॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe Krishna - Vatsalya Bhav
राधे कृष्ण - वात्सल्य भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
Shrijirasik
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
बीते ना उमर यूंही झूठी जग आस में।
दौड़ चले हम कुंवरी राधिका के पास में।
जन्मों की बिगड़ी पल मे भानुजा संवारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अंश है सभी हम यूं तो नंदजू के लाल के।
विमुख हुए ज्यों सखी पड़े मुख काल के।
जीवन मरण से केवल कुंवरी उबारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अधमों को तारे अलग ही रीति से।
मिलन कराती अपने सांवरे से मीत से।
महल के द्वारे पतितों को सत्कारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
होगे निराश जब तुम जग की नातेदारि से।
प्रीत मिलेगी सांची बरसानेवारी से।
माधुरी रंगीली पे निज प्राणन वारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।
तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥
तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।
तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।
तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।
ओ रे...
तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।
तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।
तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।
तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।
तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्गुरुओं के घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।
तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।
तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।
ओ रे...
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
कांन्हा आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,कुण्डल बन जाऊं
कानों में रहकर,तेरी शोभा बढ़ाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया मैं,माला बन जाऊं
गले की शोभा बन,हृदय से लग जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आवो तो सही...
कहो तो कन्हैया,तेरी बासुरीं बन जाऊं
हाथों में रहकर,अधरों पे सज जाऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
कहो तो कन्हैया,पागल मामा हो जाऊं
चरणों में रहकर,अपना जीवन बिताऊं
कान्हां आवो तो सही,श्याम आवो तो सही
सेवा कुंज में,राधा रानी ऐकली खड़ी
कांन्हा आओ तो सही...
साडे ईक वारी आजा ओ रगिलें रसिया-2
ओ रगिलें रसिया,ओ छबिलें रसिया-2
Shrijirasik
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.....
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
श्याम राधिका गाऊँ,
मैं श्याम राधिका गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
सौ रज शीश नवाऊ,
सौ रज शीश नवाऊ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
Shrijirasik
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
धरी है शीश पे मटकी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
फिर आखिर को यही होगा,
मोहब्बत छूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
गले में डाल बईया,
बला से टूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
Shrijirasik
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे....
वृंदावन ब्रज की राजधानी,
यहाँ बसे ठाकुर ठकुरानी,
मधुर मिलन की साक्षी देते,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
सेवा कुञ्ज और यमुना का पानी,
पूण्य प्रेम रस में आत्मा भिगोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
कृष्ण राधिका एक है,
इनमे अंतर नाही,
राधे को आराध लो,
कृष्णा तभी मिल जाए,
प्रथक प्रथक कभी इनको ना तोलो,
जब भी नैन मुंदो जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो राधे कृष्णा बोलो........
जब भी नैन मूंदो,
जब भी नैन खोलो,
राधे कृष्णा बोलो,
राधे कृष्णा बोलो
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा,
जय राधे कृष्णा हरे हरे........
Shrijirasik
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,
रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,
श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,
मैं वी उड के श्याम दा सोहणा दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
श्याम दिया संगता जदों दर ते आनगीया,
अमृत भरा संगत जद लंगर खावनगीया,
संगता दिया चरणा दी,,
संगता दे चरणा दी धूल मथे उत्ते लावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
रोज सवेरे मैं फूल तोड़ ले आवांगी,
श्याम जी दे चरणा विच आन चढावांगी,
