॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Ganesh - Devotional Bhav
गणेश - भक्तिमय भाव
Bhajans (20)
Gouri Ka Lala Aaya
bhajanShrijirasik
गौरी का लाला आया
गौरी का, लाला आया ।
शंकर का, प्यारा आया ।
जयकारा, गूंजे, गली गली ॥
मैंने, गणपति का, आसन सजाया ॥
और, फ़ूल विछाए, गली गली ॥
गौरी का, लाला आया...
मैंने, वंदन, वार लगाए ॥
मोतियन, की सजाई, लड़ी लड़ी ॥
गौरी का, लाला आया...
गण, पति के, चरण पखारे ॥
अब, गंगा, बह रही, गली गली ॥
गौरी का, लाला आया...
गण, पति की, ज्योत जलाई ॥
अब, रोशन, हो गई, गली गली ॥
गौरी का, लाला आया...
मैंने, लड्डू का, भोग लगाया ॥
भंडारा, हो रहा, गली गली ॥
गौरी का, लाला आया...
गण, पति का, भजन / कीर्तन कराया ॥
उनकी, कृपा बरसे, गली गली ॥
गौरी का, लाला आया...
गण, पति का, दर्शन पाया ॥
अब, मंगल होए, गली गली ॥
गौरी का, लाला आया...
Hui Ghar Mai Jay Jaykar Re
bhajanShrijirasik
हुई, घर घर में, जय जयकार रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
ऊँचा, आसन लगाओ,
उस पे, देवा बिठाओ ॥
तेरी, सेवा में, सारा संसार रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
हुई, घर घर में, जय जयकार रे...
पहलें, चरण धुलाओ, दीया ज्योत जगाओ ॥
केसर, रौली का, तिलक लगाओ रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
हुई, घर घर में, जय जयकार रे...
फ़ूल, माला चढ़ाओ,
लड्डू, भोग लगाओ ॥
रिद्धि, सिद्धि के, तुम करतार रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
हुई, घर घर में, जय जयकार रे...
एक, दंत कहें, दयावन्त कहें ॥
आया, मूषक पे, हो के स्वर रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
हुई, घर घर में, जय जयकार रे...
मन्नत, पूर्ण करो, सबकी, झोली भरो ॥
सारे, जग के, तुम भर्तार रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
हुई, घर घर में, जय जयकार रे...
नाची, मन में उमंग,
भरा, खुशियों ने रंग ॥
गूंजी, गण पत, तेरी जयकार रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
हुई, घर घर में, जय जयकार रे...
शंख, अंकुश लिए आए,
कमल, पाश लिए आए ॥
आए, मूषक पे, हो के सवार रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
हुई, घर घर में, जय जयकार रे...
शिव, फूले ना समाए,
गौरां, वारी वारी जाए ॥
आए, जग के, पालनहार रे,
आया, गण पति का, त्योहार रे ॥
हुई, घर घर में, जय जयकार रे...
Ganesha Chale Aaye Haye Dheere Dheere
bhajanShrijirasik
गणेशा चले आए हाय धीरे धीरे
गणेशा, चले आए, हाय धीरे धीरे ॥
गणपति, चले आए, हाय धीरे धीरे ॥
हाय, धीरे धीरे, हाय होले होले ॥
गणेशा, चले आए, हाय...
सुंदर सा मुखड़ा, सूंड विशाला ।
हो सूंड विशाला, हो सूंड विशाला ।
गले में उनके, दुर्वा की माला ॥
हो दुर्वा की माला, हो दुर्वा की माला ।
मूषक, दौड़े आए, हाय धीरे-धीरे ।
गणेशा, चले आए, हाय...
रिद्धि, भी आई संग, सिद्धि भी आई ॥
हो रिद्धि भी आई, हो सिद्धि भी आई ।
संग, में अपने, खुशियाँ लाई ॥
खुशियाँ लाई, हो खुशियाँ लाई ।
शुभ, लाभ चले आए, हाय धीरे-धीरे ।
गणेशा, चले आए, हाय...
जिस घर में, मेरे गणपति आएँ ।
हो गणपति आएँ मेरे, गणपति आएँ ।
रोग, दोष, संकट मिट जाए ॥
हो रोग मिट जाएँ , हो संकट मिट जाएँ ॥
भगत, खुशियाँ मनाएँ, हाय धीरे धीरे ।
गणेशा, चले आए, हाय...
