॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Krishna - Hasya Bhav
कृष्ण - हास्य भाव
Bhajans (23)
Na Pakdo Hath Manmohan Kalai Tut Jayegi
bhajanShrijirasik
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
जबरदस्ती करोगे जो,
ना पाओगे श्याम रत्तीभर,
धरी है शीश पे मटकी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
बड़े तुम ढीट नंदलाला,
पड़ा होगा नही पाला,
फिर आखिर को यही होगा,
मोहब्बत छूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
ये कहना था श्री राधा का,
लपकना था बिहारी का,
गले में डाल बईया,
बला से टूट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
जवाहिर की जड़ी चूड़ी,
हमारी फुट जाएगी,
ना पकड़ो हाथ मनमोहन,
कलाई टूट जाएगी......
Jara Etna Bata De Kanha Tera Rang Kala Kyo
bhajanShrijirasik
ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,
तू काला होकर भी जग से निराला क्यों.....
मैंने काली रात को जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
मेरी कमली भी काली है,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का दिल काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
मैंने काली नाग पर नाच किया,
और काली नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
Shyam Salone Krishna Hamare
bhajanShrijirasik
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे.....
राधा कृष्ण की छबि निहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे....
बड़ा नटखट है रे ब्रज गोपाला,
काली दाह में नाग नाथे,
यशोदा का लाला,
दरश को तेरे अंखिया प्यासी,
जन्मो जनम से राधा श्याम की दासी,
साँस चले तुमरे सहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
राधा कृष्ण की छबि निहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
मुरली मधुर हरी हाथ सुहाए,
बैठे कदम्ब की डाल,
जमुना किनारे,
सारे जगत के पालनहारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे,
श्याम सलोने कृष्ण हमारे......
Nakhralo Sanwariya Radha Pe Jadu Kargyo
bhajanShrijirasik
नखरालो साँवरियो,
राधा पर जादू कर ग्यो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
गौरी गौरी राधे रानी,
सांवरियो है कारो,
कारे ने गोरी पे देखो,
कैसो जादू डारो,
कारो कारो साँवरियो,
राधा पर कामण कर गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
इत् ठाड़े श्री कृष्ण कन्हैया,
उत वृषभानु दुलारी,
बोल रही कान्हाँ से राधा,
मत मारो पिचकारी,
रंग रसियो साँवरियो,
राधा के रंग रच गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में,
शोर मच्यों है भारी,
संजू राधा के हिवड़े में,
बस गए श्याम बिहारी,
मन बसियो साँवरियो,
राधा के मन बस गयो,
नखरालो सांवरियो,
राधा पर जादू कर गयो......
Mera Shyam Hai Makhanchor Nandkishor
bhajanShrijirasik
मेरा श्याम है माखन चोर, नन्द किशोर,
गल्ल किसे किसे नाल करदा है।
मैं ते ला लिया बड़ा ही ज़ोर,
मेरा उसदे बाजो नहीं सरदा है।
शाम दे नाल लड़ गयी आँखें
छेड़ती मुझे साड़ी सखिआं
दिल ले गया मेरा चित्त चोर
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
मीरा जैसी योगं हो गयी
लगा रोग मैं रोगी हो गयी
मुझे लगा इशक का रोग
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
नीतू को नहीं कुछ भी गवारा
आजा शाम तू बन के सितारा
यहाँ पड़ गया गली गली शोर
मेरे तेरे बिना ना सरदा है...
