॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Radhe - Holi ke Rashiya Bhav
राधे - होली के रसिया भाव
Bhajans (15)
O sanvare Rang Aise Na Daro
bhajanShrijirasik
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों।
ऐसे ना डारो रंग ऐसे ना डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
जो रंग मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
शीश पे डारों मेरे शीश पे डारों।
चुनरी की छोर बचा कर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों …..
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मारों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
जो रंग मेरे मुखड़ा पे मांरों।
मेरी बिंदिया की चमक बचाकर के डारों।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
जो रंग मेरे नैनन पे मांरों।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
मेरे कजरे की रेख बचाकर के मारो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
जो रंग मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
हाथन पे डालो मेरे हाथन पे डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
मेरी मेहंदी की लाली बचा करके डालो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों….
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
चित्र विचित्र कहे कर जोरी।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
रंग डालो तो फिर मुझे अपना बना लो।
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
ओ सांवरे रंग ऐसे ना डारों…
Barsane Mai Holi Khelu Radha Badi Pyari Hai
bhajanShrijirasik
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
ये केहता कृष्ण मुरारी है,
राधा संग सखियाँ सारी है होली में उड़े रंग भारी है,
कोई गोई कोई काली है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
बीगी अंगियां बीगी साडी मारेगा न जब पिचकारी,
होरी मदन म्न्वारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
रंग अबीर गुलाल उडावे श्यामा सब को मस्त बनावे,
नागर भी बलहारी है ये कहता कृष्ण मुरारी है,
राधा वहा बड़ी न्यारी है,
बरसाने में होली खेलु राधा बड़ी प्यारी है,
Aaj Karle Naina Char Brij Mai Holi Hai Shri Radhe
bhajanShrijirasik
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले……
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मैंने हाथ लई पिचकारी है श्री राधे,
मेरी पूरी त्यारी है साँवरिया,
करू रंगों....
करू रंगों की बौछार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे.....
मेरे लठ हाथ में भारी है साँवरिया,
तू पतली सी एक नारी है श्री राधे,
तो पे बहुत....
तो पे बहुत पड़ेगी मार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया.....
आगे आजा दीवानी तू श्री राधे,
ना कर इतनी मनमानी तू साँवरिया,
काहे इतनी....
काहे इतनी करे तकरार बृज में होली है श्री राधे,
आज करले नैना चार बृज होली है श्री राधे......
कहे भूलन कैसा मेल बना साँवरिया,
होली का अदभुत खेल बना श्री राधे,
है सबसे....
है सबसे ऊँचा प्यार बृज में होली है साँवरिया,
होली खेले लठमार बृज में होली है साँवरिया,
होली है साँवरिया बृज में होली है साँवरिया,
आज करले नैना चार बृज में होली है श्री राधे.....
Mai To Holi Khelan Aaungi
bhajanShrijirasik
ओ म्हने फागण महीने बृज में, बुला ले नी म्हारा सांवरिया,
बुला ले नी म्हारा सांवरिया ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो मथुरा आऊंगी,
ओ म्हने मथुरा में होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोकुल आऊंगी ,
म्हने ग्वाला संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो वृन्दावन आऊंगी,
ओ म्हने थारा संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
होली खेलन मैं तो बरसाना आऊंगी,
ओ म्हने राधा संग होली, खिलाजे नी म्हारा सांवरिया ,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
होली खेलन मैं तो गोवर्धन आऊंगी ,
ओ म्हने गिरधर संग होली , खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
खिलाजे नी म्हारा सांवरिया,
मैं तो होली खेलन आऊंगी ,
मैं तो होली खेलन आऊंगी,
Holi Khelan Ko Maine Radha Ko Kiya Phone
bhajanShrijirasik
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
राधा तू न खेलेगी तो खेलेगा कौन,
होली राधा बार बार न आये तेरे बिना कोई रंग भी न भाये,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिगोई मेरी चोली श्याम तू भर पिचकारी,
रंगो में रंग देगा सूरत मेरी करदे काली,
अब की बारी न खेलु मैं काट रही फोन,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिन रंगो के राधा कैसे मनेगी होली,
तेरे बिन मजा ना आये बरसाने की छोरी,
पूरी बात तो सुन ले क्यों काट रही फ़ोन
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
श्याम का पहुंचे बरसाने ले कर ग्वालोको संग,
सरे मिल खेले होली होली हे मिल गई रंग में रंग,
फूलो की वर्षा भी लागि हों
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन लल
Dhaf Baje Kunwer Kishori Ke
bhajanShrijirasik
ढफ बाजे कुंवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
कैसी ये संग सखी रंग भीनी,
सखी रंग भीनी,
छैल छबीली गोरी के,
छैल छबीली गोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
हो हो कही मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
मोहन मन मोहत,
प्रीतम के चितचोरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
वृंदावन हित रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
रूप स्वामिनी,
कर ढफ बाजत होरी के,
ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे,
हम्बे ढफ बाजे,
हांजी ढफ बाजे,
ढफ बाजे कुँवर किशोरी के,
ढफ बाजे।।
Mahina Aayo Fagun Ko
bhajanShrijirasik
होली खेलोंगो मैं राधा तेरे संग
महीना आया फागुन का ……
एक साल में आती है फागुन की रुत मस्तानी
हस के होली खेल मेरे संग आजा राधा रानी
मारू पिचकारी …….हो …..