हर वेले श्याम दा,,
हर वेले श्याम दा नित दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
Shrijirasik
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
1 ) मुरली की धुन हमे सोने ना देती……..2
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती……..2
मुरली की धुन हमे सोने ना देती
बन्सी बेचारी किसी का क्या लेती
बेरन बहुत सतावे है
मुरली ना बजाओ…….2
2 ) ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी……..2
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी………..2
ये बाँसुरी राधे प्राणों से प्यारी
हमको लगे हैं ये सौतन हमारी
काहे तू जल जल जावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
3 ) हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली……….2
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली……….2
हमसे करो ना कन्हिया ठिठोली
बोले मुरलिया ये प्रेम की बोली
जमुना पे हमको बुलावे है
मुरली ना बजाओ…….2
4 ) बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली………2
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी………..2
बन्सी से रूठो ना बरसाने वाली
भूलन भुलावे ये शुद्ध बुद्ध सारी
मेरे मन को भावे है
सुन के दौड़ी आओ……..2
मुरली चैन चुरावे है मुरली ना बजाओ…….2
मुरली ना बजाओ बन्सी ना बजाओ……..2
बन्सी ना बजाओ मुरली ना बजाओ………2
राधे राधे गावे है सुन के दौड़ी आओ……..2
Shrijirasik
https://www.bhajanganga.com/bhajan/lyrics/id/32976/title/Maiya-Matki-Fod-Di-Meri
री मैया कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी.............2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
1 ) मैं तो पनिया भरन जब जाऊँ , मेरे पीछे-पीछे आवे.........2
फिर अपनी गुलेल से कान्हा , मटकी पे निशाना लगावे...........2
मटकी पे निशाना लगावे , करता माखन की चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
2 ) श्याम मुरली मधुर बजाए ,जब गईया चरावे जाए.............2
जमुना के किनारे कन्हैया , राधा संग रास रचावे..........2
राधा संग रास रचावे कान्हा , करता बरजोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
3 ) मेरे गिरधर मोहन प्यारे , बेबी लिखे भजन तुम्हारे...........2
जिया भी भजन सुनाए , और तेरी राह निहारे.........2
और तेरी राह निहारे , दिल मेरा करता जो चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
Shrijirasik
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय मथुरा गोकुल गोवर्धन
जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन
जय बरसाना, जय नंदगाव
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय ब्रज रज, जय जय गोधन
जय जय ग्वाल सखा गोपीजन
जय ब्रजवासिन, जय ब्रज बाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय ब्रजमण्डल जय ब्रज रसिकन
जय जय ब्रज के संत भक्त जन
जय जय लत्ता पता अभिराम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
❛मधुप हरि❜ ठाकुर ठकुरानी
जय ब्रजराजा जय ब्रजरानी
जय राधा माधव छवि धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम-२।
Shrijirasik
1. अपना मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2
मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
2 . तेरी लगन में मगन हूँ करता तेरा भजन हूँ -2
निज धाम में बुलालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
3 . ऊंची अट्टारी वारी वृषभानु की दुलारी -2
चाकर मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
4 . ब्रज स्वामिनी श्री राधा हरलो ये भव की बाधा -2
मुझ दीन को सम्भालो हे करुणामयी किशोरी-2
अपना मुझे बनालो हे.....
5 . दर दर ‘‘मधुप’’ है भटका चरणों में तेरे अटका -2
मुझे चरणों से लगालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2
बोलो बरसाने वारी की जय।
Shrijirasik
वे राधा तैनूं वाज़ां मारदी
वे राधा तैनूं, वाज़ां मारदी, वाज़ां मारदी,
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी ॥
मेरा बड़ा, औखा हो गया, औखा हो गया,
मेरा, लगदा ना, दिल बिन तेरे,
मेरा बड़ा, औखा हो गया ॥
दुनियां, तो चोरी तैनूं, दिल च वसाया ए ।
बिना, फेरियां तो तैनूं, अपना बनाया ए ॥
मेरा, लंघदा, मेरा लंघदा,
मेरा लंघदा ना, पल बिन तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरे बिना, दुख मेरा, सुनदा ना कोई वे ।
याद तैनूं, कर कर, अख जांदी रोई वे ॥
किते, पा देवे, किते, पा देवे,
किते पा देवे, बरसाने विच फेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरियां, यादां ने मैनूं, वद्ध वद्ध खा लिया ।
तेरी, तस्वीर नूं मैं, दिल च वसा लिया ॥
हुण, औंदे ने, हुण औंदे ने,