Matki Phode Di Meri
bhajanShrijirasik
https://www.bhajanganga.com/bhajan/lyrics/id/32976/title/Maiya-Matki-Fod-Di-Meri
री मैया कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी.............2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
1 ) मैं तो पनिया भरन जब जाऊँ , मेरे पीछे-पीछे आवे.........2
फिर अपनी गुलेल से कान्हा , मटकी पे निशाना लगावे...........2
मटकी पे निशाना लगावे , करता माखन की चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
2 ) श्याम मुरली मधुर बजाए ,जब गईया चरावे जाए.............2
जमुना के किनारे कन्हैया , राधा संग रास रचावे..........2
राधा संग रास रचावे कान्हा , करता बरजोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
3 ) मेरे गिरधर मोहन प्यारे , बेबी लिखे भजन तुम्हारे...........2
जिया भी भजन सुनाए , और तेरी राह निहारे.........2
और तेरी राह निहारे , दिल मेरा करता जो चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी.............2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी........2
Ki Murli Lakhoi Rakhda
bhajanShrijirasik
श्याम, सखियां तो, डरदा मारा ॥
कि मुरली, लकोई रखदा...जय हो,
कि मुरली, लकोई रखदा, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
जद, कालिया, नाग ने नथेया ॥
कि यमुना ते, गेंद रुढ़ गई...जय हो,
कि यमुना ते, गेंद रुढ़ गई, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
तैनू श्याम किसे ने ना कैहना ॥
कि गोरा रंग, श्याम हो गया...जय हो,
कि गोरा रंग, श्याम हो गया, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरा, श्याम, बड़ा टुट भैड़ा ॥
कि नचदी दे, दंद गिणदा...जय हो,
कि नचदी दे, दंद गिणदा, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरी, श्याम ने, पकड़ी कलाई ॥
कि दरद, मेरी, नस नस में...जय हो,
कि दरद, मेरी, नस नस में, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
पन, घट पे, भरन गई नीर ॥
कि तोड़, दीनी, मेरी मटकी...जय हो,
कि तोड़, दीनी, मेरी मटकी, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
मेरा, किथे गया, बंसरी वाला ॥
कि सखियां तो, राधा पुछ्दी...जय हो,
कि सखियां तो, राधा पुछ्दी, श्याम मेरा ।
श्याम, सखियां तो, डरदा...
बोल बांके बिहारी लाल की...
Banshi Bale Ne Gher Lai
bhajanShrijirasik
बंसी वाले ने घेर लई...
बंसी वाले ने घेर लई, अकेली पनियां गई
सिर पर घड़ा घड़े पर गगरी
गगरी मेरी तोड़ दई अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
हरी-हरी चूड़ियां गोरी-गोरी बइयां
मोतिन मांग भरी, अकेली पनियां गई बंसी
वाले ने...
हार मेरा टूटा सिंगार मेरा भीगा
मेरी चूंदर फाड़ दई, अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
सास ननद मोय बुरी बतावें
मेरो बाई से लगन लगी, अकेली पनियां गई
बंसी वाले ने...
Kanha Ki Natkhatiya
bhajanकन्हा की नटखटिया देखो री
माखन चोर बड़ा शैतान है
यशोदा मैया की डांट से डरे नहीं
फिर से जाके माखन चुरा लाये
गोपियों के घर में घुस जाते
दही मटकी फोड़ के भाग जाते
बंसी बजा के गाय चराने जाते
शरारतें करते रहते सारा दिन
मैया कहे अरे नटखट कन्हैया
तुम्हारी लीलाएं समझ न आएं
Holi Khelan Ko Maine Radha Ko Kiya Phone
bhajanShrijirasik
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
राधा तू न खेलेगी तो खेलेगा कौन,
होली राधा बार बार न आये तेरे बिना कोई रंग भी न भाये,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिगोई मेरी चोली श्याम तू भर पिचकारी,
रंगो में रंग देगा सूरत मेरी करदे काली,
अब की बारी न खेलु मैं काट रही फोन,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिन रंगो के राधा कैसे मनेगी होली,
तेरे बिन मजा ना आये ो बरसाने की छोरी,
पूरी बात तो सुन ले क्यों काट रही फ़ोन
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
श्याम का पहुंचे बरसाने ले कर ग्वालोको संग,
सरे मिल खेले होली होली हे मिल गई रंग में रंग,
फूलो की वर्षा भी लागि हों
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
Sun Yashoda Tero Lala Panghat Pe Mare Kankar Matki Phod Aayo
bhajanShrijirasik
तर्ज मैं निकला गडी लेके
सुन यशोदा तेरो लाला पनघट पे मारे कंकर,
झट दौड़ आयो वो मटकी फोड़ आयो ।
समझाई ले कान्हा कूँ तेरो लाला बड़ो नटखट,
झट दौड़ आयो वो मटकी फोड़ आयो ॥
पहले तो यह बंसी बजाता है फिर सुध-बुध को बिसराता है,
जमुना पे बुलाकर हम सबको तेरा कान्हा खूब सताता है ।
वो करके बरजोरी राधा की तो कलाई वो मरोड़ आयो,
वो मटकी फोड़ आयो...
