बंधन क्या जाने २-
हम बृज की भोली गंवारनिया २-
ब्रह्म ज्ञान की उलझन क्या जाने २-
ये प्रेम की बाते है उद्धव २-
कोई क्या समझे कोई क्या जाने २-
मेरे और मोहन की बातें २-
या मै जानू या वो जाने २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
शाम तन शाम मन शाम हैं हमारो धन २-
आठो याम पूछो हमें शाम ही सो काम हैं २-
शाम हिये शाम पिए शाम बिन नाही जिए २-
आंधें की सी लाकडी आधार शाम नाम है २-
शाम गति शाम मति शाम ही हैं प्राणपति २-
शाम सुख दायी सो भलाई आठो याम हैं २-
उद्धव तुम भये बवरे पाथी ले के आये दोड़े २-
हम योग कहा राखे यहाँ रोम रोम शाम है २-
क्या जाने कोई क्या जाने २-
मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने २-
मुरली बजा के मोहना क्यों कर लिया किनारा।
अपनों से हाय कैसा व्यवहार है तुम्हारा॥
ढूंढा गली गली में, खोजा डगर डगर में।
मन में यही लगन है, दर्शन मिले दुबारा॥
मुरली बजा के मोहना...
मधुबन तुम्ही बताओ, मोहन कहाँ गया है।
कैसे झुलस गया है, कोमल बदन तुम्हारा॥
मुरली बजा के मोहना...
यमुना तुम्हीं बताओ, छलिया कहाँ गया है।
तूँ भी छलि गयी है, कहती है नील धारा॥
मुरली बजा के मोहना...
दुनियां कहे दीवानी, मुझे पागल कहे जमाना।
पर तुमको भूल जाना, हमको नहीं गवांरा॥
मुरली बजा के मोहना...
तेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया।
ओड़ के आई मैं तो लाल चुनारिया,
मटकी उठा के मैं तो बन गयी गुजरिया।
मैं तो कर आई सोला श्रृंगार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
तेरे पीछे मैं तो आई अकेली,
बड़े गोप की नयी नवेली।
आई हूँ करने मनोहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
जब से लगी है तेरी लगनवा,
बिसर गयो मोहे घर आंगनवा।
मैं तो छोड़ आई सारा संसार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
साँवरिया ऐसी तान सुना…
रस की धार बहे इस मन में,
अनुपम प्यार बहे इस मन में
तेरी याद ना विसरे इक पल,
ऐसा मस्त बना, साँवरिया ऐसी तान सुना…
भूली फिरू मैं सदन कुंजन में,
बृज की चिन में दिव्य लतन में ।
रसिकन की पग रज मस्तक की,
देवे लेख जगा, साँवरिया ऐसी तान सुना…
नयनन हो में लै अंसुअन का,
पग पग थिरक उठे जीवन का ।
हर इक प्राण पुकारे पी पी,
ऐसी तार हिला, साँवरिया ऐसी तान सुना…
हर पल तेरा रूप निहारूं,
मैं सोवत जागत तुम्हे पुकारूँ
हरी हरो मन की कुटलाई,
प्रेम की ज्योत जगा, साँवरिया ऐसी तान सुना…
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
तीसरा नज़रे मिलाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
तीसरा घुंघरू बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
तीसरा सपनो में आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ||
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे,
तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे ।
मस्तक पर मलियागिरी चन्दन,
केसर तिलक लगाया ।
मोर मुकुट कानो में कुण्डल,
इत्र खूब बरसाया ।
महकता रहे यह दरबार सांवरे,
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
बागो से कलियाँ चुन चुन कर,
सुन्दर हार बनाया ।
रहे सलामत हाथ सदा वो,
जिसने तुझे सजाया ।
सजाता रहे वो हर बार सांवरे
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
बोल सांवरे बोल तुम्हे मैं,
कौन सा भजन सुनाऊँ ।
ऐसा कोई राग बतादे,
तू नाचे मैं गाऊं ।
नचाता रहूँ मैं हर बार सांवरे,
तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी रहो नज़र उतार कितना प्यारा
तेरी रहू नजर उतार,
सांवरिया तुझको किसने सजाया है,
तुझे सुन्दर से से सुंदर गजरा पहनाया है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी...........
केसर चदन तिलक लगा कर सज धज के बेठो है,
लग गये तेरे चार चाँद जो पहने तूने हार,
कितना प्यारा है सिंगर ....
