॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Shiv Shakti - Energetic Bhav
शिव शक्ति - ऊर्जावान भाव
Bhajans (16)
Teri Jay Ho Kalka Mai Re
bhajanShrijirasik
तूने लाखों की बिगड़ी बनाई रे
तूने, लाखों की, बिगड़ी बनाई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ॥
तेरी, जय हो, कालका माई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, गणपत की बनाई,
तूने, भोले की बनाई ॥
तूँ तो, गौरा, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, ब्रह्मा की बनाई,
तूने, विष्णु की बनाई ॥
तूँ तो, लक्ष्मी, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, राम की बनाई,
तूने, हनुमत की बनाई ॥
तूँ तो, सीता, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, कान्हा की बनाई,
तूने, दाऊ की बनाई ॥
तूँ तो, राधा, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, बेटे की बनाई,
तूने, बेटी की बनाई ॥
तूँ तो, मईया, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
Kailash Ke Upar Damru Bajave Bhole Nath
bhajanShrijirasik
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
बजावे भोले नाथ , बजावे भोले नाथ
ऊँचे पर्वत डमरू बजावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
1 ) जब भोले का डमरू बाजे , शिव गण नाचे सारे
धरती और अंबर गूँजे , सब बोल रहे जयकारे
सुनलो नई-नई ताल , सुनावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
2 ) जल्दी प्रसन्न होने वाले , हैं भोले भंडारी
बजा बजा के डमरु काटे , इस जग की बीमारी
विष पी के संसार को , हर्षावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
3 ) शिव की माया ऐसी जिसको , कोई जान ना पाया
उसको भी अपना लेते ये , जो जग ने ठुकराया
भूलन से बालक को भी , अपना वे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
Mahakal Japte Japte Douda Chala Aau Mai
bhajanShrijirasik
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं,
दिल की सुनाऊं तुमको, किस्मत मेरी संवारूं।
आया हूं तेरे दर पर दुखड़े सभी मिटा दे,
एक आस है तुझी से बिगड़ी मेरी बना दे,
तेरे भरोसे बैठा खाली कभी ना जाऊं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
हमने सुना है बाबा लाखों को तुमने तारा,
भूलों को माफ करके कितनों को है उबारा,
मैं भी शरण पड़ा हूं, किरपा तेरी मैं चाहूं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं
दिल की सुनी है मेरी बिगड़ी बनी है मेरी,
दर पे तुम्हारे आकर, झोली भरी है मेरी,
तुम जैसा कोई जग में, दाता नहीं मैं पाऊं ,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
Parvati Boli Bhole Se Aisa Mahal Bana Dena
bhajanShrijirasik
पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
जिसदिन से मैं विवहा के आई भाग्ये हमारे फुट गये,
पीसक पीसक भंगियाँ तेरी हाथ हमारे टूट गये,
कान खोल कर सुन ले भोले अव पर्वत पर ना रहना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
पार्वती से बोले भोले तेरे मन में धीर नहीं,
इन ऊचे महलो में रहना ये अपनी तकदीर नहीं,
करू तपस्या मैं पर्वत पर हमे महल का क्या करना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
सोना चांदी हीरे मोठे चमक रहे हो चम् चम्,
दास दासियाँ करे हाज़री मेरी सेवा में हर दम,
बिना इजाजत कोई न आवे पहरेदार बिठा देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
पार्वती की ज़िद के आगे भोले बाबा हार गये,
सूंदर महल बनाने खातिर विष्व कर्म त्यार हुए,
पार्वती लक्ष्मी से बोली ग्रहप्रवेश में आ जाना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
ग्रह प्रवेश करने की खातिर पंडत को भुलवाया था,
विषर वहां था बड़ा ही ज्ञानी गृहप्रवेश करवाया था,
सूंदर महल बना सोने का इसे दान में दे देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
जिसकी जो तकदीर है संजू बस उतना ही मिलता है,
मालिक की मर्जी के बिना तो पता तक न हिलता है,
तू तो भजन किये जा प्यारे इस दुनिया से क्या लेना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