मेवा, भी लाई मैं, लड्डू भी लाई ।
हो लड्डू भी लाई मैं, मेवा भी लाई ।
मोदक, भी लाई मै, गन्ना भी लाई ॥
हो मोदक भी लाई मैं गणना भी लाई ।
बप्पा, भोग लगाए, हाय धीरे-धीरे ।
गणेशा, चले आए, हाय...
Aanand Hi Aanand Chhaya Maharaj Gajanand Aaya
bhajanShrijirasik
आनंद ही आनंद छाया
आनंद ही, आनंद छाया,
महाँराज, गजानंद आया ॥
महाँराज, गजानंद आया,
महाँराज, गजानंद आया ॥
आनंद ही, आनंद...
शीश, मुकुट धरे, माथे तिलक सजे ॥
तन, पे पीतांबर सजाया,
महाँराज, गजानंद आया ।
आनंद ही, आनंद...
गले, वैजयंती माला, माता गौरां के लाला ॥
मोदक, का भोग लगाया,
महाँराज, गजानंद आया ।
आनंद ही, आनंद...
तेरी, ज्योति जलाऊँ, तुझे भेंट चढ़ाऊँ ॥
भक्तों, ने मंगल गाया,
महाँराज, गजानंद आया ।
आनंद ही, आनंद...
तेरे, दर पे मैं आऊँ, आ के शीश झुकाऊँ ॥
बप्पा, अमृत, रस बरसाया,
महाँराज, गजानंद आया ।
आनंद ही, आनंद...
तेरा आसन लगाया, देवा फूलों से सजाया ॥
भक्तों ने, दर्शन पाया,
महाँराज, गजानंद आया ।
आनंद ही, आनंद...
Goura Tera Lala Nirala
bhajanShrijirasik
गौरां तेरा लाला निराला
धुन- दीदी तेरा देवर दीवाना
गौरां, तेरा, लाला निराला ॥
चौड़े, कान, लंबी, सूंड वाला ॥
मैंने, तो गौरां, मुकुट मंगवाया ।
मगर, तेरे लाला को, वोह भी ना भाया ॥
चंदन, उसको, लगता है प्यारा ।
चौड़े, कान, लंबी, सूंड वाला ।
गौरां, तेरा, लाला निराला...
मैंने, तो गौरां, माला मंगवाई ।
मगर, तेरे लाला को, वोह भी ना भाई ॥
कंठा, उसको, लगता है प्यारा ।
चौड़े, कान, लंबी, सूंड वाला ।
गौरां, तेरा, लाला निराला...
मैंने, तो गौरां, पेड़े मंगवाए ।
मगर, तेरे लाला को, वोह भी ना भाए ॥
मोदक, उसको, लगता है प्यारा ।
चौड़े, कान, लंबी, सूंड वाला ।
गौरां, तेरा, लाला निराला...
मैंने, तो गौरां, दूध मंगवाया ।
मगर, तेरे लाला को, वोह भी न भाया ॥
गंगाजल, लगता है प्यारा ।
चौड़े, कान, लंबी, सूंड वाला ।
गौरां, तेरा, लाला निराला...
मैंने, तो गौरां, मोटर मंगवाई
मगर, तेरे लाला को, वोह भी ना भाई ॥
मूषक, उसको, लगता है प्यारा ।
चौड़े, कान, लंबी, सूंड वाला ।
गौरां, तेरा, लाला निराला...
Goura Tera Lalla Bigad Gayo Re
bhajanShrijirasik
गौरां तेरा लल्ला बिगड़ गयो रे
गौरां, तेरा लल्ला, बिगड़ गयो रे ॥
मूषक के, संग में, शैतानी करे रे ॥
आसन पे, मलमल का, कपड़ा विछाया ॥
मलमल का, कपड़ा, कुतर गया रे ॥
मूषक के, संग में, शैतानी करे रे ॥
गौरां, तेरा लल्ला, बिगड़ गयो रे...
चन्दन की, चौकी पे, कलछ भराया ॥
कलछ, का जल, लुढ़काए गयो रे ॥
मूषक के, संग में, शैतानी करे रे ॥
गौरां, तेरा लल्ला, बिगड़ गयो रे...