सुन यशोदा......
सूने घर में यह जाता है फिर माखन मिश्री चुराता है,
अपना खाए सो खाए ये ग्वालों को खूब खिलाता है ।
छींके पे धरी मटकी झपटके जो पटकी झट तोड़ आयो,
वो मटकी फोड़ आयो,
सुन यशोदा.......
Nar Se Nari Bane Hai Radha Ke Piya
bhajanShrijirasik
नर से नारी बने हैं राधा के पिया
नर से, नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नारी, बने हैं, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
सिर पे डलिया, डलिया में चूड़ी ॥
शोर मचाया, गलियों में, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
माथे पे बिंदिया, मांग में टीका ॥
छम-छम, पायल बाजे, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
अंगों में साड़ी, गोटा किनारी ॥
लम्बा, घूंघट डाले, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा ने जब, टेर सुनी है ॥
मोहन, को बुलवाया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा को देख, श्याम मुस्कराये ॥
मन की पूरी हुई अभिलाषा, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
राधा की जब, पकड़ी कलाई ॥
जान गई आया है छलिया, राधा के पिया ॥
नर से, नारी, बने हैं, राधा के...
Mere Mohan Tu Murli Baja De Nhi Bajti To Mujhko Thama De
bhajanShrijirasik
मेरे मोहन तूँ मुरली बजा दे
===============
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा दे,
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ॥
तेरी, मुरली है, छैल छबीली,
इसकी, तान है, बड़ी ही सुरीली ॥
ज़रा, होठो से, लगा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली, बड़ी है निराली,
बाहर, सुन्दर है, अन्दर से काली ॥
ज़रा, मुख पे, लगा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली की, मीठी तान ने,
मेरे, मोहन, किया है दीवाना ॥
ज़रा, मीठी मीठी, तान सुना दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
तेरी, मुरली मे, लग रही डोरियां,
जो, करती, दिलो की है चोरियां ॥
अपनी, मुरली को, कहीं पे छिपा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
क्या, करता है, मेरी मेरी,
मुरली, लगती, नहीं है ये तेरी ॥
तेरी, है तो, बजा के दिखा दे ॥
नहीं, बजती तो, मुझको थमा दे ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
जब, मोहन तूँ, मुरली वजाए,
राधा, सुन के, दौड़ी चलीआए ॥
मोहन, नटखट, रास रचाए ॥
राधा, मस्त, मगन हो जाए ।
मेरे, मोहन, तूँ मुरली बजा...
Murli Bajate Ho Mere Pichhe Pichhe Aate Ho
bhajanShrijirasik
मुरली बजाते हो पीछे पीछे आते हो,
नैनो से नैना मिला के मुस्कुराते हो,
ओ राधा रेड रेड गजरा लगा के,
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.....
छलियाँ है छलियाँ मैं तो जानू तुझको,
ब्रिज में अनोखी सब से लागे तू मुझको,
ओ राधा रेड रेड बिंदियाँ लगा के
तुम जब आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
होशयारी मुझसे न चलेगी ज्यादा,
तेरे बिन ओ राधा तेरा श्याम है आधा,
हो राधा रेड रेड मेहँदी लगा के
जब तुम आती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो......
झूठी बड़ाई करना आदत है तेरी,
चाहूँ तुझे तो ही, तू ही है चाहत मेरी,
सत्य रजनीश हर्षित हो,
तेरा रास रचाती हो,
नैन में मेरे बस जाती हो.......