Damaru Baaje Bholenath Ka
bhajanShrijirasik
एक जोगी कैलाश के ऊपर जिनके सिर पे गंगा
देख रहा सारी दुनिया को , बैठा मस्त मलंगा
जिनके मस्तक पे बैठा चंदा है ,और जटा जूट में गंगा है
वो तो अपनी ही मस्ती में आके,वो डमरू बजाके,
गोरा सन्ग पर्वत पर नाचे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
लेके भूतों का सन्ग में टोला, मेरा बाबा शंकर भोला
बाबा सबको बुलाए, उन्हें नाच नाचाए
सारा कैलाश डगमग डोला,
ऊंचे पर्वत पे करके धमाल ,बजाए भोला डम डम डमरू
गोरा मैया भी नाचे दे दे ताल, बांध के पैरों में घुंघरू
जमजम बाजे झांझ नगाड़े ,छम छम घुंघरु बाजे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
शम शम शम शमशानों में ,जो रहने वाला
गम गम गम गंगा को, शीश पे धरने वाला
जोगी है मतवाला , गले मुंडो की माला
कंठ भुजंग बिराजे ,चंदा मस्तक पर है साजे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
महिमा तुम्हारी भोले जग से निराली,
खाली ना लोटा कोई दर से सवाली
गोरे बदन पे है , जटा ये काली
भोले की झांकी तो जग से निराली
दुनिया का कण-कण है ,जिनका पुजारी
कालो के काल ,मेरा भोला भंडारी
लव और कुश का मन मयूर भी झूम झूम के नाचे ,
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे , मेरे भोलेनाथ का
Shiv Damaru Bajaye Ang Bhasma Ramaye
bhajanShrijirasik
तर्ज: ना जाने कहां दिल खो गया ( फिल्म : दिल )
शिव डमरू बजाए अंग भस्म रमाये सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
बैलों की असवारी बाबा थारी है
संग में रहती हरदम गिरिजा प्यारी है
देखो जरा देखो क्या रूप है, रूप बड़ा ही अनूप है
जो दर्शन पाये भव से तर जाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
सर पे सोहे गंगा मस्तक चंदा है
गुण गाने से कटता यम का फंदा है
बाबा मेरे बाबा क्या हाल है, हाल बड़ा विकराल है
दुष्टों को खपाऐ, भक्तों को बचाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
हरिकिशन शर्मा की बाबा अर्जी है
बेड़ा पार करो तो थारी मर्जी है
शिव शिव बोलो सब प्रेम से, प्रेम से नित नेम से
जो ध्यान लगाए वो सब सुख पाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
Goura Maiya Nach Rahi
bhajanShrijirasik
डमरू वजाए भोले नाथ
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डमरू, वजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
हो गौरा मईया, नाच रही,
हो गौरा मईया, नाच रही ।
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा ने पहनी, सोने की मुकुटी ॥
गंगा, बहाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहना, सोने का टीका ॥
चंदा, सजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, कुमकुम की बिंदिया ॥
भस्म, रमाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, मोतियों की माला ॥
सर्पों, की माला, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, रेशम की साड़ी ॥
बाघंबर, पहने, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहने, सोने के झुमके ॥
बिच्छुयों, के कुण्डल, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, चाँदी की पायल ॥
घुंघरू, वजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, तो खाए, लड्डू पेड़े ॥
भाँग, धतूरा, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
भोले, के संग में, गौरा विराजे ॥
गोदी, में बैठे, गणराज,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
Barfani Baba Teri Jay Jaykar
bhajanShrijirasik
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
चाहे दिन हो चाहे रात हो
इस मन में बस तेरी बात हो
यही गाऊँ बार बार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
जिस मन में तेरी जोत जगे तुम उसके भाग जगाते हो
नैय्या हो टूटी फूटी फिर भी तुम पार लगाते हो
नहीं फ़िक्र उसे किसी भंवर का
जिसके तुम पतवार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
जटा में तेरे पावन गंगा सृष्टि का उद्धार करे
तेरी शरण में आकर जो इस धरा में इशनान करे
नाश करे उसके पापों का
