॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Radhe - Vatsalya Bhav
राधे - वात्सल्य भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
बीते ना उमर यूंही झूठी जग आस में।
दौड़ चले हम कुंवरी राधिका के पास में।
जन्मों की बिगड़ी पल मे भानुजा संवारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अंश है सभी हम यूं तो नंदजू के लाल के।
विमुख हुए ज्यों सखी पड़े मुख काल के।
जीवन मरण से केवल कुंवरी उबारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अधमों को तारे अलग ही रीति से।
मिलन कराती अपने सांवरे से मीत से।
महल के द्वारे पतितों को सत्कारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
होगे निराश जब तुम जग की नातेदारि से।
प्रीत मिलेगी सांची बरसानेवारी से।
माधुरी रंगीली पे निज प्राणन वारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
Shrijirasik
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
मीरा को दी भक्ति , सबरी को दी भक्ति ,
दोनों को दी भक्ति , दोनों ने की भक्ति ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
वैसी भक्ति मुझे भी दो , श्याम तुम्हें रिझाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
सबरी के खाए बेर , कर्मा के खाए भात ,
दोनों की खुली किस्मत , दोनों के खुल गए भाग ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
मैं भी लाई माखन , श्याम तुम्हें खिलाने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
राधा जी तुम्हें प्यारी , रुक्मण जी तुम्हें प्यारी ,
दोनों से प्यार किया , तुमने मेरे श्याम मुरारी ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
थोड़ा प्यार मुझे भी दो, जीवन ये बिताने को ,
कुछ दो या ना दो श्याम , इस श्याम दीवानी को ,
थोड़ी भक्ति तो दे दो , तुम्हें भजन सुनाने को ,
Shrijirasik
ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।
तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥
तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।
तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।
तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।
ओ रे...
तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।
तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।
तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।
तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।
तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्गुरुओं के घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।
तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।
तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।
ओ रे...
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
छोड़ो ये बैरी जमाना
हमको बरसाने जाना
लाडली बुलाए निज धाम
चलो जी चलो बरसाना धाम
इस जग ने बहुत रुलाया
हर दिन बस दुख दिखलाया
जब भी बरसाने आया..लाडो ने सुख बरसाया
बृज रज मस्तक पे लगा के..जब राधे राधे गाया
मेरी लाडली जू आई हर बार.. चलो जी चलो बरसाना धाम...छोड़ो ये बैरी जमाना
हमको बरसाने जाना
पच्चीस में जो गलती करी थी..
छब्बीस में नहीं करूंगी...
बिसराकर सुध तन मन की..श्री श्यामा श्याम रटुंगी
डोलूँगी बृज गलियन में.. संतन का संग करूंगी..
मेरी कुटिया बनेगी इसी साल...चलो जी चलो बरसाना धाम ...छोड़ो ये बैरी जमाना
हमको बरसाने जाना
लाडो बड़ी करुणामई है..
गलती हर माफ करेंगी..
हौ तुम मोहित का गौरव.. इक दिन बृजबास भी दोगी
कर दोगी शून्य सब हिसाब..चलो जी चलो बरसाना धाम ...छोड़ो ये बैरी जमाना
हमको बरसाने जाना
Shrijirasik
तरज़-परदेसीयों से ना अख़िंयां मिलाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना,
करके दया की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना...
जैसी भी हूं श्यामा मैं तो,मैं तो हूं तेरी
फिर क्यों लगाई लाडो,मिलने में देरी
सबपे करी है करुणा,मोपे भी लुटाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना,
करके दया की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना...
टुकड़ों पे तेरे मेरा,जीवन पले हैं
इसी आस पर मेरी,ज़िन्दगी चले है
मिलेगा मुझे भी एक दिन,वास बरसाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना,
करके दया की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना...
दूर क्यों बसाया मुझको,मेरी क्या ख़ता है
कुछ तो बताओ तुमको,सब ही पता है
जैसे भी रखना मुझको,ना नज़रें हटाना
हे लाडली मुझको भूल ना जाना,
करके कृपा की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको भूल न जाना...
सहमीं फिरे हरिदास,आंसु बहाये
बृज़ के बाहर कहीं सांसें,छुट ही ना जाये
रेत का घरौंदा मेरा,तुम ही बचाना
हे लाडली मुझको भुल ना जाना,
करके दया की दृष्टि वापस बुलाना
हे लाडली मुझको यहीं पे बसाना
हे लाडली मुझको भुल ना जाना...
Shrijirasik
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.....
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
बैठी रहूँ कुन्जन के कोने,
श्याम राधिका गाऊँ,
मैं श्याम राधिका गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
या रज को ब्रम्हादिक तरसत,
सौ रज शीश नवाऊ,
सौ रज शीश नवाऊ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
व्यास स्वामिनी की छवि निरखूँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
विमल-विमल जस गाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ,
किशोरी तेरे चरणन की रज पाऊँ.......
Shrijirasik
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
धरी है शीश पे मटकी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
फिर आखिर को यही होगा,
मोहब्बत छूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
गले में डाल बईया,
बला से टूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
Shrijirasik
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी,
रोज अमृत वेले मैं दर्शन पावागी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
उठ जाओ हुन भगतो श्री आरती ते जाना ए,
श्याम प्यारे दा सोहणा दर्शन पाना ए,
मैं वी उड के श्याम दा सोहणा दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
श्याम दिया संगता जदों दर ते आनगीया,
अमृत भरा संगत जद लंगर खावनगीया,
संगता दिया चरणा दी,,
संगता दे चरणा दी धूल मथे उत्ते लावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
रोज सवेरे मैं फूल तोड़ ले आवांगी,
श्याम जी दे चरणा विच आन चढावांगी,
हर वेले श्याम दा,,
हर वेले श्याम दा नित दर्शन पावांगी,
मैं ता श्री वृन्दावन दी चिड़ी बन जावांगी........
Shrijirasik
तेरे रज रज दर्शन पावा इक वारि खोल अखियाँ,
खोल अखियाँ खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा.....
कोई ता कहंदा प्यारा दिल विच वसदा,
असली ठिकाना तेरा कोई भी न दसदा,
कोई भी न दसदा श्याम,
की करा के दर नु जावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा......
तेरे दर्श दी मैं हां दीवानी, अपना चरना दी दे जा निशानी,
दे जा निशानी श्यामा दे जा निशानी,
अखियाँ प्यासियाँ नु होर तरसा न,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरा दर्श पा के वारि वारि जावा,
श्याम नाम दी गंगा विच गोते पई लावा,
श्याम प्रेम दी ज्योत जगावा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा..........
तेरे चरना च मैं रेन गुजारा,
तेरे दर्श बिना मैं चैन ना पावा,
अखा थक गईयाँ तक तक राहवा,
एक वारि खोल अखियाँ,
तेरे रज रज दर्शन पावा........
Shrijirasik
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय मथुरा गोकुल गोवर्धन
जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन
जय बरसाना, जय नंदगाव
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय ब्रज रज, जय जय गोधन
जय जय ग्वाल सखा गोपीजन
जय ब्रजवासिन, जय ब्रज बाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय ब्रजमण्डल जय ब्रज रसिकन
जय जय ब्रज के संत भक्त जन
जय जय लत्ता पता अभिराम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
❛मधुप हरि❜ ठाकुर ठकुरानी
जय ब्रजराजा जय ब्रजरानी
जय राधा माधव छवि धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम-२।
Shrijirasik
श्री जी हमारी हम श्री जी के -२
जिये जा रहे हैं राधा नाम रस पी के-४
ऊँची अटारी श्रीजी का दरबार है-२
राधा दरस का राधा नाम ही आधार है-२
राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा-२
ऊँची अटारी श्रीजी का दरबार है
राधा दरस का राधा नाम ही आधार है-२
नाम सहारे चढ़ते-२ जाते सीढ़ी हैं।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
कृपामयी किशोरी करुणामयी सरकार है-२
बड़ी ही दयालु राधा सर्वसुख सार है-२
सब सुख पाये जब से-२ हो गए इन्हीं के।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
'मधुप' हरी श्यामा प्राण हमारी हैं-२
सम्पति हमारी यही बरसाने वारी है-२
कर दी ये जिंदगी-२ नाम उन्हीं के।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-४
राधाााााा....
