॥ नाहं स्मरामि कृष्णं तु राधास्मरणवर्जितम् ॥
Maa Durga - Vatsalya Bhav
माँ दुर्गा - वात्सल्य भाव
Bhajans (17)
Jota Baliye Ma Jota Vich Basdi A
bhajanShrijirasik
धुन – बत्ती बाल के बनेरे उत्ते,
जोतां वालिए मां, जोतां विच वसदी ऐं ॥
सच्ची, जोत विच्चों, दिसे मुख तेरा, माएं नी...
जोतां वालिए मां, जोतां विच...
जोत ज्वाला तेरी, जगमग जगदी,
तेरे दरबार हवा, रहमतां दी वगदी ॥
तेरे दरबार हवा, रहमतां दी वगदी...
राहवां भुल्लियां, मुसाफिरां नूं, दसदी ऐं ॥
दूर दुखां वाला, करे तू हनेरा, माएं नी...
जोतां वालिए मां, जोतां विच...
आउण जदों, तेरे अस्सू, चेत दे नराते मां,
सच्ची तेरी, जोत जगे, विच जगराते मां ॥
सच्ची तेरी, जोत जगे, विच जगराते मां...
खेड कंजकां नाल, खिड़ खिड़ हसदी ऐं ॥
जदों पावें, भगतां दे घर फेरा, माएं नी...
जोतां वालिए मां, जोतां विच...
हर घर विच आवें, जोत रूप धार के,
रुत्बा ऐ, तेरा ऊचा, विच संसार दे ॥
रुत्बा ऐ, तेरा ऊचा, विच संसार दे...
दर आए, भगतां दी, झोली भरदी ऐं ॥
तेरा, ऊचियां, पहाड़ां विच डेरा, माएं नी...
जोतां वालिए मां, जोतां विच...
देख्या, नजारा मैं ते, तेरी सच्ची जोत दा,
वार वार, मन तेरे, दर्शन नूं लोचदा ॥
वार वार, मन तेरे, दर्शन नूं लोचदा...
दाती, इज्जतां ते, पर्दे तू, ढक्कदी ऐं ॥
रघवीर नूं वी, आसरा मां तेरा, माएं नी...
जोतां वालिए मां, जोतां विच...
Sohane Lagde Ne Phoola Bale Haar Ni Maye
bhajanShrijirasik
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार नी माँएँ॥
ऐहै, फुल्लाँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, गल नाल ला लिया॥
ऐहै, हाराँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
एस, चुनरी ने, करम, कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, सिर ते सजा लिया॥
एस, चुनरी दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
सूहे, चोले ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, अंग लगा लिया॥
सूहे, चोले दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
ऐhnाँ, बिंदियाँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, मथे ते सजा लिया॥
ऐhnाँ, बिंदियाँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
ऐhnाँ, संगताँ ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, भवन बुला लिया॥
ऐhnाँ, संगताँ दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
पीले, शेर ने, करम कमा लिया॥
जेहनों, मईआ जी ने, सवारी बना लिया॥
एस, शेर दे, जावाँ, बलिहार नी माँएँ॥
सोहणे, लग्दे, ने फुल्लाँ, वाले हार...