हुण औंदे ने, ख्याल मैनूं तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
गोचर, वाले दी नी तूं, सुन लै पुकार नी ।
बेड़ी, सिंदर दी कर, भव सागर तो पार नी ॥
लखवीर लिखदा, लखवीर लिखदा,
लखवीर लिखदा, ए बोल तेरे मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
Shrijirasik
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
राधे के सिंगार की छवि न्यारी
कृष्ण मुग्ध हो गए देख के
माथे पर बिंदी लाल सजी है
आंखों में काजल की रेखा
गले में मोतियों की माला
हाथों में चूड़ियां खनकती
पीली साड़ी में सजी राधा रानी
श्याम के संग राधा सोहे
प्रेम का सिंगार सबसे प्यारा
राधे कृष्ण का मिलन सुंदर
Shrijirasik
राधे-राधे रटो, चले आएंगे बिहारी।
आएंगे बिहारी, चले आएंगे बिहारी ॥ टेर ॥
राधा मेरी चंदा, चकोर हैं बिहारी
राधे-राधे रटो, चले आएंगे बिहारी
राधा-रानी मिश्री, तो स्वाद हैं बिहारी
राधे-राधे रटो, चले आएंगे बिहारी
राधा मेरी गंगा, तो धार हैं बिहारी
राधे-राधे रटो चले आएंगे बिहारी
राधा-रानी तन हैं,तो प्राण हैं बिहारी
राधे-राधे रटो, चले आएंगे बिहारी
राधा-रानी सागर, तरंग हैं बिहारी
राधे-राधे रटो चले आएंगे बिहारी
राधा-रानी मोहनी, तो मोहन बिहारी
राधे-राधे रटो चले आएंगे बिहारी
राधा-रानी भोली-भाली, तो चंचल हैं बिहारी
राधे-राधे रटो चले आएंगे बिहारी
राधा-रानी पैंजनी, तो कंगन हैं बिहारी
राधे-राधे रटो चले आएंगे बिहारी
राधा-रानी मुरली, तो तान हैं बिहारी
राधे-राधे रटो चले आएंगे बिहारी
राधा मेरी गोरी, तो सांवरे बिहारी
राधे-राधे रटो चले आएंगे बिहारी
Shrijirasik
मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
गीत बन जाऊं तेरी,
बांसुरी के स्वर का,
इठलाती बलखाती,
पतली कमर का,
पीला पटका बन जाऊं,
पीला पटका बन जाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
घुँघरू बनूँ जो तेरी,
पायल का प्यारे,
पल पल चूमा करूँ,
चरण तुम्हारे,
तेरे संग संग नाचूँ गाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
राधिका किशोरी संग,
रमण तुम्हारा,
मुझ को दिखा दो कभी,
ऐसा नज़ारा,
फिर चाहे मैं मर जाऊं,
फिर चाहे मैं मर जाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
मनमोहन तुझे रिझाऊं,
तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं,
बसा के तुझे नैनन में,
छिपा के तुझे नैनन में ॥
Shrijirasik
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठानी है
यह तो जाने दुनिया सारी है
राजाओ के राजा, महारानी की रानी,
सर मोर मुकुट साजे ।
जोड़ी बड़ी प्यारी, दरबार है प्यारा,
राधा के संग साजे ।
सोने पल में सेठ, सोने पल में सेठानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
सांवरिया राधा जी, भक्ता पे है राजी,
करे घणो लाड है ।
भण्डार लुटावे है, हर बात बनावे है, भक्ता रा ठाट है,
देवे छपर फाड़, नहीं इनसो कोई दानी है ।
यह तो सारी दुनिया जानी है...
सुख दुःख में सावरिया, सुख दुःख में राधा जी,
सदा तेरे साथ है ।
मेरी चिंता दूर करे, मेरी विपदा दूर करे,
रख लेवे बात है ।
भक्ता रोतो काम बस इक हाजरी लगानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
Shrijirasik
सब कुछ दिया है तुमने इतना और सरकार देदो
यह हटा के प्यार सबका अपना ही प्यार देदो
मैं ढूंढूं जंगलों में बस्ती में तुझको ढूंढूं
गर हो सके तो मुझको अपना दीदार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
ऐसी पिला दे मुझको खुद तक को भूल जाऊं
अपनी मस्ती भरी हुयी चितवन का खुमार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
लुट गयी है दिल की दुनिया यह झूठा प्यार करके
मिलने की है तमन्ना मुझको करार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
गर हो गए मेहरबान पागल पे नंदनंदन
यह छुड़ा के द्वार झूठा अपना वो द्वार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
Shrijirasik
जिसके जप तप से मिलता है, तन मन को आराम,
वो राधा का श्याम, वो मीरा का घनश्याम,
सारे जग का एक खेवैया, सबका पार लगैया,
मीरा का घनश्याम कहे कोई, राधा का वो कन्हैया,
सबके मन को शीतल करता, वो प्यारा सा नाम ll
राधा का वो रास रचैया, मीरा के करुणाकर,
धन्य किया मीरा को प्रभु ने, अपना दरश दिखाकर,
अमर हुए हैं भक्त प्रभु के, करे जो ऐसा काम ll
राधे श्याम की मूरत जग में, लगती बड़ी सुहानी,
मीरा जैसी भक्ति रंग में, डूबे जो भी प्राणी,
तन मन धन से रहे समर्पित, प्रभु में आठों याम ll
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
राधा रानी से पुछा आज, श्याम तोहे कैसे मिले
कैसे मिले श्याम कैसे मिले
राधा रानी से पुछा आज,श्याम तोहे कैसे मिले
राधा रानी...
पनघट पे मैं पनिया भरंन गई,मोहे मिल गयो नंद कुमार
श्याम मोहे ऐसे मिले
राधा रानी...
