॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Dasha Mujh Deen Ki Bhagawan
दशा मुझ दीन की भगवन्
Shriji Rasik
Kavi: Shriji Rasik
दशा मुझ दीन की भगवन् सम्हालोगे तो क्या होगा।
अगर चरणों की सेवा में लगा लोगे तो क्या होगा।।
नामी पातकी हूँ और नामी पाप हर तुम हो।
जो लज्जा दोनों नामों की, बचा लोगे तो क्या होगा।।
जिन्होंने तुमको करुणाकर पतित पावन बनाया है।
उन्हीं पतितों को तुम पावन बना लोगे तो क्या होगा।।
यहाँ सब मुझसे कहते हैं तू मेरा है! तू मेरा है।
मैं किसका हूँ? ये झगड़ा तुम चुका लोगे तो क्या होगी।।
अजामिल, गीध, गणिका, जिस दया गंगा में तरते हैं।
उसी में 'बिन्दु' सा पापी मिला लोगे तो क्या होगा।।
✨
Related Bhajans
Discover more devotional songs