॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Ganesh - Meditative Bhav
गणेश - ध्यानपूर्ण भाव
Bhajans (7)
Ganpati Rakho Meri Laaj
bhajanराखो मेरी लाज...
गणपति राखो मेरी लाज
गणपति राखो मेरी लाज
पूरन कीजो मेरे काज
पूरन कीजो मेरे काज
सदा रहे खुशहाल गणपति
लाल जो प्रथम तुम्हें ध्याए
रिद्धि-सिद्धि के दाता भाग्य विधाता
वो तुझसे सब कुछ पाए
विनती सुन लो मेरी आज
गणपति राखो मेरी लाज, पूरन कीजो....
मूर्ख को देते ज्ञान सभा में मान
निर्बल भी बलशाली
गौरी के सुत प्यारे जगत के न्यारे
है तेरी शान निराली
तीनों लोक में तुम्हारा राज
गणपति राखो मेरी लाज, पूरन कीजो....
जिसके सिर पे हाथ हो तेरा नाथ
उसको फिर कैसा डर है
जपे जो तेरा नाम सुबह ओ शाम
तो उसका नाम अमर है
सब देवों के तुम सरताज
गणपति राखो मेरी लाज, पूरन कीजो....
Ganpati Ji Ganesh Nu Manaiye Sare Kam Ras Honge
bhajanगणपति जी गणेश नू मनाइये,
सारे काम रास होणगे,
हर काम नाल पहला ही धियाइये,
सारे काम रास होणगे,
गणपति जी गणेश नू ध्याइये,
सारे काम रास होणगे,
सारे काम रास होणगे ॥
गौरा माँ दा मान है गणपत,
शिव जी दा वरदान है गणपत,
पेहला लड्डूवा दा भोग लगाइये,
सारे काम रास होणगे,
गणपति जी गणेश नू ध्याइये,
सारे काम रास होणगे ॥
गणपति वरगा देव ना दूजा,
सबतो पहले होणदि पूजा,
गजमुख जी गुण सारे गाइये,
सारे काम रास होणगे,
गणपति जी गणेश नू मनाईये,
सारे काम रास होणगे ॥
चमका मारे सोहणा वेशे,
कुण्डला वाले काले केशे,
धूल मत्थे नाल चरणा दी लाइये,
सारे काम रास होणगे,
गणपति जी गणेश नू मनाईये,
सारे काम रास होणगे ॥
गणपति जी गणेश नू मनाइये,
सारे काम रास होणगे,
हर काम नाल पहला ही धियाइये,
सारे काम रास होणगे,
गणपति जी गणेश नू ध्याइये,
सारे काम रास होणगे,
सारे काम रास होणगे ॥
Gaiye Ganpati Jagvandan Shankar Suvan Bhawani Ke Nandan
bhajanगाइये गणपति जगवंदन
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
सिद्धि सदन गजवदन विनायक ।
कृपा सिंधु सुंदर सब लायक ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता ।
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
मांगत तुलसीदास कर जोरे ।
बसहिं रामसिय मानस मोरे ॥
गाइये गणपति जगवंदन ।
शंकर सुवन भवानी के नंदन ॥
Gouri Ke Lal Tumko Saadar Naman Hamara
bhajanगौरी के लाल तुमको,
सादर नमन हमारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा,
हर काम से मैं पहले,
सुमिरण करूँ तुम्हारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
लाड़ले उमा के,
शिव जी के हो दुलारे,
संग रिद्धि सिद्धि देवी,
रहती सदा तुम्हारे,
सेवक है प्रिय मूषक,
सेवक है प्रिय मूषक,
वाहन प्रभु तुम्हारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
हो चार भुजा धारी,
भारी विशाल काया,
पुष्पों की गले माला,
सिंदूर तिलक भाया,
मोदक है सबसे प्यारा,
मोदक है सबसे प्यारा,
भोजन प्रभु तुम्हारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
कही वक्रतुण्ड हो तुम,
कही अर्ध चंद्र धारी,
कोई एकदन्त कहता,
कोई बोले विघ्नहारी,
किस नाम से प्रभु जी,
किस नाम से प्रभु जी,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
लम्बोदरा तुम्ही हो,
तुम्ही गजकर्ण हो प्यारे,
चमके करोड़ो सूरज,
प्रभु तेज से तुम्हारे,
जिस नाम से पुकारूँ,
जिस नाम से पुकारूँ,
देना प्रभु सहारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
कहती है दुनिया तुमको,
शुभ कार्य करने वाले,
नादान इस ‘अमर’ को,
दो ज्ञान के उजाले,
आकर के हे गजानन,
आकर के हे गजानन,
मेटो विघन हमारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
गौरी के लाल तुमको,
सादर नमन हमारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा,
हर काम से मैं पहले,
सुमिरण करूँ तुम्हारा,
गौरी के लाल तुमकों,
सादर नमन हमारा ॥
Gouri Ke Putra Ganesh Ji Mere Ghar Me Padharo
bhajanदोहा – सदा भवानी दाहिनी,
सन्मुख रहे गणेश,
पाँच देव रक्षा करें,
ब्रह्मा विष्णु महेश ॥
गौरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो,
घर में पधारो,
कीर्तन में पधारो,
काटो सकल कलेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
एकदन्त दयावन्त चारभुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे मूस की सवारी,
हे सर्व सिद्धि सर्वेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
मोदक प्रिय मुद मंगल दाता,
विद्या वारिधि बुद्धि विधाता,
हे गणपति पुत्र उमेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन,
चरण कमल पे शत शत वंदन,
मेरे हृदय करो प्रवेश जी,
मेरे घर में पधारो,
गोरी के पुत्र गणेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
गौरी के पुत्र गणेंश जी,
मेरे घर में पधारो,
घर में पधारो,
कीर्तन में पधारो,
काटो सकल कलेश जी,
मेरे घर में पधारो ॥
Shree Ganesh Panchratna Stotram
stotraश्री गणेश पंच रत्न स्तोत्र!