सांवरिया तेरा चेहरा चमकता है,
तेरा कीर्तन बहुत बड़ा दरबार महक ता है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
किसी भगत से कह कर कान्हा काली टिकी लगवा ले,
याद फिर तू बोले तू लेयोई राइ बाण,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया तेरे भगतो को तेरी फिकर,
कभी लगना जाये तुझे दुनिया की बुरी नजर,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
पता नही तू किस रंग का है
आज तक न जानत सखी,
बनवारी हम ने देखे है तेरे रंग हज़ार,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया थोरा बच बच के रहना जी,
कभी मान भी लो कन्हा भगतो का कहना जी,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
कोई जाये जो वृन्दावन, मेरा पैगाम ले जाना,
मैं खुद तो जा नहीं पाऊँ, मेरा प्रणाम ले जाना ।
ये कहना मुरली वाले से मुझे तुम कब बुलाओगे,
पड़े जो जाल माया के उन्हे तुम कब छुडाओगे ।
मुझे इस घोर दल-दल से, मेरे भगवान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
जब उनके सामने जाओ तो उनको देखते रहना,
मेरा जो हाल पूछें तो ज़ुबाँ से कुछ नहीं कहना ।
बहा देना कुछ एक आँसू मेरी पहचान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
जो रातें जाग कर देखें, मेरे सब ख्वाब ले जाना,
मेरे आँसू तड़प मेरी..मेरे सब भाव ले जाना ।
न ले जाओ अगर मुझको, मेरा सामान ले जाना ॥
कोई जाये जो वृन्दावन...
मैं भटकूँ दर ब दर प्यारे, जो तेरे मन में आये कर,
मेरी जो साँसे अंतिम हो..वो निकलें तेरी चौखट पर ।
‘हरिदासी’ हूँ मैं तेरी.. मुझे बिन दाम ले जाना॥
कोई जाये जो वृन्दावन मेरा पैगाम ले जाना
मैं खुद तो जा नहीं पाऊँ मेरा प्रणाम ले जाना ॥
Shrijirasik
मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
ओ साँवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मेरी कुछ भी ना औकात थी,
बिगड़ी मेरी हर एक बात थी,
ऐसा मुझपे करम कर दिया,
खुशियों की मुझको सौगात दी,
हर एक विपदा मेरी,
को तुमने हर लिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मेरी हर एक जरुरत प्रभु,
आपने पूरी कर दी प्रभु,
मांगने भी ना मुझको दिया,
पहले ही झोली भर दी प्रभु,
तेरा ही दिया मैंने,
प्रभु खाया और पिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
तेरे काबिल कहाँ मैं हरि,
फिर भी तुमने है करुणा करी,
हर जनम बस करते रहे,
‘हम सभी’ तेरी नौकरी,
हमें वृन्दावन बसा के,
उपकार ये किया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
मुझे जो भी कुछ मिला है,
तुमने ही सब दिया है,
ओ साँवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है,
ओ सांवरे दाता मेरे,
तेरा शुक्रिया है ॥
राधे राधे बोल श्याम आएंगे
राधे राधे बोल श्याम आयेंगे
आयेंगे श्याम आयेंगे
वृंदावन कहा दूर है
बरसाना कहा दूर है
सब तेरी नज़र का कसूर है
राधे राधे.......
निकले का तेरी भगती का परिणाम
तेरे घर भी आयेंगे घनश्याम
बस याद कर बस फर्याद कर
ना यू जीवन बर्बाद कर
बीते दिन लौट ना आयेंगे
राधे राधे.......
ना देखे कोई धर्म करम ना जात
जाने बस भग्तो के दिल की बात
वो बस जान ले पहचान ले
इक बार वो अपना मान ले
फिर आकर गाले लगाएँगे
राधे राधे.........
लाखो में किसी एक को चुनते है
अनदर की आवाज को सुनते है
बस जान ले पहचान ले
इक बार वो अपना मान ले
फिर आकर गाले लगाएँगे
राधे राधे.........
प्रेम के आंसू जिनके बहते है
उनके तो हरि अंग संग रह्ते है
मैं भी प्यासी हु हरिदासी हु
राधा जू की खासम खास हु
सुन कर प्रभू देर ना लगायेंगे
राधे राधे........
