॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Shiv Shakti - Joyful Bhav
शिव शक्ति - आनंदमय भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
तूने लाखों की बिगड़ी बनाई रे
तूने, लाखों की, बिगड़ी बनाई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ॥
तेरी, जय हो, कालका माई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, गणपत की बनाई,
तूने, भोले की बनाई ॥
तूँ तो, गौरा, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, ब्रह्मा की बनाई,
तूने, विष्णु की बनाई ॥
तूँ तो, लक्ष्मी, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, राम की बनाई,
तूने, हनुमत की बनाई ॥
तूँ तो, सीता, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, कान्हा की बनाई,
तूने, दाऊ की बनाई ॥
तूँ तो, राधा, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
तूने, बेटे की बनाई,
तूने, बेटी की बनाई ॥
तूँ तो, मईया, रूप में, आई रे,
तेरी, जय हो, कालका माई रे ।
तूने, लाखों की, बिगड़ी...
Shrijirasik
तर्ज :-तू बीन बजा दे न जोगी
ठाले कुंडी ला दे रगड़ा मत कर गोरा खामखा झगड़ा,
पीके भंग हरिद्वार में जाऊं रे सब मने देखते रह जागे मैं ऐसा डमरू बजाउ
रे भंग पिला दे न गोरा मेरा नशा सा ढीला होरा
1. काची काची भांग के घोटा जम के गोरा लाइए तू
सावन मस्त महीना आग्या भर भर लोटा पियाइये तू
तोड़ :- और न कोई काम तेरे पे ,हो तेरा एहशान मेरे पे ना और मैं कुछ भी चाहु
2.हरिद्वार हर की पौड़ी का चल क़े देख नजारा
दिल्ली up हरियाणे ते आवे भगत बड़ा प्यारा
तोड़ :-उनके रंग मैं ही रंग जाऊ कावड़ियों संग नाचू गाउ मैं सुध बुध अपनी भुलाउं
3.नवीन कुमार की किस्मत का गोरा कब खोलेगी ताला
तेरे प्यार मैं पागल से यो संकर डमरू वाला
Shrijirasik
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
सिर पे जटा और गंगा महारानी
गंगा जी की धारा से वो पाप धो गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
माथे पे चंदा और ऑख मसतानी
चांदनी से जीवन मेरा रोशन कर गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
गले में नाग और चाल मसतानी
नागों की लहरों में वो दर्शन दे गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
शिव कैलाशी मेरा दिल ले गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
मेरे भोले बाबा की यही है निशानी
हाथों में डमरू और गौरा महारानी
अटल सुहाग भोले बाबा दे गया
जाते जाते अपना आशीष दे गया
Shrijirasik
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
बजावे भोले नाथ , बजावे भोले नाथ
ऊँचे पर्वत डमरू बजावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ
1 ) जब भोले का डमरू बाजे , शिव गण नाचे सारे
धरती और अंबर गूँजे , सब बोल रहे जयकारे
सुनलो नई-नई ताल , सुनावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
2 ) जल्दी प्रसन्न होने वाले , हैं भोले भंडारी
बजा बजा के डमरु काटे , इस जग की बीमारी
विष पी के संसार को , हर्षावे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
3 ) शिव की माया ऐसी जिसको , कोई जान ना पाया
उसको भी अपना लेते ये , जो जग ने ठुकराया
भूलन से बालक को भी , अपना वे भोले नाथ
कैलाश ऊपर डमरू बजावे भोले नाथ…………2
Shrijirasik
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज/वृंदावन में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती से बोले,
मैं भी चलूँगा तेरे संग में
राधा संग श्याम नाचे,
मैं भी नाचूँगा तेरे संग में
रास रचेगा ब्रज मैं भारी,
हमे दिखादो प्यारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ओ मेरे भोले स्वामी,
कैसे ले जाऊं अपने संग में
श्याम के सिवा वहां,
पुरुष ना जाए उस रास में
हंसी करेगी ब्रज की नारी,
मानो बात हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
ऐसा बना दो मोहे,
कोई ना जाने एस राज को
मैं हूँ सहेली तेरी,
ऐसा बताना ब्रज राज को
बना के जुड़ा पहन के साड़ी,
चाल चले मतवाली, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी...॥
हंस के सत्ती ने कहा,
बलिहारी जाऊं इस रूप में
इक दिन तुम्हारे लिए,
आये मुरारी इस रूप मैं
मोहिनी रूप बनाया मुरारी,
अब है तुम्हारी बारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
देखा मोहन ने,
समझ गये वो सारी बात रे
ऐसी बजाई बंसी,
सुध बुध भूले भोलेनाथ रे
सिर से खिसक गयी जब साड़ी,
मुस्काये गिरधारी, ब्रज में आ गए ।
॥ इक दिन वो भोले भंडारी...॥
दीनदयाल तेरा तब से,
गोपेश्वर हुआ नाम रे
ओ भोले बाबा तेरा,
वृन्दावन बना धाम रे
भक्त कहे ओ त्रिपुरारी,
राखो लाज हमारी, ब्रज में आ गए ।
इक दिन वो भोले भंडारी,
बन करके ब्रज की नारी,
ब्रज में आ गए ।
पार्वती भी मना के हारी,
ना माने त्रिपुरारी,
ब्रज में आ गए ।
Shrijirasik
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं,
दिल की सुनाऊं तुमको, किस्मत मेरी संवारूं।
आया हूं तेरे दर पर दुखड़े सभी मिटा दे,
एक आस है तुझी से बिगड़ी मेरी बना दे,
तेरे भरोसे बैठा खाली कभी ना जाऊं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
हमने सुना है बाबा लाखों को तुमने तारा,
भूलों को माफ करके कितनों को है उबारा,
मैं भी शरण पड़ा हूं, किरपा तेरी मैं चाहूं,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं
दिल की सुनी है मेरी बिगड़ी बनी है मेरी,
दर पे तुम्हारे आकर, झोली भरी है मेरी,
तुम जैसा कोई जग में, दाता नहीं मैं पाऊं ,
महाकाल जपते जपते, दौड़ा चला मैं आऊं ।
Shrijirasik
पार्वती बोली भोले से ऐसा महल बना देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
जिसदिन से मैं विवहा के आई भाग्ये हमारे फुट गये,
पीसक पीसक भंगियाँ तेरी हाथ हमारे टूट गये,
कान खोल कर सुन ले भोले अव पर्वत पर ना रहना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
पार्वती से बोले भोले तेरे मन में धीर नहीं,
इन ऊचे महलो में रहना ये अपनी तकदीर नहीं,
करू तपस्या मैं पर्वत पर हमे महल का क्या करना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
सोना चांदी हीरे मोठे चमक रहे हो चम् चम्,
दास दासियाँ करे हाज़री मेरी सेवा में हर दम,
बिना इजाजत कोई न आवे पहरेदार बिठा देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
पार्वती की ज़िद के आगे भोले बाबा हार गये,
सूंदर महल बनाने खातिर विष्व कर्म त्यार हुए,
पार्वती लक्ष्मी से बोली ग्रहप्रवेश में आ जाना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
ग्रह प्रवेश करने की खातिर पंडत को भुलवाया था,
विषर वहां था बड़ा ही ज्ञानी गृहप्रवेश करवाया था,
सूंदर महल बना सोने का इसे दान में दे देना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
जिसकी जो तकदीर है संजू बस उतना ही मिलता है,
मालिक की मर्जी के बिना तो पता तक न हिलता है,
तू तो भजन किये जा प्यारे इस दुनिया से क्या लेना,
कोई भी देखे तो ये बोले क्या कहना भाई क्या कहना,
Shrijirasik
तोरी सूरत प्यारी , भोले भंडारी
नाम तिहारो उज्जैन के राजा महाराजा
में तो जाऊ बलिहारी भोंले बाबा पे
1. चन्द्र बदन मुख सुन्दर नैना
माथे तिलक महाकाल , ओ भोले बाबा
सब देवो में महादेव तुम्ही हो
तुम्हरे सर पे ताज ताज ताज रे.......
