॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Khatu Shyam - Vatsalya Bhav
खाटू श्याम - वात्सल्य भाव

॥ राधे राधे ॥

Shrijirasik
हर पल मेरे साथ, श्याम रहता हैं ,
मेरे दिल की बात , वो सुनता हैं ,
हर रोज मैं उसके , दरबार जाता हूँ ,
हर रोज मैं उसको , भजन सुनाता हूँ ,
वो सुनता रहता हैं , मैं गाता रहता हूँ ,
भजनों से उसको मैं , रिझाता रहता हूँ ,
मेरे भजनों में उसको , आनंद आता हैं,
हर पल मेरे साथ, श्याम रहता हैं ,
जब से देखा उसको , मैं उसका हो गया ,
उसके दरबार में , दिल मेरा खो गया ,
अब ना नींद आती हैं , ना चैन आता हैं ,
हर रोज सपने में , बस श्याम आता हैं ,
उसकी यादों में दिल , मेरा खोया रहता हैं ,
हर पल मेरे साथ, श्याम रहता हैं ,
कभी सोचा नहीं मेने , वो यू मिल जाएगा,
मुझ जैसे पापी को , वो अपना बनाएगा ,
वो तो दयालु हैं , उस जैसा कोई नहीं ,
मेरे श्याम के जैसा , सारे जग में कोई नहीं ,
सारी दुनिया को बस , मेरा श्याम चलाता हैं ,
हर पल मेरे साथ, श्याम रहता हैं
Shrijirasik
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
ये पलोट रोकड़ नोट सांवरिया का है सपोर्ट, मेरे बिजनेस में तेरा हाथ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मैं तो पुतला हूं सांवरिया सेठ, चाबी तेरे हाथ में रखी,
मेरी शॉप चले टॉप बिजनेस दिया तुझे सौंप, मैं तो चाकर हूं तेरो रे सांवरिया, मैं तो दर का हूं तेरा रे भिखारी, मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मेरा सोना मेरी चांदी दुनिया तो है दीवानी,
खाली हाथ आए सरकार, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरे बच्चे तेरे पर्चे तू उठावें घर खर्चे, मै तो बालक हूं तेरा अंजान, मेरा तो कुछ भी नहीं, सब तेरी कृपा है सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
मेरा खेत मेरा लसन मेरा अमल मेरा कमल,
सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं,
मेरा मन मेरा धन मेरा तन अर्पण, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं, सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं ।
मारुतिनंदन गौशाला तू है गाय का गोपाला, ये भी तो तू जाणे और तेरो काम, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब गायों का रखे ध्यान मैं तो कुछ जाणू नहीं,
मेरा गाने तू चलाते इंस्टा फेसबुक पे छाते, ये भी तेरे है सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं, मेरे डीजे पे तेरा नाम वो भी मेरा नहीं,
ये स्टूडियो तेरा बोस जाए फायदा तो या लॉस गोकुल केवे है सच्ची बात, मेरा तो कुछ भी नहीं,
सब सेठों के तुम सरताज, मंडफिया सा और नहीं।
मेरी गाड़ी मेरा बंगला मेरा पैसा सब तेरा, सब कुछ तेरो सरकार मेरो तो कुछ भी नहीं,
सब तेरो सांवरिया सेठ मेरा तो कुछ भी नहीं।
Shrijirasik
वो हटा रहे है परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके
में नजारा कर रहा हूँ,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ये झुकी झुकी निगाहें,
ये हसी हसी इशारे,
मुझे दे रहे है शायद,
मुझे दे रहे है शायद,
वो पयाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ना दिखाओ चलते चलते,
यूँ कदम कदम पे शोखी,
कोई क़त्ल हो रहा है,
कोई क़त्ल हो रहा है,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके..........
कभी शोख़िया दिखाना,
कभी उनका मुस्कुराना,
ये अदाएं कर ना डाले,
ये अदाएं कर ना डाले,
मेरा काम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.......
ये जो हिचकिया मुसलसल,
मुझे आ रही है आलम,
कोई ले रहा है शायद,
कोई ले रहा है शायद,
मेरा नाम चुपके चुपके,
वो हटा रहे हैं परदा,
सर-ऐ-आम चुपके चुपके.........
Shrijirasik
तर्ज – थारे वास्ते रे ढोला थारे वास्ते
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कोण लागे,
तू मेरो कोण लागे.......
गिर जाऊं पकड़ उठावे,
भटकूँ तो राह दिखावे,
घबराऊ दौड्यो आवे,
हिवड़े ने धीर बंधावे,
दोड़्यो आवे, भाग्यो आवे,
काम बणावे, पर नजर ना आवे,
पीछे पीछे चलूँ तू तो,
चले आगे आगे रे मेरे,
चले आगे, तू मेरो कोण लागे......
अटक्योड़ा काम बणावे,
खर्चो यो कोण चलावे,
मैं तो गानो नही जाणु,
किरपा है तेरी तू गवावे,
तू ही जाणे तेरी माया,
तन्ने वेद समझ नही पावे,
में क्या जाणु तू ही जाणे,
सुत्या भाग जागे रे म्हारा,
भाग जागे, तू मेरो कोण लागे......
रक्षा करे हरदम तू मेरी,
छोडूंगी ना चोखट तेरी,
सेवा तेरी करती रहु में,
अभिलाषा है ये श्याम मेरी,
उमा लहरी शरण तुम्हारी,
पत राखो हे कृष्ण मुरारी,
साँवरा सलोना मेरा तू,
रहियो सागे सागे मेरे,
रहियो सागे, तू मेरो कोण लागे.........
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कौन लागे,
तू मेरो कोण लागे......
