॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Khatu Shyam - Karun Bhav
खाटू श्याम - करुण भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
तरज - सावन का महीना
बैठे ऊंचे सिंहासन देखो ना मेरी ओर
कर लेना तू बाबा मेरी बातों पर ये गोर
उंगली पकड़ के तूने चलना सिखाया
गिरने से तुमने बाबा मुझको बचाया
तेरे हाथ में बाबा इस पतंग की है ये डोर
कर लेना तू बाबा मेरी बातों पर ये गोर
सच में पुकारा तुमको किया ना बहाना
देर ना लगाना बाबा जल्दी से आना
तू है मेरा चंदा और मैं तेरा चकोर
कर लेना तू बाबा मेरी बातों पर ये गोर
बात सच्ची है बाबा झूठी ना बताओ
प्रेम किया है तुमसे अब तों निभाओ
लकी विनती प्यारे मत होना तू बोर
कर लेना तू बाबा मेरी बातों पर ये गोर
Shrijirasik
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा,
जीवन का है आधारा,
जीने का है सहारा........
हे करुणा करने वाले,
मेरी लाज रखने वाले,
तेरे ही दर से मिलता,
हर दीन को सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरी आस्ता के सदके,
तेरी हर गली पे कुरबां,
तेरा दर है दर हकीक़त,
मेरी जीस्त का सहारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
तेरे प्यार की हदो को,
बस तू ही जानता है,
तुम आ गए वहीँ पे,
मैंने जहाँ पुकारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
क्यों ढूंढते फिरे हम,
तूफानों में सहारा,
तेरे हाथ में ही लहरे,
तेरे हाथ में किनारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.....
मुझे बेकरार रख कर,
मेरे दिल में बसने वाले,
जो यही है तेरी मर्ज़ी,
तेरा विरह भी है प्यारा,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा.......
Shrijirasik
तर्ज – थारे वास्ते रे ढोला थारे वास्ते
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कोण लागे,
तू मेरो कोण लागे.......
गिर जाऊं पकड़ उठावे,
भटकूँ तो राह दिखावे,
घबराऊ दौड्यो आवे,
हिवड़े ने धीर बंधावे,
दोड़्यो आवे, भाग्यो आवे,
काम बणावे, पर नजर ना आवे,
पीछे पीछे चलूँ तू तो,
चले आगे आगे रे मेरे,
चले आगे, तू मेरो कोण लागे......
अटक्योड़ा काम बणावे,
खर्चो यो कोण चलावे,
मैं तो गानो नही जाणु,
किरपा है तेरी तू गवावे,
तू ही जाणे तेरी माया,
तन्ने वेद समझ नही पावे,
में क्या जाणु तू ही जाणे,
सुत्या भाग जागे रे म्हारा,
भाग जागे, तू मेरो कोण लागे......
रक्षा करे हरदम तू मेरी,
छोडूंगी ना चोखट तेरी,
सेवा तेरी करती रहु में,
अभिलाषा है ये श्याम मेरी,
उमा लहरी शरण तुम्हारी,
पत राखो हे कृष्ण मुरारी,
साँवरा सलोना मेरा तू,
रहियो सागे सागे मेरे,
रहियो सागे, तू मेरो कोण लागे.........
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कौन लागे,
तू मेरो कोण लागे......