ऐसो स्वप्न मोहिं अति भावे,नैन समीप मोहिनी मूरत मंद मंद मुस्कावे,
कोटि चंद छवि सुंदर आनन,रूप सुधा बरसावे
भोरी रंग भरी अलबेली,मेरे हिये में आय समावे।
ऐसो स्वप्न मोहिं अति भावे ..
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-३
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-५
जय जय श्री राधे ..
जिये जा रहे हैं राधा नाम रस पी के-४
श्री जी हमारी हम श्री जी के -२ ।
Shrijirasik
1. अपना मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2
मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
2 . तेरी लगन में मगन हूँ करता तेरा भजन हूँ -2
निज धाम में बुलालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
3 . ऊंची अट्टारी वारी वृषभानु की दुलारी -2
चाकर मुझे बनालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
4 . ब्रज स्वामिनी श्री राधा हरलो ये भव की बाधा -2
मुझ दीन को सम्भालो हे करुणामयी किशोरी-2
अपना मुझे बनालो हे.....
5 . दर दर ‘‘मधुप’’ है भटका चरणों में तेरे अटका -2
मुझे चरणों से लगालो हे करुणामयी किशोरी -2
अपना मुझे बनालो हे.....
मुझे बरसाने बसालो हे करुणामयी किशोरी -2
बोलो बरसाने वारी की जय।
Shrijirasik
तर्ज :- कन्हैया ले चल परली पार।
राधे तू बढ़भागिन है
1. नित्य किशोरी ,रस की बोरी,सदा सुहागिन है।
राधे तू बड़भागिन ....
2. मन मोहन की मोहिनी राधा।
सब सखियन में सोहनी राधा।।
चन्द्रबदनी ,चंद्रमुखी ,गोरी ब्रजवासिन है।
राधे तू बड़भागिन ....
3. कृष्ण - प्रिया आह्लादिनी राधा।
ब्रजरानी प्रियवादिनी राधा।।
गोलोक की रास विहारिणी ,प्रेमावतारन है।
राधे तू बड़भागिन ....
4. नन्द नंदन गोवर्धनधारी।
श्री राधे तेरो है पुजारी।।
भानुनन्दिनी के गुण गावत ,वेद पुरानन है।
राधे तू बड़भागिन ....
5 . ब्रजमण्डल की शान है राधा।
रसिक जनों की जान है राधा।।
‘‘मधुप’’ हरी की स्वामिनी राधा ,हरमन भावन है।
राधे तू बड़भागिन ....
Shrijirasik
तुम बिन सूनी है ज़िंदगानी-2
ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2
दिल में बसा है बस नाम तेरा,तेरे सिवा कोई और न मेरा-2
जैसे मछली है बिन पानी-2
ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2
हर ज़र्रे में तुझको पाया,तेरे सिवा कोई और न भाया-2
दुनिया भी मुझको लगती बेगानी-2
ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2
छूटे कभी न दामन तुम्हारा,जनम जनम का नाता हमारा-2
तुझसे जुड़ी मेरी प्रीत पुरानी-2
ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2
राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम श्याम श्याम।
राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम॥-3
राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम श्याम श्याम।
राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम॥-3
Shrijirasik
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
सारे जग को हमने छोड़ा हैं ,
बस तुमसे रिश्ता जोड़ा हैं ,
अब जुड़ा रहे बंधन ये सदा,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
बरसो से हम तो भटक रहे ,
दर्शन को तुम्हारे तरस रहे ,
जब तक ना दरश तुम्हारा हो ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं, हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
हमें धन और दौलत मत देना ,
हमें नाम और शोहरत मत देना ,
बस इतनी कृपा तुम कर देना ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
चाहे सुबह हो या शाम हो ,
होठो पे तुम्हारा नाम हो ,
हम जपते रहे तेरा नाम सदा ,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
Shrijirasik
वे राधा तैनूं वाज़ां मारदी
वे राधा तैनूं, वाज़ां मारदी, वाज़ां मारदी,
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी ॥
मेरा बड़ा, औखा हो गया, औखा हो गया,
मेरा, लगदा ना, दिल बिन तेरे,
मेरा बड़ा, औखा हो गया ॥
दुनियां, तो चोरी तैनूं, दिल च वसाया ए ।
बिना, फेरियां तो तैनूं, अपना बनाया ए ॥
मेरा, लंघदा, मेरा लंघदा,
मेरा लंघदा ना, पल बिन तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरे बिना, दुख मेरा, सुनदा ना कोई वे ।
याद तैनूं, कर कर, अख जांदी रोई वे ॥
किते, पा देवे, किते, पा देवे,
किते पा देवे, बरसाने विच फेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
तेरियां, यादां ने मैनूं, वद्ध वद्ध खा लिया ।
तेरी, तस्वीर नूं मैं, दिल च वसा लिया ॥
हुण, औंदे ने, हुण औंदे ने,
हुण औंदे ने, ख्याल मैनूं तेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
गोचर, वाले दी नी तूं, सुन लै पुकार नी ।
बेड़ी, सिंदर दी कर, भव सागर तो पार नी ॥
लखवीर लिखदा, लखवीर लिखदा,
लखवीर लिखदा, ए बोल तेरे मेरे,
राधा तैनूं, वाज़ां मारदी…
कितों, आजा वे, कृष्णा मेरे…
Shrijirasik
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में बाग लगा जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा रसते में कुआँ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल-मल के,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ॥
श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उमर बीत गयी गोकुल में ।
Shrijirasik
[ ललित लड़ैती राधिका
में मांगू गोद पसार
दीजिए निज पद चरण रज
और बरसाने को वास ]
ओह लाडो प्यारी मैं सदके तेरे
मैं वस जावां बरसाने तेरे
1. मंगल बेला ते जावां अटारी
बैठी सज के वृषभानु दुलारी
बन के घुंघरू नचा तेरे बेड़े
मैं बस जावा बरसाने तेरे ...
2. बाह फड़ हरिदासी ने मिलाए बाबा
ना हुन जावा मक्के श्यामा ना हुन जावा काबा
मैं पा लए युगल वर बाबा दे वेहड़े
मैं वस जावा बरसाने तेरे
3. अह दुनिया ते गहरा पानी
बिना तेरे ना कोई मेरा सानी
छड़ दुनिया दे झूठे चमेले
मैं वस जावा बरसाने तेरे
4. लाडो बचा लो थक सी गई हु
रज में मिला लो मरने लगी हु.
गौरव मोहित वी अपने तेरे...
मैं बस जावा बरसाने तेरे
Shrijirasik
राधा ना बोले ना बोले...
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
घूंघट के पट ना खोले रे, राधा...
राधा की लाज भरी अंखियों के डोरे
देखो जी देखें सब गोकुल के छोरे
देखो मोहन का मनवा डोरे रे
राधा ना...
याद करो जमुना किनारे सांवरिया
फोड़ी थी राधा की काहे गागरिया
इस कारण न बोले रे
राधा ना...
रूठी हुई यूं न मानेगी छलिया
चरणों में राधा के रख दी मुरलिया
बात बन जाएगी हौले-हौले रे
राधा ना...
राधे के सिंगार की छवि न्यारी
कृष्ण मुग्ध हो गए देख के
माथे पर बिंदी लाल सजी है
आंखों में काजल की रेखा
गले में मोतियों की माला
हाथों में चूड़ियां खनकती
पीली साड़ी में सजी राधा रानी
श्याम के संग राधा सोहे
प्रेम का सिंगार सबसे प्यारा
राधे कृष्ण का मिलन सुंदर
Shrijirasik
तरज़-कौंन दिशा को लेके चला रे बटोहिया
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
कितने जनम की तपस्या है ये,
मिल गया है बृज़ धाम हो
धाम मिला विश्राम मिला है,
जीवन को आराम हो
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
कौंन जनम के जागे पुन्य हैं हमारे,
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के... 2.
बरसानों है धाम रगिंलो,
जहां बिराजे सरकार हो
बृज़ मण्डल की है महारानी,
राधा रगिंली है नाम हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के...