Shrijirasik
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
सारे जग को हमने छोड़ा हैं ,
बस तुमसे रिश्ता जोड़ा हैं ,
अब जुड़ा रहे बंधन ये सदा,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
बरसो से हम तो भटक रहे ,
दर्शन को तुम्हारे तरस रहे ,
जब तक ना दरश तुम्हारा हो ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं, हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
हमें धन और दौलत मत देना ,
हमें नाम और शोहरत मत देना ,
बस इतनी कृपा तुम कर देना ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
चाहे सुबह हो या शाम हो ,
होठो पे तुम्हारा नाम हो ,
हम जपते रहे तेरा नाम सदा ,
रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में ,
मिलता हैं हमको सुख केवल ,
श्याम तुम्हारे भजनों में ,
ये विनती हैं , हम भक्तों की ,
रहे ध्यान तुम्हारे भजनों में ,
Shrijirasik
वक्त की आंधी से,पत्थर भी पिघल जाते हैं
कह-कह फ़िर से,अश्कों में बिख़र जाते हैं
कौंन याद करता है,दुनिया में किसी को
वक्त के साथ साथ,हालात बदल जाते हैं
वक्त इन्सांन का,सम्मान करा देता है
वक्त इन्सांन का,अपम्मान करा देता है
वक्त पड़ने पर आया है समझ में मेरी
वक्त इन्सांन की पहचान करा देता है
कोई श्याम सा नहीं देखा,जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
ध्यान में योगियों के आता नहीं,
संग भगतों के नाचता देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
किस तरह द्रोपदी नगंन होती,
श्याम साड़ी में ही छिपा देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
कदंम-कदंम पे बचाता है अपनें भगतों को,
ऐसा परमात्मा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
मैं आया हूं अब तेरे दर पे,
जब कोई आसरा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
Shrijirasik
( तर्ज,थोड़ा देता है न ज्यादा देता है... )
फोटो खींच के बाबा तेरी सबको दिखानी है
सबसे प्यारा मेरा बाबा शीश का दानी है
तुझे तो मुस्कुराना है कुण - सा कार्ड छपवाना है
एक अच्छी सी फोटो पर जय श्री श्याम लिखाना हैं
बनवाकर फोटो घर पर लगवानी है
सबसे प्यारा मेरा बाबा शीश का दानी है....
छोटो सो काम है मेरो ना कोई धन लागे तेरो
जब भगत करें कीर्तन उसमें मन लागे तेरो
तेरी मेरी बाबा या प्रीत पुरानी है
सबसे प्यारा मेरा बाबा शीश का दानी है....
तेरे मंदिर में आए हैं तुम्हे लेकर ही जाएंगे
बाबा जाएगा उनके साथ जो ताली बजाएंगे
लक्की ने तो बाबा की महिमा मानी है
सबसे प्यारा मेरा बाबा शीश का दानी है....
Shrijirasik
तरज- खाटु बूलाऐ खाटु का श्याम
हारे का सहारा मेरा खाटू श्याम बाबा
ले के निशान , चले बाबा के धाम |
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
ले के निशान , चले खाटू के धाम |
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
तीन बान धारी, नीले की सवारी|
बोले ना कुछ वी, सुनता है सारी||
सब से ऊचा खाटू का नाम. ......
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम |
शीश का दानी, जिस की कहानी |
देता हैं लाभ, बाबा देता ना हानी ||
भगतो पे भीड़ कभी देता नहीं आण......
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
अरे लाख दतार, बाबा का प्यार |
मिलता है जिसको, नईआ हैं पार ||
श्याम धनी सबके करता है काम.......
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
भगत जसपाल, गांऊ जनाल |
बाबा की उस पे, है कृपा कमाल ||
कीर्तन कराऐ वो बाबा के नाम ......
खाटू बूलाऐ , खाटू का श्याम ||
Shrijirasik
कलियुग के घोर अंधेरे में-2 तेरी जगमग ज्योत जगे, चमके तेरा नूर ।
धरती अम्बर पाताल में भी,-2 तेरे नाम का डंका बजे, चमके तेरा नूर ।।
तर्ज: तेरी प्यारी-प्यारी सूरत को, किसी की नजर न लगे
मोहन मुरली वाला तू, भक्तों का रखवाला तू ।
भरी सभा में द्रुपद-सुता की, लाज बचने वाला तू ।।
अर्जुन के रथ को तू हांका-2 किया उसका दुखड़ा दूर, चमके तेरा नूर ।
कलियुग के घोर अंधेरे में, तेरी जगमग ज्योत जगे, चमके तेरा नूर ।
नरसी की हुंडी तारी तू, साँवलशाह गिरधारी तू ।
धुर्व प्रह्लाद की रक्षा की, और तारी मीरा बाई तू ।।
इक बार तो नजरे फेर इधर-2 और करदे दुखड़ा दूर, चमके तेरा नूर
कलियुग के घोर अंधेरे में, तेरी जगमग ज्योत जगे, चमके तेरा नूर ।
दर-दर का ठुकराया हूँ, प्रभु तेरी शरण मे आया हूँ ।
महिमा तेरी सुन सुनकर, चरणों मे शीश झुकाया हूँ ।।
प्रभु ले लो शरण मे तुम अपनी-2, मैं आया हो मजबूर, चमके तेरा नूर ।।
कलियुग के घोर अंधेरे में, तेरी जगमग ज्योत जगे, चमके तेरा नूर ।
पापी हूँ या कपटी हूँ, चाहे मैं नालायक हूँ ।
हांथ धरो मुझ पर मोहन, आखिर तेरा बालक हूँ ।।
तू जन्म-जन्म का साथी मेरा-2 नैनो से मत हो दूर, चमके तेरा नूर ।
कलियुग के घोर अंधेरे में, तेरी जगमग ज्योत जगे, चमके तेरा नूर
Shrijirasik
कर गए दिल पे टोना, श्याम मेरे, खाटू वाले नयना
श्याम के नयना, खाटू के नयना
कर गए दिल पे टोना श्याम मेरे खाटू वाले नयना
इन नैनों पे सब कुछ हारा
श्याम लगे मेरे प्यारे प्यारे
बिन देखे नहीं चैना श्याम मेरे खाटू वाले नयना
कर गए दिल पे टोना श्याम मेरे खाटू वाले नयना
नैन लड़े जब से श्याम संग
प्रेम प्रीत का ऐसा चढ़ा रंग
मुझे बावरी बन के ही रहना श्याम मेरे खाटू वाले नयना
कर गए दिल पे टोना श्याम मेरे खाटू वाले नयना
श्याम के नयना, खाटू के नयना
Shrijirasik
खाटु शयाम जी का भजन
मुझे सपना खाटु श्याम का आया
जब मैसेज बाबा का आया,
मैं हो गया था हैरान बड़ा |
मुझे सपना सुबह एक आया,
मैं खाटु शयाम के धाम खड़ा ||
मोटी मोटी आंखें मेरी आंखो में डाली,
डूबती हुई नैया मेरी बाबा ने संभाली,
मुझे चरनों से बाबा ने लगाया,
मैं खाटू शयाम के धाम ...
