॥ राधाभावविहीनो यः स भक्तो न कथञ्चन ॥
Maa Durga - Shrungar Bhav
माँ दुर्गा - शृंगार भाव
Bhajans (5)
Mati ki durga banaiyo
bhajanमाटी की दुर्गा बनईयो
माटी, की दुर्गा, बनईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ॥
खूबई, सजईयो भईया, खूबई सजईयो ॥
माटी, की दुर्गा, बनईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ॥
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो...
सुंदर, सा इक्क, सिंह बनईयो ।
उस, पे दुर्गा, मईया बैठईयो ॥
सुंदर सा, आसन बनाीयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...
सर, पे मुकुट, गले मोतियन माला ।
चक्र, गदा, त्रिशूल, खड्ग निराला ॥
हाथ में, तुम, पकड़ईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...
नैनन, कज़रा, केशन गज़रा ।
कर, दीजो, श्रंगार ये सगरा ॥
माथे पे, बिंदिया, लगईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...
लाल, लाल चूड़ी, लाल लाल चुनरी ।
नाक, नथुनिया, कमर कर धनियां ॥
पाँव, पैज़निया, पहनईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो...
नव, रात्रों में, सजेगी झांकी ।
सुंदर, सुंदर, लागे ये झांकी ॥
सब, मिलके, जगराता करईयो,
कुम्हार, भईया, खूबई सजईयो ।
माटी, की दुर्गा, बनईयो..
Meri Maat Shitla Maharani
bhajanShrijirasik
तेरा गुड़गांव में धाम
हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।
माँ के गले मै हरवा साज रहा ।
तेरी नधनी करे कमाल, हो कमाल !
मेरी मात शीतला महारानी ।
तेरा गुड़गांव में धाम
हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।
माँ के हाथों मे चुड़ियां साज रही ।
तेरी मेंहदी करे कमाल, हो कमाल!
मेरी मात शीतला महारानी ।
तेरा गुड़गांव में धाम
हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।
माँ अंग मै साड़ी साज रही ।
माँ की चुनरी करै कमाल, हो कमाल!
मेरी मात शीतला महारानी ।
तेरा गुड़गांव में धाम
हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।
माँ के पैरों मे पायल साज रही ।
माँ के बिछुए (महावर)करै कमाल, हो कमाल!
मेरी मात शीतला महारानी ।
तेरा गुड़गांव में धाम
हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।
माँ के भोग मे हलवा साज रहा ।
माँ के छोले करें कमाल, हो कमाल !
मेरी मात शीतला महारानी ।
तेरा गुड़गांव में धाम
हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।
माँ के भवन मे ज्योत विराज रही ।
माँ के दर्शन करै कमाल, हो कमाल !
मेरी मात शीतला महारानी ।
तेरा गुड़गांव में धाम
हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।
Chunni Maai Di
bhajanShrijirasik
रंग दे ललारीया रंग दे ओ-2
रंग दे लुलारीया लाल चुनरी माई दी,
चुन्नी मां दे गल जा पाऊनी जिसदी महिमा गाई दो,
रंग दे लुलारीया लाल चुनरी माई दी।
लाल मन्दिर विच डेरा लाया, लाल ही चौला मां ने पाया,
लालां दी गल पाके माला, सुन्दर माँ ने भवन सजाया,
लाल ही ज्योती जग-मग जगदी, सब दे मन नू भाई दी,
रंग दे लुलारीया लाल चुनरी माई दी।
लाल हत्थां ते रंगली मैहंदी, लालां दे दुखड़े मां संहदी,
लाल ही टीका मसत बिराजे, लाल ही चूड़ा बाहीं पांऊदी,
लाल ही माला गल विच पाई, शेरा वाली माई दी,
रंग दे लुलारीया लाल चुनरी माई दी।
लाल ही चौले भगतां पाये, लाल ही परने बन-बन आये,
लाल ही मत्थे तिलक लगाये, लाल ही अट्टे गल विच पाये,
लाल ही झण्डे लै के आये, रल-मिल रौनक लाई दी,
रंग दे लुलारीया लाल चुनरी माई दी।
लाल ही रंग विच चुन्नी रंगदे, सागर मां तो खैरां मंगदै,
लाल फूलां दी फुलवाड़ी विच, भोली मां दे दर्शन करदे,
लाल तेरे सत-पापी वरगे, रज-रज मीहमा गाई दी,
रंग दे लुलारीया लाल चुनरी माई दी।
Sohane Lagde Ne Phoola Bale Haar Ni Maye
bhajanShrijirasik
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार नी माँएँ॥
ऐहै, फुल्लाँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, गल नाल ला लिया॥
ऐहै, हाराँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
एस, चुनरी ने, करम, कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, सिर ते सजा लिया॥
एस, चुनरी दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
सूहे, चोले ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, अंग लगा लिया॥
सूहे, चोले दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
ऐhnाँ, बिंदियाँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, मथे ते सजा लिया॥
ऐhnाँ, बिंदियाँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
ऐhnाँ, संगताँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, भवन बुला लिया॥
ऐhnाँ, संगताँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
पीले, शेर ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, सवारी बना लिया॥
एस, शेर दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
Meri Maiya Diya Lal Chunniya
bhajanShrijirasik
मेरी माई दीयां लाल चुन्नियां
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां,
उत्ते, लग्गिया, सुनहरी गोटा ॥
मां दे, मंदिरां ते, रंग बरसे,
आ जाओ, रहमतां दा, भर लो लोटा ॥
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां...
सच्चे सुच्चे, मनो आज, जोत जगा लवो ।
मन चित्त, आज मां दे, चरणां नाल ला लवो ॥
सच्ची, श्रद्धा नूं, फल लग्गणे,
नहियों, तरना जो, दिलों होया खोटा...
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां...
हर साल, लग्गे चिंता, पुरणी दा मेला ।
सावण दा, महीना आवे, खुशियां दा वेला ॥
सारे, हस्स के, चढ़ाइयां चढ़दे,
भावें, होवे पतला जां, कोई मोटा...
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां...
हुण्दा ऐ, नितारा एथे, हक अते सच्च दा ।
बोलिया, जैकारा रत्ता, मूह नहियों थक्दा ॥
तर, जांदे, मढ़ारां दर ते,
बण, जांदा ऐ, कलियां तो जोटा...
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां...
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