॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Shiv Shakti - Shrungar Bhav
शिव शक्ति - शृंगार भाव
Bhajans (9)
Ek Din Vo Bhole Bhandari Banke Brij Ki Nari
bhajanShrijirasik
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज/वृंदावन में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती से बोले,
मैं भी चलूँगा तेरे संग में
राधा संग श्याम नाचे,
मैं भी नाचूँगा तेरे संग में
रास रचेगा ब्रज मैं भारी,
हमे दिखादो प्यारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ओ मेरे भोले स्वामी,
कैसे ले जाऊं अपने संग में
श्याम के सिवा वहां,
पुरुष ना जाए उस रास में
हंसी करेगी ब्रज की नारी,
मानो बात हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ऐसा बना दो मोहे,
कोई ना जाने एस राज को
मैं हूँ सहेली तेरी,
ऐसा बताना ब्रज राज को
बना के जुड़ा पहन के साड़ी,
चाल चले मतवाली, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
हंस के सत्ती ने कहा,
बलिहारी जाऊं इस रूप में
इक दिन तुम्हारे लिए,
आये मुरारी इस रूप मैं
मोहिनी रूप बनाया मुरारी,
अब है तुम्हारी बारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
देखा मोहन ने,
समझ गये वो सारी बात रे
ऐसी बजाई बंसी,
सुध बुध भूले भोलेनाथ रे
सिर से खिसक गयी जब साड़ी,
मुस्काये गिरधारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
दीनदयाल तेरा तब से,
गोपेश्वर हुआ नाम रे
ओ भोले बाबा तेरा,
वृन्दावन बना धाम रे
भक्त कहे ओ त्रिपुरारी,
राखो लाज हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
Mai To Jau Balihari Bhole Baba Ki
bhajanShrijirasik
तोरी सूरत प्यारी , भोले भंडारी
नाम तिहारो उज्जैन के राजा महाराजा
में तो जाऊ बलिहारी भोंले बाबा पे
1. चन्द्र बदन मुख सुन्दर नैना
माथे तिलक महाकाल , ओ भोले बाबा
सब देवो में महादेव तुम्ही हो
तुम्हरे सर पे ताज ताज ताज रे.......
में तो जाऊ बलिहारी भोले बाबा पे
2. हाथ जोड़ के पैया पड़त हु
सुनलो हमारी बात ,ओ भोले बाबा
अपना बना के राखियो ,, बाबा
छोड न देना हाथ , ओ भोले बाबा
छोड़ न देना हाथ हाथ हाथ रे
में तो जाऊ बलिहारी भोंले बाबा पे
3. किरपा करो महाकाल सभी पे
बिगड़ी बना दो बात
तुम ही हो उज्जैन के राजा
सर पे जो रख दो हाथ , ओ भोले बाबा
सर पे रख दो हाथ हाथ हाथ रे
में तो जाऊ बलिहारी ऐसे राजा पे
5. अविनाश तेरे दर का भिखारी
पूरी करदो आस....ओ भोले बाबा
अंकुर सुनील भी चरणों मे आये
दे दो दर्शन आज ....
में तो जाऊ बलिहारी भोले बाबा पे
Phulon Or Kaliyon Mai Bahar Aa Gayi
bhajanShrijirasik
फूलों और कलियों में बहार आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई,
फूलों और कलियों में बहार……
शीश पे उनके गंगा की मौरी,माथे पे उनके
चंदा की रोरी,नन्दी पे भोले की सवारी आ
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
गले भोले के सरपों की माला,कानों में उनके
बिच्छू का बाला,भाग धतूरे की बौछार हो
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
हाथों में भोले के डमरू का बाजा,तन पे है
उनके भस्मी का जामा,डोल नगाडों की
झंकार हो गई,देख गौरा तेरी……..
करके अगवानी नारद जी आये,देवों को लेके
ब्रम्हा भी आये,भूतों के संग बारात आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई……..
