॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Radhe - Meditative Bhav
राधे - ध्यानपूर्ण भाव
Bhajans (20)
Karunamai Shyama Baat Niharati
bhajanShrijirasik
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
करुणामई श्यामा बाट निहारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
बीते ना उमर यूंही झूठी जग आस में।
दौड़ चले हम कुंवरी राधिका के पास में।
जन्मों की बिगड़ी पल मे भानुजा संवारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अंश है सभी हम यूं तो नंदजू के लाल के।
विमुख हुए ज्यों सखी पड़े मुख काल के।
जीवन मरण से केवल कुंवरी उबारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
अधमों को तारे अलग ही रीति से।
मिलन कराती अपने सांवरे से मीत से।
महल के द्वारे पतितों को सत्कारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
होगे निराश जब तुम जग की नातेदारि से।
प्रीत मिलेगी सांची बरसानेवारी से।
माधुरी रंगीली पे निज प्राणन वारती।
कुंजन में दीनन को लाडली पुकारती।
करुणामई श्यामा।
O Re Jadugar Shyam Tu Badoi Jadugar
bhajanShrijirasik
ओ रे जादूगर श्याम तू बड़ोई जादूगर ।
तू बड़ोई जादूगर तू बड़ोई जादूगर ॥
तेरा रोम-रोम जादू की पिटारी नटवर ।
तूने लूटी जादूगरी बड़े-बड़ों के भी घर ।।
तूने लूटे परिकर विधि-हरि-हर घर ।
ओ रे...
तूने लूटे उमा-रमा-सरस्वती के भी घर ।
तूने लूटे सनकादिक ज्ञानिन घर ।।
तूने लूटे सुध-बुध मायामुक्त जन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जनकादि विदेहहुँ घर ।
तूने लूटे निजजन व्रजवासिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े व्रजरसिकन घर ।
ओ रे...
तूने लूटे कामयुक्त प्रेमयुक्त जन घर ।
तुने लूटे जो बने हैं तेरे उनहिन घर ।।
तूने लूटे बड़े-बड़े जगद्गुरुओं के घर ।
ओ रे...
तूने लूटे जिन उनने भी लूटा तेरा घर ।
तूने लूटे सब घर राधा लूटे तेरा घर ।।
तूने लूटे क्यों कर ना कृपालो उर घर ।
ओ रे...
Karunamai Sarkar Ne Jeena Sikha Diya
bhajanShrijirasik
तर्ज – मिलती है जिन्दगी में
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया......
जिसने कभी भी आज तक,
सजदा नहीं किया,
उसको कृपा ने आपकी,
झुकना सिखा दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.....
रहते हो दिल जिगर में,
आँखों में हर घड़ी,
मस्ती का जाम आपने,
ऐसा पिला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया........
दुनिया की चमक देखकर,
भटका हुआ था मैं,
मुझको दया ने आपके,
चरणों में ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.......
करुणामयी सरकार ने,
जीना सिखा दिया,
दुनिया की ठोकरों ने तेरे,
दर पे ला दिया,
करुणामई सरकार ने,
जीना सिखा दिया.........
Har Ghadi Sumiran Tumhara
bhajanShrijirasik
तर्ज – सांवली सूरत पे मोहन
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.......
बांकी छवि बांकी अदा,
बांकी हंसी बांका चलन,
रूबरू बांका नज़ारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं...........
एक सूरत आपकी,
और दीवाना सारा जहां,
हाल जो होगा हमारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
मेरी आँखों में कटीली,
अपनी आँखे डालकर,
जो किया तुमने इशारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा,
मेरे इन होठों पे हैं,
नाम प्रियाकांत प्यारा,
मेरे इन होठों पे हैं.........