Shrijirasik
वक्त की आंधी से,पत्थर भी पिघल जाते हैं
कह-कह फ़िर से,अश्कों में बिख़र जाते हैं
कौंन याद करता है,दुनिया में किसी को
वक्त के साथ साथ,हालात बदल जाते हैं
वक्त इन्सांन का,सम्मान करा देता है
वक्त इन्सांन का,अपम्मान करा देता है
वक्त पड़ने पर आया है समझ में मेरी
वक्त इन्सांन की पहचान करा देता है
कोई श्याम सा नहीं देखा,जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
ध्यान में योगियों के आता नहीं,
संग भगतों के नाचता देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
किस तरह द्रोपदी नगंन होती,
श्याम साड़ी में ही छिपा देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
कदंम-कदंम पे बचाता है अपनें भगतों को,
ऐसा परमात्मा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
मैं आया हूं अब तेरे दर पे,
जब कोई आसरा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
Shrijirasik
अब तो रह न सकूँ मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूँ
अब तो रह न सकूं मेरे श्याम, बिन तेरे रह न सकूं
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूँ
रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू
रातों को नींद में आता है तू, दिन का चैन चुराता है तू
बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूं
बैठा साँसों में डेरा डाल, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
देखूँ जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूँ तो रूह मेरी तड़पे
देखूं जो तुझको दिल मेरा धड़के, ना देखूं तो रूह मेरी तड़पे
कैसे जीऊं तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूं
कैसे जीऊँ तुझ बिन सरकार, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना
थामा जो हाथ तो थामे रखना, प्रीत की डोर में बांधे रखना
रहे जनम जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूं
रहे जनम-जनम का साथ, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है
जिस्म भी तू है, जान भी तू है, कान्हा मेरी पहचान भी तू है
है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूं
है तू ही मेरा संसार, बिन तेरे रह न सकूँ
मुझे तुझसे हो गया प्यार, बिन तेरे रह न सकूं
बिन तेरे रह न सकूं श्याम, बिन तेरे रह न सकूं
बिन तेरे रह न सकूं
Shrijirasik
मेरी आई ना तुझे याद, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी बिगड़ी बाबा बनादे
मनमोहन दरश दिखा दे
मेरी नैया पार लगा दे
मैने किया कौन अपराध, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
सब भक्तों का रखवाला
करो जीवन मे उजियाला
मुझे चरनों साथ लगाला
करो कष्टों से आजाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
दर आई है दुखिया नारी
करो कृपा मोहन मुरारी
विपताऐ मुझ पे भारी
हुई सब तरियां बरबाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
मेरी बाबा लाज बचाना
जसपाल जनाल से आना
सारे संकट दुर भगाना
सुनो सेवक की फरियाद, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी साँवरिया
Shrijirasik
अंधियारे में कहो कौन थामेगा मेरा हाथ।
बहुत हो चुका और परीक्षा कब तक लोगे नाथ।
चलता हूं तो कांटों पर ही चलना पड़ता है।
हर पल हर दम अंगारों में जलना पड़ता है।
रोज मुसीबत नया रूप धरकर आ जाती है,
रोज नए सांचे में मुझको ढलना पड़ता है।
बोलो कब तक ऐसे ही सहने होंगे आघात।
बहुत हो चुका और परीक्षा कब तक लोगे नाथ।
सच के पथ पर चला हमेशा तेरा ध्यान लगाया।
पर लगता है जैसे तूने मुझको कहीं भुलाया।
तेरी शरण छोड़कर बाबा बता कहां मैं जाऊं?
दुख का बादल मेरे सिर पर क्यों इतना गहराया।
कब तक और भटकना होगा मुझको दिन और रात
बहुत हो चुका और परीक्षा कब तक लोगे नाथ।
सहते-सहते संकट अब तो टूट चुकी है आस।
करुणा कर दो करुणासागर हार चुका है दास।
भक्त अगर मुश्किल में हो तो आते है भगवान,
तुम न सुनोगे तो बतलाओ कौन सुने अरदास।
तुमसे कहां छुपे हैं बाबा मेरे ये हालात।
बहुत हो चुका और परीक्षा कब तक लोगे नाथ।
Shrijirasik
तरज- खाटु बूलाऐ खाटु का श्याम
हारे का सहारा मेरा खाटू श्याम बाबा
ले के निशान , चले बाबा के धाम |
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
ले के निशान , चले खाटू के धाम |
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
तीन बान धारी, नीले की सवारी|
बोले ना कुछ वी, सुनता है सारी||
सब से ऊचा खाटू का नाम. ......
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम |
शीश का दानी, जिस की कहानी |
देता हैं लाभ, बाबा देता ना हानी ||
भगतो पे भीड़ कभी देता नहीं आण......
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
अरे लाख दतार, बाबा का प्यार |
मिलता है जिसको, नईआ हैं पार ||
श्याम धनी सबके करता है काम.......
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
भगत जसपाल, गांऊ जनाल |
बाबा की उस पे, है कृपा कमाल ||
कीर्तन कराऐ वो बाबा के नाम ......
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
Shrijirasik
तर्ज- सांवरिया लै चल परली पार
आशा लेकर आया हूँ मैं,
आज तेरे दरबार
सावरिया रख लो सेवादार
श्याम जी रख लो सेवादार .......
आठो पहिर मै तेरे दर पर
थका ना तेरी सेवा कर कर
बाहगा मे तेरे मोती जड़ कर
सोहने लगोगे सज संवर कर
फूलो की मै माला पिरो कर ,करुं तेरा सिगार
सावरीआ रख लो सेवादार
श्याम जी रख लो सेवादार.......