Meri Mushkila Da Sherabali Hal Kar De
bhajanShrijirasik
मेरी मुश्किला दा शेरावाली हल करदे,
भावे आज करदे भावे कल करदे,
तेनु रोज रोज कहना नहियो चंगा लगदा,
झोली अड़ के भी वैहना नहियो चंगा लगदा,
मेरे जीवन च खुशियां दे पल भरदे,
भावे आज करदे भावे कल करदे,
गल मन ले तू शेरा उत्ते वैहन वालिए
झोली भर दे तू गुफा विच रहन वालिए
मेरे कर्मा दा शेरावाली हल करदे,
भावे आज करदे भावे कल कर
रखी बचेया ते तू ते निगाह मेहर दी,
ऐसी आस लगाई मईया बड़ी देर दी,
साडा शेरावाली जन्म सफल करदे,
भावे आज करदे भावे कल करदे,
Palna Jhula Maiya Palna Jhula
bhajanShrijirasik
पलना झूला पलना झूला ॥
पलना झूला ग भैया लागुरवा ।
काहेन के हो मईया पलना बने हे
काहेन मईया तोरे पालना सजे हे
काहे लागे वो डोरवा... ॥
पलना झूला पलना झूला ॥
पलना झूला ग भैया लंगूरवा ।
चंदन काठ के तोर पलना बने हे
अन भट हिरा मोती साजे सजे हे
रेशम लागे डोरवा... ॥
पलना झूला पलना झूला ॥
पलना झूला ग भैया लंगूरवा ।
Kaise Darshan Pau Ma
bhajanShrijirasik
अश्रुधार भरी अँखियों में, कैसे दर्शन पाऊँ माँ,
मन मेरा संताप से भारी, कैसे मुस्का पाऊँ माँ।
अश्रुधार भरी अँखियों में, कैसे दर्शन पाऊँ माँ…॥
कदम-कदम पे बिछे हैं काँटे, राह में ऊँची खाई है,
दुख की बेड़ियाँ पाँव में पड़ती, किस विधि चलकर आऊँ माँ।
अश्रुधार भरी अँखियों में, कैसे दर्शन पाऊँ माँ…॥
सुख-दुख के इस भँवरजाल में, फँसी हुई मेरी नैय्या,
कभी डूबे, कभी उभरे, आज नहीं कोई खेवैया।
छूट गई पतवार भी हाथों से, पार कैसे जाऊँ माँ,
अश्रुधार भरी अँखियों में, कैसे दर्शन पाऊँ माँ…॥
पाप-पुण्य के फेर में फँसकर, मैंने सुध-बुध खोई माँ,
भीतर बैठी मेरी आत्मा, रोई है फ़ूट-फ़ूट रोई माँ।
बोल भी अब गले में अटके, आरती कैसे गाऊँ माँ,
अश्रुधार भरी अँखियों में, कैसे दर्शन पाऊँ माँ…॥
पाप-पुण्य का भेद बता दे, धर्म-कर्म का ज्ञान दे,
मेरे भीतर तू ही बसती, इतना मुझको भान दे।
फिर से मुझमें शक्ति जगा दे, फिर से नव-प्राण दे,
शिशु-सा गोद में खेल उठूँ, फिर बालक बन जाऊँ माँ।
किस विधि शब्द सजाकर बोलूँ, तुझको आज मनाऊँ माँ,
अश्रुधार भरी अँखियों में, कैसे दर्शन पाऊँ माँ…॥
Mai Kashmir Nahi Jaungi
bhajanShrijirasik
मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो
पहला संदेसा वैष्णो माँ का आया
कोई बहाना न मैंने बनाया,
वैष्णो मैया को चूनर ओढ़ाउंगी
मुझै कटरा उतार दो,
मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो
दूजा संदेसा माँ कालका का आया
कोई बहाना न मैंने बनाया,
काली मैया को खप्पर चढाउंगी
मुझै कलकत्ता उतार दो,
मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो
तीजा संदेसा माँ शारदा का आया
कोई बहाना न मैंने बनाया,
शारदा मैया को कंगन पहनाऊँगी
मुझे सतना उतार दो
मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो
चौथा संदेसा ब्रजेश्वरी माँ का आया
कोई बहाना न मैंने बनाया,
मैया को भेटे चढाउंगी
मुझे काँगड़ा उतार दो
मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो
पांचवा संदेसा मेरी अम्बे माँ का आया
कोई बहाना न मैंने बनाया,
अम्बे मैया को नारियल चढाउंगी
मुझे सूरत उतार दो
मैं कश्मीर नहीं जाउंगी मुझै जम्मू उतार दो
Mera Man Har Liya Sherabali Ne
bhajanShrijirasik
मेरा मन हर लिया शेरांवाली ने
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने ।
मैनूं, दर, ते बुलाया, मेहरां वाली ने ।
शेरां, वाली ने बुलाया, मेहरां वाली ने ।
मैनूं, चरणां, नाल लाया, शेरांवाली ने ।
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने…
लोटा, सोने दा, लियावां ॥
विच, गंगा, जल पावां ॥
मैं ते, चरण धुवावां, शेरांवाली दे ।
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने…
