॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Narayan - Vatsalya Bhav
नारायण - वात्सल्य भाव
Bhajans (11)
Achyutam Keshavam Krishna Damodaram
bhajanShrijirasik
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
कौन कहता है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
नाम जपते चलो काम करते चलो,
हर समय कृष्ण का ध्यान करते चलो ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
याद आएगी उनको कभी ना कभी,
कृष्ण दर्शन तो देंगे कभी ना कभी ।
अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।
Sab Kuchh Tero Sarkar Mero To Kuchh Bhi Nahi
bhajanShrijirasik
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
ये पलोट रोकड़ नोट सांवरिया का है सपोर्ट, मेरे बिजनेस में तेरा हाथ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मैं तो पुतला हूं सांवरिया सेठ, चाबी तेरे हाथ में रखी,
मेरी शॉप चले टॉप बिजनेस दिया तुझे सौंप, मैं तो चाकर हूं तेरो रे सांवरिया, मैं तो दर का हूं तेरा रे भिखारी, मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मेरा सोना मेरी चांदी दुनिया तो है दीवानी,
खाली हाथ आए सरकार, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरे बच्चे तेरे पर्चे तू उठावें घर खर्चे, मै तो बालक हूं तेरा अंजान, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरी कृपा है सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
मेरा खेत मेरा लसन मेरा अमल मेरा कमल,
सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरा मन मेरा धन मेरा तन अर्पण, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मारुतिनंदन गौशाला तू है गाय का गोपाला, ये भी तो तू जाणे और तेरो काम, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब गायों का रखे ध्यान मैं तो कुछ जाणू नहीं,
मेरा गाने तू चलाते इंस्टा फेसबुक पे छाते, ये भी तेरे है सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं, मेरे डीजे पे तेरा नाम वो भी मेरा नहीं,
ये स्टूडियो तेरा बोस जाए फायदा तो या लॉस गोकुल केवे है सच्ची बात, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब सेठों के तुम सरताज, मंडफिया सा और नहीं।
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
Narsinha Jayanti Ki Hardik Badhai
bhajanShrijirasik
नरसिंह जयंती की हार्दिक बधाई
श्रीनरसिंह जयन्ती की कोटिन कोटि बधाई (संकीर्तनः हरि बोल हरि बोल, हरि बोल हरि बोल)
आज नरसिंह जयन्ती आई, झूम झूमकर नाचो गावो, मंगल गीत बधाई ।।
हिरणयकशपु ब्रह्मदेव से, पा करके वरदान।
विष्णु पूजा बंद बरवा, खुद बन बैठा भगवान ।।
जुल्म सितम की पाप पताका, तीनलोक फहराई-आज नरसिंह.
उसके अपने ही घर जन्मयों, हरि भगत प्रहलाद ।
मृत्यु जिसको देते देते, हो गया खुद बरबाद ।।
धर्म अधर्म के युद्ध में भगवन, भक्तन पैज निभाई-आज नरसिंह
भक्त रक्षक, धर्म धरा हित, धरा अद्भुत अवतार।
धर विध्वंसक रूप भयंकर, कीन्ही खूब दहाड़ ।।.
थम फोड़ नरसिंह रूप में, प्रक्ट पड़े हरिराई-आज नरसिंह.
पक्ड़ दैत्य को जांघ बिठाकर, किये भीषण प्रहार।
पेट फाड़ नाखुन से नरसिंह, किया दैत्य संहार।।
'मधुप' सभी नरसिंह प्रभु की, जै जैकार बुलाई-आज नरसिंह.
Karo Kripa Na Kar Deri
bhajanShrijirasik
करो कृपा ना कर देरी...
करो कृपा ना कर देरी
फंसी नैया हमारी है
बढ़ाया चीर द्रौपदी का
सभा में लाज जाती थी
पुकारा एक क्षण उसने
बचाई लाज तुम ने ही
करो कृपा, ना कर देरी...
बंधे प्रहलाद खंभे से
जान उनकी चली जाती
भक्त पर कर दया प्रभु जी
बचाई जान तुमने ही
करो कृपा, ना कर देरी...