भोग के, लिए मैंने, मोदक बनाए ॥
मूषक, वो मोदक, जूठे कर गयो रे ॥
मूषक के, संग में, शैतानी करे रे ॥
गौरां, तेरा लल्ला, बिगड़ गयो रे...
सोने की, थाली में, आरती सजाई ॥
जाने वो, कहाँ जा के, छिप गयो रे ॥
मूषक के, संग में, शैतानी करे रे ॥
गौरां, तेरा लल्ला, बिगड़ गयो रे...
पैरों में, गणेश जी को, पायल पहनाई ॥
अँगना में, छम छम, नाच गयो रे ॥
मूषक के, संग में, शैतानी करे रे ॥
गौरां, तेरा लल्ला, बिगड़ गयो रे...
Gajanand Aan Padharo Ladava Lad Mai Tharo
bhajanShrijirasik
गौरी नंदन थारो अभिनंदन करे सारो परिवार।
गजानंद आन पधारो लडावा लाड में थारो॥
नागदा देवास में आप विराजे।
सब भक्तो के काम बनाते।
जो भी तेरा नाम है , लेता हो जाता उद्धार॥
गजानंद आन पधारो...
देवास नगरी गुण थारो गावे।
चामुण्डा, तुलजा थारे लाड लडावे।
थारी पूजा सबसे पहले करे सारों संसार॥
गजानंद आन पधारो...
सिद्धि विनायक सारी विपदा मिटाओ।
रिद्धि सिद्धि संग लेकर म्हारे घर आओ।
काम कोई भी करने से पहले पड़ी थारी दरकार॥
गजानंद आन पधारो...
गौरी नंदन थारो अभिनंदन करे सारो परिवार।
गजानंद आन पधारो लडावा लाड में थारो॥
Ma Goura Ka Lal Bada Pyara
bhajanShrijirasik
माँ गौरा का लाल बड़ा प्यारा
माँ, गौरा का, लाल बड़ा प्यारा,
जो, हरता है, संकट हमारा ॥
जो, हरता है, संकट हमारा ॥
माँ, गौरा का, लाल बड़ा...
इनको, पान चढ़े, और फूल चढ़े ।
भक्त, करते हैं, इनके दर्शन बड़े ॥
इनको, लड्डुअन का, भोग लगे प्यारा,
जो, हरता है, संकट हमारा ।
माँ, गौरा का, लाल बड़ा...
यह, अंधन को, आँख है देते ।
और, कोढ़न को, काया भी देते ॥
बांझन को, पुत्र का, सहारा,
जो, हरता है, संकट हमारा ।
माँ, गौरा का, लाल बड़ा...
रिधि, सिद्धि के, हो बड़े प्यारे ।
शिव, गौरा के, आँखों के तारे ॥।
दीन, दुखियों को, तेरा सहारा,
जो, हरता है, संकट हमारा ।
माँ, गौरा का, लाल बड़ा...
Ham Aaye Tere Dwar Gajanan Daya Karo
bhajanShrijirasik
करूं वंदना मै झुकाकर ये सर।
छूटे ना कभी तुम्हारा ये दर॥
मुझे ना बिसारो करलो कुबूल।
बनाकर के रखना इन चरणों की धूल॥
तर्ज=हम ऐसे करेंगे प्यार की दुनिया याद करे..
हम आए तुम्हारे द्वार ,गजानंद दया करो।
भक्तों की सुनके पुकार,गजानंद दया करो॥
हम आए तुम्हारे द्वार...
सबसे पहले जो भी तुमको याद करता है।
शीश झुकाकर चरणों में फरियाद करता है॥
उसकी सभी बिगड़ी तुमने बनाई है ।
जिसने तेरी दिल में ज्योत जलाई है।
ना उसकी कभी हो हार,गजानंद दया करो।
आओ महफिल में एकबार,गजानंद दया करो।
भक्तों की सुनके पुकार..