लीला घोड़ा बाबा का घर मेरे आ लिया,
बाबा जी ने मुझ को भी घोड़े पे बैठा लिया,
मुझे खाटू में बाबा ने घुमाया ,
मैं खाटु शयाम के धाम खड़ा ...
जब खूली थी आंख **जनाल जसपाल** की ,
अरे बाबा की कृपा उस पे कमाल थी,
**दिलशान** को भी साथ ही बुलाया ,
मैं खाटु शयाम के धाम खड़ा ...
Shrijirasik
अंधेरो की नगरी से, कैसे मैं पार जाऊं,
श्याम अब लेने आजा, हौसला हार ना जाऊं,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना,
हारे के सहारे मेरे हारे के सहारे,
हारे के सहारे, मेरी हार हराओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
तूफानों ने घेर लिया, मुझे राह नजर ना आवे,
तुम बिन कौन मेरा जो, मेरी बांह पकड़ ले जावे,
भटक रहा राहों में बाबा, पार लगाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
किसको रिश्ते गिनवाऊँ, किसे जात बताऊँ मैं,
क्या क्या जख्म दिए जग ने, किसे घात दिखाऊं मैं,
बिन कुछ पूछे श्याम हमारा, कष्ट मिटाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
अनजानी नगरी में, सब अनजाने लगते है,
हम तो तेरी याद में, रो रो रातें जगते है,
बहता इन आँखों से बाबा, नीर थमाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
कृष्ण को जिसने दान दिया, उस दानी के आगे,
हमने सुना तेरा नाम लिए से, संकट सब भागे,
‘छोटू’ की विपदा को बाबा, आग लगाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
Shrijirasik
जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है
जो संकट से निकले वही तो श्याम है
लाडो बेटी हुई सयानी बाप की आंख में आ गया पानी
कैसे इसका ब्याह कराऊ इतना पैसा कहां से लाऊं
जो आके लाज बचा ले वही तो श्याम है
जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...
बच्चों को मां छोड़ गई है जग से नाता जोड़ गई है
रो रो कर तुझे पुकारे कौन देगा हमें सहारे
जो अपना समझ के पाले वही तो श्याम है
जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...
अंधे की लाठी बन जाओ निर्मल के साथी बन जाओ
श्याम कह कर उनकी सेवा श्याम के प्यार तुम बन जाओ
जो देता इन्हें सहारे वही तो श्याम है
जो गिरते को संभाले वही तो श्याम है...
Shrijirasik
जो स्याम धनी तो मिलदा ना ओह मिले बजारां चो,
तूं वी जो कुछ लैणा लै लै लख दतारा तो।
सुखा सुखदी रहिंदी ऐ सुबह शाम ड्राइवरां मै,
तूं मैनूं वी किते लै चल खाटू धाम ड्राइवरां वे।
बस आपां ने वी जाना ऐतक़ी एसे ग्यारां तो,
फल मुंहों मंगिया पाऊणा खाटू जी सरकारां तो।
लैण रीगस तो बाबा सानूं आप ही आउगा,
नीले घोड़े वाला दाता आप बुलाउगा।
चक निशान रीगस तो पैदल खाटू जावांगे,
नाल संगत दे रल के उच्ची जैकरे लावांगे।
जदो नच्दे टप्दे जाईए लग् ज्ये जाम ड्राइवरां वे,
तूं मैनूं वी कदे लै चल खाटू धाम ड्राइवरां वे।
सीस के दानी सावरिया दे चरणी सिर धरना,
खाटू वाले श्याम धनी दा दर्शन है करना।
हारे दा सहारा बेड़े वी पार लाउगा,
नी नीले घोड़े वाला दाता आप बुलाउगा।
बस लै के खाटू जावे मैनूं नाल लै जावे ना,
सुपने दे विच कहिंदा माना क्यूं तूं आवे ना।
हुण देर काहतो है लाई चक निशान ड्राइवरां वे,
(जनाल वाले जसपाल दा चमकू नाम ड्राइवरां वे),
तूं मैनूं वी कदे लै चल खाटू धाम ड्राइवरां वे।
छेती कर लै त्यारी खाटू श्याम नूं जाना ए,
जनाल वाले जसपाल खुशी दा नहीं ठिकाना ए।
कलयुग दा अवतार है बाबा कष्ट मिटाउगा,
नी नीले घोड़े वाला बाबा सानूं आप बुलाउगा,
गुरसेवक सपना नूं बाबा चरणीं लाउगा।
Shrijirasik
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है,
तेरी याद में मन ये भीगा है।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है,
तेरी भक्ति ने सब कुछ दिया है।
खाटू नगरी तेरी न्यारी,
जहाँ बजती बाँसुरी प्यारी।
तेरे दर पे जो झुक जाए,
हर पीड़ा वो भूल जाए।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है...
