॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Narayan - Karun Bhav
नारायण - करुण भाव
Bhajans (17)
Na Jane Aaj Kyo Fir Se Tumhari Yaad Aai Hai
bhajanShrijirasik
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है
दोहा – खाक मुझमें कमाल रखा है,
दाता तूने संभाल रखा है,
मेरे ऐबों पे डालकर पर्दा,
मुझे अच्छों में डाल रखा है।
मैं तो कब का मिट गया होता,
तेरी रहमत ने पाल रखा है,
मुझसे नाता जोड़ के तूने,
हर मुसीबत को टाल रखा है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यों फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
नज़र क्या तुमसे टकराई,
जो नाजुक दिल लुटा बैठे,
इशारा क्या किया तूने,
जो हम खुद को भुला बैठे,
जो हम खुद को भुला बैठे,
मुकर जाओगे वादे से,
तो भक्तो की दुहाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
जमाना रूठ जाए पर,
ना रूठो तुम मेरे दाता,
पुराना जन्म जन्मो का,
कन्हैया आपसे नाता,
कन्हैया आपसे नाता,
निगाहें याद से तेरी,
सितमगर बाज आई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सबर की हो गई हद अब,
सहा जाता नहीं प्यारे,
नज़र दिलदार से ज्यादा,
कोई आता नहीं प्यारे,
कोई आता नहीं प्यारे,
तुम्हारे द्वार पे ‘काशी’,
ने भी पलकें बिछाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
सम्भालों दास को दाता,
मेरी सुध क्यों भुलाई है,
ना जाने आज क्यो फिर से,
तुम्हारी याद आई है ॥
Prabhu Chah M Chah Milane Ko Bhagwan Ki Bhakti Kahte Hai
bhajanShrijirasik
प्रभु चाह में चाह मिलाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
आँखों से झलकते आँसू हों, अधरों पे सदा मुस्कान रहे।
एक संग में रोने गाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
ना शिकवा हो किस्मत से कोई, ना दुनिया की कोई आस रहे।
जो मिल जाए उसमें मगन रहे, उसे प्रभु का ही परसाद कहे॥
हर हाल में शुक्र मनाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
ना मंदिर की दीवारों में, ना पत्थरों के आकारों में।
उस सांवरिया को हर पल ही, बस अपने दिल में पाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
जहाँ 'मैं' मिटकर 'तू' बन जाए, जहाँ बूंद समंदर हो जाए।
अपने ही अहंकार की आहुति, चरणों में दे जाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
दुख आए तो मुस्काना है, सुख आए तो झुक जाना है।
हर मोड़ पे उस सांवरे की, बस रज़ा में ही रम जाने को॥
भगवान की भक्ति कहते हैं।
बस जीते जी मर जाने को, भगवान की भक्ति कहते हैं॥
Raji Hai Hum Usi M Jisme Tere Rja Hai
bhajanShrijirasik
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है,
हम क्या बताएं तुमको सब कुछ तुझे खबर है,
हर हाल में हमारी तेरी तरफ नजर है,
किस्मत है वो हमारी जो तेरा फैंसला है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
हाथो को दुआ की खातिर मिलाएं केसे ,
सजदे में तेरे आकर सर को झुकाएं केसे,
मजबूरियां हमारी बस तू ही जानता है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
रो करकहे या हंस कर कटती है जिंदगानी,
तू गम दे या ख़ुशी दे सब तेरी मेहेरबानी,
तेरी ख़ुशी समहजकर सब गम भुला दिया है,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है,
दुनिया बना के मालिक जाने कहाँ छिपा है,
आता नहीं नजर तू बस इक यही गिला है,
भेजा इस जहाँ में जो तेरा शुक्रिया है ,
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है
राजी हैं हम उसी में जिस में तेरी रजा है
Agar Naath Dekhoge Awgun Hamare
bhajanShrijirasik
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
हमारे लिए क्यों देर किए हो,
गणिका अजामिल को पल में उबारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
पतितो को पावन करते कृपानिधि,
किए पाप है इस सुयश के सहारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