में तो जाऊ बलिहारी भोले बाबा पे
2. हाथ जोड़ के पैया पड़त हु
सुनलो हमारी बात ,ओ भोले बाबा
अपना बना के राखियो ,, बाबा
छोड न देना हाथ , ओ भोले बाबा
छोड़ न देना हाथ हाथ हाथ रे
में तो जाऊ बलिहारी भोंले बाबा पे
3. किरपा करो महाकाल सभी पे
बिगड़ी बना दो बात
तुम ही हो उज्जैन के राजा
सर पे जो रख दो हाथ , ओ भोले बाबा
सर पे रख दो हाथ हाथ हाथ रे
में तो जाऊ बलिहारी ऐसे राजा पे
5. अविनाश तेरे दर का भिखारी
पूरी करदो आस....ओ भोले बाबा
अंकुर सुनील भी चरणों मे आये
दे दो दर्शन आज ....
में तो जाऊ बलिहारी भोले बाबा पे
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एक जोगी कैलाश के ऊपर जिनके सिर पे गंगा
देख रहा सारी दुनिया को , बैठा मस्त मलंगा
जिनके मस्तक पे बैठा चंदा है ,और जटा जूट में गंगा है
वो तो अपनी ही मस्ती में आके,वो डमरू बजाके,
गोरा सन्ग पर्वत पर नाचे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
लेके भूतों का सन्ग में टोला, मेरा बाबा शंकर भोला
बाबा सबको बुलाए, उन्हें नाच नाचाए
सारा कैलाश डगमग डोला,
ऊंचे पर्वत पे करके धमाल ,बजाए भोला डम डम डमरू
गोरा मैया भी नाचे दे दे ताल, बांध के पैरों में घुंघरू
जमजम बाजे झांझ नगाड़े ,छम छम घुंघरु बाजे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
शम शम शम शमशानों में ,जो रहने वाला
गम गम गम गंगा को, शीश पे धरने वाला
जोगी है मतवाला , गले मुंडो की माला
कंठ भुजंग बिराजे ,चंदा मस्तक पर है साजे
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
महिमा तुम्हारी भोले जग से निराली,
खाली ना लोटा कोई दर से सवाली
गोरे बदन पे है , जटा ये काली
भोले की झांकी तो जग से निराली
दुनिया का कण-कण है ,जिनका पुजारी
कालो के काल ,मेरा भोला भंडारी
लव और कुश का मन मयूर भी झूम झूम के नाचे ,
डम डम डम डम ,डम डम डम डम बाजे
बाजे रे बाजे डमरू बाजे ,मेरे भोलेनाथ का
डमक डम डमरू बाजे , मेरे भोलेनाथ का
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तर्ज: ना जाने कहां दिल खो गया ( फिल्म : दिल )
शिव डमरू बजाए अंग भस्म रमाये सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
बैलों की असवारी बाबा थारी है
संग में रहती हरदम गिरिजा प्यारी है
देखो जरा देखो क्या रूप है, रूप बड़ा ही अनूप है
जो दर्शन पाये भव से तर जाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
सर पे सोहे गंगा मस्तक चंदा है
गुण गाने से कटता यम का फंदा है
बाबा मेरे बाबा क्या हाल है, हाल बड़ा विकराल है
दुष्टों को खपाऐ, भक्तों को बचाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
हरिकिशन शर्मा की बाबा अर्जी है
बेड़ा पार करो तो थारी मर्जी है
शिव शिव बोलो सब प्रेम से, प्रेम से नित नेम से
जो ध्यान लगाए वो सब सुख पाए सर्पों का हार सजाये
मेरे शंकर भोले मेरे शंकर भोले
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डमरू वजाए भोले नाथ
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डमरू, वजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
हो गौरा मईया, नाच रही,
हो गौरा मईया, नाच रही ।
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा ने पहनी, सोने की मुकुटी ॥
गंगा, बहाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहना, सोने का टीका ॥
चंदा, सजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, कुमकुम की बिंदिया ॥
भस्म, रमाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, मोतियों की माला ॥
सर्पों, की माला, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, रेशम की साड़ी ॥
बाघंबर, पहने, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहने, सोने के झुमके ॥
बिच्छुयों, के कुण्डल, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, ने पहनी, चाँदी की पायल ॥
घुंघरू, वजाए, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
गौरा, तो खाए, लड्डू पेड़े ॥
भाँग, धतूरा, भोले नाथ,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
भोले, के संग में, गौरा विराजे ॥
गोदी, में बैठे, गणराज,
गौरा मईया, नाच रही ॥
डमरू, वजाए, भोले नाथ...