Goura Ki Aai Hai Barat
bhajanShrijirasik
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
भोले बाबा नाच रहे कि भोले बाबा नाच रहे,
भूतों को लेके अपने साथ, भोले बाबा नाच रहे
सर्पों का ही पहना चोला, ब्याहवण आया शंकर भोला
भष्मी से चमकै है गात, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
मस्तक ऊपर चन्दा साजै, डम डम डम डम डमरु बाजै
मेंहदी रचा के अपने हाथ, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
जसपाल जनाल भी महिमा गावै, भोले जी के भजन बनावै
ले हाथ में कलम दवात भोले बाबा नाच रहे
.गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
Shankar Se Kah Do Kar Le Sringar
bhajanShrijirasik
शंकर से कह दो कर ले श्रंगार
शंकर, से कह दो, कर ले श्रंगार,
गौरां, पहनाएगी, फूलों के हार ॥
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर के, सिर का, क्या है श्रृंगार ।
जूड़ा, जटाएं और, गंगा की धार ॥
गंगा, लहराती है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर के, माथे का, क्या है श्रृंगार ।
चंदन, लगाए और, चंदा उजियार ॥
चंदा, से उजाला है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के गले का, क्या है श्रृंगार ।
बिच्छू, ततैया और, सपों के हार ॥
सर्प, लहराते हैं, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के हाथों का, क्या है श्रंगार ।
त्रिशूल, कमण्डल और डमरू की तान ॥
तान, मस्तानी है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के पैरों का, क्या है श्रंगार ।
धुल, खड़ाऊँ और, मस्तानी चाल ॥
चाल, मस्तानी है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के अंगों का, क्या है श्रंगार ।
बाघंबर, शाला और, भस्मी आपार ॥
रूप, मस्ताना है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, से कह दो, कर ले श्रंगार,
गौरां, पहनाएगी, फूलों के हार ॥
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
Nar Se Nari Bane Bholenath
bhajanShrijirasik
नर से नारी बने भोलेनाथ
नर से नारी, बने, भोले नाथ,
गौरां, कहने लगी ॥
कहने, लगी गौरां, कहने लगी ॥
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले, में नाग, लिपट रहे काले ॥
मारे, अंदर, से फुँकार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
कहाँ, छुपाओगे, गंगा की धारा ॥
बहती, बहती, जटा से धार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले में, पहने, मुंडों की माला ॥
कैसे, पहनोगे, मोतियन के हार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
जटा, जूट सी, कैसे छुपेगी ॥
सब, उलझ, रहे हैं वाल,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
Mera Bhola Bada Bhangiya
bhajanShrijirasik
मेरा भोला बड़ा भंगिया
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया... ओ राम जी ॥
ओ जटा, धारी बड़ा, अमली... ओ राम जी ॥
ओ, राम जी, ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाया, माथे का टीका ॥
ओ भोला, चंदा, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, कानों के कुंडल ॥
ओ भोला, बिच्छू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाया, गले का हार ॥
ओ भोला, सर्प, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाई, अंगे की साड़ी ॥
ओ भोला, बाघंबर, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, हाथों के कँगना ॥
ओ भोला, डमरू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाई, पैरों की पायल ॥
ओ भोला, घुँघरू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, लड्डू और पेड़े ॥
ओ भोला, भाँग, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
Nando Pe Chali Hai Barat Bhole Ki
bhajanShrijirasik
नंदी पे चली है बारात भोले की
सबसे अलग है यो बात भोले की
अरे शूकर नाचे शनिचर नाचे
संग में भूत पुशाचर नाचे
देख ले तू गोरां यो ठाठ भोले की
चले हैं शिव जैसे मस्ट मलंगा
गले में सर्प जटा में गंगा
हाथ में डम डम डमरू बाजे
माथे चंदा कितना साजे
आज दिन है भोले का
और रात भोले की
नंदी पे चली……
गोरां नगरी थर थर काँपे
भूत पिशाचर देख झाँके
गले में है नर मुंडों की माला
शोर मचावे अजब निराला
तू जीत है गोरा
तू मात भोले की
नंदी पे चली है……
फेरों पर जब आयी गोरा
शरमाए देखो कैसे भोला
सात फेरे संग लगाके
वर माला ली सर को झुका के
हो गई है गोरां
देखो आज भोले की
नंदी पे चली है……
फूल देखो गगन से बरसे
देवता सब उतरे स्वर्ग से
शिव मिलन की बेला आयी
देने आये सब शिव को बधाई
कलम प्रकाश की और बात भोले की
ख़ुशी गाती है महिमा दिन रात भोले की
नंदी पे चली है……
Heri Sakhi Mangal Gao Ri Aaj Mere Piya Ghar Aavenge
bhajanचौक पुरावो,
माटी रंगावो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे
खबर सुनाऊ जो,
ख़ुशी ये बताओ जो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे।।
हेरी सखी मंगल गावो री,
धरती अम्बर सजाओ री,
उतरेगी आज मेरे पिया की सवारी,
हेरी कोई काजल लाओ रे,
मोहे काला टीका लगाओ री,
उनकी छब से दिखु में तो प्यारी,
लक्ष्मी जी वारो ,
नजर उतारो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे।।
रंगो से रंग मिले,
नए नए ढंग खिले,
ख़ुशी आज द्वारे मेरे डाले है डेरा,
पीहू पीहू पपीहा रटे,
कुहू कुहू कोयल जपे,
आँगन आँगन है परियो ने घेरा,
अनहद नाद बजाओ रे सब-मिल,
आज मेरे पिया घर आवेंगे।।
चोख पुरावो,
माटी रंगावो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे
खबर सुनाऊ जो,
ख़ुशी ये बताओ जो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे।।
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