नी मैं, जंगलां च, जावां ॥
ओथों, चंदन, लियावां ॥
मैं ते, तिलक लगाया, शेरांवाली दे ।
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने…
नी मैं, बागां, दे विच जावां ॥
ओथों, कलियां, तोड़ लियावां ॥
मैं ते, हार पहनाया, शेरांवाली दे ।
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने…
नी मैं, कटड़े, शहर नूं जावां ॥
ओथों, चुन्नियां, लियावां ॥
ओ चोला, तन ते सजाया, शेरांवाली दे ।
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने…
मां दे, हथीं, महिंदी लावां ॥
पैरीं, झांझरां, मैं पावां ॥
ओ चूड़ा, बांहां च पहनाया, शेरांवाली दे ।
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने…
नी मैं, कीरतन करवावां ॥
मां दा, सोहणा, आसण लावां ॥
ओ सानूं, दरश दिखाया, शेरांवाली ने ।
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने…
नी मैं, संगतां, बुलावां ॥
रलमिल, भेटां, मां दियां गावां ॥
ओ सब नूं, पार लगाया, शेरांवाली ने ।
मेरा, मन, हर लिया, शेरां वाली ने…
Podi Podi Chadate Jao
bhajanShrijirasik
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं कटड़े, शहर में, आ गई आँ ।
लै लैण दे ॥मैनूं मईया, दीआँ भेटां, लै लैण दे ।
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं बाण, गंगा, आ गई आँ ।
कर लैण दे ॥मैनूं गंगा, इश्नान, कर लैण दे ॥
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं चरण, पदुका, आ गई आँ ।
छूह लैण दे ॥मैनूं मईया, दे चरण, छूह लैण दे ।
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं अर्ध, कुँवारी, आ गई आँ ।
लंघ लैण दे ॥मैनूं गर्भ, जून चों, लंघ लैण दे ।
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं हाथी, मथ्था, आ गई आँ ।
चढ़ लैण दे ॥मैनूं होर, चढ़ाइयाँ, चढ़ लैण दे ।
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं सांझी, छत ते, आ गई आँ ।
कर लैण दे ॥थोड़ा जेहा, आराम मैनूं, कर लैण दे ।
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं भैरों, दे मंदिर, आ गई आँ ।
नहीं करना ॥मैं भैरों, दा दर्शन, नहीं करना ।
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं भवन, मईया दे, आ गई आँ ।
कर लैण दे ॥मैनूं मईया, दा दर्शन, कर लैण दे ।
जगा लैण दे ॥मैनूं मईया, दी जोत, जगा लैण दे ।
चढ़ा लैण दे ॥मैनूं मईया, नूं भेट, चढ़ा लैण दे ।
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
मंग लैण दे ॥मुँहों मंगियाँ, मुरादां, मंग लैण दे ।
भर लैण दे ॥मैनूं खाली, झोलियाँ, भर लैण दे ।
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥हुण भैरों, दे मंदिर, आ गई आँ ।
हुण करना ॥मैं भैरों, दा दर्शन, हुण करना ॥
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
आ गई आँ ॥मैं वापस, कटड़े, आ गई आँ ।
नहीं लगदा ॥बिन मईया, दे दिल मेरा, नहीं लगदा ॥
पौड़ी पौड़ी, चढ़ते जाओ, जय माता दी, करते जाओ ॥
Ma Ke Dar Aaya Khali Kabhi Gya Nhi
bhajanShrijirasik
माँ के दर जो आया, खाली कभी गया नहीं
सच्चे मन से जो भी बोला, अनसुना कभी हुआ नहीं
माँ के दर जो आया, खाली कभी गया नहीं
सच्चे मन से जो भी बोला, अनसुना कभी हुआ नहीं
माँ तूने टूटे सपने जोड़ दिए, रोती आँख हँसा दी
हर अंधेरे रास्ते में, माँ तूने ज्योति जला दी
ना देखि मेरी औकात, ना पूछी पहचान
बस एक बार पुकारा, माँ तूने थाम लिया हाथ
माँ के दर जो आया, खाली कभी गया नहीं
सच्चे मन से जो भी बोला, अनसुना कभी हुआ नहीं
दुनिया ने जब मुँह मौड़ा, माँ तू साथ खड़ी थी
हर एक साँस में मेरी, माँ तेरी खुशबू बसी थी
ना धन माँगूँ, ना दौलत, ना सोना-चाँदी माँ
बस अपनी ममता का आँचल दे दे मेरी माँ
माँ के दर जो आया, खाली कभी गया नहीं
सच्चे मन से जो भी बोला, अनसुना कभी हुआ नहीं
बोलो… सच्ची है माँ?
