॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Khatu Shyam - Rudan Bhav
खाटू श्याम - रुदन भाव
Bhajans (10)
Baithe Unche Sihasan Dekho Na Meri Or
bhajanShrijirasik
तरज - सावन का महीना
बैठे ऊंचे सिंहासन देखो ना मेरी ओर
कर लेना तू बाबा मेरी बातों पर ये गोर
उंगली पकड़ के तूने चलना सिखाया
गिरने से तुमने बाबा मुझको बचाया
तेरे हाथ में बाबा इस पतंग की है ये डोर
कर लेना तू बाबा मेरी बातों पर ये गोर
सच में पुकारा तुमको किया ना बहाना
देर ना लगाना बाबा जल्दी से आना
तू है मेरा चंदा और मैं तेरा चकोर
कर लेना तू बाबा मेरी बातों पर ये गोर
बात सच्ची है बाबा झूठी ना बताओ
प्रेम किया है तुमसे अब तों निभाओ
लकी विनती प्यारे मत होना तू बोर
कर लेना तू बाबा मेरी बातों पर ये गोर
Sanchi Sanchi Kah De Kanaha Mai Tharo Kon Lagu
bhajanShrijirasik
तर्ज – थारे वास्ते रे ढोला थारे वास्ते
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कोण लागे,
तू मेरो कोण लागे.......
गिर जाऊं पकड़ उठावे,
भटकूँ तो राह दिखावे,
घबराऊ दौड्यो आवे,
हिवड़े ने धीर बंधावे,
दोड़्यो आवे, भाग्यो आवे,
काम बणावे, पर नजर ना आवे,
पीछे पीछे चलूँ तू तो,
चले आगे आगे रे मेरे,
चले आगे, तू मेरो कोण लागे......
अटक्योड़ा काम बणावे,
खर्चो यो कोण चलावे,
मैं तो गानो नही जाणु,
किरपा है तेरी तू गवावे,
तू ही जाणे तेरी माया,
तन्ने वेद समझ नही पावे,
में क्या जाणु तू ही जाणे,
सुत्या भाग जागे रे म्हारा,
भाग जागे, तू मेरो कोण लागे......
रक्षा करे हरदम तू मेरी,
छोडूंगी ना चोखट तेरी,
सेवा तेरी करती रहु में,
अभिलाषा है ये श्याम मेरी,
उमा लहरी शरण तुम्हारी,
पत राखो हे कृष्ण मुरारी,
साँवरा सलोना मेरा तू,
रहियो सागे सागे मेरे,
रहियो सागे, तू मेरो कोण लागे.........
सांची सांची कह दे रे बाबा,
सांची सांची कह दे रे कान्हा,
कोण लागु मै तेरी कोण लागू,
तू मेरो कौन लागे,
तू मेरो कोण लागे......
Koi Shyam Sa Nhi Dekha
bhajanShrijirasik
वक्त की आंधी से,पत्थर भी पिघल जाते हैं
कह-कह फ़िर से,अश्कों में बिख़र जाते हैं
कौंन याद करता है,दुनिया में किसी को
वक्त के साथ साथ,हालात बदल जाते हैं
वक्त इन्सांन का,सम्मान करा देता है
वक्त इन्सांन का,अपम्मान करा देता है
वक्त पड़ने पर आया है समझ में मेरी
वक्त इन्सांन की पहचान करा देता है
कोई श्याम सा नहीं देखा,जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
ध्यान में योगियों के आता नहीं,
संग भगतों के नाचता देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
किस तरह द्रोपदी नगंन होती,
श्याम साड़ी में ही छिपा देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
कदंम-कदंम पे बचाता है अपनें भगतों को,
ऐसा परमात्मा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
मैं आया हूं अब तेरे दर पे,
जब कोई आसरा नहीं देखा
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा,
जो भी देखा वो बैवफा देखा
कोई श्याम सा नहीं देखा
कोई श्याम...