सब वेदों ने देवा तेरी महिमा गाई है।
माँ गौरी यह देख देख मन में हर्षाई है॥
चन्दन चौकी है हम आसन लगाते है।
गंगा जल से देवा स्नान कराते है॥
सुन दास सजन की पुकार,गजानंद दया करो।
मेरे मन के मिटा दो विकार,गजानंद दया करो।
हम आए तुम्हारे द्वार गजानंद गजानंद दया करो।
भक्तों की सुन के पुकार, गजानंद दया करो॥
Gurudev Gajanan Ji Pahle Tumko Manayen
bhajanShrijirasik
तर्ज :- बर्बाद मोहब्बत कि दुआ साथ लिए जा
गुरु देव गजानन जी पहले तुमको मनाए
बिगडे हुए जन जन के सभी काज बनाए
प्रथमें रहेंगे पूजनीय आप सदा ही
माता पिता से ऐसा वरदान है पाए
तुम गौर बदन धारी मुख सूंड सूडाला
अनुपम छवि निराली एक दंत सुहाए
गणनाथ कृपा सिंधु हे बुद्धि विनायक
सब देव यक्ष मिलकर यसगान है गाए
मेरी भूल क्षमा करना गणदोष विनायक
तेरा ``रूपगिर`` है नादा क्या महिमा सुनाए
Mandir Mai Biraje Bholenath
bhajanShrijirasik
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
काहे के गणपति बनाएं,
काहे की बनाए भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
गोबर की गणपति बनाएं,
चिकनी मिट्टी के बनाए भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
कोंन दिना गणपति मनाए,
कोन दिनां भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
बुधवार गणपति मनाए,
सोमवार भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
दूध घास गणपति पे चढ़ावे,
बेलपत्र भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
लड्डू का भोग गणपति को लगाएं,
भांग धतूरा भोलेनाथ, चढ़ा लो लोटा जल भरके,
मंदिर मंदिर में विराजे भोलेनाथ,
चढ़ा लो लोटा जल भर के....
Maharaj Gajanan Aavo Ji Mhari Sabha M Rang Barasavo Ji
bhajanShrijirasik
महाराज गजानंद आवो,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ.....
रणत भवन से आवो नी गजानन,
संग में रिद्धि सिद्धि ल्यावो,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
गणराज विनायक आवो,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ.....
ब्रम्हा जी आवो देवा विष्णु पधारो,
संग में सरस्वती ले आवो,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ.
गणराज विनायक आवो,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ.......
नांदिये सवारी शिव भोला पधारो,
संग में पार्वती ने ल्यावो,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
गणराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ......
सिंघ सवारी नवदुर्गे पधारो,
संग में काला गौरा ल्यावो,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
गणराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ......
लीले सवारी बाबा रामदेव आवो,
संग में मेतल राणी ल्यावो,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
गणराज विनायक आवो,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ.....
तानसेन देवा थारो यश गावे,
भूल्या ने राह बतावो,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
गणराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ,
महाराज विनायक आओ,
म्हारी सभा में रंग बरसाओ.....
Ganpati Ko Pratham Manana H Utsav Ko Safal Banana H
bhajanप्रथम मनाना है...
गणपति को प्रथम मनाना है, उत्सव को सफल बनाना है शिव पार्वती के प्यारे को, भक्तों के बीच बुलाना है
गणपति को प्रथम मनाने को, देवों ने रीत चलाई है तीनों लोकों में छोटे बड़े, सब करते इनकी बड़ाई हैं जो काम सभी करते आए, हमको भी वही दोहराना है गणपति को प्रथम मनाना है...
오
कोई घृत सिंदूर चढ़ाते हैं, कोई मोदक भोग लगाते हैं कोई मेवा थाल सजाते हैं, कोई छप्पन भोग बनाते हैं जिस भोग से खुश होते गणपति, हमको वही लगाना है गणपति को प्रथम मनाना है...
2
उत्सव में सभी पधारे हैं, बस इनका आना बाकी है भक्तो मंगलाचार करो, इन्होंने आने की हां की है गणपति का नाच बड़ा प्यारा, उत्सव में आज नचाना है गणपति को प्रथम मनाना है...
Ganpati Rakho Meri Laaj
bhajanराखो मेरी लाज...
गणपति राखो मेरी लाज
गणपति राखो मेरी लाज
पूरन कीजो मेरे काज
पूरन कीजो मेरे काज
सदा रहे खुशहाल गणपति
लाल जो प्रथम तुम्हें ध्याए
रिद्धि-सिद्धि के दाता भाग्य विधाता
वो तुझसे सब कुछ पाए
विनती सुन लो मेरी आज
गणपति राखो मेरी लाज, पूरन कीजो....