मन में तूं विश्वास जगाले,
पुरण होगी तेरी आस हो
श्री हरिदास शरण में रसका,
धसका मिले बृज़ वास हो
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
मिली गुरू की शरण,जा पहुंचे हैं
चरण बरसानें में बरसानें में
कौंन जनम के जागे,पुन्य हैं हमारे
Shrijirasik
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी सेठानी है
यह तो जाने दुनिया सारी है
राजाओ के राजा, महारानी की रानी,
सर मोर मुकुट साजे ।
जोड़ी बड़ी प्यारी, दरबार है प्यारा,
राधा के संग साजे ।
सोने पल में सेठ, सोने पल में सेठानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
सांवरिया राधा जी, भक्ता पे है राजी,
करे घणो लाड है ।
भण्डार लुटावे है, हर बात बनावे है, भक्ता रा ठाट है,
देवे छपर फाड़, नहीं इनसो कोई दानी है ।
यह तो सारी दुनिया जानी है...
सुख दुःख में सावरिया, सुख दुःख में राधा जी,
सदा तेरे साथ है ।
मेरी चिंता दूर करे, मेरी विपदा दूर करे,
रख लेवे बात है ।
भक्ता रोतो काम बस इक हाजरी लगानी है,
यह तो जाने दुनिया सारी है...
Shrijirasik
सब कुछ दिया है तुमने इतना और सरकार देदो
यह हटा के प्यार सबका अपना ही प्यार देदो
मैं ढूंढूं जंगलों में बस्ती में तुझको ढूंढूं
गर हो सके तो मुझको अपना दीदार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
ऐसी पिला दे मुझको खुद तक को भूल जाऊं
अपनी मस्ती भरी हुयी चितवन का खुमार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
लुट गयी है दिल की दुनिया यह झूठा प्यार करके
मिलने की है तमन्ना मुझको करार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
गर हो गए मेहरबान पागल पे नंदनंदन
यह छुड़ा के द्वार झूठा अपना वो द्वार देदो
यह हटा के प्यार सबका...
Shrijirasik
जिसके जप तप से मिलता है, तन मन को आराम,
वो राधा का श्याम, वो मीरा का घनश्याम,
सारे जग का एक खेवैया, सबका पार लगैया,
मीरा का घनश्याम कहे कोई, राधा का वो कन्हैया,
सबके मन को शीतल करता, वो प्यारा सा नाम ll
राधा का वो रास रचैया, मीरा के करुणाकर,
धन्य किया मीरा को प्रभु ने, अपना दरश दिखाकर,
अमर हुए हैं भक्त प्रभु के, करे जो ऐसा काम ll
राधे श्याम की मूरत जग में, लगती बड़ी सुहानी,
मीरा जैसी भक्ति रंग में, डूबे जो भी प्राणी,
तन मन धन से रहे समर्पित, प्रभु में आठों याम ll
Shrijirasik
सखी कीर्तन में आया करो, की राधे राधे गाया करो
१. जब कीर्तन का आए बुलावा, दौड़ी दौड़ी आया करो, की राधे राधे गाया करो
२. जब कीर्तन में बाजे ताली, मिलकर ताली बजाया करो, की राधे राधे गाया करो
३. जब कीर्तन में मस्ती आवे, झूम झूम सब नाचा करो की राधे राधे गाया करो
४. जब कीर्तन में भजन सुनावे, संग संग गाया करो, की राधे राधे गाया करो
५. जब कीर्तन पूरा हो जाए, मिलकर प्रसाद ले जाया करो, कि की राधे राधे गाया करो
Shrijirasik
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
मैंने सब कुछ खो कर देख लिया बस खुद को खोना बाकी है,
तेरे प्यार में रो रो सांवरिया आँखों से आंसू बहते है,
प्रेमी के आंसू ओ बाबा बस तुम से इतना कहते है,
तेरे इन पवन चरणों को तो,इक बार भी वो ना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
श्रदा के पावन दाग में मैंने भाव की कालिया पिरोई है,
आँखों के गंगा जल से प्रभु मैं इक इक कलि बिगोई है,
तेरी इस प्यारी छवि के लिये इक हार पिरोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
अब बहुत हुआ मैंने देख लिया दुनिया के आगे रो रो कर,
जिनको मैंने अपना समजा उनसे ही खाई है ठोकर,
रोया मैं बहुत जग के आगे तेरे आगे रोना बाकी है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
ये रंग बिरंगी दुनिया है यहा रंग बिरंगे सपने है,
जग घूम लिया जब देख लिया यहाँ मतलब पे सब अपने है,
महलो में बैठ लिया रोमी मंदिर का कोना बाकि है,
मैंने सब का होकर देख लिया बस आप का होना बाकि है,
Shrijirasik
राधा रानी से पुछा आज, श्याम तोहे कैसे मिले
कैसे मिले श्याम कैसे मिले
राधा रानी से पुछा आज,श्याम तोहे कैसे मिले
राधा रानी...
पनघट पे मैं पनिया भरंन गई,मोहे मिल गयो नंद कुमार
श्याम मोहे ऐसे मिले
राधा रानी...
मीरा जी से पुछा गिरधर कैसे मिले,
कैसे मिले गिरधर कैसे मिले
मीरा जी से...
विष का प्याला पिया था मैंने,गिरधर
गिरधर गाया था मैंने
अम्रित बनाया एक बार,गिरधर ऐसे मिले
राधा रानी...
कुब्जा से पुछा आज,मोहन तुम्हें कैसे मिले
कैसे मिले मोहन कैसे मिले
राधा रानी...
मात्थै पे मैंने चन्दंन लगाया,कुब्जा से
सुंदर नार बनाया
किस्मत बदल गई आज,मोहन मुझे ऐसे मिले
राधा रानी...
Shrijirasik
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ - 2
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे राधे नाम की महिमा हैं न्यारी - 2
राधे राधे जपने से खुश होते हैं मुरारी - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
जिसने भी जपा हैं नाम ये राधा - 2
उसकी तो हट गयी सारी ही बाधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
राधे के बिना तो श्याम भी आधा - 2
रात दिन जपता हैं वो भी राधा राधा - 2
तुम भी जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ,
श्याम को रिझाओ , राधे श्याम को रिझाओ - 2
राधे राधे जपते जाओ , श्याम सलोने को रिझाओ ,
Shrijirasik
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
रंगीली कुछ ऐसा कर वा दो ,,
वृन्दावन में प्रेम झोपड़ियां मेरी छव वा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
उठ ते ही तेरे दर्शन पाउ,
दिन भर तेरो हुकम भजाउ,
जन्म जन्म की पाप गठरिया मेरी धुलवा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
जब जब होये आरती तेरी
गूंजे प्रेम झोपड़ियां मेरी,
यमुना जी के तीर श्याम की मुरली सुनवा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
तेरी धुन में जीवन बीते जित देखु तित तू ही दिखे,
मेरे रोम रोम में राधे राधे लिखवा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो ,
जीते जी ब्रिज धाम न छूटे ,
मिले कोर तेरे खाने को झूठे,
बरसाने की रज से चंदन टिका लगवा दो,
किशोरी कुछ ऐसा कर वा दो
Shrijirasik
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
वृन्दावन धाम के, श्री श्यामा शाम के
डोले श्याम नाम के पागल, वृन्दावन पागल खाने में
मस्ती में मस्त हैं रहते, मिले पागलपन नज़राने में
मन तू भी पागल हो जा, मस्ताने तरंग में खो जा
चढ़ जाए ना साफिर नाम के जाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
पूरे मन से जो लग जाता, वो लग कर कुछ पा लेता है
सदा अंग संग हरी रहता पर ध्यान ना कोई देता है
कोई झूठे नाम के पागल, कोई सच्चे श्याम के पागल,
जहा दूर दूर तक पागल जगत तमाम में,
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
कितने हुए अब तक पागल इन की न कोई समायी
मीरा करमा विधुरानी शबरी गोपाली बाई
पावन भक्तो के चरित्र हृदय को करे पवित्र
पागल करे ‘चित्र विचत्र’ श्री राधा नाम के
हम पागल हैं पागल वृन्दावन धाम के
Shrijirasik
तरज़-हुंसन पहाड़ो का ओ साहेबां
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
के तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
अपना नहीं कोई,सब है पराये
जितना बुलाऊं,मुझसे दुर ही जाये
आकर संभालो ना के तेरे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
मैंनें सुना है तूं प्रेम की धारा,तेरे बिना ना कोई हमारा
किरपा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
पागल ने तेरी महिमा बख़ांनी,धसका भी है चरणों को पुजारी
मेरा भाग्य बना दो ना किशोरी मेरी,
के तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा
मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
Shrijirasik
नस नस में बसी राधे
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद सताती है ॥
तेरी, याद सताती है... मुझे, बड़ा तड़पाती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
फूलों में बसी राधे... कलियों, में बसी राधे ॥
खुशबू में, बसी राधे, तेरी, याद, सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
गंगा, में बसी राधे... यमुना, में बसी राधे ॥
लहरों, में बसी राधे, तेरी, याद सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
चंदा, में बसी राधे... सूरज, में बसी राधे ॥
तारों, में चमक राधे, तेरी, याद सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
धरती, में बसी राधे... अंबर, में बसी राधे ॥
धड़कन, में बसी राधे, तेरी, याद सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
संतों, में बसी राधे... भक्तों, में बसी राधे ॥
हम, सब में बसी राधे, तेरी, याद सताती है ॥
नस, नस में बसी राधे, तेरी याद...