मीरा जी से पुछा गिरधर कैसे मिले,
कैसे मिले गिरधर कैसे मिले
मीरा जी से...
विष का प्याला पिया था मैंने,गिरधर
गिरधर गाया था मैंने
अम्रित बनाया एक बार,गिरधर ऐसे मिले
राधा रानी...
कुब्जा से पुछा आज,मोहन तुम्हें कैसे मिले
कैसे मिले मोहन कैसे मिले
राधा रानी...
मात्थै पे मैंने चन्दंन लगाया,कुब्जा से
सुंदर नार बनाया
किस्मत बदल गई आज,मोहन मुझे ऐसे मिले
राधा रानी...
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
कैसे जाऊँ सखी मैं पनियां भरन,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर...-2
यमुना तट पर बंसी बजाये,
मनमोहन सबके मन भाये,
ललिता चंदा गोपीयन के संग,
होली खेले रास रचाये.....-2
लीला नीसदिन दिखाये वो सांझ से भोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
नित नित मोरी राह तकत है,
नटखट मौसे जब भी मिलत है,
कंकड़ मारे फोड़े गगरिया
ढीट ना माने झगड़ा करत है...-2
मोरी झटके सिर से चूनर चितचोर,
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
छोड़ दे बैंया कृष्ण कन्हैया
ताना देंगी सारी सखियां,
चोरी चोरी में आई हूं
घर जाने दो ओ सांवरिया....-2
कहीं देखे ना सास ननदिया मोर
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर......
कैसे जाऊं मैं पनिया भरण को सखी
देखो कान्हा खड़े है ब्रिज की ओर........
Shrijirasik
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
आता नहीं वो किसी के वश में ,
सारी दुनिया उसके वश में ,
कैसे तुमने किया वश में , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
बात बात पर रूठ जाता है ,
नखरे कितने दिखलाता है ,
कैसे रीझ गया तुमपे , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी ,
मना मना कर मैं तो हारी ,
फिर भी ना माना वो बनवारी,
कैसे मान गया तुमसे , श्याम तुम्हें कैसे मिला,
जरा इतना बता दो राधा , श्याम तुम्हें कैसे मिला ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
अखियो में अखिया डाल के मेने ,
कह दिया तुम हो प्रियतम मेरे ,
फिर मान गया कान्हा , श्याम मुझे ऐसे मिला ,
सखी कैसे बताऊ तुम्हें, श्याम मुझे ऐसे मिला ,
Shrijirasik
धुन- मेरी प्यारी बहनियाँ
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे पैईयां ॥
मेरा, छोटा सा, काम करवा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ॥
माथे पे, मईया मेरे, सेहरा सजा दे ।
कानों में, मईया मेरे, कुण्डल पहना दे ॥
ओ मेरा, पीला पीला, पटका सजा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
गले, मईया मेरे, माला पहना दे ।
हाथों, में मईया मेरे, कँगना सजा दे ॥
ओ मेरे, हरी हरी, मेंहदी लगा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
अंग, मईया मेरे, शेरवानी पहना दे ।
पैरों में, मईया मेरे, जूते पहना दे ॥
ओ मेरा, प्यारा सा, रूप सजा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
संग, मईया चाचा, ताऊ भिजवा दे ।
प्यारी, प्यारी मईया, महफ़िल सजा दे ॥
ओ बरसाने से, दुल्हन मँगा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
सुन के, यह बोली, यशोद्धा मईया ।
भए, हो बेशर्म तुम, बड़े ही कन्हईया ॥
ओ पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले,
पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले ॥।
Shrijirasik
तरज़-:ज़िंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
राधा नाम धारा का तो,कोई भी छौर नहीं
राधा नाम में डुबना है तो,बरसानें जाओ जी
राधा नाम अम्रित अनोखा,डुबते जाओ जी
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
राधा राधा रटते -रटते,संत वैष्णव तर गये
जीवन अपना श्यामा श्याम नाम,वह अपना कर गये
नाम रसका चसका लगा,धसका भी तर जायेगा
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
Shrijirasik
तर्ज ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब दल के
रिश्ता मैं जोड़ आई राधे और श्याम से,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
इस दुनिया से मैंने यूँ ही झूठी प्रीत लगाई (मिला ना मुझको भाई,)-2
लड्डू लाल को बना लिया है मैंने अपना भाई,
मैं भी चलूँगी उसकी ऊँगली को थाम के,
लड्डू गोपाल लाई वृन्दावन धाम से,
बांके बिहारी की भी ऐसी (झांकी अज़ब निराली)-2,
मोटी मोटी आंखे उनकी बिन काजल की काली,
अमृत की बूँदें छलकें अखियों के जाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
सज धज कर जब श्याम सलोना (मुरली मधुर बजाये)-2,
चाँद सितारे तुझे निहारें “पाल” तेरे गुण गाये,
चलती है अपनी नैया इनके ही नाम से,
लड्डू गोपाल लाइ वृन्दावन धाम से,
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
सावन की सबको बधाई, श्री राधा रानी झूलन को आई
झूलन को आई श्यामा झूलन को आई
सखियाँ को संग ले आई श्री राधा रानी....