सच्ची है माँ!
बोलो… प्यारी है माँ?
प्यारी है माँ!
जय माता दी! जय माता दी!
शेरावाली, ज्योतावाली, तू है महाकाली
भक्तों के दुख हरने वाली, तू ही रखवाली
जनम-जनम का नाता माँ, तुझसे जोड़ा है
तेरे दर पे जीना, तेरे दर पे मरना है
माँ के दर जो आया, खाली कभी गया नहीं
सच्चे मन से जो भी बोला, अनसुना कभी हुआ नहीं
माँ के दर जो आया, खाली कभी गया नहीं
सच्चे मन से जो भी बोला, अनसुना कभी हुआ नहीं
माँ के दर जो आया, खाली कभी गया नहीं
सच्चे मन से जो भी बोला, अनसुना कभी हुआ नहीं
जब तक साँस चले माँ, तेरा नाम रहे
इस दुनिया में बस माँ, तेरा काम रहे
बोलो…
जय माता दी! जय माता दी!
जय माता दी! जय माता दी!
Maat Meri Chintapurni
bhajanShrijirasik
मैनु कदे ना ना करदी मात मेरी चिंतापूर्णी
मेरे सारे काम कर दी मात मेरी चिंतापूर्णी
1- ओखे वेले आके मेरे नाल खड़दी
डूबन ना देवे मेरी बाह फड़दी।
मेरे वैरियां नाल लड़दी, मात मेरी चिंतापूर्णी।
2- दुख तकलीफ़ कोई रहन ना दवे
चिंता मेरे घर विच आन ना देवे
मैनू रहमता नाल परदी मात मेरी चिंतापूर्णी
3 - शिवम गरीब मालोंमाल किता एए
जोगिया वी अपना निहाल किता एए
साढ़े सर छां कर दी मात मेरी चिंतापूर्णी
Maiya Bhawan Mai Kaise Aau Tera Sher Khada Pahre pe
bhajanShrijirasik
मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे
तेरा शेर खड़ा पेहरे पे तेरा शेर खड़ा पेहरे पे
मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे.....
हम बड़ी दूर से आये जल भर भर लोटा लाये
मैया चरण कैसे धुलाऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे -2
मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे.....
हम बड़ी दूर से आये और दिया बाती लाये
मैया ज्योत मै कैसे जगाऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे -2
मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे.....
हम बड़ी दूर से आये चन्दन और रोली लाये
मैया तिलक मै कैसे लगाऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे -2
मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे....
हम बड़ी दूर से आये लेहेंगा चुनरी लाये
मैया चुनरी कैसे चढ़ाउ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे -2
मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे....
हम बड़ी दूर से आये हल्वा और पूरी लाये
मैया भोग कैसे लगाऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे -2
मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे....
हम बड़ी दूर से आये ढोलक और चिमटा लाये
हम बड़ी दूर से आये भगतो को संग में लाये
मैया भजन मैं कैसे सुनाऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे -2
मैया भवन में कैसे आऊ तेरा शेर खड़ा पेहरे पे.....
Meri Maiya Diya Lal Chunniya
bhajanShrijirasik
मेरी माई दीयां लाल चुन्नियां
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां,
उत्ते, लग्गिया, सुनहरी गोटा ॥
मां दे, मंदिरां ते, रंग बरसे,
आ जाओ, रहमतां दा, भर लो लोटा ॥
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां...
सच्चे सुच्चे, मनो आज, जोत जगा लवो ।
मन चित्त, आज मां दे, चरणां नाल ला लवो ॥
सच्ची, श्रद्धा नूं, फल लग्गणे,
नहियों, तरना जो, दिलों होया खोटा...
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां...