Jay Jay Shyama Jay Jay Shyam
bhajanShrijirasik
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय मथुरा गोकुल गोवर्धन
जय यमुना सेवा कुञ्ज निधिवन
जय बरसाना, जय नंदगाव
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय ब्रज रज, जय जय गोधन
जय जय ग्वाल सखा गोपीजन
जय ब्रजवासिन, जय ब्रज बाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय ब्रजमण्डल जय ब्रज रसिकन
जय जय ब्रज के संत भक्त जन
जय जय लत्ता पता अभिराम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
❛मधुप हरि❜ ठाकुर ठकुरानी
जय ब्रजराजा जय ब्रजरानी
जय राधा माधव छवि धाम
जय जय श्री वृन्दावन धाम
जय जय श्यामा, जय जय श्याम
जय जय श्री वृन्दावन धाम-२।
Radhe Rani Sanware Ki Pyari Hai
bhajanShrijirasik
राधे रानी सावरे की प्यारी है
श्यामा जू सावरे की प्यारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
1) राधा नाम की धुन जब लागे, धुन जब लागे
श्याम घूमते पीछे आगे, पीछे आगे
राधा का दीवाना बिहारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
2) बरसाना बृज की है राजधानी, है राजधानी
जहां बिराजे राधा रानी, राधा रानी
भक्तों की बिगड़ी सवारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
3) मुरली में कान्हा और सुर जब साधे, सुर जब साधे
गाती है बंसी श्री राधे राधे, श्री राधे राधे
श्यामा की महिमा भारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
4) श्यामा श्याम में भेद न कोई, भेद न कोई
चारों दिशाओं में जय जय हुई, जय जय हुई
भूलन की बाधा तारी है
भोली भाली बरसाने वारी है
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
लीला है नारी लाडली लीला है न्यारी
किया गहवरवन में वास लाडली लीला है न्यारी
Shriji Hamari Ham Shriji Ke
bhajanShrijirasik
श्री जी हमारी हम श्री जी के -२
जिये जा रहे हैं राधा नाम रस पी के-४
ऊँची अटारी श्रीजी का दरबार है-२
राधा दरस का राधा नाम ही आधार है-२
राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा-२
ऊँची अटारी श्रीजी का दरबार है
राधा दरस का राधा नाम ही आधार है-२
नाम सहारे चढ़ते-२ जाते सीढ़ी हैं।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
कृपामयी किशोरी करुणामयी सरकार है-२
बड़ी ही दयालु राधा सर्वसुख सार है-२
सब सुख पाये जब से-२ हो गए इन्हीं के।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
'मधुप' हरी श्यामा प्राण हमारी हैं-२
सम्पति हमारी यही बरसाने वारी है-२
कर दी ये जिंदगी-२ नाम उन्हीं के।
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
जिये जा रहे......
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-४
राधाााााा....
ऐसो स्वप्न मोहिं अति भावे,नैन समीप मोहिनी मूरत मंद मंद मुस्कावे,
कोटि चंद छवि सुंदर आनन,रूप सुधा बरसावे
भोरी रंग भरी अलबेली,मेरे हिये में आय समावे।
ऐसो स्वप्न मोहिं अति भावे ..
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-३
श्री जी हमारी हम श्री जी के-२
श्री राधा श्री राधा श्री राधा श्री राधा-५
जय जय श्री राधे ..
जिये जा रहे हैं राधा नाम रस पी के-४
श्री जी हमारी हम श्री जी के -२ ।
Tum Bin Suni Hai Jindgani O Radharani
bhajanShrijirasik
तुम बिन सूनी है ज़िंदगानी-2
ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2
दिल में बसा है बस नाम तेरा,तेरे सिवा कोई और न मेरा-2
जैसे मछली है बिन पानी-2
ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2
हर ज़र्रे में तुझको पाया,तेरे सिवा कोई और न भाया-2
दुनिया भी मुझको लगती बेगानी-2
ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2
छूटे कभी न दामन तुम्हारा,जनम जनम का नाता हमारा-2
तुझसे जुड़ी मेरी प्रीत पुरानी-2
ओ राधा रानी ओ राधा रानी-2
राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम श्याम श्याम।
राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम॥-3
राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम श्याम श्याम।
राधे श्याम श्याम श्याम राधे श्याम॥-3
Banoge Radha To Ye Janoge Kaisa Pyar H Mera
bhajanShrijirasik
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
क्या होती प्रतीक्षा है, की पीड़ा होती है,
कितना जलता है दिल कब आँखे रोटी है,
बहेंगे आँसू, बहेंगे आँसू, तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
जब कोई सुनेगा ना, जब कोई सुनेगा ना,
तेरे मान के दुखड़े जब ताने सुन सुन के होंगे दिल के टुकड़े,
सुनोगे ताने तब यह जानोगे, सुनोगे ताने तब यह जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
पनघट मेी मधुबन मेी वो इंतेजर करना,
आए श्याम तेरी खातिर वो घुट घुट के मारना,