मुदा करात्त मोदकं सदा विमुक्ति साधकम् ।
कलाधरावतंसकं विलासिलोक रक्षकम् ।
अनायकैक नायकं विनाशितेभ दैत्यकम् ।
नताशुभाशु नाशकं नमामि तं विनायकम् ॥ 1
नतेतराति भीकरं नवोदितार्क भास्वरम् ।
नमत्सुरारि निर्जरं नताधिकापदुद्ढरम् ।
सुरेश्वरं निधीश्वरं गजेश्वरं गणेश्वरम् ।
महेश्वरं तमाश्रये परात्परं निरन्तरम् ॥ 2 ॥
समस्त लोक शङ्करं निरस्त दैत्य कुञ्जरम् ।
दरेतरोदरं वरं वरेभ वक्त्रमक्षरम् ।
कृपाकरं क्षमाकरं मुदाकरं यशस्करम् ।
मनस्करं नमस्कृतां नमस्करोमि भास्वरम् ॥ 3 ॥
अकिञ्चनार्ति मार्जनं चिरन्तनोक्ति भाजनम् ।
पुरारि पूर्व नन्दनं सुरारि गर्व चर्वणम् ।
प्रपञ्च नाश भीषणं धनञ्जयादि भूषणम् ।
कपोल दानवारणं भजे पुराण वारणम् ॥ 4 ॥
नितान्त कान्ति दन्त कान्ति मन्त कान्ति कात्मजम् ।
अचिन्त्य रूपमन्त हीन मन्तराय कृन्तनम् ।
हृदन्तरे निरन्तरं वसन्तमेव योगिनाम् ।
तमेकदन्तमेव तं विचिन्तयामि सन्ततम् ॥ 5 ॥
महागणेश पञ्चरत्नमादरेण योऽन्वहं ।
प्रजल्पति प्रभातके हृदि स्मरन् गणेश्वरम् ।
अरोगतामदोषतां सुसाहितीं सुपुत्रताम् ।
समाहितायु रष्टभूति मभ्युपैति सोऽचिरात् ॥ 6 ॥
श्रीमत् शंकर भगित्पादकृत श्रीगणेशपञ्चरत्न स्तोत्रम् संपूणकम्।
श्री गणेश चालीसा
Mere Ladle Ganesh Pyare Pyare Bhole Baba Ji Ki Aankho Ke Taare
bhajanमेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे
भोले बाबा जी की आँखों के तारे
प्रभु सभा बीच में आ जाना आ जाना
॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥
तेरी काया कंचन कंचन,
किरणों का है जिसमे बसेरा।
तेरी सूंड सुंडाली मूरत,
तेरी आँखों मे खुशियों का डेरा ।
तेरी महिमा अपरम्पार,
तुझको पूजे ये संसार ।
प्रभु अमृत रस बरसा जाना, आ जाना ।
॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥
प्रभु भजन तुम्हारे गाएं,
सबसे पहले हम तुमको मनाएं ।
धुप दीपो की ज्योति जलाएं,
मन मंदिर मे झांकी सजाएं ।
मेरे भोले भगवान,
दे दो भक्ति का दान ।
प्रभु नैया पार लगा जाना, आ जाना ।
॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥
मेरे विधन विनाशक देवा,
सबसे पहले करें तेरी सेवा ।
सारे जग मे आनंद छाया,
बोलो जय जय गजानंद देवा ।
बाजे सुर और ताल,
तेरा गुण गाये संसार ।
घुंघरू की खनक खनक जाना, आ जाना ।
॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥
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