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बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
चाहे दिन हो चाहे रात हो
इस मन में बस तेरी बात हो
यही गाऊँ बार बार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
जिस मन में तेरी जोत जगे तुम उसके भाग जगाते हो
नैय्या हो टूटी फूटी फिर भी तुम पार लगाते हो
नहीं फ़िक्र उसे किसी भंवर का
जिसके तुम पतवार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
जटा में तेरे पावन गंगा सृष्टि का उद्धार करे
तेरी शरण में आकर जो इस धरा में इशनान करे
नाश करे उसके पापों का
करदे भव से पार,
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
धरती तुम हो अम्बर तुम हो तुम ही तो पाताल हो
कालचक्र है तुम्ही से बाबा क्योकि तुम महाकाल हो
ऋषि मुनि सब कहते तुमको
सृष्टि का आधार
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
श्रद्धा और विश्वास जहां वो कंकर में भी शंकर पाते
प्यार से इक आवाज़ दो शिव की दौड़े दौड़े शंकर आते
मन की कली भी खिल जाती है
तार से मिल जाए तार
बर्फानी बाबा तेरी जय जैकार
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छोड़के सारी चिंता छोड़के सारे ग़म
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
सच्चे मन से जपके देखो जादू शिव के नाम का
बम बम भोले कहते जाओ नाम बड़ा है काम का
जीवन में ये खुशियां होने ना देगा कम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
बम बम भोले जपते जपते हर पल मौज मनाओ तुम
शिव के रहते बंधू मेरे चिंता नहीं लगाओ तुम
उसके रहते तेरी आँख ना होगी नम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
शिव की धुन में खोके जो भी धूनी रोज़ लगाता है
उसके सामने जाने से फिर काल भी घबराता है
साथ हो जो भोला तो क्या करेगा यम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
शिव की धुन में खो जाने की सागर अपनी मस्ती है
उसकी महिमा लिख सके जो कहाँ किसी की हस्ती है
शिव की ही कृपा से चलती ये कलम
बोलो बम बम बम भोले बम बम बम
Shrijirasik
गौरां फेरदी है माला तेरे नाम दी
तेरे नाम दी ओ भोले तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला
सीस भोले दे गंगा विराजे
गंगा विराजे भोले गंगा विराजे
ओ ओथे लगदी ए डुबकी तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला
माथे भोले दे चंदा है साजे
चंदा है साजे भोले चंदा है साजे
ओ चंदा मारे लिशकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
हाथ भोल्हे दे डमरू वजदा
डमरू वजदा भोले डमरू वजदा
ओ संगतां पाउंदियां भंगड़ा तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
संग में भोले दे गौरां सजदी
गौरां सजदी भोले गौरां सजदी
ओ गोदी गणपत लाला तेरे नाम दा
गौरां फेरदी है माला
मंदिरां च भोले सत्संग हुंदा
सत्संग हुंदा भोले सत्संग हुंदा
ओ संगतां लाउण जैकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
गल विच भोले दे नागां दी माला
नागां दी माला भोले नागां दी माला
ओ नाग मारन फुंकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
Shrijirasik
तर्ज » ( मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा )
सज रहा है ये भोला सुंदर सा लग रहा है
टीका लगाओ बाबा क्या खूब लग रहा है
चंदा से खूबसूरत चमके है तेरा चेहरा
आंखों के आगे मेरे लगता है तेरा पहरा
ऊपर से तेरा बाबा मुस्कुराना सा लग रहा है
टीका लगाओ बाबा क्या खूब लग रहा है
जंटा से तेरे शंकर बहती है गंग धारा
भक्तों को तूने बाबा पल भर में है उबारा
डमरू बजाना तेरा क्या खूब लग रहा है
टीका लगाओ बाबा क्या खूब लग रहा है
लकी के दिल में भोले तू ही तो बस गया है
वह तो मेरे बाबा तेरे नैनो में फस गया है
कीर्तन में मेरा अब तो मन सा लग रहा है
टीका लगाओ बाबा क्या खूब लग रहा है
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शंकर जी का विवाह
(सहेलियों का पहला टोली)
ओ गौरा का दूल्हा, जिसकी गरज गरज दहाड़ा।
गले पड़ गया फंदा, काम हुआ बड़ा माड़ा।
गौरां, ऐसा वर तुझे, मिला नहीं कोई और, मिला ही ना।
तू भोले के साथ जचती नहीं, न तेरा, न उनका जोर।
ओ गौरा का दूल्हा, जिसकी गरज गरज दहाड़ा।।
(सहेलियों का दूसरा टोली)
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
गले में सांप लिपटाए हैं, (सुन गौरा)।
श्मशान में डेरा लगाए हैं, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
ओ गले में नागों की माला है, (सुन गौरा)।
बैठा बैल पर सवार है, (सुन गौरा)।
बाबुल ने जुल्म कमाया है, (सुन गौरा)।
बूढ़े से तेरा ब्याह रचाया है, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
संग दो बच्चे आए हैं, (सुन गौरा)।
वे दोनों भिक्षा मांगने वाले हैं, (सुन गौरा)।
संग शुक्र और शनि हैं, (सुन गौरा)।
उनको खाने की है फिक्र, (सुन गौरा)।
नी ये बातें नहीं झूठी, (सुन गौरा)।
ओ बैठा, मलकर भस्म, (सुन गौरा)।।
(सहेलियों का तीसरा टोली)
सुन नी गौरा, गौरा नी अड़ीए।।
बूढ़ा तेरा वर नहीं,
जिसके साथ तेरा ब्याह होना नहीं।।
न वो लंबा, न वो मध्यम,
न वो लगता बौना,
जिसके साथ तेरा ब्याह होना नहीं।।
(शंकर जी के उदास दिल की हूक)
जिस वक्त मैं तुझे स्मरण करूं, उस वक्त मेरे पास।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, (गौरा से मेरा नाता)।।
किधर से आईं काली कोयलें,
किधर से आए मोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, गौरा से मेरा नाता।।
(गौरा की माँ के उदास दिल की हूक)
जिस वक्त मैं तुम्हें स्मरण करूं, उस वक्त मेरे पास।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, भोले से मेरा नाता।।
उत्तर से आईं काली कोयलें,
पश्चिम से आए मोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, प्यार वाली डोर।।
ओ लोगो, तोड़ मत देना, भोले से मेरा नाता।।
(गौरा के घर सहेलियों के व्यंग्य)
हमारे आंगन में ढोलक बजती है,
हमने सुना, दूल्हा भंगी और पोसती।।
ये बात जचती नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
हमारे आंगन में पीतल के बर्तन,
हमारी गौरा की ऊंची है जात।।
तेरी कोई जात नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