हर साल, लग्गे चिंता, पुरणी दा मेला ।
सावण दा, महीना आवे, खुशियां दा वेला ॥
सारे, हस्स के, चढ़ाइयां चढ़दे,
भावें, होवे पतला जां, कोई मोटा...
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां...
हुण्दा ऐ, नितारा एथे, हक अते सच्च दा ।
बोलिया, जैकारा रत्ता, मूह नहियों थक्दा ॥
तर, जांदे, मढ़ारां दर ते,
बण, जांदा ऐ, कलियां तो जोटा...
मेरी, माई दीयां, लाल चुन्नियां...
Ambe Ambe Bol Maiya Aayegi
bhajanShrijirasik
अम्बे अम्बे बोल मईया आएगी
धुन- धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले
अम्बे अम्बे बोल, मईया आएगी,
आएगी मईया आएगी ॥
श्रद्धा से, माँ का गुणगाण कर,
और, थोड़ा सा, इंतज़ार कर...
हो अम्बे अम्बे...जय हो ॥।बोल, मईया...
आओ तुमको, ले चलूँ, जम्मू धाम,
यहाँ विराजे, वैष्णों, मईया नाम ॥
ऊँचे, भवनों में... मैया रानी है... ।
चल, टेढ़े मेडे रस्ते, पार कर,
और थोड़ा सा, इंतज़ार कर...
अम्बे अम्बे बोल, मईया...
आओ तुमको, ले चलूँ, मेहर धाम,
यहाँ मिलेगा, भक्ति, का वरदान ॥
माँ, शारदा... रूप प्यार दा... ।
चल, ऊँची नीची सीढियाँ, पार कर,
और माँ का, तूँ दीदार कर...
अम्बे अम्बे बोल, मईया...
आओ तुमको, ले चलूँ, कलकत्ता धाम,
यहाँ, धरे मईया, रूप बडे, विकराल ॥
कालों, की काल... महाँ, काली है... ।
वो करती सिंह, सवारी है,
और भक्तों की, पालनहारी है...
अम्बे अम्बे बोल, मईया...
लाखों में, किसी एक को, चुनती है,
अंदर की, आवाज़ को, सुनती है ॥
माँ अंबिका... जग दम्बिका... ।
वो भक्तों के दुखड़े, हरती है,
और बिगड़ी, उनकी बनती है...
अम्बे अम्बे बोल, मईया...
जय माता दी
Mayi Mori Kholo Kiwadiya
bhajanShrijirasik
दोहा – दुर्गा माँ के द्वार पे जोड़ू दोनो हाथ
माता जगतारण राखियो अपने भगत की लाज॥
माई मोरी खोलो किवड़िया
माई मोरी खोलो किवड़िया
जतन जतन से आए चढ़के पहाड़िया
माई मोरी खोलो किवड़िया
दास खड़े तोरे द्वार
हो माई मोरी खोलो किवड़िया
माई मोरी खोलो किवड़िया॥
मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
जतन जतन से आए चढ़के पहाड़िया॥
मैया मोरी खोलो किवड़िया
दास खड़े तोरे द्वार
हो मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया॥
नातो का पता माई आया जग से तोड़ के
माया मोह ममता से आया मुख मोड़ के
नातो का पता माई आया जग से तोड़ के
माया मोह ममता से आया मुख मोड़ के ॥
हमको ना भावे ज्वाला महल अटरिया
हमको ना भावे ज्वाला महल अटरिया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
दास खड़े तोरे द्वार॥
हो मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
अंगना दुअरिया को झाड़ो बुहारो
लागरे लगंरीन के चरण पखारो
आरती उतारो माई तोरी दोई बिरिया
आरती उतारो माई तोरी दोई बिरिया
मैया मोरी खोलो किवड़िया॥
दास खड़े तोरे द्वार
हो मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया॥
आस ना निरास होवे आसा ना तोरियो
सब को निहोरो तो दस सोने होरियो
आस ना निरास होवे आसा ना तोरियो
सब को निहोरो तो दस सोने होरियो॥
हमपे दया की डारियो नजरिया मैया
हमपे दया की डारियो नजरिया मैया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
दास खड़े तोरे द्वार ॥
हो मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
तेरे बनाये सूरज और चंदा॥
तेरे बनाये जग के सारे है बंदा
तेरे बनाये चंचल एक जे पुतरिया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
दास खड़े तोरे द्वार॥
हो मैया मोरी खोलो किवड़िया
हो मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया॥
जतन जतन से आये चढ़के पहड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
दास खड़े तोरे द्वार
हो मैया मोरी खोलो किवड़िया
मैया मोरी खोलो किवड़िया
Ma Meri Jhandiya Bali Arj Karo Manjoor
bhajanShrijirasik
माँ मेरी झंडियां वाली अर्ज करो मंजूर,
ऑगन बथेरे ने मइयाँ कोई गुण ना ही,
दर डिग्रियां दी ही फड़ लै तू बांह,
बकश दे मेरे कसूर माँ मेरी झंडिया वाली अर्ज करो मंजूर..