Jadu Bhari Teri Ankhen Jidhar Gai Re Ghayal Kar Ke Jigar M Utar Gayi Re
bhajanShrijirasik
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
निरख छटा घनघोर घटा -2
सावनां सी उमड़ गयी ,
घायल करके जिगर में उतर गयी -2
जादू भरी तेरी.....
प्रेम की लरी अरी दृग दोनों,
बरस परी मोती सी बिखर गई -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
कि इक कंकड़ी नैन पड़े,तो नैन होत बेचैन,-2
तो उन नैनन में चैन कहां,जिन नैनन में नैन।
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी -3
अब पल पलक टरत नहीं टारे,
छीन छोरत जनु जान निकर गई -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
नैन कटारी बारी बारी पलकन मारी -3
जादू की पिटारी जिया छुई मुई कर गयी -2
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
हमें औरन से कछु काम नहीं ,
अब तो जो कलंक लगो सो लगो-2
और रंग दूसरो और चढेगो नहीं ,
क्योंकि ,सखी साँवरो रंग रंगो सो रंगो -4
जादू भरी तेरी आँखें जिधर गयी ,
घायल करके जिग़र में उतर गयी-2
हो......जिगर में उतर गयी।
Masoom Banta H Bada Seedha Lagta H Chupke Se Aakar K Makhan Chori Karta Hai
bhajanShrijirasik
मासूम बनता है, बड़ा सीधा लगता है ।
चुपके से आकरके, चोरी करता है;
चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।
आखिर ये चोरी कब-तक,
यशुदा माँ को पता नहीं है जब-तक ।
अब होगी शिकायत घर में,
मैया लेगी खबर तेरी पल भर में ।।
पकड़ रहो, जकड़े रहे रहो, चोरी करता है ।
चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।। मासूम....
निज बाल सखा संग आता,
मेरी मटकी के सब माखन खा जाता ।
दधि- दूध की मटकी तोड़े,
पनघट पे मुझको बहुत सखी ये छेड़े ।।
बाँधे रहो, माँ से कहो, चोरी करता है ।
चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।
क्या ढोंग रचता है, बड़ा नाटक करता है ।
चुपके से....
अब हाथ दुख रहा है रे,
ले पकड़ ले गोपी हाथ दूसरे मेरे ।
एक ग्वाल सखा को बुलाये,
श्रीकान्त सखा के हाथ कृष्ण पकड़ाये ।।
फटकार रही, डाँट रही, चोरी करता है ।
चोरी करके फिर हमसे वरजोरी करता है ।।
वह खूब हँसता है, बड़ा भोला बनता है ।
चुपके से....
Sun Meri Maiya Radharani Se Vyah Karvay De
bhajanShrijirasik
धुन- मेरी प्यारी बहनियाँ
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे पैईयां ॥
मेरा, छोटा सा, काम करवा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ॥
माथे पे, मईया मेरे, सेहरा सजा दे ।
कानों में, मईया मेरे, कुण्डल पहना दे ॥
ओ मेरा, पीला पीला, पटका सजा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
गले, मईया मेरे, माला पहना दे ।
हाथों, में मईया मेरे, कँगना सजा दे ॥
ओ मेरे, हरी हरी, मेंहदी लगा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
अंग, मईया मेरे, शेरवानी पहना दे ।
पैरों में, मईया मेरे, जूते पहना दे ॥
ओ मेरा, प्यारा सा, रूप सजा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
संग, मईया चाचा, ताऊ भिजवा दे ।
प्यारी, प्यारी मईया, महफ़िल सजा दे ॥
ओ बरसाने से, दुल्हन मँगा दे,
राधा, रानी से, ब्याह करवा दे,
राधा गोरी से, ब्याह करवा दे ।
सुन, मेरी मईया, पड़ूँ मैं, तेरे...