मारू पिचकारी कर दांग और तोको तंग
महीना आया फागुन का ……
होली खेलोंगो मैं राधा तेरे संग
महीना आया फागुन का ……
बच के न जावेगी राधा
मैं तोको समझौ
जीवन भर न छूटे
टोपे ऐसो रंग लागू
होली खेलन की ..हो ……..
होली खेलन की मेरे संग में उमंग
महीना आया फागुन का ……
होली खेलोंगो मैं राधा तेरे संग
महीना आया फागुन का ……
कब से लग रही आशा राधे
होली खेलु तोसे
धीरे धीरे रंग डारुंगो
मत घबरावे मोसे ….
तेरे नाज़ुक है ….
तेरे नाज़ुक और कोमल है सारे अंग
महीना आया फागुन का ……
होली खेलोंगो मैं राधा तेरे संग
महीना आया फागुन का ……
होली पर्व प्यार का राधे
रंग गुलाल उद्धव
आयी ऋतू बसंत राधिके
प्रेम से फ़ाग मानावे ….
देखे हर इन्दर हो …..
देखे हर इन्दर अकेला न्यारे ढंग
महीना आया फागुन का ……
होली खेलोंगो मैं राधा तेरे संग
महीना आया फागुन का ……
मैं तो जी भर के डारुंगो तोपे रंग
महीना आया फागुन का ……
होली खेलोंगो मैं राधा तेरे संग
महीना आया फागुन का ……
Holi Khelan Shyam Ke Sang Chali Vrishbhanu Lali
bhajanShrijirasik
होली खेलन श्याम के संग,
चली वृषभान लाली,
रूप उजियारी , अति सुकुमारी,
गौरा बदन तन सुंदर साडी,
इंद्रधनुष के रंग से सजी,
चली वृषभान लाली,
होली खेलन श्याम के संग,
चली वृषभान लाली,
भर भर अबीर गुलाल की झोली,
चली खेलन वो कान्हा संग होली,
लिए सब सखियों को संग,
चली वृषभान लाली,
होली खेलन श्याम के संग,
चली वृषभान लाली,
बरषाने को बरसाने,
नन्द गावं में धूम मचाने,
तज लोक लाज का रंग,
चली वृषभान लाली,
होली खेलन श्याम के संग,
चली वृषभान लाली,
सुनकर गिरधर भी दौड़े आये,
देख राधिका को मुस्काये,
सावंरे के रंग में रंग गई ,
आज वृषभान लाली,
होली खेलन श्याम के संग,
चली वृषभान लाली,
Lagaye Rang Radha Pyari
bhajanShrijirasik
देखो झूम रही धरती झूम रहा गगन,
मेघा बरसाये बदरा होके मगन,
होली खेल रहे कृष्ण मुरारी लगाये रंग राधा प्यारी,
रंग रसिया रंग खेल रहे है हाथ में लेके कनक पिचकारी,
वृन्दावन की कुञ्ज गली में दौड़ रहे है कृष्ण मुरारी,
लीला रच रहे लीला धारी,लगाये रंग राधा प्यारी...
सतरंगी सी सजी फुलवाड़ी हर्शित हो रही दुनिया सारी,
स्वर्ग सा सूंदर लगे वृन्दावन भीग रहे है सब नर नारी,
किरपा बरसा रहे वनवारी लगाये रंग राधा प्यारी,
Barsane Ki Holi Mein Gulal Barse
bhajanShrijirasik
लड्डू बरसे रंगलाल बरसे,
बरसाने की होली में गुलाल बरसे......
होली खेलन को ब्रह्मा जी आए,
ब्रह्माणी की बिंदिया का रंग लाल चमके,
बरसाने की होली में गुलाल बरसे......
होली खेलन को विष्णु जी आए,
लक्ष्मी जी की माला का रंग लाल चमके,
बरसाने की होली में गुलाल बरसे.....
होली खेलन को भोले जी आए,
गोरा जी की मेहंदी का रंग लाल चमके,
बरसाने की होली में गुलाल बरसे.....
होली खेलन को रामा जी आए,
सीता जी की महावर का रंग लाल चमके,
बरसाने की होली में गुलाल बरसे.....
होली खेलन को ऋषि मुनि आए,
भक्तों की भक्ति का रंग लाल चमके,
बरसाने की होली में गुलाल बरसे......