करदे भव से पार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
धरती तुम हो अम्बर तुम हो तुम ही तो पाताल हो
कालचक्र है तुम्ही से बाबा क्योकि तुम महाकाल हो
ऋषि मुनि सब कहते तुमको
सृष्टि का आधार
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
श्रद्धा और विश्वास जहां वो कंकर में भी शंकर पाते
प्यार से इक आवाज़ दो शिव की दौड़े दौड़े शंकर आते
मन की कली भी खिल जाती है
तार से मिल जाए तार
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
Chhod Ke Sari Chinta Chhod Ke Saare Gum Bolo Bam
bhajanShrijirasik
छोड़के सारी चिंता छोड़के सारे ग़म
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
सच्चे मन से जपके देखो जादू शिव के नाम का
बम बम भोले कहते जाओ नाम बड़ा है काम का
जीवन में ये खुशियां होने ना देगा कम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
बम बम भोले जपते जपते हर पल मौज मनाओ तुम
शिव के रहते बंधू मेरे चिंता नहीं लगाओ तुम
उसके रहते तेरी आँख ना होगी नम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
शिव की धुन में खोके जो भी धूनी रोज़ लगाता है
उसके सामने जाने से फिर काल भी घबराता है
साथ हो जो भोला तो क्या करेगा यम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
शिव की धुन में खो जाने की सागर अपनी मस्ती है
उसकी महिमा लिख सके जो कहाँ किसी की हस्ती है
शिव की ही कृपा से चलती ये कलम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
Bhole Ji Ka Vyah
bhajanShrijirasik
शंकर जी का विवाह
(सहेलियों का पहला टोली)
ओ गौरा का दूल्हा, जिसकी गरज गरज दहाड़ा।
गले पड़ गया फंदा, काम हुआ बड़ा माड़ा।
गौरां, ऐसा वर तुझे, मिला नहीं कोई और, मिला ही ना।
तू भोले के साथ जचती नहीं, न तेरा, न उनका जोर।
ओ गौरा का दूल्हा, जिसकी गरज गरज दहाड़ा।।
(सहेलियों का दूसरा टोली)
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
गले में सांप लिपटाए हैं, (सुन गौरा)।
श्मशान में डेरा लगाए हैं, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
ओ गले में नागों की माला है, (सुन गौरा)।
बैठा बैल पर सवार है, (सुन गौरा)।
बाबुल ने जुल्म कमाया है, (सुन गौरा)।
बूढ़े से तेरा ब्याह रचाया है, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
संग दो बच्चे आए हैं, (सुन गौरा)।
वे दोनों भिक्षा मांगने वाले हैं, (सुन गौरा)।
संग शुक्र और शनि हैं, (सुन गौरा)।
उनको खाने की है फिक्र, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
(सहेलियों का तीसरा टोली)
सुन नी गौरा, गौरा नी अड़ीए।।
बूढ़ा तेरा वर नहीं,
जिसके साथ तेरा ब्याह होना नहीं।।
न वो लंबा, न वो मध्यम,
न वो लगता बौना,
जिसके साथ तेरा ब्याह होना नहीं।।
(शंकर जी के उदास दिल की हूक)
जिस वक्त मैं तुझे स्मरण करूं, उस वक्त मेरे पास।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, (गौरा से मेरा नाता)।।
किधर से आईं काली कोयलें,
किधर से आए मोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, गौरा से मेरा नाता।।
(गौरा की माँ के उदास दिल की हूक)
जिस वक्त मैं तुम्हें स्मरण करूं, उस वक्त मेरे पास।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, भोले से मेरा नाता।।
उत्तर से आईं काली कोयलें,
पश्चिम से आए मोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, प्यार वाली डोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, भोले से मेरा नाता।।
(गौरा के घर सहेलियों के व्यंग्य)
हमारे आंगन में ढोलक बजती है,
हमने सुना, दूल्हा भंगी और पोसती।।
ये बात जचती नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
हमारे आंगन में पीतल के बर्तन,
हमारी गौरा की ऊंची है जात।।
तेरी कोई जात नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
हमारे आंगन में घी भरा पड़ा,
ना तेरी माँ ने लाड़ दिखाया, ना तेरा बाप।।
ये बात जचती नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
(फेरों के बाद भोले जी के छंद)
सुन जीजा, हमें छंद सुना कर जाओ।।
आ बैठ जाओ, सालियों नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे कंध।।