करोगे इंतजार जानोगे, करोगे इंतजार जानोगे,
की कैसा प्यार है मेरा, की कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
याद आने से पहले तुम ना जया करो,
तुम याद ना आया करो, तुम याद ना आया करो,
अब एक तमन्ना है, गर फिर से जानम मिले,
मई श्याम बनू तेरा तू राधा बन के जिए,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, बनोगे राधा तो यह जानोगे,
के कैसा प्यार है मेरा,
बनोगे राधा तो यह जानोगे, के कैसा प्यार है मेरा,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
हो सावरे हो सावरे हो सावरे हो सावरे,
Aese Chup Na Rha Kijiye Radhe Radhe Kaha Kijiye
bhajanShrijirasik
ऐसे चुप ना रहा कीजिए राधे राधे कहा कीजिए
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ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
आ गए, हो जो, सत्संग में ॥
लाभ कुछ तो, उठा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
दोष, जन्मो के, मिट जाएंगे ॥
भाग्य, सोया, जगा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
होनी, अनहोनी, को भूलकर ॥
जिंदगी का, मज़ा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
गैर, का घर, बड़ा देखकर ॥
बे-बजह ना, जला कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
बड़ा, अनुभव है, इस दास का ॥
आप भी, अज़मा लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
शान्त, जीवन, संवर जाएगा ॥
राधा, रानी के, गुण गाईए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
स्वाद अद्भुत है, इस नाम का ॥
नाम, का ज़ाम, चख लीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥
ऐसे, चुप ना, रहा कीजिए ॥
राधे राधे, कहा कीजिए ॥ ॥
Karuna Barsa Do Na Kishori Meri
bhajanShrijirasik
तरज़-हुंसन पहाड़ो का ओ साहेबां
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
के तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
अपना नहीं कोई,सब है पराये
जितना बुलाऊं,मुझसे दुर ही जाये
आकर संभालो ना के तेरे सिवा कोई ना मेरा,
मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
मैंनें सुना है तूं प्रेम की धारा,तेरे बिना ना कोई हमारा
किरपा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
पागल ने तेरी महिमा बख़ांनी,धसका भी है चरणों को पुजारी
मेरा भाग्य बना दो ना किशोरी मेरी,
के तेरे सिवा कोई ना मेरा,मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना किशोरी मेरी,
तुम्हारे सिवा कोई ना मेरा
मुझे अपना बना लो ना
करूणा बरसा दो ना...
Jara Japle Tu Radha Naam Tujhe Mil Jayega Shyam
bhajanShrijirasik
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जो भी राधा बोले , अपनी किस्मत खोले ,- २
बड़ा जादू भरा ये नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
तूने जाना नहीं , पहचाना नहीं , - २
बड़ा सुन्दर हैं ये नाम,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
भक्तों ने जपा , संतो में जपा , - २
उन्हें मिल गया ये बृज धाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
जरा जप ले तू राधा नाम ,
तुझे मिल जायेगा श्याम ,
Sankat Haregi Krengi Bhali
bhajanShrijirasik
संकट हरैगी, करैगी भली वृषभानु की लली.......
तेरे संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
बरसानेवारी तू मेरी सहाय....दीन दुखिन कूं निज दरस करायै
मोकू भी जानो तुम दीन-दुखी......वृषभानु की लली.......
...संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
कृष्ण पियारी सुन मेरी पुकार......जग सौं छुड़ाए मोहे चरनन में डार
तेरे महलन के कोने रहूँ मैं पड़ी........वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली..........
बरसाने धाम जन्म तुम लियौ.....गहवर वन भीतर बिहार कियौ
तिहारी प्यारी लागै मोहे रंगीली गली.......वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली..........
नीलाम्बर पहने हरिदास दुलारी......गल हार हीरन कौ बैंदी भी प्यारी
तेरी नथली लागै हमें प्यारी बड़ी......वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली..........
त्रिभुवन पति तूने बस में किये...जहाँ पग धरो श्याम तहं नैना धरे
अरी मुक्ति हूँ तेरे चरण में पड़ी.....वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
राधा श्री राधा श्री राधा कहे.....कोटि जग बाधा कूं पल में हरे
दुष्टन के दल में मचे खलबलि...... वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
संकट हरैगी, करैगी भली वृषभानु की लली.......
तेरे संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली.......
सर्वेश्वरी लाडली श्री प्यारी जू की जय
श्री राधे !!!!!!!!!!!