सुन के, यह बोली, यशोद्धा मईया ।
भए, हो बेशर्म तुम, बड़े ही कन्हईया ॥
ओ पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले,
पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले ॥।
Chori Chori Aaye Kanha Makhan Churaye Yashoda Tero Lal To Bada Hi Sataye
bhajanShrijirasik
चोरी चोरी आए कान्हा , माखन चुराए ,
यशोदा तेरा लाल तो , बड़ा ही सताए ,
रोज फोड़े मटकी , माखन चुराए ,
यशोदा तेरा लाल तो , बड़ा ही सताए ,
बोल रे कन्हैया काहे , माखन चुराए ,
सीधी सादी ग्वालनो को, काहे तू सताए ,
काहे फोड़े मटकी , माखन चुराए ,
सीधी सादी ग्वालनो को, काहे तू सताए ,
झूठी हैं ये सखिया , मेरी भोली मय्या ,
खुद ही खिला के माखन, मुझको नचाए,
थोड़ा सा खिलाए माखन , बहुत नचाए ,
खुद ही खिला के माखन, मुझको नचाए,
Dekh Liya Shyam Mujhe Tirachhi Najar Se
bhajanShrijirasik
ताल दादरा
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर से।
तिरछी नजर सखी तिरछी नजर से ॥
देखा जो उसको मैं बावरी हो गयी ।
जमुना में बहके भटकी मेरी खो गयी ॥
इतना नहीं सखी भूली डगर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
नजरें मिलाकर में क्या कर गयी रे ।
माखन की मटकी मैं खुद दे गयी रे ॥
है तीर सी उसकी तिरछी नजर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
दौड़ी पकड़ने को देखा एक बारी ।
पत्थर की मूरत बनी वो बेचारी ॥
कान्त कन्हैया की अद्भुत नजर ।
देख लिया श्याम मुझे तिरछी नजर ॥
Sun Meri Maiya Padu Teri Painya Mera Chhota Sa Kam Karade Radha Gori Se Vyah Karade
bhajanShrijirasik
धुन- मेरी प्यारी बहनियाँ
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ तेरे पैईयां ॥
मेरा, छोटा सा, काम करवाई दे,
राधा गोरी से, ब्याह रचाई दे,
राधा गोरी से, ब्याह रचाई दे ॥
राधा सी, गोरी मेरे, मन में बसी है ।
ग्वाल, उड़ाए सब, मेरी हंसी है ॥
मो को, तूँ छोटी सी, दुल्हनिया लाई दे,
अपने, हाथों से, दूल्हा बनाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
सेवा वो, मईया तोहरी, रोज़ करेगी ।
जोड़ी भी, मईया मेरी, खूब जमेगी ॥
हो नंद, बाबा को, नेक समझाई दे,
दाऊ, भईया को, संग पठाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
गांव, बरसानो जा को, सब जग जाने ।
गईयाँ, ना चराऊँ तेरी, जो तूँ ना माने ॥
अब, बरसने, काऊ को, पठाई दे,
दाऊ, भईया को, तूँ बुलवाई दे,
मेरा, छोटा सा, काम कराई दे,
राधा, गोरी से, ब्याह रचाई दे...
सुन, मेरी मईया, मैं पड़ूँ, तेरे...
सुन के, यह बोली, यशोद्धा मईया ।
भए, हो बेशर्म तुम, बड़े ही कन्हईया ॥
ओ पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले,
पहले, गईयाँ तूँ, जा के चराई ले ॥
Brij Ki Gali Gali M Shor Aayo Aayo Makhan Chor
bhajanShrijirasik
ब्रज की गली गली में शोर
ब्रज की, गली, गली में शोर,
आयो, आयो माखन चोर ॥
आयो, माखन चोर, आयो,
आयो माखन चोर ॥
बृज की, गली, गली में शोर...