छंद मैं तुम्हें फिर सुनाऊं, पहले रगड़ो मेरी भांग,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे कुल्फा।।
छंद मैं तुम्हें फिर सुनाऊं, पहले भर दो मेरा सुल्फा,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे तर।।
तुमने तो जोर लगाया बहुत,
पर संयोग ज़ोरावर,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
(डोली विदाई के समय)
हमारा, चिड़ियों का झुंड रे, बाबुल, हम उड़ जाएंगे।
हमारी, लंबी उड़ान रे, कौनसे देश जाएंगे।
तेरे, महलों के बीच में, बाबुल डोला नहीं गुजरता।
एक, ईंट हटा दे माँ, बेटी अपने घर जा।
हमारा, चिड़ियों का झुंड रे, बाबुल, हम उड़ जाएंगे।।
(बरातियों की खुशी)
ले जाएंगे, ले जाएंगे, सापों वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
ले जाएंगे, ले जाएंगे, भोलेनाथ, गौरा को ले जाएंगे।।
ले जाएंगे, ले जाएंगे, कैलाश वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
कैलाश वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
Bhole Baba Nach Rahe
bhajanShrijirasik
खा के धतूरा भांग भोले बाबा नाच रहे
खा के, धतूरा भांग, भोले बाबा नाच रहे ll
कि, भोले बाबा नाच रहे, xll
खा के, धतूरा भांग....
ब्रह्मा, नाचे, विष्णु नाचे l
संग, में उनके, नारद नाचे ll
नाच, रहा ब्रह्मांड, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
चंदा, नाचे, सूरज नाचे l
संग, में उनके, तारे नाचे ll
नाच, रहा आकाश, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
गंगा, नाचे, यमुना नाचे l
संग, में उनके, सरयू नाचे ll
नाच, रहा पाताल, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
शंकर, नाचे, गौरां नाचे l
संग, में उनके, गणपति नाचे ll
नाच, रहा कैलाश, भोले बाबा नाच रहै,,,
खा के, धतूरा भांग....
साधु, नाचे, जोगी नाचे l
संग, में उनके, हम सब नाचे ll
नाच, रहा संसार, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
Dulha Bane Hai Bhole Nath Jodi Ka Javab Nahi
bhajanShrijirasik
दूल्हा बने हैं भोलेनाथ
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं ll
जोड़ी का, जवाब नहीं, ll
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, महलों वाली ll
पर्वत पे, वस्ते, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, गोरी गोरी ll
श्याम, वर्ण, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, खावे, लड्डू पेड़ा ll
भांग, पीवे, भांग, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, ओढे, लाल चुनरिया ll
बाघंबर, ओढ़े, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, करती, सोलह श्रृंगार ll
भोले के, गले में, सरप हार,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, पहने, बजनी पयलिया ll
घुंघरू, पहने हैं, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, के दर बाजे, ढोल छैने ll
डमरु, बजावे, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, डोली में बैठीं ll
नंदी, पे बैठे, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
हर हर महादेव
Bhole Baba Ne Damru Bajaya
bhajanShrijirasik
भोले बाबा ने डमरू बजाया
भोले, बाबा ने, डमरू वजय,
गौरा को ब्याहने आया ll
तिलक, चढ़ने लगा, लड्डू बटने लगे ll
घर घर में, संदेशा, भिजवाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
सखियाँ, आने लगी, मंगल गाने लगी ll
भोले को, खूब नचाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
मंगल, गाने लगी, ढोलक बजने लगे ll
भोले को, खूब सजाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
मंडप, सजने लगा, फ़ेरे होने लगे ll
ब्रह्मा ने, ब्याह रचवाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
डोली, सजने लगी, गौरां रोने लगी ll
माता ने, गले से लगाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
हर हर महादेव
Shivaratri Diyan Badhaiyan
bhajanShrijirasik
शिवरात्री दीयां वधाईयां
अज लख लख होन वधाईयां, शुभ शिवरात्री दीयां ।।
शिव चौदश नूँ तड़के तड़के ।
शिव शंकर दा डमरू खड़के ।।
वजे ढोल वजन शहनाईयां - शुभ शिवरात्री.