हमारे आंगन में घी भरा पड़ा,
ना तेरी माँ ने लाड़ दिखाया, ना तेरा बाप।।
ये बात जचती नहीं,
वे जीजा, ये बात जचती नहीं।।
(फेरों के बाद भोले जी के छंद)
सुन जीजा, हमें छंद सुना कर जाओ।।
आ बैठ जाओ, सालियों नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे कंध।।
छंद मैं तुम्हें फिर सुनाऊं, पहले रगड़ो मेरी भांग,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे कुल्फा।।
छंद मैं तुम्हें फिर सुनाऊं, पहले भर दो मेरा सुल्फा,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
छंद परागे, आईए जाईए, छंद परागे तर।।
तुमने तो जोर लगाया बहुत,
पर संयोग ज़ोरावर,
ओ बैठ जाओ, सालियो नी, तुम्हें छंद सुना कर जाऊं।।
(डोली विदाई के समय)
हमारा, चिड़ियों का झुंड रे, बाबुल, हम उड़ जाएंगे।
हमारी, लंबी उड़ान रे, कौनसे देश जाएंगे।
तेरे, महलों के बीच में, बाबुल डोला नहीं गुजरता।
एक, ईंट हटा दे माँ, बेटी अपने घर जा।
हमारा, चिड़ियों का झुंड रे, बाबुल, हम उड़ जाएंगे।।
(बरातियों की खुशी)
ले जाएंगे, ले जाएंगे, सापों वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
ले जाएंगे, ले जाएंगे, भोलेनाथ, गौरा को ले जाएंगे।।
ले जाएंगे, ले जाएंगे, कैलाश वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
कैलाश वाले, गौरा को ले जाएंगे।।
Shrijirasik
लाड़ा गौरा का
सखियों देखो, बड़ा निराला, लाड़ा गौरा का॥
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
घोड़ी भी ना, मिली है इसको, चढ़ के बैल पे आया है,
बंदे भी ना, मिले बाराती, भूत-चुड़ैलें लाया है॥
लगता, बड़ा ही, भोला-भाला॥
लाड़ा गौरा का,
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
तन पे, भस्म रमाई उसने, हाथ त्रिशूल सजाया है,
ना पगड़ी ना, सेहरा उसने, जोड़ा भी ना सजाया है॥
आया, पहन के, मृगचर्म का शाला॥
लाड़ा गौरा का,
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
रोटी छीन-छीन, खाते बाराती, सब्र भी करना सीखा नहीं,
राशन सारा, चट कर डाला, पेट फिर भी भरा नहीं॥
ऊपर से, मांगता, भांग का प्याला॥
लाड़ा गौरा का,
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
अजब-गजब है, शादी का सागर, किसने मिलाई ये राशि है,
राजा की है, बेटी गौरा, और वह पर्वत का वासी है॥
अब तो, रब ही, है रखवाला॥
लाड़ा गौरा का,
पहनता गले, सर्पों की माला, लाड़ा गौरा का॥
Shrijirasik
खा के धतूरा भांग भोले बाबा नाच रहे
खा के, धतूरा भांग, भोले बाबा नाच रहे ll
कि, भोले बाबा नाच रहे, xll
खा के, धतूरा भांग....
ब्रह्मा, नाचे, विष्णु नाचे l
संग, में उनके, नारद नाचे ll
नाच, रहा ब्रह्मांड, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
चंदा, नाचे, सूरज नाचे l
संग, में उनके, तारे नाचे ll
नाच, रहा आकाश, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
गंगा, नाचे, यमुना नाचे l
संग, में उनके, सरयू नाचे ll
नाच, रहा पाताल, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
शंकर, नाचे, गौरां नाचे l
संग, में उनके, गणपति नाचे ll
नाच, रहा कैलाश, भोले बाबा नाच रहै,,,
खा के, धतूरा भांग....
साधु, नाचे, जोगी नाचे l
संग, में उनके, हम सब नाचे ll
नाच, रहा संसार, भोले बाबा नाच रहे,
खा के, धतूरा भांग....
Shrijirasik
ऐसे, भाग, जगा दो भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे ll
तेरे, गणपति पे, मैं वारी जाऊं,
सबसे, पहले मैं, उसको मनाऊं ll
करो, मंगल, काज भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, डमरू से, मैं वारी जाऊं,
उसकी, धुन में, मैं रम जाऊं ll
धरो, हाथ, शीश पर मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, नंदी से, मैं वारी जाऊं,
उसको, अपनी मैं, दुखड़े सुनाऊं ll
सुनो, नंदी से, दुखड़े भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरी, गौरा से, मैं वारी जाऊं,
उसका, रज-रज, दर्शन पाऊं ll
करो, अमर, सुहाग भोले मेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरी, गंगा से, मैं वारी जाऊं,
उसमें, रज-रज, डुबकियां लगाऊं ll
काटो, लाख, चौरासी वाले घेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
तेरे, चरणों से, मैं वारी जाऊं,
वहीं, नित-नित, शीश झुकाऊं ll
करो, मन के, दूर अंधेरे,
मैं तो, रोज़ रोज़, आऊं दर तेरे l
ऐसे, भाग, जगा दो...
हर हर महादेव!
Shrijirasik
दूल्हा बने हैं भोलेनाथ
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं ll
जोड़ी का, जवाब नहीं, ll
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, महलों वाली ll
पर्वत पे, वस्ते, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, गोरी गोरी ll
श्याम, वर्ण, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, खावे, लड्डू पेड़ा ll
भांग, पीवे, भांग, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, ओढे, लाल चुनरिया ll
बाघंबर, ओढ़े, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, करती, सोलह श्रृंगार ll
भोले के, गले में, सरप हार,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, पहने, बजनी पयलिया ll
घुंघरू, पहने हैं, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, के दर बाजे, ढोल छैने ll
डमरु, बजावे, भोले नाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
गौरां, मेरी, डोली में बैठीं ll
नंदी, पे बैठे, भोलेनाथ,
जोड़ी का, जवाब नहीं l
दूल्हा, बने हैं, भोलेनाथ...
हर हर महादेव
Shrijirasik
भोले बाबा ने डमरू बजाया
भोले, बाबा ने, डमरू वजय,
गौरा को ब्याहने आया ll
तिलक, चढ़ने लगा, लड्डू बटने लगे ll
घर घर में, संदेशा, भिजवाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
सखियाँ, आने लगी, मंगल गाने लगी ll
भोले को, खूब नचाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
मंगल, गाने लगी, ढोलक बजने लगे ll
भोले को, खूब सजाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
मंडप, सजने लगा, फ़ेरे होने लगे ll
ब्रह्मा ने, ब्याह रचवाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
डोली, सजने लगी, गौरां रोने लगी ll
माता ने, गले से लगाया,
गौरां को, ब्याहने आया l
भोले, बाबा ने, डमरू...