अपना तुझ को मान लिया है
मन ही मन मै ठान लिया है
करने तेरा गुणगाण मैं बैठी
मान तुझे भगवान लिया है
तेरे चरणो की बन जाऊँ दासी, छोड़ कुटुबं परिवार
सावरीआ रख लो सेवादार
शयाम जी रख लो सेवादार ........
लालच मुझेको कोई नहीं है
तेरे बिन मेरा कोई नहीं हैं
मुरादे पुरी होती यही हैं
तेरे दर कोई रोई नही हैं
मतलब के सब रिश्ते नाते मतलब का संसार
सावरिया रख लो सेवादार
शयाम जी रख लो सेवादार .......
खाटु शयाम जी अरज करी मै
हाथ जोड़ कर दर पे खड़ी मैं
आसुओ की जो भैट चड़ी है
या मेरे लिऐ तो बहुत बड़ी हैं
जसपाल जनाल की विनती बाबा, करनी हो स्वीकार
सावरिया रख लो सेवादार
श्याम जी रख लो सेवादार ..........|
Shrijirasik
अंधेरो की नगरी से, कैसे मैं पार जाऊं,
श्याम अब लेने आजा, हौसला हार ना जाऊं,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना,
हारे के सहारे मेरे हारे के सहारे,
हारे के सहारे, मेरी हार हराओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
तूफानों ने घेर लिया, मुझे राह नजर ना आवे,
तुम बिन कौन मेरा जो, मेरी बांह पकड़ ले जावे,
भटक रहा राहों में बाबा, पार लगाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
किसको रिश्ते गिनवाऊँ, किसे जात बताऊँ मैं,
क्या क्या जख्म दिए जग ने, किसे घात दिखाऊं मैं,
बिन कुछ पूछे श्याम हमारा, कष्ट मिटाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
अनजानी नगरी में, सब अनजाने लगते है,
हम तो तेरी याद में, रो रो रातें जगते है,
बहता इन आँखों से बाबा, नीर थमाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
कृष्ण को जिसने दान दिया, उस दानी के आगे,
हमने सुना तेरा नाम लिए से, संकट सब भागे,
‘छोटू’ की विपदा को बाबा, आग लगाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
Shrijirasik
जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है
जो संकट से निकले वही तो श्याम है
लाडो बेटी हुई सयानी बाप की आंख में आ गया पानी
कैसे इसका ब्याह कराऊ इतना पैसा कहां से लाऊं
जो आके लाज बचा ले वही तो श्याम है
जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...
बच्चों को मां छोड़ गई है जग से नाता जोड़ गई है
रो रो कर तुझे पुकारे कौन देगा हमें सहारे
जो अपना समझ के पाले वही तो श्याम है
जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...
अंधे की लाठी बन जाओ निर्मल के साथी बन जाओ
श्याम कह कर उनकी सेवा श्याम के प्यार तुम बन जाओ
जो देता इन्हें सहारे वही तो श्याम है
जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...
Shrijirasik
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है,
तेरी याद में मन ये भीगा है।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है,
तेरी भक्ति ने सब कुछ दिया है।
खाटू नगरी तेरी न्यारी,
जहाँ बजती बाँसुरी प्यारी।
तेरे दर पे जो झुक जाए,
हर पीड़ा वो भूल जाए।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है...
तेरी शरण में जो आया,
हर दुःख अपना भुलाया।
तेरी मुस्कान में जादू है,
तेरे नाम में आराम है।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है...
नील गगन में तेरा बसेरा,
साँवरे तू है दिल का सवेरा।
तेरे चरणों में मन लुटाया,
सब कुछ तुझको अर्पण पाया।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है...
भक्तों का रखवाला श्याम,
तेरा अचरज अपार नाम।
तेरी नज़र से कृपा बरसे,
तेरे प्रेम से जीवन हँसे।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है...