Radha Ko Naam Anmol Bolo Radhe Radhe
bhajanराधा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे ।
श्यामा को नाम अनमोल बोलो राधे राधे ॥
ब्रह्मा भी बोले राधे, विष्णु भी बोले राधे ।
शंकर के डमरू से आवाज़ आवे राधे राधे ॥
गंगा भी बोले राधे, यमुना भी बोले राधे ।
सरयू की धार से आवाज़ आवे राधे राधे ॥
चंदा भी बोले राधे, सूरज भी बोले राधे ।
तारो के मंडल से आवाज़ आवे राधे राधे ॥
गैया भी बोले राधे, बछड़ा भी बोले राधे ।
ढूध की धार से आवाज़ आवे राधे राधे ॥
गोपी भी बोले राधे, ग्वाले भी बोले राधे ।
बृज की सब गालिओ से आवाज़ आवे राधे राधे ॥
Radhe Radhe Radhe Kahne Ki Aadat Si Ho Gayi H
bhajanShrijirasik
आदत आदत आदत है,
जिसको पड़ी जिसकी आदत है।
हम पर तो श्री जी ने की है कृपा,
राधे कहने की आदत है।।
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है।
श्री जी के चरनो मे रहने की आदत सी हो गयी है।।
श्यामा द्वारे आ पडी हुं तेरे नाम के सहारे।।
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है ॥
कोई पागल या दिवाना ओर मस्ताना हि कहे ।
ऐसी बातो को अब सहने कि आदत सी हो गयी है ॥
अब चाहे डूबा दो या बना दो कोई गम भी तो नही ।
हमको तेरे नाम में बहने कि आदत सी हो गई है ॥
मेरी फ़रियाद पे न तुमने कोई गौर ही किया ।
बीती बातों को दोहराने की आदत सी हो गई है ॥
राधे राधे राधे कहने की आदत सी हो गयी है ।
श्री जी के चरनो मे रहने की आदत सी हो गयी है ॥
He Ladli Radhe Mere Jivan M Aesa Bhi Koi Shubh Din Aaye
bhajanहे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे,
तेरी याद मे व्याकुल हो जाऊँ इतना,
आंसुओं की यमुना बह जाए।
हे लाडली राधे.....
पल पल छीन छीन प्यारी राधे,
तेरी बाट निहारु में,
इस जीवन की हर श्वास श्वास में,
तुम्हें पुकारूँ मैं,
रहा अब जाए ना,
कहा कुछ जाए ना,
तेरे चरणों की सेवा में,
जीवन मेरा ये कट जाए,
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।..
इतना वियोगी बन जाऊं,
सुध बुध खो जाए सारी,
मूर्छित पड़ा रहूँ बृज रज में,
बनकर तेरा दरश भिखारी,
दशा मुझ दिन की,
मंद मतिहीन की,
तभी सुधरेगी की श्री श्यामा,
हाथ सिर पर जो सहरावे,
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।
दे देना जगह नीच चरनन में,
यही कामना जीवन की,
प्रीतम संग प्यारी आओगी,
सुध लेना निर्धन की,
कृपा बरसाओ की
मुझे अपनाओगी
तेरी करुणा भरी दृष्टि को
ये हम सब भक्त भी ललचावे,
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे।
श्री राधे, श्री राधे,
हे लाडली राधे मेरे जीवन में,
ऐसा भी कोई शुभ दिन आवे,
तेरी याद मे व्याकुल हो जाऊँ इतना,
आंसुओं की यमुना बह जाए।
Saras Kishori Vayas Ki Thori Ratiras Bhori Kije Kripa Ki Kor
bhajanसरस किशोरी वयस की थोरी
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
साधन हीन, दीन मैं राधे,
तुम करुणामयी प्रेम अगाधे,
काके द्वारे, जाय पुकारे,
कौन निहारे, दीन दुःखी की ओर,
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
करत अघन नहिं नेकु उघाऊँ,
भजन करन में मन को लगाऊँ,
करी बरजोरी, लखि निज ओरी,
तुम बिनु मोरी, कौन सुधारे दोर।
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
भलो बुरो जैसो हूँ तिहारो,
तुम बिनु कोउ न हितु हमारो,
भानुदुलारी, सुधि लो हमारी,
शरण तिहारी, हौं पतितन सिरमोर।
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
गोपी-प्रेम की भिक्षा दीजै,
कैसेहुँ मोहिं अपनी करी लीजै,
तव गुण गावत, दिवस बितावत,
दृग झरि लावत, ह्वैहैं प्रेम-विभोर।
सरस किशोरी, वयस की थोरी,
रति रस भोरी, कीजै कृपा की कोर।
श्री राधे, कीजै कृपा की कोर।
Pyasa Hiran Jaise Dhundhe H Jal Ko Aise Kishori Tumhe Dhundh Rha
bhajanप्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को,
ऐसे किशोरी तुम्हे ढूंढ रहा,
ऐसे किशोरी तुम्हे खोज रहा,
प्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को,
सोना चांदी मैं तो ना मांगू,
मन तेरे प्रेम रचता रहु मैं,
ऐसे किशोरी तुम्हें ढूंढ रहा,
ऐसे प्रभु मैं तुझको खोज रहा,
तुम ही मेरे मन की अभिलाषा,
पूजा तेरी नित नित करता रहु मैं,
ऐसे प्रभु मैं तुझे ढूंढ रहा,
ऐसे प्रभु मैं तुझको खोज रहा,
तू जो मेरे मन में वास करे,
पाप से निश दिन बचता रहु मैं,
ऐसे प्रभु मैं तुझे ढूंढ रहा,
ऐसे प्रभु मैं तुझको खोज रहा,
Mere Chintan M Aake Baso Ladli Fir Bhale Chahe Kuchh Bhi N Dena Mujhe
bhajanमेरे चिंतन में आके बसो लाड़ली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
तुम हो करुणा की सागर बहो लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे....