Shrijirasik
तरज़-:ज़िंदगी की शाम आई श्याम पर आये नहीं
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
राधा नाम धारा का तो,कोई भी छौर नहीं
राधा नाम में डुबना है तो,बरसानें जाओ जी
राधा नाम अम्रित अनोखा,डुबते जाओ जी
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
राधा राधा रटते -रटते,संत वैष्णव तर गये
जीवन अपना श्यामा श्याम नाम,वह अपना कर गये
नाम रसका चसका लगा,धसका भी तर जायेगा
राधा राधा जपने वाले,श्याम को पाये सभी
युगल दर्श मिल जायें जीवन में,मेरा लक्ष्य पुरा हो तभी
राधा राधा...
Shrijirasik
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
1.तेरे दर्शन बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मेरी नगरिया
कोई तो आके मेरी,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
2.मन में बसी तेरी,सांवरी सुरतिया
कैसे कटेगी मोरी,सारी उमरिया
बाली उमरिया मेरी,अति घबराये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे, आस लगाये
बैठी....
3.तेरे दर्श बिन,दुखी मैं सांवरिया
कब आओगे श्याम,मोरी नगरिया
कोई तो आके,ख़बर सुनाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी....
4.काधें पे सोहे तेरी,कारी कमरिया
मन मेरा मोहे,तेरी प्यारी बांसुरिया
मैं तो शरणं प्रभु,तेरा गुण गाऊं
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
श्याम नहीं आये,घनश्याम नहीं आये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
बैठी रहूं यमुना पे,आस लगाये
Shrijirasik
ओए श्यामा मैं तो तेरी हो गई
ओए श्यामा सुन, मैं तो तेरी हो गई,
कोई तेरा हो न हो, मैं तो तेरी हो गई ।
ओए श्यामा सुन, मैं तो तेरी हो गई,
तेरी प्रेम गलियों में बदनाम मैं हो गई ॥
ओए श्यामा सुन, मैं तो तेरी हो गई...
यमुना किनारे मिले थे साँवरिया,
काँटों में उलझी मेरी चुनरिया ।
फूलों को छोड़ मैं तो कांटो की हो गई...
ओए श्यामा सुन मैं तो तेरी हो गई...
राधा के श्याम हो मीरां के भी श्याम हो,
चरणों में तेरे प्रभु मेरा प्रणाम हो ।
बाँके बिहारी तेरे चरणों में मैं खो गई...
ओए श्यामा सुन मैं तो तेरी हो गई...
जब तक आसमान में तारे रहेंगे,
तब तक श्याम हम तुम्हारे रहेंगे ।
तूँ मेरा चाँद मैं चकोर तेरी हो गई...
ओए श्यामा सुन मैं तो तेरी हो गई...
हाथों में मुरली और, पैरों में पायलिया,
सबको सुना दो आ के मीठी मुरलिया ।
तूँ मेरी मुरली मैं तान तेरी हो गई...
ओए श्यामा सुन मैं तो तेरी हो गई...
हरे कृष्णा, हरे कृष्णा...धुन
Shrijirasik
सावन की सबको बधाई, श्री राधा रानी झूलन को आई
झूलन को आई श्यामा झूलन को आई
सखियाँ को संग ले आई श्री राधा रानी....
कान्हा जी झूले संग में राधा जी झूले..
देख युगल छवि सावन भी झूमे..
अम्बर घटा घिर आयी.. श्री राधा रानी....
अमुआ की डाली की है शोभा निराली..
मस्ती में गीत गाए ब्रज की सब नारी,
राधा ने चुनरी लहरायी.. श्री राधा रानी......
अम्बर भी झूम रहा धरती भी झूम रही..
हरी भरी बगिया की कलियां भी खिल रही,
पवन चले पुरवाई.. श्री राधा रानी....
सावन की सबको बधाई
Shrijirasik
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
अब तक बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
बरसाना बुला रही है
कोई माने या ना माने मैं खास हूं तुम्हारा
लगता है जैसे मुझे को मै दास हूं तुम्हारा
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
कहते हैं मुझ को सारे दीदार तेरा पाऊं
टूटी हुई वाणी से गुणगान कैसे गाऊं
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
जीवन मैं जो दिया है मैंने कुछ भी नहीं किया है
मिली मामा को शौहरत वो तेरा शुक्रिया है
बरसाना बुला रही है ये दया नहीं तो कया है
Shrijirasik
महल राधिका का,बुहारा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
चरण सेवा जीवन का,उदेश होगा समय
गहवर वन में,गुज़रा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
ढुंढेंगे उनको हम,कुंजों में जाकर
सदा श्याम श्यामा,पुकारा करेंगे
उन्हें आते जाते, निहारा करेंगे
महल राधिका....
कभी तो बजायेंगे,मुरली मनोहर
कभी तो सुनेगे हम,चरणों के नुपुर
हुआ भाग्ये झाकीं,निहारा करेंगे
महल राधिका....
रिझायेंगे प्रितम को,जैसे भी होगा
तन मन धंन अपना,न्यौछारा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
लगायेंगे बृज़ रज़ को,सभी तन बंदन पर
जहाँ तक हुआ मन को मारा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
कभी कभी रूठेगीं,भानु दुलारी
मनायेंगे उनको,श्री मान बिहारी
हम मन्दिंर की सिड़ी,बुहारा करेंगे
उन्हें आते जाते,निहारा करेंगे
महल राधिका....
इक दिन किशोरी जी,करूणा करेंगी
चरणों की रज़ में,गुज़ारा करेंगे
राधा श्री राधा, पुकारा करेंगे
महल राधिका....
इक दिन वो आयेंगी,प्रियतम के संग में
वहीं उसकी झाकीं,निहारा करेंगे
राधा श्री राधा, पुकारा करेंगे
महल राधिका....
उन्हें प्रेम डोरी में,हम बांध लेंगे
फिर वो कहां भाग,जाया करेंगे
राधा श्री राधा,पुकारा करेंगे
महल राधिका...