हर हर महादेव
Shrijirasik
फूलों और कलियों में बहार आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई,
फूलों और कलियों में बहार……
शीश पे उनके गंगा की मौरी,माथे पे उनके
चंदा की रोरी,नन्दी पे भोले की सवारी आ
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
गले भोले के सरपों की माला,कानों में उनके
बिच्छू का बाला,भाग धतूरे की बौछार हो
गई,देख गौरा तेरी बारात आ गई…….
हाथों में भोले के डमरू का बाजा,तन पे है
उनके भस्मी का जामा,डोल नगाडों की
झंकार हो गई,देख गौरा तेरी……..
करके अगवानी नारद जी आये,देवों को लेके
ब्रम्हा भी आये,भूतों के संग बारात आ गई,
देख गौरा तेरी बारात आ गई……..
Shrijirasik
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ,
आज मेरी गौरा को॥
ओ सारे नाच-नाच, दें बधाइयाँ,
आज मेरी गौरा को॥
गौरा ब्याहने, भोले जी आए,
भूत-प्रेतों को साथ लाए॥
ओ हो के बैल सवार, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
बधाई देने, राम जी आए,
सीता, हनुमत को साथ लाए॥
हो नाच-नाच, दें बधाइयाँ, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
बैठ बैकुंठ धाम से, विष्णु जी आए,
लक्ष्मी, नारद को साथ लाए॥
ओ हो के गरुड़ सवार, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
बधाई देने, ब्रह्मा जी आए,
सरस्वती माँ को साथ लाए॥
ऋषि-मुनि संग सभी, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
रथ में बैठ के, कान्हा जी आए,
राधा, रुक्मिणी को साथ लाए॥
ओ रास रचाएँ आप, आज मेरी गौरा को॥
ओ लख-लख, हों बधाइयाँ...
दूर से चल कर, मंडली आई,
सब सखियों को संग लाई॥
ओ फूलों के हार लिए, आज मेरी गौरा के॥
ओ फूल बरसाते आप, आज मेरी गौरा के॥
ओ करते जय-जयकार, आज मेरी गौरा के॥
ओ नाचते-गाते साथ, आज मेरी गौरा के॥
Shrijirasik
शिवरात्री दीयां वधाईयां
अज लख लख होन वधाईयां, शुभ शिवरात्री दीयां ।।
शिव चौदश नूँ तड़के तड़के ।
शिव शंकर दा डमरू खड़के ।।
वजे ढोल वजन शहनाईयां - शुभ शिवरात्री.
शिव बूटी दे ला ला रगड़े ।
शिव भगतां मिल पाए भंगड़े ।।
पी पी बाटे भंग शरदाईयां - शुभ शिवरात्री.
मन्दिर मन्दिर लगा मेला ।
हर कोई मस्त फिरे अलबेला ।।
अज रौनकां दून सवाईयां - शुभ शिवरात्री.
शिव चौदश दी रात अनोखी ।
शिव - गौरां दी बारात अनोखी ।।
सबै रज रज खान मठाईयां - शुभ शिवरात्री.
फगन दी रूत, रूत बसन्ती ।
देख 'मधुप' हर पासे मस्ती ।।
फुल कलियां खिल मुसकाईयां - शुभ शिवरात्री.
Shrijirasik
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम,
संग संग बाराती चले,
ढोलवा बजाई के,
घोड़वा दौड़ाई के हो राम,
शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिरि ने गौरा के ब्याह की,
लगन पत्रिका लिखवाई,
नारद जी के हाँथ वो चिट्ठी,
ब्रह्मा जी तक पहुचाई,
ब्रह्मा जी ने लगन पत्रिका,
सबको बाँच सुनाई थी,
शंकर की बारात चलेंगे,
सबने खुशी मनाई थी,
देवता करें तैयारी,
अपनी अपनी असवारी,
लेके कैलाश चले,
शंख बजाए के,
खुशियां मनाए के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
विष्णु और लक्ष्मी जी दोंनो,
गरुड़ के ऊपर चढ़ आए,
दाढ़ी वाले बूढ़े ब्रह्मा,
हंस सवारी ले आए,
बड़ी शान से इंदर आए,
ऐरावत लेके हाँथी,
भैंसे पर यमराज विराजे,
और यमदूत सभी साथी,
मस्ती में हरि गुण गाते,
नारद जी खुशी मनाते,
शंकर के बने बराती,
वीणा बजाई के,
तारों को सजाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
शंकर के गण हुए इक्कट्ठे,
बाबा को परणाम किया,
हार श्रृंगार बनाने वाला,
तब सारा सामान लिया,
राख मँगाकर शमशानों से,
उसकी लेप बनाई थी,
जय बम भोले कहके उनके,
तन पे भभूत चढाई थी,
बूढ़े में कुंडल वाला,
बैठा था फणीयर काला,
मस्ती में झूम रहा,
फणवा घुमाई के,
जिह्वा हिलाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मस्तक पे थे त्रैलोचन और,
दूध का चंद्र विराज रहा,
डम डम डमरू बाजे और,
त्रिशूल हाँथ में साज रहा,
भोले बाबा को पहनाई,
नर मुंडो की इक माला,
बाग़म्बर की खाल ओढाई,
और कंधे पर मृगछाला,
गंगा की धारा बहती,
कलकल कल करके कहती,
बुरी नजर से इन्हें,
रखना बचाई के,
मुखड़ा छुपाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
नंदी गण से कह बाबा ने,
अपने सब गण बुलवाए,
शंकर की बारात चढ़ेंगे,
खुशी मनाके सब आए,
यक्षों और पिशाचों के संग,
भूत परेतों के टोले,
नाचे कूदे शोर मचावे,
जय भोले बम बम भोले,
कोई पतला कोई मोटा,
कोई लंबा कोई छोटा,
काले और नीले पीले,
टोलियां बनाई के,
सजके सजाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
किसी की आँखे तीन तीन और,
किसी के माथे एक लगी,
एक टांग पे चले कोई और,
किसी के टांग अनेक लगी,
मुँह किसी का लगा पेट में,
और किसी का छाती में,
कोई ऊँचा आसमान सा,
कोई रेंगता धरती में,
लंबा चौड़ा मुँह खोले,
बोली भयंकर बोले,
धरती गगन भर डाला,
बभूति उड़ाई के,
धूम मचाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गरुड़ के ऊपर विष्णु निकले,
ब्रह्मा हंस को साथ चले,
ऐरावत पर इंदर बैठे,
भैंसे पर यमराज चले,
बाकी देवता भी ले चल रहें,
अपनी अपनी असवारी,
भोले शंकर ने देखा,
हो गई बारात की तैयारी,
नंदी पर आप विराजे,
डमरू त्रिशूल को साजे,
खुशियों में नंदी नाचे,
सिंगवा हिलाइके,
पूँछवा घुमाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
आगे आगे शंकर बाबा,
पीछे भूत परेत चले,
ब्रह्मा विष्णु धर्मराज और,
इंदर गरुड़ समेत चले,
ढोल नगाड़े शंख बजे और,
बाज रही थी शहनाई,
चलते चलते शंकर की बारात,
नगर के पास आई,
सुंदर स्थान निहारा,
शिवजी ने किया इशारा,
देवता नाचन लागे,
झंडे उठाइके,
बाजे बजाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिर ने जब शोर सुना,
पंचायत आपनी बुलवाई,
मिलजुल कर सब करे स्वागत,
गौरा की बारात आई,
चले उधर पंचायत वाले,
स्वागत गीत सुनाते थे,