मूर्ख को देते ज्ञान सभा में मान
निर्बल भी बलशाली
गौरी के सुत प्यारे जगत के न्यारे
है तेरी शान निराली
तीनों लोक में तुम्हारा राज
गणपति राखो मेरी लाज, पूरन कीजो....
जिसके सिर पे हाथ हो तेरा नाथ
उसको फिर कैसा डर है
जपे जो तेरा नाम सुबह ओ शाम
तो उसका नाम अमर है
सब देवों के तुम सरताज
गणपति राखो मेरी लाज, पूरन कीजो....
Gaiye Ganpati Jagvandan Shankar Suvan Bhawani Ke Nandan
bhajanगाइये गणपति जगवंदन
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
सिद्धि सदन गजवदन विनायक ।
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता ।
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
मांगत तुलसीदास कर जोरे ।
बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
Gajanand Sarkar Padharo Kirtan Ki Sab Tyari H
bhajanगजानंद सरकार पधारो, कीर्तन की सब त्यारी है
आओ आओ, बेगा आओ, चाव दरश को भारी है
गजानंद सरकार पधारो...
थे आओ जब काम बणैला, थां पर सारी बाजी है
रणत भंवर गढ़ वाला सुणल्यो, चिंता म्हारे लागी है
देर करो मत ना तरसाओ, चरणां अर्ज हमारी है
गजानंद सरकार पधारो...
रिद्धि सिद्धि ले संग आओ विनायक, द्यो दर्शन थारे भक्तां नै
भोग लगावां घोल लगावां, पुष्प चढावां थारे चरणां मै
गजानंद थारे हाथां मै, अब तो लाज हमारी है
गजानंद सरकार पधारो...
भक्तां की तो विनती सुण ली, शिव-सुत प्यारो आयो है
जय जयकार करो गणपति की, आकर मन हरषायो है
बरसैलो रस अब भजनां मै, आंगी महिमा न्यारी है
गजानंद सरकार पधारो...
Gouri Ke Lal Tumko Saadar Naman Hamara
bhajanगौरी के लाल तुमको,
सादर नमन हमारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा,
हर काम से मैं पहले,
सुमिरण करूँ तुम्हारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
लाड़ले उमा के,
शिव जी के हो दुलारे,
संग रिद्धि सिद्धि देवी,
रहती सदा तुम्हारे,
सेवक है प्रिय मूषक,
सेवक है प्रिय मूषक,
वाहन प्रभु तुम्हारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
हो चार भुजा धारी,
भारी विशाल काया,
पुष्पों की गले माला,
सिंदूर तिलक भाया,
मोदक है सबसे प्यारा,
मोदक है सबसे प्यारा,
भोजन प्रभु तुम्हारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
कही वक्रतुण्ड हो तुम,
कही अर्ध चंद्र धारी,
कोई एकदन्त कहता,
कोई बोले विघ्नहारी,
किस नाम से प्रभु जी,
किस नाम से प्रभु जी,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
लम्बोदरा तुम्ही हो,
तुम्ही गजकर्ण हो प्यारे,
चमके करोड़ो सूरज,
प्रभु तेज से तुम्हारे,
जिस नाम से पुकारूँ,
जिस नाम से पुकारूँ,
देना प्रभु सहारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
कहती है दुनिया तुमको,
शुभ कार्य करने वाले,
नादान इस ‘अमर’ को,
दो ज्ञान के उजाले,
आकर के हे गजानन,
आकर के हे गजानन,
मेटो विघन हमारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
गौरी के लाल तुमको,
सादर नमन हमारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा,
हर काम से मैं पहले,
सुमिरण करूँ तुम्हारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
Gouri Ke Putra Ganesh Ji Mere Ghar Me Padharo
bhajanदोहा – सदा भवानी दाहिनी,
सन्मुख रहे गणेश,
पाँच देव रक्षा करें,
ब्रह्मा विष्णु महेश ॥
गौरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो,
घर में पधारो,
कीर्तन में पधारो,
काटो सकल कलेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
एकदन्त दयावन्त चारभुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे मूस की सवारी,
हे सर्व सिद्धि सर्वेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता,
विद्या वारिधि बुद्धि विधाता,
हे गणपति पुत्र उमेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन,
चरण कमल पे शत शत वंदन,
मेरे हृदय करो प्रवेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
गौरी के पुत्र गणेंश जी,
मेरे घर में पधारो,
घर में पधारो,
कीर्तन में पधारो,
काटो सकल कलेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
Shree Ganesh Panchratna Stotram
stotraश्री गणेश पंच रत्न स्तोत्र!