शिव बूटी दे ला ला रगड़े ।
शिव भगतां मिल पाए भंगड़े ।।
पी पी बाटे भंग शरदाईयां - शुभ शिवरात्री.
मन्दिर मन्दिर लगा मेला ।
हर कोई मस्त फिरे अलबेला ।।
अज रौनकां दून सवाईयां - शुभ शिवरात्री.
शिव चौदश दी रात अनोखी ।
शिव - गौरां दी बारात अनोखी ।।
सबै रज रज खान मठाईयां - शुभ शिवरात्री.
फगन दी रूत, रूत बसन्ती ।
देख 'मधुप' हर पासे मस्ती ।।
फुल कलियां खिल मुसकाईयां - शुभ शिवरात्री.
Shiv Ji Bihane Chale Palki Sajaike
bhajanShrijirasik
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम,
संग संग बाराती चले,
ढोलवा बजाई के,
घोड़वा दौड़ाई के हो राम,
शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिरि ने गौरा के ब्याह की,
लगन पत्रिका लिखवाई,
नारद जी के हाँथ वो चिट्ठी,
ब्रह्मा जी तक पहुचाई,
ब्रह्मा जी ने लगन पत्रिका,
सबको बाँच सुनाई थी,
शंकर की बारात चलेंगे,
सबने खुशी मनाई थी,
देवता करें तैयारी,
अपनी अपनी असवारी,
लेके कैलाश चले,
शंख बजाए के,
खुशियां मनाए के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
विष्णु और लक्ष्मी जी दोंनो,
गरुड़ के ऊपर चढ़ आए,
दाढ़ी वाले बूढ़े ब्रह्मा,
हंस सवारी ले आए,
बड़ी शान से इंदर आए,
ऐरावत लेके हाँथी,
भैंसे पर यमराज विराजे,
और यमदूत सभी साथी,
मस्ती में हरि गुण गाते,
नारद जी खुशी मनाते,
शंकर के बने बराती,
वीणा बजाई के,
तारों को सजाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
शंकर के गण हुए इक्कट्ठे,
बाबा को परणाम किया,
हार श्रृंगार बनाने वाला,
तब सारा सामान लिया,
राख मँगाकर शमशानों से,
उसकी लेप बनाई थी,
जय बम भोले कहके उनके,
तन पे भभूत चढाई थी,
बूढ़े में कुंडल वाला,
बैठा था फणीयर काला,
मस्ती में झूम रहा,
फणवा घुमाई के,
जिह्वा हिलाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मस्तक पे थे त्रैलोचन और,
दूध का चंद्र विराज रहा,
डम डम डमरू बाजे और,
त्रिशूल हाँथ में साज रहा,
भोले बाबा को पहनाई,
नर मुंडो की इक माला,
बाग़म्बर की खाल ओढाई,
और कंधे पर मृगछाला,
गंगा की धारा बहती,
कलकल कल करके कहती,
बुरी नजर से इन्हें,
रखना बचाई के,
मुखड़ा छुपाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
नंदी गण से कह बाबा ने,
अपने सब गण बुलवाए,
शंकर की बारात चढ़ेंगे,
खुशी मनाके सब आए,
यक्षों और पिशाचों के संग,
भूत परेतों के टोले,
नाचे कूदे शोर मचावे,
जय भोले बम बम भोले,
कोई पतला कोई मोटा,
कोई लंबा कोई छोटा,
काले और नीले पीले,
टोलियां बनाई के,
सजके सजाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
किसी की आँखे तीन तीन और,
किसी के माथे एक लगी,
एक टांग पे चले कोई और,
किसी के टांग अनेक लगी,
मुँह किसी का लगा पेट में,
और किसी का छाती में,
कोई ऊँचा आसमान सा,
कोई रेंगता धरती में,
लंबा चौड़ा मुँह खोले,
बोली भयंकर बोले,
धरती गगन भर डाला,
बभूति उड़ाई के,
धूम मचाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गरुड़ के ऊपर विष्णु निकले,
ब्रह्मा हंस को साथ चले,
ऐरावत पर इंदर बैठे,
भैंसे पर यमराज चले,
बाकी देवता भी ले चल रहें,
अपनी अपनी असवारी,
भोले शंकर ने देखा,
हो गई बारात की तैयारी,