उनसे भी आगे कुछ बच्चे,
भागे दौड़े जाते थे,
दूल्हे के देखे नैना,
भूतों प्रेतों की सेना,
बालक तो घर को भागे,
होश भुलाइके,
सांस फुलाईके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मात पिता सों बालक बोले,
ये कैसी बारात आई,
लगता है के नर्क छोड़,
यमदूतों की जामात आई,
जो इस ब्याह को देखेगा वो,
बड़ा भाग्यशाली होगा,
पर हम कहते हैं कि सारा,
नगर आज खाली होगा,
माता पिता समझावे,
बच्चों को पास बुलावें,
डर को छोड़ो तुम खेलो,
खुशियाँ मनाई के,
राघवेंद्र गाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
हिमगिर ने सबके स्वागत में,
अपने नैन बिछाए थे,
कर विनती सम्मान सभी को,
जनवासे में लाए थे,
इंद्रपुरी से जनवासा था,
जहाँ उन्हें ठहराया था,
दास दासियों ने आकर,
सबको जलपान कराया था,
ब्रह्मा और इंदर आए,
देखके सब हरषाए,
विष्णु को माथा टेके,
शीश झुकाई के,
हरि गुण गाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
इतने में गौरा की सखियाँ,
सोने की थाली लाई,
महादेव शंकर दूल्हे की,
आरती करने को आई,
उन सबने नारद से पूछा,
दूल्हा कौन है बतलाओ,
बैठा है जिस जगह वही पे,
हम सबको भी पहुँचाओ,
नारद की निकले हाँसी,
बोले तब खाँस के खाँसी,
संग गणों को भेजा,
रास्ता दिखाइके,
जरा मुस्कुराइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
सखियों ने देखा बारात ये,
नही परेतों की टोली,
भांत भाँत के रूप बनावे,
तरह तरह बोले बोली,
कोई तो पीवे सूखा गाँजा,
कई घोटते भाँग रहे,
छीना झपटी करते हैं,
कई इक दूजे से माँग रहे,
मस्ती में झूम रहे हैं,
नशे में घूम रहे हैं,
भाँग को लागे रगड़ा,
सोटवा घुमाइके,
घोटवा लगाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
सखियों ने दूल्हे को देखा,
लंबी दाढ़ी वाला है,
हाँथ में जिसके खप्पर डमरू,
गले सांप की माला है,
जटाजूट बांधे और तन पे,
जिसने राख चढ़ाई है,
बाग़म्बर की खाल ओढ़ने,
ते मृगछाल बिछाई है,
सखियाँ जब करे इशारे,
नंदी जी खड़े निहारे,
सखियों के पीछे पड़ गए,
पूछनी घुमाइके,
सिंगवा हिलाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
जनवासे से बाहर निकली,
सब सखियाँ घबराई थी,
गौरा तेरी किस्मत फूटी,
उसे बताने आई थी,
पार्वती से आकर बोली,
तेरा दूल्हा देख लिया,
तेरे पिता ने बस यूं समझो,
तुझे नर्क में भेज दिया,
है वो शमशान का वासी,
है कोई जोगी सन्यासी,
मस्ती में डूबा रहे,
भाँग चढ़ाई के,
धतूरा चबाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
पार्वती ने उत्तर ऐसे,
दिया सभी की बोली का,
मेरा और शंकर का रिश्ता,
है दामन और चोली का,
जनम जनम की लगन यही है,
माँ अपनी से कह दूंगी,
व्याह होगा तो शंकर से,
अन्यथा कंवारी रह लुंगी,
गौरा की सुनकर वाणी,
खुश हो गई सखी सयानी,
चलने लगी दोनो की,
जय जय बुलाई के,
गीत गुनगुनाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
उधर गणों ने मिलकर के,
शिव बाबा को तैयार किया,
इधर गौरी की सखियों ने था,
गौरा का श्रृंगार किया,
महलों के प्रांगण में वेदी,
सुंदर एक बनाई थी,
मंडप जब तैयार हुआ तो,
फिर बारात बुलवाई थी,
देवता बाजे बजावे,
शंकर डमरू खड़कावे,
भूतों की सेना चली,
नाच दिखाई के,
धूम मचाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गलियों और बारातों में थी,
सचमुच भीड़ लगी भारी,
अपने अपने घर के आगे,
खड़ी हो हो देखे नारी,
ब्रह्मा विष्णु इंद्र आदि को,
देख सभी हरषाई थी,
पर शंकर को देख नारियाँ,
घर की भीतर भागी थी,
धक धक दिल धड़कन लागे,
अंग सब फड़कन लागे,
नन्हे नन्हे बच्चों को,
गोद मे उठाइके,
गले से लगाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गौरा की माँ ने हिमगिर को,
अपने पास बुलाया था,
साखियों ने जो हाल कहा था,
सब उनको समझाया था,
बोली मैं अपनी बेटी को,
तबाह नही होने दूंगी,
कुँए में गिरके मर जाउंगी,
ब्याह नही होने दूंगी,
इतने में हरि गुण गाते,
नारद जी वीण बजाते,
पिछले जनम की कथा,
बोले समझाई के,
सबको सुनाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
मण्डप में जब पहुँचे शंकर,
आसन देके बिठलाया,
पहले उनकी पूजा करी फिर,
पार्वती को बुलवाया,
बड़े प्रेम से हिमगिर ने,
गिरजा का कन्यादान किया,
शंकर सहित बराती जितने,
सबका ही सम्मान किया,
शंकर और पार्वती की,
सुंदर सी जोड़ी देखी,
देवता खुश हुए,
फूल बरसाइके,
जय जय बुलाई के हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
गले लगाकर बेटी को,
हिमगिर मैना ने विदा किया,
पार्वती को शंकर ने,
नंदी की पीठ पर बिठा लिया,
सोमनाथ की इस गाथा को,
सुने वा इसका गान करें,
संकट सारे मिट जाए,
शिव जी उनका कल्याण करें,
लेकर के पार्वती को,
शंकर कैलाशपति को,
नंदी मस्ती में भागे,
सिंगवा हिलाइके,
पूँछवा घुमाइके हो राम,
ए भैया शिव जी बिहाने चलें,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम,
संग संग बाराती चले,
ढोलवा बजाई के,
घोड़वा दौड़ाई के हो राम,
शिव जी बिहाने चले,
पालकी सजाई के,
भभूति रमाई के हो राम ॥
Shrijirasik
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा।
घोटा घोटा घोटा, मेरे शिवां ने पीता घोटा॥
भोला देवे भंग लिया के,
गौरा बैठी घोटी जावे।
घोटी जावे घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा॥
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
अक्क धतूरा भंग मिला के,
गौरा कोलों तैयार करा के।
घोटी जावे घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा॥
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
एह घोटा भोले दा प्याला,
एह घोटे दा नशा निराला।
भर भर पींदा लोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
शंकर मेरा भोला भाला,
शमशेर वी फेरे माला।
गल विच फनीअर मोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
घोटा घोटा घोटा, मेरे भोले ने पीता घोटा...