कान्हा जी झूले संग में राधा जी झूले..
देख युगल छवि सावन भी झूमे..
अम्बर घटा घिर आयी.. श्री राधा रानी....
अमुआ की डाली की है शोभा निराली..
मस्ती में गीत गाए ब्रज की सब नारी,
राधा ने चुनरी लहरायी.. श्री राधा रानी......
अम्बर भी झूम रहा धरती भी झूम रही..
हरी भरी बगिया की कलियां भी खिल रही,
पवन चले पुरवाई.. श्री राधा रानी....
सावन की सबको बधाई
Shrijirasik
राधारमण रंगीले ठाकुर,
तुम हो रसिकों के सिरताज,
रसिकों के सिरताज,
तुम हो राखो सबकी लाज,
राधारमण रंगीले.....
मोर मुकुट की छवि निराली,
हाथ बांसुरिया है मतवाली,
कमर पे करधनी लटक रही तेरे,
सिर पे सोहे ताज,
राधारमण रंगीले...........
पीताम्बर पट पीत बिराजे,
गल बैजन्ती माला साजे,
ठुमक ठुमक के जब चलत हो,
पग नुपुर रही बाज,
राधारमण रंगीले...........
तरह तरह के पहरों पटके,
जो दर्शन करें तुमपर अटके,
दीनो के हो सदा सहाई,
तुम हो गरीब निवाज ,
राधारमण रंगीले...........
राधा संग दिल में बस जाओ,
चरणों की मुझे दासी बनाओ,
हाथ पकड़ लो मेरा प्यारे,
बिगड़े संवारो काज,
राधारमण रंगीले...........
Shrijirasik
जो कहानी राम की है वो कहानी श्याम की
राम के संग जानकी है राधा रानी श्याम की
राम और लक्ष्मण की जोड़ी कृष्ण और बलराम की
यह अयोध्या राम की है मथुरा नगरी श्याम की
राम की कौशल्या माता देवकी गोपाल की
राम है मेरे धनुषधारी मुरली है मेरे श्याम की
शबरी के बेर को राम खाये गुजरी का माखन श्याम जी
अवध बिहारी राम जी हैं कुंज बिहारी श्याम जी
राम ने रावण को मारा कंस को श्री कृष्ण ने
राम की सारी नगरिया आसमा मेरे श्याम की
राम है दशरथ के लाल कृष्णा है नंदलाल के
राम की होती दिवाली होली होती श्याम की
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राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन बिहारी,
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
Shrijirasik
मिल जाएं सांवरिया, तोहे मिल जाएं सांवरिया......-3
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया...........
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
राधा नाम को जो भी भूला वो पीछे पछताया,
जिसने राधा नाम आराधा उसी ने श्याम को पाया,
तेरा होगा रे भला तोहे मिल जाये सांवरिया....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
गाले तू राधा राधा जीवन सफल बनाले,
तेरी बिगड़ी बात बनेगी राधा जी के सहारे,
मन का पर्दा हटा, तोहे मिल जाये सावरिया.....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
छोड़ दे पीछा दुनिया का यहाँ कोई नहीं है अपना,
राधा नाम आधार है तेरा बाकि सब है सपना,
मत जीवन गावां, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
राधा नाम के पीछे पीछे डोलें कुञ्ज बिहारी,
पागल राधा नाम का होजा जीवन होवे सुखारी,
पीछा जग से छुड़ा, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
Shrijirasik
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……
क्यों रोज रोज जमुना किनारे कान्हां मुझे बुलाए,
मुख से ना बोले कन्हैया नैनों से बाण चलाए,
तेरे प्यार में लागे ये राधा बहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई………
जब जब आऊँ, जमुना किनारे,
तू छुपके छुपके देखे,
तेरी बिंदिया ले गई निंदिया,
चैन गजरा गया लेके,
तेरी खुशबु में राधा भी महक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
तेरी मीठी मीठी बातों से मोहन,
दिल में प्यार जगे,
तेरे मुखड़े के आगे राधिका,
वो चाँद भी फ़ीका लगे,
तेरे दिल के बागों में मैं चहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
रोम रोम तेरा नाम पुकारे ओ कान्हा कान्हा,
तेरी कसम बिना तेरे राधिके श्याम तेरा आधा,
आग की प्यार गोपाला में लहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
Shrijirasik
हमारे दो ही रिश्तेदार,
एक हमारी राधा रानी,
दूजे बांके बिहारी सरकार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
सेठ हमारे बांके बिहारी,
सेठानी वृशभानु दुलारी,
जो कोई जपता राधे राधे,
वो हो जाये भव से पार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
ममतामयी है राधिका रानी,
हर बात श्याम ने इनकी मानी,
राधा नाम की जड़ी बूटी से ,
होते यहां उपचार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
न कोई चिंता न कोई टेंशन,
राधा नाम है दिल मे मेंशन,
भरी सभा मे कह सकते है,
आई लव यू सरकार ,
हमारे दो ही रिश्तेदार
चाहे जो आनन्द में रहना
मान लो कनिष्क का कहा