माना अगम है अपावन कुटिल है,
सबकुछ है लेकिन प्रभु हम तुम्हारे,
अगर नाथ देखोंगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे,
तो हम कैसे भव से लगेंगे किनारे ॥
Jo Prem Gali M Aaye Nahi
bhajanShrijirasik
जो प्रेम गली में आए नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं,
वो प्रेम निभाना क्या जानें,
जो प्रेम गली में आए नही ॥
जो वेद पढ़े और भेद करे,
मन में नहीं निर्मलता आए,
कोई कितना भी चाहे ज्ञान कहे,
भगवान को पाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं ॥
ये दुनिया गोरख धंधा है,
सब जग माया में अँधा है,
जिस अंधे ने प्रभु को देखा नहीं,
वो रूप बताना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं ॥
जिस दिल में ना पैदा दर्द हुआ,
वो जाने पीर पराई क्या,
मीरा है दीवानी मोहन की,
संसार दीवाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जो प्रेम गली में आये नहीं ॥
जो प्रेम गली में आए नहीं,
प्रियतम का ठिकाना क्या जाने,
जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं,
वो प्रेम निभाना क्या जानें,
जो प्रेम गली में आए नही ॥
Hardam Yaad Kiya Kar Hari Ko
bhajanShrijirasik
हरदम याद किया कर हरि को,
दर्द निदान हरेगा
1.मेरा कहा नहीं खाली ऐ दिल,आंनद कंद ढरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
2.ऐसा नाहीं जहाँ बिच कोई,लंगर लौर लरेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
3.सहचरी चरण शैर दा बच्चा,क्या गजराज करेगा
हरदम याद किया कर हरि को,दर्द निदान हरेगा
हरदम....
Chale Shyam Sunder Se Milne Sudama
bhajanShrijirasik
चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा,
हरे कृष्ण रामा, हरे कृष्ण रामा,
काँधे पे धोती और लोटा लटकाये
तंदुल की पुतली बगल में दबाये,
चलते चलते पहुंचे, द्वारका धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
महल के बीच में सुदामा जी आए,
सोने सिंहासन से, हरी उठ आए,
सीने से सीना मिलाये घन श्यामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
नहलाया, धुलाया हरी भोजन खिलाया
सोने सिन्हासन पर उनको बिठाया
श्याम दबाए पांव, पंखा करे सत्यभामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
हस हस के पूछे वो कृष्ण कन्हैया,
दीजे जो भेंट भाभी ने भिज वाया,
तंदुल को चाब हरी दिए धन धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा -
Mere Paap Tu Mitade Jag Ko Chalane Bale
bhajanShrijirasik
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले 2
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरेपाप तू मिटा दे
तेरे सिवा न कोई मेरा जग में आसरा है 2
मुझको तलाश तेरी अंखियों में सांवरा है
मिलने की आरजू है 2मुरली बजाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
दुनिया है मेरी मीरा भंवर में फंसती है नैया 2
आ जाओ बन के भांजीं कर दो पार मेरी नैया
हर सवांस मे बसे हो दिल में समाने वाले
मेरेपाप तू मिटा दे
जन्नत में भेज चाहे दो जखमे भेज दें तू 2
हम भी तेरे दीवाने आ कर के देख ले तू
हमको नहीं है प्रवाह 2 गयूऐ चलाने वाले
मेरे पाप तू मिटा दे
हर शह में वास तेरा कहता है ये जमाना 2
अब मेरी बारी पे तुम करते हो कंयू बहाना
मानूंगा मैं तो जब भी 2 मुझे चरनो से लगा ले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
मेरे सांसों की ये डोरी प्रभू ष्याम के हवाले
मेरे पाप तू मिटा दे जग को चलाने वाले
श्री कृंशन गोबिंद हरे मूरारी से नाथ नारायण वासुदेवा 5
हे नाथ नारायण वासूदेव आ हे नाथ नारायण वासुदेवा
Sunlo Jamane Baalo
bhajanShrijirasik
सुनलो जमाने वाले,
प्रभु का भजन कर भाई ।
काहे को समय गँवाई,
तूने काहे को समय गँवाई ।।
काहे सताया तूने, जीवों को बन्दे,
काहे लगाया तूने पाप के फन्दे ।
काहे को तुमने है पाप कमायी,
काहे को तुमको ये माया सतायी ।।
अब भी समय है भाई,
प्रभु को ले मन में बसाई ।।
काहे को....