Shrijirasik
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
भोले बाबा नाच रहे कि भोले बाबा नाच रहे,
भूतों को लेके अपने साथ, भोले बाबा नाच रहे
सर्पों का ही पहना चोला, ब्याहवण आया शंकर भोला
भष्मी से चमकै है गात, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
मस्तक ऊपर चन्दा साजै, डम डम डम डम डमरु बाजै
मेंहदी रचा के अपने हाथ, भोले बाबा नाच रहे
गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
जसपाल जनाल भी महिमा गावै, भोले जी के भजन बनावै
ले हाथ में कलम दवात भोले बाबा नाच रहे
.गोरां की आई है बारात, भोले बाबा नाच रहे
Shrijirasik
शंकर से कह दो कर ले श्रंगार
शंकर, से कह दो, कर ले श्रंगार,
गौरां, पहनाएगी, फूलों के हार ॥
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर के, सिर का, क्या है श्रृंगार ।
जूड़ा, जटाएं और, गंगा की धार ॥
गंगा, लहराती है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर के, माथे का, क्या है श्रृंगार ।
चंदन, लगाए और, चंदा उजियार ॥
चंदा, से उजाला है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के गले का, क्या है श्रृंगार ।
बिच्छू, ततैया और, सपों के हार ॥
सर्प, लहराते हैं, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के हाथों का, क्या है श्रंगार ।
त्रिशूल, कमण्डल और डमरू की तान ॥
तान, मस्तानी है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के पैरों का, क्या है श्रंगार ।
धुल, खड़ाऊँ और, मस्तानी चाल ॥
चाल, मस्तानी है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, के अंगों का, क्या है श्रंगार ।
बाघंबर, शाला और, भस्मी आपार ॥
रूप, मस्ताना है, भोले नाथ जी ।
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
शंकर, से कह दो, कर ले श्रंगार,
गौरां, पहनाएगी, फूलों के हार ॥
गौरां, तो दीवानी है, भोले नाथ की ॥
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नर से नारी बने भोलेनाथ
नर से नारी, बने, भोले नाथ,
गौरां, कहने लगी ॥
कहने, लगी गौरां, कहने लगी ॥
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले, में नाग, लिपट रहे काले ॥
मारे, अंदर, से फुँकार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
कहाँ, छुपाओगे, गंगा की धारा ॥
बहती, बहती, जटा से धार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
गले में, पहने, मुंडों की माला ॥
कैसे, पहनोगे, मोतियन के हार,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
जटा, जूट सी, कैसे छुपेगी ॥
सब, उलझ, रहे हैं वाल,
गौरां, कहने लगी ।
नर से नारी, बने, भोले नाथ...
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अपनी तो जैसे तैसे
अपनी, तो जैसे तैसे ।
भांग, धतूरा खाके ॥
कट जाएगी...
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
आपके, पैरों की पायल, है बड़ी ही, कीमती ॥
मेरे तो, पैरों में घुँघरू ।
बोले हैं, छम छम छम छम ।
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
आपके, अंगो का लंहगा, है बड़ा ही, कीमती ॥
मेरे तो, अंग मृग छाला ।
तन पर है, रमी भबूति ।
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
आपके, माथे का टीका, है बड़ा ही कीमती ॥
मेरे तो, सर पर जूड़ा ।
जूड़े से, बहती गंगा ।
माथे पर, है चंदा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
आपके, गले का हरवा, है बड़ा ही कीमती ॥
मेरे तो, गले नाग हैं ।
बिच्छू है, और ततैईया ।
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
आपके, हाथों का चूड़ा, है बड़ा ही कीमती ॥
मेरे तो, हाथ कमण्डल ।
दूजे में, डम डम डमरू ।
आपका, क्या होगा, ओ गौरां रानी ॥
अपनी, तो जैसे तैसे...
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नर से नारी बने हैं गौरां के पिया
नर से, नारी बने हैं, गौरां के पिया ॥
माथे, पे बिंदिया, माथे, पे टीका ॥
लम्बा, घूँघट डाले, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
आँखों, में कज़रा, वालों में गज़रा ॥
जटा से, गंगा बहाए, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
कानों, में कुण्डल, नाक में नथुनियाँ ॥
गले में, पहने हरवा, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
हाथों, में चूड़ियाँ, हाथों में कँगना ॥
लाल, मेंहदी लगाए, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
पैरों, में पायल, घुँघरू जड़े हैं ॥
महावर, लाल लगाए, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
अंगों, में साडी, अंगों में लंहगा ॥
चुनरी, लाल हैं ओढ़े, गौरां के पिया ।
नर से, नारी बने हैं, गौरां के...