मुनीन्द्र वृन्द वन्दिते त्रिलोक शोक हारिणि
प्रसन्न-वक्त्र-पण्कजे निकुञ्ज-भू-विलासिनि
व्रजेन्द्र–भानु–नन्दिनि व्रजेन्द्र–सूनु–संगते
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥१॥
अशोक–वृक्ष–वल्लरी वितान–मण्डप–स्थिते
प्रवालबाल–पल्लव प्रभारुणांघ्रि–कोमले ।
वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥२॥
अनङ्ग-रण्ग मङ्गल-प्रसङ्ग-भङ्गुर-भ्रुवां
सविभ्रमं ससम्भ्रमं दृगन्त–बाणपातनैः ।
निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥३॥
तडित्–सुवर्ण–चम्पक –प्रदीप्त–गौर–विग्रहे
मुख–प्रभा–परास्त–कोटि–शारदेन्दुमण्डले ।
विचित्र-चित्र सञ्चरच्चकोर-शाव-लोचने
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥४॥
मदोन्मदाति–यौवने प्रमोद–मान–मण्डिते
प्रियानुराग–रञ्जिते कला–विलास – पण्डिते ।
अनन्यधन्य–कुञ्जराज्य–कामकेलि–कोविदे
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥५॥
अशेष–हावभाव–धीरहीरहार–भूषिते
प्रभूतशातकुम्भ–कुम्भकुम्भि–कुम्भसुस्तनि ।
प्रशस्तमन्द–हास्यचूर्ण पूर्णसौख्य –सागरे
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥६॥
मृणाल-वाल-वल्लरी तरङ्ग-रङ्ग-दोर्लते
लताग्र–लास्य–लोल–नील–लोचनावलोकने ।
ललल्लुलन्मिलन्मनोज्ञ–मुग्ध–मोहिनाश्रिते
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥७॥
सुवर्णमलिकाञ्चित –त्रिरेख–कम्बु–कण्ठगे
त्रिसूत्र–मङ्गली-गुण–त्रिरत्न-दीप्ति–दीधिते ।
सलोल–नीलकुन्तल–प्रसून–गुच्छ–गुम्फिते
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥८॥
नितम्ब–बिम्ब–लम्बमान–पुष्पमेखलागुणे
प्रशस्तरत्न-किङ्किणी-कलाप-मध्य मञ्जुले ।
करीन्द्र–शुण्डदण्डिका–वरोहसौभगोरुके
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥९॥
अनेक–मन्त्रनाद–मञ्जु नूपुरारव–स्खलत्
समाज–राजहंस–वंश–निक्वणाति–गौरवे ।
विलोलहेम–वल्लरी–विडम्बिचारु–चङ्क्रमे
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥१०॥
अनन्त–कोटि–विष्णुलोक–नम्र–पद्मजार्चिते
हिमाद्रिजा–पुलोमजा–विरिञ्चजा-वरप्रदे ।
अपार–सिद्धि–ऋद्धि–दिग्ध–सत्पदाङ्गुली-नखे
कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्ष–भाजनम् ॥११॥
मखेश्वरि क्रियेश्वरि स्वधेश्वरि सुरेश्वरि
त्रिवेद–भारतीश्वरि प्रमाण–शासनेश्वरि ।
रमेश्वरि क्षमेश्वरि प्रमोद–काननेश्वरि
व्रजेश्वरि व्रजाधिपे श्रीराधिके नमोस्तुते ॥१२॥
इती ममद्भुतं-स्तवं निशम्य भानुनन्दिनी
करोतु सन्ततं जनं कृपाकटाक्ष-भाजनम् ।
भवेत्तदैव सञ्चित त्रिरूप–कर्म नाशनं
लभेत्तदा व्रजेन्द्र–सूनु–मण्डल–प्रवेशनम् ॥१३॥
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः ।
एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः ॥१४॥
यं यं कामयते कामं तं तमाप्नोति साधकः ।
राधाकृपाकटाक्षेण भक्तिःस्यात् प्रेमलक्षणा ॥१५॥
ऊरुदघ्ने नाभिदघ्ने हृद्दघ्ने कण्ठदघ्नके ।
राधाकुण्डजले स्थिता यः पठेत् साधकः शतम् ॥१६॥
तस्य सर्वार्थ सिद्धिः स्याद् वाक्सामर्थ्यं तथा लभेत् ।
ऐश्वर्यं च लभेत् साक्षाद्दृशा पश्यति राधिकाम् ॥१७॥
तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम् ।
येन पश्यति नेत्राभ्यां तत् प्रियं श्यामसुन्दरम् ॥१८॥
नित्यलीला–प्रवेशं च ददाति श्री-व्रजाधिपः ।
अतः परतरं प्रार्थ्यं वैष्णवस्य न विद्यते ॥१९॥
॥ इति श्रीराधिकायाः कृपाकटाक्षस्तोत्रं सम्पूर्णम ॥
Shrijirasik
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधा मेरी चंदा,
चकोर है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधा रानी मिश्री,
तो स्वाद है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधा रानी गंगा,
तो धार है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधा रानी तन है तो,
प्राण है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधा रानी सागर,
तरंग है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन बिहारी,
राधा रानी मोहनी,
तो मोहन है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधा मेरी गोरी तो,
साँवरे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधा रानी भोली भाली ,
चंचल बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधा रानी नथनी,
तो कंगन बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधा रानी मुरली,
तो तान है बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे रटो चले आएँगे बिहारी,
आएँगे बिहारी चले आएँगे बिहारी,
राधे राधे जपो चले आएँगे बिहारी ॥
Shrijirasik
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जो भी राधा बोले , अपनी किस्मत खोले ,- २
बड़ा जादू भरा ये नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
तूने जाना नहीं , पहचाना नहीं , - २
बड़ा सुन्दर हैं ये नाम,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
भक्तों ने जपा , संतो में जपा , - २
उन्हें मिल गया ये बृज धाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
Shrijirasik
छवि देखी जब प्यारी,
हो गई मैं मतवारी...-2
भावे ना मुझको कोई काम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
श्याम नाम की रंग के चुनरिया,
नाचूँ मैं तो बन के जोगनिया,
बावरी सुध बुध हारी,
प्रेम के रोग की मारी,
आये ना दिल को यूँ आराम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
वृन्दावन सो धाम ना कोई,
राधे जैसो नाम ना कोई,
अर्ज दासी की मानों,
श्याम मुझको अपना लो,
कर दो मेरा भी इंतज़ाम,
मुझको बसा लो बृजधाम।
निकट तुम्हारे रैन बसेरा,
इससे बड़ा क्या भाग्य हो मेरा,
धुल चरणों की लगा के,
दरश प्रियतम के पाके,
निकले हृदय से मेरे प्राण,
मुझको बसा लो बृजधाम।
Shrijirasik
मिल जाएं सांवरिया, तोहे मिल जाएं सांवरिया......-3
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया...........
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
राधा नाम को जो भी भूला वो पीछे पछताया,
जिसने राधा नाम आराधा उसी ने श्याम को पाया,
तेरा होगा रे भला तोहे मिल जाये सांवरिया....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
गाले तू राधा राधा जीवन सफल बनाले,
तेरी बिगड़ी बात बनेगी राधा जी के सहारे,
मन का पर्दा हटा, तोहे मिल जाये सावरिया.....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
छोड़ दे पीछा दुनिया का यहाँ कोई नहीं है अपना,
राधा नाम आधार है तेरा बाकि सब है सपना,
मत जीवन गावां, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
तू राधा राधा गा, तोहे मिल जाएं सांवरिया,
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
राधा नाम के पीछे पीछे डोलें कुञ्ज बिहारी,
पागल राधा नाम का होजा जीवन होवे सुखारी,
पीछा जग से छुड़ा, तोहे मिल जाएं सांवरिया.....
ओ श्याम नाम के रंग में रंग ले, चुनरियाँ,
तू राधा राधा गा.......
Shrijirasik
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……
क्यों रोज रोज जमुना किनारे कान्हां मुझे बुलाए,
मुख से ना बोले कन्हैया नैनों से बाण चलाए,
तेरे प्यार में लागे ये राधा बहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई………
जब जब आऊँ, जमुना किनारे,
तू छुपके छुपके देखे,
तेरी बिंदिया ले गई निंदिया,
चैन गजरा गया लेके,
तेरी खुशबु में राधा भी महक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
तेरी मीठी मीठी बातों से मोहन,
दिल में प्यार जगे,
तेरे मुखड़े के आगे राधिका,
वो चाँद भी फ़ीका लगे,
तेरे दिल के बागों में मैं चहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
रोम रोम तेरा नाम पुकारे ओ कान्हा कान्हा,
तेरी कसम बिना तेरे राधिके श्याम तेरा आधा,
आग की प्यार गोपाला में लहक गई,
अधर से बंसी सरक गई,
जो राधा तेरी पायल छनक गई……….
Shrijirasik
कुछ मिले ना मिले ग़म नहीं, मेरी तनख्वाह भी कुछ कम नहीं,
मेरी श्यामा तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी......
मैं नहीं था किसी काम का, ले सहारा तेरे नाम का,
आ गया बरसाना गली, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी श्यामा तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी श्यामा तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी......
खुशनसीबी का जब गुल खिला, तब कहीं जाके ये दर मिला,
मिल गई अब तो चौखट तेरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी.....
जब से तेरा गुलाम हो गया, तब से मेरा भी नाम हो गया,
वरना औकात क्या थी मेरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी.....
मेरी तनख्वाह भी कुछ कम नहीं, कुछ मिले ना मिले ग़म नहीं,
ऐसी होगी ना हां दूसरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी.....
एक वियोगी दीवाना हूँ मैं, कोर (टुकड़ा) करुणा की चाहता हूँ मैं,
दूर करना ना मुझको हरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
मेरी लाडो तेरी नौकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी,
तेरे महलन की चाकरी, सबसे बढ़िया है सबसे खरी.......
जय राधे राधे राधे राधे......जय राधे राधे राधे राधे
जय राधे राधे राधे राधे....जय राधे राधे राधे राधे.....