Shrijirasik
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
सात कोस की है परिकम्मा,
मैं तो मानसी गंगा नहाऊं मेरे वीर
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
सात सेर की करी रे करियां
मैं तो संतन न्यौंत जिमाऊं मेरे वीर
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर,
चन्द्रसखी भज बालकृष्ण छवि,
मैं तो हरि दर्शन को पाऊँ मेरे वीर,
नाही माने मेरो मनवा,
मैं तो गोवर्धन कूँ जाऊं मेरे वीर
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
तन मन जीवन श्याम का, श्याम हम्मर काम।
रोम रोम में राम रहा, वो मतवाला श्याम।
इस तन में अब योग नहीं कोई ठिकाना॥
उधो इन असुवन को हरी सनमुख ले जाओ।
पूछे हरी कुशल तो चरणों में दीओ चढाओ ।
कहिओ जी इस प्रेम का यह तुच्छ नजराना॥
प्रेम डोर से बंध रहा जीवन का संयोग।
सुमिरन में डूबी रहें, यही हमारा योग।
कानो में रहे गूंजता वंशी का तराना॥
इक दिन नयन के निकट रहते थे आठों याम।
अब बैठे हमे विसार के, वो निर्मोही श्याम।
दीपक वो ज़माना था, और यह भी यमाना॥
सब तंत्र और मन्त्र क्रिया विधि से, मुरली ध्वनी प्रयोग बड़ा हैं
हरी कृष्ण सभी सत वयंजन में, अधरामृत मोहन भोग बड़ा है
जग में वही औषधि है ही नहीं, सब रोगों में प्रेम का रोग बड़ा है
जिसे योगी पतंजलि ने भी रचा, उस योग से कृष्ण वियोग बड़ा है
सामने आओगे या आज भी पर्दा होगा,
रोज़ अगर ऐसा ही होगा तो कैसा होगा ।
मौत आती है तो आ जाए कोई गम ही नहीं,
वो भी तो आएगा तो मेरा मसीहा होगा ।
मैंने मोहन को बुलाया है वो आता होगा,
तुम भी आना मेरे घर आज तमाशा होगा ।
हम गुहगारो ने सोचा ही नहीं था प्यारे,
जिक्र मोहन की गली में भी हमारा होगा ।
कमली श्याम दी कमली नी में कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का, सुध बुध मेरी खोयी,
नी में कमली होई॥
१, सखी पनघट पर यमुना के तट पर लेकर पहुंची मटकी,
भूल गयी सब एक बार ही जब छवि देखि नटखट की,
देखत ही में हुईं बाँवरी उसी रूप में खोयी,
देखत ही में हुईं बाँवरी उसी रूप में खोयी,
नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
२, कदम के नीचे अखियाँ मीचे,
खड़ा था नन्द का लाला,
मुख पर हंसी हाथ में बंसी मोर मुकुट माला,
तान सुरीली मधुर नशीली तान सुरीली मधुर नशीली तनमन दियो भिगोई,
नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
३, सास नन्द मुझे पल पल कोसे हर कोई देवे ताने,
बीत रही मुझ बिरहन पर ये कोई ना जाने
पूछे सब निर्दोष बाँवरी तट पे तू कहे गयी॥
नी मैं कमली होई नी मैं कमली होई॥
कमली श्याम दी कमली,
रूप सलोना देख श्याम का सुध बुध मेरी खोयी,
नी मैं कमली होई कमली श्याम दी कमली॥
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन,सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन, सुखकारी राधे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मोर मुकुट, मकरा कृत कुण्डल, गल वैजयंती माला ll
चरणन नुपर, रसाल राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
सुन्दर वदन, कमल-दल लोचन,बांकी चितवन हारी ll
मोहन वंशी, विहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
वृन्दावन में, धेनु चरावे, गोपी जन मन हारी ll
श्री गोवेर्धन, धारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधा कृष्ण, मिले अब दोऊ, गौर रूप अवतारी ll
कीर्तन धर्म, प्रचारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
तुम बिन मेरा, और ना कोई, नाम रूप अवतारी ll
चरणन में, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
नारायण, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे राधे, श्याम, राधे राधे, श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे llll
Shrijirasik
आप आए नहीं और खबर ही ना ली,
खत लिख लिख के भेजे तमाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम....
हम तो हुए हैं कान्हा तेरे ही दीवाने,
चाहे तू माने या चाहे ना माने,
आंखों में छाए मेरे दिल में समाए,
बस होठों पर है तेरा नाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम....
संग की सखियां हुई तेरी ही दीवानी,
दिन रात रोती वहे आंखों से पानी,
देती सुनाई हमें मुरली सुहानी,
गीत छेड़े बिरह के तमाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम..
वृंदावन में रास रचाया,
गोवर्धन में गिर को उठाया,
बृज गोपी का चिर चुराया,
श्याम कैसा दिया है इनाम,
सुध ले लो मेरी घनश्याम.....