तेरी शरण में जो आया,
हर दुःख अपना भुलाया।
तेरी मुस्कान में जादू है,
तेरे नाम में आराम है।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है...
नील गगन में तेरा बसेरा,
साँवरे तू है दिल का सवेरा।
तेरे चरणों में मन लुटाया,
सब कुछ तुझको अर्पण पाया।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है...
भक्तों का रखवाला श्याम,
तेरा अचरज अपार नाम।
तेरी नज़र से कृपा बरसे,
तेरे प्रेम से जीवन हँसे।
श्याम तेरे नाम से जीवन सजा है...
Shrijirasik
दुनियादारी छोड़ दी है, तुमसे प्रीति जोड़ ली है,
तेरी मोरछड़ी के झाड़े से सब संकट कटते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,
1. मैं घर से पहुँचा रिंगस और फिर हाथ निशान उठाया,
निशान उठा कर के बाबा तेरा जयकारा लाया,
एक लाल गुलाब लिया बाबा-तेरा ध्यान किया बाबा,
बड़े बड़े सब सेठ तेरा ही पानी भरते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,
2. फिर तोरण द्वार आ गया जिसपर भीड़ लगी थी भारी,
तेरे नाम की मस्ती में सब झूम रहे नर नारी,
कई श्याम कुंड में नहा रहे थे-कई कढ़ी कचौड़ी खा रहे थे
तेरी नगरी गूँज उठती है जब जयकारे लगते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,
3. फिर तेरे मंदिर के आगे बाबा खड़े हो गए जाके,
अमर हो गए साँवरिया हम तेरा दर्शन पाके,
नौकर तेरा बना ले ना-तेरे चरणों बीच बसा लेना,
हम आशिक़ है तेरे तेरी सूरत पे मरते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं,
4. हर ग्यारस को बाबा तेरे धाम पे चल के आऊँ,
विशेष भण्डेरी से बाबा तेरा कीर्तन भी करवाऊँ,
मेरा मन बोले अब चल खाटू-छोड़ आया मैं दिल खाटू
अब तेरी याद में सोते और तेरी याद में जगते हैं
खाटू वाले श्याम धनी हम तुमसे प्यार करते हैं !
Shrijirasik
( तर्ज - चाहा है तुझको चाहेंगे )
आना कभी मेरे घर पर सांवरे
प्रेमी तो बाबा है तेरे बावरे
तेरी ज्योत।जलाई है
अरदास लगाई है
प्रेम हमने तुमसे किया ना किया बहना
घर नहीं मेरा बाबा तेरा ही ठिकाना
क्यों बैठे हो चुपचाप तुम सबके सामने
आना कभी मेरे घर पर सांवरे ...
एक टक श्याम को निहारते मैं रहता
बात अपने दिल की मैं बाबा तुमसे कहता
लीले पर चढ़कर आज मेरे बाबा आएंगे
आना कभी मेरे घर पर सांवरे ...
महाभारत की वो सच्ची कहानी है
भक्तों का सांवरा शीश का दानी है
रख विश्वास लकी एक दिन बाबा आएंगे
आना कभी मेरे घर पर सांवरे ...
Shrijirasik
( तर्ज - लीला रे म्हाने श्याम से मिला दे )
श्याम धणी मन्ने खाटू में बुलाले
सेवा करूंगा मैं थारी - बाबा मैं थारी
तेरी चाकरी बाबा मन्ने अच्छी लागे
तू बाबा बस बैठो रही ए
काम मन्ने बस दे तो रहिए
छोटी सी अर्जी मारी
सेवा करूंगा मैं थारी - बाबा मैं थारी...
विनती सुन लो श्याम हमारे
तुम बाबा भक्तों के प्यारे
कुछ ना छुपी श्याम लाचारी
सेवा करूंगा मैं थारी - बाबा मैं थारी ...
इतनो ना तरसाव बाबा
लक्की के आंख में आंसू बाबा
दुनिया से सुनी है दातारी
सेवा करूंगा मैं थारी - बाबा मैं थारी ...
Shrijirasik
बाबा. ये जग है पराया , सब तेरी माया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ..
ओ..
तूँ मोल छवि कृष्ण की
अनमोल छवि कृष्ण की
बाबा ..ये दर तेरा पाया , तूँ दिल में समाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ….
ओ…
( तर्ज- बाबुल जों तुमने सिखाया)
कैसे भूल पाऊँगा में बाबा इस जग की ….खुमारियाँ
ओ…….ओ…..
कैसे भूल पाऊँगा में बाबा इस जग की ….खुमारियाँ
मेरे अपनों ने ही रुलाया सताया मुझको .. की खुआरियाँ.
एसे में तुम्हें मैंने पाया , कृपा की मिली छाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ..
ओ..
तूँ मोल छवि कृष्ण की
अनमोल छवि कृष्ण की
बाबा ..ये दर तेरा पाया , तूँ दिल में समाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ….
ओ…
ज़बसे बाबा तूँ मुझे मिला है आज दुख भी नहीं कोई
ओ…..ओ….
ज़बसे बाबा तूँ मुझे मिला है आज दुख भी नहीं कोई
आज समझ आया कलयुग में तुझसे भड़कर कोई नहीं ..
बाबा तूँ मेरे पिता है
तुझे सब पता है
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ..
ओ..
तूँ मोल छवि कृष्ण की
अनमोल छवि कृष्ण की
बाबा ..ये दर तेरा पाया , तूँ दिल में समाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ….
ओ…
कैसे भूल गया रे तूँ प्राणी मेरे ठाकुर की कहानियाँ
ओ….ओ…..
कैसे भूल गया रे तूँ प्राणी मेरे ठाकुर की कहानियाँ
आज भी चुलकाना में बो पीपल देता तुझकों निशानियाँ
मोहन एक झलक दिखलादे
हम सब का “ यश ” भड़ा दे
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ..