Shrijirasik
दुनियादारी छोड़ दी है, तुमसे प्रीति जोड़ ली है,
तेरी मोरछड़ी के झाड़े से सब संकट कटते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,
1. मैं घर से पहुँचा रिंगस और फिर हाथ निशान उठाया,
निशान उठा कर के बाबा तेरा जयकारा लाया,
एक लाल गुलाब लिया बाबा-तेरा ध्यान किया बाबा,
बड़े बड़े सब सेठ तेरा ही पानी भरते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,
2. फिर तोरण द्वार आ गया जिसपर भीड़ लगी थी भारी,
तेरे नाम की मस्ती में सब झूम रहे नर नारी,
कई श्याम कुंड में नहा रहे थे-कई कढ़ी कचौड़ी खा रहे थे
तेरी नगरी गूँज उठती है जब जयकारे लगते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,
3. फिर तेरे मंदिर के आगे बाबा खड़े हो गए जाके,
अमर हो गए साँवरिया हम तेरा दर्शन पाके,
नौकर तेरा बना ले ना-तेरे चरणों बीच बसा लेना,
हम आशिक़ है तेरे तेरी सूरत पे मरते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,
4. हर ग्यारस को बाबा तेरे धाम पे चल के आऊँ,
विशेष भण्डेरी से बाबा तेरा कीर्तन भी करवाऊँ,
मेरा मन बोले अब चल खाटू-छोड़ आया मैं दिल खाटू
अब तेरी याद में सोते और तेरी याद में जगते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं !
Shrijirasik
बाबा. ये जग है पराया , सब तेरी माया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ..
ओ..
तूँ मोल छवि कृष्ण की
अनमोल छवि कृष्ण की
बाबा ..ये दर तेरा पाया , तूँ दिल में समाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ….
ओ…
( तर्ज- बाबुल जों तुमने सिखाया)
कैसे भूल पाऊँगा में बाबा इस जग की ….खुमारियाँ
ओ…….ओ…..
कैसे भूल पाऊँगा में बाबा इस जग की ….खुमारियाँ
मेरे अपनों ने ही रुलाया सताया मुझको .. की खुआरियाँ.
एसे में तुम्हें मैंने पाया , कृपा की मिली छाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ..
ओ..
तूँ मोल छवि कृष्ण की
अनमोल छवि कृष्ण की
बाबा ..ये दर तेरा पाया , तूँ दिल में समाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ….
ओ…
ज़बसे बाबा तूँ मुझे मिला है आज दुख भी नहीं कोई
ओ…..ओ….
ज़बसे बाबा तूँ मुझे मिला है आज दुख भी नहीं कोई
आज समझ आया कलयुग में तुझसे भड़कर कोई नहीं ..
बाबा तूँ मेरे पिता है
तुझे सब पता है
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ..
ओ..
तूँ मोल छवि कृष्ण की
अनमोल छवि कृष्ण की
बाबा ..ये दर तेरा पाया , तूँ दिल में समाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ….
ओ…
कैसे भूल गया रे तूँ प्राणी मेरे ठाकुर की कहानियाँ
ओ….ओ…..
कैसे भूल गया रे तूँ प्राणी मेरे ठाकुर की कहानियाँ
आज भी चुलकाना में बो पीपल देता तुझकों निशानियाँ
मोहन एक झलक दिखलादे
हम सब का “ यश ” भड़ा दे
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ..
ओ..
तूँ मोल छवि कृष्ण की
अनमोल छवि कृष्ण की
बाबा ..ये दर तेरा पाया , तूँ दिल में समाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ….