मेरा छोटा सा संसार,
हरि आ जाओ एक बार ll
हरि आ जाओ, प्रभु आ जाओ l
मेरी नईया, पार लगा जाओ l
*मेरी बिगड़ी, आ के बना जाओ l
भक्तों की, सुनो पुकार,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
जब याद, तुम्हारी आती है l
रह रह के मुझे, तड़पाती है l
तन मन की, सुध बिसराती है l
दूँ तन मन धन, तुझ पे वार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
लाखों को दर्श, दिखाया है l
प्रभु मुझको क्यों, तरसाया है l
ये कैसी तुम्हारी, माया है l
नित बहती है, असुवन धार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
मुझको बिछुड़े, युग बीत गए l
क्यों रूठ मेरे, मन मीत गए l
मै हार गया, तुम जीत गए l
अब दर्शन, दो साकार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,,
इस जग में, कौन हमारा है l
प्रभु तेरा ही, तो सहारा है l
तेरे भक्त ने, तुझे पुकारा है l
मेरी नईया, लगा दो पार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,,
तुमने मैख़ाना निगाहों में छुपा रखा है।
होश वालो को भी दीवाना बना रखा है॥
तेरी बांकी अदा ने ओ सांवरे,
हमें तेरा दीवाना बना दिया।
तेरा टेढ़ा मुकुट तेरी टेढ़ी छटा,
तेरा बांका मुकुट तेरी बाँकी छटा,
हमें तेरा दीवाना बना दिया॥
तूने हमें भी आशिक़ बना दिया ॥
तेरा प्यार है मेरी ज़िन्दगी,
मेरा काम है तेरी बन्दगी,
जो तेरी ख़ुशी वो मेरी ख़ुशी।
तेरी इक नज़र का सवाल है,
हमें होश है न ख्याल है,
तूने हमें दीवाना बना दिया॥
तेरी बांकी अदा ने...
मेरे दिल में तूं ही तूं बसा,
मुझे छाया तेरा ही नशा,
मैं जिस्म हूँ मेरी जान तूँ।
तेरा जादू जब से सवार है,
मुझे चैन है ना करार है,
तूने हमे भी कायल बना दिया॥
तेरी बांकी अदा ने...
मेरी जिंदगी का नाज़ तूँ ,
मेरी हर ख़ुशी का राज तूँ,
तेरी हर अदा सबसे जुदा।
ये जो हल्का हल्का सुरूर है ,
ये तेरी नज़र का कसूर है ,
तूने हमें भी आशिक़ बना दिया ॥
तेरी बांकी अदा ने..
नागनिया बन के डस गई मोहन तेरी बांसुरिया,
मेर गई कलेजा चीर मोहन तेरी बांसुरिया,
रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे चमकें बिजुरिया,
मैं कैसे आऊं श्याम मेरी तो भींगे चुनरिया,
नागरिया बन के डस गई.............
जमुना जल में भरन जाता है सिर पे गागरिया,
अरे ऐसी मारी काकुल मेरी फोड़ी गागरिया,
नागनिया बन के डस गई.........
सास भी सोये नन्द भी सोये जागें सांवरिया,
अरे मैं कैसे आऊं श्याम मेरी तो बाजे पायलिया,
नागनिया बन के डस गई..........
हम जमुना जल भरन जाता है मिल गये सांवरिया,
वे लेकर चीर क़दम चढ़ बेटे रह गई नागनिया,
नागनिया बन के डस गई मोहन तेरी बांसुरिया..........
ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,
तू काला होकर भी जग से निराला क्यों॥
मैंने काली रात को जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
मेरी कमली भी काली है,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का भी दिल काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
मैंने काली नाग पर नाच किया,
और काली नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग काला,
इसलिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग काला,
इसलिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे कान्हा....
मेरा गोपाल गिरधारी ज़माने से निराला है।
ना गोरा है ना कला है, वो मोहन मुरली वाला है॥
कभी सपनो में आ जाना, कभी रूपोश हो जाना।
यह तरसाने का मोहन ने निराला ढंग निकाला है॥
कभी वो रूठ जाता है, कभी वो मुस्कुराता है।
इसी दर्शन की खातिर तो बड़ी नाजो से पाला है॥
मज़े से दिल में आ बैठो, मेरे नैनो में बस जाओ।
अरे गोपाल मंदिर यह तुम्हारा देखा भाला है॥
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे घनश्याम सांवरिया मेरे -2
तेरे बिन मेरा है कौन यहां,प्रभु तुम्हे छोड़ अब जाऊं कहाँ ,
मैं तो आन पड़ा दर तेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा.....
मैने जन्म लिया जग में आया ,तेरी किरपा से नर तन पाया -2
तूने किये उपकार घनेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
मेरे नैना कब से तरस रहे ,सावन भादों हैं बरस रहे ,
छाए घनघोर अँधेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
हरी आ जाओ-2 ,अब और न हमको तरसाओ ,
काटो जन्म मरण के फेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
जिस दिन से दुनिया में आया ,मैने पल भर चैन नहीं पाया ,
सहे कष्ट पे कष्ट घनेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा। .....
मेरे सारे सहारे छूट गए ,तुम भी जो मुझसे रूठ गए ,
आओ करने दूर अँधेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे -2
मेरा कोई न सहारा। .....
तेरे बिन मेरा है कौन यहां,प्रभु तुम्हें छोड़ अब जाऊं कहाँ ,
मैं तो आन पड़ा दर तेरे ,घनश्याम सांवरिया मेरे।
मेरा कोई न सहारा.....
घनश्याम सांवरिया मेरे-2
मेरा कोई न सहारा बिन तेरे घनश्याम सांवरिया मेरे -2
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