ओ..
तूँ मोल छवि कृष्ण की
अनमोल छवि कृष्ण की
बाबा ..ये दर तेरा पाया , तूँ दिल में समाया
तूँ मोल छवि कृष्ण की
ओ….
ओ…
Shrijirasik
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों में,
दीनानाथ तुम्हारे चरणों में
मंजूर मेरी यही अर्ज रहे
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों मे।
तर्ज: दिल लूटने वाले जादूगर,
मेरी इस जीवन की डोरी है,
बाबा श्याम तुम्हारे हाथों में।
अब तारो न तारो बाबा तुम,
मेरी डोर तुम्हारे हाथो में।
मंजूर मेरी
तेरी छवी सदा मेरे नैनं रहे,
ओर मन चरणों मे लगा रहे।
मेरी जुबा पे श्याम का नाम रहे,
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों मे।
मंजूर मेरी
मेरा अंत समय आये बाबा,
मेरे सामने तु बाबा खड़ा रहे
बाबा श्याम कृपा कुछ ऐशी रहे,
में आया तुम्हारी शरणा में
मंजूर मेरी
अशोक की बाबा अर्जी है,
आगे बाबा तेरी मर्जी है
यह भाव सभी भगतो का है,
बाबा श्याम तुम्हारे चरणों मे
Shrijirasik
खाटू में आया मैं तो तुम्हारे,
तुम्ही हो कन्हैया यहाँ हारे के सहारे
खाटू में आया…
डूब रही है नैया किनारे,
फँसे हैं भंवर में तेरे दुलारे,
पतवार मेरी टूटी है प्यारे..
आस में बैठा तेरे सहारे,
तुम्ही हो कन्हैया यहाँ हारे के सहारे
खाटू में आया मैं तो तुम्हारे,
तुम्ही हो कन्हैया यहाँ हारे के सहारे
खाटू में आया…
कठपुतली हूँ तेरी कन्हैया,
नाचूँ मैं जैसे तेरी मर्ज़ी कन्हैया,
प्राणों के हो तुम मेरे खिवैया..
अर्ज़ी जो भेजी नाम तुम्हारे,
तुम्ही हो कन्हैया यहाँ हारे के सहारे
खाटू में आया मैं तो तुम्हारे,
भी तुम्ही हो कन्हैया यहाँ हारे के सहारे
खाटू में आया…
छलिया हो तुम मैंने है जाना,
प्रीत को तेरी सारे जग ने है माना,
काम है तेरा पार लगाना..
‘चमन’ भी है अब तो तुमको पुकारे,
तुम्ही हो कन्हैया यहाँ हारे के सहारे,
खाटू में आया मैं तो तुम्हारे,
तुम्ही हो कन्हैया यहाँ हारे के सहारे
खाटू में आया…
Shrijirasik
मेरे श्याम के खेल निराले
कलयुग में खाटू वाले
जो सच्चे मन से जाता है
वो झोली भरके आता है
कस्टन के मेटन हारे,कलयुग में खाटू वाले
दुखियों के दुख मिटाए है
पापी न के पाप घटाए है
उनने बिगड़े काज सुधारे,कलयुग में खाटू वाले
जो मंजिल हार गए मन में
मुक्ति मिल जावे उन्हें पल भर में
मेरे बाबा हारे के सहारे,कलयुग में खाटू वाले
मेरे श्याम के खेल निराले, कलयुग में खाटू वाले
Shrijirasik
हारे के सहारे बाबा श्याम, भक्तों के प्यारे बाबा श्याम
बोलो श्याम श्याम श्याम (3), बोलो श्याम
तेरे द्वार पर आया हूं, दुनिया का सताया हूं
बाबा हार के आया हूं, इक आस में लाया हूं
बिगड़ी बनाते बाबा श्याम, भक्तों के प्यारे बाबा श्याम
बोलो श्याम...
बाबा हमने सुना है तुम, हारे के सहारे हो
भक्तों की बिगड़ी तुम, पल भर में सवारे हो
दुखड़े मिटाते बाबा श्याम, भक्तों के प्यारे बाबा श्याम
बोलो श्याम...
बाबा मुझ पर कृपा करो, सारे कष्ट है मेरे हरो
बाबा तेरे सहारे है हम, बेटे पर नजर करो
झोली भर देते बाबा श्याम, भक्तों के प्यारे बाबा श्याम
बोलो श्याम...
Shrijirasik
तेरे नाम में बाबा बड़ा ही असर है
जिधर भी मैं देखूं बाबा तू आता नजर है
चंदा में तू है बाबा तारों में तू है
सूरज की किरणों में तेरा ही असर है
तन में भी तू है बाबा मन में भी तू है
मेरी धड़कनों में बाबा तेरा ही असर है
धरती पे तू है बाबा अंबर में तू है
सागर की लहरों में तेरा ही असर है
Shrijirasik
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
हाथ पकड़ लो अब तो आकर ...2
मैं कष्टो ने घेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
नहीं लायक मैं तेरे सांवरे , बस तेरा विश्वास है
तू हारे का एक सहारा , बाबा तेरी आस है
दूर करो यह श्याम अंधेरा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
तेरे बिना कहो किसे सुनाऊँ , मैं अपने दिल की बाबा
देखले आकर अपने भगत को , खबर ना मंजिल की बाबा
मुझे दिखादो कहाँ सवेरा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
बड़ी कतारे है दुखों की , सुख का कहीं ना नाम है
और किसी को ना जानू बस , तू ही मेरा श्याम है
कर लिया इंतजार भतेरा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
मत लो कठिन परीक्षा मेरी , मैं बालक नादान हूँ
कहे भूलन बस तेरा आसरा , दुनिया से अनजान हूँ
काट हरि 84 फेरा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
हाथ पकड़ लो अब तो आकर ...2
मैं कष्टो ने घेरा हूँ
कितनी परीक्षा लोगे बाबा , तू मेरा मैं तेरा हूँ
Shrijirasik
( तर्ज - धर्मवीर की जोड़ी )
इक है श्याम प्यारे मेरे इक सालासर वाले
मुझको मेरे दोनों बाबा बेटे जैसे पाले
श्याम प्यारे - श्याम प्यारे...