ओ…
Shrijirasik
बदले हुए से क्यों लग रहे हो
श्याम पराये से क्यों लग रहे हो
पहले दरबार आता देखकर तुम मुस्काते
सामने अब आया जो देख नजरे चुराते
कुछ तो बोलो क्यूँ बदले हो इतना बता दो श्याम
इतना बता दो श्याम
रोते हुए मैं जाता दर से श्याम ये कैसे देख रहे हो।
सोचा था बाबा आकर देगा मुझको सहारा
बताओ सांवरिया क्यू किया मुझसे किनारा
लुट रही है लाज ये मेरी तेरे होते श्याम
हा तेरे होते श्याम
गैरों को जैसे तुम भी बाबा बैठे बैठे हंसने लगे हो।
पहले क्यू प्रीत लगाकर प्रेम तुमने बढ़ाया
बुलाकर दर पे मुझको काहे मुखड़ा घुमाया
मांगने कुछ ना आता तुमसे आता मिलने श्याम
मैं आता मिलने श्याम
देख यूँ मुझको सामने अपने श्याम पसीना बहाने लगे हो।
ये दुनिया मुझसे पूछे कि तेरा श्याम कहा है
मैं छाती ठोक के कहता कि मेरा श्याम यहाँ है
रंग बदलती दुनिया में क्या तुम बदलोगे श्याम
क्या तुम बदलोगे श्याम
कृष्णा तुम्हीं तो अपने सनी का जन्मों से साथ निभाते रहे हो।
Shrijirasik
तर्ज: दिल लूटने वाले जादूगर,
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों में,
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों में
मंजूर मेरी यही अर्ज रहे
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों मे।
मेरी इस जीवन की डोरी है,
बाबा श्याम तुम्हारे हाथों में।
अब तारो न तारो बाबा तुम,
मेरी डोर तुम्हारे हाथो में।
मंजूर मेरी
तेरी छवी सदा मेरे नैनं रहे,
ओर मन चरणों मे लगा रहे।
मेरी जुबा पे श्याम का नाम रहे,
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों मे।
मंजूर मेरी
मेरा अंत समय आये बाबा,
मेरे सामने तु बाबा खड़ा रहे
बाबा श्याम कृपा कुछ ऐशी रहे,
में आया तुम्हारी शरणा में
मंजूर मेरी
अशोक की बाबा अर्जी है,
आगे बाबा तेरी मर्जी है
यह भाव सभी भगतो का है,
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों मे
Shrijirasik
मेरी नैया भरोसे तुम्हारे,
पार तुमको लगानी पड़ेगी।
बिन पानी के ही आज मोहन,
नाव तुमको चलानी पड़ेगी॥
सिवा तेरे जहाँ में कन्हैया,
दूजा कोई नहीं है हमारा।
दाना-पानी तुम ही हमको देते,
तुमसे चलता है अपना गुज़ारा॥
फिर क्यों रूठे भला आज हमसे,
राज़ दिल की बतानी पड़ेगी।
मेरी नैया भरोसे तुम्हारे॥
प्यार इतना दिया तुमने बाबा,
जिसके लायक कभी भी नहीं था।
कैसे हिचकोले खाती वो नैया,
नाम जिसपे तुम्हारा लिखा था॥
अपनी करनी से फिर से मैं हारा,
हारी बाज़ी जितानी पड़ेगी।
मेरी नैया भरोसे तुम्हारे॥
इनके लाखों दीवाने हैं यारों,
शान दुनिया में जिनकी निराली।
बाबा सोया नसीबा जगाते,
जाता खाली न दर से सवाली॥
तेरा “चंदन” कहे लौ लगा लो,
लाज प्रभु को बचानी पड़ेगी।
मेरी नैया भरोसे तुम्हारे॥
Shrijirasik
( तर्ज - दीनानाथ मेरी बात ... )
श्याम सरकार तेरा साथ हमें दीजिए
आया हूं दरबार बाबा हाथ रख दीजिए
हाथ में तेरे मोर छड़ी मुकुट ये प्यारा है
झुंझुनू में गूंज उठा तेरा ही जयकारा है
बाबा का दिदार अपने आंखों से कर लीजिए
आया हूं दरबार बाबा हाथ रख दीजिए...
घर - घर से बाबा उठे ये निशान है
तेरे ही मंदिर में बाबा बसी मेरी जान है
मन से मेरे सांवरे का कीर्तन कीजिए
आया हूं दरबार बाबा हाथ रख दीजिए...
प्रेम तुमसे खाटू वाले बताया नहीं जाए
जब भी पुकारू तुझे दौड़ा - दौड़ा आए
लक्की को बाबा तेरा सेवक रख लीजिए
आया हूं दरबार बाबा हाथ रख दीजिए...
Shrijirasik
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
ओ श्याम मेरे श्याम ...
प्रभु मुझ पे कृपा कर दे तू तो ममता की मूरत है
मैं प्यासा हूँ तू सागर है मुझे तेरी ज़रूरत है
दया की बून बरसाओ मुझे ना और तरसाओ
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ...
सभी का बन गया मैं पर कोई मेरा न बन पाया
बड़ी ही आस लेकर के तुम्हारे दर पे मैं आया
तुम्ही तो हो मेरी हिम्मत तेरे बिन क्या मेरी कीमत
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ...
मेरे हालात पे माधव हर कोई तंज कसता है
तड़पता देख कर मुझको ज़मान खूब हँसता है
ये दुनिया लाज की दुश्मन दुखाती है ये मेरा मन
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ...
दुखों की रात है तो क्या सुख का सूरज भी निकलेगा
देख कर के मेरे आंसू श्याम तेरा दिल पिघलेगा
हलक पे जान है मेरी दया का दान दे दे रे
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ...