नंदी पर आप विराजे,
डमरू त्रिशूल को साजे,
खुशियों में नंदी नाचे,
सिंगवा हिलाइके,
पूँछवा घुमाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
आगे आगे शंकर बाबा,
पीछे भूत परेत चले,
ब्रह्मा विष्णु धर्मराज और,
इंदर गरुड़ समेत चले,
ढोल नगाड़े शंख बजे और,
बाज रही थी शहनाई,
चलते चलते शंकर की बारात,
नगर के पास आई,
सुंदर स्थान निहारा,
शिवजी ने किया इशारा,
देवता नाचन लागे,
झंडे उठाइके,
बाजे बजाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिर ने जब शोर सुना,
पंचायत आपनी बुलवाई,
मिलजुल कर सब करे स्वागत,
गौरा की बारात आई,
चले उधर पंचायत वाले,
स्वागत गीत सुनाते थे,
उनसे भी आगे कुछ बच्चे,
भागे दौड़े जाते थे,
दूल्हे के देखे नैना,
भूतों प्रेतों की सेना,
बालक तो घर को भागे,
होश भुलाइके,
सांस फुलाईके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मात पिता सों बालक बोले,
ये कैसी बारात आई,
लगता है के नर्क छोड़,
यमदूतों की जामात आई,
जो इस ब्याह को देखेगा वो,
बड़ा भाग्यशाली होगा,
पर हम कहते हैं कि सारा,
नगर आज खाली होगा,
माता पिता समझावे,
बच्चों को पास बुलावें,
डर को छोड़ो तुम खेलो,
खुशियाँ मनाई के,
राघवेंद्र गाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिर ने सबके स्वागत में,
अपने नैन बिछाए थे,
कर विनती सम्मान सभी को,
जनवासे में लाए थे,
इंद्रपुरी से जनवासा था,
जहाँ उन्हें ठहराया था,
दास दासियों ने आकर,
सबको जलपान कराया था,
ब्रह्मा और इंदर आए,
देखके सब हरषाए,
विष्णु को माथा टेके,
शीश झुकाई के,
हरि गुण गाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
इतने में गौरा की सखियाँ,
सोने की थाली लाई,
महादेव शंकर दूल्हे की,
आरती करने को आई,
उन सबने नारद से पूछा,
दूल्हा कौन है बतलाओ,
बैठा है जिस जगह वही पे,
हम सबको भी पहुँचाओ,
नारद की निकले हाँसी,
बोले तब खाँस के खाँसी,
संग गणों को भेजा,
रास्ता दिखाइके,
जरा मुस्कुराइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
सखियों ने देखा बारात ये,
नही परेतों की टोली,
भांत भाँत के रूप बनावे,
तरह तरह बोले बोली,
कोई तो पीवे सूखा गाँजा,
कई घोटते भाँग रहे,
छीना झपटी करते हैं,
कई इक दूजे से माँग रहे,
मस्ती में झूम रहे हैं,
नशे में घूम रहे हैं,
भाँग को लागे रगड़ा,
सोटवा घुमाइके,
घोटवा लगाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
सखियों ने दूल्हे को देखा,
लंबी दाढ़ी वाला है,
हाँथ में जिसके खप्पर डमरू,
गले सांप की माला है,
जटाजूट बांधे और तन पे,
जिसने राख चढ़ाई है,
बाग़म्बर की खाल ओढ़ने,
ते मृगछाल बिछाई है,
सखियाँ जब करे इशारे,
नंदी जी खड़े निहारे,
सखियों के पीछे पड़ गए,
पूछनी घुमाइके,
सिंगवा हिलाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
जनवासे से बाहर निकली,
सब सखियाँ घबराई थी,
गौरा तेरी किस्मत फूटी,
उसे बताने आई थी,
पार्वती से आकर बोली,
तेरा दूल्हा देख लिया,
तेरे पिता ने बस यूं समझो,
तुझे नर्क में भेज दिया,
है वो शमशान का वासी,
है कोई जोगी सन्यासी,
मस्ती में डूबा रहे,
भाँग चढ़ाई के,
धतूरा चबाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
