॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Chala Vahi Desh
चालाँ वाही देस
Meera Bai Ji
Kavi: Meera Bai Ji
चालाँ वाही देस प्रीतम पावाँ चलाँ वाही देस।
कहो तो कुसुमल साड़ी रंगावाँ, कहो तो भगवा भेस॥
कहो तो मोतियन माँग भरावाँ, कहो छिरकावाँ केस।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, सुण गयो बिड़द नरेस॥
चलो सखी! उसी देस को चलो जहाँ प्रीतम मिलेंगे। कहो तो कुसुंबल साड़ी रँगा लूँ। कहो तो भगवा भेष पहन लूँ। कहो तो अपनी माँग मोतियों से भरवा लूँ, कहो तो बाल बिखेर लूँ। मीरा के प्रभु गिरधर नागर हैं। यह बात महाराज को सुना दी गई है।
✨
Related Bhajans
Discover more devotional songs