॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Narayan - Meditative Bhav
नारायण - ध्यानपूर्ण भाव
Bhajans (12)
Itna to karna swami
bhajanShrijirasik
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले - २
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले
श्री गंगा जी का तट हो,
यमुना का वंशीवट हो
मेरा सांवरा निकट हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
पीताम्बरी कसी हो
छवि मन में यह बसी हो
होठों पे कुछ हसी हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
श्री वृन्दावन का स्थल हो
मेरे मुख में तुलसी दल हो
विष्णु चरण का जल हो
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
जब कंठ प्राण आवे
कोई रोग ना सतावे
यम दर्शना दिखावे
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
उस वक़्त जल्दी आना
नहीं श्याम भूल जाना
राधा को साथ लाना
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
सुधि होवे नाही तन की
तैयारी हो गमन की
लकड़ी हो ब्रज के वन की
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
एक भक्त की है अर्जी
खुदगर्ज की है गरजी
आगे तुम्हारी मर्जी
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
ये नेक सी अरज है
मानो तो क्या हरज है
कुछ आप का फरज है
जब प्राण तन से निकले
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से निकले
Hari Ka Bhajan Karo Hari Hai Hamara
bhajanShrijirasik
हरि का भजन करो हरि है हमारा,
हरि नाम गाने वाला सबका है प्यारा,
हरि नाम से तेरा काम बनेगा,
हरि नाम ही तेरे साथ चलेगा,
हरि नाम लेने वाला,
हरि का है प्यारा,
कोई काहे राधेश्याम, कोई काहे सीताराम,
कोई गिरिधर गोपाल, कोई राधामाधव लाल,
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, नमो बारम्बारा,
सुख़ दुःख भोगे जाओ, लेखा सब मिटाते जाओ,
हरि गुण जाओ, हरि को रिझाते जाओ,
वोही हरि दीन बंधू, वोही करी करुना सिन्धु, सब का है प्यारा,
दीनो पर दया करो, बने तो सेवा भी करो,
मोह सब दूर करो, प्रेम हरि ही से करो,
यही भक्ति यही योग, यही ज्ञान सारा ,
Chale Shyam Sunder Se Milne Sudama
bhajanShrijirasik
चले श्याम सुंदर से मिलने सुदामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा,
हरे कृष्ण रामा, हरे कृष्ण रामा,
काँधे पे धोती और लोटा लटकाये
तंदुल की पुतली बगल में दबाये,
चलते चलते पहुंचे, द्वारका धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
महल के बीच में सुदामा जी आए,
सोने सिंहासन से, हरी उठ आए,
सीने से सीना मिलाये घन श्यामा,
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
नहलाया, धुलाया हरी भोजन खिलाया
सोने सिन्हासन पर उनको बिठाया
श्याम दबाए पांव, पंखा करे सत्यभामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा --
हस हस के पूछे वो कृष्ण कन्हैया,
दीजे जो भेंट भाभी ने भिज वाया,
तंदुल को चाब हरी दिए धन धामा
जपते जपते मनमे हरे कृष्ण रामा -- हरे कृष्ण रामा -
Hari Naam Mai Kya Bandish
bhajanShrijirasik
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंदिश,दिन रात लिजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली....
1.औरों के पास जानें से,क्या होगा फायदा
चरणों में प्रेम अश्रु की,बरसात किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु....
2.करने से पहले काम तूं,सौ बार दिल से पुछ
हरगिज़ ना कभी दिल से,ना घात किजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
प्रभु....
3.मीरा ने पीके दुनिया को,हाला दिखा दिया
प्रभु नाम रसका प्याला,दिन रात पिजिए
ताली बजा-बजाकर, शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
Tere Pujan Ko Bhagwan
bhajanShrijirasik
तेरे पूजन को भगवान....
तेरे पूजन को भगवान
बना मन मंदिर आलीशान
किसने जानी तेरी माया
किसने भेद तुम्हारा पाया
हारे ऋषि मुनि धर ध्यान
बना मन मंदिर आलीशान
तू ही जल में तू ही थल में
तू ही तन में तू ही मन में
तेरा रूप अनूप महान
बना मन...
तू हर गुल में तू बुलबुल में
तू हर डाल के हर पातन में
तू हर दिल में मूरतिमान
बना मन...
तूने राजा रंक बनाए
तूने भिक्षुक राज बिठाए
तेरी लीला अजब महान
बना मन...
झूठे जग की झूठी माया
मूरख उसमें क्यों भरमाया
कर कुछ जीवन का कल्याण
बना मन...
Kam Aayega Prabhu Ka Bhajan Jisne Diya Hai Manav Janam
bhajanShrijirasik
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
तेरी मुक्ति का साधन यही है,
गुणी संतो का कहना सही है,
तेरे कष्टों को निवारे,
तुझको तारे हाँ उबारे,
तेरे ही शुभ करम।
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
काल जब आए तुझको ले जाने,
मुँह फेर लेंगे अपने बेगाने,
सच्चा साथी वो ही माटी,
जिसका दुनिया नाम गाती,
प्रभु की ले लो शरण
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
विषयो में मन को तू ना लगाना,
अंत समय में पड़े पछताना,
कीमती ये स्वास तेरी,
लाभ उठा ले कर ना देरी,
यही है तेरा धरम
काम आएगा प्रभु का भजन,
जिसने दिया है तुझे,
प्यारा मानव जनम,
करले उसका भजन,
करले उसका भजन
Insaf Ka Dar H Tera Ye Hi Soch Ke Aata Hu
bhajanShrijirasik
इंसाफ का दर है तेरा येही सोच के आता हु,
हर वार तेरे दर से खाली ही जाता हु,
आवाज लगाता हु क्यों जवाब नहीं मिलता,
दानी हो सबसे बड़े मुझको तो नहीं लगता,
शायद किस्मत में नहीं दिल को समजता हु,
इंसाफ का दर है तेरा......