हर पल है आनन्द बरसता
अनोखा है ये दरबार
हमारे दो ही रिश्तेदार
Shrijirasik
ओ कान्हा रे, तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
फूलों में कलियों में , वृंदावन की गलियों में ,
तेरे बिना कुछ कहीं ना , तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
जाने कैसे अनजाने ही, आन बसे मेरे मन में,
अपना सब कुछ खो बैठा मैं ,जब से बसे मेरे दिल में,
भक्ति के अफसाने, मैं जानू तू जाने , और ये जाने कोई ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
मेरी धड़कन में बसे हो, सांसों में तेरी खुशबू है,
इस धरती से उस अंबर तक, मेरी नजर में तू ही तू है,
भक्ति ये छूटे ना , तू मुझसे रूठे ना, साथ ये छूटे कभी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तुम बिन सुना मेरा जीवन , तुम बिन सुने दिन ये सारे,
मेरा जीवन तुझको अर्पण, तुम ही हो जीने के सहारे,
तेरे बिना मेरी ,मेरे बिना तेरी , ये जिंदगी जिंदगी ना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
तेरे बिना भी क्या जीना,
Shrijirasik
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
तुम मुरली मधुर बजाओ
मैं झूठ के नचूंगा
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बन जल की मछली
श्री यमुना में छुपा जाऊं
मेरे श्याम नहाने आओ
छू चरण परम पद पाऊं
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम पपीहा
पीहू पीहू की रन लगाओ
तुम साथी बूंद बन बारसो
जनमो की प्यास बुझाऊ
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम चकोरा
नैनों में नीर भरण
तुम श्याम चंद्र बन जाओ
मैं जल का अलग चढ़ाऊ
मैं बनके बस की पारी
हरि अधरों से लग जाऊं
जब श्याम मुझे बजावे
मैं इधर सुधा रस पाऊं
SHRIJIRASIK
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै
आस भरी तुम लता कुंज में,रच
शैय्या पौढ़ावै
जीवन भावै प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम सोवौ मैं ब्यार डुरावौ,
भागै कह्यै नहिं जावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम हूं अकेली मैं हूं अकेली,
आनंदउर ना समावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
बार बार छबि दखि देखि कैं,
उमगि नैन भरि आवै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
भोरी भुक्ति-मुक्ति नहिं चाहत,
जिन इक वह सुख पावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
Shrijirasik
हम तो तेरे दीवाने
धुन- तुम तो ठहरे परदेसी
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे गाएँगे ॥
कि राधे राधे गाएँगे, कि श्यामा श्यामा गाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ सोने, और चांदी की, हमको जरूरत नहीं ॥
तुलसी की, माला से, गले को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ लहंगा, और चोली की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरी उत्तरन से, तन को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ कुटम्ब, और कबीले की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे मोहन को, हम अपना बनाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ महल, और अटारी की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे चरणों में, हम जीवन बिताएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल
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राधे राधे कहता हूँ
अपनी, धुन में, रहता हूँ,
राधे, राधे, कहता हूँ ॥
हो राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
जब से, तेरा, नाम लिया है,
जीवन, मेरा, बदल गया है ।
मारा, मारा, फिरता था मुझे,
एक, ठिकाना, मिल ही गया ।
मस्ती, में अब, रहता हुँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
ना जाने, इस, दुनियाँ के सब,
कारज़, कैसे होते हैं ।
जो नहीं लेते, नाम प्रभु का,
वो जीवन, कैसे, जीते हैं ।
मैं गुरु, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
तेरी, किरपा, की श्री राधे,
सन्तन, का मुझे, संग मिला ।
ठोकर, खाने, वाला था मैं,
तूने, आ के, थाम लिया ॥
श्याम, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
कहे, दास, गोविंद मैं तेरी,
आस, लगाए, बैठा हूँ ।
ना जाने, कब, कौन ग़ली से,
एक, झलक, मुझे मिल जाए ॥
वस्ती, वस्ती, फिरता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
इस जीवन के तुम जीवन हो
बृजचन्द्र तुम्हे कैसे समझाएं
दुखी होता बहुत तुम्हारे बिना
कैसे दिल अपना चीर दिखाएँ.....