ओ श्याम मेरे श्याम ...
Shrijirasik
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,
जीतूगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है,
मेरे माजी बन जाओ मेरी नाव चला जाओ,
बेटे को बाबा श्याम गले लगा जाओं,
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,
मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता बिन बोले भक्तो की बिगड़ी बनता,
मिलता न किनारा है ना कोई और साहरा है,
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,
तुमसे ही जीवन मेरा ओ मेरे बाबा कैसे चलेगा समज ना आता
तुम धीर बांधते हो तो सांसे चलती है मुझे समज न आता है मेरी क्या गलती है,
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,
परिवार मेरा तेरे गन है गता दोषी तो मैं हु उन्हें क्यों सताता,
उनको भी भरोसा है तूने पाला पोसा है,
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है,
Shrijirasik
( तर्ज - भोले नाथ के सिवा भला तेरा कौन भला करेगा )
मेरे श्याम के सिवा दया की कौन नजर करेगा
खाली झोली है ये मेरी बाबा ही भरेगा
श्याम नाम की चर्चा सारी दुनिया ने है मानी
वीर बड़ा है बाबा मेरा है तुमसा ना कोई शानी
कहलाता जो जगत सेठ है वो ही गुजारा देगा
मेरे श्याम के सिवा दया की कौन नजर करेगा ...
लेकर जब तलवार हाथ में रणभूमि में आया
आए थे भगवान मांगने चरणों में शीश चढ़ाया
तुमसा ना कोई दानी बाबा तू ही रक्षा करेगा
मेरे श्याम के सिवा दया की कौन नजर करेगा ...
दरबार में तेरे आते श्याम दुनिया के नर - नारी
नजर घुमा के देखो बाबा हम बड़े दुखियारी
लकी क्यों चिंता करता है खाटू वाला हरेगा
मेरे श्याम के सिवा दया की कौन नजर करेगा ...
Shrijirasik
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
हाथ पकड़ लो अब तो आकर ...2
मैं कष्टो ने घेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
नहीं लायक मैं तेरे सांवरे , बस तेरा विश्वास है
तू हारे का एक सहारा , बाबा तेरी आस है
दूर करो यह श्याम अंधेरा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
तेरे बिना कहो किसे सुनाऊँ , मैं अपने दिल की बाबा
देखले आकर अपने भगत को , खबर ना मंजिल की बाबा
मुझे दिखादो कहाँ सवेरा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
बड़ी कतारे है दुखों की , सुख का कहीं ना नाम है
और किसी को ना जानू बस , तू ही मेरा श्याम है
कर लिया इंतजार भतेरा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
मत लो कठिन परीक्षा मेरी , मैं बालक नादान हूँ
कहे भूलन बस तेरा आसरा , दुनिया से अनजान हूँ
काट हरि 84 फेरा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
हाथ पकड़ लो अब तो आकर ...2
मैं कष्टो ने घेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
Shrijirasik
( तर्ज - हंसता जमाना मुझ पे )
दर-दर से बाबा मैंने ठोकर ये खाई है
चौखट पर आ कर मेरी आंख भर आई है
पुकारा है मैंने तुमको जमाने के समाने
तुम भी अपना को मुझे दास तेरा जानके
बालक पे तेरे बाबा विपदा ये आई है
चौखट पर आकर मेरी आंख भर आई है
रुसवाइ तेरी बाबा क्या दिन दिखाएगी
प्रेमियों की एक दिन जान लेकर जाएंगी
लक्की पे तेरी श्याम नजर अब आई है
चौखट पर आ कर मेरी आंख भर आई है
Shrijirasik
तर्ज : सजने का शौकीन
मझधार में छोड़ चले
क्यूं अपने दीवाने को
हमने क्या जन्म लिया
बस आंसु बहाने को ॥
इंतजार की हद तो श्याम
कुछ तो होती होगी
मेरे हाल को पढ करके
कुछ तो सोची होगी
आंधी का होता साथ ज्यूं दीये को बुलाने को॥
गम के पिंजरे का मैं
परकटा परिंदा है
सब कुछ सह करके
तेरी आश में जिन्दा हू।
देते हो औरो को क्या मुझको दिखाने को ॥
नजरो का बिछा के जाल
क्या दिन ये दिखाना था
आगे क्या कम थे दर्द
जो और बढ़ाना था
अब वक्त नहीं गुट्टू नजरों के फिराने को ॥
Shrijirasik
मैं खाटू में आऊँ बाबा सातों जनम