Shrijirasik
राधे किशोरी, दया करो,
राधे किशोरी, दया करो,
हम से दीन ना कोई जग में,
बान दया के तनिक धरो,
माधव की लाड़ली दया करो।
सदा धरी दीनन पे श्यामा,
यह विश्वाश जो मन ही खरो,
राधे किशोरी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
विषम विषय विष ज्वाल माल में,
विविध ताप तपित जू जरो,
राधे किशोरी, दया करो,
श्यामा प्यारी, दया करो ।
कबहुँ तो करुणा करोगी श्यामा,
यह आस लिये द्वार परो।
राधे किशोरी, दया करो,
राधे किशोरी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
बाबा की लाड़ली दया करो,
संतों की लाड़ली, दया करो,
भक्तों की प्यारी, दया करो,
माधव की लाड़ली दया करो।
Shrijirasik
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं।।
राधे जब सोलह श्रृंगार करे,
राधे जब सोलह श्रृंगार करे,
हरी दर्पण रोज दिखाते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं........
राधे जब भोजन तैयार करे,
राधे जब भोजन तैयार करे,
हरी माँग माँग कर खाते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं........
राधे जब जमुना जल भरण गई,
राधे जब जमुना जल भरण गई,
हरी गागर रोज उठाते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं,
राधे कौन से पुण्य किए तूने,
हरी रोज तेरे घर आते हैं..........
Shrijirasik
राधा राधा रटत ही,
सब बाधा मिट जाएं,
कोट जन्म की आपदा,
श्री राधा नाम से जाए।
राधे नाम की है, मस्ती निराली,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
राधे नाम की है, भक्ति निराली,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
प्याला मुझे पी लेण दे।
बृज की गलियों में,
जब से आना हो गया,
मन राधे जूं के चरणों में खो गया,
बृज की रज मैंने,
माथे से लगा दी,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
प्याला मुझे पी लेण दे।
कीरत की लाली बड़ी न्यारी है,
सबकी प्यारी राधा बरसाने वारी है,
जो भी बरसाने... एक बार आ गया,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
प्याला मुझे पी लेण दे।
ये जो पागल कन्हैया का ज़माना है,
वो कन्हैया भी तो राधे का दीवाना है,
सबके होठों पे..... राधे कृष्णा आ गया,
ये प्याला मुझे पी लेण दे,
प्याला मुझे पी लेण दे......
Shrijirasik
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
लाडली रसिको की प्यारी
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
तेरे मन की जो अभिलाषा वही वो जान लेती है,
दुआओं असर देगी लाडली बरसाने वाली
लाडली बरसाने वाली,लाडली रसिको की प्यारी
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
जो राधे नाम ध्याया है वही तो श्याम पाया है,
तुझे रसिया से मिला देगी लाडली बरसाने वाली
लाडली बरसाने वाली,लाडली रसिको की प्यारी
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
तेरी चोकठ पे हो रमना यही पागल की है ईशा
तुझे अपनों में मिला लेगी लाडली बरसाने वाली
लाडली बरसाने वाली,
लाडली रसिको की प्यारी
तुझे अपना बना लेगी लाडली बरसाने वाली,
Shrijirasik
( ओ राधा मेरी, स्वामिनी,
मैं राधा को रास l
जन्म जन्म मोहे, दीजियो,
श्री वृन्दावन को वास ll )
सुन बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
गिरधारी मेरो, गिरधारी ll
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
पौना कली को, लहंगों पेहरियो ll
चाल चले मतवारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
चाँद से मुखड़े पे, बड़ी बड़ी अख्खियाँ ll
घायल भयो गिरधारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
बड़ी बड़ी अख्खियों में, झीनो झीनो कज़रो ll
घायल कुँज बिहारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
तेरी पायलिया पे, बाजे मुरलिया ll
छम छम नाचे गिरधारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
वृन्दावन के, राजा होकर ll
काली पे नाचे मुरारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
कदम्ब की डारी पे, झूलो पड़ो है ll
झूह्टा देवे बिहारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
वृन्दावन की, कुँज गलियन में ll
रास रचियो गिरधारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
तीनों लोक को, स्वामी तेरो ll
छाछ पे नाचे मुरारी, गुलाम तेरो बनवारी,
ओ बरसाने वाली, गुलाम तेरो बनवारी ll
Shrijirasik
हमारे दो ही रिश्तेदार,
एक हमारी राधा रानी,
दूजे बांके बिहारी सरकार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
सेठ हमारे बांके बिहारी,
सेठानी वृशभानु दुलारी,
जो कोई जपता राधे राधे,
वो हो जाये भव से पार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
ममतामयी है राधिका रानी,
हर बात श्याम ने इनकी मानी,
राधा नाम की जड़ी बूटी से ,
होते यहां उपचार,
हमारे दो ही रिश्तेदार,
न कोई चिंता न कोई टेंशन,
राधा नाम है दिल मे मेंशन,
भरी सभा मे कह सकते है,
आई लव यू सरकार ,
हमारे दो ही रिश्तेदार
चाहे जो आनन्द में रहना
मान लो कनिष्क का कहा
हर पल है आनन्द बरसता
अनोखा है ये दरबार
हमारे दो ही रिश्तेदार
Shrijirasik
बुलवा ले बरसाने में
धुन- धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई, प्राणों में ॥
कोरा, कोरा गढ़वा, गंगा जल पानी ॥
हो चरण, धुलाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
लाल चुनरिया, पीली गगरिया ॥
हो बिंदिया, लगाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
मिश्री, की ढेली, मैं ले आई ॥
हो भोग, लगाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
राधा, रंगीली, सांवरे कन्हैया ॥
हो दर्शन, पाऊँ, बरसाने में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
राधा, जी को, मन की बताऊँ ।
दिल, की मैं, फरियाद सुनाऊँ ॥
हो जगह, बता दें, अपने चरणन में,
राधा, बस गई, प्राणों में ।
बुलवा ले, बरसाने में, राधा, बस गई...
बरसाने वाली की जय
Shrijirasik
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है
बरसाना मिला है,रह जाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
जप तप साधन के बस की नहीं है,
केवल किशोरी जी करुणामई है
रोम रोम ये खिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
तेरी कृपा से बरसाने आना बना,
तेरी रहमत जो देखी दीवाना बना
एक झलक जिसने भी देख ली आपका,
वही पागल हुआ दिवाना बना
जबसे मेरा बरसाने में,आना जाना हो गया
राधे राधे सुनते सुनते,यह दिल दिवाना हो गया
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
सोचने से पहले होता प्रबंन्ध है,
कैसे बताऊं आनंद ही आनंद है
शिकवा न कोई गिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है...
किसी को जमाने की,शौहरत मिली है
मैं तो अपने मुकद्दर पे,कुर्बान जाऊं
मुझे मेरी श्यामा की,चौखट मिली है
क्यों ना इठलाऊं मैं,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं, बरसाना मिला है...
वृज वासी के टुकड़ों,पे पले हरी दासी
संतों के पीछे पीछे,चले हरी दासी
जीवन का यही सिला है,बरसाना मिला है
कैसे ना इठलाऊं मैं बरसाना मिला है...
Shrijirasik
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
प्यारी यमुना के तट जाऊं
तुम मुरली मधुर बजाओ
मैं झूठ के नचूंगा
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बन जल की मछली
श्री यमुना में छुपा जाऊं
मेरे श्याम नहाने आओ
छू चरण परम पद पाऊं
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम पपीहा
पीहू पीहू की रन लगाओ
तुम साथी बूंद बन बारसो
जनमो की प्यास बुझाऊ
मैं बनके मोर रंगीला
श्री यमुना के तट जाऊं
मैं बनके श्याम चकोरा
नैनों में नीर भरण
तुम श्याम चंद्र बन जाओ
मैं जल का अलग चढ़ाऊ
मैं बनके बस की पारी
हरि अधरों से लग जाऊं
जब श्याम मुझे बजावे
मैं इधर सुधा रस पाऊं
SHRIJIRASIK
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै
आस भरी तुम लता कुंज में,रच
शैय्या पौढ़ावै
जीवन भावै प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम सोवौ मैं ब्यार डुरावौ,
भागै कह्यै नहिं जावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
तुम हूं अकेली मैं हूं अकेली,
आनंदउर ना समावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
बार बार छबि दखि देखि कैं,
उमगि नैन भरि आवै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
भोरी भुक्ति-मुक्ति नहिं चाहत,
जिन इक वह सुख पावै जीवन भावै
प्यारी मोहे ऐसो जीवन भावै...