Meri Aai Na Tujhe Yad Bhul Kya Kar Di Sanwariya
bhajanShrijirasik
मेरी आई ना तुझे याद, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी बिगड़ी बाबा बनादे
मनमोहन दरश दिखा दे
मेरी नैया पार लगा दे
मैने किया कौन अपराध, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
सब भक्तों का रखवाला
करो जीवन मे उजियाला
मुझे चरनों साथ लगाला
करो कष्टों से आजाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
दर आई है दुखिया नारी
करो कृपा मोहन मुरारी
विपताऐ मुझ पे भारी
हुई सब तरियां बरबाद, भूल क्या कर दी सांवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी सांवरिया
मेरी बाबा लाज बचाना
जसपाल जनाल से आना
सारे संकट दुर भगाना
सुनो सेवक की फरियाद, भूल क्या कर दी साँवरिया
मेरी आई ना तुझे याद, भुल क्या कर दी साँवरिया
Pariksha Kab Tak Loge Nath
bhajanShrijirasik
अंधियारे में कहो कौन थामेगा मेरा हाथ।
बहुत हो चुका और परीक्षा कब तक लोगे नाथ।
चलता हूं तो कांटों पर ही चलना पड़ता है।
हर पल हर दम अंगारों में जलना पड़ता है।
रोज मुसीबत नया रूप धरकर आ जाती है,
रोज नए सांचे में मुझको ढलना पड़ता है।
बोलो कब तक ऐसे ही सहने होंगे आघात।
बहुत हो चुका और परीक्षा कब तक लोगे नाथ।
सच के पथ पर चला हमेशा तेरा ध्यान लगाया।
पर लगता है जैसे तूने मुझको कहीं भुलाया।
तेरी शरण छोड़कर बाबा बता कहां मैं जाऊं?
दुख का बादल मेरे सिर पर क्यों इतना गहराया।
कब तक और भटकना होगा मुझको दिन और रात
बहुत हो चुका और परीक्षा कब तक लोगे नाथ।
सहते-सहते संकट अब तो टूट चुकी है आस।
करुणा कर दो करुणासागर हार चुका है दास।
भक्त अगर मुश्किल में हो तो आते है भगवान,
तुम न सुनोगे तो बतलाओ कौन सुने अरदास।
तुमसे कहां छुपे हैं बाबा मेरे ये हालात।
बहुत हो चुका और परीक्षा कब तक लोगे नाथ।
Teen Ban Ke Dhari Teeno Ban Chalao Na
bhajanShrijirasik
अंधेरो की नगरी से, कैसे मैं पार जाऊं,
श्याम अब लेने आजा, हौसला हार ना जाऊं,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना,
हारे के सहारे मेरे हारे के सहारे,
हारे के सहारे, मेरी हार हराओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
तूफानों ने घेर लिया, मुझे राह नजर ना आवे,
तुम बिन कौन मेरा जो, मेरी बांह पकड़ ले जावे,
भटक रहा राहों में बाबा, पार लगाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
किसको रिश्ते गिनवाऊँ, किसे जात बताऊँ मैं,
क्या क्या जख्म दिए जग ने, किसे घात दिखाऊं मैं,
बिन कुछ पूछे श्याम हमारा, कष्ट मिटाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
अनजानी नगरी में, सब अनजाने लगते है,
हम तो तेरी याद में, रो रो रातें जगते है,
बहता इन आँखों से बाबा, नीर थमाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
कृष्ण को जिसने दान दिया, उस दानी के आगे,
हमने सुना तेरा नाम लिए से, संकट सब भागे,
‘छोटू’ की विपदा को बाबा, आग लगाओ ना,
तीन बाण के धारी, तीनो बाण चलाओ ना,
मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना।।
Tera Shyam Kahan Hai
bhajanShrijirasik
बदले हुए से क्यों लग रहे हो
श्याम पराये से क्यों लग रहे हो
पहले दरबार आता देखकर तुम मुस्काते
सामने अब आया जो देख नजरे चुराते
कुछ तो बोलो क्यूँ बदले हो इतना बता दो श्याम
इतना बता दो श्याम
रोते हुए मैं जाता दर से श्याम ये कैसे देख रहे हो।
सोचा था बाबा आकर देगा मुझको सहारा
बताओ सांवरिया क्यू किया मुझसे किनारा
लुट रही है लाज ये मेरी तेरे होते श्याम
हा तेरे होते श्याम
गैरों को जैसे तुम भी बाबा बैठे बैठे हंसने लगे हो।
पहले क्यू प्रीत लगाकर प्रेम तुमने बढ़ाया
बुलाकर दर पे मुझको काहे मुखड़ा घुमाया
मांगने कुछ ना आता तुमसे आता मिलने श्याम
मैं आता मिलने श्याम
देख यूँ मुझको सामने अपने श्याम पसीना बहाने लगे हो।
ये दुनिया मुझसे पूछे कि तेरा श्याम कहा है
मैं छाती ठोक के कहता कि मेरा श्याम यहाँ है
रंग बदलती दुनिया में क्या तुम बदलोगे श्याम
क्या तुम बदलोगे श्याम
कृष्णा तुम्हीं तो अपने सनी का जन्मों से साथ निभाते रहे हो।
Daya Thodi Si Kar Do Na
bhajanShrijirasik
दया थोड़ी सी कर दो न मेरे दामन को भर दो ना
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
ओ श्याम मेरे श्याम ...
