Piya Sang jagi Vrishbhanu Dulari (पिय संग जागी वृषभानु दुलारी) Lyrics in Hindi - Shriji Rasik (श्रीजी रसिक) Pad | BhajanBhav | Shriji Rasik – Bhajan, Aarti & Devotional Lyrics | आध्यात्मिक साहित्य
॥ राधाया दर्शनं पुण्यं कृष्णप्राप्तेः कारणम् ॥
Piya Sang jagi Vrishbhanu Dulari
पिय संग जागी वृषभानु दुलारी
Shriji Rasik
Kavi: Shriji Rasik
पिय संग जागी वृषभानु दुलारी।
अंग-अंग आलस जंभात अति, कुंज सदन ते भवन सिधारी॥
मारग जात मिली सखी आरैं, तब ही सकुचि तन दसा बिसारी।