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गौरां ने भोले से झगड़ा किया
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया,
हाँ झगड़ा किया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ॥
एप्पल, का फोन भोले, हमको दिला दो` ।
ज़ियो की, सिम भोले, इस में डलवा दो ॥
गाना, भरा दो उसमे, टिंकू ज़िया,
हाँ टिंकू ज़िया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
सूरत, की, साड़ी भोले, हमको मंगा दो ।
लाल, चुन्नरिया भोले, हमको ओढ़ा दो ॥
ऊंची, एड़ी सेंडिल, मंगवा दो पिया,
हाँ मंगवा दो पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
डव का, साबुन भोले, हमको दिला दो ।
लैकमी की, क्रीम भोले, हमको मंगा दो ॥
ब्यूटी पार्लर, फेशियल, करा दो पिया,
हाँ करा दो पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
लाल, फ़रारी गाड़ी, हमको दिला दो ।
तीनो, लोक की भोले, सैर करा दो ॥
नए, नए गिफ़्ट, दिला दो पिया,
हाँ दिला दो पिया
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
संग की, सखियाँ भोले, मेरी बुला दो ।
वंडर, लैंड की भोले, सैर करवा दो ॥
हम को, सिनेमा, दिखा दो पिया,
हाँ दिखा दो पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
व्हाट्सएप, चलाऊँ भोले, तुमसे बतियाऊँ ।
फेसबुक पे, फोटो भोले, रोज़ मैं लगाऊँ ॥
इंस्टा, पे रील, बनाऊँ पिया,
हाँ बनाऊँ पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
सोने, की चूड़ी भोले, हमको पहना दो ।
हीरे, का हार भोले, गले में जड़ा दो ॥
सेल्फी, भी लूँगी, उसमें भोले पिया,
हाँ भोले पिया,
हमको, मोबाइल, दिला दो पिया ।
गौरां ने, भोले से, झगड़ा किया...
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मेरा भोला बड़ा भंगिया
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया... ओ राम जी ॥
ओ जटा, धारी बड़ा, अमली... ओ राम जी ॥
ओ, राम जी, ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाया, माथे का टीका ॥
ओ भोला, चंदा, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, कानों के कुंडल ॥
ओ भोला, बिच्छू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाया, गले का हार ॥
ओ भोला, सर्प, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाई, अंगे की साड़ी ॥
ओ भोला, बाघंबर, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, हाथों के कँगना ॥
ओ भोला, डमरू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाई, पैरों की पायल ॥
ओ भोला, घुँघरू, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
मैंने, मंगाए, लड्डू और पेड़े ॥
ओ भोला, भाँग, ले के आ गया... ओ राम जी ॥
मेरा, भोला बड़ा, भंगिया...
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धीरे धीरे डमरू वजाए मेरा भोला
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला ॥
ओ नाचने, आ गई गौरां, मेरा बम बम भोला ॥
न पिए पेप्सी, न कोका कोला ॥
ओ पी गया, भांग का कटोरा, मेरा बम बम भोला ॥
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला...
न खाए लड्डू, न खाए पेड़ा ॥
ओ खा गया, भांग का गोला, मेरा बम बम भोला ॥
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला...
न पहने कुडता, न वोह पज़ामा ॥
ओ अंग, भभूति रमाए, मेरा बम बम भोला ॥
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला...
न बैठे मोटर, न बैठे गाड़ी ॥
ओ नंदी पे, बैठा जाए रे, मेरा बम बम भोला ॥
धीरे, धीरे डमरू, वजाए मेरा भोला...
हर हर महाँदेव
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नंदी पे चली है बारात भोले की
सबसे अलग है यो बात भोले की
अरे शूकर नाचे शनिचर नाचे
संग में भूत पुशाचर नाचे
देख ले तू गोरां यो ठाठ भोले की
चले हैं शिव जैसे मस्ट मलंगा
गले में सर्प जटा में गंगा
हाथ में डम डम डमरू बाजे
माथे चंदा कितना साजे
आज दिन है भोले का
और रात भोले की
नंदी पे चली……
गोरां नगरी थर थर काँपे
भूत पिशाचर देख झाँके
गले में है नर मुंडों की माला
शोर मचावे अजब निराला
तू जीत है गोरा
तू मात भोले की
नंदी पे चली है……
फेरों पर जब आयी गोरा
शरमाए देखो कैसे भोला
सात फेरे संग लगाके
वर माला ली सर को झुका के
हो गई है गोरां
देखो आज भोले की
नंदी पे चली है……
फूल देखो गगन से बरसे
देवता सब उतरे स्वर्ग से
शिव मिलन की बेला आयी
देने आये सब शिव को बधाई
कलम प्रकाश की और बात भोले की
ख़ुशी गाती है महिमा दिन रात भोले की
नंदी पे चली है……
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भोले बाबा मेरा एक काम कर दो
धुन- इक्क परदेसी मेरा दिल ले गया
भोले बाबा, मेरा एक, काम कर दो,
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ॥
डमरू, वाले बाबा मेरा, काम कर दो,
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ॥
भोले भाले... हो डमरू वाले,
भोले भाले... हो डमरू वाले ॥
कोठी आगे, हौंडा सिटी, कार खड़ी हो,
जेब मेरी, नोटों से, खचा खच भरी हो ॥
नौकरों की, लंबी सी, कतार कर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
हीरे की, अंगूठी पहनु, दोनों हाथ में,
बॉडी गार्ड, चले मेरे, साथ साथ में ॥
हीरे और, मोतियों से, झोली भर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
घर से, मैं निकलूं, बन ठन के,
मंत्री, सेल्यूट मारे, तन-तन के ॥
देश की, कमान मेरे, हाथ कर दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
पोते, और पोती खेले, मेरे साथ में,
घर की, कमान हो, मेरे हाथ में ॥
ओ सारे, अरमान मेरे, पूरे करो दो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
सारे, अरमान पूरे, करो ना करो,
दया वाला, हाथ मेरे, सिर पे धरो ॥
अपने, चरणों का मुझे, दास कर लो ॥
सारी, दुनियाँ में, मेरा नाम कर दो ।
भोले बाबा मेरा एक काम...
चौक पुरावो,
माटी रंगावो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे
खबर सुनाऊ जो,
ख़ुशी ये बताओ जो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे।।
हेरी सखी मंगल गावो री,
धरती अम्बर सजाओ री,
उतरेगी आज मेरे पिया की सवारी,
हेरी कोई काजल लाओ रे,
मोहे काला टीका लगाओ री,
उनकी छब से दिखु में तो प्यारी,
लक्ष्मी जी वारो ,
नजर उतारो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे।।
रंगो से रंग मिले,
नए नए ढंग खिले,
ख़ुशी आज द्वारे मेरे डाले है डेरा,
पीहू पीहू पपीहा रटे,
कुहू कुहू कोयल जपे,
आँगन आँगन है परियो ने घेरा,
अनहद नाद बजाओ रे सब-मिल,
आज मेरे पिया घर आवेंगे।।
चोख पुरावो,
माटी रंगावो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे
खबर सुनाऊ जो,
ख़ुशी ये बताओ जो,
आज मेरे पिया घर आवेंगे।।
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