धन के गुमानी नर, कुछ ना मिलेगा,
अन्त समय खाली हाथ चलेगा ।
अपने को प्रभु को, करो प्यारे अर्पण,
दीनों की सेवा में, करदो समर्पण ।।
करले सत्संग भाई,
अपने को प्रभु में लगाई।।
काहे को....
कोई न तेरा यहाँ, ना तू किसी का,
प्रभु से तू प्रेम करले, सब है उसी का ।
उसके सिवा जग में, ना कोई दूजा,
दिल में बसा ले उसको, कर ले तू पूजा ।।
कान्त तू ध्यान धरले,
प्रभु को ले दिल में बसाई ।।
काहे को....
Jis Ghadi Meri Ye Jaan Nikale
bhajanजिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना,
एकेले मत आना नन्दलाला,
संग राधा जी को लाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
हँसते हँसते निकले दम,
बिछुड़न का मत देना गम,
छवि दिखला देना प्यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जोड़ी हो जुगल सन्मुख मेरे,
तुम आकर दरश दिखाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
चलने की हो तैयारी,
नैनन में हो छवि तुम्हारी,
इतनी है विनय हमारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
आ जाना तुम प्रानन प्यारे,
मत करना कोई बहाना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
जब प्राण कण्ठ में आवे,
दिल तुझको श्याम बुलावे,
तुमसे है मेरी यारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
जीवन तेरा तेरे अर्पण,
ओ मुरली वाले कान्हा,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
पागल की तुमसे विनती,
हर घडी सांस को गिनती,
बीती ये उमरिया सारी,
ओ मेरे बांके बिहारी,
मर मर के जनम लू दुनिया में,
तेरा भूलू नही तराना,
जिस घड़ी मेरी ये जान निकले,
उस वक्त चले तुम आना......
Vinati Suniye Nath Hamari
bhajanShrijirasik
विनती सुनिए नाथ हमारी,
ह्रदय स्वर हरी ह्रदय बिहारी,
मोर मुकुट पीताम्बरधारी,
विनती सुनिए..........
जनम जनम की लगी लगन है,
साक्षी तारों भरा गगन है,
गिन गिन स्वास आस कहती है,
आएंगे श्री कृष्ण मुरारी,
विनती सुनिए..........
सतत प्रतीक्षा अप लक लोचन,
हे भव बाधा विपत्ति विमोचन,
स्वागत का अधिकार दीजिये,
शरणागत है नयन पुजारी,
विनती सुनिए..........
और कहूं क्या अन्तर्यामी,
तन मन धन प्राणो के स्वामी,
करुणाकर आकर ये कहिये,
स्वीकारी विनती स्वीकारी,
विनती सुनिए..........
He Yogeshwer He Praneshwer
bhajanShrijirasik
हे योगेश्वर , हे प्राणेश्वर , हे जगदीश्वर नमो - नमो ॥
ज्ञान के दाता ,कर्म के दाता ।
भाग्य विधाता नमो - नमो ॥हे योगेश्वर ...
ज्ञान वैराग्य का दीप जला दो ।
भक्ति में तन - मन को लगा दो ॥हे योगेश्वर ...
आत्म तत्व का बोध करा दो ।
माया का यह भ्रम समझा दो ॥हे योगेश्वर ...
हे योगेश्वर नमो - नमो
हे प्राणेश्वर नमो - नमो
हे जगदीश्वर नमो - नमो
नमो - नमो , नमो - नमो ,
नमो - नमो...॥
Na Bhatko Moh Se Pyare Ye Rishte Tut Jayenge
bhajanShrijirasik
न भटको मोह से प्यारे,
ये रिश्ते टूट जाएँगे ।
जिन्हे अपने समझते हो,
कभी वे रूठ जाएँगे ।।
जगत के रिश्ते-नाते सब,
ये छूटेंगे मरोगे जब ।
जिसे दौलत समझते हो,
कभी सब लूट जाएँगे ।।
न भटको.....
सभी विपदा से रोते हैं,
नहीं कोई सुखी जग में ।
अगर प्रभु को सुमिर ले तो,
तेरे गम छूट जाएँगे।।
न भटको.....