Shrijirasik
हम तो तेरे दीवाने
धुन- तुम तो ठहरे परदेसी
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे गाएँगे ॥
कि राधे राधे गाएँगे, कि श्यामा श्यामा गाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ सोने, और चांदी की, हमको जरूरत नहीं ॥
तुलसी की, माला से, गले को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ लहंगा, और चोली की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरी उत्तरन से, तन को सजाएंगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ कुटम्ब, और कबीले की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे मोहन को, हम अपना बनाएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
ओ महल, और अटारी की, हमको जरूरत नहीं ॥
राधे, तेरे चरणों में, हम जीवन बिताएँगे ॥
हम तो, तेरे दीवाने, कि राधे राधे...
अपलोडर- अनिलरामूर्तिभोपाल
Shrijirasik
राधे राधे कहता हूँ
अपनी, धुन में, रहता हूँ,
राधे, राधे, कहता हूँ ॥
हो राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
जब से, तेरा, नाम लिया है,
जीवन, मेरा, बदल गया है ।
मारा, मारा, फिरता था मुझे,
एक, ठिकाना, मिल ही गया ।
मस्ती, में अब, रहता हुँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
ना जाने, इस, दुनियाँ के सब,
कारज़, कैसे होते हैं ।
जो नहीं लेते, नाम प्रभु का,
वो जीवन, कैसे, जीते हैं ।
मैं गुरु, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
तेरी, किरपा, की श्री राधे,
सन्तन, का मुझे, संग मिला ।
ठोकर, खाने, वाला था मैं,
तूने, आ के, थाम लिया ॥
श्याम, शरण में, रहता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
कहे, दास, गोविंद मैं तेरी,
आस, लगाए, बैठा हूँ ।
ना जाने, कब, कौन ग़ली से,
एक, झलक, मुझे मिल जाए ॥
वस्ती, वस्ती, फिरता हूँ ॥
राधे, राधे, कहता हूँ...
राधे राधे, राधे राधे,
राधे राधे, राधे राधे ॥
अपनी, धुन में...
छायें कलि घटाएं तो क्या , तेरे आँचल के नीचे हूँ मैं ,
आगे आगे वो चलती मेरे ,अपनी श्यामा के पीछे हूँ मैं
उसने पकड़ा मेरा हाथ है , फिर डरने की क्या बात है,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे बोलो किस की ये औकात है
उनकी करुना का वर्णन करूँ, मेरी वाणी में वो दम नहीं
जबसे तेरा सहारा मिला, फिर सताए कोई ग़म नहीं ,
करती ममता की बरसात है, मेरी लड़ो की क्या बात है
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे बोलो किस की ये औकात है
क्यों तू भटके यहाँ से वहां ,इनके चरणों में आ बैठ न
छोड़ दुनिया के नाते सभी, श्यामा प्यारी से नाता बना ,
ये कराती मुलाक़ात है , मेरी श्यामा की क्या बात है ,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे बोलो किस की ये औकात है
गर हो जाये करुना नज़र , बरसाना बुलाती हैं ये,
दिल क्यों न दीवाना बने, हिरदये से लगाती है ये ,
प्यार करने में विख्यात है,मेरी लाडो की क्या बात है ,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे बोलो किस की ये औकात है
Shrijirasik
आदत आदत आदत है,
जिसको पड़ी जिसकी आदत है।
हम पर तो श्री जी ने की है कृपा,
राधे कहने की आदत है।।
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है।
श्री जी के चरनो मे रहने की आदत सी हो गयी है।।
श्यामा द्वारे आ पडी हुं तेरे नाम के सहारे।।
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है ॥
कोई पागल या दिवाना ओर मस्ताना हि कहे ।
ऐसी बातो को अब सहने कि आदत सी हो गयी है ॥
अब चाहे डूबा दो या बना दो कोई गम भी तो नही ।
हमको तेरे नाम में बहने कि आदत सी हो गई है ॥
मेरी फ़रियाद पे न तुमने कोई गौर ही किया ।
बीती बातों को दोहराने की आदत सी हो गई है ॥
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है ।
श्री जी के चरनो मे रहने की आदत सी हो गयी है ॥
Shrijirasik
कान्हा बरसाने में आए जईओ,
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे भूख लगेगी,
माखन मिश्री खाए जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे प्यास लगेगी,
ठंडा पानी पी जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे ठण्ड लगेगी,
काली कमलिया ले जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे गर्नी लगेगी,
मोर का पंखा ले जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
जब कान्हा रे तोहे नींद लगेगी,
मखमली गद्दे पे सोए जईओ ।
बुलाए गई राधा प्यारी ।
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।
बचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥
ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँ ।
चमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥
चहू दिश रस भरी चितवन मेरी आखों में लाते हो ।
कहो कैसे कहाँ जाऊं यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥
भले तन से निकले प्राण मगर यह छवि ना निकलेगी ।
अँधेरे मन के मंदिर में मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥
मेरी झोली में डालो सब भिक्षा राधा राधा नाम की
मेरी झोली में डालो सब भिक्षा राधा राधा नाम की
राधा नाम की लगन लगा दी,
सोई किस्मत मेरी जगा दी,
मेरे सतगुरु ने दी मुझे दीक्षा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
राधा नाम सर्वस्व हमारा,
राधा नाम बिन ना ही गुजारा,
जीवन भर करेंगे प्रतिक्षा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
राधा नाम जो हमको सुनाएं,
उन चरणों में हम बिक जाएं,
वृंदावन में पाई यही शिक्षा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
‘हम भक्तों’ की झोली भर दी,
ऐसी कृपा पागल ने कर दी,
ऐसी कृपा गुरुवर ने कर दी,
पूरी हो गई मेरे मन की इच्छा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
मेरी झोली में डालो सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की,
राधा राधा नाम की,
बिहारी जी के नाम की,
बिहारी जी के नाम की,
किशोरी जी के नाम की,
मेरी झोली में डालों सब भिक्षा,
राधा राधा नाम की।।
तेरी बिगड़ी बना देगी चरण रज राधा प्यारी की ।
तू बस एक बार श्रद्धा से लगा कर देख मस्तक पर,
सोयी किस्मत जगा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
दुखो के घोर बादल हों या लाखों आंधियां आयें,
तुझे सबसे बचा लेगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
तेरे जीवन के अन्धिआरो में बन के रोशन तुझको,
नया रास्ता दिखा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
भरोसा है अगर सच्चा, उठा कर फर्श से तुझको,
तुझे यह अर्शों पर बिठा देगी, चरण रज राधा प्यारी की ।
लिखे महिमा चरण रज की नहीं है ʻदासʼ की हस्ती,
तुझे दासी बना लेगी चरण रज राधा प्यारी की ।
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन,सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन, सुखकारी राधे,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मोर मुकुट, मकरा कृत कुण्डल, गल वैजयंती माला ll
चरणन नुपर, रसाल राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
सुन्दर वदन, कमल-दल लोचन,बांकी चितवन हारी ll
मोहन वंशी, विहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
वृन्दावन में, धेनु चरावे, गोपी जन मन हारी ll
श्री गोवेर्धन, धारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधा कृष्ण, मिले अब दोऊ, गौर रूप अवतारी ll
कीर्तन धर्म, प्रचारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
तुम बिन मेरा, और ना कोई, नाम रूप अवतारी ll