प्रभु मुझ पे कृपा कर दे तू तो ममता की मूरत है
मैं प्यासा हूँ तू सागर है मुझे तेरी ज़रूरत है
दया की बून बरसाओ मुझे ना और तरसाओ
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ
तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ...
सभी का बन गया मैं पर कोई मेरा न बन पाया
बड़ी ही आस लेकर के तुम्हारे दर पे मैं आया
तुम्ही तो हो मेरी हिम्मत तेरे बिन क्या मेरी कीमत
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ...
मेरे हालात पे माधव हर कोई तंज कसता है
तड़पता देख कर मुझको ज़मान खूब हँसता है
ये दुनिया लाज की दुश्मन दुखाती है ये मेरा मन
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ...
दुखों की रात है तो क्या सुख का सूरज भी निकलेगा
देख कर के मेरे आंसू श्याम तेरा दिल पिघलेगा
हलक पे जान है मेरी दया का दान दे दे रे
लाल मैं भी तुम्हारा हूँ तो फिर क्यों बेसहारा हूँ
दया थोड़ी सी कर दो न ...
ओ श्याम मेरे श्याम ...
Dar Dar Se Baba Maine Thokar Ye Khai Hai
bhajanShrijirasik
( तर्ज - हंसता जमाना मुझ पे )
दर-दर से बाबा मैंने ठोकर ये खाई है
चौखट पर आ कर मेरी आंख भर आई है
पुकारा है मैंने तुमको जमाने के समाने
तुम भी अपना को मुझे दास तेरा जानके
बालक पे तेरे बाबा विपदा ये आई है
चौखट पर आकर मेरी आंख भर आई है
रुसवाइ तेरी बाबा क्या दिन दिखाएगी
प्रेमियों की एक दिन जान लेकर जाएंगी
लक्की पे तेरी श्याम नजर अब आई है
चौखट पर आ कर मेरी आंख भर आई है
Jab Baba Baitha Hai Kya Chinta Hai Pyare
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तर्ज: ए मेरे दिल ए नादान...
जब बाबा बैठा है, क्या चिंता है प्यारे
हारा है तू लेकिन, मेरे श्याम नही हारे
माना तेरे सर पर तो, दुखो का समंदर है
घनघोर अंधेरा है, पग पग पे बवंडर है
ये मोरछड़ी ले कर, हर संकट को टारे
जब बाबा बैठा है...
रिश्ता तू बना इनसे, रिश्ता ना ये तोड़ेंगे
सारी दुनिया भले छोड़े, तुझे श्याम ना छोडेंगे
अपने प्रेमी को श्याम, कभी ठोकर ना मारे
जब बाबा बैठा है...
तुझसे भी हारे का, बने श्याम सहारा है
तू तो अभी डूबा नही, डूबे को भी तारा है
क्या चिंता है गोपाल, करते वारे न्यारे
जब बाबा बैठा है...
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