तेरे फूलों से भी प्यार तेरे कांटो से भी प्यार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरी मर्ज़ी में विधाता कोई छुपा बड़ा राज़
दुनिया चाहे हमसे रूठे तू ना होना नाराज़
तुझे वंदन है बार बार हमको करले तू स्वीकार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
हमको दोनों है पसंद तेरे धुप और छाँव
डाटा किसी भी दिशा में ले चल ज़िन्दगी की नाव
चाहे हमें लगादे पार या डुबादे बीच मंझधार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
चाहे सुख दे या दुःख चाहे ख़ुशी दे या ग़म
मालिक जैसे भी रखेगा वैसे रह लेंगे हम
चाहे हंसी भरा संसार चाहे आंसुओं की धार
तू जो भी देना चाहे दे दे मेरे सरकार
तेरे फूलों से भी प्यार............
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया...
वृंदावन का कृष्ण कन्हैया सबकी आंखों का तारा मन ही मन क्यों जले राधिका मोहन तो है सब का प्यारा वृंदावन...
जमुना तट पर नंद का लाला जब जब रास रचाए रे तन-मन डोले कान्हा ऐसी वंशी मधुर बजाए रे सुध-बुध खोए खड़ी गोपियां जाने कैसा जादू डारा वृंदावन का...
रंग सलोना ऐसा जैसे छाई बदरिया सावन की ऐरी मैं तो हुई दीवानी सावन के मन भावन की तेरे कारण देख बावरे, छोड़ दिया मैंने जग सारा वृंदावन का...
बड़ा नटखट है...
बड़ा नटखट है मां तेरा नंदकिशोर गलियन-गलियन घूमे दधि खाए माखन चोर
तेरा ये लाल मय्या रार मचावे रोज-रोज कुंजन में आन सतावै नंद नंदन के आगे चले ना कोई जोर
वृंदावन में रास रचाए मुरली बजा के श्याम दिल को लुभाए धुन सुन करके सखियों के मन में उठे हिलोर बड़ा नटखट है...
नृत्य करत है नंद को लाला मन का उजला तन का काला मन कुंजन में मेरे मोर मचावै शोर बड़ा नटखट है...
कोई नहीं बम बम का सहारा जंगू ने रो रो करके सबको पुकारा प्रेम के चरणों में है मेरी डोर बड़ा नटखट है...
रात श्याम सपने में...
रात श्याम सपने में आए मेरे दही पी गए सर्रर्रर्र
जब ही श्याम मेरी खिड़की खोली खिड़की कर गई चर्र र र्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरी बहियां पकड़ी बहियां कर गई तर्र र्रर्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरो माखन खायो मटकी फोड़ी कर्र र्र र्र रात श्याम...
जब ही श्याम मेरी चुनर झटकी चुनर उड़ गई फर्रर्र र्र रात श्याम...
चंद्र सखी भज बाल कृष्ण छवि भव से तर जाए तर्र र्र र्र रात श्याम...
रात श्याम सपने में आए मेरे दही पी गए सर्रर्रर्र
श्याम हमारे घर आ जाना...
आ जाना, आ जाना, आ जाना जब भूख लगे तुम्हें श्याम, हमारे घर आ जाना खा जाना, खा जाना, खा जाना माखन आ के सुबह-शाम, हमारे घर खा जाना आ जाना...
पनघट पर भरने जाऊं जब पानी गगरी मेरी तुम्हें होगी उचवानी हंस के-हंस के बातें बना के, मुरली पड़ेगी सुनानी करने भी होंगे मेरे काम, हमारे घर आ जाना खा जाना...
करनी ना होगी तुम्हें माखन की चोरी कोई शिकायत करे न ब्रज की गोरी ग्वालन के संग में, रोको न पग में मटकी न जाएगी फोरी तंग करना न कोई ब्रजवाम, हमारे घर आ जाना आ जाना...
सोने की थाली में भोजन कराऊं गंगा जल झाड़ी रखूं बीड़ा खिलाऊं सेज बिछा के, तकिया लगाऊं प्रेम से तुम कूं सुलाके, 'प्रभु' दाबुंगी धीरे-धीरे पाम हमारे घर आ जाना खा जाना...