चरणन में, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
नारायण, बलिहारी राधे, श्याम श्यामा श्याम l
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे राधे, श्याम, राधे राधे, श्याम ll
राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम, राधे श्याम ll
राधे, ब्रज जन मन सुखकारी राधे,श्याम श्यामा श्याम ll
हरे कृष्णा हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा हरे हरे,
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे llll
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए ।
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए ।
जुबा पे राधा राधा, राधा नाम हो जाए ॥
जब गिरते हुए मैंने तेरे नाम लिया है ।
तो गिरने ना दिया तूने, मुझे थाम लिया है ॥
तुम अपने भक्तों पे कृपा करती हो, श्री राधे ।
उनको अपने चरणों में जगह देती हो श्री राधे ।
तुम्हारे चरणों में मेरा मुकाम हो जाए ॥
श्री राधे श्री राधे, राधे राधे श्री राधे ।
श्री राधे श्री राधे, राधे राधे श्री राधे ।
मांगने वाले खाली ना लौटे,
कितनी मिली खैरात ना पूछो ।
उनकी कृपा तो उनकी कृपा है,
उनकी कृपा की बात ना पूछो ॥
ब्रज की रज में लोट कर,
यमुना जल कर पान ।
श्री राधा राधा रटते,
या तन सों निकले प्राण ॥
अगर तुम ना करोगी तो कृपा कौन करेगा ।
अगर तुम ना सुनोगी तो मेरी कौन सुनेगा ॥
॥ किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए..॥
डोलत फिरत मुख बोलत मैं राधे राधे,
और जग जालन के ख्यालन से हट रे ।
जागत, सोवत, पग जोवत में राधे राधे,
रट राधे राधे त्याग उरते कपट रे ॥
लाल बलबीर धर धीर रट राधे राधे,
हरे कोटि बाधे रट राधे झटपट रे ।
ऐ रे मन मेरे तू छोड़ के झमेले सब,
रट राधे रट राधे राधे रट रे ॥
श्री राधे इतनी कृपा तुम्हारी हम पे हो जाए ।
किसी का नाम लूँ जुबा पे तुम्हारा नाम आये ॥
॥ किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए..॥
वो दिन भी आये तेरे वृन्दावन आयें हम,
तुम्हारे चरणों में अपने सर को झुकाएं हम ।
ब्रज गलिओं में झूमे नाचे गायें हम,
मेरी सारी उम्र वृन्दावन में तमाम हो जाए ॥
वृन्दावन के वृक्ष को,
मर्म ना जाने कोई ।
डार डार और पात पात में,
श्री श्री राधे राधे होए ॥
अरमान मेरे दिल का मिटा क्यूँ नहीं देती,
सरकार वृन्दावन में बुला क्यूँ नहीं लेती ।
दीदार भी होता रहे हर वक्त बार बार,
चरणों में अपने हमको बिठा क्यूँ नहीं लेती ॥
॥ किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए..॥
श्री वृन्दावन वास मिले,
अब यही हमारी आशा है ।
यमुना तट छाव कुंजन की,
जहाँ रसिकों का वासा है ॥
सेवा कुञ्ज मनोहर निधि वन,
जहाँ इक रस बारो मासा है ।
ललित किशोर अब यह दिल बस,
उस युगल रूप का प्यासा है ॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए ।
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए ।
जुबा पे राधा राधा, राधा नाम हो जाए ॥
किशोरी इस से बड कर आरजू-ए-दिल नहीं कोई ।
तुम्हारा नाम है बस दूसरा साहिल नहीं कोई ।
तुम्हारी याद में मेरी सुबहो श्याम हो जाए ॥
यह तो बता दो बरसाने वाली,
मैं कैसे तुम्हारी लगन छोड़ दूंगा ।
तेरी दया पर यह जीवन है मेरा,
मैं कैसे तुम्हारी शरण छोड़ दूंगा ॥
ना पूछो किये मैंने अपराध क्या क्या,
कही यह जमीन आसमा हिल ना जाये ।
जब तक श्री राधा रानी शमा ना करोगी,
मैं कैसे तुम्हारे चरण छोड़ दूंगा ॥
बहुत ठोकरे खा चूका ज़िन्दगी में,
तमन्ना तुम्हारे दीदार की है ।
जब तक श्री राधा रानी दर्शा ना दोगी,
मैं कैसे तुम्हारा भजन छोड़ दूंगा ॥
तारो ना तारो मर्जी तुम्हारी,
लेकिन मेरी आखरी बात सुन लो ।
मुझ को श्री राधा रानी जो दर से हटाया,
तुम्हारे ही दर पे मैं दम तोड़ दूंगा ॥
मरना हो तो मैं मरू,
श्री राधे के द्वार,
कभी तो लाडली पूछेगी,
यह कौन पदीओ दरबार ॥
आते बोलो, राधे राधे,
जाते बोलो, राधे राधे ।
उठते बोलो, राधे राधे,
सोते बोलो, राधे राधे ।
हस्ते बोलो, राधे राधे,
रोते बोलो, राधे राधे ॥
सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की
कौन है! जिस पर नहीं है,
मेहरबानी आप की ।
सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की ।
सारा जहां है एक चमन और,
इस चमन के फूल हम,
इन सभी फूलो में श्यामा,
हम निशानी आप की ।
॥ कौन है! जिस पर नहीं है..॥
जैसे गंगा और यमुना की,
धारा बहती भूमि पर,
वैसे ही बहती है ममता,
राधा रानी आप की ।
॥ कौन है! जिस पर नहीं है..॥
तन भी तेरा मन भी तेरा,
मेरा क्या है लाड़ली,
तेरा तुझको सौंपती हूँ,
यह निशानी आप की।
॥ कौन है! जिस पर नहीं है..॥
उम्र भर गाती रहूँ मैं,
महिमा श्यामा आप की,
अपने चरणों में ही रखना,
मेहरबानी आप की ।
सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की,
कौन है! जिस पर नहीं है,
मेहरबानी आप की ।
सारी दुनियां है दीवानी,
राधा रानी आप की ।
मेरी विनती यही है, राधा रानी
कृपा बरसाए रखना,3
हे, राधा रानी
ओ, मुझे तेरा ही सहारा, महारानी...
तेरा ही सहारा, महारानी, चरणों से लिपटाए रखना
(कृपा बरसाए रखना) हे, महारानी 2
छोड़ दुनिया के झूठे नाते सारे
किशोरी, तेरे दर पे आ गया, हाए
(किशोरी, तेरे दर पे आ गया) हे, महारानी
(किशोरी तेरे दर पे आ गया) 2
मैंने तुमको पुकारा, बृज-रानी...
तुमको पुकारा, बृज-रानी, के जग से बचाए रखना, हाए 2
श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, ओ
श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, ओ
इन श्वासों की माला पे मैं
सदा ही तेरा नाम सिमरूँ, हाए
(सदा ही तेरा नाम सिमरूँ) हे, राधा रानी
(सदा ही तेरा नाम सिमरूँ) हे, महारानी 2
लागी राधा, श्री राधा नाम वाली...
राधा, श्री राधा नाम वाली, लगन ये लगाए रखना
(कृपा बरसाए रखना) हे, महारानी 2
तेरे नाम के रंग में रंग के
मैं डोलूँ ब्रज-गलियन में, हाए
(मैं डोलूँ ब्रज-गलियन में) श्री राधा रानी
(मैं डोलूँ ब्रज-गलियन में) हे, महारानी 2
कहें श्रीजी रसिक, श्यामा प्यारी...
श्रीजी रसिक, श्यामा प्यारी, वृंदावन बसाए रखना
ओ
(कृपा बरसाए रखना) हे, महारानी
(कृपा बरसाए रखना) हे, राधा रानी
(कृपा बरसाए रखना)
श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा, श्री राधा
श्री राधा, हाए, श्री राधा, श्री
हे लाडली, सुध लीजे हमारी,
हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी ll
कब होगी मो पे, कृपा तुम्हारी,
हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी l
हे लाडली, सुध लीजे हमारी,
हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी l
हो कृपा बरसाने वाली, मेरी राधा रानी l
मेरी राधा रानी, मेरी श्यामा प्यारी l
तेरे बिना कोई, नहीं है मेरा,
मुझे सहारा, श्यामा जु तेरा ll
क्षमा करो जो, भई चूक भारी,
हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी l
हे लाडली, सुध लीजे…
मैं हूँ अधम, मुझको न बिसारो,
मेरी भी श्यामा, विगड़ी सँवारो ll
तारो या मारो, मर्ज़ी तुम्हारी,
हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी l
हे लाडली, सुध लीजे…
दीनों की श्यामा, रखवार तुम हो,
मेरे जीवन की, आधार तुम हो ll
लाखों की तुमने, विगड़ी सँवारी,
हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी l
हे लाडली, सुध लीजे…
श्याम जु इतना, उपकार कर दो,
अपनी ही भक्ति, का मुझको वर दो ll
चित्र वचित्र तेरे, दर के भिखारी,
हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी l
हे लाडली, सुध लीजे हमारी,
हे राधा रानी, हे श्यामा प्यारी l
हो कृपा बरसाने वाली, मेरी राधा रानी l
मेरी राधा रानी, मेरी श्यामा प्यारी ll
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