सातों जनम बाबा, जन्मो जनम
खाटू की गलियां, मेरे मन को भाऐ
तेरे दर्शन से बाबा, दिल चैन पाऐ
दर्शन पाऊं बाबा, जब तक है दम
श्याम नाम की, महिमा है भारी
तुमने ही मेरी सारी, विपदा है टाली
करना कृपा तुम बाबा, यूं ही हरदम
तुमसे ही मेरी बाबा, लगन लगी है
तेरे नाम की दिल में, ज्योति जली है
पल पल पुकारूँ बाबा, जय श्री श्याम
Shrijirasik
सुनियो रे सुनियो सांवरिया सरकारसरकार जी
ओ म्हारा श्याम धनी जी म्हारा श्याम धनी
जद जद म्हारो मनडो होवे उदास जी ...उदास जी
थाने देख रे मन में हर्ष अपार
ओ म्हारा श्याम धनी
जद जद चालू भटकयोडो म एकलो जी म तो एकलो
आगे पीछे चाले बाबो श्याम श्याम जी
जद जद म्हापे आवे विपदा हजार जी रे हजार जी
थारे नाम से छूमंतर हो जाय जाय जी
म्हारे जीवन को आभूषण श्याम जी रे बाबो श्याम
थारे टाबरिया पे रखजो हाथ हाथ जी
ओ म्हारा श्याम धनी जी म्हारा श्याम धनी
Shrijirasik
गया जब मै खाटू सब हार कर
गले से लगाया बाबा पुचकार कर
जहां में अकेला सा जब हो गया था
जो नहीं होना था वो सब हो गया था
तेरे दर पे आया बाबा–2 थक हार कर
गया जब मै खाटू सब हार कर
चौखट तुम्हारी बाबा जबसे मिली है
जीवन की बगिया मेरी तबसे खिली है
नजरे कृपा की कर दी–2 परिवार पर
गया जब मै खाटू सब हार कर
सेवा में तेरी मैं हरदम रहूंगा
कृपा की जो तूने वो सबसे कहूंगा
दास कन्हैया को–2 स्वीकार कर
गया जब मै खाटू सब हार कर
गले से लगाया-2 पुचकार कर
Shrijirasik
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
अब वो ही गले लग कर अपना पन दिखाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
उस मंजिल को पाने में शाले पड़ जाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
Shrijirasik
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
ओ श्याम मेरे श्याम
ओ श्याम मेरे श्याम
प्रभु मुझ पे कृपा कर दे तू तो ममता की मूरत है
मैं प्यासा हूँ तू सागर है मुझे तेरी ज़रूरत है
दया की बूँद बरसाओ मुझे ना और तरसाओ
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
सभी का बन गया मैं पर कोई मेरा न बन पाया
बड़ी ही आस लेकर के तुम्हारे दर पे मैं आया
तुम्ही तो हो मेरी हिम्मत तेरे बिन क्या मेरी कीमत
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
मेरे हालात पे माधव हर कोई तंज कसता है
तड़पता देख कर मुझको ज़माना खूब हँसता है
ये दुनिया लाज की दुश्मन दुखाती है ये मेरा मन
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
दुखों की रात है तो क्या सुख का सूरज भी निकलेगा
देख कर के मेरे आंसू श्याम तेरा दिल पिघलेगा
हलक पे जान है मेरी दया का दान दे दे रे
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
ओ श्याम मेरे श्याम
ओ श्याम मेरे श्याम
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हंसाते हैं।
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम आते हैं।
जिन नजरों को बाबा इक आंख ना भाता था
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था
अब वो ही गले लगकर अपना पन जताते हैं
जब कोई नहीं आता………………………………
रोती हुई आँखों को………………………………
अपनों के सभी रिश्ते फीके पड़ जाते हैं
जब जेब से पैसों के पत्ते झड़ जाते हैं
मतलब से सभी माधव यहां रिश्ता निभाते है
जब कोई नहीं आता………………………………
रोती हुई आँखों को………………………………
तूने दिल से रिझाया तो साथ ये तेरे चल देगा
तेरे जीवन का माधव इतिहास बदल देगा
कल को आज से बहतर सावरे ही बनाते है
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम आते हैं,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हंसाते हैं।
राहों के अंधेरों से हैरान नहीं होना
फिर साथ है सांवरिया परेशान नहीं होना
कल वो ही उठायेंगे जो आज गिराते है
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम आते हैं,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हंसाते हैं।