मुदा करात्त मोदकं सदा विमुक्ति साधकम् ।
कलाधरावतंसकं विलासिलोक रक्षकम् ।
अनायकैक नायकं विनाशितेभ दैत्यकम् ।
नताशुभाशु नाशकं नमामि तं विनायकम् ॥ 1
नतेतराति भीकरं नवोदितार्क भास्वरम् ।
नमत्सुरारि निर्जरं नताधिकापदुद्ढरम् ।
सुरेश्वरं निधीश्वरं गजेश्वरं गणेश्वरम् ।
महेश्वरं तमाश्रये परात्परं निरन्तरम् ॥ 2 ॥
समस्त लोक शङ्करं निरस्त दैत्य कुञ्जरम् ।
दरेतरोदरं वरं वरेभ वक्त्रमक्षरम् ।
कृपाकरं क्षमाकरं मुदाकरं यशस्करम् ।
मनस्करं नमस्कृतां नमस्करोमि भास्वरम् ॥ 3 ॥
अकिञ्चनार्ति मार्जनं चिरन्तनोक्ति भाजनम् ।
पुरारि पूर्व नन्दनं सुरारि गर्व चर्वणम् ।
प्रपञ्च नाश भीषणं धनञ्जयादि भूषणम् ।
कपोल दानवारणं भजे पुराण वारणम् ॥ 4 ॥
नितान्त कान्ति दन्त कान्ति मन्त कान्ति कात्मजम् ।
अचिन्त्य रूपमन्त हीन मन्तराय कृन्तनम् ।
हृदन्तरे निरन्तरं वसन्तमेव योगिनाम् ।
तमेकदन्तमेव तं विचिन्तयामि सन्ततम् ॥ 5 ॥
महागणेश पञ्चरत्नमादरेण योऽन्वहं ।
प्रजल्पति प्रभातके हृदि स्मरन् गणेश्वरम् ।
अरोगतामदोषतां सुसाहितीं सुपुत्रताम् ।
समाहितायु रष्टभूति मभ्युपैति सोऽचिरात् ॥ 6 ॥
श्रीमत् शंकर भगित्पादकृत श्रीगणेशपञ्चरत्न स्तोत्रम् संपूणकम्।
श्री गणेश चालीसा
Gajanan Kar Do Beda Paar Aaj Ham Tumhe Manate H
bhajanगजानन करदो बेड़ा पार,
आज हम तुम्हे मनाते हैं,
तुम्हे मनाते हैं,
गजानन तुम्हे मनाते हैं ॥
सबसे पहले तुम्हें मनावें,
सभा बीच में तुम्हें बुलावें,
सभा बीच में तुम्हें बुलावें है ।
॥ गजानंद कर दो बेड़ा पार...॥
आओ पार्वती के लाला,
मूषक वाहन सूंड सुन्दाला,
मूषक वाहन सूंड सुन्दाला ।
॥ गजानंद कर दो बेड़ा पार...॥
भक्त जनों ने टेर लगाई,
सबने मिलकर महिमा गाई,
सबने मिलकर महिमा गाई ।
॥ गजानंद कर दो बेड़ा पार...॥
उमापति शंकर के प्यारे,
तू भक्तों के काज सवारे,
तू भक्तों के काज सवारे ।
॥ गजानंद कर दो बेड़ा पार...॥
लड्डू पेडा भोग लगावें,
पान सुपारी पुष्प चढावें,
पान सुपारी पुष्प चढावें ।
॥ गजानंद कर दो बेड़ा पार...॥
गजानन कर दो बेड़ा पार,
आज हम तुम्हे मनाते हैं,
तुम्हे मनाते हैं,
गजानन तुम्हे मनाते हैं ॥
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