जज्बात दिलो के प्रभु धीरे से सुनाता हु,
देखे न कही कोई हालत छुपाता हु,
सब हस्ते है मुझ पर मैं आंसू बहाता हु,
इंसाफ का दर है तेरा......
देने को सताने का अंदाज़ पुराना है,
देरी से आने का बस एक बहाना है,
खाली जाने से प्रभु दिल में शर्माता हु,
इंसाफ का दर है तेरा.....
हैरान हु प्रभु तुम में दुखियो को लौटाया है,
फिर किस के लिए तुमने दरबार लगाया है,
वनवारी महिमा तेरी कुछ समज न पाता हु
इंसाफ का दर है तेरा......
Na Bhatko Moh Se Pyare Ye Rishte Tut Jayenge
bhajanShrijirasik
न भटको मोह से प्यारे,
ये रिश्ते टूट जाएँगे ।
जिन्हे अपने समझते हो,
कभी वे रूठ जाएँगे ।।
जगत के रिश्ते-नाते सब,
ये छूटेंगे मरोगे जब ।
जिसे दौलत समझते हो,
कभी सब लूट जाएँगे ।।
न भटको.....
सभी विपदा से रोते हैं,
नहीं कोई सुखी जग में ।
अगर प्रभु को सुमिर ले तो,
तेरे गम छूट जाएँगे।।
न भटको.....
सफल नर जन्म करना हो,
तो प्रभु की भक्ति कर लेना ।
कान्त यदि ध्यान यह धरले,
मोह सब छूट जाएँगे ।।
न भटको.....
Hari Ju Tero Naam Param Sukhdai
bhajanShrijirasik
हरि नाम बड़ो सब साधंन ते,हरि नाम बिना बेदार सी है कलीकोट कुचाल कटावंन को,हरि नाम करोत की धार सी है
हरि नाम सों पाहन सिंधू तरे,तोहे लागत बात गवारं सी है
सुख देख पुराण नाम प्रताप,कवंन कु कहां आवसी है
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई,प्रभु जू तेरो नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
1. और कछु जो ना बनें,एक नाम एक टेर
बिहारी बिहारिन दास रट,साधंन सधेअनेक
श्री हरिदास नाम सुखदाई,हमारो श्रीहरिदास नाम सुखदाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
2. नाम नाम बिन ना रहे,सुनों सयानें लोग
मीरा सुत जनयों नहीं,शिष्य ना मुड़ो कोई
नाम बाई वो मीरा भई,गिरधर नाम
भाई वो मीरा बाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू
तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
3. लाख़ बार हरि हर कहो,एक बार हरिदास
अति प्रसंन श्री लाडली,दे हैं विपिन को वास
हमारो श्री हरिदास नाम सुखदाई,प्रभु
जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,मैंने
नाम की रटंन लगाई प्रभु जू तेरो नाम
परम सुखदाई,
हरि....
Ye Maya Tere Sang Na Chalegi Babre
bhajanShrijirasik
वोल-ये माया तेरी,बहुत कठींन है राम
ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे,
भजले राम राम राम
भजले श्याम श्याम श्याम
ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे
ये माया....
इस माया के पिछे तूं,दिन रात डोलता डोले
आज किसी की कल किसी की, भेद हरि ने खोले
ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे,
भजले राम राम राम
भजले श्याम श्याम श्याम
ये माया....
जो माया के पिछे भागा,वो पागल कहलाया
इस माया के चक्कर में तुनें,अपना आप भुलाया
ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे,
भजले राम राम राम
भजले श्याम श्याम श्याम
ये माया....
राम नाम को भजले धसका,क्यों जीवन है खोता
राम नाम ही धन है पागल,क्यों माया के लिए रोता
ये माया तेरे संग ना चलेगी बांवरे
ये माया....
Hari Naam M Kya Bandish Din Rat Lijiye Tali Baja Baja Kar Shuruat Kijiye
bhajanShrijirasik
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंदिश,दिन रात लिजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली....
1.औरों के पास जानें से,क्या होगा फायदा
चरणों में प्रेम अश्रु की,बरसात किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु....
2.करने से पहले काम तूं,सौ बार दिल से पुछ
हरगिज़ ना कभी दिल से,ना घात किजिए
ताली बजा-बजाकर,शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
प्रभु....
3.मीरा ने पीके दुनिया को,हाला दिखा दिया
प्रभु नाम रसका प्याला,दिन रात पिजिए
ताली बजा-बजाकर, शुरुआत किजिए
प्रभु नाम में क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
हरि नाम मैं क्या बंन्दिंश,दिन रात लिजिए
Teri Sharan M Aake M Dhanya Ho Gya
bhajanतेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
तुझको अपना बनाके मैं धन्य हो गया ।
कितने मिले अमीर यहां, कितने मिले गरीब -2
पर आप मिल गये तो, धनवान हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं,-2
इक आपका सहारा,-2 साकार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप,-3
चरणो के ही सहारे, मैं भव पार हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया हूं॥
जन्मों की प्यास थी जो,-2 मैं सम्पन्न हो गया।
तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया,
जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया,
तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया॥
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