Aa Shyama Tenu Holi Khidaiye
bhajanShrijirasik
आ श्यामा तैनूं होली खिडाईये।
होली खिडाईये, रंग तेरे ते पाईये।।
निकका जेहा श्याम तूं, साडी जिंदजान वे।
हर ब्रजबासी तैथों, जावे कुरबान वे।।
आ कालेया तैनूं, गोरा बनाईये आ श्यामा..
मखनां दा माही तूं, दिला दा चोर वे।
बंसी बजावें, रासां पावें, बन मोर वे।।
मोर रंगीला अज, तैनूं बनाईये आ श्यामा...
चोरी नां आवीं कान्हां, मां नूं दस्स आवीं वे।
रंग गुलाल पिचकारी, लैंदा आवीं वे।।
आ तैनूं गोपीयां दा काहन बनाईये आ श्यामा...
आखदा मधुप अज, कर्म कमादे वे।
थोड़ा जेहा रंग अज, साडे ते वी पा दे वे।।
ज़िंदगी भर तेरे, रंग रंग जाईये आ श्यामा...
Holi Khelan Ko Maine Radha Ko Kiya Phone
bhajanShrijirasik
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
राधा तू न खेलेगी तो खेलेगा कौन,
होली राधा बार बार न आये तेरे बिना कोई रंग भी न भाये,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिगोई मेरी चोली श्याम तू भर पिचकारी,
रंगो में रंग देगा सूरत मेरी करदे काली,
अब की बारी न खेलु मैं काट रही फोन,
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
बिन रंगो के राधा कैसे मनेगी होली,
तेरे बिन मजा ना आये ो बरसाने की छोरी,
पूरी बात तो सुन ले क्यों काट रही फ़ोन
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
श्याम का पहुंचे बरसाने ले कर ग्वालोको संग,
सरे मिल खेले होली होली हे मिल गई रंग में रंग,
फूलो की वर्षा भी लागि हों
होली खेलन को मैंने राधा को किया फ़ोन,
Barsane Me Aaj Holi Khele Nandlala
bhajanShrijirasik
बरसाने में आज
होली खेले नन्द लाला,
राधा संग कान्हा होली खेले ग्वाल बाल मस्ती में डोले,
रंग में रंगा है आज होली खेले नन्द लाला,
होली में रंगी सारी गुजरियां,
झूमे नाचे भई वन्वारियां,
खूब सजा है आज होली खेले नन्द लाला,
बरसाने की होली प्यारी कान्हा मारे भर पिच्कारी,
नागर बोले आज होली खेले नन्द लाला,
Shyam Se Shyama Boli Chalo Khelenge Holi
bhajanShrijirasik
श्याम से श्यामा बोली,
चलो खेलेंगे होली,
चलो खेलेंगे होली,
चलो खेलेंगे होली.....
कभी वृन्दावन खेले,
कभी गोकुल में खेले,
कभी मथुरा में खेले,
कभी बरसाने खेले,
रंगी नंदगाव की गलियां,
रंगी भानु की हवेली,
चलो खेलेंगे होली,
चलो खेलेंगे होली.....
कभी वो गुलाल उड़ाएं,
कभी मारे पिचकारी,
कभी रंग जाए राधा,
कभी रंग जाए बिहारी,
ये कैसा मस्त महीना,
है कैसी सुन्दर जोड़ी,
चलो खेलेंगे होली,
चलो खेलेंगे होली.....
बाग़ ये है अलबेला,
लगा कुंजन में मेला,
हर कोई नाचे गाए,
रहा ना कोई अकेला,
पराग के संग मिल बोलो,
हर बरस आए होली,
चलो खेलेंगे होली,
चलो खेलेंगे होली.....
Vrindavan M Ude Re Gulal Kah Do Radha Rani Se
bhajanShrijirasik
वृन्दावन में उड़े रे गुलाल कह दो राधा रानी से,
कह दो राधा रानी से हाँ कह दो राधा रानी से….
राधा हमारी भोली भाली,
हाँ भोली भाली भोली भाली,
नटखट नन्द का लाल कह दो राधा रानी से,
वृन्दावन में उड़े रे गुलाल कह दो राधा रानी से…………
राधा हमारी गोरी गोरी,
गोरी गोरी राधा गोरी गोरी,
श्याम सलोने नन्द लाल कह दो राधा रानी से,
वृन्दावन में उड़े रे गुलाल कह दो राधा रानी से…………
राधा के माथे पे बिंदिया सोहे,
बिंदिया सोहे हाँ बिंदिया सोहे,
मोर मुकुट नन्द लाल कह दो राधा रानी से,
वृन्दावन में उड़े रे गुलाल कह दो राधा रानी से…………
राधा के हाथों में चुडिया सोहे,
चुडिया सोहे हाँ चुडिया सोहे,
बंसी बजावे नन्द लाल कह दो राधा रानी से,
वृन्दावन में उड़े रे गुलाल कह दो राधा रानी से…………
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