लगाया कंठ मीरा ने
पिया विष ध्यान तेरा कर
रहा ना विष, बना अमृत
करी लीला ये तुमने ही
करो कृपा, ना कर देरी....
फंसी बीचधार में नैया
अथाह जल से भरी नदियां
लगाए टेर हम प्रभु को
दिया ये ज्ञान तुमने ही
करो कृपा ना कर देरी
फंसी नैया हमारी है
Tere Pujan Ko Bhagwan
bhajanShrijirasik
तेरे पूजन को भगवान....
तेरे पूजन को भगवान
बना मन मंदिर आलीशान
किसने जानी तेरी माया
किसने भेद तुम्हारा पाया
हारे ऋषि मुनि धर ध्यान
बना मन मंदिर आलीशान
तू ही जल में तू ही थल में
तू ही तन में तू ही मन में
तेरा रूप अनूप महान
बना मन...
तू हर गुल में तू बुलबुल में
तू हर डाल के हर पातन में
तू हर दिल में मूरतिमान
बना मन...
तूने राजा रंक बनाए
तूने भिक्षुक राज बिठाए
तेरी लीला अजब महान
बना मन...
झूठे जग की झूठी माया
मूरख उसमें क्यों भरमाया
कर कुछ जीवन का कल्याण
बना मन...
Kabhi Ram Banake Kabhi Shyam Banake Chale Aana Prabhuji
bhajanचले आना प्रभु जी...
कभी राम बनके, कभी श्याम बनके चले आना
प्रभु जी चले आना ॥ टेक ॥
तुम राम रूप में आना
सीता साथ लेके धनुष हाथ लेके
चले आना प्रभु जी चले आना...
तुम श्याम रूप में आना
राधा साथ लेके वंशी हाथ लेके
चले आना प्रभु जी चले आना...
तुम शिव रूप में आना
गौरा साथ लेके डमरू हाथ लेके
चले आना प्रभुजी चले आना...
तुम विष्णु रूप में आना
लक्ष्मी साथ लेके चक्र हाथ लेके चले आना प्रभु जी चले आना...
तुम गणपति रूप में आना रिद्धि साथ लेके सिद्धि साथ लेके चले आना प्रभु जी चले आना...
오
Dekho Ji Jagannath Ji Rath Yatra Aayi Hai
bhajanShrijirasik
रथयात्रा
(रथयात्रा की कोटिन-कोटि बधाई)
जगन्नाथ जी की निकली सवारी
धुन- मुझे रास आ गया है तेरे दर पे सर झुकाना
देखो जी जगन्नाथ की, रथ यात्रा है आई।
सज-धज के बैठे रथ में, इक बहन अरू दो भाई।।
देखो जी.........
सोने का रथ बना है, जड़े हीरे रत्न मोती।
दिव्य झांकी दिव्य शिंगार की, शोभा कही न जाई॥
देखो जी.........
स्वागत को सज गई है, सारी पुरी नगरिया,
रंग रस बरस रहे है, महकी है पुरवाई॥
देखो जी.........
रथ साथ संत भगत है, पीछे पीछे खुदाई।
रथ खींचे नाचे गावें, प्रभु को सब रिझावें,
हरिनाम की ‘‘मधुप हरि’’ गुंजार दे सुनाई॥
देखो जी.........
Ab Main Narayan Ghar Le Aayi Ab Mujhe Kisi Ki Kami Nhi
bhajanShrijirasik
मैं नारायण घर ले आई
अब मुझे किसी की कमी नहीं
अब धन दौलत की कमी नहीं
माया का सागर गहरा है
और मुझे तैरना आता नहीं
नैया का नाम कन्हैया है
डूबे तो कोई फिक्र नहीं
मैं नारायण घर ले आई...
घनघोर अंधेरा इस जग में
मैं बुझा दीप इस बाती का
सूरज को मना कर ले आई
अब अंधियारे की फिक्र नहीं
मैं नारायण घर ले आई...
खिड़की दरवाजे खोल दिए
सारा सामान नीलाम हुआ
आना-जाना आसान हुआ
ताले चाबी की फिक्र नहीं
मैं नारायण घर ले आई...