ज़ब से बने बाबा मेरे यार है
इनके भरोसे मेरा परिवार है
मैं तो बनकर रहूं पुजारी
बाबा ने विपदा टारी
बंद पड़ी किस्मत के खोले ताले
मुझको मेरे दोनों बाबा बेटे जैसे पाले ...
तीन लोक मे ऐसा ना दातार कोई
तुम जैसा ना देता है प्यार कोई
मेरे श्याम ने मुझको तारा
हारे को दिया सहारा
देख भगत की टोली बाबा तू ही आप संभाले
मुझको मेरे दोनों बाबा बेटे जैसे पाले ...
मनीष को विश्वास ये पूरा होता है
लकी क्यों आंखों को तू भिगोता है
मेरे बाबा है दाता री
लीले की करते सवारी
पड़े हुई को बाबा अपने पलकों पर बैठा ले
मुझको मेरे दोनों बाबा बेटे जैसे पाले ...
Shrijirasik
बाबा थारी मोर छड़ी को,
झाड़ो जो लग जावे जी वो प्रेमी तो जीवन भर,
फेर बाबा मौज उड़ावे जी बाबा थारी मोर छड़ी को...
लाखा का किस्मत बदली है,
खाटू आणे जानें स ताला बंद खुल जावे,
बाबा मोर छड़ी लहराने स ज्याके सिर पर
मोर छड़ी को झाड़ो जो लग जावे जी वो प्रेमी तो जीवन भर,
फेर बाबा मौज उड़ावे जी बाबा थारी मोर छड़ी को
मोर छड़ी की महिमा बाबा यो जग
सारो गावे जी श्याम धनी क हाथा माही,
या मोर छड़ी लहरावे जी खाटू आवणिया सब बाबा,
किरपा थारी पावे जी वो प्रेमी तो जीवन भर,
फेर बाबा मौज उड़ावे जी बाबा थारी मोर छड़ी को
मोर छड़ी या जादूगारी,
लागे श्याम न प्यारी जी गुलशन थारो
नित जस गावे, सुनजों श्याम बिहारी जी
सबकी नैया पार सुरेंदर बाबा श्याम लगावे जी
वो प्रेमी तो जीवन भर,
फेर बाबा मौज उड़ावे जी बाबा थारी
मोर छड़ी को झाड़ो जो लग जावे जी
वो प्रेमी तो जीवन भर, फेर बाबा मौज उड़ावे जी
Shrijirasik
तर्ज : सजने का शौकीन
मझधार में छोड़ चले
क्यूं अपने दीवाने को
हमने क्या जन्म लिया
बस आंसु बहाने को ॥
इंतजार की हद तो श्याम
कुछ तो होती होगी
मेरे हाल को पढ करके
कुछ तो सोची होगी
आंधी का होता साथ ज्यूं दीये को बुलाने को॥
गम के पिंजरे का मैं
परकटा परिंदा है
सब कुछ सह करके
तेरी आश में जिन्दा हू।
देते हो औरो को क्या मुझको दिखाने को ॥
नजरो का बिछा के जाल
क्या दिन ये दिखाना था
आगे क्या कम थे दर्द
जो और बढ़ाना था
अब वक्त नहीं गुट्टू नजरों के फिराने को ॥
Shrijirasik
तर्ज: ए मेरे दिल ए नादान...
जब बाबा बैठा है, क्या चिंता है प्यारे
हारा है तू लेकिन, मेरे श्याम नही हारे
माना तेरे सर पर तो, दुखो का समंदर है
घनघोर अंधेरा है, पग पग पे बवंडर है
ये मोरछड़ी ले कर, हर संकट को टारे
जब बाबा बैठा है...
रिश्ता तू बना इनसे, रिश्ता ना ये तोड़ेंगे
सारी दुनिया भले छोड़े, तुझे श्याम ना छोडेंगे
अपने प्रेमी को श्याम, कभी ठोकर ना मारे
जब बाबा बैठा है...
तुझसे भी हारे का, बने श्याम सहारा है
तू तो अभी डूबा नही, डूबे को भी तारा है
क्या चिंता है गोपाल, करते वारे न्यारे
जब बाबा बैठा है...
Shrijirasik
मैं खाटू में आऊँ बाबा सातों जनम
सातों जनम बाबा, जन्मो जनम
खाटू की गलियां, मेरे मन को भाऐ
तेरे दर्शन से बाबा, दिल चैन पाऐ
दर्शन पाऊं बाबा, जब तक है दम
श्याम नाम की, महिमा है भारी
तुमने ही मेरी सारी, विपदा है टाली
करना कृपा तुम बाबा, यूं ही हरदम
तुमसे ही मेरी बाबा, लगन लगी है
तेरे नाम की दिल में, ज्योति जली है
पल पल पुकारूँ बाबा, जय श्री श्याम
Shrijirasik
आया है नया साल सांवरे खाटू बुला ले रे
मेरी किस्मत का कैलेंडर बाबा तू ही बना के दे
होंगे बारह महीने तो लोगा के कैलेंडर में
मैं हू तेरा भक्त सांवरा अलग कैलेंडर दे
महीना तो चाहे एक दे पर कृपा से भर के दे
लाइन बड़ी है लम्बी बाबा तेरे खाटू में
भक्ता के दुख दर्द मिटे तेरे दर पे आके रे
सब भक्ता के ऊपर बाबा झाड़ो फेर दे
मेरे किस्मत के कैलेंडर में तेरी सेवा लिख दे रे
छुट्टी तो मने चाहिए कोनी तेरे दर से
बाप तो मेरा बनजा बाबा बेटा बना ले रे
भूषण की किस्मत का बाबा तू ही सहारा रे
मेरी औकात सांवरा तेरी माया रे
जाने जे दुनिया सारी बाबा तेरे बेटे ने...