पार्वती ने उत्तर ऐसे,
दिया सभी की बोली का,
मेरा और शंकर का रिश्ता,
है दामन और चोली का,
जनम जनम की लगन यही है,
माँ अपनी से कह दूंगी,
व्याह होगा तो शंकर से,
अन्यथा कंवारी रह लुंगी,
गौरा की सुनकर वाणी,
खुश हो गई सखी सयानी,
चलने लगी दोनो की,
जय जय बुलाई के,
गीत गुनगुनाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
उधर गणों ने मिलकर के,
शिव बाबा को तैयार किया,
इधर गौरी की सखियों ने था,
गौरा का श्रृंगार किया,
महलों के प्रांगण में वेदी,
सुंदर एक बनाई थी,
मंडप जब तैयार हुआ तो,
फिर बारात बुलवाई थी,
देवता बाजे बजावे,
शंकर डमरू खड़कावे,
भूतों की सेना चली,
नाच दिखाई के,
धूम मचाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गलियों और बारातों में थी,
सचमुच भीड़ लगी भारी,
अपने अपने घर के आगे,
खड़ी हो हो देखे नारी,
ब्रह्मा विष्णु इंद्र आदि को,
देख सभी हरषाई थी,
पर शंकर को देख नारियाँ,
घर की भीतर भागी थी,
धक धक दिल धड़कन लागे,
अंग सब फड़कन लागे,
नन्हे नन्हे बच्चों को,
गोद मे उठाइके,
गले से लगाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गौरा की माँ ने हिमगिर को,
अपने पास बुलाया था,
साखियों ने जो हाल कहा था,
सब उनको समझाया था,
बोली मैं अपनी बेटी को,
तबाह नही होने दूंगी,
कुँए में गिरके मर जाउंगी,
ब्याह नही होने दूंगी,
इतने में हरि गुण गाते,
नारद जी वीण बजाते,
पिछले जनम की कथा,
बोले समझाई के,
सबको सुनाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मण्डप में जब पहुँचे शंकर,
आसन देके बिठलाया,
पहले उनकी पूजा करी फिर,
पार्वती को बुलवाया,
बड़े प्रेम से हिमगिर ने,
गिरजा का कन्यादान किया,
शंकर सहित बराती जितने,
सबका ही सम्मान किया,
शंकर और पार्वती की,
सुंदर सी जोड़ी देखी,
देवता खुश हुए,
फूल बरसाइके,
जय जय बुलाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गले लगाकर बेटी को,
हिमगिर मैना ने विदा किया,
पार्वती को शंकर ने,
नंदी की पीठ पर बिठा लिया,
सोमनाथ की इस गाथा को,
सुने वा इसका गान करें,
संकट सारे मिट जाए,
शिव जी उनका कल्याण करें,
लेकर के पार्वती को,
शंकर कैलाशपति को,
नंदी मस्ती में भागे,
सिंगवा हिलाइके,
पूँछवा घुमाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम,
संग संग बाराती चले,
ढोलवा बजाई के,
घोड़वा दौड़ाई के हो राम,
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
Goura Ki Aai Hai Barat
bhajanShrijirasik
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
भोले बाबा नाच रहे कि भोले बाबा नाच रहे,
भूतों को लेके अपने साथ, भोले बाबा नाच रहे
सर्पों का ही पहना चोला, ब्याहवण आया शंकर भोला
भष्मी से चमकै है गात, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
मस्तक ऊपर चन्दा साजै, डम डम डम डम डमरु बाजै
मेंहदी रचा के अपने हाथ, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
जसपाल जनाल भी महिमा गावै, भोले जी के भजन बनावै
ले हाथ में कलम दवात भोले बाबा नाच रहे
.गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
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