॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Mero Toh Girdhar Gopal Dusro Na Koi
मेरो तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई
Meera Bai Ji
Kavi: Meera Bai Ji
मेरो तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई ।
जाके सिर मोर-मुकुट, मेरो पति सोई ॥
तात-मात-भ्रात-बंधु, आपनो न कोई ।
छाँड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई ॥
संतन ढिग बैठि-बैठि, लोक-लाज खोई ।
अब तो बात फैल गई, जाणत सब कोई ॥
अंसुवन जल सींचि-सींचि, प्रेम-बेलि बोई ।
मीरा के प्रभु गिरधर नागर, जो होणी सो होई ॥
✨
Related Bhajans
Discover more devotional songs