Shrijirasik
सुनियो रे सुनियो सांवरिया सरकारसरकार जी
ओ म्हारा श्याम धनी जी म्हारा श्याम धनी
जद जद म्हारो मनडो होवे उदास जी ...उदास जी
थाने देख रे मन में हर्ष अपार
ओ म्हारा श्याम धनी
जद जद चालू भटकयोडो म एकलो जी म तो एकलो
आगे पीछे चाले बाबो श्याम श्याम जी
जद जद म्हापे आवे विपदा हजार जी रे हजार जी
थारे नाम से छूमंतर हो जाय जाय जी
म्हारे जीवन को आभूषण श्याम जी रे बाबो श्याम
थारे टाबरिया पे रखजो हाथ हाथ जी
ओ म्हारा श्याम धनी जी म्हारा श्याम धनी
Shrijirasik
गया जब मै खाटू सब हार कर
गले से लगाया बाबा पुचकार कर
जहां में अकेला सा जब हो गया था
जो नहीं होना था वो सब हो गया था
तेरे दर पे आया बाबा–2 थक हार कर
गया जब मै खाटू सब हार कर
चौखट तुम्हारी बाबा जबसे मिली है
जीवन की बगिया मेरी तबसे खिली है
नजरे कृपा की कर दी–2 परिवार पर
गया जब मै खाटू सब हार कर
सेवा में तेरी मैं हरदम रहूंगा
कृपा की जो तूने वो सबसे कहूंगा
दास कन्हैया को–2 स्वीकार कर
गया जब मै खाटू सब हार कर
गले से लगाया-2 पुचकार कर
Shrijirasik
नज़रे मिला के मुझसे,
ऐ श्याम मुस्कुरा दो,
गलती अगर हुई तो,
दिल से उसे भुला दो,
नज़रे मिला के मुझसे।
किस बात पे ख़फा हो,
नाराज़ लग रहे हो,
लगते हो जैसे हर दम,
ना आज लग रहे हो,
खोए खोए से मेरे,
खोये खोये से मेरे,
सरताज़ लग रहे हो,
तुमको रिझाऊं कैसे,
इतना मुझे बता दो,
नज़रे मिला के मुझसे।
पुतला हूँ गलतियों का,
इंसान हूँ कन्हैयाँ,
तुमसे छुपा नहीं हूँ,
परेशान हूँ कन्हैया,
कर दो क्षमा दयालु,
कर दो क्षमा दयालू,
नादान हूँ कन्हैया,
दिनों के नाथ मेरी,
परेशानियां मिटा दो,
नज़रे मिला के मुझसे।
बालक मै तुम पिता हो,
रिश्ता ना छूट सकता,
बातो में यू हि दिल का,
बंधन ना टूट सकता,
बिन्नू कहे कन्हैया,
मुझसे ना रूठ सकता,
गालों पे प्यार से दो,
थपकी मेरे लगा दो,
नज़रे मिला के मुझसे
Shrijirasik
कर लिया जिसने भरोसा वो नहीं पछतायेगा
जब पुकारे श्याम को वो सामने ही पायेगा
मीरा ने करके भरोसा ज़हर प्याला पी लिया
प्रेणा की प्रभु ने विष को अमृत कर दिया
लाख हो दुश्मन ज़माना फिर भी वो बच जाएगा
जब पुकारे श्याम को वो सामने ही पायेगा
है बड़ी शक्ति प्रभु के नाम और विश्वास में
रोज रहे वो बुखारी राम जी की आस में
प्रेम के वस् होक झूठे बेर वो खा जायेगा
जब पुकारे श्याम को वो सामने ही पायेगा
नाम की महिमा बड़ी तू रोज जप कर देखले
आये गए ऐसा मजा के मस्तिया फीकी लगे
तेरे हर रूहे में प्यार श्याम ही छा जायेगा
जब पुकारे श्याम को वो सामने ही पायेगा
आलू सिंह कज लाज जग की नाचता दरबार में
जुड़ गया था तार उनका सँवारे सरकार से
जब तलक है चाँद तारे यश ज़माना गाये गा
जब पुकारे श्याम को वो सामने ही पायेगा
Shrijirasik
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
जिन नजरो को बाबा इक आंख न भाता था,
करते थे सभी पर्दा जब मैं दिख जाता था,
अब वो ही गले लग कर अपना पन दिखाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
सब ने हस्ता देखा मेरे गाव नहीं देखे,
उचाई दिखी सब को मेरे पाँव नहीं देखे,
उस मंजिल को पाने में शाले पड़ जाते है,
जब कोई नहीं आता मेरे श्याम ही आते है,
रोती हुई आँखों को मेरे श्याम हसाते है,
Shrijirasik
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
मेरा कुछ भी नही है मै तो श्याम के भरोसे पलता हु
भूल के सारी दुनियादारी श्याम का दामन थामा है
देखके इनकी रहमत भारी खुद को सुदामा माना है
श्याम चरण में स्वर्ग सा सुख है ये सच मैंने जाना है
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
ना घबराए दिल मेरा अब श्याम जो मेरे सागे है
संकट आए जब जब मुझ पर चलता आगे आगे है
श्याम के दर पर आके देखो सोई किस्मत जग जावे
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
सांसे तो बस एक वेहम है श्याम के नाम से जीता हु
प्यास लगे जब थोरी थोरी श्याम की मस्ती पीता हु
कृष्ण ये बोले अपना हर पल श्याम भरोसे जीता हु
दुनिया चलती पेरो पर मै श्याम भरोसे चलता हु
मेरा कुछ भी नही है मै तो श्याम के भरोसे पलता हु
Shrijirasik
श्याम नज़रें देख लो
अब खोल के
चरणों में रखा कलेजा
खोल के
श्याम नजरे देख लो
तर्ज- दिल के अरमा ।
दिल दिया छोटा सा
तुमने साँवरे
उससे ज्यादा सह चुका हूँ
घाव रे
हर कोई चल देता