ना पूजा ना पाठ समधि जन्म जन्म दा मैया मैं अपराधी,
बक्श दे मेरे कसूर माँ मेरी झंडियां वाली,
अर्ज करो मंजूर...
दुःख बथेरे ने मइयाँ कहे नहीं जांदे,
इस जिंदड़ी दे उते सहे नहीं जाने,
करदे दिला दे दुःख दूर माँ मेरी झण्डियावली,
अर्ज करो मंजूर...
दुखा वेले ांडिया ने जदो याद मावा,
मावा बिना कौन पूछे दिला दियां हावा,
करदे दिला दे दुःख दूर माँ मेरी झण्डियावली,
अर्ज करो मंजूर...
छम छम अखियां चो नीर पेया आंदा,
लाल निमाना दादी तरले पांदा,
भवन ते भुलाना जर्रूर,माँ मेरी झण्डियावली,
अर्ज करो मंजूर...
चारो पासे छाया नि माइयाँ धोर अँधेरा,
इस दुनिया विच कोई न मेरा,
तू माँ मेरी मैं बछड़ा तेरा,माँ मेरी झण्डियावली,
अर्ज करो मंजूर...
Goura Fer Di Hai Mala Tere Name Ki
bhajanShrijirasik
गौरां फेरदी है माला तेरे नाम दी
तेरे नाम दी ओ भोले तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला
सीस भोले दे गंगा विराजे
गंगा विराजे भोले गंगा विराजे
ओ ओथे लगदी ए डुबकी तेरे नाम दी
गौरां फेरदी है माला
माथे भोले दे चंदा है साजे
चंदा है साजे भोले चंदा है साजे
ओ चंदा मारे लिशकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
हाथ भोल्हे दे डमरू वजदा
डमरू वजदा भोले डमरू वजदा
ओ संगतां पाउंदियां भंगड़ा तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
संग में भोले दे गौरां सजदी
गौरां सजदी भोले गौरां सजदी
ओ गोदी गणपत लाला तेरे नाम दा
गौरां फेरदी है माला
मंदिरां च भोले सत्संग हुंदा
सत्संग हुंदा भोले सत्संग हुंदा
ओ संगतां लाउण जैकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
गल विच भोले दे नागां दी माला
नागां दी माला भोले नागां दी माला
ओ नाग मारन फुंकारे तेरे नाम दे
गौरां फेरदी है माला
Ek Baar Ma Aajao Fir Aake Chali Jana
bhajanShrijirasik
एक बार माँ आ जाओ फिर आके चली जाना,
मुझे दरस दिखा जाओ दिखला के चली जाना....
तुझको मेरे गीतों का संगीत बुलाए माँ,
कुछ मेरी भी सुन जाओ कुछ अपनी सुना जाना,
एक बार माँ आ जाओ...
क्या मेरी तड़प का माँ एहसास नहीं तुमको,
किस बात पे रूठी हो इतना तो बता जाना,
एक बार माँ....
अँखियाँ मेरी रोती हैं अब धीर बंधा जाओ,
मँझधार में हैं नैया हो इसे पार लगा जाओ ,
एक बार माँ...
तेरे द्वारा आए हैं ख़ाली नहीं जाऊँगी ,
ख़ाली है मेरी झोली इसे भर के चली जाना ,
एक बार माँ.....
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