1.आंख खोलूं तो ऊंची अटारी दिखे,
आंख मुंदू तो श्यामा जू प्यारी दिखे
तेरी करुणा के रस में बहुं लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे चिंतन में आके बसो लाड़ली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
तुम हो करुणा की सागर बहो लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे....
2.मेरे भावों को कर देना सांचों प्रिये,
मेरी जिव्हा पे नाम बन नाचो प्रिये
रस की सागर हो तुम अब रसों लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे चिंतन में आके बसो लाड़ली,फिर भले
कुछ भी देना ना देना मुझे
तुम हो करुणा की सागर बहो लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे....
3.भाव में कैसे डुबूं बता दिजिये,
प्रेम होता है क्या ये सिखा दिजिये
मैं रुदन में रहूं तुम हंसों लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे चिंतन में आके बसो लाड़ली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
तुम हो करुणा की सागर बहो लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे....
4.नाम ऐसा जपूं मुझमें आवेश हो,
तेरी लीला में मेरा भी परवेश हो
हरि दासी की हालत लख़ो लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे चिंतन में आके बसो लाड़ली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
तुम हो करुणा की सागर बहो लाडली,
फिर भले कुछ भी देना ना देना मुझे
मेरे....
Kripa Barsaye Rakhna Radha Rani
bhajanमेरी विनती यही है राधा रानी,
कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना,
हे श्यामा प्यारी कृपा बरसाये रखना,
मुझे तेरा ही सहारा महारानी,
चरणों से लिपटाए रखना,
कृपा बरसाये रखना....
हे भक्त वत्सला श्यामा,
विनय स्वीकार कर लो,
निज भक्तो की सेवा में,
निज संतो की सेवा में,
सदा ही लगाए रखना,
कृपा बरसाये रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना......
( मैं भी तुम्हारे दर पर,
आया हूँ बनके सवाली,
करो कृपा की एक नज़र,
राधे बरसाने वाली। )
राधा राधा राधा राधा राधा,
राधा राधा राधा राधा राधा।
नित होती रहे श्यामा जु,
कृपा की बरसात मुझ पर,
अपनी करुणा का सागर,
अपनी करुणा का सागर,
ह्रदय में समाए रखना,
कृपा बरसाये रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना.....
लिए पाप की गठरी सर पे,
द्वार आकर के पड़ा,
मुझ अधम निठुर को श्यामा,
मुझ अधम निठुर को श्यामा,
सदा ही निभाए रखना,
कृपा बरसाये रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना......
(दुखियों को अपनाने वाली है,
रोतो को हंसाने वाली है,
कन्हैया से मिलाने वाली है,
ऐसी मेरी श्यामा बरसाने वाली है। )
ये ‘चित्र-विचित्र’ श्यामा प्यारी,
तुम्हारे गुण गाते रहे,
पागल के सिर पर हाथ,
पागल के सिर पर हाथ,
सदा ही रखाए रखना,
कृपा बरसाये रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना......
मेरी विनती यही है राधा रानी,
कृपा बरसाए रखना,
हे राधा रानी कृपा बरसाये रखना,
हे श्यामा प्यारी कृपा बरसाये रखना,
मुझे तेरा ही सहारा महारानी,
चरणों से लिपटाए रखना,
कृपा बरसाये रखना...
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