इसको तोड़ के
चरणों में रखा कलेजा
खोल के
श्याम नजरे देख लो
अब खोल के
दर्द बहता अखियों के
जरिये मेरा
ये खजाना कीमती
सबसे मेरा
मोल इसका लग सके
ना तोल के
चरणों में रखा कलेजा
खोल के
श्याम नजरे देख लो
अब खोल के
पिघलो भगवन तुम
दया दृष्टि करो
अब ‘कमल’ के श्याम
तुम दुखड़े हरो
बैठना मुंह को प्रभुजी
मोड़ के
चरणों में रखा कलेजा
खोल के
श्याम नजरे देख लो
अब खोल के
श्याम नज़रें देख लो
अब खोल के
चरणों में रखा कलेजा
खोल के
श्याम नजरे देख लो
अब खोल के
Shrijirasik
तर्ज - देना हो तो दीजिये जनम जनम का साथ
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
चाहे जितनी मुसीबत आये - २
वो देगा मेरा साथ ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
सुना हैं मेने इसके दर पे सबकी किस्मत बनती हैं - २
इसके पास हैं ऐसी चाबी जिससे किस्मत खुलती हैं - २
मेरी किस्मत का भी ताला - २
खोलेगा वो आज ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
सोप दिया मेने हाथ ये अपना , सांवरे के हाथ में - २
हाथ पकड़कर चल दिया में , सांवरे के साथ में - २
अब चाहे जो हो जाये - २
ना छोड़ू उसका हाथ ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
जब से देखा सांवरे को , दिल में बसी हैं याद - २
उसने लगायी ऐसे मोहर , जिसकी मिटे ना छाप - २
चाहे मिट जाये ये जीवन - २
ना मिटेगी उसकी याद ,
साथी मेरा सांवरा तो डरने की क्या बात - २
Shrijirasik
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ।
अब तो कृपा कर दीजिए,
जनम जनम का साथ ।
मेरे सर पर रख बनवारी,
अपने दोनों यह हाथ ॥
देने वाले श्याम प्रभु से,
धन और दौलत क्या मांगे ।
श्याम प्रभु से मांगे तो फिर,
नाम और इज्ज़त क्या मांगे ।
मेरे जीवन में अब कर दे,
तू कृपा की बरसात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
श्याम तेरे चरणों की धूलि,
धन दौलत से महंगी है ।
एक नज़र कृपा की बाबा,
नाम इज्ज़त से महंगी है ।
मेरे दिल की तम्मना यही है,
करूँ सेवा तेरी दिन रात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
झुलस रहें है गम की धुप में,
प्यार की छईया कर दे तू ।
बिन माझी के नाव चले ना,
अब पतवार पकड़ ले तू ।
मेरा रास्ता रौशन कर दे,
छायी अन्धिआरी रात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
सुना है हमने शरणागत को,
अपने गले लगाते हो ।
ऐसा हमने क्या माँगा जो,
देने से घबराते हो ।
चाहे जैसे रख बनवारी,
बस होती रहे मुलाक़ात ॥
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ ॥
Shrijirasik
भजन : भक्ति का जब वो सावन होगा
भक्ती का जब वो सावन होगा ।
तब तेरा तन-मन पावन होगा ।।
भक्ती करने में ही तेरा जीवन होगा ।।
तब तेरा....
जग के माया-मोह सब,
तुझको खूब फँसायेंगे ।
इनसे नहीं बचोगे तो ये,
अन्त में खूब रुलायेंगे ।।
माया से हटकर जीवन होगा।।
तब तेरा....
धन के फेरे में न पड़कर,
धर्म को खूब कमाओगे ।
जग के अच्छे कर्मों को कर,
भव से तुम तर जाओगे ।।
प्रभु का भजन मनभावन होगा।।
तब तेरा....
सदाचार को अपनाकरके,
जीवन धन्य बनाओगे ।
तभी कान्त निश्चित ईश्वर को,
एक दिन तुम पा जाओगे ।।
जब तेरे बस में, ये मन होगा ।।
तब तेरा....
Shrijirasik
उस पर रंग फिर कोई दूजा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे,
जिसको सर पे है तूने चढ़ाया,
किस की ओकात उसको गिरा दे,
उस पर रंग फिर दूसरा ना चढ़ता,
जिस पे तू रंग अपना चढ़ा दे।
कर ले तूफान कितनी भी कोशिश,
रास्ता रोक सकता नहीं है,
धोखा देकर दुश्मन ने ख़ंजर,
पीठ पर भौंक सकता नहीं है,
मौत की भी नहीं इतनी हिम्मत,
वक़्त से पहले उसको मिटा दे।
रंग खुशियों के सारे वहाँ पर,
साँवरा है हमारा जहाँ पर,
प्रेम की बगिया महकेगी हरपल,
मेरा प्रीतम है बैठा जहाँ पर,
इसके आँचल में जो तू रौशन,
नहीं जरूरत हवा में बुझा दे।
छल कपट से वो रखता है दूरी,
प्रेम की भाषा ये जानता है,
प्रेम करता ये जिन प्रेमियों से,
उन सभी को ये पहचानता है,
उसको कर दे दीवाना साँवरिया,
एक झलक सांवरी जो दिखा दे।
प्यारे मैं जानता हूँ ये बेहतर,
जब छलकती तेरी प्रेम पायल,
प्रीत में तेरी होकर के घायल,
झूमता नाचता है ये पागल,
डर निकल जाता है दिल से सारा,
बेधड़क श्याम जिनको बना दे।
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