॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Insaf Ka Dar H Tera Ye Hi Soch Ke Aata Hu
Krishna - Peaceful Bhav
Artist: Shrijirasik
इंसाफ का दर है तेरा येही सोच के आता हु,
हर वार तेरे दर से खाली ही जाता हु,
आवाज लगाता हु क्यों जवाब नहीं मिलता,
दानी हो सबसे बड़े मुझको तो नहीं लगता,
शायद किस्मत में नहीं दिल को समजता हु,
इंसाफ का दर है तेरा......
जज्बात दिलो के प्रभु धीरे से सुनाता हु,
देखे न कही कोई हालत छुपाता हु,
सब हस्ते है मुझ पर मैं आंसू बहाता हु,
इंसाफ का दर है तेरा......
देने को सताने का अंदाज़ पुराना है,
देरी से आने का बस एक बहाना है,
खाली जाने से प्रभु दिल में शर्माता हु,
इंसाफ का दर है तेरा.....
हैरान हु प्रभु तुम में दुखियो को लौटाया है,
फिर किस के लिए तुमने दरबार लगाया है,
वनवारी महिमा तेरी कुछ समज न पाता हु
इंसाफ का दर है तेरा......
✨
Related Bhajans
Discover more devotional songs