घर से था मंदिर बहुत ही दूर
पैरों में मेरे प्राण नहीं
जब घर में प्रभु जी आ बैठे
तीरथ जाने की फिक्र नहीं
मैं नारायण घर ले आई...
मैं नारायण घर ले आई
अब मुझे किसी की कमी नहीं
अब धन दौलत की कमी नहीं
Bhakti Ka Jab Vo Saavan Hoga Tab Tera Tan Man Paavan Hoga
bhajanShrijirasik
भजन : भक्ति का जब वो सावन होगा
भक्ती का जब वो सावन होगा ।
तब तेरा तन-मन पावन होगा ।।
भक्ती करने में ही तेरा जीवन होगा ।।
तब तेरा....
जग के माया-मोह सब,
तुझको खूब फँसायेंगे ।
इनसे नहीं बचोगे तो ये,
अन्त में खूब रुलायेंगे ।।
माया से हटकर जीवन होगा।।
तब तेरा....
धन के फेरे में न पड़कर,
धर्म को खूब कमाओगे ।
जग के अच्छे कर्मों को कर,
भव से तुम तर जाओगे ।।
प्रभु का भजन मनभावन होगा।।
तब तेरा....
सदाचार को अपनाकरके,
जीवन धन्य बनाओगे ।
तभी कान्त निश्चित ईश्वर को,
एक दिन तुम पा जाओगे ।।
जब तेरे बस में, ये मन होगा ।।
तब तेरा....
Hari Ju Tero Naam Param Sukhdai
bhajanShrijirasik
हरि नाम बड़ो सब साधंन ते,हरि नाम बिना बेदार सी है कलीकोट कुचाल कटावंन को,हरि नाम करोत की धार सी है
हरि नाम सों पाहन सिंधू तरे,तोहे लागत बात गवारं सी है
सुख देख पुराण नाम प्रताप,कवंन कु कहां आवसी है
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई,प्रभु जू तेरो नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम नाम की रटंन लगाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
1. और कछु जो ना बनें,एक नाम एक टेर
बिहारी बिहारिन दास रट,साधंन सधेअनेक
श्री हरिदास नाम सुखदाई,हमारो श्रीहरिदास नाम सुखदाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई
मैंने नाम की रटंन लगाई
प्रभु जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
2. नाम नाम बिन ना रहे,सुनों सयानें लोग
मीरा सुत जनयों नहीं,शिष्य ना मुड़ो कोई
नाम बाई वो मीरा भई,गिरधर नाम
भाई वो मीरा बाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,प्रभु जू
तेरो नाम परम सुखदाई
हरि....
3. लाख़ बार हरि हर कहो,एक बार हरिदास
अति प्रसंन श्री लाडली,दे हैं विपिन को वास
हमारो श्री हरिदास नाम सुखदाई,प्रभु
जू तेरो नाम परम सुखदाई
हरि जू तेरो नाम परम सुखदाई,मैंने
नाम की रटंन लगाई प्रभु जू तेरो नाम
परम सुखदाई,
हरि....
Mera Chhota Sa Sansar Hari Aa Jao Ek Baar
bhajanमेरा छोटा सा संसार,
हरि आ जाओ एक बार ll
हरि आ जाओ, प्रभु आ जाओ l
मेरी नईया, पार लगा जाओ l
*मेरी बिगड़ी, आ के बना जाओ l
भक्तों की, सुनो पुकार,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
जब याद, तुम्हारी आती है l
रह रह के मुझे, तड़पाती है l
तन मन की, सुध बिसराती है l
दूँ तन मन धन, तुझ पे वार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
लाखों को दर्श, दिखाया है l
प्रभु मुझको क्यों, तरसाया है l
ये कैसी तुम्हारी, माया है l
नित बहती है, असुवन धार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,
मुझको बिछुड़े, युग बीत गए l
क्यों रूठ मेरे, मन मीत गए l
मै हार गया, तुम जीत गए l
अब दर्शन, दो साकार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,,
इस जग में, कौन हमारा है l
प्रभु तेरा ही, तो सहारा है l
तेरे भक्त ने, तुझे पुकारा है l
मेरी नईया, लगा दो पार ll,
हरि आ जाओ एक बार,,,
मेरा छोटा सा संसार,,,,,,,,,,
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