॥ राधाया हृदये कृष्णः कृष्णस्य हृदि राधिका ॥
Shiv Shambhu Rakhiyo Meri Laaj
आए आए है भोले के द्वार
शिव शंभू रखियो हमारी लाज
कावड़ कांधे पे है अपने उठाए
हम बड़ी दूर से चलकर के आए
शिव शंभू दर्शन को तेरे हैं आएं
कांधे पे कावरिया लच लच करती
उसपे ये घुंघरू छम छम बजती
हो.... इसमें जल भरा है नर्मदा वाला
इससे दो कलशो में हमने है डाला
कावड़ कांधे पर अपने उठाएं
हम बड़ी दूर से चलकर के आए
भांग धतूरा का भोग लगावे
भोग लगावे बाबा हंस हंस खावे
प्रेम सहित पीवे जहर का प्याला है
भोला भाला बाबा सारे जग से निराला है
ध्यान लगाए शिव योगी कहाय
हम बड़ी दूर से चलकर के आए
शिव शंभू दर्शन को तेरे हैं आए
अंग भभूति साजे नंदी की सवारी
कैलाशी वासी तेरी लीला है न्यारी
यह डमरू धारी है पहने मृग छाला है
जटा बीच गंगा नाग गले में डाला है
मस्तक पर तेरे है चंद्रमा साजे
उमा के संग में कैलाश विराजे
शिव शंभू दर्शन को तेरे हैं आए
आए आए हैं भोले के द्वार
शिव शंभू रखियो हमारी लाज
कावड़ कांधे पर है अपने उठाए
हम बड़ी दूर से चलकर के आए
शिव शंभू दर्शन को तेरे हैं आए
Related Bhajans
Discover more devotional songs