तेरी बंसी पे जाऊं बलिहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया।
ओड़ के आई मैं तो लाल चुनारिया,
मटकी उठा के मैं तो बन गयी गुजरिया।
मैं तो कर आई सोला श्रृंगार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
तेरे पीछे मैं तो आई अकेली,
बड़े गोप की नयी नवेली।
आई हूँ करने मनोहार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
जब से लगी है तेरी लगनवा,
बिसर गयो मोहे घर आंगनवा।
मैं तो छोड़ आई सारा संसार रसिया,
मैं तो नाचूंगी बीच बाज़ार रसिया॥
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा,
तीसरा नज़रे मिलाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी,
तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
एक तो तेरे हाँथ कोमल, दूसरा मेहंदी लगी,
तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
एक तो तेरे पाँव नाजुक, दूसरा पायल बंधी,
तीसरा घुंघरू बजाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन घना,
तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
एक तो तेरे साथ राधा, दूसरा रुक्मणी कड़ी,
तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे,
तीसरा सपनो में आना, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
दिल दीवाना हो गया मेरा, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया,
सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ||
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी रहो नज़र उतार कितना प्यारा
तेरी रहू नजर उतार,
सांवरिया तुझको किसने सजाया है,
तुझे सुन्दर से से सुंदर गजरा पहनाया है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी...........
केसर चदन तिलक लगा कर सज धज के बेठो है,
लग गये तेरे चार चाँद जो पहने तूने हार,
कितना प्यारा है सिंगर ....
सांवरिया तेरा चेहरा चमकता है,
तेरा कीर्तन बहुत बड़ा दरबार महक ता है,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
किसी भगत से कह कर कान्हा काली टिकी लगवा ले,
याद फिर तू बोले तू लेयोई राइ बाण,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया तेरे भगतो को तेरी फिकर,
कभी लगना जाये तुझे दुनिया की बुरी नजर,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
पता नही तू किस रंग का है
आज तक न जानत सखी,
बनवारी हम ने देखे है तेरे रंग हज़ार,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
सांवरिया थोरा बच बच के रहना जी,
कभी मान भी लो कन्हा भगतो का कहना जी,
कितना प्यारा है सिंगर की तेरी.......
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आए जईओ,
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
माखन मिश्री खाए जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
ठंडा पानी पी जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे ठण्ड लगेगी,
काली कमलिया ले जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे गर्नी लगेगी,
मोर का पंखा ले जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
मखमली गद्दे पे सोए जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
तेरी बिगड़ी बना देगी चरण रज राधा प्यारी की ।
तू बस एक बार श्रद्धा से लगा कर देख मस्तक पर,
सोयी किस्मत जगा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
दुखो के घोर बादल हों या लाखों आंधियां आयें,
तुझे सबसे बचा लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
तेरे जीवन के अन्धिआरो में बन के रोशन तुझको,
नया रास्ता दिखा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
भरोसा है अगर सच्चा, उठा कर फर्श से तुझको,
तुझे यह अर्शों पर बिठा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
लिखे महिमा चरण रज की नहीं है ʻदासʼ की हस्ती,
तुझे दासी बना लेगी चरण रज राधा प्यारी की ।
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन,सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन, सुखकारी राधे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मोर मुकुट, मकरा कृत कुण्डल, गल वैजयंती माला ll
चरणन नुपर, रसाल राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
सुन्दर वदन, कमल-दल लोचन,बांकी चितवन हारी ll
मोहन वंशी, विहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
वृन्दावन में, धेनु चरावे, गोपी जन मन हारी ll
श्री गोवेर्धन, धारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधा कृष्ण, मिले अब दोऊ, गौर रूप अवतारी ll
कीर्तन धर्म, प्रचारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
तुम बिन मेरा, और ना कोई, नाम रूप अवतारी ll
चरणन में, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
नारायण, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे राधे, श्याम, राधे राधे, श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे llll
मेरा गोपाल गिरधारी ज़माने से निराला है।
ना गोरा है ना कला है, वो मोहन मुरली वाला है॥
कभी सपनो में आ जाना, कभी रूपोश हो जाना।
यह तरसाने का मोहन ने निराला ढंग निकाला है॥
कभी वो रूठ जाता है, कभी वो मुस्कुराता है।
इसी दर्शन की खातिर तो बड़ी नाजो से पाला है॥
मज़े से दिल में आ बैठो, मेरे नैनो में बस जाओ।
अरे गोपाल मंदिर यह तुम्हारा देखा भाला है॥
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