सफल नर जन्म करना हो,
तो प्रभु की भक्ति कर लेना ।
कान्त यदि ध्यान यह धरले,
मोह सब छूट जाएँगे ।।
न भटको.....
Agar Moh Se Man Sada Chhod De Bure Karm Apne Agar Chhod Den
bhajanShrijirasik
अगर मोह से मन सदा मोड़ दे,
बुरे कर्म अपने अगर छोड़ दे ।
तब ईश विपदा हरेगा तेरे,
मगर ईश का ध्यान करना पड़ेगा,
सखे सुन मेरे ।।
द्रोपदी को दुशासन बेपरदा करे,
पुकारी जभी लाज उसकी हरे ।
कोई ऐसा गम ना प्रभु ना हरे,
अजामिल प्रभु नाम से ही तरे ।।
गज मोक्ष देखो प्रभु ने किया,
प्रहलाद का दुःख सदा हर लिया ।
तब ईश विपदा....
कर याद प्रभु की कृपावृष्टि का,
हो जा प्रभु की दया दृष्टि का ।
प्रभु है रचयिता पूरी सृष्टि का,
बना ले तू अपना उसे दृष्टि का ।।
अगर भाव से उसको कोई भजे,
गया जो शरन में प्रभु ना तजे ।
तब ईश विपदा....
चलो राह सत की असत से डरो,
मन की न मानो न मन की सुनो ।
अगर प्रभु को पाना तुम्हें है सुनो,
प्रभु नाम को प्यारे जल्दी चुनो ।।
तुम भी चुनो कान्त प्रभु नाम को,
समय न गँवाओ तजो काम को ।
तब ईश विपदा....
Bhajale Vande Tu Naam Hari Ka Naam Se Hi Tar Jayega
bhajanShrijirasik
भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,
ना धन ये तेरे, साथ जायेगा ,
ना तन ये तेरे, साथ जायेगा ,
जायेगा बस ये, नाम हरि का ,
नाम हरि का, नाम हरि का ,
भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,
ना कुछ हैं तेरा , ना कुछ हैं मेरा ,
जो भी मिला हैं, वो हैं हरी का ,
पावन जग में हैं, नाम हरि का ,
नाम हरि का, नाम हरि का ,
भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,
ना कोई रिश्ता, ना कोई नाता ,
झूठा हैं ये, सारा तमाशा ,
सच्चा हैं बस, नाम हरि का ,
नाम हरि का, नाम हरि का ,
भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,
क्या तूने पाया, क्या तूने खोया ,
सारी उम्र बस, माया को रोया ,
चल गई तुझ पे तो, माया हरि की ,
माया हरि की, माया हरि की ,
भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,
धन ही कमाया, तूने धन ही कमाया ,
क्या तूने कभी, हरि गुण गाया ,
अब तो ले ले, तू नाम हरि का ,
नाम हरि का , नाम हरि का ,
भज ले बंदे तू नाम हरि का, नाम से ही तर जाएगा ,
Teri Sharan M Aake M Dhanya Ho Gya
bhajanतेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
तुझको अपना बनाके मैं धन्य हो गया ।
कितने मिले अमीर यहां, कितने मिले गरीब -2
पर आप मिल गये तो, धनवान हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं,-2
इक आपका सहारा,-2 साकार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप,-3
चरणो के ही सहारे, मैं भव पार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया हूं॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
M Nahi Mera Nhi Yah Tan Kisi Ka H Diya
bhajanमैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो भी अपने पास है, वह धन किसी का है दिया।
देने वाले ने दिया, वह भी दिया किस शान से।
"मेरा है" यह लेने वाला, कह उठा अभिमान से
"मैं", ‘मेरा’ यह कहने वाला, मन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो मिला है वह हमेशा, पास रह सकता नहीं।
कब बिछुड़ जाये यह कोई, राज कह सकता नहीं।
जिन्दगानी का खिला, मधुवन किसी का है दिया।..
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जग की सेवा खोज अपनी, प्रीति उनसे कीजिये।
जिन्दगी का राज है, यह जानकर जी लीजिये।
साधना की राह पर, साधन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है द
जो भी अपने पास है, वह सब किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
जो भी अपने पास है, वह धन किसी का है दिया।
मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया।
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