सबने हंसता देखा मेरे घाव नहीं देखे
ऊंचाई दिखी सबको मेरे पांव नहीं देखे
इस मंजिल को पाने में छाले पड़ जाते हैं
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम आते हैं,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हंसाते हैं।
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है
जीतूंगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है
जीतूंगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है
मेरे मांझी बन जाओ मेरी नाव चला जाओ
बेटे को बाबा श्याम गले लगा जाओ
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है
जीतूंगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है
मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता
बिन बोले भक्तों की बिगड़ी बनाता
मैंने सुना है तू दुखड़े मिटाता
बिन बोले भक्तों की बिगड़ी बनाता
आपनो के सताए है
तेरी शरण के आये है
आपनो के सताए है
तेरी शरण के आये है
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है
जीतूंगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है
तुमसे ही जीवन मेरा ओ मेरे बाबा
कैसे चलेगा समझ ना आता
तुमसे ही जीवन मेरा ओ मेरे बाबा
कैसे चलेगा समझ ना आता
तुम धीर बंधाते हो तो साँसें चलती हैं
मुझे समझ ना आता है मेरी क्या गलती है
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है
जीतूंगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है
परिवार मेरा तेरे गुण है गाता
दोषी तो मैं हूँ उन्हें क्यों सताता
परिवार मेरा तेरे गुण है गाता
दोषी तो मैं हूँ उन्हें क्यों सताता
उनको भी भरोसा है तूने पाला पोसा है
उनको भी भरोसा है तूने पाला पोसा है
हारा हूँ बाबा पर तुझपे भरोसा है
जीतूंगा एक दिन मेरा दिल ये कहता है
मेरा दिल ये कहता है मेरा दिल ये कहता है
दे दे सांवरे,
मंदिर का कोना,
जब जी चाहे देख लूँ तेरा,
जब जी चाहे देख लूँ तेरा,
रूप सलोना,
दे दे दे दे सांवरे,
मंदिर का कोना......
मैं रोज सवेरे उठकर,
तेरे मंदिर आऊं,
तेरी सेवा पूजा करके,
तुझको भजन सुनाऊँ,
सिख जाऊं भजनों में प्रेम के,
सिख जाऊं भजनों में प्रेम के,
भाव पिरोना,
दे दे दे दे सांवरे,
मंदिर का कोना.......
मैं बैठ के तेरे आगे,
सुख दुःख अपने खोलूं,
आँख के आंसू से मैं,
तेरी चोखट धो लूँ,
आ जाए हर हाल में बाबा,
आ जाए हर हाल में बाबा,
प्रीत निभाना,
दे दे दे दे सांवरे,
मंदिर का कोना.......
मुझे सेवा देके अपनी,
मेरे भाग जगा दे,
तू कर किरपा मेरे मन की,
दाता मेल छुड़ा दे,
कर दे करदे सांवरिया,
कर दे करदे सांवरिया,
अन्दर से सोणा,
दे दे दे दे सांवरे,
मंदिर का कोना........
इस झूठी दुनिया से ना,
कोई आस करूँ मैं,
तेरी रहमत पे दाता,
विश्वास करूँ मैं,
कभी ना छोड़े 'रोमी' तेरे,
कभी ना छोड़े 'रोमी' तेरे,
दर पे आना,
दे दे दे दे सांवरे,
मंदिर का कोना.......
श्रेणीखाटू श्याम भजन
Shrijirasik
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
ना भटकेगा तू राह कभी ,
इस राह पे चलकर देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
रिश्तो ने दिया धोखा ,
अपनों ने दुखाया दिल ,
चल भूल जा सब बातें,
तू श्याम से आकर मिल,
मेरा श्याम तुझे अपनाएगा ,
तू राधा कहकर देख जरा,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
जिसने भी जपा राधा ,
उसकी तो हटी बाधा ,
उसको मिल गया श्याम ,
उसको मिली राधा ,
मेरा श्याम तुझे मिल जाएगा,
तू उसका बनकर देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
मीरा को मिले मोहन ,
सबरी को मिले हैं राम ,
इन दोनों भक्तों का ,
जग में अमर हैं नाम ,
तेरा नाम अमर हो जाएगा ,
तू भक्ति कर के देख जरा ,
दुनिया का बनकर देख लिया ,
अब श्याम का बनकर देख जरा ,
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