नन्द, भवन में, आनंद बरसे ॥
हो आनंद, बरसे ॥
नन्द, यशोदा को, मनवा हरषे ॥
हो मनवा, हरषे ॥
आनंद को, ओर ना छोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
बाज, उठी, मंगल शहनाई ।
हो मंगल, शहनाई ॥
जन्म, लियो है, कुंवर कन्हाई ॥
हो कुंवर, कन्हाई ॥
कूके, कोयल, पपीहा मोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
हिलमिल, सखियाँ, मंगल गावें ।
हो मंगल, गावें ॥
ग्वाल, बाल सब, धूम मचावें ॥
हो धूम, मचावें ॥
सबके, मन में, उठे हिलोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
धन्य, यशोदा, तेरो लाला ।
हो, तेरो लाला ॥
सारे, जग का, है रखवाला ॥
हो, है रखवाला ॥
कहे, ‘चित्र, विचित्र’ कर जोर, आयो,
आयो माखन चोर ।
बृज की, गली, गली में शोर...
अपलोडर- अनिलरामूर्तीभोपाल
Kanhaiya Sab Ko Man Bharmave
bhajanShrijirasik
कन्हैया सबको मन भरमावे,
नन्द भवन में प्रकटो लाला,
आनंद घन बरसावे,
यशोदा ललना को पलना झुलावे,
कन्हैया सबको मन भरमावे,
हलरावै, दुलरावै मैया,
मधुर मधुर कछु गावे,
कन्हैया सबको मन भरमावे,
नन्द जू के हरष हिये ना समावे।
नन्द के आनद भयो,
जय कन्हैया लाल की,
गऊन के दान दिए,
जय हो गोपाल की।
नामकरण भयो हरी को,
अब हर कोई कृष्ण बुलावे,
एक बरस को हो गया ललना,
अब पलना ना सुहावे,
घोटन चलत दूर तन सोहे,
जो देखे बलजावे,
यशोदा ललना को चलना सिखावे,
मईया ललना को चलना सिखावे।
ठुमक चलत बाजत पैजनियां,
रुनझुन शब्द सुनावै,
कन्हैया सबको मन भरमावे,
नन्द जू के हरष हिये ना समावे।
नंदरानी तेरो उत्पाती लला,
कल रात मेरे घर आये गयो,
ग्वाल को दल बल संग लिए,
भीषण उत्पात मचाय गयो,
छींके से उतार नहीं मटकी,
मटकी ते माखन खाये गयो,
न्योते बिन आ गयो घर में,
ग्वालन को संग जिमाय गयो।
मैं नहीं माखन खायो कहकर,
मैं नहीं माखन खायो कहकर,
झूठी शपथ उठावे,
राधिका बर्बस मुख लपटावे,
शृद्धाम माखन से मूंछ बनावे,
लाल की झूठ मान के सांची,
माँ उर कंठ लगावे,
कन्हैया सबको मन भरमावे,
नन्द जू के हरष हिये ना समावे।
गोपालन को चारण करके,
कृष्ण परम सुख पावे,
रे मोहन मुरली मधुर बजावै,
नन्द जू के हरष हिये ना समावे,
गोविंदा, गोपाला,
गोधन प्रिय हरे हरे,
मनमोहन, माखनप्रिय हरे हरे।
Jara Itna Batade Kanha Tera Rang Kala Kyu
bhajanज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यों,
तू काला होकर भी जग से निराला क्यों॥
मैंने काली रात को जन्म लिया,
और काली गाय का दूध पीया,
मेरी कमली भी काली है,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी रोज़ ही घर में बुलाती है,
और माखन बहुत खिलाती है,
सखिओं का भी दिल काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
मैंने काली नाग पर नाच किया,
और काली नाग को नाथ लिया,
नागों का रंग काला,
इस लिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सावन में बिजली कड़कती है,
बादल भी बहुत बरसतें है,
बादल का रंग काला,
इसलिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे….
सखी नयनों में कजरा लगाती है,
और नयनों में मुझे बिठाती है,
कजरे का रंग काला,
इसलिए काला हूँ,
ज़रा इतना बता दे कान्हा....
Explore Hasya Bhav for Other Deities
Discover the same devotional mood
Explore Other Bhavs for Krishna
Experience different devotional moods
